Monday, June 13, 2022

कोरिएंडर रेस्टुरेंट के मालिकों को मिला टाईम्ज़ अवार्ड

कार्यक्रम में फिल्म अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने प्रदान किया पुरस्कार 

कोरिएंडर रेस्टुरेंट के संस्थापक मालिकों  को पुरस्कार देते हुए फिल्म अभिनेत्री तिसका चोपड़ा

चंडीगढ़
: 13 जून 2022: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन) ::

विदेशों में रह रहे भारतीय लोगों के लिए उनकी मनपसंद शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की अनोखी किस्में तैयार करने में माहिर ‘कोरीऐंडर रैस्टोरैंट’ के फाऊंडर मालिक अमरदीप सिंह को ‘माई एफ.एम. ऐकसीलेंस अवार्डस : 2022 -23’ में ‘टाईमस आफ इंडिया अवार्ड’ के साथ नवाजा गया है। मोहाली के बैस्टैक शॉपिंग माल में स्थित उक्त रेस्टोरेंट के मालिकों को यह अवार्ड बीते दिनों एक कार्यक्रम दौरान फिल्मी अदाकारा तिस्का चोपड़ा द्वारा दिया गया। अवार्ड देने के लिए संस्था की ओर से डिज़ीटल सर्वेक्षण करवाया गया था।

अपनी शानदार प्राप्ति पर खुशी जाहिर करते हुए अमरदीप सिंह ने बताया कि वे अकसर देखते थे कि विदेशों से हमारे इंडिया में फास्ट-फूड बड़ी तेजी के साथ दाखिल हुआ और आज हमारे पंजाब के लोग वह विदेशी फास्ट फूड को बड़ी शिद्दत के साथ खाना पसंद करते हैं। लेकिन इस के उल्ट उन्होंने न्यूजीलैंड में रहते हुए यह देखा कि इंडियन लोग विदेशों में जा कर जो खाना पसंद करते हैं, वह खाना इंडिया में नहीं पहुँचा जबकि विदेशी रैस्टोरैंटों में खाना खाने जाते इंडियन लोगों की इच्छा होती थी कि ऐसे विदेशी खानों के रैस्टोरैंट इंडिया में भी खुलने चाहिएं। अमरदीप ने बताया कि लोगों की इस इच्छा को देखते हुए उन्होंने महसूस किया कि अपने कोरीऐंडर रैस्टोरैंट को इंडिया में भी ला कर लोगों को बढिय़ा और एक अलग किस्म के खाने परोसे जाएं जो कि उनके पिता जी का भी सपना था। पिता की मौत उपरांत उनके सपने को पूरा करने के लिए माता कुलजीत कौर की मदद के साथ बनाये इस रैस्टोरैंट को चलाने में उनकी बहन जसवीन कौर पूरा सहयोग दे रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि खाने के शौकीन लोगों की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने वर्ष-2019 में मोहाली के बैस्टैक्क शापिंग माल में ‘कोरीऐंडर रैस्टोरैंट’ खोला जहां कि खाने के शौकीन लोगों को अनोखे ढंग के साथ तैयार किये बढिय़ा स्वादिष्ट खाने परोसे जाते हैं। उनहोंने यह भी बताया कि बहुत जल्द वे मुंबई तथा पूना में भी ‘कोरीऐंडर’ खोल रहे हैं।


Monday, May 23, 2022

वार्षिक CARES-22 क्रिस्मड वार्षिक अनुसंधान शिक्षा

 23rd May 2022 at 03:38 PM

मुख्य अतिथि थे डॉ कौस्तभ शर्मा, IPS, पुलिस कमिशनर, लुधियाना


लुधियाना
: 23 मई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

वार्षिक CARES-22 क्रिस्मड वार्षिक अनुसंधान शिक्षा संगोष्ठी सीएमसी, लुधियाना में आयोजित किया गया जो काफी यादगारी रहा। इस अवसर पर दर्जनों छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने अनुसंधान, नवाचार और विचारों को साझा करने में भाग लिया। हर पल समरणीय रहा। 

क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, लुधियाना ने 23 मई, 2022 को CARES-2022 आयोजित किया। यह एक ऐसा कार्यक्रम था जहाँ दर्जनों छात्रों और शिक्षकों ने अपने शोध कार्य का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि थे डॉ कौस्तभ शर्मा, आईपीएस, पुलिस कमिशनर, लुधियाना। करीब 100 पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियां दी गईं। मुख्य अतिथि ने इस बारे में बात की कि पेशेंट देखभाल के लिए अनुसंधान और नवाचार कैसे महत्वपूर्ण हैं और वह सक्रिय रूप से इसका समर्थन करते हैं। 

