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Monday, September 13, 2021

पाकिस्तान से पाईप के ज़रिये 40 किलो हेरोइन की तस्करी

 13th September 2021 at 8:40 PM

अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश

इस तस्करीमें शामिल बड़ी मछली को किया काबू
चंडीगड़//अमृतसर: 13 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बड़ी सफलता हासिल करते हुये पंजाब पुलिस ने आज नशा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नैटवर्क का पर्दाफाश करके एक बड़ी मछली जिसकी पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी गाँव चविंडा कलां, अमृतसर के तौर पर हुई है, को हेरोइन की 40 किलो खेप की तस्करी में शामिल होने के दोष के तहत गिरफ्तार किया है। बताने योग्य है कि हेरोइन की यह खेप भारत-पाक सरहद से बरामद की गई थी।
डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी), पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने हैप्पी, जिसको अमृतसर कमिशनरेट पुलिस द्वारा अमृतसर के गाँव छेहरटा से गिरफ्तार किया गया है, से 1 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है। इसके इलावा पुलिस द्वारा उसके सपलैंडर मोटरसाईकल को भी ज़ब्त कर लिया गया है।
ज़िक्रयोग्य है कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 21 अगस्त, 2021 को अमृतसर की पंजगराईयां बार्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) के क्षेत्र में 40.81 किलो हेरोइन के 39 पैकेट बरामद करके नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया था।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि अब तक की गई जांच हैप्पी के अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों और गैंग्स्टरों के साथ गठजोड़ की तरफ इशारा करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान आधारित तस्करों और मलेशिया से काम कर रहे तस्कर जग्गा के साथ हैप्पी के संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है।’’
पुलिस कमिशनर (सिप) अमृतसर विक्रम जीत दुग्गल ने कहा कि पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नैटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे जांच की जा रही है।
इस सम्बन्ध में अमृतसर के थाना छेहरटा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।  

Monday, July 19, 2021

अभद्र टिप्पणियाँ करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज

Monday:19th July 2021 at 5:39 pm

 महिला आयोग की अध्यक्ष के खि़लाफ़ की थीं अभद्र टिप्पणियाँ 

आई.टी. एक्ट की ग़ैर ज़मानती धाराओं अधीन निशान गिल के खि़लाफ़ मामला हुआ दर्ज

चंडीगढ़: 19 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::

सोशल मीडिया पर पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा गुलाटी के खि़लाफ़ अभद्र टिप्पणियाँ करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध मामला आज अमृतसर के सिविल लाईन्स थाने में आई.टी. एक्ट की ग़ैर ज़मानती धाराओं अधीन निशान गिल नामक व्यक्ति के खि़लाफ़ मामला दर्ज किया गया है। 

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त व्यक्ति महिला आयोग की अध्यक्ष के खि़लाफ़ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियाँ कर रहा था, जिसका आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया और आज सिविल लाईन्स अमृतसर में निशान गिल के खि़लाफ़ एफ.आई.आर. नं.164 दिनांक 19/07/21 को आई.टी.एक्ट की धारा 67 और आई.पी.सी. की धारा 509 अधीन मामला दर्ज किया गया।

