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Friday, March 01, 2024

पंजाब मंडी बोर्ड का 1146 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पास

Wednesday 28th February 2024 at 17:23 AS WA

पंजाब की मंडियों में खाली पड़े प्लाटों की बोली भी शुरू 

*चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने बोर्ड आफ डायरेक्ट्रज की मीटिंग में रखा वार्षिक लेखा-जोखा 

*पंजाब मंडी बोर्ड को ज़मीन देने पर गांव महमदपुर की पंचायत को किया गया सम्मानित

*बड़े बड़े फाईव स्टार होटलों का मुकाबिला करता है अब पंजाब मंडी बोर्ड का किसान भवन 

*रात चंडीगढ़ के किसान भवन में रात रहना  अब सबसे सस्ता बना 


चंडीगढ़: 28 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद किसान भवन ने तेज़ी से विकास की राहों पर कदम बढ़ाए हैं। इस दावे को सही साबित करने वाले बहुत से तथ्य आज पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने मीडिया के समक्ष रखे। आज के इस पत्रकार सम्मेलन में किसान भवन और मंडी बोर्ड के तेज़ रफ्तार विकास की बहुत सी नई  बातें सामने आईं। 

पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट के नेतृत्व में आज किसान भवन में बोर्ड आफ डायरेक्ट्रज़ की मीटिंग हुई। जिसमें पंजाब मंडी बोर्ड से संबंधित एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई और 1146 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट पारित किया गया।

इस दौरान स. हरचंद सिंह बरसट ने अपने एक वर्ष के कार्यकाल का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मण्डी बोर्ड का आर.डी.एफ. रोकने के कारण गांवोँ की लिंक सड़कों, मंडियों और ग्रामीण क्षेत्रों का विकास रुका पड़ा है। इस लिए मंडी बोर्ड की आमदन बढ़ाने के लिये बीते एक साल में विशेष योजनाएं बनाई गई हैं, जिनकों जल्द से जल्द पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए पंजाब की मंडियों में खाली पड़े प्लाटों की बोली करवाई जा रही है और नई आधुनिक फल एवं सब्जी मंडी सेक्टर-65ए मोहाली में जहां रेगुलर मॉनिटरिंग करते हुए 7 दुकानें बेची जा चुकी हैं, वहीं यूजर चार्जिज में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जहां वर्ष 2021-22 के दौरान 24 लाख रुपये और वर्ष 2022-23 के दौरान 35 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं, वहीँ आगामी वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 45 लाख रुपये का ठेका तय हुआ है। 

चेयरमैन ने आगे बताया कि महमदपुर गांव के लोगों द्वारा कुल 83 बीघे जमीन मंडी बोर्ड को दान दी गयी है, जहां जल्द ही सब-यार्ड का निर्माण कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि किसान भवन और किसान हवेली के माध्यम से आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। किसानों एवं लोगों की सुविधा के लिए किसान भवन एवं किसान हवेली में कमरों की ऑनलाइन बुकिंग वेब पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। 

इसके साथ ही अप्रैल 2023 में जहां आय 7,08,350 रुपये थी, वहीं जनवरी 2024 तक यह बढ़कर 37,37,881 रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए ऑफ सीजन के दौरान मंडियों में बने बड़े-बड़े कवर्ड शेडों में इनडोर गेम्स भी शुरू किए गए हैं, जिसकी शुरुआत मार्केट कमेटी रामपुरा फूल द्वारा मंडी में बच्चों को स्केटिंग की ट्रेनिंग देने के साथ की गई है और इसी प्रकार खेल विभाग से बात करके अन्य मंडियों में भी खेल प्रशिक्षण शुरू किया जा रहा है। साथ ही ऑफ सीजन के दौरान लोगों को बेहद कम दाम पर पार्टियों, समारोहों आदि के लिए मंडियों के कवर शैडों को उपलब्ध कराया जा रहा है। 

आज की विशेष बात कर्ज़ों के संबंध में भी थी। उन्होंने बहुत ही अच्छी खबर देते हुए कहा कि पिछली सरकारों द्वारा लिए गए लगभग 2000 करोड़ रुपये के ऋण की किश्तें भी चुकाई जा चुकी हैं।

स. बरसट ने कहा कि इसके अलावा मंडियों में एटीएम और विज्ञापन के लिए यूनीपोल लगाना, मंडी बोर्ड कॉलोनियों में खाली पड़े मकानों को किराए पर देना, फल और सब्जी मंडियों के प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे, बूम बैरियर और इलेक्ट्रॉनिक कंडे लगाना, किसानों के लिए अपनी मंडियों और किसान मंडियों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और पहचान पत्र बनाने के लिए वेब पोर्टल लॉन्च करना, शहीद भगत सिंह हरियावल मुहिम के तहत 33000 पौधे लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत महमदपुर जिला पटियाला द्वारा पंजाब मंडी बोर्ड को कुल 83 बीघे जमीन मंडी बनाने के लिए दान दी गई थी, जहां जल्द ही सब्जी मंडी शुरू की जा रही है। इससे जहां इलाका निवासियों को बड़ी सुविधा मिलेगी, वहीं लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इस अवसर पर चेयरमैन स. हरचंद सिंह बरसट ने गांव महमदपुर पंचायत से संदीप सिंह, तरनतारन सिंह, भजन सिंह वालिया, कुलवंत सिंह, चरण सिंह, गुरजीत सिंह और कुलविंदर सिंह को सम्मानित किया और जल्द ही महमदपुर में सब-यार्ड बनाने का आश्वासन दिया। इसके बाद हास्पीटेलिटी का कोर्स करने वाले किसान भवन के 30 कर्मचारियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

बैठक में पंजाब मंडी बोर्ड की सचिव श्रीमती अमृत कौर गिल, स. कुलदीप सिंह सियान, अधीन सचिव, कृषि एवं किसान भलाई विभाग, स. जसमिंदर सिंह, उप सचिव वित्त विभाग, स. गुरजीत सिंह, अतिरिक्त डायरेक्टर, बागवानी विभाग, स. बेअंत सिंह, सहायक मार्केटिंग अफसर, कृषि विभाग, स. मंजीत सिंह संधू, जनरल मैनेजर, पंजाब मंडी भवन, मोहाली, स. तरविंदर सिंह चोपड़ा, सहायक डायरेक्टर, खुराक और सिविल सप्लाई विभाग, स. गुरप्रीत सिंह, संयुक्त रजिस्ट्रार को-आपरेटिव सोसायटी, स. गगनदीप सिंह, रिसर्च एसोसिएट, पंजाब राज्य किसान और खेती कामे कमिशन, स. जतिंदर मोहन सिंह, हेड इकोनोमिक्स स्टीडीज, पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी मौजूद रहे। 

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Friday, July 29, 2022

सीएमसी में डीएसए लैब स्थापित होने से ख़ुशी की लहर

Thursday: 28th July 2022 at 08:16 PM

डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब की स्थापना से लोगों को फायदा बढ़ेगा 

न्यूरो एंडोवेस्कुलर से 24 घंटे में निकाला जा सकता क्लॉट

सीएमसी में 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर किए जा चुके


लुधियाना: 28 जुलाई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

न्यूरो से सबंधित बीमारियां और खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में इनका सही इलाज कहाँ और कैसे हो? इस तरह के सवालों का जवाब देता है सी एम सी अस्पताल। पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर में इकलौता न्यूरो इंटरवेंशन सर्विस सेंटर सीएमसी में चल रहा है। इसने अपने कार्यकाल में इतना अच्छा काम किया है कि लोगों के दिलों में इसके लिए अब भी एक ख़ास स्थान बना हुआ है। चार साल पहले स्थापित इस सेंटर में अब तक 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर हो चुके हैं। इसमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी, कैरोटिड स्टंटिंग, एन्योरिज्म कॉइलिंग, एवीएम एंबोलाइजेशन और इस्केमिक के लिए मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी जैसे प्रोसिजर किए जा रहे हैं। इस सेंटर में ब्रेन स्ट्रोक जैसे केस और बीमारियों का इलाज पिन होल ट्रीटमेंट से किया जाता है। समय पर इलाज होने से मरीजों को मौत या अपंगता से बचाया जा सकता है। सीएमसी में डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब स्थापित है। इससे जहां स्थानीय लोगों को फायदा होता है वहीँ आस पास और दूर दर्ज के क्षेत्रों से आने वालों ओके भी फायदा होता है। 

अब चार साल पूरे होने पर जो विशेष आयोजन आज हुआ उसमें बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइसेंस के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने कार्यक्रम के मुख्य मेहमान के तौर पर शमूलियत की। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इस जान बचाने वाली सेवा का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने सीएमसी के विशेषज्ञों को और भी ज्यादा कोशिश कर लोगों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करने के लिए कहा। 

इस खास कार्यक्रम में न्यूरो-इंटरवेंशन प्रोसिजर की मदद से स्वस्थ हुए मरीजों ने भी अपने अनुभव साझे किए। सीएमसी कॉलेज के प्रिंसिपल, न्यूरोलॉजी विभाग के हेड एवं वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन के वाइस प्रधान डॉ. जयराज डी पांडियन ने कहा कि स्ट्रोक वाले मरीजों में से स्टंट की मदद से क्लॉट 24 घंटों में निकाला जा सकता है। इस प्रोसिजर की मदद से स्ट्रोक के मरीज को पैरालिसिस से बचाया जा सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक अग्रवाल ने बताया कि न्यूरो इंटरवेंशन में सर्जरी के लिए सिर खोलने की जरूरत नहीं होती। बेहद कम कट के जरिए सर्जरी हो जाती है।

लुधियाना के सी एम सी अस्पताल में  न्यूरो-इंटरवेंशन एक विशेष शाखा है जो इस किस्म के रोगों के पिन होल उपचार से संबंधित है। इन सेवाओं से मस्तिष्क स्ट्रोक का शिकार हुए लोगों को समय पर सहायता प्रदान करके न्यूरोइंटरवेंशन प्रक्रियाएं की जाती हैं जिनसे मरीजों को मौत से भी बचाया जा सकता है और विकलांगता से भी। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लुधियाना एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला है जो चौबीसों घंटे आपात स्थिति की तरह काम करती है। उल्लेखनीय है कि पहली न्यूरो एंडोवस्कुलर प्रक्रिया मई 2018 में न्यूरो डीएसए लैब में की गई थी। सीएमसी, अपनी क़िस्म का एकमात्र संस्थान होने के नाते न्यूरोएंडोवास्कुलर सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने के लिए उत्तर पश्चिम भारत में बहुत लोकप्रिय है। इस केंद्र ने एक लंबा सफर तय किया है। 

