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Sunday, February 11, 2024

लुधियाना मायापुरी मदरसे में बच्चों की दस्तारबंदी

Sunday:11th February 2024 at 4:09 PM

टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में किया गया सालाना जलसे का आयोजन 

शाही इमाम ने कहा सकारात्मक सोच के साथ अपना जीवन बिताएं


लुधियाना: 11 फरवरी 2024: (मीडिया लिंक//पंजाब स्क्रीन):: 

बीती रात टिब्बा रोड मायापुरी मदरसा तरतीलुल कुरआन में सालाना जलसे का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मौलाना आरिफ खेड़ा मुगल ने की व पंजाब के शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रधान मुहम्मद इनाम मालिक, हाफिज दिलशाद, मुफ्ती आरिफ पंजाबी बाग, मुफ्ती इनाम ,मुहम्मद रिजवान, हाफिज नाजिम, हाजी तय्यब,  हाजी जरीफ ,मुहम्मद मुंशद, जहांगीर , कारी हसीन खास तौर पर उपस्थित रहे। 

दस्तारबंदी के इस यादगारी अवसर पर संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी  ने कहा कि इस्लाम आपसी भाईचारे और प्यार का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद साहब सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि लोगों में खुश खबरीयां बांटो। 

आज बहुत से लोगों के तनावपुर्ण लाईफस्टाईल पर बात करते हुए शाही इमाम ने कहा कि आज समाज में अक्सर लोगों की सोच नकरात्मक होती जा रही है, लोग एक-दूसरे के संबंध में अच्छी राय नहीं रखते, एक दूसरी कौमों के संबंध में भी अच्छी राय नहीं बनाई जा रही जो कि चिंता का विषय है। 

शाही इमाम ने कहा कि अगर आपको सफल होना है तो सकारात्मक सोच के साथ आगे बढऩा होगा। उन्होने कहा कि मुहम्मद साहब  सल्ललाहु अलैहि वसल्लम का हुक्म है कि किसी भी इंसान के बारे में कोई बुरी राय कायम ना करो। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान ने कहा कि बुरा सोचने वाला कभी कामयाब नहीं होता वो अपनी ताकत लोगों की बुराई में खर्च करता है जिसकी वजह से उसे सिवाए बुराई करने के कोई और काम नहीं आता।

इसी संबंध में शाही इमाम ने कामयाबी की तरफ बढ़ रहे लोगों को सलाह दी कि वह सब्र और हिम्मत के साथ आगे बढ़ते हुए सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाएं। वर्णनयोग है कि इस अवसर पर कुरआन मजीद हिफज करने वाले 4 बच्चों की दस्तारबंदी भी की गई।

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Thursday, June 29, 2023

पंजाब में नफरत के लिए कोई जगह नहीं-शाही इमाम

 Thursday 29th June 2023 at 10:42 AM

लुधियाना जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा के मौके बहुत बड़ा आयोजन


शाहीइमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत फ़ैलाने वालों को आड़े हाथों लिया 

लुधियाना: 29 जून 2023: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

जामा मस्जिद लुधियाना के शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने नफरत की सियासत करने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने नफरत वालों की सख्त निंदा करते हुए कहा कि आज ईद के मौके पर हमें संकल्प दोहराना होगा कि अगर ऐसे लोगों के खिलाफ हमें क़ुरबानी भी देनी पड़ी तो भी हम गुरेज़ नहीं करेंगे। वहां मौजूद लोगों ने इस बात का ज़ोरदार समर्थन भी किया।  

आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद में ईद-उल-जुहा बकरीद की नमाज इस्लामी रिवायत के मुताबिक शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने अदा करवाई। इस मौके पर जामा मस्जिद में विभिन्न धर्मो व राजनैतिक पार्टीयों के नेता अपने मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए पहुंचे। इस मौके संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं ने कहा कि आज का दिन हम अल्लाह ताआला के नबी हजरत इब्राहीम अलेहिस्सलाम की याद में मनाते है, जिन्होंने अपने खुदा की रजा के लिए अपना बेटा कुर्बान करने में देरी नहीं की। शाही इमाम ने कहा कि ईद का दिन हमें प्रेरणा देता है कि हम भी अपने अंदर कुर्बानी का जज्बा रखे। शाही इमाम ने कहा कि आज कल देश में फिरका प्रस्त ताकतें धर्म के नाम पर लोगों को बांटने में लगी हुई है इसलिए समूह भारतीयों को व अपने मुसलमान भाईयों को मैं कहना चाहता हूं कि अगर सभी को इन फिरकाप्रस्तों को नाकाम करने के लिए कुर्बानी देने की जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेगें। उन्होनें कहा कि पंजाब की रिवायतों में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है, जो लोग पंजाब में धर्म के नाम पर नफरत फैला कर अपनी राजनीति चमकाना चाहते है उनकों कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।

इस मौके पर आम आदमी पार्टी के लुधियाना से विधायक अशोक पराशर पप्पी, चौधरी मदन लाल बग्गा और कुलवंत सिद्धू ने मुसलमान भाईचारे को ईद उल जुहा की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद का दिन हर एक भारतीय के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां हर एक धर्म का त्योहार सभी लोग आपस में मिल जुल कर मनाते हैं। उन्होनें कहा कि जामा मस्जिद से हमेशा ही पंजाब में अमन और खुशहाली के लिए काम किया गया है। उन्होने कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बड़ी खुशी का दिन है और लुधियाना शहर सभी धर्मों के लोगों का एक गुलदस्ता है, इसके सभी फूल अपनी खुशबू के साथ माहौल को खुशगवार बना कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना की यह ऐतिहासिक जामा मस्जिद जहां मुसलमानों का प्रमुख धार्मिक केन्द्र है, वहीं यह तमाम धर्मों के लोगों के लिए अमन और मुहब्बत की निशानी है। उन्होनें कहा कि ईद का दिन सिर्फ  मुसलमान भाईयों के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। हम दुआ करते है कि यह खुशियों भरी रीत हमेशा ऐसे ही चलती रहे। उन्होने कहा कि इस देश में ईद उल जुहा का त्यौहार सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर मनाते है। इस मौके पर हम पंजाब सरकार की ओर से अपने तमाम मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देते हैं।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा ने अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकवाद देते हुए कहा कि आज का दिन बड़ी ही बरकतों वाला दिन है। आज के दिन मुस्लमान अपने खुदा को राजी करने के लिए अल्लाह के रास्ते में कुर्बानी देते है और ईद का पवित्र त्यौहार हम सब कों अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि पंजाब की इस धरती पर आज लाखों मुस्लमान खुदा के आगे सजदा कर रहे हैं यह हमारे लिए गर्व की बात है कि पंजाब की धरती पीरों और पैगंबरों की धरती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर रहते है और एक-दूसरे का त्यौहार आपसी भाईचारे के रूप में मनाते है।

इस राज्य स्तरीय समारोह में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए गुरूद्वारा दुख निवारण साहिब के मुखय सेवादार प्रितपाल सिंह के सुपुत्र गुरप्रीत सिंह विंकल, विधायक पुत्र विकास पराशर, सीनियर कांग्रेंसी नेता परमिंदर मेहता, पार्षद पुत्र अमनीश पराशर, गुलाम हसन कैसर, बलजीत सिंह बिन्द्रा, अशोक गुप्ता, शिंगारा सिंह दाद व मुहम्मद मुस्तकीम ने कहा कि ईद उल जुहा का त्यौहार हम सब को आपसी भाईचारे और अपने देश के प्रति कुर्बानी देने के लिए प्रेरित करता है। वर्णनयोग्य है कि आज ईद उल जुहा के अवसर पर लुधियाना शहर की सभी मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई और भारी गिनती में लोगों ने कुर्बानियां कीं, बच्चों में ईद को लेकर बहुत उत्साह पाया जा रहा था। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब ने लुधियाना पुलिस और नगर निगम द्वारा किए गए प्रबंधों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

