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Wednesday, May 28, 2025

GCG की ज़मीन पर अतिक्रमण रोकने के लिए विरोध तेज़

From Brij Bhushan Goyal on Wednesday 28th May 2025 at 6:26 PM Regarding encroachment of GCG College

SCD गवर्नमेंट कॉलेज के पूर्व छात्र भी GCG के समर्थन में आए 


लुधियाना
: 28 मई 2025: (*ब्रिज भूषण गोयल//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स लुधियाना के खेल के मैदान पर एक धार्मिक स्थल द्वारा अतिक्रमण कर स्थायी रूप से पार्किंग स्थल बनाने की मीडिया रिपोर्टों से स्पष्ट रूप से आहत, एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना के पूर्व छात्रों ने कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों का समर्थन किया है। पूर्व छात्र इसे शिक्षा के मंदिरों पर अपराध मानते हैं। वे इस बात से दुखी हैं कि उनकी बेटियों को धार्मिक और राजनीतिक नेताओं की विचारहीनता के कारण भीषण गर्मी में विरोध करने के लिए मजबूर किया गया है, जबकि जिला प्रशासन इस मुद्दे पर मौन है।

पूर्व छात्र संघ के संगठन सचिव बृज भूषण गोयल ने कहा कि लड़कों के कॉलेज के पूर्व छात्र राजनीतिक-धार्मिक गठबंधन द्वारा इस मुद्दे पर गवर्नमेंट कॉलेज गर्ल्स प्रिंसिपल को प्रताड़ित करने की निंदा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गर्ल्स कॉलेज ने कमला चौधरी जैसी छात्राओं को तैयार किया, जो 1960 के दशक की शुरुआत में संयुक्त पंजाब से पहली महिला पीसीएस अधिकारी थीं।

कॉलेज ने राज्य के कई कॉलेजों और स्कूलों को कई अच्छे शिक्षक भी दिए हैं।

प्रतियोगिता की तैयारी और खेल सुविधाओं के लिए कोई संस्थान स्थापित करने के बजाय, सरकार अतिक्रमण की मूक गवाह बनी हुई है, "गोयल ने कहा। इस मुद्दे पर एक दृश्य चर्चा में अन्य लोगों ने कहा: 

इसी तरह विरोध के स्वर तीखे होते जा रहे हैं। बहुत से लोग मुखर हो कर विरोध कर रहे हैं पूर्व छात्र प्रो पीके शर्मा ने कहा: हमें गर्ल्स कॉलेज और छात्रों का समर्थन करना चाहिए I वे कॉलेज की भूमि पर अतिक्रमण को रोकने के लिए और गलत काम करने वालों के मिलीभगत करके सरकार की इस ज्यादती का विरोध करते हैं। गर्ल्स कॉलेज के कॉलेज ग्राउंड को इस तरह से बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए।

प्रशासन को कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए भूमि के कानून का पालन करना चाहिए ताकि कॉलेज के अधिकारी अपने ग्राउंड और परिसर की सुरक्षा कर सकें।

नरिंदर सिंह मैसन ने कहा: “कॉलेज के लिए भूमि केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है।

भविष्य में इसे पार्किंग स्थल या किसी अन्य संगठन को देने की कोई आवश्यकता नहीं है।

यह एक सरकारी कॉलेज के अधिकार में है और किसी भी सरकारी अधिकारी को धर्म या किसी अन्य आवश्यकता के नाम पर इसका दुरुपयोग नहीं करने देना चाहिए I , गुरु नानक स्टेडियम की पार्किंग का उपयोग करके विशेष दिनों पर उचित शुल्क और संपत्ति के रखरखाव की जिम्मेदारियों को पूरा करके पूरा किया जा सकता है।

अतिक्रमण को रोका जाना चाहिए।

कॉलेज की चारदीवारी से फूलवाले और अन्य लोगों द्वारा हटाए जाने चाहिए “।

पूर्व छात्र के बी सिंह ने कहा :  “गर्ल्स कॉलेज की कॉलेज संपत्ति शिक्षा के उद्देश्य से है और छात्र समुदाय के कल्याण के लिए इसका कोई भी उपयोग स्वागत योग्य है। किसी अन्य उद्देश्य के लिए कॉलेज के बुनियादी ढांचे का उपयोग अनुचित है। शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए - यह सभी संबंधित लोगों को स्पष्ट होना चाहिए “।

पूर्व छात्र दलबीर सिंह मौली ने कहा कि हमें कॉलेज के अधिकारियों और छात्रों का मजबूती से समर्थन करना चाहिए। गर्ल्स कॉलेज में अपनी बहनों और बेटियों के लिए खड़े होना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना के कई पूर्व छात्र हैं जिनकी बेटियां और बहनें या तो पहले यहां पढ़ चुकी हैं या अभी पढ़ रही हैं।

उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स के खेल मैदान पर अतिक्रमण के खिलाफ आज उठ खड़ी हुई दुर्गा शक्ति की की प्रशंसा की है, जिससे अतिक्रमणकारियों द्वारा किए जा रहे निर्माण को रोका जा सके।

 *बृज भूषण गोयल पूर्व छात्र संघ एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना के संगठन सचिव हैं। 

Sunday, October 10, 2021

मनोजिज्ञासा ने मनाया GCG में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस

Sunday: 10th October at 01:55 PM

 इस यादगारी आयोजन में मुख्य अतिथि थे  डॉ. डी.जे. सिंह 


लुधियाना: 10 अक्टूबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
मानसिक स्वास्थ्य की बात करें तो शायद बहुत कम लोग होंगें जो पूरी तरह स्वस्थ होंगें। मौजूदा लाईफ स्टाईल और हालात ने मानसिक स्वास्थ्य का बहुत ज़्यादा नुकसान किया है। बीपी जैसी बिमारियों के नाम ले क्र बहुत सी मानसिक बीमारियां छिप भी जाती हैं। नशे के बढ़ रहे रुझानों की गहराई में जाएं तो उनकी पृष्ठभूमि में भी मानसिक अस्वस्थता से सबंधित कारण ही मिलेंगे। स्थिति की गंभीरता को समझा लुधियाना में स्थित लड़कियों के राजकीय कालेज जीसीजी ने। इसी कालेज में किया गया इस पर विशेष चर्चा का आयोजन जिसमें बहुत सी काम की बातें हुईं। बहुत ही सादगी से इन पर गहरी चर्चा हुई। इनकी जानकारी बहुत से लोगों को मिली। एक चेतना जगाई गई जो लोगों को मानसिक स्वस्थ रहने के गुर याद रखने और समझने में सहयक ही होगी। आज जिस हिसाब से दुनिया चल रही है उसमें मानसिक स्वास्थ्य लगातार खतरों में पड़ता जा रहा है। इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ बुलाए गए थे जिन्होंने एक एक परत को सब के सामने खोला। 

मनोजिज्ञासा-सोसाइटी ऑफ साइकोलॉजी स्टूडेंट्स ऑफ गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स, लुधियाना ने पोस्टर मेकिंग, कोलाज मेकिंग और पीपीटी प्रतियोगिताओं का आयोजन करके विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया। छात्रों ने मनोसामाजिक समर्थन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर पोस्टर/कोलाज और पीपीटी बनाए; अवसाद: चलो बात करते हैं; मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए कोविड-19 महामारी के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्राथमिक उपचार और मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए मनोवैज्ञानिक प्रतिरक्षा।

डॉ. डी.जे. सिंह, एक सलाहकार मनोवैज्ञानिक और परिवार चिकित्सक और पूर्व संयुक्त निदेशक, पंजाब पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, फिलौर मुख्य अतिथि थे और डॉ (श्रीमती) रविंदर कला, नैदानिक ​​मनोवैज्ञानिक, काउंसलर और निदेशक, माइंडप्लस, लुधियाना सम्मानित अतिथि थे। अवसर। समारोह की अध्यक्षता कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्या श्रीमती कृपाल कौर ने की। डॉ. राजीव के. सहगल, विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग द्वारा गणमान्य व्यक्तियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर कॉलेज सलाहकार परिषद के सदस्य डॉ. योगेश शर्मा, श्रीमती गुरजिन्दर कौर, प्रो. बलदेव सिंह और डॉ. (श्रीमती) परमिंदर गिल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अवसर पर उपस्थित अन्य लोगों में डॉ. माधवी वशिष्ठ और प्रो. परवीन कुमार शामिल थे।

(श्रीमती) मनदीप कौर और (श्रीमती) अमिता सहगल ने पोस्टर मेकिंग और कोलाज मेकिंग प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में कार्य किया। पीपीटी प्रतियोगिता के लिए (श्रीमती) सरिता खुराना और (श्रीमती) हरलीन कौर निर्णायक रहीं। मंच संचालन समाज की अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष सुश्री जानवी जैन एवं सुश्री संवी सूद ने किया। पोस्टर मेकिंग और कोलाज मेकिंग प्रतियोगिता में पर्ल (बीए 3) और दीपिंदर कौर (बीए 1) ने पहला, हृशिता अरोड़ा (बीए 2) और हरलीन कौर (बीए 3) ने दूसरा, गगनप्रीत कौर (बीए 3) ने तीसरा स्थान हासिल किया। प्रभलीन कौर (बीए 1) और खुशी कौर सेठी (बीए 1) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पीपीटी प्रतियोगिता में ज्ञान कपूर (बीए 1) और जशनप्रीत कौर (बीए 1) ने पहला, अश्मीत कौर (बीए 3) और स्तुति धीर (बीए 3) ने दूसरा, नमनदीप कौर (बीए 3) और पलक बग्गा ने स्थान हासिल किया। (बीए 3) ने तीसरा स्थान हासिल किया और मनवीर कौर (बीए 2) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।

