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Sunday, March 01, 2020

क्रिकेटर सिनान कादर ने मुंबई में लॉन्च किया एक नया रेस्तरां

1st March 2020 at 10:03 PM
रेस्तरां/कैफे खोलने का मन काफी देर से था बस अब योजना सिरे चढ़ी 
मुंबई: 1 मार्च 2020: (मुज़म्मिल मुमताज़//पंजाब स्क्रीन):: 
मन कहीं ओर जाना चाहता है लेकिन ज़िंदगी कहीं और ले जाती है। शायद इसी का नाम है ज़िंदगी। ऐसा आम तौर पर हर किसी के साथ ही होता है। इस हकीकत के साथ ही एक सत्य और भी है कि जो चाहत हमारे मन में दबी रह जाती है वह समय समय पर हमें अपनी याद भी दिलाती रहती है। हमें उसके अस्तित्व का अहसास होता रहता है। एक प्रसिद्ध फिल्म में राजेश खन्ना अपने बॉस से कहता है की वह कोई ढाबा खोलना चाहता है। इस इच्छा को पूरा करने की चाहत से ही फिल्म तेज़ी से आगे बढ़ती है। रोज़ी रोटी का यह खेल फिल्मों में भी ज़िंदगी के बहुत से रंगों को दिखाता है और वास्तविक ज़िंदगी में भी। 
मैदान पर अपनी छाप छोड़ने के अलावा, क्रिकेटर सिनान कादर ने मैदान के बाहर भी अपनी पहचान बनाने का फैसला किया है। समझा जाता है कि इस संबंध में भी उनके मन में दबी किसी पुरानी चाहत ने ही काम किया और उन्होंने एक रेस्तरां, FOMO लॉन्च किया है।
इसमें खाने और पीने के विकल्पों की एक श्रृंखला होने के अलावा, इस जगह में एक मजेदार और ऊर्जावान खिंचाव है। खेल और फिल्म बिरादरी के कई लोग उदार अंदरूनी अनुभव करने और सिनान के नए उद्यम का समर्थन करने के लिए कम हो गए।
 मीडिया से बात करते हुए सिनान ने कहा,“क्रिकेट मेरा मुख्य पेशा है। मैं रणजी खिलाड़ी हूं और क्रिकेट मेरा सबसे बड़ा जुनून है। लेकिन मैंने इस रेस्तरां/कैफे को खोलने का फैसला किया, क्योंकि मैं कुछ नया करना चाहता था और मुझे खाना बहुत पसंद था। मैं वास्तव में यह देखने के लिए उत्साहित हूं कि यह कैसे होता है। मैं एक भोजनालय बनाना चाहता हूं जिसमें मज़ा, सुंदर और आरामदायक खिंचाव हो, और मुझे खुशी है कि मैं एक  छोटा सा रेस्टुरेंट बनाने में कामयाब रहा। आशा है जल्द ही यह आगे भी बढ़ेगा। 
लॉन्च में भाग लेने वाले विभिन्न मेहमानों में के एल राहुल, अथिया शेट्टी, रुक्शर ढिल्लन, आकांशा रंजन कपूर, गुरफतेह और महरीन पीरजादा, सोजराज पंचोली, श्रेयस अय्यर, अलाया एफ, अर्जुन कानूनगो, शेनाज ट्रेजरीवाला, अहान शामिल थे। पांडे, कार्ला, फराह करीमी, वर्तिका सिंह और शेफाली सूद जैसी बहुत से शख्सियतें शामिल हुईं। 

