Sunday, May 31, 2020

मृत्यु, बीमारी और गरीबी का प्रमुख कारण : धूम्रपान

 कैंसर का प्रमुख कारण: धूम्रपान 
*धूम्रपान से होती है दुनिया भर में एक वर्ष में 8 मिलियन से अधिक लोगों की मृत्यु
लुधियाना: 31 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)
विश्व तंबाकू दिवस हर साल 31 मई को दुनिया भर में मनाया जाता है। यह वार्षिक उत्सव जनता को तम्बाकू के उपयोग के खतरों, तम्बाकू कंपनियों की व्यावसायिक प्रथाओं, उनके आस-पास के लोग, एक स्वस्थ दुनिया पर अपना दावा करने और भावी पीढ़ियों की रक्षा करने और तम्बाकू महामारी से लड़ने के बारे में बताते हैं। जानें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) क्या कर रहा है.

आज विश्व तंबाकू दिवस पर डॉ। रमेश एम। डी स्टेट अवार्डी, नेत्र रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा निदेशक, डॉ। रमेश सुपरस्पेशलिटी आई एंड लेजर सेंटर और पुनर्जोत आई बैंक सोसायटी (रजि।), लुधियाना ने कहा कि धूम्रपान दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक है, जो इसे दुनिया के प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरों में से एक बनाता है। प्रत्येक वर्ष 8 मिलियन से अधिक लोग मारे जाते हैं इनमें से 7 मिलियन से अधिक मौतें सीधे धूम्रपान के उपयोग का परिणाम हैं, जबकि लगभग 1.2 मिलियन धूम्रपान करने वाले सेकेंड हैंड धुएं के संपर्क में हैं।

तंबाकू के सभी रूप हानिकारक हैं, और तंबाकू के संपर्क का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है। धूम्रपान दुनिया भर में तंबाकू के उपयोग का सबसे आम रूप है।

दुनिया भर में 1.3 बिलियन धूम्रपान करने वालों में से 80% निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं, जिसमें तंबाकू से संबंधित बीमारी और मृत्यु का सबसे अधिक शिकार होता है।

तंबाकू के धुएं के संपर्क में कोई सुरक्षित स्तर नहीं है, जो हर साल 1.2 मिलियन से अधिक समय से पहले मृत्यु और गंभीर हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बनता है।

2003 में, WHO के सदस्य राज्यों ने सर्वसम्मति से तम्बाकू नियंत्रण पर WHO फ्रेमवर्क कन्वेंशन को अपनाया। 2005 से प्रभावी, वर्तमान में दुनिया की 90% से अधिक आबादी वाले 182 दल हैं।

WHO FCTC सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर है। यह एक साक्ष्य-आधारित संधि है जो लोगों के स्वास्थ्य के उच्च स्तर पर अधिकार की पुष्टि करता है, अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य सहयोग के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है और अनुपालन के लिए उच्च मानक निर्धारित करता है। संधि की स्थापना को मजबूत करना विशेष रूप से 2030 के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को 3. ए के रूप में शामिल करता है।

आज पूरी दुनिया एक कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है, जिसमें प्रत्येक मनुष्य इस महामारी से बचने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन कर रहा है यहां तक ​​कि अगर धूम्रपान जैसी महामारी को रोकने के लिए ऐसे नियमों का पालन किया जाता है, तो कुछ ही समय में धूम्रपान को रोका जा सकता है।
डाक्टर रमेश एम डी हैं और स्टेट अवार्डी भी हैं 
उनसे संपर्क किया जा सकता है उनके मोबाईल नंबर +917589944331 के ज़रिये 

