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Friday, July 11, 2025

वतरुख फाउंडेशन ने रामपुर में मनाया वन महोत्सव

From Vatrukh Foundation on 11th July 2025 at 13:58 Regarding Tree Planting//Van Mahotsav 

वतरुख फाउंडेशन की ओर से, 11 जुलाई 2025 को 13:58 बजे, वृक्षारोपण/वन महोत्सव के संबंध में

गांव में 500 पेड़ लगाए गए////बदला गया गांव रामपुर का नज़ारा 


लुधियाना
: 11 जुलाई 2025: (कार्तिका कल्याणी सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

यह धरती कभी फूलों, फलों और पेड़ों से सजी रहती थी। विकास के नाम पर इन पेड़ों को काटकर वनस्पति विहीन बना दिया गया। सीमेंट, कंक्रीट और पत्थरों के जंगल ने न केवल तापमान बढ़ाया, बल्कि सांस लेने लायक ऑक्सीजन भी नहीं छोड़ी। आज हवा भी प्रदूषित है और पानी भी। 

कहा जाता है कि अगर घर के आँगन में या दरवाज़े पर दस-बारह फीट ऊँचा नीम का पेड़ लगा दिया जाए, तो वह तीन एयर कंडीशनर जितनी प्राकृतिक ठंडक देता है। शायद यही वजह है कि होशियारपुर और पठानकोट के कई इलाके ऐसे हैं जहाँ भीषण गर्मी में भी पंखे चलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। शुद्ध ऑक्सीजन से तन और मन स्वस्थ रहते हैं। जब सरकारें और बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ पेड़ लगाने लगी हैं, तो एक संस्था भी विपरीत दिशा में जाने का साहस दिखा रही है। यह संस्था हमें याद दिला रही है कि अगर हमारे आस-पास की शांति खो गई है, तो यह हमारे कुकृत्यों का ही परिणाम है। हमें प्रकृति के विनाश को रोकना होगा, अन्यथा हमें आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। इस सब को गंभीरता से लिया एक संस्थान वतरुख फाउंडेशन ने। 

मौजूदा स्थिति को देखते हुए वतरुख फाउंडेशन ने भी आज इसी दिशा में एक नया प्रयास किया है। आज लुधियाना ज़िले के रामपुर गाँव में वन महोत्सव मनाया गया। गाँव में लगभग 500 पेड़ लगाए गए। इस आयोजन में ननकाना साहिब स्कूल रामपुर के बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आज रामपुर का नज़ारा देखने लायक था।

ननकाना साहिब स्कूल के प्रधानाचार्य जसविंदर सिंह ने कहा कि पेड़ लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करना भी ज़रूरी है। सरपंच जसवंत सिंह ने कहा कि पेड़ आज के समय की ज़रूरत हैं। उन्होंने लोगों को पेड़ों के महत्व और पर्यावरण पर बढ़ते खतरों के बारे में भी जागरूक किया।

इस शुभ अवसर पर, वटरुख फाउंडेशन की स्मिता कौर ने कहा कि पंजाब के वृक्षारोपण क्षेत्र को पंजाब के भौगोलिक क्षेत्रफल के 3.67% से बढ़ाकर 33% किया जाएगा। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और स्वच्छ वायु का निर्माण होगा। इस प्रकार, इस संस्था के पास भविष्य के लिए कई रचनात्मक योजनाएँ हैं। इन योजनाओं के तहत, पंजाब की इस दिशा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे पंजाब पहले जैसा हो जाएगा।

इस अवसर पर, वन विभाग से श्री बलदेव सिंह, गुरमनीत सिंह मंगत, स्वर्णजीत कौर, नवदीप कौर और अभिषेक शर्मा भी उपस्थित थे। ग्रामीणों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

Wednesday, October 26, 2022

पर्यावरण कार्यकर्ता लखनपाल को साज़िशी ढंग से बाहर निकाला

पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ पीएसी सदस्यों में तीखा रोष 


