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Tuesday, August 24, 2021

मरीज़ों के मुफ़्त इलाज के लिए 71 लाख से अधिक ई-कार्ड बने

 24th August 2021 at 5:05 PM

 13 हज़ार 940 मरीज़ों के दिल के आप्रेशन भी मुफ़्त किये गए 


सरबत सेहत बीमा योजना लोकप्रिय हुई 

योजना के तहत 8.06 लाख लाभार्थियों को 912.81 करोड़ रुपए के मुफ़्त इलाज मुहैया करवाए 

स्वास्थ्य मंत्री मंत्री बलबीर सिद्धू ने गिनवाए पंजाब सरकार की ओर से उठाए गए कदम 

कोविड -19 को भी इस स्कीम के अधीन कवर किया गया

मोहाली/चंडीगढ़: 24 अगस्त 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

सरबत सेहत बीमा योजना (ऐसऐसबीवाई) के अंतर्गत पिछले 2 सालों के दौरान 912.81 करोड़ रुपए से 8.06 लाख योग्य लाभार्थियों को मुफ़्त इलाज मुहैया करवाया गया। इस बात का खुलासा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने योजना के तीसरे साल की शुरूआत के मौके किसान विकास चेंबर, मोहाली में आयोजित समागम के दौरान किया।

इस मौके पर बोलते हुये स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा एक स्वस्थ पंजाब के निर्माण के लिए निरंतर यत्न किये जा रहे हैं जिसके अंतर्गत सरबत सेहत बीमा योजना के लागू होने के उपरांत 2 साल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं की सुपुर्दगी एक क्षेत्र से हरेक जरूरतमंद मरीज़ तक पहुंचाना है।

स. सिद्धू ने बताया कि राज्य में सरबत सेहत बीमा योजना के दूसरे और तीसरे स्तर की स्वास्थ्य संभाल की ज़रूरतों की सुपुर्दगी के लिए शुरू की गई थी और इस योजना के अंतर्गत 8 लाख से अधिक लाभार्थियों का मुफ़्त इलाज किया गया। इनमें से 13,940 मरीज़ों के दिल के आप्रेशन मुफ़्त किये गए। इसी तरह 4,964 मरीज़ों के घुटने बदलने और हिप्प रिप्लेसमैंट सम्बन्धी सर्जरियां, 12,133 कैंसर मरीज़ों का इलाज और 2,03,175 मरीज़ों के डायलसिस के साथ साथ अन्य बीमारियों के इलाज भी मुफ़्त मुहैया करवाए गए।

स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि पिछले 2 सालों में इस स्कीम के अधीन 71 लाख से अधिक लाभार्थियों को ई -कार्ड जारी किये गए। योग्य लाभार्थियों को इलाज मुहैया करवाने के लिए सरकारी अस्पतालों और बड़े प्राईवेट अस्पतालों समेत 898 अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया। इन सूचीबद्ध अस्पतालों में योग्य लाभार्थियों को लगभग 1579 इलाज पैकेज नकद रहित मुहैया करवाए गए हैं और कोविड -19 को भी इस स्कीम अधीन कवर किया गया है।

उन्होंने स्टेट हैल्थ एजेंसी की टीम को योजना की शुरूआत से दो सालों से भी कम समय में राज्य के सबसे गरीब और कमज़ोर आबादी तक पहुँच करने के लिए किये गए यत्नों और सख़्त मेहनत के लिए बधाई दी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस साल ऐसऐसबीवाई नैटवर्क और सेवाओं को और आबादी तक पहुँचाने पर ध्यान केन्द्रित होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सामाजिक -आर्थिक जाति जनगणना 2011 में सूचीबद्ध परिवारों, जे फार्म धारक किसानों और शुगरकेन वेअमैंट स्लिप धारकों, रजिस्टर्ड निर्माण कामगारों, छोटे व्यापारियों और पीले कार्ड धारकों या मान्यता प्राप्त पत्रकारों को लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। उन्होंने इस स्कीम के अधीन योग्य लाभार्थियों को नज़दीकी सूचीबद्ध अस्पताल, सीएससी केंद्र, सेवा केंद्र या विभाग की वैबसाईट  www.sha.punjab.gov.in पर जाकर अपने कार्ड बनाने के लिए अपील भी की।

