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Friday, October 09, 2020

GCG लुधियाना में लगाया गया विशेष कोविड-19 स्वास्थ्य कैंप

Friday: 9th October 2020 at 3:23 PM

 डाक्टर सीमा कौशल ने बताये बचाव के बहुत भी महत्वपूर्ण गुर 


लुधियाना
: 9 अक्टूबर 2020: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन)::

कोरोना की मार को रोकने में पंजाब सरकार लगातार सक्रिय है। मिशन फ़तिह के अंतर्गत इस मकसद के लिया हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत पंजाब स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों की एक विशेष टीम ने लुधियाना स्थित लड़कियों के राजकीय कालेज में एक कैंप का  आयोजन आयोजन किया। इस कैंप के दौरान कोविड-19 के निशुल्क टैस्ट करवाए गए तांकि इसे रोकने में सभी आवश्यक कदम उठाये जा सकें। गौरतलब है की ऐसे कदम उठा कर ही रिकवरी दर को बढ़ाया जा सकता है और मृत्यु डर को कम किया जा सकता है। इसी मकसद के लिए जागरूकता अभियान भी चलाये जा रहे हैं। समाजिक और शिक्षण संस्थान भी काम में सहयोग दे रहे हैं। यू सी एच सी जवद्दी की मेडिकल अफसर डाक्टर सीमा कौशल ने कालेज के स्टाफ  छात्राओं को कोरोना से बचाव के लिए सभी सावधानियां और अन्य बातें बतायीं। रोग प्रतिरोधक शक्ति को मज़बूत रखने के लिए क्या क्या खाना पीना है इस बात के भी गुर बतलाये। डाक्टर मैडम ने बताया कि इन नियमों और सावधानियों का पालन करके ही हम कोरोना पर मुकम्मल विजय प्राप्त कर सकेंगे। स्वास्थ्य की रक्षा, स्वास्थ्यवर्द्धक खानपान और आवश्यक व्यायाम इस मामले में बहुत ही आवश्यक है। कार्यवाहक प्रिंसिपल डाक्टर गुरप्रीत कौर और स्टूडेंट्स काउन्सिल की इंचार्ज डाक्टर सुखविंदर कौर की देखरेख में लगाए गए इस स्वास्थ्य कैंप का फायदा कालेज की बहुत सी छात्राओं ने उठाया। इस तरह के स्वास्थ्य कैंपों का आयोजन तेज़ी से किया जा रहा है तांकि सभी क्षेत्रों के लोगों को इसका फायदा पहुंच सके। 

Friday, March 20, 2020

निर्भया को इंसाफ मिला--और बहुत बाकी हैं अभी

Friday: 20th March 2020 at 6:45 AM 
उन्नाव जैसे मामलों में भी इंसाफ की आशा जगी 
नयी दिल्ली: 20 मार्च 2020: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::   
दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 रात को याद करते ही आज भी सिहरन सी दौड़ जाती है। दरिंदगी की इंतहा थी। एक लड़की के साथ उस दिन जो हुआ उसे देख कर शक होने लगा था कि क्या सचमुच यह देश धर्मकर्म का ही देश है? सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई उस लड़की की वास्तविक शनाख्त को छुपाते हुए उसे निर्भया का नाम दिया गया था। 
निर्भया फिजियोथैरेपी की छात्रा थी और उसकी उम्र केवल 23 वर्ष थी। निर्भया के साथ हुए सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के मामले के चारों दोषियों को शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई। इसके साथ ही देश को झकझोर देने वाले, यौन उत्पीड़न के इस भयानक अध्याय का अंत हो गया। इस फांसी के साथ ही उम्मीद जगी है की सत्ता और सियासत के बल पर मनमानियां करने वालों का भी यही अंजाम होगा। उन्नाव मामले में भी जल्द इंसाफ हो इसकी आशा अब और बढ़ गयी है। 
आज सुबह सुबह 5:30 बजे 32 वर्षीय मुकेश सिंह, 25 वर्षों की उम्र के पवन गुप्ता, 26 बरस के विनय शर्मा और 31 वर्षीय अक्षय कुमार सिंह को फांसी के फंदे पर लटकाया गया। फांसी से पहले वे बहुत राई, गिड़गिड़ाए लेकिन इंसाफ हो कर रहा। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि डॉक्टरों ने शवों की जांच की और चारों को मृत घोषित कर दिया। खबर की पुष्टि होते ही तिहाड़ जेल के बाहर खड़े लोगों ने मिठाईयां बांटीं।  
जेल अधिकारियों ने बताया कि चारों दोषियों के शव करीब आधे घंटे तक फंदे पर झूलते रहे जो जेल नियमावली के अनुसार फांसी के बाद की अनिवार्य प्रक्रिया है।
गौरतलब है कि दक्षिण एशिया के सबसे बड़े जेल परिसर तिहाड़ जेल में पहली बार चार दोषियों को एक साथ फांसी दी गई। इस जेल में 16,000 से अधिक कैदी हैं। चार दोषियों को एक साथ फांसी दिए जाने से इस जेल के साथ एक नया रेकार्ड जुड़ा है।  
चारों दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और बृहस्पतिवार की पूरी रात तक इस मामले की सुनवाई चली। इस बार उनकी कोई भी तिकड़म काम नहीं आई। 
उल्लेखनीय है कि सामूहिक बलात्कार एवं हत्या के इस मामले के इन दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद तीन बार सजा की तामील के लिए तारीखें तय हुईं लेकिन हर बार फांसी टलती गई। यहां तक कि बात मज़ाक बन गयी। न्याय में देरी को लेकर बहुत से जन संगठन भी बहुत कुछ बोलने लगे। अंतत: आज सुबह चारों दोषियों को फांसी दे दी गई। सात वर्ष से भी अधिक समय के बाद मिला निर्भया को इंसाफ। 
आखिरी पैंतरा चलते हुए एक दोषी ने दिल्ली उच्च न्यायालय और फांसी से कुछ घंटे पहले उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। वहां भी उसे नाकामी ही मिली। इसी तरह फांसी से कुछ घंटों पहले पवन कुमार गुप्ता ने राष्ट्रपति द्वारा दूसरी दया याचिका खारिज किए जाने को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया। उसकी भी दाल नहीं गली। दोषियों को भी न्याय का पूरा मौका देते हुए अभूतपूर्व रूप से देर रात ढाई बजे सुनवाई शुरू हुई और एक घंटे तक चली। इस सुनवाई के बाद उच्चतम न्यायालय की एक पीठ ने उसकी याचिका खारिज करते हुए फांसी का रास्ता साफ कर दिया। हर तिकड़म नाकाम रही। 
न्यायालय ने गुप्ता और अक्षय सिंह को फांसी से पहले अपने परिवार के सदस्यों से मुलाकात करने की अनुमति देने पर भी कोई आदेश देने से इनकार कर दिया।सात साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अपनी बेटी को आखिरकार न्याय मिलने से राहत महसूस कर रहे निर्भया के माता-पिता ने कहा कि वे भारत की बेटियों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उलेखनीय है की अब इस दिशा में बेटियों को न्याय दिलाना उनकी ज़िंदगी का मिशन बन चुका है। इस तरह के मामलों में सहायक बन पाना ही उनका मकसद होता है। इस फांसी से उनको और भी भावुक और नैतिक बल मिला है। 
निर्भया की मां आशा देवी ने फांसी के बाद पत्रकारों से कहा कि हमें आखिरकार न्याय मिला। हम भारत की बेटियों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। न्याय में देरी हुई लेकिन न्याय मिला। अब अन्य बेटियों को समय पर न्याय मिले इसका प्रयास जारी रखा जायेगा। सर्कार ने भी इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने की आश्वासन दिया है। 
हालांकि आशा देवी ने कहा कि दोषियों की फांसी के बाद अब महिलाएं निश्चित तौर पर सुरक्षित महसूस करेंगी और पूरा देश इस खबर के लिए जाग भी रहा था और न्याय का इंतजार कर रहा था। आशा देवी की इस आशा और भावना के बावजूद वास्तविकता अभी भी पूरी नहीं बदली। हर महिला और हर लड़की को हर पल सुनिश्चित सुरक्षा का अहसास अभी भी दूर की बात ही लगती है। कठुआ और उन्नाव जैसे मामले अभी भी बाकी हैं। बहुत से मामलों में इंसाफ अभी बाकी है। 
आज सुबह सुबह तिहाड़ जेल के बाहर का नज़ारा देखने वाला था। तिहाड़ जेल के बाहर शुक्रवार सुबह सुबह तड़के तड़के ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। उनके हाथों में राष्ट्रध्वज था और वे ‘अमर रहो निर्भया ’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगा रहे थे। जैसे ही फांसी हुई तो उनमें खुशी की लहर दौड़ पड़ी। उनमें से कुछ ने फांसी के बाद मिठाइयां बांटी। उनके चेहरों पर उम्मीदों की एक नै चमक थी। कानून और जुडिशरी को सलाम की मुद्रा में उठे से लगते थे यह लोग। 
एक और खास बात यह कि जेल के बाहर एकत्रित लोगों में सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी थीं। उन्होंने एक पोस्टर ले रखा था जिस पर लिखा था निर्भया को न्याय मिला। अन्य बेटियों को अब भी इंतजार है। यह बहुत गहरी बात थी जो दूर के अर्थ भी बता रही थी। उन्होंने कहा कि आखिरकार न्याय मिला। यह कानून व्यवस्था की जीत है। 
इसी तरह जानेमाने इलाके द्वारका में महिलाओं के कल्याण के लिए सतचित फाउंडेशन नामक एक एनजीओ चलाने वाली अर्चना कुमारी ने कहा  कि  मैंने निर्भया के अभिभावकों का दर्द देखा है। उम्मीद है कि दोषियों को फांसी से बलात्कार और यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर लगाम लगेगी। इससे  करने वाले लोगों के मन में भय की भावना पैदा होगी। इसी भावना को पैदा करना भी एक मकसद था फांसी की सज़ा का।  
हर क्षेत्र के लोगों ने इस मामले में अपनी रुचि दिखाई। पश्चिमी दिल्ली की निवासी सना ने कहा कि हमारे समाज में इस फांसी के बाद कुछ नहीं बदलेगा लेकिन हम खुश हैं कि चारों दोषियों को फांसी दी गई और निर्भया को न्याय मिला। निश्चय ही ऐसी सोच वाले लोगों की तसल्ली के लिए अभी कानून को और त्वरित, निष्पक्ष और सख्त होना होगा। 
ज़रा याद कीजिये उस रात को। चलती बस में निर्भया के साथ छह व्यक्तियों ने सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसे बुरी तरह पीटा, घायल कर दिया और सर्दी की रात में चलती बस से नीचे सड़क पर फेंक दिया था। दरिंदगी और अमानवता की हद थी यह। भूलने के इस युग में भी बहुत से लोग नहीं भूलेंगे कि 16 दिसंबर 2012 को हुई इस घटना ने पूरे देश की आत्मा को झकझोर दिया था और निर्भया के लिए न्याय की मांग करते हुए लोग सड़कों पर उतर आए थे। जगह जगह मोमबत्तियां और रोष प्रदर्शन हुए थे। 
इसी बीच करीब एक पखवाड़े तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद अंतत: सिंगापुर के अस्पताल में निर्भया ने दम तोड़ दिया था। उसे नहीं बचाया जा सका। ज़िंदगी और मौत की जंग में उसकी सांसों की माला टूट गयी। उसकी मौत से यह गम और गुस्सा एक बार फिर भड़क उठा। तब से ही दोषियों को सज़ा ी मांग ज़ोर पकड़ गई थी। इस मामले में मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह सहित छह व्यक्ति आरोपी बनाए गए। इनमें से एक नाबालिग था। इसी मामले के एक आरोपी राम सिंह ने सुनवाई शुरू होने के बाद तिहाड़ जेल में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। नाबालिग को सुनवाई के बाद दोषी ठहराया गया और उसे सुधार गृह भेज दिया गया। तीन साल तक सुधाार गृह में रहने के बाद उसे 2015 में रिहा कर दिया गया। वह अब सुधरी हुई ज़िंदगी जी रहा है। उसका ठिकाना दक्षिण भारत में कहीं है। उसकी पहचान को कई कारणों से गुप्त रखा गया है। उसे छोड़ना कानून की दया के पहलू को भी दर्शाता है। 
बाकी बचे दोषियों को सज़ा देने के लिए इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई चली और यह निचली अदालतों से होकर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तथा राष्ट्रपति के पास पहुंचा। एक के बाद एक तिकड़म चली गई। कानून के पेचों का फायदा उठाया गया। अदालत ने इस आधार पर तीन बार मौत का वारंट रोका कि दोषियों ने अपने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया था और एक के बाद एक ने राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजी। लेकिन एक दिन सभी तिकड़में खत्म हो गईं। हर चाल नाकाम हुई। इन्साफ जीत गया। 
पांच मार्च को एक निचली अदालत ने मौत का नया वारंट जारी किया जिसमें फांसी की अंतिम तारीख 20 मार्च को सुबह साढ़े पांच बजे तय की गई। उसी के चलते आज सुबह सुबह इन चरों को फांसी पर लटका दिया गया। 