जामा मस्जिद में ईद के मौके पर शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवीं को मुबारकबाद देते हुए विधायक अशोक पराशर पप्पी, कुलवंत सिद्धू, मदन लाल बज्गा , पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, विधायक पुत्र विकास पराशर इत्यादि सभी गणमान्य व्यक्ति पहुंचे हुए थे। उनका स्वागत करने वालों में  जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम भी सबसे आगे थे। 

ईद के मौके पर नमाज अदा करने के पश्चात एडीसीपी सोहेल मीर शाही इमाम पंजाब मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी व जामा मस्जिद के अध्यक्ष मुहम्मद मुस्तकीम को मुबारकबाद देते हुए देखे गए। वह भी यहां पूरी आस्था से आए हुए थे। 

जामा मस्जिद के बाहर हमेशां की तरह इस बार भी ईद-उल-जुहा के मौके पर काफी भीड़ थे। आसपास के सभी मुसलमान पूरी आस्था के साथ नमाज़ पढ़ने पहुंचे हुए थे।  जामा मस्जिद के बाहर ईद की नमाज अदा करते हुए मुसलमान भाईचारे के लोग लम्बी पंक्तियों में नज़र आ रहे थे। पूरी तरह अनुशासित और पूरी तरह से सद्भावना के साथ। 

Thursday, March 10, 2022

शाही इमाम ने स. भगवंत सिंह मान को दी बधाई

10th March 2022 at 4:29 PM

शाही इमाम ने दी थी दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत



लुधियाना
: 10 मार्च 2022: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::
शाही इमाम पंजाब
मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं
चुनावी परिणाम सामने आते ही
पूरे समाज में एक प्रसन्नता की लहर देखी जा रही है। यह प्रसन्नता बदलाव की खुशी को व्यक्त करती है। तकरीबन हर क्षेत्र से इस का इज़हार हो रहा है। जनता ने उन सभी को धुल चटा दी है जो कह रहे थे कि हम सत्ता पर बैठते ही किस किस को जेल में करने वाले हैं। जनता ने इस बार के मतदान से एक नया  अध्याय लिखना शुरू किया है। अब जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना नई सत्ता का काम है। 
पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जहां भिन्न-भिन्न धार्मिक नेताओं की तरफ से कई राजनैतिक पार्टीयों के हक में ऐलान किए गए वहीं लुधियाना की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने राजनैतिक दबाव के बावजूद भी किसी राजनैतिक पार्टी के समर्थन का ऐलान नहीं किया और चुनाव के दौरान खुल कर धार्मिक समारोहों में लोगों को शराब व पैसे के लिए वोट ना बेचने और पंजाब व पंजाबी मां बोली के लिए वोट डालने के लिए उत्साहित करते रहे। 
शाही इमाम ने अपने भाषणों में दबंग नेताओं को भी जनता से डरने की नसीहत दी थी। आज एक रिलीज के माध्यम से शाही इमाम जी ने मुख्यमंत्री पंजाब बनने जा रहे आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष को ऐतिहासिक जीत पर बधाई संदेश भेजते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि पंजाब में आया यह बड़ा बदलाव पंजाबीयों के जज्बात के अनुसार है। शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान लुधियानवीं ने कहा कि हम दुआ करते है कि स. भगवंत सिंह मान पंजाब को  पुरानी रिवायतों की तरफ लेकर जाएगें जिन पर पंजाबीयों को हमेशा से मान रहा है।

Friday, November 19, 2021

किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

 काले कानूनों की वापसी शुक्र का दिन है शाही इमाम पंजाब

जामा मस्जिद लुधियाना के बाहर खुशी मनाते अहरार कार्यकर्ता और शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी

लुधियाना: 19 नवंबर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
किसान आंदोलन की जीत हुई है। पंजाब के जीते गए आंदोलनों में एक अध्याय और जुड़ गया है। इस पर यूं तो लगातार खबरें आ रही हैं लेकिन ज़ोरदार ख़ुशी का इज़हार किया है जमा मस्जिद लुधियाना के सामने बनती गई मिठाई ने। किसानों के आंदोलन में दिल्ली जा कर किसानों का साथ देने वाली जमा मस्जिद लुधियाना की टीम ने यह सब शाही इमाम मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। और उनके साथियों ने आज किसानों की जीत पर भी खुशियां मनायीं। वर्तमान शै इमाम भी खुद दिल्ली जा कर किसानों के साथ कंधे कंधा मिला कर चलते रहे। उनको आज शिद्द्त से इस बात का अहसास है की जीत कितनी कठिन थी लेकिन हम ले कर रहे। 
आज सुबह जैसे ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी ने ऐलान किया कि तीनों काले खेती कानून वापिस लिए जा रहे है तो हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई। इस अवसर पर यहां इतिहासिक जामा मस्जिद के सामने मजलिस अहरार इस्लाम के कार्यकर्ताओं द्वारा मिठाई बांटी गई और किसान मजदूर एकता जिंदाबाद के ज़ोरदार नारे लगा कर खुशी का इजहार किया गया। 
किसान आंदोलन की कामयाबी पर शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि काले कानूनों की वापसी पर आज खुदा का शुक्र अदा करते है की एक लंबे आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने किसान भाइयों की सही बातों को मान लिया है। 
शाही इमाम पंजाब ने कहा कि देर आए दरुस्त आए कहावत के अनुसार हम प्रधानमंत्री जी के भी शुक्र गुजार हैं कि उन्होंने आखिर देश के मन की बात को सुन कर स्वीकार भी किया है। शाही इमाम ने कहा कि इस आंदोलन में देश के सभी धर्मों के लोगों ने जात पात से ऊपर उठ कर साथ दिया। इस लिए सभी इस अवसर पर मुबारकबाद के हकदार हैं। 
शाही इमाम मौलाना उस्मान लुधियानवी ने कहा कि इस अवसर पर उन सभी लोगों को याद करते हैं जिन्होने इस आंदोलन में अपनी जानो की कुर्बानी दी है। शाही इमाम ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि लुधियाना जामा मस्जिद में ज्यादा खुशी इस लिया भी है कयोंकि मरहूम शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी पहले दिन से किसान आंदोलन में शामिल रहे और लगातार आवाज उठाई हालांकि गोदी मीडिया ने मरहूम शाही इमाम साहिब को निशाना भी बनाया लेकिन वो सच्चाई के साथ डटे रहे। 
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की कामयाबी के लिया कोई विशेष पार्टी नही बल्कि सभी देश वासी मुबारकबाद के हकदार हैं।  
किसान आंदोलन की जीत पर जामा मस्जिद में मिठाई बांटी गई

Thursday, August 13, 2020

बेंगलुरू में हुई शान-ए-रसूल में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी

