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Monday, July 10, 2023

ताजपोशी से पहले जाखड़ पहुंचे बाढ़ पीड़ितों के पास

 Monday 10th July 2023 at 5:26 PM

आधिकारिक तौर पर पदभार संभालने से पहले जाखड़ का अहम एक्शन 

जमीनी स्तर पर बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा 


*राज्य सरकार को कुछ इलाकों में स्थिति गंभीर होने पर सतर्क रहने की दी चेतावनी

*भाजपा कार्यकर्ताओं ने बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास करने को कहा

मोहाली: 10 जुलाई 2023 (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

लगातार जारी झमाझम बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी। हर गली  मोहल्ले में पानी भरा हुआ था। ऐसे में पता चला कि भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अपनी ताजपोषी से एक दिन पहले ही चंडीगढ़ पहुँच रहे हैं लेकिन यह अचानक आना बाढ़ पीड़ितों  को जानने के लिए है। मकसद उन लोगों तक पहुंचना था जिन्हें नदी पर की ज़मीन पर रिहायशी एन्क्लेव बना कर  महंगे भाव मकान, कोठियां और फ़्लैट बेच दिए गए थे। यह लोग अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इनकी ज़िंदगी भर की कमाई से बने मकान बारिश की पहली ही मार से आई बढ़ में बह गए। नदी ने अपना वक्त आने पर अपनी ज़मीन कब्ज़ाने वालों को अप्पन विकराल रूप दिखलाया। बढ़ का शिकार लोग भी गुस्से और गम में थे। 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद संभालने से पहले ही मैदान में उतरे वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद सुनील जाखड़ ने सोमवार को खरड़ के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। वह खर्डे के अंदर तक जा कर उन इलाकों तक भी पहुंचे जो पूरी तरह बाढ़ की मर में थे और खतरा लगातार बना हुआ था। उन्होंने पंजाब सरकार को सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही है और कुछ इलाकों में स्थिति तेजी से गंभीर होती जा रही है।

सुनील जाखड़ ने राज्य सरकार से जरूरतमंदों के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में लगातार हो रही बारिश से हमारे लाखों लोग पीड़ित हैं और उनमें से कई लोगों की जान जाने का खतरा है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह गंभीर रहे। उन्होंने कहा कि पंजाब के कई जिलों में बाढ़ से भारी नुकसान हो रहा है। ऐसे में हम सभी का कर्तव्य है कि बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहें और इस स्थिति से निपटने के लिए हर संभव प्रयास करें। जाखड़ ने लोगों के हर दुःख को बहुत ध्यान से सुना। उनकी तबाही को उनके साथ मिल कर बहुत ही नज़दीक से देखा। आसपास के लोग उनसे अपनी  को बहुत उतावले नज़र आए। शायद पहली बार उनके दुःख को किसी ने समझा हो। 

इस मौके पर जाखड़ ने प्रशासन से अनुरोध किया कि आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की स्थिति में पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए निकासी योजना और राशन योजना को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर निकासी सुनिश्चित करना और लोगों के रहने की अग्रिम व्यवस्था किया जाना सबसे पहले जरूरी है। आम लोगों के रूटीन का जीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त हुआ नज़र आ रहा था। उनकी उम्मीदों पर फायर पानी ने उनके हर रंग को बेरंग कर दिया था। 

गम और दुःख की इस घड़ी में उनके पास पहुंचे जाखड़ ने कहा कि खरड़ के लोगों ने अपने घर और कीमती सामान खोने का डर व्यक्त किया है, क्योंकि प्रशासन ने उन्हें निचले इलाकों में अपने घर खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है। स्थिति सामान्य होने तक उनके जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह गलती ढूंढने का समय नहीं है और यह महत्वपूर्ण है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी लोग एक साथ आएं। वरिष्ठ भाजपा नेता ने सभी राजनीतिक दलों से इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अपने लोगों की रक्षा करने का आह्वान किया। अगर अभी इससे ठीक से नहीं निपटा गया तो इस त्रासदी से हमारे राज्य के लोगों को बहुत बड़ा नुकसान होगा।

संकट का गंभीरता से जायज़ा लेते हुए जाखड़ ने कहा कि यह समय सतर्क रहने और पूरी तैयारी के साथ किसी भी संकट का सामना करने के लिए तैयार रहने का समय है। इसमें कोई ढील नहीं रेहनी चाहिए। जाखड़ ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करने और जरूरतमंदों की हर संभव मदद करने का हर संभव प्रयास करने का आग्रह किया।

