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Friday, September 23, 2022

ऑनलाइन दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्ट करें

Friday 23rd September 2022 at 12:05 AM 

सीएमसी लुधियाना में एक सप्ताह का कार्यक्रम

लुधियाना: 23 सितंबर 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

विकास के साथ साथ बढ़ रही हैं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं। इन समस्यायों के समाधान देने का दावा करने वाली प्रणालियों  सिस्टम ऑनलाइन दवाओं का भी है। इन दवाओं को मंगवाना भी आसान लगता है और सस्ती भी पड़ती  हैं। लेकिन इन दवाओं के इस्तेमाल में आप तौर कोई सुशिक्षित डाक्टर अंधित नहीं होता। सीधे आर्डर कर के सीधे मंगवाई जा सकती हैं और सीधे ही इसका इस्तेमाल भी शुरू हो जाता है। इसी चक्कर में सामने आने लगती हैं कई तरह की नई समस्याएं। मामला पेचीदा  है। आम तौर पर कोई मरीज़ डाक्टरी नज़रिये से इतना समझदार नहीं होता कि खुद की समस्या को ही पूरी तरह से समझ सके। ऐसी हालत में वह जिस दवा का आर्डर देगा वह दवा भी गलत ही साबित होगी इसकी आशंका काफी बढ़ जाती है।  

सीएमसी लुधियाना के प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया (एडीआर) निगरानी केंद्र ने भारत के फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम (पीवीपीआई) के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 180 3024 जैसे उपलब्ध टूल का उपयोग करके विभिन्न दवाओं के एडीआर की रिपोर्ट करने में डॉक्टरों, नर्सों और फार्मासिस्टों को प्रशिक्षण देने में एक सप्ताह का कार्यक्रम संपन्न किया। एडीआर पीवीपीआई ऐप या सीएमसी, लुधियाना के एडीआर केंद्र में एक पेज एडीआर फॉर्म जमा करना। कार्यक्रम की श्रृंखला पीवीपीआई (17-23 नवंबर) के वार्षिक सप्ताह का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में चलाया जा रहा है। सीएमसी के निदेशक डॉ विलियम भट्टी ने एडीआर पर पुरस्कार वितरण सत्र और प्रश्नोत्तरी का उद्घाटन किया। डॉ विलियम ने नियमित अभ्यास में एडीआर की रिपोर्ट करने की संस्कृति को विकसित करने के लिए उभरते डॉक्टरों के साथ बातचीत की। उन्होंने सिया दत्ता को एडीआर के ई-पोस्टर में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया, जिन्होंने सप्ताह की थीम "रोगियों द्वारा एडीआर की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करना" पर पोस्टर डिजाइन किया था। डॉ. जयराज डी पांडियन, प्रिंसिपल, सीएमसी ने रोगी सुरक्षा में सुधार के लिए विशेष रूप से सभी नई दवाओं के लिए एडीआर की रिपोर्टिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। एडीआर सेंटर के वाइस प्रिंसिपल (मेड एडु) और कोऑर्डिनेटर डॉ. दिनेश बडियाल ने बताया कि सीएमसी सेंटर 11 साल से सीएमसी और आसपास के संस्थानों से एडीआर की रिपोर्ट कर रहा है। डॉ बडियाल ने बताया कि मरीज वेबसाइट https://www.ipc.gov.in/mandates/pvpi/pvpi-updates.html से 10 स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध फॉर्म का उपयोग करके भी एडीआर की रिपोर्ट कर सकते हैं। केंद्र में रोगी सुरक्षा फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट डॉ. बडियाल और डॉ. प्रभजोत कौर ने एडीआर फॉर्म भरने और जमा करने पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। एकत्र किए गए एडीआर फॉर्म को भारतीय फार्माकोपिया आयोग में राष्ट्रीय केंद्र में योगदान दिया जाता है, जिसे आगे डब्ल्यूएचओ डेटाबेस में योगदान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि डॉक्टर http://vigiaccess.org/ पर भी दवाओं के एडीआर के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। एडीएसआर पर क्विज विजिबज 2022 को रिहा गुप्ता और इशिता गुप्ता ने जीता है।

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Friday, July 29, 2022

सीएमसी में डीएसए लैब स्थापित होने से ख़ुशी की लहर

Thursday: 28th July 2022 at 08:16 PM

डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब की स्थापना से लोगों को फायदा बढ़ेगा 

न्यूरो एंडोवेस्कुलर से 24 घंटे में निकाला जा सकता क्लॉट

सीएमसी में 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर किए जा चुके


लुधियाना: 28 जुलाई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

न्यूरो से सबंधित बीमारियां और खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में इनका सही इलाज कहाँ और कैसे हो? इस तरह के सवालों का जवाब देता है सी एम सी अस्पताल। पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर में इकलौता न्यूरो इंटरवेंशन सर्विस सेंटर सीएमसी में चल रहा है। इसने अपने कार्यकाल में इतना अच्छा काम किया है कि लोगों के दिलों में इसके लिए अब भी एक ख़ास स्थान बना हुआ है। चार साल पहले स्थापित इस सेंटर में अब तक 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर हो चुके हैं। इसमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी, कैरोटिड स्टंटिंग, एन्योरिज्म कॉइलिंग, एवीएम एंबोलाइजेशन और इस्केमिक के लिए मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी जैसे प्रोसिजर किए जा रहे हैं। इस सेंटर में ब्रेन स्ट्रोक जैसे केस और बीमारियों का इलाज पिन होल ट्रीटमेंट से किया जाता है। समय पर इलाज होने से मरीजों को मौत या अपंगता से बचाया जा सकता है। सीएमसी में डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब स्थापित है। इससे जहां स्थानीय लोगों को फायदा होता है वहीँ आस पास और दूर दर्ज के क्षेत्रों से आने वालों ओके भी फायदा होता है। 

अब चार साल पूरे होने पर जो विशेष आयोजन आज हुआ उसमें बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइसेंस के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने कार्यक्रम के मुख्य मेहमान के तौर पर शमूलियत की। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इस जान बचाने वाली सेवा का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने सीएमसी के विशेषज्ञों को और भी ज्यादा कोशिश कर लोगों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करने के लिए कहा। 