Thursday: 13th August 2020 at 3:15 PM
 सज़ा न मिली तो शुक्रवार को आन्दोलन का ऐलान-शाही इमाम पंजाब 
जामा मस्जिद लुधियाना में मीटिंग की अध्यक्षता करते शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी
लुधियाना:13 अगस्त 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
बीते दिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में एक विधायक के भांजे की तरफ से सोशल मीडिया पर पैगंबर इस्लाम हजरत मुहम्मद साहिब सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में की गई गुस्ताखी के बाद जहां बेंगलुरू की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, वहीं देश भर के मुसलमानों में गुस्से की लहर दौड़ गई है, आज यहां स्वतंत्रता संग्राम में शामिल रही जमात मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से एतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में इस विषय पर पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि बेंगलुरू में शान ए रसूल सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम में की गई गुस्ताखी हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शाही इमाम ने कहा कि अगर जल्दी ही अपराधियों को पकड़ कर सजा नहीं दी गई तो देश भर के करोड़ो मुस्लमान अंदोलन के लिए एक ही समय पर सडक़ों पर आ जाएंगे, क्योंकि यह पैगंबर हजरत मुहम्मद साहिब सल्लाहु अलैहि वसल्लम के सम्मान का मामला है, जिसमें मुसलमानों ने कभी कोई समझौता नहीं किया है। शाही इमाम पंजाब ने कहा कि प्यारे मुहम्मद सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम हर एक मुसलमान को अपनी जान से ज्यादा अजीज है। अपने नबी साहिब के लिए मुसलमान कौम का हर मर्द, औरत, बच्चा अपनी कुर्बानी पेश करने के लिए तैयार है। शाही इमाम ने कहा कि सरकार इसको कोई आम मसला न समझे। इतिहास गवाह है दुनिया के किसी भी हिस्से में हम कम हो या ज्यादा गुस्ताख ए रसूल को कभी बर्दाश्त नहीं करते, शही इमाम ने कहा कि गुस्ताखी करने वाला किसी धर्म का नहीं है वह नास्तिक है। क्योंकि कोई भी मजहब किसी दूसरे मजहब की बेइज्जती की शिक्षा नहीं देता है,वर्णण योग्य है कि बेंगलुरू पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई को देखा जाएगा,अगर अपराधियों को नहीं पकड़ा गया तो शुक्रवार को आंदोलन का ऐलान किया जाएगा।
रोपड़ में कुरान शरीफ की बेअदबी करने वालों को गिरफ्तार करो- उस्मान रहमानी
लुधियाना: 13 अगस्त 2020:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नूरपुर बेदी के करीबी गांव घाई माजरा, कट्टा सबोर में बीते तीन दिन पहले पवित्र कुरान शरीफ की हुई बेअदबी की घटना की नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने निंदा करते हुए पंजाब सरकार से मांग की है कि कुरान शरीफ की बेअदबी करने वालो को जल्दी गिरफ्तार किया जाए, उस्मान रहमानी ने कहा कि पंजाब की पवित्र धरती पर बार बार पवित्र ग्रंथों के साथ हो रही बेअदबी खुदा के कहर को न बुला ले, उन्होंने कहा कि तीन दिन गुजर जाने के बाद भी कीरतपुर साहिब हल्के की पुलिस इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी जो कि दुख की बात है। नायब शाही इमाम ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए जल्दी ही लुधियाना जामा मस्जिद से एक वफद रोपड़ जाएगा जिसकी रहनुमाई शाही इमाम साहिब करेंगे।

Monday, April 27, 2020

रोज़ेदार का दिल अगर साफ हो तो दुआ ज़रूर कबूल होती है

27th April 2020 at 3:34 PM
दरस-ए-रमज़ान से नायब शाही इमाम का संबोधन 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान प्रोग्राम को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी
लुधियाना: 27 अप्रैल 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हर तरफ कोरोना की दहशत। दुनिया भर में कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस का अंधेरा छाया हुआ है। ज़िंदगी ठप्प हो कर रह गई है। इस दौर में भी अगर रफ्तार है तो बस उन्हीं की जिंदगी में जिन्होंने इबादत पर जोर देना शुरू कर दिया है। उनके दिलों में भी हौंसला और उत्साह है। उनके आसपास के माहौल में भी उम्मीदों की रौशनी महसूस हो रही है। इबादत की इन खूबियों को जामा मस्जिद से दिए जाते संदेशों से हर रोज़ बढ़ावा भी मिल रहा है। इस तरह का रूहानी सिलसिला लगातार जारी रहता है। सोशल डिस्टेंस के नियम को पूरी तरह लागू करते हुए ह सब कुछ बाकायदा ऑनलाइन प्रसारित भी किया जाता है। 
कोरोना नाम के इस खतरनाक वायरस को लेकर चल रहे लॉक डाउन के बीच पवित्र रमज़ान शरीफ का महीना शुरु हो चुका है। लुधियाना की एतिहासिक जामा मस्जिद से इस अवसर पर रोज़ाना रात को इशा की नमाज के बाद ऑनलाइन दरस-ए-रमज़ान प्रोग्राम शुरू किया गया ताकि लॉक डाऊन की वजह से मस्जिद तक ना आने वाले सभी नमाज़ी रमज़ान की बातें सुनकर अपना रोज़ा अच्छा बना सके। दरस-ए-रमजान प्रोग्राम से रोज़ाना हज़ारों लोग जुड़ रहे हैं। गौरतलब है कि रोज़ा रखने वालों के तन मन की शक्ति पूरी तरह अजेय हो जाती है। उस परवर्दिगार के साथ मन की तार जोड़ता है रोज़ा। 
ऑनलाइन दरस-ए-रमजान को संबोधन करते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि रमज़ान एक इंकलाबी इबादत है जो इंसान के दिल को इबादत करके बुराइयों से दूर नेकी की तरफ ले जाता है। रमजान शरीफ में अल्लाह अपने बंदे की तौबा क़बूल करते हैं अगर बंदे का दिल साफ हो तो दुआएं जरूर कबूल होती है। नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने कहा कि फरमान-ए-रसूल है कि रोज़ा सिर्फ भूखे रहने का नाम नहीं है रोज़ेदार की आंखें गलत नहीं उठती, रोजेदार की जुबान से किसी को तकलीफ नहीं पहुंचती, रोज़ेदार के हाथ गलत काम के लिए नहीं उठते, रोज़ेदार के दिल में किसी के लिए बुराई नहीं होती, अगर कोई रोज़ेदार व्यक्ति रोज़ा  भी रखता है और झूठ भी बोलता है, किसी की तरफ बुरी निगाह से भी देखता, अपने दिल में बुराई का इरादा करता है तो बात साफ है कि वह रोज़ेदार नहीं है क्योंकि रोज़ा बुराइयों के लिए ढाल है लेकिन तब तक ही जब तक उसे फाड़ ना दिया जाए यानि झूठ बोल कर इसे खराब ना कर दिया जाए। अगर आप बुराई नहीं त्याग रहे हैं तो आपका रोज़ा भी नहीं हो रहा है। 
नायब शाही इमाम ने कहा कि दुनिया भर में मुसलमानों के लिए रोज़ा अल्लाह की तरफ से एक इनाम है जो हर साल इस पवित्र महीने में अपने गुनाहों की तौबा करके एक नई शुरुआत करते हैं और रमज़ान के रोज़े हमें आने वाले सारे साल में नेकी की तरफ लेकर जाते हैं। उन्होंने कहा कि पवित्र रमज़ान में प्यार मुहब्बत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है। यह नेकियों का महीना है जो आपसी रंजिशो को खत्म कर के मुहब्बत को आम करता है। जामा मस्जिद से आज का पैगाम भी हिम्मत, हौंसला और उत्साह देने वाला रहा। अँधेरे में उजाले की किरने देता हुआ आज का पैगाम भी ख़ास रहा। लोगों को मिलजुल कर रहने और कोरोना पर फतह पाने के संकल्प के भी मज़बूत बनाया आज के इस पैगाम ने। 

