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Thursday, January 05, 2023

शिव सेना हिन्द निकालेगी एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा

Thursday 5th January 2023 at 02:45 PM

एक इंच धरती पर नही बनने देंगे खालिस्तान: निशांत शर्मा


हिन्दू नव वर्ष से होगी दिल्ली से कश्मीर तक एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा

मोहाली: 5 जनवरी 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

आज शीत लहर और सघन कोहरे के दरम्यान शिव सेना हिन्द ने खालिस्तान के खिलाफ तिरंगा यात्रा की घोषणा की। सन्नी एन्क्लेव में स्थित अपने कार्यालय में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने तीखे शब्दों में सिख फार जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी अपनी आलोचना का निशाना  बनाया। 

शिव सेना हिन्द के प्रमुख निशांत शर्मा ने कहा कि शिव सेना हिन्द देश विरोधी कट्टरपंथी ताकतों को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए मार्च महीने में हिन्दू नव वर्ष व चैत्र मास के प्रथम नवरात्रि 22 मार्च को एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। 

यह यात्रा भारत की राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा पंजाब से होते हुए अमर शहीद श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की शाहदत वाली वीर भूमि जम्मू/कश्मीर तक की निकाली जाएगी। 

उन्होंने कहा कि पंजाब की एकता और अखंडता को तोड़ने के लिए एवं हिन्दू सिख भाईचारे के आपसी भाईचारे में नफरत का जहर घोलने के लिए गुरपतवन्त सिंह पन्नू , आईएसआई, खालिस्तान लिबरेशन फ़ोर्स, भिंडरावाला टाइगर फ़ोर्स, हिजबुल मुजाहिदीन, सिख फ़ॉर जस्टिस जैसे देश विरोधी संगठन लागातार प्रयासरत है।

ऐसे में यह एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा कट्टरपंथी ताकतों को यह एहसास करवा देगी कि देश व पंजाब की एकता अखंडता व भाईचारे के लिए और देशवासियों की आन बान शान हर भारतीय की पहचान तिरंगा के लिए मरने मिटने वालो की कोई कमी नही है। देश भक्तों के होते हुए देश विरोधी ताकतों की एक भी साजिश सफल नही हो सकती।

उन्होंने कहा कि एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा का संकल्प है कि पंजाब में शिव सेना हिन्द के होते हुए पंजाब की एक इंच धरती पर भी खालिस्तान नही बनने दिया जाएगा। आंतकवाद के दौरान जिन पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए आंतकवाद का सफाया किया ऐसे अफसरों पर किये मुकदमे वापिस कर उन्हें तुरंत रिहाई की जाये और शहीद हुए पुलिस अधिकारियों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

उन्होंने कहा आंतकवाद के  दौरान मारे गए हज़ारों हिन्दू परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। टारगेट किलिंग में मारे गए हिन्दू नेताओ को शहीद का दर्जा देने व उनके परिवारों को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप दिए जाएं

शर्मा ने कहा कि गैंग्स्टरो बदमाशों आतंकियों के खिलाफ अदालतों में चल रहे केस को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और इनकी सुनवाई अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये की जाए।

साथ ही लोगों से लूटपाट व डरा धमका कर वसूले गए करोड़ो रूपये से बनाई गई गैंगस्टरों की अवैध प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चला ध्वस्त किया जाए।

शिवसेना हिन्द की एक विशेष बैठक शिव सेना हिन्द स्टूडेंट विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा विशेष रूप से पहुंचे।

इस मौके उन के साथ राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष परविंदर भट्टी, गुरप्रीत सिंह लाडी पंजाब प्रधान, लीगल सेल के पंजाब प्रधान एडवोकेट केतन शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता कीरत सिंह मोहाली, मीडिया एडवाइजर राजिन्दर धारीवाल, पंजाब उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, एससी विंग पंजाब प्रधान राजकुमार भट्टी भी मौजूद रहे।

