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Sunday, September 20, 2026

27 वर्षीय सड़क दुर्घटना पीड़ित कुलदीप ने किए अंगदान

Manjeet on 20th September 2026 at 17>57 Regarding Orgon Donor Kuldeep Singh-Chandigarh-Punjab Screen

दो किडनी मरीजों को दिया जीवन का दूसरा अवसर 

दो अन्य को मिला दृष्टि का उपहार 

 “गहरे शोक के बीच कुलदीप के परिवार ने दूसरों को जीवन का दूसरा अवसर देने का निर्णय लिया” 

“व्यक्तिगत त्रासदी को दूसरों के लिए आशा में बदलकर अंगदान को बनाया जीवन का सच्चा उपहार” : प्रो. विवेक लाल

रविवार 20, सितंबर ,2026, चंडीगढ़>>


27 वर्षीय कुलदीप सिंह के परिवार के लिए सड़क दुर्घटना के बाद के दिन ऐसे गहरे दुख से भरे थे, जिसका सामना करने के लिए कोई भी परिवार तैयार नहीं होता।
घर से निकला एक युवा बेटा और भाई अब कभी वापस नहीं लौटेगा। हालांकि, कुलदीप के अचानक और असहनीय निधन को स्वीकार करने के कठिन दौर में भी उनके परिवार ने ऐसा निर्णय लेने का साहस दिखाया, जिससे उनके शरीर का एक हिस्सा दूसरों के जीवन में आगे भी जीवित रह सके।

परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रो. विवेक लाल, निदेशक, PGIMER ने कहा, “ऐसे क्षणों में जब किसी परिवार के दुख को कोई शब्द कम नहीं कर सकते, कुलदीप का परिवार 27 वर्षीय बेटे और भाई को खोने के असहनीय दुख से गुजर रहा था। इसके बावजूद उन्होंने इस गहरे शोक के बीच दूसरों के बारे में सोचने का साहस दिखाया। उनके निर्णय ने व्यक्तिगत त्रासदी को अन्य परिवारों के लिए आशा में बदल दिया है। यही असाधारण करुणा अंगदान को जीवन का सच्चा उपहार बनाती है।”

यमुनानगर के जगाधरी निवासी कुलदीप को सड़क दुर्घटना में गंभीर सिर की चोट लगने के बाद 15 सितंबर 2026 को PGIMER में भर्ती कराया गया था। उन्हें प्रारंभिक उपचार के लिए सिविल अस्पताल, यमुनानगर ले जाया गया था, जिसके बाद उन्हें PGIMER रेफर किया गया। बताया गया कि कुलदीप स्कूटी चला रहे थे और स्पीड ब्रेकर के कारण गिरने से दुर्घटना हुई।

कुलदीप की मां बीरा रानी के लिए बेटे को खोने की वास्तविकता बेहद पीड़ादायक थी। उनके छोटे भाई परमिंदर के लिए बड़े भाई को खोना ऐसा सदमा था, जिसने पूरे परिवार का जीवन बदल दिया। इसी गहरे दुख के बीच परिवार को अंगदान के संबंध में परामर्श दिया गया।

17 सितंबर को ब्रेन स्टेम डेथ सर्टिफिकेशन कमेटी द्वारा दो आकलन किए जाने के बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार ब्रेन स्टेम डेथ की पुष्टि की गई। अपार दुख के बावजूद परिवार ने कुलदीप के सभी अंगों और कॉर्निया के दान के लिए सहमति प्रदान की।

परिवार के इस निर्णय से कुलदीप का अंतिम योगदान दूसरों के लिए एक नई शुरुआत बन गया। दोनों किडनी और कॉर्निया सफलतापूर्वक निकाले गए और PGIMER में प्रत्यारोपित किए गए। दोनों किडनी के प्रत्यारोपण से गुर्दे की विफलता से पीड़ित दो मरीजों को जीवन का दूसरा अवसर मिला, जबकि कॉर्निया प्रत्यारोपण के माध्यम से दो अन्य मरीजों को दृष्टि का उपहार मिला।

शोकाकुल मां बीरा रानी ने कुलदीप को खोने के दर्द और अंगदान से मिलने वाली सांत्वना के बारे में कहा, “हमारे लिए यह स्वीकार करना असंभव है कि कुलदीप अब घर वापस नहीं आएगा। उसके बिना घर, परिवार और हमारे आसपास की हर चीज बदल गई है। लेकिन जब हम सोचते हैं कि उसके अंगों ने किसी को जीवन का एक और अवसर दिया है और उसके कॉर्निया किसी को देखने में मदद कर सकते हैं, तो हमें लगता है कि कुलदीप का एक हिस्सा आज भी हमारे साथ है। हम चाहते हैं कि उसका जीवन दूसरों के लिए आशा का संदेश बने।”

कुलदीप के छोटे भाई परमिंदर के लिए यह दुख अन्य परिवारों को ऐसी त्रासदी से बचाने के संकल्प में बदल गया है। उन्होंने कहा, “मेरे बड़े भाई के साथ जो हुआ, वह किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। मैं सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूकता पैदा करने और सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में काम करूंगा, ताकि दूसरों को ऐसी त्रासदियों से बचाया जा सके।”

PGIMER की ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर सुश्री स्वाति थापा, जिन्होंने परिवार को परामर्श दिया और अंगदान की सहमति की प्रक्रिया में सहयोग किया, ने कहा, “जिस परिवार ने अभी-अभी अपने युवा बेटे और भाई को खोया हो, उससे अंगदान के बारे में बात करना अंगदान की प्रक्रिया के सबसे भावनात्मक रूप से कठिन क्षणों में से एक होता है। कुलदीप का परिवार अपार पीड़ा से गुजर रहा था, फिर भी उन्होंने अपने दुख से आगे बढ़कर दूसरों के बारे में सोचने और उन्हें जीवन का उपहार देने का असाधारण साहस और करुणा दिखाई। उनका निर्णय आसान नहीं था, लेकिन यह अत्यंत निस्वार्थ था।”

कुलदीप एक स्टील फैक्ट्री में कार्यरत थे और स्वर्गीय श्री बलवंत सिंह के पुत्र थे। उनके परिवार को इस पीड़ादायक सच्चाई का सामना करना पड़ा कि उनका युवा बेटा और भाई अब कभी घर वापस नहीं आएगा। लेकिन उनके अंगदान के निर्णय ने यह सुनिश्चित किया कि कुलदीप की अंतिम विरासत केवल उस त्रासदी तक सीमित न रहे, जिसने उन्हें उनसे छीन लिया, बल्कि उन जीवनों और आशाओं से भी जुड़ी रहे, जिन्हें उनके अंगदान ने छुआ है।

PGIMER के Nodal Officer, ROTTO North, डॉ. विजय तडिया ने कहा, “अपने प्रियजन को खोने के दुख के बीच अन्य लोगों की जान बचाने के बारे में सोचना अत्यंत साहस का कार्य है। कुलदीप के परिवार ने असाधारण मानवीय संवेदना का परिचय दिया है। उनके निर्णय से दोनों किडनी और कॉर्निया का प्रत्यारोपण संभव हुआ और उन मरीजों के जीवन में आशा आई, जो लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा कर रहे थे।”

यह त्रासदी सड़क दुर्घटनाओं के विनाशकारी परिणामों को भी उजागर करती है, विशेष रूप से तब जब इनमें युवा लोगों की जान चली जाती है। PGIMER ने नागरिकों से सड़कों पर सावधानी बरतने, यातायात नियमों का पालन करने तथा सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने की अपील की।

कुलदीप के परिवार के लिए उनका दुख हमेशा बना रहेगा और उनके द्वारा छोड़ी गई खाली जगह कभी पूरी नहीं हो सकेगी। लेकिन अपने असाधारण निर्णय के माध्यम से परिवार ने यह सुनिश्चित किया है कि कुलदीप की अंतिम विरासत केवल दुख और क्षति की नहीं, बल्कि देने की विरासत भी हो—दो मरीजों को जीवन का अवसर देने की, दो अन्य को दृष्टि का उपहार देने की और उस जीवन को एक अर्थ देने की, जो बहुत कम उम्र में समाप्त हो गया।

Friday, September 18, 2026

वर्ष 2029 तक बनेगा नशा मुक्त भारत

PIB on 18th September 2026 at 15>05 A drug-free India will be created by 2029>Punjab Screen India 

भारत सरकार ने तैयार किया रोडमैप 

#प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में रोडमैप में स्पष्ट समय-सीमा, नियमित निगरानी, मापनीय परिणाम और अगले 3 वर्षों के लिए कार्ययोजना निर्धारित की गई है

#केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने जून 2026 में नशा मुक्त भारत के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ रोडमैप लॉन्च किया था

#‘नशा मुक्त भारत 2029’ के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए पीआईबी शिमला ने आज एनसीबी और गृह मंत्रालय के सहयोग से शिमला में ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया

#रोडमैप 4 स्तंभों, 25 घटकों और 200 से अधिक कार्य बिंदुओं पर आधारित है

विजन डॉक्यूमेंट में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग के रोकथाम और उपचार एवं पुनर्वास क्षमता में 5 गुना से अधिक विस्तार की परिकल्पना की गई है

#बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तथा प्रत्येक राज्य के एक मेडिकल कॉलेज में एक समर्पित विभाग

#अभियान जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ेगा, 50 करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य

#एनसीसी, एनएसएस और माई भारत के माध्यम से एक लाख ‘नशा मुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे

#स्कूल और कॉलेज नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति बनेंगे

#पूर्ण समर्पण, निरंतर जागरूकता, केंद्र-राज्य समन्वय और दृढ़ प्रतिबद्धता के माध्यम से नशा मुक्त भारत 2029 का लक्ष्य हासिल किया जाए

#केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शिमला में एनसीबी जोनल कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है, जिसे बहुत जल्द शुरू किया जाएगा