[28/07, 8:16 PM] CMC Ludhiana Online: 

Friday, June 18, 2021

थैलेसीमिया मुक्त भारत के लिए विशेष अभियान

आप भी सुनिए थैलेसीमिक बच्चों की पुकार और कुछ कीजिए 


लुधियाना
: 18 जून 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

विज्ञान से आंखें मूंद कर जीवन जीने के जो भयानक परिणाम इस दुनिया को भुगतने पड़े उनमें थैलेसीमिया भी एक है। ज्योतिषी के पास जा कर लोग जन्मकुंडली बह बनवाते रहे और विवान की कुंडली भी मिलवाते रहे लेकिन बहुसंख्यक लोगों ने डाक्टर के पास जा कर कभी  पूछा कि विवाह कर के घर बसाने जा रहे युवक युवती को आपस में विवाह करना भी चाहिए या नहीं? ऐसे विवाह होते रहे और थैलासीमिया बढ़ता रहा। लोग अपने बच्चों को खून न मिलने के कारण तड़पता भी देखते रहे और दम तोड़ता भी देखते रहे। स्थिति विकराल बनती गई। अनगिनत घरों के चिराग बुझ गए। सरकारें भी कोई ज़्यादा काम न कर सकीं। रेड क्रास से ब्लड मिल जाना ही बहुत बड़ी बात हुआ करती थी। डाक्टर किनकी बोपाराए, डाक्टर मंगला और कुछ अन्य लोगों ने देवदूतों की तरह लोगों की सहायता की। 

उस खून को निश्चित समय के अंदर अंदर अस्पताल ले जाकर पीड़ित बच्चे  नहीं होता था। गरीब और मध्यवर्गीय परिवार इसी चक्र में टूट जाते थे। फिर पीड़ितों में से ही कुछ लोग उठे। उनके परिवार भी उठे। दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में थैलेसीमिक बच्चों के लिए एक संगठन बना जिसका केंद्र बिंदु था चंडीगढ़ का पीजीआई। इससे थैलेसीमिक परिवारों को बहुत ही राहत मिली। हर रजिस्टर्ड बच्चे को निश्चित तारीख पर ब्लड लगाया जाता था। खर्चा भी मुनासिब सा था। बहुत से लोग बाजार की बेरहम लूट से बच गए थे। चंडीगढ़ में  डाक्टर आर के मरवाहा और उनके साथियों ने बहुत ही प्रशंसनीय कार्य किया। 

चंडीगढ़ में ही लुधियाना, जालंधर और अमृतसर के बच्चे भी आने लगे।  फिर लुधियाना में  भी इसी तरह के संगठन बने। सीएमसी अस्पताल की डाक्टर शीला दास ने तो बहुत ही जज़्बाती हो कर कार्य किया। सीएमसी में एक विशेष सेक्शन इन्हीं बच्चों के लिए बनाये जाने के लिया डाक्टर शीला दास ने बहुत ही उल्लेखनीय काम किया। 

इसी तरह  लुधियाना के डीएमसी अस्पताल  में  सोबती ने तो इन  बछ्कों को बचने के लिया एक ा भियाँ ही चला दिया था। वह परिवारिक सदस्यों की तरह इन बच्चों से भी मिलते और इन बच्चों के परिवारों से भी। इन्हें इलाज भी देते और हौंसला भी। इस तरह इन लोगों  किया। लुधियाना के ही कपूर अस्पताल में ही डाक्टर प्रदीप हांडा और डाक्टर पलविंदर कौर सैनी ने भी बहुत अच्छा काम किया। 

गौरतलब है कि थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को खून ना मिलने के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।  उन्हें हर सप्ताह, दो सप्ताह बाद या तीन सप्ताह बाद खून चढ़वाना ज़रूरी होता है। न तो यह खून आसानी से मिलता है और न ही इसे चढ़वाना आसान होता है।  बस खून का लगातार निश्चित अंतराल के बाद दिया जाना ही इन बच्चों को ज़िंदगी देता है। 

फिर इसके बाद भी कई काफिले सरगर्म हुए।   सक्रिय हैं। अब नई  लुधियाना से आई  सुकृत बस्सी की तरफ से तरफ से। आज अर्थात शुक्रवार 18 जून 2021 को ही सुकृत बस्सी और उनके साथियों ने मिलजुल कर  अभियान चलाया। खून, खुराक अन्य सुविधाओं के साथ साथ सबसे बड़ी आवश्यकता है।  विवाह से पहले डाक्टर के पास जा कर इस मकसद की कुंडली बनवानी होगी बनवानी होगी।   वही होगी आज के युग की असली जन्मकुंडली जिसे विवाह पर आवश्यक मन जाना चाहिए। 

सुकृत बस्सी बताते हैं हम सब स्टूडेंट्स और थैलेसीमिया पेशेंट्स ने भारत नगर चौक, लुधियाना में लोगों को  जागरूक किया जिससे लोग फिर से रक्तदान करेंगे और थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को जीवनदान दे पाएंगे। इसके साथ ही हम सब स्टूडेंट्स नै लोगों को  थैलेसीमिया के बारे में समझाया कि थैलेसीमिया क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है क्योंकि हम सब स्टूडेंट्स और थैलेसीमिया पेशेंट्स का एक ही मकसद है थैलेसीमिया फ्री इंडिया।  थैलेसीमिक मुक्त भारत। इस अभियान के दौरान सुकृत बस्सी के साथ थे विशाल अरोड़ा काकू, सुकृत बस्सी,रितविन,अमनदीप, आदि स्टूडेंट्स मौजूद थे

यहां याद दिलाना ज़रूरी है कि थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को हर 15 दिन बाद खून की आवश्यकता पड़ती है अगर उन्हें टाइम से खून ना चढ़ाया जाए तो उनको काफी समस्याएं आ सकती हैं थैलेसीमिया नामक बीमारी बचपन से लेकर बच्चे की अंतिम जिंदगी तक रहती है। इसका  लेकिन बहुत ही उलझन भरा और महंगा भी। इस इलाज का नाम है बोनमैरो ट्रांसप्लांट। इस पर शायद फ़िल्में भी बन चुकी हैं। 

आप अगर मानवता के लिए कुछ करना चाहते हैं तो इस अभियान को सफल बनाइए। समाज को सुदृढ़ बनाने में अपना योगदान दीजिए। थैलेसीमिक बच्चों  के लिए कुछ कीजिए।   

Monday, February 01, 2021

साज़िशों के बावजूद चढ़दीकला में है किसान आंदोलन

गोदी मीडिया को भी निरंतर मुँहतोड़ उत्तर दे रहे हैं समता जैसे लोग 


सिंघू बॉर्डर से
:1 फरवरी 2021: 
(विशेष इनपुट जसप्रीत समता की पंजाब स्क्रीन के लिए  ख़ास तस्वीरें)::

जसप्रीत कौर समता 
इस समय देश और दुनिया की नज़रें सिंघू बॉर्डर पर हैं। सियासत की चालाकियों और सत्ता के दमन के भरे कदम्पों का सामना करने वाले किसानों  अब यह उनकी कर्मभूमि बन चुका है। संघर्षों का नया इतिहास लोयखा जा रहा है सिंघू बॉर्डर पर। इस स्थान को  लगातार ऐतिहासिक बनता जा। अन्य जन संघर्षों की तरह इस बार किसान आंदोलन ने भी  इस संघर्ष लोगों को जहाँ  योद्धा   बनाया है वहीं  उन्हें  मीडिया जैसी ज़िम्मेदारियाँ भी सीखा दी हैं।  को संभालने वालों में युवा वर्ग भी शामिल है और वृद्ध लोग भी। आंधी हो या तूफ़ान।  बारिश हो या ओलों का ज़ोर लेकिन लुधियाना के कामरेड सुरिंदर सिंह हर हाल में आंदोलन की निश्चित जगह पर अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हैं। कामरेड सुरिंदर की ज़िंदगी हर प्रमुख जनसंघर्ष की गवाह रही है। उनका परिवार भी इसी तरह जन आंदोलनों के लिए समर्पित रहता है। मुश्किलों के  दौर में भी पूरी तरह प्रतिबद्ध रहता है। जब तक इस धरती पर अन्याय का खात्मा नहीं होता तब तक इसी तरह जुटे रहने की कसम खाई है शायद इस परिवार ने कि हम लगातार संघर्ष  करते रहेंगे। इसी  परिवार की युवा सदस्य है जसप्रीत कौर समता। ज़िंदगी को हर कदम पर एक जंग मानने वाली समता कभी टिकरी बॉर्डर पर होती है, कभी संघु बॉर्डर पर और कभी ज़ीरकपुर या चंडीगढ़ में।  हाथ में कैमरा या मोबाईल और नज़र आंदोलन पर। जन आंदोलनों  की रिपोर्टिंग का यह जनअंदाज़ भी एक नया इतिहास  रच रहा है। इससे जनपत्रकारिता और मज़बूत होगी। 

एक एक उतराव चढ़ाव को  गंभीरता से नोट करती समता बताती है कि सत्ता की खतरनाक साज़िशों के बावजूद आंदोलन कर रहे किसान पूरी तरह चढ़दीकला में हैं। सड़कों पर लगाए गए बड़े बड़े कील और साथ ही बनाई गई सीमेंट की दीवारें उनके हौंसलों को पस्त नहीं कर सकीं। किसानों के इस आंदोलन की बिजली काटने और इंटरनेट बंद करने जैसी हरकतें हमारे विरोध में खड़े कॉर्पोरेट के दलालों के चेहरों को ही बेनकाब कर रही है। 

समता की रिपोर्ट के मुताबिक किसानों के आंदोलन में वृद्ध किसानों की आवाजाई के लिए किसानों ने बाकायदा ऑटो रिक्शा भी रखे हैं। लंगर भी अटूट चल रहा है। शायद सत्ता और बीजेपी के लोग इस लंगर के राशन की सप्लाई काटना चाह रहे हैं। अगर उनके मंसूबे इस तरह के घटिया स्तर तक पहुँच चुके हैं तो भी उनको नाकामी   मिलेगी।  जीत हमारे ही होनी है। जीतेंगे किसान ही। कॉर्पोरेट के दलालों का हर ज़ोर ज़ुल्म किसान आंदोलन को मज़बूत करेगा। 

