Friday, September 23, 2022

बिल्डरों के खिलाफ मोहाली में अब फिर नया मामला

23rd September 2022 at 3:45 PM

बिल्डरों के खिलाफ मोहाली में अब फिर नया मामला

 प्रीत सिटी हाउसिंग के वासियों ने दी बड़े एक्शन की चेतावनी  

मीडिया के समक्ष स्थानीय विधायक के घरों को घेरने की चेतावनी 

बिल्डर पर बुनियादी सुविधाएं ना देने का लगाया आरोप

अगर सत्ता की राजधानी के निकट है यह हाल तो क्या होगा बाकी पंजाब का हाल 

प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रीत सिटी हाउसिंग सोसायटी के पदाधिकारी

मोहाली23 सितंबर 2022: (गुरजीत बिल्ला//कार्तिका सिंह//इनपुट-पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

जब एक तरफ देश में बड़े बड़े राजनेता और अमीर लोग कई कई एकड़ के फ़ार्म हाऊस वो भी कई कई स्थानों पर बनाने में लगे थे तो उस समय ही यह खतरा नज़र आने लगा था कि आम जनता के लिए शायद रहने की ज़मीन का गंभीर संकट पैदा हो जाए। आखिर यह संकट जब गंभीर रूप में सामने आने लगा तो फरिश्तों की तरह सामने आए बिल्डर लोग। 

टीवी सीरियलों और फिल्मों में जो बड़े बड़े कई कई मंज़िलों के फ़्लैट दिखा करते थे उनकी मौजूदगी पंजाब में भी नज़र आने लगी। बड़ी बड़ी सी सोसायटी जैसी कॉलोनीयां, गेट पर हाई फाई सुरक्षा तंत्र, जगमगाती रौशनियां, सोसायटी के अंदर ही स्वीमिंग पूल, क्लब, कम्युनिटी हाल और बहुत कुछ आउटर सुविधाएं भी। पूरी तरह चकाचौंध ही चकाचौंध। 

जो लोग आतंकवाद के दौर में गली मोहल्लों में चलती रही गोलियों में चैन की नींद सोना ही भूल गए थे उनके लिए यह सब किसी अलौकिक माहौल से कम नहीं था। यहीं से शुरू हुआ इस कारोबार में तेज़ी का दौर। बड़े बड़े लोग और बड़े बड़े अफसर इसमें आ दाखिल हुए। अख़बारों में बड़े बड़े विज्ञापन और विज्ञापनों में बड़े बड़े दावे। इन विज्ञापनों और दावों ने लोगों को तेज़ी से आकर्षित किया। लोगों ने अपनी जमापूंजी इस सपने को साकार करने में डाल दिया। मेहनत की कमाई से जोड़ा एक एक रूपयिसमेँ लगा दिया। काम पड़ा तो गहने बेच कर इस रकम को पूरा कर दिया। फिर भी काम पड़े तो क़र्ज़ उठा लिए। 

ऐसा कर बैठना कोई अनहोनी भी नहीं थी वास्तव में हर व्यक्ति का सपना होता है कि वह अपनी मेहनत की कमाई का एक-एक रुपया जोड़कर घर बना ले। इसी तरह का एक मामला प्रीत सिटी हाउसिंग सोसाइटी सेक्टर 86, मोहाली के निवासियों ने इसी सोसायटी में एक फ्लैट खरीद कर पूरा किया था, सुविधा न होने के कारण उनके लिए यह फैसला उनके लिए सिरदर्द बन गया है। सभी राजनीतिक स्तर के अधिकारियों और राजनीतिक दलों के मंत्रियों से मिलने के बाद भी बिजली-पानी नहीं मिल रहा है।  ये विचार प्रीत सिटी हाउसिंग सोसाइटी, सेक्टर 86, मोहाली अध्यक्ष दलजीत सिंह और महासचिव संजय गुप्ता ने आज मोहाली प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान व्यक्त किए।

