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Thursday, June 29, 2023

पंजाब में नफरत के लिए कोई जगह नहीं-शाही इमाम

 Thursday 29th June 2023 at 10:42 AM

लुधियाना जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा के मौके बहुत बड़ा आयोजन


शाहीइमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत फ़ैलाने वालों को आड़े हाथों लिया 

लुधियाना: 29 जून 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

जामा मस्जिद लुधियाना के शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत की सियासत करने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नफरत वालों की सख्त निंदा करते हुए कहा कि आज ईद के मौके पर हमें संकल्प दोहराना होगा कि अगर ऐसे लोगों के खिलाफ हमें क़ुरबानी भी देनी पड़ी तो भी हम गुरेज़ नहीं करेंगे। वहां मौजूद लोगों ने इस बात का ज़ोरदार समर्थन भी किया।  

आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा बकरीद की नमाज इस्लामी रिवायत के मुताबिक शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने अदा करवाई। इस मौके पर जामा मस्जिद में विभिन्न धर्मो व राजनैतिक पार्टीयों के नेता अपने मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए पहुंचे। इस मौके संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह ताआला के नबी हजरत इब्राहीम अलेहिस्सलाम की याद में मनाते है, जिन्होंने अपने खुदा की रजा के लिए अपना बेटा कुर्बान करने में देरी नहीं की। शाही इमाम ने कहा कि ईद का दिन हमें प्रेरणा देता है कि हम भी अपने अंदर कुर्बानी का जज्बा रखे। शाही इमाम ने कहा कि आज कल देश में फिरका प्रस्त ताकतें धर्म के नाम पर लोगों को बांटने में लगी हुई है इसलिए समूह भारतीयों को व अपने मुसलमान भाईयों को मैं कहना चाहता हूं कि अगर सभी को इन फिरकाप्रस्तों को नाकाम करने के लिए कुर्बानी देने की जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेगें। उन्होनें कहा कि पंजाब की रिवायतों में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, जो लोग पंजाब में धर्म के नाम पर नफरत फैला कर अपनी राजनीति चमकाना चाहते है उनकों कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के लुधियाना से विधायक अशोक पराशर पप्पी, चौधरी मदन लाल बग्गा और कुलवंत सिद्धू ने मुसलमान भाईचारे को ईद उल जुहा की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद का दिन हर एक भारतीय के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां हर एक धर्म का त्योहार सभी लोग आपस में मिल जुल कर मनाते हैं। उन्होनें कहा कि जामा मस्जिद से हमेशा ही पंजाब में अमन और खुशहाली के लिए काम किया गया है। उन्होने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बड़ी खुशी का दिन है और लुधियाना शहर सभी धर्मों के लोगों का एक गुलदस्ता है, इसके सभी फूल अपनी खुशबू के साथ माहौल को खुशगवार बना कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना की यह ऐतिहासिक जामा मस्जिद जहां मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केन्द्र है, वहीं यह तमाम धर्मों के लोगों के लिए अमन और मुहब्बत की निशानी है। उन्होनें कहा कि ईद का दिन सिर्फ  मुसलमान भाईयों के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। हम दुआ करते है कि यह खुशियों भरी रीत हमेशा ऐसे ही चलती रहे। उन्होने कहा कि इस देश में ईद उल जुहा का त्यौहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर मनाते है। इस मौके पर हम पंजाब सरकार की ओर से अपने तमाम मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बड़ी ही बरकतों वाला दिन है। आज के दिन मुस्लमान अपने खुदा को राजी करने के लिए अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी देते है और ईद का पवित्र त्यौहार हम सब कों अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस धरती पर आज लाखों मुस्लमान खुदा के आगे सजदा कर रहे हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पंजाब की धरती पीरों और पैगंबरों की धरती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते है और एक-दूसरे का त्यौहार आपसी भाईचारे के रूप में मनाते है।

इस राज्य स्तरीय समारोह में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए गुरूद्वारा दुख निवारण साहिब के मुखय सेवादार प्रितपाल सिंह के सुपुत्र गुरप्रीत सिंह विंकल, विधायक पुत्र विकास पराशर, सीनियर कांग्रेंसी नेता परमिंदर मेहता, पार्षद पुत्र अमनीश पराशर, गुलाम हसन कैसर, बलजीत सिंह बिन्द्रा, अशोक गुप्ता, शिंगारा सिंह दाद व मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि ईद उल जुहा का त्यौहार हम सब को आपसी भाईचारे और अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। वर्णनयोग्य है कि आज ईद उल जुहा के अवसर पर लुधियाना शहर की सभी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई और भारी गिनती में लोगों ने कुर्बानियां कीं, बच्चों में ईद को लेकर बहुत उत्साह पाया जा रहा था। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने लुधियाना पुलिस और नगर निगम द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

जामा मस्जिद में ईद के मौके पर शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं को मुबारकबाद देते हुए विधायक अशोक पराशर पप्पी, कुलवंत सिद्धू, मदन लाल बज्गा , पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, विधायक पुत्र विकास पराशर इत्यादि सभी गणमान्य व्यक्ति पहुंचे हुए थे। उनका स्वागत करने वालों में  जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम भी सबसे आगे थे। 

ईद के मौके पर नमाज अदा करने के पश्चात एडीसीपी सोहेल मीर शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी व जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम को मुबारकबाद देते हुए देखे गए। वह भी यहां पूरी आस्था से आए हुए थे। 

जामा मस्जिद के बाहर हमेशां की तरह इस बार भी ईद-उल-जुहा के मौके पर काफी भीड़ थे। आसपास के सभी मुसलमान पूरी आस्था के साथ नमाज़ पढ़ने पहुंचे हुए थे।  जामा मस्जिद के बाहर ईद की नमाज अदा करते हुए मुसलमान भाईचारे के लोग लम्बी पंक्तियों में नज़र आ रहे थे। पूरी तरह अनुशासित और पूरी तरह से सद्भावना के साथ। 

Friday, November 19, 2021

किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

 काले कानूनों की वापसी शुक्र का दिन है शाही इमाम पंजाब

जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर खुशी मनाते अहरार कार्यकर्ता और शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी

लुधियाना: 19 नवंबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
किसान आंदोलन की जीत हुई है। पंजाब के जीते गए आंदोलनों में एक अध्याय और जुड़ गया है। इस पर यूं तो लगातार खबरें आ रही हैं लेकिन ज़ोरदार ख़ुशी का इज़हार किया है जमा मस्जिद लुधियाना के सामने बनती गई मिठाई ने। किसानों के आंदोलन में दिल्ली जा कर किसानों का साथ देने वाली जमा मस्जिद लुधियाना की टीम ने यह सब शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। और उनके साथियों ने आज किसानों की जीत पर भी खुशियां मनायीं। वर्तमान शै इमाम भी खुद दिल्ली जा कर किसानों के साथ कंधे कंधा मिला कर चलते रहे। उनको आज शिद्द्त से इस बात का अहसास है की जीत कितनी कठिन थी लेकिन हम ले कर रहे। 
आज सुबह जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने ऐलान किया कि तीनों काले खेती कानून वापिस लिए जा रहे है तो हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर यहां इतिहासिक जामा मस्जिद के सामने मजलिस अहरार इस्लाम के कार्यकर्ताओं द्वारा मिठाई बांटी गई और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के ज़ोरदार नारे लगा कर खुशी का इजहार किया गया। 
किसान आंदोलन की कामयाबी पर शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि काले कानूनों की वापसी पर आज खुदा का शुक्र अदा करते है की एक लंबे आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसान भाइयों की सही बातों को मान लिया है। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि देर आए दरुस्त आए कहावत के अनुसार हम प्रधानमंत्री जी के भी शुक्र गुजार हैं कि उन्होंने आखिर देश के मन की बात को सुन कर स्वीकार भी किया है। शाही इमाम ने कहा कि इस आंदोलन में देश के सभी धर्मों के लोगों ने जात पात से ऊपर उठ कर साथ दिया। इस लिए सभी इस अवसर पर मुबारकबाद के हकदार हैं। 
शाही इमाम मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि इस अवसर पर उन सभी लोगों को याद करते हैं जिन्होने इस आंदोलन में अपनी जानो की कुर्बानी दी है। शाही इमाम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लुधियाना जामा मस्जिद में ज्यादा खुशी इस लिया भी है कयोंकि मरहूम शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी पहले दिन से किसान आंदोलन में शामिल रहे और लगातार आवाज उठाई हालांकि गोदी मीडिया ने मरहूम शाही इमाम साहिब को निशाना भी बनाया लेकिन वो सच्चाई के साथ डटे रहे। 
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की कामयाबी के लिया कोई विशेष पार्टी नही बल्कि सभी देश वासी मुबारकबाद के हकदार हैं।  
किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