Saturday, November 03, 2018

जालंधर स्कूल के छात्र वर्ग ने कुंग-फु में दिखाए जौहर

मार्शल आर्ट को हर घर तक पहुंचने का संकल्प 
जालंधर:3 नवम्बर 2018:(राजपाल कौर//पंजाब स्क्रीन)::
जालंधर विदियक सोसायटी की ओर से चल रहे जालंधर स्कूल गदाईपुर के छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण  विकास के लिए किए जा रहे प्रयास बच्चों की सफलता में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। यह प्रयास बच्चों को ज़िंदगी की बुलंदियां छूने की ओर अग्रसर करने में भी सहायक सिद्ध हो रहे हैं। एक छोटे से गांव में रहने वाले साधारण से परिवारों के बच्चे खास कर लड़कियाँ मार्शल आर्ट के सभी खेलो को करने में सक्षम हो गई हैं। अब इन छात्र छात्रों ने स्टेट लेवल प्रतियोगिता तक पहुँच कर भी अपनी प्रतिभा दिखाई है। इन बच्चों ने  गोल्ड, सिल्वर और कांस्य पदक भी हासिल किए हैं। इनको कोचिंग देने और अभ्यास कराने में प्रवीण जी और मोहम्मद हैदर ने सक्रिय भूमिका निभाई है। इन कोच साहिबानों की मेहनत से जालंधर स्कूल गदाईपुर के दस बच्चों ने पदक और सर्टिफिकेट  हासिल किए हैं। इन परिणामों में लावण्या तीन फाइटों के मुकाबले के बाद प्रथम रही और स्वर्ण-पदक हासिल किया।  इसी तरह चुटुन ,हर्ष,नितेश ,चंदन और आदित्या ने सिल्वर पदक प्राप्त करके नाम रौशन किया। बरुन, भूमिका, आसिफ और अमन ने कांस्य पदक हासिल करके नई संभावनाओं का संकेत दिया। आज स्कूल में विजेता बच्चों को सारे स्टाफ की तरफ से बधाई दी गई और मुख्याध्यापिका राजपाल कौर ने बच्चों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ कर जीत हासिल करने की प्रेरणा दी। इस मौके पर मैडम मीनाक्षी, जसवीर कौर, संदीप कौर, सोनम, सेसा श्रेष्ठा, संगीता, मीना कुमारी, राधा, नीलम पाल और शिवानी हाजिर थी।   

Monday, August 01, 2016

लुधियाना में राज्य स्तरीय कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन

Mon, Aug 1, 2016 at 2:39 PM
आयोजन कराया बेलन ब्रिगेड व आशीहारा ने
लुधियाना:1अगस्त2016:(पंजाब-स्क्रीन-ब्यूरो)::
आशीहारा ने बेलन ब्रिगेड के सहयोग से लुधियाना में राज्य स्तरीय 2016 कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन  किया। जिसमे सारे पंजाब से चंडीगढ़, नवांशहर, अमृतसर, फगवाड़ा, जालंधर, होशियारपुर से सैंकड़ो लडक़े व लड़कियों ने भाग लिया। कराटें खेल का शुभारम्भ श्री अनिल भारद्वाज अध्यक्ष चार्टर्ड अकाउंट लुधियाना ने किया। अकालीदल के युवा नेता जसप्रीत सिंह काका माछीवाड़ा, नीलीवार व  बॉबी शर्मा  ने सभी आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। 
राज्य स्तरीय कराटे चैम्पियनशिप  कंपीटिशन 4 बजे समाप्त हुआ। जिसमे पंजाब से आये हुए सैंकड़ों खिलाडियों व कोचों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दलित विकास बोर्ड पंजाब सरकार के चैयरमेन, अश्विनी धीर ने विजय प्राप्त करने वाले सभी खिलाडियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 
इस अवसर पर बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि आज समय की जरूरत है कि सभी छात्राओं को कराटे प्रशिक्षण लेना चाहिए क्योंकि इस प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मबल  मिलता है और मानसिक तनाव दूर होता है।  इसलिए सभी बच्चो को कराटे प्रशिक्षण लेकर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। .उन्होंने कहा कि कराटे ही एक ऐसा खेल है जिसमे सेल्फ डिफेंस सिखाया जाता है और इन्सान अपनी हिफाजत सुरक्षा खुद कर सकता है। 
अंत में आशीहारा कराटे के नैशनल कोच पंकज साहनी, चैयरमेन विजय कुमार अग्निहोत्री, अध्यक्ष केवल चंद गर्ग, हरजीत कौर व मैडम लाम्बा ने आये हुए सभी खिलाडियों का धन्यवाद किया। 

