Showing posts with label Sea. Show all posts
Showing posts with label Sea. Show all posts

Tuesday, October 14, 2014

इस बार फिर नासा हैरान है

हुदहुद की तबाही को मौसम विभाग ने हैरानीजनक हद तक कम किया
हुदहुद की तबाही को हमारे मौसम विभाग ने हैरानीजनक हद तक कम कर दिया। इस बार फिर नासा हैरान है और साथ ही पूरा विश्व भी। इस करिश्मे को कर दिखाया हमारे वैज्ञानिकों और अन्य सबंधित कर्मचारियों ने लेकिन इस चमत्कार का श्रेय 
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी जाता है जिन्होंने समय रहते इस मुद्दे पर विशेष बैठक बुलाई और विभाग की पीठ थपथपाने के साथ साथ उन्हें उत्साह भी दिया और कार्य की खुली छूट भी। जब हुदहुद की सुनामी आई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद 14 अक्टूबर 2014 को आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तूफान प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए निकले। पीआईबी के कैमरामैनों ने इन पलों को झट से अपने कैमरे में संजो लिया।  (फोटो पसूका-हिंदी इकाई)

तूफान प्रभावित वाइजाग में राहत अभियान की समीक्षा


14-अक्टूबर-2014 17:57 IST
आवश्यक सभी मदद भारत सरकार करेगी
समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी का वक्तव्य
परसों जो भयंकर cyclone आया, और उसके कारण आंध्र को और कुछ भाग में उड़ीसा को जो संकट झेलना पड़ा, अनेक लोगों को अपने प्राण खोने पड़े, इस कठिनाइयों से गुजरे हुए सभी नागरिक भाइयों-बहनों के प्रति मैं अपनी सहानुभूति प्रकट करता हूं। इस संकट के समय पूरा देश, भारत सरकार, आंध्र के साथ Vizag के लोगों के साथ पूरी ताकत से खडे हैं। आवश्यक सभी मदद भारत सरकार करेगी। 

इस Cyclone में Technology का बहुत ही Perfect उपयोग हुआ, पहले दिन से ही। इस Cyclone में मौसम विभाग ने Technology का बखूबी उपयोग किया और 6 तारीख से ही ये संकेत दे दिए गए थे। जो अनुमान थे, उतनी ही Velocity रही। जो दिशा थी अनुमानित, वही दिशा रही। जो अनुमानित Time था, वही Time रहा। और एक प्रकार से इस संकट से बचने में ये Technology का उपयोग भी काफी काम आया। 

दूसरी सबसे महत्‍वपूर्ण बात हुई, जब केंद्र और राज्‍य, दोनों, कंधे-से-कंधा मिला करके काम करते हैं, सही दिशा में काम करते हैं, तो कितने बड़े संकट क्‍यों न हो, उन संकटों से उभरा जा सकता है। आंध्र Government और भारत सरकार ने 5 दिन लगातार minute-to-minute Perfect Co-ordination के साथ काम किया। Local Body ने भी उसको पूरी तरह Follow किया। मैं Vizag के नागरिकों का भी अभिनंदन करना चाहता हूं कि संकट के समय उन्‍होंने सरकार की सूचनाओं का पालन किया। पूरी तरह से discipline को माना, और उसके कारण लोगों की जिंदगी बचाने में हम सफल हुए। इन संकटों के बावजूद भी, यह एक भयंकर Cyclone था। आपने तो इसको खुद ही अनुभव किया है। 

आपने जो धैर्य रखा.... और आज भी मैं बहुत दूर गया। मैंने हवाई निरीक्षण करके ओडि़शा का इलाका भी देखा आज। मैंने पहले कहा, उस प्रकार से भारत सरकार इस संकट के समय पूरी तरह आंध्र सरकार के साथ रहेगी। भारत सरकार के जो कई establishments हैं, उनका भी भारी नुकसान हुआ है। Coast guard हो, Navy हो, Railways, Airlines, National Highways, उन सबके लिए भी भारत सरकार की तरफ से लोग आएंगे, survey करेंगे और उसकी चिंता भी हम करेंगे। 

