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Wednesday, October 09, 2024

कासो फॉर सेफ नेबरहुड' से सुरक्षा सुनिश्चित करने की कवायद

Wednesday 9th October 2024 at 7:12 PM//DPRO//Mohali//Police News

 28 पुलिस ज़िलों में एक साथ एक्शन  


चंडीगढ़
//एस ए एस नगर: 9 अक्तूबर 2024: (पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पंजाब ने इस बार जन सुरक्षा को लेकर बढ़ी पुलिस की भूमिका के संबंध में एक अच्छी खबर दी है। पुलिस ने गली मोहल्लों में होते जुर्मों को एक बार फिर बहुत ही गंभीरता से लिया है। इस तरह के जुर्मों को नकेल डालने के लिए विशेष अभियान भी शुरू किया है जो एक अच्छे ऑपरेशन जैसा ही है। इसका नाम है 'कासो फॉर सेफ नेबरहुड'। 

गली-मोहल्लों में होते अपराधों पर नकेल डालने के लिए पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने 'कासो फॉर सेफ नेबरहुड' ऑपरेशन का स्वंय नेतृत्व किया। लगता है इसके परिणाम भी अच्छे निकलेंगे। 

डीजीपी पंजाब ने डीआइजी रोपड़ रेंज और एसएसपी एसएएस नगर के साथ बलौंगी इलाके में स्थानीय निवासियों और दुकानदारों से बातचीत की।  

डीजीपी पंजाब ने कहा कि इस नए अभियान का उद्देश्य अराजक तत्वों में पुलिस का डर पैदा करना, आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना है।  कासो फॉर सेफ नेबरहुड' के ज़रिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की कवायद 

स्पैशल डीजीपी अर्पित शुक्ला ने बताया कि 'कासो फॉर सेफ नेबरहुड' पहल के तहत, विभिन्न स्तरों पर क्राइम डेटा का अध्ययन किया जाता है ताकि क्राइम पैटर्न, हॉटस्पॉट और अपराधी की पहचान की विस्तार से जांच की जा सके 1500 से अधिक पुलिस टीमों ने प्रदेश के चिन्हित क्राइम हॉटस्पॉट पर कार्रवाई की, 140 एफआईआर दर्ज की गईं। 

नशे से निपटने और कानून व्यवस्था में सुधार के लिए, डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने बुधवार को एक सुरक्षित समाज के लिए पंजाब पुलिस द्वारा चलाए गए बड़े पैमाने पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (कासो फॉर सेफ नेबरहुड) का व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य सड़कों पर बढ़ते स्नैचिंग, छेड़छाड़, चोरी आदि जैसे अपराधों पर अंकुश लगाना है। 

डीजीपी गौरव यादव, डीआइजी रोपड़ रेंज नीलांबरी जगदले और एस.एस.पी एसएएस बलौंगी में बारीकी से चैकिंग के दौरान नगर दीपक पारीक के साथ क्षेत्र के निवासियों और दुकानदारों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य असामाजिक तत्वों में भय पैदा करना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना है। बता दें कि यह ऑपरेशन राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक एक साथ चलाया गया और पंजाब पुलिस हैडक्वाटर के विशेष डीजीपी/एडीजीपी/आईजीपी/डीआईजी रैंक के अधिकारियों को प्रत्येक जिले में निगरानी हेतु तैनात किया गया था। 

सीपी/एसएसपी को इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अधिक से अधिक बल जुटाने का निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि 'कासो फॉर सेफ नेबरहुड' पहल में एक बहु-आयामी पहुंच शामिल है जिसके तहत क्राइम पैटर्न, हॉटस्पॉट और ठीक-ठाक आपराधिक प्रोफाइल की पहचान करने के लिए विभिन्न स्तरों पर क्राइम डेटा का विश्लेषण किया जाता है, जो अपराधिक प्रोफाईल बारीकी से समझने के लिए अपराधिक डेटा का अलग-अलग स्तर पर विशलेषण किया जाता है। जो असामाजिक घटनाओं को रोकने में मदद करेगा। 

सीनियर पुलिस अधिकारियों को फीडबैक और समस्याएं एकत्र करने के लिए विलेज डिफैंस रक्षा समितियों, निवासी कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए), शैक्षणिक संस्थानों और मार्किट एसोसिएशन के साथ संपर्क करने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चिन्हित हॉटस्पॉटों पर नाकाबंदी, पैदल गश्त और पीसीआर वाहन गश्त के माध्यम से पुलिस की उपस्थिति बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, स्थानीय सरकार विभाग और आरडब्ल्यूए, मार्किट एसोसिएसन, संगठनों और मकान मालिकों सहित स्थानीय भागीदारों के सहयोग से सीसीटीवी निगरानी भी बढ़ाई जा रही है। 

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीली दवाओं की बिक्री को रोकने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और निगरानी करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रौद्योगिकी और कम्युनिटी आउटरीच का लाभ उठाकर, यह पहल सड़क अपराध पर अंकुश लगाने और जनता के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने का प्रयास करता है। 

बलौंगी दौरे के बाद, डीजीपी ने आर.डब्ल्यू.ए. का दौरा किया। प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक भी की गई ताकि उन तरीकों का पता लगाया जा सके जिनसे पुलिस, उनके समर्थन से, सड़कों को ऐसे विविध अपराधों से छुटकारा दिला सके। इस ऑपरेशन के बारे में विवरण सांझा करते हुए, विशेष डीजीपी कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि 11000 से अधिक पुलिस कर्मियों सहित 1500 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में आपराधिक हॉटस्पॉट पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। 

उन्होंने कहा कि सभी अपराध स्थलों और उनके आसपास 236 मजबूत नाके भी लगाए गए। स्पैशल डीजीपी ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने 140 एफआईआर दर्ज की. पुलिस टीमों ने संदिग्धों से भी पूछताछ की और उनके विवरण की पुष्टी की। यह ध्यान देने योग्य है कि यह सक्रिय और सक्रिय पुलिस रणनीति पंजाब पुलिस की सामुदायिक भागीदारी और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पुलिस का लक्ष्य इलाका निवासियों और भाईवालों के साथ मिलकर काम करते लोगों में विश्वास पैदा करना और सभी में सुरक्षित वातावरण पैदा करना है।

अब देखना है कि बदमाशी, गुंडागर्दी और फुकरागिरि दिखने वालों के दिल और दिमाग में पुलिस का खौफ कब बैठता है। आधी आधी रात को घरों से निकलने और आने वाले रात के समय ही क्यूं सक्रिय होते हैं इसका पता लगाना भी बहुत ज़रूरी है। 

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Thursday, April 06, 2023

पंजाब: 250 पुलिस टीमों ने 866 कॉलोनियों की घेराबन्दी की

Thursday 6th April 2023 at 7:49 PM

 5869 घरों की एक साथ ली गई जहां तलाशी 


*समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई जारी 

*पंजाब पुलिस द्वारा पंजाब भर के शहरों/कस्बों के बाहरी इलाकों में विशेष अभियान 

*अभियान के अंतर्गत सख्त घेराबंदी और गहन तलाशी पर रहा फोकस 

*मुख्यमंत्री भगवंत मान के सपने कपो साकार करने की कोशिश 

*पंजाब पुलिस पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने के लिए वचनबद्ध

*पुलिस टीमों द्वारा किराये की रिहायशों पर दिया गया विशेष ध्यान 

*किरायेदारों की शिनाख़्त सम्बन्धी भी की गई सतर्क पूछताछ

*इन ऑपरेशनों का उद्देश्य असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर पैदा करना 

लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना  हमारा मकसद स्पेशल डीजीपी अर्पित शुक्ला


चंडीगढ़: 6 अप्रैल 2023: (पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 
पंजाब को पुर्ण सुरक्षा के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के सपने अनुसार पंजाब को एक सुरक्षित राज्य बनाने के उद्देश्य के साथ एक और कार्यवाही करते हुये पंजाब पुलिस ने गुरूवार को राज्य भर के शहरों और कस्बों के बाहरवार स्थापित कॉलोनियों में घेराबन्दी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाया। यह कार्यवाही डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देशों पर अमल में लाई गई। इसमें एक साथ किए गए एक्शन ने आम जनता में विश्वास बहाल किया है। 

उल्लेखनीय है कि यह ऑपरेशन राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में प्रातः काल 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक एक ही समय चलाया गया और सीपीज़/ऐसऐसपीज़ को पुलिस फोर्स की भारी तैनाती के बीच इस कार्यवाही को उचित ढंग के साथ योजना बनाकर पूरा करने के लिए कहा गया था। आदेशों के मुताबिक यह सारी करवाई अमल में लाई  गई। 

इस सम्बन्ध में जानकारी सांझा करते हुए विशेष पुलिस डायरैक्टर जनरल (विशेष डीजीपी) कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला ने कहा कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना पैदा करना और क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी को बढ़ाना था जिससे समाज में से असामाजिक तत्वों के ख़ौफ़ को घटाया जा सके।

उन्होंने बताया कि एसपी/डीएसपी रैंक के अधिकारियों का नेतृत्व में 2500 पुलिस मुलाजिमों की 250 से अधिक पुलिस टीमों ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। पुलिस टीमों ने शक्की व्यक्तियों की तलाशी लेने के इलावा किराये की रिहायश पर रह रहे किरायेदारों की जाँच (वैरीफिकेशन) संबंधी भी पूछताछ की।

