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Sunday, February 11, 2024

लुधियाना मायापुरी मदरसे में बच्चों की दस्तारबंदी

Sunday:11th February 2024 at 4:09 PM

टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में किया गया सालाना जलसे का आयोजन 

शाही इमाम ने कहा सकारात्मक सोच के साथ अपना जीवन बिताएं


लुधियाना: 11 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन):: 

बीती रात टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में सालाना जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मौलाना आरिफ खेड़ा मुगल ने की व पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रधान मुहम्मद इनाम मालिक, हाफिज दिलशाद, मुफ्ती आरिफ पंजाबी बाग, मुफ्ती इनाम ,मुहम्मद रिजवान, हाफिज नाजिम, हाजी तय्यब,  हाजी जरीफ ,मुहम्मद मुंशद, जहांगीर , कारी हसीन खास तौर पर उपस्थित रहे। 

दस्तारबंदी के इस यादगारी अवसर पर संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी  ने कहा कि इस्लाम आपसी भाईचारे और प्यार का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि लोगों में खुश खबरीयां बांटो। 

आज बहुत से लोगों के तनावपुर्ण लाईफस्टाईल पर बात करते हुए शाही इमाम ने कहा कि आज समाज में अक्सर लोगों की सोच नकरात्मक होती जा रही है, लोग एक-दूसरे के संबंध में अच्छी राय नहीं रखते, एक दूसरी कौमों के संबंध में भी अच्छी राय नहीं बनाई जा रही जो कि चिंता का विषय है। 

शाही इमाम ने कहा कि अगर आपको सफल होना है तो सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा होगा। उन्होने कहा कि मुहम्मद साहब  सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि किसी भी इंसान के बारे में कोई बुरी राय कायम ना करो। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान ने कहा कि बुरा सोचने वाला कभी कामयाब नहीं होता वो अपनी ताकत लोगों की बुराई में खर्च करता है जिसकी वजह से उसे सिवाए बुराई करने के कोई और काम नहीं आता।

इसी संबंध में शाही इमाम ने कामयाबी की तरफ बढ़ रहे लोगों को सलाह दी कि वह सब्र और हिम्मत के साथ आगे बढ़ते हुए सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाएं। वर्णनयोग है कि इस अवसर पर कुरआन मजीद हिफज करने वाले 4 बच्चों की दस्तारबंदी भी की गई।

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Saturday, February 10, 2024

PEC ग्लोबल एलुमनी में मिले बहुत से पुराने महारथी

Saturday 10th February 2024 at 5:11 PM

पुराने महारथियों की यादों ने बांधा यादगारी रंग


चंडीगढ़
: 10 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

दशकों पहले कल्पना चावला और कई अन्य छात्र पीईसी अर्थात PEC के साथ जुड़े हुए थे। PEC मतलब Deemed to be University-इस गौरवशाली संस्थान पंजाब इंजीनियरिंग कालेज के साथ अपने जीवन काल में उन्होंने देश और दुनिया के लिए एक नया इतिहास रचा, जहां उन्होंने अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया, वहीं इस बात की गवाही भी दर्ज करवाई उन्हें इस काबिल बनाने में PEC  की अहम भूमिका रही। इन पुराने छात्रों ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छू कर भी दिखाया है। आज जब बहुत से पुराने छात्र एलुमनाई में आए तो कई नए छात्र उनसे प्रेम. सम्मान और उत्साह के साथ मिले। उनसे उनकी खूबियों और कामयाबी के गुर सीखने के लिए बहुत सी बातें जानीं। उस्तादी रंग वाले ये गुर ज़िंदगी भर कदम कदम पर उनके काम भी आएंगे। 

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ (मानित विश्वविद्यालय) ने 10 फरवरी, 2024 को अपनी बहुप्रतीक्षित ग्लोबल एलुमनाई मीट - 2024 के लिए मंच तैयार किया। इस असाधारण कार्यक्रम ने न केवल गर्मजोशी से स्वागत का वादा किया, बल्कि प्रतिभा और सफलता का एक असाधारण उत्सव भी मनाया! इंजीनियर अतुल करवल, आईपीएस, महानिदेशक, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज ओल्ड स्टूडेंट एसोसिएशन - पेकोसा ने अध्यक्ष इंजीनियर टीकम चंद्र बाली, के साथ इं. एच.एस. ओबेरॉय, पेकोसा के महासचिव के मार्गदर्शन में और 'स्टड्स' के भव्य आधिकारिक प्रायोजन के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत PEC के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी द्वारा मुख्य अतिथि और सभी पूर्व छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करने के साथ हुई। इसी दिन की शुरुआत सम्मानित अतिथियों के साथ औपचारिक दीप प्रज्वलित करके किया गया।

PECOSA के अध्यक्ष, एर. टीकम चंद्र बाली ने इस ग्लोबल मीट में एक बार फिर पीईसी कैंपस में सभी पूर्व छात्रों का स्वागत किया। उन्होंने पेकोसा के महत्व और विभिन्न बैचों और पृष्ठभूमियों के पूर्व छात्रों को एक साथ लाकर सौहार्द और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने में इसकी अभिन्न भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने PEC के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) बलदेव सेतिया जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया और स्टड्स के अध्यक्ष एर मधु खुराना, और स्टड्स के प्रबंध निदेशक एर. सिद्धार्थ खुराना को आधिकारिक भागीदार बनने के लिए भी धन्यवाद दिया।

अपने संबोधन में पेकोसा के महासचिव इं. एच. एस. ओबेरॉय ने एर अतुल करवाल, एनडीआरएफ के महानिदेशक के लिए आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रत्येक पूर्व छात्र थे। वह विशेष रूप से PEC के प्रति कृतज्ञ महसूस करते थे। इंजीनियर मधु खुराना, और स्टड्स के प्रबंध निदेशक एर सिद्धार्थ खुराना जी ने 2 लाख (टॉपर के लिए 1 लाख, दूसरे टॉपर के लिए 60 हजार और तीसरे टॉपर के लिए 40 हजार) रुपये संसथान को दान किये। उन्होंने तहेदिल से उनका धन्यवाद दिया। अंत में, उन्होंने एक बार फिर 2024 की इस बैठक के लिए यहां आने वाले सभी पूर्व छात्र सदस्यों का स्वागत किया।

डॉ. राजेश कांडा (प्रमुख, पूर्व छात्र और कॉर्पोरेट संबंध) ने PEC से यूजी, पीजी और यहां तक कि पीएचडी दोनों को पूरा करने के साथ-साथ 100% -24 कैरेट गोल्ड पूर्व छात्र सदस्य होने के अपनी पूर्व यादों और गौरवपूर्ण क्षणों को व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत पूर्व छात्र एर सत प्रकाश गुप्ता, (1962 बैच), के परिवार के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उनके पुत्र श्री पंकज गुप्ता ने दो छात्राओं की शिक्षा के लिए 57 लाख रु. का दान दिया।  इस दम्पति जोड़े को प्रतीक चिन्ह और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।

पीईसी के सम्मानित निदेशक डॉ. बलदेव सेतिया सम्मानित अतिथि एर अतुल करवाल (आईपीएस - महानिदेशक); एर. टी.सी. बाली, अध्यक्ष पेकोसा, एर. एच.एस. ओबेरॉय, महासचिव, पेकोसा; स्टड्स के अध्यक्ष एर. मधु खुराना, और स्टड्स के प्रबंध निदेशक एर सिद्धार्थ खुराना सहित पूर्व छात्रों की एक विशिष्ट श्रृंखला का स्वागत करते हुए रोमांचित थे। उन्होंने इस बैठक के आयोजन के लिए पेकोसा के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पीईसी के 100+ वर्ष पूरे होने का उल्लेख भी किया। एक नहीं बल्कि दो राष्ट्रपतियों, पूर्व राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द और वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती. राम नाथ कोविन्द और वर्तमान राष्ट्रपति श्रीमती. द्रौपदी मुर्मू. की परिसर में गरिमामय उपस्थिति के साथ गौरवशाली इतिहास और एक साल तक चलने वाला शताब्दी समारोह का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने फिराक गोरखपुरी को भी उद्धृत किया-

आने वाली नस्लें तुम पर फ़ख़्र नक्षत्र हम-असरो

जब भी उनका ध्यान आया तो तुमने 'फ़िराक़' को देखा       --'फ़िराक़'गोरखपुर

उन्होंने हाल के वर्षों में हो रहे विकास और अनुसंधान गतिविधियों के बारे में भी गर्व से बताया। उन्होंने हाल ही में पुरस्कार प्राप्त करने वाले विभिन्न संकाय सदस्यों और छात्रों की प्रशंसा की। परिसर के बुनियादी ढांचे को भी बढ़ाया गया है। उन्होंने यह भी कहा, कि स्टड्स ने हमारे आधिकारिक भागीदार होने का सम्मान विनम्रतापूर्वक स्वीकार किया है, जिससे इस आयोजन में प्रतिष्ठा और उत्साह की एक अतिरिक्त परत जुड़ गई है।

