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Wednesday, September 15, 2021

मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में हाई अलर्ट के आदेश

 15th September 2021 at  7:23 PM

तेल टैंकर को आई.ई.डी. टिफिन बम से उड़ाने की कोशिश के मामले में 4 और गिरफ़्तार

गिरफ़्तारी होने से ही मिला खतरे की गंभीरता का संकेत 

पिछले 40 दिनों के दौरान बेनकाब किए गए पाक समर्थित आतंकी गिरोह का चौथा मामला

भीड़-भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर बढ़ाई जा रही है सुरक्षा

चंडीगढ़: 15 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने पिछले महीने आई.ई.डी. टिफिन बम से तेल टैंकर को उड़ाने की कोशिश में शामिल आईएसआई समर्थित आतंकी गिरोह के चार और सदस्यों की गिरफ़्तारी के बाद राज्य में हाई अलर्ट के आदेश दिए हैं। बताने योग्य है कि पिछले 40 दिनों के दौरान पुलिस द्वारा राज्य में बेनकाब किए गए पाकिस्तानी आतंकी गिरोह का यह चौथा मामला है।

 डीजीपी दिनकर गुप्ता ने आज यहाँ बताया कि इस मामले (एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11.8.2021, पुलिस थाना अजनाला) में एक पाकिस्तानी खुफिय़ा अधिकारी समेत दो पाकिस्तान आधारित आतंकवादियों की पहचान और नामज़द किया गया है, जिसमें एक व्यक्ति को पहले ही गिरफ़्तार किया गया था।

आतंकवादी समूहों द्वारा राज्य की शांति भंग करने की बढ़ रही कोशिशों का गंभीर नोटिस लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने विशेष तौर पर स्कूल और शैक्षिक संस्थाओं के फिर खुलने के साथ-साथ आगामी त्योहारों के सीज़न और विधान सभा चुनावों को देखते हुए पुलिस को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को ख़ासकर भीड़ वाले स्थानों जैसे कि बाज़ारों आदि के साथ-साथ राज्य भर में संवेदनशील स्थानों पर ठोस सुरक्षा प्रबंधों को सुनिश्चित बनाने के लिए कहा है।

गिरफ़्तारियों संबंधी विवरण देते हुए डीजीपी ने बताया पाकिस्तान आधारित आई.एस.वाई.एफ. के प्रमुख लखबीर सिंह और पाकिस्तान के रहने वाले कासिम, मोगा जि़ले के पुलिस थाना समालसर के अधीन आने वाले गाँव रोडे के निवासी लखबीर सिंह रोडे उर्फ बाबा जो इस समय पाकिस्तान में रहता है, की पहचान की गई है जो इस आतंकवादी गिरोह से सम्बन्धित हैं। कल गिरफ़्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रूबल सिंह निवासी गाँव भाखा तारा सिंह, विक्की भुट्टी निवासी बल्ल्हरवाल, मलकीत सिंह निवासी निवासी उगर औलख और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी निवासी उगर औलख के तौर पर हुई है। जि़क्रयोग्य है कि 1 सितम्बर, 2021 के एक कत्ल केस में वांछित रूबल को कल शाम 5 बजे के करीब अम्बाला से काबू किया गया था, बाकी तीनों को अजनाला, अमृतसर के अधीन आने वाले गाँवों से गिरफ़्तार किया गया था। उनके पाँचवे साथी गुरमुख बराड़ को इससे पहले कपूरथला पुलिस ने 20 अगस्त, 2021 को गिरफ़्तार किया था।

डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान के खुफिय़ा अधिकारी कासिम और इंटरनैशनल सिख यूथ फैडरेशन (आईएसवाईएफ) के प्रमुख रोडे ने धमाके को अंजाम देने के लिए आतंकवादी गिरोह को तकरीबन 2 लाख रुपए भेजने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि इस मामले की वित्तीय पहलुओं से भी जाँच की जा रही है। रूबल और विक्की भुट्टी, कासिम के संपर्क में थे, जो रोडे के साथ नज़दीकी तालमेल रख रहा था। रोडे और कासिम ने कथित तौर पर लोगों और संपत्ति को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए आतंकवादी गिरोह के चार सदस्यों को एक ऑयल टैंकर उडाने की जि़म्मेदारी सौंपी थी।

दहशत फैलाने की यह कोशिश 8 अगस्त, 2021 को की गई थी। बताने योग्य है कि रात 11:30 बजे अजनाला पुलिस को सूचना मिली कि गाँव भाखा तारा सिंह के पास अमृतसर -अजनाला रोड़ पर स्थित शर्मा फीलिंग स्टेशन अजनाला में खड़े एक तेल के टैंकर (पीबी -02 सीआर 5926) को आग लग गई है। आग को फायर ब्रिगेड के द्वारा काबू किया गया और अश्वनी कुमार शर्मा, अजनाला के बयानों पर पुलिस थाना अजनाला में एफआईआर नं. 260 दर्ज की गई।

फिलिंग स्टेशन पर लगे सीसीटीवी की फुटेज से पता लगा कि चार अज्ञात व्यक्ति रात 11 बजे के करीब पेट्रोल पंप के पास आए और अमृतसर की तरफ जाने से पहले कुछ मिनटों के लिए वहां रुके। रात करीब 11:19 बजे संदिग्ध व्यक्ति वापस आए और भागने से पहले उन्होंने शक्की सामग्री को तेल टैंकर के ईंधन वाले टैंक पर रख दी। इसके उपरांत लगभग 11:29 बजे दो संदिग्ध व्यक्ति दोबारा वापिस आए और एक मिनट के अंदर ही एक धमाका हुआ और आग लग गई।

प्राथमिक जांच से पता लगा है कि गुरमुख ने जालंधर-अमृतसर हाईवे पर हम्बोवाल में टिफिऩ आईईडी रखा था, जहाँ से 6 अगस्त, 2021 को विक्की, मलकीत और गुरप्रीत सिंह ने रोडे और कासिम के निर्देशों पर इसको उठाया था। इन तीनों व्यक्तियों ने बम को राजासांसी क्षेत्र में एक नहर के नज़दीक छिपा दिया। इस टिफिऩ बॉक्स के साथ एक पैन-ड्राइव लगी हुई थी, जिसमें एक वीडियो था। इस वीडियो में टिफिन बम आईईडी को चलाने सम्बन्धी जानकारी दी गई थी। टिफिन बम आई.ई.डी. को फिर प्राप्त करने के बाद, विक्की और रूबल को रोडे ने एक बड़ा धमाका करने और अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाने के लिए तेल के टैंकर पर टिफिन बम रखने का काम सौंपा था।

8 अगस्त, 2021 को इन आतंकवादी कारकुनों ने दिन के समय शर्मा फीलिंग स्टेशन की रेकी की और रात लगभग 11:00 बजे 8 मिनट का टाइमर सैट करके टिफिन बम आई.ई.डी. लगा दिया। यह धमाका रात करीब 11:30 बजे हुआ, जिस कारण तेल टैंकर के टैंक में आग लग गई।

रोडे और कासिम के साथ गिरफ़्तार किये गए सभी पाँच कारकुनों के खि़लाफ़ एफआईआर नं. 260 तारीख़ 11 अगस्त, 2021 को आई.पी.सी की धारा 436,427, ग़ैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट 1967 की धारा 13, 16, 18, 18 बी, 20 और विस्फोटक पदार्थ (संशोधन) एक्ट 2001 की धारा 3, 4, 5 के अधीन केस दर्ज किया गया।