अभी जितनी जानकारी मुझे मिली है, detailed survey भी हम करेंगे, भारत सरकार की भी team आएगी। किसानों का भी यह फसल का आखिरी समय था। इसलिए बहुत नुकसान उसके कारण किसानों का भी हुआ था। तो Agriculture survey, Property का जो नुकसान हुआ है, उसके लिए, मैं Insurance कंपनियों को भी सूचना करूंगा, वो तत्‍काल अपने लोग लगाएं। और Private Insurance वाले जो लोग हैं, उनके साथ बैठ करके सहानुभूतिपूर्वक उनकी सारी Claims को तुरंत workout करे, उनकी मदद करें। मैं Insurance Companies को भी आग्रहपूर्वक ये विषय बता दूंगा। 

तत्‍काल जो अवस्था हैं, उसमें इतना बड़ा काम है। आंध्र प्रदेश एक तो नया-नया राज्‍य बना है। उसको अभी कई चीजें करनी बांकी है। ऐसे में इतना बड़ा संकट आया है। दूसरी तरफ, अभी 15 दिन पहले तो मैं इतना उत्‍साह और उमंग से उछल रहा था। Vizag को Smart City बनाने का सपना ले कर के। अचानक ये कसौटी आ गई है, लेकिन मुझे विश्‍वास है कि हम इस कसौटी से बाहर निकलेंगे। और बहुत ही जल्‍द सारी व्‍यवस्‍थाएं Normal हो जाएंगी और जो नुकसान हुआ, उसको भी ठीक करने में हम सफल हो जाएंगे। बिजली, पानी, Communication, इन चीजों को हमने प्राथमिकता दी है और कुछ ही घंटों में बहुत ही जल्‍द इन चीजों में सुधार आ जाएगा। 

भारत सरकार के प्रतिनिधियों को मैंने Special इस काम के लिए depute किया है। आंध्र सरकार पूरी तरह लगी हुई है। तो जनसुविधा की जो प्राथमिक आवश्‍यकताएं हैं, वो भी तुरंत चालू कर दी जाएँगीं। अभी पूरा सर्वे होना बांकी है। लेकिन तत्‍काल इतने बड़े संकट को पहुंचने के लिए भारत सरकार की तरफ से एक Interim Assistance के रूप में 1,000 करोड़ रुपए भारत सरकार की तरफ से देने की मैं घोषणा करता हूं। 

तुरंत Survey होने के बाद आगे भी भारत सरकार आंध्र के साथ, Vizag के साथ पूरी तरह साथ रहकर के इन समस्‍याओं से निकलने के लिए जो भी आवश्‍यकता होगी, उसको पूरा करेंगे। जिन लोगों ने अपना जीवन खो दिया है, जिनकी मृत्‍यु हुई है, उन (के निकटतम रिश्‍तेदारों) को प्रधानमंत्री राहत कोष से 2 लाख रुपए और जिनको injury हुई है, उनको 50,000 रुपए भी भारत सरकार के प्रधानमंत्री राहतकोष से हम देंगें। 
धन्‍यवाद। 
***
महिमा वशिष्ट / शिशिर चौरसिया, तारा