इसके साथ ही, स्टड्स के अध्यक्ष एर. मधु खुराना को पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में आकर वास्तव में पुरानी यादों का एहसास हुआ। स्टड्स ने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग के टॉपर्स के लिए 2 लाख रुपये का दान दिया था।  उन्होंने कहा कि यह सहायता छात्रवृत्ति पीईसी परिसर में और भी अधिक कल्पना चावला लाने के लिए काम करेगी और संस्थान की विरासत में उदारतापूर्वक योगदान देगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एर. अतुल करवाल जी, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के महानिदेशक ने पीईसी द्वारा सम्मानित किए जाने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि, ''एक इंजीनियर होने के नाते, सचमुच मुझे पुलिस में करियर बनाने के लिए अच्छी योग्यता मिली। हमें प्रौद्योगिकी को बहुत दृढ़ता से देखना होगा, अन्यथा हम पीछे रह सकते हैं। जीवन के किसी भी क्षेत्र में इंजीनियरिंग करने से आपको एक शानदार शुरुआत मिलती है, यही मेरे साथ भी हुआ।'' उन्होंने 15 साल की उम्र में अपना इंजीनियरिंग करियर शुरू किया और 19 साल की उम्र में पास भी हो गए। अंत में, उन्होंने कहा कि हमें यह जांचना चाहिए कि क्या हम जीवन को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं? बस अपने आप का आनंद लें।  कृतज्ञता की स्थायी भावना रखना और आपके आदर्श को हमेशा याद रखना ही असल मायने में जीना है।

हमारे सम्मानित पूर्व छात्र, आईएएस अधिकारी एर रितु माहेश्वरी. के भव्य प्रवेश के लिए मंच पूरी तरह तैयार था।  1954, 1964, 1969, 1974, 1989, 1999, 2009 और 2014 बैच के पूर्व छात्र प्रोफेसर अहस्वनी कुमार गोसाईं (आईआईटीडी में सिविल इंजीनियरिंग विभाग), पंकज दुहान जैसे विशिष्ट अतिथियों के साथ इस भव्य उत्सव को देखने के लिए उपस्थित थे। (रेकिट बेंकिज़र वेलनेस के वैश्विक प्रमुख), सरबजीत सिंह विर्क (फिनवेसिया ग्रुप के प्रबंध निदेशक और सह-संस्थापक), पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) हरियाणा के इंजीनियरिंग-इन-चीफ, और कई अन्य। माननीय मुख्य अतिथि एर अतुल करवाल और निदेशक, प्रो. (डॉ.) बलदेव सेतिया जी द्वारा सभी पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। ।

1988 बैच के पूर्व छात्रों ने आज सुबह 10 फरवरी, 2024 को संस्थान को 2 ई-वाहन, एक ई-स्कूटर और एक ई-कार्ट भी दान किये।

नृत्य, संगीत और अविस्मरणीय प्रदर्शन के मनमोहक मिश्रण से भरपूर, पूर्व छात्रों की बैठक बेहद आनंददायक रही, जिससे हर कोई उत्साहित और ऊर्जावान महसूस कर रहा था। उत्सव के बीच, हार्दिक कहानियों का आदान-प्रदान किया गया, जिससे उपस्थित लोगों को एक-दूसरे के जीवन, करियर और उपलब्धियों के बारे में जानने का मौका मिला। जैसे-जैसे रात ख़त्म होने लगी, उपस्थित सभी लोगों के बीच तृप्ति और कृतज्ञता की गहरी भावना बनी रही।

कुल मिला कर सारा आयोजन यादगारी रहा। इस सारे कार्यक्रम के दौरान नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी का एक बहुत ही दिलचस्प संयोजन भी सामने आया, जिसने समय और तकनीक का उपयोग करके भविष्य का एक और नया इतिहास भी रचना है। 

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Monday, July 02, 2018

सीटी यूनिवर्सिटी में पानी पर अंतर्राष्ट्रीय वर्कशाप आयोजित

सदियों से पानी की समस्या बनी रही हैं-मैकगिल यूनिवर्सिटी के माहिर
इस सेमिनार में मैकगिल यूनिवर्सिटी से डा. शिव ओ. प्राशर एवं जसकरण धिमान, यूनिवर्सिटी ऑफ गुल्$फ कैनेडा से डा. रामेश पी रुद्रा, कान्सास स्टेट यूनिवर्सिटी के सहायक अध्यापक डा. मनजीत सिंह कंग मुख्य मेहमान के रुप में उपस्थित थे
लुधियाना: 2 जुलाई 2018: (पंजाब स्क्रीन टीम)::
सीटी यूनिवर्सिटी के लुधियाना परिसर में इनोवेशन्स इन सस्टेनेबल वॉटर रिर्सोस मैनेजमैंट (आइ.एस.डब्लयू.आर.एम-2018) विषय पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वर्कसाप आयोजित करवाई गई। इस वर्कशाप में कैनेडा, यू.एस.ए एवं भारत के विशेषज्ञों ने पानी की बचत पर विचार विमर्श किया।
यह वर्कशाप आइसी-इंपैक्टस, आइसी इंपैक्टस एच.क्यू.पी नेटवर्क एवं मैकगिल यूनिवर्सिटी, मॉटरीयल की सयाहता से करवाइ गई। इस वर्कशाप में वर्तमान विश्व की पानी की समस्या पर चर्चा की गई।
इस समारोह में जैव संसाधन एवं जैव प्रणालियों के मशहूर वैज्ञानिकों की टीम मैकगिल यूनिवर्सिटी मोंटरियल, कैनेडा से डा. शिव ओ. प्राशर एवं डॉ. जसकरण धिमान, यूनिवर्सिटी ऑफ गल्$फ कैनेडा से डा. रमेश पी रुद्रा, कान्सास स्टेट यूनिवर्सिटी से सयाहक प्रोफेसर डा. मनजीत सिंह कंग, लोवा स्टेट यूनिवर्सिटी यू.एस.ए से डा. रामेश्वर कंवर एवं खेती विभाग पंजाब से डा. बलदेव सिंह नोर्थ मुख्य वक्ता के रुप में उपस्थित थे।
सीटी यूनिवर्सिटी के चांसलर स. चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि विश्व में लोगों की संख्या बढ़ती जा रही हैं और लोगों की ज़रुरते भी उसी मुताबिक बढ़ती जा रही हैं। इसी के साथ शहरों, उद्योगिक संस्थाओं एवं कृषि में पानी की कमी उबर रही हैं। उन्होंने कहा कि नई नीति नियोजन, तकनीकों, प्रबंध एवं पानी के नियत्रंन इस्तेमाल से पानी को बचाया जा सकता हैं। पंजाब का नाम भी पांच नदियों से बना है, जो पंजाब की सभयता एवं सभयताओं के निर्माण में सहायता करती आई हैं।
सीटी यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. हर्ष ने आए मेहमानों एवं माहिरों का स्वागत किया एवं कहा कि हमें पानी की बचत करनी चाहिए। जिससे आने वाला भविष्य सुरक्षित रह सकें।
सीटी यूनिवर्सिटी के रजिस्टरार डा. जगतार धिमान ने कहा कि पंजाब के दक्षिणी श्रेत्र में कृषि खेती में पानी की किल्लत बहुत बढ़ चुकी हैं। हमें मिलकर पानी की संरक्षणा के लिए नइ तकनीकों को इज्जाद करना होगा।
मैकगिल यूनिवर्सिटी से डा. शिव ओ. प्राशर ने बताया की बाओ-चार एवं हाइड्रोजल से आइसी-इंपैक्टस पानी की संरक्षणा एवं प्रबंध कर रहा हैं। इसी के साथ डा. जसकरण धिमान ने कहा कि सदियों से पानी की किल्लत चलती आ रही हैं। पानी में प्रदूषण एवं फैक्टरी के गंदे पानी से साफ पानी भी गंदा हो रहा है। इसी के चलते आइसी-इंपैक्टस अपशिष्ट जल को सिंचाई के इस्तेमाल के लिए नई तकनीकों का अविष्कार कर रही हैं।
डा. रामेश रुद्रा ने कहा कि पानी की समस्या के हल करने के लिए लोगों की भागीदारी बहुत कारुरी हैं।
इस वर्कशाप में डा. नीता राज शर्मा ने बायोचार प्रोडक्शन एवं जल उपचार पर विचार सांझे किए। इसी वर्कशाप में (लेट अस सेव वॉटर, एवरी ड्राप मेटर्स) हस्ताक्षर अभियान चलाया गया जिसमें लोगों ने पानी को बचाने की प्रतिज्ञा ली। इस में गवाटेमाला, लीबिया, चाइना, तुर्कि, कैनेडा, यू.एस.ए एवं भारत से पानी की सुरक्षा पर कई वीजियों चलाई गई।
डा. रामेश्वर कंवर ने पंजाब में पानी समस्याओं पर चर्चा की एवं कई हल भी सांझे किए। कृषि विभाग पंजाब के सदस्य डा. बलदेव सिंह नार्थ ने पंजाब में पानी की संरक्षणा की पालिसीयों एवं द इंपैक्ट ऑफ प्रकार्वेशन ऑफ सबसोयल वॉटर एक्ट (2009) बिल के प्रति जानकारी दी। 

