Monday, January 23, 2023

ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक जंग

Monday 23rd January 2023 at 4:02 PM

एक हफ्ते में 241 ड्रग तस्कर  गिरफ्तार// 5 किलो हेरोइन भी बरामद 

 4.90 किलो अफीम भी पकड़ी और  7.89 लाख रुपए ड्रग मनी भी 

*मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर  ज़ोरदार एक्शन  शुरू 

*पंजाब पुलिस राज्य से नशों की समस्या का सफाया करने के लिए हुई फिर से वचनबद्ध

*एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में पीओज़/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए भी विशेष अभियान 

*पीओज़/भगोड़ों की गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंची

*चीनी डोर के खिलाफ कार्रवाई हुई तेज़ 

*पंजाब पुलिस ने चीनी डोर के 11,364 बंडल बरामद किए

*डोर के मामले में ही एक महीने में 255 लोगों को किया गिरफ्तार

चंडीगढ़: 23 जनवरी 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

नशे के असर में जहां जुर्म तेज़ी से बढ़ता है वहीं युवा पीढ़ी का कई तरह से पत्तन होना शुरू हो जाता है। नशे के जाल में फंसे युवक जहँ जुर्मी की दुनिया में पहुँच जाते हैं वहीं उनका फायदा राष्ट्रविरोधी तत्व भी उठाने लगते हैं। पुलिस की तरफ से चलाए गए अभियान पर एक नज़र डाली जाए तो बहुत सी भयावह तसीरें सामने आती हैं। इस सारे माहौल को बदलने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ज़ोरदार पहल कदमी की है। 

मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर शुरू की गई नशों के विरुद्ध जारी निर्णायक जंग के बीच पंजाब पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस (एनडीपीएस) के तहत 18 वाणिज्यिक समेत 173 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करके पिछले सप्ताह में राज्य भर में सक्रिय 241 नशा तस्करों/आपूर्तिकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) मुख्यालय सुखचैन सिंह गिल ने सोमवार को यहां अपने साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस ने 5 किलोग्राम हेरोइन, 4.90 किलोग्राम अफीम, 5.92 क्विंटल चूरा पोस्त और 1.95 लाख गोलियाँ भी बरामद की हैं। फार्मा ओपिओइड के कैप्सूल/इंजेक्शन/शीशियों के अलावा उनके उन्होंने कहा कि एनडीपीएस मामलों में पिछले सप्ताह गिरफ्तार किए गए 13 और घोषित अपराधियों (पीओ)/भगोड़ों के साथ गिरफ्तारियों की कुल संख्या 636 तक पहुंच गई है, क्योंकि 5 जुलाई, 2022 से पीओ/भगोड़ों को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया था।

चीनी पतंग की डोर का व्यापार करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई पर मासिक विवरण साझा करते हुए, आईजीपी ने कहा कि पुलिस टीमों ने 234 प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करने के बाद 11,364 चीनी डोर के बंडल बरामद किए हैं, और 255 लोगों को इस घातक पतंगबाज़ी की डोर को बेचने में लिप्त लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशानुसार पंजाब पुलिस चीनी पतंगबाज़ी की डोर बेचने और खरीदने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब गौरव यादव ने सभी सी.पीज़/एसएसपीज़ को सख़्त हिदायतें दी थीं कि वह हरेक मामले, ख़ास तौर पर नशों की बरामदगी से जुड़े मामलों की बारीकी से पड़ताल करें, भले ही उनसे मामूली मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई हो।  

इस बीच, पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब पुलिस द्वारा सीमावर्ती राज्य से नशों के खतरे से निपटने के लिए व्यापक नशा विरोधी मुहिम शुरू की गई है। डीजीपी ने सभी सीपी/एसएसपी को सख़्ती से आदेश दिया है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में सभी हॉटस्पॉट्स की पहचान करें जहां ड्रग्स का प्रचलन है, और सभी शीर्ष ड्रग तस्करों पर नकेल कसें। उन्होंने पुलिस प्रमुखों को गिरफ्तार किए गए सभी नशा तस्करों की संपत्ति को प्रभावी ढंग से जब्त करने के भी निर्देश दिए, ताकि उनकी अवैध कमाई की वसूली की जा सके।

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Friday, January 20, 2023

मोहाली:YPS चौंक बन चुका है दिल्ली के सिंघू बॉर्डर जैसा दृश्य

19th January 2023 at 06:09 PM

कौमी इंसाफ मोर्चा में निरंतर बढ़ रहा है संगत का जमावड़ा


वाईपीएस चौक//मोहाली: 19 जनवरी 2023 की शाम: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::  