जि़क्र योग्य है कि अगस्त महीने से पंजाब पुलिस द्वारा काबू किया गया यह चौथा बड़ा पाक की शह प्राप्त आतंकवादी गिरोह है।

अमृतसर (ग्रामीण) पुलिस द्वारा 8 अगस्त, 2021 को गाँव डल्लेके थाना लोपोके से एक आधुनिक टिफिन बम आईईडी बरामद किया था। टिफिन बम आईईडी में लगभग 2-3 किलोग्राम आरडीएक्स था और इसमें 3 अलग-अलग ट्रिगर प्रणालियां थी जिनमें कार्यशीलता के लिए स्विच, चुंबकीय और सप्रिंग शामिल था।

 15 अगस्त के आसपास पुलिस ने दो आतंकवादियों को गिरफ़्तार किया जिसके उपरांत हथियारों, हैंड ग्रेनेड आदि की बड़ी खेप बरामद हुई।

 कपूरथला पुलिस द्वारा 20 अगस्त, 2021 को गुरमुख सिंह रोडे और गगनदीप सिंह के पास से एक टिफिन बम आईईडी के इलावा 5 हैंड ग्रेनेड, डीटोनेटरों का 1 डिब्बा, 2 ट्यूबें जिनमें आरडीएक्स होने का शक था, एक .30 बोर का पिस्तौल, 4 गलोक पिस्तौल मैगज़ीन और 1 उच्च विस्फोटक तार बरामद करके एक और आतंकवादी गिरोह का पर्दाफाश किया गया।

हाल ही में 07 सितम्बर, 2021 को फिरोज़पुर पुलिस ने दरवेश सिंह निवासी फिऱोज़पुर को गिरफ़्तार किया जिसने खुलासा किया कि वह लखबीर सिंह रोडे के साथ लगातार संपर्क में था। उसने फिऱोज़पुर जिले में सरहद पार से ड्रोन के द्वारा लाई हथियारों, टिफिन बम आईईडीज़, आरडीएक्स और हेरोइन की खेप प्राप्त की। दरवेश सिंह को थाना ममदोट में एनडीपीऐस एक्ट, विस्फोटक पदार्थ एक्ट और यूए (पी) एक्ट के अंतर्गत दर्ज किये गए आपराधिक मामले में गिरफ़्तार किया गया।

Wednesday, September 08, 2021

केंद्र द्वारा गेहूँ की एमएसपी में वृद्धि को शर्मनाक-कैप्टन

8th September 2021 at 9:40 PM

इसे आंदोलनकारी किसानों के जख़़्मों पर नमक छिडक़ने जैसा बताया

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया
कहा-भारत के कृषि क्षेत्र को तबाही के किनारे ले आई है भाजपा 
चंडीगढ़: 8 सितम्बर 2021: (जीएसबी//पंजाब स्क्रीन)::
केंद्र की कैबिनेट द्वारा गेहूँ की एमएसपी में की गई वृद्धि को शर्मनाक करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को केंद्र सरकार को मुसीबत में घिरे किसानों, जो कि पिछले 10 महीनों से कृषि कानूनों के खि़लाफ़ आंदोलन करने के लिए सडक़ों पर उतरे हुए हैं, के जख़़्मों पर नमक छिडक़ने के लिए आड़े हाथों लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भारत का कृषि क्षेत्र कठिन समय में से गुजऱ रहा है और किसान उचित एमएसपी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, ऐसे समय भाजपा के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने अन्नदाताओं के साथ भद्दा मज़ाक किया है।
गेहूँ की एमएसपी को प्रति क्विंटल 2830 रुपए निर्धारित किये जाने (केंद्र द्वारा आज ऐलानी 2015 रुपए प्रति क्विंटल की नाममात्र सी कीमत की जगह) की माँग करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि किसानों को उपभोक्ताओं को आर्थिक छूट देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि यह राहत तो वह पिछले काफ़ी समय से देते आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार किसानों की मुश्किलों की तरफ ध्यान दे और उनको बनते हक दे।’’ उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से किसानों को लगातार अनदेखा किये जाने के कारण खेती क्षेत्र, जो कि देश की सबसे बड़ी आर्थिक ताकत है, तबाही के किनारे पर आ गया है। उन्होंने आगे पूछा, ‘‘ केंद्र सरकार क्यूं हमारे किसानों के साथ इस तरह का बुरा सलूक कर रही है।’’ 
गेहूँ की एमएसपी को प्रति क्विंटल 2015 रुपए निर्धारित किये जाने को पंजाब के किसानों की उम्मीद से कहीं नीचे बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में गेहूँ की उपज की लागत को मुख्य रखते हुये प्रति क्विंटल 2830 रुपए एमएसपी का सुझाव दिया था। उन्होंने आगे कहा कि सीएसीपी के अनुमानों के मुताबिक बीते साल सिर्फ़ विस्तृत उत्पादन लागत ही 3.5 फीसदी बढ़ गई थी और इससे तो लागत खर्चों के बीच की मुद्रा स्फीति भी पूरी नहीं पड़ती।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गेहूँ की एमएसपी रबी सीजन (2021-22) में 1975 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ती हुई रबी(2022-23) के लिए 2015 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुँच गई है जोकि बीते साल के मुकाबले सिर्फ़ 2 फीसदी विस्तार है। परन्तु, लागत खर्च काफ़ी बढ़ गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस साल मजदूरी में 7 फीसदी का विस्तार हुआ है और इसके साथ ही डीज़ल की कीमतें 4प्रतिशत और मशनीरी की कीमत इस समय के दौरान तकरीबन 20 प्रतिशत बढ़ गई है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा क्योंकि गेहूँ की काश्त की लागत में उपरोक्त पक्ष काफ़ी अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए एमएसपी में 2 फीसद का मामूली सा विस्तार किये जाने से पंजाब के किसानों का घाटा पूरा नहीं होगा और उनके मुनाफों पर भी प्रभाव पड़ेगा।

