Monday, July 06, 2026

पुनर्वास आवश्यक है, विकल्प नहीं:

हर व्यक्ति के बेहतर जीवन की दिशा में पीएमआर की भूमिका

राष्ट्रीय पीएमआर दिवस पर विशेष: 6 जुलाई, 2026: 

पीजीआई में डॉ. सौम्या सक्सेना के आधारित कार्तिका कल्याणी सिंह पंजाब स्क्रीन की विशेष प्रस्तुति -::

आज के आधुनिक चिकित्सा युग में उपचार का उद्देश्य केवल बीमारी को ठीक करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को फिर से सक्रिय, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाना भी है। यही कार्य *फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) या पुनर्वास चिकित्सा का मूल उद्देश्य है। इस वर्ष राष्ट्रीय पीएमआर दिवस का विषय “रेहाबिलिटेशन इज एसेन्शियल, नॉट ऑप्शनल” इस संदेश को और अधिक सशक्त बनाता है कि पुनर्वास कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं, बल्कि समग्र उपचार का अनिवार्य अंग है। 

आधुनिक चिकित्सा में पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) को अब उपचार के बाद की वैकल्पिक सुविधा नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य सेवा का अनिवार्य हिस्सा माना जा रहा है। राष्ट्रीय फिजिकल मेडिसिन एवं रिहैबिलिटेशन (पीएमआर) दिवस के अवसर पर पीजीआई, चंडीगढ़ के शारीरिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग की एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. सौम्या सक्सेना ने कहा कि समय पर पुनर्वास न केवल व्यक्ति की कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ाता है, बल्कि उसे पुनः सम्मानजनक एवं सक्रिय जीवन जीने में भी सक्षम बनाता है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रीय पीएमआर दिवस की थीम ‘पुनर्वास आवश्यक है, विकल्प नहीं’ समाज में इसी संदेश को सशक्त बनाने का प्रयास है।

 बीमारी से आगे, व्यक्ति को देखने की चिकित्सा 

पीएमआर केवल रोग का उपचार नहीं करता, बल्कि व्यक्ति की शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और व्यावसायिक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखता है। यह चिकित्सा पद्धति विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यू एच ओ) के इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ फंक्शनिंग, डिसेबिलिटी एंड हेल्थ (आई सी ऍफ़) मॉडल पर आधारित है, जिसे बायोप्साइकोसोशल मॉडल भी कहा जाता है।

अर्थात, किसी व्यक्ति की बीमारी का प्रभाव उसके शरीर, मानसिक स्थिति, पारिवारिक जीवन, सामाजिक भागीदारी और कार्यक्षमता पर किस प्रकार पड़ रहा है, इसका समग्र मूल्यांकन कर उपचार एवं पुनर्वास की योजना बनाई जाती है। यही कारण है कि पीएमआर रोग नहीं, बल्कि पूरे व्यक्ति और उसकी जीवन-परिस्थितियों को केंद्र में रखकर कार्य करता है।


 कब आवश्यक होती है पुनर्वास चिकित्सा? 

पुनर्वास की आवश्यकता केवल दिव्यांग व्यक्तियों तक सीमित नहीं है। किसी भी ऐसी स्थिति में, जहाँ दर्द, कमजोरी, चलने-फिरने, दैनिक कार्यों या सामाजिक सहभागिता में बाधा उत्पन्न हो, पीएमआर विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 इससे लाभान्वित होने वाले प्रमुख रोगों एवं स्थितियों में शामिल— 