Sunday, August 30, 2020

यौमे आशूरा अवसर पर ऑनलाइन कांफ्रेंस का आयोजन

 हजरत इमाम हुसैन की शहादत को हमेशा याद रखा जाएगा 
                                                         -शाही इमाम पंजाब 
जामा मजिस्द लुधियाना में ऑनलाइन शहीद ए करबला कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के साथ गुलाम हसन कैसर,मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी
लुधियाना 30 अगस्त 2020 (पंजाब  स्क्रीन ब्यूरो
कोविड-19 के मद्देनजर आज यहां एतिहासिक जामा मजिस्द में यौमे आशूरा के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की याद में ऑन लाइन शहीद ऐ करबला कांफ्रेंस का आयोजन मजलिस अहरार इस्लाम द्वारा किया गया। जिसकी प्रधानगी शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने की। इस अवसर पर पावन कुरान शरीफ की तलावत कारी मुहम्मद मुहतरम द्वारा की गई और प्रसिद्व शायर गुलाम हसन कैसर,कारी मुहम्मद मुस्तकीम करीमी ने नातिया कलाम पेश किया।
कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन विश्व के एतिहास मेें बहुत विशेष  है,इस दिन अल्लाह ताआला ने बड़ी रहमत व बरकत वाला बताया है और इस्लाम धर्म में मुहर्रम की 9 व 10 तारीख को रोजा रखने को कहा गया है। शाही इमाम ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पहले आज के दिन करबला के मैदान में पैंगबर इस्लाम हजरत मुहम्मद सलल्लाहु अलैही वस्लम के नवासे हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने अपने पूरे परिवार व साथियों के साथ वक्त के जालिम हुक्मरानो के खिलाफ सच्चाई की आवाज बुलंद करने के कारण शहीद कर दिए गए। उन्होंने कहा कि विश्व भर में सरकारों के खिलाफ सच्चाई की आवाज उठाने का पहला संदेश मैदान ए करबला से हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू ने दिया,जो कि हमेशा याद रखा जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि इस शहादत को कभी भुलाया नही जा सकता और जो कौमे अपने शहीदो को भूल जाती है,उनका वजूद खत्म हो जाता है। शाही इमाम ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने उस समय के जालिम बादशाह से कौम व धर्म को बचाने के लिए कुर्बानी दीं थी। शाही इमाम ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने जमीन,आसमान,हवा,पानी,इंसान व हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आएगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमे अपने घर वालो पर दिल खोल कर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबो की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी मुसलमान किसी यतीम को खाना खिलाता है,अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उस यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है और जितने वाल उसके हाथों के नीचे से निकलेगे,अल्लाह पाक उसको हर वाल के बदले में नेकियां देते है। कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद रहमानी लुधियानवी ने मैदाने करबला का किस्सा बयान करते हुए हजरत इमाम हुसैन रजि. अल्लाह अनहू की बहादुरी की दास्तान बयां की। उन्होंने कहा कि कयामत तक आने वाले लोगो के लिए करबला का मैदान सच्चाई व इमानदारी देने का संदेश देता रहेगा।



Saturday, August 01, 2020

मुसलमान देश के लिए हर वक्त कुर्बानी देने को तैयार हैं

1st August 2020 at 10:41 AM
 शाही इमाम पंजाब ने फिर दोहराया मुस्लिम समाज का संकल्प  
लुधियाना: 1 अगस्त 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::  
करोना वायरस के संकट के मद्देनजर सोशल डिस्टेंस के साथ आज यहां फील्ड गंज चौक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद समेत अन्य सभी मस्जिदों में ईद उल अजहा (बकरा ईद) कि नमाज अदा की गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री भारत भूषण आशू, लोकसभा सदस्य रवनीत सिंह बिट्टू, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के प्रधान सरदार प्रितपाल सिंह, विधायक सुरिंदर डावर, श्री राकेश पाण्डे, श्री संजय तलवार, श्री कुलदीप सिंह वैद, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने बधाई संदेश भेजा।
ईद के अवसर पर संबोधन करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह के प्यारे नबी हजऱत इब्राहीम अलहिस्सलाम की याद में मानते हैं जिन्होंने इंसानों को यह सबक दिया कि अगर वक़्त आए तो अपनी जान से प्यारी चीज भी अल्लाह की राह में कुर्बान करने से ना घबराओ, शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दीन-ए-इस्लाम की इसी प्रेरणा से भारत के मुसलमानों ने देश को आज़ाद करवाने के लिए अंग्रेजों से टक्कर लेते हुए हज़ारों कुर्बानियां दी थी। उन्होंने कहा कि आज भी अगर देश को जरूरत पड़ी तो मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार हैं। शाही इमाम ने कहा की आज का दिन बरकत और रहमत वाला है, दुआ कबूल होती है और अल्लाह का हुक्म है कि ईद के दिन गरीबों और जरुरतमंदों की मदद की जाए। शाही इमाम ने नमाजियों से कहा कि आज ईद के दिन इस बात का ख्याल रखा जाए कि कोई भी पड़ोसी चाहे वह किसी भी धर्म का हो भूखा ना रहे। 
इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि इस्लाम के पर्व इबादत और नेकी की राह दिखाते हैं हम साल भर रोजाना पांच नमाज अदा करते हैं और ईद के दिन छे नमाज अदा करते है। उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुर्बानी के इस दिन हम सब इस संकल्प को दोहराते हैं कि अगर देश और कौम को जरुरत पड़ी तो हम पीछे नहीं रहेंगे। इस अवसर पर पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किया गए थे। डीसीपी लॉ एंड आर्डर श्री अश्वनी कपूर, एडीसीपी 1 दीपक पारेख, एसीपी सेन्ट्रल सरदार वरियाम सिंह विशेष तौर पर उपस्थित रहे। 

Tuesday, March 17, 2020

विदेश में सी.ए.ए जैसे कानून बने तो जिम्मेवार कौन होगा?

17th March 2020 at 4:14 PM
शाहीन बाग लुधियाना से सत्ता को किया गया अहम सवाल 
 शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते प्रो. गुरदियाल सिंह, साथ में प्रधान हाजी नौशाद, हाजी तहसीन, मुहम्मद रिजवान, कारी मुस्तकीम, मुहम्मद इसरार, मुहम्मद इरशाद व अन्य
लुधियाना: 17 मार्च 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
शहर की दाना मंडी में केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ चल रहे शाहीन बाग़ रोष प्रदर्शन आज 35वें दिन शक्ति नगर, टिब्बा रोड से प्रधान हाजी नौशाद आलम, हाजी मुहम्मद इस्लाम, मुहम्मद इसरार, हाजी मुहम्मद इरशाद, कमरूदीन, मुहम्मद रिजवान, हाजी तहसीन, हाजी मुहम्मद इरशाद, मुहम्मद इरफान, कारी मुहम्मद मुस्तकीम, मुहम्मद परवेज़ की अध्यक्षता में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इनायत चैरीटेबल सोसाइटी के चेयरमैन प्रोफेसर गुरदियाल सिंह सहोता ने कहा कि मोदी जी ने नागरिकता कानून में धर्म आधारित कानून बनाकर बाबा साहिब डा. भीम राव अंबेडकर द्वारा बनाए संविधान की उलंघना की है। उन्होंने कहा कि इंसानियत के आधार पर सी.ए.ए का विरोध जरूरी है क्योंकि भारत को विश्व भर के लोग प्रेरणा का स्रोत समझते हैं, आज अगर हमारी सरकार धर्म को आधार बनाकर बाहर से आने वालों को नागरिकता देगी तो विदेश में भी अगर सरकारों ने सी.ए.ए जैसा कानून बना दिया तो लाखों एन.आर.आई. वहां की सरकारों को क्या तर्क देंगे। उन्होंने कहा कि सी.ए.ए को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता, नागरिकता शरणार्थियों का अधिकार है जिसे देना चाहिए, लेकिन धर्म को आधार बनाना उचित नहीं है। प्रोफेसर गुरदियाल सिंह ने कहा कि हमें शर्म आ रही है कि पहली बार भारत की केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए किसी कानून के खिलाफ विदेशी सदनों में निंदा के प्रस्ताव पारित हो रहे हैं। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा की शाहीन बाग आंदोलन ने जहां केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है वहीं देशभर में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, दलित समुदाय में आपसी भाईचार बढ़ाया है। इस अवसर पर शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम अहरार, गुलाम हसन कैसर, सलमान रहबर, हाफिज़़ ज़ाकिर, आबिद अंसारी, डाक्टर अब्दुर रहमान ने संबोधित किया।