दलजीत सिंह ने कहा कि सरकार ने प्रीत सिटी हाउसिंग सोसाइटी, सेक्टर-86, एस.ए.एस.  नगर, मोहाली को वर्ष 2005 में मेगा परियोजना के लिए अनुमोदित किया गया था।  इस स्वीकृति के बाद ही लगभग सभी निवासियों ने आवासीय/वाणिज्यिक फ्लैटों का क्रय कर पंजीयन करा लिया है तथा डेवलपर की मांग के अनुसार देय भुगतान भी कर दिया गया है।  वर्ष 2012 में आवासीय फ्लैटों के लिए 3333 रुपये प्रति वर्ग गज और कमर्शियल प्लॉटों के लिए 7232 रुपये प्रति वर्ग गज की दर से प्लॉटों के मूल्य के अतिरिक्त डेवलपर की मांग पर करोड़ों रुपये की राशि जमा की गयी।  संजय गुप्ता ने बताया कि उन्होंने कमर्शियल प्लॉट के लिए प्रति गज 7200 सौ रुपये और रिहायशी प्लॉट के लिए 60-70 करोड़ रुपये ईडीसी शुल्क जमा किए हैं। सोसायटी में कुल 1200 प्लॉट बनाए गए हैं, जिनमें 250 से अधिक घरों को बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा रहा है।  इस स्तर पर मोमबत्तियों या जनरेटर के माध्यम से महंगी बिजली के साथ रोशनी होती है।  उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी और डिवेलपर आपस में मिल चुके हैं। डेवलपर ने बिजली कनेक्शन देने के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये की एनओसी देने की मांग की है। सोसायटी की सदस्य राजविंदर कौर ने भावनात्मक रूप से कहा कि वह पूरी तरह से अंधेरे में जी रही है और लाखों रुपये जमा करने के बाद भी नरक जैसा जीवन जीने को मजबूर है।  गामडा उसे प्लॉट खाली करने का नोटिस भेज रहा है। उपप्रधान सतनाम सिंह ने कहा कि हर व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई का एक-एक रुपया जोड़कर घर बनाने का सपना देखता है।  ऐसा ही एक मामला यहां के निवासियों ने इस सोसायटी में फ्लैट खरीदकर पूरा किया, लेकिन उनका यह फैसला उनके लिए सिरदर्द बन गया है।

सोसायटी के सभी निवासी निराशा की स्थिति में नर्क जैसा जीवन जीने को मजबूर हैं और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सोसायटी में उनका रहना मुश्किल हो गया है। उन्होंने घोषणा की कि वह अधिकारियों और मंत्रियों से तंग आ चुके हैं, अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्हें स्थानीय विधायकों के घरों को घेरने के लिए मजबूर किया जाएगा।  इस अवसर पर इंद्रपाल सिंह, मलकीत सिंह, लखविंदर सिंह, हरजीत सिंह और कंवर सिंह गिल मौजूद रहे। इस संबंध में संपर्क करने पर डिवेलपर चरण सिंह सैनी ने कहा कि 70 प्रतिशत प्लॉट मालिक डिफॉल्टर हैं और जब तक पूरा भुगतान नहीं हो जाता तब तक सभी सुविधाएं नहीं दी जा सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनमें से कई ने गामाडा से नक्शा पास कराए बिना ही घर बना लिए हैं, जिससे पानी और बिजली के कनेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। 

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Sunday, September 11, 2022

इण्डिया गेट की जगह पर अपना राष्ट्रिय स्मारक अब तक क्यों नहीं?

Saturday 10th September 2022 at 11:32 PM

नामधारियों ने किया प्रीति सिंह की अगवानी में ज़ोरदार रोष प्रदर्शन


नई दिल्ली
:10 सितंबर 2022: (साहिबा कौर//पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

दिल्ली का इंडिया गेट फिर विवादों में है। बहुत से लोगों का कहना है कि यह अंग्रेजों की ही निशानी है। उसी शासन सत्ता की याद दिलाता है। इस बार इसके खिलाफ आए हैं नामधारी समाज के लोग। इनका कहना है की हमारे अपने शहीदों का कोई स्मारक ही नहीं है। इसे देख कर ब्रिटिश सत्ता के शहीद याद आते हैं। 

गौरतलब है कि नई दिल्ली के केंद्र में 42 मीटर ऊंचा इंडिया गेट उन इमारतों में शामिल है जिन्हें दिल्ली जाने वाले लोग विशेष तौर पर देखना पसंद करते हैं। सुबह शाम इण्डिया गेट परिसर में भारी भीड़ रहती है जो यहां पिकनिक जैसा माहौल बना देती है। 

रोष प्रदर्शनों के लिए भी अक्सर इसका इस्तेमाल किजा जाता है। इस तरह यह दिल्ली का एक केन्द्रीय स्थल बना हुआ है। इसके अतीत में जाएं तो वास्तव में यह गेट ऐसा है जो एक चौराहे के बीच में आर्कवे की तरह “आर्क-डी-ट्रायम्फ” ही है। लगभग अपने फ्रांसीसी समकक्ष के समान, यह उन यह उन हज़ारों भारतीय सैनिकों को याद करता है, जिन्होंने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना के लिए लड़ते हुए अपनी जान गंवा दी थी। शहीद हुए सैनिकों की संख्स्माया को लेकर आंकड़े अलग अलग मिलते हैं। इस स्रमारक में 13,516 से अधिक ब्रिटिश और भारतीय सैनिकों के नाम भी उक्रे हुए  जो पश्चिमोत्तर सीमांत अफगान युद्ध 1919 में मारे गए थे। आखिर यहां 1947 के बाद शहीद हुए उन भारतियों का ज़िक्र क्यों नहीं जो भारत के लिए लड़ते शहीद हुए हों?  स्वतंत्र भारत में बेगाने शहीदों का स्मारक क्यूं?