 
इसी बीच गाजीपुर बॉर्डर पर हर नए दिन के साथ लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा से भी बड़ी संख्या में किसान यहां पहुंच रहे हैं।  इससे ट्रैफिक की समस्या और गंभीर होती जा रही है।सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के  पर पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर को भी पूरी तरह से सील कर दिया है। सोमवार को दिल्ली मेरठ हाइवे से किसी को भी बॉर्डर की ओर नहीं आने दिया गया। इससे यातायात ठप हो गया है और लोगों को घंटो जाम से जूझना पड़ा। यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती  जा रही है। 

गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस के दिन किसान रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद से ही गाजीपुर बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। बैरिकेडिंग को तो बाकायदा वैल्डिंग कर जोड़ दिया गया है। किसानों के धरनास्थल की तरफ आने-जाने का रास्ते पूरी तरह से ब्लॉक है। इन्हें और रोकने के तरीके सरकार के इरादों का संकेत दे रहे। हैं। पुलिस और आपात सेवाओं से जुड़े लोगों के अलावा किसी को भी दिल्ली के रास्ते बॉर्डर तक नहीं जाने दिया जा रहा है। पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर पक्की बैरिकेडिंग कर दी है, उसके बाद से इस रूट खुलने की संभावना भी पूरी तरह खत्म हो गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी लोगों को जाम से जूझना पड़ सकता है। सरकार के इन "प्रबंधों" को देख  कर लगता है कि सरकार किसान आंदोलन का का हल जल्द निकालने के मूड में नहीं। दूसरी तरफ किसान संगठन भी लम्बी लड़ाई के लिए तैयार हैं। इस लिए किसानों ने भी अपनी तैयारियां  लम्बे संघर्षों को सामने रख कर  की हैं।  इस बार किसानों का आंदोलन निरंतर चले आ रहे हर अन्याय और शोषण का समापन करने के लिए भी दृढ़  संकल्प क्यूंकि कृषि के तीनों नए कानूनों से  किसानों का यह  शोषण और लूट अपनी  चरमसीमा पर पहुंच जाते। शोषण और अन्याय के अतीत की चर्चा भी जल्द होगी। 


 


Saturday, January 02, 2021

कांग्रेस ने ताज़ा करवाई ब्रिटिश राज की याद-बीजेपी

Saturday: 2nd January 2020 at 05:40 PM WhatsApp 

   पंजाब में 1984 का माहौल सजीव करने पर तुली:तरुण चुघ   


लुधियाना
: 2 जनवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

कंपकंपा देने वाली सर्दी और  तेज़ बरसात के माहौल में भी भारतीय जनता पार्टी ने आज कांग्रेस पार्टी के सांसद रवनीत सिंह बिटटू के ब्यान को  ज़ोरदार प्रदर्शन लुधियाना की शृंगार सिनेमा रोड पर किया।  इसके साथ ही बिटटू की ग्रिफ्तारी को लेकर  मोर्चा और धरना भी लगाने का एलान किया गया। यह पक्का मोर्चा//धरना कहां होगा इसकी जानकारी अभी बाद में घोषित की जानी है।  गौरतलब है कि सांसद बिटटू सिख पंथ के गर्मख्याली संगठनों से जुड़े सदस्यों द्वारा की जाती आलोचना के निशाने पर भी है। सांसद बिटटू के खिलाफ इस तरह की वीडिओज़ भी हाल ही में आ चुकी हैं। सांसद बिटटू पंजाब के दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं खालिस्तान समर्थक खाड़कुओं ने पंजाब सचिवालय में घुस कर जघन्य हत्या कर दी थी। उस समय संघ परिवार हिन्दुत्वी विचारधाराओं से जुड़े कई संगठनों और बीजेपी की नज़र में मुख्यमंत्री बेअंत सिंह एक ऐसे शहीद कहे जाते थे जिनके परिवार का सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर किया जाना चाहिए।  बाद में इसी परिवार की वरिष्ठ सदस्य अर्थात दिवंगत मुख्यमंत्री बेअंत  सिंह की बेटी गुरकंवल  कौर ने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को तरजीह दी थी। नई दिल्ली में वित्त मंत्री अरूण जेटली और पंजाब भाजपा इकाई के अध्यक्ष विजय सांपला व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना की मौजूदगी में गुरकंवल कौर भाजपा में शामिल हुईं लेकिन तीन दिन बाद ही वह कांग्रेस पार्टी में लौट आईं। इस तरह कांग्रेस और भाजपा की सियासत  तीखे शब्दों में भी चलती रही और मीठे शब्दों में भी। अब बीजेपी उसी परिवार से सक्रिय कांग्रेसी सांसद  रवनीत बिटटू के सख्त खिलाफ है। बिटटू के खिलाफ मामला दर्ज करवा कर उसे अंदर करवाना बीजेपी के सबसे प्राथमिक कामों में शामिल लगता है।  

निशाने  पर बिटटू 

पंजाब भाजपा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सांसद रवनीत बिट्टू के विरुद्ध उनके घर में ऐलान कर गरजते हुए कहाकि अगर पंजाब की शांति प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के खून से बनी रह सकती है तो वह इसके लिए तैयार हैं और वो इसके लिए बिट्टू के बुलाने पर जहाँ कहेंगे वहां आ जायेंगे। दरअसल प्रदेश भाजपा द्वारा कैप्टन की कांग्रेस सरकार द्वारा पंजाब में कानून-व्यस्व्था की धज्जियाँ उड़ाने व कांग्रेसी सांसद रवनीत बिट्टू द्वारा प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा पर किए हमले को कबूल करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई कानूनी करवाई न करने व अब बिट्टू द्वारा ‘पंजाब की सड़कों पर खून व लाशें बिछाने’ के दिए ब्यान के विरुद्ध मामला दर्ज करने तथा उसे गिरफ्तार करने को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिंगार सिनेमा के सामने धरना देकर जम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ विशेष रूप से उपस्थित हुए। 

कांग्रेस सेंक रही है किसानों की  रोटियां 

अश्वनी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस जनता में अपना अस्तित्व बचाने के लिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को दाँव पर लगाकर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए किसानों की लाशों पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। कांग्रेसी नेताओं व बिट्टू को पंजाब की शांति अच्छी नहीं लगती, क्या उनका मुझ पर हमला करवा कर दिल नहीं भरा? बठिंडा में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस की मौजूदगी मे किसानों के नाम पर असमाजिक तत्वों द्वारा हमला व पुलिस द्वारा उनका साथ देकर खुद लाठीचार्ज करना बहुत ही शर्मनाक है। तीक्ष्ण सूद के घर हुआ कृत्य इसका ताज़ा उद्धाहरण है और यह सब पंजाब पुलिस की आँखों के सामने हो रहा है। शर्मा ने मांग की कि डी.एस.पी. को फ़ौरन बर्खास्त किया जाए। डी.जी.पी. कैप्टन की कठपुतली बन कर काम कर रहे हैं। 

पुलिस के खिलाफ पक्का पक्का मोर्चा 

अश्वनी शर्मा ने 4 जनवरी से बिट्टू के विरुद्ध लुधियाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने तक पुलिस के विरुद्ध पक्का धरना देने का एलान किया। प्रधान शर्मा ने कहा कि जिन भाजपा नेताओं के घरों के बाहर धरने लगे हैं वह उन सब से मिलने जायेंगे और इसकी शुरुआत फरीदकोट से करेंगे।

गोबर फेंकने का गंभीर नोटिस 

अश्वनी शर्मा ने कहाकि वो किसानों द्वारा अपनी मांगों को लेकर लगाए गए धरने के विरुद्ध नहीं हैं, क्यूंकि लोकतंत्र में हर किसी को समान अधिकार प्राप्त हैं लेकिन किसी के घर में बाहर. किसी के घर में गंदगी फैला कर या गाली-गलौच कर या धमकियाँ देना कानून का उल्लंघन है और ऐसे लोगों के विरुद्ध कानूनी कारवाई होनी चाहिए, जो कि पुलिस द्वारा पता होने के बाद भी नहीं की जा रही। 

राहुल गाँधी किसानों को भड़काने का काम कर रहे हैं 

तरुण चुघ ने कांग्रेसी नेताओं से सवाल किया कि 1984 में कांग्रेस द्वारा किये गए पंजाब में कत्लेआम और बहाई गई खून की नदी से क्या कांग्रेस नेताओं का दिल नहीं भरा? चुघ ने कहा कि पंजाब में भाजपा ने हमेशा से ही प्रदेश में शांति के बनाये रखने के हर सम्भव प्रयास किये हैं और हमेशा करती रहेगी। भाजपा इन्साफ की लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगी। राहुल गाँधी किसानों को भड़काने का काम कर रहे हैं और इसमें उसका साथ कैप्टन दे रहे हैं।  कैप्टन हमेशा से ही झूठ बोलते और जनता को धोखा देते आए हैं। प्रदेश में नशा खत्म करने की बात झूठी उल्टा नशे से रोज़ाना मौतें हो रही है, नौजवानों को नौकरी के सपने दिखा कर दर-बदर कर दिया है, पेंशन योजनायें बंद कर दी हैं। जनता सब देख रही है और आने वाले चुनाव में कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों को इसका जवाब देगी। 