इस खास कार्यक्रम में न्यूरो-इंटरवेंशन प्रोसिजर की मदद से स्वस्थ हुए मरीजों ने भी अपने अनुभव साझे किए। सीएमसी कॉलेज के प्रिंसिपल, न्यूरोलॉजी विभाग के हेड एवं वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन के वाइस प्रधान डॉ. जयराज डी पांडियन ने कहा कि स्ट्रोक वाले मरीजों में से स्टंट की मदद से क्लॉट 24 घंटों में निकाला जा सकता है। इस प्रोसिजर की मदद से स्ट्रोक के मरीज को पैरालिसिस से बचाया जा सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक अग्रवाल ने बताया कि न्यूरो इंटरवेंशन में सर्जरी के लिए सिर खोलने की जरूरत नहीं होती। बेहद कम कट के जरिए सर्जरी हो जाती है।

लुधियाना के सी एम सी अस्पताल में  न्यूरो-इंटरवेंशन एक विशेष शाखा है जो इस किस्म के रोगों के पिन होल उपचार से संबंधित है। इन सेवाओं से मस्तिष्क स्ट्रोक का शिकार हुए लोगों को समय पर सहायता प्रदान करके न्यूरोइंटरवेंशन प्रक्रियाएं की जाती हैं जिनसे मरीजों को मौत से भी बचाया जा सकता है और विकलांगता से भी। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लुधियाना एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला है जो चौबीसों घंटे आपात स्थिति की तरह काम करती है। उल्लेखनीय है कि पहली न्यूरो एंडोवस्कुलर प्रक्रिया मई 2018 में न्यूरो डीएसए लैब में की गई थी। सीएमसी, अपनी क़िस्म का एकमात्र संस्थान होने के नाते न्यूरोएंडोवास्कुलर सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने के लिए उत्तर पश्चिम भारत में बहुत लोकप्रिय है। इस केंद्र ने एक लंबा सफर तय किया है। 

[28/07, 8:16 PM] CMC Ludhiana Online: 

Monday, May 23, 2022

वार्षिक CARES-22 क्रिस्मड वार्षिक अनुसंधान शिक्षा

 23rd May 2022 at 03:38 PM

मुख्य अतिथि थे डॉ कौस्तभ शर्मा, IPS, पुलिस कमिशनर, लुधियाना


लुधियाना
: 23 मई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

वार्षिक CARES-22 क्रिस्मड वार्षिक अनुसंधान शिक्षा संगोष्ठी सीएमसी, लुधियाना में आयोजित किया गया जो काफी यादगारी रहा। इस अवसर पर दर्जनों छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने अनुसंधान, नवाचार और विचारों को साझा करने में भाग लिया। हर पल समरणीय रहा। 

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लुधियाना ने 23 मई, 2022 को CARES-2022 आयोजित किया। यह एक ऐसा कार्यक्रम था जहाँ दर्जनों छात्रों और शिक्षकों ने अपने शोध कार्य का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि थे डॉ कौस्तभ शर्मा, आईपीएस, पुलिस कमिशनर, लुधियाना। करीब 100 पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्य अतिथि ने इस बारे में बात की कि पेशेंट देखभाल के लिए अनुसंधान और नवाचार कैसे महत्वपूर्ण हैं और वह सक्रिय रूप से इसका समर्थन करते हैं। 

डॉ. विलियम भट्टी और डॉ. जयराज पांडियन ने बात की और सभी संकाय और छात्रों को शोध में अधिक रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. रिंचू लूंबा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा

Wednesday, November 17, 2021

सीएमसी लुधियाना ने 200वें मरीज को स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किए

 लेडी वलिंगटन हल में मरीजों ने की स्टेम सेल डोनर्स के साथ रैंपवाक


लुधियाना
: 17 नवंबर 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

करीब दो तीन वर्ष पूर्व, शायद 2018 में एक खबर आई थी लखनऊ से। खबर में बताया गया था केजीएमयू के डॉक्टरों ने ब्लड कैंसर (मायलोमा) के मरीज को नई ज़िंदगी दी है। हिमेटॉलजी विभाग के डॉक्टरों ने मायलोमा कैंसर के एक ऐसे मरीज का हिमेटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (बोन मेरो ट्रांसप्लांट) किया है जिसे दवा असर करनी बंद हो चुकी थी। यह एक चमत्कार था। दवा से बहुत आगे की बात। दुआ के नज़दीक पहुंचती दवा की बातें बहुत पहले कहानियां हिन् तो थीं। सीएमसी लुधियाना ने वैलोर के बाद लुधियाना में भी इन बातों को सच कर दिखाया। बिमारियों के खिलाफ कई युद्ध लड़ने और जीतने के इतिहास रचा है सी एम् सी अस्पताल के डाक्टरों और वैज्ञानिकों ने। इसी जीत के जश्न जैसा था लेडी विलिंगटन हाल में हुआ छोटा और सादा सा आयोजन। जिन बच्चों को नई ज़िंदगी मिली वे भी थे। जिन्होंने अपने स्टेम सेल दान दे कर उन्हें नई ज़िंदगी दी वे भी थे। इन का इलाज करने वाले डाक्टर बी थे। नर्सें भी थीं। मौत के खिलाफ ज़िंदगी की जीत का जश्न था यह। 

क्रिश्चियन मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल(सीएमसीएच) की ओर से हाल ही में स्टैम सैल ट्रांसप्लांट की फील्ड में बड़ा मील पत्थर पार करते  हुए 200वें मरीज का स्टैम सैल ट्रांसप्लांट किया गया। पंजाब के लिए इस बड़ी उपलब्धि को सेलिब्रेट करने के लिए अस्पताल की ओर से धन्यवाद समागम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में अस्पताल के डायरेक्टर डॉ.विलियम भट्टी ने विशेष रूप से शिरकत की।

इस मौके मुख्यातिथि के तौर पर पहुंचे सिविल सजर्न डॉ.एसपी सिंह ने समारोह का उदघाटन किया। उन्होंने सीएमसी की ओर से इलाज के लिए क्षेत्र में की जा रही सेवाओं की सराहना की। इस दौरान दुनिया भर से शुभचिंतकों व गणमान्य शख्सियतों ने अपने रिकार्डेड मैसेज के जरिए सीएमसी को इस उपलब्धि पर बधाई दी। 

क्लीनिकल हेमाटोलोजी डिपार्टमेंट के हैड व प्रोफेसर डॉ.एम जोसफ जॉन ने संबोधित करते हुए स्टैम सैल ट्रांसप्लांटेशन के सफर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सफर 2008 में शुरु हुआ था, और आज तक 200 मरीजों के स्टैम सैल ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। समारोह की खास बात यह रही कि इसमें ट्रांसप्लांट कर चुके मरीज अपने परिवारों समेत पहुंचे, जिन्होंने अपने अनुभवों को सबके सामने साझा किया। 

