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Monday, September 13, 2021

पाकिस्तान से पाईप के ज़रिये 40 किलो हेरोइन की तस्करी

 13th September 2021 at 8:40 PM

अमृतसर पुलिस द्वारा नशा तस्करी के ग्लोबल नैटवर्क का पर्दाफाश

इस तस्करीमें शामिल बड़ी मछली को किया काबू
चंडीगड़//अमृतसर: 13 सितम्बर 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
बड़ी सफलता हासिल करते हुये पंजाब पुलिस ने आज नशा तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नैटवर्क का पर्दाफाश करके एक बड़ी मछली जिसकी पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी निवासी गाँव चविंडा कलां, अमृतसर के तौर पर हुई है, को हेरोइन की 40 किलो खेप की तस्करी में शामिल होने के दोष के तहत गिरफ्तार किया है। बताने योग्य है कि हेरोइन की यह खेप भारत-पाक सरहद से बरामद की गई थी।
डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी), पंजाब दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने हैप्पी, जिसको अमृतसर कमिशनरेट पुलिस द्वारा अमृतसर के गाँव छेहरटा से गिरफ्तार किया गया है, से 1 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है। इसके इलावा पुलिस द्वारा उसके सपलैंडर मोटरसाईकल को भी ज़ब्त कर लिया गया है।
ज़िक्रयोग्य है कि अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 21 अगस्त, 2021 को अमृतसर की पंजगराईयां बार्डर आऊटपोस्ट (बीओपी) के क्षेत्र में 40.81 किलो हेरोइन के 39 पैकेट बरामद करके नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया था।
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि अब तक की गई जांच हैप्पी के अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करों और गैंग्स्टरों के साथ गठजोड़ की तरफ इशारा करती है। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तान आधारित तस्करों और मलेशिया से काम कर रहे तस्कर जग्गा के साथ हैप्पी के संबंधों की गहराई से जांच की जा रही है।’’
पुलिस कमिशनर (सिप) अमृतसर विक्रम जीत दुग्गल ने कहा कि पुलिस द्वारा राज्य में चल रहे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सप्लाई नैटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए आगे जांच की जा रही है।
इस सम्बन्ध में अमृतसर के थाना छेहरटा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।  

Friday, August 06, 2021

डीजीपी दिनकर गुप्ता द्वारा मोबाइल ऐप की शुरुआत

 6th August 2021 at 9:22 PM

नौकरों और किरायेदारों की ऑनलाइन जांच के लिए होगी आसानी 

*डीजीपी द्वारा पुलिस कर्मियों को नाकों पर चैकिंग में तेज़ी लाने के निर्देश

*पुलिस थानों में ज़ब्त किये वाहनों के निपटारे के लिए रूल बुक जारी

*डीजीपीप द्वारा लुधियाना में की गई अपराध समीक्षा मीटिंग


लुधियाना
: 6 अगस्त 2021: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::

आज से मकान मालिकों को नौकरों और किरायेदारों की जांच के लिए सांझ केन्द्रों में जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना ने पूरे राज्य के लिए एक मोबाइल ऐप विकसित की है जिससे मकान मालिक /मालिक अपने मोबाइल को ईस्तेमाल करते हुए इस ऐप के द्वारा जांच के लिए रजिस्टर कर सकेंगे और फीस अदा कर सकेंगे। यह जानकारी आज यहाँ डीजीपी पंजाब पुलिस श्री दिनकर गुप्ता ने दी।

श्री गुप्ता जो पुलिस विकास प्रोजेक्टों की एक श्रृंखला का उद्घाटन करने के लिए शुक्रवार को लुधियाना में थे, ने राज्य में अपराध को कंट्रोल करने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों के हिस्से के तौर पर मकान मालिकों द्वारा नौकरों, किरायेदारों और कर्मचारियों की जल्द और समय पर सत्यापन करने के लिए एक मोबाइल प्लेटफार्म लांच किया।

