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Saturday, July 09, 2016

11 जुलाई की हड़ताल-ट्रेड यूनियन नेतायों ने धोखा किया?

We call upon you all to quit the bandwagon of dead TUs 
Carry forward the Strike of 11th July

हड़ताल को टालने का निर्णय पड़ेगा भारी
कर्मचारियों को लग रहा कि नेताओं ने उनके साथ धोखा किया है
Worker Socialist Movement
नईदिल्ली। हड़ताल को टालने का निर्णय फेडरेशनों के साथ-साथ इनसे जुड़ी यूनियनों को भारी पडऩे वाला है। कर्मचारियों को लगने लगा है कि अब रेलवे में इनका विकल्प जरूरी हो गया है ताकि इनकी मनमानी पर अंकुश लगाया जा सके। कर्मचारियों के बीच अब यह नारा लग रहा है शौक नहीं मजबूरी है अब दोनों यूनियनों को हटाना जरूरी है…। इसी एक नारे से कर्मचारियों की भावनाओं को समझा जा सकता है। फेडरेशनों के निर्णय से कर्मचारियों के बीच काम करने वाले यूनियन पदाधिकारियों के सामने विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। वह चुप होकर बैठ गये हैं। उन्होने हांलाकि हड़ताल स्थगित करने को अपनी जीत बताने की कोशिश की लेकिन जिस प्रकार के उनको जबाव सुनने को मिले उससे उन्होने चुप रहना ही बेहतर समझा है। कर्मचारियों के बीच तेजी से यह बात फैल रही है कि जबतक सेवानिवृत्त लोगों को घर नहीं बैठाया जाता तब तक उनका भला होने वाला नहीं है।
हड़ताल को स्थगित करने के फैसले से कर्मचारी बिफरे हुये हैं। उन्हे लग रहा है कि नेताओं ने उनके साथ धोखा किया है। पहले से ही वेतन आयोग के खिलाफ सरकार को कोसने वाले यह लोग अब नेताओं को सबसे बड़ा धोखेबाज बताने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इनको लग रहा है कि सरकार के साथ फे डरेशनों के नेताओं ने कोई गुप्त समझौता किया है जिसके कारण हड़ताल को रद्ध किया गया है।
कर्मचारियों को किसी भी समिति पर कोई विश्वास नहीं है। वह तो 11 जुलाई को हड़ताल या फिर उठाये गये मुद्धों का हल चाहते थे। लेकिन फेडरेशनों के नेताओं ने जिस प्रकार से सरकार के सामने समर्पण किया उसे लेकर वह काफी आक्रोशित हैं। उन्हे लग रहा है कि नेताओं ने उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया, हड़ताल के नाम पर उन्हे बरगलाया गया।
वहीं दूसरी ओर अब जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले यूनियन के पदाधिकारियों के सामने अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई है। वह पद जाने के डर से अपनी यूनियन के निर्णय का विरोध नहीं कर पा रहे हैं लेकिन उन्हे भी लग रहा है कि बड़े नेताओं ने गलत किया है। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया में यह पदाधिकारी हड़ताल को लेकर जमकर माहौल बनाने में लगे हुये थे। अब इनके पास कोई जबाव नहीं है। कई कर्मचारियों ने रेलवार्ता कार्यालय में फ ोन कर जानना चाहा कि नेता कितने में बिके हैं यदि कोई गुप्ता जानकारी हो तो उसे सार्वजनिक किया जाये। कर्मचारी पदाधिकरियों से पूछ रहे हैं कि उनके नेताओं ने कितने में समझौता किया है…। सोशल मीडिया पर कई दिनों से छाये यह नेता अब भूमिगत हो गये हैं।
दरअसल हड़ताल स्थगित करने के निर्णय को सही ठहराने की उन्होने कोशिशें की लेकिन कर्मचारियों के जबाव सुनकर इन्होने चुप रहना ही बेहतर समझा।
कल तक सरकार को वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर निशाना बना रहे यह कर्मचारी अब दोनों फेडरेशनों को निशाना बनाये पड़े हुये हैं। नेताओं को गंदी से गंदी गाली देने में भी इन्हे अब परहेज नहीं हैं। कर्मचारियों के इस गुस्से को देखकर लगता है कि यदि फेडरेशन के नेता हड़ताल के लिये अड़ जाते तो शायद कर्मचारियों का कुछ भला हो जाता या फिर 1974 के बाद एक बार हड़ताल हो जाती। इस तरह से घुटने टेकने से अच्छा था एक सम्मान जनक समझौता या फिर हड़ताल। कर्मचारियों का कहना है कि फेडरेशनों के नेता कभी हड़ताल करना ही नहीं चाहते थे वह तो सरकार को ताकत दिखाना चाहते थे ताकि कुछ पर्दे के पीछे से कुछ पाया जा सके लेकिन उल्टा हो गया। आज मोदी सरकार ने इन नेताओं की विश्वनीयता पर ही प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। कल तक सरकार को गाली देने वाले आज इनको गाली दे रहे हैं। शायद सरकार चाहती भी यही थी।