इस दौरान स्टैम ट्रांसप्लांट कराने वाले मरीजों व स्टैम सैल डोनर्स ने रैंपवॉक की। इसके अलावा चैंपियंस(ट्रांसप्लांट मरीजों) व सुपरहीरो(स्टैम सैल डोनर्स) के लिए फन गेम्स भी करवाई गईं। कार्यक्रम के समापन में डिप्टी नर्सिग सुपरिंटेंडेंट संगीता सैमुअल ने सभी का धन्यवाद प्रकट किया।

Monday, November 15, 2021

इस बार भी सीडीसी लुधियाना द्वारा मनाया गया बाल दिवस

 बच्चों से पुराना जुड़ाव है सीएमसी अस्पताल संस्थान का  


लुधियाना
: 15 नवंबर 2021: (कार्तिका सिंह और पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

बाल दिवस के अवसर पर क्रिश्चियन डेंटल कॉलेज के पीडियाट्रिक एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग ने बचपन के मौखिक स्वास्थ्य रोगों और इनकी रोकथाम के बारे में जागरूकता जगाने के मकसद से एक वॉकथॉन का आयोजन किया।

रख बाग से सीएमसी परिसर तक सुबह 06:30 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में लगभग 120 दंत स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों और छात्रों ने भाग लिया। डॉ. विलियम भट्टी, निदेशक सीएमसी लुधियाना ने इस कार्यक्रम को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर नगर आयुक्त श्री प्रदीप कुमार सभरवाल मुख्य अतिथि थे। इस वॉकथॉन के माध्यम से क्रिश्चियन डेंटल कॉलेज के फैकल्टी और छात्रों ने दांतों की बीमारियों की रोकथाम का संदेश दिया और स्वस्थ मुस्कान के लिए शुरुआती जांच और निवारक और अवरोधक उपाय किए।

इस अवसर पर बाल रोग विभाग में मॉर्निंग स्टार स्कूल नूर मंजिल के बच्चों के साथ बाल दिवस मनाया गया। अगले दो सप्ताह के दौरान बच्चों में बेहतर मौखिक स्वास्थ्य प्रथाओं का समर्थन करने के लिए एक विशेष अभियान 'उज्ज्वल भविष्य मुस्कान' है। निदेशक डॉ. विलियम भट्टी ने बचपन में दंत रोगों के बोझ के बारे में सामुदायिक जागरूकता लाने में विभाग के प्रयासों की सराहना की। डॉ. अबी एम. थॉमस, प्रिंसिपल सीडीसी।

मुझे अभी भी याद है कि 20216 के दौरान सीएमसी संस्थान का बाल दिवस जो फिर से बताता है कि बच्चों के साथ सीएमसी संस्थान का पुराना जुड़ाव रहा है। क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (CMCH) में ओपन हार्ट सर्जरी कराने वाले लगभग 30 बच्चों को बाल दिवस मनाने के लिए आमंत्रित किया गया था। इन बच्चों ने डॉक्टरों, स्टाफ और 'हैव ए हार्ट' फाउंडेशन और इसके अध्यक्ष बलबीर कुमार का आभार व्यक्त किया।

समारोह में बलबीर कुमार को उनके फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों की सर्जरी कराने में मदद करने के लिए सम्मानित किया गया। फाउंडेशन के अध्यक्ष और ट्रस्टियों ने भविष्य में भी हृदय रोगियों के इलाज के लिए वित्तीय और नैतिक समर्थन के साथ निरंतर समर्थन का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर बोलते हुए, सीएमसीएच के निदेशक डॉ अब्राहम जी थॉमस ने करुणा और देखभाल के साथ बीमारों और जरूरतमंदों की सेवा करने की प्रतिबद्धता को मजबूत किया। डॉ एलन जोसेफ, प्रोफेसर और विभाग के प्रमुख ने सीएमसीएच निदेशक को सम्मानित किया और 'हैव ए हार्ट' और सभी हृदय रोगियों के संकाय और ट्रस्टियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

सीनियर कंसल्टेंट और पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जन डॉ क्रिस्टोफर रॉय ने भारत में हृदय रोग की समस्याओं पर एक प्रस्तुति दी।

डॉ नम्रता गौर, सीनियर कंसल्टेंट कार्डियक सर्जन, जिन्होंने शो का संचालन किया, ने सीएमसीएच के मिशन के बारे में बताया कि वह पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर के दूर-दराज और दूरदराज के इलाकों में सेवाएं प्रदान करता है।

सीएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विलियम भट्टी, बाल रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, सर्जन और कई वरिष्ठ संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया और छोटे दिलों को मनाने में उत्सुकता से भाग लिया।

बाल दिवस से संबंधित पिछले वर्ष 2020 के कार्यक्रम को याद करते हुए यह कोविड-19 के साये में था। हर तरफ कोरोना का आतंक था लेकिन सीएमसी जागरूक थी और समाज के कल्याण के लिए समर्पित रही।   

Sunday, September 26, 2021

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज द्वारा एक और पहल

Sunday: 26th September 2021 at 04:12 PM WhatsApp

चाइल्डहुड कैंसर अवेयरनेस के लिए किया वॉक एथन का आयोजन 


लुधियाना
: 26 सितंबर 2021: (प्रदीप शर्मा इप्टा//पंजाब स्क्रीन)::

जब झुलसा देने वाली गर्मी से ज़िंदगी मुश्किल हो जाती है तो सितंबर महीना आता है। इस महीने में ही इस गर्मी से छुटकारा मिलने की ाशन बंधती है। हल्की सी सर्दी दस्तक देने लगती है। तरबतर कर देने वाला पसीना अतीत की बात होने लगता है। इसी मीठे से मौसम में जागती है चेतना। ज़िंदगी की चेतना। बचपन में होने  के ले कर जागरूकता पैदा करने के लिए इसी महीने को चुना गया है। इस हीने में इस कैंसर से बचाव की बातें होती हैं। प्रयास तेज़ किये जाते हैं। सीएमसी अस्पताल ने भी ीा मकसद को ले कर एक सर अर्थात वाक् का आयोजन किया। 

थीम था कि सितंबर बचपन का कैंसर जागरूकता महीना है। कैंसर को लेकर पैदा हुए डॉ को खत्म करने और चेतना जगाने का मिशन ज़ोर ोकड़ता जा रहा है। समाज और समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने के लिए, बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग ने राख बैग से सीएमसी तक बचपन के कैंसर जागरूकता अभियान का आयोजन किया। यह आयोजन बहुत ही सफल भी रहा।  

