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Sunday, August 04, 2024

पहले कार तोड़ी ,डंडो से पीटा फिर उल्टा पुलिस से भी प्रताड़ित करवाया

 Saturday 3rd August 2024 at 19:28 

कादियां सरपंच ने मीडिया के सामने रखा अपना सारा पक्ष 

लुधियाना3 अगस्त 2024: (गुरदेव सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

दलित वर्ग के विकास और इंसाफ के लिए बहुत बार बहुत से दावे किए जाते हैं लेकिन वास्तविक्ता आज भी कितनी भयानक है इसका पता इस रिपोर्ट से लगता है। हकाकेट में एक सरपंच भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा। 

पूरी कहानी सुन कर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे। कादियाँ का कर्मचंद सरपंच होने के वावजूद आज इन्साफ के लिए गुहार लगा रहा है ओर पीड़ित पक्ष का आरोप है कि थाना लाडोवाल की पुलिस इंसाफ की बजाए उल्टा उन्ही पर समझौते के लिए दवाब बना रही है।

पीड़ित पक्ष ने सारा मामला मीडिया के सामने भी रखा। प्रेस वार्ता में पीड़ित पक्ष सरपंच कर्मचंद ने बताया कि वह गांव कादिया का सरपंच है। इस जघन्य घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि 8 जुलाई को  गुरतेज सिंह  द्वारा उनकी कार के शीशे  तोड़े गये ओर जब इसके बारे पता लगाया तो उनके परिवार के लोग जिनमे उन्होंने अपनी गलती मानते हुए कार को ठीक कराने का वादा कर समझौता कर लिया था। 

जब कुछ दिन बाद पीड़ित पक्ष ने उनसे कार ठीक कराने के मुआवजे की बात की और गुरतेज सिंह के खिलाफ एक शिकायत 13 जुलाई को थाना लाडोवाल में जा कर दी। लेकिन इस शिकायत के बावजूद दोषियों को कोई भय नहीं लगा। बहुत ही दुख की बात है कि पुलिस ने एक भी बार दोषियों को थाने नही बुलाया और उल्टा उनके बार बार थाने के चक्कर लगवाये।

सरपंच कर्मचंद ने बताया कि 27 जुलाई को दोषी यूनियन प्रधान इन्द्रवीर सिंह,साथी गुरतेज सिंह व यूनियन किसान प्रधान कि माता गुरदेव कौर ने उनके गांव में सुबह लाठियों के साथ उन पर बुरी तरह से हमला किया ओर उनकी बुरी तरह से पीटा,जातिसूचक शब्दावली का प्रयोग कर उन्हे गालिया दी ओर उल्टा दोषी इंद्रवीर सिंह ने पुलिस बुला कर उन्ही पर थाना लाडोवाल में शिकायत दर्द करा दी। 

यहां फिर पुलिस ने दोषियों का साथ दिया ओर हमें ही थाने में आठ घंटे बिठा कर मानसिक ओर शरीरिक तौर पर प्रताड़ित किया। दोषी इंद्रवीर ने सरपंच की पत्नी जसविंदर कौर से भी गाली गलौच कर उन्हें जातिसूचक गालियां निकाली व परिवार को जान से मारने की धमकियां दी। 

पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि उन्हे जान से मारने कि धमकियां लगातार दी जा रही है ओर थाने में अपनी शिकायत वापिस लेने को लेकर दबाव बनाया। पुलिस भी उनपर समझौते करने को लेकर दवाब बना रही है जिससे हम बुरी तरह से सदमें में है ओर मेरा परिवार डर के कारण चिंतिंत है। 

इस स्थिति में पीड़ित परिवार ने से इसकी निष्पक्ष जांच कि गुहार लगाते हुए कहा कि दोषियों पर बनती कानूनी कार्रवाई कर के उन्हे इन्साफ दिया जाये। पीड़ित पक्ष में कई सरपंच और अन्य जत्थेबंदियां आगे आई है जिनमे बलविंदर बीतता महासचिव पंजाब बीएसपी,बुट्टा  संगोवाल प्रधान,सोमनाथ बाली प्रधान सतगुरु रविदास सधर्श समाज भारत, डा बी आर अम्बेडकर भवन वेलफेयर सोसाइटी के उप प्रधान वरिंदर कुमार सोढी,नरेश बसरा,कमल जनागल,रूल्दूराम कादियां , आनंद किशोर प्रधान सतगुरु रविदास धर्म समाज पंजाब,सरपंच चरणजीत कौर कासाबाद,महिंद्र कुमार बांसल समाजसेवी,पूर्व प्रधान कासाबाद जरनैल सिंह,सरपंच सोनी धीर भटियाँ ,बलविंदर सिंह ब्लाक समिति मैमब्र,सरपंच विजय कुमार भट्टिया कॉलोनी,चमन लाल पूर्व सरपंच,ब्लाक समिति मैंबर प्रकाश पीटर., आदि शामिल हैं। 

इन सभी ने एकजुट हो कर स्पष्ट ने कहा कि अगर पुलिस ने कार्रवाई ना की तो मजबूरन हमें इन्साफ के लिए धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा

Monday, January 23, 2023

ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक जंग

Monday 23rd January 2023 at 4:02 PM

एक हफ्ते में 241 ड्रग तस्कर  गिरफ्तार// 5 किलो हेरोइन भी बरामद 

 4.90 किलो अफीम भी पकड़ी और  7.89 लाख रुपए ड्रग मनी भी 

*मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर  ज़ोरदार एक्शन  शुरू 

*पंजाब पुलिस राज्य से नशों की समस्या का सफाया करने के लिए हुई फिर से वचनबद्ध

*एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में पीओज़/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए भी विशेष अभियान 

*पीओज़/भगोड़ों की गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंची

*चीनी डोर के खिलाफ कार्रवाई हुई तेज़ 

*पंजाब पुलिस ने चीनी डोर के 11,364 बंडल बरामद किए

*डोर के मामले में ही एक महीने में 255 लोगों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़: 23 जनवरी 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

नशे के असर में जहां जुर्म तेज़ी से बढ़ता है वहीं युवा पीढ़ी का कई तरह से पत्तन होना शुरू हो जाता है। नशे के जाल में फंसे युवक जहँ जुर्मी की दुनिया में पहुँच जाते हैं वहीं उनका फायदा राष्ट्रविरोधी तत्व भी उठाने लगते हैं। पुलिस की तरफ से चलाए गए अभियान पर एक नज़र डाली जाए तो बहुत सी भयावह तसीरें सामने आती हैं। इस सारे माहौल को बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोरदार पहल कदमी की है। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर शुरू की गई नशों के विरुद्ध जारी निर्णायक जंग के बीच पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) के तहत 18 वाणिज्यिक समेत 173 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करके पिछले सप्ताह में राज्य भर में सक्रिय 241 नशा तस्करों/आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार को यहां अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने 5 किलोग्राम हेरोइन, 4.90 किलोग्राम अफीम, 5.92 क्विंटल चूरा पोस्त और 1.95 लाख गोलियाँ भी बरामद की हैं। फार्मा ओपिओइड के कैप्सूल/इंजेक्शन/शीशियों के अलावा उनके उन्होंने कहा कि एनडीपीएस मामलों में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए 13 और घोषित अपराधियों (पीओ)/भगोड़ों के साथ गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंच गई है, क्योंकि 5 जुलाई, 2022 से पीओ/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था।

चीनी पतंग की डोर का व्यापार करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मासिक विवरण साझा करते हुए, आईजीपी ने कहा कि पुलिस टीमों ने 234 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के बाद 11,364 चीनी डोर के बंडल बरामद किए हैं, और 255 लोगों को इस घातक पतंगबाज़ी की डोर को बेचने में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशानुसार पंजाब पुलिस चीनी पतंगबाज़ी की डोर बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब गौरव यादव ने सभी सी.पीज़/एसएसपीज़ को सख़्त हिदायतें दी थीं कि वह हरेक मामले, ख़ास तौर पर नशों की बरामदगी से जुड़े मामलों की बारीकी से पड़ताल करें, भले ही उनसे मामूली मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई हो।  

इस बीच, पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस द्वारा सीमावर्ती राज्य से नशों के खतरे से निपटने के लिए व्यापक नशा विरोधी मुहिम शुरू की गई है। डीजीपी ने सभी सीपी/एसएसपी को सख़्ती से आदेश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में सभी हॉटस्पॉट्स की पहचान करें जहां ड्रग्स का प्रचलन है, और सभी शीर्ष ड्रग तस्करों पर नकेल कसें। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों की संपत्ति को प्रभावी ढंग से जब्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी अवैध कमाई की वसूली की जा सके।

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Friday, April 08, 2022

गैंगस्टरों के साथ किसी तरह का लिहाज़ न किया जाये

8th April 2022 at 7:34 PM

अपराध को रोकने के लिए सख़्त कार्यवाही ज़रूरी 


चंडीगढ़
: 8 अप्रैल 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

गैंग्स्टरों के साथ किसी भी तरह का लिहाज़ न बरतने का आदेश देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत मान ने आज एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) को राज्य में से गैंग्स्टरों का बिल्कुल सफाया करने के लिए कहा जिससे लोगों का कानून और व्यवस्था में भरोसा कायम किया जा सके।