Tuesday, May 15, 2018

CMC लुधियाना में 3 दिन की हेमोफिलिया कार्यशाला का आयोजन

Tue, May 15, 2018 at 3:40 PM
हेमोफिलिया के पर्याप्त डायग्नोसिस और उपचार की कमी 
लुधियाना: 15 मई 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
सीएमसी, लुधियाना  के हेमेटोथोलॉजी विभाग ने आज राज्य स्तरीय कार्यशाला "अहेड”(AHEAD -Advancing Hemophilia Education Awareness & Diagnosis) आयोजित की इसके अंतर्गत  हेमोफिलिया शिक्षा जागरूकता और निदान । यह 15 मई, 2018 से शुरू होने वाली तीन दिवसीय कार्यशाला है। हेमोफिलिया एक आम रक्तस्राव विकार है, लेकिन समुदाय में पर्याप्त डायग्नोसिस और उपचार की कमी है।
इस वर्कशॉप में पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संरक्षण के साथ साथ डॉक्टरों के लिए एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है। हेमोफिलिया के विश्व फेडरेशन से अनुकूलित इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय था "ज्ञान साझा करना हमें मजबूत बनाता है"। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में तीन शाखाऐ हैं, जिसमें डॉक्टर, तकनीशियन और फिजियोथेरेपिस्ट होते हैं।
इस वर्कशॉप का मुख्य आकर्षण था सी.एम.सी लुधियाना के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान । डॉ. एम जोसेफ जॉन, डॉ.चेप्सी फिलिप और नैदानिक हेमेटोलॉजी विभाग के डॉ. सुवीर सिंह ने हेमोफिलिया के नैदानिक प्रबंधन और अभिव्यक्तियों पर बात की। हेमेटो-पैथोलॉजी के डॉ. नवीन ककर और डॉ.वंदना ने विभिन्न प्रयोगशाला पहलुओं के बारे में बात की, और प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए प्रैक्टिकल सेशन, ताकि वे हेमोफिलिया के रोगियों का निदान और निगरानी करने के लिए प्रयोगशाला तकनीकों में सक्षम हो सकें। फिजियोथेरेपी विभाग से डॉ. मुल्लाई और उनकी टीम ने हेमोफिलिया के मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों) के अभिव्यक्तियों और उनके इलाज के उपायों पर भी बात की। कार्यक्रम के लिए बाहरी संकाय से पी.जी.आई चंडीगढ़ के प्रमुख विशेषज्ञ भी शामिल थे, जिनमें डॉ.पंकज मल्होत्रा, प्रोफेसर और क्लिनिकल हेमेटोलॉजी के प्रमुख, और बाल चिकित्सा के प्रोफेसर डॉ.दीपक बंसल और जी.एम.सी.एच के डॉ. अनीता ताहलान, सेक्टर 32 से शामिल थे । हेमोफिलिया के रोगियों के निदान और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में यह यह सभी बोले। सी.एम.सी अस्पताल के निर्देशक डॉ. विलियम भट्टी, भी अन्य गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे और उन्होंने इस तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने के लिए सभी के प्रयासों की सरहना की और बधाई दी।
डॉ.परमिंदर पाल सिंह सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना आज के कार्यकर्म के लिए मुख्य अतिथि थे। डॉ. मनप्रीत चटवाल, अतिरिक्त परियोजना निर्देशक और डॉ. सुखविंदर सिंह, संयुक्त निर्देशक रक्त ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज सह एस.एन.ओ, राज्य रक्त कोशिका, आये हुए मेहमानों में शामिल थे | यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम) पंजाब के मरीजों के लिए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सी.एम.सी लुधियाना को मुफ्त एंटी हैमिफिलिया कारक प्रदान करने के प्रस्ताव के रूप में किया गया था। यह उम्मीद की जा रही है कि ऐसी कार्यशालाएं समुदाय में हेमोफिलिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने और राज्य स्तर पर निदान और उपचार के लिए सुविधाओं में सुधार करने में मदद करेंगी। यह पंजाब को हेमोफिलिया मुक्त राज्य बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में मदद करेगा, और मरीजों के लिए मुफ्त या सब्सिडी उपचार प्रदान करेगा।

Saturday, February 03, 2018

लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है

[17:22, 2/3/2018]
पित्ते की पथरी पर डा. नरोत्तम दीवान ने किया सावधान  
लुधियाना: 3 फरवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
दीवान अस्पताल एंड एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सजर्री  सेंटर के सेमिनार रूम में शनिवार को सीएमई का आयोजन किया गया। सीएमई में पित्ते की पथरी के इलाज व दूरबीन से ऑपरेशन के प्रसिद़्ध जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सजर्न डॉ.नरोत्तम दीवान ने ‘पित्ते की पथरी का समय पर ऑपरेशन कराने से होने वाली समस्याएं’ विषय पर संबोधित किया। 
डॉ.दीवान ने कहा कि वैसे तो पित्ते की पथरी के बारे में पता चलने के तुरंत बाद ऑपरेशन करना जरूरी नहीं है लेकिन पेट में मामूली दर्द, हाजमा खराब होना, गैस ज्यादा बनने, उलटी आने या बुखार चढ़ने जैसे लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है।
 कई बार पित्ते की पथरी पित्ते से फसलकर पित्त की नलकी में फंसकर पित्त का रास्ता रोक देती है। इससे पित्त आंतड़ियों की बजाय रक्त में जाने लगता है। इससे मरीज की आंखें त्वचा व पेशाब पीला व शौच का रंग सफेद हो जाता है। मरीज के सारी त्वचा पर खुजली होने है।  शरीर में विटामिन के की कमी हो जाती है। विटामिन के की कमी से खून जमने में खराबी आ जाती है और थोड़ी सी चोट पर भी बहुत ज्यादा रक्त बहता है।
इसके अलावा कई बर पित्ते की पथरियां ज्यादा देर रहने तक से पित्ते में सोजिश पड़ने से आसपास की आंतड़ियां उससे चिपक जाती हैं और एक गांठ का आकार ले लेती है। इससे मरीज का एक दम ऑपरेशन नहीं हो पाता है। उसे कुछ महीने दवा लेनी पड़ती है व दाखिल भी होना पड़ता है। 
अगर पथरी एक और बड़ी हो तो वह सालों साल रहने के बाद पित्ते में कैंसर पैदा कर देती है। यह कैंसर जानलेवा होता है, क्योंकिा पित्ता जिगर के पास होने की वजह से कैंसर जिगर में बहुत तेजी से दाखिल हो जाता है, जिससे मरीज एकदम से कैंसर की आािखरी स्टेज में पहुंच जाता है।
 इसी तरह पित्ते की पथरी के ऑपरेशन में देरी करने से पित्ते में मवाद पड़ जाता है या पित्ता गल जाता है। मवाद का प्रेशर ज्यादा पड़ने से पित्ता फब्ट जाता है जोकि खतरनाक स्थिति है। इसके इलाज में रिस्क भी रहता है।
इसी तरह मरीज को कोलेंजाइटिस बीमारी भी हो सकती है, जिसमें कुछ अर्सा पहले तक शत प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती थी। हालांकि अभी भी  सात फीसदी डेथ रेट है।
इसमें मरीज को पीलिया, तेज बुखार व पेट के दाहिने में ऊपरी तरफ दर्द, तेज कंपकंपी होने लगती है। पित्ते की नलकियों में कीटाणु बहुत बढ़ जातो है और मवाद पैदा हो सकता है। वह कीटाणु व मवायद जिगर से होते हुए खून में चले जाते हैं, और सारे शरीर में मवाद, कीटाणाु व उसका जहर फैल जाता है। मरीज का ब्लड प्रेशन बहुत तेजी से गिर सकता है और उसके गुर्दे अैर फेफड़े फेल हो सकते हैं। इसके लिए बहुत तेजी से इलाज की जरूी रहीत है। 
पित्ते की पथरी के इलाज में देरी से पेनक्रियाज ग्रंथी में सोजिश से पेनक्रिएटाइटिस बीमारी हो जाती है। पेनक्रियाज से निकलने वलो द्रव्य गुर्दे व फेफड़ों को फेल कर सकते हैं। इससे पेट में पानी व मवाद भर सकता है। मरीज का ब्लड प्रेशर गिर सकता है व उसकी रक्त की धमनियों में ही ब्लड जम जाता है। पेट में खून की धमनियों के जमने से रक्त बहना भी शुरू हो सकता है। पेनक्रियाज में सोजिश से मवाद पड़ जाने पर बार-बार ऑपरेशन करने पड़ते हैं। इसमें भी मरीज को बहुत लंबे समय तक अस्ताल या आईसीयू में दाखिल रहकर बार-बार ऑप्रेशन कराने पड़ सकते हैं। लेकिन फिर भी दस फीसदी मरीज बच नहीं पाते हैं।