जिन लोगों ने दिल्ली की सीमाओं पर किसान मोर्चा के ऐतिहासिक जमावड़े को देखा, उनकी यादों में उनके दृश्य हमेशा के लिए अंकित हो गए थे। दिल्ली के टिकरी और सिंघू बॉर्डर के मंचों और सड़कों पर उस समय किसानों के लिए इन्साफ मांगने निकले लोगों ने शांतिपूर्ण मोर्चों का एक नया इतिहास रचा था जिसने पूरी दुनिया में कई नए रेकार्ड कायम किए। किसान आंदोलन का वह विशाल मोर्चा भविष्य में भी लोगों का मार्गदर्शन करता रहेगा। जो लोग दिल्ली के मोर्चों को देखना चूक गए थे वे अब वाईपीएस चौक मोहाली में उस समय की एक झलक ज़रूर देख सकते हैं, जहां  गुरु के अटूट लंगर चल रहे हैं, वाशिंग मशीनें भी जोरों पर काम कर रही हैं और पानी के नलों की कतारें भी लगातार चल रही हैं जैसे किसी धार्मिक स्थल का दृश्य हो। 

सड़क पर सजे हुए बहुत बड़े पंडाल में गुरबानी, कीर्तन और कथा का प्रवाह किसी धर्म स्थल की तरह ही सभी का ध्यान खींच रहा है। स्पीकर से आती हुई गुरुबाणी के पाठ की मधुर आवाज़ बार बस ही मन के ख्यालों को दिव्यता की तरफ आकर्षित करती है। अगर आप किसी से पूछें कि आप इतनी ठंड में इतने उत्साह में कैसे हैं तो इसका जवाब तो तुरंत बहुत ही मिठास भरे अंदाज़ में जवाब मिलता जैसा ही होता है। हम अपने उन बेटों, भाईओं और बज़ुर्गों के वे हमारे राजनीतिक बंदी हैं जिनका संघर्ष न तो व्यक्तिगत लाभ के लिए था और न ही किसी अन्य उद्देश्य के लिए। उन्होंने सभी संघर्ष केवल पंथ और पंजाब के लिए लड़े।  और पंथ और पंजाब के लिए ही सभी सुख छोड़ कर सभी जोखिम उठाए। उन्होंने आजीवन कारावास की तुलना में सलाखों के पीछे कहीं अधिक समय बिताया है। यह मोर्चा उन सभी की रिहाई के लिए है और जब तक आरपार का अब अंतिम फैसला नहीं हो जाता हम यहां डटे रहेंगे।


कौमी इन्साफ मोर्चे पर पहुंचे इन लोगों को जलेबी, लड्डू, बिस्कुट, रस्क समेत कई चीजें भी परोसी जा रही हैं।  इससे सभी की चढ़दी  इज़ाफ़ा हो रहा है। सड़क के दोनों किनारों पर मेले जैसा माहौल है। कहीं रास्ते में कोई अपना आधुनिक धनुषबाण दिखा रहा है जो दूर तक तीर मार सकता है। यह धनुष तेतीस हज़ार रुपये और तीर छह सौ रुपये में खरीदा गया है। इसी तरह छोटी और बड़ी कृपाण भी यहाँ आए तकरीबन बहुत से लोग पहनते हैं।

ट्रैक्टर-ट्रालियों की लम्बी लाईनों ने दिल्ली के सिंघू बॉर्डर जैसा माहौल बना दिया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पंडालों में भी जगह बनाई गई है, टूरिस्ट कैंप जैसे छोटे-छोटे टेंट भी लगाए गए हैं और कुछ लोगों ने किराए पर आसपास के इलाकों में मकान लिए हैं। कुल मिलाकर लंबे संघर्ष की पूरी तैयारी है। हो सकता है सर्दी की कंपकंपाती ठिठुरन के बाद गर्मियों का मौसम भी यहां इसी माहौल में गुज़रे। 

जो लोग इस मोर्चे पर पहुंचे हैं वे सोच के मामले में भी काफी सुचेत हैं। किसी भी मुद्दे पर किसी से भी बात करें तो उसके जवाब से पता चलता है कि वह पूरी कहानी जानता है। लोग न केवल 84 जून से पहले का समय बल्कि 47 के बंटवारे से पहले का समय भी याद करते हैं। नई पीढ़ी के युवा लड़के-लड़कियों ने भी इस सरे इतिहास का पूरा अध्यन कर रखा है। उन्हें राजनीतिक नेताओं द्वारा किए गए झूठे वायदे भी याद हैं और अपने ही लोगों द्वारा किए गए विश्वासघात भी याद हैं।