इस विशेष ऐप्लीकेशन के चलते लोगों को सांझ केंद्र या पुलिस स्टेशन जाने की ज़रूरत नहीं होगी बल्कि वह अपने मोबाइल फोनों के प्रयोग से ही अपने घर से उनकी जांच करवा सकते हैं। डीजीपी ने लोगों को नौकरों का पुलिस सत्यापन करवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि नौकर कोई अपराध करके फ़रार हो जाता है तो ऐसी स्थिति में सत्यापन के दौरान पेश किये गए विवरण पुलिस को दोषी का पता लगाने में सहायता करेंगे।

इस संबंधी अधिक जानकारी देते हुए लुधियाना के पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने बताया कि ऐप को ख़ास तौर पर नौकरों द्वारा बढ़ रही चोरी की घटनाओं के मद्देनज़र विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि नेपाल के नौकरों के सत्यापन के लिए इस ऐप में कई विशेष सुविधाएं शामिल हैं।

कमिश्नर ने कहा कि इस ऐप के लिए मकान मालिकों को खुद के और नौकर दोनों के विवरणों समेत आवेदक के विवरण फोटो सहित और आई.डी सबूत, घरेलू सहायता के विवरण फोटो सहित, आई.डी प्रूफ़, रिहायश का सबूत और अन्य विवरण चाहे वह परिसर में रहते हैं या बाहर रहते हैं जमा करवाने होंगे। इसके अलावा घरेलू सहायता के पारिवारिक सदस्यों बारे जानकारी और घरेलू सहायता के कम-से-कम दो रेफरल की जानकारी भी बतानी होगी।

उन्होंने बताया कि विवरण भरने के बाद आवेदक को प्रामाणिकता के लिए एक ओ.टी.पी. प्राप्त होगा और जिसके बाद आवेदक पेमेंट पेज पर पहुँच जायेगा। उन्होंने बताया कि नौकरों की पुलिस वेरीफिकेशन की इस सेवा के लिए लोगों से 200 रुपए की बहुत ही मामूली फीस ली जायेगी। इसी तरह मालिक अपने कर्मचारियों के सत्यापन के लिए भी इस ऐप्लीकेशन का प्रयोग कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा की ‘पीपीसांझ ऐप’ को गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड किया जा सकता है।

इस मौके पर डीजीपी दिनकर गुप्ता ने लुधियाना कमिश्नरेट के पुलिस अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक भी की। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल ने उनको शहर के क्षेत्र में अपराध के तरीकों बारे अवगत करवाया। श्री अग्रवाल ने डीजीपी को अपराध को कंट्रोल करने के लिए पुलिस द्वारा किये जा रहे विभिन्न उपायों बारे भी बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अगले छह महीने पुलिस के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण हैं। डीजीपी ने सरहदी राज्य में शान्ति और सांप्रदायिक सदभावना भंग करने वाली देश विरोधी ताकतों की घिनौनी योजनाओं को रोकने के मद्देनज़र सभी अधिकारियों को चौकस रहने के लिए भी कहा।

उन्होंने पुलिस को 24 घंटे पुलिस नाके पर तैनात रहने और व्यक्तियों और वाहनों की चैकिंग में तेज़ी लाने के निर्देश दिए। डीजीपी ने अधिकारियों को यह भी कहा कि वह रिहायशी क्षेत्र में जाकर मानवीय ख़ुफ़िया जानकारी प्राप्त करें, स्रोतों को विकसित करें, थानों की मैपिंग करें और हिस्ट्री शीटरों, ज़ेल से बाहर अपराधियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों पर नज़र रखें।

इस दौरान सालों से पुलिस स्टेशनों में ज़ब्त किये वाहनों का निपटारा करने के लिए डीजीपी ने रूल बुक भी जारी की जो संबंधित सी.आर.पी.सी. और पंजाब पुलिस ऐक्ट का पालन करके ऐसे वाहनों के निपटारा करने में मार्गदर्शन करेगी। डी.जी.पी. ने बताया कि रूलबुक पी.पी.एस. अधिकारी गुरदेव सिंह द्वारा तैयार की गई है।