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Saturday, September 18, 2021

पीसीजेयू के मौजूदा दौर में मीडिया को चुनौतियों पर विचारगोष्ठी

  18th September 2021 at 10:22 PM

 सियासतदान परिवारिक, व्यापारी और दरबारी हुए: डॉ. गर्ग 


लुधियाना
18 सितंबर 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

बरसों बाद लुधियाना में कोई ऐसा मीडिया आयोजन हुआ है जिसमें न कोई सरकारी सरपरस्ती थी और न ही कोई मंत्री या सरकारी अधिकारी मुख्य मेहमान था। न ही सत्ता से कोई जगह या अन्य फायदा माँगा गया और न ही किसी सियासी या कारपोरेट लीडर के सामने हाथ फैलाए गए। सिर ऊंचा उठा कर, समाज की आंख से आंख मिलाते हुए शुद्ध जनहित की चर्चा की गई। जनहित से जुड़े लोग ही इस सेमिनार के मेहमान थे जिन्होंने खुल कर हर सबंधित मुद्दे पर बात भी उठाई और चर्चा भी की। डा, प्यारा लाल गर्ग, प्रोफेसर जगमोहन सिंह, बलविंदर जम्मू सरीखे जानेमाने लोगों ने मीडिया के नैतिक उत्थान की बात भी ज़ोरदार ढंग से की। कार्पोरेटी जकड़ के खिलाफ आवाज़ बुलंद हुई और पत्रकारों को उनके कर्तव्य बहुत ही अपनत्व से याद कराए गए। साथ ही उनको अपनी मुहारत सुधारने पर भी ज़ोर दिया। 

पंजाब एंड चंडीगढ़ जर्निलस्ट यूनियन की तरफ से लुधियाना में मौजूदा दौर में मीडिया को चुनौतियां विषय पर एक सैमीनार करवाया गया। इस में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. प्यारा लाल गर्ग और प्रो. जगमोहन सिंह मुख्य प्रवकता के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के महासचिव बलविंदर जम्मू और पीसीजेयू के सचिव जय सिंह छिब्बर भी शामिल हुए। लुधियाना टीम की तरफ से युवा और सक्रिय पत्रकार गगन अरोड़ा, संतोख गिल और अमरपाल सिंह की तरफ से सभी को सुस्वागतम कहा गया। 

मुख्य प्रवकता डॉ. गर्ग ने कहा कि आज के पत्रकारों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकार बेशक किसी भी संस्थान के साथ जुड़ा हो उसे जन हित के मुद्दों को उठाना ही चाहिए। उन्होंने खबर में सही और स्पष्ट तथ्य देने पर भी ज़ोर दिया और समझाया कि पत्रकार को बिना किसी धर्म, जातपात और मतभेद से अपना कर्तव्य निभाने पर जोर देना चाहिए। 

सेमिनार में बहुत से मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्पोरेटी दौर में आए मशीनीकरण ने संवेदनशीलता को समाप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस सारी स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस बात पर ज़ोर दिया गया कि मौजूदा समय में एक पत्रकार को खुद पूरी मुहारत हासिल करनी पड़ेगी तांकि वह अपनी कलम के जरिए अच्छे मुद्दे प्रभावी ढंग से लोगों के बीच ले कर जाए। तभी वह अपना कलम का धर्म निभाता हुआ लोगों को जागरुक भी कर सकेगा।  

डॉ. गर्ग ने पत्रकारों को अपने खुद के मुद्दे उभारने के लिए संगठित होने पर भी जोर दिया। उन्होंने कि आज हमारे सियासतदान तो परिवारवाद, व्यापरिक और दरबारी हो गए है। इसके लिए पत्रकारों पर जनहित्त की ज़िम्मेदारी का बोझ और भी बढ़ गया है। 

वाम विचारधारा से जुड़े गहरी पैठ वाले वरिष्ठ और सक्रिय पत्रकार बलविंदर जम्मू ने कहा कि मौजूदा समय में मीडिया बड़े बड़े कार्पोरेट के हाथ में सिमटता जा रहा है। किसानी का मुद्दा साज़िश के तहत दिल्ली के बड़े मीडिया की तरफ से दबाया जा रहा है। मौजूदा दौर में पत्रकारी के काम को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है जिसे बचाने के लिए हम सभी को मिल कर काम करना पड़ेगा। उन्होंने पत्रकारों को मौजूदा चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी खबरों के जरिए झूठ सच्च का निपटारा करते रहने के लिए प्रेरित किया। बलविंदर जम्मू ने पब्लिक सैक्टर के हो रहे उजाड़े पर भी चिंता व्यक्त की। 