पत्रकार सम्मेलन के इस मौके पर निशांत शर्मा की तरफ़ से मंडी गोबिंद गढ़ के प्रसिद्ध उद्योगपति गौरव अग्रवाल को शिव सेना इंडस्ट्री सेल का पंजाब प्रधान नियुक्त किया गया।

इस अवसर पर निशान्त शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि गौरव अग्रवाल जहां एक और बड़े उद्योगपति है वही साथ साथ वह एक समाज सेवक भी है। उन के नेतृत्व में शिव सेना हिन्द जल्द ही मंडी गोबिंदगढ़ में उद्योगपतियों की एक विशाल मीटिंग का आयोजन करेगी। इस मीटिंग में उद्योगपतियों की समस्याओं को सुन कर उन्हें हल करवाने में शिव सेना हिन्द कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योगपति के साथ किसी भी तरह का अन्याय हम बर्दाश्त नही करेंगे।

वही इस अवसर पर उन्होंने व्यापार और उद्योग पर भी अपनी पकड़ और मज़बूत बनाने का एक नया एलान किया। उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति गौरव अग्रवाल शिव सेना हिन्द में शामिल करने की जानकारी मीडिया को देते हुए उन्हें बनाया इंडस्ट्री सेल का पंजाब प्रधान भी बनाया। इसके साथ ही करण अरोड़ा को पंजाब व्यापार मंडल का प्रधान बनाया गया। 

पत्रकार सम्मेलन में घोषणा की गई कि मंडी गोबिंदगढ़ में शिव सेना हिन्द इंडस्ट्री सेल की होगी विशाल बैठक होगी जो एक नया इतिहास रचेगी। सैंकड़ों उद्योगपति मंडी गोबिंदगढ़ में होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होंगे। इस मौके पर मौजूद गौरव अग्रवाल ने भी कहा कि उद्योगपतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देंगे साथ। 

इस मौके पर निशांत शर्मा एक बार फिर खुल कर आंतकवाद का सफाया करने वाले पुलिस अफसरों के हक़ में बुलंद आवाज़ से सामने आए। उन्होंने कहा कि आतंक का सफाया करने वाले ऐसे अफसरों पर किये मुकदमे वापिस कर के उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

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Wednesday, November 02, 2022

शिव सेना हिन्द करेगी अमृतपाल सिंह के कार्यक्रम का विरोध

2nd November 2022 at 8:19 PM

अमृतपाल सिंह के खरड़ आयोजन के ऐलान से सियासत में गरमाहट  

मोहाली: 2 नवंबर 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो डेस्क)::

हर वर्ष जब भी जून या नवंबर का  तो उससे सिख समुदाय में 1984 में घटित हुई घटनाओं की याद ताज़ा हो जाती है। इसके साथ ही लगने लगते हैं अलग सिख राज्य के नारे और साथ ही शुरू हो जाता है गर्म भाषणों और गर्म काव्य रस का सिलसिला। इस बार नवंबर में नवंबर-1984 की चर्चा ज़्यादा नहीं हो रही लेकिन अमृतपाल सिंह के उभर कर सामने आने से माहौल पूरी तरह राजनीतिक बना हुआ है। ज़्यादातर सियासी  अन्य संगठन इस संबंध में उदासीनता का रवैया धारण किए हुए हैं लेकिन शिव सेना हिन्द अब खुल कर अमृतपाल सिंह के विरोध में आ खड़ी हुई है। इस संगठन के प्रमुख निशांत शर्मा ने खरड़ आयोजन को अत्यंत गंभीरता से  लिया है।  

निशांत शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में आशंका व्यक्त  की कि खरड़ के शांतमय माहौल और हिन्दू सिख भाईचारे को नफरत की आग में धकेलने आ रहा है अमृतपाल सिंह और हम इस आयोजन का सख्त विरोध करेंगे। इस तरह शिव सेना
हिन्द नामक हिन्दू संगठन वारिस पंजाब जत्थेबंदी कार्यक्रम के खिलाफ खड़े होने का ऐलान कर चुका है।