Thursday, May 28, 2020

कोरोना +ve मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की जांच तेज़

होशियारपुर में लिए गए 49 नए सैंपल: सिविल सर्जन
होशियारपुर: 27 मई 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
जिले में कोविड-19 संबंधी स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डा. जसवीर सिंह ने बताया कि आज जिले में पाजीटिव मरीजों के संपर्क में आने वाले 49 नए सैंपल लिए गए है। उन्होंने बताया कि अब तक 2097 सैंपल लिए जा चुके हैं, जिनमें से 1822 सैंपल नैगेटिव आए हैं व 135 सैंपलों की रिपोर्ट आनी बाकी है। उन्होंने कहा कि अभी तक 29 सैंपल इनवैलिड पाए गए हैं व जिले में 111 कोरोना पाजीटिव मरीज सामने आ चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 89 मरीज ठीक हो चुके हैं व पांच की मौत हो चुकी है।  
सिविल सर्जन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों के मुताबिक घर से जरुरी काम के लिए बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति के लिए मुंह पर मास्क लगाना जरुरी है व यदि कोई इसका पालन नहीं करता तो उसे 200 रुपए जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वाले व्यक्तियों को 100 रुपए जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी लोग कोविड-19 के फैलाव को रोकने के लिए सरकार की हिदायतों का पालन करना यकीनी बनाएं।

Tuesday, May 19, 2020

पवित्र कुरान पूरे विश्व के लिए रहमत का पैगाम:नायब शाही इमाम

19th May 2020 at 4:04 PM
खत्म कुरान शरीफ  के आयोजनों को ऑनलाइन संबोधन किया
लुधियाना जामा मस्जिद से खत्म कुराने पाक के प्रोग्राम को संबोधित करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 19 मई 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
कोरोना महामारी को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच शहर की विभिन्न मस्जिदों में पांच-पांच नमाजियों ने पवित्र रमजान शरीफ के बीच इमाम हाफिज हजरात से कुरान शरीफ सुन रहे है। बीते दो दिन से खत्म कुरान शरीफ  केे आयोजनों का सिलसिला शुरू हो चुका है, इस बार खत्म कुराना शरीफ  के आयोजनों को लुधियाना जामा मस्जिद से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ऑनलाइन संबोधन कर रहे हैं। ब्राउन रोड स्थित मस्जिद अहरार में बीती रात खत्म कुरान पाक के आयोजन को संबोधन करते हुए मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान का पवित्र महीना एक इंकलाबी इबादत है, यह जहा इंसान को बुराईयां त्याग कर अच्छाइयों की