आज बाद दोपहर सी.एम.आर. में डीजीपी वी. के. भावरा के नेतृत्व में नयी गठित ए.जी.टी.एफ. टीम के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये स. भगवंत मान ने राज्य में से गैंगस्टरवाद के ख़ात्मे के लिए अपनी सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराया जो कि पंजाब जैसे शांत राज्य के लिए कलंक है। उन्होंने आगे कहा कि ए.जी.टी.एफ. को ज़रुरी मानवीय संसाधन, अत्याधुनिक प्रौद्यौगिकी, वाहनों और ज़रुरी फंडों के साथ पूरी तरह सशक्त किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब के तीन करोड़ लोगों को सुरक्षा प्रदान करना उनकी ज़िम्मेदारी है और वह इस मामले में उनका मनोबल ऊँचा उठाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।’’ स. भगवंत मान ने अधिकारियों को कहा कि वह बिना किसी डर या पक्षपात के पूरी ईमानदारी और पेशेवर वचनबद्धता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने ए.जी.टी.एफ. टीम के अधिकारियों को अपनी ड्यूटी को कुशल और सही ढंग से निभाने के लिए हर संभव मदद का भरोसा देते हुये कहा कि वह राज्य में से गैंगस्टरों को ख़त्म करने की इस बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह समर्थ हैं।

उन्होंने ए.जी.टी.एफ. को राज्य भर के 361 पुलिस थानों की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं के इलावा मोहाली, अमृतसर और फाजिल्का में स्टेट स्पैशल आप्रेशन सैलज़ (एस.एस.ओ.सीज़.) की सेवाओं का प्रयोग करने के लिए भी अधिकारित किया।

उन्होंने ए.जी.टी.एफ. के प्रमुख को एक हफ़्ते के अंदर इस फोर्स की भूमिका, कामों और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निर्धारित करने के लिए स्टैंडिंग आर्डर (एस.ओ.) तैयार करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही भगवंत मान ने गैंगस्टरों की तरफ से बड़े स्तर पर फैलायी दहशत को रोकने के लिए तालमेल और प्रभावी कार्यवाही को यकीनी बनाने के लिए अंतरराज्यीय तालमेल के लिए यत्न तेज करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

मीटिंग में अन्यों के अलावा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.वेणू प्रसाद, प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा, डी.जी.पी. वी. के. भावरा, ए.डी.जी.पी. (ए.जी.टी.एफ.) प्रमोद बाण, ए.आई.जी. (ए.जी.टी.एफ.) गुरमीत सिंह चौहान, डी.आई.जी. (ए.जी.टी.एफ.) गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डी.एस.पी. (एजीटीएफ) बिक्रमजीत सिंह बराड़ उपस्थित थे।

Sunday, October 18, 2020

पुरुष मानसिकता को बदल कर ही होगा बदलाव

 सहमभरी ख़ामोशी को तोड़ने आगे आया सोशल थिंकरज़ फोरम 


लुधियाना
: 17 अक्टूबर 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

 मता-ए-लौह-ओ-क़लम छिन गई तो क्या ग़म है 

कि ख़ून-ए-दिल में डुबो ली हैं उँगलियाँ मैं ने 

ज़बाँ पे मोहर लगी है तो क्या कि रख दी है 

हर एक हल्क़ा-ए-ज़ंजीर में ज़बाँ मैं ने        --(जनाब फैज़ अहमद फैज़ साहिब) 

कोरोना का कहर, कानून की पाबंदियां, लॉकडाउन से टूटी आर्थिकता की कमर--कुल मिला कर बोलना नामुमकिन जैसा हो गया। दर्द असहनीय हद तक बढ़ा लेकिन चीखना भी सम्भव न रहा। माहौल में अजीब सी सहम भरी चुप्पी, दर्द के मारे कोई कराहता तो उस आवाज़ को सुनना भी मुश्किल लगता। ऐसे माहौल में डाक्टर अरुण मित्रा और एम एस भाटिया की टीम आगे आई। महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ रहे अत्याचार और जुर्म को बेनकाब करना ज़रूरी हो गया। सोशल थिंकर्ज फोरम ने जब इस मकसद की आवाज़ बुलंद करनी चाही तो उसे दुविधा का अहसास भी था लेकिन उसे उत्साहित किया इसी टीम ने। उत्साह से जोश भी मिला हिम्मत भी बढ़ी। सोशल थिंकर्ज फोरम के सक्रिय सहयोग से महिलाओं का यह काफिला निकल पड़ा अत्याचार की साज़िशों को बेनकाब करने। इस काफिले को देख कर याद आया डा. कविता किरण का वह शेयर जिसमें कमाल की बात कही गयी है, इस काले स्याह दौर में भी रौशनी देती बात, लगातार चलने का संदेश देती बात--:   

नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं,

हम छलनी में पानी भरने निकले हैं।

                                आँसू पोंछ न पाए अपनी आँखों के

                               और जगत की पीड़ा हरने निकले हैं।

बुद्धिजीवियों के इस काफिले ने डा. अरुण मित्र से प्रेरणा पा कर वेबिनार का आयोजन किया। पितृ सत्ता को चुनौती देने का नारा एक बार फिर बुलंद किया गया। महिला वर्ग के कदम कदम पर बेड़ियां ले कर तैयार खड़ा पितृ सत्ता का वर्ग बहुत से रूप बदल कर भी हर तरफ मौजूद मिला। इस दबाव से मुक्ति की आवाज़ उठाई इस वेबिनार ने। इस दबाव से मुक्ति के लिया आवश्यक है इस पितृ सत्ता से आज़ाद होना। इस जागीरदारी सोच से मुक्ति परमावश्यक हो गयी है। महिला वर्ग की प्रतिभा, कौशल और शक्ति पर एक पहाड़ बन कर जमा हुआ है पितृसत्ता से भरी सोच का ढांचा। इसका नाश हुए बिना शायद बदलाव सम्भव ही नहीं। इस वेबिनार में मौजूद रहे पूर्व जिला अटार्नी जनरल और जानेमाने लेखक मित्र सेन मीत। उन्होइने कानून की बारीकियां समझाते हुए बताया कि महिलाओं की रक्षा-सुरक्षा के लिए कानून तो बहुत से बने हुए हैं लेकिन उन्हें सही तरह से लागु ही नहीं किया जाता। पुरुष प्रधान सत्ता और समाज में यौन हिंसा से सबंधित मामलों में भी जब तफ्तीश शुरू होती है तो उसका केंद्रीय बिंदु महिला ही रहती है। आरोपियों का न तो मेडिकल होता है और न ही उनसे इस तरह के तीखे सवाल हैं। परिणाम यही होता है दोषी ही बड़ी हो जाते हैं। पुलिस पर सियासी दबाव भी उनके हक में ही जाता है। हाथरस मामले की बात करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार से मिले आदेशों के अंतर्गत पुलिस ने जिस तरीके से वहां काम किया वह बेहद निंदनीय है। संविधानिक धाराओं की बुरी तरह से धज्जियां उड़ाई गयीं हैं। वहां की पुलिस ने पूरी तरह से गैरपेशेवराना ढंग से काम किया है। यहाँ तक कि गैर पारम्परिक ढंग से जिस तरह रात में लाश को जला कर सबूतों को पुरी तरह से नष्ट कर दिया गया वह कानून और संविधान के उलंघन की सभी सीमाओं को पार करने जैसी बात है। 

जानीमानी लेखिका डा. परम सैनी ने कहा कि इस  तरह से महिला की मानसिकता पर बहुत ही बुरा प्र भाव पढ़ता है। बुरी तरह से निराश और हताश हो कर वह हौंसला छोड़ बैठती है। इससे इस तरह की बहुत सी अन्य घटनाओं को शह मिलती है। इस तरह के मुजरिमों का हौंसला बढ़ जाता है। यदि उसे परिवार और समाज की तरफ से आश्रय, सहायता और सहयोग न मिले तो हालत बुरी तरह बिगड़ जाती है जिसका परिणाम  लिए घातक होता है। इस स्थिति में से निकलने के लिए पुरुषों की मानसिकता में बदलाव बहुत ही आवश्यक है जिसकी शुरुआत बचपन से ही की जनि चाहिए। 

एटक  महासचिव समरजीत कौर ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा प्राचीन समय से चलती चली आ रही है और इसका ज़िक्र हमारे धार्मिक ग्रंथों में भी आता है।  समाज में व्याप्त जागीरदारी वाली इस सोच को बदलना बेहद आवश्यक है। समाज को केवल पितृ सत्ता पर आधारित न रखते हुए इसे बराबरी का समाज बनाना होगा। शक्ति के प्रदर्शन को सामने रख कर की जाती यह हिंसा केवल  महिलाओं के प्रति ही नहीं है बल्कि बच्चों और समाज के दबे कुचले लोगों के प्रति भी भी उसी तरह से बर्बर है। मैडम अमरजीत कौर ने यूपी  द्वारा दिए गए ब्यान की तीखी निंदा की जिसमें मंत्री  कि महिलाओं को संस्कारी बनाओ। मंत्री के ब्यान को बुरी  अशोभनीय और एतराज़योग्य बताते हुए  बास्तव में आवश्यकता तो लड़कों में अच्छे संस्कार भरने की है। यूं तो बच्चे बुरे नहीं होते लेकिन जब उन्हें सरकार से शह मिलने लगती है तो वे गलत रास्तों पर चलते हुए किसी भी किस्म की हिंसा करने से गुरेज़ नहीं करते क्यूंकि उन्हें सरकार  डर नहीं रहता। वे यह समझने लगते हैं  भी करें आखिर सरकार में बैठे उनके लोग उन्हें बचा ही लेंगें।

पंजाब स्त्री सभा लुधियाना की प्रधान डा.गुरचरण कौर कोचर में महिलाओं के प्रति हो  रही हिंसक वारदातों का विस्तार बताते हुए कहा कि आज के युग में हमारे देश की यह शर्मनाक स्थिति बन गई है कि जो बेहद चिंतनीय भी है। 