Wednesday, March 29, 2017

जागृति सेना ने किया स्कूली मनमानियों पर लगाम कसने का दावा

क्या इससे साकार हो पायेगा सभी को शिक्षा का सपना 
लुधियाना: 29 मार्च 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
जबसे देश में पूंजीवाद को उत्साहित करने के प्रयास बढ़े  में हर चीज़ व्यापार बनती चली गयी। मुनाफा सर्वप्रथम बना और मानवीयता के साथ साथ बाकि सब कुछ भी लुप्त होता चला गया। शिक्षा को कारोबारी बनाने बनाने वालों ने देश के भविष्य को ही दांव पर लगा दिया। शिक्षा स्कूलों की मनमानियों के खिलाफ करीब 9 वर्षों से संघर्ष का दावा करने वाले संगठन जाग्रति सेना के प्रमुख परवीन ढंग आज बहुत उत्साहित नज़र आये। उनका कहना है कि निजी स्कूलों की मनमानी अब नहीं चल सकेगी। इस सम्बन्ध में उन्हों अपनी उपलब्धियों का विवरण देते हुए बताया कि अब उन्होंने क़ानूनी संरक्षण की व्यवस्था सभी के सामने ला दी है।  
आज एक पत्रकार सम्मेलन में जागृति सेना ने पंजाब सरकार द्वारा हाईकोर्ट के आदेशों पर पंजाब रेगुलेशन ऑफ फी ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन एक्ट-2016 बनाए जाने का स्वागत किया है। इस विषय पर संगठन के प्रधान प्रवीण डंग की अध्यक्षता में गाधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय में बहुत सा विवरण मीडिया को दिया गया। 
पत्रकारों से भेंट के दौरान प्रवीण डंग ने कहा कि पिछले लंबे समय से जागृति सेना प्राइवेट स्कूलों की ज्यादतियों के खिलाफ संघर्ष करती आ रही है। इस एक्ट में मुख्यत: रेगुलेटरी बॉडी में डिवीजन कमिश्नर के अलावा जिला स्तर पर छ: अन्य सदस्य भी होंगे। एक्ट के अनुसार कोई भी स्कूल आठ प्रतिशत से ज्यादा स्कूल की फीस नही बढ़ा सकता और स्कूल को फीस बढ़ाने का कारण भी बताना होगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि सभी स्कूल अभी इस दायरे में नहीं आ सके। अल्प संख्यक स्कूल अभी भी इस दायरे  से बाहर हैं। उनको इस दायरे में लाने के प्रयास जारी हैं। 
परवीन डंग ने कहा कि स्कूल द्वारा ज्यादा फीस लेने की स्थिति में अभिभावक जिला स्तर पर कमेटी में शिकायत दे सकेंगे जिसे 15 दिन में कमेटी द्वारा चेक करना जरूरी होगा व दो महीने में शिकायत निपटानी होगी। दोषी पाए जाने की सूरत में पहली बार प्राइमरी स्कूल के लिए 30,000 मिडिल लेवल स्कूलों के लिए 50,000 व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के लिए 1 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा। दूसरी बार दोषी पाए जाने पर जुर्माना बढ़कर 60,000 रुपये, एक लाख व दो लाख होगा। तीसरी बार दोषी पाए जाने पर उन स्कूलों की मान्यता रद भी हो सकती है। इस अवसर पर भूपिंदर बंगा, योगेश धीमान, हैप्पी कालडा, सोनू कालडा, सुमित जयसवाल, हेमन्त बत्रा,संजीव कुमार,हरजीत सिंह,विकास कुमार व दीपक कुमार उपस्थित हुए। सभी एकमत भी नज़र आये लेकिन बहुत से सवाल फिर भी अभी तक सवाल हैं। क्या इस महंगी शिक्षा के लिए केवल स्कूल संचालक ज़िम्मेदार हैं? क्या महंगी  गाइडों का प्रकाशन बिना किसी सरकारी आज्ञा के है? क्या सरकारी स्कूलों के प्रबन्धको को इस सिस्टम में कोई परेशानी नहीं होती? इन सब की चर्चा हम किसी अलग पोस्ट में करेंगे। फिलहाल कामना करते हैं कि सभी को शिक्षा दिलाने का सपना साकार करने में जाग्रति सेना के प्रयास सफल हों। 

Monday, November 07, 2016

लुधियाना के डी डी जैन महिला कालेज को मिला "ए' ग्रेड

राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने दिया सम्मान
लुधियाना: 7 नवम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
डी डी जैन महिला कालेज को "ए" ग्रेड प्राप्त हुआ है जो इस कालेज  प्रबन्धकों की लम्बी साधना का फल है। इसकी घोषणा आज कालेज में एक पत्रकार सम्मेलन में की गयी। लुधियाना के पुराने और प्रतिष्टित शिक्षा संस्थानों में से एक--देवकी देवी जैन मेमोरियल कालेज फार वीमेन को--"ए" ग्रेड मिलने से सभी जैन शिक्षा संस्थानों में प्रसन्नता की लहर है। यह ग्रेड "नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिशन कॉउंसिल" ने प्रदान किया है। इस खुशी को आज मीडिया के ज़रिये पूरी दुनिया से बांटते हुए कालेज के प्रबन्धकों ने बताया कि इस कॉउंसिल की टीम ने 26 से 28 सितम्बर तक कालेज का दौरा  किया था और इस कालेज से छात्रायों को मिलती सुविधायों का बारीकी से अध्यन भी किया था। उस गहन जांच के बाद अब 5 नवम्बर को इस कॉउंसिल ने अपनी स्टैंडिंग कमेटी की 18वीं बैठक में डी डी जैन महिला कालेज को "ए" ग्रेड देने की घोषणा की।  इस पत्रकार सम्मेलन में कालेज की प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष नन्द कुमार जैन, प्रिंसीपल-डॉक्टर सरिता बहल, कोआर्डिनेटर-सुश्री सरिता माटा और को-कोआर्डिनेटर-डॉक्टर अंतर ज्योति घई सहित मैनेजिंग कमेटी के कई प्रमुख सदस्य भी मौजूद थे।
जब वर्ष 1971 में देवकी देवी जैन मैमोरियल कालेज की स्थापना हुई उस समय हालात आज से बिलकुल अलग थे। समाज में आज की तरह चमक दमक नहीं थी। आज की तरह दिखावा भी नहीं था। आज की तरह पैसे का बोलबाला भी नहीं था। उस समय केवल उच्च शिक्षा और ऊंचे नैतिक मूल्यों को ही समाज में स्वीकार किया जाता था और जिनके पास ये सब होता उनका सम्मान भी होता था। 
लेकिन इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्रतियोगिता का दौर भी शुरू हो चुका था। अंग्रेजी स्कूलों का चलन बढ़ने। अंग्रेजी को लोग बहुत ज़्यादा महत्व देते थे।  अंग्रेजी के साथ साथ विदेशी मूल्यों की जानकारी और साथ ही साथ स्वदेशी संस्कारों का ज्ञान, प्रतियोगी समाज के साथ रहते हुए विजय संकल्प को बलवान बनाना और ज़िन्दगी को भारतीय सरंचना में एक मिसाल बना कर दिखाना आसान नहीं था लेकिन डी डी जैन कालेज ने यह सब करके दिखाया। निरन्तर साधना का ही परिणाम है कि यह कालेज लगातार उन्नति की शिखरों को छू रहा है। कालेज से शिक्षा प्राप्त करके बहुत सी छात्रायों ने नाम भी कमाया और अपने परिवार के साथ साथ देश का नाम भी रौशन किया। आकाशवाणी और दूरदर्शन में कार्यक्रमों की रेकार्डिंग के दौरान अक्सर ऐसी बहुत सी प्रतिभायों से मुलाकात होती जिन्होंने इस कालेज से शिक्षा ग्रहण की होती और फिर इसी कालेज में शिक्षा देने की ज़िम्मेदारी भी सम्भाली होती। गर्व की बता है कि यह सिलसिला आज भी जारी है। दुनिया के बहुत से हिस्सों में फ़ैल चुकी हैं इस कालेज की प्रतिभाएं।
मीडिया मीट के दौरान कालेज की प्रबन्धन समिति ने इस सारी उपलब्धि का श्रेय कालेज के मेहनती स्टाफ और कालेज की उस विचारधारा को दिया जिसके अंतर्गत छात्रायों को वित्तीय लाभ से ऊंचा उठ कर शिक्षा दी जाती है तां कि गरीब से गरीब बच्चियां भी पढ़ाई से वंचित न रहे। गौरतलब है कि महंगाई और कारोबार के इस व्यापारिक युग में इस कालेज से सबंधित ऐसी बहुत सी बच्चियां हैं जिनका पढ़ने का सपना इस कालेज ने ही साकार किया। पैसा कमाने की धुन से अलग रहते हुए शिक्षा को ही सबसे पहला मकसद रखा।  इस लिए "ए" ग्रेड का मिलना उस साधना का सम्मान है, उस मेहनत का सम्मान है, उस लग्न संकल्प  जिस की शकरि ने कालेज को प्रगति पथ पर लगातार अग्रसर रखा हुआ है।  

