Showing posts with label Students. Show all posts
Showing posts with label Students. Show all posts

Wednesday, November 30, 2022

आनंद मार्ग स्कूल की तरफ से निकली गई PCAP रैली

WhatsApp News Wednesday, Nov 30, 2022 

जीव-जंतुओं को भी है जीवन का अधिकार 

लुधियाना: 30 नवंबर, 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::


जीव-जंतु जहाँ प्राकृतिक सौंदर्य होने के कारण आकर्षण का केंद्र हैं, वहीँ दूसरी तरफ़ ये हमारी भोजन-शृंखला का अभिन्न अंग भी हैं। इन की उपस्थिति से हमारी प्रकृति भी संरक्षित रहती हैं। इंसान होने के नाते जहाँ हमें इन जानवरो प्यार और परस्पर सद्भाव की भावना सीखने को मिलती है, वहीँ इनके प्रति हमारे कुछ दायित्व भी हैं। आनन्द मार्ग स्कूल, लुधियाना की तरफ से हुए एक कार्यक्रम में स्कूल की प्राचार्या साध्विका आचार्या द्वारा भी उन जिम्मेदारियों से बच्चों को अवगत करवाया। 

सबसे पहले सुबह आनंद मार्ग प्राइमरी स्कूल की तरफ से PCAP रैली निकाली गई थी, जिसमें प्रिवेंशन ऑफ़ क्रुएलिटी एंड एनिमल प्रोटेक्शन के तहत स्कूल के बच्चों द्वारा तरह-तरह के जीव-जंतुओं तथा पेड़ पौधों के संरक्ष्ण के बारे में बताया गया। 

इसके बाद वाले कार्यक्रम में आनंद मार्ग स्कूल की प्राचार्या साध्विका आचार्या ने बताया कि हमें पेड़ पौधों को नहीं काटना चाहिए।  जीव-जंतुओं के कभी भी अत्याचार नहीं करना चाहिए। उन्हें भी जीवन जीने पूरा अधिकार है। इसलिए मांसाहारी भोजन भी नहीं करना चाहिए। और उन्होंने ये भी बताया कि पेड़-पौधों और जीव जंतुओं से भी हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसलिए बचपन से ही ये सब जीवन का आधार बनना चाहिए। 

इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों के साथ-साथ स्कूल के फैकल्टी मेंबर्स मनीषा, डिंपल, शशी, प्रियंका तथा मोनिका ने भी भागीदारी की। 



Friday, October 09, 2020

GCG लुधियाना में लगाया गया विशेष कोविड-19 स्वास्थ्य कैंप

Friday: 9th October 2020 at 3:23 PM

 डाक्टर सीमा कौशल ने बताये बचाव के बहुत भी महत्वपूर्ण गुर 


लुधियाना
: 9 अक्टूबर 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

कोरोना की मार को रोकने में पंजाब सरकार लगातार सक्रिय है। मिशन फ़तिह के अंतर्गत इस मकसद के लिया हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत पंजाब स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की एक विशेष टीम ने लुधियाना स्थित लड़कियों के राजकीय कालेज में एक कैंप का  आयोजन आयोजन किया। इस कैंप के दौरान कोविड-19 के निशुल्क टैस्ट करवाए गए तांकि इसे रोकने में सभी आवश्यक कदम उठाये जा सकें। गौरतलब है की ऐसे कदम उठा कर ही रिकवरी दर को बढ़ाया जा सकता है और मृत्यु डर को कम किया जा सकता है। इसी मकसद के लिए जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं। समाजिक और शिक्षण संस्थान भी काम में सहयोग दे रहे हैं। यू सी एच सी जवद्दी की मेडिकल अफसर डाक्टर सीमा कौशल ने कालेज के स्टाफ  छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिए सभी सावधानियां और अन्य बातें बतायीं। रोग प्रतिरोधक शक्ति को मज़बूत रखने के लिए क्या क्या खाना पीना है इस बात के भी गुर बतलाये। डाक्टर मैडम ने बताया कि इन नियमों और सावधानियों का पालन करके ही हम कोरोना पर मुकम्मल विजय प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य की रक्षा, स्वास्थ्यवर्द्धक खानपान और आवश्यक व्यायाम इस मामले में बहुत ही आवश्यक है। कार्यवाहक प्रिंसिपल डाक्टर गुरप्रीत कौर और स्टूडेंट्स काउन्सिल की इंचार्ज डाक्टर सुखविंदर कौर की देखरेख में लगाए गए इस स्वास्थ्य कैंप का फायदा कालेज की बहुत सी छात्राओं ने उठाया। इस तरह के स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन तेज़ी से किया जा रहा है तांकि सभी क्षेत्रों के लोगों को इसका फायदा पहुंच सके। 

Sunday, January 19, 2020

जानेमाने राजनीतिज्ञ बीरदविंद्र सिंह पहुंचे जे एन यू

Sunday: 19th January 2020 at 22:26 Whats App
जे एन यू पर हमले के दौरान घायल हुई आईशी घोष के साथ भेंट की
सोशल मीडिया: 19 जनवरी 2020: (सृजनधारा ग्रुप में सरबजीत सिंह)::
हमसे सबूत मांगना महंगा पड़ा उन्हें। 
कागज़ को यूं खंगालना महंगा पड़ा उन्हें। 
शायरा लता ह्या की गाई हुई यह ग़ज़ल आजकल सोशल मीडिया पर भी लगातार लोकप्रिय हो रही है। सीएए के मुद्दे पर विरोध की चिंगारियों को इस ग़ज़ल ने भी खूब हवा दी है। 
फेसबुक और यूट्यूब में भी लगातार लोकप्रिय हो रही इसी ग़ज़ल पर सीएए के समर्थन और विरोध में बहुत से कुमेंट भी आए हैं। इसी बीच पंजाब में भी सी ए ए के विरोध में कई नए आंदोलनों की तैयारियां हैं। इन्ही ख़बरों के चलते जानेमाने राजनीतिज्ञ और लोकप्रिय नेता बीरदविंद्र सिंह ने जे एन यू में जा कर घायल छात्रा आईशी घोष के साथ भेंट की। यह मुलाकात रविवार को हुई। इस तस्वीर को सोशल मीडिया में व्हाटसअप के सृजनधारा ग्रुप में शेयर किया है सरबजीत सिंह (+91 98141 23338) ने। जिस शायरी ने  मौजूदा राजनैतिक घटनाक्रम झलक देने वाली रचनाएं सामने रखीं हैं उन में अब यह ग़ज़ल भी शामिल हो गई है। 
अब देखना है जानेमाने नेता बीर दविंदर सिंह का छात्र नेता आईशी घोष के साथ मुलाकात करना राजनैतिक माहौल छात्र राजनीति पर क्या प्रभाव डालता है। 
  

