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Friday, July 09, 2021

कोविड की तीसरी लहर मुकाबिले को 380 करोड़ रुपए मंज़ूर

Friday 9th July 2021 at 6:55 pm

कोविड से बचाव को जारी हैं हर तरह की फुल प्रूफ तैयारियां

मुख्यमंत्री द्वारा 674 जी.डी.एम.ओ., 283 मैडीकल अफ़सर (स्पैशलिस्ट), 2000 स्टाफ नर्स और 330 फेकल्टी की भर्ती के लिए हरी झंडी

कोरोना के मुकाबले के लिए हर ज़रुरी फंड देने का किया वायदा

चंडीगढ़:  9 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)

राज्य में कोविड की दूसरी लहर के चलने के बावजूद पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शुक्रवार को 380 करोड़ रुपए जारी किये जो स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों द्वारा कोविड महामारी की संभावित तीसरी लहर की तैयारी के लिए खर्च किए जाएंगे।

राज्य में कोविड की स्थिति की वर्चुअल समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने 674 जी.डी.एम.ओ., 283 मैडीकल अफ़सर (स्पैशलिस्ट), 2000 स्टाफ नर्स के साथ पटियाला और अमृतसर के मैडीकल कॉलेज में 330 फेकल्टी पद भरने की भी हरी झंडी दी। उन्होंने विभागों को यह भी कहा कि अन्य ज़रूरी अतिरिक्त पदों को भरने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाये जिससे खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाये।

मुख्यमंत्री द्वारा मंजूर किये गए 380 करोड़ रुपए पी.एस.ए. ऑक्सीजन प्लांटों, एम.जी.पी.एस. लोड एन्हांसमेंट और पैकेज सबस्टेशनों, क्रायोजैनिक लिक्विड मैडीकल ऑक्सीजन टैंकों के साथ बी.एल.एस. एबूलैंसों पर खर्च किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोविड के खि़लाफ़ राज्य सरकार की जंग में फंड को कभी भी रुकावट नहीं बनने देंगे और भविष्य में भी ज़रूरत के मुताबिक फंड जारी किये जाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य द्वारा तीसरी लहर का मुकाबला करने के लिए दूसरी लहर के मरीज़ों की अपेक्षा 25 प्रतिशत और अधिक मरीज़ों के हिसाब से तैयारी की गई है।

मुख्यमंत्री ने विभागों को निर्देश दिए कि प्रति दिन कम-से-कम 40000 टैस्टों के साथ किसी भी उभार बारे समय पर जानकारी हासिल करने के लिए स्मार्ट टेस्टिंग शुरू करना यकीनी बनाया जाये।

तीसरी लहर की रोकथाम और मुकाबला करने के लिए माहिरों के साथ सलाह परामर्श करके स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों द्वारा तैयार की गई विस्तृत रणनीति की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली स्थिति में जी.आई.एस. आधारित निगरानी और रोकथाम तरीकों का प्रयोग स्थानीय बन्दिशों के लिए ऑटो ट्रिगर विधि के द्वारा की जायेगी। दूसरी स्थिति में अगर ज़रूरत पड़े तो क्षेत्रीय या राज्य स्तरीय बन्दिशें लगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि खतरे के स्तर के आधार पर ज़िलों का वर्गीकरण करते हुए तीन वर्गों में बँटा जायेगा जिससे जिलों को वैज्ञानिक आधार पर रोक लगाने और पाबंदियाँ लागू करने के योग्य बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आंकड़े इकठ्ठा करने और इनका विश्लेषण करने के लिए हर जिले में डाटा सेल सक्रिय किया जाये।

मुख्य सचिव विनी महाजन ने मीटिंग में जानकारी दी कि फंड और ऑक्सीजन प्लांट ज़रुरी तौर पर मुहैया करवाए गए हैं ताकि कोई भी कमी न आने देने को यकीनी बनाया जाये।

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Tuesday, February 23, 2021

कोविड केस बढ़ने पर पंजाब में भी फिर से होगी सख्ती

 टैस्टों की संख्या बढ़कर प्रति दिन 30,000 होगी 

*पंजाब में कोविड केस बढऩे पर मुख्यमंत्री द्वारा 1 मार्च से अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर पाबंदी लगाने के आदेश

 *डिप्टी कमीश्नरों को हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया

*विद्यार्थियों में मामले बढऩे के मद्देनजऱ सुरक्षा उपायों के अमल के लिए स्कूलों में अध्यापक नोडल अफ़सर मनोनीत किए

चंडीगढ़: 23 फरवरी 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

कोविड से सुरक्षा के लिए मास्क
लगाती महिला Photo by
 Charlotte May of Pexels 
राज्य में कोविड के बढ़ रहे मामलों पर चिंता बढऩे के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर बन्दिशें लगाते हुए एक मार्च से अंदरूनी जमावड़ों की संख्या 100 तक और बाहरी जमावड़ों की संख्या 200 तक सीमित करने के हुक्म दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मास्क /सामाजिक दूरी का सख़्ती के साथ पालन करने और टेस्टिंग भी बढ़ाकर प्रति दिन 30,000 तक करने के निर्देश दिए हैं।

मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उच्च-स्तरीय वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमीश्नरों को सम्बन्धित जिलों में हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया है और माईक्रो कंटेनमेंट रणनीति भी अपनाई जायेगी। उन्होंने पुलिस को मास्क पहनने, सभी रैस्टोरैंटों और मैरिज पैलेसों द्वारा कोविड निरीक्षक तैनात करने बारे जारी नोटिफिकेशन का सख़्ती के साथ पालन करवाने के भी निर्देश दिए हैं और इस उद्देश्य के लिए कर और आबकारी विभाग नोडल एजेंसी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा घरों में संख्या कम करने का फ़ैसला एक मार्च के बाद लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्राईवेट दफ़्तरों और रैस्टोरैंटों को सभी मुलाजिमों के लिए कोरोना टैस्टों की ताज़ा रिपोर्ट प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हर पॉजि़टिव व्यक्ति के संपर्क में आए 15 व्यक्तियों का अनिवार्य टेस्टिंग करवाने के हुक्म दिए हैं और इसकी निगरानी सी.पी.टी.ओज़ द्वारा की जायेगी जबकि स्वास्थ्य विभाग प्रगति का जायज़ा लेगा।

मुख्यमंत्री ने टीकाकरण की प्रगति का जायज़ा लेते हुए सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) मुहिम जारी रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों और अगली कतार के वर्करों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बुज़ुर्ग आबादी और सह-बीमारियों से पीडि़त आबादी हेतु वैक्सीन के लिए भी रूप-रेखा तैयार करने के हुक्म दिए।

3.23 सी.एफ.आर. पर चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मृतकों के आडिट के निष्कर्षों का नोटिस लिया कि इनमें से ज्यादातर मौतें दाखिल रहने के 2-14 दिन के दरमियान हुई हैं। उन्होंने सह-बीमारियों से पीडि़त मरीजों खास कर प्राईवेट संस्थाओं में दाखिल मरीजों के लिए प्रोटोकॉल की निरंतर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। कुछ मौतों के घरों में होने का जिक्र करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को आदेष दिए कि घरेलू एकांतवास वाले मामलों खास कर सह-बीमारियों से पीडि़तों की उचित निगरानी को यकीनी बनाया जाये। उन्होंने हिदायत की कि स्व -निगरानी की हिदायतों पर आधारित फतेह किटों को सम्बन्धित व्यक्तियों के पॉजिटिव आ जाने वाले दिन से ही घरेलू एकांतवास में उन तक पहुँचा दी जानी चाहीये।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और मैडीकल शिक्षा विभागों को कहा कि सभी पद, जिनको विशेष तौर पर भरने की इजाजत दी गई है, को जल्दी से जल्दी भरा जाये।

सुरक्षा उपायों की पालन के लिए पंजाब पुलिस की तरफ से उठाये कदमों के बारे मुख्यमंत्री को अवगत करवाते हुये डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने बताया कि रोकों को सख्ती के साथ अमल में लाने के लिए फील्ड अधिकारियों को हिदायतें जारी की जा चुकी हैं।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के सचिव हुसन लाल ने जानकारी दी कि अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, एस.ए.एस. नगर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों में हाल ही के दिनों के दौरान कोविड के मामलों में विस्तार दर्ज किया गया है जिससे राज्य में दूसरी संभावी लहर उठने के अंदेशे प्रगटाए जाने लगे हैं।

टीकाकरण के मुद्दे सम्बन्धित उन्होंने खुलासा किया कि अब तक टीका लगाऐ जाने के बाद मामूली बुरे प्रभाव के 61 मामले सामने आए थे जबकि छह मामले अति गंभीर और 14 गंभीर मामले सामने आए थे। यह सभी अब ठीक हो चुके हैं।

राज्य सरकार के कोविड के बारे माहिरों के ग्रुप के प्रमुख डा. के. के. तलवाड़ ने कहा कि पॉजिटिविटी दर में हाल ही दौरान हुए वृद्धि के बारे विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है जिससे नौजवानों में बढ़ते मामलों की बात सामने आई है। मौजूदा दर को देखते हुए पॉजिटिविटी दर दो हफ्तों में चार प्रतिशत तक बढ़ सकती है जिसका अर्थ होगा एक दिन में 800 मामले होंगे। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए तत्काल तौर पर कदम उठाए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्य सचिव विनी महाजन ने सरकारी स्कूलों को फिर बंद किये जाने से इन्कार करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विभाग की तरफ से सभी कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने इस मौके पर कहा कि अध्यापकों को स्कूलों में नोडल अधिकारी बनाया गया है जिससे विद्यार्थियों को कोविड के मद्देनजर संयमी व्यवहार यकीनी बनाने और मास्क का उपयुक्त इस्तेमाल करने के बारे दिशा -निर्देश दिए जा सकें। यह कदम इसलिए उठाये गए हैं क्योंकि हाल ही के दौरान फिर खोले गए स्कूलों खास कर लुधियाना (3.1 प्रतिशत) और बठिंडा (2.9 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में पॉजिटिव दर में विस्तार हुआ था।

डा. तलवाड़ ने आगे कहा कि अभी तक पंजाब में कोरोना वायरस के नये रूप की आमद नहीं हुई परन्तु नये सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और नतीजे अगले हफ्ते आऐंगे।

डा. राज बहादुर ने भी इस मौके पर मौजूदा स्थिति और कोविड के फैलाव पर नकेल डालने के लिए उठाये जा रहे कदमों पर रौशनी डाला।