शहीद भगत सिंह के भान्जे और निरंतर सक्रिय रहने वाले प्रो. जगमोहन सिंह ने पत्रकारों को आधुनिक टेक्नालिजी के साथ जुड़े  ठीक गलत की पहचान करने के लिए भी प्रेरित किया। गौरतलब है की इस विषय पर प्रोफेसर जगमोहन सिंह की गहरी पकड़ है। उन्हें तकरीबन हर मीडिया संस्थान और पत्रकार की आंतरिक वास्तविकता का गहरा ज्ञान है। उन्होंने देश में बढ़ रही महंगाई में कार्पोरेट घरानों का हाथ बताया। 

सेमिनार में चर्चा के वक्त जय सिंह छिब्बर और मैडम बिद्दू ने भी अपने विचार सांझे किए। सैमीनार में लुधियाना सहित आस पास के अलग अलग अखबारों के इंचार्ज और प्रतिनिधी ने भी हिस्सा लिया। सेमिनार में फोर्टो जर्नलिस्ट एसोसिएशन की पूरी टीम भी मौजूद रही। 

इस मौके पर लुधियाना टीम की तरफ से कोआर्डीनेटर गगनदीप अरोड़ा, अमरीक बतरा, गुरिंदर सिंह, वरिंदर राणा, हर्शराज सिंह, निखिल भाद्धवाज, अमरपाल सिंह, सतविंदर  शर्मा, विकास मल्होत्रा, रविंदर अरोड़ा, मुनीष शर्मा, दिलबाग दानिश, दिनेश कुमार, अमित कुमार, अरुण कुमार, अरुण सरीन, हिमांशु महाजन, अश्वनी धीमान, कुलदीप सिंह काला, अमनप्रीत चौहान, राजेश भट्टा,. जोगिंदर ओबराय, दविंदर सिंह जग्गी, डीपीएस बतरा, सहित अन्य लोग हाजिर थे। 

