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Wednesday, January 31, 2024

अमृतपाल का नाम भंगड़े में गिन्नीज बुक आफॅ वर्ल्ड रिकार्ड में

Tuesday: 30th January 2024 at 2047  

लुधियाना के नौजवान ने दिखाया भंगड़ा में गज़ब का कमाल 

एलपीयू के डीन व भंगड़ा कोच ने गिन्नीज टीम से प्राप्त हुआ सर्टीफिकेट भी सौंपा


लुधियाना
: 30 जनवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

पंजाब की संस्कृति को दर्शाता लोक नाच भंगड़ा आज भी विश्व भर में अपनी पहचान बनाए हुए है। भले ही युवा पश्चिमी कल्चर को अपना रहा हो लेकिन आज भी पंजाबी नौजवान भंगड़े को अपना कर न केवल ताल ठोक रहे है, बल्कि दुनिया में भी अपनी पंजाबी संस्कृति का लोहा मनवा रहे है। ऐसे ही लुधियाना के नौजवान आजाद नगर, दाना मंडी निवासी अमृतपाल सिंह (23) ने राज्य व लुधियाना का नाम पूरी दुनिया में रौशन किया है। 

अमृतपाल सिंह जो कि पंजाब की नामी युनिर्वसिटी लवली प्रोफेशनल युनिर्विसिटी फगवाड़ा का स्टूडेंट है और वहां की भंगड़ा टीम का भी सदस्य है  का नाम गिन्नीज बुक आफॅ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने का गौरव हासिल हुआ है। अमृतपाल सिंह ने भंगडे की कोचिंग युनविर्सिटी में ही भंगडा कोच कमलप्रीत सिंह कलसी से हासिल की है। 

अमृतपाल सिंह के साथ भंगड़ा टीम के सात सदस्य है जो कि सभी लवली यूनिर्वसिटी के ही स्टूडेंट है । असल में गिन्नीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा भंगडे़ पर एक इंवेट करवाया गया था जिसमें 4411 प्रतिभागियों ने इस भंगड़ा इवेंट में भाग लिया जोकि सबसे बड़ा भंगड़ा डांस इवेंट के रूप में चयनित किया गया। 

इस गौरव के लिए अमृतपाल सिंह व उसकी टीम के हर सदस्य का खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। आज यूनिवर्सिटी के डीन बलप्रीत सिंह व उनके कोच कमलप्रीत सिंह कलसी द्वारा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से भेजा गया सर्टीफिकेट अमृतपाल सिंह व उनके टीम के अन्य सदस्यों को सौंपा गया; जिसे पाकर अमृतपाल सिंह व टीम के सदस्यों का खुशी का ठिकाना नहीं है। अमृतपाल सिंह ने सर्टिफिकेट पाने पर यूनिवर्सिटी के चांसलर, डीन बलप्रीत सिंह व अपने कोच कमलप्रीत सिंह कलसी का हार्दिक आभार व्यक्त किया।

मालूम हो कि अमृतपाल सिंह लगातार दो बार 26 जनवरी को राष्टीय गणतंत्र दिवस पर कर्त्वय पथ नई दिल्ली में भंगडे पर ताल ठोक चुका है तथा लगातार लुधियाना व देश का नाम ऊंचा करता आ रहा है। अब गिन्नीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में भी नाम दर्ज करवाकर उसने देश, पंजाब व लुधियाना के अलावा अपनी यूनिर्विसटी व माता पिता का नाम भी वर्ल्ड लेवल पर रौशन किया है। 

अमृतपाल सिंह के पिता रघबीर सिंह पेशे से एक्यूपंचर डाक्टर है व माता निर्मल कौर हाउस वाईफ के अलावा बड़ा भाई तजिंदर पाल सिंह कैनेडा में सैटल है तथा परिवार के सदस्य अमृतपाल सिंह की प्राप्ति पर बेहद खुश है।

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