स्पैशल डीजीपी ने बताया कि पुलिस टीमों ने ऑपरेशन के दौरान 5869 घरों की चैकिंग करने के लिए 866 से अधिक कॉलोनियों को घेरा डाला और 322 शक्की व्यक्तियों को काबू किया और जिनसे और पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने चार ऐफआईआरज़ दर्ज की हैं और 2.25 लाख रुपए की ड्रग मनी, 66.5 ग्राम हेरोइन और 11 मोबाइल फ़ोन भी बरामद किए हैं।

गौरतलब है कि ऐसे ऑपरेशन फील्ड में पुलिस की मौजूदगी को दिखाने और आम लोगों में पुलिस का भरोसा बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।
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Monday, January 23, 2023

ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक जंग

Monday 23rd January 2023 at 4:02 PM

एक हफ्ते में 241 ड्रग तस्कर  गिरफ्तार// 5 किलो हेरोइन भी बरामद 

 4.90 किलो अफीम भी पकड़ी और  7.89 लाख रुपए ड्रग मनी भी 

*मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर  ज़ोरदार एक्शन  शुरू 

*पंजाब पुलिस राज्य से नशों की समस्या का सफाया करने के लिए हुई फिर से वचनबद्ध

*एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में पीओज़/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए भी विशेष अभियान 

*पीओज़/भगोड़ों की गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंची

*चीनी डोर के खिलाफ कार्रवाई हुई तेज़ 

*पंजाब पुलिस ने चीनी डोर के 11,364 बंडल बरामद किए

*डोर के मामले में ही एक महीने में 255 लोगों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़: 23 जनवरी 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

नशे के असर में जहां जुर्म तेज़ी से बढ़ता है वहीं युवा पीढ़ी का कई तरह से पत्तन होना शुरू हो जाता है। नशे के जाल में फंसे युवक जहँ जुर्मी की दुनिया में पहुँच जाते हैं वहीं उनका फायदा राष्ट्रविरोधी तत्व भी उठाने लगते हैं। पुलिस की तरफ से चलाए गए अभियान पर एक नज़र डाली जाए तो बहुत सी भयावह तसीरें सामने आती हैं। इस सारे माहौल को बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोरदार पहल कदमी की है। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर शुरू की गई नशों के विरुद्ध जारी निर्णायक जंग के बीच पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) के तहत 18 वाणिज्यिक समेत 173 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करके पिछले सप्ताह में राज्य भर में सक्रिय 241 नशा तस्करों/आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार को यहां अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने 5 किलोग्राम हेरोइन, 4.90 किलोग्राम अफीम, 5.92 क्विंटल चूरा पोस्त और 1.95 लाख गोलियाँ भी बरामद की हैं। फार्मा ओपिओइड के कैप्सूल/इंजेक्शन/शीशियों के अलावा उनके उन्होंने कहा कि एनडीपीएस मामलों में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए 13 और घोषित अपराधियों (पीओ)/भगोड़ों के साथ गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंच गई है, क्योंकि 5 जुलाई, 2022 से पीओ/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था।

चीनी पतंग की डोर का व्यापार करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मासिक विवरण साझा करते हुए, आईजीपी ने कहा कि पुलिस टीमों ने 234 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के बाद 11,364 चीनी डोर के बंडल बरामद किए हैं, और 255 लोगों को इस घातक पतंगबाज़ी की डोर को बेचने में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशानुसार पंजाब पुलिस चीनी पतंगबाज़ी की डोर बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब गौरव यादव ने सभी सी.पीज़/एसएसपीज़ को सख़्त हिदायतें दी थीं कि वह हरेक मामले, ख़ास तौर पर नशों की बरामदगी से जुड़े मामलों की बारीकी से पड़ताल करें, भले ही उनसे मामूली मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई हो।  

इस बीच, पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस द्वारा सीमावर्ती राज्य से नशों के खतरे से निपटने के लिए व्यापक नशा विरोधी मुहिम शुरू की गई है। डीजीपी ने सभी सीपी/एसएसपी को सख़्ती से आदेश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में सभी हॉटस्पॉट्स की पहचान करें जहां ड्रग्स का प्रचलन है, और सभी शीर्ष ड्रग तस्करों पर नकेल कसें। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों की संपत्ति को प्रभावी ढंग से जब्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी अवैध कमाई की वसूली की जा सके।

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Thursday, December 08, 2022

लुधियाना की किराना दुकान में विस्फोट-दुकानदार की मौत

Thursday 8th December 2022 at 01:57 PM

अंदेशा यह कि शार्ट सर्किट से हुआ यह जानलेवा आग का हादसा 


लुधियाना: 8 दिसंबर 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

ज़िंदगी का कौन सा पल कब आखिरी हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लुधियाना में एक बज़ुर्ग उम्र का  दुकानदार अपनी रोज़ी रोटी चलने के लिए सुबह दुकान पर आया था। उसे क्या पता था कि यह दिन उसकी ज़िंदगी का आखिरी दिन साबित होने वाला है। वह आज होने वाली आमदनी का अनुमान लगते हुए दुकान को सेट कर के ग्राहकों की इंतज़ार ही कर रहा था कि अचानक मौत ही उसे लेने आ गई।   

लुधियाना के एक सघन बाज़ार की किराना दुकान में धमाका होने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई। धमाका ज़ोरदार था। इस विस्फोट के कारण अंदर रखा फ्रिज भी दुकान के बाहर गिर गया। धमाका शार्ट सर्किट से होना बताया जा रहा है। हालंकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा।  पुलिस विभाग की ओर से भी इस के कारण की पुष्टि होनी बाकी है। प्रारंभिक जांच चल रही है। 

आग लगते ही दुकानदार खुद को संभाल नहीं सका और मौत का शिकार हो गया। इस धमाके से दुकानदार के कपड़ों में आग लग गई और कुछ ही देर में दुकान के सामान में भी आग फ़ैल गई। दुकान से बहुत सा धुंआ निकलता देख कर आसपास के लोग भी वहां जमा हो गए। वहां आसपास के लोगों ने भी आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग बहुत ही भयावह थी। स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड को भी तुरंत इसकी सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने थोड़ी ही देर में आग पर काबू पा लिया लेकिन दुकानदार को नहीं बचाया जा सका। 

पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। दुकान में लगी आग तो बुझ गई लेकिन इस आग से दुकानदार की मौत हो गई। आग की यह घटना कैलाश नगर रोड बस्ती जोधेवाल वड़ाइच बाजार की है। मृतक की पहचान महेंद्र पाल (62) के रूप में हुई है। महेंद्रपाल की किराना दुकान को गुरु नानक किराना स्टोर कहा जाता था। 

आग लगने के तुरंत बाद महेंद्रपाल के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना का जायज़ा लिया। महेंद्रपाल के शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल में रखा जा रहा है। इस मौके पर एडीसीपी रूपिंदर कौर सरन भी फोर्स के साथ घटना स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। आग से दुकानदार की मौत हो गई है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।

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Tuesday, November 29, 2022

नए हथियार लाइसेंस जारी करने पर कोई पाबंदी नहीं

 29th November 2022 at 7:33 PM

आई.जी.पी. सुखचैन गिल ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया पहलू 

*आत्म-रक्षा लिए लाइसैंसशुदा हथियार अपने पास रखने पर कोई रोक नहीं 

*नफऱत फैलाने वालों के खिलाफ सख़्त कार्यवाही की चेतावनी

चंडीगढ़: 29 नवंबर 2022: (मीडिया लिंक रविंद्र//पंजाब स्क्रीन)::

पंजाब सरकार की नीतियों को लेकर आम जनता में भी कुछ गलफहमियां पैदा हो गईं थी और विपक्ष से जुड़े सियासतदान भी इस स्थिति को अपनी सियासत के लिए इस्तेमाल करने लगे थे। सरकार की आलोचना भी ज़ोर पकड़ रही थी। ऐसे में आई जी पी का प्रेस ब्यान पूरी तरह से धुंध को दूर कर देता है। इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (आई.जी.पी.) हैडक्वाटर सुखचैन सिंह गिल ने आज स्पष्ट किया है कि राज्य में नए हथियार लाइसेंस जारी करने और आत्म-रक्षा लिए इनको अपने पास रखने पर कोई पाबंदी नहीं है।  

लाइसेंसों की ज़रूरत और सुविधा लम्बे समय से रही है और अभी और लम्बे समय तक बनी भी रहेगी। जब तक समाज स्वतः अहिंसक नहीं हो जाता तब तक हथियारों की ज़रूरत भी बनी रहेगी। शस्त्र कौन रखे और कौन नहीं इस पर सरकार की निगरानी आवश्यक है। सरकार अपना यह फ़र्ज़ निभा भी रही है। इसके बावजूद न तो अवैध हथियारों की बिक्री रुकी है और न ही इनका इस्तेमाल। इसके साथ ही शुरू हुआ गन कल्चर। बहुत से गीत और बहुत सी फ़िल्में आईं जिन्होंने इसे बढ़ावा दिया। सोशल मीडिया पर 

जब तक अन्याय और अत्याचार को रोकने में समाज और सत्ता नाकाम रहेंगे तब तक लोग इस तरफ आकर्षित होते रहेंगे। बब्बू सिंह के गए गीत-चक लो रिवाल्वर रफलां बदला लेना ए जैसे गीत भी बनते रहेंगे।वास्तव में हथियार उठाने से न कोई योद्धा बन जाता है और न ही देश का सिपाही लेकिन  आम जनता पर दबदबा बनाने और शॉर्टकट से बहुत सा पैसा कमा कर लग्ज़री भरी ज़िंदगी जीने की कामना बहुत से युवकों के हाथों में अवैध हथियार पकड़ा देती है। आई जी पी सुखचैन सिंह गिला के ऐलान उसकी रोकथाम में ही सहायक साबित होगा। 