यहां पहुंचे श्रद्धालु अब पूरी तरह से जागरूक हैं और सिख समुदाय के भविष्य की योजनाओं के बारे में बहस कर रहे हैं। वे खालिस्तान की मांग और अन्य मुद्दों को लेकर भी बहुत स्पष्ट हैं, लेकिन खालिस्तान के खुले समर्थन का स्वर कहीं सुनाई नहीं देता. हां, संत भिंडरां की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े पोस्टर जरूर लगे हैं, जिनमें दरबार साहिब पर हमला होने की स्थिति में खालिस्तान की नींव रखे जाने की बातें दर्ज हैं। शरीरक मौत की बजाए अंतरात्मा की मौत ही होती है असली मौत जैसी बातों वाले पोस्टर भी हैं। कुल मिलाकर माहौल दिल में हलचल सी महसूस करवाता है और मन में कई विचारोत्तेजक सवाल भी खड़े कर रहा है।

अब देखना होगा कि सिख बंदियों की रिहाई के लिए और कौन से दुसरे राजनीतिक दल इस मोर्चे में शामिल होने के लिए आगे आते हैं या फिर पंथ सुर पंजाब से दूरी बनाए रखते हैं। उल्लेखनीय है कि भाकपा माले लिबरेशन बहुत बार पहले ही सजा पूरी कर चुके बंदी सिंघों की रिहाई के लिए आवाज उठाती रही है. रविवार 22 जनवरी को पार्टी महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य एक सेमिनार में शामिल होने के लिए चंडीगढ़ आ रहे हैं। वह मोहाली के वाईपीएस चौंक के नज़दीक चल रहे कौमी इन्साफ मोर्चे में अपनी पार्टी की एकजुटता जताने के लिए वाईपीएस चौक जाएंगे या नहीं, इस संबंध में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। 


Friday, January 13, 2023

सीबीआई का एक बड़ा ऑप्रेशन "कनक"

 Friday 13th January 2023 at 09:15 PM

 अब तक लगभग 99 स्थानों पर ली गई तलाशी 

नई दिल्ली: 13 जनवरी 2023: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

सीबीआई ने एक बड़े ऑपरेशन 'कनक' में लगभग 39 स्थानों पर बहुत बड़ा एक्शन लिया है। आगे की तलाशी सहित अब तक 1.03 करोड़ रु.(लगभग) बरामद किया एवं एफसीआई के प्रबंधक को भी गिरफ्तार किया। अब तक लगभग 99 स्थानों पर तलाशी ली गई है।

सीबीआई ने आगे की तलाशी सहित अब तक 1.03 करोड़ रु.(लगभग) बरामद किया है, इस   दौरान  आगे रूप नगर, संगरूर, मोरिंडा, बस्सी पठाना फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, गुरदासपुर, बरनाला, मनसा, बठिंडा, सुनाम, बुदलाडा, मोहाली (सभी पंजाब में); अंबाला, गुरुग्राम (हरियाणा में); कोलार, चिक्काबलापुर (कर्नाटक में); चेन्नई (तमिलनाडु), नई दिल्ली व चंडीगढ़ स्थित आरोपियों के परिसरों सहित  39 स्थानों पर तलाशी ली।

इसके अलावा, आरोपियों  के परिसरों में तीन दिनों की तलाशी के दौरान तीन करोड़ रु. (लगभग) से अधिक की एफडीआर(FDRs) तथा विभिन्न संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। एफसीआई के कर्मियों, निजी चावल मिल मालिकों एवं  अनाज व्यापारियों द्वारा अपनाए गए चैनलाइज्ड/ प्रणालीकृत भ्रष्टाचार के अवैध सांठगांठ के विरुद्ध  'ऑपरेशन कनक' नाम के एक बड़े ऑपरेशन में कुल मिलाकर 99 स्थानों पर तलाशी ली गई, जिसमें अनुचित लाभ आदि प्राप्त करने  के लिए एफसीआई के कुछ कर्मियों को अनुचित रिश्वत दी गई थी। 

जांच के दौरान, सीबीआई ने एक प्रबंधक (प्रयोगशाला), एफसीआई, डीओ, चंडीगढ़ को भी गिरफ्तार किया। आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया एवं दिनांक  16.01.2023 तक सीबीआई हिरासत में भेज  गया। इससे पहले,  डीजीएम (गुणवत्ता नियंत्रण/कार्मिक) आरओ, चंडीगढ़ तथा  खरार (पंजाब) स्थित फर्म के एक मालिक को गिरफ्तार किया गया था एवं  वर्तमान में दोनों सीबीआई हिरासत में हैं

