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Thursday, March 10, 2022

शाही इमाम ने स. भगवंत सिंह मान को दी बधाई

10th March 2022 at 4:29 PM

शाही इमाम ने दी थी दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत



लुधियाना
: 10 मार्च 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::
शाही इमाम पंजाब
मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं
चुनावी परिणाम सामने आते ही
पूरे समाज में एक प्रसन्नता की लहर देखी जा रही है। यह प्रसन्नता बदलाव की खुशी को व्यक्त करती है। तकरीबन हर क्षेत्र से इस का इज़हार हो रहा है। जनता ने उन सभी को धुल चटा दी है जो कह रहे थे कि हम सत्ता पर बैठते ही किस किस को जेल में करने वाले हैं। जनता ने इस बार के मतदान से एक नया  अध्याय लिखना शुरू किया है। अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना नई सत्ता का काम है। 
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जहां भिन्न-भिन्न धार्मिक नेताओं की तरफ से कई राजनैतिक पार्टीयों के हक में ऐलान किए गए वहीं लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने राजनैतिक दबाव के बावजूद भी किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थन का ऐलान नहीं किया और चुनाव के दौरान खुल कर धार्मिक समारोहों में लोगों को शराब व पैसे के लिए वोट ना बेचने और पंजाब व पंजाबी मां बोली के लिए वोट डालने के लिए उत्साहित करते रहे। 
शाही इमाम ने अपने भाषणों में दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत दी थी। आज एक रिलीज के माध्यम से शाही इमाम जी ने मुख्यमंत्री पंजाब बनने जा रहे आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष को ऐतिहासिक जीत पर बधाई संदेश भेजते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि पंजाब में आया यह बड़ा बदलाव पंजाबीयों के जज्बात के अनुसार है। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि हम दुआ करते है कि स. भगवंत सिंह मान पंजाब को  पुरानी रिवायतों की तरफ लेकर जाएगें जिन पर पंजाबीयों को हमेशा से मान रहा है।

Tuesday, May 19, 2020

पवित्र कुरान पूरे विश्व के लिए रहमत का पैगाम:नायब शाही इमाम

19th May 2020 at 4:04 PM
खत्म कुरान शरीफ  के आयोजनों को ऑनलाइन संबोधन किया
लुधियाना जामा मस्जिद से खत्म कुराने पाक के प्रोग्राम को संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 19 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
कोरोना महामारी को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच शहर की विभिन्न मस्जिदों में पांच-पांच नमाजियों ने पवित्र रमजान शरीफ के बीच इमाम हाफिज हजरात से कुरान शरीफ सुन रहे है। बीते दो दिन से खत्म कुरान शरीफ  केे आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है, इस बार खत्म कुराना शरीफ  के आयोजनों को लुधियाना जामा मस्जिद से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ऑनलाइन संबोधन कर रहे हैं। ब्राउन रोड स्थित मस्जिद अहरार में बीती रात खत्म कुरान पाक के आयोजन को संबोधन करते हुए मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना एक इंकलाबी इबादत है, यह जहा इंसान को बुराईयां त्याग कर अच्छाइयों की ओर प्रेरित करता है वहीं यह पवित्र महीना कुरान शरीफ  के नाजिल होने का भी है, इस महीने में अल्लाह ने अपनी यह किताब आखरी नबी हजरत मुहम्मद साहब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर नाजिल फरमाई। नायब शाही इमाम ने कहा कि पवित्र कुरान विश्व भर के इंसानों के लिए रहमत का पैगाम है, उन्होंने कहा कि दुनिया में कुरान शरीफ  आने के बाद इंसानों में बराबरी आनी शुरू हुई। अमीर-गरीब गोरे और काले और छुआ-छूत का खात्मा हुआ। नायब शाही इमाम ने कहा कि अल्लाह ने कुरान शरीफ में अपने बंदों को कह दिया है कि वह इंसानियत की सेवा को सबसे बड़ी इबादत समझें। नायब इमाम ने कहा कि विश्व भर में कोरोना महामारी के बीच मस्जिदों में पांच-पांच लोग कुरान पाक सुनकर उस अजीम रिवायत को कायम रख रहे हैं जो कि शरीयत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि जल्दी ही दुनिया भर से कोरोना वायरस समाप्त हो और विश्व भर के लोग पहले की तरह जीवन व्यतीत कर सकें। नायब शाही इमाम ने कहा कि वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के तर्क अपनी जगह सही है लेकिन इसके साथ-साथ सभी इंसानों को यह बात समझ लेनी चाहिए की जब भी हम प्रकृति के साथ और खुदा के दिए हुए इस जिस्म के साथ खिलवाड़ करते हैं तो ऐसी बीमारियां खुदा की तरफ  से आती है इसलिए हमें जहां कोरोना वायरस से बचने के लिए वह सभी उपाय करने हैं जिनके लिए मेडिकल साइंस हमें समझा रही है उसके साथ-साथ हमें गुनाहों को त्यागना होगा, अपने दिल को साफ  रखना होगा, नफरतों को खत्म करना होगा, गरीब का साथ देना होगा और मां बाप की सेवा करते हुए समाज के प्रति वफादारी दिखानी होगी। मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुरान शरीफ को तजुर्मे (अर्थ) के साथ पढऩा चाहिए ताकि आप यह समझ सके की इलाही पैगाम आपको किस तरह सीधे रास्ते पर चलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में विभिन्न धर्मो को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है जब हम किसी भी धर्म की किताब और उसकी शिक्षाओं को करीब से देखेंगे तो यह बात सामने आएगी के धर्म इंसान को जोडऩे की बात करता है तोडऩे की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि कोरोना महामारी के बीच बहुत से लोग धर्म की राजनीति करके रोटियां सेकना चाहते हैं। यह समय देश के गरीब लोगों के साथ खड़े होने का है और कोरोना महामारी के खिलाफ  लडऩे का है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम ने विश्व भर में कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए विशेष दुआ भी करवाई। 