इस मौके पर प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्री आलोक शेखर ने कहा कि राज्य के लगभग 40 लाख योग्य परिवारों जो कि आबादी का 65 फ़ीसदी हिस्सा हैं, को प्राथमिक, दूसरे और तीसरे स्तर की मल्टीस्पैशलिस्ट अस्पतालों में मिलने वाली स्वस्थ्य सेवाएं मुहैया करवा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि तंदुरुस्त पंजाब स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ-साथ यूनिवर्स हैल्थ कवरेज के संयुक्त रास्ट्र के स्थायी विकास लक्ष्य की प्राप्ति की तरफ राज्य की प्रगति को और तेज किया जायेगा।

अब तक किये कामों के बारे बताते हुये स्टेट हैल्थ एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री कुमार राहुल ने बताया कि सरबत सेहत बीमा योजना ने अस्पतालों में 8 लाख मरीज़ों की भर्ती समेत कई मील पत्थर स्थापित किये। उन्होंने आगे कहा कि यह बताते हुये खुशी हो रही है कि 23 जिलों के 898 अस्पतालों के नैटवर्क के द्वारा 912 करोड़ रुपए से 8.06 लाख मरीज़ों की अस्पतालों में भर्ती करवा के उनको इलाज मुहैया करवाया गया।

इस मौके पर डायरैक्टर स्वास्थ्य सेवाएं डा. जी.बी. सिंह, डायरैक्टर ई.एस.आई. ओ.पी. गौजरा, सीनियर डिप्टी मेयर मोहाली कुलजीत सिंह बेदी, ओ.एस.डी. /स्वास्थ्य मंत्री डा. बलविन्दर सिंह, राजनैतिक सचिव /स्वास्थ्य मंत्री हरकेश चंद शर्मा मछली कलां, संयुक्त सीईओ एसएचए श्रीमती अमनिन्दर कौर, (पीएमबी, ईटीडी, बीओसीडब्ल्यू, पनमीडिया) विभागों और एसबीआई जनरल इंशोरैंस कंपनी लिमटिड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

Sunday, September 27, 2020

पारिवारिक पेंशन पर अब तलाकशुदा बेटियों का भी हक

 26-सितम्बर-2020 18:24 IST

तलाकशुदा बेटियों के लिए नियमों में विशेष ढील: डॉ.जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली: 26 सितंबर 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

डॉ.जितेंद्र सिंह
पारिवारिक पेंशन पाने के लिए तलाकशुदा बेटियों के लिए नियमों में ढील दे दी गई है और एक बेटी अब पारिवारिक पेंशन पाने की हकदार होगी, भले ही तलाक अंतिम रूप से हुआ न रहा हो लेकिन तलाक की याचिका उसके मृत माता पिता कर्मचारी /पेंशनभोगी के जीवन काल के दौरान ही उसके द्वारा दायर कर दी गई थी।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा लाए गए कुछ महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा, एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा कि पहले के नियमों में किसी तलाकशुदा बेटी को पारिवारिक पेंशन के भुगतान का प्रावधान तभी था जब तलाक उसके मृत माता पिता कर्मचारी /पेंशनभोगी या उसकी पत्नी/पति के जीवन काल के दौरान ही हो गया रहा हो। नया परिपत्र न केवल पेंशन प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के जीवन में सुगमता लाएगा बल्कि तलाकशुदा बेटियों के लिए समाज में सम्मानजनक एवं समान अधिकार भी सुनिश्चित करेगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि किसी दिव्यांग शिशु या उसके भाई बहन को पारिवारिक पेंशन की मंजूरी के लिए भी आदेश जारी कर दिए गए हैं भले ही दिव्यांग प्रमाणपत्र पेंशनभोगी माता पिता की मृत्यु के बाद प्रस्तुत किया गया हो लेकिन विकलांगता माता पिता की मृत्यु से पहले ही हो गई हो। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, दिव्यांग पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता लाने के लिए सहायक के लिए परिचारक भत्ता भी 4,500 रुपये प्रति महीने से बढ़ा कर 6,700 रुपये कर दिया गया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पेंशन विभाग द्वारा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के संबंध में सर्वाधिक उल्लेखनीय पहल की गई है। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के सामने आने वाली समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, जो सेवानिवृत्ति के बाद अपने बच्चों के साथ विदेशों में चले गए हैं और वहीं बस गए हैं, उनके लिए जीवन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने एवं पारिवारिक पेंशन आरंभ करने पर समेकित निर्देशों पर परिपत्र लाया गया है जिसके द्वारा संबंधित बैंक की विदेश स्थित शाखाओं तथा भारतीय दूतावास/वाणिज्य दूतावास/उच्चायोग को वहीं जीवन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने एवं पारिवारिक पेंशन आरंभ करने के निर्देश दे दिए गए हैं।

डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा कि इसी के साथ-साथ सभी पेंशन संवितरण बैंकों को उन पेंशनभोगियों के लिए उनके दरवाजे पर ही जीवन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं जो बैंक जा पाने में असमर्थ हैं।


धान की खऱीद 27 सितम्बर से शुरू करने के हुक्म-आशु

 खऱीद के दौरान कोविड-19 से बचाव के लिए किए गए व्यापक प्रबंध 

*पंजाब सरकार ने राज्य में 4,035 स्थानों को खऱीद केंद्र के तौर पर नोटीफाई किया

*खऱीद केंद्र में किसानों और मज़दूरों के लिए किए गए उचित प्रबंध

चंडीगढ़: 26 सितम्बर 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

राज्य की मंडियों में धान की फ़सल की अग्रिम आमद को देखते हुए आज पंजाब सरकार ने पहले से तय प्रोग्राम की जगह 27 सितम्बर, 2020 से खरीद प्रक्रिया शुरू करने के हुक्म जारी कर दिए हैं।

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री श्री भारत भूषण आशु ने कहा कि राज्य की मंडियों में धान की तैयार फ़सल आने संबंधी उनको सूचनाएँ मिल रही थीं, जिस पर उन्होंने अक्तूबर 2020 को शुरू की जाने वाली खरीद प्रक्रिया को 27 सितम्बर 2020 से पूरी गति से शुरू करने के आदेश जारी किए हैं।

श्री आशु ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों का दाना-दाना खऱीदने के लिए वचनबद्ध है।

उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा कोविड-19 के फैलाव को रोकने और किसानों, मज़दूरों, पल्लेदारों, आढ़तियों, ढुलाई में शामिल लोगों और खऱीद कार्य में लगे सरकारी मुलाजि़मों और अधिकारियों को बचाने के लिए राज्य भर में 4035 स्थानों को खऱीद केंद्र के तौर पर नोटीफाई किया है। इनमें से 1,871 सरकारी मंडियां हैं, जबकि 2,164 सार्वजनिक स्थान मिलों के हैं।

श्री आशु ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ए ग्रेड धान की एम.एस.पी. 1,888/- रुपए ऐलान की गई है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 से बचाव के लिए किए गए प्रबंधों में गेहूँ की खऱीद के दौरान किए गए ज़्यादातर प्रबंधों को हू-ब-हू लागू किया गया है, जिससे सामाजिक दूरी सम्बन्धी जो आदेश राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए हैं उनको पूरी तरह से लागू किया जा सके।

खाद्य मंत्री ने कहा कि खऱीद प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों को सैनेटाईज़ेशन सम्बन्धी विशेष हिदायतें जारी की गई हैं और हाथों को सैनेटाईज़ करने के लिए साबुन, पानी और 70 प्रतिशत अल्कोहल वाले हैंड सैनेटाईजऱ का भी प्रबंध करने के लिए कहा गया है।

यह खऱीद प्रक्रिया 30 नवंबर, 2020 तक जारी रहेगी और खऱीद से 48 घंटों में फसल की लिफ्टिंग को यकीनी बनाने के लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं।