Sunday, October 23, 2016

कन्हैया ने दी जाह्नवी को शुभकामनाएं और विरोध करने वालों को धन्यवाद

पंजाब का वाम छात्र आंदोलन अब फिर छू  सकता है नई शिखरें 
लुधियाना: 23 अक्टूबर 2016: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कन्हैया कुमार को खुली बहस की चुनौती देने वाली जाह्नवी को कन्हैया कुमार ने शुभ कामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विरोध करने वाले वकीलों को भी धन्यवाद किया और कहा कि यह सांस्कृतिक लोग हैं और कानून के दायरे में रहते हुए अपने अधिकार का प्रयोग क्र रहे हैं। यहाँ मीडिया से एक भेंट वार्ता के दौरान उस छात्रा  के सलाह भी दी कि अगर उसे डिबेट करनी है तो इस देश के नेतायों से डिबेट करनी चाहिए, इस देश के राष्ट्र अध्यक्षों से डिबेट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिबेट के लिए डिबेट अच्छी बात है लेकिन अगर यह राजनीतिक स्टंटबाजी हो तो गलत है। गौरतलब है कि यह छात्रा कई  बार कन्हैया को खुली बहस की चुनौती दे चुकी है। 
अब जबकि देश पर बहुत सी स्वदेशी और विदेशी ईस्ट इंडिया कम्पनियां जोर पकड़ रही है उस समय कन्हैया कुमार का यह कहना कि  ले के रहेंगे आज़ादी एक ऐसा नारा बन के उभरा है जिसके साथ हाल के अधिकतर युवा साथ साथ गाने लगे थे ले के रहेंगे आज़ादी। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्य्क्ष कन्हैया कुमार ने यहां एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश में शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है। इसी कारण वह सरकारी शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचा रही है। इससे पहले कन्हैया के यहां पहुंचने पर उनका विरोध किया गया। वकीलों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया अौर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको हटा दिया। कन्हैया की एक झलक पाने को लोग यहाँ बेकरार थे। कन्हैया एक क्रांति का प्रतीक बन कर यहाँ पहुंचे। 
यहां पंजाब साहित्य अकादमी परिसर में 'शिक्षा और रोजगार' विषय पर आयोजित सेमीनार में कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार की शिक्षा नीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के सरकारी व पब्लिक सेक्टर के शिक्षण संस्थानों का निजीकरण करने की साजिश की जा रही है। यह देश के लिए खतरनाक है और शिक्षा का व्यावसायिक करण का प्रयास है। उन्होंने विमान से 2500  सेरुपयों में सफर की बात उठाते हुए भी कहा कि जो गरीब लोग 25 रुपयों में रेल से सफर करते हैं उनके लिए मोदी जी के पास क्या योजना है? अच्छे दिनों की चर्चा करते हुए कन्हैया ने कहा कि मोदी जी का मित्र 30 रूपये किलो दाल खरीद कर महंगे भाव बेच दे क्या यही हैं अच्छे दिन?
छात्र-छात्राओं के बीच आये कन्हैया कुमार की मौजूदगी एक जादू की तरह असर कर रही थी। उनके साथ सेल्फी लेने वालों की एक होड़ लगी थी। पंजाब में आतंकवाद से संघर्ष के दौरान दम तोड़ चुकी वाम छात्र लहर में एक नया जोश नज़र आया। मुद्दत के बाद भाकपा समर्थक छात्र संगठन आल इंडिया स्टूडेंटस फेडरेशन (ए आई एस एफ) के झंडे पंजाब में नज़र आए। कन्हैया के लुधियाना आने से इस ऐतिहासिक संगठन की मौजूदगी का अहसास तीव्रता से सामने आया है जो इस चुनावी मौसम में वाम विरोधियों के लिए खतरे की घण्टी है। करीब एक वर्ष के अंदर अंदर तैयार किया गया यह छात्र केडर पूरी तरह से अनुशासित और सक्रिय। इसकी सक्रियता उन लोगों को कड़ा जवाब है जो मीडिया के सामने भी यह कहते नहीं थकते कि कमरेडटॉ अब खत्म हो चुके हैं।
सेमिनार में लोगों की संख्या किसी रैली की तरह थी। मौजूदगी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराये जा रहे थे। एक नज़र देखा तो संख्या 700 के करीब थी। हाल के अंदर भी भीड़ थी और बाहर भी। शायद पहली बार इस हाल को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूरा भरा देखा।  
सेमिनार में कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं को रोज़गार देने में अक्षम रही है। नरेंद्र मोदी ने इस बारे मे बढ़चढ़ कर बातें की थीं और दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 1.35 लाख लोगों को ही रोजगार मिले हैं। सरकार युवाआें और जनता को भ्रमित करने में ही लगी रहती है।
कन्हैया ने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा से पैसा कमाना है, न कि लोगों को शिक्षित करना। यह हालत घातक है और गरीब युवाओं के साथ अन्याया है। कन्हैया ने कहा कि देश में भगत सिंह को पिस्तौल और बम चलाने वाले के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जबकि वह एक विचारक थे। लेकिन उनके इस पहलू को नहीं उभारा गया। कन्हैया कुमार ने सामंतवाद और पूंजीवाद से आज़ादी पर जोर दिया। उन्होेंने इसके लिए लाेगों खासकर युवाओं और बुद्धिजीवियों से आगे आने की अपील की।
सेमीनार का आयोजन पंजाबी साहित्य अकादमी में सोशल थिंकर फोरम के सहयोग से किया गया। इससे पहले वकीलों ने कन्हैया का पुतला फूंका ओर उनको कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने का एलान किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों को गिरफ्तार कर लिया।
इसी बीच पंजाबी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉक्टर सुखदे सिंह सिरसा, महासचिव सुरजीत सिंह और मुख्य वक्ता प्रिंसिपल तरसेम बाहिया ने कहा कि साहित्य अकादमी कीतरफ से इस आयोजन का प्रयास बहुत आवश्यक था क्योंकि पंजाब के शैक्षणिक, बौद्धिक और नैतिक क्षेत्रों में गरावट आ रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया की पंजाबी भवन में पहले भी इस तरह के आवश्यक जन मुद्दों पर आयोजन होते रहे हैं। 

Thursday, October 06, 2016

"हाइपरटेन्षन के इलाज के लिए आज कल के निधारित लक्ष्य"

Thu, Oct 6, 2016 at 11:34 AM
CMC: डॉ.कमल.के सेठी लोबो मेमोरियल में करेंगे विस्तृत चर्चा
लुधियाना: 6 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल, लुधियाना और डॉ. लोबो मेमोरियल ट्रस्ट, लुधियाना की तरफ से इस बार भी डॉ.एल.एच लोबो मेमोरियल ओरेशनक आयोजन करवाया जा रहा है। गौरतलब है कि डा. लोबो सी.एम.सी के पहले भारतीय प्रिन्सिपल थे। उनकी याद में हर वर्ष एक वक्तृत्व अर्थात Oration का आयोजन किया जाता है। इस बार भी उस परम्परा को निभाते हुए इस आयोजन को यादगारी बनाया जायेगा। 
इस बार पदमश्री  प्रोफेसर कमल. के सेठी, जो के भारत की कारडीयालजी सोसाइटी के पूर्व-अध्यक्ष थे  और अब दिल्ली में कारडीयालजी के हार्ट और लंग्ज़ इन्स्टिट्यूट के डाइरेक्टर हैं इन आयोजन में मुख्य वक्तव्य देंगें। 
इस बार 34वें लोबो मेमोरियल में वह अपना भाषण 8 अक्टोबर , 2016 को देंगे जिसका शीर्षक होगा     
वक्तृत्व  के बाद वैज्ञानिक परिसंवाद किया जाएगा जिसका शीर्षक "कारडीयालजी में आधुनिक प्रग्रति" होगा।प्रोफेसर प्रमेश कावॅऊर-डायरेक्टर कार्डियाक सर्वीसज़, वेस्टमीड हॉस्पिटल, सिडनी ऑस्ट्रेलिया, इस मौके पे विचार-गोष्ठी करेंगे। 
डॉ. रजनीश काल्टन, जो के सी. एम. सी. कारडीयालजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर व हेड हैं, ने बताया कि इस मौके पर कारडीयोंलिजी के क्षेत्र से जुड़े कई अनुभवी विशेषज्ञ, इलाज में आधुनिकता और दिल के इलाज के बारे में जानकारी देंगे।

यह लोबो मेमोरियल औरवैज्ञानिक परिसंवाद सी.एम.सी. के डाइरेक्टर डॉ. अब्राहम जी थॉमस की सरपरस्ती में करवाई जा रही हैं|

Monday, July 11, 2016

स्वस्थ शरीर में ही होगा होगा स्वस्थ मन का विकास

संगीता भंडारी के अहसास संगठन का एक और आयोजन 
लुधियाना: 11 जुलाई 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो);
अहसास चेरिटबल ऑर्गनायज़ेशन की तरफ़ से स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत बच्चों को जागरूक करने के लिए एक प्रोग्राम का आयोजन कपिल पार्क में किया गया जिसमें बच्चों को अपने आस पास और शरीर की सफ़ाई रखने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौक़े पर अहसास की प्रेज़िडेंट संगीता भंडारी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है ,इसके लिए हमें  अपने शरीर की सफ़ाई के साथ साथ अपने आस पास को साफ़ रखना चाहिए और आज कल वरसात के दिन  में आस पास पानी नहीं खड़े देना चाहिए क्यूँकि इससे  मछर पैदा होते है और डेंगू जेसी बीमारियाँ उत्पन होती है । इस मौक़े पर अहसास के सदस्यों ने बच्चों को खाने के समान के साथ हाईजीन किट दी गयी जिसने साबुन,पेस्ट ,ब्रश ,शेमपु आदि दिए गए ।इस मौक़े पर चाहत भंडारी ,नेहा मित्तल ,मीना गिरहोत्रा ,संतोष अरोरा,नीलम, स्वाति हाज़िर थे।

Sunday, September 27, 2015

हेल्पिंग हैंडज़ क्लब ने बताये छात्रों को स्ट्रेस फ्री रहने के गुर

Sat, Sep 26, 2015 at 9:01 PM
NSS से विकसित होती है समाज सेवा की भावना–रमण गोयल
लुधियाना: 25 सितम्बर 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आज एन.एस.एस. दिवस के अवसर पर पी.ऐ.यू. स्थित पाल ऑडीटारीयम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में PAU के कालेजों के 500 के करीब एन.एस.एस. वालंटियर्स ने भाग लिया।  इस कार्य्रम की शुरुआत एन.एस.एस. के प्रोफसरों  द्वारा की गयी, जिन्होंने पहले एन.एस.एस. दिवस के बारे में विस्तृत जानकारी दी, और वालंटियर्स को हमेशा समाज सेवा के कार्यों में आगे बढ़ते रहने की प्रेरना दी। उसके बाद हेल्पिंग हेंड्स क्लब के अध्यक्ष रमण गोयल ने वालंटियर्स को पहले एन.जी.ओ के कार्यों के बारे में बताया और उसके पश्चात उन्होंने बच्चों को अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर उसको प्राप्त करने के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही बताया कि आज के युग में बच्चों के अन्दर सहनशक्ति का अभाव है जो किसी भी समस्या का सामना करने की बजाय उनसे भाग कर आत्महत्या जैसे कायरता भरे कार्यों को चुनते हैं जिस प्रकार अकादमी में कम अंक आने पर कई आत्म हत्याए हो रहीं हैं। इसलिए इस मानसिक दबाव को कैसे नियंत्रित किया जाये उसके बारे में भी बताया। उसके पश्चात एन.एस.एस. के प्रोग्राम कार्डीनेटर डॉ. हरमीत सिंह ने बताया कि संस्था के कार्य सरहनीय हैं और हेल्पिंग हेंड्स क्लब एन.जी.ओ. द्वारा विधार्थियों को दिए गये स्ट्रेस फ्री रहने के टिप्स से बच्चों में उत्साह बढेगा जिससे वो अपनी शिक्षा और लक्षय पर ध्यान केन्द्रित कर सकेंगे | इस अवसर पर पी.ऐ.यु. के प्रोफेसर डॉ. हरपिंदर कौर, डॉ. रेणुका अग्रवाल, डॉ. अंजलि सिधु , डॉ. रमन देवी, डॉ. मंदीप सिंह गिल, आसीष कुमार,  संस्था के गगन अरोड़ा, वरुण जैन, अमन मल्होत्रा, कमल कुमार आदि कई गणमान्य उपस्थित थे। 

