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Thursday, January 16, 2014

लव जेहाद नामक वेबसाइट के विरोध में रोष की लहर

Thu, Jan 16, 2014 at 10:24 AM
जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को सौंपा हिंदू जनजागृति मंच ने ज्ञापन
अमृतसर: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लव जेहाद डाट काम के खिलाफ हिंदू जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स आफ ग्लोबल माइनारिटीज का एक शिष्टमंडल आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिला और इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदुओं और सिखों की लड़कियों से शादी कर उन्हें मुसलमान बनाने जैसे मुद्दे पर आगे आकर इसे रोकने की अपील की। ज्ञापन को हासिल करने के बाद जत्थेदार अकाल तख्त ने कहा है, कि वह इस मामले के संबंध में एसजीपीसी प्रधान से बात कर उचित कदम जरूर उठाएंगे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे
    आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लवजेहाद डाट काम पर मुसलमान लड़कों को हिंदुओं और सिखों की लड़कियों के साथ शादी कर उन्हें मुसलमान बनाए जाने का आह्वान किए जाने के मुद्दे को लेकर आज हिंदु जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स ग्लोबल माइनारिटीज के सदस्य श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे, उधर हिंदू जनजागृति मंच के नेता सुरेश मुंजाल और ह्यूमन राइट्स के इंद्रजीत सिंह ने बताया, कि लव जेहाद के माध्यम से कई हिंदुओं और सिखों की लड़कियों को मुसलमान बनाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया, कि इस प्रक्रिया को रोकने के लिए वे हर धर्म के उच्च पदस्थ गुरुओं और जत्थेदारों से मिल कर उन्हें इस कार्य के खिलाफ लामबंद होने और लोगों को जागरूक करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने बताया, कि इंग्लैंड में भी ऐसी ही घटनाओं पर वहां की पुलिस ने उचित कदम उठाते हुए हिंदुओं और सिखों को अपनी बेटियों को इस तरह की धोखाधड़ी से सचेत रहने के लिए कहा है।  