ओर प्रेरित करता है वहीं यह पवित्र महीना कुरान शरीफ  के नाजिल होने का भी है, इस महीने में अल्लाह ने अपनी यह किताब आखरी नबी हजरत मुहम्मद साहब सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर नाजिल फरमाई। नायब शाही इमाम ने कहा कि पवित्र कुरान विश्व भर के इंसानों के लिए रहमत का पैगाम है, उन्होंने कहा कि दुनिया में कुरान शरीफ  आने के बाद इंसानों में बराबरी आनी शुरू हुई। अमीर-गरीब गोरे और काले और छुआ-छूत का खात्मा हुआ। नायब शाही इमाम ने कहा कि अल्लाह ने कुरान शरीफ में अपने बंदों को कह दिया है कि वह इंसानियत की सेवा को सबसे बड़ी इबादत समझें। नायब इमाम ने कहा कि विश्व भर में कोरोना महामारी के बीच मस्जिदों में पांच-पांच लोग कुरान पाक सुनकर उस अजीम रिवायत को कायम रख रहे हैं जो कि शरीयत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हम प्रार्थना करते हैं कि जल्दी ही दुनिया भर से कोरोना वायरस समाप्त हो और विश्व भर के लोग पहले की तरह जीवन व्यतीत कर सकें। नायब शाही इमाम ने कहा कि वैज्ञानिकों और डॉक्टरों के तर्क अपनी जगह सही है लेकिन इसके साथ-साथ सभी इंसानों को यह बात समझ लेनी चाहिए की जब भी हम प्रकृति के साथ और खुदा के दिए हुए इस जिस्म के साथ खिलवाड़ करते हैं तो ऐसी बीमारियां खुदा की तरफ  से आती है इसलिए हमें जहां कोरोना वायरस से बचने के लिए वह सभी उपाय करने हैं जिनके लिए मेडिकल साइंस हमें समझा रही है उसके साथ-साथ हमें गुनाहों को त्यागना होगा, अपने दिल को साफ  रखना होगा, नफरतों को खत्म करना होगा, गरीब का साथ देना होगा और मां बाप की सेवा करते हुए समाज के प्रति वफादारी दिखानी होगी। मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि कुरान शरीफ को तजुर्मे (अर्थ) के साथ पढऩा चाहिए ताकि आप यह समझ सके की इलाही पैगाम आपको किस तरह सीधे रास्ते पर चलाना चाहता है। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में विभिन्न धर्मो को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है जब हम किसी भी धर्म की किताब और उसकी शिक्षाओं को करीब से देखेंगे तो यह बात सामने आएगी के धर्म इंसान को जोडऩे की बात करता है तोडऩे की बात नहीं करता। उन्होंने कहा कि अफसोस की बात है कि कोरोना महामारी के बीच बहुत से लोग धर्म की राजनीति करके रोटियां सेकना चाहते हैं। यह समय देश के गरीब लोगों के साथ खड़े होने का है और कोरोना महामारी के खिलाफ  लडऩे का है। इस अवसर पर नायब शाही इमाम ने विश्व भर में कोरोना महामारी से मुक्ति के लिए विशेष दुआ भी करवाई। 