डॉ. विलियम भट्टी और डॉ. जयराज पांडियन ने बात की और सभी संकाय और छात्रों को शोध में अधिक रुचि लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. रिंचू लूंबा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा

Wednesday, May 04, 2022

तड़प रही मानव जाति को बचाने आगे आए डा. बी एस औलख

कोरोना से बचाने को बनाई एल्प्रो सौक्शम नामक आयुर्वेदिक दवाई 

लुधियाना: 4 मई 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

डाक्टर बी एस औलख 
कोरोना एक ऐसा खतरा है जिसका भय शायद अभी कई सालों तक और चलेगा। शायद तब तक जब तक किसी नई मुसीबत का कोई कोई नया खतरा उभर कर सामने नहीं आ जाता। जब लोग कोरोना से मर रहे थे। वैक्सीन लगवाने के लिए लम्बी लम्बी लाईनों में खड़े थे। लॉक डाउन के कारण पाने कारोबार और घर छोड़ कर अपने गांवों की तरफ पैदल जा रहे थे उस समय भी डाक्टर बी एस औलख अपने घर में बहुत ही गहनता से इसकी दवाई तलाश कर रहे थे.दवाई भी बन गई लेकिन इसकी रजिस्ट्रेशन और बेचने की आज्ञा जैसे कई झमेले थेजीके लिए पूरी टीम को संघर्ष करना पड़ा। 

कोरोना के लिए खोजी गई इस दवा को आयुर्वेदिक विभाग, पंजाब सरकार की ओर से अब लक्षण आधारित ईलाज  को मंजूरी मिल गई है। यह खुलासा आज यहां क्रिश्चीयन मैडीकल कॉलेज, लुधियाना के रह चुके लैक्चरार और फिलहाल ग्रैगर मैंडल ईस्टीच्यूट फार रिसर्च इन जैनिटिक्स, लुधियाना के डायरैक्टर, मशहूर अन्तर्राष्ट्रीय पेटैंट होल्डर वैज्ञानिक बी.एस. औलख ने किया। मीडीया से खचाखच भरे हुए प्रेस कान्फ्रंस रूम में यर सी जगह  ही खली नहीं थी। खुद डाक्टर औलख विभिन्न मीडिया चैनलों को बाईट देते देते थक चुके थे। 

गौरतलब है कि बी.एस औलख ऐक प्रोफैशनल दवा वैज्ञानिक हैं जिन्हें यू.एस.ऐ. आस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, साऊथ अफ्रीका, कैनेडा, वगैरह की सरकारें पहले ही दवा खोज पेटैंटों से नवाज़ चुकी हैं। इसके लिए उन्हें कितना बड़ा संघर्ष करना पड़ा यह एक अलग और लम्बी कहानी है। 

मौजूदा खोज डा. औलख की दूसरी खोज है जो कई प्रकार के वायरसों पर प्रभावी एक ब्राड सपैक्ट्रम ऐंटी वायरल ड्रग है लेकिन आयुर्वैदिक विभाग ने उसे चार मुख्य रोग लक्षणों के ईलाज के लिए मंज़ूर किया है जो आमतौर पर नार्मल व गम्भीर किस्म के कोरोना मरीज़ों में मिलते हैं। इस मंजूरी के लिए उन्हें और उनकी बने दवा को कई परीक्षणों में से गुजरना पड़ा।  

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक कोरोना के मुख्य लक्षण हैं, लगातार सूखी खाँसी, बुख़ार, साँस की टूटन और अँदरूनी अँगों की सोजि़श। मौजूदा दवा इन सभी चार कैटेगरी के लिए मंजूर की गई है। यह उसे कोरोना के ईलाज के लिए एक आदर्श दवा के तौर पर स्थापित करती है।

वैज्ञानिक डा. औलख का दावा है कि इस दवाई से कोरोना से होने वाली मौतों में बहुत जल्द और बहुत ही तेज़ी से  कमी आयेगी। कोरोना मरीज़ों में मौत का कारण फेफड़े, दिल, किडनी बरेन बगैरह के कोमल उत्तकों की सोजि़श व फिर उनमें होने वाली सड़न है जो इस दवा से कँट्रोल की जा सकती है।

