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Friday, July 11, 2014

एनआईईएसबीयूडी का नौकरी पोर्टल शुरू हुआ

11-जुलाई-2014 20:22 IST
नौकरी पोर्टल की शुरूआत की मंत्री कलराज मिश्र ने
The Union Minister for Micro, Small and Medium Enterprises, Shri Kalraj Mishra launching the NIESBUD, Naukri Portal, in New Delhi on July 11, 2014. The Secretary, Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises, Shri Madhav Lal is also seen
नई दिल्ली: 11 जुलाई 2014: (पीआईबी): 
केंद्रीय सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री श्री कलराज मिश्र ने आज राष्‍ट्रीय लघु व्‍यवसाय और उद्यमों संस्‍थान (एनआईईएसबीयूडी) द्वारा विकसित नौकरी पोर्टल की शुरूआत की। 

पोर्टल देश में कुशल/प्रशिक्षित व्‍यक्तियों की रोजगार संभावनाओं में सुधार के लिए एनआईईएसबीयूडी के प्रयासों की श्रंखला में एक अन्‍य प्रयास है। एनआईईएसबीयूडी द्वारा डिजाइन/विकसित किया गया पोर्टल प्रशिक्षित व्‍यक्तियों और संबंधित नियोक्‍ताओं दोनों को एक साझा मंच उपलब्‍ध करायेगा। 150 से भी अधिक व्‍यवसायों/रोजगार श्रेणियों में रोजगार के लिए मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा से सुसज्जित पोर्टल पर प्रत्‍याशित पंजीकृत नियोक्‍ता पोर्टल पर पंजीकृत लोगों में से अपनी आवश्‍यकताओं के अनुसार कुशल व्‍यक्तियों को पाने में सक्षम होगा। 

मंत्री श्री कलराज मिश्र ने एमएसएमई और एनआईईएसबीयूडी के सचिव को बधाई देते हुए आशा व्‍यक्‍त की कि यह पहल सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों के क्षेत्र में अपनी प्रकार की पहली होगी जो रोजगारहीन कुशल लोगों को विभिन्‍न औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार प्राप्‍त करने में सहायक होगी और इसके साथ ही एनआईईएसबीयूडी को भी इसकी प्रशिक्षण गतिविधियों को सुधारने में सहायता करेगा। 

मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि मंत्रालय को भारत को एक उद्यमी देश के रूप में तैयार करने के लिए प्रयास करने और एमएसएमई क्षेत्र को सुदृढ़ करने की आवश्‍यकता है। ग्रामीण और उप-नगरीय क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं को उनके अपने उद्यम स्‍थापित करने में सहायता करने के लिए उन्‍हें मंत्रालय के विभिन्‍न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल किया जा रहा है। श्री माधव लाल, सचिव (एमएसएमई) जब पोर्टल की शुरूआत करते हुए संस्‍थान को बधाई दे रहे थे उन्‍होंने प्रशिक्षित व्‍यक्तियों को रोजगार अवसर उपलब्‍ध कराने के महत्‍व को रेखांकित किया। सचिव ने बाद में जोड़ा कि यह सुविधा सभी प्रशिक्षित/कुशल व्‍यक्तियों को उपलब्‍ध होगी जो मंत्रालय के अंतर्गत किसी योजना से अथवा एमएसएमई मंत्रालय के संस्‍थान अथवा किसी सार्वजनिक/सरकारी संस्‍थान से संबंधित क्षेत्र में प्रमाणित/प्रशिक्षित हो। 

पोर्टल शुरू होने के बाद बोलते हुए एनआईईएसबीयूडी के महानिदेशक श्री अरून कुमार झा ने सूचित किया कि संस्‍थान को, नियोक्‍ताओं द्वारा विशेष आग्रहों के अनुसार गठजोड़ बनाने की सुविधा और रोजगार चाहने वालों के लिए जगह मिलने और जल्‍दी काम प्राप्‍त होने के लिए परामर्श देने की दिए हुए समय में विस्‍तार की आशा है। 