Wednesday, August 11, 2021

मुख्यमंत्री ने कृषि कानून रद्द करने के लिए शाह पर दिया ज़ोर

10th August 2021 at 9:57 PM

कहा लंबे समय से चल रहे अवरोध को अब ख़त्म करो 

किसान आंदोलन के दरमियान डी.ए.पी. खाद की आपूर्ति की रुकावट पर भी सावधान किया 

डी.ए.पी. का आवंटन बढ़ाने की भी माँग की


नई दिल्ली
: 10 अगस्त 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बीते लंबे समय से चल रहे किसान आंदोलन के सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज़ से पडऩे वाले प्रभाव का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कृषि कानून तुरंत रद्द करने के लिए ज़ोर दिया है, क्योंकि इन कानूनों के कारण पंजाब और अन्य राज्यों के किसानों के दरमियान बड़े स्तर पर बेचैनी पाई जा रही है। 
सरहद पार से देश विरोधी ताकतों द्वारा सरकार के खि़लाफ़ गुस्सा भडक़ाने की की जा रही कोशिशों के खतरे पर चिंता ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों की चिंताओं के जल्द हल की माँग की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जून, 2020 में लाए गए अध्यादेश के समय से लेकर पंजाब में प्रदर्शन चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘चाहे अब तक यह प्रदर्शन बड़े स्तर पर शांतमयी रहे हैं परन्तु इससे लोगों में बढ़ रहा गुस्सा प्रकट होता है, ख़ासकर उस समय पर, जब राज्य वर्ष 2022 के आरंभ में हो रही विधान सभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है।’’
उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से चल रहे आंदोलन के कारण न सिफऱ् आर्थिक गतिविधियाँ बल्कि इसका सामाजिक स्तर पर भी असर होने की संभावना है, विशेष तौर पर उस समय, जब राजनैतिक पार्टियाँ और अन्य समूह अपने-अपने स्टैंड पर अड़े हुए हैं।
रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आंदोलन के दिल्ली की सरहदों की तरफ कूच करने के समय से लेकर अब तक 400 किसानों और किसान कामगारों ने अपने हकों के लिए लड़ते हुए जान गंवा दी। मुख्यमंत्री ने याद करते हुए कहा कि उन्होंने इससे पहले श्री शाह से पंजाब से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए समय माँगा था। 
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने किसानों को धान की पराली के प्रबंधन के लिए 100 रुपए प्रति क्विंटल मुआवज़ा देने और डी.ए.पी. की कमी की बढ़ रही शंकाओं को दूर करने के मामले भी सुलझाने की माँग की, क्योंकि डी.ए.पी. की कमी से किसानों की समस्याएँ और बढ़ेंगी।
मुख्यमंत्री ने श्री शाह से अपील की कि वह खाद संबंधी विभाग को पंजाब के लिए संशोधित माँग के मुताबिक डी.ए.पी. का स्टॉक बढ़ाने के लिए तुरंत सलाह दें और समय पर उचित सप्लाई सुनिश्चित बनाने के लिए सप्लायरों को आदेश देने के लिए कहा।
फोसफैटिक खादों की कीमतों में हाल ही में हुई वृद्धि जिसको केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर, 2021 तक सब्सिडी में शामिल कर लेने का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मार्केट में डी.ए.पी. की कीमतों में स्थिरता और सब्सिडी की सीमा संबंधी अनिश्चितता आने वाले रबी सीज़न में डी.ए.पी. की संभावित कमी के डर बढ़ाने का कारण बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि मार्कफैड द्वारा डी.ए.पी. की आगामी खरीद संबंधी जारी किए गए टैंडरों के प्रति सप्लायरों की स्वीकृति न मिलने के कारण यह शंकाएं और बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने श्री शाह को बताया कि टैंडरिंग के द्वारा डी.ए.पी. की सप्लाई का प्रबंध करने में मार्कफैड को पेश आ रही मुश्किलों के नतीजे के तौर पर राज्य सरकार ने खाद संबंधी केंद्रीय विभाग को अक्टूबर तक पहल के आधार पर 3.5 लाख मीट्रिक टन के अतिरिक्त वितरण और 15 नवंबर, 2021 तक और 1.5 लाख मीट्रिक टन का आवंटन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अगस्त और सितम्बर, 2021 के दौरान क्रमवार 0.80 लाख मीट्रिक टन और 0.75 लाख मीट्रिक टन खरीफ की फ़सल की असल माँग की अपेक्षा अगस्त में 0.75 लाख मीट्रिक टन और सितम्बर में 1.5 लाख मीट्रिक टन के अतिरिक्त आवंटन करने की पहले ही अपील कर चुकी है। उन्होंने बताया कि अगस्त के लिए अतिरिक्त आवंटन की माँग को अभी तक मंज़ूरी नहीं दी गई।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे कहा कि डी.ए.पी. समय पर उपलब्ध होने से उसे खरीदने के लिए पैदा होने वाले डर को घटाने और ब्लैक मार्किटिंग को रोकने में बहुत सहायक सिद्ध होगी, क्योंकि इससे राज्य और केंद्र सरकारों के अक्स को चोट लगती है।
गौरतलब है कि पंजाब को रबी के आने वाले सीज़न के लिए 5.5 लाख मीट्रिक टन डी.ए.पी. की ज़रूरत है। राज्य में कुल ज़रूरत की लगभग 50 प्रतिशत खाद सहकारी सभाओं के द्वारा सप्लाई होती है। डी.ए.पी. का उपभोग अक्टूबर के आखिरी हफ्ते से लेकर नवंबर के तीसरे हफ़्ते तक के कम समय सीमा तक होता है, जबकि 80 प्रतिशत क्षेत्रफल गेहूँ की बिजाई अधीन लाना होता है। इस कारण अक्टूबर के मध्य तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में डी.ए.पी. की आगामी ज़रूरत होती है, जिससे बिल्कुल मौके पर खाद की कमी से बचा जा सके, जिससे बिजाई पर कोई प्रभाव न पड़े।

Monday, July 19, 2021

कैप्टन अमरिन्दर सिंह का N.D.A. सरकार पर गंभीर आरोप

 Monday 19th July  2021 at 10:53 PM

 NDA ने पैगासस जासूसी से किया राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता 

प्रतीकात्मक फोटो 

*सुप्रीम कोर्ट को अपने स्तर पर तुरंत संज्ञान ले 
*भारत की सुरक्षा को खतरे में डालना मुद्दा 
*भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर कार्रवाई की अपील
चंडीगढ़: 19 जुलाई 2021: (गुरजीत सिंह बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::
प्रतीकात्मक फोटो 
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने चोटी के राजसी नेताओं, पत्रकारों, कारोबारियों, वैज्ञानिकों, संवैधानिक अधिकारियों और दूसरे व्यक्तियों के निजी फोनों की हैकिंग की सोमवार को निंदा करते हुए कहा कि यह न सिर्फ़ व्यक्तिगत निजता पर शर्मनाक हमला है बल्कि केंद्र की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे संसद के अंदर और बाहर पैगासस जासूसी का मामला उजागर हुआ है, यह केंद्र सरकार की तरफ से भारत की लोकतांत्रिक शासन प्रणाली पर हैरान कर देने वाला हमला है जिसने इस घिनौनी कार्यवाही के द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी मुखबरी जो इजराइली कंपनी द्वारा केंद्र सरकार की हरी झंडी के बिना नहीं की जा सकती, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, सरकारों और संगठनों के हाथ में संवेदनशील जानकारी दे दी है जिसका भारत के खि़लाफ़ दुरुपयोग हो सकता है।
उन्होंने कहा,’’यह सिर्फ़ व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला ही नहीं बल्कि हमारे मुल्क की सुरक्षा पर भी हमला है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट को इस मामले का स्वतः संज्ञान लेने और एन.डी.ए. सरकार के खि़लाफ़ कार्यवाही करने की अपील की है।’’ कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार इससे बच नहीं सकती। उन्होंने एक जघन्य पाप किया है और इनको इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि किसी को अपने लोगों के जीवन में दख़ल देने का अधिकार नहीं है, जैसे कि इस सरकार ने किया है, लोगों को अपना जीवन आज़ादी के साथ जीने दो।
मुख्यमंत्री ने इस घटनाक्रम को भाजपा के नेतृत्व वाली भारत सरकार की तरफ से सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोधियों की आवाज़ दबाने वाला कदम करार दिया है। उन्होंने इस निंदनीय कृत्य के लिए केंद्र सरकार की सख़्त आलोचना करते हुए कहा कि इसने भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में नया निम्न स्तर तय कर दिया।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ’’इससे पहले विश्व के किसी भी हिस्से में किसी सरकार ने अपनी संस्थाओं और लोगों की सुरक्षा और हिफ़ाज़ात को इस ढंग के साथ दाव पर नहीं लगाया था।’’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत को निशाना बनाने के लिए वैश्विक साजिश रची गई है जिसमें एन.डी.ए. सरकार स्पष्ट तौर पर हिस्सा बनी।