Thursday, August 22, 2019

GCG में विश्व मच्छर दिवस के बहाने से की स्वाथ्य चर्चा

Aug 22, 2019, 2:31 PM
मच्छरों की किस्मों के साथ साथ बीमारियां भी बतायीं
लुधियाना: 22 अगस्त 2019: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
लुधियाना में लड़कियों के राजकीय कालेज की छात्राओं ने आज फिर एक नयी चेतना जागरूक करने का प्रयास किया। आज कालेज के जुयोलॉजी विभाग ने विश्व मास्कीटो दिवस को  अंदाज़ में मनाया। उन्होंने पोस्टर बनाये और इन मच्छरों से होने वाली बिमारियों की चर्चा भी की। कालेज की प्रिंसिपल डा. मंजू साहनी के नेतृत्व में इन छात्राओं ने इस दिन को यादगारी अंदाज़ में मनाया। इस सारे आयोजन में बी इस सी भाग तीसरा मेडिकल की छात्राओं ने बहुत ही आकर्षक पोस्टर बनाये। इन पोस्टरों में जहाँ मच्छरों की किस्मों का उल्लेख था वहीँ इन मच्छरों से होने वाली बिमारियों की जानकारी ही दी गयी थी।  साथ ही इन बिमारियों से बचने के कारगर उपाय भी बताये गए थे।  प्रिंसिपल डा. मंजू साहनी ने साईंस सोसायटी के इस सारे प्रयास की बहुत ही प्रशंसा की। कालेज की वाईस प्रिंसिपल मैडम वरिंदरजीत कौर और इस जागरूकता अभियान की इंचार्ज डा. माधवी वशिष्ठ भी सक्रिय रहीं। मैडम किरपाल कौर, सुश्री किरण गुप्ता और श्री पलविंदर शर्मा भी बहुत उत्साहित करते रहे। कुल मिला कर यह एक यादगारी और लाभप्रद आयोजन रहा।
गौरतलब है कि विश्व मच्छर दिवस प्रतिवर्ष 20 अगस्त को मनाया जाता है। यह दिवस ब्रिटिश चिकित्सक, सर रोनाल्ड रॉस की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने वर्ष 1897 में यह खोज की थी, कि ‘मनुष्य में मलेरिया के संचरण के लिए मादा मच्छर उत्तरदायी है’। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन और ट्रॉपिकल मेडिसिन ने विश्व मच्छर दिवस मनाने की शुरूआत वर्ष 1930 में की थी।इस दिवस के बहाने से मच्छरों से सावधान रहने की जानकारी का आदान प्रदान हो जाता है। इस सारे प्रयास से स्वास्थ्य रक्षा में उल्लेखनीय सहायता मिलती है। 
यहाँ भूलना न होगा कि मच्छर मामूली जीव नहीं हैं। यह विश्व के सबसे प्राणघाती कीटों में से एक हैं। इसमें मनुष्यों के भीतर रोग प्रसारित और रोग संचारित करने की अदभुत क्षमता है, जिसके कारण विश्व में प्रतिवर्ष लाखों लोगों की मृत्यु तक भी हो जाती है। यह बताना भी आवश्यक है कि मच्छर कई प्रकार के होते हैं, जो कि कई प्रकार के रोगों के संवाहक हो सकते हैं। निम्नलिखित रोगों के लिए एडीज, एनोफेल्स, क्यूलेक्स मच्छर (जीवित जीव, जो कि मनुष्यों या कीटों से मनुष्यों के बीच संक्रामक रोग प्रसारित कर सकते हैं) माध्यम के रूप में कार्य करते है। मच्छरों के काटने से बीमारियां बेहद गंभीर और खतरनाक होती हैं। 
एडीज से जो खतरनाक बीमारियां होती हैं उनमें हैं चिकनगुनिया, डेंगू बुख़ार, लिम्फेटिक फाइलेरिया, रिफ्ट वैली बुखार, पीला बुखार (पीत ज्वर), ज़ीका।
इसी तरह एनोफेलीज़ से मलेरिया, लिम्फेटिक फाइलेरिया (अफ्रीका में)। बहुत फैलती हैं। 
क्यूलेक्स से जापानी इन्सेफेलाइटिस, लिम्फेटिक फाइलेरिया, वेस्ट नाइल फ़ीवर हो जाता है जो बेहद खतरनाक भी होता है और पीड़ादायक भी। कालेज के पोस्टरों  जानकारी सचमुच बहुत ज्ञानवर्द्धक थी। 