आल इण्डिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के  जिला सचिव दीपक कुमार ने कहा कि वह छात्रों में इसे लेकर जाग्रति पैदा करने का ज़ोरदार अभियान चलाएंगे। शिक्षा नीति में अर्थपुर्ण तब्दीलियों के लिए छात्रवर्ग को लामबंद भी करेंगे क्यूंकि केंद्रीय सरकार की मौजूदा शिक्षा नीति में तो आर्थिक तौर पर कमज़ोर वर्गों के  शिक्षा से ही पूरी तरह से वंचित हो जायेंगे। 

सोशल थिंकर्ज फोरम के संयोजक डा. अरुण मित्रा ने कहा कि विचार विमर्श को समाज  तक लेजाने की आवश्यकता है। 

फोरम के सह संयोजक एम एस भाटिया ने कहा कि यह अकेला महिलाओं का मुद्दा है बल्कि समुचित समाज की ज्वलंत समस्या है जिस पर गहन चिंतन पर आधारित कार्यों की आवश्यकता है। 

इस वेबिनार में अलग अलग वर्गों से बड़ी संख्या में हुए जिनमें प्रमुख हैं कुसुम लता, कुलवंत कौर, इंद्रजीत सिंह सोढ़ी एडवोकेट, डा. राजिंदरपाल, डा. गुरप्रीत रत्न,  अजीत जवद्दी, रंजीत सिंह, अवतार छिब्बड़, अनु कुमारी, प्रदीप शर्मा  कुमार इत्यादि। 

इस तरह के आयोजन भविष्य  में भी होते रहेंगे। यदि आप  ऐसे  किसी भी आयोजन में शामिल होने के इच्छुक हैं तो अपना नाम पता  फॉर्म संयोजक डा. अरुण मित्रा से उनके मोबाईल फोन नंबर   +91IDAG@@@CF@  पर या फिर सह संयोजक एम एस भाटिया के मोबाईल फोन नंबर-919988491002 पर सम्पर्क करके अपनी इच्छा व्यक्त करें। भविष्य के लिए आपका नाम पता दर्ज कर लिया जायेगा।  

Thursday, March 12, 2020

पंजाब पुलिस ने लुधियाना में सोने की लूट का मामला सुलझाया

 Thursday: 12th March 2020 at 8:32 PM
 OCCU  ने काबू किया खतरनाक गैंगस्टर 
लुधियाना//चंडीगढ़:12 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब पुलिस ने आज यहाँ सैक्टर-36 की मार्केट में बड़ी मशक्कत के बाद अंतर-राज्यीय गैंगस्टर गगन जज की गिरफ़्तारी के साथ लुधियाना में 30 किलो सोने की लूट के सनसनीखेज़ मामले को सुलझा लिया है।
गगन ने ऑर्गेनाइज़ड़ क्राइम कंट्रोल यूनिट (ओ.सी.सी.यू.) की टीम पर गोली चलाने की कोशिश की परन्तु पुलिस टीम ने उसकी तरफ से गोली चलाने की कोशिश को नाकाम करते हुए उसको गिरफ़्तार कर लिया।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने ओसीसीयू की टीम को उनकी बहादुरी के लिए ईनाम देने का ऐलान किया है और कहा कि लुधियाना केस में गिरोह के अन्य सदस्यों और गगन के साथियों को पकडऩे के लिए छापे मारे जा रहे हैं। गगन तीन हफ़्ते पहले हुई लूट की वारदात में शामिल पाँच संदिग्ध व्यक्तियों में शामिल था।
गगनदीप जज उर्फ गगन जज और उसके गिरोह के सदस्य कथित तौर पर पैसे लेकर हत्या, कत्ल की कोशिश, जबरन वसूली, वाहन छीनने और अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधियों के दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में शामिल हैं। एक अन्य फऱार गैंगस्टर जयपाल के साथ उसके नज़दीकी सम्बन्ध हैं।
ओ.सी.सी.यू. के आई.जी. कुंवर विजय प्रताप सिंह की निगरानी अधीन की गई कार्यवाही संबंधी जानकारी देते हुए डी.जी.पी. ने इस सफल कार्यवाही के लिए टीम की प्रशंसा की। आईजीपी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने खुलासा किया कि गगन जज से एक पिस्तौल, दो मैगज़ीन और 50 जिंदा कारतूसों के अलावा लगभग 31 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है। आईजीपी ने कहा कि यह गिरोह कॉल ट्रेसिंग से बचने के लिए अपने सदस्यों के साथ वायरलैस हैंडसैट्स के द्वारा बातचीत करता था। उन्होंने कहा कि गैंगस्टर से चोरी की गई एक आई-20 कार के अलावा तीन वॉकी-टॉकी (डब्ल्यू /टी) सैट भी बरामद किये गए हैं।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य से गैंग्स्टरों के ख़ात्मे के लिए वचनबद्ध है और पड़ोसी राज्यों खासकर ट्राईसिटी की पुलिस के साथ नज़दीकी तालमेल के ज़रिये काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अन्य 4-5 वांछित गैंगस्टर पंजाब पुलिस के निशाने पर हैं और उनको गिरफ़्तार करने के लिए कोशिशें जारी हैं। उन्होंने कहा कि ओ.सी.सी.यू. इस तरह के गैंगस्टरों और गिरोहों के साथ जुड़े अपराधों से निपटने के लिए पूरी तरह समर्थ है।

Thursday, May 17, 2018

लुधियाना में फिर तैयार है "चाईना गेट" जैसी टीम

FIB अपनी सरगर्मियां और तेज़ करेगी
लुधियाना: 18  मई 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
डाक्टर भारत की टीम फिर जोश में 
देश और समाज के जो हालात हैं वे सभी के सामने हैं। सियासतदानों, पैसे वालों और पहुंच वालों  की मनमर्जियां अब शायद सभी क़ानूनों से ऊपर हो चुकी हैं। इस सारे माहौल में जो खतरनाक स्थितियां पैदा हुई हैं उनसे शायद सभी बेखबर हैं। देश समाज से अब शायद किसी को लेना देना भी नहीं है। किसी की अंतरात्मा अगर कोई आवाज़ लगा भी दे तो उसे अनसुना कर दिया जाता है। कह दिया जाता है-हमने क्या लेना देना। अगर कोई बात रंगे हाथों पकड़ में आ भी जाए तो बहाना सामने आता है-उसने भी किया था--इसने भी किया था अब अगर हमने कर लिया तो क्या हुआ! यानी ज़माना वह आ गया है जब अपना स्वार्थ सर्वोप्रिय बाकी सब भाड़ में जाये। 
ऐसे में भी कुछ लोग अभी बाकी हैं जिनसे यह सब सहन नहीं होता। वे अपनी अंतर आत्मा से आई आवाज़ को अनसुना नहीं कर पाते।  यह लोग रातों को सोते सोते अचानक उठ कर बैठ जाते हैं। दिन की सख्त दुपहरी में भी बाहर धूप में घूमते हैं। मकसद होता है की शायद देश और समाज के लिए कुछ किया जा सके। 
ऐसे ही लोगों में एक हैं डाक्टर भारत। वृद्ध आयु लेकिन जोश जवानी का। देश के लिए किसी भी क़ुर्बानी के लिए तैयार। देश के खिलाफ क्या क्या साज़िशें पक रही हैं इसकी खबर जुटाना उनके लिए प्राथमिक कामों में होता है। न जाने कैसा नेटवर्क है--कि आम तौर पर काफी कुछ पता लगा लेते हैं। 
"क्राईम फ्री इंडिया ब्यूरो" नामक संगठन के बाद अब ऍफ़ आई बी अर्थात "फस्ट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो"  नाम का संगठन चला रहे हैं। उनका कहना है कि यह गुप्तचर मीडिया संगठन है। इसमें शामिल लोग देश प्रेम और समाज सेवा को सामने रख कर इस में शामिल होते हैं। इन्हीं सदस्यों से मिलते थोड़े बहुत डोनेशन से इस संगठन का काम चलता है। जैसे ही इस संगठन को कोई विशेष सूचना मिलती है उसे अलग अलग माध्यमों से सरकार तक पहुंचा दिया जाता है। ज़रूरत पढ़ने पर उसे मीडिया के ज़रिये भी लोगों तक पहुंचाया जाता है। सदस्यों ने कई बार कहा कि डाक्टर साहिब इतने खतरनाक पंगे मत लिया करो लेकिन डाक्टर भारत की सेहत पर कोई असर नहीं। /हर बार एक ही जवाब-एक दिन मरना ही है--अगर देश के काम आ जाएँ तो इससे अच्छा क्या होगा। गोली से डर कर घर बैठ जाने वालों को कौन सा मौत नहीं आएगी? हो सकता है वे हार्ट अटैक या किसी और बीमारी से मर जाएँ। अब डाक्टर भारत को कौन बताये की आजकल के पहुँच वाले जब विरोधी बन जाएँ तो किसी न किसी समाज विरोधी तत्व से केवल गोली या छुरी ही नहीं चलवाते बल्कि सड़क हादसा भी करवा देते हैं। किसी राह चलते गुंडे से हमला भी हो सकता है। इस पर भी डाक्टर भारत का जवाब होता है-मुझे सब मालूम है। 
डा. भारत के सहयोगी ओंकार सिंह पुरी 
कुछ इसी तरह का हाल है उनके साथी ओंकार सिंह पूरी का। उनकी उम्र शायद 70-75 से भी अधिक की होगी। इस उम्र में भी अकाउंटस का काम करके खुद कमाते हैं। एक पाँव लुधियाना तो दूसरा तरनतारन में। अपना कायनेटिक चलाते हैं किसी हवाई जहाज़ की तरह। किसी पर बोझ नहीं बनते। जब भी  वक़्त निकलता है तो आ जाते हैं डाक्टर भारत के पास। कभी चाय-कभी जाम लेकिन चिंता हर पल यही कि देश के दुश्मनों के साथ कैसे निपटना है? एक दिन मुझे भी कहने लगे आप भी तेज़ी पकड़ो। मुझे हंसी भी आई--मैंने पूछा हम सब बूढ़े क्या कर लेंगें अब इस उम्र में?
डकटर भारत झट से बोले--उससे ज़्यादा कर लेंगें जो "चाईना गेट" फिल्म के बुज़ुर्गों ने कर दिखाया था। उनकी ज़िंदादिली को देख कर मन में उत्साह जगता है लेकिन वित्तीय हालत को देख कर दुःख भी होता है। अफ़सोस है की यहाँ देश भक्ति के आडंबर कर के अपनी लीडरी चमकाने वाले तो लाखों रूपये अपने जेब में डाल कर चलते बनते हैं और इधर पैसों की कमी के चलते कभी नेट बंद हो जाता है--कभी पेट्रोल की दिक्क्त और कभी बिजली का बिल। इन लोगों को देख कर और इनसे बने लगाव को देख कर कभी कभी लगता है कि हम सब अघोषित पागल हैं। आंधियों के सामने चिराग़ जगाना शायद हमें रोमांस लगता है। इसके बावजूद यकीन होता है कि हमने शायद कुछ भी न कमाया हो लेकिन उस इंसानियत की हम आखिरी नस्ल अवश्य होंगें जिनसे देश और समाज के नव निर्माण हुआ करते हैं। 
यह सारी टीम अब फिर सरगर्म है। मकसद है कुछ नयी तैयारी। देश के दुश्मनों से जंग लड़ना और वह भी बिना किसी सरकारी सहारे के। ये वे योद्धा हैं जो बिना हथियारों के भी इस जंग को लड़ने के लिए कमर कस रहे हैं।  इस संबंध में एक बैठक हुई जिसमें कुछ स्थानीय लोग शामिल हुए। राष्ट्रिय अपराध व नशा विरोधी गुप्तचर मीडिया सर्विस एफ आई बी (फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरोकी यह विशेष बैठक संगठन के मुख्य कार्यालय न्यू कुंदन पूरी सिविल लाइन्स में ब्यूरो के डायरेक्टर डॉक्टर भारत की अध्यक्षता में हुयी। इस बैठक में जहाँ देश की मौजूदा हालात पर चर्चा के साथ संगठन के कार्यों को तीव्र गति से आगे बढाकर अपराधों की रोकथाम में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें।  साथ ही यह निर्णय लिया गया कि  देश कि आन्तरिक सुरक्षा की रिपोर्ट केन्द्रीय सरकार के साथ साथ अब स्टेट सरकार को भी दी जाया करे। डाक्टर भारत ने कहा की नए खतरे गंभीर हो चुके हैं। नए ग्रुप, नई जातिवाद स्थितियां, साम्प्रदायिकता और कई अन्य समस्याएं अब बेहद खतरनाक हालत में हैं। डाक्टर भारत ने इस संबंध में कुछ छोटी छोटी विशेष फ़िल्में भी टीम को दिखायीं। साथ ही कहा कि अब जरुरी है कि पुलिस के अलावा मीडिया और राष्ट्र हित में काम करने वाले सामजिक संगठनों को भी एक मंच पर साथ जोड़ा जाये। डा. भारत ने कहा कि अब जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं। अब वक्त आ गया है कि राष्ट्र की भलाई के लिए  हर नागरिक आपने कर्तव्य का पालन करे। इस बैठक में डॉ. भारत के अलावा ओंकार सिंह पूरी,  सोनू शर्मा, हरजीत सिंह राजू और अन्य लोग शामिल थे। वक्त  सचमुच बहुत गम्भीर सा लगने लगा है। इस हालत में बिना हथियारों के ये योद्धा भी कितना लड़ पाएंगे? क्या आप लोग इनका साथ देंगें?