बड़ी संख्या में  पहुंचे वर्कर 

इस अवसर पर विजय सांपला, मनोरंजन कालिया, तीक्ष्ण सूद, प्रो. राजिंदर भंडारी, अनिल सरीन, ने संयुक्त रूप से अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने पंजाब की जनता को खून के आँसू रोने के लिए मजबूर कर दिया है। हर तरफ त्राहि-त्राहि मची है, लोग हर समय अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में रहते हैं। इस अवसर पर प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, डॉ.सुभाष शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश बागा, परवीन बंसल, बिक्रमजीत सिंह चीमा, पंजाब भाजपा के खजांची गुरदेव शर्मा देबी, पंजाब भाजपा के सह खजांची रविंदर अरोड़ा, राजिंदर मोहन सिंह छीना,भाजपा लुधियाना के अध्यक्ष पुष्पेंदर सिंगल,जिला महामंत्री राम गुप्ता, कान्तेंदु शर्मा,जिला उपाध्यक्ष सुनील मौदगिल,यशपाल जनोत्रा,योगेंदर मकोल,किरण शर्मा,महेश शर्मा,हर्ष शर्मा,अश्वनी बहल,आर डी शर्मा,पंजाब भाजपा एस.सी.मोर्चा के पंजाब प्रधान राज कुमार अटवाल,खन्ना के प्रभारी रजनीश धीमान, लुधियाना के प्रभारी विपन महाजन, खन्ना के प्रधान पवन कुमार,जगराव भाजपा के प्रधान गौरव खुललर,भाजपा के सीनियर नेता एडवोकेट बिक्रम सिद्धू,डा.सुभाष वर्मा,जतिंदर मित्तल, अशोक लूम्बा, लघु उधोग प्रकोष्ठ के प्रधान सुभाष डाबर, व्यापर प्रकोष्ठ पंजाब के प्रधान दिनेश सरपाल, राजिंदर खत्री, रविंदर वर्मा, उमा दत्त शर्मा, सुनील मेहरा, चरणजीत भार्गव, जिला भाजपा सचिव नवल जैन, कैलाश चौधरी, भूषण गोयल, सुरिंदर बाली, पंकज जैन, प्रवक्ता नीरज वर्मा, विशाल गुलाटी ,अंकित बत्रा, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनिंदर कौर घुम्मन, प्रेस सचिव डॉ.सतीश कुमार, सुमित टंडन, युवा मोर्चा के प्रधान कुशग्र कश्यप, लीगल सेल के प्रधान के.जी. शर्मा,रवि बाली, किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष दविंदर सिंह घुम्मन,किसान मोर्चा के प्रधान प्रताप सिंह ,एस.सी.मोर्चा के जिला प्रधान कुलविंदर सिंह,पार्षद सुरिंदर अटवाल,पूर्व पार्षद इन्दर अग्रवाल,यशपाल चौधरी,ओम प्रकाश रतड़ा,ऑफिस सचिव लकी चोपड़ा,महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सीमा वर्मा,सीमा शर्मा,महिला मोर्चा की महामंत्री सोनिया शर्मा,हरमनजीत कौर,अरुणा नेगी,सुनीता शर्मा,संतोष रानी,चमेली जहां आरा,कमल शर्मा,आरती बंसल, इंचार्ज प्रार्थना तिवारी,ऋचा गुलाटी, व महिला मोर्चा के मंडल प्रधानों में गुरमीत कौर ,सिम्मी धीर ,सीमा शर्मा, स्वीटी कालड़ा,प्रवीन शर्मा,गीता रानी डाबा ,अनीता शर्मा,पूनम,मंडल प्रधानों में प्रिंस भंडारी,रोमी मल्होत्रा, तीर्थ तनेजा ,भूपिंदर राय,गुरदीप सिंह सोढ़ी ,पंकज शर्मा,सुरेश अग्रवाल,केवल गर्ग क्रांति डोगरा,शिव राम गुप्ता,गुरप्रीत सिंह राजू ,राजीव शर्मा ,हरविंदर जॉली, हरीश शर्मा,हरीश सग्गड़,विनय मित्तल ,गौरव अरोड़ा,जसदेव तिवारी,दमन कपूर,यशपाल वर्मा,संदीप वधवा,राकेश जग्गी, संजीव सचदेवा,सोशल मीडिया से नितेश जैन,मनु अरोड़ा,ब्रिज भूषण बंसल आदि हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्त्ता मौजूद थे। 

घटिया हरकतों पर उतरी भाजपा:अश्वनी शर्मा

 कांग्रेस के ज़िला प्रधान अश्वनी शर्मा ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया 

दिल्ली की दहलीज़ पर जलते पंजाबी किसानों के चूल्हे बता रहे हैं संघर्ष की संकल्प शक्ति और
इस तस्वीर को  लिए क्लिक  किया किसान मोर्चे में डटे हुए जनाब  ने 

*बीजेपी की हालत खसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी 

*निकाय चुनाव में संभावी हार को देख बौखलाहट में 

*देश में सबसे बेहतर कानून व्यवस्था का नमूना पंजाब  

लुधियाना: 2 जनवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

ज़िला कांग्रेस कमेटी लुधियाना शहरी के प्रधान अश्वनी शर्मा ने भाजपा विरोध प्रदर्शन को सियासी नौंटकी कहते हुए इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा  कि भाजपा की हालत खसियानी बिल्ली जैसी हो चुकी है तथा अपनी बची-खुची सियासी ज़मीन को तलाशने के लिए हाथ-पांव मार रही है। यही नहीं उसे आगामी निकाय चुनाव में अपनी हार भी साफ दिख रही है तथा पंजाब भर में इनका जगह-जगह विरोध हो रहा है। इसलिए पंजाब भाजपा लीडरशिप केंद्रीय नेतृत्व मोदी-शाह के गुस्से के प्रकोप से बचने के लिए पहले ही संभावी शर्मनाक हार का बहाना गढऩे में जुटे हुए है। जबकि भाजपा को चाहिए कि वह ऐसी घटिया हरकतें करने की बजाये शीत लहर के बावजूद दिल्ली की सीमाओं पर बैठे हुए लाखों किसानों की सुध ले तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह को किसान के मर्म बारे असली स्थिति से अवगत करवाते हुए उन्हें सही रिपोर्ट देें और तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दबाव डालें।

ज़िला प्रधान शर्मा ने पंजाब की कानून व्यवस्था पर प्रश्न उठाने पर भाजपा को बुरी तरह लताड़ते हुए कहा कि पूरे देश में यदि सबसे बेहतर कानून व्यस्था का कोई उदाहरण है तो वो पंजाब है। जहां इतने बड़े आंदोलन के बावजूद कोई हिंसा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यहां तक मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचाने की कुछ घटनाओं पर भी सीएम अमरेंद्र सिंह ने तुरंत एक्शन लिया है। उन्होंने किसानों को भी पूरी तरह संयम बरतने की अपील की। 

शर्मा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ की अगुवाई तले पूरी पार्टी व सरकार  ने हमेशा ही किसानों के कल्याण के लिए कदम उठाए है  लेकिन मोदी सरकर ने हमेशा किसानों को दबाने वाला काम किया है। कांग्रेस के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू व अन्य सांसद लगातार किसानों के हक में जंतर मंतर पर धरना देकर बैठे हुए है लेकिन भाजपा कभी गोदी मीडिया कभी दूसरे हथकंडे  अपना किसाना आंदोलन को कमजोर करने की साजिशें रच रही है। आज लुधियाना में भाजपा की कार्यवाही भी इसी साजिश की कड़ी का हिस्सा है लेकिन जनता इनके असली चेहरे को पहचान चुकी है। क्योंकि यह लोग किसानों की मांगों को पूरा करने की बजाये अपनी घटिया चालें चलने में ही लगे हुए है। जिसमें यह कभी सफल नहीं होंगे। कांग्रेस पार्टी हमेशा किसानों के साथ डटकर खड़ी रहेगी तथा मोदी सरकार को तीनों काले कानून वापस लेने ही होंगे।

Tuesday, December 29, 2020

संत लोंगोवाल के जन्मदिन को भाजपा करेगी विशाल रैली

   29th December 2020 at 7:44 PM   

  पंजाब और सिख सियासत में पकड़ बढ़ाने की कवायद तेज़  


लुधियाना: 29 दिसम्बर 2020: (पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

सत्ता में आने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी के अधिकतर  नेता और कार्यकर्ता  प्रमाद और आलस्य में नहीं पड़े। पार्टी के एजंडे और मकसद को आत्मसात करने कराने की लम्बी और अनुशासित परीक्षण भरी साधना बहुत गंभीरता से चलती रही जिसकी चर्चा मीडिया में करने से गुरेज़ किया जाता रहा। दूसरी तरफ बहुत से अन्य दलों के लोग एजंडे की तरफ न तो गंभीर हुए और न ही मीडिया में अपनी चमक दिखने का लोभ संवरण कर सके। परिणाम यह  हुआ कि भाजपा  के नेता परेड के पीछे रेक कर एजंडे को पूरा करने मं दिन रात एक करने वाले योद्धा बन गए।  भाजपा से सबंधित परिवार का बच्चा बच्चा पार्टी नीतियों पर विरोधभरी तीखी बहस करने के भी काबिल हुआ।  यह बात अलग कि यह बहस तर्क और तथ्यों से हटती हटती अक्सर आक्रामक भी हो जाती। दुसरे को हर हाल में अपनी बात ही मनवाना सबसे ज़रुरी लगने लगा। 

इस सारी तैयारी के बाद पार्टी अपने एजंडे को लेकर पहले से भी ज़्यादा मुखर भी हुई और सक्रिय भी। यही कारण है कि किसानों  को लेकर तकरीबन सारा देश एक तरफ और भाजपा एक तरफ। एनडीए में आ रही दरारें भी इस हठधर्मी को नहीं रोक सकीं। अकालीदल का गठबंधन से अलग होना भी बीजेपी के एजंडे को नहीं रोक पाया। बीजेपी का एक के बाद एक घोषित एजंडा भी पूरा होता चला गया गया और अन्य अघोषित एजंडों पर भी काम जारी रहा। 

कश्मीर में धारा 370 हटाना और राम मंदिर इनमें बीजेपी की मुख्य उपलब्धियां रहे लेकिन किसानों के मुद्दे पर अकालीदल और कांग्रेस पर लगे दोगलेपन के आरोपों के बावजूद बीजेपी की सियासत पूरी दबाव वाली नीति बना कर चलती चली जा रही है। दिल्ली में किसान और सरकार  क्या फैसला करते हैं इस तरफ भी पार्टी पूरी तरह से सतर्क है। प्रचार अभियान में किसानों की आलोचना से कभी नहीं चुके भाजपा नेता चाहे वे पार्टी के राष्ट्रिय नेता हों या फिर पंजाब या हरियाणा के नेता रहे हों। हड्डीओं को कंपा देने वाली शीत लहर में  बाहर सड़कों पर बैठे किसानों पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने यहां तक कह दिया कि ये किसान नहीं पिकनिक मनाते लोग हैं। इस तरह के कड़वे और झूठे भाषणों से भाजपा नेताओं की जो दूरी पंजाब  के किसानों और आम जनता के साथ लगातार बढ़ रही है वह शायद किसान धरने का  बाद भी दूर नहीं होने वाली। नेताओं को शायद बुरा कहा सुना  भूलने की आदतें रहीं हों लेकिन किसान और जाट इन्हें याद रखेंगे। 

खेती कानूनों को पारित किये जाने के बाद के बाद पैदा हुए तनाव भरे इस दौर में भी भारतीय जनता पार्टी ने किसानों के तीखे विरोध और विपक्ष के उस तरफ झुकाव के बावजूद अपने  कड़े  रुख को कभी भी नरम करने का संकेत नहीं दिया। ऐसे हालात में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लुधियाना में एक विशाल रैली  के आयोजन  का ऐलान बहुत ही महत्वपूर्ण है। 

