प्रविष्टि तिथि: 22 NOV 2019 5:31PM by PIB Delhi
जल संकट पर गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कही बहुत ही महत्वपूर्ण बातें
जलदूत संवर्ग विचाराधीन:श्री रत्तन लाल कटारिया
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| The Union Minister for Jal Shakti, Shri Gajendra Singh Shekhawat presenting a memento to the Education Minister of Australia, Mr. Dan Tehan, during the signing of an MoU between Central Ground Water Board and MARVI Partners of Australia, in New Delhi on November 22, 2019. The Minister of State for Jal Shakti and Social Justice & Empowerment, Shri Rattan Lal Kataria, the Australian High Commissioner to India, Ms. Iven Mackay and the Secretary, Department of Water Resources, River Development and Ganga Rejuvenation, Shri U.P. Singh are also seen. |
भारत और ऑस्ट्रेलिया में भूजल की भरपाई में प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान के लिए समझौता
नई दिल्ली: 22 नवंबर 2019: (पीआईबी)::
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इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत |
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में ऑस्ट्रेलिया के ‘मारवी’ (मैनेजिंग एक्वीफर रीचार्ज एंड सस्टेनिंग ग्राउंडवॉटर यूज थ्रू विलेज-लेवल इंटरवेंशन) के साथ एक समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, जल शक्ति तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रत्तन लाल कटारिया, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग के सचिव श्री यू. पी. सिंह, ऑस्ट्रेलिया के शिक्षा मंत्री श्री डैन टेहन और भारत में ऑस्ट्रेलिया की उच्चायुक्त सुश्री इवेन मैके उपस्थित थीं।
श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल संकट किसी एक देश का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मुद्दा है। उन्होंने कहा, ‘हमारी 65 प्रतिशत निर्भरता भूजल पर है और इसमें बढ़ोतरी होती जा रही है।’ उन्होंने कहा कि क्योंकि भावी पीढ़ियां इससे प्रभावित होंगी, इसलिए यह मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है।
अपने संबोधन में श्री कटारिया ने कहा कि सरकार ‘जलदूत’ संवर्ग बनाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा, ‘भूजल का दोहन सबसे अधिक होता है, क्योंकि वह सस्ता और सुगम्य है।’
इस अवसर पर श्री यू. पी. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जल संकट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मन की बात में इस मुद्दे को उठाया था और अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में भी इस मुद्दे को रेखांकित किया था।(PIB)
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आरकेमीणा/आरएनएम/एकेपी/सीएस-4351 (रिलीज़ आईडी: 1593185)