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Monday, December 23, 2013

आशाराम बापू के समर्थन में आये स्वामी नित्यानंद

Sun, Dec 22, 2013 at 7:17 PM
कहा विश्वास नहीं है तो चुप रहिए
संत आशारामजी बापू के केस का पूरी तरह से अध्ययन किया है और सारी जानकारी ली है। मैंने कुछ डॉक्टरों से भी परामर्श लिया जो इस तरह की मेडिकल रिपोर्ट बनाते हैं। मैंने उनसे इस रिपोर्ट के आधार पर कानूनी अभिप्राय माँगा तो उन्होंने कहा : ‘‘स्वामीजी ! मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर हम 100 प्रतिशत, निश्चित रूप से कह सकते हैं कि न रेप है और न ही रेप की कोशिश की गयी है और यौन उत्पीड़न का भी केस नहीं है क्योंकि किसी भी नाबालिग की त्वचा बहुत ही मुलायम होती है और अगर कोई उत्पीड़न होता तो उसके निशान रहते।’’
उक्त बात महानिर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री नित्यानंदजी ने संत आशाराम बापू की निंदा करनेवालों की जमकर खिंचाई करते हुए कही । वे बेंगलुरु में एक सत्संग के दौरान अपने भक्तों के बीच में बोल रहे थे। उन्होंने कहा आप समझते हो! 12-13 साल पहले कोई तथाकथित घटना होती है। कोई महिला आती है और वह कहती है तो आप उस पर विश्वास करोगे या फिर उस पुरुष पर जिसने अपना पूरा जीवन विश्व-कल्याण के लिए लगा दिया? वे बोल रहे हैं 2002 में घटना घटी। वे सब स्पष्ट रूप से जानते हैं कि उनका केस न्यायालय में नहीं टिक पायेगा। 11-12 वर्ष तक किसी भी महिला का चुप रहना असम्भव है। अब 2013 चल रहा है, 11-12 साल के बाद वे आते हैं और झूठा मामला दर्ज कराते हैं!
निंदा करने का किसी को अधिकार नहीं
तथाकथित हिन्दू गुरु, जिन्होंने आशाराम बापू और अन्य हिन्दू गुरुओं को दुर्वचन कहे, उनसे आपको प्रश्न पूछना चाहिए, उनको पाठ सिखाना चाहिए। अभी मैं यहाँ महानिर्वाणी अखाड़े का महामंडलेश्वर होने के नाते अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखता हूँ कि किसी भी हिन्दू संत को यह अधिकार नहीं है कि वे किसी दूसरे हिन्दू संत की निंदा करें। उनमें से बहुत लोग जो आशारामजी बापू पर टीका-टिप्पणी कर रहे हैं, वे संत ही नहीं हैं। उनकी हिम्मत कैसे हुई यह कहने की कि ‘आशारामजी बापू संत नहीं हैं!’ अब मैं कहता हूँ कि जो भी बापू की निंदा कर रहे हैं, वे संत नहीं हैं।
सभी भक्त और शिष्य यह स्पष्ट रूप से निर्णय कर लें और अपने गुरु से कहें कि ‘यदि आप दूसरे हिन्दू गुरुओं की निंदा करेंगे तो हम आपका बहिष्कार करेंगे।’ अगर आप इस समय आशारामजी बापू का समर्थन नहीं करना चाहते तो कम-से-कम चुप रहो। मैं आपको और पूरे देश को स्पष्ट रूप से कह रहा हूँ - जो आशाराम बापू को गलत बता रहे हैं, मैं उन गुरुओं को जिन्हें लोग ‘गुरु’ कहते हैं, ‘गुरुजी’ कहते हैं, इस समय चुनौती देता हूँ... मैं उनसे एक सीधा प्रश्न पूछता हूँ कि क्या आपने भक्तों की प्रेरणा को जीवित रखने के लिए आशारामजी बापू का उपयोग नहीं किया है? क्या आपने उनके कठिन परिश्रम से लाभ नहीं लिया है? तो फिर आपको उनके कठिन परिश्रम के प्रति कृतज्ञता क्यों नहीं है?
     विश्वास नहीं है तो चुप रहिए
स्वामीजी ने कहा कि आप समझो! आप लोग आस्था पर आधारित संस्था के अधिष्ठाता हो। आप लोग कम्युनिस्ट और नास्तिक संस्था के नेताओं की तरह बात कर रहे हैं। अगर हमें ईमानदारीपूर्वक विश्वास है कि यह सब झूठ है तो हमें आशारामजी बापू का समर्थन करना चाहिए। अगर विश्वास नहीं है, अगर संदेह है तो कम-से-कम चुप रहें।
तुम क्यों सब जगह जा-जाकर गलत बोल रहे हो जबकि न्यायालय में अभी तक कुछ भी साबित नहीं हुआ है। तुम न्यायालय के निर्णय आने तक इंतजार क्यों नहीं करते? तुम वक्तव्य देने के लिए उतावले क्यों हो रहे हो? अगर आपको लगता भी है कि कुछ हुआ है तो जब तक न्यायालय निर्णय न ले ले तब तक चुप रहिये।
उल्लेखनीय है कि स्वामी नित्यानंदजी के बारे में भी खूब दुष्प्रचार किया गया परंतु उनके बारे में दिखायी गयी सेक्स सीडी फर्जी निकली। इससे संबंधित आपत्तिजनक खबरों के प्रसारण के संदर्भ में ‘स्टार विजय’ व ‘आज तक’ चैनलों को माफीनामा प्रसारित करना पड़ा।