by Rohit kumar tpz

Saturday, May 21, 2016

रेल मंत्रालय द्वारा तीन और रेलवे स्टेशनों पर वाई फाई शुरू

20-मई-2016 19:33 IST

पटना, रांची और विशाखापटनम पर मिलेगी वाई-फाई सुविधा 

The Union Minister for Railways, Shri Suresh Prabhakar Prabhu inaugurating the Fast Wi-Fi services at Patna (Bihar), Ranchi (Jharkhand) and Visakhapatnam (Andhra Pradesh) Railway Stations, through Video Conferencing from Rail Bhawan, in New Delhi on May 20, 2016. The Chairman, Railway Board, Shri A.K. Mital and other dignitaries are also seen.   (PIB)
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने रेल भवन, नई दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पटना (बिहार), रांची (झारखंड) और विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के लिए हाई स्पीड वाई-फाई सेवाओं का उद्घाटन किया। रेलवे यात्रियों को अति आधुनिक विश्व स्तरीय तथा हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराने के लिए रेलटेल द्वारा गूगल के सहयोग से इन रेलवे स्टेशनों पर आगंतुकों और रेल उपयोगकर्ताओं के लिए वाई-फाई की सुविधा शुरू की गई है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष श्री ए. के. मित्तल, सदस्य इंजीनियरिंग श्री वी. के. गुप्ता, रेलटेल के प्रबंध निदेशक श्री आर. के. बहुगुणा और बोर्ड के अन्य सदस्य इस अवसर पर रेल भवन में उपस्थित थे। उपरोक्त तीनों रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। 
इस अवसर पर रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु ने कहा कि भारत डिजिटलीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए इंटरनेट हर व्यक्ति की मूल जरूरत बन गया है, जिसके वे हकदार भी हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों को विश्व मानक के स्तर पर लाने और नवीनतम तकनीक के साथ तालमेल रखने के लिए, हाई स्पीड वाईफ़ाई का प्रावधान इस दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि अब तक यह सुविधा 19 रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कराई जा रही है लेकिन एक साल में इसे 100 रेलवे स्टेशनों पर सुलभ कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी 400 स्टेशनों पर वाईफाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस परियोजना के पूरा होने के बाद यह विश्व में सबसे बड़ी वाईफ़ाई सेवा होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे उपयोगकर्ताओं को दी जाने वाली सुविधाओं में सुधार के लिए अनेक कदम उठा रहा है। आने वाले वर्षों में यात्रियों को अनेक नई सुविधाएं प्रदान की जाएंगी जिससे रेलवे यात्रियों को गर्व का अनुभव होगा। (PIB)
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Friday, July 31, 2015

रेलवे बोर्ड में नये सचिव बने गंगा राम अग्रवाल

31-जुलाई-2015 20:48 IST

जर्मनी में किया था इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्‍नातकोत्‍तर 
नई दिल्ली: 31 जुलाई 2015: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
बहुत से महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके श्री गंगा राम अग्रवाल एक बार फिर नयी ज़िम्मेदारी पर नियुक्त किये गए हैं। देश के साथ साथ विदेश से भी उच्च शिक्षा पाने वाले सगरी गंगा राम अपने काम के क्षेत्र में काफी मुहर्त रखते हैं। 
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की भारतीय रेल सेवा (आईआरएसईई) के एक अधिकारी श्री गंगा राम अग्रवाल को रेलवे बोर्ड में नये सचिव का पदभार सौंपा गया है। उन्‍होंने श्री पी.सी. गजभइये के स्‍थान पर पदभार संभाला है, जो 31 जुलाई, 2015 को सेवानिवृत्‍त हो रहे हैं। यह पदभार ग्रहण करने से पहले श्री जी आर अग्रवाल मध्‍य रेलवे में मुख्‍य विद्युत अभियंता थे।  


आईआईटी रुड़की से स्‍नातक श्री अग्रवाल ने जर्मनी के डर्मस्‍टैड स्थित एप्लायड साइंसेज विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्‍नातकोत्‍तर किया और वह वर्ष 1981 में आईआरएसईई से जुड़े। उन्‍होंने वित्‍त प्रबंधन में एमबीए भी किया।
श्री अग्रवाल ने उत्‍तर रेलवे, आरडीएसओ/लखनऊ, रेलवे बोर्ड, उत्‍तर-पश्चिम रेलवे, पश्चिम रेलवे और मध्‍य रेलवे में विभिन्‍न पदों पर काम किया। वह उत्‍तर-पश्चिम रेलवे के जयपुर डि‍वीजन में संभागीय रेल प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे। उन्‍होंने दक्षिण मध्‍य रेलवे और मध्‍य रेलवे में मुख्‍य विद्युत अभियंता के पद पर काम किया। (PIB)               
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वीजी/वीएल/आरआरएस/एसके-3852

