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Thursday, April 11, 2024

ईद पर बुलंद हुई फिलिस्तीन के साथ एकजुटता की आवाज़

Thursday 1th April 2024 at 10:56 AM

इसराइल पर खुल कर लगाया गया जघन्य नरसंहार का आरोप 


लुधियाना
: 11 अप्रैल 2024: (मीडिया लिंक रविंद्र//पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

पवित्र रमजान शरीफ के तीस रोजे रखने के बाद आज लुधियाना शहर में लाखों मुसलमानों ने ईद-उल-फितर की नमाज अदा की, वहीं ऐतिहासिक जामा मस्जिद में शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने सादगी के साथ ईद मनाई। इस मौके पर शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मुसलमानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज ईद के दिन फिलीस्तीन के मजलूम मुसलमानों को नहीं भुलाया जा सकता,  जिनका इजराइली आतंकियों ने नरसंहार किया है। 

शाही इमाम ने कहा कि फिलीस्तीन में इजराइल की गुंडागर्दी को कभी भी सहन नहीं किया जा सकता। इजराइल का हर एक कदम गैर इंसानी और गैर कानूनी है, लेकिन जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज को उठाना हमारी जिम्मेदारी है हम सब को मिल कर राजनीतिक और सामाजिक तौर पर आतंकवाद का विरोध करना चाहिए। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि जुल्म के खिलाफ खामोश रहने वाली कौमें अपना वजूद खो दिया करती है इस लिए अगर आप जिंदा हैं तो जिंदा नजर आना भी जरूरी है। 

इस अवसर पर फिलीस्तीन के लोगों के साथ सहानभूति दिखाते हुए जामा मस्जिद पर फिलिस्तीनी धवज लगाए गए थे, नमाज अदा करने आए अधिकतर लोग भी फिलीस्तीन धवज लेकर आए थे और सडक़ों पर मुसलमान हाथों में बड़े-बड़े बैनर लेकर इजराइल का विरोध कर रहे थे। इस अवसर पर शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि फिलीस्तीन में लगातार इजलाइल की ओर से किए जाए रहे नसंहार की वजह से लाखों फिलीस्तीनी मुसलमान बेघर हो गए, बड़ी संख्या में बच्चें अस्पतालों में जख्मी पड़े है,  फिलीस्तीन में इस समय खाद् सामग्री की बड़ी कमी है की फौरी तौर पर मदद की जाए और फिलीस्तीन-इजराइल मामले में दखल देकर इस जंग को जल्द से जल्द खत्म करवाया जाए। 

ईद के इस पावन अवसर पर इस अवसर पर शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने फिलीस्तीन में अमन और शांति के लिए दुआ भी करवाई।

इस मौके पर मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देते हुए लुधियाना उत्तरी से विधायक चौधरी मदन लाल बगगा और लुधियाना सैंट्रल के विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि ईद का दिन सिर्फ  मुसलमान भाईयों के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि हम सब दुआ करते है कि यह खुशियों भरी रीत हमेशा ऐसे ही चलती रहे। 

उन्होनें कहा कि इस पूरे महीने में मुसलमान रोजा रखता है और अपने खुदा की इबादत करता है, जिसके बदले में अल्लाह तआला अपने बंदों को ईद का पवित्र त्योहार तोहफे के तौर पर देता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हर मुसलमान अपने सारे गिले शिकवे भूल कर एक दूसरे को गले लगाता है। 

उन्होनें कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बड़ी खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि लुधियाना शहर सभी धर्मों के लोगों का एक गुलदस्ता है। इसके सभी फूल अपनी खुशबू के साथ माहौल को खुशगवार बना कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना की यह ऐतिहासिक जामा मस्जिद जहां मुसलमानों का मुख्य धार्मिक केन्द्र है, वहीं यह अन्य धर्मों के लोगों के लिए अमन और मुहब्बत की निशानी है।

इस मौके पर जामा मस्जिद लुधियाना में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए पूर्व कैबिनेट मंत्री स. हीरा सिंह गाबडिय़ा, पूर्व पार्षद राकेश पराशर, गुलाम हसन कैसर, अशोक गुप्ता, शिंगारा सिंह दाद, जरनैल सिंह तूर, सीनियर अकाली नेता बलजीत सिंह बिंद्रा, गुरप्रीत सिंह विंकल, मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी विशेष रूप से उपस्थित थे।

तस्वीरों में आप देख सकते हैं ईद-उल-फितर के मौके पर जामा मस्जिद लुधियाना में शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवीं को ईद की मुबारकबाद देते हुए विधायक चौधरी मदन लाल बगगा, अशोक पराशर पप्पी, मुहम्मद मुस्तकीम व अन्य। गौरतलब है की हर बार सियासत और धर्म क्षेत्र के जानेमाने लोग जामा मस्जिद में अपनी हाज़िरी लगवाने पहुँचते हैं। 

आज जब सुबह सुबह सभी अकीदतमंद जामा मस्जिद पहुंचे तो ईद-उल-फितर के मौके पर जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर हाथों में फिलीस्तीनी झंडे व बैनर लेकर इजराइल के खिलाफ विरोध करते हुए मुसलमान भाईचारे के लोग।

इस मौके पर जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर ईद-उल-फितर के मौके पर हजारों की संख्या में नमाज अदा करते हुए मुस्लिम भाईचारे के लोग।

Sunday, February 11, 2024

लुधियाना मायापुरी मदरसे में बच्चों की दस्तारबंदी

Sunday:11th February 2024 at 4:09 PM

टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में किया गया सालाना जलसे का आयोजन 

शाही इमाम ने कहा सकारात्मक सोच के साथ अपना जीवन बिताएं


लुधियाना: 11 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन):: 

बीती रात टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में सालाना जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मौलाना आरिफ खेड़ा मुगल ने की व पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रधान मुहम्मद इनाम मालिक, हाफिज दिलशाद, मुफ्ती आरिफ पंजाबी बाग, मुफ्ती इनाम ,मुहम्मद रिजवान, हाफिज नाजिम, हाजी तय्यब,  हाजी जरीफ ,मुहम्मद मुंशद, जहांगीर , कारी हसीन खास तौर पर उपस्थित रहे। 

दस्तारबंदी के इस यादगारी अवसर पर संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी  ने कहा कि इस्लाम आपसी भाईचारे और प्यार का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि लोगों में खुश खबरीयां बांटो। 

आज बहुत से लोगों के तनावपुर्ण लाईफस्टाईल पर बात करते हुए शाही इमाम ने कहा कि आज समाज में अक्सर लोगों की सोच नकरात्मक होती जा रही है, लोग एक-दूसरे के संबंध में अच्छी राय नहीं रखते, एक दूसरी कौमों के संबंध में भी अच्छी राय नहीं बनाई जा रही जो कि चिंता का विषय है। 

शाही इमाम ने कहा कि अगर आपको सफल होना है तो सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा होगा। उन्होने कहा कि मुहम्मद साहब  सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि किसी भी इंसान के बारे में कोई बुरी राय कायम ना करो। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान ने कहा कि बुरा सोचने वाला कभी कामयाब नहीं होता वो अपनी ताकत लोगों की बुराई में खर्च करता है जिसकी वजह से उसे सिवाए बुराई करने के कोई और काम नहीं आता।

इसी संबंध में शाही इमाम ने कामयाबी की तरफ बढ़ रहे लोगों को सलाह दी कि वह सब्र और हिम्मत के साथ आगे बढ़ते हुए सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाएं। वर्णनयोग है कि इस अवसर पर कुरआन मजीद हिफज करने वाले 4 बच्चों की दस्तारबंदी भी की गई।

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Thursday, June 29, 2023

पंजाब में नफरत के लिए कोई जगह नहीं-शाही इमाम

 Thursday 29th June 2023 at 10:42 AM

लुधियाना जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा के मौके बहुत बड़ा आयोजन


शाहीइमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत फ़ैलाने वालों को आड़े हाथों लिया 

लुधियाना: 29 जून 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

जामा मस्जिद लुधियाना के शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत की सियासत करने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नफरत वालों की सख्त निंदा करते हुए कहा कि आज ईद के मौके पर हमें संकल्प दोहराना होगा कि अगर ऐसे लोगों के खिलाफ हमें क़ुरबानी भी देनी पड़ी तो भी हम गुरेज़ नहीं करेंगे। वहां मौजूद लोगों ने इस बात का ज़ोरदार समर्थन भी किया।  

आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा बकरीद की नमाज इस्लामी रिवायत के मुताबिक शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने अदा करवाई। इस मौके पर जामा मस्जिद में विभिन्न धर्मो व राजनैतिक पार्टीयों के नेता अपने मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए पहुंचे। इस मौके संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह ताआला के नबी हजरत इब्राहीम अलेहिस्सलाम की याद में मनाते है, जिन्होंने अपने खुदा की रजा के लिए अपना बेटा कुर्बान करने में देरी नहीं की। शाही इमाम ने कहा कि ईद का दिन हमें प्रेरणा देता है कि हम भी अपने अंदर कुर्बानी का जज्बा रखे। शाही इमाम ने कहा कि आज कल देश में फिरका प्रस्त ताकतें धर्म के नाम पर लोगों को बांटने में लगी हुई है इसलिए समूह भारतीयों को व अपने मुसलमान भाईयों को मैं कहना चाहता हूं कि अगर सभी को इन फिरकाप्रस्तों को नाकाम करने के लिए कुर्बानी देने की जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेगें। उन्होनें कहा कि पंजाब की रिवायतों में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, जो लोग पंजाब में धर्म के नाम पर नफरत फैला कर अपनी राजनीति चमकाना चाहते है उनकों कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के लुधियाना से विधायक अशोक पराशर पप्पी, चौधरी मदन लाल बग्गा और कुलवंत सिद्धू ने मुसलमान भाईचारे को ईद उल जुहा की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद का दिन हर एक भारतीय के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां हर एक धर्म का त्योहार सभी लोग आपस में मिल जुल कर मनाते हैं। उन्होनें कहा कि जामा मस्जिद से हमेशा ही पंजाब में अमन और खुशहाली के लिए काम किया गया है। उन्होने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बड़ी खुशी का दिन है और लुधियाना शहर सभी धर्मों के लोगों का एक गुलदस्ता है, इसके सभी फूल अपनी खुशबू के साथ माहौल को खुशगवार बना कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना की यह ऐतिहासिक जामा मस्जिद जहां मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केन्द्र है, वहीं यह तमाम धर्मों के लोगों के लिए अमन और मुहब्बत की निशानी है। उन्होनें कहा कि ईद का दिन सिर्फ  मुसलमान भाईयों के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। हम दुआ करते है कि यह खुशियों भरी रीत हमेशा ऐसे ही चलती रहे। उन्होने कहा कि इस देश में ईद उल जुहा का त्यौहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर मनाते है। इस मौके पर हम पंजाब सरकार की ओर से अपने तमाम मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बड़ी ही बरकतों वाला दिन है। आज के दिन मुस्लमान अपने खुदा को राजी करने के लिए अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी देते है और ईद का पवित्र त्यौहार हम सब कों अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस धरती पर आज लाखों मुस्लमान खुदा के आगे सजदा कर रहे हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पंजाब की धरती पीरों और पैगंबरों की धरती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते है और एक-दूसरे का त्यौहार आपसी भाईचारे के रूप में मनाते है।

इस राज्य स्तरीय समारोह में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए गुरूद्वारा दुख निवारण साहिब के मुखय सेवादार प्रितपाल सिंह के सुपुत्र गुरप्रीत सिंह विंकल, विधायक पुत्र विकास पराशर, सीनियर कांग्रेंसी नेता परमिंदर मेहता, पार्षद पुत्र अमनीश पराशर, गुलाम हसन कैसर, बलजीत सिंह बिन्द्रा, अशोक गुप्ता, शिंगारा सिंह दाद व मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि ईद उल जुहा का त्यौहार हम सब को आपसी भाईचारे और अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। वर्णनयोग्य है कि आज ईद उल जुहा के अवसर पर लुधियाना शहर की सभी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई और भारी गिनती में लोगों ने कुर्बानियां कीं, बच्चों में ईद को लेकर बहुत उत्साह पाया जा रहा था। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने लुधियाना पुलिस और नगर निगम द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

जामा मस्जिद में ईद के मौके पर शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं को मुबारकबाद देते हुए विधायक अशोक पराशर पप्पी, कुलवंत सिद्धू, मदन लाल बज्गा , पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, विधायक पुत्र विकास पराशर इत्यादि सभी गणमान्य व्यक्ति पहुंचे हुए थे। उनका स्वागत करने वालों में  जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम भी सबसे आगे थे। 

ईद के मौके पर नमाज अदा करने के पश्चात एडीसीपी सोहेल मीर शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी व जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम को मुबारकबाद देते हुए देखे गए। वह भी यहां पूरी आस्था से आए हुए थे। 

जामा मस्जिद के बाहर हमेशां की तरह इस बार भी ईद-उल-जुहा के मौके पर काफी भीड़ थे। आसपास के सभी मुसलमान पूरी आस्था के साथ नमाज़ पढ़ने पहुंचे हुए थे।  जामा मस्जिद के बाहर ईद की नमाज अदा करते हुए मुसलमान भाईचारे के लोग लम्बी पंक्तियों में नज़र आ रहे थे। पूरी तरह अनुशासित और पूरी तरह से सद्भावना के साथ। 

Thursday, March 10, 2022

शाही इमाम ने स. भगवंत सिंह मान को दी बधाई

10th March 2022 at 4:29 PM

शाही इमाम ने दी थी दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत



लुधियाना
: 10 मार्च 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::
शाही इमाम पंजाब
मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं
चुनावी परिणाम सामने आते ही
पूरे समाज में एक प्रसन्नता की लहर देखी जा रही है। यह प्रसन्नता बदलाव की खुशी को व्यक्त करती है। तकरीबन हर क्षेत्र से इस का इज़हार हो रहा है। जनता ने उन सभी को धुल चटा दी है जो कह रहे थे कि हम सत्ता पर बैठते ही किस किस को जेल में करने वाले हैं। जनता ने इस बार के मतदान से एक नया  अध्याय लिखना शुरू किया है। अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना नई सत्ता का काम है। 
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जहां भिन्न-भिन्न धार्मिक नेताओं की तरफ से कई राजनैतिक पार्टीयों के हक में ऐलान किए गए वहीं लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने राजनैतिक दबाव के बावजूद भी किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थन का ऐलान नहीं किया और चुनाव के दौरान खुल कर धार्मिक समारोहों में लोगों को शराब व पैसे के लिए वोट ना बेचने और पंजाब व पंजाबी मां बोली के लिए वोट डालने के लिए उत्साहित करते रहे। 
शाही इमाम ने अपने भाषणों में दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत दी थी। आज एक रिलीज के माध्यम से शाही इमाम जी ने मुख्यमंत्री पंजाब बनने जा रहे आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष को ऐतिहासिक जीत पर बधाई संदेश भेजते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि पंजाब में आया यह बड़ा बदलाव पंजाबीयों के जज्बात के अनुसार है। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि हम दुआ करते है कि स. भगवंत सिंह मान पंजाब को  पुरानी रिवायतों की तरफ लेकर जाएगें जिन पर पंजाबीयों को हमेशा से मान रहा है।

Friday, November 19, 2021

किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

 काले कानूनों की वापसी शुक्र का दिन है शाही इमाम पंजाब

जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर खुशी मनाते अहरार कार्यकर्ता और शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी

लुधियाना: 19 नवंबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
किसान आंदोलन की जीत हुई है। पंजाब के जीते गए आंदोलनों में एक अध्याय और जुड़ गया है। इस पर यूं तो लगातार खबरें आ रही हैं लेकिन ज़ोरदार ख़ुशी का इज़हार किया है जमा मस्जिद लुधियाना के सामने बनती गई मिठाई ने। किसानों के आंदोलन में दिल्ली जा कर किसानों का साथ देने वाली जमा मस्जिद लुधियाना की टीम ने यह सब शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। और उनके साथियों ने आज किसानों की जीत पर भी खुशियां मनायीं। वर्तमान शै इमाम भी खुद दिल्ली जा कर किसानों के साथ कंधे कंधा मिला कर चलते रहे। उनको आज शिद्द्त से इस बात का अहसास है की जीत कितनी कठिन थी लेकिन हम ले कर रहे। 
आज सुबह जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने ऐलान किया कि तीनों काले खेती कानून वापिस लिए जा रहे है तो हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर यहां इतिहासिक जामा मस्जिद के सामने मजलिस अहरार इस्लाम के कार्यकर्ताओं द्वारा मिठाई बांटी गई और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के ज़ोरदार नारे लगा कर खुशी का इजहार किया गया। 
किसान आंदोलन की कामयाबी पर शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि काले कानूनों की वापसी पर आज खुदा का शुक्र अदा करते है की एक लंबे आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसान भाइयों की सही बातों को मान लिया है। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि देर आए दरुस्त आए कहावत के अनुसार हम प्रधानमंत्री जी के भी शुक्र गुजार हैं कि उन्होंने आखिर देश के मन की बात को सुन कर स्वीकार भी किया है। शाही इमाम ने कहा कि इस आंदोलन में देश के सभी धर्मों के लोगों ने जात पात से ऊपर उठ कर साथ दिया। इस लिए सभी इस अवसर पर मुबारकबाद के हकदार हैं। 
शाही इमाम मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि इस अवसर पर उन सभी लोगों को याद करते हैं जिन्होने इस आंदोलन में अपनी जानो की कुर्बानी दी है। शाही इमाम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लुधियाना जामा मस्जिद में ज्यादा खुशी इस लिया भी है कयोंकि मरहूम शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी पहले दिन से किसान आंदोलन में शामिल रहे और लगातार आवाज उठाई हालांकि गोदी मीडिया ने मरहूम शाही इमाम साहिब को निशाना भी बनाया लेकिन वो सच्चाई के साथ डटे रहे। 
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की कामयाबी के लिया कोई विशेष पार्टी नही बल्कि सभी देश वासी मुबारकबाद के हकदार हैं।  
किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

Sunday, August 30, 2020

यौमे आशूरा अवसर पर ऑनलाइन कांफ्रेंस का आयोजन

 हजरत इमाम हुसैन की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा 
                                                         -शाही इमाम पंजाब 
जामा मजिस्द लुधियाना में ऑनलाइन शहीद ए करबला कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के साथ गुलाम हसन कैसर,मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी
लुधियाना 30 अगस्त 2020 (पंजाब  स्क्रीन ब्यूरो
कोविड-19 के मद्देनजर आज यहां एतिहासिक जामा मजिस्द में यौमे आशूरा के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की याद में ऑन लाइन शहीद ऐ करबला कांफ्रेंस का आयोजन मजलिस अहरार इस्लाम द्वारा किया गया। जिसकी प्रधानगी शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस अवसर पर पावन कुरान शरीफ की तलावत कारी मुहम्मद मुहतरम द्वारा की गई और प्रसिद्व शायर गुलाम हसन कैसर,कारी मुहम्मद मुस्तकीम करीमी ने नातिया कलाम पेश किया।
कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन विश्व के एतिहास मेें बहुत विशेष  है,इस दिन अल्लाह ताआला ने बड़ी रहमत व बरकत वाला बताया है और इस्लाम धर्म में मुहर्रम की 9 व 10 तारीख को रोजा रखने को कहा गया है। शाही इमाम ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पहले आज के दिन करबला के मैदान में पैंगबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सलल्लाहु अलैही वस्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने अपने पूरे परिवार व साथियों के साथ वक्त के जालिम हुक्मरानो के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद करने के कारण शहीद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि विश्व भर में सरकारों के खिलाफ सच्चाई की आवाज उठाने का पहला संदेश मैदान ए करबला से हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने दिया,जो कि हमेशा याद रखा जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि इस शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता और जो कौमे अपने शहीदो को भूल जाती है,उनका वजूद खत्म हो जाता है। शाही इमाम ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने उस समय के जालिम बादशाह से कौम व धर्म को बचाने के लिए कुर्बानी दीं थी। शाही इमाम ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने जमीन,आसमान,हवा,पानी,इंसान व हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आएगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमे अपने घर वालो पर दिल खोल कर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबो की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी मुसलमान किसी यतीम को खाना खिलाता है,अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उस यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है और जितने वाल उसके हाथों के नीचे से निकलेगे,अल्लाह पाक उसको हर वाल के बदले में नेकियां देते है। कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद रहमानी लुधियानवी ने मैदाने करबला का किस्सा बयान करते हुए हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की बहादुरी की दास्तान बयां की। उन्होंने कहा कि कयामत तक आने वाले लोगो के लिए करबला का मैदान सच्चाई व इमानदारी देने का संदेश देता रहेगा।



Thursday, August 13, 2020

बेंगलुरू में हुई शान-ए-रसूल में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Thursday: 13th August 2020 at 3:15 PM
 सज़ा न मिली तो शुक्रवार को आन्दोलन का ऐलान-शाही इमाम पंजाब 
जामा मस्जिद लुधियाना में मीटिंग की अध्यक्षता करते शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी
लुधियाना:13 अगस्त 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
बीते दिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में एक विधायक के भांजे की तरफ से सोशल मीडिया पर पैगंबर इस्लाम हजरत मुहम्मद साहिब सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में की गई गुस्ताखी के बाद जहां बेंगलुरू की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, वहीं देश भर के मुसलमानों में गुस्से की लहर दौड़ गई है, आज यहां स्वतंत्रता संग्राम में शामिल रही जमात मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से एतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में इस विषय पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि बेंगलुरू में शान ए रसूल सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम में की गई गुस्ताखी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाही इमाम ने कहा कि अगर जल्दी ही अपराधियों को पकड़ कर सजा नहीं दी गई तो देश भर के करोड़ो मुस्लमान अंदोलन के लिए एक ही समय पर सडक़ों पर आ जाएंगे, क्योंकि यह पैगंबर हजरत मुहम्मद साहिब सल्लाहु अलैहि वसल्लम के सम्मान का मामला है, जिसमें मुसलमानों ने कभी कोई समझौता नहीं किया है। शाही इमाम पंजाब ने कहा कि प्यारे मुहम्मद सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम हर एक मुसलमान को अपनी जान से ज्यादा अजीज है। अपने नबी साहिब के लिए मुसलमान कौम का हर मर्द, औरत, बच्चा अपनी कुर्बानी पेश करने के लिए तैयार है। शाही इमाम ने कहा कि सरकार इसको कोई आम मसला न समझे। इतिहास गवाह है दुनिया के किसी भी हिस्से में हम कम हो या ज्यादा गुस्ताख ए रसूल को कभी बर्दाश्त नहीं करते, शही इमाम ने कहा कि गुस्ताखी करने वाला किसी धर्म का नहीं है वह नास्तिक है। क्योंकि कोई भी मजहब किसी दूसरे मजहब की बेइज्जती की शिक्षा नहीं देता है,वर्णण योग्य है कि बेंगलुरू पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को देखा जाएगा,अगर अपराधियों को नहीं पकड़ा गया तो शुक्रवार को आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
रोपड़ में कुरान शरीफ की बेअदबी करने वालों को गिरफ्तार करो- उस्मान रहमानी
लुधियाना: 13 अगस्त 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नूरपुर बेदी के करीबी गांव घाई माजरा, कट्टा सबोर में बीते तीन दिन पहले पवित्र कुरान शरीफ की हुई बेअदबी की घटना की नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने निंदा करते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि कुरान शरीफ की बेअदबी करने वालो को जल्दी गिरफ्तार किया जाए, उस्मान रहमानी ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर बार बार पवित्र ग्रंथों के साथ हो रही बेअदबी खुदा के कहर को न बुला ले, उन्होंने कहा कि तीन दिन गुजर जाने के बाद भी कीरतपुर साहिब हल्के की पुलिस इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी जो कि दुख की बात है। नायब शाही इमाम ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए जल्दी ही लुधियाना जामा मस्जिद से एक वफद रोपड़ जाएगा जिसकी रहनुमाई शाही इमाम साहिब करेंगे।