इस वॉक में 300 मेडिकल और नर्सिंग के छात्र शामिल हुए। साथ ही नर्सिंग कॉलेज के 50 वरिष्ठ डॉक्टरों और फैकल्टी ने भी भाग लिया। एडीसी शहरी विकास श्री संदीप कुमार आईएएस मुख्य अतिथि थे और उन्होंने वॉक का उद्घाटन भी किया। 

कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज, डीएमसी की प्राचार्य डॉ ट्रिजा जीवन भी मौजूद थीं और उन्होंने वॉक में भाग लिया।रखबाग में एक छोटा सा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था और बचपन के कैंसर से बचने वाले बच्चों को टेस्टोमोनी दिए गए थे। 

इस वॉक का स्वागत नेचर्स ग्रुप ने जगराओं ब्रिज, फील्ड गंज मार्केट में राज करियाना स्टोर और ब्राउन रोड पर कलवरी चर्च में भी किया। इससे से बहुत से स्थानीय लोग भी इससे जुड़े। प्रतिभागियों के रास्ते में कलवारी चर्च और अन्य गैर सरकारी संगठनों द्वारा गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा की गई। 

डॉ विशाल माइकल ने बचपन के कैंसर के शुरुआती लक्षण बताए और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी बच्चे की मौत बचपन के कैंसर से नहीं होनी चाहिए। डॉ विलियम भट्टी ने बताया कि मरीज सीएम फंड और पीएम फंड का लाभ उठा सकते हैं और इलाज के खर्च की चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि बहुत से एनजीओ भी बचपन के कैंसर के मरीज की मदद करते हैं। बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग के पास बचपन के कैंसर के इलाज के लिए सभी उन्नत सुविधाएं हैं। वॉक के सभी प्रतिभागियों के लिए सीएमसी में जलपान और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। इस वॉकथॉन का आयोजन डॉ विशाल माइकल, डॉ तन्वी गोयल, डॉ निखिल, डॉ स्वाति और श्री वरुण हेनरी द्वारा किया गया था।   

Monday, September 06, 2021

मौत के बाद भी जीवन के अहसास का रास्ता दिखाता है नेत्रदान

 Monday: 6th September 2021 at 6:48 PM WhatsApp

 CMC: नेत्रदान प्रश्नोत्तरी- 2021 ने दिखाई नई रौशनी  


नेत्रदान-जागरूकता और प्रोत्साहन  यादगारी आयोजन रहा
 

लुधियाना: 6 सितंबर 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

जब मौत सब कुछ छीन लेती है उस समय का पूर्व अहसास कई समझदार लोग समय रहते ही कर लेते हैं। वे अपनी ऑंखें अपने जीवनकाल में दान करने का फार्म भर जाते हैं। मौत के बाद भी उनकी ऑंखें न सिर्फ खुद जीवन के रंग देखती हैं बल्कि किसी दूसरे को ही सुखद अहसास कराती हैं। इस तरह नेत्रदान करने वाले न सिर्फ मौत को हरा देते हैं बल्कि अपने परिवार को भी यह सुखद अहसास दे कर जाते हैं कि हमारे परिवार के सदस्य की ऑंखें अब भी कहीं न कहीं जीवित हैं। इस तरह की बहुत सी बातों का सुखद अहसास करवाने में सफल रहा नेत्रदान प्रश्नोत्तरी का यादगारी आयोजन। लुधियाना के क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के नेत्र विभाग ने इसके सफल आयोजन में बहुत सी नई जानकारियां सामने लेन का खूबसुरत प्रयास किया। 

वास्तव में नेत्र विज्ञान विभाग, ने 6 सितंबर, 2021 को डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल छात्रों के लिए नेत्रदान वार्ता के संबंध में 16वीं वार्षिक नेत्र प्रश्नोत्तरी और जागरूकता का आयोजन किया। इसमें  महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए और उनके जवाब भी दिए गए। सीएमसी अस्पताल के विद्वान डाक्टरों ने एक एक नुक्ते पर पूरे विस्तार से बताया। 

इस अवसर के मुख्य अतिथि डॉ. विलियम भट्टी थे जो इस ऐतिहासिक संस्थान अर्थात सीएमसी अस्पताल के निदेशक भी हैं। बातों ही बातों में अपना बना लेने वाले मेडिकल क्षेत्र की कठिन और उलझनपूर्ण जहां बातों को बेहद सादगी से समझाने में एक्सपर्ट हैं। उनका कोई जवाब नहीं इस मामले में। उनकी बातें दिल में उतरती जाती हैं।  उन्होंने इस तरह के शैक्षणिक सत्र आयोजित करने और सामान्य नेत्र विकारों के बारे में जागरूकता फैलाने में विभाग के प्रयासों को हमेशा प्रोत्साहित और सराहा भी है। 

इसी तरह विशिष्ट अतिथि डॉ. जयराज डी पांडियन रहे जो इसी संस्थान अर्थात सीएमसी एल के प्रिंसिपल भी हैं। वह भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त हैं। उन्होंने  सभी छात्रों के लिए नियमित शैक्षणिक सत्र आयोजित करने के महत्व को दोहराया। इस मौके पर 75 स्नातक एमबीबीएस टीमों में से, 4 टीमों ने प्रारंभिक दौर के बाद प्रश्नोत्तरी के लिए क़्वालीफाई किया था। 

फाइनल का संचालन डॉ. नितिन बत्रा और डॉ. विभा बलदेव ने किया। इनका भी बहुत नाम है। सन 2018 के बैच से श्रेया सारा फिलिप और कुरातुलीन तारिक करीबी प्रतियोगिता में चैंपियंस के रूप में उभरे। हाल में ख़ुशी की लहर थी। नेत्रदान पर जागृति का अभियान सफल हो रहा था। 

2018 के एमबीबीएस बैच के छात्रों श्री करण एस चीरन, सुश्री एल्बे थॉमस और श्री अभय एस कुमार ने क्रमशः "नेत्रदान", नेत्र विज्ञान में मील के पत्थर और "रिवाइंड, फास्ट फॉरवर्ड" पर दिलचस्प वार्ता प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अन्य गणमान्य व्यक्तियों में चिकित्सा अधीक्षक, नर्सिंग अधीक्षक, सीडीसी, कॉन, सीओपी और आईएएचएस के प्रधानाचार्य और कई वरिष्ठ प्रशासक और संकाय सदस्य सहित सभी स्नातक छात्र शामिल थे।

इस कार्यक्रम के आयोजन पर सख्त कोविड-19 दिशा निर्देशों का पालन पूरे नियम और सख्ती किया गया। यह आवश्यक भी था। कुल मिला कर आयोजन यादगारी रहा। इस पर कुछ और विवरण  स्पष्टीकरण चाहने वाले 

