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Monday, March 07, 2022

महिलाओं को ही महिला अधिकारों के लिए आगे आना होगा

7th March 2022 at 4:59 PM

 बेलन ब्रिगेड सुप्रीमो अनीता शर्मा ने फिर चेताया 


लुधियाना
: 7 मार्च 2022: (पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

कुछ वर्ष पूर्व जब बेलन ब्रिगेड  नाम का संगठन गैर राजनीतिक होते हुए भी सियासत की दुनिया में शिखर पर छाया हुआ था तब इस संगठन की प्रमुख अनीता शर्मा ने पूरा ज़ोर लगाया था कि महिलाएं स्वयं को विकसित करके जाग जाएं तो पूरा देश और पूरी दुनिया बदल सकती है। उन दिनों करीब सभी राजनैतिक दलों के वरिष्ठ नेता इस संगठन के साथ नज़दीकियां बढ़ाने के लिए उत्सुक्त नज़र आते थे। जनाब एच इस फूलका सहित कुछ वरिष्ठ लोग भी चाहते थे कि यह संगठन मज़बूत हो। अनीता शर्मा भी यही चाहतीं थी। उनका परिवार भी और अन्य शुभचिंतक भी इसे और विकसित हुआ देखना चाहते थे। लेकिन न जाने किस की नज़र लग गई! अब एक बार फिर इस संगठन ने एक आवाज़ बुलंद की है कि महिलाओं को एक बार फिर आगे आना होगा। 

इस मकसद की आवाज़ उठाई है संगठन सुप्रीमो अनीता शर्मा ने। उन्होंने एक बहुत ही कड़वे सत्य को स्वीकार करते हुए कहा है कि भारत में आज भी महिलाएं समाज में पूरी तरह पुरुषों के बराबर दर्जा प्राप्त नहीं कर पाई जबकि महिलाएं समाज के विकास एवं तरक्की में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उनके बिना विकसित तथा समृद्ध समाज की कल्पना भी नहीं की जा सकती। 

बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा है कि जो महिलाएं पढ़ी लिखी है बिज़नेस या नौकरी करती है उन्हें सबसे पहले आगे आकर घरेलू महिलाओं को उनके अधिकारों के लिए जागरूक करना होगा। गौरतलब है कि जो महिलाएं पार्षद जैसे किस पद पर चुनी भी जाती हैं वहां भी सिर्फ उनका नाम ही होता है। सारा कामकाज और संचालन उनके पति ही करते हैं। पद मिल जाता है पत्नी के नाम पर और नेतागिरी चमकती है पुरुषों की यह भी तो एक तरह से शोषण ही है। 

भारत की लगभग आधी जनसँख्या का प्रतिनिधित्व महिलाएं करती है। अगर उनकी क्षमता पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका साफ़ साफ़ मतलब है देश की आधी जनसँख्या अशिक्षित रह जाएगी और अगर महिलाएं ही पढ़ी लिखी नहीं होगी तो वह देश कभी प्रगति नहीं कर पाएगा। हमें यह बात समझनी होगी की अगर एक महिला अनपढ़ होते हुए भी घर इतना अच्छा संभाल लेती है तो पढ़ी लिखी महिला समाज और देश को कितनी अच्छी तरह से संभाल लेगी।

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के बिना परिवार, समाज और देश का विकास नहीं हो सकता। महिला यह जानती है की उसे कब और किस तरह से मुसीबतों से निपटना है। जरूरत है तो बस उसके सपनों को आजादी देने की।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले महिलाओं की दशा दासियों से भी बदतर थी। अगर कोई महिला लड़की को जन्म देती तो उसे या तो मार दिया जाता था या उसे घर के सदस्यों द्वारा पीटा जाता था। लड़की को जन्म देना पाप माना जाता था। उनसे सिर्फ यही अपेक्षा की जाती थी कि वे लड़के को ही जन्म दे। पर बदलते वक़्त के साथ हालात बदलते गए। आज इस सोच में काफी बदलाव तो आया है लेकिन पूरी तरह आज भी यह सोच समाप्त नहीं हुई। 

अब जरूरत है कि जो महिलाएं पढ़ी लिखी और सम्पन्न परिवार से है वे आगे आकर घरेलू अनपढ़ महिलाओं के उत्थान व उनके अधिकारों के प्रति उन्हें जागरूक करे। बड़े शहरो में  वूमेन क्लब  और किटी पार्टी करने वाली महिलाओं को बड़े बड़े होटलो व रेस्टोरेंट में जाकर अपना आनंद व मनोरंजन करने के साथ साथ समाज के गरीब और माध्यम वर्गों में आ कर भी कुछ करना चाहिए। 

जो महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित हैं उनके लिए भी कुछ ऐसे कार्य करने चाहिए ताकि हमारे देश में महिलाये भी पुरुषों के बराबर कार्य कर सके है हालाँकि अनीता शर्मा मानती हैं की वास्तव में महिलाओं के गुण पुरुषों से अधिक होते हैं जिस वजह से उनकी पास अपनी किस्म की शक्तियां और क्षमताएं होती हैं जिनकी बराबरी पुरुष ही नहीं कर सकते। अर्द्ध नारीश्वर के स्वरूप का विज्ञान समझ कर ही इस रहस्य को समझा जा सकता है। 

Friday, March 27, 2020

पुलिस डण्डे खड़काने छोड़कर विदेशो से आये लोगो को ढूंढे-अनीता शर्मा

27th March 2020 at 2:10 PM
विदेशी नागरिकों को ढूंढ कर अलग करने का काम तुरंत हो-बेलन ब्रिगेड 
लुधियाना: 27 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हालांकि पुलिस ने ऊपर से आये आदेशों के बाद डंडे इस्तेमाल बहुत ही कम कर दिया है फिर भी बेकन ब्रिगेड को लगता है कि पुलिस सड़कों पर नाहक ही डंडे खड़का रही है। इसी बीच कोरोना को अभी तक मज़ाक समझने वाले लोगों ने सड़कों पर निकलने और सट कर खड़े होने की आदतें नहीं बदली। ऐसे लोगों का इलाज डंडे से ही सम्भव था लेकिन डंडे के प्रयोग से पुलिस की सख्त आलोचना भी हुई। 
बेलन ब्रिगेड की प्रमुख अनीता शर्मा ने कहा है कि कोरोना वायरस एक छूत की बिमारी है यह चाइना से सारी दुनिया में फैली है और जो लोग विदेशों से भारत आ रहे है वे लोग ही इस बिमारी को फैला रहे है।  पंजाब में हज़ारों लोग मार्च के महीने विदेशो से आये है और कितने लोगो को कोरोना है इसकी किसी को खबर नहीं है। इस समय यही जांच सर्वप्रथम होनी चाहिए। 
बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि कोरोना वायरस कोई डेंगू नहीं है क्यूंकि  डेंगू तो  हमारे गली मुहल्लों में मच्छरों से खुद हमारे शरीर में पैदा होकर हमे रोगी बना देता है लेकिन कोरोना बिमारी विदेशों  से आ रही है। पिछले एक दो महीने में जितने भी विदेशी लोग भारत में आये है उन लोगो पर विशेष निगरानी रखी जानी चाहिए ताकि इस महामारी को रोका जा सके। 
इस गंभीर हालत में भी पंजाब में इसके विपरीत हो रहा है।  कर्फ्यू की आलोचना करते हुए बेलन ब्रिगेड प्रमुख ने कहा कि सरकार ने कर्फ्यू लगा कर जनता को घरो में लॉक कर  दिया।  इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सड़कों चौराहो पर नाके लगा कर आम जनता को  डण्डे व वर्दी का रौब दिखाकर उनके मौलिक अधिकारों का बिना सोच समझ के हनन कर रही है। 
अनीता  शर्मा ने आगे कहा कि सरकार को चाहिए कि सारे सरकारी मुलाज़िमों व पुलिस जो सड़कों पर डण्डे खडका रही है इन सब को 48 घण्टे का समय दिया जाए कि वे हर गली मोहल्ले गाँव में  जा कर एक एक घर को चैक करे और जहां कही भी कोई विदेश से आया नागरिक उन्हें मिलता है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।स्क्रीनिंग में आने वाले हर नागरिक का तुरन्त मेडिकल कराकर उसे अकेला रखा जाए। 
कोरोना वायरस पर काबू पाने का यही सबसे बड़ा हथियार होगा। इस काम में देरी होने से यह खतरा कई गुना बढ़ जायेगा।
 कुछ अन्य दिलचस्प लिंक:
छत्तीसगढ़ मेल में पढ़िए:
रायपुर:मशरूम से वनांचल की महिलाएं बनी आत्मनिर्भर
आराधना टाईम्ज़ में पढ़िए:
पूरी तरह वैज्ञानिक हैं हवन के फायदे
इच्छापूर्ति वॄक्ष आपके पास भी है 
मोहाली स्क्रीन में पढ़िए:
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कोरोना: एन आर आईज़ को खलनायक समझना ठीक नहीं 