Saturday, March 28, 2020

राशन वितरण को लेकर जामा मस्जिद का ऐतिहासिक फैसला

28th March 2020 at 3:34 PM
सामग्री बांटते समय किसी जरूरतमंद की फोटो नहीं लेंगे:शाही इमाम 
लुधियाना जामा मस्जिद में गरीब परिवारों को राशन बांटने के दूसरे चरण की तैयारी करते हुए कार्यकर्ता
लुधियाना: 28 मार्च 2020:(कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
शहर की दाना मंडी में केंद्र सरकार के खिलाफ 39 दिन तक शाहीन बाग आंदोलन चलाने वाले जामा मस्जिद के कार्यकर्ता अब सभी वैचारिक मतभेद भुला कर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की अध्यक्षता में कोरोना वायरस संकट में इंसानियत को बचाने के लिए किए जा रहे संघर्ष में भी मोर्चा संभाल चुके हैं। 
नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने बताया कि बीते एक सप्ताह से जरुरतमंद परिवारों में राशन बांटने के बाद अब जामा मस्जिद से राशन बांटने का दूसरा चरण शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि जामा मस्जिद का पहले चरण में 213 परिवारों तक एक महीने का राशन पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी यह कोशिश है कि रोज खाना बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाली सभी चीजें मजदूरों, रिक्शा चलाने वाले और बहुत ज्यादा मजबूर परिवारों को उपलब्ध करवाई जाऐ। नायब शाही इमाम ने बताया कि जामा मस्जिद के कार्यकर्ता अब दूसरे चरण में जहां सामान पैक कर रहे हैं वहीं पर संपर्क साधने वाले लोगों का पता लगाकर वहां पहुंचने की तैयारी भी कर रहे हैं। 
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने ऐलान किया कि सामग्री बांटते समय किसी भी जरुरतमंद की फोटो नहीं ली जाएगी ताकि किसी के भी आत्म सम्मान को ठेस ना लगे। शाही इमाम ने कहा कि सर्वधर्मों के लोग मिलकर ही कोरोना वायरस संकट का मुकाबला कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह समय है कि पूरे भारत वंश के लोग अपने राजनीतिक और वैचारिक मतभेदों को भुलाकर इंसानियत को बचाने के लिए एकजुट हो जाएं। 
शाही इमाम ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार व पंजाब की कैप्टन सरकार इस संकट के समय में जो भी काम कर रही है वो जनता के हित में है। उन्होंने कहा कि आज देश भर के धार्मिक स्थानों से गरीबों का पेट भरने के लिए जो प्रयास किए जा रहे है इसे भी इतिहास में याद रखा जाएगा। शाही इमाम ने पंजाब के सभी बड़े उद्योगपति घरानों से अपील की है कि वह अपने अपने संस्थानों द्वारा गरीबों के लिए दो वक्त की रोटी का लगातार प्रबंध करें। उन्होंने कहा की विश्व भर में आए हुए इस कोरोना संकट से सबसे पहले भारतीय मुक्त हो ऐसी हमारी दुआ है। शाही इमाम ने कहा कि इंसान लाचार है सबसे बड़ी ताकत खुदा की है इसलिए हम सब सभी प्रयासों के साथ-साथ यह ना भूले की इस विश्वव्यापी संकट से खुदा की मदद के बगैर नहीं निकला जा सकता। इस लिए हमें अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए भलाई के काम जारी रखने हैं। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने समाज सेवी संस्थाओं से यह भी अपील की कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के अलावा समाज में ऐसे परिवार भी होते हैं जो कि अपने आत्म सम्मान की वजह से किसी के सामने अपनी जरूरत का इजहार नहीं करते इस लिए सभी सामाजिक संस्थाऐ विशेष रूप से इस बात की तरफ ध्यान दें कि जो लोग अपनी प्रतिष्ठा की वजह से लाइन में लगकर या फोटो खिंचवा कर राशन लेने से कतरा रहे हैं उन्हें छुपकर खामोशी से राशन पहुंचाने का काम किया जाए।
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Monday, December 16, 2019

निर्दोष छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस का अत्याचार लोकतंत्र की हत्या

Monday: Dec 16, 2019, 3:31 PM
पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ:शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान
 देश में हर इंसान को अपनी बात कहने का हक है
 छात्रों पर दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस द्वारा की गई अमानवीय कारवाई का विरोध करते हुए लुधियाना में अहरार कार्यकर्ता
लुधियाना:16 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
नागरिकता कानून में किए गए संशोधन के बाद देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली व अलीगढ़ पुलिस की तरफ से जे.एम.यू और ऐ.एम.यू के विद्यार्थियों पर किए गए लाठीचार्ज से देश के लोकतंत्र हक को दबाने की कोशिश की जा रही है , यह बात आज यहां फील्डगंज चौक में 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मजलिस अहरार इस्लाम की ओर से किए गए रोष प्रदर्शन में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने जिस बर्बरता से बच्चों को पीट-पीट कर घायल किया है उससे इंसानियत शर्मिंदा हो गई है। उन्होंने कहा कि यह वही दिल्ली पुलिस है जो अभी कुछ दिन पहले वकीलों के साथ हुए झगड़े के बाद रो-रो कर अपना दुखड़ा सुना रही थी। शाही इमाम ने कहा कि पूरा देश जामिया के बच्चों के साथ है यह किसी एक धर्म के विद्यार्थी नहीं, देश के बच्चे है जो लोग नागरिकता बिल के विरोध को धार्मिक रंग देकर बदनाम करना चाहते हैं वह यह बात समझ लें कि भारत में जीत लोकतंत्र की होगी। शाही इमाम ने भारत के राष्ट्रपति जी श्री राम नाथ कोविंद साहिब से अपील की है कि दिल्ली पुलिस के उन अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए जिन्होंने विद्यार्थियों के शांतिपूर्वक प्रदर्शन को जान बूझ कर हिंसक बना कर अत्याचार किया है। शाही इमाम ने कहा कि आज़ाद भारत में हर इंसान को हक है कि वह चुनी हुई सरकार की नीतियों की विरोधता कर सकता है, इसलिए ही भारत विश्व का सबसे बड़ा प्रजातंत्र है । इस अवसर पर फील्ड गंज चौक में केंद्र सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया गया। 
फोटो कैप्शन:

Friday, December 06, 2019

धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकता बिल का तीखा विरोध

Friday:Dec 6, 2019, 3:10 PM
शाही इमाम पंजाब ने इसे संविधान और मूल सिद्धांतों के खिलाफ कहा
पाकिस्तान द्धारा शरणार्थियों के भेस में आतंकवाद फैलाने की आशंका
जामा मस्जिद में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी व अन्य

