Saturday, September 18, 2021

पीसीजेयू के मौजूदा दौर में मीडिया को चुनौतियों पर विचारगोष्ठी

  18th September 2021 at 10:22 PM

 सियासतदान परिवारिक, व्यापारी और दरबारी हुए: डॉ. गर्ग 


लुधियाना
18 सितंबर 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

बरसों बाद लुधियाना में कोई ऐसा मीडिया आयोजन हुआ है जिसमें न कोई सरकारी सरपरस्ती थी और न ही कोई मंत्री या सरकारी अधिकारी मुख्य मेहमान था। न ही सत्ता से कोई जगह या अन्य फायदा माँगा गया और न ही किसी सियासी या कारपोरेट लीडर के सामने हाथ फैलाए गए। सिर ऊंचा उठा कर, समाज की आंख से आंख मिलाते हुए शुद्ध जनहित की चर्चा की गई। जनहित से जुड़े लोग ही इस सेमिनार के मेहमान थे जिन्होंने खुल कर हर सबंधित मुद्दे पर बात भी उठाई और चर्चा भी की। डा, प्यारा लाल गर्ग, प्रोफेसर जगमोहन सिंह, बलविंदर जम्मू सरीखे जानेमाने लोगों ने मीडिया के नैतिक उत्थान की बात भी ज़ोरदार ढंग से की। कार्पोरेटी जकड़ के खिलाफ आवाज़ बुलंद हुई और पत्रकारों को उनके कर्तव्य बहुत ही अपनत्व से याद कराए गए। साथ ही उनको अपनी मुहारत सुधारने पर भी ज़ोर दिया। 

पंजाब एंड चंडीगढ़ जर्निलस्ट यूनियन की तरफ से लुधियाना में मौजूदा दौर में मीडिया को चुनौतियां विषय पर एक सैमीनार करवाया गया। इस में बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. प्यारा लाल गर्ग और प्रो. जगमोहन सिंह मुख्य प्रवकता के तौर पर पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ इंडियन जर्नलिस्ट यूनियन के महासचिव बलविंदर जम्मू और पीसीजेयू के सचिव जय सिंह छिब्बर भी शामिल हुए। लुधियाना टीम की तरफ से युवा और सक्रिय पत्रकार गगन अरोड़ा, संतोख गिल और अमरपाल सिंह की तरफ से सभी को सुस्वागतम कहा गया। 

मुख्य प्रवकता डॉ. गर्ग ने कहा कि आज के पत्रकारों को अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकार बेशक किसी भी संस्थान के साथ जुड़ा हो उसे जन हित के मुद्दों को उठाना ही चाहिए। उन्होंने खबर में सही और स्पष्ट तथ्य देने पर भी ज़ोर दिया और समझाया कि पत्रकार को बिना किसी धर्म, जातपात और मतभेद से अपना कर्तव्य निभाने पर जोर देना चाहिए। 

सेमिनार में बहुत से मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्पोरेटी दौर में आए मशीनीकरण ने संवेदनशीलता को समाप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस सारी स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस बात पर ज़ोर दिया गया कि मौजूदा समय में एक पत्रकार को खुद पूरी मुहारत हासिल करनी पड़ेगी तांकि वह अपनी कलम के जरिए अच्छे मुद्दे प्रभावी ढंग से लोगों के बीच ले कर जाए। तभी वह अपना कलम का धर्म निभाता हुआ लोगों को जागरुक भी कर सकेगा।  

डॉ. गर्ग ने पत्रकारों को अपने खुद के मुद्दे उभारने के लिए संगठित होने पर भी जोर दिया। उन्होंने कि आज हमारे सियासतदान तो परिवारवाद, व्यापरिक और दरबारी हो गए है। इसके लिए पत्रकारों पर जनहित्त की ज़िम्मेदारी का बोझ और भी बढ़ गया है। 

वाम विचारधारा से जुड़े गहरी पैठ वाले वरिष्ठ और सक्रिय पत्रकार बलविंदर जम्मू ने कहा कि मौजूदा समय में मीडिया बड़े बड़े कार्पोरेट के हाथ में सिमटता जा रहा है। किसानी का मुद्दा साज़िश के तहत दिल्ली के बड़े मीडिया की तरफ से दबाया जा रहा है। मौजूदा दौर में पत्रकारी के काम को बहुत ज़्यादा नुकसान हुआ है जिसे बचाने के लिए हम सभी को मिल कर काम करना पड़ेगा। उन्होंने पत्रकारों को मौजूदा चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी खबरों के जरिए झूठ सच्च का निपटारा करते रहने के लिए प्रेरित किया। बलविंदर जम्मू ने पब्लिक सैक्टर के हो रहे उजाड़े पर भी चिंता व्यक्त की। 

