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Wednesday, January 22, 2025

जादू की दुनिया में तलिस्मी दुनिया के पर्चे ने भी जादू दिखाया

 From Magician Mogambo on 22nd January 2025 at 11:22 Regarding Magic Magazine Moradabad

जादूगर मोगैम्बो ने जादुई पत्रिका मोरादाबाद के संबंध में 22 जनवरी 2025 को 11:22 बजे रिपोर्ट भेजी

जादुई पत्रकारिता को जादूगर सम्राट मोगैम्बो दे रहे हैं नई उड़ान 


लुधियाना//मुरादाबाद: 22 जनवरी 2025: (मीडिया लिंक//लुधियाना स्क्रीन डेस्क)::

कुछ दशक पहले तंत्र-मंत्र की कला बहुत लोकप्रिय हो गई थी। जादू का शो किसी फिल्म के शो की तरह भीड़ खींचता था। कभी-कभी शैक्षणिक संस्थान भी जादू के शो आयोजित करते थे। तब दिवाली दशहरा और नए साल के मेलों में जादू के शो भी एक बड़े आकर्षण के तौर पर हुआ करते थे। मृत्यु भी विभिन्न रूपों में सामने आती है।

कभी-कभी लकड़ी की दीवारों वाले कुएं में एक साथ कई कई बाइकें और कुछ कारें इन दीवारों पर दौड़ती थीं। देखने वाले सांस रोक कर मौत के कूंए में चलने वाली इस रेस को देखते थे। कुछ हंसते भी थेऔर अपना मनोरंजन करते थे। बहुत कम लोग सोचते कि अगर हादसा हुआ तो क्या बनेगा? ऐसे आयोजनों में ही कभी-कभी कोई अदाकार//कलाकार अपने कपड़ों पर मिट्टी का तेल आदि सिर से पाँव तक छिड़क कर बहुत ऊँची सीढ़ी पर चढ़ जाता और खुद को आग लगाकर नीचे बने कुएँ में कूद जाता। इस छलांग से पहले कुएं में भी पैट्रोल छिड़क कर आग लगा जाती थी। इस तरह वह आग का कूयां ही बना होता था। छलांग लगाने वाले का परिवार अथत  बच्चे आँखों आंसू लिए प्रार्थना करते। जब तक वह बाहर  नहीं आ जाता तब तक  प्रार्थना रहती। 

ये सभी जादू के शो खतरनाक होते थे। इन्हें करने वाले लोग आजीविका के लिए सब कुछ करते हैं। जो लोग मेला देखने आते थे वे उनके खतरनाक करतब देखते थे और खुश होकर वापिस चलते थे। इन बेचारों को कुछ हो गया तो क्या बनेगा यह किसने सोचा होगा..? लेकिन किसी ने शायद कभी नहीं सोचा!

इस प्रकार इन खतरनाक वस्तुओं के साथ-साथ जादू के शो भी चलते रहे। धीरे धीरे इससे भी लोगों का मोहभंग होता जा रहा है। इन कार्यक्रमों में सिर्फ एक जादूगर नहीं बल्कि दर्जनों लोग शामिल होते हैं जिनके परिवार ऐसे शो की सफलता पर ही निर्भर होते हैं। दो वक़्त की रोटी के लिए मनोरंजन के नाम पर होते रहते हैं खतरों भरे ये खेल। जादूगर सम्राट मोगैम्बो अब उन्हें बचाने के लिए मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कर रहा है। इसी मकसद के लिए उन्होंने चलाई है  जादू पर एक बहुत अच्छी पत्रिका। 

तंत्र-मंत्र के जादू को उजागर करने वाली यह पत्रिका तलिस्मी दुनिया जादू के इस संसार में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस पत्रिका के पहले साल की सफलता के लिए आयोजित कार्यक्रम का समापन भी भव्य अंदाज में हुआ।  इस पत्रिका से दुनिया के कई लेखकों, पत्रकारों, फोटोग्राफरों और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों को भी रोज़गार मिला है। इस छोटी सी पत्रिका से जादुई पत्रकारिता की भी एक अलग श्रेणी उभर कर सामने आई है।

भारत की अग्रणी मासिक जादुई पत्रिका "तलिस्मी दुनिया" लुधियाना पंजाब ने अपनी पहली वर्षगांठ के साथ एक नया अध्याय लिखा है और जादू की दुनिया में बहुत लोकप्रियता और विश्वास हासिल किया है। जनवरी 2024 में अपनी यात्रा शुरू करने वाली इस पत्रिका ने महज एक साल में भारतीय जादुई कलाओं और कलाकारों का पसंदीदा मंच बनकर एक नया मानक स्थापित किया है।

इस ऐतिहासिक अवसर के उपलक्ष्य में पत्रिका के प्रकाशक एवं प्रधान संपादक जादूगर सम्राट मोगैम्बो द्वारा मानसरोवर कन्या इंटर कॉलेज, नवीन नगर, मुरादाबाद के प्रांगण में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह उत्सव उन लेखकों, संपादकों और योगदानकर्ताओं को समर्पित है जिन्होंने पत्रिका की सफलता में अपने समर्पण, कड़ी मेहनत और रचनात्मकता का योगदान दिया। जादूगर सम्राट शंकर, वैश्य समाज की प्रदेश संगठन मंत्री श्रीमती सुनीता गुप्ता, भारतीय जनता पार्टी के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक राजेश रस्तोगी, साइबर मैन मनीष गोयल, शिक्षाविद् डाॅ. मुख्य अतिथि प्रदीप वार्ष्णेय थे।