हथियारों के प्रदर्शन के खि़लाफ़ शुरु की गई मुहिम संबंधी भ्रामक अफवाहों को दूर करते हुए उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति अपना लाइसैंसशुदा हथियार अपने पास रख सकता है, परन्तु केवल दिखावे या किसी को डराने- धमकाने के लिए इसका प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह नए हथियार लाइसेंस अच्छी तरह सत्यापित करने के उपरांत किसी व्यक्ति को खतरे सम्बन्धी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मेरिट के आधार पर जारी किए जा रहे हैं।  

गौरतलब है कि हथियारों के प्रदर्शन और इसको प्रोत्साहित करने सम्बन्धी रुझान पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर यह मुहिम चलाई गई है। इस मुहिम के अंतर्गत लाइसैंसधारकों के पते को सत्यापित करने के साथ-साथ लाइसैंसशुदा हथियारों की पड़ताल भी की जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि लोगों को हथियारों के प्रदर्शन करने से रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों से हथियारों के साथ अपनी तस्वीरें हटाने के लिए 72 घंटों का समय दिया गया था।  

आई.जी.पी. ने कहा कि इसके साथ ही नफऱती अपराधों सम्बन्धी मामलों में सख़्त कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने सभी सी.पीज/एस.एस.पीज. को नफऱत फैलाने वालों, जो सामाजिक और आपसी-भाईचारे के ताने-बाने को तोडऩे की कोशिशें करते हैं, के खि़लाफ़ ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के लिए भी कहा।


Sunday, August 28, 2022

मुख्यमंत्री भगवंत मान की नशों के विरुद्ध जंग में बड़ी सफलता

28th August 2022 at 7:37 PM  

गुजरात से पंजाब लाई जा रही  38  किलो हेरोइन बरामद

पंजाब पुलिस ने दो व्यक्ति गिरफ़्तार भी किए 

*ट्रक के टूल बॉक्स में छिपाकर रखे गए थे हेरोइन के पैकेट: डीजीपी पंजाब गौरव यादव

*डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब को नशा मुक्त और अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिबद्धता को दोहराया

*असामाजिक तत्व राज्य छोड़ दें या अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें, डीजीपी ने दी चेतावनी

*बाकी दो नशा तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी जारी: आईजीपी लुधियाना रेंज एसपीएस परमार


चंडीगढ़
//एसबीएस नगर, 28 अगस्त2022:: (पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

दशकों से नशा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बहुत सी कोशिशें हुईं, बहुत सी गिरफ्तारियां भी हुईं, बहुत से छापे भी पड़े, बहुत सी भिंड़ंतें भी हुईं लेकिन नशे के कारोबार ने रुकने का नाम नहीं लिया। नशे के कारोबारियों ने न केवल अपनी मौजूदगी का अहसास बढ़ाया बल्कि नशे के रूप रंग भी बदलते रहे। कभी केवल शराब हुआ करती थी, फिर अवैध शराब भी आ  गई, फिर काली अर्थात अफीम का प्रचलन बढ़ा, इसके साथ ही कार्ड वाला नशा अर्थात भुक्की पाउडर का चलन शिखरों पर रहा फिर चिट्टा और बहुत से दुसरे नशे मार्किट में आते गए। लोगों के एकलौते नौजवान बेटे डैम तोड़ते रहे। लड़कियां और महिलाएं भी इस कारोबार ने अपनी चपेट में ले लीं लेकिन नशे के सौदागरों को कभी तरस न आया। सरफ़रोश जैसी फिल्मने भी बनी। बहुत से बड़े चेहरों के नाम भी आए लेकिन नशे का कारोबार बढ़ता चला गया। बहुत से इलाकों की बहुत सी गलियों में इसकी बिक्री अपने गुप्त अंदाज़ में बढ़ती रही। अब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बहुत बड़ी सफलता का दावा किया है। 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर नशों के विरुद्ध जारी जंग के दौरान पंजाब पुलिस को आज तब एक और बड़ी सफलता मिली जब एस.बी.एस. नगर पुलिस ने गुजरात से आ रहे एक ट्रक के टूल बॉक्स में छिपाकर रखी हुई  38  किलो हेरोइन बरामद की। यह जानकारी  डायरैकटर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब गौरव यादव ने दी।  

डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने बलाचौर, एस.बी.एस. नगर के रहने वाले ट्रक चालक कुलविन्दर राम उर्फ किन्दा और उसके साथी बिट्टू को गिरफ़्तार किया है। इसके अलावा दो नशा तस्करों राजेश कुमार उर्फ सोनू खत्री निवासी राकरां ढाहाँ और सोम नाथ उर्फ बिक्को निवासी कारावर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी04वी6366 वाले ट्रक को भी ज़ब्त कर लिया है।  

आई.जी.पी लुधियाना रेंज सुरिन्दर पाल सिंह परमार, जिनके साथ एस.बी.एस. नगर के एस.एस.पी. भागीरथ मीना भी मौजूद थे, ने एस.बी.एस. नगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राजेश कुमार नाम का नशा तस्कर अपने साथियों सोम नाथ बिक्को, कुलविन्दर किन्दा और बिट्टू के साथ मिलकर ट्रक के द्वारा अन्य राज्यों से नशा मँगवाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में बड़ी मात्रा में हेरोइन सप्लाई करने के धंधे में शामिल है।  

इस सम्बन्धी सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा तुरंत थाना सिटी नवांशहर में एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराएं  21/25/28-61-85 के तहत एफ.आई.आर. नं : 138  तारीख 27-08-2022 दर्ज करके एस.बी.एस. नगर में महालों बाईपास में श्री रणजीत सिंह पी.पी.एस और एस.आई सुरिन्दर सिंह की निगरानी अधीन विशेष नाकाबंदी की गई।  

नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस पार्टी ने ट्रक को रुकने का इशारा किया तो ट्रक चालक कुलविन्दर किन्दा ने भागने की कोशिश की, परन्तु पुलिस पार्टी ने उसे और बिट्टू को काबू करके उनसे तरपाल में लपेटकर एक टूल बॉक्स में छिपाकर रखे हुए 38 किलो हेरोइन के पैकेट बरामद किए।  

एसएसपी भागीरथ मीना ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के दौरान मुलजिम ट्रक चालक कुलविन्दर किन्दा ने बताया कि उसे टैलिग्राम ऐप के द्वारा राजेश कुमार का फ़ोन आया था, जिसने उसे गुजरात के भुज में बतायी गई जगह से हेरोइन लेकर पंजाब लाने के लिए कहा था। दोषी ने आगे बताया कि जब वह उक्त स्थान  पर पहुँचा तो कोई अंजान व्यक्ति आया जो उसके ट्रक में नशीला पदार्थ रखकर चला गया।  

उन्होंने बताया कि कुलविन्दर किन्दा ने यह भी खुलासा किया कि पहले राजेश कुमार के कहने पर वह जनवरी महीने में श्रीनगर उडी से 10 किलो और फिर 20 किलो हेरोइन की दो खेपें और इस साल दिल्ली से 1 किलो हेरोइन लेकर आया था।  

एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा मुलजिम राजेश कुमार और सोम नाथ की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उनको गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।  

डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब को नशा मुक्त और अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पंजाब पुलिस ने नशों और अपराधों के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी असामाजिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके साथ सख़्ती से निपटा जाएगा।  

बताने योग्य है कि मुलजिम राजेश कुमार उर्फ सोनू खत्री एक पेशेवर अपराधी है और कत्ल, चोट पहुँचाने, अवैध गतिविधियों, जालसाज़ी, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट समेत घृणित अपराधों के 19 से अधिक मामलों का सामना कर रहा है। जबकि कुलविन्दर किन्दा को 3.45 क्विंटल भुक्की की बरामदगी सम्बन्धी नूरमहल पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए एन.डी.पी.एस. केस में दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।  

Monday, September 13, 2021

पाकिस्तान से पाईप के ज़रिये 40 किलो हेरोइन की तस्करी

 13th September 2021 at 8:40 PM

अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश

इस तस्करीमें शामिल बड़ी मछली को किया काबू
चंडीगड़//अमृतसर: 13 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बड़ी सफलता हासिल करते हुये पंजाब पुलिस ने आज नशा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नैटवर्क का पर्दाफाश करके एक बड़ी मछली जिसकी पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी गाँव चविंडा कलां, अमृतसर के तौर पर हुई है, को हेरोइन की 40 किलो खेप की तस्करी में शामिल होने के दोष के तहत गिरफ्तार किया है। बताने योग्य है कि हेरोइन की यह खेप भारत-पाक सरहद से बरामद की गई थी।
डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी), पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने हैप्पी, जिसको अमृतसर कमिशनरेट पुलिस द्वारा अमृतसर के गाँव छेहरटा से गिरफ्तार किया गया है, से 1 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है। इसके इलावा पुलिस द्वारा उसके सपलैंडर मोटरसाईकल को भी ज़ब्त कर लिया गया है।
ज़िक्रयोग्य है कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 21 अगस्त, 2021 को अमृतसर की पंजगराईयां बार्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) के क्षेत्र में 40.81 किलो हेरोइन के 39 पैकेट बरामद करके नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया था।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि अब तक की गई जांच हैप्पी के अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों और गैंग्स्टरों के साथ गठजोड़ की तरफ इशारा करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान आधारित तस्करों और मलेशिया से काम कर रहे तस्कर जग्गा के साथ हैप्पी के संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है।’’
पुलिस कमिशनर (सिप) अमृतसर विक्रम जीत दुग्गल ने कहा कि पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नैटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे जांच की जा रही है।
इस सम्बन्ध में अमृतसर के थाना छेहरटा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।  