Tuesday, July 13, 2021

बिजली समझौतों की खातिर कोई राजसी फंड भी नहीं लिया

 Tuesday:13th July 2021 at 8:08 pm

प्राईवेट बिजली कंपनियों से पाक साफ़ है पंजाब कांग्रेस का दामन

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आप और अकाली दल को तथ्यों सहित दिया करारा जवाब
दोनों पक्षों को पिछले 10 सालों के दौरान लिए गए फंडों का ऐलान करने की चुनौती दी

चंडीगढ़
: 13 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::
फाईल फोटो 
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मंगलवार को निजी बिजली कंपनियों से राजसी फंड लेने के मुद्दे पर खुलकर झूठ बोलने के लिए आम आदमी पार्टी और अकाली दल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अलग-अलग जाली कंपनियों द्वारा इन पार्टियाँ को दिए जाते ग़ैर-कानूनी चंदे के उलट कांग्रेस को प्राप्त चंदों का पंजाब चुनाव या अकालियों द्वारा किये गए समझौतों के साथ कोई सम्बन्ध नहीं है।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले लोगों को गुमराह करने के लिए बौखलाहट भरीं कोशिशों में झूठ का सहारा लेने के लिए शिरोमणि अकाली दल और आप की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ बिजली कंपनियों से पंजाब कांग्रेस ने फंड नहीं लिए बल्कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने साल 2009 और 2014 में लिए थे और इनका राज्य की मौजूदा सरकार के साथ कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि बिजली खरीद समझौते (पी.पी.एज़) पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किये गए थे और उनकी (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) सरकार इनके लिए कानूनी तौर पर पाबंद है और आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्य पर भारी जुर्माने के बिना इनको रद्द नहीं कर सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के खजाने पर और अधिक बोझ डाले बिना बिजली समझौतों के दुष्प्रभावों को ख़त्म करने के लिए कानूनी संभावनाएं तलाश रही है जबकि अकालियों ने अपने सहयोगी भाजपा के साथ मिलकर अपनी जेबें भरने के लिए सरकारी खजाने का इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि यहाँ तक कि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बादलों के नेतृत्व में अकालियों ने 100 करोड़ रुपए का राजनैतिक फंड लिया और ऐलान सिर्फ़ 13 करोड़ रुपए का किया और बाकी फंडों से अपनी निजी जेबें भर ली।
जहाँ तक आम आदमी पार्टी का सवाल है, प्राईवेट बिजली कंपनियों की तरफ से आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की तरफ से लिए गये फंड के विपरीत अरविन्द केजरीवाल की पार्टी ‘आप’ द्वारा साल 2014 के मतदान के दौरान लिया गया चंदा पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) की नज़र में है क्योंकि इनका न तो कभी भी हिसाब-किताब किया गया और न ही घोषित किया गया। यहाँ बताने योग्य है कि हाल ही में मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक ई.डी. ने 50 लाख रुपए के चार चैकों से सम्बन्ध मामला दर्ज किया है जो साल 2014 के दिल्ली विधान सभा मतदान के दौरान आप को कथित तौर पर दिए गए थे। बीते साल दिल्ली पुलिस ने चार कंपनियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, जालसाज़ी का मामला दर्ज किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे उनकी सरकार अकालियों की तरफ से पंजाब के लोगों को ‘चंदे ’ के तौर पर दी समस्याओं का हल निकालने में व्यस्त हुई है परन्तु कोविड महामारी के मद्देनज़र यह पार्टी राज्य में अमन-कानून की समस्याएँ पैदा करने में समय ख़राब कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पंजाब में पिछली अकाली -भाजपा सरकार के विवादित और जन विरोधी फ़ैसलों पर किंतु न करने रास्ता चुन कर आप भी इनके साथ पूरी तरह लिप्त हो कर उल्टा राज्य के लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है।
मुख्यमंत्री ने दोनों पार्टियाँ को बीते 10 सालों में अपने-अपने राजनैतिक फंडों का ऐलान करने की चुनौती दी जिससे पंजाब के लोग इनके दावों और जवाबी-दावों के पीछे की सच्चाई को जान सकें। उन्होंने कहा, “सत्य सामने आने दो और इसका फ़ैसला लोग करें कि झूठे दोष और इल्जाम लगा कर उनको धोखा कौन दे रहा है।“

Saturday, April 10, 2021

पंजाब में गेहूँ की खरीद शुरू//आढ़तियों द्वारा हड़ताल ख़त्म

10th April 2021, at 5:45 PM

पंजाब ने फिर किया केंद्र की चुनौती का सामना 


लुधियाना:10 अप्रैल 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के भरोसे के बाद आढ़तियों द्वारा अपनी प्रस्तावित हड़ताल ख़त्म कर देने से पंजाब में आज गेहूँ की खरीद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने खरीद प्रक्रिया में आढ़तियों की निरंतर सम्मिलन को सुनिश्चित बनाने और 131 करोड़ रुपए की बकाया राशि की एफ.सी.आई. से अदायगी होने का इन्तज़ार किए बिना तुरंत जारी करने समेत कई और कदम उठाने के हुक्म दिए हैं।

मुख्यमंत्री के आदेशों पर राज्य के खाद्य एवं सिविल आपूर्ति विभाग ने खरीद सम्बन्धी सॉफ्टवेयर में संशोधन कर दिया है, जिससे किसानों को फ़सल की अदायगी जारी करने की प्रक्रिया में आढ़तियों का सम्मिलन सुधारे गए रूप में ही सही, बनी ज़रूर रहेगी, जबकि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समय के अनुसार किसानों को 48 घंटों में उनके बैंक खातों में अदायगी मिल जाएगी। 

पंजाब के आढ़तियों के हितों की रक्षा के लिए अपनी स्पष्ट वचनबद्धता का ऐलान करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि आढ़तियों को न्युनतम समर्थन मूल्य से बाहर रखने संबंधी भारत सरकार के निर्देशों के बावजूद वह खरीद प्रक्रिया के साथ हमेशा जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘जब तक मैं यहाँ हूँ, आप व्यवस्था का हिस्सा बने रहोगे और आपकी भूमिका हमेशा कायम रहेगी।’’ उन्होंने कहा कि वह यकीन दिलाते हैं कि ए.पी.एम.सी. एक्ट के अंतर्गत आढ़तिया कमीशन और अन्य लागतें जारी रहेंगी।

भारत सरकार द्वारा सीधी अदायगी की प्रणाली को मुलतवी करने के लिए राज्य सरकार की अपील को मानने से इनकार कर देने पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस मुद्दे पर हमने केंद्र से सख़्त लड़ाई लड़ी, परन्तु वह अड़े रहे और यहाँ तक कि सीधी अदायगी की प्रणाली को लागू न करने की सूरत में पंजाब से खरीद न करने की धमकी देने तक गए।’’

मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को 131 करोड़ रुपए की बकाया राशि भारतीय खाद्य निगम (एफ.सी.आई.) का इन्तज़ार किए बिना तुरंत जारी करने के हुक्म दिए, क्योंकि कुछ आढ़तियों द्वारा विवरण अपलोड न करने के कारण एफ.सी.आई. ने यह राशि रोकी थी। उन्होंने कहा कि इन आढ़तियों को उस समय पर शायद ऐसे लोगों ने रोक दिया हो, जो राजनीति खेलना चाहते हों। उन्होंने कहा कि चाहे कि एफ.सी.आई. से यह राशि अभी आनी है परन्तु उनकी सरकार इसका इन्तज़ार किए बिना तुरंत जारी करेगी। मुख्यमंत्री ने आढ़तियों को भरोसा दिया कि उनकी सरकार एफ.सी.आई. द्वारा लेबर की अदायगी में 30 प्रतिशत की कटौती का मुद्दा केंद्र सरकार के पास उठाएगी।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने फेडरेशन ऑफ आढ़तिया एसोसिएशन ऑफ पंजाब के प्रधान विजय कालड़ा का उनकी सरकार द्वारा संभावित हड़ताल वापस लेने सम्बन्धी की गई अपील को मानने और अनाज की लिफ्टिंग करने के लिए धन्यवाद किया, नहीं तो किसानों को नुकसान बर्दाश्त करना पड़ता। उन्होंने आढ़तियों से अपील करते हुए तुरंत ही खऱीद शुरू करने और कोविड सम्बन्धी नियमों का पालन करने के लिए कहा। मौजूदा वर्ष कोविड-19 के दूसरे दौर के कारण सरकार को पहले निर्धारित 1 अप्रैल की जगह पर खऱीद प्रक्रिया 10 अप्रैल तक मुलतवी करनी पड़ी थी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि इस वर्ष भी बीते वर्ष की तरह किसानों को पास जारी किए जाएंगे, जिससे कोविड महामारी की स्थिति को देखते हुए मंडियों में भीड़ घटाई जा सके। उन्होंने यकीन दिलाया कि किसानों को पास जि़ला स्तर पर आढ़तियों से विचार-विमर्श के बाद जारी किए जाएंगे, क्योंकि आढ़तियों को यह अच्छी तरह पता है कि कौन से किसान ने अपनी फ़सल की कटाई कर ली है और वह मंडी में आने के लिए तैयार है।

आढ़तियों के दुख-दर्द को साझा करते हुए, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह दिल की गहराईयों से इसको महसूस करते हैं, मुख्यमंत्री का कहना था कि उनको यह समझ नहीं आ रहा कि केंद्र सरकार उन (आढ़तियों) और किसानों के साथ ऐसा बुरा सलूक क्यों कर रही है। उन्होंने याद करते हुए कहा कि आढ़तिया प्रणाली तब भी चलती थी जब वह छोटे थे और अपने दादा जी के साथ मंडियों में जाते थे। उन्होंने आगे कहा कि यह बात समझ से बाहर है कि भारत सरकार इस प्रणाली को बर्बाद करने पर क्यों तुली हुई है, क्योंकि आढ़तिये कोई बिचौलियागिरी नहीं करते बल्कि सेवाएं प्रदान करते हैं और निजी क्षेत्र का कामकाज मौजूदा प्रणाली के साथ चल सकता है, इसलिए मौजूदा प्रणाली को बदले जाने की कोई ज़रूरत नहीं है।

किसानों की आमदनी में 72 प्रतिशत वृद्धि का जि़क्र करते हुए मुख्यमंत्री ने इसका सेहरा किसानों और आढ़तियों द्वारा मिलकर किए जाने वाले सहृदय यत्नों के सिर बाँधा। उन्होंने आगे कहा, हरित क्रांति लाने में और भारत के अनाज भंडारों को पूरी तरह से भरने में आपके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आगे बताया कि वह केंद्र सरकार द्वारा कृषि सम्बन्धी उठाए जा रहे कदमों के साथ बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं और उन्होंने यह भरोसा दिया कि आढ़तियों के सभी अंदेशे दूर किए जाएंगे और उनके साथ किए गए सभी वादे पूरे किए जाएंगे।

हड़ताल वापस लेने को राज्य और इसके किसानों के हित में बताते हुए, विजय कालड़ा ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह और उनकी सरकार द्वारा केंद्र के साथ लड़ाई में आढ़तियों का साथ देने के लिए धन्यवाद किया। विजय कालड़ा ने आगे कहा कि केंद्र सरकार, किसान आंदोलन खड़ा करने के लिए पंजाब को सज़ा देने पर तुली हुई है। इस मौके पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री भारत भूषण आशु ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि आढ़तिये तो बस अपनी व्यापारिक गतिविधियों और रोज़ी-रोटी की सुरक्षा चाहते हैं।


Tuesday, February 23, 2021

कोविड केस बढ़ने पर पंजाब में भी फिर से होगी सख्ती

 टैस्टों की संख्या बढ़कर प्रति दिन 30,000 होगी 

*पंजाब में कोविड केस बढऩे पर मुख्यमंत्री द्वारा 1 मार्च से अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर पाबंदी लगाने के आदेश

 *डिप्टी कमीश्नरों को हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया

*विद्यार्थियों में मामले बढऩे के मद्देनजऱ सुरक्षा उपायों के अमल के लिए स्कूलों में अध्यापक नोडल अफ़सर मनोनीत किए

चंडीगढ़: 23 फरवरी 2021: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

कोविड से सुरक्षा के लिए मास्क
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राज्य में कोविड के बढ़ रहे मामलों पर चिंता बढऩे के मद्देनजऱ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने अंदरूनी और बाहरी जमावड़ों पर बन्दिशें लगाते हुए एक मार्च से अंदरूनी जमावड़ों की संख्या 100 तक और बाहरी जमावड़ों की संख्या 200 तक सीमित करने के हुक्म दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मास्क /सामाजिक दूरी का सख़्ती के साथ पालन करने और टेस्टिंग भी बढ़ाकर प्रति दिन 30,000 तक करने के निर्देश दिए हैं।

मौजूदा स्थिति का जायज़ा लेने के लिए उच्च-स्तरीय वर्चुअल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने डिप्टी कमीश्नरों को सम्बन्धित जिलों में हॉटस्पॉट इलाकों में ज़रूरत पडऩे पर रात का कर्फ़्यू लगाने के लिए अधिकृत किया है और माईक्रो कंटेनमेंट रणनीति भी अपनाई जायेगी। उन्होंने पुलिस को मास्क पहनने, सभी रैस्टोरैंटों और मैरिज पैलेसों द्वारा कोविड निरीक्षक तैनात करने बारे जारी नोटिफिकेशन का सख़्ती के साथ पालन करवाने के भी निर्देश दिए हैं और इस उद्देश्य के लिए कर और आबकारी विभाग नोडल एजेंसी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिनेमा घरों में संख्या कम करने का फ़ैसला एक मार्च के बाद लिया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्राईवेट दफ़्तरों और रैस्टोरैंटों को सभी मुलाजिमों के लिए कोरोना टैस्टों की ताज़ा रिपोर्ट प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा।

टेस्टिंग बढ़ाने के आदेश देते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने हर पॉजि़टिव व्यक्ति के संपर्क में आए 15 व्यक्तियों का अनिवार्य टेस्टिंग करवाने के हुक्म दिए हैं और इसकी निगरानी सी.पी.टी.ओज़ द्वारा की जायेगी जबकि स्वास्थ्य विभाग प्रगति का जायज़ा लेगा।