मंच पर जादूगर सम्राट शंकर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि तिलस्मी दुनिया मैजिक पत्रिका मात्र एक वर्ष में देश की नंबर वन पत्रिका बन गयी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने जादू के इतिहास में इतनी खूबसूरत जादुई पत्रिका कभी नहीं देखी। पत्रिका के संस्थापक संपादक सम्राट शंकर ने जादूगर मोगैम्बो को बधाई देते हुए मोगैम्बो के सफल प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी पत्रिका को अपना पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर जादू में निपुण जादूगरों ने अपने अद्भुत जादुई कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

इस समारोह में सबसे खास बात यह रही कि जादू की कला के प्रति समर्पित जादूगर मोगैम्बो ने सभी की उपस्थिति में एक स्टांप पेपर पर अपनी आखिरी इच्छा लिखकर जादूगर जुगनू जी को सौंप दी और उनसे अनुरोध किया कि जिस दिन वह (मोगैम्बो) ) इस दुनिया से अलविदा, उस दिन का जश्न मनाना चाहिए। आइए जीवन और मृत्यु के सत्य को स्वीकार करते हुए सभी के साथ जादू की कला को बढ़ावा देकर इस दिन को एक सम्मेलन के रूप में मनाएं।

जादूगर सम्राट मोगैम्बो की मेहनत को सलाम करते हुए गुजरात के सूरत के जादूगर सनत दवे ने मोगैम्बो को जादू रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। जादूगर भंवर तलैचा ने मोगैम्बो को जादूगर आंचल द्वारा भेजे गए विशेष स्मृति चिन्ह से सम्मानित भी किया।

विश्व प्रसिद्ध जादूगर सम्राट शंकर, जादूगर स्टिक मनोहर हैदराबाद, जादूगर जुगुनु उत्तर प्रदेश, जादूगर सनत दवे कार्टूनिस्ट गुजरात और जादूगर कुलदीप मिश्रा दिल्ली को तिलस्मी गौरव रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही राजस्थान के जादूगर भंवर तलैचा और लुधियाना के जादूगर मनोज जैन को तिलस्मी साहित्य रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जादू में निपुण जादूगरों ने अपने अद्भुत जादुई कौशल का प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।

"तलिस्मी दुनिया" के पीछे हर लेखक, संपादक और साथी का ईमानदार योगदान इस यात्रा की सबसे मजबूत नींव रही है। हम सभी को धन्यवाद देते हैं और आशा करते हैं कि भारतीय जादुई दुनिया की उन्नति के लिए यह समर्थन और समर्पण भविष्य में भी जारी रहेगा।

इस आयोजन में बहुत से जादूगर और अन्य लोग शामिल रहे। इनमें जादूगर मुकुंद कुमार पुणे, जादूगर अशोक दवे गुजरात, जादूगर लंकेश दिल्ली, जादूगर एनए पाशा बिजनोर जादूगर बी राज, जादूगर मिस्टर इंडिया, जादूगर अनुभव, जादूगर अंकुश, जादूगर अभिनव, जादूगर मुरली, वैशाली, भूमि, पाखी और जादूगर जूनियर शामिल रहे। स्वयं जादूगर मोगैम्बो उपस्थित भी सक्रिय तौर पर उपस्थित रहे। शामिल रहें इस कार्यक्रम में जादूगर जुगनू का भी विशेष सहयोग रहा। 

Friday, February 13, 2015

सच में लगातार घट रहा है प्रिंट मीडिया का कारोबार ?

इण्डिया टुडे ने किया अपने तीन एडीशन बंद करने का फैसला 
अब इसे इंटरनेट मीडिया का तेज़ी से बढ़ता हुआ रुझान कहें या प्रिंट मीडिया की कम हो रही लोकप्रियता कि वेबसाईटों और इंटरनेट संस्करणों की संख्या तो लगातार बढ़ रही है पर प्रिंट एडीशन बंद होने की कगार पर आ रहे हैं। नया मामला सामने आया है इण्डिया टुडे का। माचार 4 मीडिया.कॉम की एक खबर के मुताबिक इण्डिया टुडे जैसा सफल घराना भी अपने संस्करण बंद  करने को मजबूर है। खबर के मुताबिक भारत में मैगजीन बिजनेस के लिए अब कोई उम्मीद की किरण नहीं दिखाई देती, यही वजह है कि देश में एक के बाद एक मैगजीन या तो बंद हो रही हैं या फिर बंद होने कगार पर हैं। देश में सबसे सफल मैगजीन ग्रुप में से एक लिविंग मीडिया ने भी अब इंडिया टुडे की तमिल, तेलुगू और मलयालम भाषा की वीकली मैगजीन को बंद करने की घोषणा कर दी है।   
इंडिया टुडे समूह के एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी ने एक इंटर्नल मेमो में लिखा, ‘हमें बीस सालों से नुकसान हो रहा है। हमने इसी उम्मीद में ही अपने घाटे को सहा कि एक दिन काया पलट  जाएगी, लेकिन हुआ नहीं। काफी विचार विमर्श के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे कि भविष्य में भी हमें इन मैगजीनों को लेकर बहुत उम्मीद नही है। इसलिए भारी मन से हमने ये फैसला लिया कि अब हम इन एडिशंस को बंद करेंगे।