यहां याद दिलाना उचित होगा कि इंडिया गेट की आधारशिला उनकी रॉयल हाइनेस, ड्यूक ऑफ कनॉट ने 1921 में रखी थी और इसे एडविन लुटियन ने डिजाइन किया था। स्मारक को 10 साल बाद तत्कालीन वायसराय लॉर्ड इरविन ने राष्ट्र को समर्पित किया था। भारत को आजादी मिलने के बाद एक और स्मारक, अमर जवान ज्योति बहुत बाद में जोड़ा गया था। दिसंबर 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों की देश को याद दिलाने के लिए मेहराब के नीचे अनन्त ज्योति दिन-रात जलती है। लेकिन सिर्फ अम्र जवान ज्योति क्यूं? पूरा स्वतंत्र स्मारक भारतीय शहीदों के लिए क्यूं नहीं। इस मकसद की मांग पहले भी बहुत बार उठी है लेकिन इस बार इसे लेकर सामने आए हैं नामधारी। वे नामधारी जो अपने गुरु ठाकुर दलीप सिंह जी के आदेशों को भगवान के वचनों की तरह मानते हैं। 

अब यह नामधारी दिल्ली के इंडिया गेट पर शहीद स्मारक बनाने की मांग को लेकर के नामधारी समाज के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर नामधारी समाज के लोगों की पुलिस के साथ तीखी बहस भी हुई। इस मौके पर  पहुंचे हुए प्रदर्शनकारियों की मुख्य संयोजक प्रीति सिंह ने कहा कि हम पिछले 7 सालों से सरकार से मांग कर रहे हैं हैं कि सरकार देश के उन स्वतंत्रता सेनानियों को उचित सम्मान देते हुए उनके लिए एक शहीद स्मारक बनाए। जिससे शहीदों को सही सम्मान मिल सके जिन्होंने देश को आजाद कराने में अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। ऐसे हज़ारों स्वतंत्रता सेनानी है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी लेकिन उन्हें अभी तक कोई नहीं जान पाया है। हम चाहते हैं कि सरकार उन सभी शहीदों के नाम का स्मारक बनाये। सरकार एक ऐसा भव्य स्वतंत्रता शहीद  स्मारक बनाये जिस पर उन सभी शहीदों के नाम अंकित हो जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राण अर्पित कर दिए।  एक ऐसा विशाल शहीद स्मारक बनाए जो एक मिसाल बन सके। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए लेकिन पुलिस ने बाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

इसी बीच कुछ लोग इस पर भी नाराज़ हैं कि महारानी एलिज़ाबेथ के निधन पर देश का राष्ट्रिय ध्वज आधा क्यूं झुकाया गया है?

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Sunday, August 28, 2022

मुख्यमंत्री भगवंत मान की नशों के विरुद्ध जंग में बड़ी सफलता

28th August 2022 at 7:37 PM  

गुजरात से पंजाब लाई जा रही  38  किलो हेरोइन बरामद

पंजाब पुलिस ने दो व्यक्ति गिरफ़्तार भी किए 

*ट्रक के टूल बॉक्स में छिपाकर रखे गए थे हेरोइन के पैकेट: डीजीपी पंजाब गौरव यादव

*डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब को नशा मुक्त और अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिबद्धता को दोहराया

*असामाजिक तत्व राज्य छोड़ दें या अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें, डीजीपी ने दी चेतावनी

*बाकी दो नशा तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी जारी: आईजीपी लुधियाना रेंज एसपीएस परमार


चंडीगढ़
//एसबीएस नगर, 28 अगस्त2022:: (पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

दशकों से नशा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बहुत सी कोशिशें हुईं, बहुत सी गिरफ्तारियां भी हुईं, बहुत से छापे भी पड़े, बहुत सी भिंड़ंतें भी हुईं लेकिन नशे के कारोबार ने रुकने का नाम नहीं लिया। नशे के कारोबारियों ने न केवल अपनी मौजूदगी का अहसास बढ़ाया बल्कि नशे के रूप रंग भी बदलते रहे। कभी केवल शराब हुआ करती थी, फिर अवैध शराब भी आ  गई, फिर काली अर्थात अफीम का प्रचलन बढ़ा, इसके साथ ही कार्ड वाला नशा अर्थात भुक्की पाउडर का चलन शिखरों पर रहा फिर चिट्टा और बहुत से दुसरे नशे मार्किट में आते गए। लोगों के एकलौते नौजवान बेटे डैम तोड़ते रहे। लड़कियां और महिलाएं भी इस कारोबार ने अपनी चपेट में ले लीं लेकिन नशे के सौदागरों को कभी तरस न आया। सरफ़रोश जैसी फिल्मने भी बनी। बहुत से बड़े चेहरों के नाम भी आए लेकिन नशे का कारोबार बढ़ता चला गया। बहुत से इलाकों की बहुत सी गलियों में इसकी बिक्री अपने गुप्त अंदाज़ में बढ़ती रही। अब पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बहुत बड़ी सफलता का दावा किया है। 