इसी तरह की आशंकाओं में निशांत शर्मा ने कहा कि खरड़ में दंगे फैलाने की साजिश रच रहा है अमृतपाल सिंह। इसके साथ ही मांग की कि कार्यक्रम करवाने वाले आयोजको के खिलाफ पुलिस प्रशासन बाकायदा एफ आई आर  करे। निशांत शर्मा ने अपने प्रेस वक्तव्य में यह भी कहा कि अमृतपाल सिंह जैसे कट्टरपंथी खालिस्तानी पंजाब दे वारिस नही बल्कि पंजाब की अमन शांति व आपसी प्रेम भाईचारा कायम रखने वाले हिन्दू सिख ही पंजाब के वास्तविक वारिस हैं। 

इस आयोजन को लेकर शिव सेना हिन्द की एक विशेष बैठक पार्टी के मुख्य कार्यालय में भी आयोजित की गई। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए। वही इस मौके पार्टी के  राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष परविंदर भट्टी , एडवोकेट केतन शर्मा लीगल सेल प्रधान, कीरत सिंह यूथ प्रवक्ता, राजकुमार भट्टी एससी विंग पंजाब प्रधान, मनोज शर्मा उपाध्यक्ष, बाबू, प्रदीप गुप्ता चंडीगढ़ प्रधान, कुलविंदर सिंह गोली जिलाध्यक्ष आदि मौजूद थे

इस मौके पर शिव सेना हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा और परविंदर भट्टी ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जिस विवादित शख़्स की वजह से पंजाब के 35000 हिंदुओं का कत्लेआम हुआ था उस शख़्स के नक्शेकदम पर चलते हुए वारिस पंजाब जत्थेबंदी के प्रमुख अमृतलाल सिंह द्वारा भारत की एकता व अखंडता को तोड़ने वाली बातें करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह की तरफ से खरड़ में एक कार्यक्रम किया जा रहा है इस कार्यक्रम की आड़ में अमृतपाल सिंह की तरफ से पंजाब की जनता खासकर युवाओं को भड़काऊ बयानबाजी के द्वारा भड़काने का प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करवा रहे गुरिंदर सिंह मोहाली, हरमनजोत सिंह,करणवीर सिंह, मनजीत सिंह, जसविंदर सिंह, गुरमुख सिंह आदि आयोजको की जांच होनी चाहिए। आखिर इन के पीछे कौन कौन कौन फंडिंग कर रहा है किस किस का इन कार्यक्रम के आयोजन में हाथ है। 

इस आयोजन को रोकने का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि शिव सेना हिन्द अमृतपाल सिंह के इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करती है और किसी भी कीमत पर ऐसे भड़काऊ कार्यक्रम को खरड़ में होने नही दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग है जिस में पुलिस को निर्देश दिए गए है कि देश भर में जो भी धर्म के नाम पर कट्टरता फैलाता है जहर उगलता है नफरत फैलाता है ऐसे लोगो के खिलाफ बिना शिकायत के ही एफआईआर दर्ज की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम मोहाली के एसएसपी से मांग करते है कि अमृतपाल सिंह और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएं।

उन्होंने कहा कि शिव सेना हिन्द खालिस्तान सोच रखने वाले अमृतलाल सिंह एवं वारिस पंजाब दे संगठन का पुरजोर विरोध करती है।  

उन्होंने कहा कि खरड़ का माहौल बेहद शांतमय है यहां पर सभी धर्मों के लोग एकजुटता से मिलकर रह रहे है लेकिन अमृतपाल सिंह खरड़ में आकर भड़काऊ बयानबाजी कर मोहाली ही नही बल्कि पंजाब का माहौल खराब करेगा।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले दुबई में केश कटवाकर रहने वाला अमृतपाल सिंह पंजाब आकर खुद को भिंडरावाले की तरह पेश कर भड़काऊ बयानबाजी करके पंजाब के युवाओं को भड़काने का काम कर रहा है। 

आई एस आई की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमे आशंका है कि अमृतलाल सिंह आईएसआई के इशारों पर पंजाब की धरती पर हिंसा अशांति नफरत की आग फैलाने के लिए भेजा गया है। 

