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Wednesday, September 15, 2021

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में हाई अलर्ट के आदेश

 15th September 2021 at  7:23 PM

तेल टैंकर को आई.ई.डी. टिफिन बम से उड़ाने की कोशिश के मामले में 4 और गिरफ़्तार

गिरफ़्तारी होने से ही मिला खतरे की गंभीरता का संकेत 

पिछले 40 दिनों के दौरान बेनकाब किए गए पाक समर्थित आतंकी गिरोह का चौथा मामला

भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जा रही है सुरक्षा

चंडीगढ़: 15 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पिछले महीने आई.ई.डी. टिफिन बम से तेल टैंकर को उड़ाने की कोशिश में शामिल आईएसआई समर्थित आतंकी गिरोह के चार और सदस्यों की गिरफ़्तारी के बाद राज्य में हाई अलर्ट के आदेश दिए हैं। बताने योग्य है कि पिछले 40 दिनों के दौरान पुलिस द्वारा राज्य में बेनकाब किए गए पाकिस्तानी आतंकी गिरोह का यह चौथा मामला है।

 डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आज यहाँ बताया कि इस मामले (एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11.8.2021, पुलिस थाना अजनाला) में एक पाकिस्तानी खुफिय़ा अधिकारी समेत दो पाकिस्तान आधारित आतंकवादियों की पहचान और नामज़द किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को पहले ही गिरफ़्तार किया गया था।

आतंकवादी समूहों द्वारा राज्य की शांति भंग करने की बढ़ रही कोशिशों का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विशेष तौर पर स्कूल और शैक्षिक संस्थाओं के फिर खुलने के साथ-साथ आगामी त्योहारों के सीज़न और विधान सभा चुनावों को देखते हुए पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को ख़ासकर भीड़ वाले स्थानों जैसे कि बाज़ारों आदि के साथ-साथ राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर ठोस सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा है।

गिरफ़्तारियों संबंधी विवरण देते हुए डीजीपी ने बताया पाकिस्तान आधारित आई.एस.वाई.एफ. के प्रमुख लखबीर सिंह और पाकिस्तान के रहने वाले कासिम, मोगा जि़ले के पुलिस थाना समालसर के अधीन आने वाले गाँव रोडे के निवासी लखबीर सिंह रोडे उर्फ बाबा जो इस समय पाकिस्तान में रहता है, की पहचान की गई है जो इस आतंकवादी गिरोह से सम्बन्धित हैं। कल गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रूबल सिंह निवासी गाँव भाखा तारा सिंह, विक्की भुट्टी निवासी बल्ल्हरवाल, मलकीत सिंह निवासी निवासी उगर औलख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी उगर औलख के तौर पर हुई है। जि़क्रयोग्य है कि 1 सितम्बर, 2021 के एक कत्ल केस में वांछित रूबल को कल शाम 5 बजे के करीब अम्बाला से काबू किया गया था, बाकी तीनों को अजनाला, अमृतसर के अधीन आने वाले गाँवों से गिरफ़्तार किया गया था। उनके पाँचवे साथी गुरमुख बराड़ को इससे पहले कपूरथला पुलिस ने 20 अगस्त, 2021 को गिरफ़्तार किया था।

डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान के खुफिय़ा अधिकारी कासिम और इंटरनैशनल सिख यूथ फैडरेशन (आईएसवाईएफ) के प्रमुख रोडे ने धमाके को अंजाम देने के लिए आतंकवादी गिरोह को तकरीबन 2 लाख रुपए भेजने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले की वित्तीय पहलुओं से भी जाँच की जा रही है। रूबल और विक्की भुट्टी, कासिम के संपर्क में थे, जो रोडे के साथ नज़दीकी तालमेल रख रहा था। रोडे और कासिम ने कथित तौर पर लोगों और संपत्ति को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए आतंकवादी गिरोह के चार सदस्यों को एक ऑयल टैंकर उडाने की जि़म्मेदारी सौंपी थी।

दहशत फैलाने की यह कोशिश 8 अगस्त, 2021 को की गई थी। बताने योग्य है कि रात 11:30 बजे अजनाला पुलिस को सूचना मिली कि गाँव भाखा तारा सिंह के पास अमृतसर -अजनाला रोड़ पर स्थित शर्मा फीलिंग स्टेशन अजनाला में खड़े एक तेल के टैंकर (पीबी -02 सीआर 5926) को आग लग गई है। आग को फायर ब्रिगेड के द्वारा काबू किया गया और अश्वनी कुमार शर्मा, अजनाला के बयानों पर पुलिस थाना अजनाला में एफआईआर नं. 260 दर्ज की गई।

फिलिंग स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की फुटेज से पता लगा कि चार अज्ञात व्यक्ति रात 11 बजे के करीब पेट्रोल पंप के पास आए और अमृतसर की तरफ जाने से पहले कुछ मिनटों के लिए वहां रुके। रात करीब 11:19 बजे संदिग्ध व्यक्ति वापस आए और भागने से पहले उन्होंने शक्की सामग्री को तेल टैंकर के ईंधन वाले टैंक पर रख दी। इसके उपरांत लगभग 11:29 बजे दो संदिग्ध व्यक्ति दोबारा वापिस आए और एक मिनट के अंदर ही एक धमाका हुआ और आग लग गई।

प्राथमिक जांच से पता लगा है कि गुरमुख ने जालंधर-अमृतसर हाईवे पर हम्बोवाल में टिफिऩ आईईडी रखा था, जहाँ से 6 अगस्त, 2021 को विक्की, मलकीत और गुरप्रीत सिंह ने रोडे और कासिम के निर्देशों पर इसको उठाया था। इन तीनों व्यक्तियों ने बम को राजासांसी क्षेत्र में एक नहर के नज़दीक छिपा दिया। इस टिफिऩ बॉक्स के साथ एक पैन-ड्राइव लगी हुई थी, जिसमें एक वीडियो था। इस वीडियो में टिफिन बम आईईडी को चलाने सम्बन्धी जानकारी दी गई थी। टिफिन बम आई.ई.डी. को फिर प्राप्त करने के बाद, विक्की और रूबल को रोडे ने एक बड़ा धमाका करने और अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए तेल के टैंकर पर टिफिन बम रखने का काम सौंपा था।

8 अगस्त, 2021 को इन आतंकवादी कारकुनों ने दिन के समय शर्मा फीलिंग स्टेशन की रेकी की और रात लगभग 11:00 बजे 8 मिनट का टाइमर सैट करके टिफिन बम आई.ई.डी. लगा दिया। यह धमाका रात करीब 11:30 बजे हुआ, जिस कारण तेल टैंकर के टैंक में आग लग गई।

रोडे और कासिम के साथ गिरफ़्तार किये गए सभी पाँच कारकुनों के खि़लाफ़ एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11 अगस्त, 2021 को आई.पी.सी की धारा 436,427, ग़ैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट 1967 की धारा 13, 16, 18, 18 बी, 20 और विस्फोटक पदार्थ (संशोधन) एक्ट 2001 की धारा 3, 4, 5 के अधीन केस दर्ज किया गया।

जि़क्र योग्य है कि अगस्त महीने से पंजाब पुलिस द्वारा काबू किया गया यह चौथा बड़ा पाक की शह प्राप्त आतंकवादी गिरोह है।

अमृतसर (ग्रामीण) पुलिस द्वारा 8 अगस्त, 2021 को गाँव डल्लेके थाना लोपोके से एक आधुनिक टिफिन बम आईईडी बरामद किया था। टिफिन बम आईईडी में लगभग 2-3 किलोग्राम आरडीएक्स था और इसमें 3 अलग-अलग ट्रिगर प्रणालियां थी जिनमें कार्यशीलता के लिए स्विच, चुंबकीय और सप्रिंग शामिल था।

 15 अगस्त के आसपास पुलिस ने दो आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया जिसके उपरांत हथियारों, हैंड ग्रेनेड आदि की बड़ी खेप बरामद हुई।

 कपूरथला पुलिस द्वारा 20 अगस्त, 2021 को गुरमुख सिंह रोडे और गगनदीप सिंह के पास से एक टिफिन बम आईईडी के इलावा 5 हैंड ग्रेनेड, डीटोनेटरों का 1 डिब्बा, 2 ट्यूबें जिनमें आरडीएक्स होने का शक था, एक .30 बोर का पिस्तौल, 4 गलोक पिस्तौल मैगज़ीन और 1 उच्च विस्फोटक तार बरामद करके एक और आतंकवादी गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