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के दिशा-निर्देशों पर नशों के विरुद्ध जारी जंग के दौरान पंजाब पुलिस को आज तब एक और बड़ी सफलता मिली जब एस.बी.एस. नगर पुलिस ने गुजरात से आ रहे एक ट्रक के टूल बॉक्स में छिपाकर रखी हुई  38  किलो हेरोइन बरामद की। यह जानकारी  डायरैकटर जनरल ऑफ पुलिस (डी.जी.पी.) पंजाब गौरव यादव ने दी।  

डीजीपी ने बताया कि पुलिस ने बलाचौर, एस.बी.एस. नगर के रहने वाले ट्रक चालक कुलविन्दर राम उर्फ किन्दा और उसके साथी बिट्टू को गिरफ़्तार किया है। इसके अलावा दो नशा तस्करों राजेश कुमार उर्फ सोनू खत्री निवासी राकरां ढाहाँ और सोम नाथ उर्फ बिक्को निवासी कारावर के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने रजिस्ट्रेशन नंबर पीबी04वी6366 वाले ट्रक को भी ज़ब्त कर लिया है।  

आई.जी.पी लुधियाना रेंज सुरिन्दर पाल सिंह परमार, जिनके साथ एस.बी.एस. नगर के एस.एस.पी. भागीरथ मीना भी मौजूद थे, ने एस.बी.एस. नगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि राजेश कुमार नाम का नशा तस्कर अपने साथियों सोम नाथ बिक्को, कुलविन्दर किन्दा और बिट्टू के साथ मिलकर ट्रक के द्वारा अन्य राज्यों से नशा मँगवाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में बड़ी मात्रा में हेरोइन सप्लाई करने के धंधे में शामिल है।  

इस सम्बन्धी सूचना मिलने पर पुलिस द्वारा तुरंत थाना सिटी नवांशहर में एन.डी.पी.एस. एक्ट की धाराएं  21/25/28-61-85 के तहत एफ.आई.आर. नं : 138  तारीख 27-08-2022 दर्ज करके एस.बी.एस. नगर में महालों बाईपास में श्री रणजीत सिंह पी.पी.एस और एस.आई सुरिन्दर सिंह की निगरानी अधीन विशेष नाकाबंदी की गई।  

नाकाबंदी के दौरान जब पुलिस पार्टी ने ट्रक को रुकने का इशारा किया तो ट्रक चालक कुलविन्दर किन्दा ने भागने की कोशिश की, परन्तु पुलिस पार्टी ने उसे और बिट्टू को काबू करके उनसे तरपाल में लपेटकर एक टूल बॉक्स में छिपाकर रखे हुए 38 किलो हेरोइन के पैकेट बरामद किए।  

एसएसपी भागीरथ मीना ने बताया कि प्राथमिक पूछताछ के दौरान मुलजिम ट्रक चालक कुलविन्दर किन्दा ने बताया कि उसे टैलिग्राम ऐप के द्वारा राजेश कुमार का फ़ोन आया था, जिसने उसे गुजरात के भुज में बतायी गई जगह से हेरोइन लेकर पंजाब लाने के लिए कहा था। दोषी ने आगे बताया कि जब वह उक्त स्थान  पर पहुँचा तो कोई अंजान व्यक्ति आया जो उसके ट्रक में नशीला पदार्थ रखकर चला गया।  

उन्होंने बताया कि कुलविन्दर किन्दा ने यह भी खुलासा किया कि पहले राजेश कुमार के कहने पर वह जनवरी महीने में श्रीनगर उडी से 10 किलो और फिर 20 किलो हेरोइन की दो खेपें और इस साल दिल्ली से 1 किलो हेरोइन लेकर आया था।  

एसएसपी ने बताया कि पुलिस टीमों द्वारा मुलजिम राजेश कुमार और सोम नाथ की गिरफ़्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उनको गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।  

डीजीपी गौरव यादव ने पंजाब को नशा मुक्त और अपराध मुक्त राज्य बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि पंजाब पुलिस ने नशों और अपराधों के विरुद्ध ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी असामाजिक गतिविधियों में शामिल पाया गया तो उसके साथ सख़्ती से निपटा जाएगा।  

बताने योग्य है कि मुलजिम राजेश कुमार उर्फ सोनू खत्री एक पेशेवर अपराधी है और कत्ल, चोट पहुँचाने, अवैध गतिविधियों, जालसाज़ी, एनडीपीएस एक्ट और आबकारी एक्ट समेत घृणित अपराधों के 19 से अधिक मामलों का सामना कर रहा है। जबकि कुलविन्दर किन्दा को 3.45 क्विंटल भुक्की की बरामदगी सम्बन्धी नूरमहल पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए एन.डी.पी.एस. केस में दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।  

Wednesday, August 24, 2022

डा. लोकेश ने बताए स्वस्थ जीवन के कुछ नए रहस्य

Tuesday 23rd August 2022 at 02:11 PM

गुरुद्वारा गुरदर्शन साहिब में आयुर्वेदा मेडिकल कैंप का आयोजन       


लुधियाना
: 23 अगस्त 2022: (पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

