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Monday, August 28, 2017

डेरा प्रबंधन ने क़ुरबानी दस्ता भी बनाया था

सुरक्षा बलों की सर्तकता से नाकाम बनाया गया खतरनाक प्लान 
चंडीगढ़//रोहतक: 28 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
अगर सुरक्षा बलों ने वक़्त पर स्थिति नहीं संभाली होती या फिर जाने अनजाने 25 अगस्त को दी गयी ढील दोहराई जाती बहुत बढ़े स्तर पर जानी नुक्सान हो सकता था। डेरा प्रबंधन ने इस मकसद के लिए बाकायदा क़ुरबानी दस्ते तैयार किये थे। इस क़ुरबानी दस्ते के लोग मरने मारने पर उतारू थे। इनको एक विशेष सुसाइड ड्रेस दी गयी थी। इसे पहनने के बाद पुलिस की लाठी का भी कोई असर नहीं होता क्यूंकि इसमें फोम लगी होती है। 
इस विशेष सुसाइड ड्रेस की लंबाई लगभग साढ़े पांच फीट है। यह एक बैग की तरह होती है। इस बैग के अंदर फोम लगी हुई है, जिसे पहनकर पुलिस की लाठी का भी असर नहीं होता है। देखने में यह रेनकोट लगता है। यदि इस प्लास्टिक बैग में पेट्रोल की दो बोतलें उड़ेल दी जाए तो फोम शरीर के चिपक जाती है। इसके बाद आग लगने पर केवल पांच मिनट में व्यक्ति की मौत हो सकती है।
क़ुरबानी दस्ता का विशेष निशाना रोहतक एरिया ही था। मीडिया सूत्रों के अनुसार इन बैग को पहनकर कुर्बानी दस्ते के सदस्यों को शहर में निकलना था। अगर जरूरत पड़ती तो सुसाइड जैसा कदम भी उठा सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। रोहतक में डेरा समर्थकों ने कुर्बानी दस्ता तैयार किया है, जिसके सदस्य मारने-मरने में भी पीछे नहीं हटेंगे। कुर्बानी दस्ते में शामिल सदस्यों के सुसाइड बैग तैयार किए जाने की भी सूचना है। ऐसे ही 60-70 प्लास्टिक बैग खुफिया विभाग ने रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे पर बोहर फ्लाईओवर के पास डेरे के नामचर्चा घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे से बरामद किए हैं।
इन सूत्रों के अनुसार रोहतक में एक स्थान पर हुई डेरा समर्थकों की मीटिंग में यह जत्था भी शामिल हुआ था। यहां पर फैसला लिया गया कि जिस समय गुरमीत राम रहीम को लेकर सीबीआइ अदालत द्वारा सजा पर फैसला सुनाया जाएगा तो उसी समय दर्जनों लोग सुसाइड करेंगे। मीटिंग में यह भी तय हुआ कि यदि आत्महत्याएं जेल के गेट पर या फिर जेल के नजदीक हो तो बेहतर होगा। इसकी सूचना मिलते ही विभाग ने छापेमारी कर उक्त बैग बरामद कर लिए। इस तरह इस कोशिश को नाकाम बना दिया गया। यदि यह जत्था अपने इस नापाक काम में सफल हो जाता तो मानवीय संवेदना को कितनी ठेस पहुंचती इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं होना चाहिए। 
इस संबंध में रोहतक स्थित थाना अर्बन इस्टेट के थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि रोहतक -पानीपत हाईवे पर बोहर गांव के समीप फ्लाइओवर के समीप प्लास्टिक बैग बरामद किए गए हैं। इन बैग को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। जहां बैग बरामद किए गए हैं, उसके समीप ही डेरा सच्चा सौदा का नाम चर्चा घर भी है। अंदाज़ा लगाइये कहाँ तक सोच रखा था डेरा प्रबंधकों ने। 