Tuesday, July 14, 2015

लुधियाना मीडिया क्लब के गठन का एलान-- मीडिया में उत्साह की लहर

आगामी विशेष बैठक 16 जुलाई को 
लुधियाना: 14 जुलाई 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आखिर वो हो के ही रहा जिसे होना ही था और जिसकी इंतज़ार तकरीबन सभी को थी। तानाशाही, चौधर, स्वार्थ,  आरोप, और नए सिरे से परिभाषाएं लिखने के निंदनीय प्रयास और साजिशी माहौल में एक क्रांति की लहर उठी और सामने आया लुधियाना मीडिया क्लब। आपसी एकता, अखंडता व वैलफेयर के लिए लुधियाना मीडिया क्लब का गठन एक नए युग की शुरुआत है। यह मीडिया लोकतंत्र का जवाब है उन लोगों को जो आज के आधुनिक युग में भी सदियों पहले ढह ढेरी हो चुकी रजवाड़ा शाही को फिर से लागू करने चले थे। 
महानगर के पत्रकारों ने तीव्रता से भरा उत्साह दिखाते हुए अंतरिम कमेटी का गठन करके मैंबरशिप अभियान शुरू करने का भी ऐलान कर दिया है। सदस्यता के लिए भी सभी का स्वागत। केवल पत्रकार होना ही आवश्यक।पत्रकारिता की किसी भी विधा से जुड़ा कलम या कैमरे का सिपाही  इस क्लब का मेंबर बन सकेगा। 
गठन के अवसर पर बहुत ही प्रशंसनीय कदम उठाया गया बेड पर पड़े वरिष्ठ पत्रकार अश्वनी जेतली का हाल चाल पूछा गया।  वरिष्ठ पत्रकार एक साथ जेटली जी के घर गए और इस शुभ कार्य के लिए उनका सहयोग, मार्गदर्शन और आशीर्वाद माँगा। यह होता है भले लोगों के काम करने का तरीका। प्राप्त विवरण के मुताबिक आपसी एकता, अखंडता एवं वैलफेयर को सामने रखते हुए महानगर के पत्रकारों ने आज यहां एक बैठक करके लुधियाना मीडिया क्लब का गठन कर दिया। इस बैठक में गौतम जालंधरी, सुरिंदर डल्ला, यशपाल शर्मा, मनोज धीमान, राज जोशी, अजय सुनील राय कामरेड उपस्थित थे। जबकि इस निर्णय पर नितिन धीमान, रविंदर अरोडा, अश्वनी जेतली, योगेश सूद, यूके शारदा, राजेश मेहरा ने भी अपनी सहमति व्यक्त की। इस अवसर पर 15 सदस्यीय एक आंतरिक कमेटी का गठन किया गया। जिसमेें उपरोक्त के अलावा शेष नामों का ऐलान अगली बैठक में करने का निर्णय किया गया। इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि क्लब की मैंबरशिप के जरिये प्रिंस एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुडे पत्रकार एवं फोटोग्राफर, रेडियो, न्यूज वैब पोर्टल, रिटा. जर्नलिस्ट, एडिटर्स, फ्री लांस जर्नलिस्ट, कांट्रिब्यूअर, डेस्क से साथियों को साथ जोडा जाए। जिसमें उन्हें केवल आई कार्ड या अर्थाटी लैटर या न्यूज क्लीपिंग आदि के आधार पर सदस्यता दी जाए। जिसे कि प्रिंट, इलेक्ट्रिानिक्स, ऑन लाइन, फोटो जर्नलिस्ट, वीकली एवं लोकल समाचार पत्र के एक-एक सदस्य पर आधारित स्कू्रटनी कमेटी द्वारा देखा जाए। इस अवसर पर क्लब के लोगो व आई कार्ड, पोस्ट बाक्स नंबर, मैंबरशिप फीस, ई-मेल आईडी, रजिस्ट्रेशन जैसे मुद्दे पर भी निर्णय लिए गए। बैठक में यह भी तय किया गया कि जल्द ही क्लब का एक शिष्टमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री पंजाब व उपमुख्यमंत्री पंजाब से भी भेंट करेगा तथा उनसे पत्रकारों को पेश आ रही समस्याओं के बारे में विचार किया जाएगा। यह भी तय किया गया कि क्लब की अगली बैठक 16 जुलाई को होगी। इस नए संगठन का गठन होते ही पत्रकार भाईचारे में उत्साह की लहर उठ खड़ी हुयी है।  पत्रकारक एक दुसरे को बधाईयां दे रहे हैं। इसे कहते हैं एकता और सर्व मान्यता। न किसी ने किसी को कोई गाली दी न ही किसे ने किसी का गिरेबान पकड़ा।  सब कुछ पूरे सौहार्द और शांति के साथ सम्पन्न हुआ।  अब 16 जुलाई की मीटिंग में सभी मीडिया कर्मी अतीत की घटनाओं को किसी दुःस्वप्न की तरह भुलाकर बढ़चढ़ कर इस बैठक में शामिल हों और बता दें कि नए दौर में लिखेंगे हम मिल कर नयी कहानी। 

