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Monday, April 29, 2013

मई महीने के रंगीन त्यौहार

फूलों, रंगों और संगीत के कई त्यौहार
                                                                 फ़ोटोः रिया नोवस्ती
मई महीने के पहले दशक में रूसी शहरों में रंगों और संगीत के कई त्यौहार मनाए जाएँगे। आजकल रूस के निवासी रंगों के भारतीय त्यौहार, होली को भी बड़े उत्साह से मनाते हैं। रूस के विभिन्न नगरों में होली के त्यौहार को मनाने का सिलसिला मार्च माह के अंत में ही शुरू हो गया था जो अप्रैल माह से गुज़रता हुआ मई माह में पहुँच जाएगा। आम तौर पर रूस में मई महीने का पहला दशक फूलों, रंगों और संगीत के कई त्यौहारों के रूप में मनाया जाता है। एक मई को श्रम दिवस और नौ मई को विजय दिवस मनाया जाएगा। इसके अलावा साबुन के बुलबुलों का त्यौहार और अंतर्राष्ट्रीय संगीत त्यौहार भी मनाए जाएंगे और रूसी हस्तशिल्प कला के एक प्रदर्शनी-मेले का आयोजन भी किया जाएगा। इस प्रकार, मई महीने के पहले दशक के दौरान रूस के नगरों, कस्बों और गाँवों का माहौल रंगों, फूलों और संगीत से भरपूर रहेगा।

इस साल, 5 मई को मास्को में रंगों का भारतीय त्यौहार, होली फिरसे मनाया जाएगा। हज़ारों की संख्या में लोग एक दूसरे पर रंग और गुलाल डालेंगे। दुनिया का सबसे रंगीन त्यौहार है यह! मास्को में यह उत्सव पूरा दिन जारी रहेगा।

रूस की राजधानी में ही एक अन्य उज्ज्वल और ख़ुशियों-भरा त्यौहार मनाया जाएगा। देश भर से रूसी कारीगरों की हस्तशिल्प कला की एक प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस प्रदर्शनी-मेले में विचित्र खिलौनों से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुओं तक, कई प्रकार की अद्भुत शिल्प कला-कृतियाँ न केवल देखी जा सकेंगी बल्कि, अगर कोई चाहे तो इन्हें ख़रीद भी सकेगा। इसके अलावा, आप "कारीगरों की नगरी" में जाकर कुछ ही घंटों में इन कला-कृतियों को बनाने के गुर सीख सकेंगे। इस प्रदर्शनी-मेले के दौरान संगीत कार्यक्रमों, राष्ट्रीय वेशभूषा की प्रदर्शनियों और लोक-नृत्यों के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, आगुन्तकों को रूसी व्यंजनों का ज़ायका लेने का भी अवसर मिलेगा।

इन सभी त्यौहारों के दौरान आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़े जाने की परंपरा है। यह एक बहुत ही सुन्दर नज़ारा होता है। गुब्बारे आसमान में उड़ते-उड़ते पता नहीं कहाँ अलोप हो जाते हैं। इस वर्ष रूस के दूसरे सबसे बड़े नगर सेंट-पीटर्सबर्ग में साबुन के बुलबुले आकाश में छोड़ने का त्यौहार मनाया जाएगा। इस दिन रूस की उत्तरी राजधानी "साबुन के बुलबुलों की नगरी" में बदल जाएगी। इस के केंद्रीय पार्क में इस त्यौहार का उद्घाटन समारोह आयोजित किया जाएगा। इस त्यौहार में हिस्सा लेने की सभी लोगों को अनुमति दी जाएगी। सिर्फ़ एक ही अनिवार्य शर्त होगीः इसके भागीदारों को उज्ज्वल कपड़े या यहाँ तक कि कार्निवाल की पोशाकें पहननी होंगी और उनके हाथों में साबुन के पानी से भरा एक मर्तबान होना चाहिए। इस समारोह का प्रत्येक प्रतिभागी अपने सपने बुन सकता है। उसके मन में कोई उदासी सेंध नहीं लगा सकेगी और उसकी सभी समस्याएँ ऐसे ही ग़ायब हो जाएंगी जैसे साबुन के पानी का बुलबुला फट जाता है।

पूरे रूस में चटख-चमकीले रंगों का माहौल है। चारों तरफ़ रंग-बिरंगे फूल खिले हैं। वातावरण फूलों की सुगंधियों से तरो-ताज़ा है। और ऐसे माहौल में संगीत, मधुर संगीत के बिना मानो किसी रंग की कमी महसूस की जा रही है। संगीत के कार्यक्रमों की कमी। संगीत के बिना कोई त्यौहार कैसे मनाया जा सकता है? तो लीजिए, यह कमी भी पूरी हो गई! रूस के एक सबसे पुराने नगर यरोस्लावल में पाँचवीं बार अंतर्राष्ट्रीय संगीत समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस शहर और इसके आसपास के नगरों में कुछ दिनों तक विभिन्न देशों से आए आर्केस्ट्राओं और संगीत-मंडलियों द्वारा शास्त्रीय संगीत लगातार पेश किया जाएगा। यदि मनुष्य के जीवन में चटख-चमकीले रंगों, फूलों की खुशबू और मधुर संगीत का बोलबाला हो तो उसके लिए इससे बेहतर और क्या हो सकता है?  (
रेडिओ  रूस)