MSG: दोनों मामलों की सज़ा मिलकर 20 वर्ष की जेल

इस सज़ा के ऐलान से न खत्म होने वाली मुश्किलों की शुरुआत 
चंडीगढ़//सिरसा//रोहतक: 28 अगस्त 2017 (पंजाब स्क्रीन टीम)::
जैसी कि संभावना थी डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सज़ा बढ़ कर अब 20 वर्ष हो गयी है। इससे पहले एक फैसले में केवल एक मामले की सजा सुनाई गयी थी। दोनों मामलों की सज़ा मिलकर अब 10+10=20 वर्ष हो गयी है। इसके साथ ही साध्वी यौनशोषण मामले में 30 लाख जुर्माने की सजा भी सुनाई गई है। इनमें से 14-14 लाख रूपये दोनों पीड़ित साध्वियों को दिए जायेंगे जबकि दो लाख रूपये अदालत के पास जमा होंगें। कैद-बामुश्कक्त की ये दोनों सज़ाएं गुरमीत राम रहीम को अलग-अलग काटनी होगी। डेरा प्रमुख के वकील एस के नरवाना ने भी इसकी पुष्टि की है। डेरा मुखी को धारा 376 और 506 के तहत सजा सुनाई गई है। उस पर तीन अलग-अलग धाराओं को लेकर 65 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस के बाद सियासी और समाजिक क्षेत्रों में यह मामला और गरमा गया है। अभी पत्रकार छत्रपति की हत्या का मामला भी बाकी है।  

गौरतलब है कि साध्वी यौन शोषण मामले में राम रहीम को 25 अगस्त को दोषी करार दिया गया था। सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम का कैदी नंबर चेंज होगा। अभी तक वह कैदी नंबर 1997 था। उसे अब कैदियों वाले कपड़े पहनने होंगे। उसे जेल मैनुअल के हिसाब से काम भी करना होगा। अभी उसका मेडिकल किया जा रहा है। जेल में सफाई का काम पूरा करने  मिला करेगी रोटी। बेबस महिलाओं को लंगर से खाना न देने की धमकी देने वाले सिस्टम के मुखी गुरमीत राम रहीम को  कर्मों का हिसाब जेल की इस दुनिया में देना होगा।  भोलेभाले लोगों को अगले-पिछले जन्म के चक्क्रों में उलझा कर अपने शोषण का शिकार बनाने वाले बाबा का हिसाब अब इसी दुनिया में हो रहा है। 

डेरा मुखी राम रहीम के पास अब सजा के खिलाफ अपील करने के लिए हाईकोर्ट जाने का विकल्प है। आज समय कम होने के कारण वह एेसा नहीं कर पाएगा, लेकिन बहुत संभव है कल वह हाई कोर्ट में अपील दायर करे। इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्रियों, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक की बैठक बुलाई है। इसमें कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा होगी। अब देखना है की हालात का ऊँट किस करवट बैठता है। 

यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को 10 साल की जेल

हिंसा की खबरों के बीच CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

चंडीगढ़//रोहतक//सिरसा: 28 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

न कोई चमत्कार हुआ और न ही हिंसा के दबाव ने काम किया। सज़ा का एलान होने से पहले ही सिरसा में दो गाड़ियों को आग लगा दी गयी लेकिन इस सब के बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह ने मेसेंजर आफ गॉड गुरमीत राम रहीम को रोहतक में ही दस वर्ष कैद की सज़ा सुना दी। गौरतलब है की यह केवल ेल मामले की सजा है। अगर दुसरे में भी यही फैसला आया तो सजा दुगनी अर्थात 20 साल हो सकती है। इस सजा को डेरे ने हाई कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इसी बीच मुख्य मंत्री मनोहर लाल खटटर ने सारे घटनाक्रम पर विचार करने के लिए एक विशेष आपात बैठक बुलाई है। सिरसा में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया गया है। अब कई और लोगों के भी डेरा प्रमुख के सामने आने की संभावना है। इसी बीच बाबा को ब्लड प्रेशर होने की खबर गलत बताई जा रही है और पीठ दर्दकी पड़ताल का परिणाम अभी आना है। इस सज़ा के दौरान बाबा को जेल नियमों के मुताबिक बाकायदा काम करना होगा। 
गौरतलब है कि यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जो 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है उससे डेरा के पैरोकार गुस्से में हैं।  सिरसा में दो गाड़ियों का जलाया जाना साबित करता है कि अभी भी डेरा के हथियारबंद स्कुएड के लोग कहीं न कहीं छुपे होने और हमले की ताक में हो सकते हैं। 

उल्लेखनीय है कि सोमवार को सजा पर सुनवाई के दौरान सुनवाई के दौरान राम रहीम ने हाथ जोड़े और माफ़ी की मांग भी की।  

