Showing posts with label Colleges. Show all posts
Showing posts with label Colleges. Show all posts

Sunday, July 18, 2021

मामला पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम पर हुए फैसले का

 Sunday 18th July 2021 at 7:22 PM

 राज्य  सरकार के फैसले के कारण 1650 अनएडेड कॉलेजों में रोष 


मोहाली
: 18 जुलाई 2021: (गुरजीत बिल्ला//पंजाब स्क्रीन)::

पंजाब सरकार में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम के मुददे पर बवाल थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पंजाब सरकार द्वारा अंडरटेकिंग मांगने की वजह से पंजाब के 1650 कॉलेजो में रोष की लहर है। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने जॉइंट एसोसिएशन आफ कालेजिज़ (जैक) के साथ किए गऐ समझौते के बाबजूद कालेजों से यह एफिडेविट मांगना शुरू कर दिया है कि वे किसी भी छात्र से फीस भी नहीं मांगेंगे और उनके रोल नंबर और सर्टिफिकेट भी नहीं रॊकेगे।

इतना ही नहीं पंजाब सरकार ने कॉलेजो से लिखित में मांगा है कि पंजाब सरकार का 2017-18, 2018-19, 2019-20 का 40 प्रतिशत हिस्सा देने के बाद अगर केंद्र सरकार बकाया 60 प्रतिशत ना दे तो कॉलेज पंजाब सरकार से मांग ना  करे और ना ही सरकार के खिलाफ कोर्ट केस करें।

डॉ जगजीत सिंह, अध्यक्ष, जैक और डॉ गुरमीत सिंह धालीवाल, चैयरमेन, जैक ने कहा पंजाब के लगभग 3 लाख एससी छात्रो के साथ अन्याय हो रहा है। जहा एक तरफ अन्य राज्य इस राशि का भुगतान कर चुके हैं वही पंजाब के कॉलेज बकाया राशि के भुगतान के लिए दर दर कि ठोकरे खा  रहे है।

डॉ अंशु कटारिया, सह-अध्यक्ष, जैक ने कहा कि कॉलेजो के साथ अन्याय हो रहा है पंजाब सरकार बकाया 1549 करोड़ का भुगतान नही कर रही है और निजी कॉलेजो से लिखित रूप माग रही है कि अगर सरकार भुगतान ना करे तो वह कोर्ट नहीं जा सकते। कटारिया ने आगे कहा कि निजी कॉलेजो की जो ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स के साथ मीटिंग में समझौता हुआ था, कॉलेज उसके मुताबिक ही एफिडेविट देंगे और कोई भी नई शर्त नहीं मानेंगे।

जैक के अन्य सदस्यों, स. सतनाम सिंह संधू, मुख्य संरक्षक जैक सहित जैक सदस्य; स. मंजीत सिंह, संरक्षक, जैक; स. निर्मल सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जैक ; स. जसनिक सिंह, उपाध्यक्ष, जैक ; डॉ सतविंदर संधू, उपाध्यक्ष, जैक; श्री  विपिन शर्मा, उपाध्यक्ष, जैक; स. सुखमंदर सिंह चट्ठा, जनरल सचिव, जैक; श्री शिमांशु गुप्ता, वित्त सचिव, जैक; सरदार राजिंदर सिंह धनोआ, सचिव, जैक ने जैक के इस फैसले का समर्थन किया।