* स्ट्रोक एवं मस्तिष्क की चोट

* स्पाइनल कॉर्ड इंजरी

* सेरेब्रल पाल्सी एवं बच्चों की विकास संबंधी समस्याएँ

* ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर

* न्यूरोमस्कुलर विकार

* गठिया एवं जोड़ों के रोग

* कमर और गर्दन का दर्द

* खेल चोटें                                            

* अंग विच्छेदन एवं कृत्रिम अंग पुनर्वास

* वृद्धावस्था में चलने-फिरने और संतुलन की समस्याएँ

* ऑपरेशन के बाद पुनर्वास

* दीर्घकालिक दर्द एवं अन्य पुरानी बीमारियाँ

प्रारम्भिक पुनर्वास से बेहतर परिणाम 

वैज्ञानिक अध्ययनों से स्पष्ट है कि यदि बीमारी या चोट के शुरुआती चरण में ही पुनर्वास प्रारम्भ कर दिया जाए, तो कार्यक्षमता में सुधार, जटिलताओं में कमी तथा जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि संभव होती है।

समय पर पुनर्वास से— 

* दर्द एवं विकलांगता कम होती है,

* बेड सोर, कॉन्ट्रैक्चर और गिरने जैसी जटिलताओं की रोकथाम होती है,

* अस्पताल में रहने की अवधि घट सकती है,

* व्यक्ति शीघ्र अपने परिवार, समाज और कार्यस्थल से पुनः जुड़ पाता है,

* आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

आधुनिक तकनीक बदल रही है पुनर्वास का स्वरूप 

आज पुनर्वास चिकित्सा में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। रोबोटिक रिहैबिलिटेशन, कंप्यूटर आधारित गेट एवं मोशन एनालिसिस, एक्सोस्केलेटन सहायता प्राप्त चाल प्रशिक्षण, मायोइलेक्ट्रिक एवं बायोनिक कृत्रिम अंग, वर्चुअल रियलिटी और स्मार्ट पुनर्वास उपकरणों ने उपचार को अधिक प्रभावी और सटीक बनाया है।

इन तकनीकों की सहायता से मरीजों की कार्यक्षमता, संतुलन, गतिशीलता और स्वतंत्र जीवन जीने की क्षमता में महत्वपूर्ण सुधार संभव हो रहा है।

दिव्यांगता की रोकथाम में भी महत्वपूर्ण योगदान 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, उचित समय पर उपचार एवं पुनर्वास के माध्यम से अनेक मामलों में विकलांगता की गंभीरता को कम किया जा सकता है। पुनर्वास व्यक्ति को केवल बीमारी के बाद संभालने का माध्यम नहीं, बल्कि जटिलताओं और दीर्घकालिक निर्भरता को रोकने का भी सशक्त साधन है।

वृद्धजन और पुनर्वास 

बढ़ती आयु के साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, गठिया, कमर दर्द, सुनने की कमी और संतुलन संबंधी समस्याएँ सामान्य हो जाती हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलन प्रशिक्षण, मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम तथा समुचित पुनर्वास कार्यक्रम वृद्धजनों को स्वतंत्र और सक्रिय जीवन बनाए रखने में सहायता करते हैं। अच्छी संतुलन क्षमता के लिए शरीर के विभिन्न तंत्रों का समन्वय अत्यंत आवश्यक होता है, और पीएमआर इस दिशा में वैज्ञानिक एवं व्यक्तिगत समाधान प्रदान करता है।

 पुनर्वास: मानव अधिकार और सामाजिक आवश्यकता 

डॉ. सौम्या सक्सेना ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) को उपचार के बाद की वैकल्पिक सुविधा नहीं, बल्कि समग्र स्वास्थ्य सेवा के अनिवार्य अंग के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी, दुर्घटना या शारीरिक अक्षमता के बाद व्यक्ति को पुनः कार्यक्षम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने योग्य बनाना ही पुनर्वास चिकित्सा का प्रमुख उद्देश्य है। डॉ. सक्सेना के अनुसार, इस वर्ष राष्ट्रीय पीएमआर दिवस की थीम ‘पुनर्वास आवश्यक है, विकल्प नहीं’ इस बात का संदेश देती है कि उपचार तभी पूर्ण माना जा सकता है, जब व्यक्ति को उसकी अधिकतम कार्यक्षमता प्राप्त करने और परिवार तथा समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए आवश्यक पुनर्वास सेवाएँ समय पर उपलब्ध कराई जाएँ।

आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज पुनर्वास को विलासिता या विकल्प के रूप में न देखकर, एक मूलभूत स्वास्थ्य सेवा के रूप में स्वीकार करे। प्रत्येक व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाओं तक पहुँच मिलनी चाहिए, जिससे वह अपनी अधिकतम क्षमता प्राप्त कर सके और सम्मानपूर्वक जीवन जी सके।

राष्ट्रीय पीएमआर दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि “रेहाबिलिटेशन इज एसेन्शियल, नॉट ऑप्शनल”          "(Rehabilitation is Essential, Not Optional)”—पुनर्वास आवश्यक है, विकल्प नहीं। उपचार तभी पूर्ण माना जा सकता है, जब व्यक्ति को पुनः कार्यक्षम, आत्मनिर्भर और समाज का सक्रिय सदस्य बनने में सहायता मिले।

पुनर्वास केवल स्वास्थ्य लाभ नहीं, बल्कि बेहतर कल, अधिक आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन की आधारशिला है।

Monday, June 15, 2026

वेणी प्रसाद जी की कला आज भी चमत्कार दिखाती है

On 14th June 2026 Regarding Medical Camp at Dhanwantri Garden Ludhiana 14 जून 2026 को धन्वंतरि गार्डन लुधियाना में मेडिकल कैंप के बारे में

डॉ. विश्व विजय शर्मा आज भी अनगिनत मरीज़ों का इलाज करते हैं


लुधियाना: 15 जून 2026: (मनप्रीत सिंह//मीडिया लिंक 32//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

यह कुछ दशक पुरानी बात है। कत्लेआम की आग के बावजूद पंजाब में सहनशीलता बनी रही। एक समुदाय के यात्रियों को बसों से निकालकर मारने की अमानवीय घटनाओं के बावजूद समाज में शांति और भाईचारा बना रहा। इतना ही नहीं, शाम को कुछ साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होने लगे। PAU स्टूडेंट्स होम थोड़ी दूर था, इसलिए ऐसे कुछ कार्यक्रम ओल्ड कोर्ट चौक के पास एक्सटेंशन लाइब्रेरी में होते थे। इन कार्यक्रमों में होने वाले कार्यक्रमों में विश्व भाईचारे की भावना भी साफ़ दिखती थी।

मंच संचालन के दौरान हिंदी, पंजाबी और उर्दू का मिला-जुला रंग भी महसूस होता था। स्टेज से होने वाले अनाउंसमेंट के बीच कविता और शायरी का भी रंग होता था। शायद ऐसे प्रोग्राम अब भी होते होंगे, लेकिन मुझे बहुत समय से पता नहीं है। शायद किसी ने मुझे बुलाया ही नहीं।

आज जिस प्रोग्राम की याद मैं शेयर कर रहा हूँ, उसमें मशहूर लेखक और जानकार डॉ. ज्ञान सिंह मान भी थे, जिनकी तांत्रिक के तौर पर भी शोहरत आसमान छू रही थी। इन इवेंट्स में औरतें भी बड़ी संख्या में शामिल होती थीं।

इस मौके पर मशहूर डॉ. वेणी प्रसाद जी भी मौजूद थे, जिनके परिवार का अस्पताल आज भी टैगोर नगर, धन्वंतरि गार्डन में बहुत मशहूर जगह है। शारीरिक और मानसिक बीमारियों से परेशान लोग आज भी यहाँ ज़रूर पहुँचते हैं। इस स्थान पर कई बीमारियों का इलाज मौजूद है, लेकिन सांस और अस्थमा के मरीज़ बहुत ज़्यादा हैं - कभी-कभी एक दिन के फिक्स कैंप में कुछ हज़ार मरीज़। मरीज़ आते और डॉ. साहब अपने असिस्टेंट और दोस्त बस्सी साहब के साथ उन्हें दवा का एक पैकेट या दो-तीन कैप्सूल देते और आँखें बंद करके कुछ ऐसा मंत्र पढ़ते...!