Wednesday, December 14, 2016

नोटबन्दी से पैदा हुई स्थिति भयानक और चिंतनीय- डा. भारत

विदेशी शक्तियां इस स्थिति का फायदा उठा कर करवा सकती हैं दंगे
लुधियानाः 11 दिसम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो);
जब जुर्म मुक्त नए भारत की बात चलती है तो डॉक्टर भारत का ज़िक्र भी ज़रूरी हो जाता है। विवादों और आरोपों से दूर डॉक्टर भारत  चाल में चलते हुए किसी न किसी इन्वेस्टिगेशन में लगे  रहते हैं। आरोपों की चर्चा करो तो जनाब क़तील साहिब के शब्दों में कुछ यूं कहेंगे- 
इक इक पत्थर जोड़ के मैंने जो दीवार बनाई है,
झाँकू उस के पीछे तो रुसवाई ही रुसवाई है। 
सफलता की बात करो तो इसी  शेयर सुनाएंगे-क्योंकि उनकी दी गयी जानकारी को बहुत बार नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है। तब वह बेबसी सी महसूस करते हैं। 

यों लगता है सोते जागते औरों का मोहताज हूँ मैं
आँखें मेरी अपनी हैं पर उनमें नींद पराई है
देश की सुरक्षा और बढ़ रही आतंकी घटनायों को लेकर उनका दर्द कई बार शब्दों में भी छलक  आता है। वह कहते हैं कोई न जाने दर्द मेरा। 
देख रहे हैं सब हैरत से नीले-नीले पानी को
पूछे कौन समन्दर से तुझमें कितनी गहराई है
कभी कभी उनको लगता है कि सारी उम्र यूं ही गंवा दी। न अपना कुछ बनाया न परिवार का। तब यह कहते लगते हैं-
आज हुआ मालूम मुझे इस शहर के चन्द सयानों से
अपनी राह बदलते रहना सबसे बड़ी दानाई है। 

फिर जल्द ही सम्भल कर कहेंगे तकलीफें तो बहुत आयीं पर मैंने राह नहीं बदली-इसका सकूं भी है। अब वह नोटबन्दी से पैदा हुए हालात को लेकर बेहद चिंतित हैं। राष्ट्रीय अपराध विरोधी गुप्तचर मीडिया फोर्स (क्राईम फ्री इण्डिया ब्यूरो पंजाब) के अध्यक्ष डॉ. भारत नें एक अनौपचारिक भेंट में कहा है कि नई एंव पुरानी करेंसी के चलन और बन्दी के विषय में प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा भ्रष्टाचार, कालाधन के संदर्भ में उठाये गए कदम से देश समाज का कितना भला- फायदा होनें वाला है (अच्छे बुरे या भयानक परिणाम ) यह तो आनें वाला समय-भविष्य ही बताएगा। परन्तु जहां मौजूदा समय में पूरे देश का काम धंधा, रोजी रोजगार, कल कारखानों, सभी कार्य प्रगति रुकनें से आम नागरिकों को अनेकानेक विकराल परेशानियों कठिनाइयों के साथ मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है वह भारत देश के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। वहीं दूसरी तरफ ज्यादा नहीं तो कुछ अच्छे परिणाम काले धन की बरामदगी जो करोड़ रुपए और सोना चॉदी की बरामदगी भी से है जो ऊॅट के मुह में जीरा के बराबर ही है। इन लाखों करोड़ों रुपए की नई नोटों की बरामदगी नें यह साबित कर दिया है कि भ्रष्टाचार  खबल्कि त्म तो क्या होना था और बढ़ गया है, सरकार और सम्बंधित विभाग को उन कर्मचारियों-अधिकारियों पर भी सख्त कारवाई करनी चाहिए जिनके मिली भगत से इतनी नई नोटों का ऐसे जमाखोरों के पास नई करेंसी दी गई। एक तरफ तो दो चार हजार अपनें रुपयें पानें के लिए लोग दो दो दिन तक भूखे लाइन में लगकर पैसा पानें का इंतजार करते रहे और कहां ऐसे काले धंधे और जमाखोरों के पास सरकारी कर्मियों से मिलीभगत से लाखों करोड़ों रुपए की नई करेंसियों का भंडार। सरकार ऐसे गद्दारों पर क्या कारवाई करती है? उनको आशंका है कि विदेशी शक्तियां इस स्थिति का फायदा उठा कर दंगे करवा सकती हैं इस लिए इस में तुरन्त  बेहद आवश्यक है। 
 डॉ. भारत के साथ सम्पर्क करने के लिए मोबाईल नम्बर है; 93169 42755

Wednesday, November 18, 2015

क्या पाकिस्तान और इस्लामिक स्टेट की कटटरता ही परमाणु युद्ध है.?