Wednesday, August 15, 2018

नशा:सरकारों से उम्मीद छोड़ कर हमें खुद ही कुछ करना होगा

FIB के आयोजन में छलका बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा का दर्द 
लुधियाना: 15  अगस्त 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अनगिनत आयोजन हुए।  इन्हीं में से एक यादगारी आयोजन था जो FIB अर्थात फर्स्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और अन्य सहयोगी संगठनों ने न्यू कुंदन पूरी में कराया। इसका आयोजन तिरंगे के जानेमाने प्रेमी डाक्टर भारत हर वर्ष करते हैं। इस बार उनके साथ बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा,  पंचमुखी हनुमान मंदिर के संजय गुप्ता, पत्रकार प्रेम ग्रोवर, समाज सेवी बलविंदर कुमार वर्मा, ब्लॉग मीडिया की तरफ से रेक्टर कथूरिया और प्रदीप शर्मा, आर टी आई एक्टिविस्ट श्रीपाल शर्मा सहित कई लोग सक्रिय रूप में शामिल हुए। 
तिरंगे को सलामी देने के बाद जहाँ इन लोगों ने स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां दे वहीँ यह भी याद दिलाया कि  हिन्दोस्तान और पाकिस्तान दोनों तरफ के पंजाब ने बंटवारे के इस दुखद मौके पर अपनों की हत्याएं देखी हैं, घरों के उजाड़े देखे हैं, बहु बेटियों की इज़त लुटती देखी है--इस लिए उनके आंसुओं और उनकी दुखद यादों को याद रखना भी आवश्यक है। हम नहीं भूल सकते कि किस तरह बहुत से लोग आबादियों के तबादले में शव बना दिए गए। उनके शवों को अंतिम संस्कार भी नसीब नहीं हो सका। खून से लिथड़े हुए उन दिनों और रातों को भी याद रखना होगा तांकि विभाजन करने की साज़िशों का दोहराव दोबारा होने से रोका जा सके। गौरतलब है कि अब फिर से इसी तरह के साज़िशी तत्व सिर उठा रहे हैं। उनको नाकाम करना ही तिरंगे को सच्ची सलामी होगी। 
बेलन ब्रिगेड की प्रमुख और  FIB की उपाध्यक्ष अनीता शर्मा ने नशे का मुद्दा भी उठाया और इस पर दुःख ज़ाहिर किया कि कोई भी सरकार इस मुद्दे पर कोई ठोस रणनीति बनाने को तैयार नज़र नहीं आती। तरह तरह की चालाकी भरी बातों और बहानों से ही असली मुद्दे को इधर से उधर सरका कर गुम कर दिया जाता है। इसलिए हमें खुद ही उठना होगा। सरकारों से कोई भी उम्मीद छोड़ कर खुद ही आगे आना होगा। नशे को अपनी व्यक्तिगत पारिवारिक समस्या समझना होगा। तभी इसे दूर करने की संभावना बन सकती है। 
इसी चर्चा को आगे बढ़ाते हुए समाज सेवी बलविंदर कुमार वर्मा ने कहा कि कोई भी सरकार इस पर कुछ नहीं करेगी क्यूंकि सरकार को शराब से आमदनी होती है। इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि अफीम-भुक्की इत्यादि खोल दी जानी चाहिए तांकि "चिट्टे" जैसे हत्यारे नशे को रोका जा सके। उन्होंने अफीम से होने वाले औषधीय फायदे भी गिनवाए। 
FIB प्रमुख डाक्टर भारत ने नशे के नेटवर्क और चक्रव्यूह की जानकारी बहुत ही सादगी भरे शब्दों में दी और बताया कि समस्या अंतर्राष्ट्रीय है। नशा और नशे का व्यापार वास्तव में देशी-विदेशी आतंकी संगठनों का  मुख्य हथियार भी है और उनकी आर्थिकता की रीढ़ की हडडी भी। इसलिए इसे समाप्त करना किसी एक सरकार के बस में ही नहीं।   विश्व को इसके खिलाफ एकजुट होना ही होगा। डाक्टर भारत ने कहा कि FIB संगठन इस मकसद के लिए अब पहले से ज़्यादा सक्रिय है और बहुत कुछ कर भी रहा है लेकिन हम इसका खुलासा यहाँ सब के सामने नहीं कर सकते क्यूंकि यह देश और समाज की सुरक्षा से जुड़े मामले हैं। 
पत्रकार और ट्रॉफ़ीमेकर प्रेम ग्रोवर ने सभी को स्वतंत्रता दिवस के प्रतीक चिन्ह और मालाएं भी  भेंट की। उन्होंने कहा कि समाज को नशा मुक्त और अपराध मुक्त करने के लिए जो प्रयास डाक्टर भारत कर रहे हैं हम सभी इस काम में अब उनके साथ हैं।  कोई उनको अकेला न समझे। 
आनेवाले दिनों में FIB का एक नया रंगरूप सभी के सामने आएगा जिस पर संगठनात्मक कार्य ज़ोरशोर से जारी है। अब कोई भी अपराधी FIB की बाज़ निगाहों से बच नहीं पायेगा। हम इस तरह के तत्वों की गुप्त जानकारी सुरक्षा एजेंसियों को देकर राष्ट्र और समाज को सावधान करते रहेंगे। आवश्यक होने पर इसकी संक्षिप्त सूचना मीडिया के ज़रिये भी दी जाएगी। 
इस आयोजन में देश भक्ति के रस में डूबे गीतों ने आसपास के सारे माहौल को गहरी संवेदना से भर दिया और उन सभी की यादों में आँखें नम हो गयीं जो देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तो गए लेकिन लौट के घर न आये। कार्यक्रम में उन शहीदों को याद करते हुए नमन किया गया। 


Friday, March 16, 2018

बदतर हालात को देख कर छलका अनीता शर्मा के दिल का दर्द

Fri, Mar 16, 2018 at 3:43 PM
सियासतदानों की वायदा खिलाफी से बुरी तरह आहत है बेलन ब्रिगेड टीम 

लुधियाना: 16 मार्च 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
जब कुछ वर्ष पूर्व बेलन ब्रिगेड ने नशे के खिलाफ जंग छेड़ी थी तो शायद ही कोई सियासी या समाजिक संगठन हो जिसने इस जंग का समर्थन न किया हो।  शायद ही कोई नेता हो जो इस मौके पर अपना साथ देने न पहुंचा हो। जन शक्ति का सूर्य उदय होने लगा था। बहाना बेशक नशे का मुद्दा ही बना लेकिन धीरे धीरे बहुत से अन्य समाजिक मुद्दे भी सामने आने लगे। इन वर्षों में संघर्ष तो तेज़ हुआ लेकिन अनीता शर्मा का आर्थिक ढांचा बिगड़ गया। पारिवारिक ज़िम्मेदारियां मुश्किल लगने लगीं लेकिन फिर भी हार नहीं मानी। एक कुयालिफ़ाइड आर्कीटेक्ट अपना अच्छा भला कामकाज छोड़ कर समाज को नशा मुक्त करने निकल पड़ी थी। नशे का कारोबार करने वाला माफिया इसे कैसे बर्दाश्त करता? शुरू हुआ लालच देने का सिलसिला। वित्तीय हालत खराब थी लेकिन अनीता शर्मा मज़बूत बनी रही। आमदनी बंद हो गयी और खर्चे बढ़ गए। स्टाफ के वेतन, संगठन के खर्चे, पारिवारिक सिस्टम, बच्चों की फीस। अनीता शर्मा की एक हाँ इन सभी समस्यायों का हल निकाल सकती थी लेकिन ज़मीर की आवाज़ सुनने वाले लोग आजुक इम्तिहान में भी कभी नाकाम नहीं होते। अनीता ने किसी भी लालच के सामने कमज़ोरी नहीं दिखाई। फिर शुरू हुआ धमकियों का सिलसिला।  घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाने पड़े। इस आड़े वक़्त में जो लोग काम आते रहे वे किसी भामाशाह से कम भी नहीं थे। 
बहुत से लोग जुड़े--बहुत से लोग टूटे। हालात के इस उतराव चढ़ाव में बहुत बार नाज़ुक मोड़ आये। एक वक़्त ऐसा भी आया कि सियासत में कदम रखा जाये या नहीं? फैसला मुश्किल था। हर विचार के लोगों से भरी जनता को छोड कर किसी एक दल का होना आसान नहीं था लेकिन अनीता शर्मा ने विश्वास किया। इस बात को नज़र अंदाज़ करके विश्वास किया कि सियासत में वायदे किये ही तोड़ने के लिए जाते हैं। फिर वो वायदे चाहे 15-15 लाख रुपयों के हों या स्मार्टफोन के। इनकी कीमत जुमलेबाज़ी से ज़्यादा नहीं होती। वायदा पूरा न हो तो किसी पर कोई मामला भी दर्ज नहीं होता। फिर भी दलेर लोग विश्वास करते हैं। अनीता शर्मा ने भी किया। उम्मीद नहीं यकीन था कि नशा भी बंद होगा और समाज की हालत भी सुधरेगी। लेकिन हर रोज़ जब अखबार आती तो अनीता शर्मा ज़्यादा उदास हो जाती। जब शराब के सस्ता होने की खबर आई तो बहुत ज़्यादा सदमा लगा। इसके साथ ही एक छोटी सी बच्ची के साथ रेप की खबर छपी तो इस खबर ने तो हिला ही दिया। 
अनीता शर्मा के अंतर्मन की चीख कलम तक आयी। सवाल उठा क्या ऐसे ही सुधरेगा समाज? शराब की बोतल सस्ती होने की खबर से पहले ही दिन एक 40 वर्षीय शराबी व्यक्ति द्वारा छः वर्ष की बालिका से ब. लात्कार के बाद उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक देना और बच्चियों के साथ आये दिन बलात्कार की घटनाओ से जनता में अपनी बच्चियों की सुरक्षा को लेकर चिन्ताएं बढ़ रही हैं। 
बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्षा अनीता शर्मा ने एक सभा में बोलते हुए कहा कि अब जग जाहिर हो चुका है कि पंजाब को नशे ने बर्बाद कर दिया है। इनमें से एक नशा ज़्यादा आसानी  है और यही घरों और परिवारों को बर्बाद करने वाला नशा है--शराब का नशा; जो सरकारी मान्यता प्राप्त भी है। नए बजट सत्र में शराब के कारोबार को बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने शराब सस्ती कर दी है ताकि गरीब बस्तियों व ग्यासपुरा के आंगनों में रहने वाले मजदूर ज्यादा से ज्यादा शराब पिये जिससे सरकार को एक्साइज टैक्स से मोटी कमाई हो। 
अनीता शर्मा ने कहा कि वर्तमान हालात देखकर लगता है कि महिलाओं की सुरक्षा आज वर्तमान सरकार, प्रशासन व पुलिस के पास नहीं है। यही कारण है कि आज गली मोहल्ले में पडोसीयो की  ही छोटी-छोटी कन्याओं को हवस के दरिंदे अपना शिकार बना रहे है। हवस के दरिंदो के हाथ मरने वाली कन्यायों की आत्मा यही पुकार कर रही है कि माँ मुझे कोख में ही मार देना क्योंकि चार छः साल की होने पर भी कोई हवस का भेड़िया मुझे एक दिन मार ही देगा। 
आज समाज में सबसे पीड़ित महिला है और ऐसा लगने लगा है कि समाज में महिला होना ही एक श्राप बन चूका है।  महिला बचपन से लेकर बुढ़ापे तक पुरुष प्रधान समाज में अपने आप को असुरक्षित समझने लगी है। दूसरी तरफ सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में असफल हो चुकी है। सरकार ने उल्टा शराब को सस्ता करके नशे के छठे दरिया के बहाव को ओर तेज कर दिया है ताकि पंजाब के गरीब मजदूर थोड़े पैसों में ज्यादा से ज्यादा शराब पिएँ और अपने घर परिवार को बर्बाद करें और मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाकर उन्हें जान से मार दें। 
अंत में अनीता ने कहा कि यदि पंजाब सरकार महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकती, कम से कम शराब को सस्ता न करे  क्योंकि शराब ही एक ऐसा नशा है जो घरों को बर्बाद कर रहा है।