Tuesday, January 07, 2014

तख्त श्री पटना साहिब: जत्थेदार अकाल तख्त ने की सख्त शब्दों में हिंसा की निंदा

 Tue, Jan 7, 2014 at 6:02 PM                  Update: Tue, Jan 7, 2014 at 11:10 PM
कहा-एसजीपीसी ने गठित की है पांच सदस्यीय जांच कमेटी 
रिपोर्ट मिलने के बाद की जाएगी कार्रवाई
अमृतसर//पटना साहिब: 7 जनवरी 2014:(गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन//ब्यूरो रिपोर्ट): 
दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह पर हुए हमले की श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सख्त शब्दों में निंदा की है। इस संबंध में अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कहा कि यह घटना काफी निंदनीय है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनकी एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के साथ बात हुई है और प्रधान शिरोमणि कमेटी ने घटना की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट हासिल होने के बाद ही उचित कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि सिक्ख श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश उत्सव का गुरुपर्व मना रहे थे उस समय गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी के जन्म स्थल कि पवन भूमि पर बने तख्त श्री पटना साहिब में सिक्ख संगत के दो गुटों में तलवारें खिंच गयीं और खून खराबे में छह लोग घायल हुए। घटना स्थल से प्राप्त खबरों के मुताबिक बिहार की राजधानी पटना स्थित प्रसिद्ध पटना साहिब गुरद्वारे में दो पक्षों के बीच हुए संघर्ष में करीब छह सिक्‍ख श्रद्धालु घायल हो गए। इस संबंध में पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बताया कि गुरद्वारा प्रबंधन समिति में नियुक्ति को लेकर पैदा हुए विवाद पर दो सिख गुटों के बीच संघर्ष हुआ।  इसका विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि तलवारों से लैस दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर हमला किया। उन्‍होंने बताया कि वर्ष 2017 में आयोजित होने वाले 350वें प्रकाशोत्सव के लिए जब अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी प्रताप सिंह को तख्त साहिब की सेवा की जिम्मेवारी देने के पश्चात उनकी पगड़ी रस्म होने लगी। उसी दौरान मंच पर जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह के पहुंचते ही घमासान मच गया। मंच पर ही मारपीट होने लगी।
दुसरी तरफ  दशम पिता गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान तख्त श्री पटना साहिब के जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह पर हुए हमले की दमदमी टकसाल के मुखी बाबा हरनाम सिंह खालसा और भाई राम सिंह ने भी सख्त शब्दों में निंदा की है। इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना काफी निंदनीय है और इसकी जितनी भी निंदा की जाए उतनी कम है। उन्होंने कहा, कि इस मामले की  निष्पक्ष जाँच करके मामले कि साज़िश का पर्दाफाश किया जाना चाहिए।  उल्लेखनीय है कि जिस दिन पर्कषोत्स्व के शुभ अवसर गुरु घर का अदब कायम रखना हर सिक्ख के लिए हर हाल में आवश्यक था उस दिन गुरु की हज़ूरी में धक्कामुक्की के बीच लाठियां भी चलीं। सरबत्त का  वाली सिक्ख कौम ने एक दूसरे पर हिंसक हमले करकेमर्यादा और सिद्धांत दोनों की दीं। यह सब देख कर कथा सुन रहे श्रद्धालुओं के बीच हड़कंप मंच गया। इससे करीब छह लोग घायल हो गए। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मनु महाराज ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और घटनास्थल पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। संघर्ष उस समय हुआ, जब देश-विदेश से हजारों सिख श्रद्धालु प्रकाश उत्सव यानी 10वें सिख गुरु गोबिंद सिंह की 347वीं जयंती के मौके पर एकत्र थे। सिखों के बीच बढ़ते तनाव को देख एसएसपी मनु महाराज, सिटी एसपी जयंतकांत, एसडीओ डा त्यागराजन एसएम, डीएसपी राजेश कुमार समेत एक दर्जन से अधिक थानों के मोबाइल के अलावा रैफ के जवान शांति व सुरक्षा कायम करने में जुट गये। माहौल अब भी तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
इस सारे घटनाक्रम की एसजीपीसी प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मकड़ ने भी सख्त निंदा की है। लुधियाना में मीडिया से बात  करते हुए जत्थेदार मकड़ ने कहा कि इस संबंध में जाँच समिति बना दी गयी है और उसकी रिपोर्ट आते ही इस मामले में करवाई भी होगी। उन्होंने इस बात का गंभीरता से नोटिस लिया कि यह सब उस पावन दिवस पर हुआ जब सारा सिक्ख संसार दशमेश पिता गुरू गोबिंद सिंह जी का प्रकाश उत्स्व मना रहा था। सारा झगड़ा इस समय किया गया जब सारा विश्व इस कार्यक्रम को अपने अपने घर में बैठ कर लाईव प्रसारण के ज़रिये देख रहा था। कई अन्य संगठनों ने भी कहा कि टीवी के सीधे प्रसारण के समय किया गया यह झगड़ा किसी गहरी साज़िश का हिस्सा है। सिक्ख समाज समाज आज नवंबर-84 सहित मामलों में व्यापक संघर्ष कर रहा है और अपनी मंज़िल के नज़दीक भी है। इस नाज़ुक मोड़ पर सिक्खों का केस कमज़ोर होगा वे कहेंगे कि देखो यह सिक्ख तो होते ही झगड़ने वाले हैं---अपने ही गुरु के प्रकाश उत्सव पर अपने ही गुरुद्धारे में झगड़ा करके अपने ही भाई बंधुयों पर हमला करते हैं। उन पर तलवार उठाते हैं और उन्हें बुरी तरह घायल भी करते हैं। पुलिस नहीं आती तो न जाने कितनी हत्याएं होती। इस लिए इन पर कानून का शिकंजा होना आवश्यक है। 
इस तरह बहुत ही सोची समझी साज़िश के अंतर्गत सिक्ख समाज की क़ुरबानी और शांतिपूर्ण छवि को धूमिल करने की कुचेष्टा है जिसे सफल नहीं होने दिया गया। इस सरे मामले में पूरी ठ तक जाना आवश्यक है तांकि पता चल सके कि झगड़ा करने वालों का रिमोट किसके हाथ में है।
वीडियो देखें: 
पटना साहिब में हिंसा की जत्थेदार मक्कड़ ने भी की सख्त निंदा