इस्लामिक स्टेट के पास खतरनाक जैविक,रासरयनिक,परमाणु सामाग्री
2500 हजार राकेट,250 बख्तरबन्द टी 72 जैसे टैंक व अन्य धातक हथियार होनें की खबर...?
इस्लामिक स्टेट के  अब तक के हमले तो ट्रेलर मात्र है
दिन पर दिन जिस तरह से पाकिस्तान के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैंे उस हालात में पाकिस्तान के चारो शांक्ति केन्द्रों में कोई न कोई मुर्खता कर बैठना अवयाम्भावी है क्योंकि पाकिस्तान में आईएसआई,सरकार,कटटरपंथी और सेना की अपनी अपनी  मनमानी चलती है। एक दूसरे की खींचातानी हीे या इस्लामिक स्टेट ताण्डव रूपी मुर्खता का कारण होगा।
लुधियाना : 18 नवंबर 2015: (डाक्टर भारत//पंजाब स्क्रीन):
यह एक सत्य है कि अगर भविष्य में इस पृथ्वी पर परमाणु युद्ध से सर्वनाश होगा तो तो वह दक्षिणी पशिचमी एशिया से ही आरम्भ होगा। जिसका संबंध जैसे कारण व भागीदारी अमेरिका जैसे देश होंगे। क्यों की अब पुरानें पारम्परिक हथियारों का जमाना बहुत पीछे छूट चुका है,मौजूदा समय इंटरनेट कमाण्ड जैसे अति विकसित इलेक्ट्रानिक युद्ध सामरिक नें लेली है और कुछ ही सिकेण्ड में तबाही से कुछ देश तबाह होकर मटियामेट हो जाएंगे। 
    मौजूदा हालात को देखनें में जो बातें सामनें आ रही हैं वह  पाकिस्तान की कटटर आतंकवादी खुफिया संगठन इंटर सर्विस इंटैलीजेंस (आई एस आई) की मुर्खता, और पिछले 2-3 सालों में ही पूरे वि’व में अपनी पैठ बना चुका अब तक का सबसें भयानक खूंखार आतंकवादी संगठन इस्लातिक स्टेट (आई एस आई एस) जिसनें अपनी मौजूदगी की ताकत दिखानें के लिए सउदी अरब, लीबिया, लेबनान, मिस्र, ट्यूनीशिया, यमन, अफगानिस्तान, तुर्की, कुबैत, बंगलादेश, फ्रांस..? में छोटे हमले कर यह दिखा कर कि हम जब चाहेंगे हमला कर सकते हैं, हकीकत में इस्लामिक स्टेट के  अब तक के हमले तो ट्रेलर मात्र है।
    सी.एफ.आई.बी. नें अपनें अपराध व खुफिया समाचारपत्र के अगस्त २०१४ के अंक में इस खतरनाक संगठनको आई.एस.आई.एस. सरगना जेहादी बगदादी या खूनी बगदादी.? के नाम से प्रमुखता दी वहीं नवम्बर दिसम्बर के अंक में प्रथम पेज पर इस भयानक और खतरनाक आतंकवादी संगठन को विÔय में पूरे वि’व को चेतावनी देते हुए  अगाह किया कि  होशियार विश्व को खूनी शिकंजे में कसता इस्लामिक स्टेट ?।  जिसमें चेतावनी देते हुए लिखा गया था कि  "अगर समय रहते दुनियां के देश विकसित एंव विकासशील देश एकजुट होकर इस दवानल ताकत को नहीं रोक पाये तो कई मुल्क तबाह हो कर बर्बाद हो जायेंगे "। इस लेख में इस्लामिक स्टेट के अन्य भयानक मंसूबों पर प्रकाश डाला गया था। आगे साथ ही हमें लश्करे तोयबा, तालीबान, अलकायदा जैसे आतंकी गुटों को कम आंकना भी बहुत बड़ी भूल होगी। 
      सीएफआईबी भारत सरकार को अगाह करते हुए चेतावनी भी देती है कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करनें के लिए अविलम्ब नए एंव कारगर कदम उठाकर अपनी खुफिया एजैंसियों को हर वक्त ऐक्टिव-एटेंशन  रखे। देश में पहले से मौजूद आतंकी संगठन  सिमी, आईएम, हूजी, IS और आईएम ?- पर पूरी तरह से सख्त निगरानी और अपनी अन्य जरूरी कारवाई रखे वर्ना किसी घटना के बाद एलर्ट किसी काम का नहीं होगा। क्यों कि पाकिस्तान की आईएसआई और अन्य आतंकी गुट अपना वजूद कायम रखनें के लिए किसी भी सीमा तक जाकर भयानक कार्य कर सकते है।
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Monday, September 07, 2015

इस्लामिक संगठन दे रहा है बच्चों को खतरनाक दवा

इस दवा के बाद नहीं रहता किसी भाव या संवेदना का अहसास 
लुधियाना: 7 सितम्बर 2015: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):  
आपको हैरानी हो सकती है और होनी भी चाहिए। आपने कलम के सिपाही भी देखे सुने होंगें और सशत्र सैनिक भी। कभी ऐसा देखा कि कलम का सिपाही सीमा की चिंता कर रहा हो। केवल चिंता ही नहीं बल्कि उसकी रक्षा के उपायों पर भी गंभीर हो। आज हम आपको मिलवा रहे हैं एक ऐसे पत्रकार से जिसने अपनी मीडिया फ़ोर्स और ख़ुफ़िया नेटवर्क से एक ऐसी खतरनाक दवाई का पता लगाया है जो आजकल आतंक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इस दवा का ही परिणाम है कि इस्लामिक स्टेट के बच्चे एक इशारा होते ही किसी को भी गोली मार देते हैं और किसी को भी छुरा घोंप देते हैं। इस तरह के जघन्य कुरटयों के समय उनके चेहरे पर न डर होता है न ही झिझक और न ही कोई अन्य भाव। किसी रिमोट कंट्रोल्ड यंत्र की तरह ये नन्हे आतंकी बड़ी बड़ी वारदातें कर रहे हैं। विश्व के सभी प्रमुख आतंकी संगठनों में यह दवा धड़ल्ले से इस्तेमाल की जा रही है। इस दवा को लेते ही न कोई जज़बात रहता है न कोई संवेदना न ही कोई भाव। बस एक ही ध्यान कि इशारा होते ही अपने शिकार को मौत के घाट उतार देना है। बचपन में ही मौत के खिलाडी बने ये बच्चे बड़े हो कर कितने खतरनाक होंगें इसका अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता। आज तेज़ी से तैयार हो रही बाल आतंकियों की ये फ़ौज जब दुनिया में आतंक की आंधी ला देगी तो उससे बचने का कोई रास्ता भी नज़र नहीं आने वाला। दवा खा कर बेरहम होने वाले बच्चे अपने आकाओं के इशारे पर बेगुनाह लोगों पर ज़ुल्मो सितम ढाया करेंगे। क्यूंकि यह कैमिकली जनरेटड आतंक होगा इस लिए इसका तोड़ ढूंढ़ना भी मुश्किल होगा। छुरा, बंदूक, रिवाल्वर और अन्य हथियारों को खिलोने की तरह इस्तेमाल करने वाले ये बच्चे न अपनी जान की परवाह करेंगे न ही दुसरे की। बेरहमी के ये  पहाड़ दुनिया पर टूटने के लिए तेज़ी से तैयार हो रहे हैं। दुनिया इन बच्चों से डरेगी पर कुछ कर नहीं सकेगी। अगर इन बच्चों के हाथों में एटमी हथियार आ गए तो फिर दुनिया की खैर नहीं। तबाही का खतरा हमारे सरों पर मंडरा रहा है। बेरहमी भरी मौत दुनिया के दरवाज़े पर दस्तक दे रही है। 
क्राईम फ्री इंडिया ब्यूरो (CFIB) पंजाब के अध्यक्ष और नेशनल सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस फ़ोर्स के सलाहकार डाक्टर भारत ने इस खतरनाक दवा का पता लगते ही इसकी सूचना उच्च अधिकारीयों को दी। राष्ट्रपति, गृह मंत्रालय, पंजाब पुलिस के महांनिर्देशक को इस संबंध में विस्तृत पत्र भेजे गए। इनका असर भी हुआ। संगठन का दावा है कि पंजाब प्रशासन के उच्च अधिकारी 27 अगस्त को लुधियाना में डाक्टर भारत से मिलने आये थे। दवा का नाम राष्ट्र हित में गोपनीय रखा गया है। अब देखना है क़ि इसकी रोकथाम के लिए क्या उपाय किये जाते हैं। अगर आज भी हम नहीं चेते तो फिर शायद हमें कभी वक़्त न मिले। वक़्त रहते सम्भल जाओ।

Thursday, September 03, 2015

अब मिली एक और लड़की की लाश-दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

लगातार बढ़ रही है असुरक्षा की भावना 
लुधियाना: 3 सितम्बर 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
लगातार बढ़ रहे सुरक्षा बलों और क़ानूनी सख्तियों के बावजूद मुजरिमों के होंसले बुलंद हो रहे हैं और आम नागरिक इन समाज विरोधी तत्वों का निशाना बनने के लिए बेबस है। लुधियाना की जवद्दी पुली  से एक स्कूल पढ़ती लड़की की लाश मिली है। इस लाश के के  बार फिर लगता है कि हमने दामिनी उर्फ़ निर्भया को गंवा कर भी कोई सबक नहीं सीखा। अगर सीखा होता तो हम कोई ठोस कदम अवश्य उठाते और इस तरह के सभी दरिंदों का जीना हराम कर देते। ताज़ा विवरण के मुताबिक आशंका है कि स्थानीय जनता नगर में ग्यारवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्र का अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी। 
 इस लड़की का पिता उसे सुबह स्कूल छोड़ कर वापिस आया लेकिन लड़की शाम तक घर नहीं लौटी।  देर शाम के बाद पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने इस समंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।  इसी बीच आज सुबह कुछ लोगों को उसकी लाश जवद्दी की नहर में से मिली। 
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सही स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही लग सकेगा। एक बार फिर मोमबत्तियां जलायी जाएंगी। लड़कियों के सम्मान और सुरक्षा की ढेरों बातें होंगीं। एक बार फिर प्रदर्शन होंगें। नेतागीरी के चाहवान अपनी फोटो खिंचवाएंगे। अख़बारों में चर्चा होगी। कुछ दिन बाद यह लड़की भी भूल जाएगी क्यूंकि तब तक हो चुकी होगी कोई नयी वारदात किसी और लड़की के साथ। पता नहीं हमारा समाज और प्रशासन कब बनेगा ऐसे दरिंदों के लिए खौफ? आयो इस तरह के वहशियों के लिए कदम कदम पर ज़मीन तन कर दें।  इन्हें कदम रखने का न मौका मिले न ही हिम्मत। 