Sunday, April 26, 2020

नामधारी संगत के साथ शहीद सरबजीत की बहन ने भी बांटा राशन

26th April 2020 at 5:28 PM
दलबीर कौर ने "पंथ के ठेकेदारों" को भी रखा आलोचना के निशाने पर  
अमृतसर//कुराली//लुधियाना: 26 अप्रैल 2020: (पुष्पिंदर कौर//पंजाब स्क्रीन):: 
कोरोना से कराह रहे लोगों को राहत पहुंचाने के मिशन में नामधारी सम्प्रदाय ने शहीद सरबजीत सिंह भिखीविंड की बहन दलबीर कौर को भी अपने साथ लिया है। दलबीर कौर ने भी भलाई के इस कार्य पर ठाकुर दलीप सिंह की प्रशंसा करते हुए सक्रिय हो कर इस काम में नामधारी काफिले का साथ दिया। उन्होंने ठाकुर जी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आर्थिक तौर पर कमज़ोर जिन लोगों को आप ने राशन भिजवाया है पंथ के ठेकेदार तो इन लोगों को सिख ही नहीं मानते। इस मौके पर शहीद सरबजीत सिंह की चर्चा भी चली। आपको याद है न सरबजीत सिंह और उसकी ह्रदय विदारक शहादत? 
सच क्या है यह तो सरकारें ही जानती होंगीं लेकिन एक बात अवश्य होती रही कि नौजवान उम्र में धड़कते हुए दिल अपने देश के लिए खुद को खतरों में डाल कर अक्सर बहुत कुछ ऐसा कर बैठते हैं जो एक नया इतिहास भी रच जाता है। इन कामों में दुसरे देशों में जा पहुंचना और जासूसी करना भी शामिल होता है। जासूसों की ज़िंदगी बेहद रहस्यपूर्ण होती है। वे जो कुछ करते हैं उसका सबूत भी अक्सर खुद ही मिटा देते हैं। इस लिए जब कोई उनसे उनके कामों का सबूत मांगें तो उनके लिए वह घड़ी बहुत ही मुश्किल की घड़ी होती है। मिटाये हुए सबूतों को भला कौन ला सकता है? पाकिस्तानी प्रचार के मुताबिक कहा जाता है कि भिखीविंड का सरबजीत सिंह भी पाकिस्तान में सीक्रेट ऐजन्ट था। उसने एक भारतीय जासूस के तौर पर  काफी काम किये। लेकिन गाँव के लोग कुछ और ही कहने बताते हैं। उनका कहना है कि उसने गलती से सीमा पार कर ली थी क्यूंकि उनदिनों कांटेदार बाड़ नहीं लगी होती थी।उसे नाम का भरम होने के कारण वहां पकड़ा गया। वहां उसे मंजीत सिंह बता कर अदालत में पेश किया गया। उसे यातनाएं भी दी गयीं और मौत की सज़ा भी सुनाई गई  जिसे कूटनयिक प्रयासों से रद्द करवा लिया गया। उसकी बहन दलबीर कौर ने उसे बचाने के लिए जो संघर्ष किया उसकी मिसाल शायद कहीं और नहीं मिलती। जब उसे रिहा किये जाने का वक़्त नज़दीक आया तो पाकिस्तान की कोटलखपत जेल में ही किसी अन्य कैदी ने उस पर हमला करके उसे बुरी तरह पीटा। मारपीट जानलेवा थी। शायद वहीँ पर उसकी मौत हो गई थी लेकिन फिर भी उसके इलाज का सिलसिला कई दिनों तक चला। उसके रिहा होने की बातें केवल कागज़ों में रह गई। रिहाई होने वाली थी लेकिन वहीँ अस्पताल में उसका देहांत हो गया। कभी किसी शायर ने कहा था:
पास मंज़िल के मौत आ गई 
जब सिर्फ दो कदम रह गए!
बस रिहा हो कर भिखीविंड गांव में अपने परिवार में पहुंचने की बातें केवल कागज़ों में रह गईं। उसके परिवार का सपना कभी पूरा न हुआ। उसकी बेटियां कभी अपने पिता को न देख सकीं। उसका शव ही यहाँ पहुंचा। दर्द असहनीय था लेकिन सरे परिवार ने इस दर्द को सहा। उसकी बहन दलबीर कौर ने उस नाज़ुक हालत में भी उस परिवार को संभाला। हालांकि दलबीर कौर को भी लोगों ने बहुत कुछ कहा लेकिन वह डटी रही। उसने सरबजीत सिंह की अंत्येष्टि राजकीय सम्मानों के साथ करवाई।  मौत पर पंजाब सरकार ने तीन दिनों तक का राजकीय शोक भी रखा। एक करोड़  आर्थिक राहत  भी दी। इस तरह सरबजीत को शहीद का सम्मान भी प्राप्त हुआ। इस सब के बावजूद लोग उसे भूलते चले गए। सियासी लोग भी और समाजिक लोग भी। उसके जाने का दर्द याद रहा केवल उसके परिवार को। साथ ही उस दर्द को नामधारी सम्प्रदाय ने भी याद रखा। 
अब जब कोरोना का कहर छाया तो यह संकट भीखीविंड में ही महसूस किया गया। वहां भी कारोबार ठप्प हो गए। गरीब और मध्यवर्गीय लोगों को खाने के लाले पड़ गए। काम लगातार ठप और खर्चे लगातार जारी। पेट की भूख तो लगातार सताती रही। गहरे संकट की इस नाज़ुक घड़ी में ठाकुर दलीप सिंह ने अपनी संगत सिंह से भिखीविंड जाने को भी कहा और शहीद सरबजीत सिंह की बहन से मिलने का भी आदेश दिया। नामधारी संगत ने ऐसा ही कहा। भिखीविंड में पहुंच कर नामधारी सम्प्रदाय के लोगों ने आर्थिक कमज़ोर लोगों का पता लगाया।एक एक करके उनके घर ढूंढे और बिना कोई शोर शराबा किये राशन और आर्थिक सहायता उन तक पहुंचाई। न मीडिया बुलाया और न ही फोटो खिंचवाने का आडंबर किया। जिस तस्वीर को आप देख रहे हैं इसे भी किसी ने चुपके से खींच लिया। दलबीर कौर  भूपिंदर कौर ने भी सक्रिय हो कर इसमें योगदान दिया। 
नामधारी संगत का काफिला और दलबीर कौर मिलकर अमृतसर के गांव गांव में पहुँच रहे हैं। वहां ज़रूरतमंद सिख परिवारों को दैनिक उपयोग में आने वाली सभी आवशयक चीज़ें मुहैया कराई जा रही हैं। नामधारी संगत के इस काफिले का नेतृत्व कर रहे हैं साहिब सिंह, लाल सिंह और गुरचरण सिंह। इन नामधारी प्रतिनिधियों ने कहा कि यह सब  ठाकुर दलीप सिंह जी के विशेष आदेशों पर ही किया जा रहा है। शहीद सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने ही कहा कि मैं ठाकुर जी की विशेष आभारी हूँ जिन्होंने इस संकटकाल में इन लोगों का दामन थामा है। मुश्किल की इस घड़ी में यह ज़रूरतमंद लोग बहुत ही डगमगाए हुए थे। नामधारी संगत इनके लिए भगवान बैंक कर पहुंची है। उन्होंने इस बात पर गहरा दुःख व्यक्त किया कि पंथ के कुछ स्वयंभू ठेकेदार तो इनको सिख भी नहीं मानते। इनके साथ लम्बे समय से भेदभाव करते आ रहे हैं। दलबीर कौर ने साड़ी संगत से अपील की कि जो खुद को सिख समझता है वह किसी के साथ भी भेदभाव न करे। भेदभाव दूर करके ही पंथ की चढ़दीकला होगी। गुरु का तेज भी हमें तभी मिलेगा। 
इस मौके पर सरपंच दविंदर सिंह नागी, बलकार सिंह, धीर सिंह, सुच्चा सिंह, प्रितपाल सिंह, बीबा भूपिंदर कौर और अन्य लोग भी मौजूद रहे।
यह भी पढ़िए बस यहाँ नीचे दिए गए नीले लिंक पर क्लिक करके 
पटियाला और आसपास के क्षेत्रों में मोर्चा संभाला कुलदीप कौर और अन्य नामधारी सहयोगियों ने 

Sunday, October 16, 2016

देश में छुपे गद्दारों को बेनकाब किया जाना चाहिए : उसमान रहमानी

Sun, Oct 16, 2016 at 7:15 PM
अब्दुल नूर मजलिस अहरार इस्लाम के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त
अमृतसर में लुधियाना से पहुंचे नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी अब्दुल नूर को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए
अमृतसर:16 अक्तूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
आज यहां लुधियाना से आए पंजाब के नायब शाही इमाम व मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द के महासचिव मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने हाल बाजार स्थित मस्जिद सिकंदर खान में प्रैस कांफ्रेस के दौरान अमृतसर के युवा मुस्लिम नेता अब्दुल नूर को मजलिस अहरार इस्लाम पंजाब का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त करने का ऐलान किया। इससे पहले अब्दुल नूर अहरार पार्टी के अमृतसर के अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वर्णनयोग है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुख्य भूमिका निभाने वाले अहरार पार्टी तत्कालीन पंजाब में मुसलमानों की एक मात्र मुख्य सियासी जमात है। इस अवसर पर संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों का अहम योगदान रहा है और मुसलमानों ने हमेशा ही आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म को आतंकवाद से जोडऩा निंदनीय है, आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता। नायब शाही इमाम मौलाना उसमान ने कहा कि विदेशी आतंकियों को रोकने के लिए जरूरी है कि देश में छुपे हुए उन गद्दारों को बेनकाब किया जाए जो कि चांदी के चंद सिक्कों की खातिर अपना इमान बेचते हैं और देश से गद्दारी करते हैं। उन्होंने कहा कि ये गद्दार अंग्रेज के समय से ही दुश्मनों के टोडी बने हुए है। इस अवसर पर अहरार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने पर अब्दुल नूर ने हाई कमान का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह उन पर डाली इस बड़ी जिम्मेदारी को तन-मन-धन से निभाने की कोशिश करेगें। अब्दुल नूर ने कहा कि ये मेरे लिए गर्व व सम्मान की बात है कि स्वतंत्रता सेनानियों की पार्टी मजलिस अहरार में सेवा निभाने का अवसर मिल रहा है।इस अवसर पर डा. मोती उर रहमान, मुहम्मद अजमल, शौकत अली, कासिम अली, अब्दुल मलिक, नईम अहमद व लुधियाना से शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरारी विशेष रूप में उपस्थित थे।