इसके अलावा दर्दनाक सूखी खाँसी, बुखार, साँस लेने में दिक्कत भी कोरोना मरीज़ों को बहुत तकलीफ़ देते हैं जिसकी वजह से पूरे बदन में दर्द, बेपनाह थकावट व कमज़ोरी महसूस होती है। इस दवा से इन सब से राहत मिलेगी।

एल्प्रो सौक्शम नामक यह दवा शुद्ध, कुदरती जड़ी बूटियों से तैयार की गई है जो 500 मिलीग्राम के कैप्सूलों के रूप में 8 कैप्सूलों के पैक में मिलती है। रोज़ाना दो कैप्सूलों के साथ चार दिन के पूरे कोर्स की कीमत 320 रूपये है।

करीब 20 साल पहले मुँह खुर के वायरस की इंफैक्शन रोकने के लिए इस दवाई की खोज हुई थी। कुछ महीने पहले जब इस बीमारी का अचानक विस्फोट हुआ तो यह दवा इस पर फिर से प्रभावी पाई गई। देश के प्रधानमंत्री व सूबे के मुख्यमंत्री को बाकायदा इस कामयाबी की खबर दे दी गई है। इसके अलावा इंसानी इनफ़लूऐंजा पर भी यह काफी प्रभाव पाई गई है।

इस दवा के कोराना मरीज़ों पर इस्तेमाल का ख्याल तब आया जब कोरोना महामारी अचानक फूटी व जैसा कि विश्व सेहत संस्था ने बाद में माना, भारत समेत पूरी दुनियां में ज़ीका वायरस की दवाई रैमडैसवीर व इनफ्लूऐंजा की दवाई फेवीपीरावीर को जरूरी दस्तावेजों के अभाव में भी आनन फानन में मंज़ूरी दे दी गई।

बी.एस. औलख जो पहले ही इस दवा के एंटीवायरल प्रभाव पर खेाज कर रहा था ने प्रधानमंत्री, सेहत व आयुश मंत्री व अन्य अधिकारियों को इस बारे विधिवत पत्र भेजे। उसने इण्डियन कौंसिल फॉर मैडीकल रीसर्च व डिपार्टमेंट ऑफ हैल्थ रीसर्च को भी रिसर्च प्रोजैक्ट सबमिट किए जिनके सहयोग का आज भी इन्तज़ार है।

वैज्ञानिक ने उपरोक्त रोग लक्ष्णों वाले मरीज़ों पर इस दवाई की इजाजत देने के लिए आयुर्वैदिक विभाग का धन्यवाद किया व कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘मेक इन इण्डिया’ व ‘आत्मनिर्भर’ पहल के लिए इससे बहुत मदद मिलेगी।

बी.एस. औलख इससे पहले विश्व की सर्वप्रथम सैक्स फिक्सर दवा की खोज कर चुका है जिससे डेयरी पशुओं में केवल मादा संतान पैदा करके डेयरी उत्पादकता व किसानों को होने वाले मुनाफ़े में बेहिसाब बढ़ोत्तरी की जा सकती है।

वैज्ञानिक ने बड़े दुखी हृदय से कहा कि विश्व सेहत संस्था के प्रभाव अधीन, दुनिया भर की सरकारें प्रो-कार्पोरेट व विज्ञान विरोधी कानून जैसे कि भारत सरकार द्वारा पास किया ‘‘न्यू ड्रगज़ एण्ड कलिनिकल ट्रायलज रूल्ज़, 2019’’, कानून शामिल है, बना रही हैं। इससे दवा खोज के असली नायकों यानि सालीटरी दवा वैज्ञानिकों से खोज करने का हक ही छीन लिया गया है और कार्पोरेट घरानों के लिए पूरा मैदान ही खुला छोड़ दिया गया है।

उन्होंने कहा कि सालीटरी दवा वैज्ञानिकों से खेाज का अधिकार छीनना शर्मनाक है क्योंकि पैनिसिलीन व इैन्सुलीन की महान खोजें करने वाले अलेक्जैंडर फलैमिंग व जौहन बाँटिंग भी सालीटरी इन्वैंटर ही थे। आज की तारीख में जबकि ऐडज़, कैंसर, अस्थमा, मिर्गी, वगैरह लाईलाज़ बीमारियों की लिस्ट पहले ही बड़ी लम्बी है और नित्य नए वायरस सामने आ रहे हैं, हमें हर इन्सान को सेहतमंद रखने को नये दवा इलाज़ों की ज़रूरत है। 

