Showing posts with label Maat Bhasha Divas. Show all posts
Showing posts with label Maat Bhasha Divas. Show all posts

Thursday, February 24, 2022

कविता कथा कारवाँ द्वारा मनाया गया मातृभाषा दिवस

23rd February 2022 at 11:28 PM

अंतरराष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन भी हुआ 


लुधियाना
: 22 फरवरी 2022: (पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 
अंतराष्ट्रीय भाषा दिवस पर पंजाब में आम तौर पर पंजाबी भाषा से जुड़े लेखक और संगठन बहुत से आयोजन करते हैं।  कार्यक्रमों में अक्सर केवल पंजाबी की बात की जाती है। इस बार लुधियाना में हिंदी को प्रेम करने वालों ने कार्यक्रम किया है। यूं तो कई आयोजन हुए हैं लेकिन इसकी बात कुछ अलग थी। यह आयोजन जसप्रीत कौर फलक के संचालन में चलने वाले संगठन कविता कथा कारवां ने पंजाबी भवन में कराया। यह कार्यक्रम पंजाबी भवन की आर्ट गैलरी में हुआ। बहुत से आयोजकों को बजट की वजह से गैलरी वाला यह स्थान अक्सर ही बहुत अच्छा लगता है।  
साहित्यिक संस्था कविता कथा कारवांँ (रजि.) की ओर से स्थानीय पंजाबी भवन की आर्ट गैलरी में अंतर्राष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस मनाया गया और एक अंतरराष्ट्रीय कवि दरबार का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर कनाडा से गायिका, लेखिका और एंकर मीना खन्ना के साथ रू-ब-रू का आयोजन विशेष आकर्षण रहा। इसमें कविता पाठ भी हुए और चर्चा भी हुए। सम्मान भी हुए और नई नियुक्तियों का एलान भी हुआ। 
वक्ताओं ने बहुत काम की बातें बताईं। इनमें मीना खन्ना प्रमुख रही। उन्होंने युवा लेखकों को अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित किया और अपनी रचनात्मक अभिव्यक्तियों को कलमबद्ध करने की कोशिश करने को कहा। मीना खन्ना को सत्र 2022-23 सत्र के लिए कविता कथा कारवांँ (रजि.) के कनाडाई अध्याय का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। जबकि डॉ रविंदर सिंह चंडी को सत्र 2022-23 के लिए कविता कथा कारवांँ का सचिव नियुक्त किया गया।  इससे यह काफिला और भी विशाल हुआ। 
विदेशी भूमि पर पंजाबी भाषा, संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय लेखकों गुरसाहिब तेजी (इटली), कनाडा से दलजीत सिंह और सतबीर सिंह को इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। बहुत से और लोगों को भी निकट भविष्य में इसी काफिले में शामिल किया जाएगा। स्वदेशी भूमि से भी अच्छे कलमकार तलाश किए जा रहे हैं। 
कविता कथा कारवांँ की अध्यक्षा जसप्रीत कौर फ़लक ने संस्था की कार्यकारिणी में विभिन्न साहित्यिक व्यक्तित्वों को शामिल किया। जिसमें डॉ अतिंदर कौर संधू (समन्वयक),डॉ रविन्द्र सिंह चंदी बतौर (सचिव), अमन फलर (सलाहकार), डॉ अनुरीत कौर चंदी (सलाहकार), गुरविंदर कौर (सह-संयोजक) और भाई दलीप सिंह बिक्कर (सह-संयोजक) के रूप में शामिल किए गए। कुछ और लोगों को भाई जल्द ही शामिल किया जाना है। 
इस बार के आयोजन में भाग लेने वाले कवियों और कविता कथा कारवांँ के क्रिएटिव राइटर्स ग्रुप के सदस्यों ने मातृभाषा को समर्पित अपनी कविताओं को पढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अध्यक्षा और मुख्य आयोजक, डॉ जसप्रीत कौर 'फलक ने प्रमुख व्यक्तित्वों और प्रतिभागियों का स्वागत किया और कहा कि कविता कथा कारवांँ कवि दरबार और साहित्यिक आयोजनों में भागीदारी के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए नए लेखकों और कवियों को मंच प्रदान करता रहा है। मंच संचालन की भूमिका कवि धर्मेंद्र शाहिद खन्ना द्वारा निभाई गई। अंत में डॉ रविंदर सिंह चंदी ने सभी का धन्यवाद किया। कुल मिला कर यह एक यादगारी आयोजन रहा। जल्द ही किसी अलग पोस्ट में इस काफिले के संगठन पर भी चर्चा अलग से होगी।