Saturday, August 03, 2019

जैन गर्ल्ज़ स्कूल लुधियाना में हर्षोउल्लास से मनायी गई तीज

छात्राओं ने दिखाया रंगारंग कार्यक्रम का कमाल 
लुधियाना: 3 अगस्त, 2019: (कार्तिका सिंह// पंजाब स्क्रीन):: 
हिंदी की एक हिट फिल्म 'मिलन' का एक बहुचर्चित गीत है:--
सावन का महीना, पवन करे सोर। 
जियरा रे झूमे रे ऐसे, जैसे बनमा नाचे मोर।
एक ऐसा महीना जिसमे प्रकृति के साथ-साथ मन भी झूम उठता हैं। नई कोपलों के साथ मानवीय शरीर में भी नयी तरंगे उठती हैं। सावन  में जो साध लो जीवन भर के लिए सध जाता हैं।  और जब सावन की बात हो और तीज की चर्चा न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। कहने को तो मनुष्य जाती ऐसे स्त्रियों का त्यौहार कहती है, परन्तु कोई भी जीव तीज के रंग में रंगने से खुद को रोक नहीं सकता।  ऐसा ही एक रंग चढ़ा जैन स्कूल की छात्राओं और अधियापको पर। स्कूल में +2 की छात्राओं द्वारा तीज के उपलक्ष्य में एक रंगारंग कार्यक्रम पेश किया गया। इसमें +2 की 43 छात्राओं ने 'ट्रेडिशनल ड्रेस कम्पीटीशन' में भाग लिया। मिस तीज का खिताब 'मुस्कान वर्मा' को दिया गया।  इस कार्यकर्म में छात्राओं ने गिद्दा, भंगड़ा और पंजाबी लोक-गीतों के द्वारा पंजाबी सभ्याचार की प्रस्तुति दी। 
इस अवसर पर स्कूल की मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन श्री सुखदेव राज जैन, प्रधान श्री नंद कुमार जैन, सेक्रेटरी श्री राजीव जैन, मैनेजर श्री अरविन्द कुमार जैन और स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती मीना गुप्ता जी मौजूद थे, जिन्होंने बच्चों को तीज की महत्ता बताते हुए उन्हें तीज की बहुत-बहुत बधाई दी। 

Saturday, July 27, 2019

जैन गर्ल्ज़ स्कूल की छात्राओं ने दिखाया कला में अपना कमाल

Jul 27, 2019, 1:48 PM
आर्टस एंड क्राफ्ट्स में नज़र आई आसमान छूती प्रतिभा की उड़ान 
लुधियाना: 27 जुलाई, 2019: (कार्तिका सिंह//पंजाब स्क्रीन):: 
किसी भी बच्चे का असली विकास सिर्फ किताबों को रटने से नहीं बल्कि खेल-कूद के साथ साथ अन्य रचनात्मक गतिविधियों से भी होता हैं परन्तु आज की भागदौड़ में वो बचपन जो कभी  पेड़ पर चढ़ने या लुका-छुपी खेलने में हुआ करता था वह कहीं खो गया है। आज के दौर के बच्चे पढ़ाई का ज्ञान हासिल करने के लिए नहीं बल्कि परीक्षा में अवल्ल आने के करते है। उनके कैरियर को इसी कसौटी पर परखा जाता है जो की पुर्णत्या गलत भी है।  उनकी प्रतिभा उनके परीक्षा के अंकों से आँकीं जाती हैं।  ऐसे में कुछ बच्चे जो परीक्षा के इलावा किसी और क्षेत्र में अवल्ल आ सकते हैं, हमेशा के लिए टूट जाते हैं। लेकिन कुछ संस्थाए बच्चों के चहुंओर विकास को ध्यान में रखते हुए उनकी प्रतिभा को निखारने का प्रयास करती हैं।  इन्ही में से एक है जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल। लड़कियों की शिक्षा में अग्रणीय इस स्कूल ने बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को निखारने के लिए 'आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स' का आयोजन किया। इसमें प्रत्येक कक्षा के अलग-अलग बच्चो ने अपनी काबिलियत के अनुसार अलग अलग कला कृतियां बनाईं।  इनमे हार्ड क्ले, पेपर बैग, कटोरियाँ, पेन स्टैंड और फोटो-फ्रेम आदि बनाये गए।  इन चीज़ों को बनाते इन बच्चों के चेहरों पर जो चमक  थी वह दिल  आई थी। मन का अंदर से आई थी। इसका किसी मेकअप से कोई लेनादेना नहीं था। भगवान ने दुनिया बनाई थी और उसी का अंश इन बच्चों में भी महसूस हुआ। इन बच्चों ने अपनी टी सी दुनिया-क्राफ्ट्स के क्षेत्र में बनाई। पुस्तकीय ज्ञान की परिधि से बाहर जा कर भी हमें देखना होगा कि किस बच्चे में क्या क्या छुपा है। उस प्रतिभा को पहचानने के ही प्रयास किया जैन स्कूल ने। 
इस अवसर पर स्कूल के मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन श्री सुखदेव राज जैन, प्रधान श्री नंद कुमार जैन, सेक्रेटरी श्री राजीव जैन व् मैनेजर श्री अरविंग कुमार जैन मौजूद थे। स्कूल के प्रिंसिपल श्रीमती मीना गुप्ता जी ने बच्चो को अपनी ज़िन्दगी में आगे बढ़ने और इस तरह के कार्यकर्मो में भाग लेने के उत्साहित किया।  

Monday, April 10, 2017

MTSM:फैशन डिज़ाइनिंग के ज़रिये छात्राओं को बना रहे हैं स्वावलंबी

रोज़गार के कई दरवाज़े खुलते हैं इस ट्रेनिंग के बाद-प्रो. अवनिंद्र कौर 
लुधियाना: 10 अप्रैल 2017: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: For more Pics Please Click here
लुधियाना के पुराने कालेजों में से एक मास्टर तारा सिंह मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमेन ही अपनी छात्राओं को समय की रफ्तार के साथ साथ हर क्षेत्र में सुयोग्य और स्वावलंबी बना रहा है। कालेज की छात्राओं ने कहा कि आज के युग की मांग है फैशन और इसमें पूरी तरह ट्रेंड होने के बाद अब हम खुद को बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उनका कहना था कि इस क्षेत्र में सशक्त बन कर हम कहीं भी कभी भी अपने पैरों पर खड़ा हो सकते हैं। फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट की ओर से ‘लुक्स एंड ट्रेंड 2017’ फैशन शो का आयोजन किया गया जो कि  बहुत ही यादगारी रहा। फैशन डिजाइनिंग की स्टूडेंटस ने विभिन्न कैटेगरीज के तहत अपनी ड्रेसेस बना कर पेश कीं। इनमें फुलकारी, बाग, सुपर कूल कलेक्शन, ग्लिंप्स एंड ग्लॉस और एलीगेंस जैसी कैटेगरीज शामिल रहीं। मास्टर इन फैशन डिज़ाइनिंग एंड  मैनेजमेंट  (एम एफ डी  एम) की हेड प्रफेसर अवनिंद्र कौर ने बताया कि कालेज में इसकी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद हमारी छात्राएं किसी कालेज में लेक्चरर भी बन सकती हैं और इंडस्ट्री में भी जा सकती हैं क्यूंकि रोज़गार के बाद बहुत से अवसर पैदा होते हैं और अपने पैरों पर खड़ा हो कर ज़िंदगी जीने के कई दरवाज़े खुल जाते हैं। 
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इस मौके पर डॉ. हरमिंदर कौर सैनी, नंदिनी कपूर और हुस्नजीत कौर ने जज की भूमिका निभाई। फैशन डिजाइनिंग डिपार्टमेंट की सलोनी अग्रवाल ने प्रोग्राम कोरियोग्राफ किया। अमनदीप कौर विर्क को बेस्ट डिजाइनर घोषित किया गया। अमनदीप ने स्प्रिंग सीजन की कलेक्शन दिखाई। ममता ने भंगड़ा कलेक्शन दिखा कर फर्स्ट रनरअप का खिताब जीता। साक्षी सपरा ने जुगनी थीम पर अपनी कलेक्शन दिखा कर सेकेंड रनरअप का खिताब जीता। वेलेंटिनो स्टाइल की कलेक्शन दिखाने पर जसप्रीत कौर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. किरनदीप कौर ने विजेताओं को शुभकामनाएं दीं। 
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उन्होंने डिपार्टमेंट द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि फुलकारी और बाग में स्टूडेंट्स की दिलचस्पी सराहनीय है। कॉलेज के प्रेसिडेंट स्वर्ण सिंह और सेक्रेटरी कंवलइंद्र सिंह ने डिपार्टमेंट द्वारा किए गए कार्य की सराहना की। इस शो में भाग लेने के बाद ममता रानी, साक्षी, जसप्रीत और अन्य छात्राओं ने भी पंजाब स्क्रीन से मुलाकात के दौरान अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।   For more Pics Please Click here