Monday, May 18, 2020

नहीं होने देंगें शराब का अवैध कारोबार:डिप्टी कमिश्नर

Monday: 18th May 2020 at 6:12 PM 
सभी सबंधित विभागों की संयुक्त टीमें करेंगी छापेमारी
होशियारपुर: 18 मई 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

शराब के अवैध कारोबार को ले कर पंजाब के सभी ज़िलों में पूरी सख्ती के आदेश जारी हो गए हैं। शराब का अवैध कारोबार करने वाले लोग जहां सरकार की कमाई में सेंध लगाते हैं वहीँ लोगों तक मनमर्ज़ी की मिलावटी शराब पहुंचा कर उनके  खिलवाड़ भी करते हैं। लॉक डाउन के दौर में शराब  बंद रहना एक रेकार्ड रहा। अब जबकि ठेके खुल गए हैं तो सरकार की कोशिश यही है कि शराब खरीदने के इच्छुक यहीं से शराब खरीदें। इसलिए जो लोग अपने  तरीकों से शराब बेचने में लगे हैं उन सरकार की सतर्क निगाह है। अब उनकी खैर नहीं। इसलिए समझदार लोग अवैध शराब को खुद ही छोड़ दें तो फायदे में रहेंगे।  इस आशय के संकेत सभी ज़िलों में दे दिए गए हैं। 
डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात ने कहा है कि ज़िले में शराब का अवैध कारोबार नहीं होने दिया जाएगा व यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो नियमों मुताबिक सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि शराब की गैर-कानूनी बिक्री व स्टोरेज संबंधी सिविल, पुुलिस व एक्साइज की संयुक्त टीमों की ओर से विशेष चैकिंग की जाएगी।   
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ज़िले में लाकडाउन के दौरान(23 मार्च से 16 मई तक) एक्साइज एक्ट संबंधी 76 पर्चे दर्ज किए गए हैं व 97 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि करीब लाखों रुपए की लागत वाली गैर कानूनी शराब की 8503 बोतलें, देसी शराब की 334 बोतलें व रॉ एल्कोहल की 1050 बोतलें पकड़ी गई हैं।
श्रीमती अपनीत रियात ने एक्साइज विभाग व जिला पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि शराब की गैर कानूनी बिक्री व स्टोरेज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, इस लिए लगातार छापेमारी करनी यकीनी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि बंद पड़े कोल्ड स्टोरों, राइस शैलरों व मैरिज पैलेसों आदि की चैकिंग भी की जाए, क्योंकि शराब की गैर कानूनी स्टोरेज के लिए बंद पड़े स्टोरों आदि का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दसूहा, टांडा व मुकेरियां के अंतर्गत आते मंड इलाके में भी छापेमारी करनी यकीनी बनाई जाए, ताकि शराब व लाहन के कारोबार पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने जिला पुलिस व एक्साइज विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी तालमेल से लगातार छापेमारी करने के साथ-साथ गैर कानूनी शराब का कारोबार करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए।