आधुनिक युग में तरक्की भी बहुत हुई है लेकिन तन और मन की बीमारियां भी बहुत बढ़ीं हैं। जो बीमारीयां पहले से मौजूद थीं वे भी विकृत हो कर सामने आ रही हैं। दाल रोटी से ज़्यादा ज़रूरी हो गयी हैं दवाइयां। सुबह उठते ही शुरू हो जाता है दवाओं का सिलसिला और रात को सोने तक जारी रहता है। दवाई के बिना नींद से उठ नहीं सकते -दवाई के बिना रात को सो नहीं सकते। खाना पीना सब दवाओं पर निर्भर हो गया है। डाक्टर लोकेश कहते हैं कि ऐसा चिंतनीय सिलसिला रुक सकता है। डाक्टर लोकेश के लाईफ स्टाईल को अपना कर बहुत कुछ बदला जा सकता है। हो सकता है शुरू शुरू में कुछ दावें भी कहानी पड़ें लेकिन धीरे धीरे ज़िंदगी की सुर प्राकृति की सुर से मिलने लगती है। प्रकृति की उस दिव्य सुर के साथ सुर मिलाते ही बीमारियां अतीत की बात होने लगती हैं और दिव्य आनंद तन और मन पर उतरने लगता है। पहली बार लगने लगता है जैसे किसी विराट शक्ति के साथ एकरूपता होती जा रही हो। डाक्टर लोकेश के विचारों को जन जन तक पहुँचाने के लिए धार्मिक संस्थान भी अब सक्रिय भूमिका अदा करने लगे हैं। 

दिलचस्प बात है कि आज के कमर्शियल युग में भी मुनाफे से बहुत दूर रहते हुए स्वस्थ जीवन के रहस्य दुसरे लोगों को भी समझाते हैं। इससे से लोग न केवल स्वयं स्वस्थ बनते हैं बल्कि  दूसरों को भी स्वस्थ बनाते हैं। इसके साथ ही इस तरह की ट्रेनिंग लेने वाले लोग अपने परिवारों के लिए भी सात्विक आमदनी अर्जित करने में सफल रहते हैं।  इस तरह तेज़ी से विकसित हो रहा है भारत के हर नागरिक को स्वस्थ बनाने का एक मूक अभियान जिसका कोई विज्ञापन नहीं होता। कोई चर्चा नहीं होती। बस पूरी तरह मौन साधना। 

गुरुद्वारा गुरदर्शन साहिब की ओर से फरीदकोट में एक आयुर्वेदा योगा नेचरोपैथी मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया।  इस कैंप में ईंचार्ज रहबर हॉस्पिटल एंड नेचुुरवेद के अचार्य डॉक्टर लोकेश ने जोड़ों का दर्द घुटने की रीढ़ की हड्डी के पेशीय रोगी, डायबिटीज लीवर किडनी न्यूरो हार्ट केयर ट्रेनिंग गंभीर ट्रांसप्लांट मरीजों को भी ट्रेनिंग दी गई। डॉ. शर्मा ने छात्रों और गृहिणियों और सेवानिवृत्त व्यक्तियों के लिए आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा रेकी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के बारे में भी बताया कि लोगों को कैसे ठीक किया जाए और प्रमाणित विशेषज्ञ कैसे बना जाये। इस मौके गुरुद्वारा साहब की ओर से आचार्य डॉक्टर लोकेश को सम्मानित भी किया गया। आप भी इस मौन अभियान से जुड़ सकते हैं। 

नीचे कुमेंट में अपना नाम, शिक्षा, स्टेशन और मोबाईल नंबर लिखिए डाक्टर साहिब की टीम आप से यथाशीघ्र सम्पर्क करेगी। 

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Saturday, August 13, 2022

मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर हमले की तीखी निंदा

तसलीमा नसरीन नि भी चिंता जताई-संदिग्ध हिरासत में

सोशल मीडिया: 13 अगस्त 2022: (पंजाब स्क्रीन डेस्क इंटरनेट)::

न्यूयॉर्क से चिंतनीय खबरें आई हैं। स्टेनिक वर्सिस नाम की विवाद पुस्तक लिखने वाले सलमान रश्दी पर न्यूयार्क में उस समय हमला किया गया जब एक स्टेज पर भाषण देने वाले थे। माईक से उनकी जान पहचान कराई जा रही थी। इतने में ही हमलावर अचानक स्टेज चढ़ा और सलमान रश्दी पर पर अपने चाकू से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। हमलावर ने दस पंद्रह वार किए। रुश्दी जब व्याख्यान देने वाले थे, तभी उन पर हमला किया गया। ॐ थानवी जैसे वरिष्ठ पत्रकारों ने इस हमले की सख्त निंदा की है। गौरतलब है कि रुश्दी भारतीय मूल के अंग्रेजी लेखक हैं। बरस 1980 के दशक में अपनी एक किताब सैटेनिक वर्सेस को लेकर विवादों में आ गए थे। उनके खिलाफ दिए गए फतवे के बाद से ही वह लगातार छुप कर रह रहे हैं। 