Saturday, February 27, 2021

पंजाब पुलिस द्वारा एक नई ज़ोरदार पहल

 सभी जिलों में स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र किये जाएंगे स्थापित 

चंडीगढ़: 26 फरवरी 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

पुलिस कर्मियों का स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती सबसे पहली प्राथमिकता रही है जिसके चलते पंजाब पुलिस की तरफ से राज्य के सभी जिलों समेत तीन पुलिस कमिशनरेटज़ (सी.पीज़) में पुलिस के लिए स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र (एच.डबल्यू.सी.) स्थापित करने का फैसला किया गया है। यह केंद्र सभी हथियारबंद पुलिस और पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में भी स्थापित किये जाने का प्रस्ताव है।

इन एच.डबल्यू.सी. में इन्डोर जिम, आउटडोर जिम, ध्यान और योगा के लिए जगह, फिजीओथैरेपी सैंटर और काउंसलिंग के लिए रूम होंगे जिससे पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य सम्बन्धी काउंसलिंग और उपयुक्त परामर्श प्रदान किया जा सके। 

डायरैक्टर जनरल आफ पुलिस (डी.जी.पी.) दिनकर गुप्ता ने जानकारी देते हुये कहा कि पुलिस कर्मियों की तरफ से तनावपूर्ण स्थितियों में काम करने से उनको थकावट, तनाव की समस्याएँ हो जातीं हैं जो बाद में स्वास्थ्य सम्बन्धी गंभीर मुद्दों का कारण बन सकती हैं।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केंद्र जहाँ पुलिस कर्मियों को अपनी शारीरिक और मानसिक तंदुरुस्ती की तरफ ध्यान देने के प्रति उत्साहित करेंगे वहीं सेहतमंद जीवन के लिए उनको स्वास्थ्य सम्बन्धी उपयुक्त परामर्श प्रदान भी करेंगे।

पहले पड़ाव में एच.सी.डबल्यूज़ की स्थापना के लिए बजट में से 2.97 करोड़ रुपए की राशि पहले ही सी.पी. लुधियाना और सी.पी. अमृतसर समेत 15 जिलों को जारी कर दी गई है। डी.जी.पी. ने बताया कि अधिकतर केंद्र सी.पी. अमृतसर, जिला तरन तारन, मानसा और पठानकोट में बन कर तैयार हो गए हैं और मार्च के अर्ध तक कार्यशील होने की उम्मीद है जबकि बाकी केन्द्रों का निर्माण कार्य चल रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐसे सैंटर स्थापित करने के लिए दूसरे पड़ाव में बाकी जिले, आम्र्ड पुलिस और पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों में फंडों का वितरित किया जायेगा।

डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आगे बताया कि स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती के प्रोग्रामों के आयोजन के लिए अगले वित्तीय साल से हर जिले के लिए 2 लाख रुपए सालाना राशि भी रखी गई है।

डीजीपी ने कहा कि स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती केन्द्रों में पाँच से सात दिनों के हैल्थ एंड वैलनैस प्रोग्राम मनोरोग माहिरों समेत स्वास्थ्य पेशेवरों के द्वारा करवाए जाएंगे जो बेहतर स्वास्थ्य के लिए पुलिस कर्मियों को जीवन-शैली में बदलाव लाने के लिए शारीरिक व्यायाम, पौष्टिक खुराक और काउंसलिंग की सिफारिश करेंगे। उन्होंने कहा कि फिजीओथैरेपी सैंटर पुलिस को आयु से सम्बन्धी मामूली दर्द और घुटनों, जोड़ों, कमर आदि में दर्द से राहत सम्बन्धित सहूलतें प्रदान करेंगे।

एडीजीपी वैलफेयर वी. नीरजा ने कहा कि सभी पुलिस कमीशनरों (सी.पीज़) और सीनियर कप्तान पुलिस को स्वास्थ्य एवं वैलनैस प्रोग्राम की जरूरत वाले पुलिस कर्मियों की पहचान करने के लिए एस.पी. मुख्यालय और मैडीकल अधिकारियों के साथ कमेटी का गठन करने की हिदायत कर दी गई है। यह कमेटी मासिक स्वास्थ्य एवं तंदुरुस्ती प्रोग्राम तैयार करेगी और इनका आयोजन करवाएगी। इसके इलावा यह कमेटी यह भी यकीनी बनाऐगी कि जिले में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को साल में कम से कम एक बार प्रोग्राम में शामिल होने का मौका मिल सके।

इस दौरान डीजीपी ने उम्मीद जाहिर की है कि एच.डबल्यू.सीज़ पुलिस कर्मियों के लिए सेहतमंद जीवन शैली अपनाने और उनको विभिन्न बीमारियों से बचा कर रखने के लिए सहायक साबित होंगे।

Friday, August 28, 2020

साईबर अपराधी अमित शर्मा उर्फ नितिन गिरफ़्तार

 बहु-करोड़पति साईबर बैंक फ्रॉड का किया पर्दाफाश 
चंडीगढ़: 27 अगस्त 2020(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
पंजाब पुलिस स्टेट साईबर क्राइम सैल ने राज्य में आधुनिक सूचना तकनीक के द्वारा बहु-करोड़पति साईबर बैंक घोटाले का पर्दाफाश करके बड़ी सफलता हासिल की है और गिरोह के मुख्य सरगना अमित शर्मा उर्फ नितिन को काबू कर लिया है, जो पिछले करीब 7 महीनों से फऱार चल रहा था। इस सम्बन्ध में उस दोषी के खि़लाफ़ थाना स्टेट साईबर क्राइम, एसएएस नगर में आईपीसी की धारा 420, 465, 468, 471, 120 बी, आईटी कानून की धारा 66, 66-सी, 66-डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए ब्यूरो ऑफ इनवैस्टीगेशन के डायरैक्टर-कम-एडीजीपी श्री अर्पित शुक्ला ने बताया कि साईबर क्राइम सैल ने इस केस की जांच एचडीएफसी बैंक के लोकेशन मैनेजर विजय कुमार की शिकायत पर की है, जिसने दोष लगाया है कि एचडीएफसी बैंक खाते से लगभग 2 करोड़ रुपए की तकनीकी ढंग से धोखाधड़ी की गई है। पुलिस को पड़ताल के दौरान यह पता लगा कि साईबर धोखाधड़ी करने वाले ने नैट बैंकिंग के द्वारा खाते से पैसे निकाल कर 5 अलग-अलग बैंक खातों में भेज दिए। उन्होंने कहा कि यह बैंक खाते नकली पहचान पत्रों के द्वारा खोले गए थे और इसके बाद खातों से एटीएम और स्वै-चैक के द्वारा नकदी निकलवाई गई।
इस साईबर अपराध की कार्यप्रणाली संबंधी बताते हुए बीओआई के प्रमुख ने कहा कि धोखाधड़ी करने वालों ने बहुत चालाकी के साथ पीडि़त के बैंक खाते के साथ रजिस्टर किए गए ईमेल आईडी और मोबाइल नंबरों को उसी जैसे मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी में तबदील कर दिया, जिस कारण मुलजि़म अपने इन मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी के द्वारा उसके खातों का वर्चुअल कंट्रोलर बन गया।
इस केस में अमित शर्मा उर्फ नितिन ने अपने आप को अकाश अरुण भाटिया (केस का पीडि़त) के तौर पर अपनी पहचान बनाई और उसके (भाटिया) बैंक खातों की इन्टरनेट बैंकिंग पहुँच हासिल कर ली। इसके बाद मुलजि़म ने नकली दस्तावेज़ जमा करवा कर विक्रम सिंह के नाम पर खोले और पाँच अलग-अलग खातों में पैसे तबदील कर लिए।
उन्होंने आगे बताया कि जांच के दौरान सभी सरकारी पहचान प्रमाण, जिनमें चिप आधारित ड्राइविंग लायसेंस, पैन कार्ड, होलोग्राम वाला वोटर आईडी कार्ड आदि और बैंक खाता खोलने और मोबाइल नंबर प्राप्त करने के लिए मुहैया करवाए गए निजी पहचान दस्तावेज़ (केवाईसी) भी नकली पाए गए। इन धोखेबाज़ों ने एटीएम कार्डों और चैकों के द्वारा सारे पैसे निकलवा लिए, जिससे पुलिस को कोई सुराग न मिल सका। इसके अलावा, मोबाइल नंबर सिफऱ् अपराध करने के समय ही इस्तेमाल किए जाते थे और उसके बाद नॉट-रीचेबल हो जाते थे।
इसका और विवरण देते हुए श्री अर्पित शुक्ला ने कहा कि जांच के दौरान मोबाइल फ़ोन की लोकेशन से पता लगा कि लुटेरे लुधियाना से गिरोह चला रहे थे। पड़ताल के दौरान पुलिस जांच टीम को पुलिस के स्रोतों से गुप्त जानकारी मिली और इस खुलासे के साथ मुलजि़म की पहचान हो गई। इस ऑप्रेशन के दौरान उस क्षेत्र की परीक्षक टीम द्वारा ख़ुद जांच और घर-घर तस्दीक की गई जहाँ यह फ़ोन एक्टिव थे।
उन्होंने बताया कि शारीरिक बनावट और सामने आ रहे विवरणों के आधार पर इस मामले में 3 मुलजि़म नामज़द किए गए और इनमें से दो मुलजि़म राजीव कुमार पुत्र देव राज और दीपक कुमार गुप्ता पुत्र दर्शन लाल गुप्ता निवासी शिमलापुरी को शिमलापुरी, लुधियाना से 28-01-2020 को गिरफ़्तार कर लिया था, परन्तु यह मुख्य मुलजि़म उस समय पर फऱार होने में सफल हो गया।
उन्होंने कहा कि इस साईबर अपराधी अमित शर्मा उर्फ नितिन पुत्र राम लाल निवासी दयोल एन्क्लेव, लुधियाना को पकडऩे के लिए एसएचओ साईबर क्राइम भगवंत सिंह की एक विशेष टीम बनाई गई। इस फऱार दोषी के विरुद्ध पंजाब और हरियाणा राज्य के अलग-अलग थानों में 6 एफआईआर दर्ज हैं और वह ऐसी करोड़ों की धोखाधड़ी में वांछित था।
जि़क्रयोग्य है कि मुलजि़म सूचना तकनीक के साथ विवरणों को बदल कर बैंक खातों को हैक करते थे। यह मुलजि़म 28-01-2020 को पुलिस पार्टी को चकमा देकर फऱार हो गया था, जब उसके सह मुलजि़मों को जांच टीम ने लुधियाना के एक जिम से गिरफ़्तार किया था, जहाँ उस दिन उसे काबू करने के लिए जाल बिछाया गया था। इन मुलजि़मों की गिरफ़्तारी के साथ, करोड़ों रुपए की साईबर धोखाधड़ी के साथ सम्बन्धित सभी केस हल हो गए। इस सम्बन्धी अगली जांच के दौरान और खुलासे होने की संभावना है।