इसके अलावा इस बार भी रबी सीजन की तरह ही पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा आढ़तियों के द्वारा किसानों को पास जारी किए जाएंगे, जिनका रंग हरेक दिन परिवर्तनीय होगा।

उन्होंने कहा कि खऱीद केन्द्रों में किसानों और मज़दूरों के लिए पीने वाले पानी, लाईट, छायादार बैठने वाली जगह और साफ़-सुथरे पखानों का भी प्रबंध करने के आदेश दिए गए हैं।


Thursday, July 02, 2020

भाजपा MSP के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है-मदन मोहन मित्तल

 कांग्रेस तथा AAP किसानों को गुमराह न करें-मदन मोहन मित्तल 
लुधियाना: 2 जुलाई 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
पत्रकार सम्मेलनों, विरोध प्रदर्शनों और अन्य आयोजनों से साफ़ लग रहा है कि चुनावी अभियान का रंग शुरू हो चुका है। इस अभियान में कांग्रेस, वाम दल, अकाली दल और आम आदमी पार्टी भी सक्रिय हैं। लॉक डाउन की लम्बी चुप्पी के बाद विरोध प्रदर्शनों की नारेबाजी फिर से बुलंद हो रही है। आज भारतीय जनता पार्टी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य अर्थात MSP को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया। भाजपा के इस खचाखच भरे पत्रकार सम्मेलन में भाजपा से जुड़े हुए किसान नेता भी शामिल थे। भाजपा ने स्पष्ट कहा कि हम MSP के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। 
लुधियाना भाजपा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंदर सिंगल की अध्यक्षता में भाजपा के  जिला कार्यालय लुधियाना में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमे विशेष तौर पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ भाजपा नेता व पूर्व कैबिनट मंत्री मदन मोहन मित्तल शामिल हुये। पूर्व कैबिनट मंत्री  मदन मोहन मित्तल ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का कोई भी कदम किसानों के खिलाफ नहीं है। केंद्र द्वारा कृषि सम्बन्धी लाये गए तीनों कानूनों को किसानों के हित में बताते हुए उन्होंने कहा कि इस से किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा तथा उनकी आय भी बढ़ेगी। 
कांग्रेस व अन्य पार्टीयों के नेताओं द्वारा भ्रामक व गुम्रराह्पूर्ण ब्यान देने के प्रयासों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पारित किये गए तीनों कानूनों में किसानों की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किसी भी तरह के बदलाव की कोई बात नहीं कही गई। इस तरह का आधारहीन प्रचार पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि स्वामीनाथन कमिशन की रिपोर्ट आने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार 10 वर्ष तक सत्ता में रही, लेकिन कांग्रेस ने इसे लागू नहीं किया। मोदी सरकार ने एम.एस.पी. को लागत मूल्य से जोड़ कर स्वामीनाथन रिपोर्ट की महत्वपूर्ण सिफारिश को लागू किया है।  उन्होंने कहा है कि केंद्रीय कृषि मंत्री ने हाल ही में हुई पंजाब की वर्चुअल रैली में पूरे जोर से घोषणा की कि एम एस पी थी, एम एस पी है तथा एम एस पी रहेगी, किसी को इसकी चिंता करने की जरुरत नहीं है। भारतीय जनता पार्टी एमएसपी के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। 
    पूर्व कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल  ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ व आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान द्वारा इन कानूनों के बारे में किसानो को गुमराह करने पर पर आड़े हाथों लेते हुए श्री मित्तल ने कहा कि इन नेताओं को पहले केंद्र द्वारा पारित कानूनों को अच्छी तरह पढ़ना चाहिए तथा फिर सोच-समझ कर उस पर ब्यान देना चाहिए। 
उन्होंने ने कहा कि आजादी के 73 वर्षों बाद मोदी सरकार ने इन कानूनों के द्वारा किसानों को आज़ादी प्रदान की है तथा अब किसान अपनी फसल अपनी मर्जी से अपने मनपसंद भाव पर अपनी मर्जी की जगह पर राज्य या देश में बिना किसी रुकावट तथा टैक्स के बेचने का अधिकार रखता है। उन्होंने कहाकि जैसे पहले अमरिंदर सिंह की सरकार के समय पेप्सी ने किसानो से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर धोखा किया अब मोदी सरकार द्वारा पारित किये गए कानून के बाद कोई भी किसानों के साथ ऐसा नहीं कर सकेगा। इस कानून में यह भी प्रावधान है की किसान की ज़मीन को कोई कितनी भी देर के लिए ठेके पर ले उस पर मालिकाना हक़ किसान का ही रहेगा।
     मित्तल ने कहा की इन तीनों कानूनों के ज्यादातर प्रावधानों को कैप्टेन सरकार 2017 में अपने मंडी एक्ट में संशोधन करके पहले से ही पंजाब में लागू कर चुकी है इसलिए अब इस पर राजनीती न करें तथा किसानो को गुमराह न करें। उन्होंने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह सहित सभी नेताओं को  राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर इन कानूनों का समर्थन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पंजाब भाजपा जल्दी ही किसानों को इसके बारे में जागरूक करने के लिए एक अभियान चलाएगी तथा पार्टी के कार्यकर्ता गाँव गाँव जाएंगे। इस मौके पर भाजपा के जगराओं भाजपा के जिला अध्यक्ष गौरव खुल्लर, खन्ना के जिला अध्यक्ष पवन कुमार टिंकू, पंजाब किसान मोर्चा के महामंत्री मनिंदर सिंह, जिला किसान मोर्चा के अध्यक्ष दविंदर सिंह घुम्मन, जिला महामंत्री सुनील मोदगिल, कांटेंदु शर्मा, युवा मोर्चा के अध्यक्ष महेश शर्मा, हर्ष शर्मा, संजय गोसाई, नवल जैन, मीडिया प्रभारी सतीश कुमार, अभिषेक सिंगल इत्यादी उपस्थित रहे !