इस कोलाज में विरोध की फोटो पुरानी फोटो है

लुधियाना: 26 अक्टूबर 2022: (मीडिया लिंक रविंदर//पंजाब स्क्रीन)::

लुधियाना में विश्वकर्मा दिवस के मौके पर कई अच्छे कार्यक्रम हुए लेकिन रामगढ़िया कॉलेज में कार्यक्रम इसलिए और महत्वपूर्ण हो गया क्योंकि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होने वाले थे. वे आए और समारोह भी हुआ लेकिन उसमें एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी जिसने सरकार और पुलिस के रवैये पर सवालिया निशान लगा दिया.

इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले रामगढिया कॉलेज के शैक्षिक समाज के प्रमुख सरदार रंजोध सिंह भी पीएसी के नाम से मशहूर इस लोक कार्य समिति के सक्रिय सदस्य हैं। यह संगठन काफी आरसे से पर्यावरण रक्षा में लगा हुआ है। पहले बुढ्ढा दरिया, फिर सतलुज और इसके बाद मत्तेवाड़ा में इस संगठन ने बहुत ही सराहनीय कार्य किया। इसलिए पीएसी के चयनित सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने आया था। सतलुज, मत्तेवाड़ा और बुड्ढा दरिया को प्रदूषण से बचाने के लिए यह संगठन लंबे समय से सक्रिय है। इस संगठन ने बहुत ही संतुलित रहते हुए बहुत से एक्शन किए हैं। 

इस समिति के प्रतिनिधिमंडल में इसके प्रमुख सदस्यों में एक सेवानिवृत्त सेना कर्नल चंद्र मोहन लखनपाल थे। पुलिस और खुफिया सदस्यों की एक टीम ने समारोह हॉल में गुप्त रूप से कर्नल की पहचान की और फिर साहनेवाल थाने के एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे इस बात की पुष्टि की कि हाँ, वह चंद्र मोहन लखनपाल हैं।

इस पुष्टि के बाद उन्हें एक मिनट के लिए इवेंट से बाहर आने को कहा गया। श्री लखनपाल ने सोचा कि शायद स्पीकरों को लाउड करके ऐसा कहा जा रहा है। वे मान गए और बाहर आ गए। उन्हें बाहर लाए जाने के बाद, उन्हें भूतल पर लाया गया और उनके नाम और निवास स्थान के बारे में अनावश्यक पूछताछ फिर से शुरू हो गई।

इस पर कर्नल लखनपाल को शक हुआ तो उन्होंने कहा कि मैं समारोह में शामिल होने आया हूं, इसलिए मैं ऊपरी हॉल में वापस जाना चाहता हूं। इस पर पुलिस ने कहा कि आप कार्यक्रम में नहीं जा सकते। यह सब सुनने के बाद कर्नल लखनपाल ने कार्यक्रम के आयोजक सरदार रंजोध सिंह को फोन किया - उन्होंने कहा कि मैं आपको अभी वापस बुला रहा हूं।

पांच मिनट के इंतजार के बाद भी जब फोन नहीं आया तो कर्नल लखनपाल ने फिर सरदार रंजोध सिंह को फोन लगाया। इस पर सरदार रंजोध सिंह ने कहा कि मैंने एसीपी से बात की है, अब कोई तुम्हें लेने आ रहा है. कुछ मिनट और बीतने पर कर्नल लखनपाल अपमानित महसूस करते हुए रामगढ़िया कॉलेज से बाहर निकले और अपने घर की ओर चल पड़े।

इसको लेकर पीएसी के सक्रिय सदस्य जसकीरत सिंह इंजीनियर व महेंद्र सिंह सेखों आदि ने सोशल मीडिया पर करीब साढ़े पांच बजे शाम को काफी सब कुछ खुलासा किया था। उन्होंने इस बारे में विस्तार से मीडिया को भी बताया।