Saturday, June 04, 2016

नहीं रहे जानेमाने बॉक्सर मोहम्मद अली

सांस की तकलीफ के बाद अस्पताल में हुआ निधन 
अमेरिका से एक बुरी खबर आई है। मुक्केबाज़ी की दुनिया में एक अलग सी ऊंचाई हासिल करने वाले जानेमाने मुक्केबाज मोहम्मद अली का शुक्रवार को निधन हो गया। वह फिनिक्स (एरिजोना) के एक अस्पताल में दाखिल थे। गुरुवार को उनको सांस की तकलीफ के कारण फिनिक्स क्षेत्र के एक हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इस समय मोहम्मद अली की उम्र 74 वर्ष थी। बॉक्सिंग के क्षेत्र में वह एक मिसाल बन कर रहे। उम्र के साथ साथ तनउर मन की समस्याएं जटिल होती जा रहीं थीं। 
उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। पिछली बार जब वह अस्पताल गए थे तब की तुलना में इस बार उनकी समस्या अधिक गंभीर थी। मोहम्मद अली सांस लेने में तकलीफ की समस्या से जूझ रहे थे जो पर्किन्सन की उनकी बीमारी के कारण अधिक जटिल हो गई थी। सन 1980 के दशक में उनकी इस बीमारी का पता चला था। उसके बाद उनकी स्थिति लगातार नाज़ुक होती चली गयी। इससे पहले उन्हें 2015 के शुरू में पेशाब संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। सन 1942 में जन्मे मुक्केबाज मोहम्मद अली एक युग बन कर छाये रहे। उनके जाने के बाद उनके चाहने वालों में शोक की लहर है।  