Wednesday, January 10, 2018

महिलाओं के नाम पर नहीं सहन होगा पुरुषों का राज-बेलन ब्रिगेड

Wed, Jan 10, 2018 at 12:56 PM
नशे के बाद अब निशाने पर महिलाओं को दबाने वाली नीति
महिलायें अब पुरुषों की अंगुली पकड़कर नहीं बल्कि खुद अपने रास्ते और मंजिल की तलाश करें 
जो महिलाऐं चुनावों में अपनी पति के कन्धों पर बैठ कर वोट मांगने आएंगी उन्हें जनता वोट न दे 
नारी तूं अबला नहीं झांसी की रानी है 
तुझे अब देश को भाई-भतीजाबाद बेईमान नेताओ के चगुल से आज़ाद कराना है
लुधियाना: 10 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हिंदी कुञ्ज से साभार तस्वीर 
किसी समय नशे के खिलाफ जंग में एक नई उम्मीद बन कर उभरा बेलन ब्रिगेड अब शायद अपना रास्ता और निशाना बदल चुका है। अब उसके निशाने पर हैं वो लोग जो महिलाओं को स्वतंत्र शक्ति बनने या बनाने के रास्ते में रुकावट बने हुए हैं। इस मामले में उन महिलाओं का भी लिहाज़ नहीं होगा जो खुद अपनी स्वतंत्रता को पुरुषों के पांवों पर रख कर गुलाम बनने पर तैयार हो जाती हैं। बेलन ब्रिगेड ने लुधियाना में हो रहे नगर निगम चुनावों में आम जनता से स्पष्ट कहा है कि उन महिलाओं को कत्तई वोट न दें जो पुरुषों के सहारे वोट मांगने आएं। गौरतलब है कि लुधियाना के नगर निगम चुनावों में बहुत सी सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित कर दी गयी हैं। बेलन ब्रिगेड के मुताबिक इन 50 प्रतिशत सीटों पर हम चुनावी परिणाम बदल कर रहेंगे। महिलाओं के नाम पर पुरुषों का राज हम नहीं होने देंगें। 

भारत में सदियों से घरो में बंद व परदे में रहने वाली महिलाओं को अब घरों  की चारदिवारी से बाहर आकर पुरुष प्रधान समाज में अपने अधिकारों की  प्राप्ति के लिए एक बहुत बड़ा संघर्ष करना होगा यह तभी सम्भव होगा जब वे पुरुषों  अंगुली पकड़कर नहीं बल्कि खुद अपने रास्ते और मंजिल की तलाश करें। 
बेलन ब्रिगेड ने महिलाओं के अधिकारों हेतू समाज में एक आन्दोलन की शुरूआत की है जिसके तहत नारी तूँ अबला नहीं झाँसी की रानी है तुझे अब देश को भ्र्ष्टाचार, भाई-भतीजाबाद, चोरबाज़ारी व बेईमान नेताओ के चगुल से आज़ाद कराना है। बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा इस मुद्दे पर अब फिर पूरे जोश में है। अनीता शर्मा ने इस संबंध में खुल कर कई बातें कीं। 

उन्होंने कहा कि लुधियाना के नगर निगम चुनावों में सभी राजनीतिक पार्टियों के लोग पार्षद  की सीट पाने के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं चाहे यह दावेदार समाज हित के लिए कुछ कर सकता है या नहीं। 
इस बार 50 प्रतिशत सीटें नगर निगम में महिलाओं के लिए रिजर्व हो चुकी है और सभी वार्डों में जो मर्द चुनाव लड़ने के इच्छुक थे उनके वार्ड महिलाओं के नाम रिजर्व हो चुके हैं। और अब यह मर्द अपनी अपनी पत्नियों को कन्धों पर बिठाकर टिकट लेने के लिए घूम रहें हैं। अधिकतर महिलाऐं घर में खाना बनाने व घर गृहस्थी का काम ही करती है और इन घरेलू महिलाओं को उनके घर वाले अपनी पहुँच से टिकट दिलवा देते हैं और ऐसी महिलाऐं जो चुनाव जीतने के बाद भी घरेलू ही रहती हैं और उनके पति परमेश्वर ही सारा पार्षद का काम खुद करते हैं जिन्हे पति पार्षद के नाम से पुकारा जाना लगा है। 
अनीता शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बेलन ब्रिगेड ने  जनता से अपील की है कि वोटर केवल उन्ही महिलाओं को वोट दे जो पहले ही समाज में निष्काम, निःस्वार्थ  काम कर रही हैं चाहे वो किसी भी पार्टी में हो या किसी राजनैतिक पार्टी में न भी हो सिर्फ यह ध्यान रखे कि क्या वो समाज भलाई के काम करने अग्रसर हो । और जो महिलाऐं नगर निगम चुनावों में अपनी पति के कन्धों पर बैठ कर वोट मांगने आएंगी उन्हें जनता वोट न दे क्योकि यह लोग सत्ता के भूखे हैं। इन्हे समाज सेवा या लोगों की भलाई से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने तो चुनावों में अपनी पत्नी को जीता कर कुर्सी पर बिठा कर पार्षद पति ही बनंना है वार्ड के समाज के काम हो या न हो। 
अनीता शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बेलन ब्रिगेड सभी राजनैतिक पार्टियों से अपील करती है कि नगर निगम चुनावों में टिकट उन्ही महिलाओं को दिया जाए जो पहले ही समाज में जनता की भलाई के लिए कार्य कर रही हैं। वास्तव में यही महिला सशक्तिकरण होगा जब महिलाये खुद पुरुष प्रधान समाज में आगे आकर अपने हक़ व समाज के जरूरतमंद लोगो के दुख तकलीफो लिए के लिए लड़ेगी। 
अब समय आ गया है महिलाएं अपने अधिकारों को पाने के  लिए घरो से बाहर आकर अपनी लड़ाई आप लड़े।  

Wednesday, December 13, 2017

कांग्रेसी ट्रेड यूनियन इंटक ने बुलंद की मज़दूर हित की आवाज़

Wed, Dec 13, 2017 at 3:05 PM
अनीता शर्मा ने पूछा-सरकारी अफसर क्यों नहीं करते चैकिंग?
लुधियाना: 13 दिसंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
राष्ट्रीय मजदूर ट्रेड युनियन (इंटक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सुंदरियाल ने लुधियाना पहुंचते ही मानवाधिकार दिवस पर इंटक के सभी सदस्यों को श्रमिकों के अधिकारों के लिए कार्य करने का दिशा निर्देश जारी किया।  चूंकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है इसलिए कांग्रेसी ट्रेड यूनियन इंटक का इस तरह खुल कर मज़दूर हितों के लिए आगे आना बहुत गहरे संकेत दे रहा है। गौरतलब यह भी है कि इंटक के महिला विभाग की राज्य अध्यक्ष अनीता शर्मा सच बोलने के लिए पहले भी काफी जानी जाती हैं। सियासी क्षेत्रों में चर्चा है कि इंटक को मज़दूर संगठनों में नंबर वन बनाने के लिए इंटक प्रमुख दिनेश सुंदरियाल और पंजाब प्रमुख अनीता शर्मा को कांग्रेस की राष्ट्रिय है कमान का आशीर्वाद प्राप्त है। 
शराब के कारोबार को ले कर तकरीबन सभी दलों से टक्कर ले चुके संगठन बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष व पंजाब महिला इंटक प्रधान अनीता शर्मा ने कहा कि आज सरकार मजदूरों के अधिकारों को नज़रअंदाज कर रही है जिस कारण हजारों मज़दूर सरकारी नियम कानून और इंस्पेक्टरी राज खामियों के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं। मज़दूरों के जान माल की सुरक्षा करने में अफसरशाही पूरी तरह नाकाम हो चुकी है। होटलों, अस्पतालों,  फैक्ट्रियों की सरकारी अफसर कोई चेकिंग नहीं करते कि यहां पर फायर सिस्टम, सीवरेज सिस्टम, बिल्डिंग प्लानिंग व हाइजीनिक व्यवस्था का ठीक इंतजाम है या नही? सरकारी अफसर या तो इसकी चेकिंग ही नहीं करते या फिर रिश्वत लेकर चुप हो जाते है। चाहिए तो यह कि अगर किसी जगह सही व्यवस्था नहीं है तो सरकारी अफसर प्राइवेट अदारों को नोटिस भेजे और उसकी चेकिंग करे यदि नियम या कानून के मुताबिक काम नहीं हो रहा तो उन पर भारी जुर्माना लगाए।   
सरकारी अफसर मज़दूरों के कल्याण के लिए व उनकी जान माल की सुरक्षा के लिए कोई भी  कार्य ढंग से नहीं कर रहे है जिस कारण फैक्ट्रियों में हादसा  होने के बाद मजदूर तो अपनी जान गँवा देता है उसके साथ साथ फैक्ट्रियों के मालिक भी हादसे के दोषी बन जाते है। उन्हें मृतकों को हर्जाना भरना पड़ता है और फैक्ट्री में आग आदि लगने से लाखों का नुक्सान अलग से हो जाता है। इसलिए सभी सरकारी विभागों के अफसर फैक्ट्रियों, होटलों, अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों व मॉल आदि की समय समय पर जांच करें ताकि कोई अनहोनी घटना न घटे और मजदूर व मालिकों की जान माल की सुरक्षा हो सके। 
इंटक पंजाब लोकल बॉडीज के प्रधान नरेंदर सिंह ने कहा कि सीवरेज गैस चढ़ने के कारण कई लोग हर वर्ष मर जाते है। सरकारी कर्मचारी तो  सरकार से मुआवजा ले लेते है लेकिन यदि सीवरेज साफ़ करते वक्त यह हादसा किसी प्राइवेट  बिल्डिंग में हो जाए और किसी मजदूर की जान चली जाए तो आम आदमी लाखों रुपया हर्जाना मृतक के परिवार वालों को नहीं दे सकता। इसलिए सरकार को चाहिए की सीवरेज का काम करने वाले मजदूर को ट्रेनिंग दे कि वे कैसे सीवरेज मेनहोल में कार्य करें और उन्हें क्या सेफ्टी इंतजाम बरतने चाहिए पैसे की लालच में वे जोखिम भरा काम न करे ताकि किसी मजदूर की जान न जाए। प्राइवेट सीवरेज का काम कराने वाले मालिकों को भी किसी मजदूर की जान जाने पर मजबूरन हर्जाना न भरना पड़े।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मजदूर ट्रेड युनियन (इंटक) के राष्ट्रीय सचिव ऋषि वर्मा, पंजाब इंटक के प्रधान हरकिशन सिंह विक्की व पंजाब  इंटक लोकल बॉडी के उपप्रधान  चन्द्र शेखर सहोता ने भी अपने अपने विचार रखे।