Friday, June 12, 2015

120 डेलीगेट गिनने के लिए रेलवे के सहकारी चुनाव

लुधियाना के वोटर चुनेंगे 6 डेलीगेट 
लुधियाना: 12 जून 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
उत्तर भारत की तरह आज लुधियाना में भी रेलवे के यूनियन चुनावन का बोलबाला रहा। रेलवे शैड के यूनियन कार्यालय परिसर में चुनावी प्रक्रिया जोरों पर थीं। छबील और लंगर  यूनियनों के कार्यकर्ता और नेता मिलजुल कर बहुत प्रेम साथ साथ भोजन भी कर रहे थे और चुनावी जंग भी लड़ रहे थे। रेलवे के 70 हज़ार वर्करों पर आधारित NZRE.CTC एक सहकारी सोसायटी है जोअपने सदस्यों को बहुत ही काम ड्रोन पर लोन प्रदान करती है जिसकी रिकवरी बहुत ही आसान तरीके से वेतन में से क़िस्त काट कर होती है। इस सोसायटी के 120 डेलीगेटों का चुनाव आज हो रहा है जिनमें से 6 डेलीगेट लुधियाना में से चुने जाने हैं। मुख्य मुकाबिला NRMU और URMU में हो रहा है। NRMU के कामरेड दलजीत सिंह ने कहा कि हम सभी छह चुनावी क्षेत्रों में जीत प्राप्त करेंगे। 

Friday, February 27, 2015

यदि सर्वहारा बज़ट नही बनेगा तो दिल्ली जैसे परिणाम भुगतने होंगें

Fri, Feb 27, 2015 at 8:20 PM
जो केजरीवाल की तरह ज़मीन से जुडेगा ,वही शासन करेगा !
आज भी भारत वर्ष मे रेल गरीब की सवारी है और कम किराये के कारण अन्य अवागमन के साधनो से अधिक प्राथमिकता के कारण सर्व ग्राह्य है! स्वतंत्रता के 67 वर्ष बाद भी प्रजातांत्रिक देश का नागरिक भेड़ बकरी की तरह यात्रा करने के लिये मज़बूर है, कारण यहाँ की बढती हुई आबादी, जो प्रतिवर्ष एक नया आस्ट्रेलिया जोड देती है। फ़िर भी नये रेल बज़ट मे किसी नई ट्रेन का संचालन न करके पुरानी ट्रेनो की हालत सुधारना, 400 वाई-फ़ाई स्टेशन बनाना एस्क्लेटर लगाना,लन्च आन मोबाईल आदि हास्यास्पद है या फ़िर पूँजी-पति वर्ग जो हवाई यात्रा करने के लिये सक्षम है, उसी को सहूलियतें पहुँचाने का प्रयास है! आखिर कब तक हम इस मानसिकता से ग्रसित रहेगे कि ए०सी मे बैठने और लेटने वाले नेता और सेक्रेटरीज़ अपनी सुविधाओं को ही ध्यान मे रखकर बज़ट
बनाते रहें? यदि सर्व हारा वर्ग ,जो वास्तव मे वोटर है,को ध्यान मे रखकर बज़ट नही बनेगा तो दिल्ली जैसे परिणाम भुगतने के लिये भा०ज०पा० को तैयार रहना होगा ! अब समय आ गया है कि जो केजरीवाल की तरह ज़मीन से जुडेगा ,वही शासन करेगा ! 
बोधिसत्व क्स्तूरिया, 202-नीरव निकुन्ज सिकन्दरा, आगरा- 282007

Thursday, February 26, 2015

रेल बजट 2015-16 का सारांश

 26-फरवरी-2015 14:21 IST
रेलवे बनेगा भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का प्रमुख वाहक
उच्‍च निवेश के लिए संसाधन जुटाने पर जोर
·        रेल यात्री किराए में कोई वृद्धि नहीं
·        योजना परिव्‍यय 1,00,011 करोड़ रुपए का प्रस्‍ताव, 52% की वृद्धि
उच्‍च निवेश के लिए संसाधन जुटाने पर जोर
·        यात्री सुविधाओं के लिए आवंटन में 67% की वृद्धि
·        रेलवे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का प्रमुख वाहक बनेगा, पंचवर्षीय कार्ययोजना का प्रस्‍ताव
·        रेल बजट में, उच्‍च निवेश के लिए संसाधन जुटाने पर जोर
·        ग्राहकों के अनुभव में स्‍थाई और मापन योग्‍य सुधार लाने तथा रेल को यात्रा का सुरक्षित साधन बनाने पर बल
·        पांच मिनट में रेलवे टिकटों के लिए हॉट बटन्‍स, क्‍वाइन वैंडिंग मशीनें, विभिन्‍न विकल्‍पों में से भोजन के चयन के लिए ई-कैटरिंग
·        आदर्श स्‍टेशन योजना के दायरे में 200 अतिरिक्‍त स्‍टेशन लाए जाएंगे, बी श्रेणी के स्‍टेशनों में वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी

·        यात्रियों की समस्‍याओं और सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए 24X7 हैल्‍पलाइन्‍स

·        महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए उपनगरीय गाडि़यों के डिब्‍बों में निगरानी कैमरे लगाए जाएंगे