Sunday, August 09, 2015

सफेदपोशी की आड़ में पलते काले कारनामों के अडडे

पुलिस ने पकड़ा दिन में मोबाइल शोरूम, रात में चलता था जुआ घर
लुधियाना: 9 अगस्त 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
अवैध रूप से कमाया पैसा इन्सान  को संवेंदनहीन बनाने के साथ साथ बेरहम भी बना देता है।  इसी पैसे से शुरू होते हैं छोटे मोटे जुर्म और फिर इनकी तारें जुड़ने लगने लगती हैं आतंक और अन्य समाजविरोध सरगर्मियों के साथ। आम तौर पर इन पर हाथ नहीं डाला जाता  पहुँच, रसूख और पैसा बहुत बड़े हथियार होते हैं। अब पुलिस ने जब इन पर अपना शिकंजा कसा तो एक मामला सामने आया गिल चौक स्थित मोबाइल कंपनी के शोरूम का जो शोरूम की आड़ में जुए का अडडा  भी बना हुआ था। जूए के इस अडडे का पर्दाफाश किया है पुलिस ने इन्हें बड़ी योजना से पकड़ने के बाद। पुलिस ने वहां से जुआ खेलते हुए 17 लोगों को भ रंगे हाथों काबू किया। एक तरफ लोग रोटी को तरस्तेहैं और दूसरी तरफ इतना पैसा है कि उसे यूं जूए में उड़ाया जाता है। ये सभी लोग अमीर घरानों से संबंधित बताए जाते हैं। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 15 लाख रुपए से ज्यादा बरामद किए हैं। आरोपियों की पहचान वरिंदर पाल सिंह, हरविंदर सिंह, केवल कृष्ण, संदीप सिंह, विनोद कुमार, सुखविंदर पाल सिंह, 1सतिंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, अमरजीत सिंह, सुनील कुमार शैंटी, सिमरजीत सिंह बजाज, बलजीत सिंह उर्फ हैप्पी और सर्वजीत सिंह व अन्य के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ के बाद और भी कई चेहरे सामने आएंगे। 
पत्रकार सम्मेलन में जानकारी देते हुए पुलिस कमिश्नर परमराज सिंह उमरानंगल व डी.सी.पी. नरिंदर भार्गव ने बताया कि इस मामले का मुख्यारोपी शाहजाद गिल है। उसका गिल रोड पर मोबाइल कंपनी का शोरूम है। उन्होंने बताया कि इसी आड़ में ही आरोपी यह धंधा चला रहा था। पुलिस को जब सूचना मिली, तो ए.डी.सी.पी. मुखविंदर सिंह को टीम की कमान सौंपी गई। इस पर रात डेढ़ बजे के करीब वहां छापामारी की और आरोपियों को काबू कर लिया। जुआ घर की सुरक्षा के लिए चप्पे-चप्पे पर लगाए गए थे सी.सी.टी.वी. पुलिस से बचने के लिए आरोपियों ने इस अवैध जुआ घर पर चप्पे-चप्पे पर सी.सी.टी.वी. लगाए थे। जैसे ही पुलिस की मूवमैंट होती, आरोपी सी.सी.टी.वी. पर देख लेते और अपना प्रबंध कर लेते। लोहे के बड़े मज़बूत गेट भी इसी मकसद के लिए लगवाये गए थे। 
सबसे पहले आई.पी.एस. (ट्रेनी) गौरव जिंदल को भेजा
लुधियाना के नव नियुक्त सीपी परमराज उमरानंगल के मुताबिक सी.सी.टी.वी. से अगर आरोपी पुलिस को देख लेते, तो भाग जाते। इसलिए एक योजना तैयार की गई। योजना के मुताबिक आई.पी.एस. ट्रेनी गौरव जिंदल को भेजा गया। सादे कपड़े में गौरव जिंदल अंदर दाखिल हुए। किसी को भी गौरव जिंदल पर शक नहीं हुआ। जैसे ही जुए का खेल शुरू हुआ, तो जिंदल ने बाहर खड़ी पुलिस पार्टी को इशारा कर दिया, जिस पर बाहर खड़ी पुलिस अंदर दाखिल हुई और आरोपियों को काबू कर लिया। पुलिस ने वहां से 4 कारें भी बरामद कीं। पुलिस के इस अंदाज़ से निश्चय ही जुर्म  की दुनिया में कुछ खौफ पैदा होगा और लोगों को राहत भी मिलेगी। 

Monday, December 01, 2014

कहीं174 की कार्रवाई असरदायिक लोगों का हथियार तो नहीं बन रही?

मिशी किरण कालिया की मौत का मामला फिर गर्माया 
मौत के खिलाफ परिवार ने फिर लगाई इन्साफ की गुहार  
लुधियाना: 1 दिसंबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
हादसा या हत्या 
पुलिस की तरफ से अक्सर की जाती 174 की करवाई कहीं असरदायिक लोगों का हथियार तो नहीं बन रही? यह सवाल आज दिवंगत युवक मिशी कालिया के परिवार की ओर से बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में एक बार फिर उभर कर सामने आया। गौरतलब है कि मिशी कालिया की रहस्यमयी मौत एक सड़क हादसे में हुई बताई गयी थी। मृतक युवक के परिवार ने इसे एक साज़िशन हत्या बताते हुए अपना आरोप दोहराया कि पुलिस ने किसी के प्रभाव में आ कर 174 की कार्रवाई की आड़ में सारा मामला रफादफा कर दिया है। 
आज के पत्रकार सम्मेलन में माहौल बेहद सोगवार था। रहस्यमयी मौत का शिकार हुए मिशी कालिया की मौत पर फिर से चर्चा हो रही थी। मिशी की उम्र 27 अभी केवल 27 वर्ष थी। उसे अभी पूरी ज़िंदगी जीनी थी। उसने बहुत से सपने देखे थे। ज़िंदगी में बहुत कुछ कर दिखाने के इरादे और वायदे भी थे। परिवार को उससे बहुत सी उमीदें थीं। 
अचानक एक दिन आधी रात को उसके हादसे की खबर आई। उसका परिवार अस्पताल पहुंचा।  परिवार को बताया गया कि उसका इलाज चल रहा है। दोपहर होते होते उसकी मौत की पुष्टि कर दी गई। मिशी कालिया की मां मीनू कालिया ने आरोप लगाया कि उनके साथ अस्पताल में भी छल हुआ और पुलिस विभाग में भी। मीनू ने बताया कि उनके बेटे की मौत के बाद भी अस्पतालमेंइलाज का बहन जारी रखा गया। शव मुर्दाघर में था लेकिन हमें इलाज की बात कह कर महंगी दवाएं मंगवाई जाती रहीं। 
मीनू कालिया ने स्पष्ट कहा कि वह इन्साफ लिए बिना चुप नहीं बैठेगी। जिन लोगों ने  हमारा बुढ़ापे का सहारा छीना है हम उन्हें चैन से नहीं बैठने देंगे। हमारा संघर्ष आखिरी सांस तक जारी रहेगा।
अब देखना है कि 174 की करवाई को लेकर लगातार बढ़ रहा जन असंतोष सरकार  को इस मामले में किसी नए कदम के लिए तैयार कर पाता है या नहीं?

Tuesday, November 18, 2014

ख़ुशी राम एंड सन्ज़ को लूटने वालों के स्केच जारी

जल्द काबू में होंगें फ़िल्मी ढंग से लूटने  वाले लुटेरे 
लुधियाना: 18 नवंबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
बेहद फ़िल्मी अंदाज़ में दिन दहाड़े शहर के जाने मने व्यापारी और स्वीटस किंग ख़ुशी राम एंड सन्ज़ को उनके ही घर में लुटेरे आराम से लूट ले गए। लूट का यह सारा प्रकरण ख़ुशी राम एंड सन्ज़ की सराभा नगर स्थित रिहायश पर हुआ। हालांकि पुलिस के हाथ अडर इन कानून का भी तक कोई सुराग नहीं लगा लेकिन पुलिस का दावा है कि लुटेरे जल्द ही कानून के शिकंजे में होंगें। गौरतलब है कि इस वारदात को चार दिन गुज़र चुके हैं और जाँच पड़ताल का काम ज़ोर शोर से जारी है। पुलिस ने आज एक पत्रकार सम्मेलन उनके स्केच भी जारी किये।  सिंगल विंडो में बुलाये गए एक पत्रकार सम्मेलन में ए सी पी क्राईम जसविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की पूरी घंटा से जाँच कर रही है। उन्होंने बताया कि 15 से 20 लाख रूपये की रकम लूटी गयी है। उन्होंने कहा की जाँच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर ही लुटेरों के स्केच जारी किये गए। ये स्केच हर पुलिस स्टेशन में पहुंचा दिए गए हैं। इससे पुलिस को काफी सहायता मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्केच में जो एक जवान सरदार नज़र आ रहा है उसी ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी जबकि दूसरा लुटेरों की अगवाई कर रहा था।इसमें कोई शक नहीं कि पुलिस जल्द ही लुटेरों को पकड़ लेगी और लूटी गयी रकम भी बरामद कर लेगी पर यह सवाल लगातार गंभीर होता जा रहा है कि लगातार बढ़ रही पुलिस फ़ोर्स की सख्ती के बावजूद जुर्म की दुनिया में पुलिस और कानून का डर क्यों नहीं पैदा हो रहा? कहीं इसका कारण मुजरिमों को अपने सियासी आकाओं की कथित पुश्त पनाही पर अगाध विश्वास तो नहीं?ਨੂੰ ਲੁੱਟਣ ਵਾਲਿਆਂ ਦੇ ਸਕੈਚ ਜਾਰੀ

