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Tuesday, September 20, 2011

जानवर आदमी से ज्यादा वफादार है....!

आज के युग में जब किसी पर भी यकीन करना आसान नहीं रहा. जगह जगह धोखा है, फरेब है, साजिश है. तो भी संदेह और अनिश्चितिता के इस दौर में लोग बहुत ही फखर से गाते है....जानवर आदमी से ज्यादा वफादार है. जानवरों में भी कुत्ते की वफादारी की तो कई कहानियां कही सुनी जाती हैं. इस पर लोग आज भी पूरा यकीन करते हैं. पूरे का पूरा घर इसके भरोसे छोड़ कर जाया जा सकता है. किसी भी जुर्म के मामले में इसकी सहायता ली जा सकती है. हाँ इस तरह के कामों में इसका सदुपयोग करने के लिए काम की बारीकियां इसे भी सिखानी पड़ती हें.और इन बारीकियों को सिखाने की डयूटी ही लगी है अमेरिकी सेना के विशेषज्ञ टॉम मुवर्ज़ की. वह मिलिटरी पुलिस के इस कुत्ते को ट्रेंड करता है बहुत ही ध्यान से. बहुत ही बारीकी से. ट्रेनिंग  के इस अभियान में जब वह कुछ पलों के लिए रुका तो  अमेरिकी सेना के Gertrud Zach ने झट से अपना कैमरा निकला और इन पलों को अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए उसमें कैद कर लिया. जिस दिन यह तस्वीर खींची गयी उस दिन तारीख थी 14 सितम्बर 2011.     
आपको यह तस्वीर कैसी लगी अवश्य बताएं. अगर आपके पास भी कुछ अव्ज्जी तस्वीरें हों तो उन्हें अवश्य भेजें हम उन्हें आपके नाम के साथ प्रकाशित करेंगे.  
             --रेक्टर कथूरिया 

Friday, August 26, 2011

सारे जग की आँख के तारे.....!


बहुत देर पहले एक गीत अक्सर सुनाई देता था... 
बच्चे मन के सच्चे.....
सारे जग की आँख के  तारे... 
ये वो नन्हे फूलहैं जो भगवान् को लगते प्यारे.... 
बहुत ही लोकप्रिय गीत था...आज भी याद आता है तो तन मन में एक शांती सी महसूस होने लगती है...यह बात है भी सच....बच्चे होते ही हैं भगवान का रूप....18   अगस्त 2011 को  को जब अमेरिकी सेना के Staff Sgt. Trident Villanueva अफगानिस्तान में से  113वीं रेजीमेंट की दूसरी बटालियन के नैशनल गार्ड जवानों के साथ वहां से गुज़रे तो उनका मन भी इन बच्चों को देख कर एक बार सब कुछ भूल गया और उन्होंने अपने कीमती वक्त में से कुछ पाल निकाल कर इन बच्चों से भी दोस्ती की. इन पलों को अमेरिकी रक्षा विभाग के Spc. George Hunt  
ने तुरंत अपने कैमरे में कैद कर लिया. आपको यह तस्वीर कैसी लगी अवश्य बताएं. आपके विचारों की इंतज़ार बनी रहेगी.