Tuesday, April 28, 2020

जंग कोरोना से है तो महत्वपूर्ण है यह होम्योपैथिक दवा

Updated:29th April 2020 at 11:26 AM
कोरोना की जंग लड़ रहे योद्धाओं की इम्यून शक्ति को बढ़ाएगी यह दवा 
लुधियाना: 28 अप्रैल 2020: (उत्तम राठौर//पंजाब स्क्रीन)::
डा. विपन गुप्ता
कोरोना का खतरा इस समय हर वर्ग को है। हर उम्र, हर धर्म, हर जाति, हर वर्ग इस खतरे की ज़द में है। कोई भी इससे बचता नज़र नहीं आता। इसका सामना करने के लिए विज्ञान की अलग  अलग शाखाओं में बहुत ही तेज़ी के साथ निरंतर काम हो रहा है। पूरी दुनिया की प्रयोगशालाएं लगातार बिना रुके इस का इलाज खोजने में लगी हैं। अभी तक जो महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं उनमें एक बात स्पष्ट है कि कोरोना से बचने और इससे लड़ने के लिए अपनी रोग प्रतिरोधक शक्ति अर्थात इम्यून शक्ति को मज़बूत रखना आवश्यक है। यह शक्ति मज़बूत बनी रहे तो कोरोना का हमला नाकाम हो जाता है।अंग्रेजी वाले इसे इम्युनिटी भी बोलते हैं। इम्युनिटी को कैसे मज़बूत रखना है इस मकसद की एक विशेष दवा यहाँ के पुलिस जवानों को भी वितरित की गई।यदि यह शक्ति अर्थात इम्युनिटी मज़बूत हो तो कोई भी रोग नज़दीक नहीं आता। इम्यून शक्ति हर युग और हर उम्र में हमेशां एक वरदान रही है। इसे बनाये रखने और बढ़ाने के फार्मूले स्वदेशी थ्रेपियों में भी रहे और अंग्रेजी मेडिकल सिस्टम में भी। बहुत देर से जीवन का आधार बनी हुई यह शक्ति बहुत से मामलों में अभी तक एक रहस्य ही है। किस व्यक्ति को इस की कितनी आवश्यकता है  तक नहीं लगाया जा सका। हर वक्त में इसकी ज़रूरत उसके हिसाब से अलग अलग हो सकती है। इसके घटने बढ़ने के अनुमान तो कभी कभी सतर्क व्यक्तियों को महसूस हो भी लेकिन इसके बावजूद कोई विशेष स्थिति अभी  सुनिश्चित नहीं हो सकी। शरीर को इसकी ज़रूरत हर पल रहती ही है यह  बात पूरी तरह तय है। 
उल्लेखनीय है कि प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) किसी जीव के भीतर होने वाली उन जैविक प्रक्रियाओं का एक संग्रह है, जो रोगजनकों और अर्बुद कोशिकाओं को पहले पहचान और फिर मार कर उस जीव की रोगों से रक्षा करती है। यह विषाणुओं से लेकर परजीवी कृमियों जैसे विभिन्न प्रकार के एजेंट की पहचान करने मे सक्षम होती है, साथ ही यह इन एजेंटों को जीव की स्वस्थ कोशिकाओं और ऊतकों से अलग पहचान सकती है, ताकि यह उन के विरुद्ध प्रतिक्रिया ना करे और पूरी प्रणाली सुचारु रूप से कार्य करे। इस तरह इसके कामकाज को देख कर इस की विशिष्टता का अनुमान लगाया जा सकता है। 
यहां यह बताना भी आवश्यक है कि शरीर की प्रतिरक्षा-प्रणाली में खराबी आने से रोग अक्सर ही शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। प्रतिरक्षा-प्रणाली में खराबी को इम्यूनोडेफिशिएंसी कहते हैं। इम्यूनोडेफिशिएंसी या तो किसी आनुवांशिक रोग के कारण हो सकता है, या फिर कुछ खास दवाओं या संक्रमण के कारण भी संभव है। 
फिर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली का इस सिस्टम और प्रतिरक्षा प्रणाली के अध्ययन को प्रतिरक्षा विज्ञान (इम्म्यूनोलॉजी) का नाम दिया गया है। अब इसकी शिक्षा बहुत वशिष्ठ तौर पर होती है। इसकी बिलकुल अलग से एक अहमियत है। अन्य प्रणालियों के साथ साथ अब इसे भी पूरी तरह समझना बहुत आवश्यक है। 
गौरतलब है कि संक्रामक रोगों का निवारण करने की शरीर की शक्ति को प्रतिरक्षा (Immunity) कहते हैं। किंतु सभी शक्तियाँ प्रतिरक्षा में शामिल नहीं होती। अब यूं तो त्वचा भी जीवाणुओं को शरीर में प्रविष्ट नहीं होने देती। आमाशयिक रस का अम्ल जीवाणुओं को नष्ट कर देता है, किंतु इस सब के बावजूद यह प्रतिरक्षा के अंतर्गत नहीं आता। ये शरीर की रक्षा के प्राकृतिक साधन हैं। प्रतिरक्षा बिलकुल ही अलग है। प्रतिरक्षा से अर्थ है ब्राह्य प्रोटीनों को रक्त में उपस्थित विशिष्ट वस्तुओं द्वारा नष्ट कर डालने की शक्ति। जीवाणु जो शरीर में प्रविष्ट होते हैं, उनके शरीरों के घुलने से प्रोटीन उत्पन्न होते हैं। उनकी नष्ट कर देने की शक्ति रक्त में होती है। अब कोरोना के इस बेहद खतरनाक दौर में इसकी अहमियत हर किसी तक पहुंच रही है।
इस मकसद से बहुत सी दवाएं और टॉनिक भी सुझाये जाते हैं। अब होम्योपैथी में प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत बनाये रखने में सक्रिय डाक्टर विपन गुप्ता ने भी इस दिशा में इस दवा का सुझाव सामने रखा। यह दवा इस मामले में बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रॉफीलेक्टिक नाम की इस दवा में बहुत सी खूबियां हैं। इस की 18  हज़ार खुराकें यहां लुधियाना के छह हज़ार पुलिस जवानों को निशुल्क वितरित की गयीं। वास्तव में यह एक इम्यून बूस्टर है। प्रथम पंक्ति में रह कर कोरोना के साथ युद्ध में सहभागी बने सभी योद्धाओं को यह दवा निशुल्क दी जा रही है। समाज के अन्य वर्ग भी इसका फायदा उठा सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर इस दवा की और खुराकें भी बांटने का वायदा किया जायेगा। इस दवा को वितरित किये जाने के अवसर पर लायन डाक्टर रविंद्र कोछड़, लायन सुशील गुप्ता, लायन एच एस कालड़ा, लायन यूं पी सिंह सहित कई अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे। 
गौरतलब है कि यह दवा सेंट्रल काउन्सिल फॉर रिसर्च इन इंडियन मेडिसिन एंड होम्योपैथी के दिशा निर्देशों के मुताबिक ही तैयार  करवाई और बांटी गयी। इस मौके पर समाजिक दूरी जैसे सभी सभी आवश्यक नियमों का भी पूरी बाकायदगी के साथ पालन किया गया। (इनपुट:पंजाब स्क्रीन डेस्क)
इस दवा के संबंध में डाक्टर विपन गुप्ता से बात की जा सकती है उनके मोबाईल नंबर:9814330698 पर।  