क्या अब सरकार और प्रशासन स्पष्ट करेंगे कि इस आयोजन या मुख्यमंत्री को एक सेवानिवृत्त कर्नल और पर्यावरणविद् से क्या खतरा था? पुलिस की इस कार्रवाई ने प्रदूषण विरोधी अभियानों के प्रति सरकार की सोच और रवैये पर कई संदेह पैदा किए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से पर्यावरणविदों में हड़कंप मच गया है। 

गौरतलब है कि इस संगठन से कई लोग और अन्य संगठन जुड़े हुए हैं। यह संगठन लगातार शांतिपूर्ण तरीके से प्रदूषण के खिलाफ किसी न किसी तरह का अभियान चला रहा है. यह समिति मतेवारा, सतलुज और बुढा नदियों को बचाने के लिए भी लगातार सक्रिय है। अगर ऐसे संगठनों के साथ भी पुलिस का यही रवैया है तो पुलिस किसका बचाव कर रही है?

इस संबंध में कर्नल लखनपाल ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह को एक खुला पत्र भी पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने पूछा है कि पुलिस के इस रवैये का आखिर उद्देश्य क्या है? यह सब किसी की शह पर किसके कहने पर किया गया है? इसके साथ ही कर्नल लखनपाल ने भविष्य में किसी भी सरकारी समारोह में हिस्सा नहीं लेने का भी फैसला किया है। 

कर्नल लखनपाल द्वारा अंग्रेजी में लिखे गए इस पत्र का हिंदी रूप कुछ इस प्रकार है:

एस भगवंत सिंह मान,

मुख्यमंत्री पंजाब,

चंडीगढ़

आदरणीय मुख्यमंत्री जी,

1. सादर सूचित करना चाहूँगा कि मुझे आज (25 अक्टूबर 2022) रामगढ़िया कन्या महाविद्यालय में राजकीय समारोह में आमंत्रित किया गया है।

2. मेरे पास एक निमंत्रण पत्र था। मैं रामगढ़िया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स का अध्यक्ष हूं। इस कार्यक्रम में रंजोध सिंह जी को आमंत्रित किया गया।

3. मुझे पूरे चेकिंग के साथ अपने दोस्तों के साथ अंदर जाने दिया गया। हॉल के अंदर बैठे मैंने सी.आई.डी. कर्मचारी एवं थाना साहनेवाल, निरीक्षक एस. कुलवंत सिंह जी ने दो बार संपर्क किया। दूसरी यात्रा के बाद, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह जी ने मुझसे उनके साथ बाहर जाने का अनुरोध किया। तो मैंने किया। बाहर जाने के बाद उन्होंने और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों ने सिविल ड्रेस में मेरी तलाशी ली। मुझे बताया गया कि मैं उक्त समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगा। मैंने श्री रंजोध सिंह जी और मेरे दोस्तों को हॉल के अंदर बैठे मोबाइल फोन पर सूचित किया और वहां से चला गया।

4. उक्त पुलिसकर्मियों ने मेरा आवासीय पता और संपर्क नंबर भी नोट कर लिया है। वैसे भी पुलिसकर्मियों का व्यवहार समझ में नहीं आ रहा था. ऐसी कार्रवाई क्यों की गई? यह किसके इशारे पर किया गया था, अभी भी भ्रमित है?

5. अब से, मैंने भविष्य में किसी भी राज्य समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। इस तरह के कठोर और अपमानजनक रवैये से घृणा !!! शुक्रिया।

शुभकामना सहित।

आपका,

कर्नल सीएम लखनपाल

सदस्य पीएसी

"संघर्ष"

लुधियाना

मोबाईल नंबर है-94171 38044 

अब देखना यह है कि इस मामले में सरकार क्या कदम उठा कर पर्यावरण प्रेमियों और कार्यकर्ताओं के रोष को दूर करती है?