Monday, August 01, 2016

लुधियाना में राज्य स्तरीय कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन

Mon, Aug 1, 2016 at 2:39 PM
आयोजन कराया बेलन ब्रिगेड व आशीहारा ने
लुधियाना:1अगस्त2016:(पंजाब-स्क्रीन-ब्यूरो)::
आशीहारा ने बेलन ब्रिगेड के सहयोग से लुधियाना में राज्य स्तरीय 2016 कराटे चैम्पियनशिप का आयोजन  किया। जिसमे सारे पंजाब से चंडीगढ़, नवांशहर, अमृतसर, फगवाड़ा, जालंधर, होशियारपुर से सैंकड़ो लडक़े व लड़कियों ने भाग लिया। कराटें खेल का शुभारम्भ श्री अनिल भारद्वाज अध्यक्ष चार्टर्ड अकाउंट लुधियाना ने किया। अकालीदल के युवा नेता जसप्रीत सिंह काका माछीवाड़ा, नीलीवार व  बॉबी शर्मा  ने सभी आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। 
राज्य स्तरीय कराटे चैम्पियनशिप  कंपीटिशन 4 बजे समाप्त हुआ। जिसमे पंजाब से आये हुए सैंकड़ों खिलाडियों व कोचों को सम्मान चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दलित विकास बोर्ड पंजाब सरकार के चैयरमेन, अश्विनी धीर ने विजय प्राप्त करने वाले सभी खिलाडियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। 
इस अवसर पर बेलन ब्रिगेड की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीता शर्मा ने कहा कि आज समय की जरूरत है कि सभी छात्राओं को कराटे प्रशिक्षण लेना चाहिए क्योंकि इस प्रशिक्षण से बच्चों में आत्मबल  मिलता है और मानसिक तनाव दूर होता है।  इसलिए सभी बच्चो को कराटे प्रशिक्षण लेकर कराटे प्रतियोगिताओं में भाग लेना चाहिए। .उन्होंने कहा कि कराटे ही एक ऐसा खेल है जिसमे सेल्फ डिफेंस सिखाया जाता है और इन्सान अपनी हिफाजत सुरक्षा खुद कर सकता है। 
अंत में आशीहारा कराटे के नैशनल कोच पंकज साहनी, चैयरमेन विजय कुमार अग्निहोत्री, अध्यक्ष केवल चंद गर्ग, हरजीत कौर व मैडम लाम्बा ने आये हुए सभी खिलाडियों का धन्यवाद किया। 

Wednesday, September 09, 2015

ABVP बनी लुधियाना रेप के खिलाफ जनआवाज़

ABVP ने पठानकोट में किया ज़ोरदार प्रदर्शन 
पठानकोट: 8 सितम्बर 2015: (विजय शर्मा//पंजाब स्क्रीन):
लुधियाना में नावालिग से हुए रेप और हत्या के विरोध की आग पंजाब के अन्य  भागों तक भी फैलने लगी है।  अखिल भारती विद्यार्थी परिषद ने इस इस मुद्दे को लेकर पठानकोट में ज़ोरदार प्रदर्शन  और पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। 
पठानकोट में आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से लुधियाना में नावालिग के साथ हुए रेप और हत्या को ले कर ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियो ने पठानकोट डलहोजी रोड पर दोषियों के पुतले फूंके और जम कर नारेवाजी की। इस मोके पर परिषद के सभी सदस्य दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था की इस तरह की हरकत कोई इंसान नही राक्षक ही कर सकता है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की अगर इस काड के दोषियों को कड़ी सजा दी जाती है तो यह दूसरे लोगो के लिए भी एक मिसाल बनेगी और लोग इस तरह के घिनोने काम करने से पहले 100 बार सोचेगे। 
पठानकोट में आज  लुधियाना में हुए नावालिग के साथ रेप ओर हत्या के विरोध में विद्यार्थियो की तरफ से दोषियों के पुतले फूंक कर अपना विरोध जताया गया। इस तरह की घटना से सारी मानवता का सिर शर्म से झुक जाता है। छात्र-छात्राओं ने जम कर नारेवाजी कर अपने मन की भड़ास निकाली। विद्यार्थियो ने इस कांड के दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग भी की।

छात्र नेता शिल्पा   एतराज़ उठाया कि मृतका के माता पिता को पांच लाख रुपय  खामोश रहने के लिए मनाया रहा है।  पूछा  सब क्यों करें?
इसी तरह एक अन्य छात्र नेता वरिंदर ने भी इस घटना की सख्त निंदा करते हुए दोषियों सज़ा देने की मांग की।

Thursday, September 03, 2015

अब मिली एक और लड़की की लाश-दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका

लगातार बढ़ रही है असुरक्षा की भावना 
लुधियाना: 3 सितम्बर 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
लगातार बढ़ रहे सुरक्षा बलों और क़ानूनी सख्तियों के बावजूद मुजरिमों के होंसले बुलंद हो रहे हैं और आम नागरिक इन समाज विरोधी तत्वों का निशाना बनने के लिए बेबस है। लुधियाना की जवद्दी पुली  से एक स्कूल पढ़ती लड़की की लाश मिली है। इस लाश के के  बार फिर लगता है कि हमने दामिनी उर्फ़ निर्भया को गंवा कर भी कोई सबक नहीं सीखा। अगर सीखा होता तो हम कोई ठोस कदम अवश्य उठाते और इस तरह के सभी दरिंदों का जीना हराम कर देते। ताज़ा विवरण के मुताबिक आशंका है कि स्थानीय जनता नगर में ग्यारवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्र का अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गयी। 
 इस लड़की का पिता उसे सुबह स्कूल छोड़ कर वापिस आया लेकिन लड़की शाम तक घर नहीं लौटी।  देर शाम के बाद पुलिस को सूचना दी गयी। पुलिस ने इस समंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।  इसी बीच आज सुबह कुछ लोगों को उसकी लाश जवद्दी की नहर में से मिली। 
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सही स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही लग सकेगा। एक बार फिर मोमबत्तियां जलायी जाएंगी। लड़कियों के सम्मान और सुरक्षा की ढेरों बातें होंगीं। एक बार फिर प्रदर्शन होंगें। नेतागीरी के चाहवान अपनी फोटो खिंचवाएंगे। अख़बारों में चर्चा होगी। कुछ दिन बाद यह लड़की भी भूल जाएगी क्यूंकि तब तक हो चुकी होगी कोई नयी वारदात किसी और लड़की के साथ। पता नहीं हमारा समाज और प्रशासन कब बनेगा ऐसे दरिंदों के लिए खौफ? आयो इस तरह के वहशियों के लिए कदम कदम पर ज़मीन तन कर दें।  इन्हें कदम रखने का न मौका मिले न ही हिम्मत। 

Tuesday, July 14, 2015

Doraha:गुरु नानक नैशनल कालेज की छात्राओं ने फिर दिखाया कमाल

Tue, Jul 14, 2015 at 10:27 AM
यूनिवर्सिटी में पोजीशनें प्राप्त करके कमाया नाम 
दोराहा: 14 जुलाई 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):