Saturday, August 01, 2020

मुसलमान देश के लिए हर वक्त कुर्बानी देने को तैयार हैं

1st August 2020 at 10:41 AM
 शाही इमाम पंजाब ने फिर दोहराया मुस्लिम समाज का संकल्प  
लुधियाना: 1 अगस्त 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::  
करोना वायरस के संकट के मद्देनजर सोशल डिस्टेंस के साथ आज यहां फील्ड गंज चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत अन्य सभी मस्जिदों में ईद उल अजहा (बकरा ईद) कि नमाज अदा की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री भारत भूषण आशू, लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान सरदार प्रितपाल सिंह, विधायक सुरिंदर डावर, श्री राकेश पाण्डे, श्री संजय तलवार, श्री कुलदीप सिंह वैद, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने बधाई संदेश भेजा।
ईद के अवसर पर संबोधन करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह के प्यारे नबी हजऱत इब्राहीम अलहिस्सलाम की याद में मानते हैं जिन्होंने इंसानों को यह सबक दिया कि अगर वक़्त आए तो अपनी जान से प्यारी चीज भी अल्लाह की राह में कुर्बान करने से ना घबराओ, शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम की इसी प्रेरणा से भारत के मुसलमानों ने देश को आज़ाद करवाने के लिए अंग्रेजों से टक्कर लेते हुए हज़ारों कुर्बानियां दी थी। उन्होंने कहा कि आज भी अगर देश को जरूरत पड़ी तो मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार हैं। शाही इमाम ने कहा की आज का दिन बरकत और रहमत वाला है, दुआ कबूल होती है और अल्लाह का हुक्म है कि ईद के दिन गरीबों और जरुरतमंदों की मदद की जाए। शाही इमाम ने नमाजियों से कहा कि आज ईद के दिन इस बात का ख्याल रखा जाए कि कोई भी पड़ोसी चाहे वह किसी भी धर्म का हो भूखा ना रहे। 
इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि इस्लाम के पर्व इबादत और नेकी की राह दिखाते हैं हम साल भर रोजाना पांच नमाज अदा करते हैं और ईद के दिन छे नमाज अदा करते है। उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुर्बानी के इस दिन हम सब इस संकल्प को दोहराते हैं कि अगर देश और कौम को जरुरत पड़ी तो हम पीछे नहीं रहेंगे। इस अवसर पर पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गए थे। डीसीपी लॉ एंड आर्डर श्री अश्वनी कपूर, एडीसीपी 1 दीपक पारेख, एसीपी सेन्ट्रल सरदार वरियाम सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। 

Tuesday, May 19, 2020

पवित्र कुरान पूरे विश्व के लिए रहमत का पैगाम:नायब शाही इमाम

19th May 2020 at 4:04 PM
खत्म कुरान शरीफ  के आयोजनों को ऑनलाइन संबोधन किया
लुधियाना जामा मस्जिद से खत्म कुराने पाक के प्रोग्राम को संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 19 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
कोरोना महामारी को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच शहर की विभिन्न मस्जिदों में पांच-पांच नमाजियों ने पवित्र रमजान शरीफ के बीच इमाम हाफिज हजरात से कुरान शरीफ सुन रहे है। बीते दो दिन से खत्म कुरान शरीफ  केे आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है, इस बार खत्म कुराना शरीफ  के आयोजनों को लुधियाना जामा मस्जिद से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ऑनलाइन संबोधन कर रहे हैं। ब्राउन रोड स्थित मस्जिद अहरार में बीती रात खत्म कुरान पाक के आयोजन को संबोधन करते हुए मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना एक इंकलाबी इबादत है, यह जहा इंसान को बुराईयां त्याग कर अच्छाइयों की ओर प्रेरित करता है वहीं यह पवित्र महीना कुरान शरीफ  के नाजिल होने का भी है, इस महीने में अल्लाह ने अपनी यह किताब आखरी नबी हजरत मुहम्मद साहब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर नाजिल फरमाई। नायब शाही इमाम ने कहा कि पवित्र कुरान विश्व भर के इंसानों के लिए रहमत का पैगाम है, उन्होंने कहा कि दुनिया में कुरान शरीफ  आने के बाद इंसानों में बराबरी आनी शुरू हुई। अमीर-गरीब गोरे और काले और छुआ-छूत का खात्मा हुआ। नायब शाही इमाम ने कहा कि अल्लाह ने कुरान शरीफ में अपने बंदों को कह दिया है कि वह इंसानियत की सेवा को सबसे बड़ी इबादत समझें। नायब इमाम ने कहा कि विश्व भर में कोरोना महामारी के बीच मस्जिदों में पांच-पांच लोग कुरान पाक सुनकर उस अजीम रिवायत को कायम रख रहे हैं जो कि शरीयत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि जल्दी ही दुनिया भर से कोरोना वायरस समाप्त हो और विश्व भर के लोग पहले की तरह जीवन व्यतीत कर सकें। नायब शाही इमाम ने कहा कि वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के तर्क अपनी जगह सही है लेकिन इसके साथ-साथ सभी इंसानों को यह बात समझ लेनी चाहिए की जब भी हम प्रकृति के साथ और खुदा के दिए हुए इस जिस्म के साथ खिलवाड़ करते हैं तो ऐसी बीमारियां खुदा की तरफ  से आती है इसलिए हमें जहां कोरोना वायरस से बचने के लिए वह सभी उपाय करने हैं जिनके लिए मेडिकल साइंस हमें समझा रही है उसके साथ-साथ हमें गुनाहों को त्यागना होगा, अपने दिल को साफ  रखना होगा, नफरतों को खत्म करना होगा, गरीब का साथ देना होगा और मां बाप की सेवा करते हुए समाज के प्रति वफादारी दिखानी होगी। मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुरान शरीफ को तजुर्मे (अर्थ) के साथ पढऩा चाहिए ताकि आप यह समझ सके की इलाही पैगाम आपको किस तरह सीधे रास्ते पर चलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में विभिन्न धर्मो को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है जब हम किसी भी धर्म की किताब और उसकी शिक्षाओं को करीब से देखेंगे तो यह बात सामने आएगी के धर्म इंसान को जोडऩे की बात करता है तोडऩे की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि कोरोना महामारी के बीच बहुत से लोग धर्म की राजनीति करके रोटियां सेकना चाहते हैं। यह समय देश के गरीब लोगों के साथ खड़े होने का है और कोरोना महामारी के खिलाफ  लडऩे का है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम ने विश्व भर में कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए विशेष दुआ भी करवाई। 