हाल ही में 07 सितम्बर, 2021 को फिरोज़पुर पुलिस ने दरवेश सिंह निवासी फिऱोज़पुर को गिरफ़्तार किया जिसने खुलासा किया कि वह लखबीर सिंह रोडे के साथ लगातार संपर्क में था। उसने फिऱोज़पुर जिले में सरहद पार से ड्रोन के द्वारा लाई हथियारों, टिफिन बम आईईडीज़, आरडीएक्स और हेरोइन की खेप प्राप्त की। दरवेश सिंह को थाना ममदोट में एनडीपीऐस एक्ट, विस्फोटक पदार्थ एक्ट और यूए (पी) एक्ट के अंतर्गत दर्ज किये गए आपराधिक मामले में गिरफ़्तार किया गया।

Tuesday, July 06, 2021

KLF की शह पर सक्रियआतंकी गिरोह का पंजाब में पर्दाफाश

Tuesday 6th July 2021 at 8:32 pm

 पटियाला जेल से फरार पूर्व-फौजी सहित 4 काबू 


सुनियोजित हत्या करने के लिए गिरोह तैयार कर रहा जसप्रीत उर्फ नूपी साल 2012 में भारतीय फौज में हुआ था भर्ती-डीजीपी दिनकर गुप्ता

चंडीगढ़/खन्ना: 6 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::

पंजाब पुलिस ने मंगलवार को विदेश में स्थित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (के.एल.एफ.) की शह पर सुनियोजित हत्याएं करने के लिए 4 गुर्गों को गिरफ्तार करके एक अन्य गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें अप्रैल 2021 के दौरान पटियाला जेल तोड़ कर फरार होने वाला भारतीय फौज का एक पूर्व सिपाही भी शामिल है।
डीजीपी पंजाब दिनकर गुप्ता ने कहा कि दोषी जसप्रीत सिंह उर्फ नूपी, जो कि साल 2012 में सिपाही के तौर पर भारतीय फौज में भर्ती हुआ था, को 2017 में एक कत्ल केस में जेल भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि जेल से फरार होने के बाद नूपी विदेश अधारित केएलएफ के हैंडलरों के संपर्क में आया और उसको राज्य में सुनियोजित हत्याएं करने के लिए आतंकवादी गिरोह बनाने के लिए प्रेरित किया।
श्री गुप्ता ने बताया कि गिरफ्तार किये अन्य तीन व्यक्तियों की पहचान रोपड़ के गाँव फतेहपुर बुंगा के निवासी जसविन्दर सिंह, जिला सिरसा के गाँव कलिआवाला के गौरव जैन उर्फ मिंकू और मेरठ यूपी के निवासी प्रशांत सिलेन उर्फ कबीर जो कि मौजूदा समय के दौरान चण्डीगढ़ के धनास में रह रहा है, के तौर पर हुई है।
इस सम्बन्धी और जानकारी देते हुए एस.एस.पी. खन्ना गुरशरन सिंह ग्रेवाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद खन्ना पुलिस ने जी.टी रोड खन्ना में विशेष चैकिंग के दौरान एक ईटीओस कार को रोका और कार में से बाहर निकले तीन व्यक्तियों ने पुलिस पार्टी पर गोलियां चला कर भागने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिस पार्टी ने जसविन्दर और मिंकू को मौके पर काबू कर लिया, जब कि नूपी को बाद में उसके एक अन्य साथी, कबीर सहित गिरफ्तार कर किया गया।
पुलिस ने दोषी व्यक्तियों के कब्जे से दो 0.32 बोर पिस्तौल समेत 4 मैगजीन और हथियार भी बरामद किये हैं। इसके अलावा नकली रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी 01 ए.एस 6845 वाली एक ईटीओस कार, जिसको नूपी ने पिछले महीने जीरकपुर से बंदूक की नोक पर छीन लिया था, को भी बरामद किया।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि जांच के दौरान नूपी ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों की मदद से 3 जुलाई, 2021 को खरड़ के एक पेट्रोल पंप से 50000 रुपए लूटने के अलावा ईटीओस कार भी छीनी थी।
डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने बताया कि नूपी ने खुलासा किया कि वह आतंकवादी भारत विरोधी व्यक्तियों और के.एल.एफ. के आतंकवादी संगठन के साथ सम्बन्ध रखने वाले विदेशी तत्वों के संपर्क में आया था जिन्होंने उसे विदेश से पंजाब में सुनियोजित हत्याएं करने के लिए फंड मुहैया करवाए थे और पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए के लिए यू.पी. से पिस्तौलों का प्रबंध भी किया था। उन्होंने आगे कहा कि नूपी ने अपने हिंसक इरादों को अंजाम देने के लिए पंजाब में उच्च संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी भी की थी।
एस.एस..पी खन्ना ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता लगा है कि माॅड्यूल ने वेस्टर्न यूनियन, पेटीऐम आदि सहित विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों के द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त की और विदेशी हैंडलर्ज़ की तरफ से उत्तराखंड के रुद्रपुर से माॅड्यूल को तीन हथियार मुहैया करवाए गए थे और इस सम्बन्धी अगली जांच जारी है।
इस दौरान थाना सिटी -2 खन्ना में आइपीसी की धारा 379-बी, 411/34, 307, 332 और 336 और आमर्ज़ एक्ट की धारा 25 के अधीन तारीख 04.07.21 को एफआईआर न. 140 दर्ज की गई है।

Wednesday, April 04, 2018

ISIS की बर्बरता ने फैलाया पंजाब में भी शोक

 कादियां के रहने वाले राकेश कुमार के अवशेष भी अवशेष भी दफन
कादियां (गुरदासपुर):: 3 अप्रैल 2018: (मोहम्मद अब्दुल सलाम तारी//पंजाब स्क्रीन)::
इराकी शहर मौसूल ISIS के आतंकवादियों के हाथों मारे गए पंजाबी श्रमिकों के घरों में शोक और गहरा हो गया है। गुरदासपुर के कादियां इलाके में रहने वाले राकेश कुमार के अवशेषों का ताबूत भी गहरी उदासी के माहौल में दफन कर दिया गया। प्रशासन ने इस ताबूत को खोलने की इज़ाज़त नहीं दी थी। गौरतलब है कि इन हत्यायों की पुष्टि करीब चार वर्षों के बाद हुई है। 

आतकवादियों के हाथों से मारे गए 39 भारतीयों के शव भारत पहुँचने के बाद अमृतसर एयरपोर्ट से शव परिवारक  मैंबरों को
सौंप दिए गए है।  इसी बीच गुरदासपुर जिले के कादियां इलाके में रहने वाले राकेश कुमार का शव जब उसके गांव कादियां में पहुँचा तो पूरे गांव में माहौल ग़मगीन हो गया। गांव वालों ने बताया कि यह परिवार काफी ग़रीब है। घर वालो की गरीबी दूर करने के लिए राकेश कुमार ईराक़ में पैसे कमाने गया था लेक़िन वहाँ आतंकवादियों ने इनकी जान ही ले ली। 
आई एस आई एस के हाथों मारे जाने की ख़बर कन्फर्म होने के बाद परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा। 