अगले तीन वर्षों के लिए कार्ययोजना निर्धारित की गई है 

शिमला//चंडीगढ़, 18 सितंबर, 2026>>PIB//पंजाब स्क्रीन डेस्क


केंद्र सरकार ने वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में रोडमैप में स्पष्ट समय-सीमा, नियमित निगरानी, मापनीय परिणाम और अगले तीन वर्षों के लिए कार्ययोजना निर्धारित की गई है। यह जानकारी आज केंद्रीय गृह मंत्रालय में अपर महानिदेशक (मीडिया) श्री राज कुमार ने दी। वे आज शिमला में पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) द्वारा आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान-2026 पर केंद्रित वार्तालाप कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के चंडीगढ़ और अमृतसर के जोनल डायरेक्टर श्री अमनजीत सिंह ने नशा मुक्त भारत -2026 के रोड़मैप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर पीआईबी शिमला के सहायक निदेशक श्री संजीव शर्मा सहित पीआईबी, दूरदर्शन, आकाशवाणी और हिमाचल प्रदेश लोक संपर्क विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।    

श्री राज कुमार ने बताया कि यह रोडमैप गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में व्यापक विचार-विमर्श के माध्यम से तैयार किया गया है। 35 से अधिक मंत्रालयों, विभागों और एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। राज्य एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) बैठकों और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) सम्मेलनों से सुझाव प्राप्त किए गए। हितधारकों के साथ 20 से अधिक उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने व्यक्तिगत रूप से तीन व्यापक समीक्षा बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने 26 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वीं शीर्ष स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में नशा मुक्त भारत के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ रोडमैप लॉन्च किया था।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक पूर्ण विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने रखा है। भारत केवल एक स्वस्थ अर्थव्यवस्था, एक सुरक्षित समाज, आधुनिक प्रौद्योगिकी और मजबूत संस्थानों पर ही आधारित नहीं होगा, बल्कि एक स्वस्थ, अनुशासित, सांस्कृतिक रूप से जुड़ी और नशा मुक्त युवा शक्ति पर भी आधारित होगा। भारत विश्व का सबसे युवा प्रमुख राष्ट्र है। हमारी युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है। नशा स्वास्थ्य, परिवारों, सामाजिक व्यवस्था और राष्ट्र की सुरक्षा को प्रभावित करता है। नशा मुक्त भारत 2029, विकसित भारत 2047 की एक प्रमुख आधारशिला है। भारत सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बनाया है। गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में वर्ष 2019 से जुलाई 2026 तक मादक पदार्थों के खिलाफ अभूतपूर्व सफलता हासिल की गई है।

श्री अमनजीत सिंह ने रोड़मैप के बारे में अपनी प्रस्तुति में बताया कि 2019 से जुलाई 2026 तक 93,33,987 किलोग्राम मादक और मन:प्रभावी पदार्थ जब्त किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य 1,53,212 करोड़ रुपये है। जब्त किए गए 44,88,576 किलोग्राम एनडीपीएस पदार्थों को नष्ट किया गया है, जिनका अनुमानित मूल्य 88,010 करोड़ रुपये है। इसी अवधि के दौरान 3,992 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों और परिसंपत्तियों को फ्रीज या जब्त किया गया है। 128 अवैध गुप्त प्रयोगशालाओं को भी ध्वस्त किया गया है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक सभी चार स्तरों पर 16,966 से अधिक एनसीओआरडी बैठकें आयोजित की गई हैं। संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) में 539 प्रमुख मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। 27 द्विपक्षीय समझौतों, 19 समझौता ज्ञापनों और 02 सुरक्षा सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 'भारतपोल' के माध्यम से 195 देशों के साथ सीधे इंटरपोल संपर्क स्थापित किया गया है। 'मानस' हेल्पलाइन 1933 के माध्यम से 3.33 लाख से अधिक नागरिकों को जोड़ा गया है।

नशा मुक्त भारत 2029 अभियान 'संपूर्ण सरकार और संपूर्ण समाज' के दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ेगा। इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सुरक्षा एजेंसियों, शैक्षणिक संस्थानों, चिकित्सा संस्थानों, परिवारों और समाज की भागीदारी होगी। गुप्त रूप से संचालित नशीली दवाओं की प्रयोगशालाओं को नष्ट करने, मादक पदार्थ अपराधियों और भगोड़ों को वापस लाने, प्रणाली के एकीकरण और मापनीय राष्ट्रीय परिणाम प्राप्त करने पर विजन डॉक्यूमेंट में विशेष ध्यान दिया गया है।

जुलाई 2026 से जुलाई 2029 तक तीन वर्ष का रोडमैप ‘नशा मुक्त भारत’ बनाने के लिए है, जिसमें सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने का संकल्प है। रोडमैप चार स्तंभों पर आधारित है – खुफिया जानकारी और अभियान आधारित प्रवर्तन, प्रीकर्सर और सिंथेटिक ड्रग्स नियंत्रण, मांग और नुकसान में कमी तथा क्षमता निर्माण और समन्वय स्थापित करना है। इन चार स्तंभों के लिए परिचालन मंत्र पता लगाना, बाधित करना और नष्ट करना है। पता लगाना: स्रोत, मार्ग, पेडलर, प्रौद्योगिकी, भुगतान माध्यमों और सरगनाओं की पहचान करना। बाधित करना: परिवहन, रसद, प्रीकर्सर की आपूर्ति, डार्कनेट नेटवर्क, हवाला और मादक पदार्थों के वित्तपोषण को निशाना बनाना। नष्ट करना: मादक पदार्थों की प्रयोगशालाओं, अवैध खेती, कार्टेल की संपत्तियों, नेतृत्व और पूरे वितरण नेटवर्क को समाप्त करना। रोडमैप में 25 घटक और 200 से अधिक कार्य बिंदु हैं।

इस अवसर पर किए गए प्रस्तुतीकरण में भी आपूर्ति में कमी, मांग में कमी और नुकसान में कमी के माध्यम से नशा मुक्त भारत के निर्माण के रोडमैप पर प्रकाश डाला गया। इसमें संपूर्ण सरकार के दृष्टिकोण के साथ इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए नेटवर्क, वित्त और भगोड़ों को निशाना बनाने पर भी प्रकाश डाला गया। नीति से लेकर अभियोजन तक एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई क्षमता को मजबूत करने को भी विजन डॉक्यूमेंट में प्राथमिकता दी गई है।

रोडमैप में नेटवर्क-केंद्रित प्रवर्तन दृष्टिकोण की परिकल्पना की गई है और सिंथेटिक ड्रग्स तथा डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी से संबंधित चुनौतियों से निपटने के उपायों को रेखांकित किया गया है। विजन डॉक्यूमेंट में युवाओं के बीच नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम और मार्च 2029 तक उपचार एवं पुनर्वास क्षमता में 5 गुना से अधिक विस्तार की परिकल्पना की गई है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या वर्तमान 334 से बढ़ाकर मार्च 2029 तक 1751 की जाएगी। बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं तथा प्रत्येक राज्य के एक मेडिकल कॉलेज में एक समर्पित विभाग स्थापित किया जाएगा।

यह जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ेगा। वर्तमान में 20 करोड़ लोगों तक पहुंच से इसे बढ़ाकर 50 करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। एनसीसी, एनएसएस और माई भारत के माध्यम से एक लाख ‘नशा मुक्त भारत मित्र’ तैयार किए जाएंगे। स्कूल और कॉलेज नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ रक्षा की पहली पंक्ति बनेंगे। शिक्षा मंत्रालय, युवा और खेल मंत्रालय तथा शैक्षणिक संस्थान शैक्षणिक संस्थानों को नशा मुक्त बनाने का संकल्प ले रहे हैं।

नशा मुक्त भारत 2029 का लक्ष्य पूर्ण समर्पण, निरंतर जागरूकता, केंद्र-राज्य समन्वय और दृढ़ प्रतिबद्धता के माध्यम से हासिल किया जाना है। अभियान राज्यों के संसाधनों को मजबूत करेगा और परिणाम आधारित जवाबदेही पर ध्यान केंद्रित करेगा। मादक पदार्थ विरोधी बुनियादी ढांचे के लिए 100 प्रतिशत केंद्रीय क्षेत्र वित्त पोषण होगा। मार्च 2027 तक प्रत्येक राज्य में पूरी तरह सुसज्जित एएनटीएफ होगा। 30 दिनों के भीतर मादक पदार्थों के नमूनों की समयबद्ध रिपोर्टिंग की जाएगी। गृह मंत्रालय त्रैमासिक समीक्षा के माध्यम से परिणाम आधारित निगरानी करेगा। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने शिमला में एनसीबी जोनल कार्यालय स्थापित करने को मंजूरी दी है और इसे बहुत जल्द शुरू किया जाएगा।

इस अवसर पर श्री अहमद खान, मीडिया और संचार अधिकारी ने ‘वार्तालाप’ में प्रभावी सूचना और संचार माध्यम के रूप में मीडिया के माध्यम से जनभागीदारी और समाज में जागरूकता पैदा करने की अपील करते हुए सभी मीडिया कर्मियों का कार्यशाला में भाग लेने के लिए आभार व्यक्त किया।  

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Friday, July 17, 2026

“RSS@100:ए सेंचुरी ऑफ सर्विस, यूनिटी एंड सैक्रिफाइस”

उप राष्ट्रपति सचिवालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 17 July 2026 at 6:58 PM by PIB Delhi

 उपराष्ट्रपति नेआरएसएस पर विशेष पुस्तक का विमोचन किया 


RSS ने पिछली एक सदी में सेवा, एकता और राष्ट्रीय चेतना के आदर्शों को मजबूत किया:उपराष्ट्रपति

संघ पवित्र गंगा की तरह है, जो दूसरों के कल्याण के लिए बहती है: उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली: 17 जुलाई 2026: (PIB Delhi//साहित्य स्क्रीन ) 

*स्वयंसेवक से प्रधान सेवक तक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन के केंद्र में 'सेवा' और 'राष्ट्र प्रथम' को रखा है: उपराष्ट्रपति

*संघ ने निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र निर्माण के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित किया है: उपराष्ट्रपति

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में श्री श्याम जाजू और श्री अनुपम त्रिवेदी द्वारा लिखित पुस्तक “आरएसएस @100: ए सेंचुरी ऑफ सर्विस, यूनिटी एंड सैक्रिफाइस”का विमोचन किया।

इस यादगारी सभा को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी वर्षगांठ पर प्रकाशित पुस्तक के विमोचन समारोह में भाग लेना उनके लिए व्यक्तिगत सम्मान की बात है, जिसके साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा है। संघ पर लिखी एक तमिल कविता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह कविता संगठन की तुलना पवित्र गंगा नदी से करती है, जो निस्वार्थ भाव से दूसरों के कल्याण के लिए बहती है, और यह सेवा भावना का प्रतीक है जिसने संघ को उसकी शताब्दी यात्रा में मार्गदर्शन दिया है।

