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Wednesday, August 02, 2017

60 पेरा लीगल वालंटियर को ट्रेंनिंग का काम जारी

जिला कोर्ट कम्प्लेक्स में चार अगस्त तक चलेगा यह सेमिनार 

लुधियाना:2 अगस्त 2017: (वी के बत्रा//स्वीटी बत्रा//पंजाब स्क्रीन):: 
एक बहुत ही अच्छा गीत है-ज़िंदगी हर कदम इक नई जंग है! इस जंग में बहुत सी उलझने क़ानूनी जाल से भी उलझी होती हैं। इस जाल से बच निकलना आसान नहीं होता। लोग कहते हैं की बीमारी और कचहरी तो भगवान किसी दुश्मन को भी न दे। जहाँ तक दुश्मन का सवाल है वे तो बिना बनाये भी खड़े हो जाते। हैं। शायद यह प्राकृति का ही कोई नियम हो। 
आप कितनी ही कोशिश कर लो लेकिन कोई न कोई क़ानूनी उलझन खड़ी हो ही जाती है। तब याद आती है अदालत और कानून की। अदलात जाना कोई आसान काम नहीं होता। घर घाट सब बिक जाता है और न्याय फिर भी नहीं मिलता। किसी के साथ ऐसा न हो इस मकसद के लिए एक विशेष आयोजन आजकल जिला कचहरी कॉम्पलेक्स में चल रहा है। 
कोर्ट कॉम्प्लेक्स में जिला क़ानूनी सेवा ऑथोरिटी की तरफ से 1 अगस्त से 4 अगस्त  तक सेमिनार करवाया जा रहा है जिसमे पूरे लुधियाना जिले से चुने गए 60 पेरा लीगल वालंटियर को ट्रेंनिंग दी जा रही है। यह वालंटियर ही आम जनता को इंसाफ दिलाएंगे जिसके पास आम तौर पर ज़्यादा धन नहीं होता। 
ऑथोरिटी की सेक्रटरी कम सी जे एम मनयोग मैडम गुरप्रीत कौर ने पत्रकारो से बातचीत करते हुए बताया के यह ट्रेंनिंग 4 दिन तक चलेगी जिसमें आज समाज सुरक्षा कार्यालय से सेक्शन अफसर श्रीमती सुनीता गुप्ता , जिला फैमिली वैलफेयर आफिस से डॉक्टर एस.पी सिंह, डिस्ट्रिक्ट फ़ूड सप्लाई अफसर गुरिंदर सिंह और नरेगा अफसर मेडम रजनी भारद्वाज मुख्य मेहमान के तौर मार पहुंची थी।

Saturday, May 20, 2017

यू पी में दलितों पर हुए अत्याचार के विरोध में तेज़ी


बाबा साहिब दलित फ़ोर्स ने फूंका मोदी व योगी का पुतला 
लुधियाना: 20 मई 2017:(वी के बत्तरा//पंजाब स्क्रीन)::

गत दिनों उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शबीरपुर गांव में उच्च जाति के समुदाय द्वारा दलितों पर किये अत्याचार महिलाओं का अनादर व उनके घरों को जलाए जाने के विरोध में बाबा साहिब दलित फ़ोर्स ने आज यहां तीखा विरोध व्यक्त किया।संगठन के प्रधान अजय पाल दिसावर, प्रशांत मूंग, संजीव जदेजा व अशोक सिद्धू की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर रोष प्रदर्शन किया।  इस मौके पर केंद्र सरकार के विरुद्ध जम कर नारेबाजी की गयी। इस अवसर पर प्रधान अजय पाल ने कहा कि आज भारत के आजाद होने के बावजूद देश में जात-पात के नाम पर भेदभाव होना व् मौजूदा सरकार का इस मामले मे चुपी साधना एक दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि शबीरपुर गाँव में दलित समाज की महिलाओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया व् उनके घरों तक को जला दिया गया और वहां की सरकार व पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बन कर तमाशा देखते रहे और आज आरोपी खुले घूम रहे है जिसकी जिम्मेदार योगी सरकार है। अजय पाल ने कहा कि बेशक आज संविधान में सभी नागरिको को समान अधिकार दिए गए है परन्तु आज भी देश के दलित वर्ग को दूसरे दर्ज के नागरिक माना जाता है। प्रधान अजय पाल ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि दलित परिवार के जलाये गए घरों का सरकार पुनः निर्माण करे व् आरोपियों पर केस दर्ज कर एस टी एक्ट व् एन एस ए के तहत मुकदमा दर्ज करके फास्ट ट्रैक पर केस चला कर दोषियों को सजा दी जाए नहीं तो बाबा साहिब दलित फ़ोर्स अपने आंदोलन को तेज कर पुरे देश में रोष प्रदर्शन करेगी। इस अवसर पर साहिल सिंह शैंकी,धर्मेंदर, अमित, विजय, विक्की बिरला, कर्ण मूंग, विजय, पंकज सभरवाल,वीरू मिंकल,रिक्की बिरला, रोहित फूलवाल,निक्का मेहरवान, राहुल जगीरपुर, कुणाल, कर्ण कनौजिया, साहिल,छोटे लाल, अजय सहोता, अखिल, सूरज, लंकेश, योगराज, कर्ण कल्याण आदि उपस्थित हुए।