लुधियाना: 6 दिसम्बर 2019:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
केंद्र की भाजपा सरकार की ओर से कैबिनेट में पारित करने के बाद अब संसद में पेश किए जाने वाले नागरिकता बिल का स्वतंत्रता सैनानियों की जमात मजलिस अहरार की ओर से विरोध करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने आज पत्रकार सम्मेलन में कहा कि धर्म के आधार पर किसी को भारतीय नागरिकता देना किसी भी तरह से उचित नहीं है, यह सरासर देश के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भारत के संविधान में ये बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि देश की सरकार किसी धर्म विशेष की नहीं बल्कि धर्म निरपेक्ष है और यही भारत का सिद्धांत रहा है। शाही इमाम पंजाब ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार का यह कहना कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में वहां के अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं इसलिए गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता दी जानी चाहिएं, तो क्या चाइना, म्यांमार, नेपाल और श्रीलंका में अगर किसी मुसलमान पर अत्याचार हो उसे भारत की नागरिकता का अधिकार नहीं होगा? क्या यह गैर मुस्लिम देश भारत के पड़ोसी नहीं है? क्या इन देशों में मानवता पर अत्याचार नहीं हो रहे हैं? शाही इमाम ने कहा कि म्यांमार में वहां के अल्पसंख्यकों पर बहुत अत्याचार हुए हैं उसे कौन नहीं जानता, लेकिन फिर भी धर्म के आधार पर राजनीति की जा रही है। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि दुनिया इस वक्त आतंकवाद से जूझ रही है। आतंक का कोई धर्म नहीं होता, वोट की राजनीति में कहीं हम इन पड़ोसी देशों से आए पाकिस्तानी घुसपैठियों के लिए दरवाजा तो नहीं खोलने जा रहे, क्योंकि अब तक जो भी जासूस और आतंकी भारत में पकड़े गए हैं उन सब का किसी एक धर्म से संबंध नहीं है। शाही इमाम ने कहा कि सरकार देश में बढ़ रही महंगाई और बेरोजगारी पर ध्यान केंद्रित करने की बजाए धर्म के नाम पर सियासत कर रही हैं। एक सवाल के जवाब में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि 6 दिसम्बर के दिन बाबरी मस्जिद को कानून की परवाह ना करते हुए शहीद कर दिया गया था जिसे आज भी सुप्रीम कोर्ट ने गलत कहा है इस लिए बाबरी मस्जिद की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। 


Saturday, September 29, 2018

अवैध संबंधों की इजाजत देना खतरनाक: शाही इमाम पंजाब

Sep 29, 2018, 12:43 PM
भारतीय संस्कृति और धर्म हरगिज़ इसकी इजाज़त नहीं देते
जामा मस्जिद ने खुल कर कहा:पति-पत्नी एक दूसरे के सार्थी 
लुधियाना: 29 सितंबर 2018 (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पति-पत्नी के संबंधों और उनकी पवित्रता की बचने के लिए जामा मस्जिद ने खुल कर स्टैंड ले लिए है। हाल ही में आये फैसले को आड़े हाथों लेते हए शाही इमाम ने भारतीय संस्कृति की याद भी दिलाई है। यहां एक विशेष मीडिया मीट में पत्रकारों से उन्होंने इस संबंध में विस्तार से चर्चा की। 
सुप्रीम कोर्ट ने धारा 497 को असंवैधानिक बताते हुए पति पत्नी के रिश्ते की व्याख्या करते हुए जो कहा है कि महिला पति की सम्पत्ति नहीं, यह व्याख्या भारतीय संस्कृति से मेल नहीं खाती, यह बात आज यहां ऐतिहासिक जामा मस्जिद लुधियाना में पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा की पति पत्नी एक दूसरे के सार्थी हैं दोनों का एक दूसरे पर विश्वास ही घर की शांति और पूंजी है जिससे यह दोनों हर मुश्किल का मुकाबला दृढ़ता से करते हैं। उन्होने कहा कि  भारतीय संस्कृति और धर्म हरगिज़ इसकी इजाज़त नहीं देते, इसलिए सर्वोच्य न्यालय को इस पर दोबारा विचार करना चाहिए। उन्होंने ने कहा कि इस फैसले से देश में महिलाओं की पीड़ा और बढऩे वाली है, शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि अंग्रेजी सम्राजी सरकार की गुलामी से देश को स्वतंत्र कराने के लिए कुर्बानी इसलिए नहीं दी थी कि पश्चिम की सभ्यता को आदेश के जरिए थोपने की कोशिश की जाए। शाही इमाम ने सभी धर्मो के उच्च गुरुओं से भी अपील की है कि इस फैसले को बदलने के लिए सरकार को कहें। शाही इमाम ने कहा की देश में कानून बनाना संसद का काम है सर्वोच्य न्यालय को तीन तलाक के कानून की तरह इसको भी संसद में विचार के बाद कानून बनाने के लिए कहना चाहिए था, उन्होंने कहा कि ऐसी सभी धाराओं को बदलने से पहले राष्ट्रीय स्तर पर जनता की भी राय लेनी चाहिए। उन्होंने ने कहा कि हैरत है कि एक तरफ यह कहा जाता है कि तीन तलाक नहीं दी जा सकती और दूसरी ओर शादी शुदा जोड़ों को अवैध संबंध बनाने की इजाजत दी जा रही है। एक सवाल का जवाब देते हुए शाही इमाम ने कहा कि मस्जिद और नमाजियों का रिश्ता अटूट है इस पर बहस की कोई जरुरत नहीं। इस अवसर पर नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, मुफ्ती जमालुदीन, कारी इब्राहिम, मौलाना महबूब आलम, शाह नवाज अहमद और शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम आदि मौजूद थे।

Thursday, June 14, 2018

ईद-उल - फितर का चांद नजर नहीं आया: शाही इमाम पंजाब

Jun 14, 2018, 8:52 PM
अब 16 जून को मनाया जायेगा ईद-उल-फितर का त्यौहार
लुधियाना: 14 जून 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
आज यहां पंजाब के मुसलमानों के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना से पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब (चांद देखने वाली कमेटी) के अध्यक्ष मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने पूरे पंजाब भर से प्राप्त हुई जानकारी के अनुसार यह ऐलान किया कि आज ईद-उल-फितर का चांद नजर नहीं आया। इसलिए अब 16 जून को ईद-उल-फितर का त्यौहार मनाया जायेगा। इस पवित्र त्यौहार की शाही इमाम ने समूह पंजाब वासियों को हार्दिक मुबारकबाद दी।
दिल्ली रूयते हिलाल कमेटी का एलान भी आ गया है। इस ब्यान में भी कहा गया है कि आज कही चांद नही दिखा। इस तरह स्पष्ट है की अब भारत मे शनिवार को ईद होगी। यह ऐलान दिल्ली में शाही इमाम मौलाना सय्यद अहमद बुखारी ने किया। 