श्री राधाकृष्णन ने आरएसएस की भावना को बखूबी दर्शाने के लिए लेखकों की सराहना करते हुए कहा कि संघ की यात्रा भारत की सांस्कृतिक जड़ों, विरासत और परंपराओं को पुनर्जीवित करने, सुदृढ़ करने और पुनर्निर्माण करने की रही है। पुस्तक के शीर्षक: “आरएसएस @100: ए सेंचुरी ऑफ सर्विस, यूनिटी एंड सैक्रिफाइस” का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन आदर्शों ने स्वयंसेवकों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि सेवा समाज के प्रति निस्वार्थ समर्पण को दर्शाती है; एकता उन बंधनों को मजबूत करती है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता से परे हैं; और त्याग हमें याद दिलाता है कि स्थायी संस्थान समर्पण, दृढ़ता और निस्वार्थ प्रयासों से ही बनते हैं।

उपराष्ट्रपति ने आरएसएस द्वारा अपनी दैनिक शाखाओं के माध्यम से चरित्र निर्माण और नेतृत्व विकास पर दिए जाने वाले जोर को भी रेखांकित किया। पुस्तक से उद्धृत करते हुए उन्होंने शाखा को "आत्मा की कार्यशाला" बताया, जहाँ युवाओं की कच्ची ऊर्जा को राष्ट्रीय चरित्र में ढाला जाता है। उन्होंने आगे कहा कि स्वयंसेवक का सार प्रत्येक व्यक्ति को सौंपी गई जिम्मेदारी की गरिमा को समर्पण और उत्कृष्टता के साथ निभाकर उसे बढ़ाना है।

श्री सीपी राधाकृष्णन ने आगे कहा कि आरएसएस ने भारत की सभ्यतागत विरासत, विविध परंपराओं, भाषाओं और आध्यात्मिक विचारों में गौरव की भावना को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक निरंतरता और राष्ट्रीय चेतना को निरंतर प्रोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि शताब्दी समारोह लाखों स्वयंसेवकों के समर्पण को स्वीकार करने का अवसर है, और यह भी कहा कि संस्थाएं तभी कायम रहती हैं जब उनमें दृढ़ विश्वास, प्रतिबद्धता और आम लोगों की अपने से बड़े उद्देश्यों के लिए काम करने की इच्छाशक्ति हो।

"एक स्वयंसेवक प्रधानमंत्री: मोदी युग" नामक अध्याय का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के स्वयंसेवक से प्रधानमंत्री बनने तक के सफर को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने निरंतर सेवा और " राष्ट्र प्रथम" के सिद्धांत को शासन के केंद्र में रखा है, जो आरएसएस के निस्वार्थ सेवा और राष्ट्र निर्माण पर अटूट जोर को प्रतिबिंबित करता है।

केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि दोनों ने ही अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के रूप में की थी, जो जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति से प्रेरित आंदोलन से जुड़े थे। गंगा नदी का उदाहरण देते हुए, जो एक छोटी धारा से शुरू होकर एक विशाल नदी बन जाती है, उन्होंने कहा कि आरएसएस भी एक छोटे से संगठन के रूप में शुरुआत करके दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में से एक बन गया है।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष श्री राम बहादुर राय, आरएसएस क्षेत्र संघचालक श्री पवन जिंदल, सह-लेखक श्री श्याम जाजू और श्री अनुपम त्रिवेदी तथा प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सहित अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

***//पीके/केसी/जीके/डीए//(रिलीज़ आईडी: 2285924) 

प्रधानमंत्री श्री मोदी चंडीगढ़ स्थित PGIMER में भी पधारे

स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 17 JUL 2026 at 5:48 PM by PIB Delhi

अत्‍याधुनिक मातृ एवं शिशु केन्‍द्र तथा अत्‍याधुनिक तंत्रिका विज्ञान केन्‍द्र का उद्घाटन किया

*प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री ने पीजीआईएमईआर में 150 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला रखी


*बारह वर्ष पहले हमने संकल्प लिया था कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी भी नागरिक को कष्ट न उठाना पड़े तथा प्रत्येक व्यक्ति को सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो। पिछले बारह वर्षों की उपलब्धियाँ इसी संकल्प का परिणाम : प्रधानमंत्री

*“देश भर में 2014 के बाद 15 नए एम्स को मंजूरी दी गई, सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विशेष अस्पतालों को समर्थ किया गया”

*“देश में टीबी उपचार का कवरेज अब 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है तथा डब्‍ल्‍यूएचओ के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत में टीबी के मामलों में 21 प्रतिशत कमी आई”

*राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 ने निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक, पुनर्वासात्मक तथा उपशामक देखभाल पर विशेष बल देते हुए एक व्यापक, समग्र और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूत नींव रखी : श्री जे. पी. नड्डा

*“आयुष्मान आरोग्य मंदिर देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रथम संपर्क केन्‍द्र बनकर उभरे और जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुदृढ़ कर रहे हैं”

* “आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य मंच के रूप में तेज गति से उभर रहा है, जो डिजिटल नवाचार के जरिये स्वास्थ्य सेवाएं देने में परिवर्तन ला रहा है”


चंडीगढ़
: 17 जुलाई 2026: (PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में अत्‍याधुनिक मातृ एवं शिशु केन्‍द्र तथा अत्‍याधुनिक तंत्रिका विज्ञान (न्यूरोसाइंसेज़) केन्‍द्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में 150 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं केन्‍द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया, केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा, केन्‍द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव तथा चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद श्री मनीष तिवारी भी उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पीजीआईएमईआर में अत्‍याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उद्घाटन और नई परियोजनाओं की आधारशिला लाखों लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने वर्ष 2015 में पीजीआईएमईआर के दीक्षांत समारोह में अपनी यात्रा को याद करते हुए पिछले एक दशक में संस्थान की क्षमता में हुए उल्लेखनीय विस्तार की सराहना की। साथ ही, उन्होंने पीजीआईएमईआर के प्रबंधन, विभाग के सदस्यों तथा युवा चिकित्सकों को उनकी समर्पित सेवाओं के लिए बधाई दी।

स्वच्छता और जनस्वास्थ्य के बीच घनिष्ठ संबंध पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने स्वच्छता को जन अभियान बनाने के उद्देश्य से ‘स्वच्छ भारत मिशन’ प्रारंभ किया था। उन्होंने कहा कि करोड़ों शौचालयों के निर्माण, खुले में शौच से मुक्ति, देशव्यापी स्वच्छता अभियानों तथा स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के प्रयासों से जनस्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ की रैंकिंग ने चंडीगढ़ सहित अनेक शहरों को अपने स्वच्छता मानकों में निरंतर सुधार करने के लिए प्रेरित किया है।

प्रधानमंत्री ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी श्री इंदरजीत सिंह सिद्धू की ‘ब्रूम वॉरियर’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिकों को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने उल्लेख किया कि स्वच्छता को बढ़ावा देने में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सरकार ने इस वर्ष उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया है।

जनभागीदारी के महत्व पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “स्वच्छता एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।” उन्होंने ‘स्वच्छता से स्वागत’ पहल के अंतर्गत आयोजित विशेष स्वच्छता अभियान की सराहना की तथा चंडीगढ़ के नागरिकों को उनके उत्साहपूर्ण सहयोग के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के जन-अभियान बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक और परिवर्तनकारी बदलाव आए हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान पूरी दुनिया में उत्पन्न चुनौतियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय भारत सहायता मांगने वाला देश नहीं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सहायता करने वाला राष्ट्र बनकर उभरा। उन्होंने कहा कि आज भारत चिकित्सा पर्यटन (मेडिकल टूरिज्म) के प्रमुख वैश्विक केन्‍द्रों में से एक बन चुका है।

प्रधानमंत्री ने कहा, “बारह वर्ष पहले हमने यह संकल्प लिया था कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी भी नागरिक को कठिनाई का सामना न करना पड़े तथा प्रत्येक व्यक्ति को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो। पिछले बारह वर्षों की उपलब्धियाँ इसी संकल्प का परिणाम हैं।”

स्वास्थ्य अवसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “वर्ष 2014 के बाद देश में 15 नए एम्स को मंजूरी दी गई, सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए तथा कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए विशेष अस्पतालों को समर्थ बनाया गया है।” उन्होंने वर्ष 2022 में शुरू हुए चंडीगढ़ स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह संस्थान आज हजारों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार प्रदान कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने को भी समान प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत देशभर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएँ तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ग्रामीण, शहरी और जनजातीय क्षेत्रों सहित पूरे देश में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने वाले 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं, जिनमें 12 प्रकार के स्‍वास्‍थ्‍य देखभल सेवा पैकेज शामिल हैं। इन केन्‍द्रों के माध्यम से करोड़ों नागरिकों की उच्च रक्तचाप, मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों की जांच की जा चुकी है।

स्वास्थ्य सेवाओं में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म ने विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श तक लोगों की पहुँच को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि अब तक इस मंच के माध्यम से 48 करोड़ से अधिक टेलीमेडिसिन परामर्श प्रदान किए जा चुके हैं, जिससे दूर-दराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सलाह आसानी से उपलब्ध हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि देश में अब 90 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी संस्थागत स्तर पर हो रही हैं। साथ ही, मातृ मृत्यु दर में 86 प्रतिशत की कमी आई है तथा शिशु मृत्यु दर में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

निवारक स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार के विशेष बल का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पोषण अभियान, मिशन इंद्रधनुष, योग, एचपीवी टीकाकरण तथा यू-विन प्लेटफॉर्म जैसी पहलें समय पर निवारक हस्तक्षेप सुनिश्चित कर करोड़ों नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा कर रही हैं।

क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ को जनभागीदारी के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि जागरूकता बढ़े, समय पर जांच हो तथा मरीजों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि देश में टीबी उपचार का कवरेज अब 90 प्रतिशत से अधिक हो चुका है तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में टीबी की घटनाओं में पिछले एक दशक में 21 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का सबसे अधिक लाभ गरीबों, मध्यम वर्ग तथा महिलाओं को मिला है, जो अक्‍सर अपने परिवार की देखभाल में स्वयं के स्वास्थ्य की उपेक्षा कर देती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा, “भारत में स्वास्थ्य सेवा अब कोई विशेषाधिकार नहीं रही, बल्कि यह प्रत्येक सामान्य नागरिक का अधिकार बनती जा रही है।”

