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Saturday, December 13, 2014

जादुई सुधार का चमत्कार दिखाएगी साइक्लिंग

लोगों  के स्वास्थ्य और आर्थिकता में होगा एक बार फिर नया करिश्मा 
लुधियाना: 13 दिसंबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कोई ज़माना था जब लोग साईकल चलाते थे और उम्र भर रिष्टपुष्ट रहते थे। न जवानी में सांस चढ़ता था और ही बुढ़ापे में घुटने दर्द करते थे। ऐसी बहुत सी खूबियों वाली साईक्लिंग में फिर से नया जोश जगाने का एक विशेष प्रयास हुआ पीएयू में। आइए आपको दिखाते हैं एक विशेष रिपोर्ट। 
आज लोगों ने जो देखा वे साईक्लिंग के चमत्कार हैं जो धीरे धीरे लुप्त हो चुके हैं। पहले इन चमत्कारों को पंजाब की सड़कों पर आम देखा जा सकता था। बच्चों से लेकर बज़ुर्गों तक हर कोई साइक्लि को अपनाये हुए था।  पंजाब में नशे ने अपना जोर बढ़ाया तो हैरोइन और स्मैक जैसे  नशे युवाओं के  गए।  स्मैक, मोबाईल  और मोटरसाईकल पंजाब के  युवाओं की पहली पसंद बन गए। इस तेज़ रफ्तारी और दिखावे के युग ने हमसे साईक्लि लिया और इसके साथ ही छिन  गया लोगों के उम्र भर स्वस्थ रहने का एक शानदार नुस्खा। रही सही कसर साईकल की कीमतों में हुए इज़ाफ़े पूरी कर दी। मोबाईल फोन और इस पर चलती गेमों ने साईकल को एक तरह से अवलुप्त ही कर दिया। अब साईकल बहुत कम दिखते हैं। इसके साथ ही युवाओं का वो जोश और स्वास्थ्य भी गायब हो गया जिसका लोहा साडी दुनिया मानती थी। वो गीत एक बार फिर सही साबित होने लगा---तंग पेंट पतली टांगें--लगती हैं सिगरेट जैसी। युवाओं की हालत बदतर से बदतर होती चली गयी। जिस उम्र में  चुनौतियों को ललकारना ज़माने को और बदलना होता है उस उम्र में युवा  अपना मुँह छुपाये नशे के दरिया में डूब गया।  उस इ नशे के इस नरक से  निकालने के प्रयासों में साईक्लिंग फिर एक उम्मीद बन कर सामने आई है। हमने इस संबंध में एक खिलाडी से भी बात की। 
इस संबंध में एक खिलाडी से बात की तो उसने साईक्लिंग की बहुत सी खूबियों के बारे में बताया। इन बातों का सार यही था कि साइक्लिंग अपनायो--नया स्वास्थ्य अपनायो। इसके साथ ही बचेगा रोज़ रोज़ छोटी छोटी दूरी के लिए होने वाला पैट्रोल//डीज़ल का खर्चा। जाने माने टीवी एंकर//फिल्म अदाकार और शिक्षा विशेषज्ञ कर्मदीप बिरदी हर रोज़ कई कई किलोमीटर साईक्लिंग करते हैं। स्कूटर/बाईक और कार होने के बावजूद वे साइक्लिंग करके हर रोज़ खुद की पसीने में डुबो देते हैं और यही है उनकी सदा बहार जवानी का राज़। दुनिया की परवाह किये बगैर वे अक्सर हर रोज़ खुलेआम साईक्लिंग करते हैं। 
साईक्लिंग के जादू को जगाने वाली इस पहल का उद्द्घाटन किया अकालीदल के वरिष्ठ नेता शरणजीत सिंह ढिल्लों ने।   उनकी इस पहल ने बहुत सी नई आशाएं भी जगाई हैं।उन्हीने कहा कि इस संबंध में कई और कदम भी उठाये जाएंगे। 
इसी तरह जिला परिषद के चेयरमैन भाग सिंह मल्ला भी इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद थे। उन्होंने भी आश्वासन दिया कि इस मामले में नई कोशिशें होंगीं और साईकल फिर अपना चमत्कार दिखाएगी। 
अब देखना है कि साईकिल इंडस्ट्री सस्ते भाव पर साईकिल उपलब्ध कराकर इस नए अवसर का फायदा उठा पाती है या नहीं?