Tuesday, September 12, 2017

रोहंगिया मुसलमानों का कत्लेआम सहन नहीं किया जाएगा:शाही इमाम

Tue, Sep 12, 2017 at 2:45 PM
लुधियाना में एक लाख से अधिक मुसलमानों का रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 12 सितंबर 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
बीते कई सप्ताह से म्यामार वर्मा में रोहंगिया मुसलमानों पर वहां की सरकार द्धारा किए जा रहे अमानवीय अत्याचारों के खिलाफ आज यहां पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी के आहवान पर शहर के एक लाख से अधिक मुसलमानों ने फील्ड गंज चौक स्थित जामा मस्जिद से डिप्टी कमिश्नर दफ्तर तक रोष मार्च निकाला और भारत के राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद के नाम डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन दिया। गौरतलब है कि आज सुबह से ही लुधियाना के विभिन्न इलाकों से हजारों की संख्या में मुसलमान जामा मस्जिद पहुंचना शुरु हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ में ज्यादातर अंग्रेजी भाषा में लिखे पोस्टर उठा रखे थे जिन पर रोहंगिया मुसलमानों के नरसंहार को रोकने के साथ-साथ म्यामार की स्टेट कौंसलर व नोबल पुरस्कार प्राप्त आंग सांग सू ची के विरुद्ध नारे लिखे हुए थे।  इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि विश्व के इतिहास में अब तक कोई ऐसा नरसंहार नहीं हुआ जैसा कि इन दिनों म्यामार की जालिम सरकार और वहां के दंगाई एक साथ मिलकर कर रहे हैं। उन्होनें कहा कि हैरत की बात है कि विश्व समुदाय जो कि एक छोटी सी आतंकी घटना होने के बाद आसमान सिर पर उठा लेता है वह भी हजारों मुसलमानों के कत्लेआम पर खामोश है। उन्होनें कहा कि भारत सरकार ने हमेशा ही म्यामार को एक अच्छा देश बनाने के लिए पड़ोसी होने के नाते रंगून की मदद की है, को चाहिए कि इस नरसंहार के खिलाफ आवाज उठाए। शाही इमाम ने कहा कि बर्मा में हो रहे नरसंहार के बीच केंद्र सरकार की ओर से देश मे रह रहे चालीस हजार रोहंगिया रिफ्यूजियों को वापिस भेजे जाने की खबर ने सिसक रहे रोहंगियों के जख्म पर नमक का काम किया है। शाही इमाम ने कहा कि भारत का संविधान ही नहीं बल्कि इतिहास भी इस बात का साक्षी है कि हमनें हमेशा ही मुसीबत में शरण मांगने वालों को मना नहीं किया। शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि धर्म के नाम पर अन्याय और सियासत दोनों ही गलत है। उन्होनें कहा कि रोहंगियों का कत्लेआम हरगिज सहन नहीं किया जाएगा ये सिर्फ मुस्लिम समुदाय का नहीं बल्कि समूह इंसानियत को बचाने का विषय है। शाही इमाम ने कहा कि वहां जिस तरह बच्चों, औरतों और बूढ़ों का कत्ल किया जा रहा है वह सहन से बाहर है। वर्णनयोग है कि आज लुधियाना की जामा मस्जिद द्वारा एक फैक्स संदेश के जरिए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एनटोनियो जूटै्रस, ओ.आई.सी (मुस्लिम देशों का समूह) के महासचिव डा. यूसुफ अल ओथम, मुस्लिम वल्र्ड लीग मक्का के महासचिव अबू अब्दुल्ला को भी ज्ञापन भेजा गया है। 

Sunday, July 16, 2017

पास्टर के कातिलों को फांसी दो: शाही इमाम पंजाब

Sun, Jul 16, 2017 at 3:56 PM
पंजाब में साम्प्रदायिक आतंक को सहन नहीं करेंगे अल्पसंख्यक

लुधियाना: 16 जुलाई 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बीती शाम सलेम टाबरी चर्च के पास्टर सुल्तान मसीह की सरेआम गोलियां मार कर की गई हत्या पर पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की ओर से गहरा दुख प्रगट करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने मांग की है कि हत्यारों को गिरफ्तार करके फांसी की सजा दी जाए। शाही इमाम ने कहा कि पास्टर सुल्तान की हत्या इस बात का संकेत है कि राज्य में साम्प्रदायिकता के नाम पर कुछ शरारती तत्व आतंक फैलाना चाहते है। उन्होंने कहा कि पंजाब में हिंदू, सिख, मुस्लिम, ईसाई भाईचारा बड़े ही प्यार से रह रहा है लेकिन कुछ साम्प्रदायिक ताकते इसे तोडऩा चाहती है, इस साजिश को किसी कीमत पर कामयाब नही होने दिया जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि फिरकापरस्त शरारती तत्व अपने दिमाग से यह खामख्याली निकाल दें कि अल्पसंख्यक समुदाय उनकी गोलियों से डर जाएगा। शाही इमाम ने कहा कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से यह मांग करेंगे कि ईसाई समुदाय की सुरक्षा को यकीनी बनाया जाए और पास्टर सुल्तान मसीह के हत्या के पीछे साजिश करने वालो को भी बेनकाब किया जाए। शाही इमाम ने कहा कि पंजाब ने दस सालों तक आतंकवाद का काला दौर देखा है अब जबकि पंजाब तरक्की की ओर जा रहा है तो फिरकापरस्त ताकतें अपना आतंक फैलाना चाहती है। शाही इमाम ने कहा कि पास्टर पर हमला और कातिलों का फरार पुलिस व प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रशनचिन्ह है। इस मौके पर शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने पंजाब भर के समूह धर्मो के लोगों से अपील की कि इस दु:ख की घड़ी में सभी लोग अमन, शांति व कानून व्यवस्था को बनाए रखें। इस मौके पर गुलाम हसन कैसर, नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, कारी इब्राहिम, बिलाल खान, अंजुम असगर, हिफजुर रहमान, शाकिर आलम, परवेज आलम, शाह नवाज अहमद, अकरम अली, बाबुल खान, आजाद अली, मोहम्मद जावेद, अशरफ अली, मुहम्मद रियाज, मुहम्मद असलम, व शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुस्तकीम अहरारी व अन्य भी मौजूद थे।

Thursday, February 09, 2017

भागवत साहिब मुसलमान हिन्दू नहीं गर्व से हिंदुस्तानी हैं-शाही इमाम पंजाब

Thu, Feb 9, 2017 at 5:05 PM
भागवत अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश न करें
लुधियाना:: 9 फरवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
वाम दलों और मुस्लिम समाज ने राष्ट्रिय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत के बयान का गंभीर नोटिस लिया है और सावधान किया है कि वह अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश न करें। संघ संचालक मोहन भागवत की ओर से भारतीय मुसलमानों को आत्मा से हिन्दू बताने पर मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द की ओर से पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कड़ी आपत्ति जताई,उन्होंने काहा की भागवत सत्ता के बल पर अल्पसंख्यकों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।शाही इमाम ने कहा कि कोई भी मुसलमान आत्मा से हिन्दू नहीं है इस्लाम ही हमारा धर्म है और दुनिया की कोई भी ताक़त हमें इससे अलग नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि भारतीय मुसलमानों को हिंदुस्तानी होने पर गर्व है लेकिन मुसलमान किसी को भी अपने आत्म सम्मान के साथ खिलवाड़ नहीं करने देंगें।शाही इमाम ने कहा कि बड़ी हैरत की बात है कि देश को प्रगति की ओर ले जाने का वादा करने वाले लोग बीते तीन वर्षों से अपनी नाकामी छुपाने के लिए अल्पसंख्यकों पर टिप्पणियां कर के अपना गुजारा कर रहे हैं,शाही इमाम ने कहा कि अल्पसंख्यको को धमकाने से अच्छा है कि वह अपने दयत्त्व की और ध्यान दें, मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि सत्ता में रहने वाले अपने दिमाग से ये गलतफहमी निकल दे की वह अल्पसंख्यको का दीन धर्म छीन लेंगे।उन्होंने कहा कि इस्लाम ही हमारा धर्म है और हम अपने देश में आज़ादी के साथ हमेशा अल्लाहु अकबर कह कर नमाज़ पढ़ते रहेंगें। शाही इमाम ने कहा कि यह विडम्बना ही है कि सत्ता में आने के बाद भी धर्म के नाम पर ही रोटियां सेंकी जा रही है राजा के सहयोगी प्रजा को धमका रहे हैं और देश आगे बढ़ने की बजाये थम सा गया है।