Wednesday, March 04, 2020

लुधियाना शाहीन बाग में राणा सोढी की टीम ने किया नाटक का मंचन

4th Mar 2020 at 4:02 PM
कलाकारों के आने से भरा सीएए के खिलाफ आंदोलन में नया जोश 
लुधियाना: 4 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो//सहयोग पीपुल्स मीडिया लिंक)::
शहीन बाग प्रदर्शन के आज 22वें दिन बस्ती जोधेवाल नजदीक कबीर नगर से हकीम मुहम्मद इस्राफिल, हाजी बशीर, हाजी सागुल, सदरे आलम, मुहम्मद जाबिर, मुहम्मद अबुल रब, मुहम्मद निसार की अध्यक्षता मेंं बड़ी संख्या में लोगों का जत्था पहुंचा। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा नागरिकता कानून बनाए जाने के बाद लगातार देशभर में शाहीन बाग आंदोलन चल रहा है जहां से रोज अलग-अलग धर्मों और संस्थाओं के लोग अपने अपने तौर तरीकों से विरोध दर्ज करवा रहे हैं। 
आज यहां शाहीन बाग में प्रगति कला केंद्र लांदडा फिल्लौर की तरफ की तरफ से एक नाटक का मंचन कर के मोदी सरकार की पोल खोली गई। नाटक मंडली के प्रधान राणा सोढ़ी और सिमरन क्रांति की टीम ने केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून पर कटाक्ष करते हुए 1 घंटे का नुकड नाटक पेश किया जिसमें कलाकारों ने पागलों के किरदार में राजनीति और समाज में फैली हुई बुराइयों पर कटाक्ष किया। 
नाटक मंचन में अमृता क्रांति, जसप्रीत कुमार, रविंदरा प्रकाश भारतीय, इशमीत, सोनिया, गगनदीप, अजीत कुमार, गरीब दास, चंद्रप्रकाश आदि ने अभिनय किया। आज शाहीन बाग में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के रिसर्च के विद्यार्थी रविंदरा प्रकाश भारतीय ने संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार सिर्फ देश भर के लोगों के साथ खिलवाड़ नहीं कर रही बल्कि माननीय प्रधानमंत्री जी अपने संसदीय क्षेत्र में भी साल के 365 दिन धारा 144 लगवा कर रखते हैं, ताकि कोई भी संस्था या व्यक्ति सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन ना करें। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को दबाने की कोशिश है जो कि देश के संविधान के खिलाफ है। 
भारतीय ने कहा कि धर्म के नाम पर नागरिकता देने वाली भाजपा सरकार को शायद पता नहीं कि देश में शरणार्थियों को पहले से ही नागरिकता मिलती आ रही है। उन्होंने कहा कि जिस देश को 2020 में हर व्यक्ति को रोजगार देने की बात कही गई थी वहां रोजगार कि बजाए लोग दंगों का सामना कर रहे है। इस काले कानून के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में अब तक पचास के करीब लोगों की हत्या एक ऐसा घाव है जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। प्रकाश भारतीय ने कहा कि मोदी सरकार में बैठे हुए लोग यह समझ रहे हैं कि सरकारी तंत्र और बल के द्वारा इस आंदोलन को दबाया जा सकता है यह उनकी बहुत बड़ी भूल है। अब तक हुए प्रमुख आंदोलनों को कोई एक देश तो क्या विश्व की कोई भी सरकार दबा नहीं सकी है। उन्होंने कहा कि एन.आर.सी. और एन.पी.आर. देशभर के लोगों के साथ किया जाने वाला सरकारी धोखा है, अगर यह अमल में आया तो देशभर के सभी धर्मों के लोग एक दफा चौंक जाएंगे।  बेचैनी पैदा होगी उसको संभालना सरकार के बस में नहीं होगा। 
प्रकाश भारतीय ने कहा कि देश भर में शाहीन बाग आंदोलनों का विरोध सिर्फ और सिर्फ भाजपा के कार्यकर्ता कर रहे हैं इसे किसी भी धर्म के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए यह देश के संविधान को बचाने के लिए आंदोलन है। आज नेशनल हुमन राइट कमेटी के विजय कुमार, प्रोफेसर हरदयाल सिंह, मुहम्मद मुस्तकीम अहरार, प्रधान डॉ. अब्दुल रहमान कुंदनपुरी ने संबोधन किया।  
आंदोलन जारी बढ़ रहा है लेकिन अब देखना है कि लुधियाना का शाहीन बाग़ आंदोलन  कौन सा नया रुख अख्तियार करता है क्यूंकि पंजाब सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट रुख का ऐलान नहीं किया है। अप्रैल महीने में शुरू होने वाले एनपीआर अभियान में राज्य सरकार के कर्मचारी भाग लेंगें या नहीं? अभी तक इस सवाल को लेकर पंजाब सरकार का स्पष्ट रंग सामने नहीं आया। इसी बीच लुधियाना का शाहीन बाग़ आंदोलन पूरे जोश के साथ जारी है। 