दोराहा के नाम को पूरी दुनिया तक पहुँचाने वाला गुरु नानक नैशनल कालेज लगातार नयी नयी उपलब्धियां प्राप्त कर रहा है। बीते दिनों पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की तरफ से बी.ए. ऑनर्ज (पॉलीटिकल विज्ञान) भाग तीसरा के घोषित नतीजों में स्थानिक गुरु नानक नैशनल कालेज की छात्रओं ने यूनिवर्सिटी में पोजीशनें प्राप्त करके कालेज का नाम रौशन किया है।
इन गौरवशाली नतीजों के बारे में जानकारी देते कालेज प्रिं. डा. नरिन्दर सिंह सिद्धू ने बताया कि मनदीप कौर ने 76.3 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी में से छठा, दलवीर कौर ने 76.2 प्रतिशत अंकों के साथ यूनिवर्सिटी में से सातवां स्थान हासिल किया और हरप्रीत कौर ने 73.6 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह एम.एससी. (आई.टी.) सैमेस्टर तीसरा की छात्र मनप्रीत कौर ने 81 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से पहला, लवप्रीत शारदा ने 78.6 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और प्रभजोत कौर ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त करके कालेज में से तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह बी.कॉम और बी.ए. के नतीजों में से कालेज विद्यार्थियों ने शानदार प्राप्तियां की हैं।
उन्होंने कहा कि कालेज की बी.कॉम. की छात्र शिवानी शर्मा ने 78.2 प्रतिशत अंक प्राप्त करते कालेज में से पहला, रूपजीत कौर ने 76.5 प्रतिशत अंक प्राप्त करते दूसरा और दिलप्रीत कौर ने 74.9 प्रतिशत अंक प्राप्त करके तीसरा स्थान हासिल किया और बी.ए. भाग तीसरा की छात्र पूनम शर्मा ने 81.8 प्रतिशत अंक प्राप्त करके पहला, मनप्रीत कौर ने 77.4 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और नवदीप कौर ने 74.2 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इसी तरह बी.ए. भाग दूसरा की छात्र प्रीति शर्मा ने 75.2 फीसदी अंक प्राप्त करके पहला, गुरविंदर सिंह ने 74.3 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और प्रभजोत कौर ने 73.2 प्रतिशत अंकों के साथ कालेज में से तीसरा स्थान हासिल किया। विभाग के प्रमुख प्रो. गुरशरन कौर ने बताया कि इस क्लास का नतीजा इस बार भी 100 प्रतिशत रहा। विद्यार्थियों की इन शानदार प्राप्तियों के लिए कालेज प्रबंधक समिति के प्रधान रूप बराड़, सचिव स. हरप्रताप बराड़, प्रिं. डा. नरिंदर सिंह सिद्धू ने विद्यार्थियों, उन के अभिभावको और विशेष कर अध्यापकों को बधाई दी। पूरे दोराहा में इन परिणामों को लेकर ख़ुशी की लहर है। 

Thursday, July 09, 2015

पूँजीवाद की मुसीबतों के चक्तव्यूह में घिरी पारुल कालिया

मीडिया के सामने रो पड़ी पारुल अपनी दास्तान सुनाते सुनाते 
लुधियाना: छोटी सी उम्र लेकिन दुःख शायद उसकी तक़दीर बन चूका है।  राहत मिलने की उम्मीद में जहाँ भी जाती है वहीँ उस पर शोषण की नज़र पड़नी शुरू हो जाती है। छोटी सी उम्र में ही बड़ी बड़ी मुसीबतों को गले लगा चुकी पारुल कालिया दुगरी थाने के सामने मीडिया को रो रो कर अपनी दास्तान सुना रही थी। किसी न किसी तरह अपने एकलौते बेटे के पालन पोषण में लगी पारुल के लिए अब वही है जीने की उम्मीद। अपने बेटे को पाल कर बड़ा करना ही शायद उसका अब एकमात्र मकसद है। उसकी तरफ जो भी नज़र उठती है गलत इरादे से उठती लगती है। उसके खिलाफ खड़े लोगों में जो चेहरे हैं उनके नाम सुनकर शायद आप भी चौंक जाएं। इन नामों का ज़िक्र बाद में पहले बात करते हैं पारुल के लिए मुसीबत बने हालात की। आम तौर पर घरों में समस्या होती है गरीबी के कारण, लालच के कारण, स्वार्थ के कारण पर यहाँ मामला ही कुछ और है। यह मुद्दा पैदा हुआ है पूँजीवाद के साथ पैदा होती शर्मनाक समस्यायों के साथ। जिस समाज में पैसा ही सब कुछ बन जाये तो भगवान बना पैसा समाज को किस गिरावट तक ले जाता है शायद इसका अनुमान भी न लगाया जा सके। पारुल भी पूंजीवाद के साथ पैदा होती मुसीबतों का ही शिकार हो रही है। पारुल को अपने विदेशी रिश्तेदारों से आता पैसा ही उसके लिए समस्याएं लेकर आया। पारुल को देख कर याद आती हैं जनाब साहिर लुधियानवी साहिब के एक लम्बे गीत की पंक्तियाँ
कहते हैं जिसे पैसा बच्चो यह चीज़ बड़ी मामूली है 
लेकिन इस पैसे के पीछे सब दुनिया रस्ता भूली है। 
साहिर साहिब ने यह हकीकत दश्कों पहले बयान की थी लेकिन इसने बार बार खुद को साबित किया। पैसे ने दुनिया भर को भटका कर अपने रास्तों से हटा दिया। सभी रिश्ते-नाते, संबंधी एक दुसरे के साथ प्यार या संबन्ध  से नहीं केवल पैसे के नफे नुक्सान से देखने लगे। किसी से बुखार का हाल पूछो तो जवाब मिलता है अभी तो बस चवन्नी आराम आया है।  बारह आना अभी भी तबीयत खराब है। किसी युवा से पूछो तो भाई क्या बनोगे तो जवाब मिलता है--जिसमें चार पैसे बनें। किसी लड़की से पूछ लो कि किस से शादी करोगी तो अक्सर कई लड़कियां खुल कर कहती हैं जो खूब ऐश कराये जिसके पास ढेर सारा पैसा हो। स्कूल की पढ़ाई पूरी करनी हो या कालेज की शिक्षा--पैसा अपना जलवा दिखा रहा है। शिक्षा और काम के बावजूद नौकरी चाहिए तो वहां भी नौकरी दिलवाने का पैसा खर्च करो वो भी एक नंबर में। इलाज कराना हो तो भी पैसा।  मरीज़ अस्पताल में मर जाये तो शव लेने के लिए भी पैसा। शव घर आ जाये तो श्मशान घात वाले भी पैसा मांगते हैं। पैसे की सोच से दूषित हो चुके इस शर्मनाक समाज में आखिर पारुल भी क्या करे?
तलाक के बाद जब पारुल अपने बच्चे को लेकर कुछ चिंतित हुई तो उसकी मौसी ने उसके लिए कुछ पैसे अपनी बहन के पास भेजे। मकसद था परुल के सर की छत बन सके। मौसी चाहती थी कि पारुल उन पैसों से अपना घर खरीद ले। इन पैसों से एक प्लाट भी लिया गया तो आखिर रजिस्ट्री भी होनी थी और पैसे की अदायगी भी। इसी पड़ाव पर आकर सारे मामले ने एक नया मोड़ लिया और पारुल पहुँच गयी दुगरी थाने में अपनी शिकायत लेकर।  
थाने के बाहर उसने मीडिया को बताया कि जब उसने अपने पैसे या रजिस्ट्री वापिस मांगी तो सबंधित डीलर ने उस पर हमला कर दिया। पारुल का आरोप था कि पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की।  मीडिया ने जब पुलिस से सम्पर्क किया तो पुलिस ने मीडिया के सामने उसकी पूरी सुनवाई की और पूरी सुरक्षा का आश्वासन भी दिया। 
किसी निजी कम्पनी में काम करके अपना गुज़ारा चला रही पारुल परेशान है उन धमकियों से जो उसे राह आते जाते दी जातीं हैं। 
कौन हैं पारुल को धमकियां देने वाले?
कौन है उसके विरोधी? 
कौन है उसका हमदर्द?
क्या बनेगा पारुल कालिया का?
इन सभी सवालों के जवाब आपको मिल सकें हमारी अगली पोस्ट में जिसमें कुरेदा जायेगा पारुल कालिया के लिए खतरा बने लोगों का हर पहलू।
आज पारुल की कहानी देख सुन कर याद आते हैं  ओशो जिन्होंने अमेरिका में जा कर बहुत सफलता से अपना कम्यून चला कर दिखाया था। वहां कोई करंसी नहीं थी लेकिन हर किसी को हर सुविधा उपलब्ध थी। इसकी सफलता देख कर ही पूंजीवादी समाज हिल गया और ओशो की जान का दुश्मन बन बैठा।
पूंजीवादी समाज में पैसे के असंतुलित बटवारे ने ही जन्म दिया जुर्मों को और जुर्मों से भरा समाज बन गया जीने के लिए नरक से भी बदतर। आज लावारिस फिल्म का गीत भी याद आ रहा है-- जिसकी एक पंक्ति थी---यही पैसा तो अपनों से दूर करे है--- . आज पारुल जिस हालात में पहुँच चुकी है उसके लिए पूंजीवादी सिस्टम पूरी तरह ज़िम्मेदार है। आईये इस सितम को बदल कर पारुल जैसी अनगिनत लड़कियों को बचाने का यज्ञ शुरू करें। 

Sunday, March 08, 2015

ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड गर्माया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर

दोषी विक्की को जमानत मिलने और पीड़ित परिवार के साथ मारपीट से इलाके में तनाव
लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ़ नारेबाज़ी की  
ढण्डारी खुर्द (लुधियाना):8 मार्च 2015: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
लुधियाना में शहनाज अगवा, बलात्कार व कत्ल काण्ड का मामले में आज माहौल काफी तनावपूर्ण बन गया जब जेल में बन्द दोषियों में से दो दोषियों शहजाद और अनवर के तीन रिश्तेदारों ने मृतका शहनाज की माँ हुश्नियारा खातून को अदालत में गवाही न देने के लिए कहा और ऐसा न होने पर जान से मारने की धमकी दी। शहनाज की माँ ने जब कहा कि वे किसी दबाव के नीचे नहीं झुकेंगे तो इन तीनों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। मौके पर इक्कठा हुए लोगों ने उसे बचाया। इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है। इसी तरह पीड़ित परिवार के मददगार मोहल्ला निवासी मोनू तिवारी को भी जान से मारने की धमकियाँ दी जा रही हैं। इस बारे में भी पुलिस को लिखित शिकायत दी गयी है। गुण्डा गिरोह, उनके रिश्तेदार आदि इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मौके पर ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड विरोधी संघर्ष कमेटी के संयोजक व कारखाना मज़दूर यूनियन के अध्यक्ष लखविन्दर व अन्य यूनियन कार्यकर्ता भी पहुँच गए। सैंकड़ों में इक्कठे हुए लोगों ने जमकर नारेबाजी की।
    इस मामले में दोषी विक्की को जमानत मिलने के खबर फैलने से इलाके के लोगों में काफी गुस्सा है। विक्की को एक महीना पहले चलान पेश होने से पहले ही चार फरवरी को जमानत मिल गई थी। पुलिस ने इस बारे में किसी को खबर नहीं होने दी यहाँ तक कि पीड़ित परिवार को भी इसकी सूचना नहीं दी गई थी। चार मार्च को इस मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान ही पता चला कि विक्की तो जमानत पर रिहा हो चुका है। इसके बाद इलाके के लोगों में काफ़ी गुस्सा फैला हुआ है। आज ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड संघर्ष कमेटी ने इलाके के लोगों की सभा की और पुलिस से माँग की कि विक्की की जमानत रद्द की जाए। विक्की को जमानत चलान पेश होने से पहले मिली है। चलान में विक्की और अन्य दोषियों के खिलाफ़ और भी धाराएँ जोड़ी गई हैं जिनमें विक्की व अन्य दोषियों को जमानत नहीं मिली है। बाकी के दोषी कत्ल केस में अभी जेल में बन्द हैं। लोगों ने पंजाब पुलिस के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की। संघर्ष कमेटी के संयोजक और का.म.यू. के अध्यक्ष लखविन्दर ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विक्की को जमानत मिलना और इसकी पीड़ित परिवार तक को एक महीने तक कोई खबर न होने देना पुलिस की दोषियों के साथ मिलीभगत को एक बार भी स्पष्ट करता है। लोगों ने माँग की कि विक्की को तुरन्त गिरफ्तार किया जाए, दोषियों के साथ मिलीभगत बन्द की जाए, अदालती केस की जानकारी नियमित तौर पर पीड़ित परिवार को दी जाए। लोगों ने किसी भी दबाव में न आने, गुण्डा गिरोह न डरने और संघर्ष जारी रखने का प्रण किया।

Thursday, October 30, 2014

जुगल बन्दियाँ बैंड' की सदस्याएँ ,अब महानगर में

दिखाएँगी कला के जौहर और बनाएंगी लोगों के दिलों में जगह 
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):
गायन क्षेत्र में एक नया आयाम बनाने के लिए तीन बालाओं द्वारा 'जुगल बन्दियाँ बैंड'बनाया गया है, जो  विभिन्न तर्जों पर अपने गीतों को प्रस्तुत कर देश की जनता का मनोरंजन करेंगी। पत्रकारों से विशेष बात चीत के दौरान बैंड की सदस्याओं ने बताया कि प्रीती साऊथ ओडिशा और राजस्थान से संबध रखती हैं, जिन्होंने इस बैंड को तैयार करने की एक वर्ष पहले अपने मन में ठानी थी। गोल्डन मैलोडीज़ के परमजीत ने उनके इस सपने को साकार करने में पूर्ण सहायता प्रदान की.। करीब 6 महीने पहले बने उक्त बैंड की सदस्याएँ  देश की राजधानी (दिल्ली) में 6 कार्यक्रम आयोजित कर चुकी हैं। प्रीती ने जानकारी देते हुए बताया कि वे लुधियाना में भी स्टेज शो करके शहर वासियों का मनोरंजन करेंगी। बैंड में सभी लड़कियाँ का होना भी एक अलग बात है,और देश में कम ही ऐसा देखने को मिलता है कि बैंड में सभी लड़कियाँ ही हों। बैंड की तीनों लड़कियों ने म्यूजिक में प्रोफैशनल डिग्री हासिल की है.। एक अन्य सदस्या शालू ने बताया कि उनके माता-पिता भी संगीत से संबध रखते हैं.। प्रीति नागराजन भजन गायक सीके नागराजन की सपुत्री हैं.। रेशमा नामक सदस्या के अनुसार 4 वर्ष की आयु में ही उसने संगीत की शिक्षा लेनी आरम्भ कर दी थी.। तीनो गायिकाओं के अनुसार उन्हें पंजाबी गीतों से बहुत अधिक मोह है, परन्तु पंजाबी नहीं जानती,फिर भी मंच पर पंजाबी गीतों को ब-खूबी निभाती हैं।


Saturday, February 22, 2014

GNG कालेज की छात्राओं ने जगाया भूले बिसरे पंजाबी गीतों का जादू

Update 0n 25th Feb 2014 at 7:45 AM
737 छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये गए
लुधियाना: 22 फरवरी 2014: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन):
गुरुनानक गर्ल्ज़ कालेज माडल टाऊन में उस दिन फिर चहल पहल थी। इस कालेज की छात्राओं के जीवन में एक और यादगारी दिन जुड़ रहा था।  उस दिन वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में उन्हें उनकी मेहनत का सम्मान जो मिलना था। कालेज के आडिटोरियम का रंगारंग माहौल और उसमें बिखर रहीं संगीत लहरियां आसपास के पूरे माहौल में एक नया जादू जगा रहीं थीं। मंच पर मौजूद कालेज कि प्रबंधन समिति के प्रधान गुरबीर सिंह और प्रिंसिपल चरणजीत कौर माहल अपने कालेज की इन प्रतिभाशाली लड़कियों का होंसला बढ़ा रहे थे। आधुनिक परवेश के साथ कदम दर कदम मिला कर चलने वाला यह काले कभी अपनी विरासत और संस्कृति को नहीं भूलता इसका अहसास हो रहा था एक पुराने हिट पंजाबी गीत के बोलों से। कालेज की लड़कियों ने अपनी आवाज़ से इस पुराने गीत में एक नई रूह फूंक दी थी। लीजिये आप भी सुनिये वोह गीत:
बत्ती बाल के बनेरे उत्ते रखनी आं-------इसे देखने सुनने के लिए बस यहाँ क्लिक करें 
आप इसे यूटयूब पर भी देख सुन सकते हैं बस यहाँ क्लिक करके 
इस तरह इस कालेज की छात्राओं ने भूले बिसरे पंजाबी गीतों के गायन से जता दिया कि आधुनिक जन जीवन को अपनाने के बावजूद हमें अपना अतीत याद है---हमें अपना गौरवशाली संगीत याद है। इस तरह की बहुत सी आइटमें उस दिन प्रस्तुत कीं गयीं।
इस शुभ अवसर पर कालेज की 737 छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किये गए। इस यादगारी कार्यक्रम में गुरु नानक एजूकेशन ट्रस्ट के मेंबर डा. एस एस माहल (प्रोफेसर-पीएयू लुधियाना), सरदार मनिंदरजीत सिंह बावा और सरदार ईश्वरजोत सिंह चीमा विशेष तौर पर मौजूद रहे।
इस यादगारी अवसर की कुछ तस्वीरें अब हमने यहां भी जोड़ दी हैं। 
आप इन्हें यहाँ पर क्लिक करके भी देख सकते हैं और यूटयूब पर भी ये तस्वीरें उपलब्ध हैं। ये दोनों लिंक आप अपने किसी भी परिजन/मित्र को मेल या सोशल साईटस के ज़रिये विदेश में भी भेज सकते हैं।  