शहीद भगत सिंह के भान्जे और निरंतर सक्रिय रहने वाले प्रो. जगमोहन सिंह ने पत्रकारों को आधुनिक टेक्नालिजी के साथ जुड़े  ठीक गलत की पहचान करने के लिए भी प्रेरित किया। गौरतलब है की इस विषय पर प्रोफेसर जगमोहन सिंह की गहरी पकड़ है। उन्हें तकरीबन हर मीडिया संस्थान और पत्रकार की आंतरिक वास्तविकता का गहरा ज्ञान है। उन्होंने देश में बढ़ रही महंगाई में कार्पोरेट घरानों का हाथ बताया। 

सेमिनार में चर्चा के वक्त जय सिंह छिब्बर और मैडम बिद्दू ने भी अपने विचार सांझे किए। सैमीनार में लुधियाना सहित आस पास के अलग अलग अखबारों के इंचार्ज और प्रतिनिधी ने भी हिस्सा लिया। सेमिनार में फोर्टो जर्नलिस्ट एसोसिएशन की पूरी टीम भी मौजूद रही। 

इस मौके पर लुधियाना टीम की तरफ से कोआर्डीनेटर गगनदीप अरोड़ा, अमरीक बतरा, गुरिंदर सिंह, वरिंदर राणा, हर्शराज सिंह, निखिल भाद्धवाज, अमरपाल सिंह, सतविंदर  शर्मा, विकास मल्होत्रा, रविंदर अरोड़ा, मुनीष शर्मा, दिलबाग दानिश, दिनेश कुमार, अमित कुमार, अरुण कुमार, अरुण सरीन, हिमांशु महाजन, अश्वनी धीमान, कुलदीप सिंह काला, अमनप्रीत चौहान, राजेश भट्टा,. जोगिंदर ओबराय, दविंदर सिंह जग्गी, डीपीएस बतरा, सहित अन्य लोग हाजिर थे। 