डॉ. (श्रीमती) रविंदर कला, विशिष्ट अतिथि ने छात्रों को सकारात्मक मनोविज्ञान और खुशी के विज्ञान जैसी विभिन्न मनोवैज्ञानिक अवधारणाओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि कैसे एक अच्छा, सकारात्मक और सार्थक जीवन व्यतीत किया जाए। इस अवसर पर डॉ. डी.जे. सिंह, मुख्य अतिथि ने जागरूकता फैलाने और मानसिक बीमारियों से जुड़े कलंक को कम करने के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के महत्व के बारे में चर्चा की। कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य श्रीमती कृपाल कौर ने भी अपने ज्ञान के शब्दों को साझा किया और छात्रों को आत्म-प्रेम में सक्षम होने और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर साइकोलॉजी सोसायटी की नई टीम का स्थापना समारोह भी आयोजित किया गया। जनवी जैन (अध्यक्ष), सानवी सूद (उपाध्यक्ष), लक्षिता सूद (महासचिव), जशनप्रीत कौर (संयुक्त सचिव), बीर अबूर कौर (कोषाध्यक्ष), और गगनप्रीत कौर, महक शर्मा, गुरलीन कौर, वंशिका बेदी को कार्यकारी चुना गया। समाज के सदस्य।

समारोह के अंत में, (श्रीमती) उमंग भारती ने धन्यवाद के शब्द रखे। इस तरह यह यादगारी कार्यक्रम सम्पन्न हो गया। लेकिन इसमें उठाए गए मुद्दों पर हर रोज़ ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। 

एक नज़र इधर भी-क्या कहती है यह-पोस्ट स्क्रिप्ट: 

कभी एक गीत बहुत लोकप्रिय हुआ करता था: पल के लिए कोई हमें प्यार कर ले---झूठा ही सही! इंसान को झूठा प्यार मिलना भी मुश्किल हो गया है। ज़रा अनुमान लगाईए कया स्थिति होती होगी मानसिक स्वास्थ्य की। 

Friday, October 09, 2020

GCG लुधियाना में लगाया गया विशेष कोविड-19 स्वास्थ्य कैंप

Friday: 9th October 2020 at 3:23 PM

 डाक्टर सीमा कौशल ने बताये बचाव के बहुत भी महत्वपूर्ण गुर 


लुधियाना
: 9 अक्टूबर 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

कोरोना की मार को रोकने में पंजाब सरकार लगातार सक्रिय है। मिशन फ़तिह के अंतर्गत इस मकसद के लिया हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत पंजाब स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की एक विशेष टीम ने लुधियाना स्थित लड़कियों के राजकीय कालेज में एक कैंप का  आयोजन आयोजन किया। इस कैंप के दौरान कोविड-19 के निशुल्क टैस्ट करवाए गए तांकि इसे रोकने में सभी आवश्यक कदम उठाये जा सकें। गौरतलब है की ऐसे कदम उठा कर ही रिकवरी दर को बढ़ाया जा सकता है और मृत्यु डर को कम किया जा सकता है। इसी मकसद के लिए जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं। समाजिक और शिक्षण संस्थान भी काम में सहयोग दे रहे हैं। यू सी एच सी जवद्दी की मेडिकल अफसर डाक्टर सीमा कौशल ने कालेज के स्टाफ  छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिए सभी सावधानियां और अन्य बातें बतायीं। रोग प्रतिरोधक शक्ति को मज़बूत रखने के लिए क्या क्या खाना पीना है इस बात के भी गुर बतलाये। डाक्टर मैडम ने बताया कि इन नियमों और सावधानियों का पालन करके ही हम कोरोना पर मुकम्मल विजय प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य की रक्षा, स्वास्थ्यवर्द्धक खानपान और आवश्यक व्यायाम इस मामले में बहुत ही आवश्यक है। कार्यवाहक प्रिंसिपल डाक्टर गुरप्रीत कौर और स्टूडेंट्स काउन्सिल की इंचार्ज डाक्टर सुखविंदर कौर की देखरेख में लगाए गए इस स्वास्थ्य कैंप का फायदा कालेज की बहुत सी छात्राओं ने उठाया। इस तरह के स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन तेज़ी से किया जा रहा है तांकि सभी क्षेत्रों के लोगों को इसका फायदा पहुंच सके। 