पोर्टल ने इसकी औपचारिक शुरूआत से पहले बेहद गर्मजोशी भरा जवाब पा लिया था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पोर्टल पर अपने ट्रॉयल/तैयारी के चरण में ही 127 कंपनियों और 3600 रोजगार चाहने वालों ने स्‍वयं को पंजीकृत करा लिया था। इनमें कुछ कंपनियां इस प्रकार थीं- मेक्‍डोनाल्‍डस, कृष्‍णा इलेक्ट्रिक्‍ल वर्क्‍स, इंडोसोपंग टूर, सोपंग हॉलीडे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, मामे दी हट्टी, हैरीटेज गारमेंट्स, पेंटालून्‍स, पिज्‍जा हट, हल्‍दीराम, शॉपर्स स्‍टॉप और केएफसी। 

इस अवसर पर मुख्‍यकार्यकारी अधिकारी (खादी) श्री उदय प्रताप सिंह, संयुक्‍त सचिव (एसएमई) श्री एस एन त्रिपाठी, संयुक्‍त सचिव (एआरआई) श्री बी एच अनिल कुमार और मंत्रालय के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। (PIB)
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वि.कासोटिया/एमआरके/एसएनटी-2360

Saturday, June 08, 2013

नक्‍सल प्रभावि‍त जि‍लों में 'रोशनी'

07-जून-2013 19:42 IST
 50,000 युवाओं को दी जाएंगी नौकरियां-जयराम 
ग्रामीण वि‍कास मंत्री श्री जयराम रमेश ने 24 नक्‍सल प्रभावि‍त जि‍लों में ग्रामीण युवाओं के लि‍ए नई कौशल वि‍कास योजना की शुरूआत की है। 'रोशनी' नामक इस योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र के 50,000 युवाओं के कौशल को वि‍कसि‍त कि‍या जाएगा। ओडीशा और झारखंड के 6 जि‍ले, छत्‍तीसगढ़ से पांच, बि‍हार से दो और आंध्र प्रदेश , उत्‍तर प्रदेश, पश्‍चि‍म बंगाल, मध्‍य प्रदेश ओर महाराष्‍ट्र से एक-एक जि‍लों का चयन कि‍या गया है। अगले तीन वर्षों में 100 करोड़ रूपए के खर्चे से इस योजना को पूरा कि‍या जाएगा। श्री जयराम रमेश ने पत्रकारों को बताया कि‍ इस योजना के क्रि‍यान्‍वयन में केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकार की भागीदारी क्रमश: 75 और 25 प्रति‍शत होगी। राष्‍ट्रीय स्‍तर की संस्‍थाएं इस योजना का नि‍यंत्रण करेंगी। मंत्री महोदय ने यह भी कहा कि लाभार्थियों में 50 प्रति‍शत महि‍लाएं होंगी। यही नहीं ऐसे आदि‍वासी समूहों को प्राथमि‍कता दी जाएगी जो कि‍ हाशि‍ये पर हैं। उन्‍होंने यह भी बताया कि‍ 18 से 35‍‍ वर्ष की आयु वर्ग के ऐसे लाभार्थि‍यों के चयन को प्राथमि‍कता दी जाएगी जो वि‍शेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों से हैं। सार्वजि‍नक-नि‍जी और वि‍भि‍न्‍न सार्वजनि‍क क्षेत्रों की आपसी भागीदारी के तहत प्रशि‍क्षण प्रदान कि‍ए जाएंगे। शैक्षणि‍क संस्‍थाओं, कार्पोरेट संस्थाओं और ऐसी संस्‍थाओं की सेवाएं इस योजना के लि‍ए ली जाएंगी जो कि‍ सार्वजनि‍क सेवाओं के लि‍ए प्रशि‍क्षण देती हों। श्री जयराम रमेश ने बताया कि‍ ऐसे चार मॉडलों का चयन कि‍या गया है जो कि‍ 3 महीने से एक साल के दौरान युवाओं की आवश्‍यकताओं का ध्‍यान रखते हुए उन्‍हें आरंभि‍क स्‍तर की योग्‍यता देने के लि‍ए उपयुक्‍त हैं। (PIB)

‍ वि‍.कासोटि‍या/रत्‍नावली/सुजीत-2681