22 मई को पंजाब में भी रोष प्रदर्शन करने का ऐलान

Monday: 18th May 2020:4:26 PM
16 जन संगठनों द्वारा देश स्तरीय आह्वान पर फैसला 
चण्डीगढ़:18 मई 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::  
ट्रेड यूनियनों द्वारा 22 मई को देश भर में रोष प्रदर्शन करने के आह्वान के तहत पंजाब के 16 मज़दूर-मुलाज़िम, किसान, नौजवान, विद्यार्थी संगठनों ने भी राज्य भर में रोष प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। यह जानकारी आज मज़दूर नेताओं राजविन्दर सिंह, लछमण सिंह सेवेवाला, जगरूप सिंह, प्रमोद कुमार और किसान नेताओं जोगिन्द्र सिंह उगराहाँ, कंवलप्रीत सिंह पन्नू द्वारा जारी सांझे प्रेस विज्ञप्ति में दी गई। नेताओं ने कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार तथा विभिन्न राज्य सरकारों ने कोरोना संकट को बहाना बना कर मज़दूर वर्ग पर तीखा राजनीतिक-आर्थिक-सामाजिक हमला किया है। विभिन्न राज्यों में 8 घंटों की जगह 12 घंटे कार्यदिवस लागू करने समेत अन्य क़ानूनी श्रम अधिकारों का हनन किया गया है और किया जा रहा है। पंजाब में भी बारह घंटे कार्यदिवस लागू करने तैयारी है। भाजपा की उत्तर-प्रदेश सरकार ने तो लगभग सभी श्रम कानून ख़त्म करने का ऐलान कर दिया है। ज़रूरत तो इसकी थी कि कमज़ोर श्रम कानूनों को मज़दूरों के पक्ष में मज़बूत बनाया जाये परन्तु सरकारें न सिर्फ़ इनको ओर कमज़ोर बनाने पर तुलीं थी बल्कि अब तो ख़त्म ही कर रही हैं। यह प्रक्रिया पहले ही जारी थी परन्तु कोरोना संकट के बहाने और लॉकडाउन का फ़ायदा उठा कर इस मज़दूर विरोधी और देशी-विदेशी पूँजीवादी एजंडे को अंजाम दिया रहा है। इस तरह सरकारें पूँजीपतियों को मज़दूरों से जैसे मर्ज़ी लूट-खसोट और अन्य बेइन्साफ़ी करने की पूरी छुट दे रही हैं।
          नेताओं ने कहा सरकारों ने कोरोना संकट के हल के लिए उचित कदम उठाने की जगह इसको और भी गंभीर बनाया है। उन्होंने दोष लगाया कि हुकूमत द्वारा कोरोना से बचाव के बहाने जनता पर थोपे गए ग़ैर-जनवादी और दमनकारी लॉकडाउन के ज़रिए मज़दूरों-मेहनतकशों को भुखमरी, शारीरक कमज़ोरी, कोरोना और अन्य बीमारियों से नुकसान का ख़तरा बढ़ाने, पैदल व साईकिलों के ज़रिए लंबे सफरों, पुलिस दमन, नाजायज गिरफ़्तारियों, हादसों, आत्महत्यों आदि मुसीबतों के मुँह में धकेलने की आपराधिक भूमिका निभाई गई है जिसके लंबे समय तक भयानक नतीजे मज़दूरों तथा अन्य जनता को भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याएँ दूर करने की जगह सरकारें ‘‘देश’’ तथा ‘‘राज्य ’’ को कोरोना और लॉकडाउन से हुए नुकसान का बहाना बना कर आर्थिक पैकेज के नाम पर पूँजीपतियों को सरकारी ख़ज़ाना लुटा रही हैं और बिजली क्षेत्र समेत तमाम जन-सेवाओं के उपक्रमों के मुकम्मल निजीकरण के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। सरकारें जनता पर नए टेक्स थोपने की तैयारी कर रही हैं। खेती को राहत के नाम पर खेती उपभोग उत्पाद के उद्योगपतियों को लुटाए जा रहे हैं। दूसरी तरफ़ जनता को कोरोना संकट, लॉकडाउन और अन्य भयानक मुसीबतों के मुँह में धकेल कर बड़ा राजनीतिक-आर्थिक हमला किया जा रहा है। संगठनों ने मज़दूर वर्ग, अन्य सभी मेहनतकशों तथा जनवादी लोगों को हुक्मरानों के इस हमले के ख़िलाफ़ ज़ोरदार संघर्ष और 22 मई के प्रदर्शनों में सावधानियाँ रखते हुए शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
इन 16 संगठनों में टेक्स्टाल-हौज़री कामगार यूनियन, पॉवर कॉम एंड ट्रांसको ठेका मुलाज़िम यूनियन, पंजाब खेत मज़दूर यूनियन, टेक्निकल सर्विसज़ यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहाँ), किसान संघर्ष कमेटी पंजाब, मोल्डर एंड स्टील वर्कर्ज़ यूनियन, जल स्पलाई एवं सेनिटेशन कंट्रैक्ट वर्कर्ज़ यूनियन पंजाब (रजि. नं 31), नौजवान भारत सभा (ललकार), पी.एस.यू. (शहीद रंधावा), नौजवान भारत सभा, पी.एस.यू. (ललकार), कारख़ाना मज़दूर यूनियन, गुरू हरगोबिंद थर्मल प्लांट लहरा मोहब्बत ठेका मुलाज़िम यूनियन आज़ाद, ठेका मुलाज़िम संघर्ष कमेटी पॉवर कॉम (ज़ोन बठिंडा) और पंजाब रोडवेज़ /पनबस कंट्रैक्ट वर्कर्ज़ यूनियन शामिल हैं।