Thursday, November 14, 2019

नोटबंदी,कश्मीर और गौरी लंकेश पर भी हुए कविता में इशारे

कविता पहुंची कालेजों तक:GCG  में हुआ विशेष आयोजन
लुधियाना: 14 नवंबर 2019: (पंजाब स्क्रीन टीम)::
युग बदले तो वक़्त के साथ साथ बहुत कुछ बदल गया। रीति रिवाज तक बदलते देखे गए। लोगों ने अपने धर्म बदल लिए, मज़हब बदल लिए, ईमान बदल लिए। इस सब कुछ के बावजूद एक शायर ही बाकी बचा था वह भी बदल गया लेकिन फिर भी कुछ कलमकार थे जो नहीं बदले। उनकी कविता न खरीदी जा सकी और न ही किसी अंकुश से दबायी जा सकी।   
ऐसे में एक साज़िश हुई और ऐसी कविता को बंधक बना लिया गया। उनकी कविता को वर्ग विशेष से सबंधित लोगों ने अपने अपने गट से सबंधित विशेष हाल कमरों तक महदूद कर लिया। बस उनकी कविता वहीँ तक गूंजती। उसका लोगों से मिलना जुलना बंद हो गया। बंधक वर्ग से जाने अनजाने में जुड़े लोग आते, अपनी रचना सुनाते और जब दुसरे की बारी आती तो बाहर चले जाते या सो जाते। 
कविता दम तोड़ने लगी थी। किसी नई कविता का जन्म भी होता तो आम लोगों को इसका पता ही न चलता। ऐसे में आगे आए कुछ शिक्षण संस्थान।  सहयोग दिया पंजाब कला परिषद जैसे संस्थानों ने। कविता उन वर्ग विशेष के बड़े बड़े हाल कमरों से निकल कर कालेजों में आने लगी जहाँ उसे नयी पीढ़ी के लोग मिले। शायरी में ये लोग कच्चे हो सकते हैं लेकिन तिकड़मों से कोसों दूर थे। इन्होने ने भी जानेमाने शायरों को नज़दीक से देखा। नज़दीक से उनका कलाम सुना। उनके साथ चाय पी खाना खाया और उन्हें अपने नज़दीक महसूस किया।  
यह सब हमारी टीम ने देखा लुधियाना में लड़कियों के सरकारी कालेज में जिसे ज़्यादातर लोग जीसीजी के नाम से जानते हैं। इसी तरह के आयोजन सतीश चंद्र धवन राजकीय कालेज लुधियाना और जीजीएन खालसा कालेज लुधियाना जैसे संस्थानों में भी देखने को मिले। 
दिन था 14 नवंबर 2019 का। समय रहा होगा कोई सुबह 11 बजे। पंजाब कला परिषद के महासचिव डाक्टर लखविंदर जौहल किसी वजह से नहीं आ पाए। उनकी गैरमौजूदगी खटकती भी रही। हाल में औपचारिक सम्मान के बाद मंच पर सुशोभित हो चुके थे शिमला से आये जनाब कुमार कृष्ण जो हिंदी के बहुत अच्छे शायर हैं, लुधियाना से पंजाबी में बहुत गहरी बात करने वाले जनाब जसवंत सिंह ज़फ़र, चित्रों और शब्दों का जादू भरा सुमेल करने की  वाले जनाव स्वर्णजीत सवी, जनता और जनचेतना से जुड़े हुए हिंदी के शायर डा. राकेश कुमार और पंजाबी की शायरा मोहतरमा जसलीन कौर। 
कुमार कृष्ण साहिब ने जहाँ अपनी गुल्ल्क की लूट पर कविता पढ़ते हुए नोटबंदी पर अपना निशाना साधा वहीँ चींटियों और उनके सतत संघर्ष की चर्चा भी बहुत गहरे अर्थों में की। डाक्टर राकेश ने कश्मीर में फौजी वर्दी और बूटों के आतंक की चर्चा बहुत सादगी और खूबसूरती से की। जनाब जसवंत ज़फ़र साहिब ने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में कहा कि जो मां की गालियां देता है, जो बहन की गालियां देता है उसे कोख में होती हत्यायों पर कविता लिखने का कोई अधिकार नहीं। मंच संचालन कार्तिका सिंह ने बहुत खूबसूरती से निभाया। इसके साथ ही उसकी गौरी लंकेश पर पढ़ी कविता भी छायी रही। 
--(पंजाब स्क्रीन टीम में इस कवरेज पर थे-एम एस भाटिया//प्रदीप शर्मा //रेक्टर कथूरिया)