Monday, April 10, 2017

MTSM:फैशन डिज़ाइनिंग के ज़रिये छात्राओं को बना रहे हैं स्वावलंबी

रोज़गार के कई दरवाज़े खुलते हैं इस ट्रेनिंग के बाद-प्रो. अवनिंद्र कौर 
लुधियाना: 10 अप्रैल 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: For more Pics Please Click here
लुधियाना के पुराने कालेजों में से एक मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमेन ही अपनी छात्राओं को समय की रफ्तार के साथ साथ हर क्षेत्र में सुयोग्य और स्वावलंबी बना रहा है। कालेज की छात्राओं ने कहा कि आज के युग की मांग है फैशन और इसमें पूरी तरह ट्रेंड होने के बाद अब हम खुद को बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में सशक्त बन कर हम कहीं भी कभी भी अपने पैरों पर खड़ा हो सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट की ओर से ‘लुक्स एंड ट्रेंड 2017’ फैशन शो का आयोजन किया गया जो कि  बहुत ही यादगारी रहा। फैशन डिजाइनिंग की स्टूडेंटस ने विभिन्न कैटेगरीज के तहत अपनी ड्रेसेस बना कर पेश कीं। इनमें फुलकारी, बाग, सुपर कूल कलेक्शन, ग्लिंप्स एंड ग्लॉस और एलीगेंस जैसी कैटेगरीज शामिल रहीं। मास्टर इन फैशन डिज़ाइनिंग एंड  मैनेजमेंट  (एम एफ डी  एम) की हेड प्रफेसर अवनिंद्र कौर ने बताया कि कालेज में इसकी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हमारी छात्राएं किसी कालेज में लेक्चरर भी बन सकती हैं और इंडस्ट्री में भी जा सकती हैं क्यूंकि रोज़गार के बाद बहुत से अवसर पैदा होते हैं और अपने पैरों पर खड़ा हो कर ज़िंदगी जीने के कई दरवाज़े खुल जाते हैं। 
 For more Pics Please Click here
इस मौके पर डॉ. हरमिंदर कौर सैनी, नंदिनी कपूर और हुस्नजीत कौर ने जज की भूमिका निभाई। फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट की सलोनी अग्रवाल ने प्रोग्राम कोरियोग्राफ किया। अमनदीप कौर विर्क को बेस्ट डिजाइनर घोषित किया गया। अमनदीप ने स्प्रिंग सीजन की कलेक्शन दिखाई। ममता ने भंगड़ा कलेक्शन दिखा कर फर्स्ट रनरअप का खिताब जीता। साक्षी सपरा ने जुगनी थीम पर अपनी कलेक्शन दिखा कर सेकेंड रनरअप का खिताब जीता। वेलेंटिनो स्टाइल की कलेक्शन दिखाने पर जसप्रीत कौर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. किरनदीप कौर ने विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। 
 For more Pics Please Click here
उन्होंने डिपार्टमेंट द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि फुलकारी और बाग में स्टूडेंट्स की दिलचस्पी सराहनीय है। कॉलेज के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह और सेक्रेटरी कंवलइंद्र सिंह ने डिपार्टमेंट द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। इस शो में भाग लेने के बाद ममता रानी, साक्षी, जसप्रीत और अन्य छात्राओं ने भी पंजाब स्क्रीन से मुलाकात के दौरान अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।   For more Pics Please Click here

Wednesday, March 29, 2017

हम इन कलाकार बच्चियों को हर सम्भव सहयोग देंगें-पूनमप्रीत कौर

मैंने ऐसा कमाल पहले कहीं नहीं देखा-नीलम डावर 
लुधियाना: 28 मार्च 2017: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन)::
प्रकृति की कला दुनिया भर में दिखाई देती है। प्रकृति का संगीत हर पल सुना जा सकता है। प्रकृति के चमत्कार कभी भी कहीं भी देखे जा सकते हैं। इस खूबसूरत हकीकत के बावजूद बाहत कम किस्मत वाले होते हैं जिनके पास इस सुंदरता को देखने वाली आँख होती है और इस संगीत  को सुन सकने वाले कान। प्रकृति ने इस कला में दक्ष होने की क्षमता भी हर किसी को दी है लेकिन आम तौर पर लोग उम्र के आखिरी सांस तक इस का अनुभव भी नहीं कर पाते। लेनदेन, हिसाब किताब, तेरा-मेरा और अपना पराया के चक्कर में लोगों की बहुत बड़ी संख्या इस खूबसूरत अनुभूति से वंचित रह जाती है। जिसें अनुभव ही नहीं किया उसकी अभिव्यक्ति भी कैसे हो सकती है?  
कुछ सौभाग्यशाली लोग होते हैं जिनके अंदर छिपी कला का जादू जाग पड़ता है। उनके अंदर की शक्ति सक्रिय होती है। उनकी आँख प्रकृति की विभिन्नता छुपी एकता का चमत्कार को  देखने के काबिल हो जाती है। 
देवकी देवी जैन कालेज के प्रकृति प्रेमी स्टाफ ने अपनी छात्रायों में कुछ ऐसा ही सक्रिय किया है।  पढ़ाई लिखाई और ज़िन्दगी की उलझनों के चक्कर में भी हर पल आनंदित रह कर कला को कैसे व्यक्त करना है इसके गुर बताये हैं। कालेज के वार्षिक कला प्रदर्शनी में इस बात का अनुभव बहुत बार हुआ। कला प्रदर्शनी में बहुत सी बच्चियां थी जिनके हालात अलग अलग थे, चेहरे अलग अलग थे,  उन चेहरों के पीछे छिपे किसी न किसी दुःख ,दर्द और संघर्ष के भाव भी अलग अलग थे लेकिन कला की चमक उन सभी चेहरों पर थी। कला का उत्साह उन सभी के हाव भाव में था। कला की जिस ख़ुशी को ये बच्चियां महसूस कर रही थी उसका अहसास सभी की किस्मत में नहीं होता। 
जब इनके दरम्यान पीसीएस अधिकारी पूनम प्रीत कौर पहुंची तो इनकी ख़ुशी चौगुनी हो गयी। पूनमप्रीत कौर ने एक एक पेंटिंग को बहुत ही गौर से देखा। कलाकार बच्चियों का इस्तेमाल करके के अंतर्मन को महसूस किया और इनको शाबाशी दी। उन्होंने पंजाब स्क्रीन से बात करते हुए यह आश्वासन भी दिया कि इन बच्चियों को और उत्साहित करने के लिए जो बन पड़ेगा वो किया जायेगा। इन बच्चियों की कलाकृतियों को देख कर पूनम प्रीत कौर ने कहा कि इस प्रदर्शनी को देख उनको बहुत ख़ुशी हुई है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे भविष्य में रोज़गार भी बनाया  सकता है। 
इसी तरह जानेमाने सियासी नेता सुरेंद्र डावर की धर्मंपत्नी सुश्री नीलम डावर ने भी प्रदर्शनी में पहुंच कर इन बच्चियों का उत्साह बढ़ाया। उन्हने भी एक एक कलाकृति को देख कर उसका विवरण लिया। मैडम डावर ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इन बच्चियों ने पुराने कपड़ों और अन्य पुरानी कबाड़ चीज़ों का इस्तेमाल करके शानदार कलाकृतियां बनाई हैं। बच्चियों के इस कमाल पर  डावर ने  प्रसन्नता व्यक्त की।
इस प्रदर्शनी की संयोजक सोनिया धवन ने बताया कि कैसे उन्होंने इन बच्चियों के अंदर छुपी कला को पहचाना और इनको प्रशिक्षण दे कर इन कलाकृतियों को बनाने  प्रेरणा दी। 
कालेज की प्रबन्धन समिति के चेयरमैन श्री सुखदेव राज और प्रधान नन्द किशोर भी अपने परिवारों सहित आए हुए थे। चेयरमैन ने आये हुए मेहमानों का धन्यवाद किया और बच्चियों के साथ साथ के स्टाफ की भी प्रशंसा।  