Sunday, July 03, 2016

दूरसंचार और अन्य संचार लाइनों के बाधित होने पर काम देगी “हम” रेडियो सेवा

03-जुलाई-2016 19:32 IST
डॉ. जितेन्द्र सिंह से स्काउटस, गाईडस प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात 
नई दिल्ली: 3 जुलाई 2016: 
(पीआईबी//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
अब जबकि अधिकतर लोग युवाओं के पतन और नशे में डूब रहे भविष्य को लेकर एक दुसरे पर निशाना साध रहे हैं  उस हालत में एक संगठन ऐसा भी है जो ख़ामोशी से युवा वर्ग को संभालने और उसे सही दिशा दिखाने में लगा है। मामला बाल दिवस का हो या फिर किसी और विशेष दिवस का भारतीय स्काउटस/गाईडस नामक यह संगठन युवायों की भलाई का कोई न कोई रास्ता तलाश कर ही लेता है। अपने कार्यक्षेत्र को और अधिक बढ़ाने के लिए इस संगठन ने आज केंद्र सरकार को भी अपने नेक मकसद और निशानों की जानकारी दी। 

केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से आज राष्ट्रीय आयुक्त श्री राज.के.पी.सिन्हा के नेतृत्व में भारतीय स्काउटस/गाईडस संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपने कामकाज और भविष्य के कार्यक्रमों से संबंधित व्यापक स्तर के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने हाल ही में कुंभ मेले के दौरान उज्जैन में आयोजित किए गए अपने लोकप्रिय “सेवा शिविर” के बारे में डॉ. जितेन्द्र सिंह को जानकारी दी। शिविर पर उन्होंने समन्वय और सहायता-डेस्क जैसी सेवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने इस अवसर पर भारी संख्या में आए लोगों और विभिन्न परिवार के सदस्यों के बीच संप्रेषण संपर्क बनाने में भी सहायता प्रदान की। 
श्री सिन्हा ने आपदा प्रबंधन के एक अंग के रूप में संगठन के द्वारा विकसित की गई “हम” रेडियो सेवा की पहल की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दूरसंचार और अन्य संचार लाइनों के बाधित होने की परिस्थितियों में यह एक उपयोगी माध्यम के तौर पर सेवा प्रदान कर सकता है।  
अपनी गतिविधियों की जानकारी देते हुए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मंत्री महोदय को बताया कि देशभर में उनके 12 लाख से ज्यादा सदस्य हैं, जो भारत के कम से कम 16 राज्यों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने डॉ. जितेन्द्र सिंह को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने अपनी प्रमुख चिंताओं का उल्लेख किया है। 
राष्ट्रीय आयुक्त श्री राज.के.पी.सिन्हा के अलावा प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों में क्षेत्रीय आयुक्त श्री राकेश वर्मा, क्षेत्रीय आयुक्त श्री पंकज चौरागढ़े, श्री रविन्द्र पाहे ओएसडी (महाराष्ट्र), सुश्री अर्चना बालोडी, ओएसडी (दिल्ली) और सुश्री अनामिका सिन्हा, ओएसडी शामिल थे। 
अब देखना यह है कि समाज के जागरूक लोग इस संगठन के प्रयासों का कितना फायदा उठा पाते हैं। 
***