Saturday, January 14, 2017

श्री हिन्दू तख्त के अमित शर्मा की लुधियाना में हत्या

Saturday 14 January 2017 at 22:45 PM (M)    Updated on Sunday 15 January 2017 at 09:23 AM
चुनावी दौर में हिंसा की दस्तक से छायी सनसनी 
लुधियाना: 14 जनवरी 2017:  (वी.के. बत्तरा//पंजाब स्क्रीन); 
श्री हिन्दू तख्त के ज़िला प्रचारक अमित शर्मा की आज देर शाम लुधियाना में गोलियां मार कर हत्या कर दी गयी। चुनावी दौर में आतंक की इस दस्तक ने सनसनी सी पैदा कर दी है। यह हत्या उस समय हुई जब अमित अपनी कार पार्क करके अपने एक दोस्त की दुकान की तरफ जा रहे थे। अमित के दोस्त की वहां फूलों की दूकान है। गौरतलब है कि श्री दुर्गा माता मन्दिर के एन  नज़दीक होने के कारण वहां फूलों का कारोबार बहुत बड़े पैमाने पर होता है। ज्यों ही अमित उस दूकान की तरफ चले तो वहां अचानक आये हमलावरों ने उन पर गोलियां चलायीं। अमित शर्मा को चार गोलियां लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गयी। वहां बैठे किसी भिखारी ने बताया कि हमलावर मोटरसाइकल पर थे। अपुष्ट खबरों के मुताबिक हमलावरों की संख्या चार भी सुनी गयी है जो दो बाइक्स पर सवार। 
जहां हत्या हुई वह जगह थाने के एन नज़दीक है और वहां करीब सारी रात ट्रैफिक गुज़रता है। वहां से जाती सड़कों के रास्ते में पुलस की सख्त नाकाबन्दी भी अक्सर होती है। इस घटना से हिंदू समाज में रोष है, वहीं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुल गई है। भगवान चौक निवासी अमित का सिलाई मशीन का कारोबार है। वह दोराहा में निजी काम से गया था। वापसी में वह अपने दोस्त चंद्र कालरा से मिलने गया। जब वह अपनी कार से नीचे उतरा तो बुलेट पर सवार दो युवकों ने उस पर चार गोलियां चला दी और मौके से फरार हो गए। दो गोली अमित के  लगी। अमित वहीं गिर गया। घटना के तुरन्त बाद वहां भीड़ जुट गयी और हिन्दू नेता भी वहां पहुंचे। पूरे इलाके में तनाव सा छा गया। गौरतलब है कि  हिन्दू तख्त का ज़िला प्रचारक होने के साथ साथ अमित शर्मा ज़िला कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष भी थे। इसका उल्लेख उन्होंने बाकायदा अपने फेसबुक प्रोफ़ाइल में भी किया है। कुछ ही दिन बाद अमित का जन्मदिन भी आने वाला था।
उनके एक निकट साथी रोहित साहनी ने फोन पर बताया कि पार्किंग के वक़्त दो व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठा कर अमित को गोलियां मार गए। रोहित के मुताबिक अमित की रिहायश लुधियाना के ढोलेवाल इलाके  में थी और वह गत एक वर्ष से हिन्दू तख्त के साथ जुड़े हुए थे। नामधारी गुरुमाता चंद कौर, आर एस एस नेता जगदीश चन्द्र गगनेजा की जघन्य हत्यायों के बाद अमित शर्मा का कत्ल राज्य की  सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
अमित के नज़दीकी रिश्तेदार प्रशांत जोशी ने भी बताया कि अमित के पिता का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है। परिवार में उसकी तीन बहने हैं और वो अकेला भाई था। उसका आठ साल का बेटा भी है। पिता के जाने के बाद सारी जिम्मेदारी उसी पर थी। अमित शर्मा सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था। अमित ने घटना के एक दिन पहले यानी लोहड़ी के दिन फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें किसी अन्य समुदाय के सम्बन्ध में अपनी सोच के मुताबिक कुछ विचार भी लिखे गए थे। इन विचारों पर विवाद बहुत देर से कायम है और इस पर अक्सर कई बार बहस होती रही है। शायद कटटरपन्थियों को ये विचार नागवार गुज़रे। उन्होंने जून-2016 में भी एक पोस्ट डाल कर जून-1984 के सभी शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी थी। 
उल्लेखनीय है कि उन्होंने कई बार अपनी जान को खतरा बताया था और पुलिस से सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी लेकिन उनको सुरक्षा नहीं मिली। दो-तीन दिन पहले भी वह इसी सिलसिले में उच्च अधिकारियों से मिले थे। हत्या के बाद हमलावर फरार होने में सफल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर जेएस औलख, एडीसीपी, एसीपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने अपनी गाड़ी में अमित को सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही हिंदु संगठनों के नेता घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने विरोध जताया। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब देखना है कि चुनावी दौर में नाज़ुक हुए हालात किस करवट बैठते हैं।