ज़िला मैजिस्ट्रेट ने 31 मई तक जिले में लॉकडाउन के दिए आदेश

Monday: 18th May 2020 at 2:07 PM
नाई व सैलून को खुलेंगे परंतु स्वास्थ्य निर्देशों का पालन आवश्यक 
*जरुरी सेवाएं व स्वास्थ्य समस्याओं को छोडक़र 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, सांस की बीमारी वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाओं व दस वर्ष की आयु तक के बच्चों को घरों में रहने के दिए निर्देश
होशियारपुर: 18 मई 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
ज़िला  मैजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर श्रीमती अपनीत रियात ने 31 मई तक जिले में लॉकडाउन जारी रखने के आदेश जारी किए हैं। जारी किए आदेशों में जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि पिछले आदेशों में दी गई छूट पहले की तरह ही जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि स्कूल, कालेज, शैक्षणिक संस्थान/ ट्रेनिंग/ कोचिंग/ सैंटर आदि बंद रहेंगे। इसके अलावा आन लाइन शिक्षा/ डिसटेंस लर्निंग को आज्ञा दी गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, पुुलिस, सरकारी अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मचारियों, फंसे व्यक्तियों सहित यात्रियों व अलग-अलग सुविधाओं के लिए व बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों व हवाई अड्डों पर कैंटीन व रेस्टोरेंटों को खाने पीने की वस्तुओं की होम डिलीवरी के लिए रसोई चलाने को छोडक़र सभी  होटल, रेस्टोरेंट व अन्य आतिथ्य सेवाएं बंद रहेंगी। उन्होंने कहा कि सभी सिनेमा हाल, शापिंग माल, जिमनेजियम, स्वीमिंग पुल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार व आडिटोरियम, असेंबली हाल व अन्य सांझे स्थानों को खोलने की आज्ञा नहीं है। इसके अलावा बिना दर्शकों के  खेल कांप्लेक्स व स्टेडियम खोले जा सकते हैं।  
जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि  सभी सामाजिक, राजनीतिक , खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समागम व अन्य बड़े एकत्रीकरण व बड़ी संगत की आज्ञा नहीं होगी। इसके अलावा सभी धार्मिक स्थान/पूजा स्थान बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि जरुरी सेवाएं, डाक्टरी इमरजेंसी सेवाओं को छोडक़र सभी व्यक्तियों के आवागमन पर सांय 7 बजे से सुबह 7 बजे तक सख्त पाबंदी रहेगी। उन्होंने जरुरी सेवाएं व स्वास्थ्य समस्याओं को छोडक़र 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, सांस की बीमारी वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं व दस वर्ष की आयु तक के बच्चों को घरों में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी शापिंग माल बंद रहेंगे व शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मुख्य बाजारों में दुकानें सहित सभी दुकानों को सुबह 7 बजे से सांय 6 बजे तक खोलने की आज्ञा होगी। उन्होंने कहा कि नाई व बाल काटने के सैलून को खोलने की आज्ञा दी गई है पर साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हिदायतों का पालन यकीनी बनाने के आदेश भी दिए गए हैं। उद्योगों व अन्य संस्थानों को अपने कार्य को दोबारा शुरु करने के अलग आज्ञा की जरुरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी कर्मचारियों/सरकारी/निजी कार्यालय व अन्य कार्य करने वाले स्थानों पर सुबह 7 बजे से सांय 7 बजे तक बिना पास जाने की आज्ञा होगी।
जिला मैजिस्ट्रेट ने कहा कि फिलहाल जिले में कोई कंटेनमेंट जोन नहीं, यदि कोई जोन, कंटेनमेंट जोन के तौर पर घोषित होता है, तो कंटनमेंट जोन में सिर्फ जरुरी कार्यों की आज्ञा होगी। उन्होंने कहा कि डाक्टरी इमरजेंसी को छोडक़र व जरुरी वस्तुओं व सेवाओं की पूर्ति के लिए, यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त घेरे का नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन इलाकों के अंदर या बाहर लोगों की कोई गतिशीलता नहीं होगी व उपरोक्त उद्देश्यों के लिए स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का ध्यान रखना जरुरी होगा।

