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Monday, April 06, 2020

Modi Magic: रौशनी से मिलते हैं उत्साह और हिम्मत

प्रधानमंत्री मोदी ने वही सब जुटाने का प्रयास किया 
नई दिल्ली: 5 अप्रैल 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लॉक डाउन ही इसका सबसे आवश्यक हल था और उसे लागू भी किया गया। इस कदम के साथ ही सामने आई एक और तस्वीर। हर रोज़ कमा कर खाने वाले गरीब लोगों की घबराहट। इनमें से बहुत से लोग अपने अपने गांव की तरफ चल पड़े। रास्ते की तकलीफों और भूख का सामना करते हुए लोग। खौफ, निराशा और घबराहट के इस दौर में जब आशा की किरणें धूमिल होती जा रही हैं। बहुत से लोग बिछड़ चुके हैं। बहुत से लोगों के परिवारों को कोरोना डस चुका है। निराशा के इस गहन अंधेरे में दीप जलाने का फैसला किसी चमत्कारी हिम्मत से कम नहीं। वह हिम्मत दिखाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। उन्होंने सभी अटकलों और सभी विरोधों  दरकिनार करते हुए सभी से दीप जलाने को कहा। रात्रि को पूरे 9 बजे केवल 9 मिनटों के लिए। इस 9 की अहमियत को वही लोग समझ सकते हैं जो ज्योतिष विज्ञान को समझते हैं-जानते हैं। अब लोगों ने इसके साथ आतिशबाज़ी भी चलाई और हुड़दंग भी किया लेकिन प्रधानमंत्री ने तो ऐसा कुछ भी नहीं कहा था। उन्होंने खुद भी बहुत ही गंभीरता और आस्था से दीप जलाये। महामारी कोरोना के खिलाफ देश की एकजुटता और वह भी पूरे उत्साह के साथ दिखाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं भी नई दिल्ली में दीप जलाए।  देश भर में एक संकल्प नज़र आया।  एक हिम्मत नज़र आई। काम छोटा हो या बड़ा हिम्मत और संकल्प के बिना वह हो ही नहीं सकता।  हिम्मत और एकजुटता के इस अभियान में जब प्रधानमंत्री खुद भी शामिल हुए तो उन पलों को पीआईबी के कैमरामैन ने अपने कैमरे में संजो लिया। उन पलों की इस तस्वीर को हम आपके साथ भी सांझा कर रहे हैं। 

Thursday, November 12, 2015

देशभर में उत्साह से मनायी गयी दीपावली

शहरी क्षेत्रों में नहीं दिखा काली दिवाली का असर 
नयी दिल्ली: 11 नवंबर 2015:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
प्रकाश पर्व दीपावली का त्यौहार आज पूरे देश में पारंपरिक श्रद्धा और पूरे हषरेल्लास के साथ जोरशोर से मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने पूजा अर्चना की और दीये जलाए तथा आतिशबाजी भी बढ़े पैमाने पर की।गर्म ख्याली सिख संगठनों की ओर से आयोजित सरबत्त खालसा की तरफ से जारी काली दिवाली के आदेश को पंजाब के अधिकतर शहरी क्षेत्रों में नकार दिया गया। दिवाली मनाने के मामले में सिख परिवार अधिक बढ़चढ़ कर आगे आये। गुरुद्वारों में पहले की तरह दीपमाला नहीं की गयी।  

दीपावली पर हमेशा की तरह बच्चों और नौजवानों में खासा उत्साह देखा गया। उन्होंने आतिशबाजी की। लोग अपने मित्रों एवं संबंधियों के घर गए और एक दूसरे को दीपावली की शुभकमानाएं दी। लोगों ने मिठाइयों का आदान-प्रदान भी किया। लोगों ने एसएमएस,सोशल मीडिया और वेबसाइट के जरिए दीपों के पर्व की बधाइयां देने का सिलसिला पूरी रात भर भी जारी रहा।



दीपावली का उत्साह नीचे से लेकर उच्च वर्ग तक बरकरार रहा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा कई अन्य प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को दीपावली की बधाई दी। मुखर्जी ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों से आज अपील की कि वे रोशनी के इस त्योहार को प्रदूषण मुक्त तरीके से मनाएं।