मुख्यमंत्री ने टीकाकरण की प्रगति का जायज़ा लेते हुए सूचना, शिक्षा और संचार (आई.ई.सी.) मुहिम जारी रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया जिससे सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों और अगली कतार के वर्करों को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को बुज़ुर्ग आबादी और सह-बीमारियों से पीडि़त आबादी हेतु वैक्सीन के लिए भी रूप-रेखा तैयार करने के हुक्म दिए।

3.23 सी.एफ.आर. पर चिंता जाहिर करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने मृतकों के आडिट के निष्कर्षों का नोटिस लिया कि इनमें से ज्यादातर मौतें दाखिल रहने के 2-14 दिन के दरमियान हुई हैं। उन्होंने सह-बीमारियों से पीडि़त मरीजों खास कर प्राईवेट संस्थाओं में दाखिल मरीजों के लिए प्रोटोकॉल की निरंतर निगरानी की जरूरत पर जोर दिया। कुछ मौतों के घरों में होने का जिक्र करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को आदेष दिए कि घरेलू एकांतवास वाले मामलों खास कर सह-बीमारियों से पीडि़तों की उचित निगरानी को यकीनी बनाया जाये। उन्होंने हिदायत की कि स्व -निगरानी की हिदायतों पर आधारित फतेह किटों को सम्बन्धित व्यक्तियों के पॉजिटिव आ जाने वाले दिन से ही घरेलू एकांतवास में उन तक पहुँचा दी जानी चाहीये।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और मैडीकल शिक्षा विभागों को कहा कि सभी पद, जिनको विशेष तौर पर भरने की इजाजत दी गई है, को जल्दी से जल्दी भरा जाये।

सुरक्षा उपायों की पालन के लिए पंजाब पुलिस की तरफ से उठाये कदमों के बारे मुख्यमंत्री को अवगत करवाते हुये डी.जी.पी. दिनकर गुप्ता ने बताया कि रोकों को सख्ती के साथ अमल में लाने के लिए फील्ड अधिकारियों को हिदायतें जारी की जा चुकी हैं।

इससे पहले स्वास्थ्य विभाग के सचिव हुसन लाल ने जानकारी दी कि अमृतसर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, एस.ए.एस. नगर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों में हाल ही के दिनों के दौरान कोविड के मामलों में विस्तार दर्ज किया गया है जिससे राज्य में दूसरी संभावी लहर उठने के अंदेशे प्रगटाए जाने लगे हैं।

टीकाकरण के मुद्दे सम्बन्धित उन्होंने खुलासा किया कि अब तक टीका लगाऐ जाने के बाद मामूली बुरे प्रभाव के 61 मामले सामने आए थे जबकि छह मामले अति गंभीर और 14 गंभीर मामले सामने आए थे। यह सभी अब ठीक हो चुके हैं।

राज्य सरकार के कोविड के बारे माहिरों के ग्रुप के प्रमुख डा. के. के. तलवाड़ ने कहा कि पॉजिटिविटी दर में हाल ही दौरान हुए वृद्धि के बारे विस्तार से अध्ययन किया जा रहा है जिससे नौजवानों में बढ़ते मामलों की बात सामने आई है। मौजूदा दर को देखते हुए पॉजिटिविटी दर दो हफ्तों में चार प्रतिशत तक बढ़ सकती है जिसका अर्थ होगा एक दिन में 800 मामले होंगे। उन्होंने इसकी रोकथाम के लिए तत्काल तौर पर कदम उठाए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्य सचिव विनी महाजन ने सरकारी स्कूलों को फिर बंद किये जाने से इन्कार करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विभाग की तरफ से सभी कदम उठाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने इस मौके पर कहा कि अध्यापकों को स्कूलों में नोडल अधिकारी बनाया गया है जिससे विद्यार्थियों को कोविड के मद्देनजर संयमी व्यवहार यकीनी बनाने और मास्क का उपयुक्त इस्तेमाल करने के बारे दिशा -निर्देश दिए जा सकें। यह कदम इसलिए उठाये गए हैं क्योंकि हाल ही के दौरान फिर खोले गए स्कूलों खास कर लुधियाना (3.1 प्रतिशत) और बठिंडा (2.9 प्रतिशत) में बड़ी संख्या में पॉजिटिव दर में विस्तार हुआ था।

डा. तलवाड़ ने आगे कहा कि अभी तक पंजाब में कोरोना वायरस के नये रूप की आमद नहीं हुई परन्तु नये सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और नतीजे अगले हफ्ते आऐंगे।

डा. राज बहादुर ने भी इस मौके पर मौजूदा स्थिति और कोविड के फैलाव पर नकेल डालने के लिए उठाये जा रहे कदमों पर रौशनी डाला।

Wednesday, April 29, 2020

पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा कर्फ्यू में दो हफ्ते की और वृद्धि का ऐलान

