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Monday, August 28, 2017

डेरा प्रबंधन ने क़ुरबानी दस्ता भी बनाया था

सुरक्षा बलों की सर्तकता से नाकाम बनाया गया खतरनाक प्लान 
चंडीगढ़//रोहतक: 28 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
अगर सुरक्षा बलों ने वक़्त पर स्थिति नहीं संभाली होती या फिर जाने अनजाने 25 अगस्त को दी गयी ढील दोहराई जाती बहुत बढ़े स्तर पर जानी नुक्सान हो सकता था। डेरा प्रबंधन ने इस मकसद के लिए बाकायदा क़ुरबानी दस्ते तैयार किये थे। इस क़ुरबानी दस्ते के लोग मरने मारने पर उतारू थे। इनको एक विशेष सुसाइड ड्रेस दी गयी थी। इसे पहनने के बाद पुलिस की लाठी का भी कोई असर नहीं होता क्यूंकि इसमें फोम लगी होती है। 
इस विशेष सुसाइड ड्रेस की लंबाई लगभग साढ़े पांच फीट है। यह एक बैग की तरह होती है। इस बैग के अंदर फोम लगी हुई है, जिसे पहनकर पुलिस की लाठी का भी असर नहीं होता है। देखने में यह रेनकोट लगता है। यदि इस प्लास्टिक बैग में पेट्रोल की दो बोतलें उड़ेल दी जाए तो फोम शरीर के चिपक जाती है। इसके बाद आग लगने पर केवल पांच मिनट में व्यक्ति की मौत हो सकती है।
क़ुरबानी दस्ता का विशेष निशाना रोहतक एरिया ही था। मीडिया सूत्रों के अनुसार इन बैग को पहनकर कुर्बानी दस्ते के सदस्यों को शहर में निकलना था। अगर जरूरत पड़ती तो सुसाइड जैसा कदम भी उठा सकते हैं। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। रोहतक में डेरा समर्थकों ने कुर्बानी दस्ता तैयार किया है, जिसके सदस्य मारने-मरने में भी पीछे नहीं हटेंगे। कुर्बानी दस्ते में शामिल सदस्यों के सुसाइड बैग तैयार किए जाने की भी सूचना है। ऐसे ही 60-70 प्लास्टिक बैग खुफिया विभाग ने रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे पर बोहर फ्लाईओवर के पास डेरे के नामचर्चा घर से कुछ दूरी पर सड़क किनारे से बरामद किए हैं।
इन सूत्रों के अनुसार रोहतक में एक स्थान पर हुई डेरा समर्थकों की मीटिंग में यह जत्था भी शामिल हुआ था। यहां पर फैसला लिया गया कि जिस समय गुरमीत राम रहीम को लेकर सीबीआइ अदालत द्वारा सजा पर फैसला सुनाया जाएगा तो उसी समय दर्जनों लोग सुसाइड करेंगे। मीटिंग में यह भी तय हुआ कि यदि आत्महत्याएं जेल के गेट पर या फिर जेल के नजदीक हो तो बेहतर होगा। इसकी सूचना मिलते ही विभाग ने छापेमारी कर उक्त बैग बरामद कर लिए। इस तरह इस कोशिश को नाकाम बना दिया गया। यदि यह जत्था अपने इस नापाक काम में सफल हो जाता तो मानवीय संवेदना को कितनी ठेस पहुंचती इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं होना चाहिए। 
इस संबंध में रोहतक स्थित थाना अर्बन इस्टेट के थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह का कहना है कि रोहतक -पानीपत हाईवे पर बोहर गांव के समीप फ्लाइओवर के समीप प्लास्टिक बैग बरामद किए गए हैं। इन बैग को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की जा रही है। जहां बैग बरामद किए गए हैं, उसके समीप ही डेरा सच्चा सौदा का नाम चर्चा घर भी है। अंदाज़ा लगाइये कहाँ तक सोच रखा था डेरा प्रबंधकों ने। 

यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख राम रहीम को 10 साल की जेल

हिंसा की खबरों के बीच CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

चंडीगढ़//रोहतक//सिरसा: 28 अगस्त 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

न कोई चमत्कार हुआ और न ही हिंसा के दबाव ने काम किया। सज़ा का एलान होने से पहले ही सिरसा में दो गाड़ियों को आग लगा दी गयी लेकिन इस सब के बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत के जज जगदीप सिंह ने मेसेंजर आफ गॉड गुरमीत राम रहीम को रोहतक में ही दस वर्ष कैद की सज़ा सुना दी। गौरतलब है की यह केवल ेल मामले की सजा है। अगर दुसरे में भी यही फैसला आया तो सजा दुगनी अर्थात 20 साल हो सकती है। इस सजा को डेरे ने हाई कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। इसी बीच मुख्य मंत्री मनोहर लाल खटटर ने सारे घटनाक्रम पर विचार करने के लिए एक विशेष आपात बैठक बुलाई है। सिरसा में फ्लैग मार्च शुरू कर दिया गया है। अब कई और लोगों के भी डेरा प्रमुख के सामने आने की संभावना है। इसी बीच बाबा को ब्लड प्रेशर होने की खबर गलत बताई जा रही है और पीठ दर्दकी पड़ताल का परिणाम अभी आना है। इस सज़ा के दौरान बाबा को जेल नियमों के मुताबिक बाकायदा काम करना होगा। 
गौरतलब है कि यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जो 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई गई है उससे डेरा के पैरोकार गुस्से में हैं।  सिरसा में दो गाड़ियों का जलाया जाना साबित करता है कि अभी भी डेरा के हथियारबंद स्कुएड के लोग कहीं न कहीं छुपे होने और हमले की ताक में हो सकते हैं। 

उल्लेखनीय है कि सोमवार को सजा पर सुनवाई के दौरान सुनवाई के दौरान राम रहीम ने हाथ जोड़े और माफ़ी की मांग भी की।  

उनके वकीलों ने भी सीबीआई की विशेष अदालत से सजा में नरमी की मांग की थी पर सज़ा हो कर ही रही।  
इस बार वक़्त रहते किये गए सुरक्षा प्रबंधों के चलते उस तरह की हिंसा नहीं हो सकी जिस तरह 28 अगस्त के बाद पंचकूला और कुछ अन्य स्थानों पर हुई थी। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में भी व्यापक हिंसा हुई थी। इन सभी स्थानों पर एक आतंक सा छाया रहा। जन जीवन ठप्प रहा। डेरा समर्थकों ने कई शहरों में उपद्रव और आगजनी शुरू कर दी। इस क्रम में 38 लोगों की मौत हो गई और 250 लोग घायल हो गए थे। इससे जो वित्तीय नुकसान हुआ वो अलग।   
दूसरों के परिवारों को ज़िंदा दफना देने की धमकियां देने वाले इस बाबा को जब खुद मुसीबत का अहसास हुआ तो सजा सुनाए जाने से पहले गुरमीत राम रहीम ने जज के आगे हाथ जोड़े और माफी की मांग की। हिंसा की आशंका के चलते आज प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। जेल के आसपास के इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। अर्ध सैनिक बलों की कंपनियां भी तैनात हैं रहीं। रोहतक आने वाली सभी गाड़ियों की सघन तलाशी भी ली गयी। हर आने-जाने वाले से उसकी पहचान पूछी गयी। शहर के अदंर और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। यहां रोहतक और सिरसा में भी धारा 144 लगी हुई है।