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय सीमित मेडिकल कॉलेजों और सीटों के कारण अनेक प्रतिभाशाली युवाओं के लिए डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाता था। उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है तथा एमबीबीएस और स्नातकोत्तर चिकित्सा की सीटों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में एमबीबीएस कॉलेज की स्थापना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और शीघ्र ही इसमें प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अध्ययन का अवसर मिलेगा तथा भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कार्यबल और अधिक सशक्त होंगे।

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए परिवर्तनकारी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि “राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 ने निवारक, प्रोत्साहक, उपचारात्मक, पुनर्वासात्मक तथा उपशामक (पैलिएटिव) देखभाल पर विशेष बल देते हुए एक व्यापक, समग्र और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली की मजबूत नींव रखी है।”

उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रथम संपर्क केन्‍द्र बनकर उभरे हैं और जमीनी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को सुदृढ़ कर रहे हैं।

केन्‍द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से एक-दूसरे से जोड़ते हुए एक समेकित स्वास्थ्य प्रणाली विकसित की है, जिससे प्रत्येक नागरिक को उपचार की निरंतर और समन्वित सुविधा सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देशभर में 23 एम्स स्वीकृत किए जा चुके हैं और वे विभिन्न चरणों में विकसित हो रहे हैं। इससे गुणवत्तापूर्ण तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तथा चिकित्सा शिक्षा तक लोगों की पहुँच में उल्लेखनीय विस्तार हो रहा है।

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए श्री जे. पी. नड्डा ने बताया कि वर्ष 2014 में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 थी, जो आज बढ़कर 818 हो गई है। इसी प्रकार स्नातक (एमबीबीएस) चिकित्सा सीटों की संख्या बढ़कर 1.38 लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार ने 75,000 अतिरिक्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटें सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिनमें से 25,000 सीटें पहले ही जोड़ी जा चुकी हैं।

श्री नड्डा ने कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) तेज़ी से विश्व के सबसे बड़े डिजिटल स्वास्थ्य मंच के रूप में विकसित हो रहा है, जो डिजिटल नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 90 करोड़ आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) कार्ड बनाए जा चुके हैं, जिससे नागरिक अपने डिजिटल स्वास्थ्य रिकार्डों को सुरक्षित तरीके से रख सकें।

राष्ट्र को समर्पित की जा रही नई स्वास्थ्य सुविधाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्री नड्डा ने कहा कि 300 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक तंत्रिका विज्ञान केन्‍द्र भारत की न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1967 से लगभग पाँच दशकों तक पीजीआईएमईआर में न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी के लिए केवल 25 बिस्तर उपलब्ध थे, जबकि यह नया केन्‍द्र संस्थान की स्वास्थ्य सेवा क्षमता में परिवर्तनकारी वृद्धि करेगा। लगभग 440 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह केन्‍द्र न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी तथा न्यूरो-क्रिटिकल केयर की समग्र सेवाएँ एक ही जगह पर उपलब्ध कराएगा, जिससे तंत्रिका संबंधी अत्‍याधुनिक उपचार तक लोगों की पहुँच और अधिक सुलभ होगी। उन्होंने कहा कि अत्‍याधुनिक मातृ एवं शिशु केन्‍द्र देश में महिलाओं और बच्चों के लिए उपलब्ध सबसे आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में से एक है, जहाँ एक ही जगह व्यापक एवं विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

पृष्‍ठभूमि:

अत्‍याधुनिक मातृ एवं शिशु केन्‍द्र को उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं, गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं तथा विशेष उपचार की आवश्यकता वाले बच्चों को व्यापक तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। 300 बिस्तरों और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह केन्‍द्र मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा तथा क्षेत्र के हजारों परिवारों को लाभान्वित करेगा।

अत्‍याधुनिक तंत्रिका विज्ञान केन्‍द्र में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरो-क्रिटिकल केयर तथा अत्याधुनिक नैदानिक (डायग्नोस्टिक) सुविधाएँ एक ही जगह पर उपलब्ध होंगी। यह केन्‍द्र जटिल तंत्रिका संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों को समयबद्ध एवं विश्वस्तरीय उपचार सुनिश्चित करेगा, साथ ही तंत्रिका विज्ञान के क्षेत्र में चिकित्सा अनुसंधान, शिक्षा और प्रशिक्षण को भी सशक्त बनाएगा।

पीजीआईएमईआर में स्थापित किया जाने वाला क्रिटिकल केयर ब्लॉक आपातकालीन तैयारी, गहन चिकित्सा (आईसीयू) सेवाओं तथा आपदा प्रबंधन क्षमताओं को बढ़ाएगा। साथ ही यह क्षेत्र की समग्र स्वास्थ्य अवसंरचना को और अधिक मजबूत बनाएगा।

***//पीके/केसी/केपी/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2285923) 

चंडीगढ़ में विभिन्न विकास परियोजनाओं का हुआ शुभारंभ

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 17 JUL 2026 at 4:51 PM by PIB Delhi

विकास के इस नए अध्याय के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ


चंडीगढ़
//नई दिल्लीः 17 जुलाई 2026:(पंजाब स्क्रीन//PIB Delhi)::

पंजाब और चंडीगढ़ में आज चहल पहल थी। एक उत्सव सा माहौल था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब और चंडीगढ़ के लिए विकास की उपलब्धियों का एक नया इतिहास लिखने आ रहे थे। इनके आने से 17 जुलाई का दिन एक ऐतिहासिक दिन बन गया। इस सुअवसर पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने विस्तार से इस नई स्वर्णिम रेखा  का विवरण भी बताया। 

सर्वप्रथम उन्होंने वहां मौजूद विशेष अतिथियों को संबोधित करते हुए कहा, 

श्रीमान गुलाब चंद कटारिया जी, केंद्र में मेरे सहयोगी जे. पी. नड्डा जी, अश्विनी वैष्णव जी, संसद में मेरे साथी मनीष तिवारी जी, यहां सभागार में भी कई विधायक, मंत्री, सांसद बैठे हुए हैं। अन्य सभी महानुभाव भी, आज कईयों के दर्शन हो रहे, पुराने-पुराने लोगों के।


भाइयों-बहनों,

आज आप सबके बीच आकर मन में खुशी का एक भाव है, अलग ही भाव है।

साथियों,

चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं है, ये भारत के लिए development का एक मॉडल रहा है। चंडीगढ़ जाना जाता है, व्यवस्थित विकास के लिए, चंडीगढ़ की पहचान है, बेहतर लाइफस्टाइल के लिए, ease of living के लिए। चंडीगढ़ की पहचान है, चिकित्सा की बेहतर सुविधाओं के संबंध में और इस सबके साथ-साथ चंडीगढ़ की पहचान है, माँ चंडी का आशीर्वाद। और इसलिए, चंडीगढ़ का विकास हमेशा से NDA सरकार की प्राथमिकता रहा है। आपको ध्यान होगा, डेढ़ साल पहले देश ने न्याय व्यवस्था में बहुत बड़ा सुधार किया है। हम दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता लेकर आए हैं। भारतीय न्याय संहिता यानी, दंड आधारित क़ानूनों की जगह न्याय आधारित कानूनी व्यवस्था। और तब भारतीय न्याय संहिता लागू करने की शुरुआत चंडीगढ़ से ही हुई थी।

साथियों,

बीते वर्षों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस, चंडीगढ़ को हाइटेक बनाने के लिए ऐसे कितने ही प्रोजेक्ट्स पर काम हुआ है। ढाई हजार करोड़ से ज्यादा रुपए इस मिशन में खर्च हुये हैं। आज भी यहाँ हेल्थ, एजुकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विकास के कई काम शुरू हो रहे हैं। मैं इनके लिए सभी चंडीगढ़ वासियों को बधाई देता हूं।

साथियों,

यहाँ आने से पहले मैं हरियाणा के जींद में था और यहां से इसके बाद मुझे पंजाब के विकास कार्यों के लिए जालंधर जाना है। इन दोनों कार्यक्रमों के बीच आज ये चंडीगढ़ का कार्यक्रम हो रहा है। क्योंकि हमारा चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, इस पूरे क्षेत्र को जोड़ता है। चंडीगढ़ के विकास से चंडीगढ़ के लोगों का जीवन तो बदलता ही है, साथ ही हरियाणा, हिमाचल, पंजाब और जम्मू कश्मीर के लोगों को भी इससे बहुत लाभ होता है। चिकित्सा सेवाओं के लिए तो चंडीगढ़ इस पूरे क्षेत्र में एक बड़ा हब है।

साथियों,

जब मैं चंडीगढ़ रहता था, तो मुझे कई बार PGI जाना होता था और कारण क्या? तो कोई ना कोई हमारे साथी या उनका परिवार चाहे जम्मू कश्मीर का हो, पंजाब का हो, हिमाचल का हो, हरियाणा का हो, कोई ना कोई बीमार यहां आते थे, तो मेरा मिलने जाना बड़ा स्वाभाविक रहता था। और इसलिए मुझे पता है कि इस पूरे क्षेत्र के लोगों के लिए ये आरोग्य की दृष्टि से एक बड़ा महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।

साथियों,

आज यहाँ चंडीगढ़ PGI में एडवांस्ड हेल्थकेयर फैसिलिटीज़ का विस्तार हो रहा है। यहाँ एडवांस न्यूरो-साइन्स सेंटर, एडवांस मदर एंड चाइल्ड सेंटर और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, ये प्रोजेक्ट्स लाखों लोगों को इलाज की और बेहतर सुविधा देंगे। मुझे याद है, 2015 में, मैं चंडीगढ़ PGI के दीक्षांत समारोह में आया था। और मुझे खुशी है कि आज मुझे वर्चुअली भी वहां के सब पुराने साथियों से मिलने का अवसर मिल रहा है। तब से अब तक इस दशक में PGI की क्षमताओं में बड़ा विस्तार हुआ है। मैं PGI चंडीगढ़ के मैनेजमेंट की, यहाँ के प्रोफेसर्स और युवा डॉक्टर्स की सराहना करता हूं, उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथियों,