यह रैली दो जनवरी को की जानी है। गौरतलब है कि जून-84 के हालात की आहट अब भी जब कभी कभार सुनाई देने लगती है तो तो रौंगटे खड़े होने लगते हैं। उस बेहद संवेनदशील कार्यकाल के वक़्त चला सिख आंदोलन दो संत शख्सियतों पर केंद्रित था। इनमें से एक थे संत हरचंद सिंह लोंगोवाल जिन्हें खालिस्तान समर्थक लोग पंथ का गद्दार कहते भी हैं और मानते भी हैं।  संत  लोंगोवाल की हत्या  करने वाले हत्यारे समर्थक  इस हत्या का ज़िक्र करते वक़्त हमेशां इसे खुल कर और बहुत ही उपलब्धि के स्वर में  इसकी चर्चा करते। पंजाब समझौते पर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ हस्ताक्षर करने के एक महीने के अंदर अंदर ही संत लोंगोवाल हत्या कर दी गई थी। समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे 24 जुलाई 1985 और संत लोंगोवाल की हत्या की गई थी 20 अगस्त 1985 को। 

दूसरी तरफ बहुसंख्यिक लोग संत लोंगोवाल को राष्ट्रिय शहीद कहते हैं।  पंथ दो प्रमुख खेमों में विभाजित सा  हो कर दिया गया।  एक देश भक्त गिना जाने लगा और इस तरह के दावे भी करने लगा दूसरा खुद को असली और संत समर्थकों को गद्दार कहने लगा।  यह सोच अभी तक भी जारी है। उनके संगठन, उनके अन्य मंच,  उनके चैनल सब अलग अलग हैं। 

उल्लेखनीय है कि संत लोंगोवाल की हत्या उसी दिन की गई थी जिस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीवगांधी का जन्मदिन आता है अर्थात 20 अगस्त का दिन। अब यह हत्या इत्तफ़ाक़न उसी दिन की गयी या कोई विशेष योजना या कोई ऐसी सोच थी इस पर कुछ कहना अभी उचित न होगा। संत लोंगोवाल की हत्या के बाद अकालीदल मज़बूती से राष्ट्रिय छवि बनाकर उभरा। अकालीदल की सरकार भी बनी।  संत लोंगोवाल की बरसी पर आने वालों में रामकृष्ण हेगड़े, चंद्रबाबू नायडू और  मेनका गांधी सरीखे वरिष्ठ नेता भी शामिल रहते। यह सब एक राष्ट्रिय आयोजन बन कर स्थापित हुआ। इन पंक्तियों के लेखक ने बहुत बार इस आयोजन को मीडिया कवरेज के मकसद से बेहद नज़दीक हो कर देखा सुना। 

यह सब याद आया बीजेपी का एक  प्रेस ब्यान देख कर।  भारतीय जनता पार्टी जिला लुधियाना के जिला प्रधान पुष्पेंद्र सिंगल की अध्यक्षता में एक बैठक सर्किट हाउस लुधियाना मै सम्पन्न हुई। भाजपा जिला अध्यक्ष  पुष्पेन्द्र सिंगल ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के दिशा निर्देशों के मुताबिक 2 जनवरी 2021 दिन शनिवार को भाजपा एक रैली करने जा रही है जो लुधियाना में होगी। उस दिन की तारीख  ऐलान बहुत अर्थ रखता है। 

उसी दिन अर्थात संत लोंगोवाल के जन्मदिन की तारीख लुधियाना में भाजपा रैली करने की घोषणा अभी हाल ही में सामने आई है। भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंगल ने कहा कि कांग्रेस के लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू द्वारा की गई गलत बयानबाजी की लाशों के डेर लग जाएंगे के विरोध में भाजपा ने मांग की है कि सांसद रवनीत बिट्टू के खिलाफ FIR दर्ज की जाए ताकि पंजाब का माहौल खराब न हो। किसान आंदोलन के चलते हालात तो पहले से ही बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।  ऐसे में इस रैली का आयोजन हालात को और गरमा देगा। 

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी भाजपा नेताओं नेअपनी आलोचना का निशाना बनाया। भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेन्द्र सिंगल ने कहा कि कुछ रोज़ पहले  बठिंडा में भाजपा कार्यकर्ताओ पर कैप्टन सरकार की शह पर जबरन कार्यक्रम में घुसकर तोड़ फोड़ व पथराव कर भाजपा कार्यकर्ताओ पर जानलेवा हमला किया जाना ओर पुलिस को हमलावरों क साथ देते हुए देखा जाना यह साफ जाहिर करता है कि यह सब कैप्टन सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया है। दो जनवरी को रैली का आयोजन भाजपा की तरफ से सियासी तौर पर मुनाफे का सौदा रहता लगता है। 

इस मौके पर भाजपा के ज़िला महामंत्री राम गुप्ता, कांतेंदु शर्मा, जिला उपाध्यक्ष सुनील मोदगिल, योगेंदर मकोल,अश्वनी बहल, महेश शर्मा, आर डी शर्मा, यशपाल जमोत्रा, हर्ष शर्मा, जिला सचिव नवल जैन, कैलाश चौधरी,अमित डोगरा, भूषण गोयल, मनमीत सिंह चावला, संजय गोसाई, पंकज जैन, सुमन वर्मा, तरनजीत सिंह ,  सह कशियर सुमित टंडन, प्रवक्ता नीरज वर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, अंकित बतरा, डिंपी मक्कड़, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनिंदर कौर घुम्मन, एस सी मोर्चा के जिला प्रधान कुलविंदर सिंह, ज़िला प्रैस सचिव-डॉ सतीश कुमार,  युवा मोर्चा के प्रधान कुशाग्र कश्यप, मंडल प्रधानों में जसदेव तिवारी, प्रिंस भंडारी, रोमी मल्होत्रा, तीर्थ तनेजा ,भूपिंदर राय, गुरदीप सिंह सोढ़ी,पंकज शर्मा, सुरेश अग्रवाल, केवल गर्ग क्रांति डोगरा, शिव राम गुप्ता, गुरप्रीत सिंह राजू , राजीव शर्मा, हरविंदर जॉली, हरीश शर्मा, हरीश सग्गड़, विनय मित्तल, गौरव अरोड़ा, दमन कपूर, यशपाल वर्मा, संदीप वधव, राकेश जग्गी, संजीव सचदेवा आदि प्रमुख कार्यकर्त्ता मौजूद थे।
 

Tuesday, December 08, 2020

मोहाली प्रेस क्लब ने भी किया किसानों के हक में रोष प्रदर्शन

 चंडीगढ़ के सेक्टर 17 तक किया जोशीला रोष प्रदर्शन 


मोहाली: 8 दिसंबर 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

Photo by Josh Hild of  Unsplash 
हड्डियों को कंपकंपा देने वाली शीत लहर की रातों में भी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों का दर्द और उनके जज़्बात देख कर पत्रकार भी द्रवित हो उठे हैं। जिन कानूनों के कारण देश का अन्नदाता आज सड़कों पर आ गया है उनके खिलाफ रोष दिन-ब-दिन तीखा होता जा रहा है रहा है। किसानों के समर्थन में लेखक भी उठ खड़े हुए हैं, कलाकर भी, बुद्धिजीवी भी और पत्रकार भी। बहुत से पत्रकार तो दिल्ली की सीमा पर जा कर किसानों के इस ऐतिहासिक धरने का लाईव प्रसारण भी कर रहे हैं।  देश की वास्तविक राष्ट्रीयता, मानवता और अधिकारों से जुड़े इस मुद्दे पर पत्रकारों की एकजुटता आज चंडीगढ़ में भी देखने को मिली। भारत बंद के देश व्यापी आह्वान पर आज मोहाली प्रेस क्लब के सदस्यों ने आज के रोष प्रदर्शन  कर भाग लिया।   छात्र शामिल हुए, मुलाज़िम शामिल हुए, किसान संगठन शामिल हुए वहीं इसमें पत्रकार भी शामिल हुए। मोहाली प्रेस  क्लब के बैनर की अगुवाई में यह पत्रकार सेक्टर 17 तक जोशीला रोष मार्च करते भी देखे गए। 

मोहाली प्रेस क्लब के प्रधान गुरजीत सिंह बिल्ला के नेतृत्व में आयोजित इस रोष मार्च शामिल पत्रकारों ने केंद्र सर्कार के खिलाफ और किसानों के  हक में लिखे नारों की तख्तियां भी पकड़ीं थी।  मोहाली अपने कार्यालय से चल कर सेक्टर 17 चंडीगढ़ की तरफ रवाना हुआ। 

इस मार्च से पहले हुई छोटी सी रैली को सम्बोधित करते हुए क्लब के प्रधान गुरजीत सिंह बिल्ला और  महासचिव हरबंस सिंह बागड़ी ने केंद्र सरकार की तानाशाही की सख्त शब्दों में निंदा की। उन्होंने मांग भी की कि देश भर में व्याप्त जनाक्रोश को देखते हुए इन कानूनों को तुरंत निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा की स्वतंत्र भारत में यह पहली बार है कि किसानों के समर्थन में इतना बड़ा हजूम चल पड़ा है। इसके साथ ही उन्होइने चेतावनी भी दी की यदि प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी अपनी ज़िद पर पर अड़े हुए हैं तो अब अन्नदाता किसान भी पीछे मुड़ने वाला नहीं है। 

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष-गुरमीत सिंह शाही, सुखदेव सिंह पटवारी, उपाध्यक्ष-कुलदीप सिंह कुराली, कोषाधिकारी-सुखविंदर सिंह शान, राज कुमार अरोड़ा, जसविंदर रुपाल, नाहर सिंह धालीवाल, विशाल भूषण, सागर पाहवा, मंगत सैदपुरी, कृपाल सिंह, माया राम, विजय कुमार, गुरमीत सिंह रंधावा, जगविंदर सिंह, संदीप शर्मा, नीलम ठाकुर इत्यादि भी मौजूद रहे। 

Sunday, November 01, 2020

श्री हिन्दू तख्त ने किया लुधियाना में विशाल भगवा रोष मार्च

 कामरेड बलविंदर सिंह की शहादत को भी फिर से नमन किया 


लुधियाना
: 1 नवम्बर 2020:(एम एस भाटिया//प्रदीप शर्मा//पंजाब स्क्रीन)::

दशहरा उत्सव के दौरान अमृतसर में कुछ शरारती तत्वों द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री  रामचंद्र जी के पावन स्वरूप को जलाने के रोष स्वरूप आज श्री हिन्दू तख्त  के सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता के नेतृत्व में स्थानीय सब्जी मंडी से एक भगवा रोष मार्च आरंभ कर जालंधर बायपास चौक में जाकर उन आरोपियों के खिलाफ धारा 302 के तहत कार्यवाही करने की मांग कर प्रदर्शन किया गया इस अवसर पर तख्त के कार्यकर्ताओं ने श्री हनुमान चालीसा का जाप किया व आंतकवाद मुर्दाबाद के पोस्टर पकड़े हुए थे। 