Monday, September 12, 2016

सारे हिन्दोस्तान का पेट भरना हमारी डयूटी-वीसी डा. ढिल्लों

मेले में बताये गए किसानों को आर्थिकता सुधारने के गुर 
नाग कलां-जहांगीर  (अमृतसर) से लौट कर रेक्टर कथूरिया :: 
खुद दर्द सह कर भी दूसरों को मुस्कराहट देना यह हिम्मत और गौरव पंजाबियों के हिस्सा ही आया है। जब किसान खुदकुशियां कर रहा है उस कठिन समय भी पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी ने देश के प्रति लगाव और स्पिरिट में कमी नहीं आने दी। पीएयू के उपकुलपति डॉक्टर बलदेव सिंह ढिल्लों ने यहाँ आयोजित किसान मेले में याद दिलाया कि पूरे हिन्दोस्तान का पेट भरना हमारा कर्तव्य बनता है। यहाँ सितम्बर महीने में आयोजित किसान मेलों में से दूसरा मेला आज सोमवार 12 सितम्बर 2016 को आयोजित हुआ। 
पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र नाग कला में किसान मेला लगाया गया। मेले के समारोह में डॉ. बलदेव सिंह ढिल्लों वीसी पंजाब कृषि यूनिवर्सिटी मुख्य मेहमान के तौर पर शामिल हुए। मेले के दौरान कृषि से संबंधित मुकाबले भी करवाए गए। इनमें घरेलू काम को कारोबार तक लेजाने के लिए घरेलू उत्पडन्न की प्रतियोगिता भी शामिल थी। सेवियां बनाने के मुकाबले में इलाके की 15 महिलायों ने भाग लिया। जिनमें चार को सम्मानित भी किया गया। महिला सशक्तिकरण का यह प्रयास बेहद कामयाब भी हो रहा है।  पीएयू के बनाये सेल्फ हैल्प ग्रुप बहुत ही कामयाबी से चल रहे हैं। इनका सामान तरोताज़ा, पौष्टिक और सस्ता भी होता है। कोई बड़ी कम्पनी खराब सामान बेच क्र भी कई बहाने लगा सकती है लेकिन इन कल्बों की सदस्य महिलाएं जानती हैं कि इनको यहां रहना है अपने लोगों के बीच इसलिए इनके साथ व्यवहार शुद्ध रखना आवश्यक है। इन महिलायों के चेहरे पर एक आत्म विश्वास और आंखों में सफलता की चमक होती है। अपने परिवार की आर्थिकता को मज़बूत बनाने में सक्रिय यह साधारण सी महिलाएं बहुत ही असाधारण कार्य कर रही है जिसकी अहमियत अभी तक पूरी तरह लोगों के सामने नहीं आई है। इन मेलों में इन महिलायों की सफलता आसानी से देखी जा सकती है। कर्ज़ लेकर काम शुरू करने वाली ये महिलाएं आज अछि खासी कमाई कर रही हैं वो भी बिना किसी नौकरी के। इस मेले में भी ऐसा एलोवेरा जूस बेचा जा रहा था और केवल एक दिन पूर्व ही पैक किया गया था। बाजार के ब्रांडेड जूस से कुछ महंगा होने के बावजूद हाथो हाथ बिक रहा था। शहद के साथ साथ आंवला का आचार और मुरब्बा भी ग्राहकों को लुभा रहा था। इन महिलायों और कुछ पुरुषों ने भी बताया कि अब अगर वे अपने पैरों पर खड़े हैं तो केवल पीएयू से मिली ट्रेनिंग और प्रोत्साहन की बदौलत। 
इस अवसर पर डॉ. आरके गुब्बर, डॉ. राजिंदर सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह, महिंद्र सिंह ग्रेवाल, डॉ. तरसेम सिंह, डा. हरवंत सिंह औलख डिप्टी डायरेक्टर कृषि विभाग तथा डॉ. रंजीत सिंह आदि मौजूद थे। इसके साथ ही आत्म हत्या कर रहे किसान की हालत सुधरने के लिए पीएयू ख़ामोशी से सक्रिय है। इस दुसरे किसान मेले में भी इस बात पर ज़ोर दिया गया कि किसान को पूरा वर्ष मेहनत करने और केवल दो दिन आमदन लेने की जगह अब खुद को बदलना होगा और हर रोज़ आमदन लेनी होगी। इस मकसद के लिए किसान को दूध के साथ साथ सब्ज़ियों की तरफ भी विशेष ध्यान देने को कहा जा रहा है। दूध और सब्ज़ियां ही ऐसी चीज़ हैं जो हर रोज़ बिक सकती हैं। 
मेला कोई सरकारी या अकादमिक आयोजन न होकर एक पारिवारिक मिलन की तरह लग रहा था जिसमें सभी अपना सुख दुःख साँझा कर रहे थे। मेले में तरह तरह जे स्टाल लगे थे और जितने लोग पंडाल में थे उससे कहीं अधिक इन स्टालों पर थे। फूल और शाखाएं काटने वाली कैंची से लेकर ट्रेक्टर तक बेचे जा रहे थे। सब्ज़ियों के बीजों की मांग यहाँ बहुत ज़्यादा थी। शायद ही कोई हो जिसने सब्ज़ी के बीजों की किट न खरीदी हो। केवल 100/- रूपये की इस किट में दस तरह की सब्ज़ियों के बीज थे जिन्हें घर में भी उगाया जा सकता है। 
वाइस चांसलर डॉक्टर ढिल्लों ने इन कृषि केंद्रों की स्थापना और मेलों के आयोजन का संक्षिप्त सा इतिहास बताते हुए कहा कि इनसे फायदा लेना अब हर किसान का फ़र्ज़ है। 

