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Tuesday, July 24, 2018

दमन और दबावों के बावजूद जारी हैं जन संघर्ष

कैथल में फूंका गया सीएम खट्टर का पुतला 
कैथल: 24 जुलाई 2018: (कविता विद्रोही//पंजाब स्क्रीन):: 
कभी साहिर लुधियानवी साहिब ने कहा था कि 
मिटटी का भी है कुछ मोल मगर-इन्सान की कीमत कुछ भी नहीं...
कई दशक हो गए हैं इस बात को लिखे लेकिन हालत आज भी वही है। इन्सान को इन्सान नहीं समझा जाता। हाल ही में जान मज़दूरों का एक प्रतिनिधिमंडल  बदसलूकी गयी। इसका गंभीर नोटिस लेते हुए मेहनतकश जनता सड़कों पर उतर आई। 
जन संघर्ष मंच हरियाणा द्वारा मजदूरों मेहनतकाशों के प्रतिनिधियों से नौकरशाही द्वारा बदसलूकी की नीति पर विचार गोष्ठी का आयोजन गुरु रविदास धर्मशाला कैथल में किया गया। डीसी कैथल का मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ बदसलूकी मामले में सी एम विंडों द्वारा न्याय के नाम पर किये जा रहे  ढकोसले के खिलाफ सी एम हरियाणा मनोहर लाल खट्टर का पुतला फूंका गया।
आज स्थानीय रविदास धर्मशाला में जन संघर्ष मंच हरियाणा के तत्वाधान में मजदूरों मेहनतकशों के प्रतिनिधियों के साथ नौकरशाही द्वारा बदसलूकी किए जाने की नीति विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी की अध्यक्षता जन संघर्ष मंच हरियाणा की प्रांतीय उप प्रधान नरेश विरोधिया, मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रांतीय प्रधान सचिव पाल सिंह तथा निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के प्रांतीय प्रधान करनैल सिंह ने संयुक्त रूप से की। मंच संचालन मंच की महासचिव सुदेश कुमारी ने किया। विचार गोष्ठी के विषय बारे मंच द्वारा जारी पंफलेट को मंच के सचिव सोमनाथ ने पढ़कर सुनाया। जिस पर विचार गोष्ठी में आए हुए विभिन्न मजदूर कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने अपने विचार रखे व अपने अपने सुझाव रखे। वक्ताओं ने कहा कि गत 8 मई को मनरेगा मजदूर यूनियन व जन संघर्ष मंच हरियाणा के प्रांतीय प्रधान कामरेड फूल सिंह के नेतृत्व में बरटा गांव के सैकड़ों मनरेगा मजदूर अपनी समस्याओं को लेकर मांग पत्र देने और इन समस्याओं पर बात करने हेतु डीसी कैथल श्रीमती सुनीता वर्मा के दफ्तर के बाहर 2 घंटे की इंतजार के बाद डीसी द्वारा बुलाए जाने पर भीतर गए और बरटा गांव के मजदूरों की ओर से कामरेड फूल सिंह अपनी बात रखने लगे तो डीसी कैथल ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया और धक्के मारकर अपने कार्यालय से बाहर निकलवा दिया। इस घटना के विरोध में डीसी दफ्तर कैथल पर प्रदर्शन किया गया और CM विंडो के माध्यम से कामरेड फूल सिंह ने डीसी सुनीता वर्मा द्वारा उनके साथ की गई बदसलूकी के खिलाफ एक शिकायत मुख्यमंत्री महोदय के पास भेजी थी। जिसकी जांच मुख्यमंत्री महोदय ने डीसी सुनीता वर्मा को ही सौंप दी जिसके खिलाफ शिकायत थी और DC कैथल ने खुद फैसला सुना दिया कि वह निर्दोष है और शिकायतकर्ता कामरेड फूल सिंह को ही दोषी ठहरा दिया। CM विंडो की जांच और निर्णय से पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि नौकरशाही और सरकार चाहती है कि मजदूरों का ने तो अपना कोई नेतृत्व हो और ना ही उनका कोई प्रतिनिधित्व करें। वह यूनियन में संगठित न हो। नौकरशाही और मौजूदा भाजपा सरकार मजदूरों के यूनियन बनाने के अधिकार पर चोट कर रही है। सभी मजदूर कर्मचारी नेताओं ने एक सुर में कहा कि डीसी कैथल का मजदूरों के प्रतिनिधियों के साथ अमर्यादित रवैया अत्यंत निंदनीय है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर CM window के माध्यम से शोषित पीड़ित जनता को गुमराह कर रहे हैं और डीसी सुनीता वर्मा जैसी मजदूर विरोधी नौकरशाहों को बचाना चाहते हैं। यह सहन नहीं किया जाएगा और जब तक तानाशाह डीसी सुनीता वर्मा के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा। विचार गोष्ठी में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का पुतला दहन किया जाए और कमिश्नर अंबाला को DC कैथल के खिलाफ शिकायत भेजी जाए। यह भी निर्णय हुआ कि प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति भारत सरकार के पास भी डीसी कैथल की शिकायत भेजी जाए। उक्त विचार ग्रामीण सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान बसाऊ राम, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान धूप सिंह सिरोही, आंगनवाड़ी कर्मी नेता कमला द्यौरा, अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के प्रेमचंद, SKS  के जरनैल सिंह, कुलदीप सिंह, अजय NBS,  सुरेंद्र रांझा एडवोकेट, मंच के प्रधान कामरेड फूल सिंह, अध्यक्ष मंडल के कामरेड पाल सिंह, नरेश विरोधिया, करनैल सिंह व नरेश बारना  ने रखे। 
विचार गोष्ठी के बाद शहर में खट्टर सरकार तथा डीसी कथित की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन किया गया और पेहवा चौक पर मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार का पुतला दहन किया गया।

Tuesday, December 06, 2016

सांबर घुसा रिहायशी इलाके में और तमाशबीन लोगो ने ली उसकी जान

Tue, Dec 6, 2016 at 3:21 PM
वन विभाग के अधिकारियों ने किया बचने के कई प्रयासों का दावा 
गुरदासपुर: 6 दिसम्बर 2016: (विजय शर्मा//पंजाब स्क्रीन):
जानवरों के साथ मानव की अमानवीयता को लेकर कई फिल्में बनी, कई गीत लिखे गए, बहुत से संगठन भी बने लेकिन इस में कमी नहीं आई। जान लेना, तड़पाना और फिर तमाशा देखना मानव की आदत बनती चली गयी। कई तरह के बुत और पुतले जलाते जलाते यह लोग ज़िंदा इंसानों को भी जलाने लगे। इनके अंदर की दबी छुपी हिंसा ज़रा ज़रा सी बात पर बाहर आने लगी। अब इस तरह की बर्बरता का नया मामला सामने आया है गुरदासपुर में। 