Tuesday, December 24, 2013

भाई गुरबख्श सिंह को भूख हड़ताल समाप्त करने का आदेश

Tue, Dec 24, 2013 at 5:34 PM
आदेश जारी किया पांच सिंह साहिबानों ने
भाई गुरबख्श सिंह का जीवन पंथ की अमानत-जत्थेदार अकाल तख्त
अमृतसर: 24 दिसंबर 2013  (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
भाई गुरबख्श सिंह का संघर्ष के सार्थक नतीजे आने शुरू हो गए हैं। भाई लाल सिंह की रिहाई के बाद अन्य बंदी सिंहों की रिहाई के लिए भी प्रयास शुरू हो चुके हैं। इसलिए पांच सिंह साहिबानों ने फैसला लेकर भाई गुरबख्श सिंह को आदेश दिया है, कि वह तुरंत अपनी भूख हड़ताल समाप्त करें और अन्य सिंहों की रिहाई के लिए प्रयास करें
     भाई गुरबख्श सिंह की ओर से विभिन्न जेलों में बंद सिखों की रिहाई के लिए छेड़ी गई मुहिम के सार्थक नतीजे निकलने शुरू हो गए हैं। भाई लाल सिंह की रिहाई के बाद अन्य सिंहों की रिहाई के लिए भी प्रयास शुरू हो गए हैं। इस मसले पर आज पांच सिंह साहिबानों की एक अहम बैठक संपन्न हुई। पांच सिंह साहिबानों की बैठक के बाद जत्थेदार अकाल तख्त ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा, कि भाई गुरबख्श सिंह की ओर से छेड़ी गई मुहिम काफी अहम है और वह शुरू से इसकी हिमायत करते आए हैं। उन्होंने कहा, कि भाई गुरबख्श सिंह का जीवन पंथ की अमानत है। इतना ही नहीं, भाई गुरबख्श सिंह की मुहिम के कारण ही  भाई लाल सिंह की रिहाई संभव हुई है और अन्य की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं। इसलिए पांच सिंह साहिबानों ने भाई गुरबख्श सिंह को आदेश दिया है, कि वह तुरंत अपनी भूख हड़ताल को समाप्त करें और पंथ की चढ़दी कला के लिए अपना अमूल्य योगदान दें।

Friday, July 26, 2013

सरना बन्धु श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक

Fri, Jul 26, 2013 at 8:51 PM
दायर केस को वापस लें सरना बंधु-जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब 
कहा-अपनी भूलों की क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में करवाए श्री अखंड पाठ 
यथा शक्ति मुताबिक लंगर लगाने का भी आदेश 
श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का इन-बिन करेंगे पालन-सरना बंधु
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग) नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार के खिलाफ हाईकोर्ट में पटिशन दायर करने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए सरना बंधुओं को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश दिया है, कि वह उक्त केस को तुरंत वापस लें। इसके अलावा सरना बंधुओं को यह भी आदेश दिया गया है कि वे क्षमा याचना के लिए गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ के साथ-साथ यथा शक्ति मुताबिक लंर लगाए। उधर, इस मौके पर सरना बंधुओं ने कहा, कि हम श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले को मंजूर करते हैं। 
         नवंबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों की यादगार को गुरुद्वारा रकाब गंज में बनाए जाने के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किए गए परमजीत सिंह सरना अपने भाई के साथ आज पांच सिंह साहिबानों के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने पांच सिंह साहिबानों को अपना लिखित स्पष्टीकरण पेश किया। पांच सिंह साहिबानों ने विचार करने के बाद परमजीत सिंह सरना और उनके भाई मंजीत सिंह सरना पर अपना फैसला ले लिया। पांच सिंह साहिबानों के इस फैसले को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब से सुनाया। जिसमें आदेश दिया गया कि सरना बंधु तुरंत कोर्ट में दायर किए गए केस को वापस लें। इसके साथ वे दोनों सिख दंगों के पीड़ित परिवारों के साथ गुरुद्वारा रकाबगंज में श्री अखंड पाठ रखवाएं और यथा शक्ति मुताबिक लंगर भी लगाएं और अपनी भूलों की क्षमा याचना करें।
      इससे पूर्व सिंह साहिबानों से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए परमजीत सिंह सरना और हरविंदर सिंह सरना ने स्पष्ट किया, कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित हैं और श्री अकाल तख्त साहिब के प्रत्येक आदेश की इन-बिन पालना करेंगे। उन्होंने कहा, कि सिंह साहिबानों ने उनसे यही वादा लिखित में भी लिया है। परमजीत सिंह सरना ने यहां फिर स्पष्ट किया, कि वह सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की यादगार के खिलाफ नहीं है। बल्कि वह यह नहीं चाहते हैं, कि गुरुओं के शहीदी स्थल में किसी अन्य की शहीदी यादगार की स्थापना हो। सजा सुनने के बाद भावुक हुए परमजीत सिंह सरना ने कहा, कि वह हमेशा से ही श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित रहें हैं। उन्होंने कहा, कि उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब से जो भी हुकुम हुआ है, वह उन्हें मंजूर है।  

सरना बन्धु श्री अकाल तख्त साहिब के सामने नतमस्तक