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Tuesday, August 24, 2021

विवाद: सात कांग्रेसी विधायकों ने बग़ावत से पल्ला झाड़ा

 24th August 2021 at 10:47 PM 

कैप्टन को हटाने की कथित कार्यवाही का हिस्सा होने से इनकार किया


चंडीगढ़
: 24 अगस्त 2021: (पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

जब नवजोत सिद्धू को प्रदेश कांग्रेस का प्रधान नियुक्त किया गया तो लगा था पार्टी का आंतरिक कलह थम गया।  अब चुनावों की तैयारी ज़्यादा अच्छे से होगी। लेकिन इन उम्मीदों से आगे कोई बता चलती इससे पहले ही सलाहकारों की नियुक्ति को बहुत बड़ी समस्या की तरह उभारा गया।  इसके बाद यह मुद्दा बाकी सभी बातों को पीछे छोड़ता चला गया। अब हुई बगावती मीटिंग ने पंजाब एजंडे और कांग्रेस की मज़बूती इत्यादि सभी को पीछे छोड़ दिया है। 

कांग्रेस में बगावत के सुर उठे तो मीडिया में दोनों आवाज़ें सुनाई पड़ने लगीं हैं। कांग्रेस के साथ विधायकों ने ऐसे  किसी भी अभियान और मीटिंग से पल्ला झाड़ लिया है। ऐसे किसी भी फ़ैसले से अपने आप को अलग करते हुए कहा इन्होने कहा कि मीटिंग में हमारे साथ इस पर को विचार तक भी नहीं हुआ। 

20 से अधिक कांग्रेसी विधायक और पूर्व विधायकों में से 7 विधायक जिनके मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को हटाने की माँग करने वाले पक्ष का हिस्सा होने का दावा किया गया था, ने ऐसी किसी भी कार्यवाही से अपने आप को स्पष्ट और मुकम्मल तौर पर अलग कर लिया है।

इस प्रक्रिया में किसी भी तरह से हिस्सेदार होने से साफ़ इनकार करते हुए इसको पार्टी के अंदर दरार डालने की कोशिश में एक पक्ष द्वारा रची गई साजिश करार देते हुए इन 7 नेताओं ने मुख्यमंत्री के हक में स्टैंड लिया और उनके नेतृत्व में पूर्ण भरोसा प्रकट किया है।

पंजाब कांग्रेस के जिन नेताओं ने पार्टी में स्वयं को बग़ावत से अपने आप को दूर किया है, उनमें कुलदीप वैद (विधायक), दलवीर सिंह गोल्डी (विधायक), संतोष सिंह भलाईपुर (विधायक), अजीतइन्दर सिंह मोफर (पूर्व विधायक), अंगद सिंह (विधायक), राजा वडि़ंग (विधायक) और गुरकीरत कोटली (विधायक) शामिल हैं।

पंजाब कांग्रेस के एक पक्ष द्वारा पार्टी के विधायकों और पूर्व विधायकों की सूची सार्वजनिक करने के कुछ घंटों बाद ही इन नेताओं ने इसका हिस्सा होने से इनकार कर दिया था। इस सूची को सार्वजनिक तौर पर जारी करते हुए दावा किया गया था कि यह सभी नेता कैप्टन अमरिन्दर सिंह को बदलना चाहते हैं और इस मामले को आलाकमान के समक्ष उठाना चाहते हैं। हालाँकि, इन 7 नेताओं ने ऐसे किसी फ़ैसला का हिस्सा न होने की बात करते हुए ऐलान किया कि वह मुख्यमंत्री के साथ दृढ़ता के साथ खड़े हैं।

इन 7 नेताओं ने बताया कि तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा की रिहायश पर बंद कमरे में मीटिंग हुई थी, जिसके बाद धोखेबाज़ी करते हुए बाकी नेताओं के साथ उनके नाम भी जारी कर दिए गए, जबकि यह मीटिंग पार्टी मामलों को विचारने के लिए बुलाई गई थी। मीटिंग में शामिल कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री को बदलने का मसला उठाने की कोशिश की थी परन्तु दावों के उलट सर्वसहमति से ना तो कोई संकल्प पेश हुआ और ना ही सहमति बनी। इस ढंग से उनके नाम का इस्तेमाल करने का सख़्त नोटिस लेते हुए इन 7 नेताओं ने स्पष्ट किया कि वह कैप्टन अमरिन्दर सिंह के खि़लाफ़ किसी भी ऐसे कदम के हिमायती नहीं हैं।

