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Friday, January 13, 2023

सीबीआई का एक बड़ा ऑप्रेशन "कनक"

 Friday 13th January 2023 at 09:15 PM

 अब तक लगभग 99 स्थानों पर ली गई तलाशी 

नई दिल्ली: 13 जनवरी 2023: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

सीबीआई ने एक बड़े ऑपरेशन 'कनक' में लगभग 39 स्थानों पर बहुत बड़ा एक्शन लिया है। आगे की तलाशी सहित अब तक 1.03 करोड़ रु.(लगभग) बरामद किया एवं एफसीआई के प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया। अब तक लगभग 99 स्थानों पर तलाशी ली गई है।

सीबीआई ने आगे की तलाशी सहित अब तक 1.03 करोड़ रु.(लगभग) बरामद किया है, इस   दौरान  आगे रूप नगर, संगरूर, मोरिंडा, बस्सी पठाना फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, गुरदासपुर, बरनाला, मनसा, बठिंडा, सुनाम, बुदलाडा, मोहाली (सभी पंजाब में); अंबाला, गुरुग्राम (हरियाणा में); कोलार, चिक्काबलापुर (कर्नाटक में); चेन्नई (तमिलनाडु), नई दिल्ली व चंडीगढ़ स्थित आरोपियों के परिसरों सहित  39 स्थानों पर तलाशी ली।

इसके अलावा, आरोपियों  के परिसरों में तीन दिनों की तलाशी के दौरान तीन करोड़ रु. (लगभग) से अधिक की एफडीआर(FDRs) तथा विभिन्न संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। एफसीआई के कर्मियों, निजी चावल मिल मालिकों एवं  अनाज व्यापारियों द्वारा अपनाए गए चैनलाइज्ड/ प्रणालीकृत भ्रष्टाचार के अवैध सांठगांठ के विरुद्ध  'ऑपरेशन कनक' नाम के एक बड़े ऑपरेशन में कुल मिलाकर 99 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें अनुचित लाभ आदि प्राप्त करने  के लिए एफसीआई के कुछ कर्मियों को अनुचित रिश्वत दी गई थी। 

जांच के दौरान, सीबीआई ने एक प्रबंधक (प्रयोगशाला), एफसीआई, डीओ, चंडीगढ़ को भी गिरफ्तार किया। आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया एवं दिनांक  16.01.2023 तक सीबीआई हिरासत में भेज  गया। इससे पहले,  डीजीएम (गुणवत्ता नियंत्रण/कार्मिक) आरओ, चंडीगढ़ तथा  खरार (पंजाब) स्थित फर्म के एक मालिक को गिरफ्तार किया गया था एवं  वर्तमान में दोनों सीबीआई हिरासत में हैं

एफसीआई के सेवारत (34) एवं सेवानिवृत्त कर्मियों (3), निजी व्यक्तियों (17) और अन्य संस्थाओं आदि सहित 74 आरोपियों के विरुद्ध  मामला दर्ज किया।  ऐसा आरोप है कि पश्चपात प्राप्त करने के लिए  निजी गिरोह संचालको ने एफसीआई कर्मियों को भारी रिश्वत दी। आगे यह आरोप है कि निजी चावल मिल मालिक और अनाज व्यापारी निम्न गुणवत्ता वाले खाद्यान्नों की खरीद को समायोजित करने, खाद्यान्नों को उतारने में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में कदाचार, विभिन्न कदाचारों के विरुद्ध  जांच को प्रभावित( manage) करने  आदि में लाभ प्राप्त करने के लिए एफसीआई कर्मियों  को रिश्वत दे रहे थे। यह भी आरोप है  कि कर्मियों  ने राइस मिल मालिकों के साथ षड्यंत्र में स्टॉक में कमी को कवर किया एवं  कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्न को स्वीकार किया,  जो देश के अन्य हिस्सों में ले जाया गया। बदले में राइस मिल मालिकों ने तकनीकी सहायकों, डीजीएम, एजीएम, और यहां तक कि कार्यकारी निदेशक सहित एफसीआई के कर्मियों  को कथित रूप से चैनलाइज्ड/ प्रणालीकृत भ्रष्टाचार  के रूप में भारी मात्रा में रिश्वत देते हैं।