Monday, April 27, 2020

रोज़ेदार का दिल अगर साफ हो तो दुआ ज़रूर कबूल होती है

27th April 2020 at 3:34 PM
दरस-ए-रमज़ान से नायब शाही इमाम का संबोधन 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान प्रोग्राम को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 27 अप्रैल 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हर तरफ कोरोना की दहशत। दुनिया भर में कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस का अंधेरा छाया हुआ है। ज़िंदगी ठप्प हो कर रह गई है। इस दौर में भी अगर रफ्तार है तो बस उन्हीं की जिंदगी में जिन्होंने इबादत पर जोर देना शुरू कर दिया है। उनके दिलों में भी हौंसला और उत्साह है। उनके आसपास के माहौल में भी उम्मीदों की रौशनी महसूस हो रही है। इबादत की इन खूबियों को जामा मस्जिद से दिए जाते संदेशों से हर रोज़ बढ़ावा भी मिल रहा है। इस तरह का रूहानी सिलसिला लगातार जारी रहता है। सोशल डिस्टेंस के नियम को पूरी तरह लागू करते हुए ह सब कुछ बाकायदा ऑनलाइन प्रसारित भी किया जाता है। 
कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच पवित्र रमज़ान शरीफ का महीना शुरु हो चुका है। लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद से इस अवसर पर रोज़ाना रात को इशा की नमाज के बाद ऑनलाइन दरस-ए-रमज़ान प्रोग्राम शुरू किया गया ताकि लॉक डाऊन की वजह से मस्जिद तक ना आने वाले सभी नमाज़ी रमज़ान की बातें सुनकर अपना रोज़ा अच्छा बना सके। दरस-ए-रमजान प्रोग्राम से रोज़ाना हज़ारों लोग जुड़ रहे हैं। गौरतलब है कि रोज़ा रखने वालों के तन मन की शक्ति पूरी तरह अजेय हो जाती है। उस परवर्दिगार के साथ मन की तार जोड़ता है रोज़ा। 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमज़ान एक इंकलाबी इबादत है जो इंसान के दिल को इबादत करके बुराइयों से दूर नेकी की तरफ ले जाता है। रमजान शरीफ में अल्लाह अपने बंदे की तौबा क़बूल करते हैं अगर बंदे का दिल साफ हो तो दुआएं जरूर कबूल होती है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि फरमान-ए-रसूल है कि रोज़ा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है रोज़ेदार की आंखें गलत नहीं उठती, रोजेदार की जुबान से किसी को तकलीफ नहीं पहुंचती, रोज़ेदार के हाथ गलत काम के लिए नहीं उठते, रोज़ेदार के दिल में किसी के लिए बुराई नहीं होती, अगर कोई रोज़ेदार व्यक्ति रोज़ा  भी रखता है और झूठ भी बोलता है, किसी की तरफ बुरी निगाह से भी देखता, अपने दिल में बुराई का इरादा करता है तो बात साफ है कि वह रोज़ेदार नहीं है क्योंकि रोज़ा बुराइयों के लिए ढाल है लेकिन तब तक ही जब तक उसे फाड़ ना दिया जाए यानि झूठ बोल कर इसे खराब ना कर दिया जाए। अगर आप बुराई नहीं त्याग रहे हैं तो आपका रोज़ा भी नहीं हो रहा है। 
नायब शाही इमाम ने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के लिए रोज़ा अल्लाह की तरफ से एक इनाम है जो हर साल इस पवित्र महीने में अपने गुनाहों की तौबा करके एक नई शुरुआत करते हैं और रमज़ान के रोज़े हमें आने वाले सारे साल में नेकी की तरफ लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र रमज़ान में प्यार मुहब्बत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। यह नेकियों का महीना है जो आपसी रंजिशो को खत्म कर के मुहब्बत को आम करता है। जामा मस्जिद से आज का पैगाम भी हिम्मत, हौंसला और उत्साह देने वाला रहा। अँधेरे में उजाले की किरने देता हुआ आज का पैगाम भी ख़ास रहा। लोगों को मिलजुल कर रहने और कोरोना पर फतह पाने के संकल्प के भी मज़बूत बनाया आज के इस पैगाम ने। 

Saturday, March 28, 2020

राशन वितरण को लेकर जामा मस्जिद का ऐतिहासिक फैसला

28th March 2020 at 3:34 PM
सामग्री बांटते समय किसी जरूरतमंद की फोटो नहीं लेंगे:शाही इमाम 
लुधियाना जामा मस्जिद में गरीब परिवारों को राशन बांटने के दूसरे चरण की तैयारी करते हुए कार्यकर्ता
लुधियाना: 28 मार्च 2020:(कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
शहर की दाना मंडी में केंद्र सरकार के खिलाफ 39 दिन तक शाहीन बाग आंदोलन चलाने वाले जामा मस्जिद के कार्यकर्ता अब सभी वैचारिक मतभेद भुला कर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में कोरोना वायरस संकट में इंसानियत को बचाने के लिए किए जा रहे संघर्ष में भी मोर्चा संभाल चुके हैं। 
नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने बताया कि बीते एक सप्ताह से जरुरतमंद परिवारों में राशन बांटने के बाद अब जामा मस्जिद से राशन बांटने का दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद का पहले चरण में 213 परिवारों तक एक महीने का राशन पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश है कि रोज खाना बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाली सभी चीजें मजदूरों, रिक्शा चलाने वाले और बहुत ज्यादा मजबूर परिवारों को उपलब्ध करवाई जाऐ। नायब शाही इमाम ने बताया कि जामा मस्जिद के कार्यकर्ता अब दूसरे चरण में जहां सामान पैक कर रहे हैं वहीं पर संपर्क साधने वाले लोगों का पता लगाकर वहां पहुंचने की तैयारी भी कर रहे हैं। 
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने ऐलान किया कि सामग्री बांटते समय किसी भी जरुरतमंद की फोटो नहीं ली जाएगी ताकि किसी के भी आत्म सम्मान को ठेस ना लगे। शाही इमाम ने कहा कि सर्वधर्मों के लोग मिलकर ही कोरोना वायरस संकट का मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समय है कि पूरे भारत वंश के लोग अपने राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को भुलाकर इंसानियत को बचाने के लिए एकजुट हो जाएं। 
शाही इमाम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व पंजाब की कैप्टन सरकार इस संकट के समय में जो भी काम कर रही है वो जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि आज देश भर के धार्मिक स्थानों से गरीबों का पेट भरने के लिए जो प्रयास किए जा रहे है इसे भी इतिहास में याद रखा जाएगा। शाही इमाम ने पंजाब के सभी बड़े उद्योगपति घरानों से अपील की है कि वह अपने अपने संस्थानों द्वारा गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी का लगातार प्रबंध करें। उन्होंने कहा की विश्व भर में आए हुए इस कोरोना संकट से सबसे पहले भारतीय मुक्त हो ऐसी हमारी दुआ है। शाही इमाम ने कहा कि इंसान लाचार है सबसे बड़ी ताकत खुदा की है इसलिए हम सब सभी प्रयासों के साथ-साथ यह ना भूले की इस विश्वव्यापी संकट से खुदा की मदद के बगैर नहीं निकला जा सकता। इस लिए हमें अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए भलाई के काम जारी रखने हैं। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने समाज सेवी संस्थाओं से यह भी अपील की कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अलावा समाज में ऐसे परिवार भी होते हैं जो कि अपने आत्म सम्मान की वजह से किसी के सामने अपनी जरूरत का इजहार नहीं करते इस लिए सभी सामाजिक संस्थाऐ विशेष रूप से इस बात की तरफ ध्यान दें कि जो लोग अपनी प्रतिष्ठा की वजह से लाइन में लगकर या फोटो खिंचवा कर राशन लेने से कतरा रहे हैं उन्हें छुपकर खामोशी से राशन पहुंचाने का काम किया जाए।
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Tuesday, March 17, 2020

विदेश में सी.ए.ए जैसे कानून बने तो जिम्मेवार कौन होगा?