Monday, January 06, 2020

JNU में छात्रों के साथ गुंडागर्दी की शाही इमाम पंजाब ने भी की निंदा

Monday: 6th January 2020 at 5:47 PM
केंद्र सरकार पर लगाया खामोश तमाशाई बने होने का आरोप 
लुधियाना: 6 जनवरी 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी
दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के साथ नक़ाब पहन कर साम्प्रदायिक ताक़्तों द्वारा की गई गुंडागर्दी की निंदा करते हुए स्वतंत्रता सैनानियों की पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम के प्रधान व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर भी खामोश तमाशाई बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का साम्प्रदायिक चेहरा रात एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। यह  वक़्त रहेगा जब पुलिस ने जे.एन.यू. में बदमाशों को खुली छूट दे दी और मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया गया। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा के राज में पुलिस बल का जमकर दुरुपयोग हो रहा है जो कि निंदनीय है, आए दिन जबर-ज़्यादतियां बढ़ रही हैं जो कि लोकतंत्र के लिए चिंता की बात बनी हुई है। 
शाही इमाम ने कहा कि केंद्र सरकार खामोश तमाशाई बनी हुई है प्रदर्शनकरियों से सरकार बात करने की बजाए गलत ढंग से सच्चाई कि आवाज को कुचलना चाहती है जो कि संभव नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कि रक्षा के लिए हर एक भारतीय को संघर्ष करना होगा, यह देश सभी का है, यहां अनेकता में एकता का जो इतिहास रहा है उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि को लोग धर्म के नाम पर कानून बना रहे है दरसअल वह सत्ता के लालची है वह अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटना चाहते हैं, इतिहास गवाह है कि भारत में नफरत कि राजनीति कभी कामयाब नही हुई और ना ही अब होगी।
  वर्णनयोग है कि पंजाब भर में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान की अगुवाई में लगातार मुसलमान सी.ए.ए. और एन.आर.सी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 जनवरी को राज्य भर में काला दिवस मनाने के बाद अब अगली रणनीति के लिए 7 जनवरी को दोपहर 1 बजे जामा मस्जिद में मीटिंग बुलाई गई है।