तेजी से रूप बदल रहे वायरस के खिलाफ वैक्सीनें पहले ही प्रभावी साबित नहीं हो रही हैं। जब कुदरत माँ ने सब इन्सानों को दिमाग की दात बख्शी है और इसी दिमाग का इस्तेमाल करके ही वैज्ञानिक नयी दवाईयांे की खोज करते हैं; इस संबंध में उनको रोकने का हर यत्न न केवल उनसे इन्सान होने का हक छीनता है बल्कि यह कुदरत माँ का भी घोर अपमान है। 

सरकार को इस संबंध में बहुत ही सोच समझ के फैसले लेने चाहिएं और अगर विश्व सेहत संस्था अपना विज्ञान विरोधी व मानवता विरोधी रवैया जारी रखती है तो इसमें से बाहर निकलने से भी गुरेज़ नहीं करना चाहिए। विज्ञान व वैज्ञानिकों को बढ़ावा देना केवल वक्त की ही जरूरत नहीं है बल्कि लाईलाज बीमारियों के हाथों तड़प तड़प कर मर रही इन्सानियत की यह पुकार भी है।

Friday, April 08, 2022

गैंगस्टरों के साथ किसी तरह का लिहाज़ न किया जाये

8th April 2022 at 7:34 PM

अपराध को रोकने के लिए सख़्त कार्यवाही ज़रूरी 


चंडीगढ़
: 8 अप्रैल 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

गैंग्स्टरों के साथ किसी भी तरह का लिहाज़ न बरतने का आदेश देते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत मान ने आज एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (ए.जी.टी.एफ.) को राज्य में से गैंग्स्टरों का बिल्कुल सफाया करने के लिए कहा जिससे लोगों का कानून और व्यवस्था में भरोसा कायम किया जा सके।

आज बाद दोपहर सी.एम.आर. में डीजीपी वी. के. भावरा के नेतृत्व में नयी गठित ए.जी.टी.एफ. टीम के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये स. भगवंत मान ने राज्य में से गैंगस्टरवाद के ख़ात्मे के लिए अपनी सरकार की दृढ़ वचनबद्धता को दोहराया जो कि पंजाब जैसे शांत राज्य के लिए कलंक है। उन्होंने आगे कहा कि ए.जी.टी.एफ. को ज़रुरी मानवीय संसाधन, अत्याधुनिक प्रौद्यौगिकी, वाहनों और ज़रुरी फंडों के साथ पूरी तरह सशक्त किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब के तीन करोड़ लोगों को सुरक्षा प्रदान करना उनकी ज़िम्मेदारी है और वह इस मामले में उनका मनोबल ऊँचा उठाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।’’ स. भगवंत मान ने अधिकारियों को कहा कि वह बिना किसी डर या पक्षपात के पूरी ईमानदारी और पेशेवर वचनबद्धता के साथ अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने ए.जी.टी.एफ. टीम के अधिकारियों को अपनी ड्यूटी को कुशल और सही ढंग से निभाने के लिए हर संभव मदद का भरोसा देते हुये कहा कि वह राज्य में से गैंगस्टरों को ख़त्म करने की इस बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह समर्थ हैं।

उन्होंने ए.जी.टी.एफ. को राज्य भर के 361 पुलिस थानों की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं के इलावा मोहाली, अमृतसर और फाजिल्का में स्टेट स्पैशल आप्रेशन सैलज़ (एस.एस.ओ.सीज़.) की सेवाओं का प्रयोग करने के लिए भी अधिकारित किया।

उन्होंने ए.जी.टी.एफ. के प्रमुख को एक हफ़्ते के अंदर इस फोर्स की भूमिका, कामों और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निर्धारित करने के लिए स्टैंडिंग आर्डर (एस.ओ.) तैयार करने के लिए भी कहा। इसके साथ ही भगवंत मान ने गैंगस्टरों की तरफ से बड़े स्तर पर फैलायी दहशत को रोकने के लिए तालमेल और प्रभावी कार्यवाही को यकीनी बनाने के लिए अंतरराज्यीय तालमेल के लिए यत्न तेज करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया।