Tuesday, July 14, 2015

Doraha:गुरु नानक नैशनल कालेज की छात्राओं ने फिर दिखाया कमाल

Tue, Jul 14, 2015 at 10:27 AM
यूनिवर्सिटी में पोजीशनें प्राप्त करके कमाया नाम 
दोराहा: 14 जुलाई 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):

दोराहा के नाम को पूरी दुनिया तक पहुँचाने वाला गुरु नानक नैशनल कालेज लगातार नयी नयी उपलब्धियां प्राप्त कर रहा है। बीते दिनों पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की तरफ से बी.ए. ऑनर्ज (पॉलीटिकल विज्ञान) भाग तीसरा के घोषित नतीजों में स्थानिक गुरु नानक नैशनल कालेज की छात्रओं ने यूनिवर्सिटी में पोजीशनें प्राप्त करके कालेज का नाम रौशन किया है।
इन गौरवशाली नतीजों के बारे में जानकारी देते कालेज प्रिं. डा. नरिन्दर सिंह सिद्धू ने बताया कि मनदीप कौर ने 76.3 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी में से छठा, दलवीर कौर ने 76.2 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी में से सातवां स्थान हासिल किया और हरप्रीत कौर ने 73.6 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह एम.एससी. (आई.टी.) सैमेस्टर तीसरा की छात्र मनप्रीत कौर ने 81 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से पहला, लवप्रीत शारदा ने 78.6 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और प्रभजोत कौर ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त करके कालेज में से तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह बी.कॉम और बी.ए. के नतीजों में से कालेज विद्यार्थियों ने शानदार प्राप्तियां की हैं।
उन्होंने कहा कि कालेज की बी.कॉम. की छात्र शिवानी शर्मा ने 78.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करते कालेज में से पहला, रूपजीत कौर ने 76.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करते दूसरा और दिलप्रीत कौर ने 74.9 प्रतिशत अंक प्राप्त करके तीसरा स्थान हासिल किया और बी.ए. भाग तीसरा की छात्र पूनम शर्मा ने 81.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करके पहला, मनप्रीत कौर ने 77.4 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और नवदीप कौर ने 74.2 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह बी.ए. भाग दूसरा की छात्र प्रीति शर्मा ने 75.2 फीसदी अंक प्राप्त करके पहला, गुरविंदर सिंह ने 74.3 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और प्रभजोत कौर ने 73.2 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से तीसरा स्थान हासिल किया। विभाग के प्रमुख प्रो. गुरशरन कौर ने बताया कि इस क्लास का नतीजा इस बार भी 100 प्रतिशत रहा। विद्यार्थियों की इन शानदार प्राप्तियों के लिए कालेज प्रबंधक समिति के प्रधान रूप बराड़, सचिव स. हरप्रताप बराड़, प्रिं. डा. नरिंदर सिंह सिद्धू ने विद्यार्थियों, उन के अभिभावको और विशेष कर अध्यापकों को बधाई दी। पूरे दोराहा में इन परिणामों को लेकर ख़ुशी की लहर है। 

Tuesday, September 23, 2014

एनजीओ संकल्प की तरफ से सैमीनार आयोजित

Mon, Sep 22, 2014 at 7:01 PM
सिविल सर्विसिज की तैयारी कर रहे 60 छात्रों ने ली आवश्यक जानकारी
संकल्प का उद्दे आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के छात्रों को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध करवाना: संतोष तनेजा
लुधियाना। आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के विद्यार्थीयों को सिविल सर्विसिज की मुफ्त कोचिंग उपलब्ध करवाने वाली एनजीओ संकल्प के विशेषज्ञों ने सोमवार को इकबांल गंज चौंक स्थित तेरा पंथ भवन में सैमीनार को संबोधित किया।  सहयोग शिक्षा समिति और तेरा पंथ सभा, तेरा पंथ चुवक परिषद के प्रयासों से सिविल सर्विसिज परीक्षा की तैयारी कर रहे विभिन्न कालेजों के 60 से ज्यादा विद्यार्थीयों ने सैमीनार में भाग लेकर संकल्प से संबधित विशेषज्ञों संतोष तनेजा, पंत प्रभाकर जी , कन्हैया लाल जी और दिनेश गुप्ता (आईपीसी ) से आई ए एस, आई एफ एफ एस, आई आर एफ, आई पी एस और पी पी एस सहित सिविल सर्विसिज के तहत होने वाली अन्य परीक्षाओं की तैयारी संबधी जानकारियां हासिल की। 
एनजीओ संकल्प के संस्थापक संतोष तनेजा ने पिछले वर्ष संकल्प की प्रेरणा व सहयोग से सिविल सर्विसिज की परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थीयों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष कुल 1100 के करीब विद्यार्थीयों ने सिविस सर्विसीज की परीक्षा दी उनमें से 585 विद्यार्थीयों ने संकल्प के माध्यम से कोंचिग हासिल की थी। पंजाब के युवा वर्ग का सिविल सर्विसिज की परीक्षा की तरफ ध्यान कम होने पर चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि देश भर में से पंजाब ही एक ऐसा राज्य है जहां के विद्यार्थीयों का ध्यान इस तरफ कम है। देश भर में दिल्ली सहित 2 दर्जन स्थलों पर संकल्प के शाखाएं हैं। भविष्य की योजनाओ बारे बताते हुए उन्होने कहा कि जल्दी ही लुधियाना में संकल्प का अपना कार्यलय स्थापित किया जाएगा। कार्यक्रम में विशेष तौर पर शामिल हुए समाज सेवक हरीश जैन जयरथ ने सकंल्प की तरफ से आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगो को सिविल सर्विसिज की निशुल्क कोचिंग देने की प्रंशसा करते हुए अपनी तरफ से हर तरह की आर्थिक मदद करने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर नरिन्द्र मितल, कुलदीप जैन सुराणा, दविन्द्र गुप्ता, रजत सूद, राकेश जैन, हरीश जैन जयरथ, गुरसेवक सिंह, हरीश सगगड़, ललित बांसल, नवरत्न कक्कड़ सहित अन्य भी मौजूद थे। सैमीनार के समापन पर तेरा पंथ युवक परिषद के उतर भारत संयोजक कुलदीप जैन सुराणा ने संकल्प के सदस्यों संतोष तनेजा, पंत प्रभाकर जी , कन्हैया लाल जी और दिनेश गुप्ता जी का आभार व्यक्त करते हुए स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित किया।

Wednesday, April 30, 2014

दीक्षांत समारोह में राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी का भाषण

30-अप्रैल-2014 19:47 IST
मणिपुर विश्‍वविद्यालय के समारोह में बताये छात्रोँ को जिँदगी के गुर 
The President, Shri Pranab Mukherjee addressing on the occasion of the 14th Convocation of Manipur University, at Canchipur, in Imphal, Manipur on April 29, 2014.
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी 29 अप्रैल, 2014 को कांचीपुर, इम्फाल, मणिपुर में मणिपुर विश्वविद्यालय के 14वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर संबोधित करते हुए। 
पूर्वोत्‍तर भारत में उच्‍च शिक्षा का प्रधान केन्‍द्र मणिपुर विश्‍वविद्यालय के इस 14वें दीक्षांत समारोह में शामिल होकर मुझे बड़ी खुशी है। 

1980 में अपनी स्‍थापना से ही मणिपुर विश्‍वविद्यालय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने में उत्‍कृष्‍ट भूमिका निभा रहा है। अपने पाठ्यक्रम के जरिए यह भारत के समेकित संस्‍कृति को फैला रहा है। इसके कार्यक्रम और नीतियों का उद्देश्‍य मानवता की भावना, सहनशीलता और जानकारी को बढ़ाना है। मैं इस विश्‍वविद्यालय के प्रणेताओं से अपील करता हूं कि वे पूरी लगन और शिद्दत से विश्‍वविद्यालय का विकास करते रहें। 

प्रिय छात्रों : 
मैं उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं, जिन्‍हें आज डिग्री मिल रही है। मैं श्री रिशांग किशिंग और श्री एल. वीरेन्‍द्र कुमार सिंह को बधाई देता हूं, जिन्‍हें डॉक्‍टर ऑफ लॉ और डॉक्‍टर ऑफ लिटरेचर की उपाधि से सम्‍मानित किया गया है। 

किसी भी अकादमिक संस्‍थान के लिए दीक्षांत समारोह अति महत्‍वपूर्ण होता है। छात्रों और अध्‍यापकों के जीवन के जीवन में यह क्षण महत्‍वपूर्ण होते हैं। इस दिन छात्रों को अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलता है। आप ज्ञान और मजबूत चरित्र से लैस होकर विश्‍वविद्यालय की सीमा छोड़ेंगे। विश्‍वविद्याल से बाहर जाकर परिवर्तन करें, अपने आस-पास के लोगों के जीवन को छूएं और उसमें बदलाव लाएं और खुशहाल विश्‍व बनाएं। 