दरअसल, मोफर ने बताया कि वह इस मीटिंग में शामिल नहीं हुए थे, बल्कि वहाँ मौजूद कैबिनेट मंत्रियों में से एक को मिलने गए थे। उन्होंने बताया कि वह हैरान रह गया जब उसने अपना नाम कैप्टन अमरिन्दर को हटाने की माँग करने वालों में शामिल देखा।

वैद ने स्पष्ट किया कि वह मुख्यमंत्री के खि़लाफ़ ऐसी किसी भी साजि़श का हिस्सा नहीं है, जबकि गोल्डी ने कहा कि मैं पूरी दृढ़ता से कैप्टन अमरिन्दर का समर्थन करता हूँ, अंगद ने बताया कि वह अपने हलके में सहकारी सभाओं के मतदान संबंधी विचार-विमर्श के लिए गए थे और वडि़ंग ने बताया कि उसे नहीं पता कि इस मीटिंग के दौरान ऐसी कोई चर्चा भी हुई है। भलाईपुर और कोटली ने भी इस मीटिंग में मुख्यमंत्री के बदलने के बारे में कोई बातचीत होने से इनकार किया और कहा कि ऐसी माँग का हिस्सा होने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

इन सभी सात विधायकों ने पंजाब कांग्रेस के एक हिस्से द्वारा 2022 के विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी में बग़ावत करने की कोशिशों की निंदा की, ख़ास तौर पर जब आलाकमान ने पहले ही सिद्धू और कैप्टन अमरिन्दर के बीच के मतभेदों को सुलझा लिया था। उन्होंने कहा कि चुनाव में कुछ महीने बाकी हैं और पार्टी को एकजुट होकर काम करने की ज़रूरत है, ना कि निजी फायदों के लिए निचले दर्जे की राजनीति करने की। उन्होंने पार्टी लीडरशिप से अपील की कि वह पार्टी को बाँटने की कोशिशों को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाएं।

अब देखना है की कांग्रेस इस उलझन से कितनी जल्दी निकल पाती है क्यूंकि स्पष्टीकरण केवल सात विधायकों ने दिया है। बाकियों के मन में क्या है इसे भी नज़रअंदाज़ तो नहीं किया जा सकेगा। यूं भी जो लोग बगावत से जुड़ जाते हैं वे नाकामी के बावजूद चुप बैठने वाले तो नहीं होते। क्या इनके खिलाफ कोई अनुशासन की कार्रवाई होगी?

Sunday, August 22, 2021

इस तरह की संवेदनशील टिप्पणियां मत करो

 Sunday: 22nd August 2021 at 8:06 PM

 देश की शांति भंग करने वाली टिप्पणियां हैं ये  

चण्डीगढ़: 22 अगस्त: 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

पंजाब प्रदेश कांग्रेस और पंजाब की सरकार आमने सामने आ गए लगते हैं। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिद्धू के सलाहकार जिस तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं उससे मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरेंद्र सिंह बुरी तरह से आहत हैं। राष्ट्र विरोधी टिप्पणियाँ खुलेआम किये जाने पर उन्होने इन सलाहकारों को ताड़ना की है और चेताया है कि इस तरह की राष्ट्रविरोधी बातें मत करो। उन्होंने वयोवृद्ध सलाहकार डा. प्यारे लाल गर्ग और मलविंदर सिंह माली को स्पष्ट कहा कि वे लोग पंजाब कांग्रेस के प्रधान को सलाह देने तक ही अपना काम रखें और संवेदनशील मुद्दों पर न  बोलें।  

कश्मीर और पाकिस्तान जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय मामलों पर नवजोत सिंह सिद्धू के छह सलाहकारों में से दो सलाहकारों के हाल ही में आए बयानों का मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने गंभीर नोटिस लिया है। उन्होंने आज इन टिप्पणियों को  घिनौनी और बुरी टिप्पणियों करार देते हुए इनके विरुद्ध सख्त ताड़ना की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि इस तरह की टिप्पणियां और बयान खतरनाक हैं और इनसे राज्य के साथ-साथ देश की अमन-शान्ति और स्थिरता के लिए ख़तरा पैदा हो सकता है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सिद्धू को भी अपने सलाहकारों को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान को सलाह देने तक सीमित रहने को कहा है। साथ ही उन मुद्दों और समस्याओं पर ना बोलने के लिए कहा जिन के संबंध उनको या तो थोड़ा-बहुत पता है या फिर बिल्कुल ही कोई जानकारी नहीं है। मुख्यमंत्री ने यहाँ तक कहा कि उनको अपनी टिप्पणियों के निकलने वाले अर्थों की भी समझ नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह प्रतिक्रिया डॉ. प्यारे लाल गर्ग द्वारा पाकिस्तान की निंदा करने पर उनको (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) किए गए सवाल और इससे पहले कश्मीर संबंधी मालविन्दर सिंह माली की विवादास्पद बयानबाज़ी के संदर्भ में सामने आई है। इन दोनों को सिद्धू ने हाल ही में अपना सलाहकार नियुक्त किया है।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने माली और गर्ग के आश्चर्य भरे बयानों पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए कहा कि यह बयान पाकिस्तान और कश्मीर संबंधी भारत और कांग्रेस पार्टी की पॉजि़शन के बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान को अपने सलाहकारों द्वारा भारत के हितों को और नुकसान पहुँचाने से पहले उन पर लगाम लगाने के लिए कहा।

मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि कश्मीर भारत का अटूट अंग था और अब भी है। उन्होंने कहा कि इसके उलट माली ने पाकिस्तान की हाँ में हाँ मिलाने वाला बयान दिया है, जोकि पूरी तरह देश विरोधी है। उन्होंने माली की निंदा करते हुए कहा कि ना सिर्फ अन्य पार्टियाँ बल्कि कांग्रेस द्वारा भी व्यापक रूप में निंदा किए जाने के बावजूद माली ने अपना यह विवादित बयान वापस तक भी नहीं लिया। 

गर्ग द्वारा उनकी (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) पाकिस्तान की आलोचना वाली टिप्पणी को पंजाब के हित में ना बताए जाने वाले बयान पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धू के सलाहकार ज़मीनी हकीकत से बहुत दूर हैं। उन्होंने कहा कि यह सत्य ना सिफऱ् हर पंजाबी बल्कि हर भारतीय जानता है कि पाकिस्तान हमारे लिए हमेशा ख़तरा रहा है। हर रोज़ वह हमारे राज्य और देश में उथल-पुथल या अस्थिरता फैलाने के लिए ड्रोन के द्वारा हथियार और नशे भेजने जैसी भद्दी कोशिशें करता रहता है। मुख्यमंत्री ने गर्ग की टिप्पणी को तर्कहीन और ना-वाजिब करार देते हुए कहा कि पंजाबी सैनिक सरहदों पर पाकिस्तान की समर्थन वाली ताकतों के हाथों जान गंवा रहे हैं।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने गर्ग जो राजनीति से प्रेरित भडक़ाऊ और गैर-जि़म्मेदाराना बयान खुलेआम दे रहे हैं, को पंजाबियों के बलिदान को हलके में न लेने की अपील करते हुए कहा, ‘‘गर्ग शायद भूल गए हैं कि 80 और 90 के दशक में पाकिस्तान की सहायता प्राप्त आतंकवादियों के हाथों हज़ारों पंजाबियों को अपनी जान गंवानी पड़ीं, परन्तु ना मैं भूला और ना ही पंजाब के लोग भूले हैं। पाकिस्तान के ख़तरनाक मंसूबों को नाकाम करने के लिए हम अपनी लड़ाई जारी रखते हुए हर प्रयास ईस्तेमाल करेंगे।’’


Saturday, September 28, 2013

मुख्यमंत्री बादल का पत्र मिलने पर मरणव्रत फिलहाल कैंसल

Sat, Sep 28, 2013 at 7:27 PM
भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने जताया वायदे पर विशवास 
अमृतसर 28 सितम्बर 2013: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन) - अमृतसर से भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने अपना मरणव्रत टाल दिया है, उन्होंने कहा, कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा एक चिट्ठी आई है और उसमे उन्होंने सिद्धू द्वारा अमृतसर के विकास के लिए लाये गए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की समय सीमा तय कर दे गयी है, जिसके चलते उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री बादल पर विश्वास जताते हुए अपना मरणव्रत फिलहाल के लिए टाल दिया है

    अमृतसर से भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पिछले तीन हफ्तों से अमृतसर के विकास के मुद्दे पर चलाया जा रहा ड्रामा आज फिर से लटक गया, उन्होंने कल एक प्रेस नोट जारी कर पंजाब सरकार द्वारा अमृतसर के विकास के मुद्दे को नजरअंदाज किये जाने के मामले को लेकर मरणव्रत पर बैठने का एलान किया था, लेकिन आज उन्होंने ठीक मरणव्रत पर बैठने से पहले एक प्रेस कांफ्रेस कर अपने मरणव्रत पर बैठने का कार्यक्रम टाल दिया, उन्होंने कहा, कि उन्हें देर रात पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा एक चिट्ठी आई है और उसमे उन्होंने सिद्धू द्वारा अमृतसर के विकास के लिए लाये गए प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की समय सीमा तय कर दे गयी है, जिसके चलते उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री बादल पर विश्वास जताते हुए अपना मरणव्रत फिलहाल के लिए टाल दिया है 
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Wednesday, September 11, 2013