मैंने पूछा भी कि यह कौन सा मंत्र है जो आप बिना आवाज़ ऊंची किए पढ़ते हैं...? उन्होंने मुस्कुराकर मेरा सवाल टाल दिया...! जब मैंने पूछा कि आप किसी की बीमारी के बारे में पूछते भी नहीं हैं और बस दवा दे देते हैं,तब भी वह सिर्फ़ मुस्कुराए लेकिन उनके साथ खड़े मिस्टर MP बस्सी ने कहा कि यह खास दवा डॉक्टर साहब का बहुत पुराना और खास राज़ है। बल्कि यूं कहें कि यह उनके पिता माननीय कविराज वेणी प्रसाद जी का राज़ है, जिसका फ़ायदा लाखों-करोड़ों लोगों ने उठाया है। 

आज भी कुछ हज़ार मरीज़ डॉक्टर विश्व विजय शर्मा के पास दवा लेने आए थे। मिस्टर MP बस्सी भी डॉक्टर विश्व विजय शर्मा के पड़ोसी हैं और बैंक से रिटायर हो चुके हैं। दोनों दोस्तों के बीच इतना प्यार है कि दोनों दिन का ज़्यादातर समय साथ बिताते हैं। बस्सी साहब डॉक्टर साहब के मरीज़ों को देखते हैं और इलाज में डॉक्टर साहब के असिस्टेंट का रोल बड़ी ज़िम्मेदारी से निभाते हैं।

असल में, अपने पिता कविराज श्री वेणी प्रसाद की तरह अब उनके बेटे डॉक्टर विश्व विजय शर्मा जी में भी सिर्फ़ चेहरा देखकर बीमारी का पता लगाने की चमत्कारी काबिलियत है। लोग उन्हें कोई चमत्कारी बाबा कहते हैं। वे बिना कुछ पूछे लोगों का बहुत कामयाबी से इलाज करते हैं। कविराज वेणी प्रसाद जी से मिली हुई शिक्षा उनके बेटे के ज़रिये शिक्षा आज भी फल-फूल रही है। चमत्कार आज भी नज़र आते हैं। लोग बीमारी का दुःख लेकर आते हैं लेकिन सुखी हो कर वापिस जाते हैं। 

14 जून को हुए कैंप का भी कई लोगों ने फ़ायदा उठाया और अब दूसरा स्पेशल कैंप 20 जुलाई, 2026 को और तीसरा कैंप 23 नवंबर से 27 नवंबर, 2026 तक लगाया जाएगा।

Wednesday, April 15, 2026

त्योहारों के अवसर पर किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 15 APR 2026 at 7:58 AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया 

नई दिल्ली: 15 अप्रैल 2026: (PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन डैस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उमंग और उल्लास से भरे अवसरों पर राष्ट्र उन मेहनती किसान भाइयों और बहनों के प्रति कृतज्ञ है, जो पूरे देश का भरण-पोषण करते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”

इस सुभाषितम् का अर्थ है कि जिस प्रकार किसान द्वारा बोया गया एक छोटा सा बीज, यदि उचित समय पर जल से सींचा जाए तो समय के साथ भरपूर फसल देता है, उसी प्रकार शुद्ध संकल्पों के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी मनुष्य को महान सफलता प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स(X) पर लिखा;

“देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी कई पर्व-त्योहार मनाए गए हैं। उमंग और उल्लास से भरे इन अवसरों के लिए हम अपने परिश्रमी किसान भाई-बहनों के कृतज्ञ हैं, जो पूरे देश का पोषण करते हैं।

इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”

***//पीके/केसी/पीकेपी//(रिलीज़ आईडी: 2252032)

Saturday, March 21, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 21 MAR 2026 at 4:26 PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री ने ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं; क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर ज़ोर दिया

नई दिल्ली: 21 मार्च 2026:(PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन डैस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की। उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत बनाने पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन को ईद और नवरोज़ के शुभ अवसरों पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। चर्चा के दौरान, दोनों नेताओं ने  उम्मीद व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लेकर आएगा। श्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हाल ही में हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के अत्यधिक महत्व को दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। इसके अलावा, श्री मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक सराहना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा:

"राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की और ईद तथा नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं। हमने उम्मीद ज़ाहिर की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाएगा।

क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं।

नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।

ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की।"

*******//पीके/केसी/पीके//(रिलीज़ आईडी: 2243383) 

Monday, February 23, 2026

एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज, लुधियाना में पुस्तक का विमोचन

BB Goel on 23rd February 2026 at 05:28 PM Regarding Book Release

 अंग्रेजी कवि प्रो. अशोक कपूर ने लिखी है यह पुस्तक 


लुधियाना23 फरवरी 2026: (ब्रिज भूषण गोयल// पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

कविता जीवितों की आवाज़ है। इसी तरह के साहित्यिक विचारों को प्रोत्साहित करते हुएएससीडी गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना ने प्रोफेसर अशोक कपूर द्वारा लिखित कविताओं का एक बहुत ही गहन संग्रह 'सैलीज़ ऑफ़ सर्रियल शेड्सका विमोचन किया। प्रोफेसर कपूर जो 1960 के दशक की शुरुआत में एक पूर्व छात्र थेअब अपने अस्सी के दशक में हैं। प्रोफेसर कपूर ने अपने तत्कालीन सहपाठियों के साथ-साथ कॉलेज के अपने छात्रों को भी आमंत्रित किया जहां उन्होंने 30 वर्षों तक पढ़ाया। प्रिंसिपल गुरशरणजीत सिंह संधू ने पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि कॉलेज को हमेशा प्रोफेसर कपूर जैसे पूर्व छात्र शिक्षकों से प्रेरणा की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर पूर्व छात्र प्रो. सागर चंद जैनहरीश कौरामंजुला जैनप्रोफेसर राजिंदर जैननवदीप सिंहओपी वर्मामनप्रीत सिंहप्रोफेसर विजय असधीर और पूर्व छात्र संघ के संगठन आयोजन सचिव बृज भूषण गोयल मौजूद थे प्रोफेसर अमिता थम्मन और दूसरे शिक्षक जैसे प्रोफेसर हरमीत कौरप्रोफेसर प्रीति खन्नाप्रोफेसर गुरजीतप्रोफेसर अतिंदर पांडेप्रोफेसर सूरज कुमारप्रोफेसर सारिका और प्रोफेसर गीतांजलि पबरेजा भी इस सेरेमनी में शामिल हुए। इस मौके पर प्रोफेसर कपूर ने अपनी कविता ‘कॉलेज के दिनों की यादें’ सुनाई। उन्होंने कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए कॉम्पिटिशन बुक्स खरीदने के लिए बीस हजार की रकम भी डोनेट की।

गोयल ने कहा कि प्रोफेसर कपूर की क्रिएटिव कविता से स्टूडेंट्स को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। प्रोफेसर पीके शर्मा ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी और पुरानी पीढ़ी को क्रिएटिव कामों के ऐसे सेलिब्रेशन में शामिल होना चाहिए। ओपी वर्मा ने एल्युमनाई को सम्मानित करने के लिए कॉलेज मैनेजमेंट को धन्यवाद दिया। किताब का फॉरवर्ड लिखने वाले ब्रिटिश काउंसिल के पूर्व स्कॉलर डॉ. सतीश के. कपूर ने कहा, “प्रोफेसर कपूर की कविताएं एनर्जी से भरी हैंउनके शब्द नाचते हैंऊंचाइयों तक जाते हैं और हमें अंदर की जागृति की पुकार के साथ प्रकृति से जोड़ते हैं।”

बृज भूषण गोयल , आयोजन सचिव एलुमनाई एसोसिएशन, SCD गवर्नमेंट कॉलेजलुधियाना 9878790866