Thursday, August 22, 2019

GCG में विश्व मच्छर दिवस के बहाने से की स्वाथ्य चर्चा

Aug 22, 2019, 2:31 PM
मच्छरों की किस्मों के साथ साथ बीमारियां भी बतायीं
लुधियाना: 22 अगस्त 2019: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
लुधियाना में लड़कियों के राजकीय कालेज की छात्राओं ने आज फिर एक नयी चेतना जागरूक करने का प्रयास किया। आज कालेज के जुयोलॉजी विभाग ने विश्व मास्कीटो दिवस को  अंदाज़ में मनाया। उन्होंने पोस्टर बनाये और इन मच्छरों से होने वाली बिमारियों की चर्चा भी की। कालेज की प्रिंसिपल डा. मंजू साहनी के नेतृत्व में इन छात्राओं ने इस दिन को यादगारी अंदाज़ में मनाया। इस सारे आयोजन में बी इस सी भाग तीसरा मेडिकल की छात्राओं ने बहुत ही आकर्षक पोस्टर बनाये। इन पोस्टरों में जहाँ मच्छरों की किस्मों का उल्लेख था वहीँ इन मच्छरों से होने वाली बिमारियों की जानकारी ही दी गयी थी।  साथ ही इन बिमारियों से बचने के कारगर उपाय भी बताये गए थे।  प्रिंसिपल डा. मंजू साहनी ने साईंस सोसायटी के इस सारे प्रयास की बहुत ही प्रशंसा की। कालेज की वाईस प्रिंसिपल मैडम वरिंदरजीत कौर और इस जागरूकता अभियान की इंचार्ज डा. माधवी वशिष्ठ भी सक्रिय रहीं। मैडम किरपाल कौर, सुश्री किरण गुप्ता और श्री पलविंदर शर्मा भी बहुत उत्साहित करते रहे। कुल मिला कर यह एक यादगारी और लाभप्रद आयोजन रहा।
गौरतलब है कि विश्व मच्छर दिवस प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस ब्रिटिश चिकित्सक, सर रोनाल्ड रॉस की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1897 में यह खोज की थी, कि ‘मनुष्य में मलेरिया के संचरण के लिए मादा मच्छर उत्तरदायी है’। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन ने विश्व मच्छर दिवस मनाने की शुरूआत वर्ष 1930 में की थी।इस दिवस के बहाने से मच्छरों से सावधान रहने की जानकारी का आदान प्रदान हो जाता है। इस सारे प्रयास से स्वास्थ्य रक्षा में उल्लेखनीय सहायता मिलती है। 
यहाँ भूलना न होगा कि मच्छर मामूली जीव नहीं हैं। यह विश्व के सबसे प्राणघाती कीटों में से एक हैं। इसमें मनुष्यों के भीतर रोग प्रसारित और रोग संचारित करने की अदभुत क्षमता है, जिसके कारण विश्व में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मृत्यु तक भी हो जाती है। यह बताना भी आवश्यक है कि मच्छर कई प्रकार के होते हैं, जो कि कई प्रकार के रोगों के संवाहक हो सकते हैं। निम्नलिखित रोगों के लिए एडीज, एनोफेल्स, क्यूलेक्स मच्छर (जीवित जीव, जो कि मनुष्यों या कीटों से मनुष्यों के बीच संक्रामक रोग प्रसारित कर सकते हैं) माध्यम के रूप में कार्य करते है। मच्छरों के काटने से बीमारियां बेहद गंभीर और खतरनाक होती हैं। 
एडीज से जो खतरनाक बीमारियां होती हैं उनमें हैं चिकनगुनिया, डेंगू बुख़ार, लिम्फेटिक फाइलेरिया, रिफ्ट वैली बुखार, पीला बुखार (पीत ज्वर), ज़ीका।
इसी तरह एनोफेलीज़ से मलेरिया, लिम्फेटिक फाइलेरिया (अफ्रीका में)। बहुत फैलती हैं। 
क्यूलेक्स से जापानी इन्सेफेलाइटिस, लिम्फेटिक फाइलेरिया, वेस्ट नाइल फ़ीवर हो जाता है जो बेहद खतरनाक भी होता है और पीड़ादायक भी। कालेज के पोस्टरों  जानकारी सचमुच बहुत ज्ञानवर्द्धक थी।