Saturday, February 29, 2020

लुधियाना शाहीन बाग में उमड़ा जनसमूह

29th February 2020 at 4:56 PM
CAA के विरुद्ध इस्तीफा देने वाले IPS के पहुंचने पर उत्साह की लहर
लुधियाना शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आई.पी.एस. अब्दुर रहमान साथ में नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी, जफर आलम
लुधियाना: 29 फरवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
आज यहां शाहीन बाग प्रदर्शन के 18वें दिन महाराष्ट्र बैच के आई.पी.एस. अधिकारी अब्दुर रहमान जो सी.ए.ए का विरोध करते हुए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे चुके हैं के पहुंचने पर बड़ा जनसमूह उमड़ के उन्हें सुनने के लिए आया। राहों रोड चुंगी से प्रधान मुहम्मद जमील अहमद, हाफिज़़ हाशिम अंसारी, मुहम्मद सिकंदर, मुहम्मद इंतजार शाकिर, मुहम्मद साबिर, मुहम्मद इकबाल,आतिफ, मुहम्मद शहीद, मुहम्मद मंज़ूर की अध्यक्षता में महिलाओं के काफिले भी साइन बाग पहुंचे। मंच का संचालन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की धरती से शाहीन बाग प्रदर्शन कौमी एकता की मिसाल बनकर उभरा है यहां से सभी धर्मों के लोग केंद्र सरकार को धर्म की राजनीति के खिलाफ एक जुटता का संदेश दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए इस्तीफा देने वाले आईपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने कहा कि सी.ए.ए., एन.आर.सी. और एन.पी.आर. केंद्र सरकार द्वारा अपनी ही जनता के खिलाफ बनाई गई एक साजिश का नाम है। उन्होंने कहा कि हजारों सालों से इस धरती पर रहते आ रहे नागरिकों को उनकी नागरिकता का प्रमाण पूछना ही राष्ट्र के लिए शर्म की बात है। अब्दुर रहमान ने कहा कि बाहर के देशों से आने वाले शरणार्थियों के लिए हमेशा ही भारत ने बड़ा दिल दिखाया है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि केंद्र सरकार धर्म के नाम पर शरणार्थियों को बांट कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है। अब्दुर रहमान ने कहा कि भारत की जनता में कट्टरवाद नहीं है बल्कि कई राजनेता धर्म के नाम पर सियासी रोटियां सेंकते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार में बैठे हुए राजनेता सत्ता के नशे में चूर होकर अपनी जनता के साथ टकराव का रास्ता अपना रहे हैं और देशभर में शांतिपूर्वक चल रहे शाहीन बाग प्रदर्शनों की विरोधता करना लोकतंत्र का गला दबाने के बराबर है। 
आज शाहीन बाग प्रदर्शन में जफर आलम, सज्जाद आलम, इरशाद अंसारी, साबिर अली, मुस्तकीम करीमी, मुहम्मद रफीक, सनाउल्लाह अंसारी, अल्ताफ जोशन, हकीम इसराफिल, मास्टर फिरोज, रूस्तम खान, आबिद अंसारी ने भी संबोधित के किया।
महिलाओं ने भी किया दिल्ली पुलिस के खिलाफ रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 29 फरवरी 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
शाहीन बाग प्रदर्शन में आज एक बार फिर सैंकड़ों महिलाओं ने एकत्रित होकर दिल्ली पुलिस द्वारा दंगाइयों का साथ देने पर जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया। महिलाओं की अध्यक्षता करते हुए खतीजा खातून ने कहा कि दिल्ली की पुलिस ने भारत की जनता का पुलिस पर विश्वास कमज़ोर कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय की जरूरत है कि दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केंद्र सरकार तुरंत बड़ी कारवाई करें। 
गौरतलब  है कि बीते दिनों दिल्ली में हुई हिंसक घटनाओं में ऐसी बहुत सारी वीडियो वायरल हुई है जिसमें दिल्ली पुलिस के अधिकारी और जवान दंगाइयों के साथ जनता पर पत्थरबाजी करते हुए दिखाई देते लुधियाना शहर में लगातार एन.आर.सी. के विरोध के साथ-साथ दिल्ली और यू.पी. पुलिस के अत्याचारों का विरोध भी हो रहा है। आज शहर भर से बहुत बड़ी संख्या में औरतों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ शाहीन बाग में जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया।

Monday, January 06, 2020

JNU में छात्रों के साथ गुंडागर्दी की शाही इमाम पंजाब ने भी की निंदा

Monday: 6th January 2020 at 5:47 PM
केंद्र सरकार पर लगाया खामोश तमाशाई बने होने का आरोप 
लुधियाना: 6 जनवरी 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी
दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों के साथ नक़ाब पहन कर साम्प्रदायिक ताक़्तों द्वारा की गई गुंडागर्दी की निंदा करते हुए स्वतंत्रता सैनानियों की पार्टी मजलिस अहरार इस्लाम के प्रधान व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर भी खामोश तमाशाई बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का साम्प्रदायिक चेहरा रात एक बार फिर से बेनकाब हो गया है। यह  वक़्त रहेगा जब पुलिस ने जे.एन.यू. में बदमाशों को खुली छूट दे दी और मीडिया को अंदर नहीं जाने दिया गया। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा के राज में पुलिस बल का जमकर दुरुपयोग हो रहा है जो कि निंदनीय है, आए दिन जबर-ज़्यादतियां बढ़ रही हैं जो कि लोकतंत्र के लिए चिंता की बात बनी हुई है। 
शाही इमाम ने कहा कि केंद्र सरकार खामोश तमाशाई बनी हुई है प्रदर्शनकरियों से सरकार बात करने की बजाए गलत ढंग से सच्चाई कि आवाज को कुचलना चाहती है जो कि संभव नहीं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र कि रक्षा के लिए हर एक भारतीय को संघर्ष करना होगा, यह देश सभी का है, यहां अनेकता में एकता का जो इतिहास रहा है उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि को लोग धर्म के नाम पर कानून बना रहे है दरसअल वह सत्ता के लालची है वह अपने स्वार्थ के लिए समाज को बांटना चाहते हैं, इतिहास गवाह है कि भारत में नफरत कि राजनीति कभी कामयाब नही हुई और ना ही अब होगी।
  वर्णनयोग है कि पंजाब भर में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान की अगुवाई में लगातार मुसलमान सी.ए.ए. और एन.आर.सी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 जनवरी को राज्य भर में काला दिवस मनाने के बाद अब अगली रणनीति के लिए 7 जनवरी को दोपहर 1 बजे जामा मस्जिद में मीटिंग बुलाई गई है।


Monday, December 30, 2019

पंजाब में CAA और NRC लागू न करने के एलान का स्वागत

Monday: 30th December 2019 at 4:51 PM
नायब शाही इमाम ने यूपी सरकार के खिलाफ कैप्टन को सौंपा ज्ञापन
महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब को ज्ञापन देते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी व अन्य
लुधियाना: 30 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब का मुस्लिम समाज सिटिज़न एमेंडमेंट एक्ट (CAA) और नैशनल रजिस्टर आफ सिटिज़न्ज़ (NRC) खिलाफ सरगर्मियां दिखा रहा है। शहर में CAA और NRC के खिलाफ रेकार्ड तोड़ प्रदर्शन, मार्च और बैठकों के बाद अब 3 जनवरी को पंजाब बंद का एलान  अब केंद्र सरकार के इस कानून  खिलाफ विरोध का बहुत बड़ा रूप  बन कर उभरने वाला है। इस बंद के लिए सियासी दलों और गैरमुस्लिम संगठनों सहयोग लेने के प्रयास ज़ोरों हैं। उम्मीद है CAA और NRC के सभी विरोधी इस बंद में शामल होंगें।  
आज यहां लुधियाना में मुख्यमंत्री पंजाब के आने पर मुसलमानों ने पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की तरफ से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मुख्यमंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज्ञापन सौंपा। नायब शाही इमाम ने बताया कि प्रदेश के सभी अल्पसंख्यकों की ओर से महाराजा साहिब का सी.ए.ए और एन.आर.सी. पंजाब में लागू ना करने के ऐलान पर आभार जताया और भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि पंजाब के अल्पसंक्यकों की इन बातों को राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी को अवगत करवाया जाए। नायब शाही इमाम  मौलाना उस्मान लुधियानवी ने महाराजा अमरिंदर सिंह को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों को बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा की जा रही लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आवाज उठाई जाए। मौलाना उस्मान ने कहा कि पंजाब से इस काले कानून के खिलाफ मुख्यमंत्री साहिब और सभी लोगों ने जो सच्चाई की आवाज उठाई है उसे सारे देश को लगाना होगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिक हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जाग चुके हैं क्योंकि यह बात सब को समझ आ गई है कि केंद्र सरकार एन.आर. सी. के नाम पर हर एक भारत के नागरिक को लाईन में लगाना चाहती है। एक सवाल का उत्तर देते हुए नायब शाही इमाम ने बताया कि मुख्मंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि पंजाब सहित देश भर में ना सिर्फ अल्पसंख्यकों बल्कि हर एक भारतीय के आत्म सम्मान की रक्षा की जाएगी। 