Saturday, October 11, 2014

चक्रवाती तूफान 'हुदहुद' : सेना ने निपटने का इंतजाम किया

11-अक्टूबर-2014 19:04 IST
आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर भूस्‍खलन होने की आशंका
The Prime Minister, Shri Narendra Modi chairing a emergency high-level meeting to review the preparedness for Cyclone HudHud, in New Delhi on October 11, 2014. (PIB)
नई दिल्ली: 10 अक्टूबर 2014: (पीआईबी/ब्यूरो रिपोर्ट):
यह तस्वीर देशबन्धु से साभार 
संभावित चक्रवाती तूफान 'हुदहुद' के चलते आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर भूस्‍खलन होने की आशंका है। इसे ध्यान में रखते हुए सेना ने अपनी कुछ टीमों को निम्‍नलिखित जगहों पर तैनात किया है:- 
() आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम और श्री काकुलम में आठ बचाव टीमें और इंजीनियरों के चार कार्यदल 
() गोपालपुर में आठ बचाव टीमें (सड़कों का रास्‍ता साफ करने वाली टीम भी शामिल) 
प्रभावित इलाकों में बहु पक्षीय तयारी कर ली गयी है। इस मकसद के लिए मानवीय सहायता, आपदा राहत, लोगों को बाहर निकालने और चिकित्सकीय सहायता के लिए नौसेना के चार जहाज पूरी तरह से तैयार हैं। इन जहाजों में अतिरिक्त गोताखोर, चिकित्सक, फैलने वाली रबर की नौकाएं, हेलीकॉप्टर और राहत सामग्री जैसे भोजन, टेंट, कपड़े, दवाएं और जैकेट मौजूद हैं। कुल मिलाकर हर ज़रूरत की सामग्री इन राहत दलों के पास है। 
अतिरिक्‍त संसाधनों को आपातकालीन उपयोग के लिए अलग से रखा गया है और जैसे भी हालात पैदा होंगे, उसी के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। हालात पर लगातार करीबी नजर रखी जा रही है। 
***
विजयलक्ष्‍मी कासोटिया/एएम/आरआरएस/आर-4184

Monday, April 01, 2013

16 बंगलादेशी मछुआरों के शव समुद्र में मिले

                       सभी मृतकों के हाथ-पैर बँधे हुए थे
कुछ दिन पूर्व लापता हुए बांग्लादेशी मछुयारों के शव मिल गए हैं। रेडियो रूस ने यह समाचार देते हुए सिन्हुया के हवाले से बताया कि मुर्तकों के हाथ पाँव बंधे हुए थे। रेडियो ने बताया कि सोमवार को बंगलादेश के दक्षिणी-पश्चिमी समुद्री-तट पर कुतुब्दिया द्वीप के पास बंगाल की खाड़ी में 16 मछुआरों के शव मिले हैं। कोक्स बाज़ार के पुलिस प्रमुख मुहम्मद आज़ाद मियाँ के हवाले से सिन्हुआ समाचार समिति ने यह ख़बर दी है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले 23 मछुआरे कुतुब्दिया की ओर रवाना हुए थे जो बाद में लापता हो गए थे। उनकी खोज की जा रही थी। सभी मृतकों के हाथ-पैर बँधे हुए थे।
कोक्स बाज़ार के पुलिस अधिकारी मुहम्मद आज़ाद मियाँ ने बताया कि ऐसा लगता है कि इन लोगों के हाथ-पैर बाँधकर इन्हें जीवित ही समुद्र में फेंक दिया गया था। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। पुलिस का अनुमान है कि समुद्री डकैतों ने इन मछुआरों की हत्या की होगी।

16 बंगलादेशी मछुआरों के शव समुद्र में मिले

Sunday, February 03, 2013

भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्‍यान केंद्रित किया

01-फरवरी-2013 15:23 IST
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान
रक्षा पर विशेष लेख  *हामिद हुसैन
    भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्‍थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्‍साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
    भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्‍क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्‍टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्‍त क्षेत्रीय मुख्‍यालय (एनई) की स्‍थापना तथा 8 सीजी स्‍टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्‍टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
    भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्‍तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्‍तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्‍न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्‍य में तटरक्षक अकादमी की स्‍थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्‍मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्‍यालय, 12 जिला मुख्‍यालय, 42 स्‍टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
    श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्‍य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्‍प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्‍नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्‍तार किया है।
    बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्‍थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्‍थलों पर इलेक्‍ट्रो ऑप्‍टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्‍य क्षेत्र में, 6 लक्ष्‍यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
    भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्‍हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्‍त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्‍यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
    भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्‍सा बचाव किए गए।
    भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी अपनी पहचान स्‍थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्‍थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्‍च स्‍तरीय बैठक जापान के टोक्‍यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्‍तूबर, 2012 में नई दिल्‍ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्‍मेलन आयोजित किया गया। यह सम्‍मेलन काफी महत्‍वपूर्ण था क्‍योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्‍त, भारत-पाकिस्‍तान संयुक्‍त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्‍ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
    भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्‍तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्‍य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्‍प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्‍य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्‍बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका) 
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्‍यान केंद्रित किया 
मीणा/आनंद/लक्ष्‍मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013