मीटिंग में अन्यों के अलावा मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.वेणू प्रसाद, प्रमुख सचिव अनुराग वर्मा, डी.जी.पी. वी. के. भावरा, ए.डी.जी.पी. (ए.जी.टी.एफ.) प्रमोद बाण, ए.आई.जी. (ए.जी.टी.एफ.) गुरमीत सिंह चौहान, डी.आई.जी. (ए.जी.टी.एफ.) गुरप्रीत सिंह भुल्लर और डी.एस.पी. (एजीटीएफ) बिक्रमजीत सिंह बराड़ उपस्थित थे।

Tuesday, March 22, 2022

कांग्रेस में व आप में कोई फर्क रह गया क्या--- पुष्पेंदर सिंगल

22nd March 2022 at  7:00 PM

संजीव अरोड़ा के खिलाफ भाजपा ने भी किया खुला विरोध 


लुधियाना: 22 मार्च 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

संजीव अरोड़ा को राजयसभा सदस्य बनाए जाने के विरोध का मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है। पंजाब के बहुत से संगठनों ने राज्य सभा सदस्यों के चुनाव को लेकर सख्त एतराज़ जताया हैऔर सवाल किया है कि आप की लीडरशिप बताए कि इन लोगों ने अब तक पंजाब के लिए क्या किया है और आगे इनसे क्या उम्मीद है? अब इस विरोध को तीखा करते हुए भारतीय जनता पार्टी भी सरगर्मी के साथ शामिल हो गई है। भाजपा नेताओं ने संजीव अरोड़ा का अतीत फिर से खंगाला है। 

भाजपा जिला लुधियाना के जिला अध्यक्ष पुष्पेंदर सिंगल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया की कुछ महीने पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना में 4.5 एकड़ जमीन को कौड़ियों के भाव बेचने के मामले में लुधियाना भाजपा कार्यकर्ताओं ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया था और ट्रस्ट दफ्तर को ताला लगाया था। यह जमीन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना द्वारा रितेश प्रॉपर्टी नाम की फर्म को अलॉट हुई थी जिसके डायरेक्टर संजीव अरोड़ा हैं जिन्हें अब आम आदमी पार्टी से राज्य सभा का सांसद बनाया गया है। गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा लुधियाना के उद्योगपति है। लुधियाना भाजपा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंगल ने कहा की कांग्रेस में व आप में फिर क्या फर्क रह गया है।   

जानकारी के लिए बताते चलें कि शहर के दुगरी रोड स्थित जिस एरिया में यह जमीन है, वहां मार्केट दाम लगभग दो लाख रुपये प्रति गज है। इसके हिसाब से जमीन की कुल कीमत लगभग 350 करोड़ रुपये बताई गयी थी लेकिन चेयरमैन और कांग्रेस के मंत्री ने मिलकर इस ज़मीन को अपने चहेतों रितेश प्रॉपर्टी के डायरेक्टर संजीव अरोड़ा को महज 96 करोड़ रुपये में बेच दिया था। 

इससे सरकारी खजाने को लगभग 250 करोड़ रुपये की चपत लगनी संभव थी लेकिन भाजपा के कड़े विरोध के बाद यह डील रद्द हो गयी थी। दूसरी तरफ जब भाजपा को राज्यसभा में सांसद भेजने का मौका मिला था तब भाजपा ने स्व. लाला लाजपत राय जैसे उद्योगपति का नाम भेजा था और लाला जी को जानने वाले शहर के हर एक उद्योगपति को जानकारी है कि किस तरह लाला जी ने शहर की उद्योगिक समस्यायों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई थी। यही कारण है कि लोग आज भी लाला जी को याद करते हैं। 