Saturday, September 07, 2013

मदरसे आतंक की फेक्ट्री और अपने आश्रम संस्कृति के जनक?

एक छोटी सी पोस्ट से सोचने को मजबूर करते कामरेड मिश्रा 
Comrade Aman Mishra Dyfi ने सात सितम्बर की शाम को करीब पांच बजे फेसबुक पर बहुत ही स्पष्ट शब्दों में एक संक्षिप्त सी रिपोर्ट पोस्ट की है जो बहुत कुछ कहती है। हो सकता है आप इससे सहमत न हो लेकिन इसमें जो मुद्दे उठाये गए हैं वे आप सबका ध्यान मांगते हैं….वे हम सब को झंक्झौरते हैं---वे हम सब से सवाल पूछते हैं.……आखिर कहाँ जा रहे हैं हम ? जालंधर में कई बरस पूर्व एक वरिष्ठ पत्रकार भरपूर सिंह बलबीर एक शेयर अक्सर सुनाया करते---
झुक का सलाम करने में क्या हर्ज है मगर; 
सर इतना मत झुकाओ कि दस्तार गिर पड़े !
सरकार की और से लगातार लग रहे कर, लगातार बढ़ रही महंगाई, लगातार बढ़ रही बेरोज़गारी ने हमें बस दो वक्त की रोटी के चक्कर में घूमने वाला कोहलू का बैल बना दिया है। आँखें हमारी बंद हो गई हैं और अक्ल के नाम पर भेजे में कुछ बचने ही नहीं दिया गया। हम संघर्षों की राह छोड़ कर उन लोगों को भगवान बना बैठे हैं जिनके कारनामे कहते सुनते भी श्रम आती है। कामरेड मिश्रा ने इनकी चर्चा बहुत ही सभ्यक शब्दों में की है। इस पोस्ट पर आपके विचारों की इंतज़ार रहेगी। पोस्ट का शीर्षक है:: ‘बाबा सरणम गच्छामी
आसाराम समझ गया कि देश और हिन्दू मूर्ख है सो करो मनमानी
बीजेपी ने भी अपना जनाधार बनाने के लिए ‘बाबा सरणम गच्छामी” की माला जपना शुरू किया । राजनीतिक लोग और मीडिया भी आश्रमो को कवर करने लगे । धार्मिक टीवी चेनलों ने बाबावों को बुलंदियों पे छड़ा दिया । धीरे धीरे इन बाबावों को अभिमान होने लगा कि इनके अंधे अनुयाई कुछ भी करने को तयार है तो बाबा लोग भी सेक्स का लुफ्त लेने लगे । बाबा कि मंच पे जय जय कार होने लगी। बाबा मंच से कुछ भी बोले ,जय जैकार होना तय था। मंच से कथा कहानिया ,चुट्कुले , संगीत नाच, आयुर्वेदिक दवा , भूत प्रेत भगाना, राजनीतिक भाषण ,औरतों से आँख मटक्का , होली के रसिया ,रंग गुलाल सब चलने लगा। आश्रम अब ‘धार्मिक मनोरंजन’ मे तब्दील हो गए। वीकेंड मे पिकनिक पे ना जाकर लोग आश्रमों कि और दोड़ने लगे। एक धार्मिक सम्मोहन हो गया । जो लोग आश्रमों मे नहीं गए उनको उकसाया जाता कि आश्रम मे चलो। हम लोग मुसलमानो के मदरसों को आतंक की फेक्ट्री बताने लगे पर अपने आश्रमो को संस्कृति के जनक समझने लगे । आश्रमो मे धीरे धीरे सेक्स की माया काम देव आ गए। कुछ लोग बाबा बन कर सेक्स रेकेट ही चलाने लगे। साई मंदिर, राम मंदिर के तहख़ानो मे ही सेक्स की दुकान सजने लगी। आसाराम और नाराइन साई भी मोका ताड़ कर बदलते चले गए। मंच पे मेकअप कराकर आने लगे। अलग अलग पौशाके पहन कर लोगो मे एक सम्मोहन पैदा करने लगे। आचार्य रजनीश टाइप की टोपी पहने लगे । पब्लिक, आसाराम और नारायण साई के पीछे पागलों की तरह दोड्ने लगी। अनुयाई किसी चमत्कार के उम्मीद मे पगला गए। पहले गॉडमेन माना फिर गॉड ही मान लिया। भक्ति मे बावले हो गए और आशु सिंधी को भगवान ही मान लिया । आसाराम समझ गया कि देश और हिन्दू मूर्ख है सो करो मनमानी। 16 साल लड़किया कि डिमांड करने लगा और वो कच्चा गोस्त (कमसिन लड़कियां ) का शौकीन हो गया । उसके प्यादे लड़की सप्लाइ करने लगे और अनुयाई समझे बाबा लीला कर रहे है । अब उस फर्जी और फरेबी आसाराम की पोल खुल गयी।