जाखड़ के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के दौरे के दौरान उनके साथ वरिष्ठ नेता बलबीर सिंह सिद्धू, गुरप्रीत सिंह कांगड़, अरविंद खन्ना, प्रदेश सचिव परमिंदर बराड़, जिला अध्यक्ष संजीव वशिष्ठ, कमल सैनी आदि भी मौजूद थे। उनके काफिले में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनिल सरीन लुधियाना से विशेष तौर पर पहुंचे हुए थे। 

श्री जाखड़ का काफिला इन लोगों के दरम्यान करीब एक घंटा रुका और उसके बाद मीडिया से संक्षिप्त सी भेंट वार्ता करके दुसरे बाढ़ पीड़ित इलाकों को देखने के लिए रवाना हो गया। 

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Tuesday, June 19, 2018

सरकार बाढ़ के पूर्वानुमान के लिए गूगल के साथ मिलकर काम करेगी

प्रविष्टि तिथि: 18 JUN 2018 8:12PM by PIB Delhi
गूगल के साथ किया गया एक विशेष सहयोग समझौता
नई दिल्ली: 18 जून 2018: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन):: 
इमेल के जरिये आपके संचार को अत्यधिक आधुनिक बनाने और बहुत सी अन्य खूबियों की सहायता से आज के जनजीवन को बहुत ही असं बनाने वाले गूगल का फायदा अब बाढ़ के पूर्वानुमान में भी मिल सकेगा। 
केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जताई है कि गूगल के साथ गठबंधन से भारत में बाढ़ का कारगर या प्रभावकारी प्रबंधन करने में मदद मिलेगी। जल संसाधन के क्षेत्र में भारत के शीर्ष प्रौद्योगिकी संगठन केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने गूगल के साथ एक सहयोग समझौता किया है। सीडब्ल्यूसी जल संसाधनों के कारगर प्रबंधन विशेषकर बाढ़ का पूर्वानुमान लगाने एवं बाढ़ संबंधी सूचनाएं आम जनता को सुलभ कराने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), मशीन लर्निंग एवं भू-स्थानिक मानचित्रण के क्षेत्र में गूगल द्वारा की गई अत्याधुनिक प्रगति का उपयोग करेगा। इस पहल से संकट प्रबंधन एजेंसियों को जल विज्ञान (हाइड्रोलॉजिकल) संबंधी समस्याओं से बेहतर ढंग से निपटने में मदद मिलने की आशा है।
इस समझौते के तहत सीडब्ल्यूसी और गूगल इन कार्यों में आपसी सहयोग के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस), मशीन लर्निंग, भू-स्थानिक मानचित्रण और जल विज्ञान से जुड़े अवलोकन डेटा के विश्लेषण में तकनीकी विशेषज्ञता को साझा करेंगी (i) बाढ़ पूर्वानुमान प्रणालियों को बेहतर करना, जिससे स्थान-लक्षित आवश्यक कार्रवाई योग्य बाढ़ चेतावनी जारी करने में मदद मिलेगी (ii) बाढ़ प्रबंधन की परिकल्पना करने एवं इसमें बेहतरी के लिए गूगल अर्थ इंजन का उपयोग करने से जुड़ी उच्च प्राथमिकता वाली अनुसंधान परियोजना और (iii) भारत की नदियों पर ऑनलाइन प्रदर्शनियां तैयार करने से जुड़ी एक सांस्कृतिक परियोजना।
मंत्रालय ने इससे पहले वर्ष 2016-17 के दौरान एक महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना (एनएचपी)’ का शुभारंभ किया था। एनएचपी विश्व बैंक से सहायता प्राप्त केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसमें पूरे देश को कवर किया गया है। राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना का उद्देश्य जल संसाधन सूचनाओं, बाढ़ से जुड़ी निर्णय सहायता प्रणाली एवं बेसिन स्तरीय संसाधन आकलन/नियोजन के विस्तार, गुणवत्ता एवं पहुंच को बेहतर करना और लक्षित जल संसाधन प्रोफेशनलों एवं भारत के प्रबंधन संस्थानों की क्षमता को मजबूत करना है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोग लंबे समय से बाढ़ आने से पहले समय रहते सटीक चेतावनी दिए जाने की मांग करे रहे थे। इस पहल से उनकी यह मांग पूरी होगी। केन्द्रीय जल आयोग 2016 तक अधिकतम एक दिन पहले बाढ़ के स्तर के बारे में जानकारी दे रहा था। 2017 में बाढ़ के दौरान सीडब्ल्यूसी ने बारिश आधारित मॉडल के सहारे परीक्षण के आधार पर तीन दिन पहले बाढ़ के चेतावनी जारी की। गूगल उच्च स्तरीय डिजिटल, तकनीक जिसमें वो अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञता के सहारे सीडब्ल्यूसी द्वारा प्रदत्त जानकारी के सहयोग से बाढ़ की सटीक जानकारी देगा। अब संभवतः बाढ़ आने के तीन दिन पहले ही लोगों को जानकारी मिल सकेगी। इस समझौते के बाद सरकार को करोड़ों रुपये की बचत होगी। इससे सरकार और आपदा प्रबंधन संगठनों को बाढ़ प्रभावित स्थानों और जनसंख्या की बेहतर जानकारी प्राप्त होगी। यह पहल बेहतर बाढ़ प्रबंधन और बाढ़ से होने वाले नुकसान को रोकने में मील का पत्थर साबित होगी।
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वीके/एएम/आरआरएस/बीपी/एसकेपी/डीए – 9074