Sunday, June 15, 2014

अजनाला के कुँए का मामला अब और गंभीर

 Fri, Jun 13, 2014 at 12:02 PM
1 अगस्त को किया जाएगा सन् 1857 के हिंदूस्तानी सैनिकों का संस्कार
अस्थियों के संस्कार से पहले शहीद सैनिकों के नामों की जानकारी मंगवाए सरकार-कोछड़
पंजाब सरकार युद्ध-स्तर पर पुनः शुरू करेगी कार्रवाई-रंधावा
पंजाब सरकार को भेजे मांग-पत्र के संबंध में जानकारी देते हुए इतिहास श्री सुरेंद्र कोछड़
अमृतसर, 13 जून 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
अमृतसर की तहसिल अजनाला के कुएं में से निकाली गई सन् 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह के 282 हिंदूस्तानी सैनिकों की अस्थियों का अंतिम संस्कार अजनाला में 1 अगस्त 2014 को किया जाएगा। यह जानकारी पंजाब सरकार द्वारा उक्त शहीदी कुँआ स्मारक तथा अस्थियों के रख-रखाव को लेकर बनाई गई सलाहकार कमेटी के सदस्य इतिहासकार एवं शोधकर्ता श्री सुरेंद्र कोछड़ ने कल्चरल, पुरातत्व तथा म्यूजि़यम विभाग पंजाब के डायरेक्टर स. नवजोत पी. सिंह रंधावा को मेमोरंडम के रूप में दी। मांग पत्र में श्री कोछड़ ने बताया कि उन्होंने उक्त कुँए में से अपनी शोध के आधार पर गुरूद्वारा शहीदगंज कमेटी के सहयोग से जो शहीद हिंदूस्तानी सैनिकों की अस्थियां निकलवाईं थी; को जाँच के लिए चंडीगढ़ लिजाने से पहले उनमें से बहुत सी अस्थियों को फोरेंसिक साईंस तथा डी.एन.ए. माहिरों ने नकारा घोषित कर दिया था। उन्होंने बताया कि उक्त नकारा घोषित की गई अस्थियां जो मुरम्मत करके अजायब-घर में नहीं रखी जा सकती, का अजनाला में एक अगस्त को अंतिम संस्कार किया जाएगा। श्री कोछड़ के अनुसार उक्त हिन्दूस्तानी सैनिकों के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए देश-विदेश की समाजिक, धार्मिक,  शिक्षा संस्थायों, भारतीय सेना तथा देश के प्रमुख राजनीतिज्ञों सहित देश के प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को पत्र भेजे जा रहे हैं।
अजनाला के उक्त कुँए की खोज करके उसमें से सन् 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह के सैनिकों की अस्थियां निकलवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले इतिहासकार श्री कोछड़ ने मांग-पत्र में इस बात पर भी जोर दिया है कि पंजाब सरकार भारतीय गृह मंत्रालय की मार्फत ब्रिटेन सरकार से उक्त शहीदों ने नामों सहित शेष जानकारी दो सप्ताह के भीतर मंगवाए और सैनिकों की अस्थियों का संस्कार सम्मान-पूर्वक ढंग से करने के लिए अजनाला में तुरंत उचित जगह उपलब्ध कराई जाए। श्री कोछड़ के अनुसार शहीद हिंदूस्तानी सैनिकों की पहचान के संबंध में जानकारी तथा संस्कार के लिए उचित जगह मिलने के बाद ही उनका पूर्ण धार्मिक विधि से संस्कार किया जाना संभव है। उन्होंने कहा कि कुँए में से निकली अस्थियों की जांच करने वाले माहिरों को भी आदेश जारी किए जाएं कि अस्थियों की जांच रिपोर्ट जल्दी उन्हें सौंपी जाए, चूंकि सन् 1857 के अजनाला नरसंहार के संबंध में शोध का अधूरा कार्य पूरा किया जा सके।
उधर श्री कोछड़ द्वारा दिए मांग-पत्र को गंभीरता से लेते हुए डायरेक्टर श्री रंधावा ने डिफैंस विभाग तथा अस्थियों की जांच करने वाले माहिरों को जल्दी जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस के साथ ही उन्होंने यह भी विश्वास दिलाया है कि संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारी दो-चार दिन के भीतर अजनाला पहुँचकर हिंदूस्तानी सैनिकों के संस्कार तथा स्मारक के निर्माण के संबंध में युद्ध स्तर पर कार्रवाई शुरू करेंगे।
सैनिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण का निर्णय सरकारों का
सैनिकों की स्मृति में स्मारक निर्माण के संबंध में पूछने पर श्री कोछड़ ने कहा कि अजनाला में उक्त हिन्दूस्तानी सैनिकों की याद में स्मारक निर्माण का फैसला पंजाब व केंद्र सरकार की स्वे-इच्छा तथा देशवासियों की मांग पर निर्भर करता है। उन्होंने बताया कि सेना के अधिकारी स्थानीय सर्किट हाऊस में चीफ सैकेट्ररी पंजाब, डिप्टी कमिश्नर अमृतसर, एस.जी.पी.सी., प्रमुख पुलिस अधिकारियों तथा उनके समक्ष स्पष्ट तौर पर पहले ही यह दावा रख चुके हैं कि कुँए में से निकाले गए कंकाल उन जांबाज हिन्दूस्तानी फौजियों के हैं, जिन्होंने ब्रिटिश के विरूद्ध बगावत की थी और इसी कारण अजनाला में बंदी बनाकर उन्हें बेरहमी से कत्ल किया गया। इस लिए भारतीय सेना उक्त शहीदों को सम्मान देने के लिए इतिहासकार श्री कोछड़ से बातचीत करके वहां वार-मेमोरियल अवश्य बनाऐगी।
अलग से डिब्बी में लगाने के लिए
खुदाई से पहले कुँए पर किया जा रहा था गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश
अजनाला के उक्त कुँए के संबंध में यह बताना भी अनिवार्य है कि खुदाई से पहले जानकारी के अभाव के कारण विगत् 42 वर्षों से मानव कंकालों से भरे उक्त कुँए के बिल्कुल ऊपर श्री गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया जा रहा था तथा इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़ से पहले किसी भी इतिहासकार, शोधकर्ता विद्धान या जत्थेबंदी ने कुँए की तालाश करके उसमें से अस्थियां निकलवाने की पहल नहीं की। श्री कोछड़ ने उक्त कुँए को ज़ाहिर करके उसमें दफन मानव शवों के ढेर के ऊपर से श्री गुरू ग्रंथ साहिब का प्रकाश नए उचित स्थान पर तबदील करवाकर सिख रहित मर्यादा तथा सिखों की धार्मिक भावनायों के हनन होने की कार्रवाई को रोका है।