एफसीआई के सेवारत (34) एवं सेवानिवृत्त कर्मियों (3), निजी व्यक्तियों (17) और अन्य संस्थाओं आदि सहित 74 आरोपियों के विरुद्ध  मामला दर्ज किया।  ऐसा आरोप है कि पश्चपात प्राप्त करने के लिए  निजी गिरोह संचालको ने एफसीआई कर्मियों को भारी रिश्वत दी। आगे यह आरोप है कि निजी चावल मिल मालिक और अनाज व्यापारी निम्न गुणवत्ता वाले खाद्यान्नों की खरीद को समायोजित करने, खाद्यान्नों को उतारने में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में कदाचार, विभिन्न कदाचारों के विरुद्ध  जांच को प्रभावित( manage) करने  आदि में लाभ प्राप्त करने के लिए एफसीआई कर्मियों  को रिश्वत दे रहे थे। यह भी आरोप है  कि कर्मियों  ने राइस मिल मालिकों के साथ षड्यंत्र में स्टॉक में कमी को कवर किया एवं  कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्न को स्वीकार किया,  जो देश के अन्य हिस्सों में ले जाया गया। बदले में राइस मिल मालिकों ने तकनीकी सहायकों, डीजीएम, एजीएम, और यहां तक कि कार्यकारी निदेशक सहित एफसीआई के कर्मियों  को कथित रूप से चैनलाइज्ड/ प्रणालीकृत भ्रष्टाचार  के रूप में भारी मात्रा में रिश्वत देते हैं।

Wednesday, January 11, 2023

पंजाब में पराली जलाने का जवाब है बाजरा:उमेंद्र दत्त

Wednesday 11th January 2023 at 04:43 PM

वेस्टर्न फास्ट फूड कल्चर से आगाह किया एडीजी राजेंद्र चौधरी ने 

*कहा कि बाजरा ग्लूटेन मुक्त, प्रोटीन में उच्च और स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है


चंडीगढ़//लुधियाना:11 जनवरी 2023:  (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज खेती विरासत मिशन के सहयोग से लुधियाना क्लब में मीडिया से इंटरेक्शन और मिलेट लंच का आयोजन किया। आज के दौर में हमारा समाज अनाज और कृषि से सबंधित जिन संकटों का सामना कर रहा है उनके समाधान तलाशने में यह एक ऐतिहासिक आयोजन था जिसमें बहुत ही पते की और गहरी बातें चर्चा का विषय बनीं। 

भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (आईवाईएम) 2023 के प्रस्ताव को प्रायोजित किया, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) द्वारा अनुमोदित किया गया था। भारतीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी आईवाईएम 2023 को "जन आंदोलन" और भारत के लिए "बाजरा के लिए वैश्विक केंद्र" बनने की इच्छा व्यक्त की है। पीआईबी चंडीगढ़ द्वारा इस क्षेत्र में इस आंदोलन (मूवमेंट) की अगुवाई की जा रही है। उन्होंने स्थानीय मीडिया के लिए तरनतारन और चंडीगढ़ में भी मिलेट लंच का आयोजन किया है, ताकि मीडिया को बाजरा और इसके प्रचार के लिए अधिक मीडिया स्थान देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

मौजूदा दौर में पैदा हुईं स्वास्थ्य समस्यायों की चर्चा करते हुए बहुत ही पते की बातों का खुलासा किया  पीआईबी  चंडीगढ़  के एडीजी श्री राजेंद्र चौधरी ने।  उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि “वेस्टर्न फास्ट फूड कल्चर अपनाने के कारण आज की युवा पीढ़ी कम उम्र से ही स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याओं का सामना कर रही है। बाजरा विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ लड़ाई में सहायता कर सकता है। बाजरा लस (ग्लूटेन) मुक्त, प्रोटीन में उच्च, और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला होता है।इस प्रकार, वे वजन घटाने में भी मदद कर सकते हैं।”

उन्होंने कहा, "बाजरा उपभोक्ताओं और किसानों के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।" उन्होंने अपनी बात को जारी रखा “बाजरा को उगाने के लिए कम पानी और बिजली की आवश्यकता होती है। बाजरा मोटापे, मधुमेह, एनीमिया, हार्मोनल असंतुलन, उच्च कोलेस्ट्रॉल आदि जैसी कई बीमारियों से लड़ने में मदद करता है, जिससे उपभोक्ता स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। फलस्वरूप, यह संतुलित पोषक तत्वों का एक उत्कृष्ट स्रोत है।”आज के आयोजन का उद्देश्य मीडिया को बाजरा के बारे में जागरूक करना है। नतीजतन, खपत भी बढ़ेगी, जिससे मांग बढ़ेगी।”

कार्यक्रम के विशेष वक्ता, खेती विरासत मिशन के कार्यकारी निदेशक, श्री उमेंद्र दत्त ने कहा: "बाजरा को अब फ्रिंज फसल नहीं माना जाता है। वे चावल और गेहूं की चक्रीय कृषि के साथ प्रतिस्पर्धा में हैं। इसके अतिरिक्त, वे हमारे कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकते हैं।" उन्होंने पराली जलाने पर चर्चा करते हुए कहा "बाजरे का डंठल मवेशियों के लिए बहुत अच्छा भोजन है।” उन्होंने कहा “पशुओं के चारे के रूप में उपयोग किए जाने के कारण किसान बाजरे के डंठल को नहीं जलाते हैं। यह पंजाब में पराली जलाने के मुद्दे का भी जवाब हो सकता है।”