Sunday, December 29, 2019

पंजाब भर में 3 जनवरी को होगा काला दिवस:शाही इमाम

Dec 29, 2019, 5:19 PM  
CAA और U.P. पुलिस की गुंडागर्डी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी
पंजाब भर से आए मुस्लिम प्रतिनिधियों के साथ प्रैस वार्ता करते शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
लुधियाना: 29 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में राज्य के सभी शहरों की मस्जिदों के इमाम साहिबान, मुफ्ती साहिबान ,मुस्लिम संस्थाओं के सदस्यों, मुस्लिम बुद्धिजीवी , मुस्लिम सामाजिक व सियासी नेताओं की महत्वपूर्ण मीटिंग हुई। इस अवसर पर केंद्र सरकार की तरफ से नागरिकता कानून में किए गए संशोधन की निंदा करते हुए जहां इस काले कानून को रद्द करने कि मांग की गई, वहीं उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक पुलिस की तरफ से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर किए गए अत्याचार की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक में सर्वसहमती से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि केंद्र की भाजपा सरकार की धर्म के आधार पर बांटने कि नीति और उत्तर प्रदेश पुलिस की बर्बरता के खिलाफ 3 जनवरी को पंजाब भर में काला दिवस मनाया जाएगा। इस दिन सभी लोग कली पट्टी बांध कर जुम्मा की नमाज अदा करेंगे और फिर रोष प्रदर्शन में काले झंडे लिए अपने अपने जिला अधिकारी को माननीय भारत के राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन देंगे। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि काले कानून का देशव्यापी विरोध जारी रहेगा, क्योंकि भारत का संविधान धर्म निरपेक्ष है और हम किसी कीमत पर अपने देश के दस्तूर को बदलने नहीं देंगे। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों और खास कर उत्तर प्रदेश में राज्य पुलिस ने जो गुंडागर्दी का नंगा नाच किया है उस से इंसानियत का सिर शर्म से झुक गया है व जनरल डायर जैसे ज़ालिम की रूह भी शर्मा गई होगी। योगी की पुलिस ने ना सिर्फ शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया बल्कि अंधा धुंध गोलियां चलाईं और मुसलमानों को पाकिस्तान जाने की खुले आम धमकियां भी दी। शाही इमाम ने कहा कि हैरत कि बात है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी को पुलिस का अत्याचार नजर नहीं आया उल्टा राजनेता प्रदर्शनकारियों को उपद्रवी बता कर जुल्म करने वालों को हरी झंडी दे रहे हैं। शाही इमाम ने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जमीनी हकीकत नहीं दिखा पा रहा है सरकार बार-बार प्रेस को दिशानिर्देश देकर प्रेस की आजादी पर पहरा बिठा रही है जो कि निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कितनी शर्म की बात है कि सत्ता में बैठे लोगों को अपना बनाया गलत कानून सही सिद्ध करने के लिए रैलियां करनी पड़ती है। शाही इमाम ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं की उत्तर प्रदेश समेत उन सभी राज्य के पुलिस अफसरान के खिलाफ कानून तोडऩे और हत्या करने का मुकद्दमा दर्ज होगा, जिन्होंने बेकसूर लोगों को मारा है। वर्णयोग है कि आज जामा मस्जिद लुधियाना में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पंजाब भर से सैंकड़ो इमाम साहिबान के साथ-साथ पंजाब के सभी धार्मिक व सियासी संस्थाओं के नेता विशेष रूप से उपस्थित हुए।

Monday, December 16, 2019

निर्दोष छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस का अत्याचार लोकतंत्र की हत्या

Monday: Dec 16, 2019, 3:31 PM
पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ:शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
 देश में हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है
 छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई अमानवीय कारवाई का विरोध करते हुए लुधियाना में अहरार कार्यकर्ता
लुधियाना:16 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नागरिकता कानून में किए गए संशोधन के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की तरफ से जे.एम.यू और ऐ.एम.यू के विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज से देश के लोकतंत्र हक को दबाने की कोशिश की जा रही है , यह बात आज यहां फील्डगंज चौक में 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस बर्बरता से बच्चों को पीट-पीट कर घायल किया है उससे इंसानियत शर्मिंदा हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वही दिल्ली पुलिस है जो अभी कुछ दिन पहले वकीलों के साथ हुए झगड़े के बाद रो-रो कर अपना दुखड़ा सुना रही थी। शाही इमाम ने कहा कि पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ है यह किसी एक धर्म के विद्यार्थी नहीं, देश के बच्चे है जो लोग नागरिकता बिल के विरोध को धार्मिक रंग देकर बदनाम करना चाहते हैं वह यह बात समझ लें कि भारत में जीत लोकतंत्र की होगी। शाही इमाम ने भारत के राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद साहिब से अपील की है कि दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को जान बूझ कर हिंसक बना कर अत्याचार किया है। शाही इमाम ने कहा कि आज़ाद भारत में हर इंसान को हक है कि वह चुनी हुई सरकार की नीतियों की विरोधता कर सकता है, इसलिए ही भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है । इस अवसर पर फील्ड गंज चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया गया। 
फोटो कैप्शन:

Saturday, December 14, 2019

नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ रोष की लहर और तेज़

Saturday:Dec 14, 2019, 2:17 PM
लुधियाना में लाखों मुसलमानों ने निकाला रोष मार्च
अपने वतन में किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे:शाही इमाम पंजाब
लुधियाना: 14 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
केंद्र सरकार द्वारा नागरिकता कानून में किए गए बदलाव के बाद देश भर के अल्पसंख्यकों की तरफ से विरोध प्रदर्शन जारी है, आज यहां लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक शहर की सभी मस्जिदों के सदस्यों ने शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अगुवाई में जोरदार रोष प्रदर्शन किया।
आज सुबह से शहर की विभिन्न मस्जिदों से बड़ी संख्या में मुसलमान फील्ड गंज जामा मस्जिद पहुंचना शुरू हो गए, प्रदर्शनकारियों ने हाथों में कैब नामंजूर है, कौमी ऐकता जिंदाबाद, एनआरसी मुर्दाबाद, हिन्दू-मुस्लिम -सिख-ईसाई आपस में हैं भाई-भाई, काला कानून वापिस लो, लिखी तख्तियां उठाई हुई थी। 
इस मौके पर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि धर्म के नाम पर बनाया गया नागरिकता संशोधन बिल देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा है इससे भारत के धर्म निरपेक्ष ढांचे को नुकसान होगा। यह बिल देश के संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि इतिहास गवाह है कि भारत में कभी भी नफरत की राजनीति कामयाब नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमें इस बात पर कोई ऐतराज़ नहीं है कि विभिन्न धर्मों को मानने वालों को नागरिकता संशोधन बिल में राहत दी गई है बल्कि ऐतराज़ यह है कि मुसलमानों को ही क्यों निशाना बना के बाहर रखा गया है। शाही इमाम ने कहा कि हमने अपने वतन भारत की आज़ादी, एकता और अखंडता के लिए बेमिसाल कुर्बानियां दी हैं, हम अपने ही वतन में अपने ऊपर किसी काले कानून को थोपने नहीं देंगे। शाही इमाम ने कहा कि यह देश सब का बराबर है और कोई भी ताकत मुसलमानों को दूसरे दर्जे का शहरी नहीं बना सकती। उन्होंने कहा कि भारत देश धर्म निर्पेक्षता का रखवाला है। इस देश में किसी की मनमर्जी नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सम्प्रदायिक ताकते देश में हिन्दू-मुस्लिम-सिख-ईसाई और दलित भाईचारे को तोडऩा चाहती हैं। शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन करने वाली सरकार क्या आने वाले समय में मुसलमानों के बाद ऐसा ही संशोधन किसी और धर्म के लिए नहीं करेगी? नागरिकता संशोधन बिल में आने वाले लोगों को भी ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं आजकल राजनीति में कोई धर्म नहीं रहा सिर्फ सत्ता का लालच है तभी तो आए दिन देश में गठजोड़ की सरकारें बन रही हैं और यह सरकारे क्या पता कब क्या संशोधन कर कब किस कौम को बाहर निकाल दें? शाही इमाम ने कहा कि नागरिकता बिल में संशोधन संवेदनशील मामला है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इस मामले को लेकर जल्दी ही पंजाब भर की मस्जिदों के इमामों और प्रबंधकों की लुधियाना में मीटिंग बुलाई जाएगी, जिसमें राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन की रणनीति तय की जाएगी। वर्णनयोग है कि आज प्रदर्शन के बाद डी सी लुधियाना को भारत के राष्ट्रपति महामहिम श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम ज्ञापन दिया गया। इस रोष मार्च में हिन्दू- सिख और दलित भाइयों ने भी हिस्सा लेकर देश की धर्मनिरपेक्षता को बरकरार रखने की अपील की है।
फोटो में लुधियाना के लाखों मुसलमान शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी की अगुवाई में नागरिकता बिल में संशोधन के खिलाफ मार्च करते हुए। 