सुखबीर बादल ने साधा सिद्धू पर निशाना

नो कमेंट कह कर गिनाए विकास कार्य
कहा-35 करोड़ के विकास कार्यों का आज किया है उद्घाटन 
डेढ़ महीने में होगा चार सौ करोड़ का विकास 
तीन वर्षों में 15 सौ करोड़ के विकास कार्य होंगे अमृतसर में         
अमृतसर: 10 सितम्बर2013: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): सांसद नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से पंजाब सरकार पर अमृतसर के साथ सौतेला व्यवहार करने के लगाए गए आरोपों का जवाब अपने ही अंदाज में देते हुए उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आज गुरु की नगरी अमृतसर में करीब 35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू के लगाए जा रहे आरोपों और बयानों पर कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, कि वह बयानों से नहीं बल्कि अपने कार्यों को अंजाम देकर जनता की कचहरी में जाते हैं। उन्होंने बताया, कि आज वह अमृतसर में करीब 35 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं। उन्होंने कहा, कि अगले एक महीने के अंदर-अंदर अमृतसर में करीब चार सौ करोड़ रुपये और तीन वर्षों में करीब 15 सौ करोड़ रुपये के विकास कार्य कराएंगे।
           उप मुख्यमंत्री ने कहा, कि वह पंजाब के सर्वांगीण विकास के लिए वचनबद्ध है। इसके अलावा उन्होंने अमृतसर की लोकसभा सीट का तबादला किए जाने की चर्चाओं के बारे में कहा कि फिलहाल भाजपा की ओर से इस संबंध में उनके साथ कोई संपर्क नहीं किया गया है। लेकिन यदि इस तरह का कोई प्रस्ताव उनके पास आता है, तो उस पर विचार करने के बाद ही जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा, कि शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गठबंधन काफी मजबूत है और भाजपा का कोई नेता कोई बयानबाजी करता है, तो वह उस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। मुज्जफरपुर में हुई हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए उन्होंने कहा, कि वह देशभर में इस तरह की किसी भी घटना की निंदा करते हैं। इसके अलावा नरेंदर मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बारे में उन्होंने कहा, कि शिअद भाजपा का समर्थन करती है और वह जिसे भी उम्मीदवार बनाएगी, वह उसके साथ है। फिर चाहे वह नरिंदर मोदी हों या नवजोत सिंह सिद्धू।