Tuesday, December 24, 2019

वाम के तो अब बस अवशेष बाकी हैं-ABVP

लुधियाना में ABVP का 51वां राज्य अधिवेशन शुरू 
लुधियाना: 24 दिसंबर 2019: (पंजाब स्क्रीन टीम)
पंजाब में अपना आधार और मज़बूत करने के लिए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अपनी सरगर्मिया बढ़ा दी हैं। शीट लहर के प्रकोप से जब लोग रजाईयों और कंबलों में दबके पड़े हैं उस समय इस छात्र संगठन के सदस्य और नेता मैदान में आ गए हैं।  लगता है छुट्टियों का सीज़न भी रणनीती के तौर पर ही चुना गया है तांकि छात्र शक्ति स्कूलों कालेजों से ग़ैरहाज़र हुए बिना अपना पूरा समय और ध्यान संगठन की तरफ दे सके। इसके सक्रिय नेता चिरांशु रत्न ने  से बात करते हुए बहुत से मुद्दों पर बात की। वाम की चुनौती को लेकर किये गए सवाल का जवाब देते हुए उन्हीने कहा कि अब हम वाम को चुनौती ही नहीं मानते।  वे रहे ही कहां हैं? बस अब तो उनके अवशेष बाकी हैं। वे अवशेष भी अपने ही भार से खुद बी खुद समाप्त होने वाले हैं।  राष्ट्रीयता की लहर के सामने विदेश तत्व अब बेहद निर्बल और असहाय हो चुके हैं। शहीद भगत सिंह और शहीद ऊधम सिंह को अभी तक कौमी शहीद न माने जाने पर किये गए सवालों पर उन्होंने कहा कि हम कई दशकों से शहीदों के इस सम्मान के लिए प्रयासशील हैं। कुछ समय तक किसी ने नहीं सोचा था की कभी धारा 370 भी हटेगी लेकिन वह अब हट चुकी है। बाकि काम भी जल्द होंगें। शहीदों को उन सम्मान मिले यह बात मोदी जी की सरकार के प्राथमिक मुद्दों में है। उनको कौमी शहीद का दर्जा भी जल्द मिलेगा। इस तरह के नए इरादों और नई चुनौतियों के साथ ही शुरू हुआ है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 51वां राज्य अधिवेशन। 
बाद दोपहर  ढाई बज चुके थे लेकिन धुंद और सर्दी की वजह से सुबह सुबह का समय ही लग रहा था। स्थान था  लुधियाना के जानेमाने दरेसी ग्राउंड के गहन आंतरिक इलाके में स्थित एस. ए. एन. जैन सीनियर सेकेंडरी स्कूल। निमंत्रण भेजने वाले व्यवस्था अधिकारी सतीश सैनी जी को हमारी मीडिया टीम में से कोई भी जानता पहचानता नहीं था। नेटवर्किंग समस्या के चलते उनका मोबाईल भी नहीं मिल रहा था। ऐसे में सक्रिय सहयोग दिया एबीवीपी के प्रबंधन कार्यकर्ता अर्जुन त्रेहन ने जो यहां अमृतसर से आए हुए थे। इसी सहयोग के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 51 वें अधिवेशन का आयोजन बहुत ही अपना अपना सा लगा। मन में आया काश हम भी छात्र होते  और इसमें शामिल हो पाते। हमारी टीम के सक्रिय सदस्य प्रदीप शर्मा जी तो इतने उत्साह में आये कि सेल्फी स्टैंड में आ कर उन्होंने बाकायदा अपना फोटो भी खिंचवाया। आप इन सभी तस्वीरों को फेसबुक पर भी देख सकते हैं। 
आंगन में ध्वजों के बड़े से गोल दायरे और जगह जगह लगे हुए छोटे छोटे माटो राष्ट्रीयता का संदेश दे रहे थे। बोले सो निहाल और वाहिगुरु जी का खालसा के जैकारे उन आरोपों की हंसी उड़ा रहे थे जिनमें कहा जाता है कि एबीवीपी केवल हिंदुत्व की ही प्रतिनिधि है। गौरतलब है वाम  जहाँ लेनिन, कार्ल मार्क्स, माओ-त्से-तुंग और चीगुवेरा जैसे सभी विदेशी है वहीँ एबीवीपी ने गुरुनानक और विवेकानंद को अपने नायकों में शामिल किया है। लगता है पंजाब में इस छात्र संगठन का भविष्य रौशन है। गुरुमुखी में लिखे नारों में  पर पूछे जाने पर इस संगठन के एक कार्यकर्ता ने कहा कि इस तर भी प्रयास जारी हैं।  इसके साथ ही नारे लग रहे थे भगत सिंह तेरी सोच ते पहरा दिआंगे ठोक के। ऊधम सिंह तेरी सोच ते पहरा दिआंगे ठोक के। मंच पर लगे बड़े बैनर पर जहां एक तरफ श्री गुरु नानक देव जी का बड़ा सा स्कैच बना था वहीँ दूसरी तरफ एक गोलक सी बना कर पानी की बचत का संदेश भी दिया गया था। 
गौरतलब है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पंजाब प्रांत का अधिवेशन आज यहां 24 दिसंबर को शुरू हो  गया और 26 दिसंबर तक चलेगा। इस आयोजन के चलते एस. ए. एन सीनियर सेकेंडरी स्कूल लुधियाना  पूरा माहौल ही धर्म और राष्ट्रीयता  रंगा हुआ था।  मुख्य अतिथि के रुप में माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री सोम प्रकाश थे जबकि मुख्य वक्ता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील अंबेडकर और विशेष मेहमान लेखक एवं मशहूर गायक  किन्द्र देओल रहे। 
सबसे पहले सत्र में प्रदेश मंत्री चिरांशु रतन द्वारा उनके पूरे साल भर का किए गए कार्यों का बेरवा दिया जाएगा एवं उसके बाद ही चुनाव अधिकारियों द्वारा 2019-20 के पंजाब प्रांत के अध्यक्ष एवं मंत्री के लिए चुनाव किया गया। इसके साथ ही दोपहर के भोजन और शाम की चाय का ब्रेक भी हुआ। भोजन का प्रबंध देर शाम तक जारी रहा। दूर दूर से आने वाले डेलीगेटों और सदस्यों के लिए सबसे पहले भोजन का प्रबंध होता। उनका आग्रह इतना स्नेह भरा था कि  हमारी टीम ने भी उस सात्विक से बने भोजन का आनंद लिया। दिलचस्प बात है कि भोजन किसी बाज़ार से नहीं आया बल्कि खुद स्कूल के परिसर में ही तैयार किया गया था। 
अगले दिन 25 दिसंबर को भाषा सत्र कार्य पद्धति के विषय पर पूर्व राष्ट्रीय संगठन मंत्री  सुनील अंबेडकर  द्वारा लिया जाएगा और साय 6:15 बजे  एन.आ.रसी एवम सी.ए.ए के विषय पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री  प्रफुल्ल आकात  द्वारा सतर लिया जाएंगा और दिन में 2:30 बजे भारी शोभायात्रा पूरे शहर में निकाली जाएगी जिसके बाद 3:30 बजे चौड़ा बाजार मे खुला अधिवेशन किया जाएगा और 26 दिसंबर को समापन से पहले भाषण सत्र पंजाब में वैचारिक चुनौतियां विषय पर प्रोफेसर एस.डी कॉलेज लुधियाना से डॉक्टर अश्वनी भल्ला जी द्वारा लिया जाएगा अंत अधिवेशन में पूरे पंजाब प्रांत से लगभग 600 विद्यार्थी एवं अध्यापक मौजूद रहेंगे। अब देखना है कि कल क्रिसमिस के अवसर पर इस संगठन की शोभा यात्रा शहर में क्या प्रभाव डालती है?
(इस कवरेज के लिए पंजाब स्क्रीन की टीम में थे रेक्टर कथूरिया//प्रदीप शर्मा और कुछ अन्य सहयोगी)

Monday, August 13, 2018

संसद भवन के पास छात्र नेता उम्र खालिद पर हमला-सकुशल बचे

प्रगतिशील क्षेत्रों में गम और रोष की लहर 
नयी दिल्ली: 13 अगस्त 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
जानेमाने लोकप्रिय छात्र नेता उम्र खालिद पर गोली चलने की खबर से सभी प्रगतिशील क्षेत्रों में गम और गुस्से की लहर है। गौरतलब है कि कुछ अज्ञात लोगों ने आज यहां संसद भवन के पास स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के ठीक बाहर जेएयनू के छात्र नेता उमर खालिद पर हमला किया और गोलियां चलायी लेकिन वह सकुशल बच गए। उनके सकुशल बचने की खबर से संतोष भी पाया जा रहा है लेकिन इससे इस हमले से पैदा हुई चिंता कम नहीं हो रही। यह सब तब हुआ जब स्वतन्त्रता दिवस को केवल एक दिन बाकी है। आज कई जगहों पर स्वतन्त्रता दिवस के आयोजनों की रिहर्सल भी हो चुकी होगी। लेकिन यह गोलियां चलाने वाले इस राष्ट्रीय त्यौहार से एक-दो दिन पूर्व छात्र नेता पर गोलियां चला कर क्या संदेश देना चाहते हैं? 
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि जब खालिद क्लब के गेट पर थे तब दो गोलियां चलायी गयीं। निश्चय ही दिन दिहाड़े इस तरह संसद भवन के पास गोलियां चलाने वाले आम मुजरिम न रहे होंगें। शायद उनके पीछे कोई बड़ा हाथ हो। उल्लेखनीय है कि खालिद ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट’ संगठन के ‘खौफ से आजादी’ नामक एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने यहाँ पहुंचे थे।
खालिद के साथ कांस्टीट्यूशन क्लब गए एक व्यक्ति  खालिद सैफी ने कहा कि जब हम चाय पीने गए थे जब तीन लोग हमारी तरफ आए। उनमें से एक ने खालिद को जकड़ लिया जिसका विरोध करते हुए खालिद ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की और इसमें सफल भी रहे।  
खालिद सैफी ने कहा कि गोली चलने की आवाज आने से सैर माहौल में अफरातफरी मच गयी। 
समझा जाता है कि इसी हडबडाहट में शायद हमलावर अपना निशाना चूक गए। उन के इस सुनियोजित हमले के बावजूद खालिद अपनी सतर्कता के चलते घायल नहीं हुए। इस पर बोखलाए हुए आरोपियों ने भागते समय एक और गोली चलायी। इससे आसपास के माहौल में एक सनसनी सी फ़ैल गयी।  
इस घटना के कुछ देर बाद उम्र खालिद ने इसका गंभीर नोटिस लिया। इस घटनाक्रम पर खालिद ने कहा कि देश में खौफ का माहौल है और सरकार के खिलाफ बोलने वाले हर व्यक्ति को डराया-धमकाया जा रहा है। आज की घटना इस हकीकत की एक ताज़ा मूंह बोलती तस्वीर भी है। 
इसी बीच इस सरे मामले की जांच का काम जारी है। पुलिस घटनास्थल पर है और मामले की जांच कर रही है। उसने वह हथियार भी जब्त कर लिया है जो आरोपियों के भागते समय उनके हाथों से गिर गया था। अब देखना है पुलिस कितनी देर में हमलावरों की पहचान करके उन्हें पकड़ पाती है। 