मित्रों शिक्षा से अंधकार से प्रकाश की ओर, पिछड़ेपन को छोड़ आगे बढ़ा जाता है और बेहतर जीवन बनता है। भविष्‍य में तरक्‍की के लिए निवेश से अगर किसी को जोड़ा जाता है, तो वह है शिक्षा। शिक्षा की मजबूती से देश का निर्माण होता है और लम्‍बे समय ज्ञान से विकास हासिल किया गया है। ऐसे देशों ने बदलते संसाधनों को बड़ी आसानी से ग्रहण किया है। शिक्षा से ही उन्‍हें संसाधन की कमियों से निपटने की क्षमता हासिल हुई है और उच्‍च तकनीक आधारित अर्थव्‍यवस्‍था तैयार की गई है। अगर भारत दुनिया की कतार में आगे रहना चाहता है, तो यह सुदृढ़ शिक्षा पद्धति के जरिए ही हासिल किया जा सकता है। 

भारत में बड़ी संख्‍या में युवा हैं। दो तिहाई जनसंख्‍या 35 वर्ष से कम आयु के लोगों की है। वे हमारा भविष्‍य है, इसलिए उन्‍हें अच्‍छा नागरिक बनाने की आवश्‍यकता है। भारत में 20 प्रतिशत से कम लोगों का उच्‍चशिक्षा के क्षेत्र में नामांकन है। उच्‍चशिक्षा के सरंचना को बढ़ाने के लिए त्‍वरित प्रयास किये जा रहे है, क्‍योंकि यह पर्याप्‍त नहीं है और इससे हमारी आगे आने वाली पी‍ढ़ी की क्षमता कम हो सकती है। पिछले दशक के दौरान मणिपुर विश्‍वविद्यालय सहित कई केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालयों का निर्माण एक निर्णायक कदम था। मणिपुर विश्‍वविद्यालय को 2005 में केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय बनाया गया था। ये विश्‍वविद्यालय प्राचीन भारत के उच्‍चशिक्षा केन्‍द्र नालंदा और तक्षशिला जैसा सम्‍मान पाने में सक्षम हैं। 

अगर हम हमारे देश की उच्‍चशिक्षा की स्थिति का ईमानदारी से आंकलन करें, तो यह कह सकते है कि विश्‍वस्‍तर की तुलना में कई उच्‍च अकादमिक संस्‍थान से बेहतर स्‍नातक नहीं निकल पा रहे है। विश्‍व की सर्वोच्‍च 200 विश्‍वविद्यालयों की सूची में एक भी भारतीय विश्‍वविद्यालय नहीं है। इस मुद्दे पर राष्‍ट्रपति भवन में आयोजित केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालयों के उप-कुलपतियों की वार्षिक बैठक में भी विचार-विमर्श किया गया था। 

मुझे यह जानकर खुशी है कि हमारे संस्‍थानों भी रैंकिंग प्रक्रिया को अब गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। पिछले वर्ष सितम्‍बर में आईआईएम कोलकाता को एक सम्‍मानीय एंजेंसी द्वारा प्रबंधन कार्यक्रम में स्‍नातकोत्‍तर की डिग्री देने वाला सबसे अच्‍छा बिजनेस स्‍कूल का दर्जा दिया गया। 

मित्रों: शिक्षा के आधार शिक्षक होते है। अच्‍छे अध्‍यापक शिक्षा मानकों को दर्शाते है। शिक्षकों के विकास के लिए कई उपाय की आवश्‍यकता है। रिक्‍त पड़े अध्‍यापकों के पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरना होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में विविधता और नये विचार लाने के लिए विदेश से प्रतिभाशाली शिक्षकों की भर्ती की जानी चाहिए। 

हमारे वि‍श्‍ववि‍द्यालय के काम-काज को जि‍न बीमारि‍यों ने घेर रखा है वह अच्‍छे शासन व्‍यवहार के अभाव के कारण है। शासन के ढ़ांचे को नि‍र्णय लेने की तेज पारदर्शी व्‍यवस्‍था वि‍कसि‍त करनी होगी। इस संदर्भ में संस्‍थान के पुराने लोगों को शासन व्‍यवस्‍था में शामि‍ल करके ऐसी गति‍शीलता दी जा सकती है जि‍सकी हमारी संस्‍थानों में कमी है। वर्तमान पाठ्यक्रमों की समीक्षा तथा नए पाठ्यक्रमों को लागू करने में भी संस्‍थान के पुराने लोगों के अनुभवों को लाभ उठाया जा सकता है। 

उद्योग के साथ व्‍यापक स्‍तर पर साझेदारी वि‍कसि‍त करने के लि‍ए ठोस प्रयास करना होगा। उद्योग और शि‍क्षा जगत के बीच आपसी संबंध के लि‍ए संस्‍थागत प्रबंध करना आवश्‍यक है। इससे शोध, पीठ तथा प्रशि‍क्षण कार्यक्रम चलाने के लि‍ए प्रायोजक मि‍ल सकेंगे। 

टैक्‍नोलॉजी बेहतरीन ज्ञान वाहक और सूचना का प्रसारक होती है। ज्ञान के नेटवर्क से बौद्धि‍क सहयोग में मदद मि‍लती है। इससे शारीरि‍क परेशानि‍यां भी समाप्‍त होती हैं। टैक्‍नोलॉजी आधारि‍त मीडि‍या अकादमि‍क आपाद-प्रदान के लि‍ए समय की आवश्‍यकता है। 

हमारे वि‍श्‍ववि‍द्यालयों में शोध की अनदेखी की स्‍थि‍ति‍ बदलनी होगी। हमारी शि‍क्षा प्रणाली में हमें बहु-वि‍षयात्‍मक दृष्‍टि‍ अपनानी होगी क्‍योंकि‍ अधि‍कतर शोधकार्यों में वि‍भि‍न्‍न वि‍षयों के लोगों की आवश्‍यकता होती है। हमें उन क्षेत्रीय वि‍शेषताओं पर जोर देना होगा जहां वि‍श्‍ववि‍द्यालय स्‍थापि‍त कि‍ए गए हैं। मणि‍पुर वि‍श्‍ववि‍द्यालय अपने शोध वि‍शेषज्ञता को इस तथ्‍य को ध्‍यान में रखते हुए प्राथमि‍कता दे सकता है कि‍ मणि‍पुर राज्‍य जैववि‍वि‍धता वाला राज्‍य है। 

हमारे वि‍श्‍ववि‍द्यालयों का कर्तव्‍य है कि‍ वे जि‍ज्ञासा का वातावरण बनाएं और अपने वि‍द्यार्थि‍यों को वैज्ञानि‍क शोध प्रदान करें। वि‍श्‍ववि‍द्यालयों को वि‍द्यार्थि‍यों के वि‍चारों तथा बुनि‍यादी खोजों को पंख लगाना चाहि‍ए। नए वि‍चारों को अच्‍छे उत्‍पाद में बदला जा सकता है और इस काम में वि‍श्‍ववि‍द्यालय अग्रणी भूमि‍का अदा कर सकते हैं। अनेक केंद्रीय वि‍श्‍ववि‍द्यालयों ने इनोवेशन क्‍लब स्‍थापि‍त कि‍ए गए हैं। इसे और आगे बढ़ाने के लि‍ए उस इलाके में स्‍थापि‍त आईआईटी और एनआईटी के इंक्‍यूबेटर्स का सहयोग लेना चाहि‍ए। इंक्‍यूबेटरों के साथ क्‍लबों के जुड़ाव से शोध के अग्रणी केंद्रों और आम आदमी के बीच संपर्क के लि‍ए 'इनोवेशन वेब' बनाने में मदद मि‍लेगी। आशा है कि‍ मणि‍पुर वि‍श्‍ववि‍द्यालय अगले कुछ वर्षों में नए खोज को बढ़ावा देगा। मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि‍ वि‍श्‍ववि‍द्यालय ने इस दि‍शा में कदम बढाए हैं। 

मि‍त्रों, मणि‍पुर एक सुंदर राज्‍य है और कला, संस्‍कृति‍ तथा खेल-कुद के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर शानदार प्रदर्शन कि‍या है। मणि‍पुर के युवाओं और महि‍लाओं की उपलब्‍धि‍यों पर भारत को गर्व है। मणि‍पुर भवि‍ष्‍य में देश को और गौरव दि‍लाएगा। यह आवश्‍यक है कि‍ सभी लोग वि‍शेषकर इस राज्‍य के युवा यह मानते हैं कि‍ हिंसा रहि‍त माहौल में ही अर्थव्‍यवस्‍था तथा समाज फल-फूल सकता है। हिंसा से कि‍सी समस्‍या का समाधान नहीं होता। हिंसा दर्द को बढ़ाती है और सभी पक्षों को आहत करती है। 

मैं मणि‍पुर के युवाओं का आह्वान करता हूं कि‍ वे अपने देश का भवि‍ष्‍य संवारने में देश के बाकी हि‍स्‍सों के युवाओं के साथ मि‍लकर काम करें। चाहे व्‍यापार हो, उद्योग हो, शि‍क्षा हो या संस्‍कृति‍ हो हमारे देश के लोग वि‍चारों, उद्यमों तथा युवा आबादी की ऊर्जा के बल पर आगे बढ़ रहे हैं। 

उभरते हुए भारत में मणि‍पुर के युवाओं के लि‍ए अपार अवसर हैं। मैं मणि‍पुर के युवाओं से अपील करता हूं कि‍ वे हिंसा तथा तनाव के काले दि‍नों को पीछे छोड दें और नया सवेरा होने दें। हमें अपने सामूहि‍क भवि‍ष्‍य में वि‍श्‍वास करते हुए आगे बढ़ना होगा। मैं यह आश्‍वस्‍त करना चाहूंगा कि‍ भारत सरकार तथा मणि‍पुर की सरकार यह सुनि‍श्‍चि‍त करने के लि‍ए कर्तव्‍य से बंधे हुए हैं कि‍ प्रत्‍येक मणि‍पुरी का जीवन सम्‍मानजनक हो और उन्‍हें समान अधि‍कार और अवसर मि‍ले। इसी कारण राज्‍य में अनेक प्रमुख आर्थि‍क वि‍कास कार्यक्रम अवसंरचना परि‍योजनाएं शुरू की जा रही है। 