गुरदासपुर के बाहरी इलाके में एक भटका हुआ सांबर रिहाईशी इलाके में आ घुसा जहां पर लोगों को देखकर सांबर अचानक घबराकर इधर उधर भागने लगा और लोगो की भीड़ भी सांबर को भगा भगा कर तमाशा देखने लगी और आखिर थक हार कर सांबर गिर गया। गिरने के बाद लोगो ने सांबर को घेरकर पकड़ लिया और फारेस्ट के अधिकारियो को मौके पर बुलाया गया परंतु अधिकारी भी सांबर को बचा ना सके आखिरकार सांबर घबराहट से भागते भागते मौत की आगोश में चला गया और लोगो की भीड़ सांबर को घेरकर तमाशा देखती रही।  
इक जानवर की जान आज इंसानो ने ली है--गीत के बोल आज फिर महसूस किये गए। यह वाक्य आज सामने आया गुरदासपुर के बबरी इलाके में जहां पर भटके हुए सांबर को लोगो ने इतना भगाया की तमाशबीन  लोगो की वजह से सांबर की किसी चीज से टकराने से गिर कर मौत हो गई हालांकि फारेस्ट की टीम मोके पर पहुँच चुकी थी  परंतु फिर भी घायल सांबर को बचा ना सकी, भीड़ से घबराकर भागता हुआ सांबर इतना घबराया हुआ था की भीड़  से बचने के लिए भागते हुए किसी चीज से टकरा गया जिससे मौके पर उसकी मौत हो गई वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़ उन्होंने घायल सांबर को बचाने की बहुत कोशिश की परंतु बचा ना सके सांबर की मौत की असली वजह तो  पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चलेगी परंतु इस वाक़्य से तो ज़रूर साबित हो गया की मेनिका गांधी द्वारा चलाया गया अभियान और सरकार द्वारा बनाये गए वन संरक्षण मंत्रालय अभी तक लोगो को यह बताने में नाकाम रहे हैं कि ऐसी स्थिति में आखिरकार लोगो को करना क्या चाहिए लोग आज भी ऐसे मौके पर तमाशबीनों की भूमिका निभाते है और एक जानवर को अपनी जान गवानी पड़ती है। अगर यही सिलसिला जारी रहा तो  अमानवीयता और तमाशबीनी का शिकार इंसान भी बन सकते हैं। यह एक खतरनाक इशारा है खतरनाक भविष्य की तरफ। 

Saturday, August 15, 2015

एमए पास सुनीता असुर चंडीगढ़ में कर रही नौकरानी का काम

नौकरी के लिए काफी कोशिश भी की, पर उसे कहीं सफलता नहीं मिली़
विशुनपुर के सखोपानी गांव की रहनेवाली है
झारखंड मूलत: आदिवासी बहुल राज्य है. नौकरी में आदिवासियों के लिए आरक्षण का प्रावधान है. नौकरियां मिल भी रही हैं. जिन आदिवासियों की आबादी अच्छी-खासी है, उन्हें उनका हक मिल जा रहा है, लेकिन जिस आदिवासी समुदाय की आबादी कम है, उनकी आवाज पहुंच नहीं पाती. फिलहाल यहां भी वे सबसे पीछे है़ं  इन्हीं आदिवासियों में एक वर्ग है, आदिम जनजाति का. इसी आदिम जनजाति की रक्षा के लिए सरकार अलग योजनाएं चलाती है, पैसा खर्च करती है. असुर इन्हीं आदिम जनजाति में आते हैं. बिल्कुल पिछड़े.

लेकिन इसी समुदाय से एक लड़की निकली है-सुनीता असुर. विशुनपुर की रहनेवाली है. आदिम जनजाति में बहुत कम ऐसे लोग हैं, जिन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई की़  लेकिन सुनीता असुर ने एमए (जीएलए कॉलेज) तक की पढ़ाई की़  इस उम्मीद के साथ कि उसे सरकारी नौकरी मिलेगी. एमए करने के बाद  उसे नौकरी नहीं मिली. विवश होकर सुनीता असुर चंडीगढ़ चली गयी और अब वहां वह एक घर में नौकरानी का काम कर रही है, बरतन मांज रही है, झाड़ू-पोछा कर रही है. यह झारखंड का दुर्भाग्य है कि हम अपनी ही बेटियों को सम्मान नहीं दे पाये. प्रवीण मुंडा की रिपोर्ट

गुमला के विशुनपुर के सखोपानी गांव निवासी एमए पास सुनीता असुर चंडीगढ़ में नौकरानी का काम करती है़  आदिम जनजाति असुर समुदाय से काफी कम लोगों ने एमए तक की पढ़ाई की है, वह भी लड़की़ सुनीता असुर ने एमए तक की पढ़ाई की़  इसके बाद नौकरी के लिए काफी कोशिश भी की, पर उसे कहीं सफलता नहीं मिली़   बाद में वह चंडीगढ़ चल गयी़   अपने और परिवार के जीवकोपार्जन के  लिए उसने वहां एक घर में नौकरानी का काम शुरू कर दिया़   एमए पास असुर समुदाय की यह युवती आज दूसरों के घरों में बरतन साफ कर रही है़   झाड़ृ-पोछा लगा रही है़   सुनीता पिछले दो माह से चंडीगढ़ में ही है़

बहन ने किया है बीए : संपर्क करने पर सुनीता असुर ने बताया : उसने 2009 में कार्तिक उरांव कॉलेज गुमला से बीए पास किया था़ इसके बाद मेदिनीगनर के जीएलए कॉलेज से इतिहास में एमए किया़   उसने बताया : पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने सरकारी नौकरी के लिए गुमला में ही कल्याण विभाग में आवेदन दिया. फिर रांची में प्रोजेक्ट भवन में संबंधित विभाग में जाकर अफसरों से मिली़   पर आज तक पता नहीं चला कि उसके दिये आवेदनों का क्या हुआ. काफी भटकने के बाद आखिर चंडीगढ़ में दाई का काम करने का प्रस्ताव मिला,  तो हां कह दी.

आखिर कितना भटकती ? लोग (अफसर) तो ठीक से बात भी नहीं करते. सुनीता ने बताया : मेरी दीदी सुशीला असुर ने भी स्नातक की पढ़ाई की है. उसे भी नौकरी नहीं मिली. एक भाई बॉक्साइट माइंस में काम करता है. उसी की तनख्वाह पर घर का गुजारा चल रहा है. घर के लिए कुछ न कुछ करना था, इसलिए जो काम मिला वही कर रहे हैं.

सरकारी योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ : सुनीता के गांव की रहनेवाली उसी समुदाय की  महिला सुषमा असुर बताती है : विशुनपुर क्षेत्र में चार आदिम जनजाति समुदाय असुर, बिरजिया,  कोरवा व बिरहोर के कई लोगों ने मैट्रिक, स्नातक तक की पढ़ाई की, पर किसी को नौकरी  नहीं मिली. हमलोगों ने 2008 में गुमला में 526 लोगों का आवेदन दिया था, पर  आज तक हमलोगों को नौकरी नहीं मिली. हमलोगों के लिए सरकारी योजनाएं सिर्फ  घोषणा ही है. अख़बारों से

सीधी नियुक्ति का है प्रावधान
झारखंड  में मैट्रिक पास आदिम जनजाति के लोगों को चतुर्थ वर्ग और स्नातक पास को तृतीय वर्ग में सीधी नियुक्ति की जानी है. जिला स्तर पर बने रोस्टर के मुताबिक ही इनकी नियुक्ति हाेनी है.  17 मई, 2006 को मधु कोड़ा की सरकार ने कैबिनेट में निर्णय लिया था कि स्नातक पास आदिम जनजाति के युवाओं-युवतियों की तृतीय  वर्ग की सरकारी नौकरी में सीधी बहाली होगी. इसके बाद जब शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने भी यही घोषणा की. 31 अक्तूबर 2008 को कल्याण विभाग ने सीधी नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा था, लेकिन इसमें शर्त जोड़ दी गयी थी. इसके बाद 8 नवंबर 2008 को शिबू सोरेन ने कहा था कि सिर्फ प्लस टू पास आदिम जनजाति के युवकों को भी सीधे बहाल किया जायेगा. प्रभात खबर से साभार 