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए वरुण मेहता ने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान पंजाब में साजिश के तहत सनातन धर्म के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा है और दशहरा उत्सव के दौरान तो उक्त आरोपियों ने करोड़ों सनातन धर्म प्रेमियों की भावनाओं को आहत कर दिया इस लिए पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त है और हम सरकार से उक्त आरोपियों के विरुद्ध धारा 302 के तहत केस चलाने की मांग करते हुए उनके साथ इस षड्यंत्र में शामिल अन्य सभी आरोपियों की भी तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं मेहता ने कहा कि इस घटना से पंजाब के खुफिया तंत्र के पूरी तरह फेल होने का प्रमाण मिलता है  जबकि कुछ दिन पहले ही तरनतारन में कामरेड बलविंदर की शहादत हुई बावजूद उसके खुफिया विभाग इतने सुस्त रवैये से चल रहा है कि उन्हें इन आरोपियों की साजिश का पता ही नहीं चला मेहता ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण बात है सनातन धर्म प्रेमियों की आस्था के आहत होने के बावजूद आज पंजाब में किसी भी राजनीतिक दल के नेता ने इस घटना के विरोध स्वरूप ना कोई प्रदर्शन किया ना कोई बयान बाजी की मेहता ने कहा कि श्री हिंदू तख्त इन आरोपियों के खिलाफ  धारा 302 के तहत कार्रवाई ना होने तक शांत नहीं होगा और जरूरत पड़ी तो लुधियाना से लेकर अमृतसर तक या चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के निवास तक सरकार जगाओ मार्च का आयोजन करेगा मेहता ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए भी सनातन धर्म के देवी देवताओं के विरुद्ध हो रहे दुष्प्रचार को लेकर कई बार शिकायतें की गई लेकिन पंजाब सरकार व पुलिस विभाग को हिंदू समाज की शिकायतों का हल करने के लिए ना तो पंजाब सरकार के पास न ही पुलिस विभाग के पास कोई समय है। 

मेहता ने कहा कि पिछले तीन-चार महीनों से लगाता ही पंजाब में विभिन्न स्थानों पर कुछ शरारती तत्वों द्वारा खालिस्तान के झंडे लगाए जाने अथवा दीवारों पर लिखे जाने की घटनाएं हो रही हैं लेकिन खुफिया व सुरक्षा तंत्र मूकदर्शक बना बैठा है वरुण नेता ने कहा कि आज हमने श्री हनुमान चालीसा का जाप कर बजरंगबली से प्रार्थना की है कि वह हम पर अपनी कृपा बनाए रखें ताकि हम उनके आराध्य भगवान राम का अपमान करने वाले दोषियों को सजा दिलवा सके इस अवसर पर जिला  शहरी प्रधान रोहित शर्मा भुटटो ने कहा कि सनातन धर्म के पूजनीय देवी देवताओं का अपमान किसी को भी नही करने दिया जाएगा उन्होंने कहा कि तख्त द्वारा शहर के युवाओं को जागृत करके इस मामले को लेकर सरकार को जगाने के लिए नुक्कड़ बैठकोंका आयोजन किया जा रहा है तथा जल्द ही सरकार ने हिंदू समाज की शिकायतों को गंभीरता से ना लिया तो हर गली कस्बे में सरकार के पुतले जलाए जाएंगे 

इस अवसर पर संगठन के जिला प्रमुख प्रचारक शिवम कुमार ने कहा कि मोहल्ला स्तर पर भी धर्मवीर नियुक्त करते हुए युवाओं को जोड़ा जाएगा इसके इलावा अजय शर्मा, धीरज मिश्रा, राजन, हन्नी तुली, मनी दिवाकर, सन्नी,अमन, संदीप  शिवम मनोचा, मानव चावला, सागर वर्मा व अन्य कई मौजूद थे ।

Saturday, October 24, 2020

मनदीप मदान कभी BJP के थे ही नहीं-कांतेन्दु शर्मा

 सुधा खन्ना ने कहा ये लोग कभी भी BJP के सक्रिय कार्यकर्त्ता नहीं थे 

लुधियाना: 24 अक्टूबर 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

कांतेन्दु शर्मा
चुनाव नज़दीक आ  रहे हैं तो सियासी चालबाज़ियाँ भी तेज़ी से शुरू हैं। दल बदलियां और खेमा बदलियां भी तेज़  हैं। किसान आंदोलन के चलते अचानक ही भाजपा सबंधित गठबंधन का साथ छोड़ने वाले अकालीदल के सुर बीजेपी के  खिलाफ तेज़ हो गए हैं।  हाल ही में ऐसी खबरें भी आती रही हैं कि फलां फलां लोग फलां फलां पार्टी छोड़ कर फलां फलां पार्टी में शामिल हो गए हैं। 

एक खबर ऐसी भी आई कि कुछ रोज पहले मनदीप मदान अपने सैकड़ो साथियों सहित अकाली दल बादल में शामिल गए हैं। इस खबर का भी भाजपा नेताओं गंभीर नोटिस लिया है। भाजपा महासचिव कांतेंदु शर्मा ने स्पष्ट किया कि ये लोग तो कभी हमारे थे ही नहीं। भाजपा   सिद्धांतप्रिय पार्टी  है और इसके सभी सदस्य भी पूरी तरह से पार्टी और इसके आदर्शों को समर्पित होते हैं। हमारे लोग कभी भी अवसरवादिता को सामने रख कर पार्टी नहीं छोड़ा करते। अकाली नेताओं को इस तरह की ओछी राजनीति से बचना चाहिए। इन हल्की किस्म की बातों से अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं की गरिमा भी कम होती है। भाजपा का कद अब इतना बढ़ चुका है कि भाजपा पर इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। हमने देश को बदलने  का संकल्प किया हैऔर बदल कर रहेंगे। कोई भी कठिनाई हमारा रास्ता नहीं रोक सकती। तूफानी विरोधों के बावजूद  हम आगे  बढ़ते रहेंगे। 

सुधा खन्ना 
उन्होंने कहा था कि ये जो भी कार्यकर्ता अकालीदल में शामिल हुए है ये कभी भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे ही नहीं।  भाजपा जिला महामंत्री कांतेन्दु शर्मा ने कहा की अकाली नेता अपनी ही पार्टी के अंदर जारी आपसी घमासान के कारण पार्टी नेतृत्व के सामने अपने आपको चमकाने के लिए ऐसी ओछी राजनीती कर रहे है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपना वर्चस्व कायम करने के लिए ये सब कर रहे है। 

इसी बीच भाजपा की सक्रिय महिला नेता सुधा खन्ना ने भी इस तरह की तथाकथित दलबदलियों को हल्की सियासत कहते हुए स्पष्ट कहा है कि भाजपा से सबंधित लोग  सिद्धांतों पर आधारित  हैं और अकालीदल  की तरह अवसरवादी और क्षेत्रवादी नहीं हैं।  हम लोग विश्व बन्धुत्त्व को समर्पित हैं और राष्ट्रवाद हमारे लिए सर्वोप्रिय है।  हम और हमारे लोग कभी अपनी पार्टी नहीं छोड़ा करते। लाठी चले या गोली हम लोग आखिरी सांस तक पार्टी को समर्पित रहते हैं। देश की जनता के दबे कुचले वर्ग की सार लेना हमारा प्रथम कर्तव्य है। देश के सभी वर्गों को इस नेक मकसद की पूर्ती के लिए भाजपा  का साथ देना चाहिए। 

Saturday, September 26, 2020

नए कृषि कानूनों के खिलाफ सुनाम में भी ज़ोरदार रोष धरना

 Saturday: 26th September 2020 at 06:08 PM via WhatsApp

 धरने में किसान और उनके समर्थक शामिल-जोशीली नारेबाजी 


लुधियाना
: 26 सितंबर 2020: (जोगिंदर सुनाम//पंजाब स्क्रीन)::

केंद्र सरकार की तरफ से बनाये गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ सुनाम में भी ज़ोरदार आंदोलन रहा। आई टी आई चौंक में किसान संगठनों की तरफ से विशाल रोष धरना दिया गया जिसमें हज़ारों की संख्या में किसान और उनके समर्थक शामिल हुए। इसी धरने में आढ़ती, मुनीम, श्रमिक यूनियनें, छात्र संगठन और अकालीदल डेमोक्रेटिक के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।  

इस मौके पर अलग अलग वक्ताओं ने बहुत बड़ी संख्या में इस रोष धरने को सम्बोधित किया। ज़ोरदार और जोशीले भाषण हुए। नए बने कृषि कानूनों  को लेकर केंद्र में सत्ता पर बैठी मोदी सरकार को खुल कर निशाना बनाया गया। नरेंद्र मोदी  नेतृत्व वाली एन डी ए सरकार के खिलाफ ज़ोरदार नारेबाजी भी हुई। इस ऐतिहासिक रोष धरने में कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग बार बार और ज़ोरदार  ढंग से उठी। 

वक्ताओं ने बताया कि पूरी दुनिया में जहां जहां भी यह कानून लागू हुए हैं वहां वहां किसानों की तबाही हुई है और कार्पोरेटस घरानों  को बेशुमार फायदा पहुंचा है।  इस संबंध में अमेरिका के हवाले भी दिए गए। 

किसान नेता रण सिंह चट्ठा, एडवोकेट सम्पूर्ण सिंह छाजली, अमनवीर सिंह चैरी, डा. रूप सिंह शेरों, मनिंदर सिंह लख्मीर सिंह वाला, प्रितपाल सिंह हांडा, करनैल सिंह जखेपल, सिंह नमोल,  मलकीत सिंह लख्मीरवाला इत्यादि शामिल हुए। 

भाजपा नेताओं की तरफ से मोदी के हक में प्रचार जारी

Saturday: 26th September 2020 at 09:55 PM via WhatsApp

 नए कृषि कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताने का मंत्र जारी 

*सुनाम में भाजपा नेता ऋषि पाल खेरा संभाली प्रचार की कमान

 *फसल का उचित मूल्य व किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोदी सरकार की वचनबद्धता दोहराई 

*गाँव-गाँव जाकर भाजपा करेगी कृषि संबंधी कानूनों के बारे में जागरूक:गुरमीत सिंह बावा 