अपने प्रेस  ब्यान में उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी कर पंजाब में दंगे फैलाने की आईएसआई , खालिस्तानी आतंकियों और अमृतपाल सिंह ने मिलकर दुबई में साजिश रची है। 

निशांत शर्मा ने यहां तक कहा कि यह पंजाब के युवाओं को गुमराह कर हिंसा के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि आने वाले समय मे पंजाब में 1980-90 वाले दशक वाला काला दौर लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत कि अखंडता को तोड़ने व खालिस्तान सोच रखने वाले खालिस्तानी समर्थक पंजाब के वारिस नही बल्कि भारत की एकता अखंडता के लिए जान कुर्बान करने की चाह रखने वाले लोग ही पंजाब के असली वारिस है। 

अपने इस ब्यान में उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह के पीछे आईएसआई व विदेशी ताकते है जो कि अमृतपाल के जरिये पंजाब का माहौल खराब करने की फिराक में है उन्होंने कहा आधी रात को शराब के नशे में धुत होकर स्त्री के साथ घूमने वाले वारिश पंजाब दे संगठन के मुखिया रहे दीप सिद्धू की मौत के पीछे भी हो सकता है अमृतपाल का ही हाथ हो । इस कि जांच होनी चाहिए।

अतीत में डीप सिद्धू इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू और अमृतपाल के कोई ऐसे सबंध नही रहे कि अमृतपाल सिंह को वारिस पंजाब दे संगठन का अध्यक्ष बनाया जाता। दीप सिद्धू ने तो अपने पर्सनल फ़ोन से अमृतपाल सिंह को ब्लॉक किया हुआ था, ये फ़ोन आज भी दीप सिद्धू के परिवार के पास है जिस में अमृतपाल आज भी ब्लॉक है।

उन्होंने कहा कि न ही दीप सिद्धू ने कभी अमृतपाल के हक में कोई बयानबाजी की है। दीप सिद्धू की मौत पर लाखों की तादाद में लोग पहुंचे लेकिन अमृतपाल न तो दीप सिंद्धु के संस्कार पर आया न ही भोग पर ही नजर आया। इतना ही नही अमृतपाल सिंह ने दीप सिंद्धु की मौत के कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर वारिस पंजाब दे नाम का एक नकली पेज बना कर उस पेज को प्रमोट करना शुरू कर दिया था जैसे अमृतपाल सिंह को यह भनक पहली से ही लग गई थी कि दीप सिंद्धु का जल्दी ही कत्ल हो जाएगा उस के बाद मुझ को ही संगठन का स्वयम्भू प्रधान बनना है।

उन्होंने कहा कुछ वर्ष केस काट कर रहने वाले अमृतपाल में अचानक खालिस्तान कट्टर सोच कैसे जाग गई। पंजाब भर में जो भी कार्यक्रम किये जा रहे है उस के पीछे आखिर कौन है। दुबई में अमृतपाल सिंह किस किस के सम्पर्क में रहा। इस को फंडिंग कौन कर रहा है । इस के कहने पर भड़काऊ बयान दिए जा रहे है इन सब की केंद्र व राज्य सरकार को तुरंत जांच करनी चाहिए। 

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि तुरंत वारिस पंजाब दे संगठन को बैन कर के भड़काऊ बयानबाजी करने वाले अमृतपाल सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 

इस मुद्दे पर उन्होंने यह भी कहा कि आईएसआई व विदेशी ताकतों के इशारों पर अमृतपाल सिंह भड़काऊ बयानबाजी कर पंजाब के युवाओं को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार करें वारिस पंजाब दे संगठन को देश विरोधी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगाए और उस संगठन के बैनर तले कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने की परमिशन न दें।