Saturday, December 13, 2014

जादुई सुधार का चमत्कार दिखाएगी साइक्लिंग

लोगों  के स्वास्थ्य और आर्थिकता में होगा एक बार फिर नया करिश्मा 
लुधियाना: 13 दिसंबर 2014: (रेक्टर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
कोई ज़माना था जब लोग साईकल चलाते थे और उम्र भर रिष्टपुष्ट रहते थे। न जवानी में सांस चढ़ता था और ही बुढ़ापे में घुटने दर्द करते थे। ऐसी बहुत सी खूबियों वाली साईक्लिंग में फिर से नया जोश जगाने का एक विशेष प्रयास हुआ पीएयू में। आइए आपको दिखाते हैं एक विशेष रिपोर्ट। 
आज लोगों ने जो देखा वे साईक्लिंग के चमत्कार हैं जो धीरे धीरे लुप्त हो चुके हैं। पहले इन चमत्कारों को पंजाब की सड़कों पर आम देखा जा सकता था। बच्चों से लेकर बज़ुर्गों तक हर कोई साइक्लि को अपनाये हुए था।  पंजाब में नशे ने अपना जोर बढ़ाया तो हैरोइन और स्मैक जैसे  नशे युवाओं के  गए।  स्मैक, मोबाईल  और मोटरसाईकल पंजाब के  युवाओं की पहली पसंद बन गए। इस तेज़ रफ्तारी और दिखावे के युग ने हमसे साईक्लि लिया और इसके साथ ही छिन  गया लोगों के उम्र भर स्वस्थ रहने का एक शानदार नुस्खा। रही सही कसर साईकल की कीमतों में हुए इज़ाफ़े पूरी कर दी। मोबाईल फोन और इस पर चलती गेमों ने साईकल को एक तरह से अवलुप्त ही कर दिया। अब साईकल बहुत कम दिखते हैं। इसके साथ ही युवाओं का वो जोश और स्वास्थ्य भी गायब हो गया जिसका लोहा साडी दुनिया मानती थी। वो गीत एक बार फिर सही साबित होने लगा---तंग पेंट पतली टांगें--लगती हैं सिगरेट जैसी। युवाओं की हालत बदतर से बदतर होती चली गयी। जिस उम्र में  चुनौतियों को ललकारना ज़माने को और बदलना होता है उस उम्र में युवा  अपना मुँह छुपाये नशे के दरिया में डूब गया।  उस इ नशे के इस नरक से  निकालने के प्रयासों में साईक्लिंग फिर एक उम्मीद बन कर सामने आई है। हमने इस संबंध में एक खिलाडी से भी बात की। 
इस संबंध में एक खिलाडी से बात की तो उसने साईक्लिंग की बहुत सी खूबियों के बारे में बताया। इन बातों का सार यही था कि साइक्लिंग अपनायो--नया स्वास्थ्य अपनायो। इसके साथ ही बचेगा रोज़ रोज़ छोटी छोटी दूरी के लिए होने वाला पैट्रोल//डीज़ल का खर्चा। जाने माने टीवी एंकर//फिल्म अदाकार और शिक्षा विशेषज्ञ कर्मदीप बिरदी हर रोज़ कई कई किलोमीटर साईक्लिंग करते हैं। स्कूटर/बाईक और कार होने के बावजूद वे साइक्लिंग करके हर रोज़ खुद की पसीने में डुबो देते हैं और यही है उनकी सदा बहार जवानी का राज़। दुनिया की परवाह किये बगैर वे अक्सर हर रोज़ खुलेआम साईक्लिंग करते हैं। 
साईक्लिंग के जादू को जगाने वाली इस पहल का उद्द्घाटन किया अकालीदल के वरिष्ठ नेता शरणजीत सिंह ढिल्लों ने।   उनकी इस पहल ने बहुत सी नई आशाएं भी जगाई हैं।उन्हीने कहा कि इस संबंध में कई और कदम भी उठाये जाएंगे। 
इसी तरह जिला परिषद के चेयरमैन भाग सिंह मल्ला भी इस ऐतिहासिक अवसर पर मौजूद थे। उन्होंने भी आश्वासन दिया कि इस मामले में नई कोशिशें होंगीं और साईकल फिर अपना चमत्कार दिखाएगी। 
अब देखना है कि साईकिल इंडस्ट्री सस्ते भाव पर साईकिल उपलब्ध कराकर इस नए अवसर का फायदा उठा पाती है या नहीं?

Monday, December 23, 2013

दुसरे गर्लज़ जूनियर हाकी टूरनामेंट का उद्घाटन

Sun, Dec 22, 2013 at 8:36 PM
शहीद उधम सिंह स्पोर्टस एंड वेल्फेयर सोसायटी की ओर से आयोजन 
स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने किया टूरनामेंट का उद्घाटन
पहले तीन मैचों में बटिंडा की टीम ने सोनीपत को 5-4, 
पटियाला की टीम ने दिल्ली को 2-1 और 
ग्वालियर की टीम ने जालंधर की टीम को 1-0 से दी शिकस्त
अमृतसर:22 दिसंबर 2013: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन): 
अमृतसर में शहीद उधम सिंह स्पोर्टस एंड वेल्फेयर सोसायटी की ओर से आज दूसरे शहीद उधम सिंह गलर्स जूनियर हाकी टूरनामेंट का आगाज किया गया। इस टूरनामेंट का उद्घाटन पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने किया। इस मौके पर पहुंचे पूर्व ओलंपियन और अर्जुन अवार्डी हाकी खिलाड़ी ब्रिगेडियर हरचरण सिंह बराड़ ने जहां आज भारतीय हाकी के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त की, वहीं उन्होंने कहा, कि चाहे एस्ट्रो ट्रफ हो या फिर ग्रास ग्राउंड जब तक हम अपने रिवायती तरीके से हाकी नहीं खेलेंगे, तब तक हाकी के स्तर को और ऊंचा नहीं किया जा सकता। आज पहले दिन हुए मुकाबलों में बटिंडा की टीम ने सोनीपत की टीम को करारी शिकस्त देते हुए पांच के मुकाबले चार गोल से, दूसरे मैच में पटियाला की टीम ने दिल्ली की टीम को 2 के मुकाबले एक गोल से और तीसरे मैच में ग्वालियर की टीम ने जालंधर की टीम को 1-0 से पराजित किया।  