Saturday, December 02, 2017

नशे के चक्रव्यूह में फंसी अनीता शर्मा की जंग

सियासत और पूंजीवाद का मायाजाल-हर कदम पे धोखा 
लुधियाना: 30 नवम्बर 2017: (पंजाब स्क्रीन फीचर डेस्क)::
नशे की जंग चरमसीमा पर है। या तो नशा हार जायेगा या फिर यह दुनिया अपना भविष्य किसी अंधेरी सुरंग में ले जाएगी जिसका शायद अंत न हो।  जंग का ऐलान हो चुका है।  आरपार की रेखा खिंच चुकी है। इस तरफ कौन है और उस तरफ कौन यह भी अब सामने आने लगा है। सत्ता और सियासत कहां तक जा सकती है इसका पता अब आम इन्सान को भी लगने लगा है। धर्म के नाम पर क्या क्या हो सकता है यह भी अब खुल कर सामने आने लगा है। पूंजीवाद का करूप और घिनौना चेहरा एक बार फिर सामने आ रहा है। 
पूंजीवाद के इस दौर में फिर साफ़ हुआ है कि--बाप बड़ा न भैया--सबसे बढ़ा रुपैया 
हर हाल में पैसा चाहिए। खुद को भी और अपने ख़ास लोगों को साथ बनाये रखने के लिए भी। पैसे के लिए कुर्सी चाहिए और कुर्सी बचाने के लिए फिर और पैसा और इस पैसे के लिए नशे का कारोबार। दूसरा करेगा तो तस्करी और हम करेंगे तो आमदनी का स्रोत। नशे का कारोबार बचाना है और फैलाना भी है। इसके लिए गुंडे जरूरी हों या बदमाश सब करना होगा। नशे की यह लहर भी ज़ोरों पर है और इसके खिलाफ जंग भी ज़ोरों पर जारी है। 
नशे के खिलाफ जंग का जब भी ज़िक्र छिड़ेगा तो बहुत से नाम आएंगे जिन्होंने युवा वर्ग को नशे का गुलाम बनाने में कोई कसर न छोड़ी। 
जब इस हकीकत को पढ़ कर आने वाली पीढी को शर्म भी आयेगी और बेहद निराशा भी होगी तो एक नाम सकुन देगा--बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा का नाम। 
जन्मभूमि होशियारपुर और कर्मभूमि लुधियाना की एक सुविख्यात आर्किटेक्ट। आज सारा पंजाब और देश उस के लिए युद्धभूमि बन चूका है। देश को बचाना है-नशे को मार भगाना है-बस यही है जनून। लेकिन वायदे करने वाले लोग ज़्यादा और साथ देने वाले लोग कम। 
अनीता शर्मा चाहती तो हर रोज़ नक्शे बनाने की सलाह दे कर मोटी कमाई कर लेती लेकिन रास्ता चुना अंतर आत्मा की आवाज़ सुन कर। 
वह आवाज़ एक पुकार थी। उन परिवारों की पुकार जो नशे की लत ने उजाड़ दिए। नशे ने बहुत से घरों के चिराग बुझा दिए। बहुत सी माताओं से उनके लाल छीन लिए। बहुत सी बहनों के भाई खा लिए। बहुत से पिता बुढ़ापे में बेसहारा बना दिए। उनका दर्द पुकार रहा था कि कोई तो आये। कोई तो उनका दुःख सुने। कोई तो उठे। कोई तो इस नशे कारोबार को रोके। रास्ता मुश्किल था लेकिन पुकार लगातार आती रही। घर उजड़ते रहे। कारोबारी पैसा कमाते रहे। गांव गाँव से रुदन उठता रहा। रुदन  तेज़ होती रही। पर कौन सुनता! निमंत्रण तह था लेकिन अंगारों पर चलने वाली बात थी। 
--यह पुकार कहती रही---- 
इन्हीं पत्थरों पे चल कर गर हो सके तो आना,
मेरे घर के रास्ते में कोई कहकशां नहीं है....
...और अनीता  शर्मा चल पड़ी इस आवाज़ के पीछे--
बहुत से धोखे मिले। बहुत सी धमकियां मिलीं। बहुत से लालच और बहुत से दबाव। पति श्रीपाल ने लगातार साथ निभाया। सडक हादसे में बुरी तरह घायल हो कर भी अनीता शर्मा के मार्ग की चिंता की। 
मकसद नेक था लेकिन आसान नहीं थी। अनीता शर्मा भूल गई कि सियासत की दुनिया फरेब की दुनिया होती है। इस दुनिया में कोई किसी का नहीं होता। इस सियासत के माया जाल में जो होता है वो दिखता नहीं और जो दिखता है वो होता नहीं। समाज ने अनीता का कितना साथ दिया यह भी एक दिलचस्प कहानी लेकिन सियासत ने क्या क्या किया यह भी दर्दभरी रहसयमय दास्तान। 
अनीता शर्मा के साथ भी वही हुआ जो इस राह पर  चलने वालों के साथ अक्सर होता है।  विश्वासघात और धोखों की एक और दर्दनाक दास्तान जो आपके दिल को हिला कर रख देगी। 
अनीता शर्मा की जंग एक सम्वेदनशील मोड़ पर है। उस मोड़ पर जहां कुछ भी हो सकता है। हालात नाज़ूक हैं। क्या अनीता शर्मा जीत पायेगी यह जंग...? क्या आप उसे हारने देंगें? अगर वह हार गयी तो हार आपकी होगी ! क्या आप नशे के सौदागरों को जीतने देंगें?
फैसला आपके हाथ---नशे से बेहोश समाज या  नशा मुक्त दुनिया-----????

Thursday, July 27, 2017

मजदूरों की हर समस्या को हल करना ही इंटक का निशाना- अनीता शर्मा

Thu, Jul 27, 2017 at 3:05 PM
पूरे पंजाब में इंटक के सक्रिय होने का दावा 
लुधियाना: 27 जुलाई2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
कांग्रेस पार्टी से सबंधी ट्रेड यूनियन संगठन "इंटक" के दिनेश सुंदरियाल गुट ने पंजाब में अपनी पकड़ मज़बूत शुरू कर दी है। इस मकसद के लिए बाकायदा लुधियाना और चंडीगढ़ के अलग अलग विभागों में  मज़दूरों के पेंडिंग पड़े मामलों खंगाला जा रहा है। अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों और सबंधित विभागों के मंत्रियों तक सीधी पहुंच बनाई जा रही है। इसके साथ ही अन्य मज़दूर संगठनों की तरफ से उठाये गए मुद्दों को भी संयुक्त प्रयासों के अंतर्गत हल किया कराया जा रहा है। इस का संक्षिप्त विवरण स्थानीय जमालपुर में इंटक की बैठक में दिया गया। 
इस मीटिंग में मजदूरों की हित में कार्य करने और उनको पूरा मजदूरी और वेतन मिले इस विषय पर विस्तृत चर्चा भी की गई और मौजूदा प्रस्थितियों को ध्यान में नई रणनीति भी बनाई गयी।
इस बैठक में साँझा बयान जारी करते होये अनीता शर्मा पंजाब इंटक महिला की अध्यक्ष व् डॉ प्रदीप अग्रवाल प्रदेश् प्रवक्ता/जिला प्रधान ने कहा कि इंटक सारे देश में राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सुंदरियाल के नेतृत्व में कार्य कर रही है और यह मजदूरों के कल्याण के लिए और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है और मजदूरों की हर समस्या को हल करना ही इंटक का नारा है।  
दावा किया गया कि इंटक सारे पंजाब में जोर  शोर से  कार्य कर रही है और मजदूरों के अधिकारों के लिए इंटक हमेशा उनके साथ खड़ी है और सारे पंजाब में जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर कार्य कर रही है उन्होंने कहा कि इंटक राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सुंदरियाल पंजाब में इंटक को मजबूत करने के लिए पूरा सहयोग दे रहे हैं।