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Friday, December 10, 2021

‘वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए पराली से आगे सोचना ज़रुरी'

Thursday: 9th December 2021 at 6:16 PM

परिवहन, सड़क की धूल, शहरी कचरा, कारखानें और प्लास्टिक जलना भी अन्य उत्सर्जक 

प्रतीकात्मक फोटो 

चंडीगढ
: 09 दिसम्बर 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::

"हम सभी को वायु प्रदूषण के समाधान में पराली जलने वाले मुद्दे से हटकर अन्य उत्सर्जक जैसे परिवहन, सड़क की धूल, शहरी कचरे, कारखानें और प्लास्टिक जलने जैसे उपेक्षित कारकों को शामिल करना होगा" ये बातें श्री राणा गुरजीत सिंह जी, कैबिनेट मंत्री, पंजाब सरकार द्वारा सेन्टर फ़ॉर स्टडी ऑफ साइंस, टेक्नोलॉजी एंड पॉलिसी (CSTEP) द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'विज़न: क्लीन स्काइज फॉर पंजाब' में कही गयी। 

“वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक समाधान समय की आवश्यकता है। ऐसा करने के लिए, सरकारी विभागों को अपनी दृष्टि को संरेखित करना होगा, और पंजाब, जो कि उच्च कृषि उत्पादक होकर निरन्तर पराली जैसी समस्या से जूझ रहा है, उनको वैकल्पिक समाधान देना होगा। सभी उद्योग, कृषि संस्थानों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सरकारी विभागों को समग्र समाधान खोजने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है।”उन्होंने चंडीगड़ के इस आयोजन में कहा। 

इस मौके पर पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव श्री कुनेश गर्ग ने कहा कि पराली को समस्या नहीं बल्कि ईंधन या उर्वरक बनाने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे बेहतर वायु गुणवत्ता के इलावा किसानों को आर्थिक रूप से मदद मिल सकती है।

इस बीच, मोहाली के नगर आयुक्त डॉ कमल कुमार गर्ग ने सभी राजनीतिक दलों के घोषणापत्र में पर्यावरण सुरक्षा को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया।

हाल ही में कई रिपोर्टों ने पंजाब के गिरते वायु गुणवत्ता को उजागर किया है। जहां ज्यादातर चर्चाएं सर्दियों में पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्रित दिखती हैं, जबकी पंजाब के नागरिक पूरे साल खराब वायु गुणवत्ता से प्रभावित हैं। 'द स्टेट ऑफ इंडियाज़ एनवायरनमेंट-2021' रिपोर्ट ने राज्य में वायु गुणवत्ता के कारण 41,900 लोगों के मृत्यु की सूचना दी। 2018 में, पंजाब शीर्ष चार राज्यों में शामिल था, जहां अधिकतम शहर भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहे।

इन्हीं कारणों से प्ररित CSTEP ने राज्य में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।

कार्यक्रम में बोलते हुए, CSTEP के निदेशक, डॉ जय असुंदी ने कहा, “इस चर्चा का प्राथमिक उद्देश्य पंजाब में वायु प्रदूषण के सभी कारणों और प्रभावों को समझना, नीति कार्यान्वयन में व्यावहारिक चुनौतियों को पहचानना, स्थायी समाधानों के विकास में तेजी लाना व राज्य के विभागों की तकनीकी क्षमता का निर्माण करना है।"

संस्था में सेंटर फॉर एयर पॉल्यूशन स्टडीज (CAPS) की प्रमुख डॉ प्रतिमा सिंह ने कहा, “पंजाब में वायु प्रदूषण के मुद्दे सर्दियों के महीनों में पराली जलाने के कारण बहुआयत चर्चित रहतें है, जिससे दिल्ली जैसे पड़ोसी राज्य प्रभावित होते हैं, जबकि ऐसे कई कारक हैं जो पंजाब के वायु प्रदूषण में योगदान करते हैं और इन चर्चाओं के माध्यम से, हम इन कारकों पर अधिक वैज्ञानिक आकलन के माध्यम से और स्थानीय समुदायों के साथ जुड़कर, राज्य की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए एक व्यापक और रणनीतिक योजना तैयार करेंगे।