जगराओं के बाजरा उगाने वाले किसान श्री रसिंदर सिंह ने भी इस अवसर पर अपने अनुभवों की बात की और कहा कि बाजरा भी जी-20 बैठकों का एक अभिन्न हिस्सा है और प्रतिनिधियों को इसे चखने, किसानों से मिलने और बाजरा से जुड़े हुए स्टार्ट-अप के साथ इंटरैक्टिव सत्र के माध्यम से बाजरा का सच्चा अनुभव दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, "अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 के उपलक्ष्य में, बाजरा पर उचित ध्यान देने के लिए सरकार के प्रयासों को सही मायने में देखा जा रहा है, और वर्तमान बैठक का भी ऐसा ही करने का इरादा है।"

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Thursday, January 05, 2023

शिव सेना हिन्द निकालेगी एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा

Thursday 5th January 2023 at 02:45 PM

एक इंच धरती पर नही बनने देंगे खालिस्तान: निशांत शर्मा


हिन्दू नव वर्ष से होगी दिल्ली से कश्मीर तक एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा

मोहाली: 5 जनवरी 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

आज शीत लहर और सघन कोहरे के दरम्यान शिव सेना हिन्द ने खालिस्तान के खिलाफ तिरंगा यात्रा की घोषणा की। सन्नी एन्क्लेव में स्थित अपने कार्यालय में एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने तीखे शब्दों में सिख फार जस्टिस के गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी अपनी आलोचना का निशाना  बनाया। 

शिव सेना हिन्द के प्रमुख निशांत शर्मा ने कहा कि शिव सेना हिन्द देश विरोधी कट्टरपंथी ताकतों को मुँह तोड़ जवाब देने के लिए मार्च महीने में हिन्दू नव वर्ष व चैत्र मास के प्रथम नवरात्रि 22 मार्च को एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा। 

यह यात्रा भारत की राजधानी दिल्ली से लेकर हरियाणा पंजाब से होते हुए अमर शहीद श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की शाहदत वाली वीर भूमि जम्मू/कश्मीर तक की निकाली जाएगी। 

उन्होंने कहा कि पंजाब की एकता और अखंडता को तोड़ने के लिए एवं हिन्दू सिख भाईचारे के आपसी भाईचारे में नफरत का जहर घोलने के लिए गुरपतवन्त सिंह पन्नू , आईएसआई, खालिस्तान लिबरेशन फ़ोर्स, भिंडरावाला टाइगर फ़ोर्स, हिजबुल मुजाहिदीन, सिख फ़ॉर जस्टिस जैसे देश विरोधी संगठन लागातार प्रयासरत है।

ऐसे में यह एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा कट्टरपंथी ताकतों को यह एहसास करवा देगी कि देश व पंजाब की एकता अखंडता व भाईचारे के लिए और देशवासियों की आन बान शान हर भारतीय की पहचान तिरंगा के लिए मरने मिटने वालो की कोई कमी नही है। देश भक्तों के होते हुए देश विरोधी ताकतों की एक भी साजिश सफल नही हो सकती।

उन्होंने कहा कि एंटी खालिस्तान तिरंगा यात्रा का संकल्प है कि पंजाब में शिव सेना हिन्द के होते हुए पंजाब की एक इंच धरती पर भी खालिस्तान नही बनने दिया जाएगा। आंतकवाद के दौरान जिन पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान की परवाह ना करते हुए आंतकवाद का सफाया किया ऐसे अफसरों पर किये मुकदमे वापिस कर उन्हें तुरंत रिहाई की जाये और शहीद हुए पुलिस अधिकारियों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

उन्होंने कहा आंतकवाद के  दौरान मारे गए हज़ारों हिन्दू परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। टारगेट किलिंग में मारे गए हिन्दू नेताओ को शहीद का दर्जा देने व उनके परिवारों को गैस एजेंसी और पेट्रोल पंप दिए जाएं

शर्मा ने कहा कि गैंग्स्टरो बदमाशों आतंकियों के खिलाफ अदालतों में चल रहे केस को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और इनकी सुनवाई अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये की जाए।

साथ ही लोगों से लूटपाट व डरा धमका कर वसूले गए करोड़ो रूपये से बनाई गई गैंगस्टरों की अवैध प्रॉपर्टी पर बुलडोजर चला ध्वस्त किया जाए।

शिवसेना हिन्द की एक विशेष बैठक शिव सेना हिन्द स्टूडेंट विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौतम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस मौके पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा विशेष रूप से पहुंचे।

