Showing posts with label Amritpal Singh Khalsa. Show all posts
Showing posts with label Amritpal Singh Khalsa. Show all posts

Wednesday, November 02, 2022

शिव सेना हिन्द करेगी अमृतपाल सिंह के कार्यक्रम का विरोध

2nd November 2022 at 8:19 PM

अमृतपाल सिंह के खरड़ आयोजन के ऐलान से सियासत में गरमाहट  

मोहाली: 2 नवंबर 2022: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो डेस्क)::

हर वर्ष जब भी जून या नवंबर का  तो उससे सिख समुदाय में 1984 में घटित हुई घटनाओं की याद ताज़ा हो जाती है। इसके साथ ही लगने लगते हैं अलग सिख राज्य के नारे और साथ ही शुरू हो जाता है गर्म भाषणों और गर्म काव्य रस का सिलसिला। इस बार नवंबर में नवंबर-1984 की चर्चा ज़्यादा नहीं हो रही लेकिन अमृतपाल सिंह के उभर कर सामने आने से माहौल पूरी तरह राजनीतिक बना हुआ है। ज़्यादातर सियासी  अन्य संगठन इस संबंध में उदासीनता का रवैया धारण किए हुए हैं लेकिन शिव सेना हिन्द अब खुल कर अमृतपाल सिंह के विरोध में आ खड़ी हुई है। इस संगठन के प्रमुख निशांत शर्मा ने खरड़ आयोजन को अत्यंत गंभीरता से  लिया है।  

निशांत शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में आशंका व्यक्त  की कि खरड़ के शांतमय माहौल और हिन्दू सिख भाईचारे को नफरत की आग में धकेलने आ रहा है अमृतपाल सिंह और हम इस आयोजन का सख्त विरोध करेंगे। इस तरह शिव सेना
हिन्द नामक हिन्दू संगठन वारिस पंजाब जत्थेबंदी कार्यक्रम के खिलाफ खड़े होने का ऐलान कर चुका है।

इसी तरह की आशंकाओं में निशांत शर्मा ने कहा कि खरड़ में दंगे फैलाने की साजिश रच रहा है अमृतपाल सिंह। इसके साथ ही मांग की कि कार्यक्रम करवाने वाले आयोजको के खिलाफ पुलिस प्रशासन बाकायदा एफ आई आर  करे। निशांत शर्मा ने अपने प्रेस वक्तव्य में यह भी कहा कि अमृतपाल सिंह जैसे कट्टरपंथी खालिस्तानी पंजाब दे वारिस नही बल्कि पंजाब की अमन शांति व आपसी प्रेम भाईचारा कायम रखने वाले हिन्दू सिख ही पंजाब के वास्तविक वारिस हैं। 

इस आयोजन को लेकर शिव सेना हिन्द की एक विशेष बैठक पार्टी के मुख्य कार्यालय में भी आयोजित की गई। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा विशेष रूप से उपस्थित हुए। वही इस मौके पार्टी के  राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष परविंदर भट्टी , एडवोकेट केतन शर्मा लीगल सेल प्रधान, कीरत सिंह यूथ प्रवक्ता, राजकुमार भट्टी एससी विंग पंजाब प्रधान, मनोज शर्मा उपाध्यक्ष, बाबू, प्रदीप गुप्ता चंडीगढ़ प्रधान, कुलविंदर सिंह गोली जिलाध्यक्ष आदि मौजूद थे

इस मौके पर शिव सेना हिन्द के राष्ट्रीय अध्यक्ष निशांत शर्मा और परविंदर भट्टी ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जिस विवादित शख़्स की वजह से पंजाब के 35000 हिंदुओं का कत्लेआम हुआ था उस शख़्स के नक्शेकदम पर चलते हुए वारिस पंजाब जत्थेबंदी के प्रमुख अमृतलाल सिंह द्वारा भारत की एकता व अखंडता को तोड़ने वाली बातें करना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह की तरफ से खरड़ में एक कार्यक्रम किया जा रहा है इस कार्यक्रम की आड़ में अमृतपाल सिंह की तरफ से पंजाब की जनता खासकर युवाओं को भड़काऊ बयानबाजी के द्वारा भड़काने का प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को आयोजित करवा रहे गुरिंदर सिंह मोहाली, हरमनजोत सिंह,करणवीर सिंह, मनजीत सिंह, जसविंदर सिंह, गुरमुख सिंह आदि आयोजको की जांच होनी चाहिए। आखिर इन के पीछे कौन कौन कौन फंडिंग कर रहा है किस किस का इन कार्यक्रम के आयोजन में हाथ है। 

इस आयोजन को रोकने का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा कि शिव सेना हिन्द अमृतपाल सिंह के इस कार्यक्रम का पुरजोर विरोध करती है और किसी भी कीमत पर ऐसे भड़काऊ कार्यक्रम को खरड़ में होने नही दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग है जिस में पुलिस को निर्देश दिए गए है कि देश भर में जो भी धर्म के नाम पर कट्टरता फैलाता है जहर उगलता है नफरत फैलाता है ऐसे लोगो के खिलाफ बिना शिकायत के ही एफआईआर दर्ज की जाए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम मोहाली के एसएसपी से मांग करते है कि अमृतपाल सिंह और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाएं।

