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Friday, July 09, 2021

बरगाड़ी बेअदबी मामला:SIT की तरफ से चालान पेश

 Friday: 9th July 2021 at 8:08 PM

विशेष जांच टीम की तरफ से फरीदकोट अदालत के समक्ष चालान पेश

चंडीगढ़: 9 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::

बेअदबी घटनाओं की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) की तरफ से आज श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में जे.एम.आई.सी. फरीदकोट की अदालत में पहला चालान पेश किया गया।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये एस.आई.टी. प्रमुख और आई.जी.पी. बार्डर रेंज अमृतसर एस.पी.एस. परमार ने बताया कि 12 अक्तूबर, 2015 को बरगाड़ी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप बिखेर कर बेअदबी करने के मामले में गिरफ्तार किये गए 6 मुलजिमों के खिलाफ चालान पेश किया गया है और इस मामले में अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की गई है। आई.जी.पी. ने बताया कि एस.आई.टी. ने 16.05.21 को जांच शुरू करने सम्बन्धी इलाका मैजिस्ट्रेट को सूचित करने के बाद इस केस में जरुरी सभी मुलजिमों को ग्रिफतार कर लिया था।

गौरतलब है कि गुरुद्वारा साहिब बरगाड़ी के मैनेजर कुलविन्दर सिंह के बयान पर मुलजिमों के खिलाफ आई.पी.सी. की धारा 295, 295 -ए, 153 -ए, 201, 120-बी के अंतर्गत थाना बाजाखाना में एफ.आई.आर. नम्बर. 128 तारीख 12.10.2015 दर्ज की गई थी।

बताने योग्य है कि हाई कोर्ट की तरफ से पंजाब पुलिस को यह केस सौंपे जाने के बाद आई.जी.पी. बार्डर रेंज अमृतसर एस.पी.एस. परमार के नेतृत्व अधीन इस विशेष जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें रजिन्दर सिंह सोहल, एआईजी/सीआईआई पंजाब, लखबीर सिंह, एसीपी/ईआरएस अमृतसर और इंस्पेक्टर दलबीर सिंह, आईसी सी.आई.ए. फरीदकोट और अन्य को मैंबर के तौर पर शामिल किया गया।

प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार किये गए छह मुलजिमों की पहचान सुखजिन्दर सिंह उर्फ सनी, शक्ति सिंह, रणजीत सिंह उर्फ भोला, बलजीत सिंह, निशान सिंह और प्रदीप सिंह के तौर पर हुई है।

गौरतलब है कि उपरोक्त केस की जांच 02.11.2015 को सी.बी.आई. को सौंप दी गई थी, जिसके बाद पंजाब सरकार ने 06.09.2018 को सी.बी.आई. से बेअदबी मामलों की जांच वापस लेने सम्बन्धी नोटिफिकेशन जारी किया। सी.बी.आई. ने 04.07.2019 को तीनों मामलों में ज्वाइंट क्लोजर रिपोर्ट पेश की थी।

प्रवक्ता ने आगे बताया कि बाद में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस केस की जांच पंजाब पुलिस को सौंप दी थी।  

Thursday, March 01, 2012

एयर इंडिया के पायलट के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई

मामला ड्यूटी के दौरान शराब पीये हुए पकड़े जाने का 
एयर इंडिया ने उप महाप्रबंधक (संचालन) कैप्‍टन सैबेसियन जोसेफ को सभी प्रशासनिक कार्यों से हटा दिया था और उनके प्रशिक्षण कैप्‍टन के दर्जे पर रोक लगा दी थी, जिसमें 10 वर्ष के लिए चेक पायलट, परीक्षक प्रशिक्षक का दर्जा शामिल है। इस संबंध में एयर इंडिया ने नागर विमानन मंत्री चौधरी अजित सिंह को सूचित किया है, जिन्‍होंने एयर इंडिया के पायलट को ड्यूटी के दौरान शराब पीये हुए पकड़े जाने के बारे में एक रिपोर्ट पर विवरण की मांग की थी। 
 
एयर इंडिया ने मंत्री महोदय को यह भी स्‍पष्‍ट रूप से बताया कि कैप्‍टन एस जोसेफ को तीन फरवरी, 2012 को फ्लाईट संख्‍या एआई 671/672 से उस समय तत्‍काल हटा दिया गया था, जब उड़ान से पहले किए जाने वाले मेडिकल परीक्षण में अल्‍कोहल पाये जाने की पुष्टि हुई थी। किसी अन्‍य कमांडर के साथ उड़ान संचालित की गई थी। उड़ान संख्‍या एआई 671/672 चेन्‍नई-मदुरई-चेन्‍नई-मुंबई खंड के लिए निर्धारित थी। 