Tuesday, October 02, 2018

शाही इमाम के सचिव से लूटपाट करने वाले लुटेरे गिरफ्तार

Oct 2, 2018, 5:42 PM
लुधियाना पुलिस की सतर्कता काम आई: मुस्तकीम अहरारी
एडीसीपी-1 गुरप्रीत सिंह सिकंद, एडीसीपी सैंट्रल बरियाम सिंह का धन्यावाद करते नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान व मुस्तकीम अहरारी
लुधियाना: 2 अक्तूबर 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
18 मार्च की रात को मन्ना सिंह कोठी के सामने जीटी रोड बूढ़ा नाला के पास शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम के साथ लूटपाट करने वाले लुटेरे आखिर लुधियाना पुलिस की मुस्तैदी से गिरफ्तार कर लिए गए। यह जानकारी आज यहां पुलिस कमिश्नर कार्यालय में बुलाई गई एडीसीपी-1 श्री गुरप्रीत सिंह सिकंद ने दी। इस अवसर पर एसीपी सैंट्रल बरियाम सिंह, नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी, मुहम्मद मुस्तकीम भी उपस्थित थे। इस मौके पर मुस्तकीम ने बताया कि 18 मार्च 2018 रात्रि को जब वह जामा मस्जिद से अपने निवास शिवपुरी जा रहे थे तो बूढ़ा नाला के पास दो लुटेरों ने रोक कर गर्दन पर दात रख कर 2 मोबाइल और 10 हजार के करीब नकदी लूट ली और इसी बीच जब एक कार आती नजऱ आई तो लुटेरे मुझे छोड़ भाग गए लेकिन जैसे ही सडक़ सुनसान हुई तो लुटेरे मेरी तरफ वापिस आने लगे तो मैंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से हवाई फायर किया, जिसके बाद लुटेरे वहां से भाग निकले।  मुस्तकीम ने बताया कि पुलिस लगातार लुटेरों को ढूंढने मेें लगी हुई थी, लुधियाना पुलिस की तरफ से इस केस को हल करने के लिए आज जामा मस्जिद की तरफ से पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल व उनकी पूरी टीम का धन्यावाद भी किया। मुहम्मद मुस्तकीम ने पुलिस के आला अधिकारियों से मांग की है कि उनके साथ लूटपाट करने वाले तथा जानलेवा हमला करने वाले संबधित लुटेरों पर चोरी के साथ-साथ जानलेवा हमला करने की धारा 307 भी लगाई जाए।

Saturday, September 29, 2018

अवैध संबंधों की इजाजत देना खतरनाक: शाही इमाम पंजाब

Sep 29, 2018, 12:43 PM
भारतीय संस्कृति और धर्म हरगिज़ इसकी इजाज़त नहीं देते
जामा मस्जिद ने खुल कर कहा:पति-पत्नी एक दूसरे के सार्थी 
लुधियाना: 29 सितंबर 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पति-पत्नी के संबंधों और उनकी पवित्रता की बचने के लिए जामा मस्जिद ने खुल कर स्टैंड ले लिए है। हाल ही में आये फैसले को आड़े हाथों लेते हए शाही इमाम ने भारतीय संस्कृति की याद भी दिलाई है। यहां एक विशेष मीडिया मीट में पत्रकारों से उन्होंने इस संबंध में विस्तार से चर्चा की। 
सुप्रीम कोर्ट ने धारा 497 को असंवैधानिक बताते हुए पति पत्नी के रिश्ते की व्याख्या करते हुए जो कहा है कि महिला पति की सम्पत्ति नहीं, यह व्याख्या भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाती, यह बात आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा की पति पत्नी एक दूसरे के सार्थी हैं दोनों का एक दूसरे पर विश्वास ही घर की शांति और पूंजी है जिससे यह दोनों हर मुश्किल का मुकाबला दृढ़ता से करते हैं। उन्होने कहा कि  भारतीय संस्कृति और धर्म हरगिज़ इसकी इजाज़त नहीं देते, इसलिए सर्वोच्य न्यालय को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि इस फैसले से देश में महिलाओं की पीड़ा और बढऩे वाली है, शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि अंग्रेजी सम्राजी सरकार की गुलामी से देश को स्वतंत्र कराने के लिए कुर्बानी इसलिए नहीं दी थी कि पश्चिम की सभ्यता को आदेश के जरिए थोपने की कोशिश की जाए। शाही इमाम ने सभी धर्मो के उच्च गुरुओं से भी अपील की है कि इस फैसले को बदलने के लिए सरकार को कहें। शाही इमाम ने कहा की देश में कानून बनाना संसद का काम है सर्वोच्य न्यालय को तीन तलाक के कानून की तरह इसको भी संसद में विचार के बाद कानून बनाने के लिए कहना चाहिए था, उन्होंने कहा कि ऐसी सभी धाराओं को बदलने से पहले राष्ट्रीय स्तर पर जनता की भी राय लेनी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि हैरत है कि एक तरफ यह कहा जाता है कि तीन तलाक नहीं दी जा सकती और दूसरी ओर शादी शुदा जोड़ों को अवैध संबंध बनाने की इजाजत दी जा रही है। एक सवाल का जवाब देते हुए शाही इमाम ने कहा कि मस्जिद और नमाजियों का रिश्ता अटूट है इस पर बहस की कोई जरुरत नहीं। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, मुफ्ती जमालुदीन, कारी इब्राहिम, मौलाना महबूब आलम, शाह नवाज अहमद और शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम आदि मौजूद थे।

Thursday, June 14, 2018

ईद-उल - फितर का चांद नजर नहीं आया: शाही इमाम पंजाब

Jun 14, 2018, 8:52 PM
अब 16 जून को मनाया जायेगा ईद-उल-फितर का त्यौहार
लुधियाना: 14 जून 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां पंजाब के मुसलमानों के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना से पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब (चांद देखने वाली कमेटी) के अध्यक्ष मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने पूरे पंजाब भर से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार यह ऐलान किया कि आज ईद-उल-फितर का चांद नजर नहीं आया। इसलिए अब 16 जून को ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जायेगा। इस पवित्र त्यौहार की शाही इमाम ने समूह पंजाब वासियों को हार्दिक मुबारकबाद दी।
दिल्ली रूयते हिलाल कमेटी का एलान भी आ गया है। इस ब्यान में भी कहा गया है कि आज कही चांद नही दिखा। इस तरह स्पष्ट है की अब भारत मे शनिवार को ईद होगी। यह ऐलान दिल्ली में शाही इमाम मौलाना सय्यद अहमद बुखारी ने किया। 

Monday, October 09, 2017

मस्जिद वलीपुर में धार्मिक आयोजन संपन्न

Mon, Oct 9, 2017 at 5:20 PM
समाज में प्रत्येक जीव का सम्मान करें:नायब शाही इमाम
वलीपुर में नायब शाही इमाम मौलाना उसमान लुधियानवीं का सम्मान करते हुए मुहम्मद नबी जान व अन्य
लुधियाना: 9 अक्तूबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां वलीपुर में स्थित मस्जिद मदरसा महमूदिया में हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहीवसल्लम की जीवनी पर एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य रूप से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी शामिल हुए। नायब शाही इमाम ने संबोधित करते हुए कहा कि अल्लाह ताआला के प्यारे नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहीवसल्लम का फरमान है कि समाज में सभी व्यक्तियों को बराबर सम्मान देना चाहिए, किसी के साथ भी उसकी जाति व धर्म को लेकर भेदभाव नहीं किया जा सकता। मौलाना उसमान लुधियानवी ने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि नफरतें खत्म करके मोहब्बतें बांटी जाएं। उन्होनें कहा कि हकीकत में धार्मिक इंसान वही है जो कि अपने दिल में किसी के लिए बुराई नहीं रखता। इस अवसर पर मदरसे के प्रमुख मौलाना नबीजान, मुहम्मद सिराज खान, डा. हारुन बाली की ओर से नायब शाही इमाम मौलाना उसमान लुधियानवीं, सरपंच गुरमीत सिंह, हरमोहन सिंह, नंबरदार जगरूप सिंह, पटवारी जगीर सिंह, डा. अब्दुल रहमान, मौलाना सलीम कासमी, मौलान सऊद आलम, मौलाना फैजान, मास्टर महफूज व मुहम्मद हाबिल का सम्मान किया गया। वर्णनयोग है कि आज के इस समागम में पवित्र कुरआन शरीफ को याद करके हाफिज बनने वाले विद्यार्थी मुहम्मद चांद की दस्तारबंदी की गई। 