17th March 2020 at 4:14 PM
शाहीन बाग लुधियाना से सत्ता को किया गया अहम सवाल 
 शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते प्रो. गुरदियाल सिंह, साथ में प्रधान हाजी नौशाद, हाजी तहसीन, मुहम्मद रिजवान, कारी मुस्तकीम, मुहम्मद इसरार, मुहम्मद इरशाद व अन्य
लुधियाना: 17 मार्च 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
शहर की दाना मंडी में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे शाहीन बाग़ रोष प्रदर्शन आज 35वें दिन शक्ति नगर, टिब्बा रोड से प्रधान हाजी नौशाद आलम, हाजी मुहम्मद इस्लाम, मुहम्मद इसरार, हाजी मुहम्मद इरशाद, कमरूदीन, मुहम्मद रिजवान, हाजी तहसीन, हाजी मुहम्मद इरशाद, मुहम्मद इरफान, कारी मुहम्मद मुस्तकीम, मुहम्मद परवेज़ की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इनायत चैरीटेबल सोसाइटी के चेयरमैन प्रोफेसर गुरदियाल सिंह सहोता ने कहा कि मोदी जी ने नागरिकता कानून में धर्म आधारित कानून बनाकर बाबा साहिब डा. भीम राव अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान की उलंघना की है। उन्होंने कहा कि इंसानियत के आधार पर सी.ए.ए का विरोध जरूरी है क्योंकि भारत को विश्व भर के लोग प्रेरणा का स्रोत समझते हैं, आज अगर हमारी सरकार धर्म को आधार बनाकर बाहर से आने वालों को नागरिकता देगी तो विदेश में भी अगर सरकारों ने सी.ए.ए जैसा कानून बना दिया तो लाखों एन.आर.आई. वहां की सरकारों को क्या तर्क देंगे। उन्होंने कहा कि सी.ए.ए को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता, नागरिकता शरणार्थियों का अधिकार है जिसे देना चाहिए, लेकिन धर्म को आधार बनाना उचित नहीं है। प्रोफेसर गुरदियाल सिंह ने कहा कि हमें शर्म आ रही है कि पहली बार भारत की केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए किसी कानून के खिलाफ विदेशी सदनों में निंदा के प्रस्ताव पारित हो रहे हैं। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा की शाहीन बाग आंदोलन ने जहां केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है वहीं देशभर में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, दलित समुदाय में आपसी भाईचार बढ़ाया है। इस अवसर पर शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार, गुलाम हसन कैसर, सलमान रहबर, हाफिज़़ ज़ाकिर, आबिद अंसारी, डाक्टर अब्दुर रहमान ने संबोधित किया।

Wednesday, March 04, 2020

लुधियाना शाहीन बाग में राणा सोढी की टीम ने किया नाटक का मंचन

4th Mar 2020 at 4:02 PM
कलाकारों के आने से भरा सीएए के खिलाफ आंदोलन में नया जोश 
लुधियाना: 4 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो//सहयोग पीपुल्स मीडिया लिंक)::
शहीन बाग प्रदर्शन के आज 22वें दिन बस्ती जोधेवाल नजदीक कबीर नगर से हकीम मुहम्मद इस्राफिल, हाजी बशीर, हाजी सागुल, सदरे आलम, मुहम्मद जाबिर, मुहम्मद अबुल रब, मुहम्मद निसार की अध्यक्षता मेंं बड़ी संख्या में लोगों का जत्था पहुंचा। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा नागरिकता कानून बनाए जाने के बाद लगातार देशभर में शाहीन बाग आंदोलन चल रहा है जहां से रोज अलग-अलग धर्मों और संस्थाओं के लोग अपने अपने तौर तरीकों से विरोध दर्ज करवा रहे हैं। 
आज यहां शाहीन बाग में प्रगति कला केंद्र लांदडा फिल्लौर की तरफ की तरफ से एक नाटक का मंचन कर के मोदी सरकार की पोल खोली गई। नाटक मंडली के प्रधान राणा सोढ़ी और सिमरन क्रांति की टीम ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर कटाक्ष करते हुए 1 घंटे का नुकड नाटक पेश किया जिसमें कलाकारों ने पागलों के किरदार में राजनीति और समाज में फैली हुई बुराइयों पर कटाक्ष किया। 
नाटक मंचन में अमृता क्रांति, जसप्रीत कुमार, रविंदरा प्रकाश भारतीय, इशमीत, सोनिया, गगनदीप, अजीत कुमार, गरीब दास, चंद्रप्रकाश आदि ने अभिनय किया। आज शाहीन बाग में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के रिसर्च के विद्यार्थी रविंदरा प्रकाश भारतीय ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सिर्फ देश भर के लोगों के साथ खिलवाड़ नहीं कर रही बल्कि माननीय प्रधानमंत्री जी अपने संसदीय क्षेत्र में भी साल के 365 दिन धारा 144 लगवा कर रखते हैं, ताकि कोई भी संस्था या व्यक्ति सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ना करें। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को दबाने की कोशिश है जो कि देश के संविधान के खिलाफ है। 
भारतीय ने कहा कि धर्म के नाम पर नागरिकता देने वाली भाजपा सरकार को शायद पता नहीं कि देश में शरणार्थियों को पहले से ही नागरिकता मिलती आ रही है। उन्होंने कहा कि जिस देश को 2020 में हर व्यक्ति को रोजगार देने की बात कही गई थी वहां रोजगार कि बजाए लोग दंगों का सामना कर रहे है। इस काले कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में अब तक पचास के करीब लोगों की हत्या एक ऐसा घाव है जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। प्रकाश भारतीय ने कहा कि मोदी सरकार में बैठे हुए लोग यह समझ रहे हैं कि सरकारी तंत्र और बल के द्वारा इस आंदोलन को दबाया जा सकता है यह उनकी बहुत बड़ी भूल है। अब तक हुए प्रमुख आंदोलनों को कोई एक देश तो क्या विश्व की कोई भी सरकार दबा नहीं सकी है। उन्होंने कहा कि एन.आर.सी. और एन.पी.आर. देशभर के लोगों के साथ किया जाने वाला सरकारी धोखा है, अगर यह अमल में आया तो देशभर के सभी धर्मों के लोग एक दफा चौंक जाएंगे।  बेचैनी पैदा होगी उसको संभालना सरकार के बस में नहीं होगा। 
प्रकाश भारतीय ने कहा कि देश भर में शाहीन बाग आंदोलनों का विरोध सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ता कर रहे हैं इसे किसी भी धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए यह देश के संविधान को बचाने के लिए आंदोलन है। आज नेशनल हुमन राइट कमेटी के विजय कुमार, प्रोफेसर हरदयाल सिंह, मुहम्मद मुस्तकीम अहरार, प्रधान डॉ. अब्दुल रहमान कुंदनपुरी ने संबोधन किया।  
आंदोलन जारी बढ़ रहा है लेकिन अब देखना है कि लुधियाना का शाहीन बाग़ आंदोलन  कौन सा नया रुख अख्तियार करता है क्यूंकि पंजाब सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख का ऐलान नहीं किया है। अप्रैल महीने में शुरू होने वाले एनपीआर अभियान में राज्य सरकार के कर्मचारी भाग लेंगें या नहीं? अभी तक इस सवाल को लेकर पंजाब सरकार का स्पष्ट रंग सामने नहीं आया। इसी बीच लुधियाना का शाहीन बाग़ आंदोलन पूरे जोश के साथ जारी है। 