·        चिन्हित रेलगाडि़यों में सामान्‍य श्रेणी के और भी डिब्‍बे जोड़े जाएंगे।

·        नौ रेल गलियारों की रफ्तार बढ़ाकर 160 और 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की जाएगी

·        चुनिंदा मार्गों पर ट्रेन प्रॉटैक्‍शन वार्निंग सिस्‍टम और ट्रेन कॉलिजन एवॉयडेंस सिस्‍टम लगाया जाएगा

·        9,400 किलोमीटर के दो‍हरीकरण/तिहरीकरण /चौहरीकरण की 77 नई परियोजनाओं का प्रस्‍ताव

·        स्‍वच्‍छ रेल स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत स्‍टेशनों और गाडि़यों को साफ रखने के लिए नया विभाग

संसद में आज प्रस्‍तुत किए गए रेल बजट में भारतीय रेलवे को एक बार फिर से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था का प्रमुख वाहक बनाने के उपाए सुझाए गए हैं। इसमें उच्‍च निवेश, भारी बोझ वाले मार्गों पर भीड़-भाड़ में कमी लाने और रेलगाडि़यों और प्रोजैक्‍टस डिलीवरी की गति बढ़ाने, बेहतर  यात्री सुविधाओं और सुरक्षा तथा रेलवे को जनता के लिए यातायात का पसंदीदा माध्‍यम बनाने के लिए संसाधन जुटाने की बात कही गई है। रेलमंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने संसद में बजट प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि सभी महत्‍वपूर्ण प्रस्‍तावित कदम मिशन मोड में संपन्‍न किए जाएंगे।

बजट प्रस्‍तावों में आगामी पांच वर्षों में भारतीय रेलवे के कायाकल्‍प के लिए चार लक्ष्‍य निर्धारित किए गए हैं, जो हैं : ग्राहकों के अनुभव में स्‍थाई और मापन योग्‍य सुधार लाना,  रेलवे को यात्रा का सुरक्षित साधन बनाना, भारतीय रेलों की क्षमता में पर्याप्‍त विस्‍तार करना और उसकी असंरचना को आधुनिक बनाना, अंतत: भारतीय रेलवे को आर्थिक दृष्टि से निर्भर बनाना। इन लक्ष्‍यों को प्राप्‍त करने के लिए बजट में पांच कारकों का सुझाव दिया गया है, जिनमें श्‍वेत पत्र, विजन-2030 दस्‍तावेज और पंचवर्षीय कार्ययोजना सहित मध्‍यावधि योजना अपनाने का प्रस्‍ताव शामिल है। दीर्घकालिक वित्‍त एवं विदेशों से प्रौद्योगिकी, संपर्क में सुधार लाने, चल स्‍टॉक में विस्‍तार और स्‍टेशन अवसंरचना के आधुनिकीकरण के लिए प्रमुख हित धारकों के साथ साझेदारी की जरूरत होगी। भारतीय रेलवे अतिरिक्‍त संसाधनों पर भी बल देगा, उसका अगले पांच वर्षों में 8.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने का विचार है।

रेलवे द्वारा वर्ष 2015-16 के लिए 88.5% के परिचालन अनुपात का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने के लिए,  प्रबंधन पद्धतियों, प्रणालियों, प्रक्रि‍याओं में सुधार किया जाएगा और मानव संसाधन को समर्थ बनाया जाएगा। निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी लाना, जवाबदेही को सुदृढ़ बनाना, प्रबंधन सूचना प्रणाली में सुधार लाना कार्मिकों को प्रशिक्षण देकर और उनका विकास कर उनकी प्रतिभा को निखारना भी इन लक्ष्‍यों की प्राप्ति की कार्ययोजना का अंग होगा।

भारतीय रेलवे के माध्‍यम से यात्रा को सुखद अहसास बनाने के लिए बजट में साफ-सफाई पर बल दिया गया है और स्‍वच्‍छ रेल स्‍वच्‍छ भारत अभियान के अंतर्गत स्‍टेशनों और गाडि़यों की सफाई के लिए नया विभाग बनाने का प्रस्‍ताव किया गया है। 650 अतिरिक्‍त स्‍टेशनों पर नए शौचालय बनाए जाएंगे, डिस्‍पोजल बिस्‍तरों की ऑनलाइन बुकिंग उपलब्‍ध कराई जाएगी। बजट में 24X7 हैल्‍पलाईन नम्‍बर 138, सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के लिए निशुल्‍क नम्‍बर 182 का भी प्रस्‍ताव किया गया है।

अनारक्षित श्रेणी में यात्रा करने के इच्छुक आम आदमी के सामने सबसे बड़ी समस्या टिकट खरीदने की होती है। अनारक्षित यात्रा करने वाला यात्री 5 मिनट के भीतर टिकट खरीद सके, यह सुनिश्चित करने के लिए “ऑपरेशन फाइव मिनट” शुरू किया जाएगा।