Thursday, May 19, 2016

श्रीमती स्मृति ईरानी दीप प्रजवलित करती हुईं

रिफॉर्मिंग एंड रेजूवनेटिंग इंडियन हायर एजूकेशन
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री, श्रीमती स्मृति ईरानी 18 मई, 2016 को नई दिल्ली में रिफॉर्मिंग एंड रेजूवनेटिंग इंडियन हायर एजूकेशन, ए स्टेकहोलडरपरस्पेक्टिव पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के अवसर पर दीप प्रजवलित करती हुईं।
The Union Minister for Human Resource Development, Smt. Smriti Irani lighting the lamp at the National Conference on Reforming & Rejuvenating Indian Higher Education A Stakeholders Perspective, in New Delhi on May 18, 2016.

Monday, September 21, 2015

समाज की सोच में बदलाव महिला सुरक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण--किरेन रिजिजू

21-सितम्बर-2015 19:17 IST

महिलाओं के विरूद्ध अपराध की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि
गृह राज्‍य मंत्री ने दक्षिण एशियाई महिला शांति और सुरक्षा सम्‍मेलन का उद्घाटन किया

नई दिल्ली: 21 सितम्बर 2015: (पीआईबी):
केन्‍द्रीय गृह राज्‍य मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा में सुधार लाने के लिए समाज को अपनी सोच में बदलाव लाना चाहिए। दक्षिण एशियाई महिला शांति और सुरक्षा सम्‍मेलन में आज यहां भारत, बांग्‍लादेश, नेपाल, फिलीपिन्‍स और म्‍यामार से आये प्रतिनिधियों को सम्‍बोधित करते हुए श्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इस त्रासदी को दूर करने में केवल सरकार, न्‍यायपालिका और पुलिस के प्रयास ही काफी नहीं होंगे। देश में महिला-पुरूष आधारित भेदभाव और असमानता काफी गंभीर समस्‍या है। उन्‍होंने कहा कि मैं कल्‍पना भी नहीं कर सकता कि 21वीं सदी में भी महिलाओं को ऐसी यातनायें दी जा रही हैं। 

हाल के वर्षों में महिलाओं के विरूद्ध अपराध की घटनाओं में खतरनाक वृद्धि होने के बारे में चर्चा करते हुए श्री रिजिजू ने कहा कि कानूनी प्रावधानों को सख्‍त बनाये जाने के कारण ऐसी घटनायें अधिक संख्‍या में दर्ज की जा रही हैं और केवल ऐसे अपराधों का पंजीकरण अनिवार्य कर देना ही मददगार नहीं होगा। उन्‍होंने कहा कि मुख्‍य बात यह है कि ऐसी घटनायें हो रही है और धरातल पर स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराध होना गहरी सामाजिक समस्‍या का परिणाम है और ऐसा देश प्रगति का दावा नहीं कर सकता, जहां समाज में महिलायें सुरक्षित न हों। यह कोई पुरूष अथवा महिला का प्रश्‍न नहीं है, बल्कि यह एक मानवता का विषय है। उन्‍होंने कहा कि इस समस्‍या के समाधान के लिए समुदाय, परिवार के सदस्‍यों को संवेदनशील बनाने की आवश्‍यकता है और इस समस्‍या का समाधान हम में से प्रत्‍येक के भीतर है। 