डॉ नितिन बत्रा से सम्पर्क कर सकते हैं जो सीएमसी अस्पताल के नेत्रदान विज्ञानं विभाग के प्रोफेसर भी हैं। उन्हीं की मेहनत से इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहायता मिली। इस सारे प्रयास में सीएमसी की टीम भी उनकी साथ पूरी गर्मजोशी के साथ सक्रिय रही।  

डाक्टर नितिन बत्रा का मोबाईल नंबर है। 9815333665


Thursday, March 04, 2021

पंजाब में लगातार गंभीर है चाईल्डहुड कैंसर की समस्या

 Thursday: 4th March 2021 at 4:13 PM

सीएमसी अस्पताल की वर्कशाप में कई नए पहलू भी सामने आए 


लुधियाना
: 4 मार्च 2021: (पंजाब स्क्रीन)::

कैंसर के इलाज की बहुत सी सम्भावनायें खोज लिए जाने के बावजूद कैंसर का खतरा और भय अभी तक समाप्त नहीं किया जा सका। कैंसर से बचाव की चेतना जगाने के मकसद से आज सी एम सी अस्पताल में चाईल्डहुड कैंसर की समस्या को ले कर विशेष वर्कशाप का आयोजन हुआ। लुधियाना के सबसे पुराने मेडिकल संस्थान इस आयोजन के दौरान कैंसर समस्या पर जहां विचार विमर्श हुआ। 

यह वर्कशाप तीन घंटों तक चली तक। सिवल सृजन डाक्टर सुखजीवन ककड़ इस मौके पर मुख्य मेहमान थे। इस वर्कशॉप में यह बात उभर कर सामने आई कि बचपन में होने वाला कैंसर अभी भी एक गंभीर समस्या बना हुआ। है। इस वर्कशॉप के  सक्रिय भागीदारी का सहयोग  संस्थान CANKIDS KIDSCAN ने इस विषय पर बहुत कुछ बताया। इस संस्थान  दी गई जानकारी  विश्व में हर साल तीन लाख बच्चे कैंसर से प्रभावित होते हैं जो की बेहद चिंतनीय है। इनमें थोड़ा और विस्तार में जाएँ तो भारत में दुनिया के 25 फीसदी से अधिक बच्चे कैंसर से पीड़ित हैं।  वैसे तो देश में कैंसर के इलाज के लिए 200 से ज्यादा सेंटर हैं, मगर इन केंद्रों में महज 30 फीसदी बच्चे ही इलाज के लिए पहुंच पाते हैं। ऐसे बच्चों की बहुत बड़ी संख्या इस  सुविधाओं से वंचित ही रह जाती है। 

आज की वर्कशॉप में 10 आशा वर्करों, 10 ए एन एम वर्करों और आठ कम्युनिटी वर्करों ने शामिल हो कर इसका लाभ उठाया। क्रिश्चियन मेडिकल कालेज और अस्पताल  डायरेक्टर डाक्टर विलियम भट्टी  मुख्य मेहमान  पर शामिल हुए  डाक्टर सुखजीवन ककड़ को सुस्वागतम कहते हुए उनका अभिनंदन किया। 

इसके साथ ही डाक्टर भट्टी ने विस्तार से बताया कि किस तरह कैंसर की रोकथाम में सीएमसी अस्पताल निरंतर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सीएमसी अस्पताल की तरफ से स्वास्थ्य वर्करों को बहुत ही विशेष  ट्रेनिंग  है जिससे कैंसर के साथ लड़ी जा रही जंग में विजय प्राप्त करना आसान होने लगता है। इस ट्रेनिंग का फायदा पूरे समाज के हर वर्ग को पहुंचता है। 

इस अवसर पर मौजूद रहे सिवल सर्जन डाक्टर सुखजीवन कक्क्ड़ ने कैंसर की रोकथाम  लिए  रही सरकारी योजनाओं के संबंध में भी बताया। उन्होंने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री  योजना का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होने कहा कि कैंसर केमरीज़ों को इससे बहुत फायदा पहुँच रहा है। उन्होंने भविष्य में आने वाली कुछ और योजनाओं के बारे में  भी संकेत दिया। रोगी केंद्रित इलाज इसी  होंगें। 

क्लिनिकल मैटोलॉजी विभाग के प्रमुख डाक्टर जोसेफ जॉन कि इस तरह की वर्कशॉप जैसे प्रयासों से सभी हैल्थ वर्करों के साथ एक मानवीय संबंध  भी बनता और मज़बूत होता है जो ऐसी बिमारियों के साथ चलती जंग  को जीतने में सहायक होता है। 

 इस वर्कशॉप में कैनकिडज़ से आये डाक्टर बलबीर ने कैनकिडज़ की तरफ से दी  सुविधाओं का भी विवरण दिया। क्लिनिकल मैटोलॉजी विभाग की सहायक प्रोफेसर प्रतिभा धीमान ने भी इस विषय पर बहुत ही अर्थपूर्ण बातें कहीं। (Input:Health and Fitness Screen)