*रबी की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ा कर मोदी सरकार ने दिया किसानों को तोहफा


सुनाम: 22 सितम्बर 2020: (जोगिंदर सुनाम//पंजाब स्क्रीन):: 

किसानों  के गुस्से और दलीलों  को पूरी तरह दरकिनार करते हुए भाजपा नेता नए कानूनों  के हक में हवा बनाने को बज़िद लगते हैं। इसी बीच  आंदोलनकारी किसान संगठन इस तरह के भाजपा नेताओं को गांवों में न घुसने का मन बना चुके हैं। 

केंद्र की मोदी सरकार तथा कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों के हित में पास किए गए कानूनों में किसानों को और अधिक सशक्त करते हुए उनकी रबी की फसलों गेंहू, जौं, सरसों, चना, कुसुम व मसूर की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा कर किसानों को तोहफा दिया है। इन शब्दों का प्रगटावा भाजपा जिला अध्यक्ष ऋषि पाल खेरा ने किया। उन्होंने कहाकि एम एस पी की आढ़ लेकर मोदी सरकार द्वारा पास किए गए कृषि संबंधी कानूनों का विरोध करने वाले सभी विपक्षी दलों तथा अन्य लोगों के मुंह पर तमाचा है।  उन्होंने विरोध करने वाले तथा सड़कों पर उतरे सभी लोगों को इन बिलों को विस्तार से पढ़ने की अपील की और फिर सवाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार हर फसल सीजन से पहले CACP यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेज की सिफारिश पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करती है। यदि किसी फसल की बंपर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमतें बिचौलियों द्वारा कम कर दी जाती हैं, तब MSP किसानों के लिए फिक्स एश्योर्ड प्राइज का काम करती है। उन्होंने कहाकि MSP वह गारंटेड मूल्य है जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हों। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कई बार साफ कर चुके हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहाकि जिन लोगों को कंट्रोल अपने हाथ से निकलता नजर आ रहा है, वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं। 

ऋषि पाल खेरा ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, किसानों की आय दोगुनी एवं उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने के उद्देश्य के लिए मोदी सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा कृषि मंत्रालय द्वारा तय किये गए रबी के सीजन की फसलों में गेंहू के समर्थन मूल्य में 50 रूपये प्रति क्विंटल (1925 से बढ़ा कर 1975), जौ 75 रूपये प्रति क्विंटल(1525 से बढ़ा कर 1600), सरसों 225 रूपये प्रति क्विंटल(4425 से बढ़ा कर 4650), चना 225 रूपये प्रति क्विंटल(4875 से बढ़ा कर 5100), कुसुम 112 रूपये प्रति क्विंटल (5215 से बढ़ा कर 5327) व मसूर 300 रूपये प्रति क्विंटल (4800 से बढ़ा कर 5100) इजाफ़ा किया गया है। 

भाजपा जिला प्रभारी गुरमीत सिंह बावा ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के दिशा-निर्देश पर किसान मोर्चा के कार्यकर्ता अगले एक महीने में प्रदेश के गाँव-गाँव में जाकर किसानों को कृषि संबंधी विधेयकों के बारे में जागरूक करेंगे तथा किसानों के सवालों के जवाब भी देंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसान संगठनों को कृषि संबंधी विधेयकों के बारे में कोई शिकायत है तो वह प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों से संपर्क कर सकता है और प्रदेश भाजपा उनकी शिकायत के निवारण के लिए उनकी बात केंद्र सरकार से करवा सकती है।  

इस अवसर पर नेशनल काउंसिल सदस्य प्रेम गुगलानी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुलभूषण गोयल, जगपाल मित्तल, परमजीत मट्टू, संजय सिंगला, शंकर बांसल, महिला मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनिका मानसी जिंदल,रेवा बांसल, मोनिका गोयल,युवा मोर्चा पंजाब कैशियर संदीप मुलाना, एस सी मोर्चा पंजाब सचिव गुरसेवक कमालपुर,जिला महासचिव शैली बांसल, अश्वनी सिंगला,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमृत राजदीप सिंह चठा,भगवान दास कांसल,संदीप जिंदल,परविंदर गोयल आदि उपस्थित थे। 

इसी बीच नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संगठनों ने सवाल किया है कि दुनिया में जहां जहां भी ये कानून लागू हो चुके हैं क्या भाजपा नेता और भाजपा सत्ता वहां वहां के किसानों की आर्थिक स्थिति को देखने और दिखाने कष्ट करेंगे? 

Sunday, May 31, 2020

मृत्यु, बीमारी और गरीबी का प्रमुख कारण : धूम्रपान

 कैंसर का प्रमुख कारण: धूम्रपान 
*धूम्रपान से होती है दुनिया भर में एक वर्ष में 8 मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु
लुधियाना: 31 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)
विश्व तंबाकू दिवस हर साल 31 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह वार्षिक उत्सव जनता को तम्बाकू के उपयोग के खतरों, तम्बाकू कंपनियों की व्यावसायिक प्रथाओं, उनके आस-पास के लोग, एक स्वस्थ दुनिया पर अपना दावा करने और भावी पीढ़ियों की रक्षा करने और तम्बाकू महामारी से लड़ने के बारे में बताते हैं। जानें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) क्या कर रहा है.

आज विश्व तंबाकू दिवस पर डॉ। रमेश एम। डी स्टेट अवार्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा निदेशक, डॉ। रमेश सुपरस्पेशलिटी आई एंड लेजर सेंटर और पुनर्जोत आई बैंक सोसायटी (रजि।), लुधियाना ने कहा कि धूम्रपान दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक है, जो इसे दुनिया के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक बनाता है। प्रत्येक वर्ष 8 मिलियन से अधिक लोग मारे जाते हैं इनमें से 7 मिलियन से अधिक मौतें सीधे धूम्रपान के उपयोग का परिणाम हैं, जबकि लगभग 1.2 मिलियन धूम्रपान करने वाले सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में हैं।

तंबाकू के सभी रूप हानिकारक हैं, और तंबाकू के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है। धूम्रपान दुनिया भर में तंबाकू के उपयोग का सबसे आम रूप है।

दुनिया भर में 1.3 बिलियन धूम्रपान करने वालों में से 80% निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं, जिसमें तंबाकू से संबंधित बीमारी और मृत्यु का सबसे अधिक शिकार होता है।

तंबाकू के धुएं के संपर्क में कोई सुरक्षित स्तर नहीं है, जो हर साल 1.2 मिलियन से अधिक समय से पहले मृत्यु और गंभीर हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।

2003 में, WHO के सदस्य राज्यों ने सर्वसम्मति से तम्बाकू नियंत्रण पर WHO फ्रेमवर्क कन्वेंशन को अपनाया। 2005 से प्रभावी, वर्तमान में दुनिया की 90% से अधिक आबादी वाले 182 दल हैं।

WHO FCTC सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर है। यह एक साक्ष्य-आधारित संधि है जो लोगों के स्वास्थ्य के उच्च स्तर पर अधिकार की पुष्टि करता है, अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है और अनुपालन के लिए उच्च मानक निर्धारित करता है। संधि की स्थापना को मजबूत करना विशेष रूप से 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को 3. ए के रूप में शामिल करता है।

आज पूरी दुनिया एक कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है, जिसमें प्रत्येक मनुष्य इस महामारी से बचने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है यहां तक ​​कि अगर धूम्रपान जैसी महामारी को रोकने के लिए ऐसे नियमों का पालन किया जाता है, तो कुछ ही समय में धूम्रपान को रोका जा सकता है।
डाक्टर रमेश एम डी हैं और स्टेट अवार्डी भी हैं 
उनसे संपर्क किया जा सकता है उनके मोबाईल नंबर +917589944331 के ज़रिये 