Thursday, April 17, 2014

अजनाला कुँए का मामला:कोछड़ के अतिरिक्त नहीं पहुँची कोई और रिपोर्ट

19 अप्रैल को अजनाला पहुँचेगीं पुरातत्व विभाग व विशेषज्ञों की टीमें
अमृतसर; 17 अप्रैल 2014:  (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो//तस्वीरें-गजिंदर सिंह किंग):
मीडिया से बात  करते
 इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़
अजनाला के कुँए में 157 वर्षों से दफन राष्ट्रीय विद्रोह के सैनिकों की निकाली गईं अस्थियां तथा वहां बनाए जाने वाले स्मारक के संबंध में पंजाब सरकार द्धारा  बनाई पाँच स्दसीय सलाहकार कमेटी के सदस्यों में से नियत किए दिन तक मात्र इतिहासकार एवं शोधकर्ता श्री सुरेंद्र कोछड़ ने ही अपनी रिपोर्ट जमा कराई है। बुधवार दोपहर पंजाब सचिवालय चंडीगढ़ में प्रिंसीपल सचिव (होम) श्री एस.एस. चन्नी की अध्यक्षता में हुई सलाहकार कमेटी के सदस्यों तथा विशेषज्ञों की मीटिंग के बाद यह उक्त जानकारी दी गई। मीटिंग की कार्रवाई के संबंध में कल्चरल, पुरातत्व एवं म्यूजीयम विभाग पंजाब के डायरैक्टर स. नवजोत सिंह रंधावा ने बताया कि सलाहकार कमेटी के सदस्यों डॉ. जसपाल सिंह (उप-कुलपति पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला), इतिहासकार प्रीथपाल सिंह, प्रो. हरीश शर्मा, इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़, प्रो. मुज्जफर आलम (जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली) तथा आर्कोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया को पंजाब सरकार द्वारा 11 मार्च को पत्र न. 2139-2144 जारी करके अजनाला के कुँए के संबंध में अपनी रिपोर्ट 30 मार्च तक जमा कराने के आदेश दिए थे। श्री कोछड़ के अतिरिक्त किसी अन्य की रिपोर्ट न प्राप्त होने पर यह समय अवधि बढ़ाकर 15 अप्रैल तक कर दी गई थी। श्री रंधावा ने कहा कि उक्त कुँए की खोज करके उसमें से सन् 1857 के राष्ट्रीय विद्रोह के सैनीकों की अस्थियां निकालवाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले इतिहासकार श्री कोछड़ ने अपनी तैयार की रिपोर्ट कमेटी के चेयरमैन तथा मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल को 26 मार्च को ही सौंप दी, जबकि शेष कोई भी सदस्य नियत दिन तक अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करा सका। उन्होंने कहा कि शेष इतिहासकारों ने रिपोर्ट पूरी करने के लिए पंजाब सरकार से अब और अत्याधिक समय मांगा है।
19 अप्रैल को अजनाला पहुँचेगीं पुरातत्व विभाग व विशेषज्ञों की टीमें
प्रिंसीपल सचिव श्री एस.एस. चन्नी ने मीटिंग में सलाहकार कमेटी, विशेषज्ञों तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्मारक तथा कुँए में से निकली अस्थियों के रख-रखाव व अन्य जाँच के लिए 19 अप्रैल को अजनाला में पुरातत्व विभाग के माहिरों के साथ अस्थियों की जाँच करने में माहिरों की एक टीम को भेजने का निर्णय लिया है। श्री कोछड़ ने अंर्तरार्ष्टीय स्तर तक पहुँच चुके अजनाला के शहीदी कुँए के उक्त मामले में राज्य व केंद्र सरकार की कारगुजारी के प्रति नराज़गी प्रक्ट करते हुए कहा था कि कुँए में से निकली अस्थियों तथा मिट्टी की अभी तक न तो कोई जाँच ही करवाई गई है और न ही अस्थियों को सरक्षंण देने के लिए पुरातत्व विभाग ने ही कोई पहल की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विशेषज्ञों द्वारा अस्थियों का रख-रखाव न रखे जाने के कारण कुँए में से साबुत निकाली गई अस्थियां तथा खोपरियां भुरनी शुरू हो गई हैं और अगर भविष्य में इन अस्थियों को कोई बड़ा नुकसान पहुँचता है अथवा इनकी प्रमाणिकता को लेकर कोई विवाद खड़ा होता है, तो उसकी जवाबदेह केंद्र तथा राज्य सरकार होगी।
अलग से डिब्बी में लगाने के लिए
इंडीयन वर्कज़ ऐसोसिएशन (ग्रेट ब्रिटेन) को भी दी जानकारी
इंडीयन वर्कज़ ऐसोसिएशन, ग्रेट ब्रिटेन तथा शहीद ऊधम सिंह वेलफेयर ट्रस्ट, ब्रिमिंगम की मांग पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को 26 मार्च को पत्र न. डी.डी. न. 4/16012/08/2014-सी.एस.आर.-2 जारी करके सलाहकार कमेटी से अजनाला के उक्त कुँए के संबंध में जानकारी मंगवाई थी, तांकि ब्रिटिश सरकार से उक्त सैनिकों की पहचान पता करने तथा इस नरसंहार के लिए मौजूदा ब्रिटिश सरकार से माफी मंगवाई जा सके। इस संबंध में श्री कोछड़ ने उक्त कुँए की पृष्ठ-भूमि तथा सन् 1857 के उक्त हिंदूस्तानी सिपाहियों के साथ हुए अमानविय वर्ताव तथा कुँए की खुदाई के पैदा हुई मौजूदा स्थिति की सारी जानकारी तस्वीरों सहित उक्त संस्थायों सहित कल्चरल, पुरातत्व एवं म्यूजीयम विभाग पंजाब को भेज दी है। 

Sunday, March 16, 2014

केजरीवाल का मीडिया संबंधी बयान अति निंदनिय-रजा मुराद

कहा-1984 की घटना को अब भूल जाना चाहिए
अमृतसर: 15 मार्च 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
बालीवुड के वयोवृद्ध नेता रजा मुराद ने आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल की ओर से मीडिया को बिकाउ करार देने और मीडिया कर्मियों को जेल में डालने के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा, कि ऐसा नहीं करना चाहिए। क्योंकि जब मीडिया आपके समर्थन में समाचार दिखाता है, तो वह इमानदार होता है, लेकिन हवा का रूख बदलने पर जब मीडिया आपके खिलाफ हो जाता है, तो इमानदार मीडिया को आप खुद ही बेइमान कहने लगते हैं। जबकि ऐसा होता नहीं है। इस मौके पर उन्होंने आपरेशन ब्लू स्टार और नवबर 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के बारे में लोगों से अपील की है, कि वे इस मुद्दे को अब भूल जाएं। क्योंकि जो घृणित कार्य उस समय हुआ था, उसे अब दोबारा याद कर माहौल को फिर से खराब नहीं करना चाहिए। इस मौके पर उन्होंने बताया, कि वह अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ पाकिस्तान जा रहे हैं। जहां उनके कई रिश्तेदार है। वह 12 दिनों के वीजा पर पाकिस्तान जा रहे हैं।

रामतीर्थ विवाद को लेकर विवाद गरमाया

प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने दुकानदार को पीटा
मूक दर्शक बनी रही पुलिस
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कहा, दर्ज होगा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस
अमृतसर: 15 मार्च 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
रामतीर्थ मंदिर को लेकर उठे विवाद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे वाल्मिकी समुदाय के उग्र प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर के हालगेट पर जसमीत सिंह नामक दुकानदार को बुरी तरह से पीट दिया। दरअसल दुकानदार अपने मोटरसाइकिल को दुकान के बाहर लगा रहा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उसे रोका। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और युवक की बुरी तरह से पिटाई शुरू कर दी है। इस दौरान जसमीत सिंह की दस्तार की बेअदबी भी हुई। इस घटना का दुखद पहलू यह है, कि घटना स्थल पर भारी फोर्स भी तैनात थी, लेकिन पुलिस मुलाजिम मूक दर्शक बने रहे। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे एडीसीपी परमपाल सिंह ने मुलाजिमों और पीड़ित से घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया, कि घटना के संबंध में आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। इतना ही नहीं, घटना को मूक दर्शक बन कर देखने वाले पुलिस मुलाजिमों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Wednesday, March 12, 2014