आप इसी खबर के साथ देख सकते हैं इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट को टाला लगाए जाने की फाईल फोटो। उस धरने के समय भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश देखने वाला था। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंगल के नेतृत्व में भाजपा लुधियाना के कार्यकर्ताओं ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते हुए इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के दफ्तर को ताला लगा दिया था। इस मौके पर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष परवीन बंसल,खजांची गुरदेव शर्मा देबी, पंजाब भाजपा व्यापर प्रकोष्ठ के प्रधान दिनेश सरपाल,मिनोरिटी मोर्चा पंजाब के प्रधान जॉन मसीह,पंजाब भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट विक्रम सिंह सिद्धू विशेष तौर से इस पर्दर्शन में शामिल हुए थे। 
इससे पहले लुधियाना पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर बंदोबस्त किया हुआ था लेकिन भाजपा कार्यकर्ता जोश में बैरिकेडिंग को उखाड़ते हुए ट्रस्ट की ओर बढ़ गए और भाजपा अध्यक्ष पुष्पिंदर सिंगल ट्रस्ट दफ्तर को ताला लगाने में कामयाब हो गए।इस अवसर पर बोलते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंगल ने बताया की लुधियाना इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रमन बाला सुब्रह्मण्यम व पंजाब के मंत्री भारत भूषण आशु ने कौड़ियों के भाव बेचीं अपने चहेतों को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीन उन्होंने बताया की 3.79 एकड़ यानि 16344 वर्ग गज को 91 करोड़ 86 लाख 47 हजार 210 रुपए के आरक्षित मूल्य पर अपने चहेतों भू माफिया को बेच दी। इस जमीन की कीमत बाजार भाव के हिसाब से करीब 350 करोड़ रुपये बताया जाता है, जिसे महज 96 करोड़ रुपये में बेच कर सरकारी खजाने को  लगभग 250 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। 
 भाजपा जिला अध्यक्ष पुष्पेंदर सिंगल ने जानकारी देते हुए कहा था कि लुधियाना के मॉडल टाउन एक्सटेंशन पार्ट टू और दुगरी रोड स्थित यह जमीन दो लाख रुपये प्रति वर्ग गज से भी ज्यादा की है और नेता इस जमीन को कोड़ियो  के भाव बेचकर अपनी तिजोरी भर रहे हैं, जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकारी संपत्तियो की लूट नही होने दी जाएगी।   और वे घोटाले के खिलाफ तत्काल कार्रवाई, जमीन की नीलामी पर प्रतिबंध और घोटाले में शामिल अधिकारियों और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं। 
इस मौके पर भाजपा के जिला महामंत्री राम गुप्ता,कांतेन्दु शर्मा, सुनील मौदगिल, हर्ष शर्मा, महेश शर्मा, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनिंदर कौर घुम्मन,महिला मोर्चा की महामंत्री हरमनदीप कौर,भाजपा लुधियाना एस सी मोर्चा के जिला अध्यक्ष कुलविंदर सिंह,किसान मोर्चा के अध्यक्ष प्रताप सिंह,ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष विजय सूरी,युवा मोर्चा के अध्यक्ष कुशाग्र कश्यप,युवा मोर्चा महामंत्री अजिंदर सिंह,एस सी मोर्चा के सह प्रभारी राजिंदर खत्री,संतोष विज,जिला उपाध्यक्ष सतपाल सग्गड़,सुनील मौदगिल,अश्वनी बहल,यशपाल जनोत्रा,राजेश्वरी गोसाई ,किरण शर्मा, जिला सचिव पंकज जैन,संजय गोसाई,अमित डोगरा,नवल जैन,मनमीत सिंह चावला,विक्की सहोता,नरींदर सिंह मल्ही,भूषण गोयल,सरदार तरनजीत सिंह,कैलाश चौधरी,सुमन वर्मा,भूषण गोयल,सुरिंदर बाली,प्रेस सचिव डा.सतीश कुमार,प्रवक्ता विशाल गुलाटी अंकित बत्रा,धरमिंदर शर्मा,डिंपी मक्कड़,मंडल प्रभारीयो में दीपक गोयल,जज्बीर मनचंदा, परवीन शर्मा,चन्दन गुप्ता, पार्षद दल की नेता सुनीता शर्मा,पार्षद सुरिंदर अटवाल,ऐनी सिक्का,लोकल बॉडी सेल के प्रधान इन्दर अग्रवाल,आईटी इंचाजों में मनीषा सैनी,हर्ष सरीन,मनु अरोड़ा,राजेश अरोड़ा,और मंडलों के प्रधानों में लकी शर्मा,शिव राम गुप्ता,संजीव पूरी,भूपिंदर राय,दमन कपूर,राकेश जग्गी,जसदेव तिवारी,तीर्थ तनेजा,गुरप्रीत सिंह सोढ़ी,केवल गर्ग,सुरेश गर्ग,संदीप वडवा,गौरव अरोड़ा,हरीश सग्गड़,भोला झा, ऐडवोकेट ऐन. के. शर्मा,सुमन शर्मा ,डा परमजीत सिंह,भाजपा  प्रदेश व लुधियाना जिले के सभी कार्यकारिणी सदस्य,मोर्चों व सैलों के प्रधान,मंडलों के प्रधान व महामंत्रिगण मौजूद थे आदि भाजपा कार्यकर्ताओं ने रोष पर्दर्शन उपस्थिति दर्ज कराई।

