Showing posts with label Kaithal. Show all posts
Showing posts with label Kaithal. Show all posts

Tuesday, July 24, 2018

दमन और दबावों के बावजूद जारी हैं जन संघर्ष

कैथल में फूंका गया सीएम खट्टर का पुतला 
कैथल: 24 जुलाई 2018: (कविता विद्रोही//पंजाब स्क्रीन):: 
कभी साहिर लुधियानवी साहिब ने कहा था कि 
मिटटी का भी है कुछ मोल मगर-इन्सान की कीमत कुछ भी नहीं...
कई दशक हो गए हैं इस बात को लिखे लेकिन हालत आज भी वही है। इन्सान को इन्सान नहीं समझा जाता। हाल ही में जान मज़दूरों का एक प्रतिनिधिमंडल  बदसलूकी गयी। इसका गंभीर नोटिस लेते हुए मेहनतकश जनता सड़कों पर उतर आई। 
जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा मजदूरों मेहनतकाशों के प्रतिनिधियों से नौकरशाही द्वारा बदसलूकी की नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन गुरु रविदास धर्मशाला कैथल में किया गया। डीसी कैथल का मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी मामले में सी एम विंडों द्वारा न्याय के नाम पर किये जा रहे  ढकोसले के खिलाफ सी एम हरियाणा मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका गया।
आज स्थानीय रविदास धर्मशाला में जन संघर्ष मंच हरियाणा के तत्वाधान में मजदूरों मेहनतकशों के प्रतिनिधियों के साथ नौकरशाही द्वारा बदसलूकी किए जाने की नीति विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रांतीय उप प्रधान नरेश विरोधिया, मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रांतीय प्रधान सचिव पाल सिंह तथा निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रांतीय प्रधान करनैल सिंह ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन मंच की महासचिव सुदेश कुमारी ने किया। विचार गोष्ठी के विषय बारे मंच द्वारा जारी पंफलेट को मंच के सचिव सोमनाथ ने पढ़कर सुनाया। जिस पर विचार गोष्ठी में आए हुए विभिन्न मजदूर कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने अपने विचार रखे व अपने अपने सुझाव रखे। वक्ताओं ने कहा कि गत 8 मई को मनरेगा मजदूर यूनियन व जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रांतीय प्रधान कामरेड फूल सिंह के नेतृत्व में बरटा गांव के सैकड़ों मनरेगा मजदूर अपनी समस्याओं को लेकर मांग पत्र देने और इन समस्याओं पर बात करने हेतु डीसी कैथल श्रीमती सुनीता वर्मा के दफ्तर के बाहर 2 घंटे की इंतजार के बाद डीसी द्वारा बुलाए जाने पर भीतर गए और बरटा गांव के मजदूरों की ओर से कामरेड फूल सिंह अपनी बात रखने लगे तो डीसी कैथल ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया और धक्के मारकर अपने कार्यालय से बाहर निकलवा दिया। इस घटना के विरोध में डीसी दफ्तर कैथल पर प्रदर्शन किया गया और CM विंडो के माध्यम से कामरेड फूल सिंह ने डीसी सुनीता वर्मा द्वारा उनके साथ की गई बदसलूकी के खिलाफ एक शिकायत मुख्यमंत्री महोदय के पास भेजी थी। जिसकी जांच मुख्यमंत्री महोदय ने डीसी सुनीता वर्मा को ही सौंप दी जिसके खिलाफ शिकायत थी और DC कैथल ने खुद फैसला सुना दिया कि वह निर्दोष है और शिकायतकर्ता कामरेड फूल सिंह को ही दोषी ठहरा दिया। CM विंडो की जांच और निर्णय से पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि नौकरशाही और सरकार चाहती है कि मजदूरों का ने तो अपना कोई नेतृत्व हो और ना ही उनका कोई प्रतिनिधित्व करें। वह यूनियन में संगठित न हो। नौकरशाही और मौजूदा भाजपा सरकार मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार पर चोट कर रही है। सभी मजदूर कर्मचारी नेताओं ने एक सुर में कहा कि डीसी कैथल का मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ अमर्यादित रवैया अत्यंत निंदनीय है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर CM window के माध्यम से शोषित पीड़ित जनता को गुमराह कर रहे हैं और डीसी सुनीता वर्मा जैसी मजदूर विरोधी नौकरशाहों को बचाना चाहते हैं। यह सहन नहीं किया जाएगा और जब तक तानाशाह डीसी सुनीता वर्मा के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। विचार गोष्ठी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला दहन किया जाए और कमिश्नर अंबाला को DC कैथल के खिलाफ शिकायत भेजी जाए। यह भी निर्णय हुआ कि प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति भारत सरकार के पास भी डीसी कैथल की शिकायत भेजी जाए। उक्त विचार ग्रामीण सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान बसाऊ राम, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धूप सिंह सिरोही, आंगनवाड़ी कर्मी नेता कमला द्यौरा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के प्रेमचंद, SKS  के जरनैल सिंह, कुलदीप सिंह, अजय NBS,  सुरेंद्र रांझा एडवोकेट, मंच के प्रधान कामरेड फूल सिंह, अध्यक्ष मंडल के कामरेड पाल सिंह, नरेश विरोधिया, करनैल सिंह व नरेश बारना  ने रखे। 
विचार गोष्ठी के बाद शहर में खट्टर सरकार तथा डीसी कथित की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और पेहवा चौक पर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार का पुतला दहन किया गया।