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Saturday, March 21, 2015

कौन कर रहा है पंजाब में फिर से आग भड़काने की कुचेष्टा

बहुत दिनों से है यह मश्ग़ला सियासत का, कि जब जवान हों बच्चे तो क़त्ल हो जायें
आज 21 मार्च है।
अतीत के आईने में जब 21 मार्च के दिन को देखा जाता है तो याद आता है वह समय जब 21 महीने देश  को कारागार में बदलने वाली इमरजेंसी के अंत की घोषणा की गई  थी।  अभिव्यक्ति की छूट मिलते ही फूटा आम जनता का गुस्सा और इंदिरा शासन का एक बार तो अंत हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी आर कृष्णा अय्यर के  फैसले से रुष्ट होकर लगाई गई इमरजेंसी के अंतर्गत पूरे देश को जेलखाने में बदल दिया गया था। जय प्रकाश नारायण जैसे वृद्ध नेताओं को भी जेल में धकेल दिया गया और इमरजेंसी के तहत मिले अधिकारों का दुरपयोग खुद आपातकाल का धनद भी न रोक सका। इसका समर्थन करने वाले वाम दलों को भी बाद में अपनी इस गलती को स्वीकार करना पड़ा। अख़बारों पर सेंसरशिप के उस दौर में कुछ कलमें बिक गयी और कुछ डर गई लेकिन सच बोलने वाले उस दौर में भी सच ही बोलते रहे। जनाब दुष्यंत कुमार के शेयर बहुत लोकप्रिय हुआ था--
 सिख संगत डॉट कॉम साभार (बड़ा करने के लिए तस्वीर पर क्लिक करें)
अब तो इस तालाब का पानी बदल दो,
ये कमल के फूल मुरझाने लगे हैं।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, 
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, 
मेरा मकसद तो है यह सूरत बदलनी चाहिए। 
दस्तकों का अब किवाड़ों पर असर होगा ज़रूर, 
हर हथेली खून से तर और बेकरार। 
सेंसरशिप की कैंची से बचने के लिए इस तरह की शायरी का सहारा लिया जाता।  एक गंभीर प्रयोग से गुज़र  सभी  परीक्षा भी थी। इसके कुछ फौरी फायदे भी हुए। अजीत अख़बार के संस्थापक सरदार साधू सिंह हमदर्द ने सिलसिलेवॉर सम्पादकीय भी लिखे जिनमें आपातकाल का स्पष्ट समर्थन था। उन्होंने कहा--रो रो कर फिर याद करोगे। चोर बाज़ारी, ज़खीराबाज़ी और ब्लैक जैसी बुराइयों पर आपातकाल में  रातो रात  काबू पा लिया गया। चाय का कप 25 पैसे में पीना मुझे अभी तक याद है। श्रीमति इंदिरागांधी में जो खूबियां थीं वो भी शायद किसी और में नहीं हैं लेकिन उनसे जो गलतियां हुईं वो भी कम गंभीर नहीं थी।
इंदिरा गांधी के लिए भी माननीय थे संत
आपातकाल के उन दिनों में हरिमंदिर साहिब में संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले तो नहीं थे पर दरबार साहिब से इमरजेंसी के खिलाफ एक मोर्चा अवश्य चला था। लगातार 19 महीने तक--इमरजेंसी के अंत तक। सभी विरोधों को कुचल देने वाली इंदिरा सरकार हरिमंदिर से उठी विरोध की आवाज़ को इमरजेंसी के डंडे से भी नहीं दबा पाई। वह बेहद दूरअंदेश थी लेकिन ज़िद और क्रोध बड़े बड़ों की बुद्धि पर पर्दा डाल  देता है। उस समय के लोग कहते हैं कि उस भयानक दौर में ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अकालियों को सबक सिखाने की बात मन में ठान ली थी। देश पर हुए तानाशाही के उस वार का सामना करने के लिए श्री हरिमंदिर साहिब से चले मोर्चे के दौरान बहुत से प्रमुख