गैर सीमित जोनों में कल से मिलेगी थोड़ी राहत
*पंजाब में कर्फ्यू अब 17 मई तक जारी रहेगा 
*परन्तु साथ ही रहेगी सतर्क नज़र
*कल से हर सुबह 4 घंटे रोटेशन के साथ खुलेंगी दुकानें
*राज्य की अर्थव्यवस्था की बहाली के लिए विशेष प्रयास 
*मजदूरों के फैक्ट्री के अंदर या पड़ोस में प्रबंधों के साथ उद्योग खोलने की अपील की
चंडीगढ़: 29 अपैल 2020: (पुष्पिन्दर कौर//पंजाब स्क्रीन)::
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने बुधवार को कर्फ्यू में वृद्धि का ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में 3 मई के बाद दो हफ्ते के लिए और कर्फ्यू लागू रहेगा परन्तु कल से लाॅकडाउन की थोड़ी बंदिशें जरूर हटाई जा रही हैं। यह थोड़ी छूटें भी कोविड-19 के एहतियातों का पालन करते हुए सिर्फ गैर सीमित और गैर रेड जोनों के लिए दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को कोविड की स्थिति में से बाहर निकालने के लिए बनाई गई माहिरों की समिति की रिपोर्ट और समाज के अलग-अलग क्षेत्रों द्वारा प्राप्त हुई जानकारी के आधार पर यह जरूरी है कि लाॅकडाउन की बंदिशें अभी थोड़े समय और जारी रखी जाएँ।
पंजाब में कर्फ्यू / लाॅकडाउन अब 17 मई तक जारी रहेगा परन्तु इसके साथ ही कल से रोजमर्रा की प्रातःकाल 7 से 11 बजे तक थोड़ी छूटें जरूर मिलेंगीं। सीमित और रेड जोन वाले क्षेत्रों में पहले की तरह ही लाॅकडाउन की बंदिशें मुकम्मल तौर पर सख्ती के साथ लागू रहेंगी।
राज्य के लोगों के नाम जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति की दो हफ्तों बाद समीक्षा की जायेगी और यदि महामारी कंट्रोल में रही तो बाद में और ढ़ील घोषित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री द्वारा थेड़ी राहतें देने के किये ऐलान के अंतर्गत कुछ दुकानों को सम्बन्धित क्षेत्रों में रोटेशन के साथ खोलने की आज्ञा होगी। यह दुकानें रोजमर्रा की प्रातःकाल 7 से 11 बजे तक 50 प्रतिशत स्टाफ की क्षमता के साथ खोली जा सकेंगी। डिप्टी कमीश्नरों को आदेश दे दिए गए हैं कि वह मुख्यमंत्री के निर्देशों के अंतर्गत दुकानों को खोलने के लिए रोटेशनल समय सारणी बना लें यह आदेश केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के लागू होने के चार दिन बाद किये गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाॅकडाउन / कर्फ्यू प्रातःकाल 11 बजे से पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह सामाजिक दूरी का पालन करते हुए तय समय तक अपने घरों में लौट जाया करें। छूट वाले समय के दौरान बाहर निकलने वाले व्यक्ति को मास्क पहनना और दूसरे व्यक्ति से 2 मीटर की दूरी बनाए रखनी होगी। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि यह राहत लोगों की सुविधा के लिए दी गई है। वह इस राहत के समय के दौरान दोस्तों या दूसरों को न मिलें। उन्होंने कहा कि अगर दो हफ्तों में स्थिति में सुधार हुआ तो हम और कदम उठा सकते हैं।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित की गई सीमित ढील में कल से मल्टी ब्रांड और सिंगल ब्रांड माॅल्ज को छोड़कर सभी रजिस्टर्ड दुकानों को वर्करों की 50 प्रतिशत संख्या के साथ प्रातःकाल 7 बजे से प्रातःकाल 11 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है। नयी हिदायतों के मुताबिक इस समय दौरान शहरी इलाकों में सभी अकेले दुकानों, नेबरहुड शाॅप्स और रिहायशी कम्पलैक्सों में दुकानों को खोलने की भी आज्ञा दी गई है। इन हिदायतों में स्पष्ट किया गया है कि सैलून, नाई की दुकानें आदि सेवाएं बंद रहेंगी। इसी तरह लाॅकडाउन के समय के दौरान ई-काॅमर्स कंपनियों को सिर्फ जरूरी वस्तुएँ मुहैया करवाने की इजाजत होगी।
उद्योग को खोलने के लिए अपनी सरकार की रूचि को प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने जो उद्योग कामगारों के रहने का बंदोबस्त कर सकते हों या फिर कामगार के साथ लगते इलाकों से आते हैं, को अपने यूनिट चलाने की अपील की जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बहाल किया जा सके।
लाॅकडाउन के समय के दौरान बाहर के राज्यों में बड़ी संख्या में फंसे पंजाबियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इनको वापस लाना उनकी सरकार की जिम्मेदारी बनती है परन्तु इनको 21 दिनों के लिए एकांतवास में रहना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि राज्य ने सभी जिलों में इनके एकांतवास के लिए बंदोबस्त किये हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में एन.आर.आईज की घर वापसी के दौरान पंजाब में समस्या गंभीर हुई थी और इसके बाद निजामूद्दीन के समागम में शामिल होने वालों की राज्य में वापसी होने पर यह समस्या और बढ़ गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य यह सहन नहीं कर सकता कि दूसरे राज्यों से आने वालों से हालात एक बार फिर बेकाबू हो जाएँ। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से अपने घर आने वालों को एकांतवास में रखना लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऐलान की गईं राहतों से पंजाब के लोगों को फायदा होगा जो पिछले 38 दिनों से कर्फ्यू की अलग-अलग बंदिशों में रह रहे हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने लोगों के लिए इसको कठिन समय बताया जिन्होंने अपने लिए, परिवारों और राज्य के लिए बड़ा त्याग किया है। उन्होंने कहा कि महामारी को काबू करना लाजिमी है जिससे राज्य में अब तक 330 व्यक्ति प्रभावित हुए हैं।
कोरोनावायरस को लम्बी लड़ाई बताते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि चाहे विभिन्न माहिरों की इस बारे में अलग-अलग राय है परन्तु ऐसे संकेत मिलते हैं कि कोरोनावायरस का संकट जुलाई / अगस्त तक या यहाँ तक कि सितम्बर तक जारी रहेगा। कोरोनावायरस की मार से किसी भी मुल्क के न बचने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रोग से विश्वभर में बड़े स्तर पर जानें गई हैं और अकेले अमरीका में लगभग 50000 मौतें हुई हैं और अब तक 10 लाख केस सामने आए हैं। उन्होंने इंग्लैंड, जर्मनी और कैनेडा का उदाहरण देते हुए लगातार चैकस रहने की जरूरत पर जोर दिया।