Sunday, February 22, 2026

2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनेगी--नायब सिंह सैनी

आम आदमी पार्टी ने बड़े-बड़े सपने दिखाकर केवल वोट बटोरने का काम किया 

पंजाब को विकास की दौड़ में AAP ने पीछे धकेल दिया

पंजाब में आप ने महिलाओं को 1100-1100 रुपये देने का वादा पूरा नहीं किया

जबकि हरियाणा में महिलाओं को 2100 प्रति महीना दिया जा रहा है

लुधियाना में चली हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की आंधी 


लुधियाना
: 22 फरवरी 2026: (प्रदीप शर्मा इप्टा//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

लुधियाना दक्षिणी हलके के ग्यासपुरा मंडल में भाजपा पूर्वांचल मोर्चा की ओर से जिला अध्यक्ष रजनीश धीमान की अध्यक्षता में  आयोजित पूर्वांचल सम्मान रैली में  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा विशेष रूप से रैली में शामिल हुए।रैली को संबोधित करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में सत्ता में रही आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने पंजाब के लोगों से किए एक भी वादे को पूरा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों ने बड़े-बड़े सपने दिखाकर केवल वोट बटोरने का काम किया और पंजाब को विकास की दौड़ में पीछे धकेल दिया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस और आप सरकार झूठे वादे कर लोगों को गुमराह कर रही है, यहां तक कि पंजाब में महिलाओं को 1100-1100 रुपये देने का वादा पूरा नहीं किया जबकि हरियाणा में महिलाओं को 2100 प्रति महीना दिया जा रहा है। किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए नायब सिंह सैनी ने हरियाणा माडल का हवाला दिया। मुख़्यमंत्री सैनी ने कहा कि हरियाणा में किसानों की पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाती है और यदि सब्जियों या अन्य फसलों के बाजार भाव कम मिलते हैं, तो सरकार उसकी भरपाई करती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ही पंजाब को नंबर एक राज्य बनाया जा सकता है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने विदेशों में देश की छवि को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा की आगामी विधानसभा चुनाव जो 2027 में होने वाले है उसमें भाजपा सरकार बनाएगीं। 

इस मौके पर भाजपा के जिला पदाधिकारीयों ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सम्मानित किया।इस मौके पर प्रदेश के महामंत्री अनिल सरीन,प्रदेश कोर ग्रुप सदस्य जीवन गुप्ता,प्रवासी मोर्चा के प्रधान राजेश मिश्रा,राज कुमार भरद्वाज,जिला महामंत्री सरदार नरेंदर सिंह मल्ली,डाक्टर कनिका जिंदल,जिला उपाध्यक्ष महेश शर्मा,डाक्टर निर्मल नय्यर,मनीष चोपड़ा,नवल जैन,लक्की शर्मा,जिला सचिव सतनाम सिंह सेठी,अंकित बत्रा,प्रेस सचिव डा.सतीश कुमार,सोशल मीडिया इंचार्ज राजन पांधे,दफतर सचिव परवीन शर्मा,प्रवक्ता सुरिंदर कौशल,साबिर हुसैन,,रोहित सिक्का,पार्षद,राजेश मिश्रा,सुनील मौदगिल,विपन विनायक,युवा मोर्चा प्रधान रवि बत्रा,महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष शीनू चुग,सरदार निर्मल एस.एस,रवि चौरसिया,भाजपा के मंडलों के अध्यक्ष,मंडलों के प्रभारी आदि भाजपा के हजारों कार्यकर्त्ता इस रैली में शामिल हुए।

Wednesday, January 28, 2026

प्रधानमंत्री ने दी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 January 2026 at 9:35AM by PIB Delhi

नई दिल्ली: 28 जनवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली/ /पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

आज देश के साथ साथ पूरा पंजाब भी लाला लाजपत राय जी को याद कर रहा है। आज उनकी जयंती है। इस पावन और यादगारी अवसर पर राष्ट्रवाद को समर्पित सभी लोग लाला जी की कुर्बानियों को याद कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती पर आज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा, "उनका बलिदानी जीवन देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"

प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

"मातृभूमि की अमर संतान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका बलिदानी जीवन देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।"