विपक्षी नेता वहां छुप कर शरण भी लेते रहे और आंदोलन का मार्गदर्शन भी करते रहे। इमरजेंसी हटते  ही ठीक एक वर्ष बाद 1978 की वैशाखी के पर्व पर जब निरंकारी संप्रदाय अमृतसर में अपना सम्मेलन करता है तो फायरिंग की घटना के बाद उभर कर आती है संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की शख्सियत। संत भिंडरांवालों का विरोध करने वालों का कहना है कि संत भिंडरांवाले को कांग्रेस ने ही उभारा तांकि अकाली दल के कद को बौना किया जा सके और पंजाब में हमेशां के लिए कांग्रेस का वर्चस्व स्थापित सके। इसके बाद शुरू होता है खूनखराबे का भयानक दौर जिसने पंजाब के शांत माहौल में आग दी। सत्ता लोलुपता के कुचक्र ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा जिसमें पंजाब के सभी वर्ग फंस गए। इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए कोई अभिमन्यु  देश के पास नहीं था। पंजाब के बहुत से भीष्म पितामह, बहुत से अर्जुन, बहुत से युधिष्टर, बहुत से भीम शकुनियों की चालों  का शिकार हो गए। यह दास्तान  बहुत लम्बी है। पंजाबी के जानेमाने लेखक कुलवंत गरेवाल ने कभी लिखा था--
पंजाब न सीमा न असीम  है  
पंजाब-तकसीम दर तकसीम दर तकसीम
किसी ने पंजाब के दुखद समय घटनक्रम की निष्पक्ष जाँच की मांग गंभीरता से नहीं की। किसी ने पंजाब के ज़ख्मों पर मरहम की  बात ईमानदारी से नहीं की। कुछ लोगों ने तमाशा बना दिया, कुछ ने आग लगा दी और कुछ  सियासी रोटियां सेंकते रहे। सुना है अब हाल ही में शिव सेना नेता राजीव टंडन ने कहा है--देश की शांति के लिये आंतकवादियो के हाथो शहीद होने वाली भारत की पूर्व प्रधानमन्त्री श्रीमति इंदिरा गांधी के देश हित में किये गए कार्यो को ले शिव सेना प्रचार सामग्री जारी करेगी। शिव सेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन व युथ प्रधान अमित अरोड़ा ने शिव सेना पंजाब के युथ विंग की मीटिंग में SGPC को भी अपना निशाना बनाते हुए कहा कि एस जी पी सी इंदिरा गांधी के हत्यारों को सम्मानित कर देश द्रोह का काम कर रही है। उन्होंने कहा की देश की पूर्व प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी ने देश की शांति के किये अनेक काम किये जिसमे पंजाब से "आतंकवादी भिंडरावाला" के आतंक का खात्मा करना विशेष रूप से शामिल था पंजाब में जहां तकवादियो ने अपना डर कायम कर रखा था वही हिन्दू समाज के लोगो को घरो से बसो से निकाल कर चुन चुन कर मारा जाता था जब हिन्दू समाज के लोग अपनी जान वचाने के लिए अपना घर बार छोड़ दिल्ली करनाल की तरफ कुच कर रहे थे तब इंदिरा गांधी जी की दलेरी ही थी उन्होंने पंजाब को आंतकवाद से मुक्त करवाने के लिए भारतीय फौज को इसका जिम्मा सौंपा और पंजाब के हिन्दू समाज को एक नया जीवन दिया।  इसलिए माननीय इंदिरा गांधी व सरदार बेअंत सिंह का नाम आदर से लिया जाता है देश के नौजवानो को माननीय इंदिरा गांधी के इतिहास की जानकारी देने के लिए उनकी प्रचार सामग्री जारी करेगी इस मोके पर शिव सेना पंजाब के सिटी प्रधान अश्वनी चोपड़ा युथ प्रधान भानु प्रताप सिंह सनी मेहता नीरज चोपड़ा विशेष रूप से उपस्थित थे।