Friday, September 17, 2021

27 सितंबर को भारत बंद के लिए दिशा-निर्देश जारी

 17th September 2021 at 08:19 PM

दिशा-निर्देश जारी किए संयुक्त किसान मोर्चा ने 

*मोदी करेगा मंडी बंद, हम करेंगे भारत बंद: किसान मोर्चा

*आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी-बंद शांतिपूर्ण रहेगा

*भारत बंद 27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा
नई दिल्ली
17 सितंबर 2021: (मनप्रीत सिंह खालसा//पंजाब स्क्रीन)::
संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार, 27 सितंबर 2021 को भारत बंद के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, और घटक संगठनों से समाज के सभी वर्गों के किसानों से हाथ मिलाने और बंद को पहले से प्रचारित करने की अपील की है, ताकि जनता को असुविधा न हो। बंद शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक होगा और आपातकालीन सेवाओं को छूट  दी जाएगी। भारत बंद 27 सितंबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। दिन के लिए मुख्य बैनर या थीम "किसान विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद", "मोदी करेगा मंडी बंद, हम करेंगे भारत बंद" इत्यादि रहेगा। बंद 27 सितंबर 2021 को केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यालयों, बाजारों, दुकानों और कारखानों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों, विभिन्न प्रकार के सार्वजनिक परिवहन और निजी परिवहन, सार्वजनिक कार्यों और कार्यक्रमों को बंद करने की मांग करेगा। 
हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार बार-बार अति किसान-विरोधी व्यवहार का प्रदर्शन करने के बाद ऐतिहासिक किसान आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह के घटिया हथकंडे अपना रही है। खबर है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें करनाल की घटनाओं सहित किसानों के विरोध प्रदर्शन से अवगत कराया। 
एसकेएम का कहना है कि अगर भाजपा को किसानों के लगातार और तेज हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चिंता है तो उन्हें आंदोलन की जायज मांगों को पूरा करके इसका समाधान करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब में, हरियाणा सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में राज्य के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक समिति का गठन किया है। 20 सितंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित सुनवाई से पहले सोनीपत जिले के जिला मजिस्ट्रेट ने 19 सितंबर 2021 को एसकेएम नेताओं के साथ मुरथल में बैठक बुलाई है। 
एसकेएम एक बार फिर दोहराता है कि यह उनकी अपनी इच्छा से नहीं है कि लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस ने उन्हें सीमाओं पर रहने के लिए मजबूर किया है। भारी बारिश और बाढ़, भीषण गर्मी और सर्दी के महीनों में किसान विपत्ति में राजमार्गों पर डटे हुए रहे हैं। किसानों के लिए वर्तमान संघर्ष उनकी आजीविका, बुनियादी संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा से जुड़ा है। आंदोलन में अब तक 600 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। यह सरकार है जो अड़ी हुई है और किसानों को सीमाओं पर विरोध करने के लिए मजबूर कर रही है।
एसकेएम 24 सितंबर 2021 को स्कीम वर्कर की अखिल भारतीय हड़ताल को सक्रिय समर्थन देता है, जिसमें आंगनवाड़ी, आशा, एमडीएम, एनसीएलपी, एसएसए, एनएचएम कार्यकर्ताओं की भागीदारी होगी। ये श्रमिक सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और सेवाओं के निजीकरण को रोकने और चार श्रम संहिताओं को वापस लेने के अलावा न्यूनतम मजदूरी के प्रावधान के साथ श्रमिकों के रूप में अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। 
एसकेएम यह मानता है कि देश के दूरदराज के हिस्सों में भी पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों की देखभाल और शिक्षा की बुनियादी सेवाएं देने वाले इन योजना कार्यकर्ताओं, जिसमें ज्यादातर महिलाएं हैं, का शोषण किया जा रहा है और उन्हें भरण-पोषण भत्ता भी नहीं मिलता है। ये श्रमजीवी अपनी जान जोखिम में डालकर कोविड महामारी से लड़ने में सबसे आगे रहे हैं। एसकेएम इन लाखों श्रमिकों को बधाई देता है, और 24 सितंबर के लिए नियोजित उनकी ऐतिहासिक अखिल भारतीय हड़ताल के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करता है।
ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पूरे राज्य में किसान आंदोलन को मिल रहे जनसमर्थन से घबरा रही है। किसानों के आंदोलन का मुकाबला करने के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा द्वारा किया जा रहा किसान सम्मेलन राज्य के उन किसानों को मूर्ख नहीं बना पाएगा, जो यह समझ चुके हैं कि भाजपा मूल रूप से किसान विरोधी है। उत्तर प्रदेश के किसान मोदी सरकार द्वारा थोपे गए 3 काले कानूनों को रद्द करने और सभी किसानों के लिए गारंटीकृत लाभकारी एमएसपी सुनिश्चित करने वाले कानून के लिए बड़ी संख्या में आगे बढ़ रहे हैं । विभिन्न राज्यों में चल रहे आंदोलन को मजबूत करने और 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर किसानों की लामबंदी हो रही है। राजस्थान के सीकर में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में कल "रोष प्रदर्शन" के रूप में किसानों की एक बड़ी सभा हुई। इस बीच महाराष्ट्र के नंदुरबार में शुरू हुई शेतकारी संवाद यात्रा आज धुले जिले से होते हुए नासिक के मुलर पहुंची।
27 सितंबर के बंद की योजना बनाने के लिए 20 सितंबर को मुंबई में राज्य स्तरीय तैयारी बैठक है। वहीं 20 सितबर को उत्तर प्रदेश के सीतापुर में किसान मजदूर महापंचायत का आयोजन होगा। 22 सितंबर को उत्तराखंड के रुड़की के लक्सर में किसान महापंचायत होगी ।
22 सितंबर से किसान टिकरी और सिंघू विरोध स्थलों पर 5 दिवसीय कबड्डी लीग टूर्नामेंट का आयोजन करेंगे। विभिन्न राज्यों की टीमों के भाग लेने और   नकद पुरस्कारों को जीतने के लिए उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद है।
आज समाज सुधारक और "द्रविड़ आंदोलन के जनक" पेरियार ईवी रामासामी की जयंती देश भर में विभिन्न कार्यक्रमों और कार्यक्रमों के माध्यम से मनाई जा रही है। उनका आत्म-सम्मान आंदोलन और उनका जाति और पितृसत्ता के खिलाफ सफल सामाजिक न्याय संघर्ष, वर्तमान पीढ़ी के भारतीयों के लिए भी एक गहरी प्रेरणा है।
अलग-अलग जगहों पर भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओं के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन जारी है। कल पंजाब के जालंधर में भाजपा नेता एचएस कहलों को ऐसे ही एक विरोध का सामना करना पड़ा। हरियाणा के पानीपत में जजपा के अध्यक्ष अजय चौटाला को उनके विरोध में इकट्ठा हुए किसानों की एक बड़ी सभा द्वारा काले झंडे के विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया।  27 सितंबर के भारत बंद के लिए दिशा-निर्देश जारी 