Monday, April 27, 2020

लॉकडाउन में शुभ संकेत: डा. मनमोहन सिंह ने मानी विनती

पंजाब की आर्थिक दशा सुधारने के लिए देंगें अपना मार्गदर्शन 
चंडीगढ़: 27 अप्रैल 2020: (पुष्पिंदर कौर//कार्तिका सिंह और पंजाब स्क्रीन टीम)::
कोई खुल कर बोले या न बोले--कुछ माने या न माने लेकिन हर व्यक्ति चिंतित है कि लॉकडाउन खुलने के बाद चौपट हो चूका कारोबार कैसे सम्भलेगा।  आम नागरिक का भी यही हाल है और सत्ता चला रही सरकारों का भी। आर्थिक भविष्य को देख कर निराशा का अंधेरा ही दिखता है। इस गहन अंधेरे में अब आशा की किरण दिखाई है मुख्य मंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने। 
उन्होंने इस समस्या को आर्थिक विशेषज्ञों के सामने रखा है। इस मकसद के लिए लिए सरदार मोंटेक सिंह आहलूवालिया साहिब की देखरेख में पांच विशेष ग्रुप भी बनाये गए हैं। इस ख़ास टीम को मार्गदर्शन देने के लिए मुख्य मंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने एक विशेष प्रयास करके पूर्व प्रधानमंत्री और आर्थिक मामलों के विश्व स्वीकृत विशेषज्ञ डाक्टर मनमोहन सिंह  को भी राज़ी कर लिया है। अब लगने लगा है कि स्थिति कितनी भी भयानक क्यूं न हो जाये यह टीम पंजाब को ही नहीं पूरे देश को बचा लेगी। इसके साथ ही इस मार्गदर्शन का फायदा पूरी दुनिया उठा सकेगी। 
पंजाब सरकार द्वारा राज्य को कोविड के उपरांत पुन: सुरजीत करने की कोशिशों के चलते नीति घडऩे की दिशा में सोमवार को उस समय पर पहला कदम उठाया गया जब मोंटेक सिंह आहलूवालीया के नेतृत्व अधीन माहिरों के ग्रुप ने पाँच सब ग्रुप तैयार कर लिए। इसके इलावा पूर्व प्रधान मंत्री डा.मनमोहन सिंह ने भी राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति को फिर बहाल करने के लिए अपना मार्गदर्शन देने के लिए कैप्टन अमरिन्दर सिंह की अपील को स्वीकार कर लिया है।
मोंटेक सिंह आहलूवालीया के नेतृत्व अधीन माहिरों के ग्रुप ने वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के द्वारा मुख्यमंत्री के साथ जान-पहचान मीटिंग की जिसमें खुलासा किया गया कि मुख्यमंत्री ने माहिरों के ग्रुप के साथ डा. मनमोहन सिंह को राज्य सरकार का नेतृत्व करने के लिए लिखा था और उन्होंने यह अपील मान ली है। उन्होंने टवीट करके लिखा, ‘हम पंजाब को कोविड -19 के उपरांत आर्थिक विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सख्त मेहनत करेंगे। हम इस पर दोबारा ध्यान केंद्रित करेंगे।’
मुख्यमंत्री ने ग्रुप सदस्यों को इस सहायता करने के लिए आगे आने के लिए धन्यवाद किया। गंभीर विश्व व्यापक स्थिति के मद्देनजऱ उन्होंने कहा, ‘‘मैं राज्य के लिए सबसे बढिय़ा चाहता था और इस ग्रुप से बढिय़ा और कुछ सोचा नहीं जा सकता।’’
मोंटेक सिंह आहलूवालीया ने वीडियो कॉनफ्ऱेंस के दौरान बताया कि माहिरों के ग्रुप जिसमें पहले 20 मैंबर थे और इसमें दो और मैंबर शामिल किये गए हैं, ने अपनी पहली मीटिंग की है। उन्होंने बताया कि ग्रुप के कामकाज को और सुचारू बनाने के लिए पाँच सब-ग्रुप वित्त, कृषि, स्वास्थ्य, उद्योग और सामाजिक सहायता बनाऐ गए हैं। उन्होंने बताया कि इन ग्रुपों का हरेक चेयरपरसन एजेंडा आगे ले जाने के लिए वर्करों को लामबंद करेगा।
मुख्यमंत्री ने तो भारत सरकार की तरफ से हल पेश करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया क्योंकि पंजाब की हालत गंभीर है परन्तु मोंटेक सिंह आहलूवालीया ने कहा कि ग्रुप के समक्ष बहुत महत्वपूर्ण कार्य है परन्तु हम राज्य को फिर उभारने के लिए निश्चित रूप से तौर पर कुछ हल लेकर आऐंगे।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने ग्रुप को बताया कि राज्य की वित्तीय स्थिति कमज़ोर है जिसको मासिक 3360 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा हुआ है। इनमें जी.एस.टी. के 1322 करोड़ रुपए, शराब पर राज्य की आबकारी 521 करोड़, मोटर व्हीकल टैक्स के 198 करोड़ रुपए, पेट्रोल और डीज़ल पर वैट के 465 करोड़ रुपए, इलैक्ट्रीसिटी ड्यूटी के 243 करोड़, स्टैंप ड्यूटी के 219 करोड़ और नॉन-टैक्स राजस्व के 392 करोड़ रुपए के रूप में घाटा शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नगदी के आदान -प्रदान में मुकम्मल तौर पर ठहराव आ चुका है। उन्होंने बताया कि बिजली के उपभोग में 30 प्रतिशत कमी आई है और पंजाब राज्य बिजली बोर्ड को बिजली दरें एकत्रित करने में रोज़ाना 30 करोड़ रुपए का घाटा है। पंजाब के उद्योग ठप है जहाँ एक प्रतिशत से भी कम काम चल रहा है। उन्होंने दुख ज़ाहिर करते हुये कहा कि भारत सरकार की तरफ से राज्य के जी.एस.टी. का 4365.37 करोड़ रुपए का भुगतान करना अभी बाकी है।
ग्रुप मैंबर और उद्योगपति एसपी ओसवाल ने कहा कि राज्य और उद्योग को मुश्किल समय का सामना करना पड़ रहा है जिसके लिए सख्त फ़ैसलें लेने की ज़रूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूँ की फ़सल की बंपर पैदावार से कृषि इस समय स्थिति का एकमात्र उज्जवल पक्ष पेश कर रही है जिसके बाद कपास और धान की फ़सल आयेगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कम हो रहे जल स्रोत को बचाने के लिए धान की काश्त को और घटाने का प्रस्ताव किया है परन्तु न्युनतम समर्थन मूल्य (एम.एस.पी.) संबंधी केंद्र का स्टैंड अभी तक स्पष्ट न होने के कारण स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
कैप्टन अमरिन्दर ने कहा कि केंद्र सरकार ने मंडियों में अपनी उपज देरी से लाने वाले किसानों को बोनस देने की उनकी सरकार की विनती को स्वीकार नहीं किया था जो कोविड के फैलाव को रोकने के लिए ज़रूरी था जिससे इस समय पर 8 जिले प्रभावित हैं और राष्ट्रीय औसत की तुलना में मृत्यु दर अधिक दिखाई गई है। हालाँकि, देश के मुकाबले राज्य की प्रतिशतता 1 अप्रैल को 2.2 प्रतिशत से कम होकर 25 अप्रैल को 1.2 प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि मामलों के दोगुने होने की दर (पिछले 1 सप्ताह के औसत के तौर पर) राष्ट्रीय औसत के 9 दिनों की तुलना में 18 दिन है।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि मौजूदा संकट से निपटने के लिए केंद्र जल्द ही राज्य को बहुत अपेक्षित राहत पैकेज मुहैया करवाएगी।  मोंटेक सिंह आहलूवालिया की निगरानी में बनाये 

Monday, December 30, 2019

पंजाब में CAA और NRC लागू न करने के एलान का स्वागत

Monday: 30th December 2019 at 4:51 PM
नायब शाही इमाम ने यूपी सरकार के खिलाफ कैप्टन को सौंपा ज्ञापन
महाराजा कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री पंजाब को ज्ञापन देते हुए नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी व अन्य
लुधियाना: 30 दिसम्बर 2019: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पंजाब का मुस्लिम समाज सिटिज़न एमेंडमेंट एक्ट (CAA) और नैशनल रजिस्टर आफ सिटिज़न्ज़ (NRC) खिलाफ सरगर्मियां दिखा रहा है। शहर में CAA और NRC के खिलाफ रेकार्ड तोड़ प्रदर्शन, मार्च और बैठकों के बाद अब 3 जनवरी को पंजाब बंद का एलान  अब केंद्र सरकार के इस कानून  खिलाफ विरोध का बहुत बड़ा रूप  बन कर उभरने वाला है। इस बंद के लिए सियासी दलों और गैरमुस्लिम संगठनों सहयोग लेने के प्रयास ज़ोरों हैं। उम्मीद है CAA और NRC के सभी विरोधी इस बंद में शामल होंगें।  
आज यहां लुधियाना में मुख्यमंत्री पंजाब के आने पर मुसलमानों ने पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना की तरफ से नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने मुख्यमंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज्ञापन सौंपा। नायब शाही इमाम ने बताया कि प्रदेश के सभी अल्पसंख्यकों की ओर से महाराजा साहिब का सी.ए.ए और एन.आर.सी. पंजाब में लागू ना करने के ऐलान पर आभार जताया और भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी के नाम एक ज्ञापन देते हुए मांग की कि पंजाब के अल्पसंक्यकों की इन बातों को राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रपति जी को अवगत करवाया जाए। नायब शाही इमाम  मौलाना उस्मान लुधियानवी ने महाराजा अमरिंदर सिंह को उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों को बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा की जा रही लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ आवाज उठाई जाए। मौलाना उस्मान ने कहा कि पंजाब से इस काले कानून के खिलाफ मुख्यमंत्री साहिब और सभी लोगों ने जो सच्चाई की आवाज उठाई है उसे सारे देश को लगाना होगा। उन्होंने कहा कि देश के सभी नागरिक हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई जाग चुके हैं क्योंकि यह बात सब को समझ आ गई है कि केंद्र सरकार एन.आर. सी. के नाम पर हर एक भारत के नागरिक को लाईन में लगाना चाहती है। एक सवाल का उत्तर देते हुए नायब शाही इमाम ने बताया कि मुख्मंत्री पंजाब श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि पंजाब सहित देश भर में ना सिर्फ अल्पसंख्यकों बल्कि हर एक भारतीय के आत्म सम्मान की रक्षा की जाएगी।