Sunday, January 08, 2017

शाही इमाम पंजाब ने दी अल्पसंख्यकों के दर्द,गम और गुस्से को आवाज़

Sun, Jan 8, 2017 at 5:33 PM
सियासी पार्टियां चुनाव मेनिफेस्टो में अल्पसंख्यकों को दें विशेष स्थान
सिर्फ कब्रिस्तान ही नहीं शिक्षित संस्थान व रोजगार भी चाहिए
लुधियाना: 8 जनवरी 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
मतदान जैसे अनमोल अवसर को स्वार्थ, लालच और केवल सत्ता प्राप्ति का साधन बना देने वाले लोगों ने पिछले कुछ दशकों के दौरान जिस तरह से इस सुनहरी प्रक्रिया को अपने पांवों तले रोल कर रख दिया है उन लोगों को सीना तान कर चुनौती दी है पंजाब के शाही इमाम ने। पंजाब में 4 फरवरी को होने जा रहे चुनाव को लेकर आज यहाँ मजलिस अहरार इस्लाम हिन्द पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा है कि पंजाब में अल्पसंख्यक समुदाय की समस्यायों को कभी भी किसी सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया और सिर्फ खोखले वायदे ही किए। उन्होंने राष्ट्रीय दलों के साथ साथ रीजनल पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया। शाही इमाम ने कहा कि राज्य में चुनाव लड़ रही राष्ट्रीय व क्षेत्रीय पार्टियो ने कभी भी अल्पसंख्यको के लिए चुनाव मेनिफेस्टो में कब्रिस्तानों की जगह से आगे कोई बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों को सिर्फ कब्रिस्तान ही नहीं चाहिए बल्कि शिक्षित संस्थान और रोजगार के अवसर मिलने चाहिए। शाही इमाम ने अपील की है कि शिरोमणी अकाली दल बादल, कांग्रेस पार्टी और आम आदमी सहित अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े हुए अल्पसंख्यक नेताओं को चाहिए कि वह अपनी-अपनी पार्टी के चुनाव मेनिफेस्टों में अल्पसंख्यकों के लिए पंजाब के सभी शहरों में हाई स्कूल, डिग्री कॉलेज बनवाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नौकरियां दिए जाने का वादा करवाएं। शाही इमाम ने कहा कि यह बहुत दु:ख की बात है कि सिर्फ कब्रिस्तानों के लिए जगह दिए जाने की बात कर के प्रदेश के लगभग 35 लाख अल्पसंख्यकों की मूल समस्याओं को नजर अंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अल्पसंख्यक समुदाय की कुर्बानियां किसी से कम नहीं है लेकिन बीते दिनों बनाई गई स्वतंत्रता संग्राम की यादगार में पंजाब सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के योगदान को नजर अंदाज कर दिया जोकि बहुत ही दु:खदायी है। शाही इमाम ने कहा कि मरने के बाद दो गज जमीन हासिल करना आसान हो गया लेकिन जीने के लिए कोई सहारा देने को तैयार नहीं। चुनावों के इस महत्वपूर्ण मौके पर शाही इमाम पंजाब का बयान वास्तव में अल्पसंख्यकों के दर्द, गम और गुस्से की आवाज़ के रूप में सामने आया है। 

Saturday, January 07, 2017

माँ से ही मिला हिम्मत के साथ लक्ष्य पाने का हौंसला: मौलाना हबीब उर रहमान

शाही इमाम पंजाब की माता के निधन पर विभिन्न संगठनों द्धारा शोक व्यक्त
जामा मस्जिद में संबोधित करते हुए शाही इमाम और उपस्थित नमाजी
लुधियाना: 6 जनवरी 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी की माता जी (जाहिदा रहमानी) के निधन पर विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक नेताओं की ओर से जामा मस्जिद पहुंच कर लगातार शोक व्यक्त किया जा रहा है। आज यहाँ नमाज ए जुम्मा से पहले अपने संबोधन में शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी ने नामाजियों से अम्मी जान के लिए दुआ ए मगफिरत की विनती करते हुए बताया कि आज देश भर में उनकी इस्लामिक संस्था मजलिस अहरार इस्लाम हिंद का विस्तार माँ की ही दुआओ का असर है। शाही इमाम ने कहा कि माँ ने ही दिया हिम्मत के साथ लक्ष्य पाने का सबक। उन्होंने बताया कि अम्मी जान ने हमेशा ही पंजाब भर में बंद पड़ी मस्जिदों को खुलवाने के लिए हमें प्रेरित किया और हमेशा जरूरतमंदो की मदद करने के लिए तत्पर रहती थी। शाही इमाम ने कहा कि हम सबको यह याद रखना कि चाहिए मां की दुआओ से अल्लाह की मदद आती है और सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। वर्णनयोग है कि आज यहाँ लुधियाना पुलिस कमिशनर जतिंदर सिंह औलख, राज्यमंत्री मदन लाल बग्गा, मेयर हरचरण सिंह गोहलवडिय़ा, पूर्व मंत्री हीरा सिंह गाबडिय़ा, विधायक बलविंदर सिंह बैंस, विधायक भारत भूषण आशु, पूर्व डिप्टी कमिश्नर कुलदीप सिंह वैद, पूर्व डीजीपी इजहार आलम, मुफ्ती मालेरकोटला, हरदयाल सिंह, पार्षद खरबंदा, खलीफा सैय्यद सादिक सरहिंद शरीफ, बी सी कमिशन के चैयरमैन निर्मल सिंह, चैयरमैन विजय दानव, सुशील पराशर, डा. अवतार सिंह, गुलाम हसन कैसर आदि ने शोक व्यक्त किया।

Monday, September 19, 2016

शहीद सैनिकों के लिए एक-एक करोड़ रूपये की मांग

Mon, Sep 19, 2016 at 12:40 PM
मजलिस अहरार इस्लाम हिंद ने की केंद्र सरकार से मांग 
पाकिस्तान से संबध खत्म कर मुंह तोड़ जवाब दिया जाए
ऊड़ी में आंतकी हमला निंदनीय: शाही इमाम पंजाब
लुधियाना:19 सितंबर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमानी सानी लुधियानवी
जम्मू-कश्मीर के ऊड़ी सैक्टर में पाकिस्तानी आंतकवादियों की तरफ से किए गए आंतकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि भारत सरकार को चाहिए कि पाकिस्तान से सभी राजनीतिक व कूटनीतिक संबध खत्म करके उसे मुंह तोड़ जवाब दिया जाए। आज यहां फील्डगंज चौंक स्थित लुधियाना जामा मस्जिद में एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें आंतकवाद के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धाजंलि भी दी गई। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कहा कि भारत के साथ समय-समय पर पाकिस्तान की हकूमतें धोखा करती आई है जिसे अब और सहन नहीं किया जा सकता। उन्होनें कहा कि पाकिस्तान के शासक आंतक के सूत्रधार है। ऐसे पड़ौसी के साथ जुबान से नहीं बात की जा सकती। शाही इमाम ने कहा कि छुप कर हमारे देश में आंतकी हमले करना कायरता की निशानी है। उन्होनें कहा कि आंतकवाद का कोई धर्म नहीं होता। जो भी व्यक्ति या संस्था आंतक फैलाती है उसका खात्मा किया जाना चाहिए। पंजाब के शाही इमाम ने कहा कि पाकिस्तान इस बात को अच्छी तरह समझ ले कि भारत के हिन्दू,सिख, मुस्लिम व दलित अपने देश की रक्षा के लिए एकजुट है। कोई भी विदेशी ताकत हमारी ऐकता को नहीं तोड़ सकती। इस अवसर पर मजलिस अहरार इस्लाम हिंद की ओर से केन्द्र सरकार से मांग की गई कि शहीद सैनिकों के परिवार वालों को एक-एक करोड़ रूपये सहायता राशि दी जाए।