Sunday, February 05, 2017

आपकी वोट ही बनाती है आपका भविष्य

Sun, Feb 5, 2017 at 2:20 PM
बजाज कालेज के छात्रों ने समझाया लोकतंत्र की शक्ति का मन्त्र 
लुधियाना: 5 फरवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
चुनाव का दिन एक ऐसा मौका लाता है जिसके सदुपयोग से आप अपनी किस्मत का फैसला किसी सही प्रत्याशी के हाथों सौंप सकते हैं। इस मामले में एक एक वोट का असर होता है। लेकिन खेद की बात है कि  इस सीधे से रहस्य को भी अधिकतर लोग समझ नहीं पाते। लोकतंत्र के इस मन्त्र की शक्ति जनता को समझाने के लिए बजाज कालेज के छात्रों ने लुधियाना प्रशासन की सक्रिय सहायता की। बजाज कॉलेज के छात्रों ने पंजाब राज्य चुनाव 2017 में भाग लेने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया।  
बजाज कॉलेज के लगभग 50 छात्र वालंटरियों ने जिला प्रशासन को सक्रिय सहयोग दिया। छात्रों ने समझाया कि -मेरा वोट-मैं ही नेता। हमारे लोकतंत्र में कैसे एक एक वोट चुनावी प्रक्रिया में फर्क ला सकती है यह किसी करिश्मे। हमारे समाज को सही नेताओं  चयन इसी शक्ति से हो।  इसलिए यह एक गंभीरता पूर्ण।  छात्र शक्ति ने मतदान के महत्व पर प्रकाश डाला
छात्र दिन भर अलग अलग स्थानों पर जा कर विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के आसपास के वरिष्ठ मतदान अधिकारियों को सहायता प्रदान करते रहे इन युवाओं ने सक्रिय रूप से यह सुनिश्चित किया कि अधिक से अधिक लोगों तक इसका महत्व पहुँच सके। खुद छात्रों के लिए भी यह एक जीवन भर का अनुभव था। सभी ने इसे रोमांचित और यादगारी अनुभव के तौर पर सहेजा जो उनके दिलो दिमाग में रहेगा।