चुनाव में न नशा बांटूंगा न नोट-हरमिंदर गिल

सभी राजनैतिक पार्टियों भी ऐसा ही प्रण लें
अमृतसर: 11 मार्च 2014  (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
सीमावर्ती खडूर साहिब हल्के से कांग्रेसी उम्मीदवार हरमिंदर सिंह गिल ने प्रण लिया है कि वह इस चुनाव के दौरान मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए न तो नशे का वितरण करेंगे और न ही पैसे बांटेंगे। उन्होंने कहा, कि उन्होंने आज ही सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में जाकर वाहेगुरु के आगे अरदास कर प्रण लिया है। उन्होंने कहा, कि आज तक लगभग हरेक पार्टी नशा और पैसों को बांट कर मतदाताओं को रिझाने की कोशिश करती रही है। लेकिन बतौर सिख और खडूर साहिब हल्के की नौजवान पीढ़ी की नशे में गिर कर हुई हालत को देखते हुए उन्होंने उक्त फैसला लिया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वह सभी राजनैतिक पार्टियों को भी अपील करते हैं, कि वे भी चुनाव के दौरान प्रण लें और नशे और पैसों के बंटवारे जैसी प्रथा को बंद करें।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब खडूर साहिब हल्का पंथक नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि खडूर साहिब हल्के की जनता अब पंथक कहलाने वाली शिरोमणि अकाली दल के किसी भी झांसे में नहीं आने वाली है। उन्होंने कहा, कि करीब दस वर्षों तक इस हल्के से सांसद रहे डा. रत्न सिंह अजनाला अपने कार्यकाल के दौरान तरनतारन और खडूरसाहिब हल्के के विकास के लिए कुछ भी नहीं कर पाए हैं। इसके अलावा चुनाव के दौरान सिख विरोधी दंगों और आपरेशन ब्लू स्टार का राग अलापने वाले शिरोमणि अकाली दल ने आज तक इन दंगों के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कुछ भी नहीं किया है। इस दौरान सिर्फ बेरोजगारी और नशाखोरी बढ़ी है।

Tuesday, March 11, 2014

"मिस्टर एंड मिसिज 420" की स्टार कास्ट अमृतसर में

Tue, Mar 11, 2014 at 7:49 PM
युवराज हंस ने ऐक्टिंग में कदम रखा
अमृतसर: 11 मार्च 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
14 मार्च को रिलीज होने वाली पंजाबी फ़िल्म मिस्टर एंड मिसिज 420 के स्टार कास्ट आपनी फ़िल्म की प्रमोशन के लिए आज अमृतसर पहुचे, प्रेस वार्ता दौरान फ़िल्म के स्टार कास्ट ने अपनी पंजाबी फ़िल्म की जानकारी देते हुए बताया कि यह पंजाबी फिल्मो से हट कर अलग अनोखे कन्सेप्ट के साथ "मिस्टर एंड मिसिज 420" आ रही है और इस फ़िल्म के गीतो में आपना नाम  कमाने के बाद अब युवराज हंस ने ऐक्टिंग में कदम रखा है, इस के अलावा इस फ़िल्म में जस्सी गिल, मामल राय, बिन्नू ढिल्लों, स्वाती कपूर, सरूती सोढ़ी, अवंतिका हुंदल और जसविंदर भल्ला भी इस फ़िल्म में नजर आएंगे।इस फ़िल्म की शूटिंग चण्डीगढ़ में हुई है, इस फ़िल्म के डायरेकटर सिटीज चौधरी, प्रोडूसर रुपाली गुप्ता और कहानी व स्क्रीन प्ले समीप कंग है, जो कि कई शानदार फिल्मों को लिख और डारेक्ट कर चुके है। उन्होंने बताया कि फिल्म दर्शकों को काफी अच्छी लगेगी। फिल्म में सभी कलाकारों ने काफी अच्छा काम किया है और उम्मीद है कि हर वर्ग के दर्शक को यह फिल्म काफी अच्छी लगेगी।  

Tuesday, February 18, 2014

दोनों देशों के लोग चाहते हैं अमन और शांति-मियां मोहम्मद सरवर

Tue, Feb 18, 2014 at 5:19 PM
स्काटलैंड की तरह ही यहां भी भारत-पाक के लोग मोहब्बत से रहें 
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर ने की मीडिया से भी बात 
अमृतसर: 18 फरवरी 2014  (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर मियां मोहम्मद सरवर कृषि सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद आज गुरु नगरी अमृतसर पहुंचे और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। इस मौके पर एसजीपीसी की ओर से उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, कि वह सन् 2006 में भी यहां आकर शीश नवा चुके हैं। उन्होंने कहा, कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले हरेक बाशिंदे को शांति का अहसास होता है। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा, कि वह चाहते हैं, कि जिस तरह स्काटलैंड में भारत और पाकिस्तान के बाशिंदे एकसाथ रहते हैं, वैसे ही वे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की बाधा को तोड़ कर एक-दूसरे के साथ भाइयों की तरह रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों के बारे में उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए काफी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। लेकिन इसके साथ यह भी देखना चाहिए, कि पाकिस्तान आतंकवाद की समस्या से सबसे अधिक ग्रस्त है। उन्होंने कहा, कि अब तक पाकिस्तान में करीब 50 हजार लोग आतंकवाद की भेंट चढ़े हैं, जिसमें सिर्फ हिंदू या अन्य धर्मों के लोग ही नहीं, बल्कि मुस्लमानों की संख्या अधिक है। हेरोइन की हो रही तस्करी के बारे में उन्होंने कहा, कि नशे के कारोबार के लिए दोनों देशों को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नल कारगिल जैसे मुद्दे पर बोलने से बचते दिखाई दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा, कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही उठाना चाहिए। वरना कारगिल के अलावा सियाचीन और अन्य कई मुद्दे हैं, जिन्हें यदि वह यहां छेड़ते हैं, तो दोनों देशों के बीच बन रहे दोस्ताना माहौल में फिर से कुछ तल्खी पैदा हो सकती है।

Saturday, February 01, 2014

अकाली दल ने किया राहुल गांधी के खिलाफ प्रदर्शन, पुतला भी फूंका

दंगों के ज़िम्मेदार कांग्रेसियों के खिलाफ केस दर्ज हों 
अमृतसर: 31 जनवरी 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आज अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल की ओर से कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी की ओर से 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के बारे में दिए गये बयान के विरोध में रोष प्रदर्शन किया गया, इस दौरान अकालियों ने राहुल गांधी का पुतला भी फूंका।
    कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी की ओर  से 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के बारे में दिए गये बयान के विरोध में आज अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल की  ओर से रोष प्रदर्शन किया गया, इस दौरान अकालियों ने राहुल गांधी का पुतला भी फूंका। इस  मौके पर अकाली दल के ज़िला प्रधान उपकार सिंह संधु और विधायक इंदरबीर सिंह बुलारिया ने कहा, कि अब जब कि राहुल गांधी ने खुद स्वीकार कर लिया है, कि सिख विरोधी दंगों में कांग्रेसियों  का हाथ है, तो इनके खिलाफ केस  चाहिए। उन्होंने कहा, कि इस मामले में कोई भी सिख राजनीती नहीं कर रहा, क्योंकि यह मामला सिखों की भावनाओ से जुड़ा हुआ है