Sunday, May 17, 2020

पलायन: यह पंजाब सरकार के लिए एक सुनहरा मौका है

 मज़दूरों को यह कहने का-कि "हम हैं न आपके साथ" 
कर्मभूमि छोड़ कर जा रहे मज़दूरों की तस्वीरें पंजाब स्क्रीन के लिए एम एस भाटिया ने क्लिक कीं 
लुधियाना: 17 मई 2020: (अमृत पाल सिंह 'गोगिया'//पंजाब स्क्रीन)::
अमृतपाल गोगिया 
करोना जैसी आपदा की इस संकट की घड़ी में जहाँ सारा देश त्राहि-त्राहि कर रहा है वहीं पंजाब सरकार ने अपना पूरा जोर लगा रखा है। इस दृढ़ निश्चय के साथ की हमारे बिहार और उत्तर प्रदेश की कामगर अपने-अपने घरों को सुरक्षित पहुँच जाएं। बहुत अच्छी तायदाद में लोगों को तयशुदा स्थान से बसों द्वारा सुरक्षित तरीके से उठाकर उनको रेलवे स्टेशन पर छोड़ा जा रहा है। यह एक मानवीय कदम है। जिससे उनके अन्दर आयी हुई असुरक्षा की भावना और जो अपनों से मिलने की अधीरता जो उत्पन्न हुई है। उसको थोड़ी रहत मिलेगी। 
उनकी भावनाओं की कदर करना हमारी मानवीय और सामाजिक जिम्मेवारी भी है। 
और अबतक हम जो भी कर रहे हैं वह एक सराहनीय कदम है। बहुत अच्छे प्रयास किये जा रहे हैं लेकिन इसमें काफी तेजी लाने की जरूरत है। और भी अच्छे प्रयास किये जा सकते हैं। हमारे पास साधनों की कमी नहीं है मगर हम उसका उपयोग नहीं कर रहे। सिवाय पुलिस कर्मियों, सुरक्षा कर्मचारियों, स्वास्थ कर्मियों, डॉक्टर और उनके सहयोगियों के अलावा सारे के सारे अपने अपने घरों में बैठे मुफ्त की रोटियां तोड़ रहे हैं। यह एक आपातकालीन स्थिति है और अगर हम उनका इस्तेमाल अभी नहीं करेंगे तो कब करेंगे। हमें अपनी इच्छाशक्ति को जगाना है। बस! समझो काम हो गया। 
जहाँ बहुत अच्छी तायदाद में लोगों को तयशुदा जगह से बसों द्वारा सुरक्षित तरीके से उठाकर उनको रेलवे स्टेशन पर छोड़ा जा रहा है, वहीं हमारे कुछ कामगर/मजदूर पैदल ही या साइकिल द्वारा अपने गंतव्य की ओर निकल पड़े हैं जो उनकी अशंतुष्टि को दर्शाता है। यह अमानवीय है। हमें इसके लिए संवेदनशील होने की जरुरत है। हमें एक समय पानी नहीं मिलता तो हम तड़प जाते हैं और ये मज़दूर बेचारी कड़कती धूप में, कुछ तो नंगे पाँव अपने परिवारों, नन्हे नन्हे बच्चों के साथ, कुछ तो गर्भवती औरतें भी साथ चल रही हैं। कोई व्यवस्था नहीं है। यह घोर मानवीय अपराध है हमें इसको समझना होगा। इसके दूरगामी दुष्परिणाम होंगे। इसके लिए यह समाज हमें कभी माफ़ नहीं करेगा और इतिहास इसका गवाह बनकर काफी लम्बे समय तक हमारे साथ-साथ चलेगा। 
यह हमारी जिम्मेवारी है और मानवीय भी है कि हम उनको ऐसा करने से रोकने के लिए तुरंत कुछ कारगर कदम उठाएं जो प्रशंसनीय हों। यह पंजाब सरकार के लिए एक सुनहरा मौका है अपने आपको एक नयी ऊँचाई पर स्थापित करने का-कि "हम हैं न आपके साथ"
आज वह बिहार और उत्तर प्रदेश के कामगारों/मजदूरों का दिल जीत ले। पंजाब सरकार अगर ऐसा कर पाई तो निश्चित ही वह इन्हीं कामगारों/मजदूरों के माध्यम से यह साबित कर पायेगी कि वह एक सोच है जो मानवीय अधिकार के लिए लड़ती है और गरीब से गरीब व्यक्ति की भी चिंता करती है। अगर पंजाब ने ऐसा कर दिखाया तो निश्चय ही यह हमारी पंजाबियत की जीत होगी, हमारे पंजाब की जीत होगी। हमारी सरकार की जीत होगी और यह उन्हीं कामगारों/मजदूरों के माधयम से सारे देश में यह चर्चित होगा तो यह बात भी भी तय है कि मीडिया भी चुप बैठने वाली नहीं है और