Monday, April 27, 2020

रोज़ेदार का दिल अगर साफ हो तो दुआ ज़रूर कबूल होती है

27th April 2020 at 3:34 PM
दरस-ए-रमज़ान से नायब शाही इमाम का संबोधन 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान प्रोग्राम को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 27 अप्रैल 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हर तरफ कोरोना की दहशत। दुनिया भर में कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस का अंधेरा छाया हुआ है। ज़िंदगी ठप्प हो कर रह गई है। इस दौर में भी अगर रफ्तार है तो बस उन्हीं की जिंदगी में जिन्होंने इबादत पर जोर देना शुरू कर दिया है। उनके दिलों में भी हौंसला और उत्साह है। उनके आसपास के माहौल में भी उम्मीदों की रौशनी महसूस हो रही है। इबादत की इन खूबियों को जामा मस्जिद से दिए जाते संदेशों से हर रोज़ बढ़ावा भी मिल रहा है। इस तरह का रूहानी सिलसिला लगातार जारी रहता है। सोशल डिस्टेंस के नियम को पूरी तरह लागू करते हुए ह सब कुछ बाकायदा ऑनलाइन प्रसारित भी किया जाता है। 
कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच पवित्र रमज़ान शरीफ का महीना शुरु हो चुका है। लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद से इस अवसर पर रोज़ाना रात को इशा की नमाज के बाद ऑनलाइन दरस-ए-रमज़ान प्रोग्राम शुरू किया गया ताकि लॉक डाऊन की वजह से मस्जिद तक ना आने वाले सभी नमाज़ी रमज़ान की बातें सुनकर अपना रोज़ा अच्छा बना सके। दरस-ए-रमजान प्रोग्राम से रोज़ाना हज़ारों लोग जुड़ रहे हैं। गौरतलब है कि रोज़ा रखने वालों के तन मन की शक्ति पूरी तरह अजेय हो जाती है। उस परवर्दिगार के साथ मन की तार जोड़ता है रोज़ा। 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमज़ान एक इंकलाबी इबादत है जो इंसान के दिल को इबादत करके बुराइयों से दूर नेकी की तरफ ले जाता है। रमजान शरीफ में अल्लाह अपने बंदे की तौबा क़बूल करते हैं अगर बंदे का दिल साफ हो तो दुआएं जरूर कबूल होती है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि फरमान-ए-रसूल है कि रोज़ा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है रोज़ेदार की आंखें गलत नहीं उठती, रोजेदार की जुबान से किसी को तकलीफ नहीं पहुंचती, रोज़ेदार के हाथ गलत काम के लिए नहीं उठते, रोज़ेदार के दिल में किसी के लिए बुराई नहीं होती, अगर कोई रोज़ेदार व्यक्ति रोज़ा  भी रखता है और झूठ भी बोलता है, किसी की तरफ बुरी निगाह से भी देखता, अपने दिल में बुराई का इरादा करता है तो बात साफ है कि वह रोज़ेदार नहीं है क्योंकि रोज़ा बुराइयों के लिए ढाल है लेकिन तब तक ही जब तक उसे फाड़ ना दिया जाए यानि झूठ बोल कर इसे खराब ना कर दिया जाए। अगर आप बुराई नहीं त्याग रहे हैं तो आपका रोज़ा भी नहीं हो रहा है। 
नायब शाही इमाम ने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के लिए रोज़ा अल्लाह की तरफ से एक इनाम है जो हर साल इस पवित्र महीने में अपने गुनाहों की तौबा करके एक नई शुरुआत करते हैं और रमज़ान के रोज़े हमें आने वाले सारे साल में नेकी की तरफ लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र रमज़ान में प्यार मुहब्बत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। यह नेकियों का महीना है जो आपसी रंजिशो को खत्म कर के मुहब्बत को आम करता है। जामा मस्जिद से आज का पैगाम भी हिम्मत, हौंसला और उत्साह देने वाला रहा। अँधेरे में उजाले की किरने देता हुआ आज का पैगाम भी ख़ास रहा। लोगों को मिलजुल कर रहने और कोरोना पर फतह पाने के संकल्प के भी मज़बूत बनाया आज के इस पैगाम ने। 