Saturday, February 29, 2020

लुधियाना शाहीन बाग में उमड़ा जनसमूह

29th February 2020 at 4:56 PM
CAA के विरुद्ध इस्तीफा देने वाले IPS के पहुंचने पर उत्साह की लहर
लुधियाना शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आई.पी.एस. अब्दुर रहमान साथ में नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी, जफर आलम
लुधियाना: 29 फरवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
आज यहां शाहीन बाग प्रदर्शन के 18वें दिन महाराष्ट्र बैच के आई.पी.एस. अधिकारी अब्दुर रहमान जो सी.ए.ए का विरोध करते हुए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं के पहुंचने पर बड़ा जनसमूह उमड़ के उन्हें सुनने के लिए आया। राहों रोड चुंगी से प्रधान मुहम्मद जमील अहमद, हाफिज़़ हाशिम अंसारी, मुहम्मद सिकंदर, मुहम्मद इंतजार शाकिर, मुहम्मद साबिर, मुहम्मद इकबाल,आतिफ, मुहम्मद शहीद, मुहम्मद मंज़ूर की अध्यक्षता में महिलाओं के काफिले भी साइन बाग पहुंचे। मंच का संचालन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की धरती से शाहीन बाग प्रदर्शन कौमी एकता की मिसाल बनकर उभरा है यहां से सभी धर्मों के लोग केंद्र सरकार को धर्म की राजनीति के खिलाफ एक जुटता का संदेश दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इस्तीफा देने वाले आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने कहा कि सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. केंद्र सरकार द्वारा अपनी ही जनता के खिलाफ बनाई गई एक साजिश का नाम है। उन्होंने कहा कि हजारों सालों से इस धरती पर रहते आ रहे नागरिकों को उनकी नागरिकता का प्रमाण पूछना ही राष्ट्र के लिए शर्म की बात है। अब्दुर रहमान ने कहा कि बाहर के देशों से आने वाले शरणार्थियों के लिए हमेशा ही भारत ने बड़ा दिल दिखाया है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्र सरकार धर्म के नाम पर शरणार्थियों को बांट कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। अब्दुर रहमान ने कहा कि भारत की जनता में कट्टरवाद नहीं है बल्कि कई राजनेता धर्म के नाम पर सियासी रोटियां सेंकते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार में बैठे हुए राजनेता सत्ता के नशे में चूर होकर अपनी जनता के साथ टकराव का रास्ता अपना रहे हैं और देशभर में शांतिपूर्वक चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शनों की विरोधता करना लोकतंत्र का गला दबाने के बराबर है। 
आज शाहीन बाग प्रदर्शन में जफर आलम, सज्जाद आलम, इरशाद अंसारी, साबिर अली, मुस्तकीम करीमी, मुहम्मद रफीक, सनाउल्लाह अंसारी, अल्ताफ जोशन, हकीम इसराफिल, मास्टर फिरोज, रूस्तम खान, आबिद अंसारी ने भी संबोधित के किया।
महिलाओं ने भी किया दिल्ली पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 29 फरवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
शाहीन बाग प्रदर्शन में आज एक बार फिर सैंकड़ों महिलाओं ने एकत्रित होकर दिल्ली पुलिस द्वारा दंगाइयों का साथ देने पर जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया। महिलाओं की अध्यक्षता करते हुए खतीजा खातून ने कहा कि दिल्ली की पुलिस ने भारत की जनता का पुलिस पर विश्वास कमज़ोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय की जरूरत है कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केंद्र सरकार तुरंत बड़ी कारवाई करें। 
गौरतलब  है कि बीते दिनों दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में ऐसी बहुत सारी वीडियो वायरल हुई है जिसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारी और जवान दंगाइयों के साथ जनता पर पत्थरबाजी करते हुए दिखाई देते लुधियाना शहर में लगातार एन.आर.सी. के विरोध के साथ-साथ दिल्ली और यू.पी. पुलिस के अत्याचारों का विरोध भी हो रहा है। आज शहर भर से बहुत बड़ी संख्या में औरतों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ शाहीन बाग में जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया।

Monday, January 06, 2020

JNU में छात्रों के साथ गुंडागर्दी की शाही इमाम पंजाब ने भी की निंदा

Monday: 6th January 2020 at 5:47 PM
केंद्र सरकार पर लगाया खामोश तमाशाई बने होने का आरोप 
लुधियाना: 6 जनवरी 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी
दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के साथ नक़ाब पहन कर साम्प्रदायिक ताक़्तों द्वारा की गई गुंडागर्दी की निंदा करते हुए स्वतंत्रता सैनानियों की पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम के प्रधान व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर भी खामोश तमाशाई बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का साम्प्रदायिक चेहरा रात एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। यह  वक़्त रहेगा जब पुलिस ने जे.एन.यू. में बदमाशों को खुली छूट दे दी और मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया गया। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा के राज में पुलिस बल का जमकर दुरुपयोग हो रहा है जो कि निंदनीय है, आए दिन जबर-ज़्यादतियां बढ़ रही हैं जो कि लोकतंत्र के लिए चिंता की बात बनी हुई है। 
शाही इमाम ने कहा कि केंद्र सरकार खामोश तमाशाई बनी हुई है प्रदर्शनकरियों से सरकार बात करने की बजाए गलत ढंग से सच्चाई कि आवाज को कुचलना चाहती है जो कि संभव नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कि रक्षा के लिए हर एक भारतीय को संघर्ष करना होगा, यह देश सभी का है, यहां अनेकता में एकता का जो इतिहास रहा है उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि को लोग धर्म के नाम पर कानून बना रहे है दरसअल वह सत्ता के लालची है वह अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटना चाहते हैं, इतिहास गवाह है कि भारत में नफरत कि राजनीति कभी कामयाब नही हुई और ना ही अब होगी।
  वर्णनयोग है कि पंजाब भर में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान की अगुवाई में लगातार मुसलमान सी.ए.ए. और एन.आर.सी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 जनवरी को राज्य भर में काला दिवस मनाने के बाद अब अगली रणनीति के लिए 7 जनवरी को दोपहर 1 बजे जामा मस्जिद में मीटिंग बुलाई गई है।


Monday, December 30, 2019

पंजाब में CAA और NRC लागू न करने के एलान का स्वागत

Monday: 30th December 2019 at 4:51 PM
नायब शाही इमाम ने यूपी सरकार के खिलाफ कैप्टन को सौंपा ज्ञापन
महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब को ज्ञापन देते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी व अन्य
लुधियाना: 30 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब का मुस्लिम समाज सिटिज़न एमेंडमेंट एक्ट (CAA) और नैशनल रजिस्टर आफ सिटिज़न्ज़ (NRC) खिलाफ सरगर्मियां दिखा रहा है। शहर में CAA और NRC के खिलाफ रेकार्ड तोड़ प्रदर्शन, मार्च और बैठकों के बाद अब 3 जनवरी को पंजाब बंद का एलान  अब केंद्र सरकार के इस कानून  खिलाफ विरोध का बहुत बड़ा रूप  बन कर उभरने वाला है। इस बंद के लिए सियासी दलों और गैरमुस्लिम संगठनों सहयोग लेने के प्रयास ज़ोरों हैं। उम्मीद है CAA और NRC के सभी विरोधी इस बंद में शामल होंगें।  
आज यहां लुधियाना में मुख्यमंत्री पंजाब के आने पर मुसलमानों ने पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की तरफ से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मुख्यमंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज्ञापन सौंपा। नायब शाही इमाम ने बताया कि प्रदेश के सभी अल्पसंख्यकों की ओर से महाराजा साहिब का सी.ए.ए और एन.आर.सी. पंजाब में लागू ना करने के ऐलान पर आभार जताया और भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि पंजाब के अल्पसंक्यकों की इन बातों को राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी को अवगत करवाया जाए। नायब शाही इमाम  मौलाना उस्मान लुधियानवी ने महाराजा अमरिंदर सिंह को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों को बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा की जा रही लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आवाज उठाई जाए। मौलाना उस्मान ने कहा कि पंजाब से इस काले कानून के खिलाफ मुख्यमंत्री साहिब और सभी लोगों ने जो सच्चाई की आवाज उठाई है उसे सारे देश को लगाना होगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिक हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जाग चुके हैं क्योंकि यह बात सब को समझ आ गई है कि केंद्र सरकार एन.आर. सी. के नाम पर हर एक भारत के नागरिक को लाईन में लगाना चाहती है। एक सवाल का उत्तर देते हुए नायब शाही इमाम ने बताया कि मुख्मंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि पंजाब सहित देश भर में ना सिर्फ अल्पसंख्यकों बल्कि हर एक भारतीय के आत्म सम्मान की रक्षा की जाएगी। 