Monday, March 24, 2014

'लोक पहलकदमी' “EMBEDDED JOURNALISM” किताब पर करवाएगी चर्चा

जब पत्रकारिता सरकारी प्रचार मात्र बन कर रह गयी
"लोक पहलकदमी' तन्ज़ीम 6 अप्रैल (रविवार) को जाने पहचाने पत्रकारों जसपाल सिंह सिद्धु और  ਅਨਿਲ ਚਮੜੀਆ की ओर से सम्पादित किताब 'एम्बेडड जर्नलिज़म,पंजाब' (नियोजित पत्रकारिता, पंजाब) पर चर्चा करवाएगी। यह विचार चर्चा चंडीगढ़ के किसान भवन के प्रताप सिंह कैरों कांफ्रेंस हाल (सेकटर-34) में 11 बजे से 2 बजे तक चलेगी। चर्चा के मुख्य वक्ता होंगें-जगतार सिंह (लेखक 'खालिस्तान स्ट्रगल: ਏ ए नान मूवमेंट' व पूर्व पत्रकार-इंडियन एक्सप्रेस) और ਹਮੀਰ हमीर सिंह (सीनियर पत्रकार-पंजाबी ट्रिब्यूनेतृत्व न) होंगें। यह पुस्तक जन मीडिया प्रकाशन दिल्ली की ओर से प्रकाशित की गयी है। 
इस पुस्तक में एक लेख पत्रकार जसपाल सिद्धु की तरफ से लोखा गया है।  इसके इलावा अन्य लेखकों में प्रोफेसर प्रीतम सिंह (प्रोफेसर-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी) ਪ੍ਰੋ.ਪ੍ਰੀਤਮ ਸਿੰਘ (ਪ੍ਰੋਫੈਸਰ,ਔਕਸਫੋਰਡ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ), राम नारायण कुमार  (मानवाधिकार कार्यकर्ता), पतवंत सिंह-(सिक्ख बुद्धिजीवी), त्रिलोक सिंह दीप (तत्काली सीनियर पत्रकार-दिनमान)प्रेस कौंसिल आफ इंडिया की रिपोर्ट शामिल है। गौरतलब है कि 1990-91 में केंद्र सरकार की तरफ से पत्रकार बी जी वर्गीज़ के नेतृत्व में  कश्मीर और पंजाब की पत्रकारिता के हालात का जायज़ा लेने के लिए प्रेस काउन्सिल की एक टीम भेजी गयी थी। इस  रिपोर्ट को किताब के ज़रिये पहली बार प्रकशित किया जा रहा है।  "एम्बेड जर्नलिज़म" (नियोजित पत्रकारिता) का कन्सेप्ट 2004 में अमेरिका की तरफ से इराक़ पर किये गए हमलों के दौरान उस समय सामने आया था जब अमेरिकी सेना अपने साथ 600 पत्रकारों की टीम ले गयी थी। जिन पत्रकारों को जंग के मैदान में लेजाया गया वे केवल सेना की  पर ही खबरें लिखते थे। इस तरह पत्रकारिता सरकारी प्रचार मर बन के रह गयी।  उस मौके पर पूरी दुनिया में "नियोजित पत्रकारिता" की काफी तीखी आलोचना हुई थी। 
इसी शब्द को मुख्य रख कर जसपाल सिद्धु और अनिल चमड़िया ਨੇ 'ऑपरेशन ब्लू स्टार" ਓਪਰੇਸ਼ਨ ਬਲਿਊ ਸਟਾਰ' 'में मीडिया के एकतरफा रवैये को परत दर परत टटोलने का प्रयास किया है। उनके मुताबिक वास्तविक मांगों और समस्यायों को दबा कर स्टेट पत्रकारिता के ज़रिये "पापुलर स्पोर्ट" कैसे प्राप्त करती है। इसकी कई मिसालें इस पुस्तक में दर्ज हैं। प्रोफेसर प्रीतम सिंह का लेख कहता है कि  
'ब्लू स्टार' की मीडिया ने एकतरफा रिपोर्टिंग की और चीज़ों को बढ़ा चढ़ा कर प्रस्तुत किया। 
'लोक पहलकदमी" की तरफ ने का प्रयास करते हैं और करते रहेंगे। सभी मित्रों को इस विचार चर्चा में शामिल होने का खुला निमंत्रण है। हर व्यक्तिगत और  का स्वागत है। 
टीम "लोक पहलकदमी" 
नयनइंद्र सिंह,  (98761-10958) जसदीप सिंह (99886-38850) गंगवीर राठौड़-(99889-54521) कपिल देव (98725-96106) इमरान खान (98882-650070) हरप्रीत सिंह काहलों (94641-41678)          {गुलाम कलम से साभार}
'ਲੋਕ ਪਹਿਲਕਦਮੀ' “EMBEDDED JOURNALISM” ਕਿਤਾਬ 'ਤੇ ਕਰਵਾਏਗੀ ਚਰਚਾ