Monday, December 16, 2019

निर्दोष छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस का अत्याचार लोकतंत्र की हत्या

Monday: Dec 16, 2019, 3:31 PM
पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ:शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
 देश में हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है
 छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई अमानवीय कारवाई का विरोध करते हुए लुधियाना में अहरार कार्यकर्ता
लुधियाना:16 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नागरिकता कानून में किए गए संशोधन के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की तरफ से जे.एम.यू और ऐ.एम.यू के विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज से देश के लोकतंत्र हक को दबाने की कोशिश की जा रही है , यह बात आज यहां फील्डगंज चौक में 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस बर्बरता से बच्चों को पीट-पीट कर घायल किया है उससे इंसानियत शर्मिंदा हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वही दिल्ली पुलिस है जो अभी कुछ दिन पहले वकीलों के साथ हुए झगड़े के बाद रो-रो कर अपना दुखड़ा सुना रही थी। शाही इमाम ने कहा कि पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ है यह किसी एक धर्म के विद्यार्थी नहीं, देश के बच्चे है जो लोग नागरिकता बिल के विरोध को धार्मिक रंग देकर बदनाम करना चाहते हैं वह यह बात समझ लें कि भारत में जीत लोकतंत्र की होगी। शाही इमाम ने भारत के राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद साहिब से अपील की है कि दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को जान बूझ कर हिंसक बना कर अत्याचार किया है। शाही इमाम ने कहा कि आज़ाद भारत में हर इंसान को हक है कि वह चुनी हुई सरकार की नीतियों की विरोधता कर सकता है, इसलिए ही भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है । इस अवसर पर फील्ड गंज चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया गया। 
फोटो कैप्शन:

Saturday, December 14, 2019

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ रोष की लहर और तेज़

Saturday:Dec 14, 2019, 2:17 PM
लुधियाना में लाखों मुसलमानों ने निकाला रोष मार्च
अपने वतन में किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे:शाही इमाम पंजाब
लुधियाना: 14 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता कानून में किए गए बदलाव के बाद देश भर के अल्पसंख्यकों की तरफ से विरोध प्रदर्शन जारी है, आज यहां लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक शहर की सभी मस्जिदों के सदस्यों ने शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अगुवाई में जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
आज सुबह से शहर की विभिन्न मस्जिदों से बड़ी संख्या में मुसलमान फील्ड गंज जामा मस्जिद पहुंचना शुरू हो गए, प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कैब नामंजूर है, कौमी ऐकता जिंदाबाद, एनआरसी मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम -सिख-ईसाई आपस में हैं भाई-भाई, काला कानून वापिस लो, लिखी तख्तियां उठाई हुई थी। 
इस मौके पर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि धर्म के नाम पर बनाया गया नागरिकता संशोधन बिल देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है इससे भारत के धर्म निरपेक्ष ढांचे को नुकसान होगा। यह बिल देश के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत में कभी भी नफरत की राजनीति कामयाब नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर कोई ऐतराज़ नहीं है कि विभिन्न धर्मों को मानने वालों को नागरिकता संशोधन बिल में राहत दी गई है बल्कि ऐतराज़ यह है कि मुसलमानों को ही क्यों निशाना बना के बाहर रखा गया है। शाही इमाम ने कहा कि हमने अपने वतन भारत की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए बेमिसाल कुर्बानियां दी हैं, हम अपने ही वतन में अपने ऊपर किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे। शाही इमाम ने कहा कि यह देश सब का बराबर है और कोई भी ताकत मुसलमानों को दूसरे दर्जे का शहरी नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि भारत देश धर्म निर्पेक्षता का रखवाला है। इस देश में किसी की मनमर्जी नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सम्प्रदायिक ताकते देश में हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई और दलित भाईचारे को तोडऩा चाहती हैं। शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन करने वाली सरकार क्या आने वाले समय में मुसलमानों के बाद ऐसा ही संशोधन किसी और धर्म के लिए नहीं करेगी? नागरिकता संशोधन बिल में आने वाले लोगों को भी ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं आजकल राजनीति में कोई धर्म नहीं रहा सिर्फ सत्ता का लालच है तभी तो आए दिन देश में गठजोड़ की सरकारें बन रही हैं और यह सरकारे क्या पता कब क्या संशोधन कर कब किस कौम को बाहर निकाल दें? शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन संवेदनशील मामला है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इस मामले को लेकर जल्दी ही पंजाब भर की मस्जिदों के इमामों और प्रबंधकों की लुधियाना में मीटिंग बुलाई जाएगी, जिसमें राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी। वर्णनयोग है कि आज प्रदर्शन के बाद डी सी लुधियाना को भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम ज्ञापन दिया गया। इस रोष मार्च में हिन्दू- सिख और दलित भाइयों ने भी हिस्सा लेकर देश की धर्मनिरपेक्षता को बरकरार रखने की अपील की है।
फोटो में लुधियाना के लाखों मुसलमान शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी की अगुवाई में नागरिकता बिल में संशोधन के खिलाफ मार्च करते हुए। 

Monday, October 23, 2017

हमें पंजाबी होने पर गर्व है : नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी

Mon, Oct 23, 2017 at 5:30 PM

पंजाबी के लिए संघर्ष करने वालों के खिलाफ दर्ज मुकदमा रद्द हो  
लुधियाना: 23 अक्तूबर 2017(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

आज यहां जामा मस्जिद लुधियाना से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने अपनी पंजाबी मातृभाषा के हक में जोरदार आवाज उठाई। उन्होनें कहा कि पंजाब भर में दिशासूचक बोर्डो पर अकाली-भाजपा सरकार के समय पर मातृ भाषा पंजाबी के साथ किए गए भेद-भाव की जितनी निंदा की जाए कम है। पंजाब में बीते कुछ दिनों से पंजाबी मातृ भाषा के सम्मान के लिए प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मातृ भाषा के लिए संघर्ष कर रहे नौजवानों पर पुलिस द्वारा दर्ज किया मुकद्दमा निंदनीय है। मौलाना उसमान ने कहा कि पंजाबी हमारी मातृ भाषा है और हमें पंजाबी होने पर गर्व है। उन्होनें कहा कि देश के सभी राज्यों में वहां की भाषाओं को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन अफसोस की बात यह है कि पंजाब जहां देश के सभी राज्यों के लोग तकरीबन व्यापार के लिए आते हैं में पंजाबी के साथ भेद-भाव किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि ये भी अफसोस की बात है कि कुछ लोग दिशासूचक बोर्डो पर पंजाबी भाषा को प्रथम स्थान दिलवाने के लिए उठाए गए कदम को हिंदी का अपमान बता कर पंजाबी मातृ भाषा के संघर्ष को रोकना चाहते है। उन्होनें कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है लेकिन सबसे पहले मातृ भाषा पंजाबी को ही लिखा जाएगा और हमें यह अधिकार संविधान ने दिया है। मौलाना उसमान लुधियानवी ने कहा कि पंजाबी मातृ भाषा के लिए जो भी लोग संघर्ष करेंगे हम उनके साथ है। उन्होनें कहा कि मातृ भाषा ही कौमों के वजूद को जिंदा रखती है। पंजाबी मातृ भाषा की रक्षा करना प्रत्येक पंजाबी पर फर्ज है। इस संघर्ष को किसी भी धर्म या जाति के साथ जोड़ कर नहीं देखना चाहिए। उन्होनें कहा कि जिन्हें पंजाबी नहीं अच्छी लगती या वो चाहते है कि पंजाब में पंजाबी को पहला स्थान ना दिया जाए तो ऐसे लोगों को चाहिए कि वह पंजाब को छोड़ कर किसी ऐसे स्थान पर जाए जहां की भाषा उनकों अपनी मातृ भाषा लगती है।