Wednesday, June 14, 2017

सरकार आज तक महिलाओं को सशक्त नहीं बना सकी-अनीता शर्मा

Wed, Jun 14, 2017 at 2:51 PM

बेलन ब्रिगेड लौटा अपने पुराने विद्रोही रंग में 

पूछा:निगम चुनावों में 50% आरक्षण महिलाओं को या पति को 
                                                                          Courtesy: Poster Women

लुधियाना: 14 जून 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
संघर्षों की आग में रह कर जन सेवा करने वाले लोगों को सुख सुविधाओं के जाल में फांस कर ज़्यादा देर तक कर्तव्य विमुख नहीं किया जा सकता।  अन्तर आत्मा की आवाज़ सुनाई देते ही वे फिर लौट आते हैं संघर्षों के मैदान में आर पार की जंग लड़ने।  कुछ ऐसा ही होता महसूस हो रहा है बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा और उनकी टीम के साथ जो बहुत से मुद्दों पर पिछले कुछ समय से खामोश चल रही थी या केवल संकेतिक विरोध कर रही थी। सुश्री शर्मा ने एक प्रेस वक्तव्य में पंजाब सरकार के एक फैसले को अपना निशाना बनाया है। मैडम अनीता ने कहा है कि पंजाब  सरकार ने विधान सभा में कानून पास किया है जिसके तहत नगर निगम चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत सीटें मिलेंगी। 
इसके साथ ही बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने अपनी आशंका को स्पष्ट करते हुए कहा है कि सरकार ने महिलाओं को नगर निगम में 50 प्रतिशत सीटों पर आरक्षण तो दे दिया है लेकिन सरकार आज तक महिलाओं को सशक्त नहीं बना सकी है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा है कि जो महिलाऐं नगर निगम में पार्षद हैं उनका सारा कार्य उनके पति करते है और उन्हें पति पार्षद का पद  दिया जाता है। कोई भी महिला आज पुरुष प्रधान समाज में अकेले राजनीति नहीं कर सकती। खासकर नगर निगम में महिला पार्षद अपने परिवार व पति के सहारे ही कार्य करती है। मैडम अनीता ने पूछा कि आखिर ऐसा क्यूं?
गौरतलब है कि मंच पर भाषण तो खूब दिए जाते है महिला सशक्तिकरण के लेकिन असलियत बिलकुल इससे परे है। और ये पार्षद प्रतिनिधि की प्रथा कोई नई नहीं है बरसो बरस से चली आ रही है पार्षद पुत्र,पार्षद पिता, पार्षद पति की ये प्रथा आखिर कब खत्म होगी इसका कोई स्थाई हल तो हमारे राजनेताओ को ही ढूंढना होगा। यह पुरुष प्रधान सिस्टम किसी एक ज़िले मैं नहीं तकरीबन देश भर में इसी तरह चल रहा है। 

उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनावों में सभी राजनैतिक पार्टियों के नेता चुनाव लड़ने के चाहवान होते है और अपनी पार्टी से पार्षद की टिकट लेने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा देते है। प्रभावशाली लोग चूल्हे चौंके पर काम करने वाली घर की गृहणी को ही पार्षद का चुनाव लड़ा देते हैं और चुनाव जीतने के बाद महिला पर्षद अपने पति के कंधे पर हाथ रख कर काम करती हैं। मैडम ने पूछा कि आखिर क्यूं  छीन ली जाती है उनकी स्वतंत्र सोच और कार्यशैली?

कुछ माह पूर्व राजस्थान में इसी आशय की आवाज़ बुलंद हुई थी। वहां बीकानेर जिले में ऐसे कितने ही वार्ड है जिनमें पार्षद महिलाएं है पर इनकों स्वतंत्र कार्य की अनुमती नहीं मिल रही है क्यूंकि यहां भी पार्षद प्रतिनिधि के दबाव में ही हर कार्य किया जाता है। यह सब इतना ज़ोर पकड़ चूका है कि क्षेत्र के सारे अहम फैसले भी पार्षद प्रतिनिधि ही लेता है। वास्तव में यह देश भर की एक गंभीर समस्या है। एक तरफ केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे है लेकिन सरकार के इन मंसुबों को पार्षद पति, पिता ,पुत्र (पार्षद प्रतिनधि) ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में नहीं लागु होने दे रहे है। आखिर पुरुषों के अपने रसूख होते हैं जिनको संभालना उनकी पहली ज़िम्मेदारी होती है। तों ऐसे में आाखिर कब होगी पार्षद पति, पिता,पुत्र संस्कृति की ये प्रथा खत्म ???
अपने इन लोगों के बारे में तो अक्सर कथा कथाओं में सुना होगा उमापति, रमापति, कमलापति, लक्ष्मीपति, कुंती पति इतियादी। राष्ट्र का संवैधानिक मुखिया आमतौर पर राष्ट्रपति कहलाता है। विश्वविद्यालय में कुलपति और उपकुलपति के पद भी होते हैं। धनवान लोगों को लखपति करोड़पति अरबपति कहने की परम्परा भी सदियों से चलती आ रही है लेकिन यह पार्षद पति, पार्षद पिता, पार्षद पुत्र आखिर क्या बला है? क्या यह सब महुला अधिकारों पर सदियों से चले आ रहे वर्चस्व को और मज़बूत बनाने की कुप्रथा है? अगर इसी तरह महिला को अक्षम, अपाहिज, अज्ञानी साबित करने के लिए यह सब चल रहा है तो मत दो महिला को दया की यह भीख। जब महिला में शक्ति आएगी वह यह सब खुद ही छीन लेगी। इन आडंबरों से महिला के क्रोध को शांत मत करो।

अनीता शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि सभी राजनैतिक पार्टियां केवल उन्ही महिलाओं को टिकट दें जो पहले ही घरों से बाहर रहकर समाज सेवा कर रही है तभी महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा नहीं तो इस आरक्षण महिलाओं के नाम पर पुरुष ही इसका लाभ उठाएंगे। इसके साथ हीयहनने यह सब कहा कि  बेलन ब्रिगेड यह सब होने नहीं देगा।  

Monday, May 22, 2017

सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन

इंटक के दिनेश गुट ने दी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि 
लुधियाना: 21 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
जून 1984 के बाद जब समुचित सिख समुदाय कांग्रेस से टूट गया था और 31 अक्टूबर को तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद अलगाव की यह खायी और गहरी हो गई थी। न सिख श्री अकाल तख्त साहिब की तबाही भूल सके और न ही कांग्रेस सुश्री इंदिरा गाँधी की हत्या को भूल सकी। नवंबर-84 की घटनाओं ने तो देश के इतिहास में दर्द से भरे वो पन्ने जोड़ दिए जिन्हें लाख कोशिशों के बाद भी अब तक हटाया नहीं जा सका। ऐसे नाज़ुक हालात में पंजाब समझौता करने वाले राजीव गांधी में जो जो सियासी खूबियां थीं उनको उनके विरोधी भी मानते हैं। संत लोंगोवाल और राजीव गाँधी के दरम्यान समझौते `की तस्वीर एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ बन कर सामने आयी। विवादों और विरोधों के बावजूद राजीव गांधी का सत्ता काल ऐतिहासिक बना रहेगा।  अमेरिका के साफ़ इंकार के बावजूद भारत ने अगर दुनिया में अपना पहला सुपर कंप्यूटर बना लिया था तो इस सारे प्रयास में राजीव गांधी की चाहत जनून की तरह काम कर रही थी। सभी विकसित देशों ने  जब इसका प्रदर्शन देखा तो मुंह में उंगलियां दबा ली थी। पहले सुपर कंप्यूटर को “8000 परम”का नाम दिया गया था। इन सभी बातों को कांग्रेस पार्टी उनकी पुण्यतिथि पर उठाने में भी नाकाम रही। 
पायलट के हवाई आकाश को छोड़ कर राजनीति में आए राजीव गांधी के प्रशंसकों ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि आतंकवादी हमले में हुई हत्या के बाद उनकी पार्टी कांग्रेस धीरे धीरे भुला देगी। बेशक देश में कांग्रेस की सत्ता नहीं है लेकिन पंजाब में तो है। इसके बावजूद राजीव गाँधी की स्मृति में लुधियाना में कोई बड़ा कार्यक्रम होने की जानकारी नहीं मिली।  
इंटक के दिनेश सुंदरियाल इस संबंध में एक आयोजन अवश्य किया लेकिन इसकी जानकारी भी कार्यक्रम होने के बाद दी गयी। इसमें भी इंटक के बहुत से कार्यकर्ता और नेता नज़र नहीं आए। कुछ अन्य संगठनों ने भी इसी तरह अलग अलग आयोजन किये। 
इस आयोजन के ज़रिये कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक ने आज समराला चौक स्थित डॉ प्रदीप अग्रवाल के कार्यालय में श्री राजीव गांधी जी को श्रदांजलि दी। डॉ अग्रवाल ने कहा कि रजीव गांधी विश्व के सबसे बड़े लोकतन्त्र भारत के एकमात्र ऐसे युवा प्रधानमन्त्री थे, जिनकी उदार सोच, स्वप्नदर्शी व्यापक दृष्टि ने भारतवर्ष को एक नयी ऊर्जा और एक नयी शक्ति दी  कि देश को विश्व के अन्य उन्नत राष्ट्रों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर देने वाले सबसे कम उम्र के वे ऐसे प्रधानमन्त्री थे, जिन्होंने इक्कीसवीं सदी का स्वप्न देते हुए भारत को वैज्ञानिक दिशा दी।  इंटक के महिला विंग की अध्यक्षा अनीता शर्मा ने कहा कि आज भी श्री राजीव गांधी हम में हैं। इस मौके पर इंटक टीम के अन्य लोगों ने भी अपने महबूब नेता को श्रद्धांजलि दी। इंटक के राज्य उप प्रधान जोगिन्दर सिंह टाइगर, स्टेट जनरल सेक्टरी फिरोज मास्टर,शिव चरण थापर कोर  मेंबर, विकास गुप्ता, राजीव शर्मा, अशोक बंसल ,रविंदर कौर थापर, विशाल पराशर, संजीव जोल्ली, अशवनी शर्मा और अन्य सदस्य भी शामिल थे। अब देखना यह है कि सत्ता के बावजूद नया नेता पैदा किये बिना पुराने नेताओं को भूलने की यह सोच कांग्रेस को किस अंजाम की तरफ ले जाएगी? अगर यही सब होता रहा तो गुटबंदियों और व्यक्तिगत रंजिशों में उलझी कांग्रेस शायद सत्ता का लाभ उठा कर भी खुद को मज़बूत न कर सके। 
सत्ता के बावजूद 21 मई को कांग्रेस नहीं कर सकी कोई बड़ा आयोजन 