Friday, May 22, 2015

रक्षा मंत्री का सियाचिन दौरा

22-मई-2015 19:51 IST
कल जम्मू क्षेत्र में भी जाएंगे 
रक्षा मंत्री श्री मनोहर पार्रिकर ने आज सियाचिन ग्लेशियर का दौरा किया। सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह भी उनके साथ थे। सियाचिन ग्लेशियर बेस कैम्प में उत्तरी कमान के सेना कमांडर और जनरल आफिसर कमांडिंग फायर एवं फ्यूरी कोर ने उनकी अगवानी की।  रक्षा मंत्री ने सियाचिन ग्लेशियर का हवाई सर्वेक्षण किया और सियाचिन बेस कैम्प पहुंचने पर सियाचिन युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सैनिकों को संबोधित करते हुए देश की बर्फीली सीमा की सुरक्षा के लिए उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों और कर्तव्य परायणता की तारीफ की।
रक्षा मंत्री इसके बाद लेह पहुंचे और रिनचेन सभागार में सैनिकों से बातचीत की। उन्हें लद्दाख सीमा की मौजूदा सैनिक स्थिति के बारे में जानकारी दी गई। रक्षा मंत्री कल जम्मू क्षेत्र में जाने से पहले आज रात चिनार कोर का भी दौरा करेंगे।

Friday, March 20, 2015

खबरें पंजाब की--संक्षिप्त रिपोर्ट

 Fri, Mar 20, 2015 at 1:48 PM
डा. प्रदीप अग्रवाल कांग्रेस के महासचिव नियुक्त 
लुधियाना: 20 मार्च 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
लगता है दिल्ली में करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी ने कुछ सबक सीखा है और पार्टी के अंदर का लोकतंत्र मज़बूत करना शुरू कर दिया है। शायद इसी  मकसद को सामने रख कर नई नियुक्तियों का सिलसिला तेज़ कर दिया है। जमालपुर की एच.एम. कालोनी निवासी वरिष्ठ समाज सेवक डा.प्रदीप अग्रवाल को जिला कांग्रेस कमेटी में महासचिव नियुक्त किया गया है। डा.अग्रवाल को महासचिव की जिम्मेदारी तीसरी बार मिली है। जिला कांग्रेस प्रधान गुरप्रीत गोगी ने अग्रवाल को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उम्मीद जताई कि वह अपने पद की गरिमा को बरकरार  रखते हुए पूरी लगन से पार्टी के हित में कार्य करेंगे।          
इस दौरान डा. अग्रवाल ने कहा कि पार्टी द्धारा सौंपी गई जिम्मेदारी को निभाने के लिए वह जी-जान से मेहनत करेंगे। इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस कमेटी के सचिव संजीव भार्गव रोकी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। तस्वीर में नज़र आ रहे हैं डा.प्रदीप अग्रवाल को नियुक्ति पत्र सौंपते जिला कांग्रेस प्रधान गुरप्रीत गोगी। 
लड़की का अपहरण करने वाले गिरफ्तार 
होशियारपुर:19 मार्च  2015:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
दिन दहाड़े युवती का कथित तौर पर अपहरण एक बेहद बुरी और शर्मनाक खबर थी लेकिन उसे अगवा करके ले जाने वाले अब पुलिस के शिकंजे में हैं। अगवा करने के आरोपी को माहिलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लड़की को बरामद कर लिया है। जानकारी के मुताबिक गांव वरियाना की निवासी एक महिला ने पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह अपनी बेटी के साथ एक्टिवा पर जा रही थी। जब वह गांव पदराना में स्थित मिल्क प्लांट के पास पंहुची तो एक सफेद रंग की कार ने उन्हें जबरन रोक लिया। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती, आरोपी गोल्डी  निवासी गजर ने अपने दो साथियों सहित मिल कर उसकी बेटी को जबरन उठा कर अपनी कार में डाल लिया। उसका आरोप था कि आरोपी गोल्डी ने उसकी बेटी का अपहरन जबरन शादी की नीयत से किया है।  पुलिस ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर व अपहृत लड़की को बरामद कर परिजनो के हवाले कर दिया गया। अगर इसी तरह आरोपी काबू किये जाते रहें तो  इस शर्मनाक जुर्म की बढ़ती हुई दर को रोका जा सकता है।
रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार 
गुरदासपुर:19 मार्च 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
अच्छे वेतन के बावजूद भी सरकारी अधिकारीयों का न तो मन भरता है और  ही उन्हें कानून का कोई खौफ रहा है।  विजिलेंस विभाग गुरदासपुर ने जमाबंदी का संशोधन करने के बदले चार हजार रूपये रिश्वत लेने के आरोप में एक पटवारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विजिलेंस बलदेव सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति सुखविन्द्र सिंह पुत्र हरनाम सिंह निवासी नौशहरा मझा सिंह की जी.टी.रोड पर स्थित एक दुकान का अधिग्रहण  नेशनल हाईवे को चौड़ा करने के लिए अन्य दुकानों के साथ किया गया था। विजिलेंस अधिकारी ने बताया कि राजस्व रिकार्ड में सुखविन्द्र सिंह के पिता का नाम गलती से हजारा  सिंह लिखा हुआ था तथा हल्का पटवारी रछपाल सिंह संशोधन करने के लिए दो हजार रूपये पहले ही ले चुका था। जब पटवारी रछपाल सिंह को पता चला कि पिता के नाम के संशोधन होने पर वरिन्द्र कुमार को 54 हजार रूपये का चेक सरकार से मिलना है तो पटवारी ने संशोधन करने के लिए चार हजार रूपये और देने की मांग शुरू कर दी।अब देखना यह है कि रिश्वत और भ्र्ष्टाचार के इस मायावी तंत्र को तोड़ पाने में  कामयाब होती है क्यूंकि पकड़े जाने पर अक्सर रिश्वतखोर और भ्रष्ट लोग यही कहते हैं कि  हिस्सा तो ऊपर तक जाता है पर फंस हम अकेले गए। । 
पेशी भुगतने आये कैदियों पर हमला
होशियारपुर: 19 मार्च 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
कानून को अपने हाथ में लेने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। जायज़ नज़ायज़ हथियारों का दुरपयोग और और इन्हें चलने वालों का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि ये लोग किसी पर भी हमला करने से गुरेज़ नहीं करते। न इन लोगों को अदालतों से डर लगता है और न ही पुलिस से। नशे और हथियारों  पर अंधे हुए ये लोग किसी को भी निशाना बना डालते हैं। पेशी भुगतने आए दो विचाराधीन कैदियों पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने तीन को नामजद कर तीन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक हैड कांस्टेबल राजिंदर कुमार ने थाना सीटी पुलिस के पास एक शिकायत दर्ज करवाई है कि वह कपूरथला जेल से नवजोत सिंह उर्फ ज्योति व अवतार सिंह उर्फ मोनू को पेश करने के लिए यहां अदालत में लेकर आया था। पुलिस कर्मी के मुताबिक तीन  आरोपियों अमित कुमार उर्फ मोटी, राजन निवासी गढ़दीवाल, सुखा निवासी वाघा ने कथित तौर पर  हमला कर दिया। उसके मुताबिक इसके बाद इसके बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। इस खतरनाक रुझान को रोकने  आवश्यक है की आम जनता में कानून का डर और विश्वास बहाल किया जाये। पुलिस और कानून को अपनी जेब मैं समझने वाले कुछ "अमीरों' और "सियासरदानों" को सबक सिखाये बिना यह सम्भव न हो सकेगा।