मैं सफल और शांति‍पूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लि‍ए मणि‍पुर के लोगों को धन्‍यवाद देता हूं। हमें खुशी मनाने चाहि‍ए कि‍ हम वि‍श्‍व के सबसे बड़ा लोकतंत्र है। 16वीं लोकसभा के लि‍ए चुनाव जारी है और मणि‍पुर सहि‍त हमारे देश के लोग बड़ी संख्‍या में अपना वोट डालने नि‍कल रहे हैं और अपने अधि‍कारों का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। 

मुझे यह जानकर खुशी हुई है कि‍ 2009 में प्रति‍बंधि‍त मणि‍पुर वि‍श्‍ववि‍द्यालय छात्र संघ अगले शैक्षि‍क सत्र से फि‍र अस्‍ति‍त्‍व में आएगा। मुझे वि‍श्‍वास है कि‍ छात्र संघ इस वि‍श्‍ववि‍द्याल के वि‍द्यार्थि‍यों के कल्‍याण में महत्‍वपूर्ण और साकारात्‍मक भूमि‍का अदा करेगा। यह दुर्भाग्‍यपूर्ण है कि‍ राजधानी दि‍ल्‍ली में पूर्वोत्‍तर के युवाओं पर हमले की दुखद घटनाएं देखने को मि‍ली है। हमें यह सुनि‍श्‍चि‍त करना होगा कि‍ हमारे देश का बहुलवादी चरि‍त्र तथा भारत की एकता का तार ऐसी घटनाओं से कमजोर न हो। मुझे खुशी है कि‍ केंद्र सरकार तथा दि‍ल्‍ली की सरकार ने अभि‍युक्‍तों को पकड़ने और उन्‍हें सज़ा दि‍लाने में दृढ़ कदम उठाए हैं और ऐसे उपाय सुनि‍श्‍चि‍त कि‍ए हैं कि‍ ऐसी घटनाएं दोबारा न हो। 

मि‍त्रों, भारत नए अवसरों तथा उंची उपलब्‍धि‍यों के चौराहे पर खड़ा है भारत द्वारा वि‍श्‍व का नेतृत्‍व करने की बात अब कोई काल्‍पनि‍क बात नहीं है। आप देश के शि‍क्षि‍त युवा उभरते हुए नए भारत का नि‍र्माण करेंगे। अपनी शि‍क्षा का इस्‍तेमाल समाज में परि‍वर्तन के लि‍ए करें। आप महात्‍मा गांधी की इन शब्दों से प्रेरणा लें 'शि‍क्षा का मूल आप के अंदर की श्रेष्‍ठ बातों को बाहर नि‍कालना है' मैं भवि‍ष्‍य में मणि‍पुर वि‍श्‍ववि‍द्यालय की सफलता और आपके उज्‍जवल भवि‍ष्‍य की कामना करता हू्ं। 

धन्‍यवाद जय हि‍न्‍द 
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वि.के./एजी/ए.एम./वाई.बी/एसकेपी-1451

Saturday, March 29, 2014

मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज में होस्टल नाईट

नारी को हर मामले में विज्ञापन बनाने पर भी हुई चर्चा 
लुधियाना: 28 मार्च 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
ज़िंदगी में खुशियां भी आती हैं और गम भी। मिलन भी होता है और बिछड़ना भी। कभी अचानक कोई अच्छा मौका मिला जाता है और कभी हाथ में आया अच्छा मौका छूट भी जाता है। इन सब रंगों को मिला कर ही बनती है ज़िंदगी---कभी ख़ुशी कभी गम। ज़िंदगी के इन अलग अलग रंगों का सहजता से सामना करते हुए हर पल संतुलन में बताने के लिए होस्टल की ज़िंदगी कई अनुभव देती है। शिक्षा, अनुशासन, और परिवार से दूर पूरी छूट और अपने कमरों में अपनी खुद की ज़िम्मेदारी। इन सब अनुभवों पर आधारित था मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज कालेज में हुआ होस्टल नाईट का आयोजन।
इस यादगारी संगीतमय शाम में डांस का जोश संगीत का जादू और सुंदरता का जलवा सब कुछ था। एक घंटे का कार्यक्रम दो घंटे से भी अधिक चला पर वक़त का किसी को कुछ पता ही नहीं चला। यादविंदर कौर को इस प्रोग्राम में मिस होस्टलर का खिताब मिला जबकि जसप्रीत कौर फस्ट रनरअप और स्वाति सेकंड रनरअप रहीं।
कालेज में हिंदी की लेक्चरर इंद्रमोहन कौर ने एक सवाल पूछ कर सारे माहौल को ही एक गंभीर दिशा में मोड़ दिया। उन्होंने  छात्राओं से पूछा कि क्या हर मामले में नारी को विज्ञापन बना कर दिखाना क्या उचित है? इस सवाल के जवाब में इस सोच और सिलसिले को बुरी तरह से रद किया गया। मैडम इंद्रमोहन कौर ने कार्यक्रम के बाद बताया कि उन्होंने यह सवाल लड़कियों के दिलो-दिमाग में एक चेतना लाने के लिए पूछा तांकि महिला वर्ग के अंदर इस बुराई के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक इनकार पैदा हो सके। इस चेतना के बाद ही नारी ऐसे विज्ञापनों का अंग बनने से ज़ोरदार इनकार कर सकेगी।
प्रिंसिपल मैडम डाकटर चावला ने मुख्य अतिथि का फ़र्ज़ भी निभाया और लड़कियों को जीवन में साकारत्मक सोच बनाने पर ज़ोर दिया क्यूंकि इस सोच के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा।    मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज में होस्टल नाईट

Wednesday, March 12, 2014

डीडी जैन महिला कालेज में कराया गया विशेष राष्ट्रीय सेमिनार

Wed, Mar 12, 2014 at 3:25 PM
डा. ओझा ने दी  इतिहास पर रौचक जानकारी 
लुधियाना:12 मार्च 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
शोर शराबे से भरे हल्के आयोजनों से हट कर डीडी जैन महिला कालेज ने एक और विशेष आयोजन कराया। यह एक राष्ट्रीय सेमिनार था जो पंजाब के प्रारंभिक मध्यकाल के दौरान राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक संक्रमणकालीन चरण प् विशेष चर्चा करने के लिए आयोजित कराया गया। इस एक दिवसीय संगोष्ठी प्रायोजित किया था पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के ICSSR विभाग ने। गौरतलब है कि आज के इस शुभ दिन इस कालेज  की मुख्य प्रेरणा स्रोत देवकी देवी जैन जी का जन्मदिन भी था। इस शुभ अवसर पर कालेज ने एक गंभीर और खो चुके विषय पर संगोष्ठी करा कर जहाँ कालेज की छात्रायों को एक ज्ञान भरी सौगात दी वहीँ इतिहास में रूची रखने वाले अन्य लोगों के लिए भी एक नया सिलसिला शुरू किया। कार्यक्रम के दो तकनीकी स्तर थे जिनमें दस शोध पत्र प्रस्तुत किये गए। 
सेमिनार  शुरूआत औपचारिक ज्योति प्रज्वलित करके हुई। इस मौके पर हमेशां की तरह णमोकार मंत्र का उच्चारण भी किया गया। वक्ताओं और मेहमानों का स्वागत बहुत ही सम्मान और गर्मजोशी से किया गया। पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से आये डा. एन के ओझा पहले सेशन के मुख्य वक्ता थे जबकि उनके साथ ही चंडीगढ़ से आये डा. अश्विनी अग्रवाल दुसरे तकनीकी स्तर के मुख्य वक्ता था। इस यादगारी मौके पर जानेमाने समाज रत्न और कालेज के की प्रबंधन समिति के चेअरमैन श्री हीरा लाल जैन, कालेज के प्रधान केदारनाथ जैन, सचिव बिपन जैन, मैनेजर सुरिंदर कुमार जैन, राज कुमार जैन, श्री शांति सरूप जैन, और वरिष्ठ उपाध्यक्ष शीतल कुमार जैन, उप प्रधान और अन्य वशिष्ठ लोग भी मौजोड़ रहे।  
अपने मुख्य भाषण में में डा. एन के ओझा ने पंजाब के राजनीतिक पर इतिहास पर बहुत ही दिलचस्प तरीके से बॉट ही अमूल्य जानकारी दी। उन्होंने छठी और 12वीं सदी के कार्यकाल का एक नक्शा सा ही खींच दिया। उन्होंने उस समय की राजनीति के साथ पंजाब की आर्थिक हालत, धर्म-कर्म और संस्कृति की भी जानकारी दी। 
आये हुए डेलीगेटों ने अपने अपने शोधपत्रों में छूयाछात, महिलायों की हालत और बहुत से अन्य मुद्दों पर भी जानकारी दी। समापन सेशन के मुख्य मेहमान थे डाकटर आर के शर्मा।  उन्होंने ने भी इस विष पर बहुत ही जानकारी दी।  कालेज की प्रिंसिपल सरिता बहल ने आये हुए मेहमानों का धन्यवाद किया।समापन रिपोर्ट के साथ ही प्रमाणपत्र भी दिए गए और राष्ट्र गान के साथ ही कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।