Wednesday, April 15, 2020

प्रो. तेलतुंबड़े व गौतम नवलखा को गिरफ्तार करने की निंदा

केंद्र सरकार इन बुद्धिजीवियों को बिना शर्त तुरंत रिहा करे
चंडीगढ़: 15 अप्रैल 2020: (कर्म वकील//पंजाब स्क्रीन)::
प्रगतिशील लेखक संघ मराठी मूल के भारतीय लेखक, प्रतिबद्ध चिंतक व जनपक्षीय बुद्धिजीवी प्रो. आनंद तेलतुंबड़े व गौतम नवलखा की साजिशन गिरफ़्तारी की कड़े शब्दों में निंदा करता है। सामाजिक कार्यकर्ता, अम्बेडकरवादी चिंतक व बाबा साहेब डा. भीम राव अम्बेडकर के पारिवारिक सदस्य प्रो. तेलतुंबड़े को बाबा साहेब की जयंती के अवसर पर ही गिरफ़्तार किया गया है। गोवा इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के मौजूदा प्रोफेसर तेलतुंबड़े भारत पैट्रोलियम, पैट्रोनिट इंडिया व इंस्टिट्यूट ऑफ टैक्नालॉजी, खड़गपुर इत्यादि नामचीन संस्थाओं में शीर्ष पदों पर आसीन रहे हैं। उन्होंने भारतीय जातिवादी प्रथा व अम्बेडकर के चिंतन से संबंधित 'रिपब्लिक ऑफ कास्ट थिंकिंग इकुएल्टी इन द इरा ऑफ न्यू लिब्रलिज़म', 'दलित्स: पास्ट, प्रैजेंट एन्ड फयूचर', 'द प्रोसेस्टिंस ऑफ कास्ट', 'महद: द मेकिंग ऑफ फस्ट दलित रिवोल्ट' व 'खैरलंजी: स्ट्रेंजर एन्ड विंटर क्रॉप' इत्यादि पुस्तकों का सृजन किया है। ‘द रैडिकल इन अम्बेडकर' व हिंदुत्वा एन्ड दलित्स परस्पेक्टिव ऑफ अंडरस्टैंडिंग कम्यूनल प्रैक्सस' उन द्वारा सम्पादित चर्चित पुस्तकें हैं।
प्रो. तेलतुंबड़े की कृतियों में सामाजिक समरसता व न्याय के लिए संघर्षरत दलितों, दमितों, अल्पसंख्यक समुदायों व सामाजिक प्रक्रिया से पूरी तरह हाशियाकृत आदिवासियों व जनजातियों के जज़्बात व रोष को ज़ुबां प्रदान की है। क़लम के साथ-साथ वह जनपक्षीय बुद्धिजीवी व कर्मठ सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर वर्तमान राजनितिक, सामाजिक व सांस्कृतिक संदृश्य में सदैव पेश-पेश रहे हैं। ‘आल इंडिया फोरम टू राईट ऑफ एजुकेशन’ के चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका किसी से अबूझ नहीं है। 
प्रतिबद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिन्होंने नागरिक अधिकार, मानवाधिकार और लोकतान्त्रिक अधिकारों के मुद्दों पर असाधारण काम किया है। अंग्रेज़ी पत्रिका 'इकनॉमिक एन्ड पॉलिटिकल वीकली (ईपीडब्ल्यू )’ के सलाहकार सम्पादक रह चुके गौतम नवलखा 'इंटरनैशनल पीपल्स ट्राइब्यूनल ऑन ह्यूमन राइट्स एन्ड जस्टिस इन काश्मीर' के संयोजक के तौर पर भी अपनी सेवाएं प्रदान कर  चुके हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के इलाके में एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में विलक्षण कार्य करने के साथ-साथ मज़दूरों, दलितों, आदिवासियों और साम्प्रदायिक हिंसा जैसे मुद्दों पर भी बेहतरीन काम किया है।वर्तमान में वह 'पीपल्स यूनियन फॉर डैमोक्रेटिक राइट्स, दिल्ली के महासचिव की ज़िम्मेवारी का बाखूबी निर्वहन कर रहे हैं।
प्रो. तेलतुंबड़े और गौतम नवलखा देश के उन अविरल बुद्धिजीवियों में से हैं जो हमारी धर्मनिरपेक्ष, जनतांत्रिक व तर्कशील ज्ञान परम्परा की रक्षार्थ हर तरह का ज़ोखिम उठा रहे हैं। ज़ुबाँबंदी के इस दहशती परिदृश्य में भी प्रो. तेलतुंबड़े, गौतम नवलखा व उनके साथियों ने मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ बुलंद की है।
प्रलेस के अध्यक्ष पुन्नीलन, कार्यकारी अध्यक्ष अली जावेद , अध्यक्षमंडल के सदस्य राजेंद्र राजन, महासचिव डा. सुखदेव सिंह सिरसा, सचिवमंडल के सदस्य विनीत तिवारी, डा. वी. मोहन दास, डा. सुनीता गुप्ता, शाहीन रिज़वी, प्रेमचंद गाँधी, अमिताव चक्रवर्ती व प्रो. सरबजीत सिंह ने प्रो. तेलतुंबड़े व गौतम नवलखा की गिरफ़्तारी की सख़्त शब्दों में पुरजोर निंदा करते हुए केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि वह इन बुद्धिजीवियों को बिना शर्त तुरंत रिहा करे। आज जब समस्त विश्व व मुल्क़ कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से ख़ौफ़ज़दा एवं त्रस्त है, केंद्र सरकार अपने फासिस्ट मंसूबों को अंज़ाम देने की फ़िराक़ में है। 
प्रलेस ने नागरिकता संशोधन क़ानून 2019 के ऐतिहासिक शांतिमय विरोध-प्रदर्शन के दौरान और जामिया के छात्रों व महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षार्थ संघर्षरत जॉइंट कोआर्डिनेशन कमिटी (जेसीसी) की मीडिया संयोजक सफूरा जरगर व सक्रिय कार्यकर्ता मीरान हैदर को गिरफ़्तार किए जाने की भी कड़ी भर्त्स्ना करते हुए उनकी बिना शर्त रिहाई की मांग की है। यह घोरनिन्दनीय और गैरमानवीय है कि जब इस वैश्विक महामारी के चलते आपराधिक छवि वाले कैदियों को बाहर भेजा जा रहा है वहां सफूरा जरगर जो गर्भ से हैं और जिन्हें इस समय चिकित्सा सुविधा की सख़्त ज़रूरत है उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन करते हुए उन्हें बेवजह जेल में ठूंस दिया गया है। प्रलेस मांग करता है कि सफूरा जरगर और मीरान हैदर को तुरंत रिहा करते हुए उनके संवैधानिक अधिकार बहाल किए जाएं।
प्रलेस के तमाम पदाधिकारियों व समस्त कार्यकारिणी ने आरएसएस की साम्प्रदायिक नीतियों व फासिस्ट वैचारिक एजंडे के अनुरूप चलने वाली वर्तमान केंद्र सरकार को चेताया है कि वह लेखकों, बुद्धिजीवियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के अभिव्यक्ति के अधिकार को छीनने का कुत्सित प्रयास न करे। अभिव्यक्ति की आज़ादी, सामाजिक समरसता, न्याय एवं  बंधुत्व व साम्प्रदायिक सौहार्द के लिए आवाज़ उठाने वाले लेखकों, बुद्धिजीवियों, चिंतकों व सामाजिक कार्यकर्ताओं के पक्ष में ज़रूरत पड़ने पर प्रलेस सड़कों पर उतरने व तीखे संघर्ष के लिए भी तैयार है।
प्रगतिशील लेखक संघ महासचिव डा. सुखदेव सिंह सिरसा और उनके सहोगी साथी इस मुद्दे को लेकर पंजाब हरियाणा और चंडीगढ़ में सकरी हैं। इस अभियान से जुड़ने के इच्छुक उनसे 98156-36565 पर सम्पर्क कर सकते हैं। 

Monday, April 13, 2020

न्यू प्रताप नगर में पानी की गंभीर किल्लत

पानी का टैंकर आया तो लोग समाजिक दूरी का नियम भी भूले 
लुधियाना: 13 अप्रैल 2020: (प्रदीप शर्मा इप्टा//पंजाब स्क्रीन)::  
लुधियाना बाईपास के नजदीक साथी बहादर के रोड पर एक इलाका है न्यू प्रताप नगर। इस इलाके में गत तीन दिनों से पानी की सप्लाई बंद है। लॉक डाउन के दिनों में इस सप्लाई के बंद होने से लोगों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। जब लोगों ने अपना हो हल्ला मीडिया वालों तक पहुंचाया तो इलाके में पानी का एक टैंकर भेजा गया। इस टैंकर पानी भरने को आतुर लोग समाजिक दूरी बनाये रखने का नियम भी भूल गए। इस तस्वीर को खींचा गया इसी इलाके के वार्ड नंबर दो में जहाँ लोग एक दुसरे के बिलकुल पास पास खड़े हैं। यदि इसी तरह के सिलसिले जारी रहे तो लॉक डाउन का मकसद ही नाकाम कर देंगें ये लोग। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के चलते इस तरह की हर बात को ध्यान से लिए जाने की आवश्यकता है।  जल के बिना तो लोगों का घरों में रहना असम्भव ही हो जायेगा। 

Sunday, March 22, 2020

दिल्ली में भी सरकार ने दिया 31 मार्च तक लॉकडाउन का आदेश

दिल्ली के सभी बाजार 31 मार्च तक बंद रहेंगे
नई दिल्ली: 22 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

कोरोना का कहर और आतंक दोनों बढ़ते जा रहे हैं। मज़ाक में लेने वाले आम लोग भी अब गंभीर होते नज़र आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर से दिए गए जनता कर्फ्यू को लोगों ने जितनी गर्मजोशी से समर्थन दिया है उससे एक नया इतिहास भी रचा गया है। इसी बीच पंजाब सरकार ने भी लॉक डाउन का आदेश जारी किया है, उत्तराखंड ने भी और दिल्ली सरकार ने भी।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दिल्ली सरकार द्वारा आज दिल्ली में लॉक डाउन करने की घोषणा का समर्थन किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने दिल्ली के व्यापारियों की ओर से   लॉक डाउन का समर्थन करते हुए कहा की दिल्ली सरकार का यह कदम दिल्ली में कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण को रोकने में बहुत मदद करेगा। उल्लेखनीय है कि कैट ने कल एक ट्वीट के जरिये दिल्ली के उपराज्यपाल श्री अनिल बैजल और दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल से  दिल्ली में तालाबंदी किया था।
दिल्ली में घोषित लॉकडाउन के पालन में कैट ने दिल्ली के सभी ट्रेड एसोसिएशंस को एक एडवाइजरी जारी की है कि प्रत्येक व्यापारी को कल से 31 मार्च, 2020 तक अपनी दुकान बंद रखनी होगी। श्री खंडेलवाल ने कहा कि दिल्ली में तालाबंदी की घोषणा के साथ दिल्ली के सभी वाणिज्यिक बाजार 31 मार्च तक बंद रहेंगे और दिल्ली में अगले 9 दिनों तक कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं होगी। दिल्ली के 15 लाख छोटे और बड़े व्यापारी ही नहीं, बल्कि उनके 30 लाख से अधिक कर्मचारी भी  घर पर ही रहेंगे। कैट ने दिल्ली के व्यापारियों को किसी भी कर्मचारी की मजदूरी में कटौती नहीं करने की सलाह दी है। श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि दिल्ली का कारोबारी समुदाय COVID-19 का मुकाबला करने के लिए सरकार के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है।
मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल की प्रेस कांफ्रेंस
दिल्ली में 31 मार्च तक लॉकडाउन का ऐलान मेट्रो सेवाएं भी बंद-25 फीसदी बसें चलेंगी
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए तमाम राज्य लॉकडाउन की ओर बढ़ रहा है। जनता कर्फ्यू के दौरान दिल्ली मेट्रो सेवा 31 मार्च तक बंद करने का फैसला किया गया। वहीं, अब दिल्ली को लॉकडाउन करने का फैसला किया गया है। कल से दिल्ली लॉकडाउन रहेगा। राजधानी दिल्ली में कोरोना के चलते धारा 144 भी लागू है।
सीएम अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया कि कल यानी 23 मार्च से 31 मार्च तक दिल्ली में लॉकडाउन रहेगा।  पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहेंगे। डीटीसी की भी केवल 25 फीसदी बसें ही चलेंगी।
सीएम ने कहा, दिल्ली की दुकानें, बाजार सब बंद रहेंगे। दिल्ली के बॉर्डर सील रहेंगे, हालांकि दूसरे राज्यों से खाने-पीने के सामान और सब्जी लाने वाले वाहनों को अनुमति होगी। इसके अलावा सभी फ्लाइट्स और धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। वहीं, अस्पताल और बिजली के दफ्तर खुले रहेंगे।
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ज़िंदगी के बदलाव की झलक रही सीटी यूनिवर्सिटी के किसान मेले में 
हम माता चंद कौर के हत्यारों की ग्रिफ्तारी तक संघर्ष जारी रखेंगे 
फिर उठी माता चंद कौर के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग
गुमराहकुन अफवाहें बनाने और फ़ैलाने वालों पर दर्ज होंगें पर्चे
पंजाब:पूरे राज्य में 31 मार्च तक लॉकडाउन लागू करने का फैसला