Saturday, March 29, 2014

मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज में होस्टल नाईट

नारी को हर मामले में विज्ञापन बनाने पर भी हुई चर्चा 
लुधियाना: 28 मार्च 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
ज़िंदगी में खुशियां भी आती हैं और गम भी। मिलन भी होता है और बिछड़ना भी। कभी अचानक कोई अच्छा मौका मिला जाता है और कभी हाथ में आया अच्छा मौका छूट भी जाता है। इन सब रंगों को मिला कर ही बनती है ज़िंदगी---कभी ख़ुशी कभी गम। ज़िंदगी के इन अलग अलग रंगों का सहजता से सामना करते हुए हर पल संतुलन में बताने के लिए होस्टल की ज़िंदगी कई अनुभव देती है। शिक्षा, अनुशासन, और परिवार से दूर पूरी छूट और अपने कमरों में अपनी खुद की ज़िम्मेदारी। इन सब अनुभवों पर आधारित था मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज कालेज में हुआ होस्टल नाईट का आयोजन।
इस यादगारी संगीतमय शाम में डांस का जोश संगीत का जादू और सुंदरता का जलवा सब कुछ था। एक घंटे का कार्यक्रम दो घंटे से भी अधिक चला पर वक़त का किसी को कुछ पता ही नहीं चला। यादविंदर कौर को इस प्रोग्राम में मिस होस्टलर का खिताब मिला जबकि जसप्रीत कौर फस्ट रनरअप और स्वाति सेकंड रनरअप रहीं।
कालेज में हिंदी की लेक्चरर इंद्रमोहन कौर ने एक सवाल पूछ कर सारे माहौल को ही एक गंभीर दिशा में मोड़ दिया। उन्होंने  छात्राओं से पूछा कि क्या हर मामले में नारी को विज्ञापन बना कर दिखाना क्या उचित है? इस सवाल के जवाब में इस सोच और सिलसिले को बुरी तरह से रद किया गया। मैडम इंद्रमोहन कौर ने कार्यक्रम के बाद बताया कि उन्होंने यह सवाल लड़कियों के दिलो-दिमाग में एक चेतना लाने के लिए पूछा तांकि महिला वर्ग के अंदर इस बुराई के खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक इनकार पैदा हो सके। इस चेतना के बाद ही नारी ऐसे विज्ञापनों का अंग बनने से ज़ोरदार इनकार कर सकेगी।
प्रिंसिपल मैडम डाकटर चावला ने मुख्य अतिथि का फ़र्ज़ भी निभाया और लड़कियों को जीवन में साकारत्मक सोच बनाने पर ज़ोर दिया क्यूंकि इस सोच के बल पर आगे बढ़ा जा सकता है। कुल मिलाकर यह एक यादगारी आयोजन रहा।    मास्टर तारा सिंह मेमोरियल महिला कालेज में होस्टल नाईट