Monday, May 02, 2011

ओबामा ने किया पाकिस्तान का धन्यवाद

               वह फोटो जिसे बाद में फर्जी बताया गया और हटा दिया गया 
व्यक्ति नहीं विचारधारा है ओसामा. इस शीर्षक से बृज किशोर सिंह ने जनोक्ति लिए लिखे अपने आलेख में कहा है यह वही ओसामा है जो कभी सोवियत संघ के साथ जंग में अमेरिका का दोस्त हुआ करता था. हम एक ओसामा को मरेइमंगे तो रक्तबीज की तरह दस और ओसामा पैदा हो जायेंगे. लेखक ने याद दिलाया है कि रूस के खिलाफ जंग और षडयंत्र में पाकिस्तान भी अमेरिका का सामरिक सांझेदार था. बदलाव की ज़ोरदार इच्छा लिए हुए विद्रोही स्वभाव के पत्रकार बृज किशोर सिंह बहुत ही साफ़ शब्दों में कहते हैं कि ओसामा के मारे जाने से भारत को कोई फायदा होने वाला नहीं है. इसं पूरी पोस्ट को आप यहाँ क्लिक करके भी पढ़ सकते हैं.
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस आपरेशन में सहयोग के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति  आसिफ अली ज़रदारी का धन्यवाद  किया. ओबामा ने कहा कि दोनों देशों के लिए यह बहुत ही अच्छा और ऐतिहासिक दिन है. ओबामा ने  11 इत्म्ब्र 2001 में हुए उस हमले में मारे गए तीन हजार लोगों के परिजनों से भी संवेदना व्यक्त की और कहा कि लादेन की मौत से उन सभी बेगुनाहों के साथ न्याय हुआ है.  इसके साथ ही उनहोंने कहा कि ओसामा मुस्लिम नेता नहीं बल्कि मुस्लमानों का हत्यारा था. इस पूरी रिपोर्ट को आप पढ़ सकते हैं केवल यहाँ क्लिक करके. --रेक्टर कथूरिया वह फोटो जिसे बाद में फर्जी बताया गया और हटा दिया गया 

Obama thanked Pakistan for its help in the operation


Wednesday, April 07, 2010

आग पर कड़ाही....क्या पक रहा होगा....?

जब मैंने आग पर रखी इस कड़ाही को देखा तो भूख तेज़ होने लगी. मुझे लगा कोई बहुत ही स्वादिष्ट व्यंजन पकाया जा रहा. पर जब पता लगा तो मामला बिलकुल ही कुछ और निकला. वास्तव में जब कहीं पर भी जंग चलती है तो उसमें गोले बारूद और हथियारों के इलावा बहुत सी लिखा पढ़ी भी होती है, बहुत से संदेशों का आदान प्रदान भी होता है, बहुत से नक़्शे भी बनाये जाते हैं और बहुत से आदेश भी जारी होते हैं और बहुत से हिसाब किताब भी रखे जाते हैं. .....यह सभी कुछ अत्यंत गोपनीय होता है. हालांकि यह सब कुछ गुप्त संकेतों के अंतर्गत ही किया जाता है पर ज़रा सोचो अगर कहीं इस तरह का कोई गुप्त आदेश या संदेश का कागज़ किसी दुश्मन के हाथ लग जाये तो सारी की सारी बाज़ी ही उल्ट सकती है. इस लिए सुरक्षा को सामने रखते हुए.काम हो जाने के बाद एक निश्चित समय पर इस तरह के संवेदनशील कागजों को जल्द से जल्द जला कर नष्ट कर दिया जाता है. जो तस्वीर आप देख रहे हैं, उसमें भी इस तरह के कागजों को जलाने का ही एक दृश्य है. बायें खड़े नज़र आ रहे William Northcutt और उनके साथ खड़े हैं अमेरिकी सेना के Army Sgt. 1st Class James Hines. दोनों ही अधिकारी इस अत्यंत गोपनीय और संवेदनशील जिम्मेदारी को निभा रहे हैं. गज़नी अफगानिस्तान के अग्रिम मोर्चे के इन पलों को अमेरिकी वायु सेना के लिए कैमरे में कैद किया Army Sgt. 1st Class James Hines ने 4 अप्रैल 2010 को.   --रैक्टर कथूरिया 