Friday, August 08, 2014

जारी है मासूमों पर पैसे वालों का दमन

14 वर्षीय बालक पर 55 जैकेट  चोरी करने का आरोप
कुंदन अपनी माँ  रेणु के साथ डीसी आफिस के सामने 
लुधियाना: 8 अगस्त 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
स्वतंत्रता दिवस आने वाला है लेकिन दबे हुए गरीब लोग अभी भी उसी तरह दुखी हैं जैसे विदेशी शासन में थे। उनकी सुनवाई नहीं होती, उन्हें इंसान नहीं समझा जाता और इस दमन के बावजूद अगर कोई आवाज़ उठाने की हिम्मत कर ले तो उस पर कोई झूठा आरोप लगा कर उसे फंसाने में कोई कस्र नहीं छोड़ी जाती। इस का ताज़ा मामला सामने आया लुधियाना में। हम आपके सामने रख रहे हैं दो अलग अलग घटनाएं। इनमें एक बच्चा है और दूसरी एक महिला है।
कामरेड हरि सिंह साहनी के साथ कुंदन और उसका परिवार 
मासूम कुंदन जिसकी अभी पढ़ने की उम्र है।  कुंदन जिसकी अभी खेलने की उम्र है। छोटा सा बालक जिसे अभी तक कपड़े पहनने की तमीज़ भी नहीं आई होगी उस पर आरोप लगा दिया गया कि उसने दूकान से 55 जैकटें चोरी की हैं। दिलचस्प बात है कि 55 जैकटों का वज़न वह उठा ही नहीं सकता। लेकिन उस से यह आरोप कबूल भी करवा लिया गया। इस कबूलनामे की रेकार्डिंग भी कर ली गई। उस का कसूर पता क्या था? उसने दुकान में अक्सर आने वाले कुछ युवकों को देखा था जो चोरी से माल ले जा रहे थे। उसने देख लिया तो वे उसे ही धमकाने लगे। सहमे हुए कुंदन ने सारी बात दुकान के मालिक को बताई। दूकान मालिक शाम के जश्न में डूबा हुआ था।चोरी हो रही है यह बात सुनकर भी नहीं उठा। कहने लगा अगर सामान उठा रहे हैं तो उन्हें रोको। भला एक बच्चा हट्टे कट्टे चोर उचक्कों को कैसे रोकता? नतीजा वही हुआ की चोरी करने वालों ने उलटे उसे ही फंसा दिया। इस आरोप को कबूल करवाने के लिए उस पर दबाव बनाया गया।  उसके साथ मारपीट की गई। उस पर उल्टा छुरा रख कर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। बेचारा 14 बरस का कुंदन अपने मालिक की हर बात मानता चला गया। उसे मारपीट से बचने का यही आसान तरीका लगा। जब घर में बात खुली तो उसकी मान उस दिन को कोसने लगी जब वह करीब दस दिन पूर्व रोज़ी रोटी के चक्कर में लुधियाना आये थे। परिवार के लोग पुलिस के पीछे गए तो वहां शुरू हुआ वही पुराना चक्कर कि यह इलाका हमारे थाने में नहीं आता। थानों सीमा ढूँढ़ते ढूँढ़ते यह परिवार जब यह परिवार हताश हो गया तो  जुड़ा हैबोवाल में ही रहने वाले कामरेड हरि सिंह साहनी से।
कामरेड ने चेतावनी दी है की अगर उसे इन्साफ नहीं मिला तो कमिश्नर का घेराव किया जायेगा।  हम इस बच्चे को यूँही लावारिस नहीं छोड़ेंगे। सारे मामले की जानकारी गृह मंत्री पंजाब, डीजीपी और पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग को भी भेज दी गई है।
दूसरे वाले महिला के मामले की चर्चा हम अलग पोस्ट में कर रहे हैं।
 इस तरह के हालात  देख कर फिर याद आते हैं साहिर लुधियानवी साहिब और इनकी रचना----
माना कि अभी तेरे मेरे अरमानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
मिट्टी का भी है कुछ मोल मगर इन्सानों की क़ीमत कुछ भी नहीं
इन्सानों की इज्जत जब झूठे सिक्कों में न तोली जाएगी

वो सुबह कभी तो आएगी
कुंदन  के परिवार से सम्पर्क के लिए मोबाईल नंबर है: 99156 57953 और पता है: रेनू देवी पत्नी संभु साह, प्लाट नंबर-6484, गली नंबर-2, तरसेम कालोनी, जस्सियां रोड, हैबोवाल कलां, लुधियाना 

Thursday, July 10, 2014

लुधियाना पुलिस का अहम खुलासा

सक्रिय है लुधियाना में खतरनाक नेपाली गिरोह 
लुधियाना: 10 ਜੁਲਾਈ 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):

चोर और कुत्ती की मिलीभगत अब पुरानी लगने लगी है। अब चोर और चौकीदार मिलजुल कर चोरी की खतरनाक वारदातों को अंजाम देते हैं। यह परिणाम है वेरीफिकेशन के बिना नौकर-चाकर रखने के बढ़ रहे ट्रेंड का। फ़िल्मी अंदाज़ की इस नई चोरी के सनसनीखेज़ मामले का खुलासा किया स्वयं एडीसीपी (क्राईम) मंजीत सिंह ढेसी ने सिंगल विंडो के कांफ्रेंस हाल में की गई खचाखच भरी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान। उनोने बताया कि गत 5 जुलाई को अपनी पत्नी के साथ चंडीगढ़ गए हंबड़ा रोड के रहने वाले इंश्योरैंस कंपनी के मैनेजर सुनील सूद के घर दिन-दिहाड़े नौकर द्वारा की गई करीब 60 लाख की चोरी की वारदात को सी.आई.ए. की पुलिस ने हल कर लिया है। करीब 15 दिन पहले रखा गया नौकर नेपाली चोर गिरोह का सदस्य निकला, जिसने अपने 4 नेपाली साथियों के साथ मिलकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस सभी आरोपियों को काबू कर मात्र 2.50 लाख की नकदी बरामद कर पाई है, जबकि मैनेजर के घर से चुराए गए करीब 60 लाख की कीमत के लाखों के आभूषण, कीमती सामान, एक पिस्टल व एक रिवॉल्वर का पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लग पाया है। इस के बावजूद पुलिस इस बात इ लिए प्रशंसा की हकदार है कि इसने उस मामले को हल कर लिया जिसमें पीडीटी परिवार के पास न तो चोर की कोई तस्वीर थे और न ही उसका कोई अतापता या पूरा नाम। उसपर गिरोह इतना शातिर की चोरी का सामान जल्द से जल्द नेपाल भेजने के प्रयास में रहता। 

इस मामले को हल करने के बाद किये गए पत्रकार सम्मेलन के दौरान ए.डी.सी.पी. क्राइम मनजीत सिंह ढेसी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान नौकर केशव, इलाके के चौकीदार लक्ष्मण व उसके साथी उज्ज्वल बहादुर, अमर बहादुर व धन बहादुर के रूप में हुई है। सभी आरोपी नेपाल के रहने वाले हैं, जिन्होंने यहां अपना नेपाली चोर गिरोह बना रखा है। इस गिरोह की हर वारदात पूरे संयोजित ढंग तरीके से। हर चोरी पूरी चालाकी से। ए.सी.पी. क्राइम जसविंद्र सिंह की पुलिस पार्टी ने उन्हें बुधवार को सूचना के आधार पर थाना साहनेवाल के इलाके से तब काबू किया जब वे किसी चोरी की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। पुलिस को उनके पास से तेजधार हथियार भी बरामद हुए। आरोपियों से जब गहनता से पूछताछ की गई तो उन्होंने हंबड़ा रोड पर की गई चोरी की वारदात को कबूल कर लिया। उम्मीद है बहुत कुछ और भी सामने आएगा। 
चोरी करने के लिए ही नौकर बनाकर भेजना 

इस शातिर गिरोह के क्राईम स्टाईल की जानकारी देते हुए ए.सी.पी. क्राइम ने बताया कि इंश्योरैंस कंपनी के मैनेजर के घर चोरी करने की तैयारी उक्त आरोपियों ने बहुत पहले ही कर ली थी। इसी साजिश के चलते इलाके के चौकीदार लक्ष्मण ने केशव को नौकर के रूप में मैनेजर के घर भेजा ताकि वह घर में पड़े कीमती सामान का पहले पता लगा सके। जिस घर में नौकर की ज़रूरत हो उसमें नौकर दाखिल करना इस गैंग के लिए कोई मुश्किल नहीं था। इस साथी के ज़रिये गिरोह को घर की पूरी खबर मिलती। करीब 15 दिनों बाद मौका पाकर उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। ए.सी.पी. ने बताया कि नेपाली चोर गिरोह का सरगना लक्ष्मण है, जो चौकीदारी का काम सिर्फ इसलिए करता है ताकि पता लगाया जा सके कि इलाके के किन घरों में आसानी से हाथ साफ किया जा सकता है। कुछ दिन घरों की रैकी कर वे चोरी की वारदात को अंजाम दे देते हैं। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे हैबोवाल, समराला चौक व फिरोजपुर रोड के पास कई घरों में चोरी कर चुके हैं। इतनी वारदातों के बाद इसक तरह से वे इस क्षेत्र में पूरी तरह "मास्टर" बन चुके थे। इस के बावजूद उनकी चालाकी धरि रह गयी और वे कानून के शिकंजे  गए। 
नेपाल बार्डर से पकड़ा एक सदस्य : 
इस खतरनाक नेपाली चोर गिरोह के एक सदस्य को नेपाल बार्डर पर पुलिस ने काबू कर लिया है। आरोपी की पहचान सिद्ध बहादुर के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से मैनेजर के घर से चोरी की गई 1,16,000 की नकदी बरामद कर ली है। उम्मीद है बाकि रिकवरी भी जल्द हो जाएगी। 
नौकर को बेहोश कर की थी चोरी:
लुधियाना के समृद्ध क्षेत्र थाना हैबोवाल के इलाके में नेपाली चोर गिरोह के सदस्यों ने जिस घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घर में नेपाली नौकर केशव के साथ एक अन्य नौकर भी था। इस गिरोह ने उसे भी बहुत चालाकी से अपने रास्ते से हटाया। केशव ने चोरी करने से पहले उसे दाल में बेहोशी की दवा डालकर दी थी, लेकिन चोरी करने के दौरान वह होश में आ गया था। इस कारण उक्त आरोपियों ने उससे मारपीट कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में थाना हैबोवाल में लूट का मामला दर्ज किया गया था। 
पुलिस की लोगों से फिर अपील: पुलिस विभाग ने लोगों से एक बार फिर अपील की है कि घर में नौकर रखने से पूर्व उसकी वेरिफिकेशन अवश्य कराएं। ਪੁਲਸ ਵਿਭਾਗ ਨੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫੇਰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਹੈ ਕਿ ਕਿਸੇ ਵੀ ਨੌਕਰ ਨੂੰ ਘਰ ਵਿਚ ਰੱਖਣ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ  ਉਸਦੀ ਪੜਤਾਲ ਜਰੂਰ ਕਰਾਓ। एडीसीपी (क्राईम) मंजीत सिंह ढेसी ने मीडिया के ज़रिये कहा कि वेरिफिकेशन करवा कर नौकर के चालचलन और अतीत का पता ज़रूर कर लें। उन्होंने आगाह किया की बिना वेरिफिकेशन के रखे गए नौकर ही हमेशां घरों इस तरह की वारदातों को अंजाम देते हैं।  
वारदात में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ एक्शन: श्री देसी ने कहा कि वारदात में शामिल हर व्यक्ति को अपने किये की सज़ा भुगतनी पड़ेगी। अगर किसी ने भी इस गिरोह की सहायता की है, उसे सहयोग दिया है, पनाह दी है, लूट के माल को छुपाया या हथियारों को लेन लेजाने में मदद दी है तो वह अंदर जायेगा। 