Sunday, October 23, 2016

कन्हैया ने दी जाह्नवी को शुभकामनाएं और विरोध करने वालों को धन्यवाद

पंजाब का वाम छात्र आंदोलन अब फिर छू  सकता है नई शिखरें 
लुधियाना: 23 अक्टूबर 2016: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कन्हैया कुमार को खुली बहस की चुनौती देने वाली जाह्नवी को कन्हैया कुमार ने शुभ कामनाएं दी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विरोध करने वाले वकीलों को भी धन्यवाद किया और कहा कि यह सांस्कृतिक लोग हैं और कानून के दायरे में रहते हुए अपने अधिकार का प्रयोग क्र रहे हैं। यहाँ मीडिया से एक भेंट वार्ता के दौरान उस छात्रा  के सलाह भी दी कि अगर उसे डिबेट करनी है तो इस देश के नेतायों से डिबेट करनी चाहिए, इस देश के राष्ट्र अध्यक्षों से डिबेट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डिबेट के लिए डिबेट अच्छी बात है लेकिन अगर यह राजनीतिक स्टंटबाजी हो तो गलत है। गौरतलब है कि यह छात्रा कई  बार कन्हैया को खुली बहस की चुनौती दे चुकी है। 
अब जबकि देश पर बहुत सी स्वदेशी और विदेशी ईस्ट इंडिया कम्पनियां जोर पकड़ रही है उस समय कन्हैया कुमार का यह कहना कि  ले के रहेंगे आज़ादी एक ऐसा नारा बन के उभरा है जिसके साथ हाल के अधिकतर युवा साथ साथ गाने लगे थे ले के रहेंगे आज़ादी। जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्य्क्ष कन्हैया कुमार ने यहां एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश में शिक्षा का निजीकरण करने पर तुली हुई है। इसी कारण वह सरकारी शिक्षण संस्थानों को नुकसान पहुंचा रही है। इससे पहले कन्हैया के यहां पहुंचने पर उनका विरोध किया गया। वकीलों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया अौर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनको हटा दिया। कन्हैया की एक झलक पाने को लोग यहाँ बेकरार थे। कन्हैया एक क्रांति का प्रतीक बन कर यहाँ पहुंचे। 
यहां पंजाब साहित्य अकादमी परिसर में 'शिक्षा और रोजगार' विषय पर आयोजित सेमीनार में कन्हैया कुमार ने मोदी सरकार की शिक्षा नीति पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश के सरकारी व पब्लिक सेक्टर के शिक्षण संस्थानों का निजीकरण करने की साजिश की जा रही है। यह देश के लिए खतरनाक है और शिक्षा का व्यावसायिक करण का प्रयास है। उन्होंने विमान से 2500  सेरुपयों में सफर की बात उठाते हुए भी कहा कि जो गरीब लोग 25 रुपयों में रेल से सफर करते हैं उनके लिए मोदी जी के पास क्या योजना है? अच्छे दिनों की चर्चा करते हुए कन्हैया ने कहा कि मोदी जी का मित्र 30 रूपये किलो दाल खरीद कर महंगे भाव बेच दे क्या यही हैं अच्छे दिन?
छात्र-छात्राओं के बीच आये कन्हैया कुमार की मौजूदगी एक जादू की तरह असर कर रही थी। उनके साथ सेल्फी लेने वालों की एक होड़ लगी थी। पंजाब में आतंकवाद से संघर्ष के दौरान दम तोड़ चुकी वाम छात्र लहर में एक नया जोश नज़र आया। मुद्दत के बाद भाकपा समर्थक छात्र संगठन आल इंडिया स्टूडेंटस फेडरेशन (ए आई एस एफ) के झंडे पंजाब में नज़र आए। कन्हैया के लुधियाना आने से इस ऐतिहासिक संगठन की मौजूदगी का अहसास तीव्रता से सामने आया है जो इस चुनावी मौसम में वाम विरोधियों के लिए खतरे की घण्टी है। करीब एक वर्ष के अंदर अंदर तैयार किया गया यह छात्र केडर पूरी तरह से अनुशासित और सक्रिय। इसकी सक्रियता उन लोगों को कड़ा जवाब है जो मीडिया के सामने भी यह कहते नहीं थकते कि कमरेडटॉ अब खत्म हो चुके हैं।
सेमिनार में लोगों की संख्या किसी रैली की तरह थी। मौजूदगी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराये जा रहे थे। एक नज़र देखा तो संख्या 700 के करीब थी। हाल के अंदर भी भीड़ थी और बाहर भी। शायद पहली बार इस हाल को कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही पूरा भरा देखा।  
सेमिनार में कन्हैया कुमार ने कहा कि मोदी सरकार युवाओं को रोज़गार देने में अक्षम रही है। नरेंद्र मोदी ने इस बारे मे बढ़चढ़ कर बातें की थीं और दो करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन 1.35 लाख लोगों को ही रोजगार मिले हैं। सरकार युवाआें और जनता को भ्रमित करने में ही लगी रहती है।
कन्हैया ने कहा कि मोदी सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा से पैसा कमाना है, न कि लोगों को शिक्षित करना। यह हालत घातक है और गरीब युवाओं के साथ अन्याया है। कन्हैया ने कहा कि देश में भगत सिंह को पिस्तौल और बम चलाने वाले के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जबकि वह एक विचारक थे। लेकिन उनके इस पहलू को नहीं उभारा गया। कन्हैया कुमार ने सामंतवाद और पूंजीवाद से आज़ादी पर जोर दिया। उन्होेंने इसके लिए लाेगों खासकर युवाओं और बुद्धिजीवियों से आगे आने की अपील की।
सेमीनार का आयोजन पंजाबी साहित्य अकादमी में सोशल थिंकर फोरम के सहयोग से किया गया। इससे पहले वकीलों ने कन्हैया का पुतला फूंका ओर उनको कार्यक्रम में शामिल नहीं होने देने का एलान किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे वकीलों को गिरफ्तार कर लिया।
इसी बीच पंजाबी साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉक्टर सुखदे सिंह सिरसा, महासचिव सुरजीत सिंह और मुख्य वक्ता प्रिंसिपल तरसेम बाहिया ने कहा कि साहित्य अकादमी कीतरफ से इस आयोजन का प्रयास बहुत आवश्यक था क्योंकि पंजाब के शैक्षणिक, बौद्धिक और नैतिक क्षेत्रों में गरावट आ रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया की पंजाबी भवन में पहले भी इस तरह के आवश्यक जन मुद्दों पर आयोजन होते रहे हैं। 

Monday, February 15, 2016

क्या कन्हैया का गुनाह बस इतना कि वह AISF से जुड़ा है?

क्या Znews किसी साजिश के तहत गया था?
                                                                                                      --Sindhu Khantwal
आखिर कन्हैया कुमार को क्यों गिरफ्तार किया गया।।???????
जब की वह उस प्रोग्राम का हिस्सा नहीं था जहाँ पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे।
जब की वह नारे लगाने वालो में शामिल नहीं था। 
JNU वह जगह है जहाँ पर हर छात्र संगठन को आजादी है की वह अपना किसी भी तरह का प्रोग्राम करवा सकता है अफजल गुरु की बरसी पर हुआ यह प्रोग्राम भी इसी आजादी का एक हिस्सा था छात्रो ने इस प्रोग्राम को ऑर्गनाइस करवाया था इस प्रोग्राम का ऑर्गनाइसर कन्हैया नहीं था इस प्रोग्राम का वक्ता कन्हैया नहीं था। प्रोग्राम जब शुरू होने वाला था तो ठीक 5 मिनट पहले प्रोग्राम की परमिशन को रद्द कर दिया गया क्यों की ABVP के छात्र प्रोग्राम का बिरोध कर रहे थे। जब प्रोग्राम की जगह पर दोनों पक्षों में झड़प होने लगी तो कन्हैया वहां बीच बचाव करने के लिए पहुंचा इसी बीच बचाव के दौरान भारत पाकिस्तान के नारे लगे। 
क्यों की कन्हैया JNUSU का प्रेजिडेंट है इस लिए दोनों पक्षों में होनेवाली झड़प को रोकना उस का अधिकार है।  
अब आते है मुख्य बात पर और कुछ सवालों पर
क्या कन्हैया को जानबूझ कर फंसाया गया है????
1. आखिर Znews वहां कैसे पंहुचा? जब की आज से पहले तो कभी कोई न्यूज़ चैनल वहां किसी तरह का कवरेज लेने नहीं गया था क्या Znews किसी साजिश के तहत गया था?
2.आखिर वह वीडियो कौन सा है जो कोर्ट में दिखाया गया जो की न मिडिया के पास आया न कही और दिखाया गया ?क्या वह एडिट किया हुआ और किसी साजिश के तहत तैयार किया हुआ वीडियो है?
3. जो नया वीडियो सामने आया है जिस में ABVP के कार्यकर्ता नारे लगते हुए साफ़ दिख रहे है मीडिया उसे क्यों नहीं दिखा रहा है ?
4. क्या ABVP संघ और बीजेपी कन्हैया से किसी तरह की रंजिश रखते है?
5. अब जो नए वीडियो में नारे लगते लोग दिख रहे है क्या उन को भी गिरफ्तार किया जायेगा?
6. क्या कन्हैया का गुनाह बस इतना है की वह JNUSU का प्रेजिडेंट है और AISF से जुड़ा है?