Thursday, March 10, 2022

शाही इमाम ने स. भगवंत सिंह मान को दी बधाई

10th March 2022 at 4:29 PM

शाही इमाम ने दी थी दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत



लुधियाना
: 10 मार्च 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::
शाही इमाम पंजाब
मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं
चुनावी परिणाम सामने आते ही
पूरे समाज में एक प्रसन्नता की लहर देखी जा रही है। यह प्रसन्नता बदलाव की खुशी को व्यक्त करती है। तकरीबन हर क्षेत्र से इस का इज़हार हो रहा है। जनता ने उन सभी को धुल चटा दी है जो कह रहे थे कि हम सत्ता पर बैठते ही किस किस को जेल में करने वाले हैं। जनता ने इस बार के मतदान से एक नया  अध्याय लिखना शुरू किया है। अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना नई सत्ता का काम है। 
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जहां भिन्न-भिन्न धार्मिक नेताओं की तरफ से कई राजनैतिक पार्टीयों के हक में ऐलान किए गए वहीं लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने राजनैतिक दबाव के बावजूद भी किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थन का ऐलान नहीं किया और चुनाव के दौरान खुल कर धार्मिक समारोहों में लोगों को शराब व पैसे के लिए वोट ना बेचने और पंजाब व पंजाबी मां बोली के लिए वोट डालने के लिए उत्साहित करते रहे। 
शाही इमाम ने अपने भाषणों में दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत दी थी। आज एक रिलीज के माध्यम से शाही इमाम जी ने मुख्यमंत्री पंजाब बनने जा रहे आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष को ऐतिहासिक जीत पर बधाई संदेश भेजते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि पंजाब में आया यह बड़ा बदलाव पंजाबीयों के जज्बात के अनुसार है। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि हम दुआ करते है कि स. भगवंत सिंह मान पंजाब को  पुरानी रिवायतों की तरफ लेकर जाएगें जिन पर पंजाबीयों को हमेशा से मान रहा है।

Tuesday, March 08, 2022

विश्व नारी दिवस नट-उत्सव तीसरा दिन

8th March 2022 at 03:16 PM

‘मन मिट्टी दा बोलिया’ नाटक ने ज़ाहर कीं औरत मन की परतें 


चंडीगढ़
: 8 मार्च 2022: (पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

सन 1958 में एक फिल्म आई थी साधना। साहिर लुधियानवी साहिब का एक गीत था औरतों की दुर्दशा पर। 

औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया

जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा दुत्कार दिया

इस गीत को आवाज़ दी थी लता मंगेशकर जी ने और संगीत दिया था एन. दत्त्ता ने। दिल और दिमाग को बुरी तरह झंकझोर देने वाले इस गीत के शब्द समाज के मुंह पर चांटे की तरह लगते महसूस होते थे। इस पर उस समय भी कुछ नेताओं को तो एतराज़ हुआ था लेकिन समाज को फिर भी शर्म  नहीं आई। जिस अत्याचार का साहिर साहिब ज़िक्र करते हैं उसका रंगरूप बदलता रहा। आम्रपाली को सर्वभोग्य और नगरबधू बनाने वाले इस तथाकथित महान समाज का मन उसके साथ अन्याय कर के भी भरा नहीं, रुका नहीं। अन्याय और अत्याचार का सिलसिला लगातार जारी रहा। आज भी जारी है। 

महानता के नारे लगाने वालों ने बस अपनी सुविधा के मुताबिक औरत पर किए जाने वाले अत्याचारों के रंगरूप बदल दिए हैं। महिला के साथ होते अन्याय का असर उसकी मूक संवेदना पर भी पड़ता है। उसकी सोच पर भी पड़ता है। उसके जज़्बातों पर भी पड़ता है और फिर उसकी शख्सियत पर भी पड़ता है। 