रेलवे पश्चिम रेलवे तथा दक्षिण रेलवे के उपनगरीय खंड़ों पर स्मार्ट फोनों पर अनारक्षित टिकट को जारी करने की एक पायलट परियोजना परले ही शुरू कर दी गई। उत्तरोत्तर इस सुविधा को सभी स्टेशनों पर उपलब्ध कराया जाएगा। बहुत से स्टेशनों पर स्मार्ट कार्ड करैंसी विकल्प वाली ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी लगाई गई है। इस सुविधा का और विस्तार करने तथा डेबिट कार्ड द्वारा परिचालित होने वाली मशीनों को शुरू करने का भी प्रस्ताव है। जम्मू-श्रीनगर मार्ग पर रेल-सह-सड़क टिकट की तर्ज पर और अधिक स्थानों पर एकीकृत टिकट प्रणाली लागू की जाएगी।

बहादुर सिपाहियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए के लिए वारंट को समाप्त करने के लिए रक्षा यात्रा प्रणाली विकसित की गई है। लगभग 2000 स्थानों में से 600 स्थानों पर इस सुविधा को चालू कर दिया गया है। इस सुविधा का और विस्तार किया जाएगा।

मूल्यवान ग्राहकों को अपना भोजन चुनने के लिए दिए गए विविध विकल्पों, जिसमें स्थानीय व्यंजन भी शामिल हैं, में से वे अपने पसंद का भोजन चुनने के ले इस वर्ष जनवरी से प्रायोगिक आधार पर 108 गाड़ियों में ई-केटरिंग शुरू की गई है। यात्री टिकट को बुक करते समय आईआरसीटीसी की वेबसाइट के माध्यम से अपने भोजन के ले ऑर्डर दे सकते हैं। देश की सर्वोत्तम फूड चेनों को इस परियोजना में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इस सुविधा को और अधिक गाड़ियों में लागू किया जाएगा। यात्रियों को अच्छी गुणवत्ता का भोजन प्रदान करने के लिए निर्दिष्ट मंडलों में बेस किचन स्थापित करने का भी प्रस्ताव है, जिन्हें अत्यंत विश्वसनीय एजेंसियों द्वारा चलाया जाएगा।

बहुत कम दाम पर यात्रियों को पीने के स्वच्छ पानी के लिए वाटर वेंडिंग मशीने और अधिक रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध करायी जाएंगी।

चल टिकट परीक्षकों को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध कराए जाएंगे जिनका उपयोग यात्रियों का सत्यापन और चार्टों को डाउनलोड करने के लिए किया जा सकेगा। इस प्रणाली से गमें पेपरलेस टिकटिंग और चार्टिंग की ओर अग्रसर होने और इससे पेपर के रिमों की बचत होने के अलावा रिफंड के दावों को अंतिम रूप देने में भी तेजी लाने में सहायता मिलेगी।

केंद्रीय रूप से नियंत्रिक रेलवे डिस्पले नेटवर्क को अगले दो वर्षों में 2000 से ज्यादा स्टेशनों पर लागू कर देने की संभावना है, जो गाड़ी के आगमन/प्रस्थान, आरक्षण, सामान्य तथा आपात संदेशों तथा नागरिकों की रूचि की किसी अन्य सूचना को भी मुहैया कराने में सहायता प्रदान करेगा।

यात्रियों को पहले ही प्रारंभिक अथवा गंतव्य स्टेशनों पर गाड़ियों के आगमन/प्रस्थान के अद्यतन समय की जानकारी देने के लिए “एसएमएस अलर्ट” सेवा शुरू करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार, गंतव्य स्टेशन पर गाड़ी के आगमन से 15/30 मिनट पहले “एसएमएस अलर्ट” भेजा जाएगा।

महिला यात्रियों की सुरक्षा के ले पायलट आधार पर मेनलाइन के चुनिंदा सवारी डिब्बों और उपनगरीय गाड़ियों में महिलाओं के डिब्बों में निगरानी रखने के लिए कैमरा लगाए जाएंगे परंतु ऐसा करते समय उनकी प्राइवेसी का भी ख्याल रखा जाएगा।

दिल्ली मंडल चुनिंदा शताब्दी गाड़ियों में लाइसेंस शुल्क के आधार पर ऑनबोर्ड मनोरंजन की एक परियोजना की शुरूआत कर रहा है।

साधारण श्रेणी के सवारी डिब्बों में मोबाइल फोन को चार्ज करने की सुविधा प्रदान की जाएगी और स्लीपर श्रेणी के सवारी डिब्बों में चार्जिंग सुविधाओं की संख्या में वृद्धि की जाएगी।

आदर्श स्टेशनों स्कीम के अंतर्गत यात्री सुविधाओं को अपग्रेड करने के लिए 200 और स्टेशनों को शामिल करने का प्रस्ताव है।