इस बात की चर्चा करते हुए कि भारत महिलाओं की समानता पर आधारित विभिन्‍न क्षेत्रीय और वैश्विक संधियों का हस्‍ताक्षरकर्ता है, श्री रिजिजू ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और समानता के मुद्दे पर भारत के पास जिस प्रकार के अस्‍पष्‍ट और सशक्‍त वैधानिक प्रावधान हैं, उतना अन्‍य किसी देश के पास नहीं हैं। भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई वैधानिक प्रावधान तो हैं, किन्‍तु समाज की सोच में यह समस्‍या ग्रसित है। उन्‍होंने कहा कि हमें एक साथ आकर सामूहिक तौर पर इस समस्‍या का समाधान ढूंढ़ना है। 

अपने भाषण के अंत में श्री रिजिजू ने कहा कि इन मुद्दों पर एकजुटता दर्शाने के लिए मैं यहां आया हूं। कृपया मुझे अपने आंदोलन का हिस्‍सा मानें। इन देशों में महिलाओं के लिए महिलाओं के लिए शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमें साथ मिलकर काम करना चाहिए। 

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एसकेएस/जीआरएस-4628

Wednesday, November 19, 2014

नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन की पंजाब में शुरुआत 21 से

Wed, Nov 19, 2014 at 8:24 PM
केंद्रीय योजना का लाभ लेंगें राज्य भर में 41 शहरों के 76 % लोग-ज्याणी 
लुधियाना, 19 नवंबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
पंजाब सरकार द्वारा केंद्रीय योजना नेशनल अर्बन हैल्थ मिशन की शुरूआत 21 नवंबर से की जा रही है , इस संबंधी एक समागम का आयोजन ढोलेवाल चौंक नज़दीक भगवान नगर, लुधियाना में की जा रही है। इस योजना संबंधी जानकारी देते हुये स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने बताया कि इस योजना तहत राज्य भर के 50 हज़ार या इससे अधिक जनसंख्या वाले शहरों को कवर किया जायेगा। इस केंद्रीय योजना तहत शहरी क्षेत्रों में बसते गरीब एवं अन्य जरूरतमंद परिवारों को सस्ती और गुणात्मक सुविधांए मुहैया करवाई जायेंगी। श्री ज्याणी ने बताया कि राज्य भर में 78.83 लाख लोगों (76 प्रतिश्त) को कवर किया जायेगा जिसमें 35.96 लाख गरीब बस्तियों के वासी, कूड़ा एकत्र करने वाले, रिक्शा चालक, बेघर और गलियों के आवारा घूमते बच्चे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 1500 से 2000 तक की प्रत्येक गरीब बस्ती की आबादी को कवर करने के लिए एक आशा वर्कर और 10000 तक की आबादी को कवर करने के लिए ए एन एम लगाये जायेंगे।
इसके अतिरिक्त 50000 की आबादी के पीछे एक प्राथमिक स्वास्थय केंद्र तथा 2.50 लाख या इससे अधिक आबादी को कवर करने के लिए समुदायिक स्वास्थय केंद्र स्थापित किया जायेगा। श्री ज्याणी ने बताया कि इस योजना तहत आगामी वर्ष और पी एच सीज़ और सी एच सीज़ स्थापित किये जायेंगे। इसी वित्तीय वर्ष में यह योजना पी एच सीज़ और सी एच सीज़ में आरंभ की जायेगी और इन केंद्रों को जरूरत अनुसार अपग्रेड किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना को लागू करने के लिए 80 करोड़ रुपये खर्चे जायेंगे। शहर लुधियाना में आगामी वर्ष 6 सी एच सीज़ और बनाये जायेंगे। शुरूआती चरण में लुधियाना, जालंधर और अमृतसर सहित 41 शहरों में यह योजना आरंभ की जा रही है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक गरीब बस्ती में मासिक आउटरीच शिविर लगाये जायेंगे। जहां उच्च स्तर की स्वास्थय सुविधांए मुहैया करवाई जायेंगी।
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