Wednesday, February 01, 2017

पंजाब में हालात खराब करने के पीछे आप व खालिस्तानी कनेक्शन:वरुण मेहता

CFIB के डॉक्टर भारत ने भी दी थी आतंकी वारदातों की चेतावनी

बठिंडा//लुधियाना: 31 जनवरी 2017:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
आतंकी वारदातों की आशंका के चलते बठिंडा में हुए कार बम धमाके ने चुनावी माहौल में सनसनी सी पैदा कर दी है। श्री हिन्दू तख़्त के प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता ने बठिंडा में बम धमाके की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि जब से चुनाव प्रचार शुरू हुआ है व "आप पार्टी के समर्थन" में व "विदेशो से कटटरपंथी" पहुंचे है तब से राज्य का हालात बिगड़ रहे है। गौरतलब है कि पहले लुधियाना में  श्री हिन्दू तख़्त प्रचारक अमित शर्मा को गोलिया मारी गई व अब बठिंडा में बम धमाका कर दर्जनों बेगुनाहों को जख्मी कर 3 लोगो को मारा गया। श्री मेहता ने केंद्र सरकार व चुनाव आयोग से आम आदमी पार्टी के नेतायों व अलगावादियों के रिश्तों को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के अमन चैन हेतु सख्त कदम उठाने की मांग की व मृतको के प्रति गहरी सवेदना व्यक्त की। गौरतलब है कि सीएफआईबी के डॉक्टर भारत ने भी इस तरह के आतंकी हमलों की आशंका बहुत पहले ही व्यक्त कर दी थी। 
बठिंडा के मौड़-मंडी इलाके में कांग्रेस प्रत्याशी हरमिन्दर सिंह जस्सी के रोड शो के दौरान एक कार में रखे प्रेशर कुकर में हुए बम ब्लास्ट से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों की संख्या चार भी बताई गयी है। मृतकों में जस्सी के दफ्तर इंचार्ज हरपाल सिंह पाली भी शामिल हैं। दो की पहचान नहीं हुई है। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि तीनों के चीथड़े उड़ गए। वारदात के बाद पूरे इलाके में सहम और सनसनी का माहौल है। हमलावरों के हौंसले देखो कि धमाके के बाद भी घटनास्थल पर फायरिंग की और तेज़ी से फरार हो भी गए।
बम धमाके ने बहुत से  लोगों को अपना निशाना बनाया। घायलों में अधिकांश की उम्र 14-15 साल है जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। कमांडो दस्ते का एक सीआरपीएफ जवान भी घायल हुआ है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रत्याशी जस्सी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत गुरमीत सिंह राम रहीम के समधी भी हैं। रोड खत्म होते ही हुए धमाके में श्री जस्सी बाल-बाल बच गए हैं लेकिन उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई है। विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी आवाज करीब एक किलोमीटर तक सुनाई दी। प्रदेश में चुनाव प्रचार के दो दिन बाकी हैं और इस धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने आतंकी घटना से इन्कार नहीं किया है। मौड़ मंडी से कांग्रेस प्रत्याशी जस्सी मंगलवार देर सायं करीब साढ़े आठ बजे मौड़ मंडी के ट्रक यूनियन व किरण अस्पताल के बीच रोड शो संपन्न करके अपने दफ्तर की ओर चले ही थे तभी मारुति 800 (पीबी 05सी 8973) में रखे प्रेशर कुकर में जोरदार धमाका हुआ और अफरातफरी मच गई। धमाके की घटना के बाद चुनावी माहौल में दहशत सी है। अन्य स्थानों पर भी सभी दल चौकस हो गए हैं। 
धमाका पूर्वनियोजित और योजनाबद्ध लगता है। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार विस्फोट के बाद मारुति कार हवा में उछली। तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में पाली के अलावा दो भाई-बहन बताए जाते हैं जो भीख मांगने वहां पहुंचे थे। उनकी पहचान नहीं हो पाई है। ब्लास्ट में कमांडो दस्ते में तैनात आंध्र प्रदेश निवासी सीआरपीएफ के जवान राम बाबू सहित 12 लोग घायल हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही डीसी घनश्याम थ्योरी व एसएसपी स्वपन शर्मा दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। एसडीएम लतीफ अहमद ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि मारुति 800 में रखे प्रेशर कुकर में बम रखकर विस्फोट किया गया है। गौरतलब है कि दो दिन पहले से ही उक्त स्थान पर रोड शो करने की तारीख तय की गई थी। चुनावी प्रचार में चलाये जाते प्रचार अभियान में तकरीबन इतनी योजना तो बनाई ही जाती और इसका पता भी अक्सर सभी को होता है। 
इस ज़ोरदार बम धमाके के बाद पुरानी मारुति कार में प्रेशर कुकर में बम रखकर रिमोट कंट्रोल के माध्यम से ब्लास्ट किया गया। धमाके की योजना का अंदाज़ा आरम्भिक जानकारी से ही हो जाता है। एसएसपी ने बताया कि जांच में कार का नंबर जाली पाया गया है। कार पर लगा नंबर बाइक का है। उन्होंने बताया कि कार का चैसिस नंबर व इंजन नंबर मिटा दिया गया है। सीईओ चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) वीके सिंह से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि जिला चुनाव अधिकारी व एसएसपी को घटनास्थल पर पहुंच कर जांच कर रहे हैं। अभी इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है। इसी बीच चुनावी प्रचार में लगे सभी दल आतंकित हैं। इस धमाके ने प्रचार अभियान की पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या निडरता से जारी रह सकेगा चुनावी प्रचार अभियान। 

आतंकी दौर की चरमसीमा के दौरान सन 1991 के चुनाव में भी सी तरह की वारदातों ने 100 लोगों की जान ली थी। लुधियाना में ट्रेन में दो बार हमला करके 100 से अधिक निर्दोष लोगों को आतंकी संगठनों ने गोलियों से भून दिया था। अब देखना है चुनावी अभियान पर इस धमाके का क्या प्रभाव पड़ता है। क्या इस धमाके से आम आदमी पार्टी की साख पर कोई नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? 

Tuesday, May 03, 2016

डर का पेशेवर इस्तेमाल है आतंक

इस शोषण का प्रतिफल तुम इन्सानों को ही भुगतना पड़ता है

आतंक एक मनोदशा है,जो तुम इन्सानों पर तब से हावी है,जब तुमने सभ्यता का चोगा पहली बार पहना था। तभी से तुम आतंकित होते रहे हो या आतंकित करते रहे हो। आतंक तुम्हारे दिमाग में व्याप्त सहज डर का सुनियोजित दोहन है, डर का पेशेवर इस्तेमाल है। जब तुम सहज जीव थे यानि जब तुम खुद आदिम अवस्था में मानते थे, तब हर जीव की तरह तुम्हारे दिमाग में भी डर का एक सहज भाव मौजूद था। यह सहज डर तुम्हारे जीवन की रक्षा के लिए तुम्हारी शरीर प्रणाली को हर पल सचेत और सतर्क रखता था। इसी डर को कम करने के लिए तुमने राज्य,धर्म,समाज,सभ्यता और अर्थव्यवस्था जैसे दिमागीतन्त्रों को अस्तित्व प्रदान किया था। अब तुम्हारे सहज डर की जगह दिमागीतन्त्रों के काल्पनिक और आभासी डर ने ले ली। जैसे-जैसे दिमागीतन्त्रों का आकार बढता गया, वैसे-वैसे यह काल्पनिक डर फैलता गया और इसने आतंक का स्वरूप ले लिया। तुम पर दिमागीतन्त्रों का असर इतना गहरा हो गया कि तुम बाकी जीव-पदार्थो के साथ-साथ एक-दूसरे को भी आतंकित करके अपने वजूद की हिफाजत तय करने लगे। तुम्हें हर जीव, हर पदार्थ और हर इंसान को आतंकित रखकर अपने देश ,धर्म, समाज और सभ्यता को बचाना था। तुम आतंकी मनोदशा में इतना डूब चुके हो कि तुम अपने परिवार,अपने बच्चों,अपने आसपास के लोगों को भी आतंक के साये में रखना चाहते हो।
वरुण सरकार की पोस्ट 
पेड़-पौधों,सूक्ष्म जीवों,जानवरों,अपने से कमजोर इन्सानों का शोषण करके तुमने अपने जीवन की नहीं,बल्कि दिमागीतन्त्रों के वजूद की रक्षा की है। लेकिन दिमागीतंत्र अमूर्त हैं,इसलिए इस शोषण का प्रतिफल तुम इन्सानों को ही भुगतना पड़ता है। तुम्हारी मशीनों, बन्दूकों, बमों से कोई राष्ट्र, धर्म, समाज या सभ्यता नहीं मरती है,केवल तुम इन्सानों को ही मरना पड़ता है।  तुम भले ही शहादत के नाम पर इन मौतों को अपना महान कृत्य मान लो लेकिन मेरी सहज व्यवस्था में यह तुम्हारी गतिविधियों का स्वाभाविक नतीजा मात्र है। इस नतीजे को तुम तभी टाल सकते हो,जब तुम अपने सहज डर  और दिमागीतन्त्रों के काल्पनिक डर के बीच अंतर  कर लो वर्ना आतंक की यह मनोदशा तुम्हारी पूरी प्रजाति को ही शहादत का दर्जा दिलवा देगी लेकिन तब उस दर्जे को सलाम करने के लिए कोई भी इंसान इस धरती पर मौजूद नहीं होगा। 