Sunday, September 04, 2016

ईद-उल-जुहा 13 सितम्बर को: शाही इमाम

Sun, Sep 4, 2016 at 3:29 PM
इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं
लुधियाना: 4 सितम्बर 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):ईद-उल-जुहा (बकरीद) की नमाज 13 सितम्बर दिन मंगलवार को पंजाब भर में अदा की जायेगी। यह ऐलान आज यहां प्रदेश के मुस्लिम धार्मिक केंद्र से पंजाब के शाही इमाम व रूअते हिलाल कमेटी पंजाब के अध्यक्ष मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने किया। शाही इमाम ने बताया 13 सितम्बर को इस्लामी महीना जिलहिज्जा की 1० तारीख है और इस दिन दुनिया भर में मुसलमान ईद की नमाज पढक़र कुर्बानी करते हैं। उन्होंने बताया कि इस ईद के मौके पर अल्लाह के नबी हजरत इब्राहीम (अल.) की सुन्नत अदा करते हुए मुसलमान कुर्बानी करते हैं। मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने सभी पंजाब वासियों को ईद की मुबारकबाद दी। 

Tuesday, July 26, 2016

कारगिल के शहीदों की कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता

Tue, Jul 26, 2016 at 4:11 PM 
कश्मीर भारत का आंतरिक मामला, पाकिस्तान दखलअंदाजी न करे
शाही इमाम पंजाब ने फिर दिया स्पष्ट नीति बयान 
लुधियाना: 26 जुलाई 2016: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
17वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर आज जामा मस्जिद में देश की आन-बान-शान के लिए शहीद हुए जवानों को याद किया गया और विशेष दुआ करवाई गई। इस मौके पर अपने संदेश में शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए कारगिल युद्ध में देश को विजय दिलवाने वाले शहीदों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होनें कहा कि रहती दुनिया तक कारगिल के वीरो योद्धा सम्मान के साथ याद किए जाते रहेगें। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान ने कश्मीर के हालात पर बोलते हुए कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है, जिसे अगर राजनीतिक लोग चाहे तो चुटकी में सुलझाया जा सकता है। लेकिन राजनीतिक पार्टियां इस पर वोट बैंक की चालें चल रही है। पाकिस्तान की निंदा करते हुए शाही इमाम ने कहा कि कश्मीर के मसले में पाकिस्तान सरकार दखलअंदाजी ना करे। क्योंकि ये भारत का आंतरिक मामला है, जिसे यहां के लोग मिल-बैठ कर सुलझाएगें। एक प्रश्न का उत्तर देते हुए शाही इमाम ने कहा कि हम अमरनाथ यात्रियों के साथ कश्मीर में हुए र्दुव्यवहार की निंदा करते है। शाही इमाम ने कहा कि किसी भी धर्म के लोगों के साथ र्दुव्यवहार निंदायोग है। उन्होनें कहा कि पंजाब में जो शरारती तत्व अल्पसंख्यकों के साथ जबरदस्ती करना चाहते है, उसे हरगिज सहन नहीं किया जाएगा। शाही इमाम पंजाब ने केन्द्र सरकार की दोगली नीति की निंदा करते हुए कहा कि कश्मीर में उत्पात मचाने वालों पर पलेटन गन चलाई जा रही है और पंजाब में उत्पात मचाने वालों को अभी तक गिरफ्तार भी नहीं किया गया। इस दोगली नीति की वजह से ही देश में हालात बिगड़ते है। शाही इमाम ने कहा कि हम सब भारतीय है, हमें विदेशी ताकतों की साजिशों से सतर्क रहते हुए अपने देश में अमन, शांति व आपसी भाईचारे को बरकरार रखना है। इस मौके पर बजमे हबीब के अध्यक्ष गुलाम हसन कैसर, कारी अलताफ उर रहमान, नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी, अबदुल सुभान, मौलाना महबूब, कारी इब्राहिम, मौलाना मोहतरम, मौलाना अतीक उर रहमान फैजाबादी, शाह नवाज अहमद, अंजुम असगर, शेख अशरफ, परवेज आलम, शाहजेब खान, मुहम्मद सकलेन व शाही इमाम पंजाब के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम मौजूद थे।शाही इमाम के इस बयान से उन साम्प्रदायिक लोगों के सामने ज़रूर सवाल खड़े हो गए हैं जो आये दिन एक विशेष अल्पसंख्यक समाज को निशाना बना कर नफरत  भड़काने को तैयार रहते हैं। 

Friday, September 18, 2015

ईद: शिक्षक संस्थान धार्मिक भेदभाव न करें - शाही इमाम पंजाब

ईद के दिन पंजाब के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी न होना अफसोसनाक
लुधियाना: 18 सितम्बर 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
25 सितम्बर को मनाई जाने वाली ईद-उल-जुहा (बकरीद) के दिन पंजाब के स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी न करना अफसोसनाक है। यह बात आज यहां लुधियाना जामा मस्जिद में पत्रकार सम्मेलन के दौरान शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि अकसर स्कूलों और कॉलेजों की मैनेजमैंट ने ईद-उल-जुहा की छुट्टी तो क्या करनी थी 25 तारीख को पेपर भी रखे हुए है, जिसकी वजह से मुस्लिम विद्यार्थी चाहकर भी नमाज-ए-ईद अदा नहीं कर सकेगें। उन्होंने कहा कि पंजाब जो कि धार्मिक सदभावना में देश के लिए एक मिसाल रहा है। पिछले दो तीन वर्षों से पंजाब में स्कूलों और कॉलेजों की मनमानी की वजह से भेदभाव का माहौल पैदा कर रहा है। 
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि इस दौरान ज्यादा निराशाजनक स्थिति प्रशासन की बनी हुई है जो कि सब कुछ जानते हुए भी मुकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में जामा मस्जिद कमेटी की ओर से कई बार डिप्टी कमिश्नर लुधियाना श्री रजत अग्रवाल जी से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनकी ओर से समय नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में एक ज्ञापन मुख्यमंत्री पंजाब जनाब प्रकाश सिंह बादल के नाम कल दिनांक 17.09.2015 को मैडम डॉ. कन्नू शिकायत अफसर लुधियाना डी.सी. दफ्तर को भी सौंपा गया। 
शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों की ओर से ईद पर छुट्टी न करना निन्दनीय नहीं बल्कि निराशाजनक है क्योंकि शिक्षक संस्थान ही भारत की एकता और अखंडता की नींव को मजबूत करते है। अगर यहां से ही ऐसे फैसले होंगे तो बच्चों पर इसका क्या असर पड़ेगा। एक प्रश्न के उत्तर में शाही इमाम पंजाब ने कहा कि अगर स्कूलों और कॉलेजों की ओर से ईद के दिन छुट्टी नहीं की जाती तो वह मुस्लिम समुदाय से आहवान करेंगे कि ईद के दिन काली पट्टियां बांधकर नमाज अदा करे। इस मौके पर शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुस्तकीम, बाबुल खान विशेष रूप से उपस्थित थे।