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 17 सितंबर 2021

 17th September 2021 at 05:21 PM WhatsApp

सुरक्षित और सम्मानजनक डिलीवरी के लिए अभी कारवाई करें...

सुरक्षित मां और नवजात शिशु की देखभाल, WHO द्वारा प्रदान किया गया कॉल

लुधियाना: 17 सितंबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

मिशन पुनर्जोत के स्वास्थ्य शिक्षा अभियान के तहत डॉ. रमेश एम.डी. स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली में रोगियों की सुरक्षा को संवेदनशील बनाने के लिए विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के अवसर पर निदेशक, पुनर्जोत आई बैंक लुधियाना की ओर से डॉ. रमेश सुपर स्पेशियलिटी आई एंड लेजर सेंटर, लुधियाना में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि विश्व रोगी सुरक्षा दिवस, 17 सितंबर 2021 के लिए, WHO ने सभी हितधारकों से "सुरक्षित और सम्मानजनक डिलीवरी के लिए अभी कार्रवाई करने" की अपील की है। "सुरक्षित माताओं और नवजात देखभाल" विषय के साथ। गर्भावस्था और प्रसव से संबंधित रोके जा सकने वाले कारणों से प्रतिदिन लगभग 810 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा, हर दिन लगभग ६,७०० नवजात शिशुओं की मृत्यु होती है, जो सभी अंडर -5 मौतों का ४७% है। इसके अलावा, लगभग 2 मिलियन बच्चे अभी भी हर साल पैदा होते हैं, 40% से अधिक बच्चे के जन्म के दौरान। असुरक्षित देखभाल के कारण महिलाओं और नवजात शिशुओं को होने वाले जोखिम और नुकसान के महत्वपूर्ण बोझ को देखते हुए कोविड-19 महामारी के कारण आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के बाधित होने के कारण इस वर्ष अभियान और भी महत्वपूर्ण है।

सौभाग्य से, एक सहायक वातावरण में काम करने वाले कुशल स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा प्रदान की जाने वाली सुरक्षित और गुणवत्ता देखभाल नवजात शिशुओं और नवजात शिशुओं के अधिकांश जन्म और मृत्यु को रोक सकती है। यह केवल सभी हितधारकों की भागीदारी और व्यापक स्वास्थ्य प्रणालियों और समुदाय-आधारित दृष्टिकोणों को अपनाने के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन दशकों से हम पंजाब में अंधेपन के नियंत्रण के लिए विशेष रूप से सामुदायिक नेत्र विज्ञान और सुपर स्पेशियलिटी नेत्र देखभाल सेवाओं के लिए पूरी देखभाल और पूरी सुरक्षा के साथ काम कर रहे हैं।

वर्तमान में भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा नियमों को बनाए रखने के लिए भारतीय गुणवत्ता परिषद के तहत अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य मानक निर्धारित किए हैं।

निजी अस्पतालों को अस्पताल बोर्ड द्वारा एनएबीएच के राष्ट्रीय मान्यता के प्रतीक के रूप में पूर्ण मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जहां कोई भी स्वास्थ्य देखभाल के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा पर भरोसा कर सकता है।

हमें 2008 से पंजाब सरकार से आई बैंक मान्यता, 2014 से भारतीय गुणवत्ता परिषद से सेफ आई, अस्पताल संक्रमण नियंत्रण मान्यता और 2017 से एनएबीएच मिला है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ सुपर स्पेशियलिटी नेत्र देखभाल सेवाओं के क्षेत्र में बेहतर नेत्र देखभाल और रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से मान्यता प्राप्त है। विशेष रूप से जो अधिक खर्च नहीं कर सकते, हम हमेशा अन्य स्वास्थ्य संगठनों, गैर सरकारी संगठनों और जनता को सोशल मीडिया, प्रदर्शनियों, सेमिनारों और प्रशिक्षणों के माध्यम से मानव जीवन और बेहतर स्वास्थ्य को बचाने के लिए सुरक्षा उपायों की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस 2019 की स्थापना रोगी सुरक्षा की वैश्विक समझ बढ़ाने, स्वास्थ्य सुरक्षा में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने और रोगी सुरक्षा बढ़ाने और रोगी के नुकसान को कम करने के लिए वैश्विक कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। दिन की अवधारणा को समझते हुए, हमें सामूहिक रूप से काम करना चाहिए। मानव जीवन को बचाने के लिए।