उन्होंने कहा कि शिव सेना हिन्द खालिस्तान सोच रखने वाले अमृतलाल सिंह एवं वारिस पंजाब दे संगठन का पुरजोर विरोध करती है।  

उन्होंने कहा कि खरड़ का माहौल बेहद शांतमय है यहां पर सभी धर्मों के लोग एकजुटता से मिलकर रह रहे है लेकिन अमृतपाल सिंह खरड़ में आकर भड़काऊ बयानबाजी कर मोहाली ही नही बल्कि पंजाब का माहौल खराब करेगा।

उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले दुबई में केश कटवाकर रहने वाला अमृतपाल सिंह पंजाब आकर खुद को भिंडरावाले की तरह पेश कर भड़काऊ बयानबाजी करके पंजाब के युवाओं को भड़काने का काम कर रहा है। 

आई एस आई की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमे आशंका है कि अमृतलाल सिंह आईएसआई के इशारों पर पंजाब की धरती पर हिंसा अशांति नफरत की आग फैलाने के लिए भेजा गया है। 

अपने प्रेस  ब्यान में उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयानबाजी कर पंजाब में दंगे फैलाने की आईएसआई , खालिस्तानी आतंकियों और अमृतपाल सिंह ने मिलकर दुबई में साजिश रची है। 

निशांत शर्मा ने यहां तक कहा कि यह पंजाब के युवाओं को गुमराह कर हिंसा के लिए तैयार किया जा रहा है ताकि आने वाले समय मे पंजाब में 1980-90 वाले दशक वाला काला दौर लाया जा सके।

उन्होंने कहा कि भारत कि अखंडता को तोड़ने व खालिस्तान सोच रखने वाले खालिस्तानी समर्थक पंजाब के वारिस नही बल्कि भारत की एकता अखंडता के लिए जान कुर्बान करने की चाह रखने वाले लोग ही पंजाब के असली वारिस है। 

अपने इस ब्यान में उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह के पीछे आईएसआई व विदेशी ताकते है जो कि अमृतपाल के जरिये पंजाब का माहौल खराब करने की फिराक में है उन्होंने कहा आधी रात को शराब के नशे में धुत होकर स्त्री के साथ घूमने वाले वारिश पंजाब दे संगठन के मुखिया रहे दीप सिद्धू की मौत के पीछे भी हो सकता है अमृतपाल का ही हाथ हो । इस कि जांच होनी चाहिए।

अतीत में डीप सिद्धू इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू और अमृतपाल के कोई ऐसे सबंध नही रहे कि अमृतपाल सिंह को वारिस पंजाब दे संगठन का अध्यक्ष बनाया जाता। दीप सिद्धू ने तो अपने पर्सनल फ़ोन से अमृतपाल सिंह को ब्लॉक किया हुआ था, ये फ़ोन आज भी दीप सिद्धू के परिवार के पास है जिस में अमृतपाल आज भी ब्लॉक है।

उन्होंने कहा कि न ही दीप सिद्धू ने कभी अमृतपाल के हक में कोई बयानबाजी की है। दीप सिद्धू की मौत पर लाखों की तादाद में लोग पहुंचे लेकिन अमृतपाल न तो दीप सिंद्धु के संस्कार पर आया न ही भोग पर ही नजर आया। इतना ही नही अमृतपाल सिंह ने दीप सिंद्धु की मौत के कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर वारिस पंजाब दे नाम का एक नकली पेज बना कर उस पेज को प्रमोट करना शुरू कर दिया था जैसे अमृतपाल सिंह को यह भनक पहली से ही लग गई थी कि दीप सिंद्धु का जल्दी ही कत्ल हो जाएगा उस के बाद मुझ को ही संगठन का स्वयम्भू प्रधान बनना है।

उन्होंने कहा कुछ वर्ष केस काट कर रहने वाले अमृतपाल में अचानक खालिस्तान कट्टर सोच कैसे जाग गई। पंजाब भर में जो भी कार्यक्रम किये जा रहे है उस के पीछे आखिर कौन है। दुबई में अमृतपाल सिंह किस किस के सम्पर्क में रहा। इस को फंडिंग कौन कर रहा है । इस के कहने पर भड़काऊ बयान दिए जा रहे है इन सब की केंद्र व राज्य सरकार को तुरंत जांच करनी चाहिए। 

उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि तुरंत वारिस पंजाब दे संगठन को बैन कर के भड़काऊ बयानबाजी करने वाले अमृतपाल सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। 

इस मुद्दे पर उन्होंने यह भी कहा कि आईएसआई व विदेशी ताकतों के इशारों पर अमृतपाल सिंह भड़काऊ बयानबाजी कर पंजाब के युवाओं को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार करें वारिस पंजाब दे संगठन को देश विरोधी संगठन घोषित कर प्रतिबंध लगाए और उस संगठन के बैनर तले कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने की परमिशन न दें।

समाजिक चेतना और जन सरोकारों से जुड़े हुए ब्लॉग मीडिया को जारी रखने में निरंतर सहयोगी बनते रहिए। नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करके आप सहजता से ही ऐसा कर सकते हैं।