Tuesday, May 02, 2017

May Day:'इंटक" के मंच से हुआ वृद्ध स्वतंत्रता सेनानी का अपमान

अनीता शर्मा के ज़ोर देने पर किया गया उसी स्वतंत्र सेनानी का सम्मान
कौन हैं यह बाबा-क्या है इतिहास में इनका रोल-देखिये मैडम अनीता शर्मा के साथ एक पुरानी वीडियो 
लुधियाना: 1 मई 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम)::  For More Pics Please Click here
इंटक के एक विवादित गुट ने अपने बहादर के रोड पर हुए आयोजन के मंच से एक बेहद वृद्ध व्यक्ति का लगातार अपमान किया जो खुद को स्वतंत्रता सेनानी होने का दावा भी कर रहा था। इस अपमान को अनीता शर्मा ने बहुत जद्दोजहद करके और बाद में शर्म के मारे इन नेताओं ने उसी वृद्ध का मंच से नीचे आ कर सम्मान भी किया और अपनी भूल भी स्वीकार की। यह सब मई दिवस के पावन अवसर पर हुआ। मंच पर नेताओं के सम्मान का घमसान मचा रहा और सम्मान चिन्ह के दोशाले मंच से भीड़ की तरफ अपने ख़ास लोगों की तरफ जूतों की तरह फेंके जाते रहे। हरियाणा की खटटर सरकार के बयान का मई दिवस के हर आयोजन में तीखा विरोध हुआ लेकिन इंटक के इस गुट ने अपने इस आयोजन में इस पर एक शब्द बोलना भी उचित नहीं समझा।  गौरतलब है कि खुद को सेकुलर कहने वाले इंटक के इस विवादित गुट ने बहादर के रोड का आयोजन वाम दलों के केंद्र में सेंध लगा कर किया था जो बुरी तरह से फ्लॉप रहा।
INTUC: ਪਰਮਿੰਦਰ ਪੱਪੂ ਨੂੰ ਹਟਾਇਆ ਮਾਲਵਾ ਜ਼ੋਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਵਾਲੇ ਅਹੁਦੇ ਤੋਂ 
गौरतलब है कि इस जगह अक्सर एटक की तरफ से मई दिवस मनाया जाता था। उस समय यहां पांव रखने की जगह भी नहीं होती थी। यह सब देख कर इंटक के इस गुट को लगा कि यहां के नेताओं को  साथ मिला लिया जाये तो मज़दूरों की बहुत बड़ी संख्या अपने कब्ज़े में आ जाएगी और ऐतिहासिक कार्यक्रम होगा लेकिन एटक का समर्पित केडर यहां आने की बजाये नगर निगम ज़ोन ए में हुए सफल आयोजन में शामिल हुआ। यहां इंटक के कार्यक्रम में कुर्सियां आखिर तक खाली रहीं। शो बुरी तरह फ्लॉप हुआ।  
इसी बीच कार्यक्रम में कांग्रेस का नाम सुन कर यहां एक बहुत ही वृद्ध व्यक्ति आ पहुंचा जिसे आप तस्वीरों में भी देख सकते हैं। उसका दावा है कि उसने तेजा सिंह स्वतंत्र जैसे जाने माने वाम स्वंतन्त्रता सेनानी के साथ जेल काटी है। अंग्रेज़ों के साथ युद्ध के समय कुछ देश विरोधियों की हत्याएं भी की हैं। वह दो शब्द कहना चाहता था माईक पर लेकिन सम्मान के घमसान में व्यस्त इन नेताओं ने उसकी एक न सुनी।  इसकी सूचना मंच संचालकों के साथ साथ मंच पर काबिज़ वरिष्ठ नेताओं तक भी पहुंचाई गयी लेकिन किसी की न सुनी गयी क्यूंकि सम्मान की होड़ से किसी को वहां फुर्सत ही न थी।  
नाम लेने और सम्मान करने कराने का यह सिलसिला इतना अस्त व्यस्त था कि ऊषा मल्होत्रा और कई अन्य लोग बीच में ही उठ कर चले गए। एम एल ए संजीव तलवाड़ नाम लेते लेते रुआंसे हो आये और झट से अपना भाषण समाप्त कर वहां से निकलते बने।  उनके चेहरे पर आई निराशा और आक्रोश को साफ़ देखा जा सकता था। इंटक के महिला विंग के प्रांतीय प्रधान अनीता शर्मा के ज़ोर देने पर जब कार्यक्रम समाप्त हो चुका तो माईक उसी वृद्ध के हाथों थमा दिया गया जो काफी देर से नीचे खड़ा केवल दो मिंट की मांग कर रहा था। माईक  थमाने के साथ ही मंच से रौशनी बंद कर दी गयी। इस अपमानजनक स्थिति पर उस वृद्ध को भी बुरा लगा और उसने छूटते ही कहा चोर उचक्का चौधरी ते गुंडी रन प्रधान। इस बात से सभी का माथा ठनका और स्वयं दिनेश शर्मा सुन्द्रियाल सहित वृद्ध के पास पहुंचे। यहाँ भी सभी ने सेल्फी लेनी शुरू कर दी। उस वृद्ध का सम्मान भी किया। कुछ पल बाद दिनेश शर्मा ने इस पर मंच की गलति का अहसास भी किया लेकिन स्थानीय आयोजकों को इस का ज़रा भी अहसास नहीं हुआ। वे सब गौरवमयी ढंग से चल रहे थे। अंधेरा होते ही सभी नेता लोग घर चले गए मास्टर फ़िरोज़ टेंट और कुर्सियां उठवाने में अपनी ज़िम्मेदारी निभाने लगे। आखिर उन्होंने इस फ्लॉप शो के खर्चे तो उठाने ही थे। मास्टर फ़िरोज़ भी इस सारे घटनाक्रम से बुरी तरह निराश और हताश नज़र आये।  आखिर अनीता शर्मा, श्री पाल शर्मा और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें जा कर दिलासा दिया। अब मई दिवस पर एक नया आयोजन होने की चर्चा है इसी महीने के मध्य में।  उसकी जगह और कार्यक्रम फाईनल  होते ही इसकी सूचना सभी को दी जाएगी। मई दिवस के नाम पर सम्मान के घमसान के यह फ्लाप  शो सभी याद रहेगा पर कुछ स्थानीय नेताओं को छोड़ कर क्यूंकि उनमें संवेदना या अहसास नाम की कोई चीज़ नहीं है। 
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(पंजाब स्क्रीन टीम: प्रदीप शर्मा, ओंकार सिंह पूरी, रेक्टर कथूरिया)

INTUC: ਪਰਮਿੰਦਰ ਪੱਪੂ ਨੂੰ ਹਟਾਇਆ ਮਾਲਵਾ ਜ਼ੋਨ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਵਾਲੇ ਅਹੁਦੇ ਤੋਂ 


Tuesday, April 04, 2017

"इंटक" के नाम पर लगाई गई "आप" और वाम दलों में सेंध?