उनके वकीलों ने भी सीबीआई की विशेष अदालत से सजा में नरमी की मांग की थी पर सज़ा हो कर ही रही।  
इस बार वक़्त रहते किये गए सुरक्षा प्रबंधों के चलते उस तरह की हिंसा नहीं हो सकी जिस तरह 28 अगस्त के बाद पंचकूला और कुछ अन्य स्थानों पर हुई थी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी व्यापक हिंसा हुई थी। इन सभी स्थानों पर एक आतंक सा छाया रहा। जन जीवन ठप्प रहा। डेरा समर्थकों ने कई शहरों में उपद्रव और आगजनी शुरू कर दी। इस क्रम में 38 लोगों की मौत हो गई और 250 लोग घायल हो गए थे। इससे जो वित्तीय नुकसान हुआ वो अलग।   
दूसरों के परिवारों को ज़िंदा दफना देने की धमकियां देने वाले इस बाबा को जब खुद मुसीबत का अहसास हुआ तो सजा सुनाए जाने से पहले गुरमीत राम रहीम ने जज के आगे हाथ जोड़े और माफी की मांग की। हिंसा की आशंका के चलते आज प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। जेल के आसपास के इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां भी तैनात हैं रहीं। रोहतक आने वाली सभी गाड़ियों की सघन तलाशी भी ली गयी। हर आने-जाने वाले से उसकी पहचान पूछी गयी। शहर के अदंर और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। यहां रोहतक और सिरसा में भी धारा 144 लगी हुई है। 

Friday, August 25, 2017

डेरा प्रेमियों के हिंसक उत्पात ने हिला दिया पूरा देश

 डेरे की सम्पति अटैच करने की तैयारियां शुरू 
नई दिल्ली//चंडीगढ़//पंचकूला//सिरसा//:: 25 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन मीडिया ब्यूरो):: कभी एक सीता माता का हरण हुआ था तो राम रावण युद्ध की कहानियां अब तक सुनी सुनाई जाती हैं। कभी एक द्रोपदी का चीयर हरण हुआ था तो महाभारत के भयनक युद्ध का परिणाम आज तक चर्चा का विषय रहा। इसके बाद भी ऐसा बहुत कुछ जारी रहा। आख़िरकार एक साध्वी की हिम्मत रंग लायी। उसने हाईकोर्ट के साथ साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी एक पत्र लिखा। पत्र गुमनाम था। अगर नाम लिखा होता तो उसकी जान को खतरा हो सकता था। शायर मन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बहुत संवेदनशील भी थे। वह गुमनाम पत्र उनके मन को छू गया। इसके साथ ही शुरू हुई पत्र लिखनेवाली साध्वी की खोज और परिणाम आज सभी के सामने है। बाबा गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दे दिया गया है। आलीशान ज़िंदगी जीने वाले बाबा अब रोहतक जेल पहुंच चुके हैं। बाबा को जेल की बात सुनते ही अनुयायी क्रोधित हो गए।पंचकूला में एकत्र होने की तयारी बहुत पहले से थी।  
देखिये/सुनिए इस वीडियो में
जो लोग कह रहे थे कि खून की नदियां बहा देंगें वे अपनी धमकियों को सच कर दिखाने लगे। इसके बाद सरकारी दफ्तरों में आग, रेलों में आग, बसों में आग, मीडिया की ओ बी वैनों में आग, टेलीफोन एक्सचेंजों में आग और यहां तक कि अस्पतालों में आग। डेरा आतंक की यह आग सिरसा और पंचकूला से होते हुए पूरे पंजाब में पहुंची और फिर दिल्ली को भी अपनी लपेट में ले लिया। वोटबैंक के लालच में डेरों को लगातार शक्तिशाली बनाने वाली सरकारें और डेरों में जा कर माथे रगड़ने वाले सियासतदान भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। सम्पति सिर्फ डेरे की नहीं इन लोगों की भी अटैच होनी चाहिए। 
साध्वी यौन शोषण मामले में श्रम करने की बजाये, अपनी बहु बेटियों को वहां भेजने से परहेज़ करने की बजाये डेरा अनुयायियों ने तोड़फोड़ और आगज़नी को पहल दी। डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार देने के बाद हरियाणा और पंजाब के कई जिलों में डेरा अनुयाइयों ने जमकर हिंसा की। प्राप्त समाचारों के अनुसार पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ हुए संघर्ष में कई लोगों की मौत हो गयी है और बहुत से लोग घायल हो गए हैं। पंचकूला की केन्द्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने 15 वर्ष पुराने इस मामले में आज राम रहीम को दोषी ठहराया है। इस मामले में सजा का ऐलान 28 अगस्त को किया जाएगा। सोशलमीडिया पर कई लोग कह रहे थे कि यह काम भी आज ही हो जाता तो अच्छा था। फैसले को ४५ मिन्ट्स तक रोकने और बहुत सी अन्य सावधानियों के बावजूद जब राम रहीम को दोषी ठहराने की खबर जैसे ही अदालत के कमरे से बाहर आयी पंचकूला में एकत्रित बाबा के हजारों अनुयाइयों ने उपद्रव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। डेरा में सिखाये जाते धर्म का असली चेहरा सामने आने लगा। स्पष्ट हो गया कि  कानून को तीच समझने की तैयारी बहुत पहले से ही थी। 