अन्याय का शिकार होती औरत जानती है कि वास्तव में यह समाज कितना "महान" है? उसने इतना अत्याचार होने के बावजूद कभी समाज से पर्दा नहीं उठाया क्यूंकि वह जानती है कि पर्दा उठते ही सब कुछ तहस नहस  नहस हो जाएगा। समाज को बचने के लिए, परिवारों ओके बचने के लिए वह अपनी करूपो दृष्टि बनाए रखती है। औरत मन की परतों को साहिर लुधियानवी और शिव बटालवी जैसे महान शायरों के बाद सामने लाने की हिम्मत दिखाई है शब्दीश ने। महिला मन की थाह पाना कभी भी आसान नहीं होता। इस की कृपा कुछ गिनेचुने अधिकारी लोगों पर ही हुआ करती है।  

विश्व नारी दिवस नाट उत्सव के तीसरे दिन सुचेतक रंगमंच मोहाली द्वारा पंजाब कला परिषद के सहयोग से अनीता शब्दीश के निर्देशन में सोलो नाटक 'मन मिट्टी दा बोल्या' का प्रदर्शन किया गया, जिसने नाटक के विभिन्न पात्रों को वही अदा कर रही थी। इस तरह नाटक का मंचन बहुत कठिन भी था। इस तरह की सोलो भूमिका को निभाना आसान नहीं होता। 

पंजाबी कवी और नाटककार शबदीश की 'मन मिट्टी दा बोल्या' उन महिलाओं के जीवन को दर्शाती है, जिनके साथ विभिन्न परिस्थितियों में बलात्कार हुआ है। यह नाटक उपयुक्त नाट्य तकनीकों का उपयोग करते हुए कथा को दृश्य-दर-दृश्य आगे ले जाता है, ताकि अभिनेता मंच पर कहानी के अगले चरित्र के लिए दर्शकों के सामने ही दूसरे किरदार में ढाल सके और वह भी उससे एकदम से जुड़ सकें।  

नाटक एक स्कूली छात्रा की त्रासदी से भी संबंधित है जो अपने ही पिता और दादा की वासना का शिकार हो जाती है और एक शिक्षित महिला कहानी भी है, जो अपने ही घर में एक दोस्त की वासना का शिकार होती है। इसी तरह दलित समाज की एक साधारण महिला है, जो पति के खिलाफ विद्रोह करने की वजह से सड़क पर तो आ जाती है, लेकिन मर्दाना अहंकार को खारिज कर देने की बात प्रवान नहीं करती. 

नाटक पाकिस्तान में बलात्कार पीड़िता मुख्तार माई के संघर्ष की सच्ची कहानी में परिणत होता है, जो एक पिछड़े समाज में बलात्कार महिला द्वारा आत्महत्या की प्रथा को चुनौती देकर संघर्ष का रास्ता चुनती है। इन सभी भूमिकाओं को निभाने के लिए अनीता शब्दीश  एक नाटकीय तकनीक में एक दुपट्टा तब्दील करने का उपयोग करती है।

नाटक की शुरुआत वर्जीनिया वूल्फ के हवाले से एक कविता से होती है, जो एलिजाबेथ के समय के मद्देनजर यूरोपीय समाज के बारे में सवाल उठाती है। यहीं से नाटक भारतीय और पाकिस्तानी जीवन में प्रवेश करता है। नाटक यह सवाल उठाता है कि स्त्री और पुरुष सामाजिक जीवन में एक साथ यात्रा करना शुरू कर देते हैं, फिर क्या कारण है कि सदियों बाद स्त्री ने अपने मन की बात कहने के लिए पुरुष से कलम उठाई। कई घटनाएं जो इस नाटक का हिस्सा हैं, मीडिया की नजरों से दर्द की आवाजें हैं, जिन्हें हमारा 'सम्माननीय समाज' छिपाने की कोशिश करता है। इस तरह कहानी का कोलाज महिला के अस्तित्व के संकट और उसके संघर्ष को परत दर परत उजागर करता है।

नाटक दुनिया भर में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक स्थिति के बारे में सच्चाई बताता है और हर तरह से गुलामी से पीड़ित महिलाओं की मानसिकता को बदलने के लिए संघर्ष पर केंद्रित है। नाटक का उद्देश्य पश्चिमी पूंजीवादी नारीवाद पर सवाल उठाना भी है, हालांकि इस संबंध में इसे सीधे तौर पर व्यक्त नहीं किया गया है।

इस अवसर पर पंजाब कला परिषद के अध्यक्ष सुरजीत पातर, पंजाब संगीत नाटक अकादमी के सचिव प्रीतम रूपाल और पंजाब साहित्य अकादमी के अध्यक्ष सरबजीत कौर भी उपस्थित थे।