Thursday, September 05, 2013

अमृतसर से किया जा रहा है सौतेला व्यवहार- नवजोत सिंह सिद्धू

Thu, Sep 5, 2013 at 4:47 PM
सारे पंजाब में हुआ विकास पर अमृतसर में नहीं-सिद्धू की सीधी बात 
*वही प्रोजेक्ट अमृतसर के बजाए कहीं अन्य जिलों में तो चालू कर दिए गए, लेकिन अमृतसर में वे प्रोजेक्ट आज भी ज्यों के त्यों पड़े हुए हैं* अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पैसों से कहीं और विकास कार्य करवाए जा रहे हैं*नगर निगम अमृतसर के पास भी फंड की कमी 
मीडिया के सम्मुख नवजोत सिंह सिद्धू के अलग अलग अंदाज़: सभी तस्वीरें: गजिंद्र सिंह किंग //पंजाब स्क्रीन 
अमृतसर: 5 सितंबर 2013:(गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): करीब डेढ़ वर्ष तक अमृतसर से दूर रहे नवजोत सिंह सिद्धू को गुरु नगरी वापस लौटते ही अमृतसर के समूचे विकास की याद आ गई है। आज अपने निवास स्थान पर की गई प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने गुरु नगरी के विभिन्न विकास कार्यों के न होने और राज्य सरकार की ओर से अमृतसर के लिए फंड न मुहैया कराए जाने को लेकर जहां केंद्र सरकार पर निशाना लगाया, वहीं उन्होंने पंजाब सरकार पर सवालिया निशान खड़े किए। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, कि उन्होंने राजनीति सिर्फ मिशन के लिए शुरू की थी और उनके मन में हमेशा यही था कि अमृतसर जहां रोजाना करीब सवा लाख श्रद्धालु नतमस्तक होने के लिए आते हैं, उसे दुनिया के नक्शे में चमकाया जाए ताकि लोग न सिर्फ अमृतसर बल्कि इससे पूरे पंजाब की एक अलग छवि बना कर दूसरों के सामने पेश करें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा, कि कई तरह के प्रोजेक्ट जो गुरु नगरी अमृतसर के लिए शुरू हुए थे, पर वही प्रोजेक्ट अमृतसर के बजाए कहीं अन्य जिलों में तो चालू कर दिए गए, लेकिन अमृतसर में वे प्रोजेक्ट आज भी ज्यों के त्यों पड़े हुए हैं।
              सांसद सिद्धू ने कहा, कि अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को गुरु नगरी अमृतसर में विकास कार्य करने चाहिए। लेकिन अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पैसों से कहीं और विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने अप्रत्यक्ष रूप से पंजाब सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि अमृतसर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। नगर निगम अमृतसर के पास जरूरी मशीनरी और अन्य साजो-सामान खरीदने के लिए फंड की कमी है, लेकिन उन्हें फंड मुहैया नहीं कराए जा रहे। उनके मुताबिक उनके कई प्रोजेक्ट जैसे सिटी बस सर्विस, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट आदि अधर में पड़े हुए हैं। सिद्धू ने स्पष्ट किया, कि उन्होंने राजनीति मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से सीखी है। चरित्र और नैतिकता के आधार पर उन्होंने केस में सजा होने के बाद इस्तीफा दे दिया था। लेकिन आज उन्हें दुख इस बात का है कि वह अमृतसर के लिए कुछ नहीं कर पाए हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह को भी घेरे में लेते हुए कहा, कि प्रधानमंत्री का संबंध चाहे अमृतसर के साथ हैं, लेकिन अमृतसर के विकास के लिए जब भी उन्होंने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा, तो उन्हें समय नहीं दिया गया।
             चुनाव से पूर्व होने वाले विकास कार्यों पर सवालिया निशान खड़े करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, कि जब पंजाब में विधानसभा चुनाव होने थे, तो चुनाव से ठीक पहले विकास कार्यों की झड़ी लगा दी गई थी। उस समय फंड की कोई कमी नहीं थी। लेकिन अब जबकि लोकसभा चुनाव सिर पर हैं, तो फंड की कमी बता कर विकास कार्य नहीं कराए जा रहे हैं। एमपी लैड फंड के पैसे जो उन्होंने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को विकास के लिए दिए थे, उन्हें भी रीलिज नहीं किया जा रहा।

यदि गठबंधन मेरी बलि मांगती है, तो मैं तैयार हूं-नवजोत सिंह सिद्धू

यदि गठबंधन मेरी बलि मांगती है, तो मैं तैयार हूं-नवजोत सिंह सिद्धू

Wed, Sep 4, 2013 at 9:10 PM
कहा-पार्टी तय करेगी चुनाव लड़ूंगा कि नहीं 
सेलीब्रिटी के चुनाव पर नवजोत सिंह सिद्धु ने बताये जीत के रहस्य 
पहली बार गलैमर, दूसरी बार काम, तीसरी बार लोगों का विश्वास और चौथी बार किरदार जीतता है
अमृतसर (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): करीब डेढ़ वर्षों तक अमृतसर की जनता से दूरी बनाये रखने वाले सांसद नवजोत सिंह सिद्धू आज गुरु की नगरी अमृतसर पहुंचे। अमृतसर स्थित गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उनका भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर मीडिया से रू-ब-रू होते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि वह अमृतसर के सिपाही हैं और वह यहां के लोगों के साथ हमेशां खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि एक सेलीब्रिटी पहली बार अपने ग्लैमर से, दूसरी बार अपने काम से, तीसरी बार जनता के विश्वास से और चौथी बार अपने किरदार से जीतता है। उन्होंने कहा कि गुरु-नगरी की जनता ने उन्हें काफी प्यार दिया है। उनके मुताबिक अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ना है या नहीं, इसका फैसला पार्टी करेगी। पार्टी यदि कहेगी, तो वह यहां चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक अकाली-भाजपा का गठबंधन काफी मजबूत है और यदि गठबंधन सिद्धू की बलि मांगेगा, तो वह इसके लिए भी तैयार हैं।   
        सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, कि पार्टी ने उन्हें काफी सम्मान दिया है। पार्टी की ओर से उन्हें उच्च पद दिया और दिल्ली में सह प्रभारी हैं। उन्होंने कहा, कि सियासत सिद्धू के लिए एक मिशन है और वह अपने मिशन के लिए हर कुर्बानी करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, कि वह एक सेलीब्रिटी हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए ही काम कर रहे हैं।  

अमृतसर से किया जा रहा है सौतेला व्यवहार- नवजोत सिंह सिद्धू