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अपनी ही एक अनुयायी साध्वी के यौन शोषण मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत ने आज दोषी करार दिया। डेरा प्रेमियों ने कानून का जितना सम्मान किया वो सबके सामने हैं। उनके सभी वायदे झूठे साबित हुए हैं। 

पंचकूला स्थित ब्यूरो की विशेष अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिंह ने 15 वर्ष पुराने इस मामले में बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया। इसकी संभावना नज़र भी आ रही थी। फैसला सुनाते समय बाबा अपने वकीलों के साथ अदालत में मौजूद थे। मीडिया चैनलों ने बताया की अदलात में सज़ा सुन कर बाबा रो पड़े। इस तरह खबर आते ही शुरू हो गया बाबा के पैरोकारों का तांडव। राम रहीम को दोषी ठहराने के बाद उनके अनुुयाइयों ने जम कर उत्पात मचाया। पंचकूला कोर्ट पर भी हमला किया। गोलियां चलायीं , पैट्रोल बम इस्तेमाल किए और सर्कार को डराने की कोशिशें शुरू कीं। उपद्रव और तोड़फोड़ लगातार बढ़ती चली गयी। मीडिया कर्मियों को भी सोच समझ कर निशाना बनाया गया। सियासदानों के ज़रिये अदालत को प्रभावित करने की चालें नाकाम रहने पर इन डेरा प्रेमियों का गुस्सा आम लोगों पर भी फुट पड़ा। 

जरूरत पड़ने पर सुरक्षाबलों को हालात पर काबू पाने के लिये सख्ती बरतने के निर्देश दिये गए पर वे काफी लेट थे। बंधे हाथों वाली पुलिस आखिर करती भी तो क्या। दफा 144 के बावजूद लाखों किम संख्या में एकत्र होने देने का तमाशा देखने वाले अधिकारी और सियासतदान भी इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। 

न्यायाधीश एस.एस.सरों, सूर्यकांत और अवनीश की खंडपीठ ने पंचकूला में निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद बड़ी संख्या में डेरा समर्थकों के पहुंचने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने के आशंका को लेकर दायर की गयी एक जनहित याचिका पर आज आगे सुनवाई करते हुये हरियाणा सरकार को स्पष्ट निर्देश दिये कि अगर कोई राजनेता और मंत्री अगर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हस्तक्षेप करता है तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाए। खंडपीठ ने कहा कि इस तरह की सूचनाएं हैं कि अदालत का फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ आने की स्थिति में उनके समर्थक आत्मदाह कर सकते हैं जिससे स्थिति और बिगड़ेगी।

सज़ा सुनते ही डेरा प्रेमी भड़क गए। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में हालात बुरी तरह बिगड़ गए। डेराप्रेमी आगजनी, तोड़फोड़ पर उतारू हो गए। टीवी चैनलों की ओ बी वैनों को जला दिया गया या उल्टा दिया गया। मीडिया कर्मियों पर हमले किया गए। उपद्रव बढ़े तो सैंकड़ों ट्रेनें रद्द कर दी गयीं। 

पंचकूला में हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया है। मौतों की संख्या लगातार बढ़ती गयी। पंचकूला में कर्मचारी चयन आयोग और एलआईसी की इमारत में आग लगा दी गई। सैंकड़ों वाहनों को आग लगा दी गयी। अब तक हुई हिंसा में बहुत से लोगों के जख्मी होने की खबर है। अलग अलग अस्पतालों में उनका इलाज भी चल रहा है। घायलों में पुलिस वाले भी शामिल हैं। 
वाटर कैनन का प्रयोग कर डेराप्रेमियों को खदेड़ा जा रहा है। आंसू गैस के गोले छोड़े गए। हवाई फायरिंग भी की गयी और लाठीचार्ज भी लेकिन डेरा प्रेमी शांत नहीं हुए। भड़के डेरा प्रेमियों ने सेक्टर 3 में न्यूज चैनल की दो ओबी वैन में आग लगा दी है। एक इंडिका कार को तोड़ फोड़ दिया है। सेक्टर 5 में भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। सेक्टर 4 में गोलियां चल गई। सेक्टर 5 में लाठीचार्ज भी हुआ।