  शहीद उधम सिंह स्पोर्टस एंड वेल्फेयर सोसायटी की ओर से आज दूसरे शहीद उधम सिंह गलर्स जूनियर हाकी टूरनामेंट का आगाज किया गया। यह टूरनामें 22 दिसंबर से 26 दिसंबर तक कराया जाएगा। इस टूरनामेंट का आज पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री अनिल जोशी ने रस्मी उद्घाटन किया। इस मौके पर केबिनेट मंत्री ने कहा कि हाकी हमारे देश का खेल है और कभी भारतीय हाकी टीम में 80 फीसदी खिलाड़ी पंजाब के हुआ करते थे। उन्होंने कहा, कि आज हाकी के उत्थान के लिए प्रयास करने की जरूरत है और वह खुश हैं, कि शहीद उधम सिंह सोसायटी जैसे संगठन हाकी को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया, कि पंजाब सरकार जहां कबड्डी के विस्तार के लिए प्रयास कर रही है, वहीं सौ करोड़ रुपये से हाकी के लिए एस्ट्रो ट्रफ और स्टेडियम बनाने में भी जुटी हुई है। ताकि हाकी के पुराने रुतबे को फिर से हासिल किया जा सके।
इस मौके पर पहुंचे पूर्व ओलंपियन और अर्जुन अवार्डी ब्रिगेडियर हरचरण सिंह ने कहा, कि आज हाकी के उत्थान के लिए काफी प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने बताया, कि जब से एस्ट्रो ट्रफ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देकर वहां मैच कराने शुरू किए गए हैं, तब से हमारी टीम ने यूरोपिय गेम के अनुसार खेलना शुरू कर दिया है। जबकि पहले भारतीय हाकी टीम अपने रिवायती अंदाज में जुझारू रूप से हाकी खेला करती थी और गोरों की टीमों को धूल चटाया करती थी। उन्होंने कहा, कि हमारे खिलाड़ियों को यह समझना चाहिए, कि हाकी सिर्फ हाकी है, फिर चाहे वह एस्ट्रो ट्रफ पर खेली जाए या घास के मैदान पर। इसलिए भारतीय टीम को अपने रिवायती अंदाज में खेलते हुए अपने रुतबे को हासिल करना होगा। वहीं, इस टूरनामेंट के आयोजक मनमिंदर सिंह ने बताया, कि हाकी के उत्थान और शहीद उधम सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए यह टूरनामेंट आयोजित कराया गया है। उन्होंने बताया, कि इस टूरनामेंट में सोनीपत, दिल्ली, पटियाला, बटिंडा, जालंधर, ग्वालियर, चंडीगढ़ और अमृतसर की टीमें हिस्सा ले रही हैं। इस मौके पर आस्ट्रेलिया निवासी एनआरआई गगन शर्मा ने टूरनामेंट में पहले स्थान पर आने वाली टीम को अपने पिता श्री राम लुभाया के नाम पर 31 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की।

Monday, September 09, 2013

ओलम्पिक्स-2020 में कुश्ती शामिल

09-सितम्बर-2013 12:50 IST
अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति के फैसले का स्वागत
Courtesy Photo
केंद्रीय खेल और युवा कार्य राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जितेन्द्र सिंह ने 2020 के ओलम्पिक खेलों में कुश्ती को शामिल करने के अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त की है। 8 सितंबर 2013 को ब्यूनस आयरस, अर्जेंटीना में समिति के 125वें अधिवेशन में ओलम्पिक्स-2020 में अन्य 25 प्रमुख खेलों के साथ कुश्ती को शामिल करने का फैसला लिया गया। कुश्ती, स्कवॉश और बेसबॉल/सॉफ्टबॉल को ओलम्पिक्स-2020 में अतिरिक्त खेल के रूप में शामिल करने के बारे में विवाद बना हुआ था। कुश्ती को शामिल करने का फैसला मतदान के जरिए हुआ। 