Saturday, January 25, 2014

माझा में बिक्रम सिंह मजीठिया के इशारे के बिना नहीं उड़ती कोई मक्खी

पूर्व डीजीपी शशिकांत ने शुरू की खुली सियासी पारी 
कहा-यदि आम आदमी पार्टी और अकाली दल में कोई फर्क नहीं है, तो SAD भंग कर आप में शामिल हो जाएं
नशों की रोकथाम के लिए कई उपयोगी कदम उठाने जा रही है आप
अमृतसर 24 जनवरी 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
हाल ही में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए पंजाब पुलिस के पूर्व डीजीपी शशिकांत ने कहा है, कि वर्ष 2007 में उन्होंने नशे के कारोबिरियों और नेताओं के नाम की जो सूचि और रिपोर्ट तैयार की थी, उसमें बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम नहीं था। लेकिन आज पंजाब के माझा इलाके में बिक्रम सिंह मजीठिया के इशारे के बिना एक मक्खी भी उड़ान नहीं भर सकती, तो ऐसे में जगदीश भोला के आरोप सही भी हो सकते हैं। लेकिन वह बिना सबूत के ऐसा दावा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, कि यदि इस मामले की सीबीआई जांच हो जाए, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो सकता है। प्रेस कांफ्रेंस में शशिकांत ने बताया, कि आम आदमी पार्टी जल्द ही पंजाब में नशों के खिलाफ जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। जिसके तहत नशों की रोकथाम के अलावा नशे के आदि हो चुके नौजवानों को इस गर्त से निकालने के लिए विभिन्न विभागों के सहयोग से जनांदोलन चलाएगी।
    पूर्व डीजीपी ने कहा, कि यदि मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मानते हैं, कि आम आदमी पार्टी उन्हीं की पार्टी की लाइन पर चल रही है, तो मुख्यमंत्री को चाहिए की वह तुरंत शिरोमणि अकाली दल को समाप्त कर आम आदमी पार्टी में शामिल हो जाएं। आम आदमी पार्टी ऐसे में शिअद का स्वागत करेगी। उन्होंने कहा, कि पंजाब में ड्रग तस्करी में माझा, दोआबा और मालवा सभी इलाकों से संबंधित सभी पार्टियों के नेता और मंत्री तक शामिल हैं। लेकिन पंजाब सरकार जानबूझ कर इन आरोपों की जांच कराने से कतरा रही है।

Friday, January 24, 2014

दल खालसा ने किया अमृतसर में रोष प्रदर्शन

Fri, Jan 24, 2014 at 7:55 PM
सिक्खों के साथ हमेशां भेदभाव का आरोप दोहराया 
अमृतसर: 24 जनवरी 2014: (गजिंदर  सिंह किंग/पंजाब स्क्रीन):
दल खालसा की ओर से आज अमृतसर में रोष प्रदर्शन किया गया और इस दौरान 26 जनवरी 1950 में जारी भारतीय संविधान में सिखों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया गया। इस मौके पर दल खालसा की ओर से एक रोष मार्च भी निकाला गया और भंडारी पुल पर रोष प्रदर्शन भी किया गया। 
   दल खालसा की ओर से आज अमृतसर में भारतीय संविधान में सिखों की उपेक्षा किए जाने के आरोप लगाते हुए रोष मार्च और प्रदर्शन किया गया। इस दौरान दल खालसा के कार्यकर्ताओं ने संविधान में सिखों के अस्तित्व को स्वीकार न किए जाने, पंजाब के पानी की लूट करना, सिख पर्सनल ला न बनाए जाना और सिखों को स्व-निर्णय की छूट न दिए जाने का विरोध किया। दल खालसा के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह ने कहा कि जब तक सिखों की यह चारों मांगे पूरी नहीं की जाती, तब तक देश के सिख 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे आजादी के कार्यकर्मों में हिस्सा नहीं ले सकते। उधर, इस मौके पर दमदमी टकसाल के मुखी भाई हरनाम सिंह खालसा भी पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 1947 से पहले देश की आजादी के लिए और आजादी के बाद देश की सीमा की सुरक्षा के लिए सिखों ने काफी बलिदान दिया है। लेकिन सिखों के साथ हमेशा ही भेदभाव किया गया। उन्होंने कहा कि नवंबर 1984 में सिखों का सरेआम कत्लेआम किया गया। इतना ही नहीं, इसके बाद भी कई तरह से सिखों को प्रताड़ित किया गया। उन्होंने बताया कि सिख कौम को अलग धर्म के रूप में पहचान देने के लिए धारा 25 के तहत कई बार मांग की गई। लेकिन जैन और बौद्ध धर्म को तो अलग धर्म के रूप में मान्यता दे दी गई। परंतु सिखों की मांग को आज तक दरकिनार किया जा रहा है। 

शिरडी साईं धाम में द्वारका माई की स्थापना

 Thu, Jan 23, 2014 at 10:48 PM

26 घण्टे तक चला साईं सचरित्र अखंडपाठ 
अमृतसर: 23 जनवरी 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
अमृतसर के ग्रीन एवेनू में शिरड़ी के पद चिन्हों के अनुसार मंदिर शिरड़ी साईं धाम में द्वारका माई की स्थापना की गई, जो कि  365 दिन 24 घण्टे चलती रहेगी और इस की भस्म भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटी जाए गी, 


  इस समारोह का आरभ्भ 22 जनवरी को साईं चरित्र के अखण्ड पाठ जो कि करीब 26 घण्टे के करीब चला और साईं भक्तों ने इस अखण्ड पाठ में साईं चरित्र का पाठ किया और भजन किया 
  मंदिर शिरड़ी साईं धाम के अध्ययक्ष श्री पवन मेहरा ने बताया, कि अखण्ड पाठ के पश्चात विधि पूर्वक वेद मन्त्रों के उच्चारण के साथ द्वारका माई की स्थापना सम्पूर्ण के बाद बाबा के स्वरूप और चरण स्थापित होने के बाद बाबा की अखण्ड घुनी की भी शुरूआत की गई, जो 365 दिन 24 घण्टे चलती रहेगी और इस की भस्म भक्तों को प्रसाद के रूप में बांटी जाए गी, इस समारोह में शहर के कई गणमान्य हस्तियों ने हिस्सा लिया, समारोह के समापन के बाद विशाल लंगर आयोजन किया गया 
  इस कार्यं की प्रमुख सयोजिका श्री मति पंकज मेहरा के अतिरिक्त श्री श्याम खन्ना, श्री विनय कुमार, श्री अनुभव मेहरा, श्री दीपू, श्री लाला निहाल चंद, भजन गायक श्री सचिन गुप्ता, श्री मति कामना गुप्ता ने विशेष योगदान दिया    