Saturday, August 05, 2017

DJJS: पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया विशेष अभियान

Sat, Aug 5, 2017 at 1:36 PM  
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने बनाये इस दिशा में कई विशेष कार्यक्रम 
लुधियाना: 5 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान जिसके संचालक श्री आशुतोश महाराज जी हैं, की ओर से लुधियाना में आज 5 अगस्त 2017 को एक स्थानीय होटल में एक प्रैस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। यह आयोजन संस्थान की लुधियाना शाखा की ओर से चलाई जा रही मुहिम माई अर्थ माई रिसपोंसीबिल्टी से संबंधित किताब माई अर्थ माई रिसपोंसीबिल्टी चैप्टर-अ रिपोर्ट जुलाई 2014 दिसंबर 2016 के विमोचन के संबंध में था। 
इस संबंध में संस्थान के नेचर कंजरवेशन प्रोग्राम की मुख्य इंचार्ज साध्वी आदिति भारती, प्रचारक साध्वी परमा भारती तथा लुधियाना के माई अर्थ माई रिस्पोंसीबिल्टी प्रोग्राम के इंचार्ज तरसेम सिंह ने प्रैस के समक्ष विमोचन की जाने वाली किताब के बारे में जानकारी दी। 
प्रैस को संबोधित करते हुए साध्वी सुश्री आदिति भारती ने कहा कि पर्यावरण का सरंक्षण एक दिन की क्रिया नहीं है, यह तो एक जीवनशैली है, इस जीवन शैली का संचार तथा प्रारंभ करना आसान कार्य नहीं है, यह तो एक निरंतर प्रक्रिया है। माई अर्थ माई रिस्पोंसीबिल्टी कैंपेन का उद्देश्य समाज को इसी जीवनशैली की ओर बढ़ाना है। 
करीब ढाई वर्ष के काल के दौरान हमने अनेकों प्रकार से नागरिकों के मनों को हिलाने की कोशिश की है तथा यह किताब हमारे कार्यों, उपलब्धियों तथा यात्रा पाठ्यक्रम को सब के समक्ष खोल देगी। यह पूछने पर कि क्या यह किताब विमोचन प्रकरण शहर में मुहिम का अंत है तो इस पर प्रोग्राम के इंचार्ज तरसेम सिंह ने कहा कि माई अर्थ माई रिस्पोंसीबिल्टी मात्र एक मुहिम नहीं, वास्तव में यह जनता की मुहिम है क्योंकि पृथ्वी सब की है। यह एक कोशिश है जिसके द्वारा शहर के लोगों को मुहिम व उसके नतीजों से अवगत करवाया जा सकेगा। यह इस का अंत नहीं! अपितु हम इसकी आवाज को दूसरे स्तर तक ले जाने की सोच रहे हैं। संस्थान ने आगामी महीनों में शहर के भीतर वायु प्रदूशण को रोकने हेतु एक विशाल जागरूकता रैली निकालने का ऐलान किया। इसके अतिरिक्त संस्थान शहर के कुछ खास इलाकों में भी कुछ ख़ास कार्य करेगा। लुधियाना के इंचार्ज तरसेम सिंह ने एक नंबर 9779824000, 9915761850 दिया और कहा कि हम यह नंबर प्रैस के माध्यम से जारी कर रहे हैं जो कोई भी घर में पौधा रोपित करना चाहता है, वह इस नंबर पर संपर्क करे, उसे मुफत डिलीवरी दी जायेगी। कांफ्रेंस के अंत में तरसेम सिंह ने मीडिया कर्मियों का उनके सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।