Monday, August 21, 2017

कुरआन शरीफ की बेअदबी सहन नहीं की जाएगी : शाही इमाम पंजाब


Mon, Aug 21, 2017 at 1:16 PM
मालेरकोटला में हुए कांड के बाद प्रदेश भर के मुसलमानों में रोष की लहर
प्रैस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवीं व अन्य
लुधियाना: 21 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::


बीते दिन मालेरकोटला शहर में अज्ञात शरारती तत्वों द्वारा पवित्र कुरआन शरीफ के साथ की गई बेअदबी को हरगिज सहन नहीं किया जाएगा। ये बात आज यहां लुधियाना जामा मस्जिद में रोष मीटिंग के बाद प्रैस कान्फे्रंस को संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि कुरआन शरीफ की इज्जत हमें जान से भी ज्यादा प्यारी है। इस मामले में कोई भी गुस्ताखी बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होनें कहा कि मालेरकोटला में एक बार फिर से कुरआन शरीफ की बेअदबी से यह बात स्पष्ट हो गई है कि शरारती तत्व व संप्रदायिक ताकतें पंजाब की अमन और शांति को भंग करना चाहती हैं। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब सरकार को चाहिए कि इस विषय में दर्ज किए गए मुकदमे पर तेजी से छानबीन की जाए और गुस्ताखी करने वालों को सख्त सजा दी जाए। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब आपसी भाईचारे का प्रतीक है, प्रदेश के अमन को खराब नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर उन्होनें आपसी भाईचारे से शांति बनाए रखने की अपील की। जामा मस्जिद लुधियाना में हुई रोष मीटिंग में नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी, गुलाम हसन कैसर, मुस्तकीम अहरारी, मुहम्मद शाह नवाज, बाबुल खान, अकरम अली व शहर की विभिन्न मुस्लिम संस्थाओं के पदाधिक्कारी विशेष रूप में उपस्थित थे।

Thursday, July 27, 2017

नायब शाही इमाम मौलाना उस्मान ने ठुकराया बिग बॉस का निमंत्रण


Thu, Jul 27, 2017 at 4:32 PM
भीड़ और ट्रेंड से हट कर किया फैसला 
लुधियाना: 27 जुलाई 2017 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
देश का बहुचर्चित टीवी शो बिग बास अक्तूबर में शुरु होने जा रहा है। टीवी शो बिग बास में शामिल होने के लिए युवा मुस्लिम विद्वान व पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी को निमंत्रण दिया गया, जिसे कि नायब शाही इमाम उसमान रहमानी ने स्वीकार नहीं किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत में जीईसी चैनलज को प्रोग्राम देने वाली कंपनी ऐंडेमोल शाइन की तरफ से इमेल तथा फोन के जरिए मौलाना उसमान रहमानी से संपर्क किया गया और बिग बास हाऊस में शामिल होने के लिए आडीशन में भाग लेने के लिए निमंत्रित किया गया। गौरतलब है कि जहां आजकल बिग बास के शो में भाग लेना बहुत बड़ी बात समझी जाती है वहीं पंजाब के नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी ने इसे ठुकरा कर सभी लोगों को सादगी का पैगाम दिया है। जो कि अपने आप में एक मिसाल है।