- तुम्हारा ईश्वर  

Monday, September 07, 2015

इस्लामिक संगठन दे रहा है बच्चों को खतरनाक दवा

इस दवा के बाद नहीं रहता किसी भाव या संवेदना का अहसास 
लुधियाना: 7 सितम्बर 2015: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):  
आपको हैरानी हो सकती है और होनी भी चाहिए। आपने कलम के सिपाही भी देखे सुने होंगें और सशत्र सैनिक भी। कभी ऐसा देखा कि कलम का सिपाही सीमा की चिंता कर रहा हो। केवल चिंता ही नहीं बल्कि उसकी रक्षा के उपायों पर भी गंभीर हो। आज हम आपको मिलवा रहे हैं एक ऐसे पत्रकार से जिसने अपनी मीडिया फ़ोर्स और ख़ुफ़िया नेटवर्क से एक ऐसी खतरनाक दवाई का पता लगाया है जो आजकल आतंक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इस दवा का ही परिणाम है कि इस्लामिक स्टेट के बच्चे एक इशारा होते ही किसी को भी गोली मार देते हैं और किसी को भी छुरा घोंप देते हैं। इस तरह के जघन्य कुरटयों के समय उनके चेहरे पर न डर होता है न ही झिझक और न ही कोई अन्य भाव। किसी रिमोट कंट्रोल्ड यंत्र की तरह ये नन्हे आतंकी बड़ी बड़ी वारदातें कर रहे हैं। विश्व के सभी प्रमुख आतंकी संगठनों में यह दवा धड़ल्ले से इस्तेमाल की जा रही है। इस दवा को लेते ही न कोई जज़बात रहता है न कोई संवेदना न ही कोई भाव। बस एक ही ध्यान कि इशारा होते ही अपने शिकार को मौत के घाट उतार देना है। बचपन में ही मौत के खिलाडी बने ये बच्चे बड़े हो कर कितने खतरनाक होंगें इसका अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता। आज तेज़ी से तैयार हो रही बाल आतंकियों की ये फ़ौज जब दुनिया में आतंक की आंधी ला देगी तो उससे बचने का कोई रास्ता भी नज़र नहीं आने वाला। दवा खा कर बेरहम होने वाले बच्चे अपने आकाओं के इशारे पर बेगुनाह लोगों पर ज़ुल्मो सितम ढाया करेंगे। क्यूंकि यह कैमिकली जनरेटड आतंक होगा इस लिए इसका तोड़ ढूंढ़ना भी मुश्किल होगा। छुरा, बंदूक, रिवाल्वर और अन्य हथियारों को खिलोने की तरह इस्तेमाल करने वाले ये बच्चे न अपनी जान की परवाह करेंगे न ही दुसरे की। बेरहमी के ये  पहाड़ दुनिया पर टूटने के लिए तेज़ी से तैयार हो रहे हैं। दुनिया इन बच्चों से डरेगी पर कुछ कर नहीं सकेगी। अगर इन बच्चों के हाथों में एटमी हथियार आ गए तो फिर दुनिया की खैर नहीं। तबाही का खतरा हमारे सरों पर मंडरा रहा है। बेरहमी भरी मौत दुनिया के दरवाज़े पर दस्तक दे रही है। 
क्राईम फ्री इंडिया ब्यूरो (CFIB) पंजाब के अध्यक्ष और नेशनल सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस फ़ोर्स के सलाहकार डाक्टर भारत ने इस खतरनाक दवा का पता लगते ही इसकी सूचना उच्च अधिकारीयों को दी। राष्ट्रपति, गृह मंत्रालय, पंजाब पुलिस के महांनिर्देशक को इस संबंध में विस्तृत पत्र भेजे गए। इनका असर भी हुआ। संगठन का दावा है कि पंजाब प्रशासन के उच्च अधिकारी 27 अगस्त को लुधियाना में डाक्टर भारत से मिलने आये थे। दवा का नाम राष्ट्र हित में गोपनीय रखा गया है। अब देखना है क़ि इसकी रोकथाम के लिए क्या उपाय किये जाते हैं। अगर आज भी हम नहीं चेते तो फिर शायद हमें कभी वक़्त न मिले। वक़्त रहते सम्भल जाओ।

Monday, August 03, 2015

बहुत ही खतरनाक था पकड़ा गया रॉकेट और लांचर

 Mon, Aug 3, 2015 at 7:55 AM
आई जी बार्डर रेंज ईश्वर चन्द्र का मीडिया भेंट में खुलासा 
गुरदासपुर::3 अगस्त 2015: (विजय  शर्मा//पंजाब स्क्रीन):
दीना नगर में हुए भयावह हमले के खुलासे लगातार हो रहे हैं। अलग अलग नेताओं के वहां जाने का सिलसिला भी जारी है। इस हमले ने सुरक्षा के मामले में नयी रणनीति बनाने की कवायद भी तेज़ की है। पंजाब में गोली बारूद के ज़माने की याद दिलाने वाला यह हमला लगातार जनमानस पर छाया हुआ है। नए विवरण से पता चला है कि आतंकी हमले के बाद वापिस भागना चाहते थे लेकिन सुरक्षा बलों ने उनके नापाक इरादे नाकाम बना दिए। दीना नगर में हमला करने वाले आतंकवादी 21-22 जुलाई को उज्ज दरिया के रास्ते भारत में घुसे थे और मकौड़ा पत्न,मरारा, नवीं आबादी चंडीगढ़,बाला,भिंडी,भारत ताजी चक्क के रास्त तारा गड़ के रास्ते दीना नगर में दाखिल हुए थे।
पंजाब पुलिस के आई जी बार्ड रेंज ईश्वर चंद्र ने खुलासा करते कहा कि दीना नगर में आतंकवादी हमला करने वाले तीनों आतंकवादीयों के पास से मिले जीपीएस और मैप से पता चलता है कि आतंकवादी 21-22 जुलाई को मस्त गड़ से होते हुए नरोट जैमल सिंह के रास्ते उज्ज दरिया पार कर मकौड़ा पत्न,मरारा, नवीं आबादी चंडीगढ़,बाला,भिंडी,भारत ताजी चक्क के रास्त तारा गड़ के रास्ते दीना नगर में दाखिल हुए थे। और जबकि उन्होंने दीनानगर में 27 जुलाई को हमला किया और वहीँ उन्होंने बताया की आतंकवादीयों का मकसद था की  हमला कर वापिस पाकिसतान चला जाना जबकि पंजाब पुजिल की तरफ हमला वर आतंकवादियों को संबलने का मौका नहीं दिया जिस कारण पाकिसतानी से आए आतंकवादी राकेट लांचन को इस्तेमाल नहीं कर पाए वर्ना भारी तबाही हो सकती थी और वह अपने मनसूबे में कामयाब भी हो सकते थे । वहीँ आतंकवादियों से मिल दस्तानों पर मेड इन पाकिसतान लिखा है। अभी देखना है कि   क्या क्या खुलासे होते हैं।

Friday, July 31, 2015

आतंकवाद के मुद्दे पर अभी भी विभाजित है विपक्ष--राजनाथ सिंह

31-जुलाई-2015 17:39 IST

आतंकवाद और गुरदासपुर हमले पर लोक सभा में गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह का वक्तव्य 

''चीन छीन देश का गुलाब ले गया, ताशकंद में वतन का लाल सो गया। 

ये सुलह की शक्‍ल को संवारते रहे, जीतने के बाद बाजी हारते रहे ।।'' 
गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 27 जुलाई, 2015 को पंजाब के गुरदासपुर जिले में हुए आतंकवादी हमले पर लोकसभा में आज निम्‍नलिखत वक्तव्य दिया: 

नई दिल्ली: 31 जुलाई 2015: (पीआईबी)
"27 जुलाई, 2015 की सुबह लगभग पांच बजकर तीस मिनट पर सेना की यूनिफॉर्म में भारी तादात में हथियारों से लैस तीन आतंकवादियों ने पंजाब के गुरदासपुर जिले के दीनानगर के आउट्सकर्टस पर दीनानगर निवासी श्री कमलजीत सिंह, पुत्र श्री ज्ञानसिंह की मारुति कार नम्बर पीबी 09बी 7743 पर गोलाबारी करते हुए कार को अपने कब्‍जे में ले लिया। इसके बाद इन आतंकवादियों ने दीनानगर बस स्टैंड के आसपास अंधाधुंध गोलियां चलाईं। उन्‍होंने बामियाल से आ रही पंजाब रोडवेज की बस नम्बर पीबी 06जी 9569 को भी अपना निशाना बनाया।
इसके बाद ये आतंकवादी दीनानगर पुलिस स्‍टेशन में घुस गए और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात संतरी पर फायर किया। पुलिस स्‍टेशन पर फायरिंग के दौरान होमगार्ड राजिन्दर कुमार और अशोक कुमार घायल हुए। थानाध्‍यक्ष, सब इंस्पेक्टर मुख्तियार सिंह जो पुलिस स्‍टेशन के अंदर थे, जब बाहर निकले तो आतंकवादियों द्वारा उन पर भी फायरिंग कर, उन्‍हें घायल कर दिया गया। आतंकवादी लगातार गोलीबारी करते हुए पुलिस स्‍टेशन में घुसने की कोशिश कर रहे थे। रात्रि की मुंशी ड्यूटी पर तैनात हवलदार राम लाल ने संतरी का हथियार लेकर बहादुरी से आतंकवादियों का सामना किया। हवलदार रामलाल पुलिस स्‍टेशन के अंदर चले गए और उन्‍होंने दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया, ताकि आतंकवादी पुलिस स्‍टेशन के अंदर प्रवेश न कर पाएं। अंधाधुंध फायरिंग के कारण पुलिस स्‍टेशन के बगल में स्थित किरण अस्पताल में भर्ती तीन मरीज भी गोली लगने से घायल हो गए, जिनमें से दो लोगों की मृत्यु हो गयी।


