Showing posts with label Sangrur. Show all posts
Showing posts with label Sangrur. Show all posts

Saturday, September 26, 2020

भाजपा नेताओं की तरफ से मोदी के हक में प्रचार जारी

Saturday: 26th September 2020 at 09:55 PM via WhatsApp

 नए कृषि कानूनों को किसानों के लिए फायदेमंद बताने का मंत्र जारी 

*सुनाम में भाजपा नेता ऋषि पाल खेरा संभाली प्रचार की कमान

 *फसल का उचित मूल्य व किसानों की आय दोगुनी करने के लिए मोदी सरकार की वचनबद्धता दोहराई 

*गाँव-गाँव जाकर भाजपा करेगी कृषि संबंधी कानूनों के बारे में जागरूक:गुरमीत सिंह बावा 

*रबी की फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ा कर मोदी सरकार ने दिया किसानों को तोहफा


सुनाम: 22 सितम्बर 2020: (जोगिंदर सुनाम//पंजाब स्क्रीन):: 

किसानों  के गुस्से और दलीलों  को पूरी तरह दरकिनार करते हुए भाजपा नेता नए कानूनों  के हक में हवा बनाने को बज़िद लगते हैं। इसी बीच  आंदोलनकारी किसान संगठन इस तरह के भाजपा नेताओं को गांवों में न घुसने का मन बना चुके हैं। 

केंद्र की मोदी सरकार तथा कृषि मंत्रालय द्वारा किसानों के हित में पास किए गए कानूनों में किसानों को और अधिक सशक्त करते हुए उनकी रबी की फसलों गेंहू, जौं, सरसों, चना, कुसुम व मसूर की फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा कर किसानों को तोहफा दिया है। इन शब्दों का प्रगटावा भाजपा जिला अध्यक्ष ऋषि पाल खेरा ने किया। उन्होंने कहाकि एम एस पी की आढ़ लेकर मोदी सरकार द्वारा पास किए गए कृषि संबंधी कानूनों का विरोध करने वाले सभी विपक्षी दलों तथा अन्य लोगों के मुंह पर तमाचा है।  उन्होंने विरोध करने वाले तथा सड़कों पर उतरे सभी लोगों को इन बिलों को विस्तार से पढ़ने की अपील की और फिर सवाल करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार हर फसल सीजन से पहले CACP यानी कमीशन फॉर एग्रीकल्चर कॉस्ट एंड प्राइसेज की सिफारिश पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करती है। यदि किसी फसल की बंपर पैदावार हुई है तो उसकी बाजार में कीमतें बिचौलियों द्वारा कम कर दी जाती हैं, तब MSP किसानों के लिए फिक्स एश्योर्ड प्राइज का काम करती है। उन्होंने कहाकि MSP वह गारंटेड मूल्य है जो किसानों को उनकी फसल पर मिलता है। भले ही बाजार में उस फसल की कीमतें कम हों। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर कई बार साफ कर चुके हैं कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहाकि जिन लोगों को कंट्रोल अपने हाथ से निकलता नजर आ रहा है, वे किसानों को गुमराह कर रहे हैं। 

ऋषि पाल खेरा ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, किसानों की आय दोगुनी एवं उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने के उद्देश्य के लिए मोदी सरकार वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा कृषि मंत्रालय द्वारा तय किये गए रबी के सीजन की फसलों में गेंहू के समर्थन मूल्य में 50 रूपये प्रति क्विंटल (1925 से बढ़ा कर 1975), जौ 75 रूपये प्रति क्विंटल(1525 से बढ़ा कर 1600), सरसों 225 रूपये प्रति क्विंटल(4425 से बढ़ा कर 4650), चना 225 रूपये प्रति क्विंटल(4875 से बढ़ा कर 5100), कुसुम 112 रूपये प्रति क्विंटल (5215 से बढ़ा कर 5327) व मसूर 300 रूपये प्रति क्विंटल (4800 से बढ़ा कर 5100) इजाफ़ा किया गया है। 

भाजपा जिला प्रभारी गुरमीत सिंह बावा ने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के दिशा-निर्देश पर किसान मोर्चा के कार्यकर्ता अगले एक महीने में प्रदेश के गाँव-गाँव में जाकर किसानों को कृषि संबंधी विधेयकों के बारे में जागरूक करेंगे तथा किसानों के सवालों के जवाब भी देंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसान संगठनों को कृषि संबंधी विधेयकों के बारे में कोई शिकायत है तो वह प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों से संपर्क कर सकता है और प्रदेश भाजपा उनकी शिकायत के निवारण के लिए उनकी बात केंद्र सरकार से करवा सकती है।  

इस अवसर पर नेशनल काउंसिल सदस्य प्रेम गुगलानी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कुलभूषण गोयल, जगपाल मित्तल, परमजीत मट्टू, संजय सिंगला, शंकर बांसल, महिला मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मोनिका मानसी जिंदल,रेवा बांसल, मोनिका गोयल,युवा मोर्चा पंजाब कैशियर संदीप मुलाना, एस सी मोर्चा पंजाब सचिव गुरसेवक कमालपुर,जिला महासचिव शैली बांसल, अश्वनी सिंगला,युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष अमृत राजदीप सिंह चठा,भगवान दास कांसल,संदीप जिंदल,परविंदर गोयल आदि उपस्थित थे। 

इसी बीच नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे संगठनों ने सवाल किया है कि दुनिया में जहां जहां भी ये कानून लागू हो चुके हैं क्या भाजपा नेता और भाजपा सत्ता वहां वहां के किसानों की आर्थिक स्थिति को देखने और दिखाने कष्ट करेंगे?