Saturday, January 18, 2014

पंजाब सरकार की व्यापारी व हिन्दू नीतियों के विरोध में आंदोलन

Fri, Jan 17, 2014 at 6:34 PM
शिव सेना की तरफ से एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल शनिवार को
लुधियाना: 17 जनवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
पंजाब सरकार की व्यापारी व हिन्दू नीतियों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल शनिवार को
लुधियाना। शिव सेना हिन्दुस्तान की तरफ से पंजाब सरकार की व्यापारी, जनविरोधी व हिन्दू विरोधी नीतियों के विरोध में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल 18 जनवरी शनिवार को जगराओं पुल स्थित शहीदी स्मारक पर आयोजित होगी। राज्य सरकार के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन के प्रथम चरण में शनिवार को संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गुप्ता जी की अध्यक्षता में 21 सदस्य भूख हड़ताल पर बैठेंगे, जबकि पंजाब भर से आए 500 शिव सैनिक  उनके समर्थन में साथ देंगे। उपरोक्त जानकारी शिव सेना हिन्दुस्तान के पंजाब प्रमुख कृष्ण शर्मा और महासचिव अमर टक्कर ने जगराओं पुल पर भूख हड़ताल स्थल की तैयारियों का जायजा लेने के उपरांत दी। उन्होंने पंजाब सरकार को व्यापारी व हिन्दू विरोधी करार देते हुए कहा राज्य सरकार प्रतिदिन नए-नए टैक्स लगा कर पंजाब के व्यापार व उद्योग को बर्बाद कर रही है।
उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग का खून निचोड़ कर जितना टैक्स वसूला जाता है, उसके अनुपात के अनुसार व्यापारी वर्ग को मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई जाती। राज्य सरकार की ऐसी जन विरोधी नीतियों के विरोध में शिव सेना हिन्दुस्तान ने राज्य स्तर पर आंदोलन करके जनता को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी के तहत प्रथम चरण में शनिवार को सांकेतिक भूख हड़ताल होगी। अगर राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद से न जागी तो शिव सैनिक पंजाब की सडक़ों पर उतर कर विरोध करेंगे। इस अवसर पर कृष्ण शर्मा के साथ अमर टक्कर, रामराज गर्ग, अनिल सिंगला, कृष्ण बांसल, नरिन्द्र भारद्वाज, आशीष सिंगला और प्रतीक सहित अन्य भी मौजूद थे।

Thursday, January 16, 2014

मोदी की तुलना भगवान राम से करने के गरमाया

Thu, Jan 16, 2014 at 7:58 PM
शिवसेना हिन्दुस्तान की युवा इकाई ने फूंका राजनाथ का पुतला 
लुधियाना: 16 जनवरी 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
शिवसेना हिन्दुस्तान की युवा इकाई ने युवा अध्यक्ष अनिल साहोनी मोनू की अध्यक्षता में मोदी की तुलना भगवान राम से करने के विरोध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ का पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया। स्थानीय टिब्बा रोड पर एकत्रित हुए युवा सैनिकों को संबोधित करते हुए अनिल साहनी मोनू ने कहा कि भाजपा अपने गिरते जनाधार को बचाने के लिए हमेशा से ही हिन्दू भावनाओं से खिलवाड़ कर भगवान राम के सहारे सता हासिल करने के हथकंडे अपनाती रही है। भगवान राम के मंदिर निर्माण का सहारा लेकर भाजपा ने 6 वर्ष तक केन्द्र में सता का सुख हासिल किया, मगर सता के दौरान भगवान राम को पूरी तरह भूल गई। अब एक बार फिर भाजपा ओछे हथकंडे अपनाते हुए मोदी नामक इंसान की भगवान से तुलना करके हिन्दू धर्म के लोगों की भावनाएं आहत करके वोट बटोरना चाहती है। जिसे देशवासी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने राजनाथ से आग्रह किया कि वह मोदी की तुलना भगवान राम से करने पर देश की जनता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगे। वहीं, चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर राजनाथ ने हिन्दू समाज से माफी न मांगी तो शिव सेना हिन्दुस्तान राजनाथ पर हिन्दू धर्म की भावनाएं आहत करने और भगवान राम का अपमान करने पर आई.पी.सी. की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज करवाएगी। इस अवसर पर बलराम रविदास, राजकुमार राजपूत, करन गर्ग, दर्शन, सूरज वर्मा, महिन्द्र राजपूत, खुशनसीब मोहम्मद, गुड्डू, रिंकू, गोपाल, विनोद कुमार, मनोज कुमार राजपूत, धर्मपाल, सौरव मोहित, राजकुमार, बब्बू, जीता, राजन, उस्मानी अंसारी, नीतिन साहनी सहित अन्य भी मौजूद थे।