स्टेशनों पर धीरे-धीरे स्वयं परिचालित किए जाने वाले लॉकर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।  गाडियों में कंर्फम सीटों के लिए बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सवारी डिब्बों की संख्या में वृद्धि करके अधिक सीटे उपलब्ध कराई जाएंगी। ऊपरी बर्थ चढ़ने के लिए असुविधाजनक के स्थान पर सुविधाजनक सीढियों की व्यवस्था की जाएगी। चल टिकट परीक्षकों को भी निचली बर्थ प्राप्त करने के लिए वरिष्ठ नागरिकों , गर्भवती महिलाओं और भिन्न रूप से सक्षम व्यक्तियों की मदद करने की हिदायत दी जाएगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सवारी डिब्बे के मध्य भाग में सीटें आरक्षित की जाएगी।

भारतीय रेल अतुल्य भारत के लिए इस अतुल्य रेल प्रयास में अपना सहयोग प्रदान करेगी। ऑटोरिक्शा तथा टैक्सी चालकों को पर्यटन गाइडों के रूप में प्रशिक्षित करके कोंकण रेलवे में पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सफल प्रयोग किया गया है क्योंकि सबसे पहले यही लोग यात्रियों के संपर्क में आते हैं।

राजस्व की भागीदारी मॉडल के आधार पर ट्रैवल एजेंसियों को प्रमुक स्थलों को जोड़ने वाली चुनिंदा गाड़ियों में कुछ सवारी डिब्बे देने की संभावना तलाशने का प्रस्ताव है।

ऊपरी सड़क पुल (आरओबी) और निचले सड़क पुल (आरयूबी) के  निर्माण कार्य की अत्‍यंत आवश्यकता को सुसाध्य बनाने को देखते हुए, ऑनलाइन ड्राइंग  प्रस्‍तुत  करने  और 60 दिन के  भीतर इनके  अनुमोदन के लिए उपयोगकर्ता अनुकूल एक वेब आधारत एप्लीकेशन शुरू किया गया है। इस संबंध में हस्‍ताक्षर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर भी हस्‍ताक्षर किये गये है।  अगले वित्‍त वर्ष में 6581 करोड़ रुपये के कुल रेल खर्च की लागत पर आरओबी/आरयूबी के  970 निर्माण कार्य तथा 3438 समपारों को समाप्‍त करने के लिए संरक्षा संबंधी अन्‍य निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है। यह चालू वित्‍त वर्ष से 2600 प्रतिशत अधिक है और वर्तमान समय में सबसे अधिक है।


अभिनव प्रौद्योगिकी और विकास विनिर्माण संबंधी विजन का अनुसरण करते हुए भारतीय रेल बिजनेस ई-इंजीनियरिंग तथा नवीनता की भावन जगाने के उद्देश्य से “कायाकल्प” नाम से इनोवेशन काउंसिल स्थापित करेगा।
उच्‍चतम गुणवत्‍ता वाली सेवा के लिए ‘विदेशी रेल प्रौद्योगिकी सहयोग योजना’ शुरू करने के प्रस्‍ताव की घोषणा की गई है।गति बढ़ाने और स्‍टेशन के पुनर्विकास जैसी गहन प्रौद्योगिकी और जटल परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक कार्यों, प्रौद्योगिकी के विकल्‍प खोजने और बोली प्रक्रिया प्रबंधन के संदर्भ में विशेषज्ञता प्राप्‍त एजेंसी के सहयोग की आवश्‍यकता होती है। भारतीय रेल ने कई विदेशी रेलों और उनकी कंपनियों के साथ तकनीकी सहयोग के लिए विगत में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए है।

      इस वर्ष जब दक्षिण अफ्रीका से महात्मा गांधी की भारत वापसी की 100वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। आईआरसीटीसी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए गांधी संर्किट को बढ़ावा देने का कार्य करेगी। नई खेली और विपणन तकनीक के बारे में किसानों की सहायता के लिए आईआरसीटीसी एक विशेष यात्रा योजना –किसान यात्रा पर कार्य करेगी।

2015-16 में रेलवे की मंशा अधिक राजस्व प्राप्त करने और उपयुक्त निवेश सुनिश्चित करने की है जो प्रणाली के संकुलन को कम और लाइन क्षमता को बढ़ा सकता है। यात्री किराए से होने वाली आय में 16.7% की वृद्धि हुई है जिससे बजट में 50,175 करोड़ की आमदनी का लक्ष्य रखा गया है। अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र, विशेषकर जहां रेल गुणांक उच्च हैं, में सुदृढ़ विकास की प्रत्याशा में अधिकतम मांग को पूरा करने के लिए पूर्ण रेलवे संभाव्यता का उपयोग करते हुए माल यातायात को 85 मिलियन टन के अब तक के सर्वाधिक वर्तमान यातायात पर निर्धारित किया गया है।