लेखक सलमान रुश्दी पर हमले से तस्लीमा नसरीन भी आहत है। उन्होंने भी इस हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। अन्य लेखकों और साहित्य संगठनों ने भी हमले को बहुत बुरा कहा है। यहाँ दोहरा दें कि अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अंग्रेजी भाषा के मशहूर लेखक सलमान रुश्दी पर हमला किया गया था। एक कार्यक्रम के दौरान उन पर चाकू से वार किया गया। इस दौरान रुश्दी की गर्दन से काफी खून निकला। रुश्दी पर उस समय हमला किया गया, जब वह पश्चिमी न्यूयॉर्क में आयोजित एक कार्यक्रम में व्याख्यान देने वाले थे। उनकी जानपहचान चल रही थी। दर्शक उनकी इंतज़ार में थे। अचानक हमले से हड़कंप सा मच गया। एक सनसनी और आतंक जो उस समय मंच और हाल पर पैदा हुआ उसे पूरी दुनिआ में महसूस किया जा सकता है। 

सुरक्षा प्रबंधक और अन्य लोग तुरंत हरकत में आए। रश्दी को वहां से लेजा कर इलाज तक पहुँचाया गया। अस्पताल में रुश्दी की सर्जरी की जा चुकी है और उनको वेंटिलेटर पर रखा गया है। नई खबरों के मुताबिक वह ज़िंदा हैं और सुरक्षित हैं लेकिन फिर भी स्थिति तो चिंतनीय ही है। इसी बीच हमलावर की पहचान न्यू जर्सी के 24 वर्षीय हादी मतार के तौर पर की है। न्यूयॉर्क राज्य पुलिस ने कहा कि मौके पर से एक बैग और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। हम जांच के बहुत शुरुआती चरण में हैं। एफबीआई के सदस्य जांच में हमारी मदद कर रहे हैं। इस जांच से कई बातें सामने आएंगी।  

दृश्य बेहद खौफनाक था। सब कुछ अचानक हुआ। सभी हतप्रभ थे।उल्लेखनीय है कि 75 साल के रुश्दी पश्चिमी न्यूयॉर्क के चौटाउक्वा संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान अपना व्याख्यान शुरू करने वाले ही थे कि तभी एक व्यक्ति मंच पर चढ़ा और रुश्दी को घूंसों से वार करने लगा। इसके बाद उसने चाकू से उन पर हमला कर दिया। रुश्दी की गर्दन पर चोट आई है। उस समय कार्यक्रम में उनका परिचय दिया जा रहा था। रश्दी ने अपने भाषण में क्या कहना था यह तो वही जानते थे लेकिन दर्शक और श्रोता उनकी इंतज़ार कर रहे थे। 

अचानक मंच पर चढ़े  हमलावर ने रुश्दी पर 20 सेकंड में कई वार किए। हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना के बाद स्टेज पर काफी खून बिखरा पड़ा दिखाई दिया। वहां मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया और बाद में उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। रुश्दी को मंच पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। इसी से उनकी जान बचने की संभावना बनी तेज़ी से बह रहे खून को इसी से रोका गया। 

यह सारी खौफनाक घटना स्थानीय समयानुसार सुबह 11 बजे की है। सलमान रुश्दी और एक साक्षात्कारकर्ता पर चौटौक्वा में चौटौक्वा संस्थान में हमला किया गया। रुश्दी की गर्दन पर चाकू से वार किया गया था। उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत के बारे में अभी से ज्यादा कुछ कहना समय से पहले की बात होगी। इस हमले के दौरान साक्षात्कारकर्ता को भी सिर में मामूली चोट आई हैं। संदिग्ध हमलावर को हिरासत में ले लिया गया है। उसकी पहचान का पता लगा लिया गया है। 

न्यूयॉर्क राज्य की गर्वनर कैछी होचुल ने कहा कि रुश्दी अभी जीवित हैं। उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। रुश्दी को एयरलिफ्ट किया गया है। इवेंट मॉडरेटर पर भी हमला किया गया था। उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है जल्द ही उनके सेहत बुलेटिन से वास्तविक स्थिति का पता लग सकेगा। 

इसी बीच एक अन्य विवादित लेखिका तसलीमा नसरीन की चिंता भी सामने आई है। उसने लज्जा नाम का नावल लिखा था। जो बेहद पढ़ा गया। ता भी से वह भी निशाने पर है। रश्दी पर हमले के मामले में तसलीमा नसरीन ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मुझे अभी पता चला कि न्यूयॉर्क में सलमान रुश्दी पर हमला हुआ। मैं सचमुच स्तब्ध हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसा होगा। वह पश्चिम में रह रहे हैं और 1989 से उन्हें सुरक्षा दी जा रही है। यदि उन पर हमला हो जाता है, तो इस्लाम की आलोचना करने वाले किसी भी व्यक्ति पर हमला किया जा सकता है। मैं चिंतित हूं। तस्लीमा नसरीन की चिंता जायज़ भी है। खौफ के साए में बरसों तक जीना आसान तो नहीं होता। सलमान रश्दी और तस्लीमा नसरीन लगातार खौफ के साए में ही तो जी रहे थे। कुछ बरस पहले भारत में पत्रकार और लेखिका गौरी लंकेश की हत्या कर दी गयी थी। 