इस मौके उन के साथ राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष परविंदर भट्टी, गुरप्रीत सिंह लाडी पंजाब प्रधान, लीगल सेल के पंजाब प्रधान एडवोकेट केतन शर्मा, राष्ट्रीय प्रवक्ता कीरत सिंह मोहाली, मीडिया एडवाइजर राजिन्दर धारीवाल, पंजाब उपाध्यक्ष मनोज शर्मा, एससी विंग पंजाब प्रधान राजकुमार भट्टी भी मौजूद रहे।

पत्रकार सम्मेलन के इस मौके पर निशांत शर्मा की तरफ़ से मंडी गोबिंद गढ़ के प्रसिद्ध उद्योगपति गौरव अग्रवाल को शिव सेना इंडस्ट्री सेल का पंजाब प्रधान नियुक्त किया गया।

इस अवसर पर निशान्त शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि गौरव अग्रवाल जहां एक और बड़े उद्योगपति है वही साथ साथ वह एक समाज सेवक भी है। उन के नेतृत्व में शिव सेना हिन्द जल्द ही मंडी गोबिंदगढ़ में उद्योगपतियों की एक विशाल मीटिंग का आयोजन करेगी। इस मीटिंग में उद्योगपतियों की समस्याओं को सुन कर उन्हें हल करवाने में शिव सेना हिन्द कंधे से कंधा मिलाकर साथ देगी। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योगपति के साथ किसी भी तरह का अन्याय हम बर्दाश्त नही करेंगे।

वही इस अवसर पर उन्होंने व्यापार और उद्योग पर भी अपनी पकड़ और मज़बूत बनाने का एक नया एलान किया। उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति गौरव अग्रवाल शिव सेना हिन्द में शामिल करने की जानकारी मीडिया को देते हुए उन्हें बनाया इंडस्ट्री सेल का पंजाब प्रधान भी बनाया। इसके साथ ही करण अरोड़ा को पंजाब व्यापार मंडल का प्रधान बनाया गया। 

पत्रकार सम्मेलन में घोषणा की गई कि मंडी गोबिंदगढ़ में शिव सेना हिन्द इंडस्ट्री सेल की होगी विशाल बैठक होगी जो एक नया इतिहास रचेगी। सैंकड़ों उद्योगपति मंडी गोबिंदगढ़ में होने वाले इस सम्मेलन में शामिल होंगे। इस मौके पर मौजूद गौरव अग्रवाल ने भी कहा कि उद्योगपतियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देंगे साथ। 

इस मौके पर निशांत शर्मा एक बार फिर खुल कर आंतकवाद का सफाया करने वाले पुलिस अफसरों के हक़ में बुलंद आवाज़ से सामने आए। उन्होंने कहा कि आतंक का सफाया करने वाले ऐसे अफसरों पर किये मुकदमे वापिस कर के उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

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Wednesday, December 28, 2022

डा. इंद्रजीत वर्ल्ड फैडरेशन ऑफ़ एक्यूपंचर के कार्यकारी सदस्य

बुधवार: 28 दिसंबर 2022 बाद दोपहर 01:55 बजे//Wednesday 28th December 2022 at 1:55 PM

इस चयन पर देश और दुनिया में ख़ुशी की लहर 


लुधियाना:28 दिसंबर 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 

साधना केवल जंगल में जा कर या ऊंचे पर्वतों की गुफाओं में बैठ कर ही तो नहीं होती। कर्मयोगी बन कर भी साधना की जाती है। संसार का त्याग  करने वाले लोग कहते हैं कि संसार तो एक सपना है इसके पीछे क्या भागना! लेकिन कर्मयोग की साधना करने वाले कहते हैं कि संसार सपना नहीं संसार तो अपना है इसे हमने ही संवारना है। कर्मयोग की साधना वाले हर कदम पर इस मकसद के लिए नई जंग लड़ने को भी तैयार रहते हैं। कई दशकों से इसी साधना में रत्त डाक्टर इंद्र जीत सिंह ढींगड़ा लगातार मेडिकल के क्षेत्र  में इस विद्या के नए नए करिश्मे दिखते आ रहे हैं। इनका फ़ायद बहुत से लोगों को हुआ है। 

आधुनिकता की आंधी में चीन की इस प्राचीन विद्या को जन जन तक पहुँचाना कोई आसान काम नहीं था लेकिन डाक्टर ढींगरा ने कई बार इस विद्या की सफलता को साबित किया। गंभीर गंभीर से बिमारियों का इलाज भी किया। असाध्य रोगों को ठीक कर के भी दिखाया। आज इसी वजह से दुनिया भर में डाक्टर ढींगरा का नाम बहुत ही गर्व और सम्मान से लिया जाता है। 

डॉ. द्वारका नाथ कोटनिस एक्यूपंक्चर हॉस्पिटल एंड एजुकेशन सेंटर के निदेशक डॉ. इंद्रजीत सिंह को 10वीं महासभा में वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ एक्यूपंक्चर_मोक्सीबस्टन सोसाइटीज की 10वीं कार्यकारी समिति के सदस्य के रूप में चुना गया है। यह चयन हम सभी के लिए गौरव की बात है। देश और दुनिया में इस चयन को लेकर ख़ुशी की लहर दौड़ रही है। 