Monday, May 12, 2014

लुधियाना: चार क्विंटल चूरा पोस्त बरामद

आसपास के प्रदेशों से लाई जाती थी चूरा पोस्त
लुधियाना: 12 मई 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन): 

पंजाब में पुलिस ने नशीले पदार्थों और इनकी तस्करी करने वालोँ की धरपकड और तेज़ कर दी है। राज्य में इस मकसद का अभियान चलाये गय है। इस अभियान के अंतर्गत ही लुधियाना के सी आई ए स्टाफ ने इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष योजना बनाई। मुखबरी के  आधार पर एक विशेष नाका कैंड नहर के पुल पर लगाया गया।  पुलिस को सूचना मिली थी कि हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले के एक गाँव में रहने वाला अल्ला दित्ता ऊर्फ अब्दुल अपने साथियों सहित आसपास के राज्यों से भुक्की को बड़ी मात्रा में लाकर पंजाब  अपने परचून ग्राहकों को बेचता है। सहायक पुलिस आयुक्त जसविंदर  ने पुलिस को मिली सफलता की यह सारी कहानी एक प्रेस  सुनाई। अब्दुल को पकड़ने के लिये नाकाबंदी इसी सुचना के आधार पर की गई थी। नाके का चार्ज एस आई सुरिंदर कुमार के पास था।  नहर पर लगे नाके के दौरान अचानक ही वहां दो संदिग्ध वाहन आते दिखाई दिए। ये दोनों वाहन थाना डेहलों की तऱफ से लुधियाना की तरफ आ रहे थे। जब उन्हें रुकने का इशारा किया गया तो वाहन सवारों ने अपने वाहन गुरूद्धारा  फलाही साहिब की तरफ जाती सङक की तरफ मोड लिये।  इनमें  वाहन महिन्द्रा एक्साइलो जबकि दूसरा टाटा 1109 था। 
महिन्द्रा गाड़ी आगे आगे आ रही थी जबकि टाटा गाडी उसके पीछे थी।  पुलिस  ने तुरंत तेज़ी दिखाते हुए पीछे आ रही टाटा 1109 को रोक लिया।  इस सारे प्रयास के बावजूद महिन्द्रा गाड़ी निकल गई और उसमें बैठे लोग भाग जाने में क़ामयाब रहे। पकड़ी गई गाड़ी में से  जहाँ पुलिस ने अपने शिकार  साथी शफ़ीक़ को काबु में सफलता पाई वहीँ 20 बोरी भुक्की  पोस्त भी बरामद किया।  इसमें चार क्विंटल चूरा पोस्त था। 

Wednesday, April 16, 2014

जुर्म: शिकायतकर्ता ही हट जाते हैं शिकायत से पीछे

लूट की शिकायत करने वालों ने कहा मिल गए हैं उनके पैसे 
लुधियाना: 16 अप्रैल 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
जुर्म की घटनायों में वृद्धि लगातार जारी है। लोग पुलिस के पास शिकायत भी करते हैं लेकिन जाँच पड़ताल का काम शुरू होते ही अधिकतर लोग पीछे हट जाते हैं। इस तरह का नया मामला एक लूट के संबंध में भी सामने आया। किसी लुटेरा गिरोह के सदस्यों ने हरगोबिंद नगर इलाके में मंगलवार की देर रात लुटेरों ने एक घर में घुसकर महिला पर हमला कर दिया और तीन लाख रुपये व दस तोला सोने के जेवरात लेकर फरार हो गए। इस सारी घटना का पता तब चला जब हमले में घायल महिला को होश आया और उसने शोर मचाया। लूट की घटना का पता चलने पर थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। इस  इलाके में सनसनी फ़ैल गई। 
इस संबंध में घटना का शिकार हुए हरजीत सिंह ने बताया कि उनका हौज़री का काम है। उनका बेटा कुछ दिनों से बीमार था और मंगलवार को ही उसे अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इसी बीच मंगलवार देर रात को उनके घर में लुटेरे घुस आए। इत्तफ़ाक़ से इसी दौरान उनकी पत्नी हरप्रीत कौर बाथरूम जाने के लिए उठी थी। हरप्रीत ने लुटेरों को देख लिया तो लुटेरों ने उसके सिर पर किसी हथियार से वार कर दिया जिसके बाद वह वहीं गिर पड़ी और बेहोश हो गई। उसके बेहोश होते ही लुटेरे पूरी तरह से निश्चिन्त हो गए होंगें। प्राप्त विवरण के मुताबिक इसके बाद लुटेरों ने घर में पड़ी तीन लाख की नगदी व जेवरात उड़ा लिए और फरार हो गए। इस बीच बेहोश पड़ी हरप्रीत होश में आई तो उसने शोर मचा दिया। जिस पर हरप्रीत का पति और घर की ऊपरी मंजिल पर रहने वाले किरायेदार जागे। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने सरे मामले की पड़ताल भी शुरू कर दी। इसके बी आड़ ही घटना में नाटकीय मोड़ आया। थाना डिवीजन नंबर 6 के एसएचओ संदीप वढेरा के अनुसार सुबह हरजीत सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम में फोन कर शिकायत की थी। मगर उसके बाद कोई बयान दर्ज कराने नहीं आया। शाम होने पर उन लोगों ने लिखकर दे दिया कि उनके पैसे मिल गए हैं। बहरहाल, पूरे मामले की जांच की जा रही है। अब देखना है कि हकीकत कब सामने आती है। लूट की वारदात फ़र्ज़ी थी या फिर लूट का शिकार हुए लोग किसी दबाव, घबराहट या झमेले के डर से पीछे हट गए। 

Tuesday, April 01, 2014

लुधियाना: चुनावी मौसम में पकड़ी 25 पेटी अंग्रेजी शराब

आरोपी बोले-हमें मोटा मुनाफा होता है 
लुधियाना: 31 मार्च 2014: (सतपाल सोनी//पंजाब स्क्रीन):
प्रचार चाहे कितना ही हो पर बुरी आदतें आसानी से नहीं छूटती। चुनावों का वक़त हो और लोग पीने-पिलाने का मौका छोड़ दें कैसे हो सकता है। ठेके बंद भी हों तब भी पीने वाले कोई चोर मोरी ढूड कर बोतल ले ही आते हैं। इस तरह के सभी प्रयासों पर पानी फेरते हुए लुधियाना पुलिस ने जीटी रोड पर 25 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की है। जिला पुलिस के एंटी नारकोटिक्स सैल ने शराब तस्करी करने के आरोप में लग्जरी कार डस्टर में 2 युवकों को काबू करके उनके कब्जे से  पकड़े गए आरोपियों में जालंधर के न्यू सूरजगंज का सतीश कुमार उर्फ सन्नी (24) व लाडोवाली रोड, दशमेश नगर का जतिंद्र सिंह उर्फ गैरी (26) है। सन्नी की जालंधर में बेकरी है जबकि गैरी की नैटवर्किंग कंपनी है। इनके विरुद्ध सलेम टाबरी थाना में एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ है। 
सैल प्रभारी सब इंस्पैक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को रविवार जालंधर हाईवे पर बैस्ट प्राइज के पास से ए.एस.आई. तरसेम सिंह की पुलिस पार्टी ने सूचना के आधार पर काबू किया। डस्टर पर टैंपरेरी नंबर लगा हुआ था। तलाशी के दौरान उसके बीच में से अलग-अलग ब्रांड की 25 पेटी अंगे्रजी शराब बरामद हुई, जो कि लुधियाना से सस्ते भाव में खरीदकर जालंधर में महंगे भाव में बेची जानी थी। पकड़े गए लोगों का कहना है कि उन्हें इस "कारोबार" में मोटा मुनाफा होता है।  उनका यह बयान सच है या शराब के चुनावी दुरपयोग को छुपाने की कोशिश इसका पता भी पुलिस को आगे की जाँच पड़ताल में जल्द ही लग जायेगा लेकिन आरोपियों की बात पर यकीन भी किया जाये तो यह मामला गंभीर है। इन लोगों से सस्ती शराब लेने वाले भी अक्सर असर  रसूख वाले सफेदपोश लोग ही होते हैं जिन्हें शराब की बोतल बाज़ार से आधे से भी कम भाव पर मिलती है।