मीडिया भी मज़बूर हो जायेगा यह बताने के लिए कि पंजाब सरकार और इसकी टीम ने कितनी मेहनत और लगन के साथ इस मुश्किल की घड़ी में देश का साथ दिया है। पंजाब की लोकप्रियता अचानक एक नई ऊंचाई को छूएगी जो कि अन्थया असंभव है। जिससे हमारी नयी आर्थिक व्यवस्था का उदय होगा और यह एक नया मार्ग प्रशस्त करेगा जो यह तय करेगा कि भारत की ओर रुख करने वाली बड़ी-बड़ी कंपनियां किस राज्य की ओर रुख करेंगी। यह तो एक सुनहरी मौका है और इसका पूरा-पूरा फ़ायदा उठाना चाहिए। इसका फर्क यह पड़ेगा कि दूसरे देशों के निवेशकों को पंजाब में सहज आमंत्रित किया जा सकेगा।  
हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे प्रदेश में धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है। जैसे गुरूद्वारे, राधा स्वामी सत्संग डेरे और भी काफी हैं। जहाँ हम कामगार को रास्ते में ही, जहाँ तक वो पहुंचे हैं। उनको वहीं से सुरक्षा कर्मचारियों और बसों की मदद से उनको नज़दीकी सेंटर में पहुंचाया जाये 
और वहाँ उनके रहने और खाने पीने के अलावा उनकी सेहत सुरक्षा का पूरा-पूरा इंतज़ाम किया जाये और उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए उनकी अग्रिम बुकिंग में उनका पूरा-पूरा सहयोग किया जाये इसके लिए हमारे पास सरकारी कर्मचारी, स्कूल टीचर जो घर पर बैठे भी रोटियां तोड़ रहे हैं, उनको इस्तेमाल किया जा सकता है। 
हमारे पास ट्रेनों की कमी नहीं है। पूरी ट्रैन व्यवस्था ठप पड़ी है। सारे रेलवे कर्मचारी वापस काम पर लगाए जा सकते हैं। जो सरकारी बसें जो विभिन्न स्थलों पर मात्र खड़ी हैं। उनका स्टाफ घर पर बैठा है। उनको इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे हम चुनाव के दौरान करते हैं। सरकारी बसें, प्राइवेट बसें, माल वाहक गाड़ियां। इन सब का पूरा-पूरा फ़ायदा उठाया जाये। इस बात को पूर्णतः सुनिश्चित और प्रचारित किया जाये कि एक भी कामगार/मजदूर पंजाब से पैदल या साइकिल पर नहीं निकला और इसका पूरा-पूरा फ़ायदा भविष्य में पंजाब को मिलेगा। यहाँ से वापस गए हुए कामगारों /मजदूरों में यह विशवास स्थापित करेगा कि पंजाबियों जैसा कोई नहीं और हमारे कामगार/मजदूर इस बात को दुनिया में फैलाएंगे कि पंजाब सरकार ने कन्धे से कन्धा मिलाकर हमारी मदद की।
कुछ सुझाव हैं जिनपर ध्यान दिया जाना चाहिए। 
1. कामगारों/मजदूरों को उनके गंतव्य स्थान पर पहुँचाने के लिए ट्रेनों की संख्या में काफी वृद्धि की जाये और इस काम को प्राथमिकता के आधार पर किया जाये 
2. सुनिश्चित स्थानों की गिनती में वृद्धि की जाये ताकि उनको ज्यादा परेशानी न हो। 
3. बजाय कि ट्रेनें जो कि बड़े स्टेशनों से चलती हैं। उनको हर छोटे छोटे स्टेशनों से चलाया जाये ताकि कहीं भी बहुत भीड़ इकट्ठी न हो। 
4. अगले स्टेशनों पर पानी और खाने की व्यवस्था रेलवे कैटरिंग द्वारा की जाये।ताकि कोई भूख से बेचैन न हो। 5. जो लोग पैदल या साइकिल पर निकल गए हैं उनको राज्य के अंदर ही रोका जाये और किसी भी नजदीकी तयशुदा स्थान पर ले जाया जाये। 
6. उनके रहने, खाने पीने, स्वास्थ सेवा और उनकी ट्रेनों की बुकिंग का पूरा इंतजाम वहीँ से किया जाये और वहीँ से नजदीकी रेलवे स्टेशन का इस्तेमाल किया जाये 
7. जिनके पास जो भी समान या साइकिल हो उसको साथ ले जाने की इजाजत हो। उनको परेशान न किया जाये। 
8. ऐसा करने से उनमें सुरक्षा की भावना स्थापित होगी जो कि देश, समाज और पंजाब के हित में होगी। 

अमृत पाल सिंह 'गोगिया'
99887 98711