Monday, December 30, 2013

रूस: भयानक धमाके के बाद वोल्गाग्राद में तीन दिनों का शोक घोषित

स्टेशन के अंदर जा कर धमाका करना चाहती थी आत्मघाती महिला 
                                         © Screenshot: YouTube
मास्को: रेडियो रूस ने रूस  धमाके की पुष्टि की है। रविवार को वोल्गाग्राद के रेलवे स्टेशन पर एक आत्मघाती महिला द्वारा किए गए धमाके में 14 व्यक्तियों की मृत्यु होने और 34 व्यक्तियों के घायल होने के बाद पूरे शहर में भय और शोक का माहौल है। वोल्गाग्राद प्रदेश के गवर्नर सेर्गेउ बोझेनफ़ ने यह बात कही।
सेर्गेय बोझेनफ़ ने बताया कि गम्भीर रूप से घायल हुए व्यक्तियों को हवाई जहाज़ से मास्को ले जाने की तैयारियां की जा रही हैं ताकि उनका भलीभाँति इलाज किया जा सके।
रेलवे जंक्शन के प्रवेश द्वार के पास लगे मेटल डिटेक्टर के पास जमा सुरक्षाकर्मियों और वहाँ जमा हुई भीड़ में यह आतंकवादी महिला भी शामिल थी। जब उस महिला ने यह देखा कि वह मेटल-डिटेक्टर से गुज़रकर स्टेशन की बिल्डिंग के भीतर नहीं जा पाएगी तो उसने वहीं अपने शरीर पर लगे बम में विस्फोट कर दिया। बिल्डिंग का मेन गेट पूरी तरह से टूट गया है। कुछ समय के लिए रेलगाड़ियों को वोल्गाग्राद के निकटवर्ती रेलवे स्टेशनों से चलाया जाएगा।
रूस के राष्ट्रपति व्लदीमिर पूतिन ने गृह-मन्त्रालय और सुरक्षा बलों के अधिकारियों के साथ बैठक की है और उन्हें सुरक्षा के कड़े क़दम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसी बीच आत्मघाती महिला हमलावर को पहचान लिया गया है। वोल्गाग्राद की आत्मघाती महिला पहचानी गई इस शीर्षक से रेडियो रूस ने अपनी एक खबर में बताया है-बताया है कि रक्षा-बलों के एक स्रोत ने ‘रिया नोवोस्ती’ एजेंसी को बताया है कि जिस महिला ने रविवार को वोल्गाग्राद में आत्मघाती विस्फोट किया है उसे पहचान लिया गया है| वोल्गाग्राद के रेलवे स्टेशन पर विस्फोट दिन के पौने एक बजे हुआ। 
अंतिम समाचार के अनुसार 14 लोग मारे गए हैं और दसियों लोग घायल हुए हैं| “एक अनुमान यह है कि यह आतंकी हमला दागिस्तान की निवासिन ओक्साना अर्सलानोवा ने किया हो सकता है, लेकिन इस खबर की पुष्टि की आवश्यकता है,” स्रोत ने कहा है| इस स्रोत के अनुसार वह लड़ाकों के एक गिरोह के नेता की पत्नी थी जिसकी एक विशेष ऑपरेशन में हत्या हो गई थी| पहले पति की हत्या के बाद उसका विवाह कई दूसरे लड़ाकों से भी हुआ। 
वोल्गाग्राद के इस आतंकी हमले में मारे गए लोगों में से नौ की शिनाख्त हो चुकी है जिनमें छह पुरुष और तीन महिलाएं हैं।
                                                     Photo:RIA Novosti
इस धमाके की निंदा और मरने वालों के परिवारों से संवेदना का सिलसिला जारी है। रेडियो रूस ने अपनी एक और खबर में बताया कि पूतिन ने प्रकट की गहरी संवेदना रेडियो के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पूतिन ने वोल्गाग्रद में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के स्वजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है, उनके प्रेस सचिव दमित्री पेस्कोव ने बताया है| उनके शब्दों में राष्ट्रपति ने सभी घायलों से सहानुभूति जताते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की है|
रूस में अमरीका के राजदूत माइकल मैकफोल, नाटो के महासचिव आंद्रेस फोग रासमुस्सेन, यूक्रेन के विदेश मंत्री लेओनिद कोझारा, यूरोपीय संसद-सभा के अध्यक्ष जान-क्लोद मिन्यों, रूस की मुफ्ती परिषद, रूस के यहूदी समुदायों के संघ के अध्यक्ष अलेक्सांद्र बोरोदा, यूरोपीय आयोग के प्रधान जोसे मनुएल बर्रोजु – इन सबने मृतकों के परिवारों से संवेदना प्रकट की है|
रूस के गृह मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस आतंकी हमले में मारे गए पुलिस कर्मी दमित्री माकोव्किन के परिवार और निकट सम्बन्धियों से संवेदना दर्शाते हुए कहा गया है कि “दमित्री माकोव्किन ने अपना दायित्व निभाते हुए आम नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी| उनके कौशलमय कदमों की बदौलत अधिक गंभीर परिणामों से बचा जा सका, अनेक लोगों की जान उनकी कार्रवाइयों की बदौलत बच गई”| वोल्गोग्राद पुलिस विभाग के सीनियर सार्जेंट दमित्री माकोव्किन ने संदिग्ध आतंकी महिला को तब देखा जब वह स्टेशन के प्रवेश द्वार से थोड़ी दूर थी| उनका ध्यान इस बात की ओर गया कि वह सहमी-सहमी सी इधर-उधर देख रही है| “वह इस संदिग्ध महिला का रास्ता काटते हुए आगे बढ़े ताकि उसके पहचान-पत्र की जाँच कर सकें| वह उससे कुछ ही कदम दूर थे जब विस्फोट हुआ, जिसमें उनके प्राण जाते रहे,” विज्ञप्ति में कहा गया है|

Sunday, December 29, 2013

वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्‍यों में सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा

28-दिसंबर-2013 20:48 IST
यौन उत्‍पीड़न मामलों में तीव्र गति से न्‍याय और कठोर दण्‍ड की व्‍यवस्‍था के लिए कानून
उत्‍तराखंड के पीडितों के पुनर्वास और राहत की व्‍यवस्‍था
राज्‍य पुलिस बलों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर

वार्षांत समीक्षा 2013
     वर्ष 2013 में भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सुरक्षा, कानून और व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण, सीमा प्रबंधन और अन्य विषयों से संबंधित मुद्दों से निपटने की चुनौतियों का सामना कि‍या। इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ और कानून और व्यवस्था के साथ-साथ नक्सली प्रबंधन से संबंधित विषयों पर राज्यों/केन्द्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों- डीजीपी के साथ महत्वपूर्ण परामर्श बैठकों का भी आयोजन किया गया। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013, क्राइम एण्ड क्रीमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टग्‍स- सीसीटीएनएस, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967, को सुदृढ़ करना भी इस साल के अन्य महत्वपूर्ण कार्य रहे।
    नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 15 अप्रैल 2013 को आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में, दूसरे प्रसाशनिक सुधार आयोग की पाचवीं रिपोर्ट की सिफारिशों पर विचार-विमर्श किया गया। 05 जून 2013 को आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के दौरान, केन्द्रीय गृहमंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्‍तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों, पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री और झारखण्ड के राज्यपाल के साथ अलग-अलग बैठकें कर वामपंथी उग्रवाद से ग्रस्‍त राज्यों में सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर बातचीत की।
           2013 में जम्मू-कश्मीर में विशेष औद्योगिक पहल- 'उड़ान' कार्यक्रम की शुरूआत की गई। भारत और बंग्लादेश के बीच आपसी और बहुपक्षीय क्षेत्रों सहित संशोधित यात्रा प्रबंधनों के बारे में भी बातचीत की गई। नई दिल्ली में भारत और अमेरीका के आंतरि‍क सुरक्षा विभाग के बीच आपसी विचार-विमर्श और 33वां एशि‍या-प्रशांत सुधारात्‍मक प्रशासक सम्‍मेलन-एपीसीसीए इस वर्ष की अत्‍यंत महत्वपूर्ण घटननाएं रही।
गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 को सशक्त बनाने की पहल
           संसद द्वारा पारि‍त गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2012 इस साल पहली फरवरी से अस्‍ति‍त्‍व में आ गया। इस कानून के दायरे में आतंकी गतिविधियां, देश के समक्ष आर्थिक सुरक्षा को उत्पन्न खतरे और जाली भारतीय करेंसी से नोटों का उत्पादन, तस्करी और इसका वितरण आते हैं। गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल कंपनियों, सोसाइटियों, ट्रस्टों को इसके दायरे में लाया गया। कि‍सी संगठन को प्रति‍बंधि‍त करने का समय 2 साल से बढ़ाकर 5 साल करने का प्रावधान कि‍या गया है।
आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम-2013
     उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति जे.एस.वर्मा की अध्यक्षता में 23 दिसम्बर 2012 को एक समिति का गठन किया गया। इस समिति को शीध्र न्याय दिलाने के वास्ते कानूनों में संशोधन और दुष्कर्म से संबंधित मामलों में अपराधियों की सजा को बढ़ाने के लिए सिफारिशें देने को कहा गया था। 23 जनवरी 2013 को पेश अपनी रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा कमेटी ने आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2012 के अधिकतर प्रावधानों पर अपनी सहमति व्यक्त की। सरकार, पीड़ित महिलाओं से संबंधित आपराधिक कानून में तत्काल संशोधन करने की इच्छुक थी। सरकार ने आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश-2013 को 03 फरवरी 2013 को लागू किया। बजट सत्र में, आपराधिक कानून (संशोधन) वि‍धेयक-2013 को लोकसभा ने 19 मार्च 2013 को, और राज्यसभा ने इसे 21 मार्च 2013 को पारित कर दिया। राष्ट्रपति ने 02 अप्रैल 2013 को इस पर अपनी सहमति दी।
     महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों से सख्ती से निपटने के लिए भारतीय दण्ड संहिता-आईपीसी, अपराध प्रक्रिया संहिता-सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य कानून-(इंडियन एविडेंस एक्ट) में व्‍यापक संशोधन किये गये। दुष्कर्म पीड़िता की हालत चिंताजनक होने या उसकी मृत्यु होने की अवस्था में अपराधी को मृत्युदण्ड देने तक का प्रावधान किया गया है। किसी पर तेजाब से पहली बार हमला करने, मानव तस्करी, घूरने, पीछा करने जैसे गंभीर आपराधिक मामलों में कड़ी सजा देने का प्रावधान किया गया है। दुष्कर्म की शिकार और तेजाब के हमले से पीड़ित का इलाज न करने वाले अस्पतालों (सरकारी/निजी) के खिलाफ भी दण्ड का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में पुलिस को भी जवाबदेह बनाया गया है। पुलिस द्वारा किसी भी कानून का पालन न करने (जैसे एफआईआर दर्ज न करने) को भी दण्डनीय माना गया है। जांच प्रक्रिया और अदालती सुनवाई के दौरान, पीड़ित महिला को उत्पीड़न और शोषण से सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त प्रावधान किये गये हैं।
आंतरिक सुरक्षा
   देश को इस साल भी आतंकी गतिविधियों का भी सामना करना पड़ा है। इस साल तीन बम विस्फोटों की घटनाएं हुई। बम विस्फोट की पहली घटना हैदराबाद में हुई जिसमें 17 लोग मारे गये। बंगलौर में बम विस्फोट की दूसरी और बोध गया में तीसरी घटना में संयोग से कोई भी हताहत नहीं हुआ। बोध गया परिसर की सुरक्षा का जिम्मा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ को सौंपे जाने के बिहार सरकार के अनुरोध पर गृह मंत्रालय ने अपनी सहमति व्यक्त की। इस साल की इस प्रकार की कुछ अन्य घटनाओं में, जांच एजेंसियों को अपराधी की पहचान सुनिश्चित करने, घटना को अंजाम देने वालों को गिरफ्तार करने में सफलता मि‍ली और अन्य मामलों में जांच जारी है। सरकार, नागरिकों की सुरक्षा और रक्षा के प्रति वचनबद्ध है। यासीन भटकल, टुंडा और हद्दी की गिरफ्तारी और हाल ही के बम विस्फोटों की गुत्थियों को सुलझाना, ऐसी घटनाओं से निपटने में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जून 2013 की उत्तराखण्ड आपदा
   उत्तराखण्ड को 16-17 जून 2013 को तेज बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा। इससे उत्तराखण्ड के सभी 13 जिले प्रभावित हुए। प्राकृति‍क-आपदा इतनी भीषण थी कि 580 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी और 4473 लोग घायल हुए। इसके अलावा 5526 से ज्यादा लोग लापता हैं। व्यापक बचाव अभियान के दौरान, एक लाख 10 हजार लोगों को बचा लिया गया। 20 जून 2013 को राज्य आपदा सहायता कोष- एसडीआरएफ से राज्य सरकार को 145 करोड़ रुपये जारी किये गये। इसके साथ ही, 19 जुलाई 2013 को राष्ट्रीय आपदा सहायता कोष- एनडीआरएफ से अग्रिम तौर पर 250 करोड़ रुपये जारी किए गये। प्रधानमंत्री ने भी प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक के निकट संबंधी को 2 लाख रुपये और प्रत्येक घायल को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
राज्य पुलिस बलों का आधुनिकीकरण
   राज्य पुलिस बलों की आधुनिकीकरण योजना को वित्तीय वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक की पंचवर्षीय अवधि के लिए विस्तारि‍त किया गया है। इसमें गैर-योजना और योजना मद में खर्च के लि‍ए धन दि‍ए जाएंगे। गैर-योजना मद में पुलिस बलों को एक जगह से दूसरी जगह लाने और ले जाने के लिए (मोबिलीटी), हथि‍यार, उपकरणों, प्रशि‍क्षण के साजो-सामान, अपराध अनुसंधान उपकरण आदि‍ पर खर्च कि‍या जाएगा। जबकि‍ योजना बजट के अंतर्गत, पुलि‍स थानों/चौकि‍यों के नि‍र्माण/आधुनि‍कीकरण पुलि‍स लाईनों, पुलि‍स के लि‍ए आवासीय परि‍सरों, अपराध अनुसंधान प्रयोगशालाओं और प्रशि‍क्षण के लि‍ए बुनि‍यादी सुवि‍धाओं और भवन नि‍र्माण में कोष का इस्‍तेमाल कि‍‍या जाएगा।
     योजना के तहत 12वीं योजना अवधि (2012-13 से 2016-17) के दौरान, गैर-योजनागत  खर्च के लि‍ए 8195.53 करोड़ रूपए जबकि‍ योजनागत खर्च के लि‍ए 3750.87 करोड़ रूपए आवंटि‍त कि‍ए गए हैं। मौजूदा वर्ष में पुलि‍स आधुनि‍कीकरण योजना के वास्‍ते गैर-योजनागत मद में 750 करोड़ रूपए जबकि‍ योजनागत मद में 1097 करोड़ रूपए व्‍यव का प्रावधान कि‍या गया। छ: शहरों- अहमदाबाद, मुम्‍बई, चैन्‍नई, हैदराबाद, कोलकाता और बंगलुरू में मेगा सि‍टी पुलि‍सिंग की स्‍वीकृति‍ दी गई है।
अपराध और आपराधी की पहचान और नि‍गाह रखने के लि‍ए‍ नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस)
     अपराध और आपराधी की पहचान और उन पर नि‍गाह रखने के लि‍ए‍ नेटवर्क और प्रणाली-सीसीटीएनएस अभि‍यान प्रणाली योजना 2009 में मंजूर की गई थी। इसके लि‍ए 2009-12 के दौरान, शत-प्रति‍शत केंद्र प्रायोजि‍त योजना में 2000 करोड़ रूपए खर्च कि‍ए जाने का प्रावधान था। इस योजना का वि‍स्‍तार अब 31 मार्च 2015 तक के लि‍ए कि‍या गया है। सीसीटीएनएस की पायलट परि‍योजना की शुरूआत 04 जनवरी 2013 को की गई। यह 25 राज्‍यों/केंद्रशासि‍त प्रदेशों में लगभग 2000 सीसीटीएनएस केंद्रों को जोड़ेगी। इस योजना को लागू करने का काम तेजी पर है। वि‍भि‍न्‍न राज्‍यों/केंद्रशासि‍त प्रदेशों के सि‍स्‍टम इंटरग्रेटरों के साथ अनुबंध पर हस्‍ताक्षर कि‍ए गए हैं।
'उड़ान'- जम्‍मू-कश्‍मीर के लि‍ए वि‍शेष औद्योगि‍क पहल (एसआईआई)
गृह मंत्रालय ने जम्‍मू और कश्मीर के लि‍ए 'उड़ान' के नाम वाली विशेष औद्योगि‍क पहल की योजना शुरू की है। ये कॉरपोरेट ऑफ इंडि‍या (भारतीय उद्योग जगत) और गृह मंत्रालय के बीच भागीदारी पर आधारि‍त है। इसे राष्‍ट्रीय कौशल वि‍कास नि‍गम- एनएसडीसी के जरि‍ए क्रि‍यान्‍वि‍त कि‍या जा रहा है। इसमें अगली पंचवर्षीय योजना के दौरान, राज्‍य के 54 हजार से अधि‍क युवाओं को एनएसडीसी के सहयोग से लगभग 35 अग्रणी कॉरपोरेट प्रशि‍क्षि‍त करेंगे। 'उड़ान' के भागीदारों में सार्वजनि‍क क्षेत्र की अग्रणी इकाईयां जैसे एनटीपीसी, बीएचईएल, बीएसएनएल, ओएनजीसी, एचएएल, केनरा बैंक और नि‍जी संगठन जैसे वि‍प्रो, टीसीएस, एचसीएल टैक्‍नोलॉजीस्, इंफोसि‍स, बजाज एलाइंज्, सीएमसी, कोगनीजेंट, येस बैंक, फ्यूचर लर्निंग, आईएल एण्‍ड एफएस, सीआईआई, एडूस्‍पोर्टस, रेलीगेयर, एक्‍सेंचर, टाटा मोटर्स आदि‍ शामि‍ल हैं।
भारत और बंग्‍लादेश के बीच संशोधि‍त यात्रा प्रबंधन-आरटीए
     भारत और बंग्‍लादेश के बीच मौजूदा वीजा नि‍यमों को उदार बनाने के उद्देश्‍य से दोनों देशों के बीच संशोधि‍त यात्रा प्रबंधनों-आरटीए पर ढ़ाका में 28 जनवरी 2013 को हस्‍ताक्षर कि‍ए गए। दोनों देशों में इस बात पर सहमति‍ बनी कि‍ राजनयि‍क और अधि‍कारि‍क पासपोर्ट धारक एक-दूसरे के मुल्‍कों में बि‍ना वीजा के 45 दि‍नों तक ठहर सकते हैं। कि‍सी तीसरे देश की यात्रा करने के लि‍ए वीजा का अनुरोध करने वाले बंग्‍लादेशी नागरि‍कों को दि‍ए जाने वाले डबल एंट्री वीजा की अधि‍कतम समय-सीमा तीन महीनें स्‍वीकार की गई है। ये सुवि‍धा ऐसे प्रतिनि‍धि‍ मि‍शनों के लि‍ए है जो भारत से बंग्‍लादेश के लि‍ए एक साथ प्रत्‍यायि‍त है। साथ ही उनको मेडि‍कल वीजा, दीर्घकालि‍क बहु-रोजगार वीजा और मल्‍टीपल एंट्री स्‍टूडेंट्स वीजा आदि‍ की सुवि‍धाएं भी उपलब्‍ध कराई गई हैं। इसके लि‍ए वीजा नि‍यमावली में आवश्‍यक परि‍पत्र संशोधन के प्रावधानों को शामि‍ल कि‍या गया है। नए संशोधि‍त यात्रा प्रबंधन प्रावधानों को 12 फरवरी 2013 को जारी कि‍या गया।
33वां एशि‍या-प्रशांत सुधारात्‍मक प्रशासक सम्‍मेलन-एपीसीसीए
     33वां एशि‍या-प्रशांत सुधारात्‍मक प्रशासक सम्‍मेलन-एपीसीसीए 22-27 सि‍तंबर 2013 को नई दि‍ल्‍ली में आयोजि‍त कि‍या गया। सम्‍मेलन में 23 सदस्‍य देशों के शि‍ष्‍टमंडल और राज्‍यों/केंद्रशासि‍त प्रदेशों के प्रति‍नि‍धि‍यों ने भाग लि‍या। सम्‍मेलन में कारावास से संबंधि‍त प्रशासन, संगठनात्‍मक संस्‍कृति का समावेश‍, अपराधि‍यों द्वारा उत्‍पन्‍न उच्‍च जोखि‍मों से नि‍पटने और कारावास के वि‍कल्‍पों आदि‍ पर वि‍चार-वि‍मर्श कि‍या गया। प्रति‍नि‍धि‍मंडलों ने 23 सि‍तंबर 2013 को ति‍हार जेल का भी दौरा कि‍या। सम्‍मेलन में कि‍ए गए वि‍चार-वि‍मर्श के परि‍णामस्‍वरूप कई महत्‍वपूर्ण सुझाव और राय सामने आये। जिन्‍हें 2014 में कनाडा में अंति‍म रूप दि‍या जाएगा जाएगा।  
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वि.कासोटिया/एवी/एमजेड/एसकेपी/एसएस-18