Monday, October 02, 2017

Ludhiana: जामा मस्जिद में खालसा ऐड के सदस्यों का सम्मान

लुधियाना के मुसलमानों ने दी 9 लाख से अधिक की सहायता

लुधियाना: 2 अक्तूबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के नेतृत्व में लुधियाना के मुसलमानों ने सिखों की प्रसिद्ध संस्था खालसा ऐड को रोहंगिया पीडि़तों के लिए बांगलादेश में लगाए गए लंगर के लिए 9 लाख 32 हजार 20 रूपये की सहायता राशि दान दी, जिसमें 1 लाख रूपये की नकद राशी गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह की तरफ से दी गई। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब द्वारा खालसा ऐड के सदस्यों का मानवता के लिए की जा रही कोशिशों को देखते हुए उनका सम्मान भी किया। इस अवसर पर शहर की विभिन्न मस्जिदों के सदस्य, इमाम व गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार सरदार प्रितपाल सिंह, खालसा ऐड के सदस्य परमपाल सिंह, दमन जीत सिंह,गुरसाहिब सिंह, जपनीत सिंह,,गगनदीप सिंह, कुंवर पुष्पिंदर सिंह, रमनदीप सिंह, हरसिमरन सिंह उपस्थित थे। इस अवसर पर संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि रोहंगिया मुसलमानों पर किया गया अत्याचार हकीकत में इंसानियत के खिलाफ एक नापाक कदम है, उन्होनें कहा कि इस्लाम धर्म ने मानवता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया है, संसार में जो भी लोग पीडि़तों की सहायता करते है मुसलमान उनका साथ देते आये है। उन्होंने कहा कि पीडि़तों को जाति और धर्म के आधार पर नही देखा जा सकता। अमरनाथ तीर्थ यात्रियों पर जब आंतकी हमला हुआ तो लुधियाना के मुसलमानों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया था और कारगिल की जंग के समय में भी प्रधानमंत्री राहत कोष में राशि देने वालों में मुसलमान शामिल रहे है। शाही इमाम ने कहा कि पीडि़तों के जख्म पर मरहम लगाना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। इस अवसर पर खालसा ऐड के टीम लीडर सरदार परमपाल सिंह ने कहा कि उनकी संस्था का उद्देश्य मानवता की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिबान ने हमे यह शिक्षा दी है कि पीडि़त व्यक्ति किसी भी धर्म या समुदाय का हो उसकी सहायता करना हमारा फर्ज है, परमपाल ने कहा कि देश में जो लोग धर्म के नाम पर नफरत फैलाने चाहते है वह समझ ले कि धर्मी वही है जो सभी इंसानो से प्यार करता हो। उन्होंने कहा कि आज यहां लुधियाना के मुसलमानों ने खालसा ऐड के मानवता कार्यो को देखते हुए जो राशि हमें दी है वह भी इस बात का संकेत है कि हमारे मुस्लिम भाई मानवता कार्यो में धर्म को आधार बना कर नही देखते बल्कि इंसानियत के लिए काम करने वालो का हौंसला बढ़ा रहे है। इस अवसर पर खालसा ऐड के सभी सदस्यों को शाही इमाम पंजाब द्वारा सम्मानित किया गया।

Sunday, October 01, 2017

यौमे आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला है

Sun, Oct 1, 2017 at 2:49 PM
10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आयेगी
लुधियाना: 1 अक्तूबर 2017:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां पंजाब की इतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में 10 मुर्हरम यौमे आशूरा के मौके पर एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने की। समारोह की शुरूआत करते हुए कारी मोहतरम साहिब ने पवित्र कुरान शरीफ की तिलावत की और गुलाम हसन कैसर, हसन नसीरावादी ने अपना नातिया कलाम पेश किया। 
इस मौके पर पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने मुसलमानों को संबेाधित करते हुए कहा कि करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन शहीद ने इंसानियत को जालिमों के खिलाफ हक की आवाज बुलंद करने का वो सबक दिया है जिसे रहती दुनिया तक याद किया जाता रहेगा। 
शाही इमाम ने कहा कि आज आशूरा का दिन बड़ी ही बरकतों और रहमतों वाला दिन है। उन्होंने कहा कि आज के दिन रोजा रखना अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद साहिब (स.) की सुन्नत है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हमें ज्यादा से ज्यादा इबादत में लगाना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि जो लोग यह समझते हैं कि सिर्फ दान देकर वह रब को राजी करना चाहते हैं तो वह गलत सोचते हैं। दान देने से पहले अपने कर्म अल्लाह के हुकम अनुसार करने होंगे। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि यौमे आशूरा के दिन ही अल्लाह पाक ने जमीन, आसमान, हवा, पानी, इंसान और हर चीज को बनाया और 10 मुहर्रम यौमे आशूरा के दिन ही कयामत आयेगी। शाही इमाम ने कहा कि आज के दिन हमें अपने घरवालों पर दिल खोलकर खर्च करना चाहिए और इस दिन गरीबों की मदद भी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भी मुसलमान किसी यतीम को अच्छा खाना खिलाता है, अच्छे कपड़े पहनाता है और बाद में उसी यतीम के सिर पर प्यार से हाथ फेरता है तो जितने भी बाल उस हाथ के नीचे से निकलेंगे अल्लाह पाक उसको हर बाल के बदले में नेकियां देते हैं। 
उन्होंने कहा कि करबला के मैदान में जो कुछ भी हुआ, उससे नौजवान नस्ल को सबक लेना चाहिए। शाही इमाम ने कहा कि हमारे बच्चों को यह जानकारी होनी चाहिए कि इस्लाम धर्म के लिए हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने कैसी-कैसी कुर्बानियां दी हैं। उन्होंने कहा कि जो कौमे अपने शहीदों को भूल जाया करती हैं, उनका बजूद खत्म हो जाया करता है। शाही इमाम ने कहा कि मुसलमान इस बात को अच्छी तरह समझ लें कि करबला के शहीदों की कुर्बानियों को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) का दर्जा बहुत बड़ा है इमाम हुसैन (रजि.) हजरत मुहम्मद साहिब (स.) के नवासे हैं और हजरत मुहम्मद साहिब (स.) को इनसे बहुत प्यार था। उन्होंने कहा कि शहीद सब के होते, वो कौम का सरमाया होते हैं, उन्हें बांटा नहीं जा सकता। शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन (रजि.) ने करबला के मैदान से जो शिक्षा हमें दी है, उस पर अमल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हक की आवाज बुलंद करने वाले, जालिमों के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही इमाम हुसैन (रजि.) के सच्चे आशिक हैं। 
शाही इमाम ने कहा कि आज यौमे आशूरा का दिन जहां हमें हजरत इमाम हुसैन (रजि.) की कर्बुानियों से सबक देता है, वहीं अपने देश के प्रति भी कुर्बानी देने की प्रेरणा देता है। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने देश में आपसी भाईचारे और अमन शांति के लिए दुआ भी करवाई।
इस मौके कारी अलताफ-उर-रहमान लुधियानवी, कारी मुहम्मद मौहतरम सहारनपुरी, मौलाना अतीक-उर-रहमान फैजाबादी, नायब शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी, मुफ्ती मुहम्मद जमालुद्दीन, मौलाना कारी मुहम्मद इब्राहिम, अंजुम असगर, तनवीर खान, शाकिर आलम, मुहम्मद खालिद, परवेज आलम व शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