Sunday, December 29, 2019

पंजाब भर में 3 जनवरी को होगा काला दिवस:शाही इमाम

Dec 29, 2019, 5:19 PM  
CAA और U.P. पुलिस की गुंडागर्डी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पंजाब भर से आए मुस्लिम प्रतिनिधियों के साथ प्रैस वार्ता करते शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
लुधियाना: 29 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में राज्य के सभी शहरों की मस्जिदों के इमाम साहिबान, मुफ्ती साहिबान ,मुस्लिम संस्थाओं के सदस्यों, मुस्लिम बुद्धिजीवी , मुस्लिम सामाजिक व सियासी नेताओं की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इस अवसर पर केंद्र सरकार की तरफ से नागरिकता कानून में किए गए संशोधन की निंदा करते हुए जहां इस काले कानून को रद्द करने कि मांग की गई, वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक पुलिस की तरफ से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर किए गए अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में सर्वसहमती से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र की भाजपा सरकार की धर्म के आधार पर बांटने कि नीति और उत्तर प्रदेश पुलिस की बर्बरता के खिलाफ 3 जनवरी को पंजाब भर में काला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग कली पट्टी बांध कर जुम्मा की नमाज अदा करेंगे और फिर रोष प्रदर्शन में काले झंडे लिए अपने अपने जिला अधिकारी को माननीय भारत के राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन देंगे। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि काले कानून का देशव्यापी विरोध जारी रहेगा, क्योंकि भारत का संविधान धर्म निरपेक्ष है और हम किसी कीमत पर अपने देश के दस्तूर को बदलने नहीं देंगे। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों और खास कर उत्तर प्रदेश में राज्य पुलिस ने जो गुंडागर्दी का नंगा नाच किया है उस से इंसानियत का सिर शर्म से झुक गया है व जनरल डायर जैसे ज़ालिम की रूह भी शर्मा गई होगी। योगी की पुलिस ने ना सिर्फ शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया बल्कि अंधा धुंध गोलियां चलाईं और मुसलमानों को पाकिस्तान जाने की खुले आम धमकियां भी दी। शाही इमाम ने कहा कि हैरत कि बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी को पुलिस का अत्याचार नजर नहीं आया उल्टा राजनेता प्रदर्शनकारियों को उपद्रवी बता कर जुल्म करने वालों को हरी झंडी दे रहे हैं। शाही इमाम ने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जमीनी हकीकत नहीं दिखा पा रहा है सरकार बार-बार प्रेस को दिशानिर्देश देकर प्रेस की आजादी पर पहरा बिठा रही है जो कि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि सत्ता में बैठे लोगों को अपना बनाया गलत कानून सही सिद्ध करने के लिए रैलियां करनी पड़ती है। शाही इमाम ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं की उत्तर प्रदेश समेत उन सभी राज्य के पुलिस अफसरान के खिलाफ कानून तोडऩे और हत्या करने का मुकद्दमा दर्ज होगा, जिन्होंने बेकसूर लोगों को मारा है। वर्णयोग है कि आज जामा मस्जिद लुधियाना में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब भर से सैंकड़ो इमाम साहिबान के साथ-साथ पंजाब के सभी धार्मिक व सियासी संस्थाओं के नेता विशेष रूप से उपस्थित हुए।

Friday, December 27, 2019

लुधियाना में विभिन्न स्थानों पर सी.ए.ए के खिलाफ रोष प्रदर्शन

Friday: 27th December 2019 at 5:33 PM
काले कानून को रद्द करने की मांग, देश का संविधान धर्म निर्पेक्ष रहेगा
कुंदनपुरी , जमालपुर, ताजपुर रोड पर मुस्लिम समुदाय के लोग रोष प्रदर्शन करते हुए
लुधियाना: 27 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाबी बाग टिब्बा रोड, रामनगर मुंडिया, जमालपुर चौंक, एल बलॉक रणधीर सिंह नगर, हरगोबिंद नगर, कुंदनपुरी, भामिया कालोनी ताजपुर रोड, पुनीत नगर में जुमा की नमाज के बाद अलग-अलग संस्थाओं की ओर से केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नागरिकता कानून की विरोधता करते हुए जबरदस्त रोष प्रदर्शन किए गए। वर्णन योग है कि मुंडिया मस्जिद से रोष प्रदर्शन की अगुवाई सूरज अंसारी, शाही इमाम के सचिव मुस्तकीम अहरार, पंजाबी बाग मस्जिद से मुफ्ती आरिफ कासमी, कुंदनपुरी मस्जिद से प्रधान नूर उल हक, मस्जिद पीएयू से मुफ्ती खालिद, एल ब्लॉक मस्जिद से डाक्टर मुहम्मद इद्रीस, भामिया ताजपुर रोड से मुहम्मद खालिद की अगुवाई में रोष प्रदर्शन किए गए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काला कानून मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, आपस में भाई-भाई, संविधान बचाओ देश बचाओ, फिर्कापरस्ती मुर्दाबाद के प्ले कार्ड उठाएं हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से धर्म के नाम पर शुरू की गई राजनीति अफसोसनाक है। उन्होंने कहा कि हमारा देश धर्म निरपेक्ष देश है हम अपने वतन के संविधान की हर कीमत पर रक्षा करेंगे, उन्होंने कहा कि दुख कि बात है कि काला कानून बनाने के बाद से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर यूपी पुलिस ने जो अत्याचार किया है उससे देश का सिर शर्म से झुक गया है। पुलिस जो कि हमेशा सब को बराबर की नजर से देखती है ने यूपी में अपना विश्वास खो दिया है। प्रदर्शनकरियों ने भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी से मांग की है कि पुलिस की तरफ से की गई हत्याओं पर कारवाई करते हुए यूपी पुलिस में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, खास बात यह है कि प्रदर्शनकारी जुमा की नमाज के बाद शांतिपूर्वक रोष प्रदर्शन करते हुए वापिस अपने घरों को लौटे। एक सवाल के जवाब में शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि हम भारत के वासी है रोष प्रदर्शन में भी मर्यादा का ध्यान रखते हैं, किसी को गद्दार कह कर नहीं बोलते।

Monday, December 16, 2019

निर्दोष छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस का अत्याचार लोकतंत्र की हत्या

Monday: Dec 16, 2019, 3:31 PM
पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ:शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
 देश में हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है
 छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई अमानवीय कारवाई का विरोध करते हुए लुधियाना में अहरार कार्यकर्ता
लुधियाना:16 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नागरिकता कानून में किए गए संशोधन के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की तरफ से जे.एम.यू और ऐ.एम.यू के विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज से देश के लोकतंत्र हक को दबाने की कोशिश की जा रही है , यह बात आज यहां फील्डगंज चौक में 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस बर्बरता से बच्चों को पीट-पीट कर घायल किया है उससे इंसानियत शर्मिंदा हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वही दिल्ली पुलिस है जो अभी कुछ दिन पहले वकीलों के साथ हुए झगड़े के बाद रो-रो कर अपना दुखड़ा सुना रही थी। शाही इमाम ने कहा कि पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ है यह किसी एक धर्म के विद्यार्थी नहीं, देश के बच्चे है जो लोग नागरिकता बिल के विरोध को धार्मिक रंग देकर बदनाम करना चाहते हैं वह यह बात समझ लें कि भारत में जीत लोकतंत्र की होगी। शाही इमाम ने भारत के राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद साहिब से अपील की है कि दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को जान बूझ कर हिंसक बना कर अत्याचार किया है। शाही इमाम ने कहा कि आज़ाद भारत में हर इंसान को हक है कि वह चुनी हुई सरकार की नीतियों की विरोधता कर सकता है, इसलिए ही भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है । इस अवसर पर फील्ड गंज चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया गया। 
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