इंटक के वरिष्ठ नेतायों  ने नई नियुक्तियों से पल्ला झाड़ा 
लुधियाना: 4  अप्रैल 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
सत्ता सम्भालने के तुरन्त बाद कांग्रेस ने अपने मज़दूर विंग इंडियन ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के ज़रिये भी अपना जनाधार मज़बूत करना शुरू कर दिया है। सुविज्ञ सूत्रों की माने तो इस मकसद के लिए उन सभी लोगों की एक लिस्ट बनाई गयी है जो समाज में सक्रिय हो कर कार्य कर रहे हैं और किसी न किसी क्षेत्र में अच्छा नाम कमा चुके हैं। इस लिस्ट को बनाने और इसमें से ख़ास ख़ास लोगों को छांट कर इंटक के ज़रिये कांग्रेस के साथ जोड़ने का अभियान बड़े पैमाने पर शुरू हो चुका है। लुधियाना की हौजरी इंडस्ट्री के मास्टर फ़िरोज़ और नशे के खिलाफ सफल अभियान चलाने वाले संगठन बेलन ब्रिगेड की अनीता शर्मा को सफलता के साथ इंटक के साथ जोड़ा जा चुका है। इस सबन्ध में कई और नियुक्तियां भी हुईं हैं पर क्या इन नियुक्तियों को करने वाले लोग खुद इस मकसद के लिए अधिकृत हैं? यदि राष्ट्रिय अध्यक्ष दिनेश शर्मा हैं तो फिर संसद सदस्य जी संजीवा रेडी कौन हैं जिन्हें इंटक की वेबसाईट पर राष्ट्रिय प्रधान दिखाया गया है? इंटक के पुराने नेता सरबजीत सिंह सरहाली ने कहा है कि हमारे वास्तविक प्रधान संजीवा रेडी ही हैं और नयी नियुक्तियों में सक्रिय लोगो से हमारा कोई सम्बन्ध नहीं। उन्होंने कहा कि  यह लोग पहले भी इस तरह की कोशिशें कर  चुके है। 
गौरतलब है कि बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा को इंटक के महिला विंग का प्रांतीय अध्यक्ष बनाया गया है जबकि मास्टर फ़िरोज़ को इंटक की पंजाब इकाई का महासचिव बनाया गया है। मास्टर फ़िरोज़ और अनीता शर्मा-इन दोनों नेतायों ने आम जनता के साथ बहुत गहरायी से एकजुट हो कर काम किया है। इनको अपने एक एक सदस्य के साथ साथ अन्य लोगों की दयनीय हालत का भी अहसास होता है। इस लिए इनके साथ काम कर चुके लोग इनका सम्मान भी करते हैं। दिलचस्प बात है कि आम आदमी पार्टी मैडम अनीता शर्मा के इस अनुभव का फायदा नहीं उठा सकी और सी पी आई मास्टर फ़िरोज़ के जनाधार की समस्याएं हल करने करवाने में नाकाम रही। परिणाम यह हुआ कि अब ये दोनों नेता भी इंटक के साथ हैं। दोनों को इंटक से काफी उम्मीदें भी हैं पर क्या यह सब इतना आसान होगा? क्या इनको अपने साथ जोड़ने वाली इंटक के नेता सचमुच इस मकसद का अधिकार रखते हैं? 
इंटक चूंकि एक मज़दूर संगठन है इस लिए इसका मुख्य जनाधार भी आम मज़दूर ही हैं। इन मज़दूरों में बहुत से ऐसे हैं जिनके घरों की हालत दयनीय है। ठेकेदारी सिस्टम के चलते इनको पूरा वेतन नहीं मिल पाता। जो मिलता है वो भी शराब के सेवन में उड़ जाता  है। सीवरेज की सफाई के दौरान बहुत से मज़दूर मौत के मुँह में जा चुके हैं और बहुत से गंभीर बिमारियों का शिकार हो चुके हैं। क्या इंटक के नाम पर सक्रिय नया या पुराना गुट इस मकसद के लिए संघर्ष कर पायेगा? अभी भी बहुत से सरकारी और गैर सरकारी मुलाज़िमों/मज़दूरों को बहुत सी समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है क्या उन्हें इन्साफ मिलेगा? अमृतसर और मुंबई में वामपंथी मज़दूर संगठन एटक ने घरों में काम करने वाली महिलायों को एकजुट करके उन्हें संगठित किया है और उनके अधिकारों की जंग लड़ी जा रही है क्या इंटक के इन नए नेतायों के पास ऐसा कोई रेकार्ड या कार्ययोजना है?
इसके साथ ही उल्लेखनीय है कि जब दो सितम्बर की देशव्यापी हड़ताल हुई थी तो दोनों बार भारतीय मज़दूर संघ ऐन मौके पर उस हड़ताल से अलग हो गया था लेकिन इंटक ने अन्य मज़दूर संग्रहणों का साथ दिया। इससे मज़दूर भाईचारे में एकता की एक भावना मज़बूत हुई। क्या अब आम आदमी पार्टी और वाम दलों में सेंध लगा कर की जा रही नियुक्तियां इस भाईचारे को नुकसान  नहीं पहुँचायेगी? इन मज़दूर संगठनों में से कौन ज़्यादा शक्तिशाली बन कर सामने आएगा इसका फैसला जहाँ संघर्ष की दृढ़ता करेगी वहीँ कुछ सप्ताह बाद आने वाले मई दिवस पर होने वाली जनतक रैलियों भी बताएंगी कि किसके साथ है मज़दूरों की शक्ति?  
इस सम्बन्ध में पूछे जाने पर इंटक के महिला विंग की नव नियुक्त राज्य प्रधान अनीता शर्मा ने कहा कि श्री रेडी पर कोई मुकद्दमा चल रहा है इस लिए पार्टी हाई कमान ने यह ज़िम्मेदारी श्री दिनेश को सौंपी है। उन्होंने दावा किया कि  राष्ट्रीय प्रधान दिनेश शर्मा सुंदरियाल ही हैं। दूसरी तरफ श्री सरहाली ने कहा कि इंटक के राष्ट्रीय प्रधान हैं-जी संजीव रेडी, पंजाब के अध्यक्ष हैं सुभाष शर्मा, इंटक पंजाब के उपाध्यक्ष हैं-सरबजीत सरहाली, इंटक लुधियाना के प्रधान हैं-धर्मचन्द, इंटक लुधियाना के वर्किंग प्रेजिडेंट हैं-गुरजीत सिंह जगपाल और लुधियाना इंटक के महसचिव हैं-सुरेश सूद।
अब देखना है कि  कांग्रेस पार्टी की हाई कमान इस मामले पर क्या रुख अपनाती है?



श्री राम कथा में दीदी गायत्री ने सभी को किया मन्त्र मुग्ध

बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा ने भी लिया भगवान का आशीर्वाद 
लुधियाना: 3 अप्रैल 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम):: 
नवरात्र के पावन अवसर पर लुधियाना में भी राम नाम की गंगा निरन्तर बह रही है। जगह जगह कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। कारोबारियों का शहर लुधियाना आध्यत्मिक रंग में रंगा हुआ है। इसी सिलसिले में श्री राम कथा का आयोजन हैबोवाल कलां टैंकी वाला पार्क में श्री राम महोत्सव कमेटी की ओर से भी हुआ। इसमें बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा भी विशेष तौर पर शामिल हुईं। कांग्रेस समर्थक मज़दूर संगठन इंटक के महिला विंग का प्रांतीय अध्यक्ष बनने के बाद किसी पब्लिक कार्यक्रम में अनीता शर्मा की यह पहली शमूलियत है। उन्होंने भगवान के चरणों में वन्दन करते हुए मज़दूरों के भले के लिए कुछ ठोस कर दिखाने की शक्ति भी मांगी। बहुत से अन्य धार्मिक, समाजिक और सियासी लोग भी इस दरबार में हाज़री लगवाने पहुंचे। 
इस कार्यक्रम के आयोजन में भी बार बार याद दिलाया गया कि भगवान राम का चरित्र विश्व में सबसे महान है। मर्यदा पुरषोत्तम भगवान राम के पूरे जीवन चरित्र से मानव को बेहद प्रेरणाएं मिलती हैं जिनसे चरित्र को ऊंचा उठाया जा सकता है। वक्तायों ने ज़ोर दिया कि हमें भगवान राम के जीवन चरित्र का अनुसरण करना चाहिए। यह भाव भक्ति योग फाउंडेशन की संस्थापिका गायत्री दीदी ने हैबोवाल कलां टैंकी वाला पार्क में श्री राम महोत्सव कमेटी की ओर से प्रधान सुरिंदर पाल शर्मा की अध्यक्षता में जारी श्री राम कथा के चौथे दिन उपस्थित भक्तों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए प्रकट किए। गायत्री दीदी ने कहा कि हमें धार्मिक स्थल पर जाकर वहां की भव्यता नहीं बल्कि दिव्यता की बात करनी चाहिए। मीडिया से एक भेंट के दौरान दीदी गायत्री ने कहा धर्म की दिव्यता का अहसास उसे जीवन में उतारने से होगा। भगवान की चर्चा और धर्म स्थल तो हमें केवल रास्ता दिखाते हैं इन पर चलना तो हमें खुद ही होगा। उन्होंने कहा कि परिवारों में होती कलह और झगड़ों में अपनी ऊर्जा मत गंवायो। खुद ही खुद को नहीं सम्भल पयोगे तो देश को क्या संभालोगे? देश का क्या सँवारोगे? उन्होंने याद दिलाया कि अक्सर मानव अज्ञानता वश मंदिर में जाकर भी भगवान की प्रतिमाओं की सुंदरता का बखान करना शुरू कर देता है जबकि उसे भगवान की दिव्यता का ध्यान करना चाहिए। इस दौरान चेयरमैन सुनील सिंगला, प्रधान सुरिंदर पाल शर्मा, उत्तम चंद जुमवाल, जगदीश भाटिया, पवन सहदेव, अंजलि ठुकराल, अशोक शर्मा, केवल कृष्ण मोदी, सुनील मेहता, शिव कुमार गुप्ता, अशोक गुप्ता, अविनाश चावला ने मेहमानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।कुल मिला कर आयोजन कामयाब रहा। 

Saturday, April 01, 2017

भाजपा की है राम मन्दिर के नाम पर मारकाट की साज़िश-इंटक

पंजाब के साथ कांग्रेस का हर वायदा पूरा होगा-इंटक नेता दिनेश शर्मा
ट्रांसपोर्ट माफिया पर भी कसा जायेगा शिकंजा-दीपिंदर ढिल्लों 
ज़ीरकपुर (चंडीगढ़): 1 अप्रैल 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
कांग्रेस के नेतायों ने अपने  रवैये और कार्यशैली में नयी तबदीलियों लाते हुए तेज़ी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के मज़दूर विंग इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस ( इंटक) ने अपने संगठन को नव जीवन देने के लिए जहाँ कुछ फेरबदल किये हैं वही कुछ नयी नियुक्तियां भी की हैं। इस मौके पर इंटक के नेतायों ने कहा है कि पंजाब के लोगों से जो वायदे किये गए थे वो सभी वायदे पूरे किये जायेंगे। इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि पंजाब के जल और जवानी दोनों को बचाया जायेगा। मीडिया वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि राम मन्दिर तो बीजेपी ने बनाना नहीं हाँ इसके नाम पर मारकाट की राजनीति करने की तैयारियां फिर ज़ोरों पर हैं जिनको हम सफल नहीं होने देंगें। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैप्टन अमरेन्द्र सिंह के नज़दीकी जाने जाते दीपिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में ट्रांसपोर्ट माफिया भी तोडा जायेगा। 
युवा नेता कर्ण बेदी को पंजाब इंटक का सचिव बनाया गया है। बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा को इंटक की महिला शाखा का प्रांतीय अध्यक्ष बनाया गया है।  किसी समय आम आदमी पार्टी को स्थापित करने में सक्रिय भूमिका निभाने और फिर विद्रोह की आवाज़ बुलन्द करने वाले परमिंदर पप्पु को मालवा ज़ोन का अध्यक्ष बनाया गया है।  उनके अधीन अब आठ ज़िले होंगें। इसी तरह कुछ और नियुक्तियों को घोषणा आज ज़ीरकपुर में हुई एक विशेष सभा में की गयीं।
इस नियुक्ति के बाद उत्साहित नज़र आयी अनीता शर्मा ने कहा इतनी बड़ी पार्टी का साथ मिलना वास्तव में बेलन ब्रिगेड की नीतियों और संघर्ष का ही सुखद परिणाम है। अब पंजाब के मज़दूरों को उनकी पूरी कमाई और पूरा हक दिलाने के प्रयास और तेज़ होंगें। उन की मेहनत की कमाई को नशे के सौदागरों के पास नहीं जाने दिया जायेगा। बीमारी और अन्य
 इस अवसर पर मज़दूरों को उनका हक दिलाने के लिए संकल्प भी दोहराया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा सहित कई अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद थे। इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दीपिंदर सिंह ढिल्लों, सचिन शर्मा, संजीव शर्मा, प्रदीप अग्रवाल और कई अन्य लोग भी मौजूद थे। 