Monday, December 16, 2013

लुधियाना की ताजपुर रोड पर हुआ भयानक सड़क हादसा

कार चला रहा राजकुमार भगवत कृपा से बाल बाल बचा
लुधियाना: 16 दिसंबर 2013:  (रवि नंदा//पंजाब स्क्रीन):
सड़कों पर हो रहे हादसे लगातार लोगों की ज़िंदगी से खेल रहे हैं लेकिन इनकी रोकथाम के लिए कोई कारगर उपाय नहीं किया जा रहा हालांकि विज्ञान के इस दौर में इस तरह की रोकथाम के बहुत से तकनीकी उपाय किये जा सकते हैं पर लगता है समाज और सरकार दोनों को ही इंसानी ज़िंदगियाँ अब सस्ती लगने लगी हैं। जो तस्वीर आप देख रहे हैं यह आज सुबह लुधियाना की ताजपुर रोड पर हुए एक भयानक सड़क हादसे की है।
हादसा बहुत ही भयानक था लेकिन कहते हैं न जिसको राखे साईयां मार सके न कोय.… बस उसी कहावत के अनुसार कार चला रहा राजकुमार बाल बाल बच गया।  है न करिश्मा कुदरत का!
आसपास के लोग जहाँ इस हादसे से निराश और भयभीत हैं वहीँ इस बात से खुश भी हैं कि राजकुमार की जान बच गयी और परिवार उजड़ने से बच गया। इस हादसे का और विवरण मिलते ही तुरंत आप तक पहुँचाया जायेगा।