12 फरवरी, 2013 को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की बैठक ने सिफारिश की थी कि कुश्ती को 2020 के ओलम्पिक्स में प्रमुख खेलों की सूची में शामिल न किया जाए। इसका संचालन कुश्ती एसोसिएशनों की अंतर्राष्ट्रीय फेडरेशन द्वारा किया जाता है। 20 मई, 2013 को रूस में सेंट पीटर्सबर्ग में हुई बोर्ड की बैठक में सिफारिश की गई कि कुश्ती, स्कवॉश और बेसबॉल/सॉफ्टबॉल को ओलम्पिक्स-2020 में अतिरिक्त खेल के रूप में शामिल करने के बारे में आईओसी के 125वें अधिवेशन में विचार किया जाए। 

12 फरवरी, 2013 को आईओसी के कार्यकारी बोर्ड द्वारा कुश्ती को प्रमुख खेलों की सूची से बाहर रखने के फैसले से धक्का लगा था। युवा कार्य और खेल मंत्रालय ने आईओसी और उन देशों के साथ, जहां कुश्ती लोकप्रिय है, इस मामले को उठाया, ताकि कुश्ती को ओलम्पिक खेलों में शामिल रखा जा सके। 

श्री जितेन्द्र सिंह ने आईओसी के अध्यक्ष श्री जैक्स रॉग को पत्र लिखकर उनसे बोर्ड के फैसले पर फिर से विचार करने का अनुरोध किया। श्री जितेन्द्र सिंह ने अन्य देशों के खेल मंत्रियों को भी पत्र लिखा, जहां कुश्ती लोकप्रिय है और उनके पहलवानों ने लंदन ओलम्पिक्स-2012 में भाग लिया था। खेल सचिव ने भी विदेश सचिव को लिखा था कि विदेश मंत्रालय 70 देशों में हमारे राजदूतों और उच्चायुक्तों से कहे कि वे उन देशों के खेल मंत्रियों से इस मामले को आईओसी के सामने उठाऩे को कहें। 2 सितंबर, 2013 को मंत्रालय ने आईओसी के सभी सदस्यों से अनुरोध किया था कि वे कुश्ती को ओलम्पिक खेलों की प्रमुख सूची में शामिल रखने के बारे में फैसला लें। 

इन सब प्रयासों का सुखद परिणाम निकला। कुश्ती 1886 में एथेंस में शुरू हुए आधुनिक ओलम्पिक खेलों में शामिल थी और उसके बाद भी रही है। प्राचीन ओलम्पिक्स में भी कुश्ती खेलों का हिस्सा थी। आज के समय में भी कुश्ती लोकप्रिय है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लंदन ओलम्पिक्स-2012 में 71 देशों ने कुश्ती स्पर्धाओं में भाग लिया था। (PIB)
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वि. कासोटिया/राजगोपाल/शदीद-6070                
ओलम्पिक्स-2020 में कुश्ती शामिल

Monday, August 26, 2013

भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा अपने संविधान में संशोधन

26-अगस्त-2013 15:17 IST
भारत सरकार ने किया संशोधन करने के फैसले का स्‍वागत
1. भारत सरकार ने रविवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की जनरल बॉ‍डी की बैठक आयोजित होने और उसके द्वारा अपने संविधान को खेल संहि‍ता कि अनुरूप बनाने के लिए उसमें संशो‍धन करने पर सहमत होने का फैसला लिए जाने का स्‍वागत किया। भारत सरकार को इस बात की भी खुशी है कि अंतर्राष्‍ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के पर्यवेक्षकों ने इस बैठक में हिस्‍सा लिया। 