भारतीय मूल के अंग्रेजी लेखक रुश्दी भारतीय मूल के अंग्रेजी लेखक हैं।  बरस 1980 के दशक में अपनी एक किताब सैटेनिक वर्सेस को लेकर विवादों में आ गए थे। इस किताब को लेकर मुस्लिम समाज में काफी आक्रोश था, एक धार्मिक नेता ने उनकी हत्या करने को लेकर फतवा भी जारी किया था। उसी वक्त से वह अज्ञातवास की तरह रह रहे हैं। चूँकि उनका जन्म मुंबई में हुआ इसलिए उनकी रक्षा हम सभी का नैतिक कर्तव्य भी था। रुश्दी का जन्म 19 जून 1947 को मुंबई में एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार में हुआ था। सैटेनिक वर्सेस और मिडनाइट चिल्ड्रेन जैसी किताबें लिखकर चर्चा में आए रुश्दी को बुकर पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी किताबें और तस्लीमा नसरीन की किताबें एक अलग सोच पैदा करती हैं जिनसे कटटरपंथी काफी समय से खफा हैं। 


Friday, July 29, 2022

सीएमसी में डीएसए लैब स्थापित होने से ख़ुशी की लहर

Thursday: 28th July 2022 at 08:16 PM

डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब की स्थापना से लोगों को फायदा बढ़ेगा 

न्यूरो एंडोवेस्कुलर से 24 घंटे में निकाला जा सकता क्लॉट

सीएमसी में 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर किए जा चुके


लुधियाना: 28 जुलाई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

न्यूरो से सबंधित बीमारियां और खतरे लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में इनका सही इलाज कहाँ और कैसे हो? इस तरह के सवालों का जवाब देता है सी एम सी अस्पताल। पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर में इकलौता न्यूरो इंटरवेंशन सर्विस सेंटर सीएमसी में चल रहा है। इसने अपने कार्यकाल में इतना अच्छा काम किया है कि लोगों के दिलों में इसके लिए अब भी एक ख़ास स्थान बना हुआ है। चार साल पहले स्थापित इस सेंटर में अब तक 708 न्यूरो एंडोवेस्कुलर प्रोसिजर हो चुके हैं। इसमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राफी, कैरोटिड स्टंटिंग, एन्योरिज्म कॉइलिंग, एवीएम एंबोलाइजेशन और इस्केमिक के लिए मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी जैसे प्रोसिजर किए जा रहे हैं। इस सेंटर में ब्रेन स्ट्रोक जैसे केस और बीमारियों का इलाज पिन होल ट्रीटमेंट से किया जाता है। समय पर इलाज होने से मरीजों को मौत या अपंगता से बचाया जा सकता है। सीएमसी में डिजिटल सब्ट्रेक्शन एंजियोग्राफी (डीएसए) लैब स्थापित है। इससे जहां स्थानीय लोगों को फायदा होता है वहीँ आस पास और दूर दर्ज के क्षेत्रों से आने वालों ओके भी फायदा होता है। 

अब चार साल पूरे होने पर जो विशेष आयोजन आज हुआ उसमें बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइसेंस के वाइस चांसलर डॉ. राज बहादुर ने कार्यक्रम के मुख्य मेहमान के तौर पर शमूलियत की। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को इस जान बचाने वाली सेवा का लाभ लेना चाहिए। उन्होंने सीएमसी के विशेषज्ञों को और भी ज्यादा कोशिश कर लोगों को इस सुविधा के बारे में जागरूक करने के लिए कहा। 

इस खास कार्यक्रम में न्यूरो-इंटरवेंशन प्रोसिजर की मदद से स्वस्थ हुए मरीजों ने भी अपने अनुभव साझे किए। सीएमसी कॉलेज के प्रिंसिपल, न्यूरोलॉजी विभाग के हेड एवं वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन के वाइस प्रधान डॉ. जयराज डी पांडियन ने कहा कि स्ट्रोक वाले मरीजों में से स्टंट की मदद से क्लॉट 24 घंटों में निकाला जा सकता है। इस प्रोसिजर की मदद से स्ट्रोक के मरीज को पैरालिसिस से बचाया जा सकता है। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विवेक अग्रवाल ने बताया कि न्यूरो इंटरवेंशन में सर्जरी के लिए सिर खोलने की जरूरत नहीं होती। बेहद कम कट के जरिए सर्जरी हो जाती है।