Thursday, March 04, 2010

थकान को दूर भगाते संगीत के सुरीले पल




हैती में  जब 12 जनवरी को भूकंप आया तो उसने चारो तरफ तबाही मचा दी.  कैरीबियाई देश हैती में मंगलवार 12 जनवरी2010 (भारत में तिथि 13 जनवरी2010) को आया जबर्दस्त भूकंप था। इसकी रिक्टर पैमाने पर तीव्रता 7.3 आंकी गई थी। इस शक्तिशाली भूकंप में हज़ारों लोग मारे गए। भूकंप से राजधानी पोर्ट-ऑ-प्रिंस के कई भवन ध्वस्त हो गए और कई स्थानीय निवासी उसके नीचे दब गए। आंकड़ों के अनुसार पिछले 200 वर्षों में हैती में यह सबसे शक्तिशाली भूकंप था. इस भूकंप के कम  से  कम 52 झटके 24 जनवरी तक भी महसूस किये गए. मौत के इस तांडव ने  करीब ढाई लाख  लोगों  की जान  ले ली, तीन लाख लोग घायल हो गए,ढाई लाख रिहायशी मकान और तीस हज़ार से अधिक व्यापारिक इमारतें बुरी तरह तबाह हो गयीं.  वहां के लोगों को राहत देने के लिए पूरी दुनिया ने अपना हाथ बढ़ाया. इस राहत कार्य में अमेरिका की सेना भी शामिल हुयी.राहत कार्यों में व्यस्त लेकिन थके हुए जवानों को नयी मानसिक ऊर्जा प्रदान करने के लिए संगीत का एक एक विशेष आयोजन हैती की राजधानी पोर्ट ओ प्रिंस में स्थित अमेरिकी दूतावास में आयोजित किया गया. तस्वीर में आप देख रहे हैं.Country singer Big Kenny, from the group Big & Rich  और अमेरिकी सेना स्टाफ के Sgt. Ryan Shilling को जो सैनिकों के लिए संगीत की मधुर स्वरियों से पूरे परिवेश को ही संगीतमय बना रहे है. 2 मार्च 2010को आयोजित हुए इस कार्यक्रम के  इन सुरीले और यादगारी पलों को कैमरे में कैद किया Mass Communication Specialist 2nd Class Joan E. Kretschmer ने. 
                                    --रैक्टर  कथूरिया  



Wednesday, March 03, 2010

विशेष ट्रेनिंग अभियान



यह तस्वीर है अमेरिका की नौसेना के जवानों की जो ले रहे हैं San Diego, Calif में 14 दिनों का विशेष परीक्षण. 14 दिनों के इस एडवांस्ड ट्रेनिंग कोर्स वे सभी तर्कीबी सिखाई जाती हैं जिनकी ज़रुरत नौसेना को पड़ती है. सागर की लहरों से अपनी कश्ती को बहार खींच कर लाते हुए इन जवानों की इस तस्वीर को अमेरिकी सेना और अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए अपने कैमरे में कैद किया Mass Communication Specialist 2nd Class John Scorza ने.(DoD photo by Mass Communication Specialist 2nd Class John Scorza, U.S Navy/Released)

चुनौतियां जंग के मैदान की




जब जंग का मैदान हो अफगानिस्तान जैसा और दुश्मन हों तालिबान और अलकायदा तो मुकाबला बहुत ही कठिन और चुनौतीपूर्ण  हो जाता है. अमेरिकी  सेना के जवान और अधिकारी इसे बहुत ही मुस्तैदी से अंजाम दे रहे हैं. तस्वीर में आप देख रहे हैं को U.S. Army Sgt. Sean Wolff जो बहुत ही खोजी निगाहों से नज़र रख रहा है अपने आस पास के  इलाके पर.गौरतलब है कि उसकी ड्यूटी 1st Platoon, Charlie Troop, 1st Squadron, 33rd Cavalry Regiment. के साथ है. अमेरिकी सेना और अमेरिकी रक्षा विभाग के लिए इस तस्वीर को कैमरे में उतारा है Sgt.Jeffrey Alexander ने.            (DoD photo by Sgt. Jeffrey Alexander, U.S. Army/Released)

दिवंगत जनरल का सम्मान




अमेरिका की सेना में अपनी 38 वर्ष की डयूटी के दौरान तीन जंगों में अपनी बहादुरी दिखाने वाले Gen. Frederick C. Weyand  का 10 फरवरी 2010 को 93 वर्ष की आयु में देहांत हो गया.  उनकी याद और सम्मान में एक विशेष कार्यक्रम 27 फरवरी को National Memorial Cemetery of the Pacific in Honolulu में आयोजित किया गया. इस अवसर पर सेना स्टाफ के प्रमुख Gen. George W. Casey Jr. ने सेना के दिवंगत जनरल की स्मृति और सम्मान में उनकी बेटी को अमेरिका का फोल्ड किया हुआ झंडा बहुत ही आदर के साथ दिया. 
                         (DoD photo by Myles Cullen/Released)