Tuesday, May 15, 2018

CMC लुधियाना में 3 दिन की हेमोफिलिया कार्यशाला का आयोजन

Tue, May 15, 2018 at 3:40 PM
हेमोफिलिया के पर्याप्त डायग्नोसिस और उपचार की कमी 
लुधियाना: 15 मई 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
सीएमसी, लुधियाना  के हेमेटोथोलॉजी विभाग ने आज राज्य स्तरीय कार्यशाला "अहेड”(AHEAD -Advancing Hemophilia Education Awareness & Diagnosis) आयोजित की इसके अंतर्गत  हेमोफिलिया शिक्षा जागरूकता और निदान । यह 15 मई, 2018 से शुरू होने वाली तीन दिवसीय कार्यशाला है। हेमोफिलिया एक आम रक्तस्राव विकार है, लेकिन समुदाय में पर्याप्त डायग्नोसिस और उपचार की कमी है।
इस वर्कशॉप में पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेजों और सिविल अस्पतालों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संरक्षण के साथ साथ डॉक्टरों के लिए एक राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है। हेमोफिलिया के विश्व फेडरेशन से अनुकूलित इस वर्ष के कार्यक्रम का विषय था "ज्ञान साझा करना हमें मजबूत बनाता है"। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में तीन शाखाऐ हैं, जिसमें डॉक्टर, तकनीशियन और फिजियोथेरेपिस्ट होते हैं।
इस वर्कशॉप का मुख्य आकर्षण था सी.एम.सी लुधियाना के विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान । डॉ. एम जोसेफ जॉन, डॉ.चेप्सी फिलिप और नैदानिक हेमेटोलॉजी विभाग के डॉ. सुवीर सिंह ने हेमोफिलिया के नैदानिक प्रबंधन और अभिव्यक्तियों पर बात की। हेमेटो-पैथोलॉजी के डॉ. नवीन ककर और डॉ.वंदना ने विभिन्न प्रयोगशाला पहलुओं के बारे में बात की, और प्रयोगशाला तकनीशियनों के लिए प्रैक्टिकल सेशन, ताकि वे हेमोफिलिया के रोगियों का निदान और निगरानी करने के लिए प्रयोगशाला तकनीकों में सक्षम हो सकें। फिजियोथेरेपी विभाग से डॉ. मुल्लाई और उनकी टीम ने हेमोफिलिया के मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों और मांसपेशियों) के अभिव्यक्तियों और उनके इलाज के उपायों पर भी बात की। कार्यक्रम के लिए बाहरी संकाय से पी.जी.आई चंडीगढ़ के प्रमुख विशेषज्ञ भी शामिल थे, जिनमें डॉ.पंकज मल्होत्रा, प्रोफेसर और क्लिनिकल हेमेटोलॉजी के प्रमुख, और बाल चिकित्सा के प्रोफेसर डॉ.दीपक बंसल और जी.एम.सी.एच के डॉ. अनीता ताहलान, सेक्टर 32 से शामिल थे । हेमोफिलिया के रोगियों के निदान और प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में यह यह सभी बोले। सी.एम.सी अस्पताल के निर्देशक डॉ. विलियम भट्टी, भी अन्य गणमान्य व्यक्तियों में शामिल थे और उन्होंने इस तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने के लिए सभी के प्रयासों की सरहना की और बधाई दी।
डॉ.परमिंदर पाल सिंह सिद्धू, सिविल सर्जन लुधियाना आज के कार्यकर्म के लिए मुख्य अतिथि थे। डॉ. मनप्रीत चटवाल, अतिरिक्त परियोजना निर्देशक और डॉ. सुखविंदर सिंह, संयुक्त निर्देशक रक्त ट्रांसफ्यूजन सर्विसेज सह एस.एन.ओ, राज्य रक्त कोशिका, आये हुए मेहमानों में शामिल थे | यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एन.एच.एम) पंजाब के मरीजों के लिए सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सी.एम.सी लुधियाना को मुफ्त एंटी हैमिफिलिया कारक प्रदान करने के प्रस्ताव के रूप में किया गया था। यह उम्मीद की जा रही है कि ऐसी कार्यशालाएं समुदाय में हेमोफिलिया के बारे में जागरूकता बढ़ाने और राज्य स्तर पर निदान और उपचार के लिए सुविधाओं में सुधार करने में मदद करेंगी। यह पंजाब को हेमोफिलिया मुक्त राज्य बनाने के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में मदद करेगा, और मरीजों के लिए मुफ्त या सब्सिडी उपचार प्रदान करेगा।

Saturday, November 05, 2016

मेडिकल कैंप: जिसमे हजारो मरीजो ने इलाज करवाया

टराएडेंट ग्रुप और सी.एम.सी हॉस्पिटल ने किया कैम्प का आयोजन 
लुधियाना: 4 नवम्बर 2016; (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज व् हॉस्पिटल, लुधियाना ने 3 दिन का मल्टी स्पेशियलिटी हेल्थ कैंप आयओजित किया, टराएडेंट (Trident group) ग्रुप के साथ मिलके| यह कैंप अरुण मेमोरियल कम्युनिटी सेण्टर, बरनाला में 2-4 नवम्बर 2016 को हुआ। 

इस कैम्प का उद्धघाटन ट्रिडेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर राजिंदर गुप्ताने और सी.एम.सी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉक्टर अब्राहम जी थॉमस ने किया। इस उपलक्ष पे बरनाला से समुदाय के नेता, राजनीतिज्ञ, सरकारी अधिकारी, और करीब 60 गांवों के सरपंच भी मजूद थे।

मेडिकल टीम में करीब 35 डॉक्टर्स थे जो के सर्जरी, गायनी, पीडियाट्रिक्स, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, साइकाइट्री, डर्मेटोलॉजी, मेडिसिन, इ.एन.टी, आँख, ओर्थोपेडिक्स, प्लास्टिक सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, सी.टी.वि.एस, डेंटल, फार्मेसी और कम्युनिटी मेडिसिन के विभाग से थे।

कैंप के पहले दिन करीब 1,160 मरीजो की जांच हुई, दुसरे दिन 1,690 मरीजो ने कैंप का फायदा उठाया, और आज 4 नवम्बर को यह खबर भेजने तक करीब 1,500 मरीज कैंप में आज चुके थे|

डॉक्टर अब्राहम जी थॉमस, ने कहा के इस बड़े कैंप में 35 डॉक्टर्स की टीम आई हैं, जो मरीजो की जांच करेगी | कैंप में डिजिटल एक्स- रे मशीन भी हैं जिस से पलो में ही रिपोर्ट आ जाती हैं| इस टीम के लीडर डॉक्टर क्लारांस होंगे जो के ग्रामीण स्वास्थ्य आउटरीच कार्यक्रम (RHOP) विभाग के हेड हैं| इस टीम में 35 और लोग हैं, जिनमे तकनीशियन, नर्स, और अन्य स्टाफ हैं मदद के लिए, जो के 35 डॉक्टर्स के साथ मिलके इस कैंप में काम करेगी| छोटे आपरेशन  के लिए मेडिकल बस भी उपलब्ध हैं | 

इस मौके पे डॉक्टर क्लारांस ने कहा के, इसी प्रकार सी.एम.सी. बरनाला में लोगो की सहयता करता रहेगा कैंप के द्वारा और कैम्पस की अगली तारीख इस प्रकार हैं – 7-11 नवम्बर, फिर 16-18 नवम्बर, उसके बाद 30 नवम्बर से 2 दिसम्बर तक, और 7 से 9 दिसम्बर तक लगेगा। 