माल ढुलाई से होने वाली आमदनी को 1,21,423 करोड़ रु. रखने का प्रस्ताव है जिसमें किराया दर को युक्तिसंगत बनाना, मदों का वर्गीकरण करना और दूरी का स्लैब निर्धारित करना शामिल है। अन्य कोचिंग और विविध आमदनियों के लिए 4,612 करोड़ और 7,318 करोड़ का अनुमान है। सकल यातायात प्राप्तियों के 1,83,578 करोड़ होने का अनुमान है, जो 15.3% की वृद्धि के बराबर है। साधारण संचालन व्यय में 2014-15 के  संशोधित अनुमान की तुलना में 9.6% की मामूली वृद्धि का प्रस्ताव है। कर्षण ईंधन खर्च जो 2013-14 में साधारण संचालन व्यय का 30% था जो 2014-15 के संशोधित अनुमान में घटकर 27.4% हो गया है और 2015-16 के बजट अनुमान में साधारण संचालन व्यय के और कम होकर 25% होने की आशा है। ईंधन कुशलता मानदड के आधार पर इसमें सुधार करने का इरादा है। संरक्षा अनुरक्षण और साफ-सफाई के लिए उच्चतर प्रावधान किया गया है। पट्टा प्रभार, चालू एंव विगत में बाजार से लिए गए ऋण के ब्याज के लिए 21% की वृद्धि का प्रावधान करना होगा। इन अनुमानों सहित परिचालन अनुपात 88.5% है।

     पेंशन निधि में 35,260 करोड़ रु. के विनियोग का प्रस्ताव किया गया है और मूल्यह्रास आरक्षित निधि (मू.आ.नि.) से 7,500 करोड़ रु. की योजना निवेश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस निधि से 8,100 करोड़ रु. का विनयोग रखा गया है। 6,293 करोड़ रु. की योजना आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इस निधि से आईआरएफसी को पट्टा प्रभारों के  मूल घटक के भुगतान और आगामी वर्षों में ऋण दायिताओं को चुकाने के लिए इस निधि में पूंजी निधि से व्यवस्था करने के लिए भी 7,616 करोड़ रु. के विनयोग करने का प्रस्ताव है।

योजना बजट के आकार में  52%  की वृद्धि  हुई है और यह 2014-15 के  65,798 करोड़ रुपये से  बढ़कर 2015-16 म  1,00,011 करोड़ रुपये हो गया है। केन्‍द्र सरकार से  कुल योजना बजट का 41.6% और आंतरिक सृजन 17.8% की सहायता मिली है। रेलवे  बोर्ड  मे  एक वित्‍त व्‍यवस्‍था कक्ष की स्‍थापना करने का प्रस्‍ताव है, जिसके लिए इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाएगा। (PIB)विजयलक्ष्‍मी कासोटिया/अर्चना/मनीषा/दुर्गाप्रसाद/नितिन/रीता/गीता/चित्रदेव/मनोज/सुमंत/महेश/सुनील/राजू-30

Wednesday, July 30, 2014

स्‍लीपर कोचों को हटाने की खबर सही नहीं

30-जुलाई-2014 19:18 IST
उनके स्‍थान पर एसी-3 टियर डिब्‍बे लगाने की कोई योजना नहीं
सभी मेल और एक्‍सप्रेस ट्रेनों से दूसरे दर्जे के स्‍लीपर कोचों को हटाकर उनके स्‍थान पर वातानुकूलित डिब्‍बे लगाने की योजना नहीं: रेल मंत्रालय 

समाचार माध्‍यमों के एक हिस्‍से ने खबर दी है कि रेलवे बोर्ड अगले पांच-छह वर्षों में मेल और एक्‍सप्रेस ट्रेनों में दूसरे दर्जे के सभी स्‍लीपर कोचों को हटाने पर विचार कर रहा है। यह सही नहीं है। इन खबरों में यह भी कहा गया है कि दक्षिण रेलवे की कुछ ट्रेनों में दूसरे दर्जे के स्‍लीपर कोचों को हटाकर उनके स्‍थान पर एक एसी-3 टियर कोच लगाया गया है। 

रेल मंत्रालय स्‍पष्‍ट कर देना चाहता है कि भारतीय रेल राष्‍ट्रीय वाहक के रूप में अपनी भूमिका में सभी वर्गों/श्रेणियों के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करती है और इस समय रेलवे की सभी ट्रेनों से स्‍लीपर क्‍लास डिब्‍बे हटाकर उनके स्‍थान पर एसी-3 टियर डिब्‍बे लगाने की कोई योजना नहीं है। (PIB)
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वि.कासोटिया/केपी/एनएस-2836