इस दौरान ये आतंकवादी पुलिस स्‍टेशन के पीछे बनी बिल्डिंग, जो पंजाब होमगार्ड की स्‍थानीय टुकड़ी के कार्यालय के रूप में प्रयोग में लाई जा रही थी, में फायरिंग करते हुए घुस गए। वहां उपस्थित तीन होमगार्डस् फायरिंग की चपेट में आकर वीरगति को प्राप्‍त हो गए। 



तत्‍काल ही पुलिस की रिइंफोर्समेंट दीनानगर पुलिस स्‍टेशन पहुंच गई। इसके उपरांत आतंकवादियों के विरूद्ध ऑपरेशन के संचालन एव निगरानी के लिए डीजीपी पंजाब सहित वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारियों की टीम भी घटनास्‍थल पर पहुंच गई। 



दोनों तरफ से हुई फायरिंग के फलस्‍वरूप होने वाली क्षति को कम से कम स्‍तर पर रखने, आतंकवादियों को भागने से रोकने तथा उन्‍हें जिंदा पकड़ने के उद्देश्‍य से पंजाब पुलिस द्वारा लगातार हर संभव प्रयास जारी रखे गए। अंत में इस सफल ऑपरेशन के दौरान तीनों आतंकवादियों को न्‍यूट्रालाइज कर दिया गया। दुर्भाग्‍यवश इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस अधिकारी श्री बलजीत सिंह, एसपी (डिटेक्टिव), गुरदासपुर आतंकवादियों का सामना करते हुए शहीद हो गए। पंजाब पुलिस ने मृत आतंकवादियों से तीन एके-47, 19 मैगजीन और दो जीपीएस सहित भारी मात्रा में अवैध सामग्री भी बरामद की है, जिसको एनालाइज किया जा रहा है। मैं पंजाब पुलिस द्वारा किये गये इस ऑपरेशन की हृदय से सराहना करता हूं और पूरी पंजाब पुलिस को भी मैं अपनी तरफ से बधाई देना चाहता हूं। 



जीपीएस डाटा के प्रारंभिक अध्‍ययन से संकेत मिले हैं कि आतंकवादियों ने पाकिस्‍तान से गुरदासपुर जिले के तास क्षेत्र, जहां राबी नदी पाकिस्‍तान से प्रवेश करती है, से घुसपैठ की। आशंका व्‍यक्‍त की जा रही है कि इन्‍हीं आतंकवादियों ने जम्‍मू-पठानकोट रेलमार्ग पर दीनानगर और झकोल नदी के बीच तलवंडी गांव के पास पाँच आईईडी प्‍लांट किये, जिन्‍हें मौके पर ही बम डिस्पोजल स्क्वॉड द्वारा डिफ्यूज कर दिया था। इस स्थान से एक नाइट विजन डिवाइस भी बरामद किया गया।



इस दौरान गृह मंत्रालय स्थिति पर लागातर कड़ी नजर रखते हुए पंजाब सरकार से लगातार संपर्क में रहा। इस ऑपरेशन में पंजाब पुलिस की सहायता करने के लिए आर्मी और एनएसजी को विकल्‍प के रूप में तैयार रखा गया था। मैंने स्‍वयं मुख्यमंत्री, पंजाब से बात की एवं केन्‍द्र सरकार द्वारा सभी आवश्‍यक सहयोग के लिए आश्‍वस्‍त किया। बीएसएफ और आर्मी को विशेष रूप से सीमा पर हाई अलर्ट पर रखा गया।



इस आतंकी हमले में 3 नागरिक, 3 होमगार्ड के जवान एवं एक पुलिस अधिकारी सहित कुल 07 लोगों की मृत्‍यु हो गई और इसके अतिरिक्‍त 10 नागरिक और 07 सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। 



मैं सदन को यह भी बताना चाहता हूँ कि विगत एक माह में जम्‍मू और कश्‍मीर सीमा पर घुसपैठ के कुल पांच प्रयास किए गए जिसमें 8 आंतकवादियों को न्‍यूट्रालाइज करते हुए 04 प्रयासों को विफल कर दिया गया। घुसपैठ की शेष एक अन्‍य घटना में आतंकवादियों को सुरक्षा बलों की जवाबी कार्यवाही के कारण वापस लौटना पडा था। भारतीय सुरक्षा बल सीमा क्षेत्र में सतर्क रहती हैं परन्‍तु कठिन भौगोलिक परिस्थितियां एवं मूसलाधार बारिस होने से सीमा क्षेत्र की नदियों एवं नहरों में अत्‍याधिक तेज बहाव के कारण ये आतंकवादी भारतीय सीमा में घुस पाने में सफल हुए होंगे। 



मैं सदन के सभी माननीय सदस्‍यों को यह आश्‍वस्‍त करना चाहता हूँ कि भारत की एकता एवं अखंडता तथा देश के नागरिकों की सेफ्टी एवं सिक्‍युरिटी को अंडरमाइन करने के देश के दुश्‍मनों के किसी भी प्रयास का हमारे सुरक्षा बलों द्वारा त्‍वरित एवं मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। सरकार, आतंकवाद से दृढ़ता और कड़ाई से निबटने के लिए प्रतिबद्ध है और सीमा पार से चलाए जा रही सभी आतंकवादी गतिविधियों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।



मैं सरकार की ओर से सभी मृत नागरिकों एवं वीरगति को प्राप्‍त सुरक्षा-कर्मियों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्‍यक्‍त करता हूँ तथा सभी घायलों के जल्‍द से जल्‍द स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।"



श्री राजनाथ सिंह ने चर्चा के दौरान हस्‍तक्षेप करते हुए निम्‍नलिखित बयान दिया – 



मैं अचंभित हूं कि विपक्ष आतंकवाद पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। ऐसे मुद्दे पर विपक्ष विभाजित रहेगा, मुझे उम्‍मीद नहीं थी। देश में एक तरफ हमारे जवान शहीद हो रहे हैं और दूसरी तरफ विपक्ष पूरी तरह से आतंकवाद के मुद्दे पर विभाजित है।

''चीन छीन देश का गुलाब ले गया, ताशकंद में वतन का लाल सो गया। 
ये सुलह की शक्‍ल को संवारते रहे, जीतने के बाद बाजी हारते रहे ।।'' 

इन चार पंक्तियों से स्‍पष्‍ट हो जाता है कि कांग्रेस की सिक्‍यूरिटी पोलिसी तथा फॉरेन पोलिसी कैसी रही होगी। 



इसी यूपीए के एक गृह मंत्री ने आतंकवाद के लिए हिंदू आतंकवाद की एक नई टर्मिनोलॉजी दी और इस पर लश्‍कर के चीफ सैयद हाफीज सईद ने उन्‍हें बधाई दी थी। आतंकवाद की कोई जाति, धर्म और मजहब नहीं होता। आतंकवादी, आतंकवादी होता है। 



शर्म-अल-शेख और हवाना में भी यूपीए सरकार ने अपनी गलत नीतियों के कारण आतंकवाद के मुद्दे को एक बार फिर से डाइल्‍यूट कर दिया है।
पीके/वाईबी–3845