Wednesday, September 15, 2021

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में हाई अलर्ट के आदेश

 15th September 2021 at  7:23 PM

तेल टैंकर को आई.ई.डी. टिफिन बम से उड़ाने की कोशिश के मामले में 4 और गिरफ़्तार

गिरफ़्तारी होने से ही मिला खतरे की गंभीरता का संकेत 

पिछले 40 दिनों के दौरान बेनकाब किए गए पाक समर्थित आतंकी गिरोह का चौथा मामला

भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जा रही है सुरक्षा

चंडीगढ़: 15 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पिछले महीने आई.ई.डी. टिफिन बम से तेल टैंकर को उड़ाने की कोशिश में शामिल आईएसआई समर्थित आतंकी गिरोह के चार और सदस्यों की गिरफ़्तारी के बाद राज्य में हाई अलर्ट के आदेश दिए हैं। बताने योग्य है कि पिछले 40 दिनों के दौरान पुलिस द्वारा राज्य में बेनकाब किए गए पाकिस्तानी आतंकी गिरोह का यह चौथा मामला है।

 डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आज यहाँ बताया कि इस मामले (एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11.8.2021, पुलिस थाना अजनाला) में एक पाकिस्तानी खुफिय़ा अधिकारी समेत दो पाकिस्तान आधारित आतंकवादियों की पहचान और नामज़द किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को पहले ही गिरफ़्तार किया गया था।

आतंकवादी समूहों द्वारा राज्य की शांति भंग करने की बढ़ रही कोशिशों का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विशेष तौर पर स्कूल और शैक्षिक संस्थाओं के फिर खुलने के साथ-साथ आगामी त्योहारों के सीज़न और विधान सभा चुनावों को देखते हुए पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को ख़ासकर भीड़ वाले स्थानों जैसे कि बाज़ारों आदि के साथ-साथ राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर ठोस सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा है।

गिरफ़्तारियों संबंधी विवरण देते हुए डीजीपी ने बताया पाकिस्तान आधारित आई.एस.वाई.एफ. के प्रमुख लखबीर सिंह और पाकिस्तान के रहने वाले कासिम, मोगा जि़ले के पुलिस थाना समालसर के अधीन आने वाले गाँव रोडे के निवासी लखबीर सिंह रोडे उर्फ बाबा जो इस समय पाकिस्तान में रहता है, की पहचान की गई है जो इस आतंकवादी गिरोह से सम्बन्धित हैं। कल गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रूबल सिंह निवासी गाँव भाखा तारा सिंह, विक्की भुट्टी निवासी बल्ल्हरवाल, मलकीत सिंह निवासी निवासी उगर औलख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी उगर औलख के तौर पर हुई है। जि़क्रयोग्य है कि 1 सितम्बर, 2021 के एक कत्ल केस में वांछित रूबल को कल शाम 5 बजे के करीब अम्बाला से काबू किया गया था, बाकी तीनों को अजनाला, अमृतसर के अधीन आने वाले गाँवों से गिरफ़्तार किया गया था। उनके पाँचवे साथी गुरमुख बराड़ को इससे पहले कपूरथला पुलिस ने 20 अगस्त, 2021 को गिरफ़्तार किया था।

डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान के खुफिय़ा अधिकारी कासिम और इंटरनैशनल सिख यूथ फैडरेशन (आईएसवाईएफ) के प्रमुख रोडे ने धमाके को अंजाम देने के लिए आतंकवादी गिरोह को तकरीबन 2 लाख रुपए भेजने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले की वित्तीय पहलुओं से भी जाँच की जा रही है। रूबल और विक्की भुट्टी, कासिम के संपर्क में थे, जो रोडे के साथ नज़दीकी तालमेल रख रहा था। रोडे और कासिम ने कथित तौर पर लोगों और संपत्ति को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए आतंकवादी गिरोह के चार सदस्यों को एक ऑयल टैंकर उडाने की जि़म्मेदारी सौंपी थी।