जब हम स्वास्थ्य की बात करते हैं, तो हम सब जानते हैं कि इसमें स्वच्छता की कितनी बड़ी भूमिका है और इसलिए जब हमारी सरकार बनी थी, तब हमने देश के लिए ‘स्वच्छ भारत मिशन’ लॉन्च किया था। देश में करोड़ों शौचालय बनाए गए, भारत को खुले में शौच से मुक्त कराया गया, सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता के लिए अभियान चलाये गए, सफाई हमारी जीवनशैली का हिस्सा बने, इसके लिए अलग-अलग initiatives शुरू किए गए। हमारे शहरों की स्वच्छ भारत रैंकिंग इसी प्रयास का हिस्सा है और चंडीगढ़ इसमें बेहतर प्रदर्शन का प्रयास भी करता रहता है।

साथियों,

मैं आज चंडीगढ़ के रिटायर्ड IPS अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू जी की भी सराहना करना चाहूँगा। उनकी पहचान ‘ब्रूम वारीयर’ की बनी हुई है। उन्होंने चंडीगढ़ में स्वच्छता को लेकर एक नई अलख जगाई है, लोगों को प्रेरित किया है। इसके लिए हमारी सरकार ने उन्हें इस साल पद्म सम्मान से भी सम्मानित किया है।

साथियों,

स्वच्छता कोई एक दिन का काम नहीं है, स्वच्छता तो जीवन जीने का तरीका है। और मुझे खुशी है कि स्वच्छता को आज के इस कार्यक्रम से भी जोड़ा गया। आज यहां स्वच्छता से स्वागत, इस पहल के तहत विशेष सफाई अभियान चलाया गया। और मैं देख रहा था सोशल मीडिया में सारे लीडर लोग भी और जनता जनार्दन भी सफाई के काम में लगी थी। देश के अंदर एक खुशी का माहौल था, इन सारी चीजों को देखकर के। चंडीगढ़ के सभी भाई-बहनों को मैं इसके, इस पहल के लिए व्यक्तिगत रूप से बड़े गर्व के साथ आप सबको बधाई देता हूं।

साथियों,

स्वच्छता के ऐसे अभियान देश में अनेक रोगों की रोकथाम में बहुत मददगार साबित हुए हैं।

साथियों,    

एक समय था, भारत के हेल्थ सेक्टर पर पूरी दुनिया चिंता जताती थी। किसी बड़ी आपदा का अंदेशा होता था, तो लोग सवाल उठाने लगते थे कि भारत में क्या होगा? कोरोना के समय में हमने देखा है कि कैसे भारत ही विश्व की चिंताओं का केंद्र था। लेकिन हमारी सरकार ने भारत का सामर्थ्य भी बदला और विश्व का नजरिया भी बदला। जब कोरोना महामारी आई, तो भारत मदद मांगने वाला देश नहीं था, बल्कि भारत दुनिया को मदद भेज रहा था। आज कितने ही देशों से लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए भारत आते हैं। भारत मेडिकल टूरिज़्म का बड़ा डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है।

साथियों,

ये बदलाव पिछले 12 वर्षों की ईमानदार कोशिशों और नीतियों का परिणाम है। 12 साल पहले हमने संकल्प लिया था, हमारे देश के लोग स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में नहीं जियेंगे, हमारे देश के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधाएं मिलेगी और कम कीमत में मिलेंगी। पिछले 12 वर्षों की देश की सफलता इसी संकल्प का परिणाम है। बीते वर्षों में भारत ने अपने हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार किया है। 2014 के बाद देश में 15 नए AIIMS को मंजूरी दी गई है। आज देश के अलग-अलग हिस्सों में नए AIIMS काम कर रहे हैं। देशभर में सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की गई है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए speciality hospitals की संख्या भी बढ़ी है। यहाँ चंडीगढ़ में भी, होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल बना है, यहां से थोड़ी दूरी पर। 2022 में मुझे इसके लोकार्पण का अवसर मिला था। आज ये हॉस्पिटल हजारों मरीजों की सेवा कर रहा है। 

साथियों,

गाँव-गाँव में प्राइमरी हेल्थकेयर सुविधाओं के विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हर स्तर पर हेल्थ सिस्टम मजबूत हो, इसके लिए आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन शुरू किया गया है। इसके तहत देशभर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स, इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब्स और पब्लिक हेल्थ यूनिट्स जैसी सुविधाओं का नेटवर्क तैयार हुआ है। आज शहरी और ग्रामीण इलाकों से लेकर जनजातीय क्षेत्रों तक देश में करीब पौने दो लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी काम कर रहे हैं। आरोग्य मंदिरों में प्राइमरी इलाज की सुविधाएं तो हैं ही, साथ ही,12 अलग-अलग हेल्थ पैकेज सर्विस भी यहाँ मिल रही हैं। इनमें करोड़ों लोगों की ब्लड प्रेशर और ड़ायबिटीज़ जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग हुई है।

साथियों,

हमारी सरकार तकनीक के जरिए भी इलाज को सुगम बना रही है। हमने ई-संजीवनी मिशन के जरिए telemedicine की सुविधा शुरू की। इसके तहत आज देश में 48 करोड़ से ज्यादा telemedicine consultations हो चुके हैं। दूर-सुदूर इलाकों से भी लोग बड़े अस्पतालों से, डॉक्टर्स से परामर्श कर रहे हैं।

साथियों,

स्वास्थ्य सेवाओं के इस विस्तार की वजह से आज देश में 90 प्रतिशत से अधिक institutional डिलीवरी हो रही हैं। हमारे यहाँ माता मृत्यु दर में 86 percent की कमी आई है। और शिशु मृत्यु दर में भी बड़ी गिरावट आई है।

साथियों,

बीमारियों के इलाज के साथ ही आज उतना ही फोकस Preventive Healthcare पर भी है। पोषण अभियान, मिशन इंद्रधनुष, योगा, H.P.V. Vaccination, U-WIN प्लेटफॉर्म, ऐसे कई अहम प्रयासों के कारण करोड़ों लोगों का जीवन सुरक्षित हो रहा है।

साथियों,

हमने देश को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया है। इसके लिए टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। जनभागीदारी के जरिए, जन-जन को जागरूक किया जा रहा है। समय से टीबी की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। मरीजों को इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इसी का परिणाम है, आज देश में टीबी का ट्रीटमेंट कवरेज 90 percent से ज्यादा हो गया है। पिछले साल आई WHO की रिपोर्ट के मुताबिक 10 वर्षो के भीतर-भीतर टीबी संक्रमण भी इक्कीस प्रतिशत कम हुआ है। इन प्रयासों का सबसे बड़ा लाभ देश के गरीब को हो रहा है, इसका लाभ हमारे मिडिल क्लास को हो रहा है और ज्यादा लाभ हमारी माताओं-बहनों को हो रहा है। क्योंकि माताएं-बहनें परिवार के काम को प्राथमिकता देती हैं। बीमारी को सहन करना ये माताओं-बहनों ने जैसे अपना एक संस्कार बना दिया है। लेकिन यह प्रोएक्टिव प्रयासों के कारण माताओं-बहनों का स्क्रीनिंग हुआ, उनकी देखभाल की गई और आज टीबी मुक्त होने में हमारी माताओं-बहनों की संख्या बड़ी है। भारत में हेल्थ सर्विसेस अब प्रिविलेज नहीं, आज हेल्थ सर्विसेस देश के सामान्य नागरिक का अधिकार बन रही हैं।

साथियों,

हेल्थ सेक्टर पर सरकार के फोकस का बहुत बड़ा लाभ भारत के युवाओं को भी हुआ है। हमारे युवा डॉक्टर्स इस बात से परिचित होंगे, पहले डॉक्टर बनने का सपना कितना मुश्किल होता था, युवाओं को डॉक्टर बनने के पर्याप्त मौके ही नहीं मिलते थे, क्योंकि मेडिकल सीटों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बेहद कम थी। हमने इस परिस्थिति को भी बदला है। आज देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है। MBBS और Post Graduate सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। और, अब तो चंडीगढ़ PGI में भी MBBS कॉलेज को मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही यहां भी एडमिशन शुरू हो जाएंगे। इससे देश के कितने प्रतिभाशाली युवाओं को ऐसे टॉप इंस्टीट्यूट में पढ़ने का मौका मिलेगा। देश को बड़ी संख्या में बेस्ट डॉक्टर्स मिलेंगे।

साथियों,

चंडीगढ़ एक ऐसा शहर है, जहां एजुकेशन, इंजीनियरिंग, मेडिकल साइंस और रिसर्च से जुड़े बड़े संस्थान एक साथ मौजूद हैं। बहुत कम शहरों के पास ऐसा सामर्थ्य होता है। आने वाले समय में यही संस्थान नई टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप्स और इनोवेशन के बड़े केंद्र बन सकते हैं। आज एजुकेशन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी इस यात्रा को नई गति दे रही हैं। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में कुरुक्षेत्र बॉयज़ हॉस्टल एंड मेस का उद्घाटन हुआ है। सेक्टर-46 के गवर्नमेंट कॉलेज के लिए नया हॉस्टल भी तैयार हुआ है। रिसर्च स्कॉलर्स हॉस्टल की नींव भी रखी गई है। हमारा प्रयास है कि हमारे युवाओं को रिसर्च के लिए बेहतर लैब्स, बेहतर फैकल्टी मिले। जब रिसर्च का माहौल मजबूत होगा, तब इनोवेशन भी तेज होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डीप-टेक, ऐसी सभी टेक्नोलॉजी में हमें भारत को आगे लेकर जाना है। मुझे पूरा विश्वास है कि चंडीगढ़ के एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स, यहां के शिक्षक और यहां के युवा इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

साथियों,

इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किसी भी देश की आर्थिक प्रगति का रोडमैप होता है। इसलिए, पहली बार देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को holistic approach के साथ विकसित किया जा रहा है। आज चंडीगढ़ में कनेक्टिविटी को लेकर भी कई शुभारंभ हुए हैं। आईटी सिटी से कुराली तक छह लेन वाले ग्रीनफील्ड हाईवे का उद्घाटन हुआ है। इससे एयरपोर्ट रोड पर दबाव कम होगा, मोहाली और खरड़ के लोगों को जाम से राहत मिलेगी। अंबाला-चंडीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे से ‘पी.आर. सेवन स्पर’ इसकी आधारशिला भी रखी गई है। ऐसे सभी विकास कार्यों से उद्योग और कारोबार को गति मिलेगी। हमारे चंडीगढ़ में Ease of Living और बेहतर होगी।