Saturday, October 08, 2016

रक्त चाप (ब्लड प्रेश्र्र) को नियंत्रण में रखना काफ़ी ज़रूरी

डा. लोबो स्मृति आयोजन में प्रो.सेठी ने समझाई हेल्थ की बारीकियां 
लुधियाना: 8 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
आज क्रिश्चियन मेडिकल कालेज और अस्पताल में जिन मुद्दों पर विचार विमर्श हुआ उनमें एक था "हाईपरटेन्शन के इलाज के लिए आज कल के निधारित लक्ष्य" पदमश्री  प्रोफेसर कमल.के सेठी ने इस पर चर्चा करते हुए बताया कि ज़ोर दिया के रक्त चाप (ब्लड प्रेश्र्र) को नियंत्रण में रखना काफ़ी ज़रूरी हैं, जिससे के इसके बुरे प्रभाव से बचा जा सके। प्रोफेसर सेठी यहाँ सीएमसी में डा. लोबो मेमोरियल ऑरेशन में भाग लेने के लिए ए हुए थे। सी. एम. सी ने 34 वा डॉ.एल.एच लोबो मेमोरियल वक्तृत्व (Oration) भी आह बहुत पारम्परिक जोशो खरोश के साथ कराया। उल्लेखनीय है कि डॉ.एल.एच लोबो क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज एन्ड हॉस्पिटल, लुधियाना के पहले भारतीय प्रिन्सिपल थे। सीएमसी अस्पताल और डॉ. लोबो मेमोरियल ट्रस्ट, लुधियाना, की तरफ से डा. लोबो की स्मृति में हर वर्ष एक वक्तृत्व (ऑरेशन) का भव्य आयोजन कराया जाता है।

इस बार पदमश्री  प्रोफेसर कमल.के सेठी, जो के भारत की कारडीयालजी सोसाइटी के पूर्व-अध्यक्ष हैं और अब दिल्ली में कारडीयालजी के हार्ट एंड लंग्ज़ इन्स्टिट्यूट के डाइरेक्टर हैं, ने 34 वे  लोबो मेमोरियल में अपना बेहद जानकारी भरा भाषण आज दिया। इस अवसर पर लुधियाना के कुछ जाने माने लोग, शाहर के डॉक्टर्स, और सी.एम.सी के छात्र, स्टाफ और विभिन्न विभगो के लोग शामिल थे| 
प्रोफेसर कमल.के सेठी ने इस बारे में बहुत सी बारीकियां बतायीं। 

वक्तृत्व  के बाद वैज्ञानिक परिसंवाद किया गया जिसका शीर्षक था "कारडीयालजी में आधुनिक प्रग्रति" | प्रोफेसर प्रमेश कावॅऊर- डाइरेक्टर कार्डियाक सर्वीसज़, वेस्टमीड हॉस्पिटल, सिड्नी ऑस्ट्रेलिया, इस मौके पे विचार-गोष्ठी की। उन्होने खास कर दिल का दौरा (हार्ट अटॅक) की मॅनेज्मेंट (प्रबंधन) के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी|

डॉ. रजनीश काल्टन, जो कि सी. एम. सी. कारडीयालजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर & हेड हैं, और इस सम्मेलन के आयोजक ने बताया के, इस मौके पे कारडीयालजी क्षेत्र से जुड़ी कई  राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी विशेषज्ञ, इलाज में आधुनिकता और दिल के इलाज के बारे में जानकारी दी, जिनमे प्रोफेससर यशपौल शर्मा-पी. जी. आई, चंडीगढ़ से, प्रोफेसर मोहन नायर- नई दिल्ली से, और डॉक्टर राजीव अग्गारवाल मेरठ से शामिल थे। 
अन्य प्रमुख लोगो में डॉ. अब्रह्म जी थॉमस (डाइरेक्टर), डॉ. किम्म मेममेन (उप- डाइरेक्टर), डॉ. विलियम भट्टी (मेडिकल सूपरिंटेंडेंट), डॉ. बॉब्बी जॉन (प्रिन्सिपल), डॉ. रजनीश काल्टन (कारडीयालजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर & हेड), श्री, एस. वढेरा, डॉ. एम. के महाजन,  डॉ. नवनीत चौधरी और  डॉ. तरुण सटीज़ा के इलावा ट्रस्ट से जुड़े कई लोग शामिल थे। 

Thursday, October 06, 2016

"हाइपरटेन्षन के इलाज के लिए आज कल के निधारित लक्ष्य"

Thu, Oct 6, 2016 at 11:34 AM
CMC: डॉ.कमल.के सेठी लोबो मेमोरियल में करेंगे विस्तृत चर्चा
लुधियाना: 6 अक्टूबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
क्रिस्चियन मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल, लुधियाना और डॉ. लोबो मेमोरियल ट्रस्ट, लुधियाना की तरफ से इस बार भी डॉ.एल.एच लोबो मेमोरियल ओरेशनक आयोजन करवाया जा रहा है। गौरतलब है कि डा. लोबो सी.एम.सी के पहले भारतीय प्रिन्सिपल थे। उनकी याद में हर वर्ष एक वक्तृत्व अर्थात Oration का आयोजन किया जाता है। इस बार भी उस परम्परा को निभाते हुए इस आयोजन को यादगारी बनाया जायेगा। 
इस बार पदमश्री  प्रोफेसर कमल. के सेठी, जो के भारत की कारडीयालजी सोसाइटी के पूर्व-अध्यक्ष थे  और अब दिल्ली में कारडीयालजी के हार्ट और लंग्ज़ इन्स्टिट्यूट के डाइरेक्टर हैं इन आयोजन में मुख्य वक्तव्य देंगें। 
इस बार 34वें लोबो मेमोरियल में वह अपना भाषण 8 अक्टोबर , 2016 को देंगे जिसका शीर्षक होगा     
वक्तृत्व  के बाद वैज्ञानिक परिसंवाद किया जाएगा जिसका शीर्षक "कारडीयालजी में आधुनिक प्रग्रति" होगा।प्रोफेसर प्रमेश कावॅऊर-डायरेक्टर कार्डियाक सर्वीसज़, वेस्टमीड हॉस्पिटल, सिडनी ऑस्ट्रेलिया, इस मौके पे विचार-गोष्ठी करेंगे। 
डॉ. रजनीश काल्टन, जो के सी. एम. सी. कारडीयालजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर व हेड हैं, ने बताया कि इस मौके पर कारडीयोंलिजी के क्षेत्र से जुड़े कई अनुभवी विशेषज्ञ, इलाज में आधुनिकता और दिल के इलाज के बारे में जानकारी देंगे।

यह लोबो मेमोरियल औरवैज्ञानिक परिसंवाद सी.एम.सी. के डाइरेक्टर डॉ. अब्राहम जी थॉमस की सरपरस्ती में करवाई जा रही हैं|

Saturday, March 10, 2012

सीएमसी की क्न्वोकेशन में पहुंचे डाक्टर एस एस गिल

चार कालेजों के छात्र छात्रायों को मिलीं डिग्रीयां
लुधियाना:10 मार्च:2012:: लुधियाना में दीक्षांत समारोहों का जोर रहा. मेडिकल कालेज और अस्पताल अकेले सीएमसी शिक्षा संस्थान में ही चार  कालेजों की कन्वोकेशन हुई. कैलिवारी चर्च के ऐन सामने चिल्ड्रन पार्क  में हुए मुख्य समारोह में सी एम सी मेडिकल कालेज, कालेज आफ नर्सिंग, और कालेज आफ फिजियोथ्रेपी के छात्र छात्रायों के चेहरों पर आज एक नई रौनक थी. होठों पर मुस्कान और आँखों में चमक. आज मिल रही थी उनकी शिक्षा को वह मान्यता जिसके लिए उन्हों ने रात रात भर जाग कर पढाई की थी. 