गौरतलब है कि डेरा के देशभर में 50 आश्रम हैं। इनका सबसे बड़ा आश्रम हरियाणा के सिरसा जिले में है जो तकरीबन 67 साल से चल रहा है। इसका रकबा बहुत बड़ा है। इसके अलावा डेरा के आश्रम अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक फैले हैं। दुनियाभर में डेरे के अनुयायियों की संख्या लाखों से करोड़ों में है जिसमें लाखों अनुयायी हरियाणा से हैं। इतनी बड़ी संख्या ही इस डेरे का शक्ति आधार है। ये अनुयायी पूरी तरह समर्पित हैं। कई बार तो सम्मोहित से भी लगते हैं। 

न्याय में लगातार देरी। आखिर 15 साल कम नहीं होते। एक आरोपी, तारीख-दर-तारीख 200 से ज्यादा सुनवाई और अब जाकर दोषी करार। लेकिन हालात इतने नासाज थे कि कभी भी कुछ भी हो जाए। डेरे का साम्राज्य और उसमें बाबा की दहशत। कितनी बार सोचा होगा उस साध्वी ने जिसने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा। बात साल 2002 की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के नाम एक गुमनाम चिट्ठी आई, जो तीन पेज की थी। ये चिट्ठी एक महिला की ओर से भेजी गई थी। इसमें डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की शिकायत की गई। डेरामुखी पर यौन शोषण व दुष्कर्म का आरोप लगाया गया और लिखा गया कि बाबा साध्वियों का यौन शोषण करते हैं। यह पत्र कितनी बार सोच कर कितनी हिम्मत से लिखा होगा उसने। 
पत्र ने असर दिखाया। पीएमओ ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सितम्बर 2002 में सीबीआई को इस मामले में जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जांच में आरोप सही पाए और डेरामुखी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। फिर सीबीआई ने विशेष अदालत में 31 जुलाई, 2007 में आरोप पत्र दाखिल किया। हालांकि डेरामुखी को जमानत तो मिल गई, लेकिन साल 2012 से केस पंचकूला की अदालत में चला। 
अब देखना है उस साध्वी का क्या बना। क्या वह अभी तक ज़िंदा है? अगर ज़िंदा है तो क्या उसकी जान को खतरा तो नहीं?  
इस सारे घटनाक्रम पर खुद को महिला लीडर बनाने वाली महिलाये अभी तक कुछ नहीं बोलीं।  आखिर यह चुप्पी क्यों? क्या महिला संगठनों को साध्वी के यौन शोषण ने उद्धेलित नहीं किया? उनके मन में कोई दर्द नहीं उठा? साथ ही यह भी कि अब इस देश की सरकारें लगातार बढ़ रहे इन डेरों पर कोई शिकंजा कसेंगी या नहीं?


Monday, June 13, 2016

हिंसा जारी-अब फरीदकोट में डेरा प्रेमी को गोली मारी

दिनदिहाड़े हुई वारदात से इलाके में तनाव 

 फरीदकोट//लुधियाना: 13 जून 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):

लुधियाना में रंजीत सिंह ढडरियांवाले पर हमला,
लुधियाना की ही सब्ज़ी मंडी में एक आढ़ती की हत्या। 
फिर दमदमी टकसाल के कथावाचक संदीप सिंह पर हमला, 
अब फरीदकोट में डेरा प्रेमी को गोली मारी।
पंजाब में हिंसा का तांडव जारी है। गोलियां चलाने वाले पूरी तरह बेख़ौफ़ लगते हैं और निशाना बनने वाले पंजाब के फरीदकोट में आज दिनदिहाड़े कार सवार बदमाशों ने डेरा सच्चा सौदा प्रेमी को गोली मार दी। इससे इलाके में तनाव बना हुआ है। वहीं, गोली लगने से घायल व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार यह वारदात सुबह 5:30 बजे के करीब घटित हुयी। गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा के सामने गुरदेव सिंह (45) नामक व्यक्ति की किरयाने की दुकान थी। आज सवेरे जब वह दुकान खोलने आया तो कार सवार बदमाश कोई चीज़ लेने के बहाने वहां रुके और जब उसका ध्यान चीज़ देने की तरफ हुआ तो उसे गोली मारकर फरार हो गए।   
गोली गुरदेव के सिर में लगी। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास लोग दौड़े आए तो देखा कि उसकी सांसें चल रही हैं। लोगों ने तुरंत उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कालेज के डाकटरों ने उसे प्राथमिक इलाज प्रदान करने के बाद प्राथमिक इलाज के बाद उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए उसे डीएमसी हसपताल लुधियाना के लिए रैफर कर दिया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि गुरदेव सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा का प्रेमी है और जिस गुरुद्वारे के सामने उसकी दुकान है, उससे एक साल पहले जून-2015 में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चोरी हुए थे।