Thursday, January 23, 2014

चाईनीज डोर बेचने वालों पर दर्ज किया जाए धारा 307 के तहत मामला-प्रेस कल्ब

 Thu, Jan 23, 2014 at 9:10 PM
चाईनीज डोर पर सख्ती से पाबंदी लगाने के लिए सौंपा डीसी को ज्ञापन
अमृतसर: 23 जनवरी 2014: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
चाईनीज डोर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर दी प्रेस कल्ब आफ अमृतसर(पीसीए) की ओर से गुरुवार को एक ज्ञापन अमृतसर के डीसी रवि भगत को सौंपा गया। पीसीए की ओर से मांग की गई है कि जो भी व्यक्ति चाईनीज डोर बेचता है उसके खिलाफ सरकार धारा 307 एंव हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। यह भी मांग की गई, कि जिला प्रशासन प्रेस कल्ब की इस मांग को देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचाए। ताकि देश के अंदर इस मामले में कानून बनाया जा सके।
    डीसी को पीसीए के अध्यक्ष राजेश गिल के नेतृत्व में  ज्ञापन सौपते हुए प्रतिनिधियों ने कहा, कि अमृतसर जिले में चाईनीज डोन के कारण आधी दर्जन के करीब मौतें हो चुकी है। इस डोर के कारण कई परिंदों और पक्षियों की जाने भी जा चुकी है। सरकार की ओर से इस डोर पर बैन लगाने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं जो भी इस डोर को बेचते है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। इस अवसर पर डीसी रवि भगत ने प्रेस कल्ब आफ अमृतसर को आश्वासन दिया, कि जिला प्रशासन इस संबंध में कानून को सख्ती से लागू करेंगा। इस संबंध में कुछ लोगों की ओर से अदालत में भी पटीशन दायर की गई है। जिला प्रशासन इस पटीशन को लेकर भी कार्रवाई कर रहा है।

Friday, January 17, 2014

नई अल्बम सिख होण दा मान

Fri, Jan 17, 2014 at 10:17 PM
मलकीत सिंह ने अमृतसर में रीलिज की अपनी नई अल्बम 
अमृतसर: 17 जनवरी 2014:(गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आपने तूतक-तूतक-तूतियां लोकगीत तो जरूर सुना होगा। यह गीत जिस पंजाबी गायक की आवाज में सबसे अधिक लोकप्रिय हुआ, उसका नाम है मलकीत सिंह। मलकीत सिंह ने इसके बाद कई अल्बम निकालीं और कई गाने गाएं, लेकिन आज भी उनकी पहचान तूतक-तूतक ही बना हुआ है। अब मलकीत सिंह एक धार्मिक अल्बम सिख हौण दा मान लेकर आए हैं। उन्होंने आज गुरु नगरी अमृतसर पहुच कर सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब में अपनी नई अल्बम सिख होण दा मान की कामयाबी के लिए गुरु घर में नतमस्तक हो कर माथा टेक आर्शीवाद लिया और गुरु घर में अपनी नई अल्बम की कामयाबी के लिए अरदास की, गायक मलकीत सिंह ने प्रेस वार्ता दौरान आपनी अपनी नई अल्बम सिख होण दा मान को रीलिज किया। इस अल्बम की रीलिज के दौरान उन्होंने बताया, कि इस अल्बम में दस धार्मिक गीत हैं और सभी की विडियो भी तैयार की गई हैं। उन्होंने बताया, कि यह एक धार्मिक कैसेट है, जिसमें हर धर्म का सम्मान करो और सिख हौण दा मान जैसे गीत रिकार्ड किए गए हैं। जो न सिर्फ दर्शकों को पसंद आएंगे, बल्कि सिखी का प्रचार और प्रसार भी करेंगे। उन्होंने बताया, कि इसके बाद एक सभ्याचारक अल्बम भी तैयार की गई है, जिसे बैसाखी पर रीलिज किया जाएगा।

Wednesday, January 15, 2014

आपरेशन ब्लू स्टार और ब्रिटिश सरकार

Update:15 Jan 2014 at 6:15 AM 
भारत सरकार की मदद करने के दस्तावेज हुए जग जाहिर
अमृतसर: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
जून 1984 में सचखंड श्री हरमंदिर साहिब पर किए गए आपरेशन ब्लू स्टार के दौरान इंग्लैंड की तत्कालीन सरकार की ओर से भारत सरकार की मदद किए जाने संबंधी दस्तावेज के जगजाहिर होने के बाद यह मामला फिर से तूल पकड़ गया है। आज दल खालसा की ओर से इंग्लैंड के मौजूदा प्रधानमंत्री डेविड कैमरून को पत्र लिख कर मांग की गई है कि वह इस मामले में इंग्लैंड की स्थिति को स्पष्ट करें और यह भी बताएं कि इंग्लैंड की तत्कालीन सरकार ने किस हद तक भारत सरकार की मदद की थी। इस संबंध में दल खालसा के प्रवक्ता  कंवरपाल सिंह ने बताया कि उक्त दस्तावेज दल खालसा को इंग्लैंड की लाइब्रेरी में से हासिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस दस्तावेज के मिलने के बाद पूरी सिख कौम एक दम से स्तब्ध रह गई है। क्योंकि अब तक यही समझा जा रहा था कि उस समय सिर्फ रूस की तत्कालीन सरकार ने ही भारत की मदद की थी।
पंजाबी दैनिक अजीत में प्रकाशित पूरा पृष्ठ 

Sunday, January 12, 2014

बिक्रम मजीठिया के खिलाफ अभियान और गरमाया

Sat, Jan 11, 2014 at 11:05 PM
कांग्रेस पार्टी के बाद अब बसपा ने भी उठाई आवाज
अमृतसर: 11 जनवरी 2014:: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
बसपा की ओर से अमृतसर में बिक्रम मजीठिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया और माल मंत्री का पुतला फूंका गया। इस मौके पर बसपा के जिला प्रधान तरसेम भोला ने आरोप लगाया, कि बिक्रम मजीठिया की ओर से नशे के तस्करों को आशीर्वाद किए जाने के कारण ही पंजाब में नशे का कारोबार फलफूल रहा है। 
  ड्रग माफिया जगदीश भोला की ओर से बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लिए जाने के बाद जहां पंजाब कांग्रेस की ओर से मजीठिया के खिलाफ लामबंदी और प्रदर्शन किए जा रहे हैं, वहीं अब इस मुहिम में बहुजन समाज पार्टी भी कूद पड़ी है। आज बसपा की ओर से अमृतसर में बिक्रम मजीठिया के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया और माल मंत्री का पुतला फूंका गया। इस मौके पर बसपा के जिला प्रधान तरसेम भोला ने आरोप लगाया, कि बिक्रम मजीठिया की ओर से नशे के तस्करों को आशीर्वाद किए जाने के कारण ही पंजाब में नशे का कारोबार फलफूल रहा है। उन्होंने कहा, कि यदि इस मामले की सीबीआई जांच न कराई गई, तो वे अपना आंदोलन और तेज कर देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा. कि जल्द ही वे इस कारोबार से जुड़े कांग्रेसी नेताओं के नामों का भी खुलासा करेंगे।
बिक्रम मजीठिया के खिलाफ अभियान और गरमाया