Monday, December 30, 2013

रूस: भयानक धमाके के बाद वोल्गाग्राद में तीन दिनों का शोक घोषित

स्टेशन के अंदर जा कर धमाका करना चाहती थी आत्मघाती महिला 
                                         © Screenshot: YouTube
मास्को: रेडियो रूस ने रूस  धमाके की पुष्टि की है रविवार को वोल्गाग्राद के रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती महिला द्वारा किए गए धमाके में 14 व्यक्तियों की मृत्यु होने और 34 व्यक्तियों के घायल होने के बाद पूरे शहर में भय और शोक का माहौल है। वोल्गाग्राद प्रदेश के गवर्नर सेर्गेउ बोझेनफ़ ने यह बात कही।
सेर्गेय बोझेनफ़ ने बताया कि गम्भीर रूप से घायल हुए व्यक्तियों को हवाई जहाज़ से मास्को ले जाने की तैयारियां की जा रही हैं ताकि उनका भलीभाँति इलाज किया जा सके।
रेलवे जंक्शन के प्रवेश द्वार के पास लगे मेटल डिटेक्टर के पास जमा सुरक्षाकर्मियों और वहाँ जमा हुई भीड़ में यह आतंकवादी महिला भी शामिल थी। जब उस महिला ने यह देखा कि वह मेटल-डिटेक्टर से गुज़रकर स्टेशन की बिल्डिंग के भीतर नहीं जा पाएगी तो उसने वहीं अपने शरीर पर लगे बम में विस्फोट कर दिया। बिल्डिंग का मेन गेट पूरी तरह से टूट गया है। कुछ समय के लिए रेलगाड़ियों को वोल्गाग्राद के निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों से चलाया जाएगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने गृह-मन्त्रालय और सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठक की है और उन्हें सुरक्षा के कड़े क़दम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच आत्मघाती महिला हमलावर को पहचान लिया गया है। वोल्गाग्राद की आत्मघाती महिला पहचानी गई इस शीर्षक से रेडियो रूस ने अपनी एक खबर में बताया है-बताया है कि रक्षा-बलों के एक स्रोत ने ‘रिया नोवोस्ती’ एजेंसी को बताया है कि जिस महिला ने रविवार को वोल्गाग्राद में आत्मघाती विस्फोट किया है उसे पहचान लिया गया है| वोल्गाग्राद के रेलवे स्टेशन पर विस्फोट दिन के पौने एक बजे हुआ। 
अंतिम समाचार के अनुसार 14 लोग मारे गए हैं और दसियों लोग घायल हुए हैं| “एक अनुमान यह है कि यह आतंकी हमला दागिस्तान की निवासिन ओक्साना अर्सलानोवा ने किया हो सकता है, लेकिन इस खबर की पुष्टि की आवश्यकता है,” स्रोत ने कहा है| इस स्रोत के अनुसार वह लड़ाकों के एक गिरोह के नेता की पत्नी थी जिसकी एक विशेष ऑपरेशन में हत्या हो गई थी| पहले पति की हत्या के बाद उसका विवाह कई दूसरे लड़ाकों से भी हुआ। 
वोल्गाग्राद के इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों में से नौ की शिनाख्त हो चुकी है जिनमें छह पुरुष और तीन महिलाएं हैं।
                                                     Photo:RIA Novosti
इस धमाके की निंदा और मरने वालों के परिवारों से संवेदना का सिलसिला जारी है। रेडियो रूस ने अपनी एक और खबर में बताया कि पूतिन ने प्रकट की गहरी संवेदना रेडियो के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पूतिन ने वोल्गाग्रद में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के स्वजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है, उनके प्रेस सचिव दमित्री पेस्कोव ने बताया है| उनके शब्दों में राष्ट्रपति ने सभी घायलों से सहानुभूति जताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की है|
रूस में अमरीका के राजदूत माइकल मैकफोल, नाटो के महासचिव आंद्रेस फोग रासमुस्सेन, यूक्रेन के विदेश मंत्री लेओनिद कोझारा, यूरोपीय संसद-सभा के अध्यक्ष जान-क्लोद मिन्यों, रूस की मुफ्ती परिषद, रूस के यहूदी समुदायों के संघ के अध्यक्ष अलेक्सांद्र बोरोदा, यूरोपीय आयोग के प्रधान जोसे मनुएल बर्रोजु – इन सबने मृतकों के परिवारों से संवेदना प्रकट की है|
रूस के गृह मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस आतंकी हमले में मारे गए पुलिस कर्मी दमित्री माकोव्किन के परिवार और निकट सम्बन्धियों से संवेदना दर्शाते हुए कहा गया है कि “दमित्री माकोव्किन ने अपना दायित्व निभाते हुए आम नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी| उनके कौशलमय कदमों की बदौलत अधिक गंभीर परिणामों से बचा जा सका, अनेक लोगों की जान उनकी कार्रवाइयों की बदौलत बच गई”| वोल्गोग्राद पुलिस विभाग के सीनियर सार्जेंट दमित्री माकोव्किन ने संदिग्ध आतंकी महिला को तब देखा जब वह स्टेशन के प्रवेश द्वार से थोड़ी दूर थी| उनका ध्यान इस बात की ओर गया कि वह सहमी-सहमी सी इधर-उधर देख रही है| “वह इस संदिग्ध महिला का रास्ता काटते हुए आगे बढ़े ताकि उसके पहचान-पत्र की जाँच कर सकें| वह उससे कुछ ही कदम दूर थे जब विस्फोट हुआ, जिसमें उनके प्राण जाते रहे,” विज्ञप्ति में कहा गया है|

Wednesday, September 25, 2013

पाकिस्तान में ईसाई भाईचारे के लोगों पर हमले की निंदा जारी

जस्सोवाल और के के बावा ने भी की सख्त निंदा 
लुधियाना: 25 सितम्बर 2013 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):  पंजाब और पंजाबी के एम्बेसडर की तरह जाने जाते प्रसिद्ध कला  प्रेमी सियासतदान जगदेव सिंह जस्सोवाल और उनके जाने माने निकट सहयोगी के के बावा ने इस हमले पर गहरी चिंता और दुःख व्यक्त किया है। देश भक्त यादगारी सोसायटी पंजाब के चेयरमैन श्री जस्सोवाल और प्रधान श्री बावा ने यहाँ जारी एक बयान  में कीनिया के एक शापिंग माल में हुए इसी तरह के एक अन्य हमले की भी निंदा की। इन दोनों नेतायों ने कहा की धर्म तो जोड़ता है लेकिन ये लोग धर्म के नाम पर ही तोड़ने का काम कर रहे हैं। आतंकवाद की तह तक जाते हुए इन दोनों ने कहा की वास्तव में आतंकवाद की आग पर अपने स्वार्थ की रोटियां सेंकने वाले लोग इन हमलों से देश की अर्थ व्यवस्था को खोखला करके देश की सम्प्रभुता के लिए खतरा बने हुए हैं। मानवता के दुश्मन इन लोगों को पहचान कर समाज से अलग थलग करने की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक हो गई है। बयान में जहाँ विश्व शांति के लिए प्रार्थना करने पर जोर किया गया वहीँ पत्रकार जसदीप मल्होत्रा की बेवक्त मौत पर गहरे दुःख का भी इज़हार किया गया। 
अन्य संगठनों ने भी की इस हमले की तीखी निंदा     Wed, Sep 25, 2013 at 5:42 PM
लुधियाना, 25 सितम्बर (विशाल गर्ग//पंजाब स्क्रीन): पाकिस्तान के खैबर पखतूनखवां राज के ऐतिहासिक गिरजा घर पर हुए आतंकवादी हमले की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए साईं मीयां मीर फाऊंडेशन इंटरनैशनल के चेयरमैन स. हरदयाल सिंह अमन ने कहा है कि यह एक अमानवीय एवं घिनौनी हरकत है, जिससे पूरी मानवता को दु:ख पहुंचा है।
स. अमन ने कहा कि इस तरह बेकसूर लोगों की हत्या करने वाला न तो इंसान कहलाने का हकदार है और न ही वह किसी धर्म का पैरोकार हो सकता है क्योंकि दुनिया का कोई भी धर्म इस तरह के पाप की इजाजत नहीं देता बल्कि हर धर्म दीन-दुखियों की सेवा व मदद करने की प्रेरणा देता है। अपने निजी एवं घटिया मनसूबों के लिए इंसानिॉयत के नाम पर बदनूमा धब्बा लगाने वाले हत्यारों से सवाल करते हुए स. अमन ने पूछा कि अपने ईष्ट को पूजते लोगों को मारना कहां का धर्म है। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी लोगों से निपटने के लिए सख्त कानून व सजा की जरूरत है क्योंकि सख्त सजा ही समाज में ऐसे पापों व अपराधों को रोक सकती है।

पंजाब स्क्रीन पंजाबी में भी देखें 

Thursday, January 31, 2013

देश सर्वोपरि है//राजीव गुप्ता

Wed, Jan 30, 2013 at 11:44 AM
ऐसी विषम परिस्थिति में हिन्दू-आतंकवाद का नाम क्यों ?
देश सर्वोपरि है. विश्व - पटल पर भारत का परचम लहराने वाले स्वामी विवेकानन्द का 150वाँ जन्मदिन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और रामकृष्ण मिशन के साथ-साथ भारत सरकार भी मना रही है. परन्तु जिस तरह जयपुर के कांग्रेस-चिन्तन शिविर से भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने  "हिन्दू-आतंकवाद" नाम का चुनावी शिगूफा  छेड़ा, सारा देश सकते में आ गया. गृहमंत्री के इस दुर्भाग्यपूर्ण बयान से देश स्तब्ध है.  मात्र सत्ता पाने के लिए विश्व समुदाय के सामने पूरे देश को कलंकित करना कहां तक उचित है ? आतंकवाद को भगवे रंग में रंगकर पहले पी. चिदम्बरम ने भगवा-आतंकवाद का नाम लेकर संघ पर प्रहार  किया, जब इतने से भी इन सत्ता-लोलुप नेताओं का पेट नहीं भरा तो आतंकवाद का वर्गीकरण कर पुन: संघ के साथ -साथ करोड़ो हिन्दुओ पर प्रहार कर दिया.  हमारा आपस मे वैचारिक मतभेद हो सकता है. वैचारिक मतभेद ही लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करता है.  मात्र इन वैचारिक मतभेदों को कारण गृहमंत्री को देश की छवि धूमिल करना कहां तक उचित है ? गृह मंत्री के ऐसे बयान से क्या यह मान लिया  की स्वामी विवेकानंद की 150 जयन्ती मनाना सरकारी  ढोंग से अधिक कुछ नहीं है ? क्योंकि गृहमंत्री के बयान से देश की छवि को गहरा धक्का लगा है.