इस घटना के तत्‍काल बाद नागर विमानन महानिदेशालय की सीएआर संबंधी बाध्‍यताओं के अनुसार कैप्‍टन एस जोसेफ को तीन माह की अवधि के लिए रोस्‍टर से अलग कर दिया गया था। 

मंत्री महोदय को यह भी बताया गया है कि एयर इंडिया की ओर से कैप्‍टन जोसेफ के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू की जा रही है।   (पीआईबी)  01-मार्च-2012 20:16 IST 
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Friday, February 17, 2012

लगभग सभी बड़ी आतंकवादी घटनाओं के मामलों को सुलझाया गया

पिछले 8 वर्षों में सुलझाए गए बड़े आतंकवादी मामलों पर गृह मंत्रालय का बयान
      गृह मंत्रालय ने पिछले आठ वर्षों में जांच एजेंसियों द्वारा सुलझाए गए बड़े आतंकवादी घटनाओं की संख्या के संदर्भ में निम्नलिखित बयान जारी किया है:-
     "सरकार का ध्यान एक राजनैतिक पार्टी के प्रवक्ता के उस बयान की ओर आकृष्ट किया गया है जिसमें यह बात कही गई थी कि पिछले आठ वर्षों में जांच एजेंसियों ने आतंकी घटना के किसी भी मामले को हल नहीं किया है
     मई 2000 से हमने बड़ी आतंकवादी घटनाओं की सूची तैयार की है। जिस आतंकी घटना में कम से कम कुछ लोग घायल हुए हो उन्हें बड़ी आतंकवादी घटना के रुप में परिभाषित किया जाता है।
     मई 2000 से 46 बड़ी आतंकवादी घटनाएं हुई हैं। इनमें से सात को छोड़कर सभी मामलों को सुलझा लिया गया है। नौ मामलों में सजा दी जा चुकी है। बाकी बचे 30 मामलों में से 29 में आरोप-पत्र दाखिल किए जा चुके हैं  और 19 मामलों में मुकदमा शुरु किया जा चुका है। दो मामलों में रिहाई दी गई और अपील को वरीयता दी गई।"
7 अनसुलझे मामलों में से चार हल होने के करीब है
 
     हाल ही में पकड़े गए एक आईएम मॉड्यूल से यह जानकारी प्राप्त हुई है कि यह मॉड्यूल निम्नलिखित घटनाओं के लिए जिम्मेदार था:
(i)  13.2.2010- पुणे के जर्मन बेकरी में बम विस्फोट
(ii) 17.4.2010- बैंग्लुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के निकट बम विस्फोट
(iii) 19.9.2010- दिल्ली में जामा मस्जिद के निकट गोली बारी और विस्फोट
(iv) 13.7.2011- मुम्बई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट

     जर्मन बेकरी मामले में एक आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है. एक आरोपी पर मुकदमा चल रहा है और छह आरोपियों को भगौड़ा घोषित किया गया है।
     इसके अलावा इस ओर भी ध्यान दिलाना आवश्यक है कि कुछ मामलों में दोबारा जांच/आगे जांच चल रही है। इस वर्ग में निम्नलिखित मामले हैं:-
(i)  08.09.2006- महाराष्ट्र के मालेगांव में बम विस्फोट
(ii) 18.02.2007- हरियाणा में समझौता एक्सप्रेस में हुआ बम विस्फोट
(iii) 18.05.2007- आंध्र प्रदेश के मक्का मस्जिद में बम विस्फोट
(iv) 11.10.2007- राजस्थान के अजमेर शरीफ दरगाह में हुआ बम विस्फोट
(v) 29.09.2008-  महाराष्ट्र के मालेगांव में बम विस्फोट
(vi) 29.09.2008-  गुजरात के मोदास्सा में बम विस्फोट

     राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने नबकुमार सरकार उर्फ स्वामी असीमानंद, लोकेश शर्मा, देवेन्द्र गुप्ता और कुछ अन्यों को गिरफ्तार किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हाल ही में कमल चौहान की गिरफ्तारी की है और उपर्युक्त मामले को सुलझाने के लिए इस सिलसिले में और भी गिरफ्तारियों की संभावना है ।
     उपर्युक्त तथ्य इस बात को स्पष्ट करते हैं कि सरकार और जांच एजेंसियां आतंकवाद के प्रत्येक मामले को सुलझाने  और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।" {पत्र सूचना कार्यालय} 
16-फरवरी-2012 18:35 IST