इस चयन की जानकारी देते हुए डॉ. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से भारत में एक्यूपंक्चर अनुसंधान इकाई स्थापित करेंगे ताकि हम पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली एक्यूपंक्चर के माध्यम से 2023-2024 तक सभी के लिए अच्छे स्वास्थ्य के डब्ल्यूएचओ के लक्ष्य को प्राप्त कर सकें। 

अब देखना है स्थानीय समाजिक संगठन और अन्य लोग इस नेक काम में डाक्टर ढींगड़ा के साथ कितना सहयोग करने में सफल रहते हैं। 

Monday, December 19, 2022

... नहीं तां बाज़ी लै गए कुत्ते-तैथों उत्ते...

Sunday 18th December 2022 at 4:27 PM

इंसान को दोस्ती और वफ़ादारी सिखाने वाली प्रजाति के साथ कुछ अनुभव 

मानव से ऊंचे बताया था सूफी शायर सांई बुल्ले शाह ने कुत्तों को 

लुधियाना: 18 दिसंबर 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::
       कुत्ते के प्रति मानवीय दया और प्रेम का इज़हार
       करते हुए पत्रकार सतीश कत्याल और अन्य लोग
 

इस कलियुग में भी
अभी तक एक ऐसी प्रजाति इसी धरती पर मौजूद है जो वफ़ा के लिए जानी जाती है।विश्वास के लिए जानी जाती है। प्राचीन काल में इन्हें दरवेश कहा जाता था। बुल्ले शाह जैसे महान सूफी शायरों ने भी इसी प्रजाति का गुणगान किया था। उठ बुल्लिया चल यार मना लै नहीं तां बाज़ी लै गए कुत्ते-तैथों उत्ते। जी हाँ आप ने सही समझा हम कुत्तों की बात ही कर रहे हैं। कुत्ता शब्द अक्सर इंसान लोग एक दुसरे को गाली के लिए भी इस्तेमाल करते हैं जो कि सरासर कुत्तों को अपमान है। आजकल का दगाबाज़ और स्वार्थी इंसान कुत्ता कहलाने के काबिल ही कहाँ है! शायद यही वजह है कि आम और ख़ास जनता में कुत्तों को अडॉप्ट करने, खरीदने और घरों में अपनी संतान की तरह संभाल कर रखने का रिवाज लगातार तेज़ी से बढ़ता जा रहा है। खुद हम लोग वफादार बनें या न बनें लेकिन घरों में वफ़ादारी का जीवंत शोपीस ज़रूर रखना चाहते हैं। इसी बहाने से आज के दौर में कुत्ते के प्रति दया और प्रेम के इज़हार की भावना भी मज़बूत हो रही है। शायद इसी बहाने हम लोग इस वफादार दोस्त की मेहरबानियों का कुछ कर्ज़ अदा कर सकें। साथ ही संभव है शायद आपको अस्सी के दश्क में लोकप्रियता के शिखर छूने वाली एक बहु चर्चित फिल्म "तेरी मेहरबानियां" भी याद आ जाए जिसका हीरो एक कुत्ता था, फिल्म में उसका नाम मोती था लेकिन असली नाम था ब्राउनी। उस कुत्ते ने बहुत सी फिल्मों में काम किया। अब तेरी मेहरबानियां पार्ट-टू या उसका सेकुएल भी बन रहा है वो भी पूरे 37 साल के बाद। इसकी चर्चा भी हमकिसी अलग पोस्ट में करंगे। फ़िलहाल लौटते हैं कुत्तों  रहे मानवीय प्रेम पर। यह भावना निरंतर बलवती होती जा रही है। 

इस भावना के चलते ही कुत्तों का अच्छा ख़ासा कारोबार भी होने लगा है। कारोबारी भी मुनाफे में रहते हैं और सरकार को भी रजिस्ट्रेशन के नाम पर अच्छी खासी आमदनी होती है। इस सारे ट्रेंड को और बढ़ाने के लिए एक  शो वेटरनरी यूनिवर्सिटी (GADVASU) ने भी आयोजित किया।  

वैट-वर्सिटी की तरफ से यह शो प्रभावशाली डॉग शो का आयोजन था। गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU) में इंसान के सबसे करीबी और वफादार प्रजाति का शो। वही प्रजाति जिसने इंसान को सबसे अच्छे दोस्त दिए। उसे वफादारी और दोस्ती की मिसाल बन के जीना सिखाया। यह डॉग शो उन लोगों के लिए भी एक सुनहरी मौका था जो पिल्ले बेचने का कारोबार करते हैं। इंसान ने बेशगक अपनी कीमत अपनी करतूतों और मजबूरियों के चलते गिरा दी हो लेकिन कुत्ते की कीमत बाज़ार में लगातार बढ़ रही है।  यह लुधियाना का "डॉग शो" वास्तव में दुनिया भर के ट्रेंड की एक झलक था। 