श्री मुखर्जी ने ट्वीट भी किया, ‘‘ यह त्योहार हमारे देश के सभी वर्गों के लोगों के लिए खुशियां और समृद्धि लेकर आए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं सभी भारतीयों से दीपावली का त्योहार प्रदूषण मुक्त तरीके से मनाने की अपील करता हूं।’’ प्रधानमंन्त्री मोदी ने भी लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दीपावली की खुशियां सैनिकों के साथ मनाई। इससे सैनिकों के मनोबल को मज़बूत बनाने का संदेश गया।  



आधुनिक तकनीक इस बार त्यौहार पर भी हावी रही। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से देशवासियों को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जतायी कि कि यह दीपावली उनके लिए समृद्धि और खुशियां लेकर आए। कुछ अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर अपने वीडियो संदेश बना कर भेजे। 

Thursday, October 09, 2014

इस बार आखिरी मार मारेगा चाईना का बना पटाखा

दशहरा के बाद दीपावली सर पर--लेकिन अभी तक नहीं हो सुरक्षा के मुक़्क़मल इंतज़ाम
लुधियाना:9 अक्टूबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
लुधियाना की पटाखा मार्कीट में अभी तक तेज़ी नहीं आ पायी। इस मार्किट के बहुत से व्यापारी लोग अभी तक आवश्यक प्रबंधों में जुटे हैं। साफ़ दिखाई देता है कि टैक्सों, खर्चों और शर्तों के जंजाल में बंधे ये लोग दिल के उत्साह से काम नहीं कर पा रहे। कहीं पर सुरक्षा के लिए रखी बाल्टियां खाली थीं  और कहीं पर रेत नहीं थी। हमने  इन सभी मुद्दों को लेकर बाज़ार के कुछ पुराने और प्रमुख व्यापारियों से बात भी की। 
जानेमाने पुराने व्यापारी अशोक थापर ने बताया कि टैक्स हर बार बढ़ जाते हैं लेकिन आमदनी हर बार कम होती जा रही है। बताया इस बार मार्कीट 50 फ़ीसदी डाऊन है। इस  बार 76 दुकानें अलाट हुई हैं। टैक्स इस बार भी बढ़ गया है क्यूंकि कुछ प्रमुख कंपनियां हर वर्ष दस प्रतिशत टैक्स बढ़ाती हैं। इंक्रोचमेंट के संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि  सब कुछ नियमों के अंतर्गत ही हो रहा है।  सो फुट का फासला रखना नियम है वह हम रख ही  रहे हैं।  उन्होंने कहा कि जो टैक्स हम सिवाकासी में माल की खरीद के समय ही अदा कर देते हैं वही टैक्स हमसे फिर यहाँ आकर लिया है। उन्होंने मांग की कि यहाँ के नियमित व्यापारियों को स्थाई दुकानें ही दे दी जानी चाहिएं। इसी तरह एक अन्य व्यापारी संजय सिंगला ने कहा कि यहाँ चाईना का कोई पटाखा बिक रहा। कहीं और बिकता हो तो मालूम नहीं। उन्होंने कहा कि चाईना का  पटाखा सस्ता  भले  हो है पर  प्रदूषण  हुआ। स्वास्थ्य लिए बेहद खतरनाक। यह पूछे जाने पर कि  जाने पर जनता को कितना नुकसान होगा--वह बोले  कोई नुक्सान नहीं होगा बल्कि फायदा ही होगा--डेंगू बिलकुल समाप्त हो जायेगा। एक और सवाल के जवाब में उन्होंने  कहा कि असल में मंदी का प्रभाव चाईना के कारण नहीं लगातार बढ़ रही महंगाई कारण है।
इस बार मार्किट में अभी तक किसी भी नेता या अभिनेता की तस्वीर का कोई पटाखा नहीं आया। इसी तरह कोई नयी किस्म की आइटम भी बाज़ार में नहीं दिखी। कोक, जम्बो और सुप्रीम जैसी पुरानी कम्पनियों का माल ही ज़्यादा दिखा।