साथियों,

रीजनल कनेक्टिविटी पर फोकस बढ़ाते हुए, आज जालंधर में रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स का भी लोकार्पण होने वाला है। इसका लाभ पंजाब के साथ-साथ इस पूरे क्षेत्र को होगा। साथ ही, आज हरियाणा के जींद से, जींद से सोनीपत के लिए देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन भी शुरू हुई है। क्लीन फ्यूल पर चलने वाली ये ट्रेन एक बहुत बड़ी शुरुआत है। मैं इसके लिए भी आप सभी को और देशवासियों को बधाई देता हूँ।

साथियों,

विकसित भारत की यात्रा में हमें फ्यूचर की टेक्नोलॉजी पर, फ्यूचर के ट्रांसपोर्टेशन पर और फ्यूचर की हेल्थ सर्विसेस पर, इसी आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ना है। हमें ऐसे फैसले लेने हैं, जिनका लाभ वर्तमान पीढ़ी को तो मिले ही मिले, आने वाली पीढ़ियों को भी मिलता रहे। हमें ऐसे संस्थान बनाने हैं, जो समय के साथ और मजबूत हो जाएं। बीजेपी-एनडीए सरकार, इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। मैं चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और इस पूरे क्षेत्र के लोगों को इन नई परियोजनाओं के लिए फिर से बहुत-बहुत बधाई देता हूं। आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे साथ बोलिए- भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

बहुत-बहुत धन्यवाद।   


कुल मिला कर यह एक यादगारी आयोजन रहा। स्थानीय लोगों ने भी बहुत बढ़चढ़ कर और उत्साह से इस में भाग लिया। 

*******//MJPS/SS/ST/RK//(रिलीज़ आईडी: 2285778) 

Wednesday, April 15, 2026

त्योहारों के अवसर पर किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 15 APR 2026 at 7:58 AM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया 

नई दिल्ली: 15 अप्रैल 2026: (PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन डैस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे उमंग और उल्लास से भरे अवसरों पर राष्ट्र उन मेहनती किसान भाइयों और बहनों के प्रति कृतज्ञ है, जो पूरे देश का भरण-पोषण करते हैं।

प्रधानमंत्री ने एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया-

“इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”

इस सुभाषितम् का अर्थ है कि जिस प्रकार किसान द्वारा बोया गया एक छोटा सा बीज, यदि उचित समय पर जल से सींचा जाए तो समय के साथ भरपूर फसल देता है, उसी प्रकार शुद्ध संकल्पों के साथ किया गया छोटा सा प्रयास भी मनुष्य को महान सफलता प्रदान करता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स(X) पर लिखा;

“देश के अलग-अलग हिस्सों में अभी कई पर्व-त्योहार मनाए गए हैं। उमंग और उल्लास से भरे इन अवसरों के लिए हम अपने परिश्रमी किसान भाई-बहनों के कृतज्ञ हैं, जो पूरे देश का पोषण करते हैं।

इत्थं फलति शुद्धेन सिक्तं सङ्कल्पवारिणा।

पुण्यबीजमपि स्वल्पं पुंसां कृषिकृतामिव॥”

***//पीके/केसी/पीकेपी//(रिलीज़ आईडी: 2252032)

Saturday, March 21, 2026

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से बात की

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 21 MAR 2026 at 4:26 PM by PIB Delhi

प्रधानमंत्री ने ईद और नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं; क्षेत्रीय स्थिरता और समुद्री सुरक्षा पर ज़ोर दिया

नई दिल्ली: 21 मार्च 2026:(PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन डैस्क)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की। उन्होंने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत बनाने पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन को ईद और नवरोज़ के शुभ अवसरों पर हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। चर्चा के दौरान, दोनों नेताओं ने  उम्मीद व्यक्त की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशियाई क्षेत्र के लिए शांति, स्थिरता और समृद्धि का दौर लेकर आएगा। श्री मोदी ने क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हाल ही में हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्य क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और महत्वपूर्ण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के अत्यधिक महत्व को दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें। इसके अलावा, श्री मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा सुनिश्चित करने में ईरान के निरंतर समर्थन के लिए हार्दिक सराहना व्यक्त की।

प्रधानमंत्री ने X पर लिखा:

"राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से बात की और ईद तथा नवरोज़ की शुभकामनाएँ दीं। हमने उम्मीद ज़ाहिर की कि यह त्योहारी मौसम पश्चिम एशिया में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाएगा।

क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे पर हुए हमलों की निंदा की, जो क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करते हैं।

नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने और यह सुनिश्चित करने के महत्व को दोहराया कि शिपिंग मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।

ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा के लिए ईरान के निरंतर समर्थन की सराहना की।"

*******//पीके/केसी/पीके//(रिलीज़ आईडी: 2243383) 

Wednesday, January 28, 2026

प्रधानमंत्री ने दी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 January 2026 at 9:35AM by PIB Delhi

नई दिल्ली: 28 जनवरी 2026: (पीआईबी दिल्ली/ /पंजाब स्क्रीन डेस्क):: 

आज देश के साथ साथ पूरा पंजाब भी लाला लाजपत राय जी को याद कर रहा है। आज उनकी जयंती है। इस पावन और यादगारी अवसर पर राष्ट्रवाद को समर्पित सभी लोग लाला जी की कुर्बानियों को याद कर रहे हैं। 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती पर आज उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। श्री मोदी ने कहा, "उनका बलिदानी जीवन देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।"

प्रधानमंत्री ने X पर पोस्ट किया:

"मातृभूमि की अमर संतान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। मां भारती को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका बलिदानी जीवन देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।"

Friday, October 24, 2025

स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया ने अवेयरनेस कैंप लगाया

 Emailed on Friday 24th October 2025 at 4:45 PM By PIB Jalandhar Regarding SBI Awareness Camp

LIC और निजी बैंकों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए 


बठिंडा
: 24 अक्टूबर 2025: (PIB जालंधर/ /इनपुट पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

यूं तो, इकोनॉमिक्स की बारीकियां समझने वाले लोग वैसे भी बहुत कम हैं, लेकिन लोगों का एक बड़ा तबका ऐसा भी है जिन्हें यह भी याद नहीं रहता कि उनके घर में कितने पैसे हैं और घर के बाहर बैंक या पोस्ट ऑफिस में कितने रखे पड़े हैं? कुछ को पैसे कमाने की होड़ में यह सब याद नहीं रहता और कुछ मुसीबतों में ऐसे घिरे रहते हैं कि उनका दिमाग चकरा जाता है। वे भूल जाते हैं कि मेहनत की कमाई कहां रखी थी। बहुत से लोग विदेश चले जाते हैं और किसी के साथ कोई और अनहोनी हो जाती है। कुछ लोगों को बैंकिंग का काम थोड़ा मुश्किल लगता है और कुछ लोग मौत या बीमारी की वजह से बैंकों से दूर हो जाते हैं।

इस तरह, बैंकों में बहुत सारा पैसा जमा हो जाता है, जिसका वारिस कौन है, यह कंप्यूटर पर देखने पर भी तुरंत पता नहीं चलता। बैंक वाले ऐसी रकम को बड़ी ज़िम्मेदारी से संभालते हैं और उसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को सौंप देते हैं।

इसके बाद भी आगे की प्रक्रिया चलती रहती है। अगर ऐसी रकम का वारिस अचानक मदद के लिए आ जाए, तो उसे भी निराश होने की ज़रूरत नहीं है, लेकिन फिर भी आप इसे किस्मत का खेल कह सकते हैं। अगर पैसा आपके हाथ में आए और फिर अनजान लोगों के हाथ में चला जाए, तो इसे भी माया का मायाजाल ही कहा जा सकता है।

इन बातों के बावजूद, बैंक नहीं चाहते कि आप अपनी मेहनत की कमाई को किस्मत का मारा समझें। वे हमेशा यह पक्का करने की कोशिश में रहते हैं कि आपकी मेहनत की कमाई किसी न किसी तरह आप तक पहुँच ही जाए। इसके लिए वे लगातार मेहनत भी कर रहे हैं।

इस बारे में केंद्रीय वित्त मंत्रालय और स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी SLBC के निर्देश भी बिल्कुल साफ़ हैं। इन्हीं निर्देशों के मुताबिक, बठिंडा के लीड बैंक, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया बठिंडा की तरफ से टीचर्स होम बठिंडा में एक अवेयरनेस कैंप लगाया गया।

इस कैंप के दौरान ऐसी रकमों पर डिटेल में बात की गई, जिन पर कोई दावा नहीं कर रहा है। इस अवेयरनेस कैंप की अध्यक्षता डिप्टी जनरल मैनेजर अभिषेक शर्मा ने की। मौजूद लोगों को उद्गम पोर्टल के ज़रिए ऐसी रकम के बारे में भी अवेयर किया गया।

इस मौके पर, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया यानी LIC और दूसरे सरकारी और प्राइवेट बैंकों के रिप्रेजेंटेटिव ने भी इस कैंप में हिस्सा लिया। इस मौके पर रीजनल मैनेजर मिस्टर रोहित कक्कड़, चीफ डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मिस्टर कुलभूषण बंसल और चीफ मैनेजर मिस्टर जिमी मेहता, चीफ मैनेजर मिस्टर गुरजीत सिंह भी मौजूद थे।

इस कैंप से कई लोगों को फाइनेंशियली और मनी मैनेजमेंट से जुड़े नियमों के ज़रिए फ़ायदा हुआ।

Tuesday, October 14, 2025

नूरपुर बेट, लुधियाना में सजी यादगारी किसान चौपाल

कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय//Azadi Aa Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 14 OCT 2025 at 7:19 PM by PIB Delhi

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद किया


केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नूरपुर बेट, लुधियाना में किसान चौपाल में किसानों से संवाद किया और कृषि यंत्रों का अवलोकन किया

नूरपुर बेट, लुधियाना में किसान सजी यादगारी किसान चौपाल 

कृषि मंत्री ने धान की कटाई के लिए एसएसएमएस फिटेड कंबाइन हार्वेस्टर का लाइव डेमो देखा

कृषि मंत्री श्री चौहान ने गेहूं की बुआई के लिए हैप्पी स्मार्ट सीडर मशीन का प्रदर्शन भी देखा