Sunday, April 12, 2020

पुलिस पर हमला करने वाले जानलेवा हथियारों सहित काबू

सब्जी मंडी पटियाला में पुलिस कर्मियों पर हुए हमले से सनसनी 
पटियाला: 12 अप्रैल 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
पटियाला पुलिस ने जिला पुलिस प्रमुख स. मनदीप सिंह सिद्धू के नेतृत्व में पेशेवर ढंग से किये सफल आप्रेशन के बाद, सब्जी मंडी में पुलिस कर्मियों पर जानलेवा हमला कर पटियाला -चीका रोड पर स्थित गाँव बलबेड़ा में गुरुद्वारा खिचड़ी साहब के रिहायशी क्वार्टरों में छिपे हमलावरों को मुठभेड़ के बाद जानलेवा हथियारों सहित काबू कर लिया है। इनमें 1 महिला सहित 11 व्यक्ति शामिल हैं।
जिक्रयोग्य है कि आज सुबह लगभग 6 बजे यहाँ सनौर रोड पर स्थित सब्जी मंडी में कोरोनावायरस की वजह से लगाए गए कर्फ्यू के मद्देनजर पुलिस की तरफ से ड्यूटी दौरान सब्जी मंडी में बिना पास के दाखिल होने वाले व्यक्तियों को रोका गया तो बैरीकेड तोड़ कर निहंगबाने में आए एक गाड़ी में सवार अनजान व्यक्तियों  ने पुलिस पार्टी पर नंगी तलवारों से हमला कर दिया। हमलावरों ने ड्यूटी के रहे एएसआई हरजीत सिंह का हाथ कलाई से अलग कर दिया जबकि मंडी बोर्ड के 1 कर्मी सहित पुलिस के कुछ अन्य कर्मी भी जख्मी हुए थे।
इस सारे आप्रेशन को सफलतापूर्वक मुकम्मल करने के बाद बलबेड़ा में प्रैस कांफ्रेस दौरान आई.जी. पटियाला स. जतिन्दर सिंह औलख ने बताया कि इन हमलावरों को काबू करने के लिए एस.एस.पी. स. मनदीप सिंह सिद्धू के नेतृत्व में एस.पी. सीटी श्री वरुण शर्मा, एस.पी. डी श्री हरमीत सिंह हुन्दल, एस.पी. सुरक्षा और ट्रैफिक स. पलविन्दर सिंह चीमा की देख -रेख में टीमों ने तुरंत कार्यवाही करते हुए इनका पीछा किया।
स. औलख ने बताया कि यह सभी हमलावर पटियाला -चीका रोड पर स्थित गाँव बलबेड़ा में गुरुद्वारा खिचड़ी साहब के रिहायशी क्वार्टरों में छिप गए, जिसके चलते पुलिस और एस.ओ.जी. के कमांडो ने इस स्थान की मर्यादा में बिना कोई विघ्न डाले इसकी घेराबन्दी कर ली। इस मौके पुलिस की हौसला अफजाई करने के लिए ए.डी.पी एस.ओ.जी. राकेश चंद्र और डिप्टी कमिश्नर कुमार अमित भी मौके पर पहुंच गए।
एस.एस.पी स. सिद्धू ने बताया कि इन व्यक्तियों ने पुलिस को धमकी दी थी कि यदि उन्हें हाथ डाला तो बहुत धमाके होंगे। इन्होंने गुरुद्वारा साहब के लंगर में मौजूद गैस सिलंडरों को आग लाने के लिए प्रयोग आने वाले और पेट्रोल बम तैयार कर धमाके करने की योजना तैयार कर ली और साथ ही पास के खेतों में खड़ी गेहूँ की फसल को आग लगाने की पूरी तैयारी कर ली थी। परंतु हवा का रुख  गुरूद्वारे की ओर था और इसी दौरान पुलिस ने बहुत ही पेशेवर ढंग से अपनी कार्यवाही अमल में लाते हुए इन्हें काबू कर लिया।
पुलिस की तरफ से किए गए इस आप्रेशन में मुठभेड़ बाद काबू किए गए हमलावरों में डेरा प्रमुख 50 साल के बलविन्दर सिंह पुत्र भाग सिंह निवासी करहाली, निर्भय सिंह (गोली से जख्मी), 50 साल बंत सिंह काला पुत्र अजैब सिंह, 22 साला जगमीत सिंह पुत्र बलविन्दर निवासी अमरगढ़, 24 साला गुरदीप सिंह पुत्र रौशन लाल निवासी जैन मोहल्ला समाना, नन्ना, 75 साला जंगीर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह निवासी प्रतापगढ़, 29 साला मनिन्दर सिंह पुत्र जगतार सिंह निवासी महमूदपुर, 55 साला यशवंत सिंह पुत्र भिन्दर सिंह निवासी चमारू, दर्शन सिंह पुत्र दलीप सिंह निवासी धीरू की माजरी, 25 साला सुखप्रीत कौर पत्नी जगमीत सिंह निवासी डेरा खिचड़ी साहब शामिल हैं।
स. सिद्धू ने बताया कि इनके विरुद्ध थाना पसियाना विरुद्ध एफ.आई.आर. नंबर 45 तारीख 12 अप्रैल 2020, आई.पी.सी. की धाराएं 188, 307, 353, 186, 269, 270, 148, 149, डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धाराएं 51 (ए)(बी), 54, एक्सप्लोसिव एक्ट की धारा 3, 4, यू.ए.पी.ए. एक्ट 1967 की धारा 13, 16, 18, 20 और आर्मस एक्ट की धारा 25, 54, 59 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। एस.एस.पी. ने बताया कि सब्जी मंडी में पुलिस पार्टी पर हमला करने संबंधी जगहों सदर पटियाला में एफ.आई.आर. नंबर 70 तारीख 12 अप्रैल 2020 आई.पी.सी. की धाराएं 307, 323, 324, 326, 353, 186, 332, 335, 148, 188 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 की धारा 51 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है
आई.जी. स. औलख ने बताया कि आई.जी. औलख और एस.एस.पी. स. मनदीप सिंह सिद्धू ने पूरे एहतियात का इस्तेमाल करते हुए गुरू घर की मर्यादा और श्री गुरु ग्रंथ साहब के सत्कार के मद्देनजर नजदीकी अकाल अकैडमी की इमारत के पर चढ़कर पहले स्पीकर से अनाऊंसमैंट करके अपील की, कि पुलिस को सहयोग दिया जाये। इसके अलावा पुलिस ने गाँव की पंचायत और अन्य प्रतिष्ठित लोगों को भी साथ लिया जिससे बिना किसी खून खराबे के कानून को अपने हाथ में लेने वालों को काबू किया जा सके परंतु इन व्यक्तियों ने किसी की भी न सुनी।
स. औलख ने बताया कि डेरे के प्रमुख बलविन्दर सिंह ने एस.एस.पी. सहित अन्य  पुलिस अधिकारियों के साथ गाली गलौच करके धमकी दी कि यदि कोई उनके नजदीक आया तो बहुत धमाके होंगे और सब को जान से मार दिया जायेगा। स. औलख ने बताया कि इसी समय गुरुद्वारा साहब के रिहायशी क्वार्टरों में अंदर से एक फायर की आवाज आई और चीखें सुनाई देने लगी तो पुलिस ने बहुत ही समझदारी और पेशेवर ढंग से कार्यवाही की जिससे गुरुद्वारा साहब में श्री गुरु ग्रंथ साहब का सत्कार बहाल रहे और मर्यादा की भी उल्लंघन ना हो।
आई.जी. औलख और एस.एस.पी. स. मनदीप सिंह सिद्धू ने इस समूचे आप्रेशन का खुद नेतृत्व किया परंतु इन व्यक्तियों ने पुलिस पर भी तलवारों और नेजे से हमला कर दिया जिसकी वजह से एस.एस.पी. स. सिद्धू के हाथ पर भी चोट लगी और उनके एक निजी सुरक्षा गार्ड को भी चोटें लगने सहित कुछ अन्य  पुलिस मुलाजिम भी जख्मी हुए हैं। जबकि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक के जो गोली लगी है, उसके बारे भी जांच की जा रही है कि यह गोली हमलावारों की तरफ से चलाई गई थी।
इसी दौरान एस.एस.पी. स. मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि पुलिस ने शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के स्थानीय प्रतिनिधियों को बुला कर श्री गुरु ग्रंथ साहब के चल रहे अखंड पाठ की मर्यादा बहाल रखी और दुधारू पशुओं और घोड़ों की देखभाल का जिम्मा गाँव की पंचायत को सौंपा है। उन्होंने बताया कि इस दौरान चलाए गए तलाशी अभियान में एक एयर गन, 1 पिस्तौल देसी 32 बोर, तीन जीवित कारतूस और एक खाली, 1 पिस्तौल 12 बोर, 4 जीवित और दो खाली कारतूस, और एक 9 एमएम की पिस्तौल और 3 कारतूस जीवित, दो खोल खाली, भी बरामद  हुए है। इस के अलावा 10 तलवारें और 4 खंडे, दो लोहे की राडें, 4 धारी मंडासा, 1 तीर कमान, 4 भाले, 4 मुखी भाला, 1 लोहे का सुंबा, 2 पेट्रोल बम 10 डिब्बी माचिस, संदिग्ध केमिकल की 38 बोतलों, 8 गैस सिलंडर, लगभग 39 लाख रुपए  नगदी, 1 इसिजू मार्का गाड़ी सहित भांग की साढ़े 6 बोरियाँ भी मिली हैं।
एस.एस.पी. स. मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि सब्जी मंडी में पुुलिस पार्टी पर हमले में थाना सदर पटियाला के एस.एच.ओ. इंस्पेक्टर बिक्कर सिंह की बाजू, टांग और पीठ पर जख्म हैं, ए.एस.आई. हरजीत सिंह का हाथ कलाई से अलग हुआ है, जिसे पी.जी.आई. इलाज के लिए दाखिल करवाया गया है। ए.एस.आई. राज सिंह की  टांग पर जानलेवा हथियार से चोट लगी है, ए.एस.आई. रघबीर सिंह के शरीर पर अलग -अलग स्थानों पर चोट लगने से वो घायल हैं जबकि मार्केट समिति पटियाला के आक्शन रिकार्डर यादविन्दर सिंह के भी कुछ चोटें लगी हैं।
स. मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि पटियाला पुलिस कोरोनावायस को फैलने से रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू लगने के शुरू से ही बहुत एहतियात ईस्तेमाल करते हुए लोगों की सेवा और सुरक्षा में जुटी हुई है परंतु ऐसे गुंडा तत्वों को उनकी सख्त चेतावनी है कि पुलिस जहाँ लोगों की मदद करना जानती है, वहीं ऐसे असामाजिक तत्वों विरुद्ध सख्त कार्यवाही करना भी जानती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में ही रह कर पुलिस का साथ दें जिससे कानून की किसी भी तरह उल्लंघन ना हो।