Friday, December 06, 2013

लुधियाना में बैंक मुलाज़िमों का जबरदस्त प्रदर्शन

Fri, Dec 6, 2013 at 3:19 PM
18 दिसंबर को होगी देश भर में हड़ताल 
लुधियाना: 6 दिसंबर 2013:  (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):  युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स ने 18 दिसंबर 2013 को एक दिवसय देशव्यापी हड़्ताल पर जाने का निर्णय लिया है । सरकारी क्षेत्र के सभी बैंक कर्मचारी तथा आफिसर्स निम्नलिखित मांगों को लेकर हड़ताल पर रहेंगे तांकि इस संघर्ष को और तेज़ किया।  इस बात का ऐलान आज यहां बाद दोपहर बहुत ही जोशो खरोश से किया गया। हर तरफ बैंक मुलाज़िमों की भीड़ थी।  लगता था जैसे संघर्ष  का सागर लहरा रहा हो। बैंक कर्मचारियों के नेतायों और वक्ताओं ने 
 जहाँ वेतन में शीघ्र संशोधन पर जोर दिया वहीँ बैंकिंग क्षेत्र में अनावश्यक सुधारों पर रोक लगाने कि आवाज़ भी बुलंद की। 
अपनी इन मांगों को लेकर  संघर्ष के लिए तैयार नज़र आ रहे युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स की और से बहुत से रोष प्रोग्राम निर्धारित किये गये हैं। इन्हीं प्रोग्रामों की कड़ी में  युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स की लुधियाना इकाई ने आज स्टेट बैंक आफ पटियाला, आंचलिक कार्यालय, मिल्लर गंज, लुधियाना के सामने जोरदार प्रदर्शन किया । कामरेड सुदेश कुमार, चेयरमैन, पंजाब बैंक इम्प्लाईज फैडरेशन, कामरेड नरेश गौड़, कन्वीनर, युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स, कामरेड राकेश खन्ना, सचिव, ए.बी.ओ.ए (लुधियाना इकाई), कामरेड चरंजीव जोशी एवं कामरेड गुरमीत सिंह, ए.आई.बी.ओ.ए ने बैंक कर्मचारियों को संबोधित किया ।

कर्मचारियों एंव अधिकारियों को संबोधित करते हुए फोरम के नेताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों एंव अधिकारियों के वेतन संबंधी मुद्दे इंडियन बैंक्स एसोसिएशन एवं बैंक कर्मचारियों तथा अधिकारियों की ट्रेड यूनियनों की आपसी बातचीत के द्वारा तय किये जाते हैं । नौवां द्विपक्षीय समझौता 31.10.2012 को समाप्त हो गया है । इसलिए .1.11.2012  से नया समझौता लागु होना था । इस परिपेक्ष्य में युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स ने कर्मचारियों तथा अधिकारियों की मांगों से संबंधित पत्र  इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को 30.10.2012  को दे दिया था । युनाईटेड फोरम आफ बैंक युनियन्स ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को निवेदन किया था कि मांगों और समझौतों के बारे में शीघ्र से शीघ्र फैसला लिया जाये । तेजी से और निरंकुश बढ़्ती कीमतों ने कर्मचारियों के वेतन पर विपरीत असर डाला है, इसलिए वेतन संशोधन और भी जरुरी हो गया है। उपभोक्ता मुल्य सूचकांक में नबंवर 2007 के बाद 2400 अंकों की बढ़ोतरी हुई है । लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन द्वारा पिछले एक साल में समझौते के प्रयासों में लगातार देरी की जा रही है।

भारत के बैंकों में लोगों के कड़े परिश्रम से की गई बचत की राशि आज लगभग 75 लाख करोड़ की है। इसलिए बैंकिंग संस्थाओं का सही ढ़ंग से नियमन होना चाहिए । इन्हीं स्थापित मानकों और सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत  होने के कारण हमारा बैंकिंग तंत्र वैश्विक संकट से बचा रहा । अमेरिका और यूरोप सहित दुनिया के अनेक देशों में उदारीकरण और विनियमन की नीतियों के कारण कई बैंक डूब गये । इन सब से सबक लेने के बजाय सरकार बैंकिंग सुधारों के नाम पर बैंकिंग क्षेत्र में उदारीकरण और विनियमन के लिए लगातार विभिन्न कदम उठा रही है । हाल ही में रिजर्व बैंक ने सुझाव दिया कि अंतराष्ट्रीय स्तर के बैंक बनाने के लिए बैंकों का आपस में विलय किया जा सकता है । हमारे बैंक आर्थिक विकास के लिए हैं, इसलिए यह कदम पूरी तरह गैरजरुरी है । सुधारों के नाम पर बैंकों में नियमित रुप से किये जाने वाले कार्यों को अनुबंध के तहत आऊटसोर्स किया जा रहा है । आऊटसोर्सिंग के कारण ए.टी.एम पर होने वाली परेशानियों को हम रोजाना देखते हैं।




Saturday, November 30, 2013

इंडियन आयल ने खोला लुधियाना में दूसरा आटो एलपीजी सैंटर

लुधियाना के लोगों से किया और बेहतर सेवा का वायदा 
लुधियाना: 30 नवंबर2013: (पंजाब स्क्रीन): इंडियन आयल  ने लुधियाना में अपना  दूसरा आटो एलपीजी  सैंटर खोल कर लुधियाना निवासियों को एक नया तोहफा है। कम्पनी का पहला आयूटलेट फिरोज़पुर में खोला था जबकि दूसरा केंद्र अब गिल रोड पर खोला गया है।  शुभ अवसर पर कम्पनी  राज्य स्तरीय कार्यालय के एग्ज़ेकुटिव डायरेकटर सुदेब गुप्ता भी विशेष तौर पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि कम्पनी ने यह केंद्र लुधियाना के अत्याधिक लोगों तक यह सुविधा पहुँचाने के लिए खोला है। इस मौके पर स्थानीय केंद्र  संचालक आशीष गर्ग ने कम्पनी का धन्यवाद किया और लोगों से बेहतर सेवाएं देने का वायदा भी किया।  