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसान भाइयों-बहनों से पराली ना जलाने और पराली का उचित प्रबंधन करने की अपील की

श्री शिवराज सिंह ने दोराहा गांव में "समन्यु हनी" मधुमक्खी पालन केंद्र का भी किया अवलोकन

नई दिल्ली//लुधियाना: 14 अक्टूबर 2025:(PIB Delhi//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के पंजाब आने से पंजाब को एक बार फिर से नई आशाएं बंधीं हैं। इस बार की चौपाल चर्चा में केंद्र सर्कार और किसानों की आपसी दूरियां कम हुई हैं और नज़दीकियां बढ़ने की उम्मीदें जगी हैं। दोराहा और नूरपुर बेदी इलाकों के लोगों में काफी उत्साह पाया गया। 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पंजाब प्रवास के दौरान ग्राम नूरपुर बेट, लुधियाना में किसानों से चौपाल पर चर्चा की, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन देखा और दोराहा गांव में "समन्यु हनी" मधुमक्खी पालन केंद्र का अवलोकन किया। गौरतलब है कि मधुमक्खी पालन  में किसान वर्ग का आकर्षण काफी बढ़ा है। किसान परिवारों की महिलाएं भी इस क्षेत्र में बहुत काम कर रही हैं। 


इस अवसर पर कृषि मंत्री ने
धान की कटाई के लिए एसएसएमएस फिटेड कंबाइन हार्वेस्टर और गेहूं की बुआई के लिए हैप्पी स्मार्ट सीडर मशीन का लाइव डेमो देखा। इस मशीनी विकास से पंजाब की खुशहाली भी तेज़ी से बढ़ेगी ही। तकनीक हमेशां ही महत्वपूर भूमिका अदा करती है। 


इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए श्री चौहान ने कहा कि
नूरपुर ऐसा गांव है जहां साल 2017 से पराली नहीं जलाई जाती। किसानों ने यहां पराली के उचित प्रबंधन का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि कंबाइन को चलाने के बाद पराली का बड़ा हिस्सा खेत में ही फैल कर बिखर जाता है, इकट्ठा नहीं होता। इसी तरह स्मार्ट सीडर से सीधे सीडिंग भी उत्कृष्ट तकनीक है। यह एक तरफ पराली ढकता है और दूसरी ओर इसका सिस्टम मिट्टी और दाने को कॉम्पेक्ट कर लेता है। श्री चौहान ने कहा कि मशीनों के इस्तेमाल से किसानों के श्रम, धन और समय की अत्यधिक बचत होती है।

कृषि और भूमि के मामलों में गहरी समझ रखने अले केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि उचित पराली प्रबंधन के साथ बुआई करने से दो साल के बाद मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ेगी जिससे यूरिया के कम इस्तेमाल की आवश्यकता होगी। साथ ही एक एकड़ में 2 क्विंटल अधिक उत्पादन भी होगा। केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसान भाइयों-बहनों से पराली ना जलाने और पराली का उचित प्रबंधन करने की अपील भी की।


इसके बाद कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह ने दोराहा गांव में "समन्यु हनी" मधुमक्खी पालन केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां किसानों से संवाद कर कृषि मंत्री ने मधुमक्खी पालन व्यवसाय के नए मॉडल और नवाचारों की जानकारी प्राप्त की और कृषि मंत्रालय की संबंधित योजनाओं के बारे में भी चर्चा की।

****//आरसी/एआर//(रिलीज़ आईडी: 2179076) 

Thursday, July 31, 2025

62 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का भंडाफोड़

Thursday: CGST News  31st July 2025 at 12:08 PM PIB Ludhiana 

सीजीएसटी लुधियाना ने  किया; अब तक दो गिरफ्तारियां

लुधियाना: 31 जुलाई 2025: (मीडिया लिंक रविंदर//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर, केंद्रीय जीएसटी लुधियाना द्वारा ऑडियो-वीडियो प्रोडक्शन क्षेत्र की कई फर्मों के विरुद्ध जांच की गई, जिसमें 62 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन फर्मों ने 342 करोड़ रुपये मूल्य की सेवाएं विदेशी संस्थाओं से आयात की थीं और उस पर जीएसटी का भुगतान नहीं किया।

जांच में यह भी सामने आया है कि इन फर्मों ने जीएसटी कानूनों के अंतर्गत निर्धारित कोई भी दस्तावेजी प्रक्रिया का पालन नहीं किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कर चोरी सुनियोजित और जानबूझकर की गई।

इन फर्मों को संचालित करने और बनवाने में शामिल दो व्यक्तियों को को कल, अर्थात् 30 जुलाई 2025 को गिरफ्तार किया गया।

अब तक की गई इन दो गिरफ्तारियों के साथ, जांच अभी जारी है ताकि इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला और चोरी की कुल राशि का पता लगाया जा सके।

सीजीएसटी लुधियाना आयुक्तालय ईमानदार करदाताओं के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और कर धोखाधड़ी की पहचान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है।

Sunday, May 11, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम सीधा प्रसारण

PMO office On Monday 12th May 2025 at 08:00 PM Updated 12th May 2015 at 08:16 PM
हमने पाकिस्तान में चल रहे आतंकी अड्डों को तबाह किया 
Prime Minister Narendra Modi addresses the Nation
प्रधानमंत्री कार्यालय//Azadi ka Amrit Mahotsav//Posted On: 12 MAY 2025 8:27PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संबोधन का मूल पाठ

प्रिय देशवासियों,
नमस्कार!
हम सभी ने बीते दिनों में देश का सामर्थ्य और उसका संयम दोनों देखा है। मैं सबसे पहले भारत की पराक्रमी सेनाओं को, सशस्त्र बलों को, हमारी खुफिया एजेंसियों को, हमारे वैज्ञानिकों को, हर भारतवासी की तरफ से सैल्यूट करता हूं। हमारे वीर सैनिकों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन किया। मैं उनकी वीरता को, उनके साहस को, उनके पराक्रम को, आज समर्पित करता हूं- हमारे देश की हर माता को, देश की हर बहन को, और देश की हर बेटी को, ये पराक्रम समर्पित करता हूं।

साथियों,
22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई थी, उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। छुट्टियां मना रहे निर्दोष-मासूम नागरिकों को धर्म पूछकर, उनके परिवार के सामने, उनके बच्चों के सामने, बेरहमी से मार डालना, ये आतंक का बहुत विभत्स चेहरा था, क्रूरता थी। ये देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश भी थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से ये पीड़ा बहुत बड़ी थी। इस आतंकी हमले के बाद सारा राष्ट्र, हर नागरिक, हर समाज, हर वर्ग, हर राजनीतिक दल, एक स्वर में, आतंक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए उठ खड़ा हुआ। हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी। और आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों-बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है।

साथियों,
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ये सिर्फ नाम नहीं है, ये देश के कोटि-कोटि लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की देर रात, 7 मई की सुबह, पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है। भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर, उनके ट्रेनिंग सेंटर्स पर सटीक प्रहार किया। आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन जब देश एकजुट होता है, Nation First की भावना से भरा होता है, राष्ट्र सर्वोपरि होता है, तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं, परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं।

जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला, भारत के ड्रोन्स ने हमला बोला, तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं, बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने, एक प्रकार से ग्लोबल टैररिज्म की यूनिवर्सटीज रही हैं। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं, चाहे नाइन इलेवन हो, चाहे लंदन ट्यूब बॉम्बिंग्स हो, या फिर भारत में दशकों में जो बड़े-बड़े आतंकी हमले हुए हैं, उनके तार कहीं ना कहीं आतंक के इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं। आतंकियों ने हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था, इसलिए भारत ने आतंक के ये हेडक्वार्ट्स उजाड़ दिए। भारत के इन हमलों में 100 से अधिक खूंखार आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया है। आतंक के बहुत सारे आका, बीते ढाई-तीन दशकों से खुलेआम पाकिस्तान में घूम रहे थे, जो भारत के खिलाफ साजिशें करते थे, उन्हें भारत ने एक झटके में खत्म कर दिया।

साथियों, 
भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घोर निराशा में घिर गया था, हताशा में घिर गया था, बौखला गया था, और इसी बौखलाहट में उसने एक और दुस्साहस किया। आतंक पर भारत की कार्रवाई का साथ देने के बजाय पाकिस्तान ने भारत पर ही हमला करना शुरू कर दिया। पाकिस्तान ने हमारे स्कूलों-कॉलेजों को, गुरुद्वारों को, मंदिरों को, सामान्य नागरिकों के घरों को निशाना बनाया, पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन इसमें भी पाकिस्तान खुद बेनकाब हो गया।

दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन्स और पाकिस्तान की मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के सशक्त एयर डिफेंस सिस्टम ने, उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के उन एयरबेस को नुकसान पहुंचाया, जिस पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था।

इसलिए, भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद, पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा। पाकिस्तान, दुनिया भर में तनाव कम करने की गुहार लगा रहा था। और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे DGMO को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे, आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था, पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था, इसलिए, जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई, पाकिस्तान की तरफ से जब ये कहा गया, कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा। तो भारत ने भी उस पर विचार किया। और मैं फिर दोहरा रहा हूं, हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में, हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे, कि वो क्या रवैया अपनाता है।

साथियों,
भारत की तीनों सेनाएं, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी, और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स- BSF, भारत के अर्धसैनिक बल, लगातार अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। 

पहला-भारत पर आतंकी हमला हुआ तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह जाकर कठोर कार्यवाही करेंगे, जहां से आतंक की जड़ें निकलती हैं। दूसरा- कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा। 

तीसरा-हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, दुनिया ने, पाकिस्तान का वो घिनौना सच फिर देखा है, जब मारे गए आतंकियों को विदाई देने, पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। स्टेट स्पॉन्सरड टेरेरिज्म का ये बहुत बड़ा सबूत है। हम भारत और अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे।

साथियों,
युद्ध के मैदान पर हमने हर बार पाकिस्तान को धूल चटाई है। और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने नया आयाम जोड़ा है। हमने रेगिस्तानों और पहाड़ों में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया, और साथ ही, न्यू एज वॉरफेयर में भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की। इस ऑपरेशन के दौरान, हमारे मेड इन इंडिया हथियारों की प्रमाणिकता सिद्ध हुई। आज दुनिया देख रही है, 21वीं सदी के वॉरफेयर में मेड इन इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट्स, इसका समय आ चुका है।