Friday, January 31, 2014

पाकिस्तान में जारी है हिन्दू लड़कियों का अपहरण और धर्मांतरण

अभी भी मदरसे में है अपह्रत पूजा-परिवार को नहीं मिला इन्साफ 
सिंध पाकिस्तान में पूजा का अपहरण--जबरदस्ती मुस्लिम भी बनाया 
हथियारों के बल पर कबूल कराया इस्लाम
लुधियाना: 30 जनवरी 2014 (रेकटर कथूरिया): कभी जनाब साहिर लुधियानवी साहिब ने लिखा था,
यह फोटो:तरुण भारत से साभार 
सिंध (पाकिस्तान) में
धर्मांतरण की नयी शिकार पूजा 
पर वोह जंग का माहौल था और वोह हालात भी जंग का ही अंजाम थे लेकिन आज हम जिस युग में रह रहे हैं उसमें विकास के दावे होते हैं दोस्ती की बातें होती हैं--और लगता है जैसे आज का इंसान देवता बन गया है लेकिन वास्तविकता यह है कि आज रोटी की जंग ने भाई को इतना बेबस कर दिया है कि उसकी बहन को दिन दहाड़े उठा लिया जाता है। सिंध पाकिस्तान में हिन्दू परिवारों के साथ यह एक आम सी बात हो गयी है।   मार्च 2012 में पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि सिंध में हर महीने करीब 20 से 25 लड़कियों का जबरदस्ती धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। इस तरह के मामलों में वहाँ तो क्या होना था यहाँ भी कुछ नहीं होता। हिन्दोस्तान के मीडिया या यहाँ के हिन्दू संगठन इस पर अखबारी बयान भी नहीं देते। समाज की मुजरिमाना ख़ामोशी के कारण इस तरह के मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। ही में 17 जनवरी 2014 के दिन पूजा नाम की एक लड़की को उसकी शादी के केवल दो दिन पूर्व भरे बाज़ार में से उस समय उठा लिया गया जब वह अपनी शादी के कपड़े सिलवाने एक बुटिक में जा रही थी। 
आयोग ने संवाददाताओं को बताया था कि ऐसा करने वाले समाज विरोधी तत्व कानून में खामी का फायदा भी उठा रहे हैं। इसके साथ ही आयोग ने अधिकारियों से अपील भी की थी कि वे इस ओर फौरी तौर पर ध्यान दें। आयोग की तरफ से अमरनाथ मोतूमेल ने बहुत ही स्प्ष्ट शब्दों में कहा था कि यह धर्म परिवर्तन पिछले 20 महीनों में हुए हैं। इसमें नाबालिग लड़कियों से लेकर विवाहित महिलाएं तक शामिल हैं। 
आयोग ने उन दिनों घटित हुए रिंकल कुमारी के एक बहु चर्चित मामले का हवाला भी दिया था।
उन दिनों 18 वर्षीय रिंकल कुमारी के जबरदस्ती धर्म परिर्वतन का मामला उजागर होने के बाद यह मुद्दा सामने आया था। रिंकल के परिवर का भी यही कहना था कि उसे अगवा किया गया और फिर उसका जबरदस्ती धर्म परिर्वतन किया गया।
इस सारे शोर शराबे के बावजूद न तो  हुआ और न ही यहाँ कुछ हलचल हुयी। 
पूजा की मां और भाई दलीप 
 लगता है कि लड़कियों के लिए यह ज़मीन लगातार तंग होती जा रही है। उन पर हर रोज़ कहीं न कहीं कहर टूटता है। जिस तरह फरीदकोट में श्रुति को दिन दिहाड़े उठाया जाता है, अमृतसर में बेटी की इज़त  बचाने आए एएसआई को  दिनदिहाड़े गोली मार दी जाती है।  दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता जैसे शहरों में किसी भी लड़की को उठाना एक आम सी बात हो गयी है उसी तरह गुंडागर्दी का यह शर्मनाक नाच वहाँ सिंध पाकिस्तान में भी हो रहा है। वहाँ लड़की को उठाकर सबसे पहले उसका मज़हब तब्दील किया जाता है और उसके बाद उसका निकाह पढ़ा दिया जाता है। नया मामला पूजा का है।  वहाँ बाज़ार से एक हिन्दू लड़की पूजा को हथियारों के ज़ोर पर उठा लिया गया और पास ही के एक मदरसे में ले जाकर उसे मुसलमान बना दिया गया। न तो वहाँ की पुलिस ने इस गंभीरता से लिए और न ही वहाँ के मीडिया ने। पूजा के बेहाल और बेबस परिवार की  निगाहें अभी भी अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की तरफ आशा भरी नज़रों से देख रही हैं।  दो सप्ताह गुज़र जाने के बाद भी पूजा अभी तक आज़ाद नहीं हो सकी। उसे मदरसे के होस्टल में रख कर दीनी तालीम दी जा रही है। सिंध (पाकिस्तान) से आई यह खबर बहुत उदास करने वाली है। 
यह तस्वीर तरुण भारत से साभार 
उम्र केवल  16 बरस।  नाम पूजा। कसूर हिन्दू होने के बावजूद पाकिस्तान में रहना और वह भी लड़की हो कर। गौरतलब है कि जिस दिन पूजा अपनी शादी के कपड़े सिलवाने एक boutique  में महिला दर्जी के पास जा रही थी उस दिन उसे रास्ते में ही अगवा कर लिया गया और जबरदस्ती कराची में बनौरी टाऊन के एक मदरसे में ले जाकर उसे मुस्लिम बना दिया गया।  परिवार ने संघर Sanghar थाने में एफआईआर लिखवाई तो पुलिस ने थोड़ी सी कागज़ी खानापूरी  ज़रूर की पर उसके बाद कुछ भी नहीं। घटना 17 जनवरी 2014 की थी। कई दिनों की इंतज़ार के बाद भी  जब  परिवार ने देखा  कि पुलिस की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा तो उन्होंने मामला मीडिया के पास उठाया। शुक्रवार 24 जनवरी 2014 को पाकिस्तान हिन्दू वेलफेयर पंचायत, MNA (नवाज़ लीग) के भवन दास, हिन्दू पंचायत मीरपुरखास, के प्रधान लछमन दास, हिन्दू पंचायत संघर के प्रधान हीरा लाल और लड़की के भाई दिलीप कुमार ने मिल कर यह सारा मामला प्रेस कल्ब मीरपुरखास  में मीडिया के सामने रखा।  आरोपी का नाम गौहर यूसफ जाई है जिसने  हथियारों की नोक पर पूजा का अपहरण किया। अभी तक वहाँ इस मामले में जूं तक नहीं सरकी। वह मुल्क तो चलो हिन्दू परिवारों को बेगाना लगने लगा है लेकिन जिसे वह अपना समझते थे वहां भी कुछ ऐसा नहीं हुआ जिससे उन्हें लगे कि हाँ हमारा भी कोई है। 
इस अपहरण और धर्मांतरण के बाद यूसफ ने आनन फानन में कानून की नज़र में धुल झौंकने के लिए ज़िला शिक्षा अधिकारी संघड़ से पूजा का झूठा जन्म प्रमाणपत्र भी ले  लिया जिसमें पूजा को 18 वर्ष कि दिखाया गया। इस प्रमाणपत्र के हाथ आ जाने के बाद तो यूसफ के हौंसले और  भी बुलंद हो गए हैं। 
आज समाज में छपी एक खबर की कतरन साभार 
लड़की के भाई दिलीप और परिवार के अन्य सदस्यों ने पाकिस्तान के परधानमंत्री, चीफ जस्टिस और अन्य उच्च अधिकारीयों को इस सरे मामले की जानकारी भेज कर इन्साफ की गुहार  लगाई है। परिवार ने मांग की है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और पूजा को आज़ाद करवा के परिवार के पास वापिस भेजा जाये। लेकिन अभी तक वहाँ कागज़ी खानापूरी के बाद कुछ नहीं हुआ है। पूजा को अभी भी जामिया बनौरी कराची के मदरसे में रखा जा रहा है। पूजा के परिवार का साफ़ कहना है कि पुलिस उन्हें कोई सहयोग नहीं कर रही है। पूजा को दिन दिहाड़े उढ़ाने वाले गुंडे अभी भी सरेआम खुला घूम रहे हैं।  वहाँ के हिन्दू समाज के एक मंत्री नंद कुमार गोकलानी ने भी विस्तार से कहा है कि हम हिंदुयों के साथ अन्याय हो रहा है लेकिन वहाँ मंत्री तक भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। गौरतलब है 19 जनवरी 2014 को पूजा की शादी थी और १७ जनवरी को उसे उठा लिया गया। ज़िला शिक्षा अधिकारी यार मोहम्मद बालादी से पूजा की  बड़ी उम्र का झूठा प्रमाणपत्र भी बनवा लिया गया। 
अगर यहाँ श्रुति के साथ गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ था तो वहाँ सिंध पाकिस्तान में पूजा के साथ यही कुछ हुआ। अब देखना है कि यह समाज लड़कियों के लिए किसी सुरक्षित जगह की तलाश कहाँ करता है।? कब रुकेगा यह सिलसिला? आखिर  में  फिर साहिर साहिब की पंक्तियाँ याद आ रही हैं: 
औरत ने जन्म दिया मर्दों को, 
मर्दों ने उसे बाजार दिया।  
जब जी चाहा कुचला मसला, 
जब जी चाहा दुत्कार दिया।  ---(साहिर लुधियानवी साहिब)
अगर इस संबंध में आपके पास भी कोई सामग्री/फोटो हो तो अवश्य भेजें। --रेकटर कथूरिया 