Friday, March 27, 2020

पुलिस डण्डे खड़काने छोड़कर विदेशो से आये लोगो को ढूंढे-अनीता शर्मा

27th March 2020 at 2:10 PM
विदेशी नागरिकों को ढूंढ कर अलग करने का काम तुरंत हो-बेलन ब्रिगेड 
लुधियाना: 27 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हालांकि पुलिस ने ऊपर से आये आदेशों के बाद डंडे इस्तेमाल बहुत ही कम कर दिया है फिर भी बेकन ब्रिगेड को लगता है कि पुलिस सड़कों पर नाहक ही डंडे खड़का रही है। इसी बीच कोरोना को अभी तक मज़ाक समझने वाले लोगों ने सड़कों पर निकलने और सट कर खड़े होने की आदतें नहीं बदली। ऐसे लोगों का इलाज डंडे से ही सम्भव था लेकिन डंडे के प्रयोग से पुलिस की सख्त आलोचना भी हुई। 
बेलन ब्रिगेड की प्रमुख अनीता शर्मा ने कहा है कि कोरोना वायरस एक छूत की बिमारी है यह चाइना से सारी दुनिया में फैली है और जो लोग विदेशों से भारत आ रहे है वे लोग ही इस बिमारी को फैला रहे है।  पंजाब में हज़ारों लोग मार्च के महीने विदेशो से आये है और कितने लोगो को कोरोना है इसकी किसी को खबर नहीं है। इस समय यही जांच सर्वप्रथम होनी चाहिए। 
बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस कोई डेंगू नहीं है क्यूंकि  डेंगू तो  हमारे गली मुहल्लों में मच्छरों से खुद हमारे शरीर में पैदा होकर हमे रोगी बना देता है लेकिन कोरोना बिमारी विदेशों  से आ रही है। पिछले एक दो महीने में जितने भी विदेशी लोग भारत में आये है उन लोगो पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए ताकि इस महामारी को रोका जा सके। 
इस गंभीर हालत में भी पंजाब में इसके विपरीत हो रहा है।  कर्फ्यू की आलोचना करते हुए बेलन ब्रिगेड प्रमुख ने कहा कि सरकार ने कर्फ्यू लगा कर जनता को घरो में लॉक कर  दिया।  इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सड़कों चौराहो पर नाके लगा कर आम जनता को  डण्डे व वर्दी का रौब दिखाकर उनके मौलिक अधिकारों का बिना सोच समझ के हनन कर रही है। 
अनीता  शर्मा ने आगे कहा कि सरकार को चाहिए कि सारे सरकारी मुलाज़िमों व पुलिस जो सड़कों पर डण्डे खडका रही है इन सब को 48 घण्टे का समय दिया जाए कि वे हर गली मोहल्ले गाँव में  जा कर एक एक घर को चैक करे और जहां कही भी कोई विदेश से आया नागरिक उन्हें मिलता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।स्क्रीनिंग में आने वाले हर नागरिक का तुरन्त मेडिकल कराकर उसे अकेला रखा जाए। 
कोरोना वायरस पर काबू पाने का यही सबसे बड़ा हथियार होगा। इस काम में देरी होने से यह खतरा कई गुना बढ़ जायेगा।
 कुछ अन्य दिलचस्प लिंक:
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रायपुर:मशरूम से वनांचल की महिलाएं बनी आत्मनिर्भर
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इच्छापूर्ति वॄक्ष आपके पास भी है 
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सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की पालना ही बचा सकती है कोरोना से 
कोरोना: एन आर आईज़ को खलनायक समझना ठीक नहीं 

Tuesday, October 02, 2018

शाही इमाम के सचिव से लूटपाट करने वाले लुटेरे गिरफ्तार

Oct 2, 2018, 5:42 PM
लुधियाना पुलिस की सतर्कता काम आई: मुस्तकीम अहरारी
एडीसीपी-1 गुरप्रीत सिंह सिकंद, एडीसीपी सैंट्रल बरियाम सिंह का धन्यावाद करते नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान व मुस्तकीम अहरारी
लुधियाना: 2 अक्तूबर 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
18 मार्च की रात को मन्ना सिंह कोठी के सामने जीटी रोड बूढ़ा नाला के पास शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम के साथ लूटपाट करने वाले लुटेरे आखिर लुधियाना पुलिस की मुस्तैदी से गिरफ्तार कर लिए गए। यह जानकारी आज यहां पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बुलाई गई एडीसीपी-1 श्री गुरप्रीत सिंह सिकंद ने दी। इस अवसर पर एसीपी सैंट्रल बरियाम सिंह, नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी, मुहम्मद मुस्तकीम भी उपस्थित थे। इस मौके पर मुस्तकीम ने बताया कि 18 मार्च 2018 रात्रि को जब वह जामा मस्जिद से अपने निवास शिवपुरी जा रहे थे तो बूढ़ा नाला के पास दो लुटेरों ने रोक कर गर्दन पर दात रख कर 2 मोबाइल और 10 हजार के करीब नकदी लूट ली और इसी बीच जब एक कार आती नजऱ आई तो लुटेरे मुझे छोड़ भाग गए लेकिन जैसे ही सडक़ सुनसान हुई तो लुटेरे मेरी तरफ वापिस आने लगे तो मैंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हवाई फायर किया, जिसके बाद लुटेरे वहां से भाग निकले।  मुस्तकीम ने बताया कि पुलिस लगातार लुटेरों को ढूंढने मेें लगी हुई थी, लुधियाना पुलिस की तरफ से इस केस को हल करने के लिए आज जामा मस्जिद की तरफ से पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल व उनकी पूरी टीम का धन्यावाद भी किया। मुहम्मद मुस्तकीम ने पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि उनके साथ लूटपाट करने वाले तथा जानलेवा हमला करने वाले संबधित लुटेरों पर चोरी के साथ-साथ जानलेवा हमला करने की धारा 307 भी लगाई जाए।

Sunday, October 01, 2017

लुधियाना पुलिस ने ढूंढ निकाला दो दिन से लापता हुआ बच्चा

6 नम्बर डिवीज़न की पुलिस ने दिखाया कमाल 
लुधियाना: 30 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बच्चा मानसिक तौर पर कमज़ोर हो, उस पर गूंगा बहरा भी हो तो अंदाज़ा लगयाइये कि उसके गुम हो जाने पर परिवार के मन पर क्या गुज़रती है। जब लुधियाना का गोलू गुम हुआ तो परिवार की हालत बेहद बिगड़ गई। दशहरे का त्यौहार बेरंग हो रहा था। परिवार को समझ नहीं आ रहा था कि गोलू की तलाश कहां करें। 
आखिर इसकी सूचना पुलिस को दी गयी और इस सूचना के बाद शुरू हुआ पुलिस का काम। पुलिस ने अपने तरीके से गोलू का सभी जगह पता लगाया लेकिन उसका कुछ पता न चला। परेशानी बढ़ रही थी लेकिन पुलिस की मेहनत रंग लायी। 
गोलू नाम का 10 साल का बच्चा पिछले दो दिनों से गुम था जिसका कोई पता नहीं च रहा था। इस बच्चे के परिवार वाले रो रो कर बेहाल थे। इसको 6 नंबर डिवीज़न की पुलिस ने ढूंढकर पिता के हवाले कर दिया।  गोलू के पिता सतिंदर राम ने बताया के उनका बच्चा मानसिक तौर पर कमजोर है और उसको ना तो सुनता है और ना वह बोल सकता है। वह दो दिन से शहीद भगत सिंह कॉलोनी से गुम  था और आज बच्चे के मिलने पर परिवार के लोग बहुत ही खुश हैं।  इस  के साथ ही साथ परिवार के लोगों ने पंजाब पुलिस का धन्यवाद भी किया।  यह 
जानकारी देते हुए मुंशी महिंदर पाल ने बताया के उनका परिवार पीछे से बिहार के रहने वाले हैं। की बरसों से लुधियाना में यहां शेरपुर में रहे हैं। इस बच्चे के लिए पूरे लुधियाना में पिछले दो दिन से वायरलेस की जा रही थी। इसी वायरलेस के जादू ने कमाल दिखाया और गोलू का पता चल गया। 
इसका और विवरण थाना 6 नंबर डिवीज़न के मुंशी महिंदर पाल से लिया जा सकता है। उनका मोबाइल नंबर है 7837018906