Tuesday, August 27, 2013

योग वेदान्त सेवा समिति ने निकाला रोष मार्च

संत आसा राम  के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार का किया डट कर विरोध 
प्रदर्शनकारियों ने तीखे तेवरों में सौंपा जिला प्रशासन को ज्ञापन  
लुधियाना 26 अगस्त 2013:(*जितेन्द्र सचदेवा/पंजाब स्क्रीन): योग वेदान्त सेवा समिति के नेतृत्व में हजारों साधको ने परम पूज्नीय संत श्री आसा राम जी के विरुद्ध षडंयत्र के तहत किए जा रहे दुष्प्रचार के विरोध में जगरांवपुल स्थित दुर्गा माता मन्दिर से मिनी सचिवालय तक हरि बोल-हरि बोल का जाप करते हुए रोष मार्च कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रर्दशनकारी हाथों में संतो का अपमान नहीं सहेगा हिन्दोस्तान,षडयंत्रकारियो पर त्वतरित कारवाई,संत का निंदक महा हत्यारा, सांच को आंच नहीं , झूठ के पैर नहीं, षडयंत्रकारियों से सावधान की तखतियां उठाए रोष प्रकट कर रहे थे। योग वेदान्त समिति की लुधियाना इकाई ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में बाबू आसा राम जी के खिलाफ बिना आरोप सिद्ध हुए प्रसारित हो रहे बेबुनियाद समाचारों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की। योग वेदान्त सेवा समिति लुधियाना के अध्यक्ष जतिन्द्र सचदेवा,उपाध्यक्ष रमेश शर्मा व वरिष्ठ सदस्यों सुरिन्द्र कपूर, विजय सूद, मंगत राय, शीतल महिन्द्रा,चेतन वर्मा, राजेश सचदेवा,शशी ओझा, महिन्द्रपाल गुप्ता, एस के नैय्यर, भारत भूषण, रोशन लाल, रमन वर्मा, मोहन लाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्नीय संत श्री आसा राम जी के विरुद्ध षडंयत्र के तहत कुप्रचार होने के चलते हजारों साधकों की धार्मिक भावनाओ को ठेस पंहुच रही है। वहीं भारतीय संस्कृति के आधार स्तम्भ माने जाने वाले इस महान संत के खिलाफ कुप्रचार व मनघड़न्त समाचारों के प्रसारण से बापू जी ने विश्वास व अटूट श्रद्धा रखने वाले हजारों साधकों व श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाए आहत हुई है। और उनका सामाजिक जीवन भी तनावग्रस्त हो रहा है। रोष मार्च को सफल बनाने में सुरिन्द्र कौशल, प्रेम शर्मा,सुभाष अरोड़ा, अमन खुराना, देसराज गोगना,सुरिन्द्र नागपाल, साहू, सुरिन्द्र वासन, सुरिन्द्र बांसल, पिताम्बर गर्ग, त्रिपाठी जी, अश्वनी शर्मा, पप्पी भाई, के एन मंडल, गौरव, बहन हेमलता, सरोज, कविता, नारी उत्थान प्रचार मंडल की अध्यक्ष रेखा शर्मा, अनिता नागपाल सहित लुधियाना,जगराओं, फिल्लौर, खन्ना व मलेरकोटला से हजारों साधको,विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के स्वयं सेवको ने भी विशेष योगदान दिया।

*जतिन्द्र सचदेवा  योग वेदान्त सेवा समिति लुधियाना के अध्यक्ष हैं और उनका मोबाईल नम्बर है: 98150-83004