अब पाकिस्तान के आतंकी गृह मंत्री के बयान से प्रसन्न होकर विश्व समुदाय से भारत को "आतंकवादी देश" घोषित करने की मांग कर रहे है.  अभी तक भारत ने पाकिस्तान को 'आतंकवाद' के विषय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग - थलग किया हुआ था. परन्तु अब पाकिस्तान विश्व समुदाय के समक्ष यह  बात पूरे जोर - शोर से उठायेगा कि  भारत में जितने भी आतंकवादी हमले हुए है, उसे भारत ने खुद करवाएँ  है, इसकी पुष्टि खुद वहाँ के गृहमंत्री ने की है. पाकिस्तान की करतूतो की वजह से सीमा पर बढ़ा तनाव अभी कम भी नहीं हुआ है, ऐसी विषम परिस्थिति में शिंदे ने हिन्दू - आतंकवाद का नाम क्यों लिया ?  कल तक कांग्रेस ने सुशील कुमार शिंदे के इस बयान को उनके मुंह से गलती से निकलने  की बात कह थी रही थी, परन्तु कांग्रेस के नेता, भारत के विदेश मंत्री जैसे सरीखे लोग तथाकथित "तथ्यों के आधार" पर गृहमंत्री का बचाव करने में कोइ कसर नहीं छोड़ रहे है. अगर गृहमंत्री के तथ्य सही है,  तो उन्हें  दोषियो पर  कार्यवाही करने से रोका किसने है ? सुशील कुमार शिंदे को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे कांग्रेस पार्टी के नहीं 'देश' के गृहमंत्री है.

कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्त्ता अपना विवेक खो बैठे हैं, परिणामतः बार - बार एक देशभक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ  के ऊपर अपने शब्दों के माध्यम से कुठाराघात करते रहते है .इनकी आखों पर राजनीति की ऐसी परत चढी है कि समाज को बांटने के लिए संघ को कभी "भगवा आतंकवाद" से संबोधित करते है तो कभी "फासिस्ट-संगठन" की संज्ञा देते हैं .कांग्रेस के नेता हिटलर के प्रचार मंत्री गोयबेल्स के दोनों सिद्धांतो पर चलते है .मसलन एक – किसी भी झूठ को सौ बार बोलने से वह सच हो जाता है. दो – यदि झूठ ही बोलना है, तो सौ गुना बड़ा बोलो .इससे सबको लगेगा कि बात भले ही पूरी सच न हो; पर कुछ है जरूर . इसी सिद्धांतों पर चलते हुए कांग्रेसी हर उस व्यक्ति की आड़ में संघ को बदनाम करने कोशिश करते है, जो देशहित की बात करता है.

इसकी आड़ में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को लपेटने के चक्कर में हैं, जिसकी देशभक्ति तथा सेवा भावना पर विरोधी भी संदेह नहीं करते .भारत में स्वाधीनता के बाद भी अंग्रेजी कानून और उसकी मानसिकता बदस्तूर जारी है . इसीलिए कांग्रेसी नेता आतंकवाद को मजहबों में बांटकर इस्लामी, ईसाई आतंकवाद के सामने ‘भगवा आतंक’ का शिगूफा कांग्रेसी नेता छेड़ कर देश की जनता को भ्रमित करने नाकाम कोशिश करते है .

जो सभ्यता पूरे विश्व के कल्याण का उदघोष करती हो और उस सभ्यता का जोरदार समर्थन करने वाले लोगों को बदनाम करने की साजिश वर्तमान सरकार की नियत को दर्शाता है . भारतीय चिंतन में ‘सर्वे भवन्तु सुखिन:’ की भावना और भोजन से पूर्व जीव-जंतुओं के लिए भी अंश निकालने का प्रावधान है. ‘अतिथि देवो भव’ का सूत्र तो अब शासन ने भी अपना लिया है.

खुद कमाओ खुद खाओ यह प्रकृति है , दूसरा कमाए तुम छीन कर खाओ यह विकृति है और खुद कमाओ दूसरे को खिलाओ यह भारतीय संस्कृति है .परन्तु तथाकथित वैश्वीकरण अर्थात ग्लोब्लाईजेशन के इस दौर में अपने को अधिक आधुनिक कहलाने की होड़ के चक्कर में व्यक्ति जब अपनी  पहचान,  अपने राष्ट्रीय स्वाभिमान, अपने मूल्यों तथा  अपनी संस्कृति से समझौता करने को आतुर हो तो ऐसे विकट समय में अपने देश की ध्वजा-पताका थामे अगर कोई भारत में भारतीयता की बात करता हो तो उसे बदनाम करने के लए तरह - तरह के हथकंडे अपनाये जाते है .क्या स्वतंत्र भारत में भारतीयता की बात करना गुनाह है ?

आज भारत अनेक आतंरिक कलहों से जूझ रहा है .देश में कही नक्सलवाद , आतंकवाद अपने चरम पर है तो असम समेत अनेक राज्यो मे साम्प्रदायिक दंगे हो रहे है. बंग्लादेशी घुसपैठ सबको विदित ही है .कृषि - प्रधान कहलाने वाले देश में  कृषक आत्महत्या को मजबूर हो रहा है . राजनैतिक पार्टियाँ बस अपने स्वार्थ-पूर्ति में ही लगी रहती है कोई पार्टी जाति के नाम पर वोट मांगती है तो कोई किसी विशेष समुदाय को लाभ पहुचाने के लिए उन्हें कोटे के लोटे से अफीम चटाने का काम करती है . राजनेताओं पर राजनीति का ऐसा खुमार चढ़ा है कि वे अपनी सस्ती राजनीति चमकाने के चक्कर में देश की अखंडता के साथ खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आते . जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी दिल्ली में खुले आम देश की अखंडता को चुनौती देकर चले जाते है और किसी के कानो पर जूं तक नहीं रेंगती .  आज भ्रष्टाचार का हर तरफ बोलबाला है, परन्तु बावजूद इसके, सरकार को इस समस्या से ज्यादा चिंता इस बात की है, कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले के पीछे कही संघ तो नहीं है . क्या संघ के लोग इस देश के नागरिक नहीं है ? क्या संघ के लोग भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज नहीं उठा सकते ? संघ अछूत  है क्या ? किसी प्रसिद्ध चिन्तक ने कहा है  कि जो कौमें अपने पूर्वजों को भुला देती है, वो ज्यादा दिन तक नहीं चलती है .
-राजीव गुप्ता                                              देश सर्वोपरि है//राजीव गुप्ता

Thursday, January 10, 2013

पत्रकार सम्‍मेलन में गृह मंत्री का वक्‍तव्‍य

10-जनवरी-2013 19:11 IST
लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने दिसम्बर-2012 के लिए गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड एक पत्रकार सम्मेलन में 10 जनवरी-2013 को नई दिल्ली में प्रस्तुत किया। उनके साथ नजर आ रही हैं पत्र सूचना कार्यालय की प्रिसिपल डायरेक्टर जनरल (एम एंड सी) सुश्री नीलम कपूर (फोटो:पी आई बी)
सेना और सुरक्षा बलों ने दिसम्‍बर, 2012 में संयुक्‍त अभियानों में जम्‍मू एवं कश्‍मीर में सक्रिय 14 आतंकवादियों (8 विदेशी आतंकवादियों सहित) का खात्‍मा किया जिससे आतंकवादियों को काफी नुकसान हुआ। इसमें सुरक्षा बलों के विरुद्ध विभिन्‍न हमलों में शामिल नौ उग्रवादी (2 स्‍थानीय उग्रवादी तथा 7 विदेशी उग्रवादी) शामिल थे जो श्रीनगर सिटी में हमले की योजना बना रहे थे। मारे गए दो उग्रवादी (पम्‍पोरी में सेना के काफिले पर हमले में शामिल एक विदेशी आतंकवादी सहित) होटल सिल्‍वर स्‍टार गोलीबारी में शामिल थे। मारे गए उग्रवादियों में दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय विस्‍फोट मामले में वांछित हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक स्‍थानीय कमांडर भी शामिल था।