Monday, August 28, 2017

डेरा हिंसा को रोकने भदौड़ में भी रही सख्त सुरक्षा

Mon, Aug 28, 2017 at 5:59 PM
पुलिस ने कहा: हर कीमत पर ला एण्ड आर्डर बहाल रहेगा
डेरा सलाबतपुरा में भारी सुरक्षा
भदौड़: 28 अगस्त 2017: (विजय जिंदल//पंजाब स्क्रीन)::
आज जैसे ही डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को सीबीआई कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने का समय नजदीक आता जा रहा था वैसे-वैसे लोगों की उत्सुकता भी बढ़ती दिखाई दे रही थी। भय, सहम  और आतंक के मिश्रित से भाव तकरीबन हर चेहरे पर थे। जैसे ही हरियाना के सिरसा जिले में दो जगह आगज़नी  समाचार प्राप्त हुआ तभी भदौड़ क्षेत्र में भी सुरक्षा का घेरा मजबूत होने लगा। इसी दौरान पुलिस जिला बरनाला के एसपी (एच) सुरिंद्रपाल सिंह व डीएसपी(एच) जगदीश विश्रनोई ने भदौड़ में आकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोकने के लिए सुरक्षा बल मुशतैदी से तैनात हैं और किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी इसके अलावा उन्होंने कहा कि हर कीमत पर ला एण्ड आर्डर की स्थिति को बहाल रखा जाएगा। इस अवसर पर नायब तहसीलदार हरपाल सिंह, मार्कीट कमेटी के सचिव जसवंत सिंह, पुलिस थाना भदौड़ के प्रभारी प्रगट सिंह आदि उपस्थित थे। उनके इस दौरे से लोगो ने सुख की सांस ली।  

Monday, July 31, 2017

निजी स्कूलों के खिलाफ जन आक्रोश और तेज़

बात नहीं बनी तो गुप्ता मॉडल स्कूल के खिलाफ भी संघर्ष होगा और तेज़
लुधियाना: 31 जुलाई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
निजी स्कूलों की कथित मनमानियों के खिलाफ जन संघर्ष और विशाल होता रहा है। कहीं करेक्टर सर्टिफिकेट के 1100-1100 रूपये मांगे जा रहे हैं तो कहीं स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट के चार पांच हज़ार रूपये। कई इलाकों के कई स्कूल आरोपों के घेरों में हैं। टाफियों से लेकर किताबें और वर्दियां तक स्कूल से बेचना इस दुकानदारी का हिस्सा बन चूका है। क्लब रोड पर स्थित गुप्ता मॉडल स्कूल के अभिभावकों के संघर्ष को लुधियाना के समाजसेवी अश्विनी सग्गी और कलाकार गौरव सग्गी ने सक्रिय सहयोग दिया। परिणाम स्वरूप इन अभिभावकों को अब छह महीने की फीस की बजाये केवल एक महीने की फीस दे कर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट मिल सकेगा। अभिभावकों का असमर्थन करने के आरोप में स्कूल ने अश्विनी सग्गी अश्विनी सग्गी के खिलाफ बदलाखोरी की भावना से करवाई भी की। 
गौरतलब है कि लुधियाना में भी निजी स्कूलों के खिलाफ जन आक्रोश लगातार बढ़ता ही जा रहा है। आज मामला सामने आया क्लब रोड पर स्थित गुप्ता मॉडल हाई स्कूल का। यह बहुत पुराना स्कूल है और डाक्टर इक़बाल नर्सिंग होम  है। झगड़ा बढ़ने पर वहां मीडिया भी पहुंचा। यहाँ पढ़ते बच्चों के अभिभावकों ने मीडिया को बताया कि उन्हें स्कूल छोड़ने के बावजूद स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा। कई महीनो से कई कई चक्कर लगाने के बाद भी सर्टिफिकेट के बदले उनसे छह छह महीनों की फीस मांगी जा रही है। एक अभिभावक महिला ने बताया कि एक बच्चे की महीने की फीस 675/- रूपये बनती है। छह महीनों की इतनी बड़ी रकम 4,050/- वे नहीं दे सकते। किताबें भी स्कूल के अंदर से ही खरीदनी पड़ती हैं और वे भी बाजार से कहीं महंगी।  जब भी बात करो तो स्कूल के संचालक इशारों से ही सामने वाले को चकरा देते हैं और क्यूंकि मूक बधिर होने के कारण ये लोग बोल कर नहीं सकते और सामने वाला इनकी भाषा समझ नहीं सकता।  इस मकसद के लिए किसी रिसेप्शनिस्ट या पीआरओ को भी नियुक्त नहीं किया गया। आखिर जब दोनों पार्टियां पुलिस के पास पहुंची तो पुलिस ने स्कूल में आ कर समझौता करवाया। अब अभिभावकों को अगले दिन आने को कहा गया है वो भी केवल एक महीने की फीस के साथ। अब देखना यह है कि  इस पर सचमुच अम्ल होता है या बात को लटकाने के लिए इसे केवल बहाना बनाया जाता है। गौरतलब है कि कभी इस स्कूल का बहुत नाम हुआ करता था लेकिन स्कूल संस्थापक सुरेंद्र गुप्ता का देहांत होने के बाद इस स्कूल का प्रभाव लगातार कम होता गया।  जब स्कूल का पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो स्कूल प्रबंधन ने मीडिया के साथ भी बदसलूकी की और काम में रुकावटें डाली। इसी बीच कुछ अभिभावकों और स्कूल में काम करते स्टाफ ने मांग की कि स्कूल के अतीत का रेकार्ड भी खंगाला जाये और पता किया जाये कि अब तक किस किस गलत तरीके से पैसा एकत्र किया जाये। 

Monday, May 08, 2017

जेल सुधारों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को गृह मंत्रालय की सलाह

08-मई-2017 17:59 IST
2016 में हुआ था जेल प्रमुखों का पांचवां राष्ट्रीय सम्मेलन
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ललिता कुमारमंगलम 30 सितंबर,2016 को नई दिल्ली में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के कारागार प्रमुखों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में।                    (एजे/पीआईबी,हिंदी इकाई)
जेल सुधारों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल प्रमुखों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनाए गए प्रस्तावों पर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों/ गृह सचिवों (कारावास प्रभारी) को एक पत्र लिखा है।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती ललिता कुमारमंगलम
30 सितंबर,2016 को नई दिल्ली में राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के
कारागार प्रमुखों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन में समापन संबोधन
करती हुईं। (एजे/पीआईबी,हिंदी इकाई)
जेल सुधारों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल प्रमुखों का पांचवां राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में 29- 30 सितंबर, 2016 को हुआ था। सम्मेलन का उद्घाटन गृह राज्य मंत्री श्री हंसराज गंगाराम अहीर ने किया था, जिसमें राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों, सीपीओ, एनजीओ इत्यादि के 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। कारावास प्रशासन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकार किया था।
राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह  दी गई है कि वे निम्नलिखित सुधारों पर गौर करें और उन्हें कार्यान्वित करें। इनका उद्देश्य कारावास प्रशासनिक प्रणाली को कारगर बनाना है :
  i.     कारावास विभाग का नाम बदल कर ‘कारावास एवं सुधारात्मक प्रशासन’ किया जाएगा, जिसके तहत एकीकृत कारावास, सुधारात्मक और परिवीक्षा सेवाएं शामिल हैं।
  ii.     हर राज्य को कारावास विभाग के तहत एक कल्याण शाखा स्थापित करनी होगी, जिसमें कल्याण अधिकारियों, विधि अधिकारियों, काउंसलर और परिवीक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
 iii.     कारावास नियमों और कानूनों में बुनियादी एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने मौजूदा जेल मैनुअल की समीक्षा करें और गृह मंत्रालय द्वारा तैयार तथा मई, 2016 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे गए आदर्श जेल मैनुअल, 2016 के प्रावधानों को लागू करें।
 iv.     शीघ्र सुनवाई और अदालतों तक विचाराधीन बंदियों को लाने-ले-जाने के खर्च में कमी लाने के लिए सभी जेलों को वीडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये अदालतों से जोड़ा जाए।
  v.     कारावास विभागों में सभी पदों की मौजूदा रिक्तियों को जल्द भरा जाए।
 vi.     प्राथमिकता के आधार पर जेल ई-प्रणाली को अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं प्रणालियों (सीसीटीएनएस) तथा ई-न्यायालयों के साथ एकीकृत किया जाए।
vii.     समय-समय पर विचाराधीन बंदी प्रबंधन के संबंध में जेल, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और न्याय पालिका का संयुक्त प्रशिक्षण आयोजित किया जाए। कैदियों की आपराधिक प्रवृत्ति और कट्टरता में कमी लाने के लिए अलग से प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जाएं।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी गई है कि वे उपरोक्त सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए समेकित प्रयास करें। बंदियों की दशा सुधारने के लिए यह नितांत आवश्यक है। इसके लिए कारावास प्रशासन में भी सुधार लाया जाए।
राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रशासनों से आग्रह किया जाता है कि वे उपरोक्त सलाह के क्रियान्वयन के संबंध में प्रगति की सूचना प्रदान करें।
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