JNU: कौन है गद्दार? कौन है अफजल गुरू? 

Thursday, September 03, 2015

अब मिली एक और लड़की की लाश-दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

लगातार बढ़ रही है असुरक्षा की भावना 
लुधियाना: 3 सितम्बर 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
लगातार बढ़ रहे सुरक्षा बलों और क़ानूनी सख्तियों के बावजूद मुजरिमों के होंसले बुलंद हो रहे हैं और आम नागरिक इन समाज विरोधी तत्वों का निशाना बनने के लिए बेबस है। लुधियाना की जवद्दी पुली  से एक स्कूल पढ़ती लड़की की लाश मिली है। इस लाश के के  बार फिर लगता है कि हमने दामिनी उर्फ़ निर्भया को गंवा कर भी कोई सबक नहीं सीखा। अगर सीखा होता तो हम कोई ठोस कदम अवश्य उठाते और इस तरह के सभी दरिंदों का जीना हराम कर देते। ताज़ा विवरण के मुताबिक आशंका है कि स्थानीय जनता नगर में ग्यारवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्र का अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी। 
 इस लड़की का पिता उसे सुबह स्कूल छोड़ कर वापिस आया लेकिन लड़की शाम तक घर नहीं लौटी।  देर शाम के बाद पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने इस समंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।  इसी बीच आज सुबह कुछ लोगों को उसकी लाश जवद्दी की नहर में से मिली। 
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सही स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही लग सकेगा। एक बार फिर मोमबत्तियां जलायी जाएंगी। लड़कियों के सम्मान और सुरक्षा की ढेरों बातें होंगीं। एक बार फिर प्रदर्शन होंगें। नेतागीरी के चाहवान अपनी फोटो खिंचवाएंगे। अख़बारों में चर्चा होगी। कुछ दिन बाद यह लड़की भी भूल जाएगी क्यूंकि तब तक हो चुकी होगी कोई नयी वारदात किसी और लड़की के साथ। पता नहीं हमारा समाज और प्रशासन कब बनेगा ऐसे दरिंदों के लिए खौफ? आयो इस तरह के वहशियों के लिए कदम कदम पर ज़मीन तन कर दें।  इन्हें कदम रखने का न मौका मिले न ही हिम्मत। 

Wednesday, May 20, 2015

गुरदासपुर में लगी सेना की भव्य प्रदर्शनी

सेना की प्रदर्शनी ने आकर्षित किया युवा वर्ग को  
गुरदासपुए: 20 मई 2015: (विजय शर्मा//पंजाब स्क्रीन): 
गुरदासपुर मैं डेरा बाबा नानक ब्रिगेड और पैंथर डवीजन की तरफ से आर्मी जानो प्रदर्षनी लगाई जिस मैं भारतीय फौज ने आपने हथियारों और अन्य साज़ो सामन की एक यादगारी प्रदर्शनी लगाई। इस प्रदर्शनी में तकरीबन हर वो वो चीज छात्रों को बताई गयी जो फौज मै काम आती  है इस मोके पर सेवा मुक्त लेफ्टीनल जर्नल कमलजीत सिंह ने परदर्शनी का उद्गाटन कीया और आज की युवा पीढ़ी को फौज मैं भर्ती होने के लिये प्रेरित भी किया।
 फौज को जानो परदर्शनी लगाने का एक विशेष मकसद यह है किआज का युवा वर्ग सेना के बारे में जानकार देश की रक्षा के लिए बढ़ चढ़ कर आगे आ सके। हमारा देश पहले  ही सदियों गुलाम रहा है।  आब हमारे नोजवानो को आगे आना चाहिय और देश की सेवा करनी चाहिए आज यहां फौज की हर चीज की परदर्शनी लगाई गयी है new पुराने हत्यार की  जानकारी बी दी जा रही है बच्चे  जो चाहें जानकारी ले सकते  हैं और अगर बच्चे आज की प्रदर्शनी से प्रेरित हो कर आर्मी में भर्ती होते हे तो उनकी आने वाली जिंदगी तो बेहतर होगी ही  साथ में रिटायर होने के बाद उनके परिवार और उनकी अपनी जिंदगी भी बेहतर होगी।  इसी के साथ देश के भविष्ये में भी सुधार होगा।
इस अवसर पर सेवा मुक्त  लेफ्टीनल जर्नल कमलजीत सिंह और सेवा मुक्त कर्नल  डा. ए  एन कौशल ने  मीडिया से भी बात की।
छात्रों ने भी कहा--आज हम यहां फौज की परदर्शनी देखने पहुंचे हैं यहां हमें बहुत कुछ सीखने को मिला कि फौज मैं कैसे रहा जाता है और फौज के हथियारों की भी जानकारी मिली।  अब हम भी हम भी देश की सेवा करेंगे और आर्मी मैं भर्ती होंगे
गौर तलब है कि लड़कीओ को भी आर्मी में ऐनी का मौका मिलेगा। छात्र-छात्राओं ने भी  में अपने विचार व्यक्त किये।

Sunday, June 22, 2014

गड़वासू के छात्र संघर्ष को मिली और शक्ति

Updated on Tuesday 24 June 2014 at 10:26 PM
बेलन ब्रिगेड व यंग लॉयर ब्रिगेड ने भी किया खुल कर  समर्थन 
लुधियाना: 22 जून 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन): 
ज्ञान प्राप्ति, समाज सेवा या  निर्माण जैसी बातें किसी ज़माने में शिक्षा प्राप्त करने का निशाना रहीं होंगीं लेकिन अब समय बदल चूका है। अब लोगों को वो पुरानी कहावत समझ आने लगी है---
खेलोगे कूदोगे बनोगे खराब--
-पढोगे लिखोगे बनोगे नवाब !