2. हालांकि संशोधन अब तक आधिकारिक तौर पर सरकार को उपलब्‍ध नहीं कराये गये हैं, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय समझता है कि खेल संहि‍ता द्वारा निर्धारित आयु एवं कार्यकाल संबंधी प्रतिबंध मोटे तौर पर इसमें अपनाये गये हैं। भारत सरकार ने इस घटनाक्रम का स्‍वागत किया है और वह इसे सही दिशा में उठा कदम मानती है। 

3. युवा मामले एवं खेल राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री जितेन्‍द्र सिंह और खेल सचिव श्री पी. के. देव ने आईओसी के पर्यवेक्षकों श्री फ्रांसियो, एलिजायद, श्री जिरोम पोवे और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के श्री हैदर ए. फरमान से मुलाकात की और उनसे यह सुनिश्चित करने की जरूरत पर बल दिया कि भारतीय ओलंपिक संघ में नैतिकता के उच्‍च मापदंड बरकरार रहे। सरकार ने स्‍पष्‍ट शब्‍दों में इस बात पर जोर दिया कि आपराधिक और भ्रष्‍टाचार के आरोपों का सामना कर रहे व्‍यक्ति को आईओए के चुनाव में हिस्‍सा लेने की इजाजत न दी जाए। भारत सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय खिलाडि़यों को राष्‍ट्रीय ध्‍वज के तले अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍पर्धाओं में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए और अगर आईओसी तथा आईओए का विवाद जल्‍द न सुलझे, तो इस उद्देश्‍य के लिए वैकल्पिक सक्षम तंत्रों पर विचार किया जाए। 

4.भारत सरकार ने इस बात का भरसक प्रयास किया कि आईओसी और एनएसएफ के मतभेद दूर हो जाएं। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त की कि इस बैठक का समापन ओलंपिक दायरे में भारत की वापसी से होगा।(PIB) भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा अपने संविधान में संशोधन 
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वि.कासोटिया/इ.अहमद/रीता/मधुप्रभा- 5812

Friday, February 24, 2012

''ग्लिमसेज ऑफ इंडियन वुमन हॉकी''

अजय माकन ने किया महिला हॉकी के बारे में पुस्‍तक का विमोचन
युवा मामले और खेल मंत्री श्री अजय माकन ने कल एक सादे समारोह में हॉकी पर एक पुस्‍तक ''ग्लिमसेज ऑफ इंडियन वुमन हॉकी'' का विमोचन किया। पुस्‍तक हॉकी के जानकार श्री के. अरूमुगम ने लिखी है। 

लेखक को बधाई देते हुए श्री माकन ने कहा कि महिला हॉकी के बारे में भारत में काफी कम पुस्‍तकें लिखी गई हैं, ऐसे में उनका कार्य सराहनीय है। खेल मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय हॉकी को श्री अरूमुगम जैसे कुछ और लोगों की जरूरत है, जो अपने उत्‍साह से हॉकी को आगे बढ़ाएं।

श्री माकन ने कहा कि उनका मंत्रालय मेजर ध्‍यानचंद स्‍टेडियम में हॉकी ''उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र'' स्‍थापित करने की प्रक्रिया में है। उन्‍होंने प्रस्‍तावित केन्‍द्र के बारे में अंतर्राष्‍ट्रीय हॉकी फेडरेशन के अध्‍यक्ष श्री लीन्‍द्रो नेगरे के साथ बातचीत की है। उन्‍होंने महिला और पुरूष दोनों ही हॉकी टीमों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं, जो इस समय ओलंपिक क्‍वालीफाइंग मैचों में भाग ले रही हैं।

पुस्‍तक के लेखक श्री अरूमुगम ने कहा कि इस पुस्‍तक में भारतीय महिला हॉकी के इतिहास और 200 से ज्‍यादा खिलाडियों के बारे में विस्‍तृत जानकारी है। पुस्‍तक में कुछ दुर्लभ तस्‍वीरें भी हैं। उन्‍होंने बताया कि इसमें कुछ ऐसे आंकड़े दिये गए हैं, जो अब तक उपलब्‍ध नहीं हैं। [पीआईबी]    24-फरवरी-2012 12:42 IST ******