इस मौके पर सी एम सी अस्पताल के डायरेक्टर डाक्टर अब्राहम जी थोमस  ने मेहमानों का स्वागत किया, प्रिंसिपल डाक्टर एस एम भटटी ने ग्रेजूएट और पोस्ट ग्रेजूएटस को शपथ दिलाई. इस दिन को मेडिकल शिक्षा में ऐतिहासिक बनाते हुए 5 ग्रेजूएट्स और 25 पोस्ट ग्रेजूएट्स को डिग्रियां दे कर सम्मानित किया गया. गीतिका गेरा,सबस्तियाँ मारकर मार्कर, आशा थोमस, डेविड वर्मा,सिंथिया सारह मैथ्यू,शरुतिका गुप्ता, जेन्नी मरियम  जोर्ज, जीबी जॉन, जिनकी मारिया पाल उन प्रमुख सौभाग्य शाली विजेतायों में से थे  जिन्हें आवर्ड व मैडल दे कर सम्मानित किया गया. डाक्टर शुबिधा गर्ग को डाक्टर जसवंत गिल अवर्स से सम्मानित किया गया.  डाक्टर सुप्रिया सेन को डाक्टर अब्राहिम जी थोमस आवर्ड से नवाज़ा गया.  
 इस दीक्षांत समारोह में उन्हें उनकी डिग्री का समान देने के लिए बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के उप कुलपति डाक्टर एस एस गिल मुख्य मेहमान बन कर ए हुए थे. उनहोंने छात्र छात्रयों को उनकी इस उप्लाब्दी पर मुबारक बाद दी उन्होंने कहा की सी एम् सी में आकर मुझे हमेशां प्रसन्नता का हसास हुआ क्यूंकि मेडिकल शक्षा के क्षेत्र में गुणवता को लगातार बढ़ाने वाले सी एम सी ने मानवता की सेवा के साथ साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया इतिहास रचा है. इस तरह कुल मिलकर यह समारोह पूरी तरह यादगारी बन गया. --रेक्टर कथूरिया 

Thursday, January 26, 2012

सीएमसी अस्पताल लुधियाना में भी मनाया गया गणतन्त्र दिवस

बेटियों की हत्या के खिलाफ दिया गया एक ज़ोरदार संदेश
सी एम सी छात्र-छात्रायों ने किया दिल को झंक्झौर देने वाला मंचन
लुधियाना//26 जनवरी, 2012// शालू अरोड़ा और रेक्टर कथूरिया:
गणतन्त्र दिवस के शुभ अवसर पर जगह जगह पर रंगारंग कार्यक्रम हुए. कार्यक्रमों की इस भीड़ में एक अलग सा आयोजन था लुधियाना के सी एम् सी अस्पताल और कालेज प्रबन्धन की ओर से,  झंडे की रस्म थी, गीत संगीत था, और मिल; बैठने का एक ऐसा खूबसूरत बहाना जिसमें जग रहा था देश का प्रेम, देश के लोगों का फ़िक्र और दुनिया के विकास की रफ़्तार में भारत को सबसे आगे देखने का जनून.
इस यादगारी अवसर पर जानेमाने उद्योगपति जोगिन्दर कुमार भी विशेष तौर पर उपस्थित हुए. उन्होंने मीडिया  से एक संक्षिप्त भेंट के दौरान भारत की प्रगति, आर्थिक मजबूती और अनेकता में एकता का उल्लेख करते हुए कहा की आज गणतन्त्र दिवस के मौके पर इन सब बातों को याद करके एक बार फिर हमारा सर फखर से ऊंचा हो जाता है. उन्होंने याद दिलाया की आज भारत आर्थिकता केमामले में विश्व में तीसरे स्थान पर है.
कालेज के छात्र छात्रायों की ओर से बहुत सी रंगारंग आईटमें प्रस्तुत की गयीं. मंच से दिल में उतर जाने वाला मनमोहक गीत संगीत भी था, पंजाब की पहचान, पंजाबियों की जान भांगड़ा भी, अनेकता में एकता का संदेश देता राजस्थानी लोक नाच भी और आज के समाज में लगातार सर उठा रही बुराई भ्रूण हत्या का मर्मस्पर्शी मंचन भी.
ह्रदय को बार बार छू कर दिल और दिमाग को झंक्चौर देने वाली इस प्रस्तुती को तैयार किया था सी एम् सी के ही कालेज आफ फिजियोथरेपी के छात्र-छात्रायों ने. इस टीम में अगर एक आशिमा लुधियाना की थी तो दूसरी आशिमा मनाली से आई थी.कनिका सिंह चंडीगढ़ से थी तो पुबली दास कोलकाता से. बनीत शर्मा की कला से हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर की झलक मिल रही थी तो नवां शहर से रमण दीप की कला भी कम नहीं थी. बेगिवल दोराहा से दपिन्द्र ने भी इसी टीम अपनी आवाज़ बुलंद की थी की मर मरो बेटियों को. इन्होने ही हमें जन्म दिया है. इनकी हत्या करके हम कहाँ जायेंगे.  किसे मूंह दिखायेंगे. लुधियाना की सुखं प्रीत ने इस सम्बन्ध में बात करते हुए इस शानदार प्रस्तुती का सेहरा अपनी पूरी टीम को दिया. करीब ढाई घंटे तक चले इस आयोजन ने दर्शकों पर एक गहरी चाप छोड़ी और साबित किया कि इस बार इन टीमों ने पहले से कहीं अधिक मेहनत की है. इस दिन को और भी यादगारी बनाने के लिए हुए इस आयोजन में सीएमसी अस्पताल और कालेज पर्बंधन की और से डाक्टर ए जी थोमस और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी, डाक्टर अ प्रोफेसर शामिल हुए.