ऊंची शिक्षा पाने के बाद, पढ़ने के बाद किसी न किसी सरकारी नौकरी का मिल जाना किसी नवाबी से कम भी नहीं होता। आंधी आये या तूफ़ान---हर महीने काम से काम वेतन तो मिलता है।  अब यह बात अलग है कि जो लोग पढ़ने लिखने के मामले में किसी न किसी कारणवश चूक जाते हैं वे किस्मत या तिकड़म के बल पर इस देश में मंत्री भी बन जाते हैं और जो दिन रात मेहनत करके डिग्रियां पाते हैं वे बदनसीबी या फिर तिकड़म के मामले में अनाड़ी साबित होकर बूट केवल पोलिश करने  या कारें साफ़ करने पे मजबूर हो कर रह जाते हैं। गाडवासू के संघर्षशील छात्र छात्राएं उस दौर में और उस शहर में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं जहाँ कभी सराभा नगर में गोली चल जाती है और कभी भाई बाला चौंक में। गुंडागर्दी//छीनाझपटी जहाँ आम बात है। शिक्षा पाकर किसी अच्छी ज़िंदगी के सपने संजो कर बैठी ये छात्राएं उस माहौल में रात रात भर हड़ताल के तम्बू में अकेली बैठती हैं जिस माहौल में छेड़खानी और बलात्कार एक आम सी बात होकर रह गयी है। वे पशुपालन मंत्री गुलज़ार सिंह रनीके से मिलती हैं तो वहां  उन्हें साफ़ साफ़ कह दिया जाता है कि सरकार के पास फंडज़ नहीं हैं। उन्हें समझाया जाता है कि छोडो नौकरी में क्या रखा है---तुम लोग अपना काम-धंधा शुरू करो। डेयरी फार्मिंग करो---फिश फार्मिंग करो----कुछ भी करो---पर हमसे नौकरी न मांगो---शायद इसमें कुछ गलत भी नहीं पर सरकारें यह सब शिक्षा शुरू करने से पहले क्यों नहीं कहती? क्या उस समय सच्चाई जानबूझ कर छुपा ली जाती है? क्या उस वक़्त यह सोचा जाता है कि कहीं नौकरी न मिलने का सच सुन कर ये छात्र छात्राएं कहीं एडमिशन लेने का ख्याल ही न छोड़ दें? क्या उस समय कालेजों और विश्वविद्दालयों को एक दुकान समझ कर उनमें शिक्षा को एक सौदे की तरह बेचा जाता है? अगर उसी समय शिक्षा का मर्म और मकसद साफ़ कर दिया जाये तो शायद शिक्षा एक पूजा बन जाये।  क्यों किया जाता है इस युवा वर्ग का शोषण? कहाँ जाता है फीस के रूप में इन्हीं से मिलने वाला मिलने वाला फंड? उन फीसों का सदुपयोग क्यों इनका भविष्य संवारने के लिए नहीं किया जाता?
जब वे इन कालेजों में दाखिला लेने आती हैं तो क्यों कोई नहीं कहता कि इस पढ़ाई को करो या न करो हम तुम्हें कोई नौकरी नहीं देंगें।  कालेजों के प्रॉस्पेक्ट्स भी मौल लेकर बेचे जाते हैं। एक छात्र ने बताया कि प्रॉस्पेक्ट्स 2500/- रुपयों में दिया जाता है और कुल खर्च आ जाता है इस पढ़ाई पर करीब छह-सात लाख रूपये। उनसे हॉस्टल में रहने के पैसे भी लिए जाते हैं। उनको दी जाने वाली शिक्षा और हर सुविधा की एक ख़ास कीमत ली जाती है। किसी अच्छी ज़िंदगी के सपने दिखा कर  उनसे पैसे ऐंठ लिए जाते हैं चाहे वे पैसे क़र्ज़ से आये हों और चाहे मकान, दुकान या खेत बेच कर। उस पैसे  से सरकारों के खर्च चलते हैं।  मंत्रियों के शाही अंदाज़ पलते हैं। जब इस पैसे को नौकरी के रूप में लौटाने की बारी आती है तो जवाब मिलता है हड़ताल करो या भूख हड़ताल करो कोई नौकरी वौकरी नहीं मिलेगी क्यूंकि फंड ही नहीं है। बड़े बड़े अर्थशास्त्र विशेषज्ञों के शब्दजाल में उलझा यह समाज जब घर का पैसा और जवानी में कुछ कर दिखाने का वक़्त गंवा बैठता है तो उस वक़्त उन्हें समझ आता है उन्हें दिखाए गए सपनों का सच। उस दिन उन्हें समझ आता है हाथ में पकड़ी डिग्रियों का खोखलापन। तब उनके मुँह से चाह कर भी नहीं निकलता--मेरा देश महान। उस समय एक पुराना गीत अपने बोल याद दिलाता है--
सब कुछ लूटा के होश में आये तो क्या किया?
उस वक़्त मजबूर बेबस और लाचार से खड़े ये लड़के लड़कियां क़र्ज़ में डूबे परिवार का सामना करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। उन्हें लगता है-
कारवां गुज़र गया-गुबार देखते रहे। 
इस कड़वे हालात में गडवासू के बीएचएफसी फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स की हड़ताल 20 वें दिन भी जारी रही। उनके पास सांसद रवनीत बिटू, सांसद भगवंत मान, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सतपाल गोसाईं और अब बेलन ब्रिगेड की प्रमुख अनीता शर्मा भी पहुँच चुकी हैं। लुधियाना की बेलन ब्रिगेड की अधयक्ष अनीता शर्मा, मैडम भिंडर  व यंग लॉयर ब्रिगेड के वकील संजीव मल्होत्रा यूनिवर्सिटी के गेट के सामने बैठे  स्टूडेंट्स को मनाने पहुंचे, लेकिन दोनों की कोशिशें असफल रही। स्टूडेंट्स ने पंजाब सरकार को अल्टीमेटम दिया कि अगर  उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह चक्का जाम करेंगे।    बेलन ब्रिगेड  स्टूडेंट के पास पहुंची  और उनकी बातों को सुना।  उन्होंने स्टूडेंट्स को कहा कि वह जो भी फैसला करेंगे वह उनके साथ खड़े रहेंगे।  अनीता शर्मा ने  कहा कि वह स्टूडेंट की लड़ाई को उनके हक़ की लड़ाई समझती है और इनको न्याय  मिलना चाहिए। स्टूडेंट ने बताया की  यूनिवर्सिटी में दाखिला देते वक्त उनहे कहा गया  था की  मछली विभाग का डिग्री करो इसमें स्कोप बहुत  अच्छा है। लेकिन आज चार साल की मेहनत के बाद हासिल की गई डिगरी लेने के बाद उन्हें कोई सरकारी विभाग पूछता नहीं।  
यंग लॉयर ब्रिगेड के प्रधान संजीव  मल्होत्रा ने कहा की स्टूडेंट की मांगो को सरकार तुरंत  हल करे और  स्टूडेंट बहनें सड़क पर रात दिन गुजार रही है, पंजाब सरकार को उनकी कोई चिंता नहीं।
बेलन ब्रिगेड की इंचार्ज अनीता शर्मा ने कहा की यही स्टूडेंट्स  नोकरी न मिलने से परेशान होकर  डिप्रेशन में जा कर नशा करना चालू  कर देते है।  सरकार को स्टूडेंंट की मांगो को शीघ्र मान लेना चाहिए।
याद रखना होगा कि एक दिन यह देश और इसकी जनता लोगों के पैसे पर पलने वाले लीडरों के लश्करों से एक एक पैसे का हिसाब मांगेगी।