Sunday, March 05, 2017

विवाह के वचनों की क़ानूनी सुरक्षा मज़बूत करने का अभियान शुरू

बेलन ब्रिगेड ने बजाया नई महिला जंग का बिगुल 
लुधियाना: 4 मार्च 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::  For more photos please click here 
अग्नि के समक्ष लिए गए सात फेरों या आनन्द कारज के अंतर्गत हुई लावां फेरों की रस्म को धत्ता बताते हुए वैवाहिक जीबन को तहस नहस करने वालों को अब बेलन ब्रिगेड ने आड़े हाथों लेने का ऐलान किया है। ब्रिगेड ने मांग की है कि इन फेरो में दिए जाते वचनों को ऐफिडेविट के ज़रिये  सुरक्षा और मान्यता प्रदान की जाये। ब्रिगेड ने आज सर्कट हाऊस में एक प्रेस कांफ्रेंस करके कि  किस तरह महिलायों की ज़िन्दगी एक श्राप बन चुकी है और उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इसके साथ ही ब्रिगेड ने याद दिलाया कि इतिहास गवाह है कि पुराने वक्त में भी महिलाये मर्दो से ज्यादा काम करती थी और आज भी हालत में कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ। इस मीडिया  मीट में ब्रिगेड की प्रमुख अनीता शर्मा, उनकी राईट  हैंड कोमल शर्मा,  शोभा दीदी और कुछ अन्य प्रमुख महिलाये मौजूद थीं।    For more photos please click here 
ब्रिगेड ने कहा कि दूल्हा व दुल्हन फेरो के वक्त कलयुग में अग्नि को साक्षी मानकर मौखिक वचन देने की परम्परा को छोड़ कर बाकायदा ऐफिडेविट दें।  For more photos please click here 
इस अबसर पर संस्था की राष्ट्रीय अध्य्क्ष आर्किटेक्ट अनीता शर्मा ने कहा कि 18 वी सदी में महिलाये घर में रह कर ही काम करती थी, सारी जिंदगी घूंघट में ही निकाल देती थीं और उन्हें एक मिनट भी काम से फुर्सत नहीं मिलती थी। कुंए से पानी लाना, लकड़ी से चूल्हे पर खाना बनाना, कच्चे घरों को लीपना पोतना, पूरे परिवार की देखभाल करनी और 8 -10 बच्चो को जन्म देना और उनका पालन पोषण करना होता था। इतिहास गवाह है कि पुराने वक्त में भी महिलाये मर्दो से ज्यादा काम करती थी। मर्द तो केवल जंगलों में दिन भर घूम कर फल और जानवरो का शिकार करके लाते थे।  For more photos please click here 
आज 21 वी शताब्दी में सब कुछ बदल गया है महिलाऐं आज आधुनिक तौर के तरीके से घर का काम कर रही है और घरो की चार दिवारी से बाहर आ चुकी है लेकिन दुर्भाग्य से आज भी नारी को मर्दो की गुलामी में जीवन जीना पड़ रहा है महिलायो को मर्दो की सलाह से ही काम  करना पड़ता है यहाँ तक की बच्चे की माँ बंनने के लिए भी नारी को पति की स्वीकृति जरूरी है यदि पति नहीं चाहेगा तो एक औरत अपनी इच्छा से माँ भी नहीं बन सकती उसे गर्भ रखना है या गर्भपात कराना है यह भी मर्दो की इच्छा पर ही निर्भर करता है। 
अनीता शर्मा ने कहा कि अदालतों में महिलायों को सबसे ज्यादा जलील होना पड़ता है और धक्के खाने पड़ते हैं। घरेलू हिंसा और तलाक के मामलों में एक औरत को कई कई वर्ष इन्साफ नहीं मिलता।  वे अपने बच्चे को गोद में उठाये अपना व बच्चे का खर्चा लेने के लिए अदालतों व वकीलो के चक्कर काट काट कर अपनी जिंदगी को नरक बना लेती हैं और उन्हें कई कई साल तक तलाक के मामले में खर्चा तक नहीं मिलता। सारा केस वकीलों की बहस और जज की नासमझी की भेंट चढ़ जाता है और जिंदगी बर्बाद हो जाती है एक माँ और बच्चों की। इन तलाक के मामलो में एक अबला नारी की जो दुर्दशा भारतीय अदालतों में इन्साफ के लिए होती है उस पर आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। For more photos please click here 
मैडम शर्मा ने कहा कि शादी से पहले लड़के के माँ बाप रिश्तेदार कहते है कि लड़का हज़ारों रूपए कमाता है , अपना घर है, फैक्टरी है लेकिन जब तलाक की नोबत आती है तो लड़के के घर वाले उसे बेदखल कर देते है अब लड़का कोई काम नहीं करता क्योकि असल में वह अपनी पत्नी व बच्चे को कोई खर्च नहीं देना चाहता। शादी से पहले लाखों करोड़ों कमाने वाला दूल्हा अपने आप को वकील साहिब की मदद से जज के सामने कंगाल घोषित कर  देता है।  For more photos please click here 
हज़ारो वर्ष पहले सतयुग में वेदों के काल में हिन्दू लोग शादी में फेरो के वक्त दूल्हा व दुल्हन अग्नि को साक्षी मान कर एक दुसरे को वचन देते थे और जिदगी भर उसका पालन करते थे और आज कलयुग में यहां लोग झूठ फरेव में जीवन जी  रहे है माँ बाप भाई बहन एक दुसरे को धोखा दे रहे है और यही  शादी में फेरो के वक्त मौखिक वचन देने वाले पति पत्नी शादी के बाद मुकर जाते है लड़का व लड़की एक दुसरे पर दोष लगाते है। इसलिए अब शादी के वक्त फेरो के समय कलयुग में  मौखिक वचन देने की परम्परा को छोड़  कर दूल्हा व दुल्हन एफिडैविट पर अपने वचनों पर  साइन करे ताकि शादी के बाद तलाक की नोबत आने पर अपने वचनों से मुकरे नहीं। For more photos please click here 
अनीता शर्मा ने कहा कि नारी जो माँ है, बेटी है, बहू है, बहन है लेकिन पुरुष प्रधान समाज में उसको आज भी भोग की ही वस्तु समझा जाता है। हर कोई इन्सान उसको अपने वश में करने की युक्ति लगाता रहता है। यही कारण है कि नारी की सोच, ज्ञान, ममता, सहनशीलता और मान मर्यादा का लोग गलत अर्थ लगाते है, उसका नाजायज फायदा उठाते है और उसे कमजोर समझते है। जबकि हकीकत में नारी कमजोर नहीं है। लगातार 9 महीने तक बच्चे को अपने पेट में पाल कर और बच्चे के जन्म के समय वह अपनी आँखों के सामने ही बच्चे को जन्म देने के लिए अपना पेट चिरवा लेती है इससे बड़ा हिम्मत और बड़े जिगर वाला कौन सा प्राणी होगा?   For more photos please click here 
जो मर्द शराबी, नशेड़ी, कामचोर, जुआरी व रंडीबाज है और घर में माँ बाप, पत्नी व बच्चो को खर्च नहीं देता इस हालात में  मर्द के इस निकम्मेपन का खामियाजा भी  औरत को भुगतना पड़ता है। 
पुरूष समाज ताकतवर है क्योकि वह रुपये कमाता है और नारी रुपया नहीं कमाती इसलिए कमजोर है और घर के खर्चे के लिए मर्दो के मुँह की तरफ देखती है। अब वक्त आ गया है नारी समाज को जागना पड़ेगा अपने हक़ के लिए लड़ना होगा उन्हें खुद रोज़गार करना होगा रुपया कमाना होगा ताकि महिलाओं को घर परिवार चलाने के लिए मर्दो की मोहताज न होना पड़े।   For more photos please click here 
नवकिरन वूमेन वेलफेयर एसोसिएशनबेलन ब्रिगेड ने महिला सशक्तिकरण तथा उन्हें रोज़गार उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है ताकि किसी भी महिला को पुरूषों की कमाई से घर परिवार चलाने के लिए मुँह न ताकना पड़े।  For more photos please click here 
शादी से पहले लड़की वाले जिस लड़के से शादी हो उसके माँ बाप से लड़के के कारोबार व उसकी प्रोपेर्टी चल अचल का ऐफिडेविट ले तांकि तलाक के वक्त पत्नी व बच्चे को खर्चा देने से न भागे और लड़के व लड़की का मेडिकल भी शादी से पहले होना चाहिए। For more photos please click here 
इसलिए संस्था की तरफ से अदालतों में लटके हुए महिलायों के तलाक व खर्चे के केसों को निपटाना, नशे से बर्बाद हो रहे घर परिवार और महिलायो को इस से बचाना मुख्य एजंडे पर रहेगा। हर औरत खुद काम करे, रुपया कमाये इसलिए हर वर्ग की  महिलायो को रोज़गार व नौकरी उपलब्ध कराना हमारा उद्देश्य है। 
इस अवसर पर कोमल शर्मा, शोभा दीदी, रीमा, शिहान पंकज साहनी, हेम लता, जगदीश कौर आदि ने अपने विचार रखे।  For more photos please click here