दहशत फैलाने की यह कोशिश 8 अगस्त, 2021 को की गई थी। बताने योग्य है कि रात 11:30 बजे अजनाला पुलिस को सूचना मिली कि गाँव भाखा तारा सिंह के पास अमृतसर -अजनाला रोड़ पर स्थित शर्मा फीलिंग स्टेशन अजनाला में खड़े एक तेल के टैंकर (पीबी -02 सीआर 5926) को आग लग गई है। आग को फायर ब्रिगेड के द्वारा काबू किया गया और अश्वनी कुमार शर्मा, अजनाला के बयानों पर पुलिस थाना अजनाला में एफआईआर नं. 260 दर्ज की गई।

फिलिंग स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की फुटेज से पता लगा कि चार अज्ञात व्यक्ति रात 11 बजे के करीब पेट्रोल पंप के पास आए और अमृतसर की तरफ जाने से पहले कुछ मिनटों के लिए वहां रुके। रात करीब 11:19 बजे संदिग्ध व्यक्ति वापस आए और भागने से पहले उन्होंने शक्की सामग्री को तेल टैंकर के ईंधन वाले टैंक पर रख दी। इसके उपरांत लगभग 11:29 बजे दो संदिग्ध व्यक्ति दोबारा वापिस आए और एक मिनट के अंदर ही एक धमाका हुआ और आग लग गई।

प्राथमिक जांच से पता लगा है कि गुरमुख ने जालंधर-अमृतसर हाईवे पर हम्बोवाल में टिफिऩ आईईडी रखा था, जहाँ से 6 अगस्त, 2021 को विक्की, मलकीत और गुरप्रीत सिंह ने रोडे और कासिम के निर्देशों पर इसको उठाया था। इन तीनों व्यक्तियों ने बम को राजासांसी क्षेत्र में एक नहर के नज़दीक छिपा दिया। इस टिफिऩ बॉक्स के साथ एक पैन-ड्राइव लगी हुई थी, जिसमें एक वीडियो था। इस वीडियो में टिफिन बम आईईडी को चलाने सम्बन्धी जानकारी दी गई थी। टिफिन बम आई.ई.डी. को फिर प्राप्त करने के बाद, विक्की और रूबल को रोडे ने एक बड़ा धमाका करने और अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए तेल के टैंकर पर टिफिन बम रखने का काम सौंपा था।

8 अगस्त, 2021 को इन आतंकवादी कारकुनों ने दिन के समय शर्मा फीलिंग स्टेशन की रेकी की और रात लगभग 11:00 बजे 8 मिनट का टाइमर सैट करके टिफिन बम आई.ई.डी. लगा दिया। यह धमाका रात करीब 11:30 बजे हुआ, जिस कारण तेल टैंकर के टैंक में आग लग गई।

रोडे और कासिम के साथ गिरफ़्तार किये गए सभी पाँच कारकुनों के खि़लाफ़ एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11 अगस्त, 2021 को आई.पी.सी की धारा 436,427, ग़ैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट 1967 की धारा 13, 16, 18, 18 बी, 20 और विस्फोटक पदार्थ (संशोधन) एक्ट 2001 की धारा 3, 4, 5 के अधीन केस दर्ज किया गया।

जि़क्र योग्य है कि अगस्त महीने से पंजाब पुलिस द्वारा काबू किया गया यह चौथा बड़ा पाक की शह प्राप्त आतंकवादी गिरोह है।

अमृतसर (ग्रामीण) पुलिस द्वारा 8 अगस्त, 2021 को गाँव डल्लेके थाना लोपोके से एक आधुनिक टिफिन बम आईईडी बरामद किया था। टिफिन बम आईईडी में लगभग 2-3 किलोग्राम आरडीएक्स था और इसमें 3 अलग-अलग ट्रिगर प्रणालियां थी जिनमें कार्यशीलता के लिए स्विच, चुंबकीय और सप्रिंग शामिल था।

 15 अगस्त के आसपास पुलिस ने दो आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया जिसके उपरांत हथियारों, हैंड ग्रेनेड आदि की बड़ी खेप बरामद हुई।