लुधियाना के सी एम सी अस्पताल में  न्यूरो-इंटरवेंशन एक विशेष शाखा है जो इस किस्म के रोगों के पिन होल उपचार से संबंधित है। इन सेवाओं से मस्तिष्क स्ट्रोक का शिकार हुए लोगों को समय पर सहायता प्रदान करके न्यूरोइंटरवेंशन प्रक्रियाएं की जाती हैं जिनसे मरीजों को मौत से भी बचाया जा सकता है और विकलांगता से भी। मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लुधियाना एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला है जो चौबीसों घंटे आपात स्थिति की तरह काम करती है। उल्लेखनीय है कि पहली न्यूरो एंडोवस्कुलर प्रक्रिया मई 2018 में न्यूरो डीएसए लैब में की गई थी। सीएमसी, अपनी क़िस्म का एकमात्र संस्थान होने के नाते न्यूरोएंडोवास्कुलर सेवाओं की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करने के लिए उत्तर पश्चिम भारत में बहुत लोकप्रिय है। इस केंद्र ने एक लंबा सफर तय किया है। 

[28/07, 8:16 PM] CMC Ludhiana Online: 

Wednesday, July 20, 2022

स्काईलार्क हाउसिंग के निवासी आए मीडिया के सामने

Wednesday 20th July 2022 at 1:51 PM

 कहा-सारी पेमेंट दे कर भी नर्क भरी जिंदगी जीने को हैं मजबूर 


*बिल्डर पर बुनियादी सुविधाएं न देने का आरोप

*लिफ्ट न चलने के कारण 5वीं मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं

*बुजुर्ग और विकलांगों को होता है टार्चर जैसा अनुभव 

मोहाली: 20 जुलाई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

हर इंसान का अपने जीवन भर की कमाई का एक-एक रुपया जोड़कर घर बनाने का सपना होता है। ऐसा ही एक सपना स्काईलार्क हाउसिंग अपार्टमेंट, सेक्टर-115, खरड, जिला मोहाली के निवासियों ने इस सोसायटी में फ्लैट खरीदकर पूरा किया, लेकिन उनका निर्णय उनके लिए एक नारकीय जीवन साबित हुआ, क्योंकि बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण , उनका जहां रहना मुश्किल हो गया है।

आज यहां मोहाली प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सोसायटी की निवासी श्रीमती प्रभजोत कौर एवं कर्नल बचितर सिंह ने कहा कि लॉन्डरां-खरड रोड स्थित स्काईलार्क हाउसिंग अपार्टमेंट परियोजना की शुरुआत 2008-09 में बिल्डर गुरमुख सिंह ने की थी और इसे दिसंबर 2011 में तैयार होना था। उक्त निवासियों ने आरोप लगाया कि उक्त बिल्डर ने आज तक इस आवासीय परियोजना को नियम एवं शर्तों के अनुसार पूरा नहीं किया है और अपने वादे के अनुसार सोसायटी के निवासियों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं कर पाया है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी समस्याओं को लेकर पिछले 11 वर्षों से बिल्डर के साथ कई बैठकें की हैं और उन्होंने हमेशा उपरोक्त परियोजना को सभी सुविधाओं सहित जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन वह यह सुविधाअें प्रदान करने से बचते रहे।

उन्होंने आगे कहा कि सोसायटी में 7 लिफ्ट लगाने का प्रावधान है, लेकिन सिर्फ 3 लिफ्ट चल रही हैं और पावर बैकअप के अभाव में ज्यादातर बंद या खराब रहती हैं, जिसके कारण कई बुजुर्ग और विकलांग लोगों को चौथी-पांचवीं मंजिल तक अपने घरों में पहुंचने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने संदेह व्यक्त करते हुए कहा कि बिल्डर ने इस परियोजना के लिए न तो रेरा से मंजूरी ली है और न ही संबंधित अधिकारियों से पूर्णता एवं व्यवसाय प्रमाण पत्र प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि सोसायटी में किसी भी तरह की अप्रिय घटना के दौरान अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगाया गया। इसके साथ ही सोसायटी में सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं और अब बरसात के दिनों में सड़कों पर पानी खड़ा रहता है और परिसर में सामान्य साफ-सफाई खराब है।

उन्होंने अंत में कहा कि ऐसे में सोसायटी वासियों का जीना दुश्वार हो गया है और बिल्डर गुरमुख सिंह हमारी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने पंजाब की भगवंत मान सरकार से अनुरोध किया है कि उक्त बिल्डर के खिलाफ आवश्यक सख्त कार्रवाई करें और हमें जल्द से जल्द न्याय दिलाएं ताकि हमें ऐसी नारकीय जिंदगी जीने से राहत मिल सके।

इस मौके पर प्रभजोत कौर और कर्नल बच्चितर सिंह के अलावा मनीष नंदा, मंजीत संधू, विशाल थापर, ग्रुप कैप्टन अमरजीत सिंह ढिल्लों, परमजीत सिंह संधू, विकलांग निवासी जतिंदर शर्मा और कमल चहल मौजूद थे।

जब सोसायटी निवासियों द्वारा लगाये आरोपों के बारे में बिल्डर गुरमुख सिंह से दो अलग-अलग मोबाइल फोनों पर वार वार बात करनी चाही तों उन्होंने अपना मोबाइल फोन उठाना जरूरी नहीं समझा।