2.   दिसम्‍बर 2012 माह के दौरान राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्‍सप्रेस में और मई 2007 में मक्‍का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्‍बर 2008 में मालेगांव में बम विस्‍फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्‍तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्‍तों में से राजेन्‍द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्‍द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्‍का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्‍फोट में शामिल था।

    पूछताछ के दौरान इन अभियुक्‍तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्‍जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने,  (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्‍मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हो गई तथा 15 अन्‍य घायल हो गए,  (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्‍ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्‍त) पर गोली चलाने, (iv) उज्‍जैन (मध्‍य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्‍या करने तथा  (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्‍या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्‍या करने में अपनी भूमिकाएं स्‍वीकार कर लीं।

3.   केन्‍द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्‍द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्‍बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्‍वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्‍त होने वाले राज्‍यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्‍यकताओं का निराकरण करेगी।
4.   दिनांक 4 दिसम्‍बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पार‍स्‍परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्‍ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्‍यक्‍त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्‍यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्‍ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्‍तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।

5.   12 दिसम्‍बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्‍टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्‍बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
6.   दिनांक 14 दिसम्‍बर, 2012 से 16 दिसम्‍बर, 2012 तक पाकिस्‍तान के इंटीरियर मिनिस्‍टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्‍तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्‍मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्‍टर माइंड व्‍यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्‍फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्‍ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्‍तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्‍वापक तथा मादक द्रव्‍यों की तस्‍करी तथा भारत और पाकिस्‍तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्‍यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।

7.   8 सितम्‍बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्‍तान सरकारों के बीच हस्‍ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्‍तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्‍टर द्वारा 14 दिसम्‍बर, 2012 को नई दिल्‍ली में क्रियाशील बनाया गया।

8.   19 दिसम्‍बर, 2012 को संयुक्‍त राष्‍ट्र शरणार्थी उच्‍चायुक्‍त श्री एन्‍टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

आंतरिक सुरक्षा
9.   26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्‍तान में गिरफ्तार अभियुक्‍त के विचारण के संबंध में पाकिस्‍तान के न्‍यायिक आयोग के दूसरे प्रस्‍तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्‍यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्‍बर, 2012 तक पाकिस्‍तान का दौरा किया।
10.  20 दिसम्‍बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्‍य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।

11.   राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्‍यों की स्‍वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्‍बर, 2013 तक विस्‍तार किया गया है।

कश्‍मीर संबंधी मामले
12.  परियोजना मूल्‍यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्‍बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्‍मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्‍मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्‍तावों को अनुमोदित किया गया।

पूर्वोत्‍तर
13.  कार्रवाई स्‍थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्‍स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्‍ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्‍ली में 5 दिसम्‍बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्‍थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्‍थगन का और विस्‍तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।

14.  उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्‍तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्‍नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्‍फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।

केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल
15.  भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्‍वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्‍वीकृत की गई है।

आपदा प्रबंधन
16.  देश के विभिन्‍न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्‍ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्‍ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्‍य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्‍वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।

नक्‍सल प्रबंधन
17.  विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों में कांस्‍टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्‍बर, 2012 को केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्‍यक्षता की।

18.  10 अक्‍तूबर, 2012 को केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्‍ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्‍त किया गया है।

19.  सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्‍योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।

विदेशी विषयक
20.  माह के दौरान पैराग्‍वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्‍लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्‍ध है।

21.  विदेशी छात्रों के कल्‍याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्‍पादन और सामान्‍य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्‍थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्‍नई में शुरू किया गया है।

संघ राज्‍य क्षेत्र
22.  यौन उत्‍पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्‍वरित न्‍याय तथा निवारक दंड की व्‍यवस्‍था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्‍बर, 2012 को न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।

23.  दिल्‍ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्‍कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्‍बर, 2012 को न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।

24.  कल मैंने दिल्‍ली में कानून एवं व्‍यवस्‍था की स्थिति की दिल्‍ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्‍नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्‍ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्‍त लगाना;

ख) प्रत्‍येक पुलिस थाने में महिला हेल्‍प डैस्‍क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्‍कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्‍प डैस्‍क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और

ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्‍येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।

राज्‍य विधायन
25.  भारत के राष्‍ट्रपति ने दिसम्‍बर, 2012 में असम राज्‍य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्‍थान विशेष न्‍यायालय विधेयक, 2012;  उत्तर प्रदेश

राजस्‍व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्‍टाम्‍प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।

हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26.  हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्‍य में बेल्‍लारी जिला अतिरिक्‍त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्‍छेद 371 (ञ)
अंत:स्‍थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।

सीमा प्रबंधन
27.  दिसम्‍बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।

28.  तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्‍बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।

29.  सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्‍बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्‍वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्‍बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्‍बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्‍बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।  (PIB) पत्रकार सम्‍मेलन में गृह मंत्री का वक्‍तव्‍य
वि.कासोटिया / श्‍याम – 139

Friday, February 17, 2012

लगभग सभी बड़ी आतंकवादी घटनाओं के मामलों को सुलझाया गया

पिछले 8 वर्षों में सुलझाए गए बड़े आतंकवादी मामलों पर गृह मंत्रालय का बयान
      गृह मंत्रालय ने पिछले आठ वर्षों में जांच एजेंसियों द्वारा सुलझाए गए बड़े आतंकवादी घटनाओं की संख्या के संदर्भ में निम्नलिखित बयान जारी किया है:-
     "सरकार का ध्यान एक राजनैतिक पार्टी के प्रवक्ता के उस बयान की ओर आकृष्ट किया गया है जिसमें यह बात कही गई थी कि पिछले आठ वर्षों में जांच एजेंसियों ने आतंकी घटना के किसी भी मामले को हल नहीं किया है
     मई 2000 से हमने बड़ी आतंकवादी घटनाओं की सूची तैयार की है। जिस आतंकी घटना में कम से कम कुछ लोग घायल हुए हो उन्हें बड़ी आतंकवादी घटना के रुप में परिभाषित किया जाता है।
     मई 2000 से 46 बड़ी आतंकवादी घटनाएं हुई हैं। इनमें से सात को छोड़कर सभी मामलों को सुलझा लिया गया है। नौ मामलों में सजा दी जा चुकी है। बाकी बचे 30 मामलों में से 29 में आरोप-पत्र दाखिल किए जा चुके हैं  और 19 मामलों में मुकदमा शुरु किया जा चुका है। दो मामलों में रिहाई दी गई और अपील को वरीयता दी गई।"
7 अनसुलझे मामलों में से चार हल होने के करीब है
 
     हाल ही में पकड़े गए एक आईएम मॉड्यूल से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि यह मॉड्यूल निम्नलिखित घटनाओं के लिए जिम्मेदार था:
(i)  13.2.2010- पुणे के जर्मन बेकरी में बम विस्फोट
(ii) 17.4.2010- बैंग्लुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के निकट बम विस्फोट
(iii) 19.9.2010- दिल्ली में जामा मस्जिद के निकट गोली बारी और विस्फोट
(iv) 13.7.2011- मुम्बई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट

     जर्मन बेकरी मामले में एक आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है. एक आरोपी पर मुकदमा चल रहा है और छह आरोपियों को भगौड़ा घोषित किया गया है।
     इसके अलावा इस ओर भी ध्यान दिलाना आवश्यक है कि कुछ मामलों में दोबारा जांच/आगे जांच चल रही है। इस वर्ग में निम्नलिखित मामले हैं:-
(i)  08.09.2006- महाराष्ट्र के मालेगांव में बम विस्फोट
(ii) 18.02.2007- हरियाणा में समझौता एक्सप्रेस में हुआ बम विस्फोट
(iii) 18.05.2007- आंध्र प्रदेश के मक्का मस्जिद में बम विस्फोट
(iv) 11.10.2007- राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह में हुआ बम विस्फोट
(v) 29.09.2008-  महाराष्ट्र के मालेगांव में बम विस्फोट
(vi) 29.09.2008-  गुजरात के मोदास्सा में बम विस्फोट

     राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने नबकुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, देवेन्द्र गुप्ता और कुछ अन्यों को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाल ही में कमल चौहान की गिरफ्तारी की है और उपर्युक्त मामले को सुलझाने के लिए इस सिलसिले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना है ।
     उपर्युक्त तथ्य इस बात को स्पष्ट करते हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां आतंकवाद के प्रत्येक मामले को सुलझाने  और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।" {पत्र सूचना कार्यालय} 
16-फरवरी-2012 18:35 IST