 कपूरथला पुलिस द्वारा 20 अगस्त, 2021 को गुरमुख सिंह रोडे और गगनदीप सिंह के पास से एक टिफिन बम आईईडी के इलावा 5 हैंड ग्रेनेड, डीटोनेटरों का 1 डिब्बा, 2 ट्यूबें जिनमें आरडीएक्स होने का शक था, एक .30 बोर का पिस्तौल, 4 गलोक पिस्तौल मैगज़ीन और 1 उच्च विस्फोटक तार बरामद करके एक और आतंकवादी गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

हाल ही में 07 सितम्बर, 2021 को फिरोज़पुर पुलिस ने दरवेश सिंह निवासी फिऱोज़पुर को गिरफ़्तार किया जिसने खुलासा किया कि वह लखबीर सिंह रोडे के साथ लगातार संपर्क में था। उसने फिऱोज़पुर जिले में सरहद पार से ड्रोन के द्वारा लाई हथियारों, टिफिन बम आईईडीज़, आरडीएक्स और हेरोइन की खेप प्राप्त की। दरवेश सिंह को थाना ममदोट में एनडीपीऐस एक्ट, विस्फोटक पदार्थ एक्ट और यूए (पी) एक्ट के अंतर्गत दर्ज किये गए आपराधिक मामले में गिरफ़्तार किया गया।

तख्त श्री केशगढ़ साहिब में बेअदबी:आप ने लिया गंभीर नोटिस

 15th September 2021 at  6:03 PM

हाईकोर्ट की निगरानी में रिटायर जजों की कमेटी बनाई जाए 


चंडीगढ़
: 15 सितंबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने हाल ही में तख्त श्री केशगढ़ साहिब में हुई  बेअदबी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राज्य के शांतिपूर्ण माहौल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण और परेशान करने वाला बताया है। आप ने आरोप लगाया कि इस तरह के जघन्य कृत्यों को अंजाम देकर असामाजिक तत्व आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय से जारी एक संयुक्त बयान में आप विधायक कुलतार सिंह संधवां, प्रो बलजिंदर कौर,अमरजीत सिंह संदोआ और जय सिंह रोढ़ी ने कांग्रेस सरकार से पूर्व जजों की एक विशेष कमेटी बनाकर,हाईकोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करने की मांग की है। आप नेताओं ने कहा कि उन्हें पंजाब पुलिस तथा बादल नियंत्रित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यशैली पर भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि “चुनाव से ठीक पहले ही ऐसी दिल दहला देने वाली घटनाएं क्यों होती हैं? सरकार की विफलता के अलावा, ऐसी घटनाएं किसी  खास योजना के तहत घटित होने का संकेत देती हैं, जिसका उद्देश्य न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है बल्कि सामाजिक भाईचारे को कमजोर करना भी है। पंजाब की जनता को ऐसी घटनाओं से सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को सांप्रदायिक और धार्मिक आधार पर बांटकर लोगों में संदेह की भावना पैदा करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं और बेअदबी की यह घटना भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है।

आप नेताओं ने आगे कहा कि सरकार ने बेअदबी की पिछली घटनाओं में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, इसलिए बेअदबी के दोषियों में डर खत्म हो गया है। “यदि पिछले बेअदबी मामलों में शमिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की हुई होती तो आज किसी की भी दोबारा ऐसी हरकत करने की हिम्मत नहीं होती।" आप नेताओं ने कहा कि यह घटना शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की व्यवस्था और योजनाओं पर भी संदेह पैदा करती है।

Monday, September 13, 2021

पाकिस्तान से पाईप के ज़रिये 40 किलो हेरोइन की तस्करी

 13th September 2021 at 8:40 PM

अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश

इस तस्करीमें शामिल बड़ी मछली को किया काबू
चंडीगड़//अमृतसर: 13 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बड़ी सफलता हासिल करते हुये पंजाब पुलिस ने आज नशा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नैटवर्क का पर्दाफाश करके एक बड़ी मछली जिसकी पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी गाँव चविंडा कलां, अमृतसर के तौर पर हुई है, को हेरोइन की 40 किलो खेप की तस्करी में शामिल होने के दोष के तहत गिरफ्तार किया है। बताने योग्य है कि हेरोइन की यह खेप भारत-पाक सरहद से बरामद की गई थी।
डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी), पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने हैप्पी, जिसको अमृतसर कमिशनरेट पुलिस द्वारा अमृतसर के गाँव छेहरटा से गिरफ्तार किया गया है, से 1 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है। इसके इलावा पुलिस द्वारा उसके सपलैंडर मोटरसाईकल को भी ज़ब्त कर लिया गया है।
ज़िक्रयोग्य है कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 21 अगस्त, 2021 को अमृतसर की पंजगराईयां बार्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) के क्षेत्र में 40.81 किलो हेरोइन के 39 पैकेट बरामद करके नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया था।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि अब तक की गई जांच हैप्पी के अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों और गैंग्स्टरों के साथ गठजोड़ की तरफ इशारा करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान आधारित तस्करों और मलेशिया से काम कर रहे तस्कर जग्गा के साथ हैप्पी के संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है।’’
पुलिस कमिशनर (सिप) अमृतसर विक्रम जीत दुग्गल ने कहा कि पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नैटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे जांच की जा रही है।
इस सम्बन्ध में अमृतसर के थाना छेहरटा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।  