Tuesday, September 12, 2017

रोहंगिया मुसलमानों का कत्लेआम सहन नहीं किया जाएगा:शाही इमाम

Tue, Sep 12, 2017 at 2:45 PM
लुधियाना में एक लाख से अधिक मुसलमानों का रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 12 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
बीते कई सप्ताह से म्यामार वर्मा में रोहंगिया मुसलमानों पर वहां की सरकार द्धारा किए जा रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ आज यहां पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के आहवान पर शहर के एक लाख से अधिक मुसलमानों ने फील्ड गंज चौक स्थित जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और भारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद के नाम डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन दिया। गौरतलब है कि आज सुबह से ही लुधियाना के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में मुसलमान जामा मस्जिद पहुंचना शुरु हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ में ज्यादातर अंग्रेजी भाषा में लिखे पोस्टर उठा रखे थे जिन पर रोहंगिया मुसलमानों के नरसंहार को रोकने के साथ-साथ म्यामार की स्टेट कौंसलर व नोबल पुरस्कार प्राप्त आंग सांग सू ची के विरुद्ध नारे लिखे हुए थे।  इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि विश्व के इतिहास में अब तक कोई ऐसा नरसंहार नहीं हुआ जैसा कि इन दिनों म्यामार की जालिम सरकार और वहां के दंगाई एक साथ मिलकर कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि हैरत की बात है कि विश्व समुदाय जो कि एक छोटी सी आतंकी घटना होने के बाद आसमान सिर पर उठा लेता है वह भी हजारों मुसलमानों के कत्लेआम पर खामोश है। उन्होनें कहा कि भारत सरकार ने हमेशा ही म्यामार को एक अच्छा देश बनाने के लिए पड़ोसी होने के नाते रंगून की मदद की है, को चाहिए कि इस नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाए। शाही इमाम ने कहा कि बर्मा में हो रहे नरसंहार के बीच केंद्र सरकार की ओर से देश मे रह रहे चालीस हजार रोहंगिया रिफ्यूजियों को वापिस भेजे जाने की खबर ने सिसक रहे रोहंगियों के जख्म पर नमक का काम किया है। शाही इमाम ने कहा कि भारत का संविधान ही नहीं बल्कि इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि हमनें हमेशा ही मुसीबत में शरण मांगने वालों को मना नहीं किया। शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि धर्म के नाम पर अन्याय और सियासत दोनों ही गलत है। उन्होनें कहा कि रोहंगियों का कत्लेआम हरगिज सहन नहीं किया जाएगा ये सिर्फ मुस्लिम समुदाय का नहीं बल्कि समूह इंसानियत को बचाने का विषय है। शाही इमाम ने कहा कि वहां जिस तरह बच्चों, औरतों और बूढ़ों का कत्ल किया जा रहा है वह सहन से बाहर है। वर्णनयोग है कि आज लुधियाना की जामा मस्जिद द्वारा एक फैक्स संदेश के जरिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एनटोनियो जूटै्रस, ओ.आई.सी (मुस्लिम देशों का समूह) के महासचिव डा. यूसुफ अल ओथम, मुस्लिम वल्र्ड लीग मक्का के महासचिव अबू अब्दुल्ला को भी ज्ञापन भेजा गया है। 

Sunday, September 03, 2017

ईद के मौके पर शाही इमाम पंजाब की सिंह गर्जना

धार्मिक आजादी पर प्रहार न करें भाजपा सरकारें
देश के लिए क़ुर्बानी दी है आत्म सम्मान के लिए भी देंगे
लुधियाना: 2 सितम्बर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
अच्छे दिनों के झांसों और जुमलेबाज़ी जैसे तजरुबों से आम जनता के सब्र को आज़मा रही सियासत के इस दौर में ईद का त्योहार एक संकल्प की तरह आया। शाही इमाम पंजाब ने इस स्थिति को समझते हुए सिंह गर्जना की कि हम इस सबसे निपटना भी जानते हैं।
आज यहां पंजाब की इतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में हजारों मुस्लमानों में पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की इमामत में ईद की नमाज अदा की। इस मौके पर जामा मस्जिद में ईद मिलन का राज्य स्तरीय समारोह भी आयोजित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि आज का दिन हमें अल्लाह तआला के नबी हजरत इब्राहिम की ओर से अपने रब का हुक्म मानते हुए दी गई कुर्बानी की याद दिलाता है। शाही इमाम ने कहा कि हम दुनिया को बताना चाहते है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के समय जालीम अंग्रेज सरकार के खिलाफ सारी कौमों के साथ-साथ मुस्लमानों की ओर से दी गई कुर्बानियां इसी जज्बे की प्रेरणा थी। उन्होंने कहा कि आज भी भारत का मुस्लमान देश की रक्षा के लिए कुर्बान होने को तैयार है। शाही इमाम ने कहा कि देश में धर्म के नाम पर राजनीति करने वाले लोग इस बात को समझने की उनकी फिरकापरस्ती कभी कामयाब नहीं हो सकती क्योंकि भारत हमेशा ही धर्म निरपेक्ष देष रहा है। उत्तर प्रदेश व अन्य भाजपा शासित राज्यों में मुस्लिम धार्मिक रीति-रिवाजों पर की जा रही टिप्पणियों की विरोधता करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि धार्मिक आजादी पर प्रहार न करे भाजपा सरकारें, मुसलमानो ने देश के लिए कुर्बानियां दी है और किसी भी कीमत पर आत्म सम्मान पर आंच नहीं आने देंगे।  इस मौके पर मुस्लिम भाईचारे को संबोधित करते हुए सांसद रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि इस देश में ईद उल जुहा का त्यौहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर मनाते है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस धरती पर आज लाखों मुस्लमान खुदा के आगे सजदा कर रहे हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है। 
समारोह को संबोधित करते हुए रवनीत बिट्टू ने कहा कि आज के दिन हमारे मुस्लमान भाई अल्लाह के नबी हजरत इब्राहिम की याद को ताजा करते हैं और अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी करते है। उन्होंने कहा कि लुधियाना शहर की जामा मस्जिद वह ऐतिहासिक जगह है, जहां से स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ फतवा जारी किया गया था। लोक इंसाफ पार्टी के विपन सूद काका ने कहा कि पंजाब की धरती पीरों और पैगम्बरों की धरती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते है और एक-दूसरे का त्यौहार आपसी भाईचारे के रूप में मनाते है। 
इस मौके पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बड़ी ही बरकतों वाला दिन है। आज के दिन मुस्लमान अपने खुदा को राजी करने के लिए अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी देते है। इस दौरान विधायक राकेश पांडे ने भी मुस्लिम भाईचारे को ईद की मुबारकवाद दी। इस मौके जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरप्रीत गोगी ने भी मुसलमानों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि ईद का पवित्र त्यौहार हम सब कों अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि मुस्लमान ईमान के जज्बे के साथ हर समय देश और कौम के लिए कुर्बानियां देते आ रहे हैं और यह सिलसिला चलता रहेगा। नायब शाही इमाम ने कहा कि मुस्लमान जिंदा कौम है और अपने वजूद से लेकर आज तक इस्लाम बढ़ता ही जा रहा है।
इस राज्य स्तरीय समारोह में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए विधायक भारत भूषण आशू, संजय तलवाड़, गुरूद्वारा दुख निवारण साहिब के मुख्य सेवादार प्रितपाल सिंह, पार्षद नरिन्द्र कुमार काला, अशोक पराशर पप्पी, पार्षद परमिंदर मेहता, पार्षद राकेश पराशर, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बनवारी लाल, यूथ कांग्रेस लुधियाना के अध्यक्ष राजीव राजा,  गुलाम हसन कैसर, बलजीत सिंह बिन्द्रा, अशोक गुप्ता, शरनजीत सिंह मिड्डा, कारी अलताफ उर रहमान व शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि ईद उल जुहा का त्यौहार हम सब को आपसी भाईचारे और अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। वर्णनयोग्य है कि आज ईद उल जुहा के अवसर पर लुधियाना शहर में तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर नमाज अदा की गई और भारी संख्या में लोगों ने कुर्बानियां कीं, बच्चों में ईद को लेकर बहुत जोश पाया जा रहा था।