Tuesday, July 08, 2014

रेल पर्यटन को प्रोत्‍साहन

08-जुलाई-2014 13:45 IST
तांकि घरेलू पर्यटन क्षमता का लाभ उठाया जा सके 
रेल मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने आज संसद में वर्ष 2014-15 का रेल बजट प्रस्‍तुत करते हुए कहा कि देश में घरेलू पर्यटन के क्षेत्र में भारी संभावना का अभी लाभ नहीं उठाया गया है। इसलिए हमारी पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में ईको-टूरिज्‍म और एजुकेशन टूरिज्‍म शुरू करने की योजना है। 
रेल मंत्री ने कहा कि देवी सर्किट, ज्‍योतिर्लिंग सर्किट, जैन सर्किट, क्रिश्‍चन सर्किट, मुस्लिम/सूफी सर्किट, सिख सर्किट, बोध सर्किट, प्रसिद्ध मंदिर सर्किट आदि जैसे विशेष तीर्थ सर्किटों की पहचान की गई है। इन सर्किटों के लिए विशेष पैकेज गाडियां चलाने का प्रस्‍ताव है। इस क्षेत्र में निजी भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों के लिए कम दूरी की कुछ गाडियां शुरू करने का भी इरादा है। 
श्री गौड़ा ने कहा कि बागलकोट, बीजापुर और सोलापुर के रास्‍ते गदग से पंढ़रपुर तक एक पर्यटन गाड़ी चलाई जाएगी जो कर्नाटक और महाराष्‍ट्र के तीर्थ स्‍थलों और पर्यटन स्‍थलों को कवर करेगी। इस प्रकार की एक दूसरी गाड़ी रामेश्‍वरम से चलाई जाएगी जो कि बेंगलूरू, चेन्‍नै, अयोध्‍या, वाराणसी और हरिद्वार जैसे तीर्थ स्‍थलों और पर्यटन स्‍थलों को भी कवर करेगी। स्‍वामी विवेकानंद के नैतिक मूल्‍यों और उनके उपदेशों का प्रचार करने लिए स्‍वामी विवेकानंद के जीवन और कार्य का प्रचार करने वाली एक विशेष गाड़ी चलाने की भी योजना है। (PIB)
वि.कासोटिया/अर्चना/संजीव/प्रदीप/तारा/रामकिशन/चित्रदेव/धर्मेन्‍द्र/सुनील/राजू-

Monday, July 07, 2014

भारतीय रेल के लि‍ए सोशल मीडि‍या प्‍लेटफॉर्म

07-जुलाई-2014 20:42 IST
शुरूआत की रेल मंत्री श्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने
केंद्रीय रेलवे मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने 7 जुलाई, 2014 को नई दिल्‍ली में भारतीय रेलवे 'सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म' की शुरुआत की। इस मौके पर रेलवे राज्‍यमंत्री श्री मनोज सिन्‍हा भी मौजूद रहे।
The Union Minister for Railways, Shri D.V. Sadananda Gowda launching the social media platform of Indian Railways, in New Delhi on July 07, 2014. The Minister of State for Railways, Shri Manoj Sinha is also seen.
रेल मंत्री श्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने आज यहां भारतीय रेल के लि‍ए सोशल मीडि‍या प्‍लेटफॉर्म को लांच कि‍या। इसमें ट्वीटर, फेसबुक और वन शामि‍ल है। इस मौके पर श्री गौड़ा ने कहा कि‍ रेल मंत्रालय आज सामाजि‍क मीडि‍या में अपनी उपस्‍थि‍ति‍ दर्ज करा रहा है और रेल बजट से जुड़ी घोषणाओं की जानकारी उपलब्‍ध कराने के लि‍ए एक प्रणाली उपलब्‍ध करा रहा है। यह एक वि‍शेष प्‍लेटफॉर्म है जि‍ससे रेलवे को अपनी यात्रि‍यों से महत्‍वपूर्ण प्रति‍क्रि‍याएं प्राप्‍त हो सकेंगी। उन्‍होंने कहा कि‍ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी नेतृत्‍व में राष्‍ट्रीय जनतांत्रि‍क गठबंधन सरकार की वि‍शेषता सोशल मीडि‍या का इस्‍तेमाल है जि‍ससे पारदर्शि‍‍ता एवं सूचनाओं के आदान-प्रदान में मदद  मि‍लेगी। 

रेल राज्‍य मंत्री श्री मनोज सिन्‍हा ने कहा कि‍ भारतीय रेल परि‍वर्तन की यात्रा पर है और वह अपनी उपलब्‍धि‍यों से लोगों को अवगत कराने के लि‍ए सोशल मीडि‍या के इस्‍तेमाल को लेकर आशान्‍वि‍त है तथा रेलयात्रि‍यों से लगातार संपर्क में रहना चाहता है, उन्‍होंने कहा कि‍ एक प्रगति‍शील एवं पारदर्शी संस्‍थान होने के मद्देनजर हम सामाजि‍क मीडि‍या में अपनी उपस्‍थि‍ति‍ को बढ़ाकर काफी आनंदि‍त हैं।

इस कार्यक्रम में रेलवे बोर्ड के चैयरमेन श्री अरूणेंद्र कुमार ने कहा कि‍ रेलवे तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी और सोशल मीडि‍या का यह प्रयास इसके तकनीकी वि‍कास में मदद करेगा। 

रेलवे बजट 2014 के बारे में पल-पल की जानकारी 08 जुलाई 2014 को www.facebook.com/RailMinindia या www.twitter.com/RailMinindia या www.youtube.com/user/RailMinindia पर ली जा सकती है या 022-4501-5555 पर सुना जा सकता है। इन एकाउंटों को रेल मंत्रालय के वेबसाईट www.indianrailways.gov.in के जरि‍ए हासि‍ल कि‍या जा सकता है। ये सभी एकाउंट 08 जुलाई 2014 से सक्रि‍य रहेंगे। 
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वि.कासोटिया/के/एसकेपी-2317