Monday, March 25, 2013

शहादत दिवस पर लुधियाना में भी हुआ जलसे का आयोजन

समाजवादी भारत के निर्माण  से ही गरीबों की जिन्दगी बेहतर बन सकेगी
इंकलाबी शहीदों के सपनों को साकार कर के हो होगा समाजवादी भारत का निर्माण 
लुधियाना: 24 मार्च। (रेक्टर कथूरिया)  शहीदों के विचारों को उलझाने और शहीदों के सपनों को धुंधलाने की अनगिनत कुचेष्टायों के बावजूद आम जनता पर शहीदों के विचारों का रंग जोर पकड़ रहा है। अश्लीलता की आंधी, गुंडागर्दी का ज़ोर और साम्प्रदायिकता के बहकावे शहीदों के विचारों का तूफ़ान रोक नहीं सके। इस बार शहीदों को याद करने के आयोजन केवल 23 मार्च तक सीमित नहीं रहे बल्कि बहुत पहले से शुरू होकर बाद तक भी जारी रहे। लुधियाना की पुडा ग्राऊंड में हुआ आयोजन भी इसी  सिलसिले की ही एक कड़ी था। जलसे के रूप में हुए इस आयोजन के ज़रिये स्पष्ट कहा गया कि ‘‘जिस आज़ादी की जंग में हिस्सा लेते हुए शहीद भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरू ने भरी जवानी में फाँसी का फन्दा चूमा था वह आज़ादी अभी नहीं आई है। भगतसिंह और उनके साथियों का मकसद एक ऐसे भारत का निर्माण था जिसमें हर व्यक्ति सम्मानजनक जीवन जी सके, जहाँ रोटी-कपड़ा-मकान से लेकर स्वास्थ्य, आराम, मनोरंजन आदि सभी बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें। जहाँ हर किसी को शिक्षा हासिल हो सके, हर हाथ को रोजगार मिल सके।’’
यह शब्द आज पुडा मैदान में भारत के महान क्रान्तिकारी शहीदों को समर्पित शहादत दिवस जलसे में टेक्सटाइल हौजरी कामगार यूनियन के नेता राजविन्दर ने कही। उन्होंने कहा कि भगतसिंह और उनके साथियों ने बार बार यह चेतावनी दी थी कि सिर्फ अंग्रेजी गुलामी से छुटकारा हासिल कर लेने से ही भारत के करोड़ों श्रमिकों की जिन्दगी में बुनियादी तबदीली आने वाली नहीं है। उन्होंने अनेकों बार यह स्पष्ट किया था कि सामन्ती-पूँजीवादी व्यवस्था की जगह जब तक समाजवादी आर्थिक-राजनीतिक-सामाजिक व्यवस्था स्थापित नहीं हो जाती तब तक साधारण जनता की आजादी नहीं आ सकेगी। 
नौजवान भारत सभा के कनवीनर छिन्दरपाल ने इस विशाल जन जलसे को संबोधित करते हुए कहा कि आज नौजवान गन्दी, अश्लील संस्कृति व नशों में डुबो दिए गए हैं। यह इतिहास का बेहद अन्धकारमय दौर है। हमें भगतसिंह के कहे अनुसार आज के गतिरोधित दौर में इन्सानियत की रूह में नयी स्पीरिट पैदा करने के लिए जोरदार कोशिशें करनी होंगी। उन्होंने सभी इंकलाबपसंद, तबदीली पसंद युवाओं-श्रमिकों को शहीद भगतसिंह और उनके साथियों के सपनों के भारत के निर्माण के लिए आगे आने का आह्वान किया।
जलसे को सम्बोधित करते हुए कारखाना मकादूर यूनियन के कनवीनर लखविन्दर ने कहा कि आज विश्व पूँजीवादी व्यवस्था अतिरिक्त उत्पादन के अटल और असाध्य संकट में बुरी तरह से घिरा हुआ है। मुनाफे की अन्धी दौड़ की वजह से पैदा हुए इस संकट का सारा बोझ जिस तरह पिछले समय में हुक्मरान मेहनतकश जनता पर डालते आए हैं, वही अब भी हो रहा है और भविष्य में यह हमला और बड़े स्तर पर होगा। इसकी वजह से आने वाले दिनों में महँगाई, छँटनियाँ, तालाबन्दियाँ, बेरोजगारी, गरीबी, भुखमरी तेकाी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पूँजीवादी हुक्मरान जनता के सम्भावित प्रतिरोध आन्दोलनों को कुचलने के लिए धर्म, जाति, इलाके, राष्ट्र, देश आादि के जरिए जनता में फूट डालने, ध्यान असल मुद्दों से भटकाने आदि साजिशें तेका कर चुके हैं। जनता को इन सभी साजिशों को नाकाम करते हुए विशाल व जुझारू आन्दोलन संगठित करने होंगे।
तर्कशील शमशेर नूरपुरी ने जादू के ट्रिक पेश किए और लोगों के सामने यह बात स्पष्ट की कि विभिन्न पाखण्डियों द्वारा दैवी शक्तियों के मालिक होने के किए जाते दावे पूरी तरह झूठ हैं। उन्होंने सिद्ध किया कि दैवी शक्तियाँ हाथ की सफाई से अधिक और कुछ नहीं होतीं। लोगों को इनके झाँसों में नहीं आना चाहिए और विज्ञान से अगुवाई लेनी चाहिए।
राजविन्दर और साथियों ने क्रान्तिकारी गीतों के जरिए इंकलाबी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। टेक्सटाइल हौजरी कामगार यूनियन के ताज मुहम्मद ने क्रान्तिकारी कविताएँ पेश कीं।
मंच संचालन लखविन्दर ने किया। अमर शहीदों का संग्राम जारी रखने का संकल्प लेते हुए गगनभेदी नारों के साथ शहादत दिवस जलसे का समापन हुआ।   

कारखाना मकादूर यूनियन, के संयोजक लखविन्दर से सम्पर्क करने के लिए मोबाईल नम्बर-9646150249