गडवासू के कुलपति डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि एकल परिवारों में वृद्धि के साथ पालतू जानवरों का महत्व बढ़ रहा है और इस प्रदर्शनी ने सभी हितधारकों को पालतू जानवरों के कल्याण से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने का मौका प्रदान किया है। 

यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि इस वर्ष को 'विश्व पशु चिकित्सा वर्ष' के रूप में मान्यता दी गई है। डॉग शो की शुरुआत उद्घाटन सत्र से हुई, जहां डॉ. कमल कुमार गर्ग, आईएएस, मुख्य अतिथि ने शो का उद्घाटन किया। उन्होंने समाज के साथ सह-विकास के कारण पसंदीदा पालतू जानवर के रूप में कुत्तों के महत्व के बारे में बात की। 

उन्होंने अपना विश्वास व्यक्त किया कि कुत्ते के प्रजनन, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए डॉग शो एक महत्वपूर्ण मंच होगा। डॉ. सतबीर सिंह गोसल, उप-कुलपति, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय 'विदाई समारोह' के दौरान मुख्य अतिथि थे। 

डॉ गोसल ने कहा कि कुत्तों ने मानव समाज के साथ अपने सह-अस्तित्व के सैकड़ों वर्षों में अपनी जीवटता और मूल्य साबित किया है। उन्होंने कहा कि शो पालतू जानवरों के मालिकों के लिए पशु चिकित्सकों और उद्योग के साथ बातचीत करने का एक शानदार अवसर था। उन्होंने राज्य में पशु स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में गडवासु द्वारा की गई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की। 

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ एच एस बांगा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से इंसानों और पालतू जानवरों के बीच मजबूत बंधन और साहचर्य प्रदर्शित करने में मदद मिलती है। डॉग शो के बारे में पशु चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ अश्विनी कुमार ने भी बहुत ही अच्छी जानकारी दी। 

विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. प्रकाश सिंह बराड़ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कुत्तों की विभिन्न नस्लों की प्रदर्शनी हमारे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में उनके महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करेगी।संगठन सचिव डॉ. धीरज गुप्ता ने बताया कि होमगार्ड्स के डॉग स्क्वायड द्वारा एक कौशल शो का भी आयोजन किया गया था। 

टॉय, टेरियर, यूटिलिटी, हाउंड, गन डॉग, वर्किंग, पैस्टोरल और विविध समूहों सहित कुत्तों की आठ श्रेणियों में नस्ल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जहां 125 से अधिक मालिकों ने अपने कुत्तों का प्रदर्शन किया। श्री अश्विंदर सिंह, मेजर अमरजीत बाठ को आवारा कुत्तों की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। 

GADVASU ने हाल के दिनों में ही एक डायलिसिस यूनिट की स्थापना की। गुर्दे की समस्याओं से प्रभावित कुत्तों का यहां इलाज किया गया और जीवित रहने के बाद स्वस्थ जीवन जीने के बाद उन्हें सम्मानित भी किया गया। बड़ी संख्या में प्रजनकों ने कार्यक्रम स्थल पर कुत्तों, बिल्लियों और पक्षियों की विभिन्न नस्लों का प्रदर्शन किया। उद्योग द्वारा फ़ीड और स्वास्थ्य पूरक, ग्रूमिंग किट, बिस्तर और अन्य सामान की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई थी। गडवासू के सभी अधिकारी, संकाय सदस्य, कर्मचारी और बड़ी संख्या में कुत्ता प्रेमी इस अवसर पर उपस्थित थे। कुल मिला कर यह एक यादगारी शो साबित हुआ।

इंसानों से निराश हुए लोग अब कुत्तों की तरफ क्यूं आकर्षित हो रहे हैं इसकी चर्चा अलग से करेंगे। उसमें आपको बटेंगे उन लोगों की कहानियां जिन्होंने कुत्तों को अपने परिवारिक सदस्य की तरह अपना कर कुत्तों की मेहरबानियों का अहसास किया और उसका बदला चुकाने का थोड़ा सा प्रयास किया। आप भी आगे आईए। आप इन्हें अपना नहीं सकते तो कृपया पत्थर भी मत मारिए। इन्हें अपने वाहनों से चोट भी मत पहुंचाइए। 

कुत्तों के लिए अपना विशेष समय निकलने वाले लोगों की चर्चा भी हम अपनी अलग पोस्टों में करेंगे ही। ये वो लोग हैं जो इंसान होने का धर्म सच्चे ढंग से निभा रहे हैं। 

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