ABVP ने फिर की गड़वासु के हड़ताली छात्रों से मुलाक़ात 

Protest march in the Support of GADVASU striking students

Friday, August 09, 2013

लुधियाना: हर्षो-उल्लास से मनाया गया तीज का त्यौहार

मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कालेज में हुआ रंगारंग कार्यक्रम
लुधियाना: 8 अगस्त; 2013: (रेक्टर कथूरिया/पंजाब स्क्रीन): तीज का त्योहार इस बार भी हर तरफ हर्षो उल्लास और धूमधाम से मनाया गया इस सम्बन्ध में एक शानदार कार्यक्रम लुधियाना के मास्टर तार सिंह मेमोरियल कालेज में भी हुआ हर बार की तरह इस बार भी कॉलेज में सजी-धजी मुटियारें हर तरफ मस्ती, डांस और पंजाबी गानों की धूम से  पूरे माहौल को संगीत और डांस के जादू से यादगारी बना रहीं थीं। कार्यक्रम के दौरान कुछ अलग सा ही नजारा था मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन का। गौरतलब है कि इस बार कालेज में तीज कार्यक्रम के साथ-साथ फ्रेशर पार्टी का भी आयोजन किया गया। आसमान में आँख मिचोली खलते बादल, सावन की फुहारें, सजी-संवरी, झूला-झूलतीं पंजाबी पहरावे में मोहक लगती मुटियारें तो कहीं मेंहदी रचाती लड़कियां हरव तरफ एक अलग सा रंग था। कहीं रंग-बिंरगी चूडिय़ों की खनखनाहट सुने दे रही थी तो कहीं मुटियारों के सिर पर सजी संतरंगी चुन्नियां और सगी-फूल टीका कोका भूले बी इसरे पंजाब के याद ताज़ा करा रहे थे। वातवरण में गूंजती पंजाबी लोक धुनें और गिद्दे की धमक ने मंच पर एक बार तो वही पंजाब रच दिया था जो अब तेज़ी से लुप्त होता जा रहा है।
        हर तरफ रंग था, जोश था, उत्साह था और आधुनिकता के साथ साथ अपनी परम्परा को अपने साथ बनाये र्ख्न्र का दृढ़ संकल्प भी था पंजाब की परम्परा को दिखाती पंजाबी ड्रेस और आधुनिक जमाने के साथ कदम मिलाने का जोश दिखाती वेस्टर्न ड्रेस में सजी लड़कियां अपनी परफार्मेंस देने का इंतजार कर रही थीं। 
अपने टीवी के अतीत को एक बार फिर ज्वलंत करती तेजिन्द्र कौर और उसकी टीम की सदस्याएं अपने मनमोहक बोलों और खनखनाती सुरीली आवाज़ के साथ दर्शकों को शुरू से लेकर अंत तक बांधे रखने में कामयाब रहीं दर्शक और श्रोता मन्त्र मुग्ध हुए नजर आ रहे थे जैसे उन पर किसी ने जादू कर दिया हो। संगीत का जादू, मस्ती का जादू, कुछ बन दिखाने का जोश, कुछ कर दिखाने का संकल्प---तीज के बहाने से इन छात्रायों में छुपी कला और आगे बढने की ललक पंख लगा कर बाहर आ रही थी। सुनिश्चित है की अगर यह कार्यक्रम न हुआ होता तो उह कला अंतर मन के किसी कोने में लगातार छुपी की छुपी ही रह जाती
         इस मौके पर कॉलेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान स्वर्ण सिंह तथाप्रबंधक कमेटी के ठेकेदार कंवलइंद्र भी मौजूद रहे।  कॉलेज प्रिंसीपल प्रवीण कौर चावला ने जहाँ तीज के महत्व की चर्चा की वहीँ नई छात्रयों को सुस्वागतम भी कहा मिस तीज और मिस फ्रेशर प्रतियोगिता भी करवाई गई। जिसमें तियां दी रानी अर्शदीप कौर, कुड़ी पंजाबण हरमनदीप कौर बनीं तथा कुड़ी मजाजण का ताज नवदीप कौर के सिर सजा। नए आए स्टूडेंट्स के लिए मिस फ्रेशर ऐश्वर्या बनी, फस्र्ट रनरअप शिफाली और सेकेंड रनरअप हरप्रीत कौर बनीं। सभी विजेताओं को प्रधान स्वर्ण सिंह, कंवलइंद्र सिंह ठेकेदार और प्रिंसीपल प्रवीण कौर चावला ने सम्मानित किया।

लुधियाना: हर्षो-उल्लास से मनाया गया तीज का त्यौहार