Monday, January 27, 2014

सिंध पाकिस्तान में पूजा का अपहरण--जबरदस्ती मुस्लिम भी बनाया

Updated 27 Jan 2014 at 11:15 PM 
हथियारों के बल पर कबूल कराया इस्लाम
Ludhiana: 27 Jan 2014: (Rector Kathuria):  
लुधियाना: 24 जनवरी 2014 (रेकटर कथूरिया): लड़कियों के लिए यह ज़मीन लगातार तंग होती जा रही है। अगर फरीदकोट में  श्रुति को दिन दिहाड़े उठाया जाता है तो अमृतसर में बेटी की इज़त  बचाने आए एएसआई को  दिनदिहाड़े गोली मार दी जाती है। गुंडागर्दी का यह शर्मनाक नाच वहाँ पाकिस्तान में भी हो रहा है। वहाँ बाज़ार से एक हिन्दू लड़की पूजा को हथियारों के ज़ोर पर उठा लिया गया और पास ही एक मदरसे में ले जाकर उसे मुसलमान बना दिया गया। न तो वहाँ कि पुलिस ने इस गंभीरता से लिए और न ही वहाँ के मीडिया ने। पूजा के बेहाल और बेबस परिवार की  निगाहें अब अंतर्राष्ट्रीय मीडिया कि और हैं। 
सिंध (पाकिस्तान) से आई यह खबर बहुत उदास करने वाली है। 
उम्र 16 बरस।  नाम पूजा। कसूर हिन्दू होने के बावजूद पाकिस्तान में रहना और वह भी लड़की हो कर। जिस दिन पूजा अपनी शादी के कपड़े सिलवाने एक boutique  में महिला दर्जी के पास जा रही थी उस दिन उसे रास्ते में ही अगवा कर लिया गया और जबरदस्ती कराची में बनौरी टाऊन के एक मदरसे में ले जाकर उसे मुस्लिम बना दिया गया।  परिवार ने संघर Sanghar थाने में एफआईआर लिखवाई तो पुलिस ने थोड़ी सी कागज़ी खानापूरी  ज़रूर की पर उसके बाद कुछ भी नहीं। घटना 17 जनवरी 2014 की थी। कई दिनों की इंतज़ार के बाद भी  जब  परिवार ने देखा  कि पुलिस की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा तो उन्होंने मामला मीडिया के पास उठाया। शुक्रवार 24 जनवरी 2014 को पाकिस्तान हिन्दू वेलफेयर पंचायत, MNA (नवाज़ लीग) के भवन दास, हिन्दू पंचायत मीरपुरखास, के प्रधान लछमन दास, हिन्दू पंचायत संघर के प्रधान हीरा लाल और लड़की के भाई दिलीप कुमार ने मिल कर यह सारा मामला प्रेस कल्ब मीरपुरखास  में मीडिया के सामने रखा।  आरोपी का नाम गौहर यूसफ जाई है जिसने  हथियारों की नोक पर पूजा का अपहरण किया। 
यूसफ ने कानून की नज़र में धुल झौंकने के लिए ज़िला शिक्षा अधिकारी संघड़ से पूजा का झूठा जन्म प्रमाणपत्र  लिया जिसमें पूजा को 18 वर्ष कि दिखाया गया। 
लड़की के भाई और परिवार के अन्य सदस्यों ने पाकिस्तान के परधानमंत्री, चीफ जस्टिस और अन्य उच्च अधिकारीयों को इस सरे मामले की जानकारी भेज कर इन्साफ की गुहार  लगाई है। परिवार ने मांग की है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और पूजा को आज़ाद करवा के परिवार के पास वापिस भेजा जाये।

अगर यहाँ श्रुति के साथ गुंडागर्दी का नंगा नाच हुआ था तो वहाँ सिंध पाकिस्तान में पूजा के साथ यही कुछ हुआ। अब देखना है कि यह समाज लड़कियों के लिए किसी सुरक्षित जगह की तलाश कहाँ करता है।? --रेकटर कथूरिया 

Thursday, January 16, 2014

लव जेहाद नामक वेबसाइट के विरोध में रोष की लहर

Thu, Jan 16, 2014 at 10:24 AM
जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को सौंपा हिंदू जनजागृति मंच ने ज्ञापन
अमृतसर: (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन):
आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लव जेहाद डाट काम के खिलाफ हिंदू जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स आफ ग्लोबल माइनारिटीज का एक शिष्टमंडल आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिला और इस वेबसाइट के माध्यम से हिंदुओं और सिखों की लड़कियों से शादी कर उन्हें मुसलमान बनाने जैसे मुद्दे पर आगे आकर इसे रोकने की अपील की। ज्ञापन को हासिल करने के बाद जत्थेदार अकाल तख्त ने कहा है, कि वह इस मामले के संबंध में एसजीपीसी प्रधान से बात कर उचित कदम जरूर उठाएंगे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे
    आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोएबा की ओर से चलाई जा रही वेबसाइट लवजेहाद डाट काम पर मुसलमान लड़कों को हिंदुओं और सिखों की लड़कियों के साथ शादी कर उन्हें मुसलमान बनाए जाने का आह्वान किए जाने के मुद्दे को लेकर आज हिंदु जनजागृति मंच और ह्यूमन राइट्स ग्लोबल माइनारिटीज के सदस्य श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने बताया, कि आज उन्हें यह ज्ञापन हासिल हुआ है और वह इस पर एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ से संपर्क कर उचित कदम जरूर उठाएंगे, उधर हिंदू जनजागृति मंच के नेता सुरेश मुंजाल और ह्यूमन राइट्स के इंद्रजीत सिंह ने बताया, कि लव जेहाद के माध्यम से कई हिंदुओं और सिखों की लड़कियों को मुसलमान बनाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया, कि इस प्रक्रिया को रोकने के लिए वे हर धर्म के उच्च पदस्थ गुरुओं और जत्थेदारों से मिल कर उन्हें इस कार्य के खिलाफ लामबंद होने और लोगों को जागरूक करने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने बताया, कि इंग्लैंड में भी ऐसी ही घटनाओं पर वहां की पुलिस ने उचित कदम उठाते हुए हिंदुओं और सिखों को अपनी बेटियों को इस तरह की धोखाधड़ी से सचेत रहने के लिए कहा है।  

Wednesday, October 30, 2013

मास्टर तारा सिंह कालेज ने एनसीसी में भी दिखाया कमाल

कई छात्रायों ने गोल्ड जीत कर साबित किया हम किसी से कम नहीं 
फाईल फोटो 
लुधियाना: 30 अक्टूबर 2013: (रेकटर कथूरिया//पंजाब स्क्रीन): लुधियाना के पुराने कालेजों में से एक मास्टर तारा सिंह मेमोरोयल कालेज लगातार नये नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। शिक्षा के साथ साथ यह कालेज एन सी सी में भी अपना नाम है। इस कालेज के "41 एनसीसी कैडेटस" ने मलौट में आयोजित दस दिवसीय शिविर में भी भाग लिया। कालेज के लिए यह कैंप बहुत ही उपलब्धियों भरा रहा। कालेज कि छात्रायों ने विभिन्न प्रतिस्प्रधायों में मेडल जीत कर कालेज का नाम रौशन किया।
ज़िंदगी में कदम कदम पर सामने आती चुनौतियों का मुकाबिला हंस कर करने कि कला सिखाता यह कैम्प यादगारी रहा। इस ऐतिहासिक अवसर पर इस कालेज की छात्रा सोनिया को गणतंत्र दिवस परेड के लिए चुन लिया गया। रीना ने फायरिंग में गोल्ड मेडल जीत कर अपना लोहा मनवाया। इसी तरह ज्योति और निधि ने रस्साकशी में गोल्ड, मनु ने पोस्टर मेकिंग में गोल्ड और सोनिया ने टेबल टेनिस में गोल्ड जीत कर साबित किया हम किसी से कम नहीं। सीनियर कैडेटस कि प्रतियोगितायों में दलजीत कौर ने गोल्ड तथा तनु ने सिल्वर जीत कर दिखाया कि हम अभी भी आगे हैं।
कालेज की प्रिंसीपल डाकटर परवीन कौर चावला ने इस अवसर पर इन विजयी छात्रायों को बधाई दी और साथ ही याद दिलाया कि इस जीत को ज़िंदगी भर हर कदम पर बनाये रखना है। उन्होंने कालेज की एनसीसी इंचार्ज हरप्रीत को भी इस शानदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि वह जीत के इस सिलसिले को भविष्य में भी बनाये रखेंगी। कालेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान सवर्ण सिंह और सचिव कंवलइंद्र सिंह ठेकेदार ने भी छात्रायों को ख़ुशी के इस अवसर पर बधाई दी।