साथियों,
हर प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ हम सभी का एकजुट रहना, हमारी एकता, हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। निश्चित तौर पर ये युग युद्ध का नहीं है, लेकिन ये युग आतंकवाद का भी नहीं है। टैररिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, ये एक बेहतर दुनिया की गारंटी है।

साथियों, 
पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार, जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे हैं, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टैरर इंफ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा। इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है। भारत का मत एकदम स्पष्ट है, टैरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते, टैरर और ट्रेड, एक साथ नहीं चल सकते। और, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।

मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूंगा, हमारी घोषित नीति रही है, अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो टेरेरिज्म पर ही होगी, अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर, PoK उस पर ही होगी।

प्रिय देशवासियों,
आज बुद्ध पूर्णिमा है। भगवान बुद्ध ने हमें शांति का रास्ता दिखाया है। शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर जाता है। मानवता, शांति और समृद्धि की तरफ बढ़े, हर भारतीय शांति से जी सके, विकसित भारत के सपने को पूरा कर सके, इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना बहुत जरूरी है, और आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का इस्तेमाल भी जरूरी है। और पिछले कुछ दिनों में, भारत ने यही किया है।

मैं एक बार फिर भारत की सेना और सशस्त्र बलों को सैल्यूट करता हूं। हम भारतवासी के हौसले, हर भारतवासी की एकजुटता का शपथ, संकल्प, मैं उसे नमन करता हूं।

बहुत-बहुत धन्यवाद।

भारत माता की जय !!!
भारत माता की जय !!!
भारत माता की जय !!!

****//MJPS/ST//(Release ID: 2128269) 


Monday, August 12, 2024

नई दिल्ली के हैंडलूम हाट में आयोजित विरासत प्रदर्शनी

प्रविष्टि तिथि: 12 Aug 2024 5:30 PM by PIB Delhi

श्री गिरिराज सिंह और श्री पबित्र मार्घेरिटा ने  किया अवलोकन 


नई दिल्ली: 12th अगस्त 2024: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह और वस्त्र राज्य मंत्री श्री पबित्र मार्घेरिटा ने आज नई दिल्ली के जनपथ स्थित हैंडलूम हाट में आयोजित “विरासत” प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी का आयोजन 10वें राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस के उपलक्ष्य में किया गया है। प्रदर्शनी 3 अगस्त से 16 अगस्त, 2024 एक पखवाड़े तक चलेगी।

श्री गिरिराज सिंह ने हथकरघा बुनकरों और कारीगरों से बातचीत की और इस बात पर बल दिया कि सरकार बुनकरों और उनके परिवारों के लिए बेहतर आय के अवसरों के लिए वस्त्र मूल्य श्रृंखला में सुधार करने का प्रयत्न कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा हथकरघा समुदाय है जो स्थिरता और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान केंद्रित करता है। दुनिया टिकाऊ उत्पादों के उपयोग की ओर बढ़ रही है और हथकरघा शून्य-कार्बन रहित उद्योग है और किसी भी ऊर्जा की खपत नहीं करता है तथा हथकरघा उद्योग शून्य-जल रहित फुटप्रिंट वाला क्षेत्र है।

श्री पबित्र मार्घेरिटा ने हथकरघा क्षेत्र में प्राकृतिक रंगों के अनुप्रयोग के लाइव प्रदर्शन को देखा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में फैशन उद्योग में प्राकृतिक रंगों वाले हथकरघा कपड़ों की भारी मांग बाजार में देखी जाने लगी है। हथकरघा बुनकरों द्वारा प्राकृतिक रंगों के उपयोग से न केवल मूल्यवर्धन होता है बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि होती है।

मंत्रियों ने हथकरघा हाट में पौधारोपण कर “एक पेड़ मां के नाम”अभियान को प्रोत्साहित किया। उन्होंने “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत हथकरघा बुनकरों और कारीगरों को तिरंगा झंडे भी वितरित किए।

यह प्रदर्शनी सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में भारत के विभिन्न क्षेत्रों से लिए गए हथकरघा उत्पाद प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखे गए हैं। इनमें कोसा, चंदेरी, मधुबनी, मंगलगिरी, मेखला चादर, मोइरांग फी, इकत आदि शामिल हैं।

हैंडलूम हाट में कई गतिविधियाँ भी आयोजित की जा रही हैं, जैसे कि हथकरघा बुनकरों और कारीगरों के लिए 75 स्टॉल, जहाँ वे सीधे उत्पादों की खुदरा बिक्री कर सकेंगे और शीर्ष समितियों, बोर्डों आदि द्वारा 07 स्टॉल, भारत के उत्कृष्ट हथकरघा उत्पादों का क्यूरेटेड थीम प्रदर्शन और हथकरघा हाट में प्राकृतिक रंगों, कस्तूरी कपास, डिजाइन और निर्यात पर कार्यशालाएँ, 12 अगस्त 2024 को बुनकरों और कारीगरों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर, लोई लूम और फ्रेम लूम का लाइव प्रदर्शन, भारत के लोक नृत्य और स्वादिष्ट क्षेत्रीय व्यंजन आदि।

भारत का हथकरघा क्षेत्र प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से 35 लाख लोगों को रोजगार देता है, जो देश में कृषि क्षेत्र के बाद दूसरे स्थान पर है। भारत सरकार ने हथकरघा के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें पर्यावरण पर शून्य प्रभाव वाले उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की ब्रांडिंग की जाती है, ताकि उत्पादों की विशिष्टता को उजागर करने के अलावा उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा सके और उन्हें एक अलग पहचान दी जा सके। यह खरीदार के लिए एक गारंटी भी है कि खरीदा जा रहा उत्पाद वास्तव में हस्तनिर्मित है। प्रदर्शनी में सभी प्रदर्शकों को अपने उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है और इस प्रकार हथकरघा उत्पादों के लिए बाजार और हथकरघा समुदाय की आय में सुधार करने का लक्ष्य रखा गया है। “विरासत” श्रृंखला-“विशेष हथकरघा एक्सपो” हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित की जाने वाली प्रमुख प्रदर्शनी है। 

इस वर्ष 10वां राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 7 अगस्त को मनाया गया। यह आयोजन हथकरघा और हस्तशिल्प की गौरवशाली परंपरा पर केंद्रित है और हथकरघा बुनकरों और कारीगरों को बाजार से भी जोड़ता है।

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Thursday, August 10, 2023

कल दिल्ली में सांसदों की 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली का आयोजन

 प्रविष्टि तिथि: 10 AUG 2023 5:34 PM by PIB Delhi

संस्कृति मंत्रालय करेगा इस भव्य और यादगारी मार्च का आयोजन 

उपराष्ट्रपति, श्री जगदीप धनखड़, रैली को हरी झंडी दिखाएंगे


नई दिल्ली
: 10 अगस्त 2023: (पी आई बी//पंजाब स्क्रीन डेस्क)::

तिरंगे से इश्क करने वाले के बार फिर खुश हैं। उनके मन की मुरादें पूरी होने जा रही हैं। इस बार फिर लहराना है देश का प्यारा ध्वज तिरंगे। साम्प्रदायिक और सियासी विवादों से ऊंचे उठते हुए है--झंडा ऊंचा रहे हमारा-- विजयी तिरंगा प्यारा! इसे गाते हुए स्वयं भी लहराना है और दूसरों को भी इसकी प्रेरणा देनी है। इस बार हर गली, हर मोहल्ले में होगा तिरंगे का जलवा, तिरंगे जोश। तिरंगे की शान से बनेगी एक अलगी सी छवि। जो साम्प्रदायिक हमलों से लोगों को आपस में लड़ने लगे हैं उनके मुँह पर होगा तिरंगे के चाहने वालों का ज़ोरदार तमाचा। 

आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम) के तत्वावधान में 13 अगस्त 2023 से 15 अगस्त 2023 तक पूरे देश में "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर, लोगों को अपने घरों में झंडा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस अभियान से पहुंचेगा हर घर तक, हर दिल तक तिरंगा। 

हर घर तिरंगा अभियान की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, 11 अगस्त 2023 को सुबह 08.00 बजे प्रगति मैदान, नई दिल्ली में सांसदों और मंत्रियों के साथ एक तिरंगा बाइक रैली का आयोजन किया गया है। बाइक रैली को उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति, पर्यटन और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री, श्री जी किशन रेड्डी भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद, बाइक रैली इंडिया गेट सर्कल पहुंचेगी। रैली इंडिया गेट के एक चक्कर को पूरा कर, कर्तव्य पथ को पार करेगी और मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में समाप्त होगी।

'आजादी का अमृत महोत्सव (एकेएएम)' प्रगतिशील स्वतंत्र भारत के 75 गौरवशाली वर्षों का स्मरण करने वाला एक सतत उत्सव है। भारत सरकार की इस पहल का उद्देश्य स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र की उपलब्धियों को प्रकाश में लाना है। 'आजादी का अमृत महोत्सवभारत के लोगों को समर्पित है जिन्होंने देश के विकास और इसकी विकासवादी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नागरिकों को अपने घरों में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए 13 से 15 अगस्त 2022 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान शुरू किया गया था। इस अभियान के पीछे का विचार लोगों के दिलों में देशभक्ति की भावना पैदा करना और उन्हें भारत की यात्रा और इस महान राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने वालों की याद दिलाना है। पिछले वर्ष, यह अभियान बेहद सफल रहा था जिसमें करोड़ों परिवारों ने अपने घरों में तिरंगा फहराया और छह करोड़ लोगों ने हर घर तिरंगा वेबसाइट पर तिरंगा फहराते हुए सेल्फी अपलोड की।

 इस अवसर पर आप इस वेबसाइट - https://harghartiranga.com पर देख सकते हैं तिरंगे का प्रेम और लोगों द्वारा डाली गई सेल्फियां। इसी तरह एक और वेबसाईट https://amritmahotsav.nic.in पर भी नज़र आएगा तिरंगे का रंग। इस तरह इन सभी मंचों को शायद पहली बार इतने ज़ोरदार ढंग से तिरंगे का प्रचार करने के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। 

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एमजी/एमएस/पीएस/डीवी//(रिलीज़ आईडी: 1947597)