Wednesday, September 08, 2021

केंद्र द्वारा गेहूँ की एमएसपी में वृद्धि को शर्मनाक-कैप्टन

8th September 2021 at 9:40 PM

इसे आंदोलनकारी किसानों के जख़़्मों पर नमक छिडक़ने जैसा बताया

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया
कहा-भारत के कृषि क्षेत्र को तबाही के किनारे ले आई है भाजपा 
चंडीगढ़: 8 सितम्बर 2021: (जीएसबी//पंजाब स्क्रीन)::
केंद्र की कैबिनेट द्वारा गेहूँ की एमएसपी में की गई वृद्धि को शर्मनाक करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को केंद्र सरकार को मुसीबत में घिरे किसानों, जो कि पिछले 10 महीनों से कृषि कानूनों के खि़लाफ़ आंदोलन करने के लिए सडक़ों पर उतरे हुए हैं, के जख़़्मों पर नमक छिडक़ने के लिए आड़े हाथों लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत का कृषि क्षेत्र कठिन समय में से गुजऱ रहा है और किसान उचित एमएसपी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे समय भाजपा के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने अन्नदाताओं के साथ भद्दा मज़ाक किया है।
गेहूँ की एमएसपी को प्रति क्विंटल 2830 रुपए निर्धारित किये जाने (केंद्र द्वारा आज ऐलानी 2015 रुपए प्रति क्विंटल की नाममात्र सी कीमत की जगह) की माँग करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि किसानों को उपभोक्ताओं को आर्थिक छूट देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह राहत तो वह पिछले काफ़ी समय से देते आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार किसानों की मुश्किलों की तरफ ध्यान दे और उनको बनते हक दे।’’ उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से किसानों को लगातार अनदेखा किये जाने के कारण खेती क्षेत्र, जो कि देश की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है, तबाही के किनारे पर आ गया है। उन्होंने आगे पूछा, ‘‘ केंद्र सरकार क्यूं हमारे किसानों के साथ इस तरह का बुरा सलूक कर रही है।’’ 
गेहूँ की एमएसपी को प्रति क्विंटल 2015 रुपए निर्धारित किये जाने को पंजाब के किसानों की उम्मीद से कहीं नीचे बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में गेहूँ की उपज की लागत को मुख्य रखते हुये प्रति क्विंटल 2830 रुपए एमएसपी का सुझाव दिया था। उन्होंने आगे कहा कि सीएसीपी के अनुमानों के मुताबिक बीते साल सिर्फ़ विस्तृत उत्पादन लागत ही 3.5 फीसदी बढ़ गई थी और इससे तो लागत खर्चों के बीच की मुद्रा स्फीति भी पूरी नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गेहूँ की एमएसपी रबी सीजन (2021-22) में 1975 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ती हुई रबी(2022-23) के लिए 2015 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुँच गई है जोकि बीते साल के मुकाबले सिर्फ़ 2 फीसदी विस्तार है। परन्तु, लागत खर्च काफ़ी बढ़ गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस साल मजदूरी में 7 फीसदी का विस्तार हुआ है और इसके साथ ही डीज़ल की कीमतें 4प्रतिशत और मशनीरी की कीमत इस समय के दौरान तकरीबन 20 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा क्योंकि गेहूँ की काश्त की लागत में उपरोक्त पक्ष काफ़ी अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए एमएसपी में 2 फीसद का मामूली सा विस्तार किये जाने से पंजाब के किसानों का घाटा पूरा नहीं होगा और उनके मुनाफों पर भी प्रभाव पड़ेगा।