Thursday, August 13, 2015

पंजाब पुलिस ने रोका सतलुज के पानी का हमला

पुलिस ने उच्च अधिकारीयों सहित पहुँच कर ठीक किया टूटा हुआ बाँध 
लुधियाना; 13 अगस्त 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
लुधियाना के लोग लम्बे समय से इस तरह कभी दहशत से नहीं गुज़रे जिस तरह उन्हें अब गुज़रना पड़ा। पंजाब में आतंकी घटनाएं अतीत की बातें हो चुकीं। नयी पीढ़ी इस तरह की बातें सुन कर हैरान होती। बच्चे पूछते कर्फ्यू क्या होता है? कभी किसी स्कूल में बम की अफवाह, कभी किसी माल में, कभी किसी अस्पताल के पास.... कुल मिला कर लुधियाना के लोग परेशान हो गए। इसी बीच खबर आई कि सतलुज दरिया का स्तर बढ़ गया है और दरिया के पानी ने गाँव खैर बेट में बाँध को भी तोड़ दिया। 
इस खबर के आते ही पंजाब पुलिस के जवान तुरंत दरिया की तरफ रवाना हुए और वर्दी में ही बाँध की मुरम्मत में जुट गए। तकरीबन 100 जवानों ने लगातार मेहनत करके पानी का आगे बढ़ना रोक दिया और आसपास के लोग बच गए। इन जवानों के साथ पुलिस के उच्च अधिकारी भी थे। 
सेना ने भी इस कार्य में काफी हाथ बंटाया। शहर में पंजाब पुलिस के इस कार्य की काफी प्रशंसा हो रही है। लोगों ने आम तौर पर जुर्म के साथ पड़ती पुलिस देखि थी पर प्राकृतिक आपदायों के साथ भी पंजाब पुलिस लोहा ले सकती है यह खाकी वर्दी के लिए एक नया स्टार साबित होगा। 

Thursday, August 22, 2013

कांग्रेसी हमेशा लड़ने की बात करते हैं--मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल

Wed, Aug 21, 2013 at 7:18 PM
मुख्यमंत्री ने किया बाढ़ ग्रस्त सीमावर्ती इलाकों का दौरा 
*धुस्सी बांध पुर्ननिर्माण के लिए 161 करोड़ रुपये की राशि के अलावा मुआवजा देने के भी दिए निर्देश
*कहा - कांग्रेसी हमेशा लड़ने की बात करते हैं और वह समझौते और साथ मिल कर चलने की

                                                                                                                                          सभी तस्वीरें गजिंद्र सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन 
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन) पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित गांवों में रावी दरिया में पानी का स्तर बढ़ने से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री शाहपुर बीओपी पर भी गए और बढ़े हुए जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए बीएसएफ के जवानों की ओर से की गई मदद पर अधिकारियों का धन्यवाद भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा, कि रंजीत सागर बांध बनने के बाद पहली बार इस इलाके में पानी का स्तर इतना अधिक बढ़ा है। उन्होंने बताया, कि पानी के आने के कारण हुए नुकसान को ठीक करने के लिए 161 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी कर दी गई है। इसके अलावा इससे किसानों के हुए नुकसान के लिए भी मुआवजा राशि जारी कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया, कि केंद्र सरकार की ओर से पूरी तरह से हुए नुकसान के लिए सिर्फ पांच हजार रुपये तक का ही मुआवजा दिए जाने की बात की जाती है। उन्होंने बताया, कि जब कि राज्य सरकार इससे अधिक का मुआवजा मांग रही है।
        अमृतसर के सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के नदारद होने के बारे में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा, कि वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। इसके अलावा पीएमओ से गुम हुई फाइलों के बारे में उन्होंने कहा, कि इसके लिए पूरी केबिनेट जिम्मेदार है। कांग्रेस पार्टी के पंजाब प्रधान की ओर से पंजाब सरकार पर किए जाने वाले मौखिक प्रहारों पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा, कि वह तो हमेशा दोस्ताना माहौल बनाना चाहते हैं। लेकिन पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह और अब प्रताप सिंह बाजवा इसी तरह की बयानबाजी देकर तकरार को हवा दे रहे हैं।