'लव यू सोणिये' रिलीज होगी 6 दिसंबर को

Sat, Nov 30, 2013 at 4:24 PM
करणवीर बोहरा, तीजे सिद्धू व रघु राम पहली बार किसी पंजाबी फिल्म में
लुधियाना, 30 नवंबर 2013, (स्पेक्ट्रम न्यूज//पंजाब स्क्रीन): : करणवीर बोहरा, तीजे सिद्धू, रघु राम और उपासना सिंह जैसे नेशनल टीवी स्टार्स वाली रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म 'लव यू सोणिये" 6 दिसंबर, 2013 को रिलीज के लिए तैयार है। इसमें बिग बॉस फेम विंदु दारा सिंह एवं शिवेंद्र महल भी नजर आएंगे। कॉलेज की कहानी पर आधारित जवां दिलों की इस मजेदार फिल्म का निर्माण करणवीर बोहरा व तीजे सिद्धू के हाल ही में लांच हुए बैनर, फायरबर्ड प्रोडक्शंस के तले हुआ है।
'लव यू सोणिये" में कई चीजें एकदम पहली बार हो रही हैं, जैसे कि इसका ओवरसीज डिस्ट्रीब्यूशन 'बीफोरयू" ने संभाला है, जो किसी पंजाबी फिल्म के लिए पहली बार ऐसा कर रही है। पीवीआर सिनेमाज के पास राष्ट्रीय वितरण के लिए जाने वाली यह पहली पंजाबी फिल्म है। करणवीर और तीजे ने इसके साथ ही अपनी खुद की म्यूजिक कंपनी 'मैट्रिक्स म्यूजिक' भी शुरू की है। दोनों पति-पत्नी फिल्म के लीड आर्टिस्ट हैं। पंजाबी सिनेमा की दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ है कि रियल लाइफ की कोई जोड़ी रील लाइफ में भी पति-पत्नी की भूमिका निभा रही है।
फिल्म के मुख्य कलाकार करणवीर बोहरा ने बताया, 'लव यू सोणिये" एक मजेदार, रोमांटिक व जोश से भरपूर कॉमेडी मूवी है। पूरे परिवार के लिए यह एक अच्छी एंटरटेनर है। हमने इस मूवी की भाषा इतनी सरल रखी है कि पंजाबी न जानने वाले दर्शक भी इसे आसानी से समझ सकेंगे। हमें विश्वास है कि दर्शक यह फिल्म देखने के बाद सिनेमा हॉल से मुस्कराते हुए ही निकलेंगे। फिल्म का संदेश है- परिवार को प्राथमिकता दो, तभी प्रेम में कामयाबी मिलेगी।:
करणवीर टीवी सीरियल 'सौभाग्यवती भव" के विराज के रूप में लोकप्रिय रहे हैं। वे अत्यधिक सराहे गये हालिया रियलिटी शो 'झलक दिखला जा" सीजन-6 के स्टार डांसर भी हैं। करणवीर की लाइफ पार्टनर एवं चैनल वी की पूर्व वीजे व एक्टर तीजे सिद्धू ने बताया कि 'लव यू सोणिये" के जरिये 14 नये कलाकार पंजाबी सिनेमा में कदम रख रहे हैं। तीजे सिद्धू ने एकता कपूर
के पहले सीरियल 'किन्ना सोना तैनू रब ने बनाया" (2012) की जस्सी के रूप में लोकप्रियता हासिल की थी।
'लव यू सोणिये' से रोडीज-फेम रघु राम भी पंजाबी फिल्मों में पहली बार कदम रख रहे हैं। फिल्म में वे करणवीर के भाई का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के बारे में वे कहते हैं कि 'लव यू सोणिये" एक रोमांटिक व कॉमेडी से भरपूर एक बेहद मजेदार फिल्म है और मैं देखना चाहता हूं कि लोग मुझे एक अभिनेता के रूप में किस तरह देखते हैं। करणवीर व तीजे के अलावा 'कॉमेडी नाइट्स विद कपिलÓ-फेम 'बुआ" उपासना सिंह व विंदू दारा सिंह भी फिल्म के मुख्य आकर्षण हैं।
'लव यू सोणिये" में संगीत दिया है इश्क बैक्टर, श्री डी और हैरी आनंद ने, जबकि इसके गीत लिखे हैं कुमार ने। फिल्म का निर्देशन साहिल कोहली ने किया है। करणवीर का कहना है कि बॉलीवुड एक्टर्स और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के म्यूजिक कम्पोजर्स के चलते उन्हें उम्मीद है कि पंजाबी सिनेमा को यह फिल्म एक नया आयाम दे पायेगी।

Tuesday, September 10, 2013

आकाशवाणी निःशुल्‍क एसएमएस सेवा शुरु

09-सितम्बर-2013 20:01 IST
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने दिखाया एक और कमाल 
भारत निर्माण वेब पोर्टल का भी किया शुभारम्भ 
सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री मनीष तिवारी ने आज भारत निर्माण अभियान की ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की। इस ऑनलाइन पोर्टल द्वारा भारत निर्माण अभियान की विभिन्‍न परियोजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी डिजिटल प्‍लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध होगी। यह डिजिटल प्‍लेटफॉर्म अंग्रेजी, हिन्‍दी और 11 क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदान की जाएगी। इस सुविधा के शुरू हो जाने से उपयोगकर्ता को सभी जानकारियां एक ही स्‍थान पर उपलब्‍ध होंगी। इसके जरिये फेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब को भी जोड़ गया है। इसके अलावा मोबाइल फोनों और टैब्‍लेट के लिये भी पोर्टल से संबंधित एप्‍लीकेशन्‍स दिये गए हैं।

     समग्र मल्‍टी मीडिया अभियान 2013 के दूसरे चरण की शुरुआत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 14 अगस्‍त, 2013 को की थी। इस मल्‍टी मीडिया अभियान को आठ जन सूचना अभियानों के जरिये मजबूत मीडिया तंत्र का समर्थन प्राप्‍त है। ग्रामीण इलाकों में यह काम पत्र सूचना कार्यालय कर रहा है, जिसे डीएवीपी, डीएफपी और गीत एवं नाटक डीविजन का समर्थन प्राप्‍त है। अब तक चार जन सूचना अभियानों को ‘जमुनिया’ ध्‍वनि एवं प्रकाश शो का समर्थन प्राप्‍त है।

     मंत्री महोदय ने आज ही आकाशवाणी का ‘आकाशवाणी समाचार निःशुल्‍क एसएमएस सेवा’ की भी शुरुआत की। उपभोक्‍ताओं को मोबाइल टेलीफोन पर आकाशवाणी समाचार निशुल्‍क एसएमएस द्वारा प्रदान की जाएगी। जो लोग इस सेवा को प्राप्‍त करना चाहते हैं, वे 08082080820 पर ‘AIRNEWS their name’ एसएमएस कर सकते हैं। वे चाहें तो इसी नंबर पर मिस-कॉल भी दे सकते हैं। अब तक दो लाख लोग इस सेवा से जुड़ चुके हैं।

भारत निर्माण अभियान के तथ्‍य एवं आंकड़े
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निजी एफएम

94,932 ( 216 स्‍टेशनों पर)

योग

1,07,532 (1.07 लाख)
सामुदायिक रेडियो


6,048स्‍पॉट(36स्‍टेशनों पर)
डिजिटल सिनेमा
स्‍क्रीन
11,200 प्रतिदिन,2.24 लाख पूर्ण अवधि के दौरान(1400 अनुबंधि‍त स्‍क्रीनों पर)
27,324प्रतिदिन,6.46 लाखपूर्ण अवधि के दौरान (6,831अनुबंधि‍त स्‍क्रीनों पर)
प्रिंट
एडवर्टोरियल्‍स
5 X 750 = 3750


स्‍ट्रीप विज्ञापन
12 X 750 = 9000


योग
12,750 (लगभग750 समाचार पत्रों में)
15,120 (लगभग 700समाचार पत्रों में)
बाहरी प्रसार
प्रदर्शित स्‍थलों की संख्‍या
3,550
4,225
अगस्‍त और सितंबर, 2013 में किए गये जन सूचना अभियानों का ब्‍योरा इस प्रकार है:-

·        झाबुआ, मध्‍यप्रदेश (11-13 अगस्‍त, 2013)
·        मारवाड़, पाली, राजस्‍थान (17-19 अगस्‍त, 2013)
·        साहिया, मिजोरम (21-23 अगस्‍त, 2013)
·        धारियाबाद, प्रतापगढ़, राजस्‍‍थान (24-26 अगस्‍त, 2013) (जमुनिया 24 अगस्‍त से 27 अगस्‍त, 2013 तक)
·        बैतूल, मध्‍यप्रदेश (25-27 अगस्‍त, 2013) (जमुनिया 24 अगस्‍त से 28 अगस्‍त, 2013 तक)
·        छिंदवाड़ा, मध्‍यप्रदेश (पांच से सात सितंबर, 2013) (जमुनिया आठ सितंबर से 11 सितंबर, 2013 तक)
·        गरियाबंद, छत्‍तीसगढ़ (छह-आठ सितंबर, 2013)
·        बाओली, सवाई माधोपुर, राजस्‍थान (सात-नौ सितंबर, 2013) (जमुनिया तीन सितंबर से सात सितंबर, 2013 तक)

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वि कासोटिया/अरुण/अंबुज-6086