13th September 2021 at 8:40 PM
अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश
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अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश
Monday:19th July 2021 at 5:39 pm
महिला आयोग की अध्यक्ष के खि़लाफ़ की थीं अभद्र टिप्पणियाँ
आई.टी. एक्ट की ग़ैर ज़मानती धाराओं अधीन निशान गिल के खि़लाफ़ मामला हुआ दर्ज
चंडीगढ़: 19 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::
सोशल मीडिया पर पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा गुलाटी के खि़लाफ़ अभद्र टिप्पणियाँ करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध मामला आज अमृतसर के सिविल लाईन्स थाने में आई.टी. एक्ट की ग़ैर ज़मानती धाराओं अधीन निशान गिल नामक व्यक्ति के खि़लाफ़ मामला दर्ज किया गया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब राज्य महिला आयोग के एक प्रवक्ता ने बताया कि उक्त व्यक्ति महिला आयोग की अध्यक्ष के खि़लाफ़ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियाँ कर रहा था, जिसका आयोग द्वारा संज्ञान लिया गया और आज सिविल लाईन्स अमृतसर में निशान गिल के खि़लाफ़ एफ.आई.आर. नं.164 दिनांक 19/07/21 को आई.टी.एक्ट की धारा 67 और आई.पी.सी. की धारा 509 अधीन मामला दर्ज किया गया।
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| अमृतसर में लुधियाना से पहुंचे नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी अब्दुल नूर को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए |
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| पंजाब सरकार को भेजे मांग-पत्र के संबंध में जानकारी देते हुए इतिहास श्री सुरेंद्र कोछड़ |
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| मीडिया से बात करते इतिहासकार श्री सुरेंद्र कोछड़ |
प्रिंसीपल सचिव श्री एस.एस. चन्नी ने मीटिंग में सलाहकार कमेटी, विशेषज्ञों तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में स्मारक तथा कुँए में से निकली अस्थियों के रख-रखाव व अन्य जाँच के लिए 19 अप्रैल को अजनाला में पुरातत्व विभाग के माहिरों के साथ अस्थियों की जाँच करने में माहिरों की एक टीम को भेजने का निर्णय लिया है। श्री कोछड़ ने अंर्तरार्ष्टीय स्तर तक पहुँच चुके अजनाला के शहीदी कुँए के उक्त मामले में राज्य व केंद्र सरकार की कारगुजारी के प्रति नराज़गी प्रक्ट करते हुए कहा था कि कुँए में से निकली अस्थियों तथा मिट्टी की अभी तक न तो कोई जाँच ही करवाई गई है और न ही अस्थियों को सरक्षंण देने के लिए पुरातत्व विभाग ने ही कोई पहल की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि विशेषज्ञों द्वारा अस्थियों का रख-रखाव न रखे जाने के कारण कुँए में से साबुत निकाली गई अस्थियां तथा खोपरियां भुरनी शुरू हो गई हैं और अगर भविष्य में इन अस्थियों को कोई बड़ा नुकसान पहुँचता है अथवा इनकी प्रमाणिकता को लेकर कोई विवाद खड़ा होता है, तो उसकी जवाबदेह केंद्र तथा राज्य सरकार होगी।
पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नर मियां मोहम्मद सरवर कृषि सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद आज गुरु नगरी अमृतसर पहुंचे और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए। इस मौके पर एसजीपीसी की ओर से उन्हें सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, कि वह सन् 2006 में भी यहां आकर शीश नवा चुके हैं। उन्होंने कहा, कि सचखंड श्री हरमंदिर साहिब आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले हरेक बाशिंदे को शांति का अहसास होता है। भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में उन्होंने कहा, कि वह चाहते हैं, कि जिस तरह स्काटलैंड में भारत और पाकिस्तान के बाशिंदे एकसाथ रहते हैं, वैसे ही वे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की बाधा को तोड़ कर एक-दूसरे के साथ भाइयों की तरह रहे हैं। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों के बारे में उन्होंने कहा, कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए काफी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। लेकिन इसके साथ यह भी देखना चाहिए, कि पाकिस्तान आतंकवाद की समस्या से सबसे अधिक ग्रस्त है। उन्होंने कहा, कि अब तक पाकिस्तान में करीब 50 हजार लोग आतंकवाद की भेंट चढ़े हैं, जिसमें सिर्फ हिंदू या अन्य धर्मों के लोग ही नहीं, बल्कि मुस्लमानों की संख्या अधिक है। हेरोइन की हो रही तस्करी के बारे में उन्होंने कहा, कि नशे के कारोबार के लिए दोनों देशों को सख्त से सख्त कदम उठाने चाहिए। पाकिस्तानी पंजाब के गवर्नल कारगिल जैसे मुद्दे पर बोलने से बचते दिखाई दिए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा, कि इन मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही उठाना चाहिए। वरना कारगिल के अलावा सियाचीन और अन्य कई मुद्दे हैं, जिन्हें यदि वह यहां छेड़ते हैं, तो दोनों देशों के बीच बन रहे दोस्ताना माहौल में फिर से कुछ तल्खी पैदा हो सकती है।
चाईनीज डोर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले को लेकर दी प्रेस कल्ब आफ अमृतसर(पीसीए) की ओर से गुरुवार को एक ज्ञापन अमृतसर के डीसी रवि भगत को सौंपा गया। पीसीए की ओर से मांग की गई है कि जो भी व्यक्ति चाईनीज डोर बेचता है उसके खिलाफ सरकार धारा 307 एंव हत्या का प्रयास के तहत मामला दर्ज होना चाहिए। यह भी मांग की गई, कि जिला प्रशासन प्रेस कल्ब की इस मांग को देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचाए। ताकि देश के अंदर इस मामले में कानून बनाया जा सके।![]() |
| पंजाबी दैनिक अजीत में प्रकाशित पूरा पृष्ठ |